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                <title>डोनाल्ड ट्रंप - Amrit Vichar</title>
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                <description>डोनाल्ड ट्रंप RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Tariff war : 'शुल्क युद्ध' में किसी की जीत नहीं...दक्षिण-पूर्व एशिया के दौरे पर बोले चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हनोई। </strong>चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस हफ्ते दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के दौरे पर निकले हैं। उन्होंने सोमवार को सबसे पहले वियतनाम की यात्रा की। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देशों पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाकर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को झटका दिया है। ट्रंप ने कुछ देशों पर लगाए शुल्कों पर फिलहाल विराम लगा दिया है, लेकिन चीन को इससे कोई राहत नहीं मिली है। ट्रंप ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी चीन पर 145 प्रतिशत तक के भारी शुल्क अब भी लागू कर रखे हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533328/the-fee-did-not-win-anyones-victory-in-the-war"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/शी-जिनपिंग.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हनोई। </strong>चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस हफ्ते दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के दौरे पर निकले हैं। उन्होंने सोमवार को सबसे पहले वियतनाम की यात्रा की। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देशों पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाकर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को झटका दिया है। ट्रंप ने कुछ देशों पर लगाए शुल्कों पर फिलहाल विराम लगा दिया है, लेकिन चीन को इससे कोई राहत नहीं मिली है। ट्रंप ने दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था यानी चीन पर 145 प्रतिशत तक के भारी शुल्क अब भी लागू कर रखे हैं। </p>
<p>चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वियतनाम और चीनी के आधिकारिक मीडिया में संयुक्त रूप से प्रकाशित संपादकीय में लिखा, "व्यापार युद्ध या शुल्क युद्ध में कोई विजेता नहीं होता है।" उन्होंने लिखा, "हमारे दोनों देशों को बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली, स्थिर वैश्विक औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं और खुले एवं सहकारी अंतरराष्ट्रीय वातावरण की दृढ़ता से रक्षा करनी चाहिए। वैसे तो शी की यात्रा की योजना पहले से ही बनाई गई थी, लेकिन दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं चीन और अमेरिका के बीच शुल्क विवाद के कारण यह यात्रा महत्वपूर्ण हो गई है। वियतनाम में शी वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव टो लैम और प्रधानमंत्री फाम मिन्ह चिन्ह से मिलेंगे।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/533303/chinas-exports-increased-by-124-percent-after-increasing-us-fee">अमेरिकी शुल्क में बढ़ोतरी के बाद चीन का निर्यात 12.4 प्रतिशत बढ़ा, आयात में आई गिरावट </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 13:35:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अमेरिका के पास बाकी दुनिया पर अपनी इच्छा थोपने की आर्थिक क्षमता नहीं : पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ की मार पड़ने के बाद पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि अमेरिका के पास बाकी दुनिया पर अपनी इच्छा थोपने की आर्थिक क्षमता नहीं है। विक्रमसिंघे ने ‘डेली मिरर’ में प्रकाशित एक बयान में उन्होंने कहा, 1950 में अमेरिका के पास दुनिया की जीडीपी का 50 प्रतशित हिस्सा था। आज यह केवल 25 प्रतिशत है, चीन के पास 19 प्रतिशत और यूरोपीय संघ के पास 13 प्रतिशत है। ये उच्च पारस्परिक टैरिफ पूर्वी एशिया से दक्षिण एशिया तक एशिया की विनिर्माण क्षमता को नष्ट करने का प्रयास करते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533030/america-does-not-have-the-economic-ability-to-impose-its"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/रानिल-विक्रमसिंघे.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कोलंबो। </strong>श्रीलंका पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ की मार पड़ने के बाद पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि अमेरिका के पास बाकी दुनिया पर अपनी इच्छा थोपने की आर्थिक क्षमता नहीं है। विक्रमसिंघे ने ‘डेली मिरर’ में प्रकाशित एक बयान में उन्होंने कहा, 1950 में अमेरिका के पास दुनिया की जीडीपी का 50 प्रतशित हिस्सा था। आज यह केवल 25 प्रतिशत है, चीन के पास 19 प्रतिशत और यूरोपीय संघ के पास 13 प्रतिशत है। ये उच्च पारस्परिक टैरिफ पूर्वी एशिया से दक्षिण एशिया तक एशिया की विनिर्माण क्षमता को नष्ट करने का प्रयास करते हैं। इसका असर ऑस्ट्रेलिया पर भी पड़ता है। एक झटके में, हिंद-प्रशांत में विश्वास खत्म हो गया है। यह क्षेत्र में ताइवान के लिए समर्थन को भी कमजोर करेगा। उन्होंने टैरिफ की निंदा करते हुए कहा कि दुनिया के पास अब चीन के रूप में एक विकल्प है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, एशिया में लाखों की संख्या में कम वेतन वाली नौकरियां प्रभावित होंगी। मध्यम वर्ग में शामिल होने की आकांक्षाएँ नष्ट हो जाएँगी, अब जनता का समर्थन चीन की ओर बढ़ेगा। उन्होंने कहा, चीन दुनिया के हमारे हिस्से में मजबूती से खड़ा है। चीन के लिए यह सबसे अच्छा समय है जब पूरी दुनिया प्रभावित है इसलिए उन्हें अलग-थलग नहीं होना पड़ा। ऐसा लगता है कि उसने अमेरिका को जवाब देने की योजना बनाई है। </p>
<p>चीन को अमेरिका के मध्यावधि चुनावों तक 18 महीने तक टिके रहना है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पास कोई मध्यावधि चुनाव नहीं है। विक्रमसिंघे ने कहा, रूस भी अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता से एक विजेता है, टैरिफ से अछूता है और एक कमजोर अमेरिका के साथ यूक्रेन शांति वार्ता को पहले से ही संभाल रहा है, विश्व व्यवस्था के लिए नए प्रस्ताव सामने आए हैं।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>येभी पढे़ं: <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/533011/singapore-government-rescued-four-indians-and-saved-the-lives-of">सिंगापुर सरकार ने चार भारतीयों को किया सम्मानित, इमारत में लगी आग से बचाई थी बच्चों-वयस्कों की जान</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 12 Apr 2025 14:55:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन आव्रजन लाभ प्रदान करने के लिए यहूदी विरोधी गतिविधियों की करेगा जांच </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन सोशल मीडिया पर ‘यहूदी विरोधी गतिविधियों’ और यहूदी लोगों के शारीरिक उत्पीड़न करने की स्थिति को आव्रजन लाभ देने से इनकार करने के लिए आधार बनाने के संबंध में जल्द विचार करेगा। बुधवार को एक संघीय एजेंसी ने यह घोषणा की है। </p>
<p>विज्ञप्ति के अनुसार, अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा विभाग उन अप्रवासियों की सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच करेगा जो विभिन्न सेवाओं के लाभ की मांग कर रहे हैं। इनमें वैध स्थायी निवासी का दर्जा पाने के लिए आवेदन करने वाले, विदेशी छात्र और यहूदी विरोधी गतिविधि से संबद्ध शैक्षणिक संस्थानों से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532578/donald-trump-administration-to-investigate-anti-semitic-activities-to-grant-immigration-benefits"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/donald-trump.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन सोशल मीडिया पर ‘यहूदी विरोधी गतिविधियों’ और यहूदी लोगों के शारीरिक उत्पीड़न करने की स्थिति को आव्रजन लाभ देने से इनकार करने के लिए आधार बनाने के संबंध में जल्द विचार करेगा। बुधवार को एक संघीय एजेंसी ने यह घोषणा की है। </p>
<p>विज्ञप्ति के अनुसार, अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा विभाग उन अप्रवासियों की सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच करेगा जो विभिन्न सेवाओं के लाभ की मांग कर रहे हैं। इनमें वैध स्थायी निवासी का दर्जा पाने के लिए आवेदन करने वाले, विदेशी छात्र और यहूदी विरोधी गतिविधि से संबद्ध शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े लोग शामिल हैं। यह दिशानिर्देश तुरंत प्रभावी हो गया है। यह घोषणा पिछले महीने घरेलू सुरक्षा विभाग द्वारा ग्रीन कार्ड या नागरिकता जैसे लाभों के लिए आवेदन करने वाले लोगों से सोशल मीडिया खाते की जानकारी एकत्र करने के प्रस्ताव के बारे में एक नोटिस के बाद की गई थी, ताकि ट्रंप के कार्यकारी आदेश का पालन किया जा सके। </p>
<p>जनता और संघीय एजेंसियों को पांच मई तक प्रतिक्रिया देने का समय दिया गया है। प्रस्ताव नोटिस ने आव्रजन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पक्षधरों में चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि इससे सोशल मीडिया निगरानी में सरकार की पहुंच न सिर्फ उन लोगों तक बढ़ेगी जो देश में प्रवेश के लिए आवेदन कर रहे हैं बल्कि उन लोगों तक भी बढ़ जाएगी, जिनकी पहले से ही जांच हो चुकी है और जो अमेरिका में वैध रूप से रह रहे हैं। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/532564/finance-minister-nirmala-sitharaman-said-positiveness-and-curiosity-in-both">वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं, भारत-ब्रिटेन एफटीए को लेकर दोनों देशों में सकारात्मकता और उत्सुकता</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 10 Apr 2025 12:38:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'हम जल्द ही सभी बंधकों को घर वापस देखेंगे', इजरायली PM के साथ वार्ता के बाद बोले डोनाल्ड ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को व्हाइट हाउस में मुलाकात की, जिसमें गाजा बंधक संकट और इजरायली वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ पर चर्चा की गई। पत्रकारों के लिए खुले ओवल ऑफिस के एक संक्षिप्त सत्र में ट्रंप ने गाजा में बंधकों की रिहाई को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' बताया। उन्होंने चल रही वार्ताओं के बारे में आशा व्यक्त की, लेकिन कोई विशेष विवरण नहीं दिया। </p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हम प्रगति कर रहे हैं।' 'मुझे विश्वास है कि हम जल्द ही सभी बंधकों को घर वापस देखेंगे।' नेतन्याहू ने सहमति व्यक्त की, बंधकों की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532232/we-will-soon-see-all-the-hostages-back-home-donald"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/इजरायली-pm-डोनाल्ड-ट्रंप.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को व्हाइट हाउस में मुलाकात की, जिसमें गाजा बंधक संकट और इजरायली वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ पर चर्चा की गई। पत्रकारों के लिए खुले ओवल ऑफिस के एक संक्षिप्त सत्र में ट्रंप ने गाजा में बंधकों की रिहाई को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' बताया। उन्होंने चल रही वार्ताओं के बारे में आशा व्यक्त की, लेकिन कोई विशेष विवरण नहीं दिया। </p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'हम प्रगति कर रहे हैं।' 'मुझे विश्वास है कि हम जल्द ही सभी बंधकों को घर वापस देखेंगे।' नेतन्याहू ने सहमति व्यक्त की, बंधकों की स्वतंत्रता को सुरक्षित करने के लिए इजरायल की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। उन्होंने इजरायल और हमास के बीच अस्थिर युद्धविराम को भी संबोधित किया। हालांकि उन्होंने कोई नया समझौता नहीं किया, लेकिन दोनों ने क्षेत्र में हिंसा को कम करने के महत्व पर जोर दिया। </p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल से आयात पर अपने हाल के 17 प्रतिशत टैरिफ का बचाव किया, जो उनकी व्यापक व्यापार नीति का हिस्सा है जो कई अर्थव्यवस्थाओं को प्रभावित कर रहा है। नेतन्याहू ने कथित तौर पर इन शुल्कों से राहत मांगी, जिसमें अमेरिका के साथ व्यापार संबंधों को मजबूत करने के इज़रायल के प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/532212/sexual-harassment-with-co-passenger-in-domestic-flight-in-us">US : घरेलू उड़ान में सहयात्री के साथ यौन उत्पीड़न, भारतीय मूल के नागरिक पर लगा आरोप</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 13:20:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप और कनाडाई PM मार्क कार्नी ने फोन पर की बात, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले-पहली बातचीत 'अत्यंत सार्थक' रही</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>टोरंटो। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ फोन पर उनकी पहली बातचीत ‘‘अत्यंत सार्थक’’ रही। इस बीच, कार्नी ने वार्ता के बारे में कहा कि ट्रंप निजी और सार्वजनिक रूप से कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करते हैं लेकिन दोनों देशों के बीच रिश्ते बदल गए हैं। यह बातचीत ऐसे समय में की गई है जब ट्रंप ने कनाडा के साथ व्यापार युद्ध की घोषणा की है और कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने के लिए आर्थिक दबाव का इस्तेमाल करने की धमकी दी है जिस पर कनाडा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/530402/trump-was-the-first-talk-extremely-meaningful-with-the-newly"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/donald-trump10.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>टोरंटो। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ फोन पर उनकी पहली बातचीत ‘‘अत्यंत सार्थक’’ रही। इस बीच, कार्नी ने वार्ता के बारे में कहा कि ट्रंप निजी और सार्वजनिक रूप से कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करते हैं लेकिन दोनों देशों के बीच रिश्ते बदल गए हैं। यह बातचीत ऐसे समय में की गई है जब ट्रंप ने कनाडा के साथ व्यापार युद्ध की घोषणा की है और कनाडा को 51वां अमेरिकी राज्य बनाने के लिए आर्थिक दबाव का इस्तेमाल करने की धमकी दी है जिस पर कनाडा ने नाराजगी जताई है। </p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए ‘पोस्ट’ और बाद में की गई सार्वजनिक टिप्पणियों में इसका कोई उल्लेख नहीं किया। ट्रंप ने कहा, ‘‘हमारी बातचीत बहुत अच्छी रही। मार्क ने मुझे फोन किया था।... उनके देश में चुनाव होने वाले हैं। देखते हैं कि क्या होता है।’’ इस दौरान ट्रंप ने प्रधानमंत्री कार्नी को गवर्नर नहीं कहा जबकि उन्होंने कार्नी के पूर्ववर्ती जस्टिन ट्रूडो को गवर्नर कहकर संबोधित किया था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपने ‘पोस्ट’ में कहा कि दोनों पक्ष ‘‘कई बातों पर सहमत हैं और कनाडा में आगामी चुनाव के तुरंत बाद राजनीति, व्यवसाय और अन्य सभी कारकों पर चर्चा के लिए मुलाकात की जाएगी जो अमेरिका और कनाडा दोनों के लिए बहुत अच्छा होगा।’’ लेकिन ट्रंप ने साथ ही कहा कि और शुल्क लगाए जाएंगे। </p>
<p>इस बीच, कार्नी ने कहा कि ट्रंप ने यह नहीं कहा कि वह इस्पात, एल्युमीनियम, ऑटो और अन्य उत्पादों पर शुल्क वापस लेंगे। उन्होंने कहा, यह स्पष्ट है कि अमेरिका अब एक विश्वसनीय भागीदार नहीं है। अब यह संभव है कि बातचीत करके हम विश्वास बहाल करने में सक्षम रहें लेकिन हम पीछे नहीं हट सकते। कार्नी ने कहा, ‘‘राष्ट्रपति ने आज अपनी निजी और सार्वजनिक टिप्पणियों में कनाडा की संप्रभुता का सम्मान किया।’’ उन्होंने इस बातचीत को सकारात्मक, सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक बताया। कार्नी ने कहा, ‘‘हम बिल्कुल यही चाहते हैं।’’ कार्नी ने कहा कि वह 28 अप्रैल को कनाडा में होने वाले चुनाव के तुरंत बाद अमेरिका के साथ ‘‘नए आर्थिक और सुरक्षा संबंधों’’ के लिए व्यापक वार्ता शुरू करेंगे। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/530398/nepal-protest-kathmandu-removed-from-eastern-part-of-kathmandu-more">Nepal Protest :  काठमांडू के पूर्वी हिस्से से हटा कर्फ्यू, हिंसा में शामिल 105 राजशाही समर्थक प्रदर्शनकारी गिरफ्तार</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 29 Mar 2025 10:40:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने की अमेरिकी आयात शुल्क की निंदा, जवाबी कदम उठाने की दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रियो डी जेनेरो। </strong>ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने गुरुवार को अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के हाल ही में लगाए गए आयात शुल्क की आलोचना की। चेतावनी दी कि उनका देश अमेरिका के विरुद्ध पारस्परिक व्यापार उपाय कर सकता है। ब्राजील के राष्ट्रपति कार्यालय ने यह रिपोर्ट दी। </p>
<p>लूला दा सिल्वा ने जापान की अपनी आधिकारिक यात्रा के अंत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मैं सभी देशों के सभी उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने की इस नीति के साथ अमेरिकी सरकार के व्यवहार से बहुत चिंतित हूं। उन्होंने ऑटोमोटिव आयात पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/530235/brazilian-president-lula-da-silva-warned-to-take-back-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/लूला-दा-सिल्वा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रियो डी जेनेरो। </strong>ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने गुरुवार को अपने अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के हाल ही में लगाए गए आयात शुल्क की आलोचना की। चेतावनी दी कि उनका देश अमेरिका के विरुद्ध पारस्परिक व्यापार उपाय कर सकता है। ब्राजील के राष्ट्रपति कार्यालय ने यह रिपोर्ट दी। </p>
<p>लूला दा सिल्वा ने जापान की अपनी आधिकारिक यात्रा के अंत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मैं सभी देशों के सभी उत्पादों पर आयात शुल्क लगाने की इस नीति के साथ अमेरिकी सरकार के व्यवहार से बहुत चिंतित हूं। उन्होंने ऑटोमोटिव आयात पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने के ट्रंप के फैसले पर भी चिंता व्यक्त की, तथा कहा कि इस तरह के संरक्षणवादी उपायों से अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए वाहन की कीमतें बढ़ जाएंगी तथा इससे मुद्रास्फीति और उच्च ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। लूला दा सिल्वा ने कहा, मैं चिंतित हूं क्योंकि अंततः मुक्त व्यापार को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। मैं चिंतित हूं क्योंकि बहुपक्षवाद को पराजित किया जा रहा है। मैं चिंतित हूं क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति दुनिया के शेरिफ नहीं हैं, वह सिर्फ अमेरिका के राष्ट्रपति हैं।</p>
<p>उल्लेखनीय है कि इस महीने की शुरुआत में ब्राजील के स्टील और एल्युमीनियम पर 25 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने के अमेरिका के फैसले पर लूला दा सिल्वा ने कहा कि उनकी सरकार इस मामले को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में ले जाएगी। उन्होंने कहा, हम हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठ सकते। हम विश्व व्यापार संगठन से अपील करेंगे और अगर वह विफल हो जाता है, तो हम पारस्परिकता लागू करेंगे, अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क स्थापित करेंगे। लूला दा सिल्वा ने कहा कि एकतरफा संरक्षणवाद वैश्विक आर्थिक सहयोग को नुकसान पहुंचाता है और बहुपक्षवाद को कमजोर करता है, उन्होंने उम्मीद जताई कि नवीनतम अमेरिकी आयात शुल्क से प्रभावित अन्य देश भी अपना मामला डब्ल्यूटीओ में लाएंगे और यदि आवश्यक हो तो पारस्परिक उपाय अपनाएंगे। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/530224/chinese-president-xi-chinfing-and-mohammad-yunus-meet-know-what">चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और मोहम्मद यूनुस ने की मुलाकात, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा?</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Mar 2025 12:01:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Tariff War : टैरिफ पर कई देशों को छूट दे सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप, जानिए क्या कहा?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी व्यापार भागीदारों पर 'पारस्परिक टैरिफ' लगाने की 2 अप्रैल की समयसीमा करीब आने के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह टैरिफ पर कई देशों को छूट दे सकते हैं। ट्रंप ने सोमवार दोपहर व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, मैं कई देशों को छूट दे सकता हूं, लेकिन यह पारस्परिक है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) ने ट्रंप प्रशासन के साथ एक समझौते के तहत कार टैरिफ को 2.5 प्रतिशत तक कम करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप ने आगे कहा, हम अगले कुछ दिनों में कुछ अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा करेंगे,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529625/tariff-war-tariff-can-give-discounts-to-many-countries-donald"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/डोनाल्ड-ट्रंप4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी व्यापार भागीदारों पर 'पारस्परिक टैरिफ' लगाने की 2 अप्रैल की समयसीमा करीब आने के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वह टैरिफ पर कई देशों को छूट दे सकते हैं। ट्रंप ने सोमवार दोपहर व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, मैं कई देशों को छूट दे सकता हूं, लेकिन यह पारस्परिक है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ (ईयू) ने ट्रंप प्रशासन के साथ एक समझौते के तहत कार टैरिफ को 2.5 प्रतिशत तक कम करने पर सहमति व्यक्त की है। ट्रंप ने आगे कहा, हम अगले कुछ दिनों में कुछ अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा करेंगे, जो ऑटोमोबाइल, कारों और सड़क के किनारे लकड़ी, लकड़ी और चिप्स से संबंधित होंगे। ट्रंप ने कहा, लेकिन अधिकांशतः 2 अप्रैल एक बड़ा दिन होगा, वह पारस्परिक दिन होगा, और हम उस धन में से कुछ धन वापस लाएंगे जो हमसे छीन लिया गया है।</p>
<p><strong>उज़्बेकिस्तान ने अफ़गानिस्तान को 200 टन मानवीय सहायता भेजी </strong><br />काबुल। उज़्बेकिस्तान ने इस सप्ताह उत्तरी अफ़गान प्रांत बल्ख के ज़रिए अफ़गानिस्तान को लगभग 200 टन खाद्य सामग्री पहुंचाई है। अफ़गान मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी। ‘एरियाना’ न्यूज़ पोर्टल ने सोमवार को बताया कि यह सहायता हेरातन शहर में अफ़गान सरकार को सौंपी गई, जिसमें आटा, गेहूं, पास्ता, वनस्पति तेल, चीनी, इंस्टेंट मील, लाल बीन्स और मूंग दालें शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़गान अधिकारियों ने प्रदान की गई सहायता के लिए राष्ट्रपति और उज़्बेकिस्तान के लोगों का आभार व्यक्त किया। उज़्बेकिस्तान ने दिसंबर के अंत में पहले भी अफ़गानिस्तान को खाद्य और दवा सहित मानवीय सहायता भेजी थी, जबकि उज़्बेक डॉक्टरों ने 25-30 दिसंबर तक बल्ख प्रांत में लोगों की मुफ़्त चिकित्सा जांच की।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/529621/america-killed-two-people-targeting-yemens-huki-rebels%C2%A0">अमेरिका ने यमन के हूती विद्रोहियों को निशाना बनाकर किए हवाई हमले, दो लोगों की मौत </a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/529625/tariff-war-tariff-can-give-discounts-to-many-countries-donald</link>
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                <pubDate>Tue, 25 Mar 2025 11:09:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत की पांच-दिवसीय यात्रा पर आएंगे अमेरिका के वरिष्ठ व्यापार अधिकारी, विभिन्न मुद्दों पर होगी चर्चा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच मंगलवार से भारत की पांच-दिवसीय यात्रा पर आएंगे। भारत यात्रा के दौरान वह दोनों देशों के बीच व्यापार और सीमा शुल्क से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करेंगे। लिंच की यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर जवाबी सीमा शुल्क लगाने की घोषणा के बीच हो रही है। ट्रंप ने दो अप्रैल से यह शुल्क लगाने की घोषणा की है। </p>
<p>वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी भारत यात्रा के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बातचीत करने के अलावा कई वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529468/americas-senior-business-officer-will-come-on-various-issues-on"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/india-and-usa.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका के सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच मंगलवार से भारत की पांच-दिवसीय यात्रा पर आएंगे। भारत यात्रा के दौरान वह दोनों देशों के बीच व्यापार और सीमा शुल्क से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करेंगे। लिंच की यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारत पर जवाबी सीमा शुल्क लगाने की घोषणा के बीच हो रही है। ट्रंप ने दो अप्रैल से यह शुल्क लगाने की घोषणा की है। </p>
<p>वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी भारत यात्रा के दौरान वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के साथ बातचीत करने के अलावा कई वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार करने के लिए भी बातचीत होने की उम्मीद है। यह समझौता भारत और अमेरिका के बीच शुल्क और बाजार पहुंच से संबंधित मुद्दों का समाधान करेगा। </p>
<p>एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, ‘‘लिंच अमेरिकी सरकारी अधिकारियों की एक टीम के साथ द्विपक्षीय व्यापार चर्चाओं के क्रम में भारतीय वार्ताकारों के साथ बैठक के लिए 25-29 मार्च तक भारत में रहेंगे।’’ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, ‘‘हम व्यापार और निवेश मामलों पर भारत सरकार के साथ अपने जुड़ाव को महत्व देते हैं और रचनात्मक, न्यायसंगत और दूरदर्शी तरीके से इन चर्चाओं को जारी रखने के लिए तत्पर हैं।’’ भारत ने शुक्रवार को कहा था कि द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए एक रूपरेखा तैयार करने को अमेरिका के साथ उसकी बातचीत चल रही है जो शुल्क और बाजार पहुंच से संबंधित मुद्दों को संबोधित करेगी।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/529461/ranil-wickremesinghe-told-the-government-responsible">Sri Lanka : अदाणी समूह के साथ ऊर्जा परियोजना पर नहीं बनी बात, रानिल विक्रमसिंघे ने दिसानायके सरकार बताया जिम्मेदार</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 24 Mar 2025 15:18:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>US : संघीय अदालत न्यायाधीशों की शक्ति को सीमित करें, डोनाल्ड ट्रंप ने किया आग्रह </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की संघीय अदालत से उन न्यायाधीशों की शक्ति को सीमित करने का आग्रह किया है जो उनके प्रशासन की नीतियों को अवरुद्ध करने वाले निषेधाज्ञा जारी करते हैं जिससे राष्ट्रपति और न्यायपालिका प्रणाली के बीच बढ़ते तनाव का संकेत मिलता है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपने पोस्ट में कहा, “कट्टरपंथी वामपंथी न्यायाधीशों द्वारा गैरकानूनी राष्ट्रव्यापी निषेधाज्ञा हमारे देश के विनाश का कारण बन सकती है। ये न्यायाधीश राष्ट्रपति पद की शक्तियों को ग्रहण करना चाहते हैं। इससे पहले कि बहुत देर हो जाये , ऐसी निषेधाज्ञा बंद करें। यदि संघीय अदालत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528883/donald-trump-requested-to-limit-the-power-of-us-federal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/donald-trump7.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश की संघीय अदालत से उन न्यायाधीशों की शक्ति को सीमित करने का आग्रह किया है जो उनके प्रशासन की नीतियों को अवरुद्ध करने वाले निषेधाज्ञा जारी करते हैं जिससे राष्ट्रपति और न्यायपालिका प्रणाली के बीच बढ़ते तनाव का संकेत मिलता है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपने पोस्ट में कहा, “कट्टरपंथी वामपंथी न्यायाधीशों द्वारा गैरकानूनी राष्ट्रव्यापी निषेधाज्ञा हमारे देश के विनाश का कारण बन सकती है। ये न्यायाधीश राष्ट्रपति पद की शक्तियों को ग्रहण करना चाहते हैं। इससे पहले कि बहुत देर हो जाये , ऐसी निषेधाज्ञा बंद करें। यदि संघीय अदालत और मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स इन विसंगतियों को तत्काल ठीक करें। हमारा देश बहुत गंभीर संकट में है। </p>
<p>ट्रंप प्रशासन की कई नीतियों को लेकर पहले ही मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें जन्मसिद्ध नागरिकता का निरसन, एलन मस्क और सरकारी दक्षता विभाग के सदस्यों द्वारा अमेरिकी ट्रेजरी से निजी जानकारी प्राप्त करना, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ से धन रोकना, यू.एस. एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट से कर्मचारियों की बर्खास्तगी तथा शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर छंटनी जैसे मामले शामिल है। ऐसी कई नीतियों और कार्रवाई पर न्यायिक निर्णयों के जरिए रोक लगा दी गयी है या अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। इससे प्रशासन के भीतर तथा डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के बीच आक्रोश बढ़ा है, जिसके कारण न्यायाधीशों पर महाभियोग चलाने की लगातार मांग की जा रही है। </p>
<p>इस सप्ताह की शुरुआत में डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के प्रवासियों के निर्वासन को रोकने के बाद कोलंबिया के डिस्ट्रिक्ट जज जेम्स बोसबर्ग पर महाभियोग चलाने की मांग की। बोसबर्ग कोलंबिया जिले के लिए यू.एस. डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। इससे पहले मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने डोनाल्ड ट्रंप और उनके समर्थकों की उन न्यायाधीशों पर महाभियोग चलाने की वकालत करने के लिए आलोचना की, जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा , दो शताब्दियों से भी अधिक समय से यह व्यवस्था कायम है कि न्यायिक निर्णय के संबंध में असहमति के लिए महाभियोग उचित प्रतिक्रिया नहीं है। इसके लिए सामान्य अपीलीय समीक्षा प्रक्रिया मौजूद है।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/528821/israel-hamas-war-israeli-attacks-koharam-in-gaza-patti-more">Israel Hamas War : इजरायली हमलों से गाजा पट्टी में कोहराम, तीन दिन में मारे गए 200 से अधिक बच्चे</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 15:49:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>US : उम्मीद है कि भारत संभवत: शुल्कों में काफी हद तक कटौती करेगा, डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी को दोहराया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>न्यूयॉर्क। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका मानना ​​है कि अमेरिकी वस्तुओं पर भारत अपने शुल्क को कम करेगा। हालांकि ट्रंप ने इसके साथ ही दो अप्रैल से भारत पर भी अमेरिकी शुल्क लगाने की अपनी धमकी को दोहराया। अमेरिकी समाचार वेबसाइट ‘ब्रेइटबार्ट न्यूज’ के साथ साक्षात्कार में ट्रंप ने भारत के साथ अमेरिका के संबंधों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ पिछले महीने हुई वार्ता के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ उनके ‘‘ बेहद अच्छे संबंध’’ हैं।</p>
<p>  वेबसाइट ने ट्रंप के हवाले से कहा,  लेकिन भारत</p>
<p>गौरतलब</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528599/us-is-hopeful-that-india-will-probably-cut-the-charges"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/डोनाल्ड-ट्रंप3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>न्यूयॉर्क। </strong>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका मानना ​​है कि अमेरिकी वस्तुओं पर भारत अपने शुल्क को कम करेगा। हालांकि ट्रंप ने इसके साथ ही दो अप्रैल से भारत पर भी अमेरिकी शुल्क लगाने की अपनी धमकी को दोहराया। अमेरिकी समाचार वेबसाइट ‘ब्रेइटबार्ट न्यूज’ के साथ साक्षात्कार में ट्रंप ने भारत के साथ अमेरिका के संबंधों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ पिछले महीने हुई वार्ता के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ उनके ‘‘ बेहद अच्छे संबंध’’ हैं।</p>
<p> वेबसाइट ने ट्रंप के हवाले से कहा,  लेकिन भारत के साथ मेरी एकमात्र समस्या यह है कि वह दुनिया में सबसे अधिक शुल्क लगाने वाले देशों में से एक हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ मेरा मानना ​​है कि वे... संभवतः उन शुल्कों को काफी हद तक कम करने जा रहे हैं, लेकिन दो अप्रैल से हम उनसे वही शुल्क वसूलेंगे जो वे हमसे वसूलते हैं।’’ भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप-आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने विशेष रूप से चीन का उल्लेख नहीं किया, लेकिन कहा कि यह ‘‘ अद्भुत देशों का समूह है जो व्यापार पर हमें नुकसान पहुंचाने वाले अन्य देशों का मुकाबला करने के लिए एक साथ आ रहे हैं। ट्रंप ने मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान आईएमईसी पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने कहा, व्यापार में हमारे पास साझेदारों का एक शक्तिशाली समूह है। </p>
<p>गौरतलब है कि ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि भारत अपने शुल्क में ‘‘काफी कटौती’’ करने पर सहमत हो गया है। उन्होंने अपना यह दावा भी दोहराया था कि अमेरिका पर भारत भारी शुल्क लगाता है, जिससे वहां उत्पाद बेचना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने 10 मार्च को नई दिल्ली में एक संसदीय समिति को बताया कि बातचीत अब भी जारी है और भारत तथा अमेरिका के बीच व्यापार शुल्क पर अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/528556/israel-gaza-war-killed-israeli-air-strike-16-palestinians-in">Israel Gaza War : उत्तरी गाजा में इजरायली हवाई हमले, 16 फिलिस्तीनियों की मौत...शोक सभा को बनाया निशाना </a></strong></span></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 12:40:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PM Modi Podcast : डोनाल्ड ट्रंप को पसंद आया पीएम मोदी का पॉडकास्ट, सोशल मीडिया पर किया शेयर </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका के लोकप्रिय पॉडकास्टर एवं कंप्यूटर वैज्ञानिक लेक्स फ्रीडमैन के साथ बातचीत का वीडियो लिंक साझा किया। अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन के साथ रविवार को एक पॉडकास्ट में चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके बीच परस्पर विश्वास का रिश्ता है और वे बेहतर तरीके से एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं, क्योंकि वे हर चीज से ऊपर अपने राष्ट्रीय हितों को रखने में विश्वास करते हैं। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://truthsocial.com/@realDonaldTrump/114176205207352132">https://truthsocial.com/@realDonaldTrump/114176205207352132</a></blockquote>
<p>
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<p>मोदी ने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/527996/pm-modi-podcast-pm-modis-podcast-donald-trump-likes-to"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/pm-modi7.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को अपने सोशल मीडिया मंच 'ट्रुथ सोशल' पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका के लोकप्रिय पॉडकास्टर एवं कंप्यूटर वैज्ञानिक लेक्स फ्रीडमैन के साथ बातचीत का वीडियो लिंक साझा किया। अमेरिकी पॉडकास्टर लेक्स फ्रीडमैन के साथ रविवार को एक पॉडकास्ट में चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके बीच परस्पर विश्वास का रिश्ता है और वे बेहतर तरीके से एक-दूसरे के संपर्क में रहते हैं, क्योंकि वे हर चीज से ऊपर अपने राष्ट्रीय हितों को रखने में विश्वास करते हैं। </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://truthsocial.com/@realDonaldTrump/114176205207352132">https://truthsocial.com/@realDonaldTrump/114176205207352132</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>मोदी ने कहा कि ट्रंप के साथ उनका आपसी विश्वास का रिश्ता तब भी अडिग रहा जब रिपब्लिकन पार्टी के नेता राष्ट्रपति नहीं थे। पॉडकास्ट में मोदी ने ट्रंप की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक साहसी व्यक्ति बताया, जिसने अपने फैसले खुद किए और जो अमेरिका के प्रति अटूट रूप से समर्पित रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका यह समर्पण उस वक्त भी दिखा जब पिछले साल चुनाव प्रचार के दौरान एक बंदूकधारी ने उन्हें गोली मार दी थी। यह पूछे जाने पर कि उन्हें ट्रंप के बारे में क्या पसंद है, मोदी ने याद दिलाया कि अपने पहले कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी की थी और ह्यूस्टन में 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम की मेजबानी करने वाले स्टेडियम का एक चक्कर लगाने के उनके अनुरोध पर सहमति व्यक्त की थी। </p>
<p>मोदी ने कहा, ‘‘उनकी पूरी सुरक्षा सकते में आ गई थी। लेकिन मेरे लिए वह क्षण वास्तव में दिल को छू लेने वाला था। इससे पता चला कि इस आदमी में हिम्मत है। वह अपने फैसले खुद करते हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने उस पल में मुझ पर और मेरे नेतृत्व पर भरोसा किया कि वह मेरे साथ भीड़ के बीच चले गए।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने उसी लचीले और दृढ़ ट्रंप को देखा जब अमेरिकी चुनाव अभियान के दौरान उन पर गोली चलाई गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘गोली लगने के बाद भी वह अमेरिका के लिए अटूट रूप से समर्पित रहे। उनका जीवन अपने राष्ट्र के लिए है। इसने उनकी अमेरिका फर्स्ट भावना को दिखाया, जैसे मैं राष्ट्र प्रथम में विश्वास करता हूं', भारत पहले।’’ </p>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में पहले की तुलना में कहीं अधिक तैयार दिखाई दे रहे हैं। मोदी ने राष्ट्रपति के तौर पर ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बारे में कहा, ‘‘उनके दिमाग में सुपरिभाषित कदमों के साथ स्पष्ट रोडमैप है, हर रोडमैप उन्हें उनके लक्ष्यों की ओर ले जाने के लिए तैयार किया गया है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी हालिया अमेरिका यात्रा के दौरान उन्हें ट्रंप की टीम के सदस्यों से मिलने का अवसर मिला। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/527911/india-or-pakistans-team-better-pm-modi-also-told-the">भारत या पाकिस्तान...कौन सी क्रिकेट टीम बेहतर? पीएम मोदी ने दिया ऐसा जवाब, बेस्ट फुटबॉलर का नाम भी बताया</a></strong></span></p>
<p> </p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/ZPUtA3W-7_I" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>]]></content:encoded>
                
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                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 16:33:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डोनाल्ड ट्रंप ने की निर्वासन संबंधी 18वीं सदी के कानून के इस्तेमाल की घोषणा, न्यायाधीश ने लगाई रोक </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>निर्वासन में तेजी लाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18वीं सदी के एक कानून का इस्तेमाल किए जाने की घोषणा की लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद एक संघीय अदालत के न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन को इसे लागू करने से रोक दिया। ट्रंप प्रशासन ने इस कानून का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि वेनेजुएला का एक गिरोह अमेरिका पर आक्रमण कर रहा है और प्रशासन के पास उसके सदस्यों को देश से बाहर निकालने के लिए नयी शक्तियां हैं। </p>
<p>कोलंबिया जिले के लिए अमेरिकी जिला न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जेम्स ई बोसबर्ग ने कहा कि उन्हें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/527700/donald-trump-announced-the-use-of-18th-century-law-on"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/डोनाल्ड-ट्रंप2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>निर्वासन में तेजी लाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18वीं सदी के एक कानून का इस्तेमाल किए जाने की घोषणा की लेकिन इसके कुछ ही घंटों बाद एक संघीय अदालत के न्यायाधीश ने ट्रंप प्रशासन को इसे लागू करने से रोक दिया। ट्रंप प्रशासन ने इस कानून का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि वेनेजुएला का एक गिरोह अमेरिका पर आक्रमण कर रहा है और प्रशासन के पास उसके सदस्यों को देश से बाहर निकालने के लिए नयी शक्तियां हैं। </p>
<p>कोलंबिया जिले के लिए अमेरिकी जिला न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जेम्स ई बोसबर्ग ने कहा कि उन्हें अपना आदेश तत्काल जारी करने की आवश्यकता है क्योंकि सरकार प्रवासियों को पहले से ही एल साल्वाडोर और होंडुरास भेज रही है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ट्रंप की घोषणा के तहत इन प्रवासियों को नए सिरे से निर्वासित किया जा सकता है और उन्हें एल साल्वाडोर तथा होंडुरास में कैद किया जाएगा। अल साल्वाडोर ने इस सप्ताह 300 ऐसे प्रवासियों को स्वीकार करने पर सहमति दे दी जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने गिरोह का सदस्य घोषित किया है। </p>
<p>बोसबर्ग ने एसीएलयू और ‘डेमोक्रेसी फॉरवर्ड’ द्वारा दायर मामले की शनिवार शाम सुनवाई करते हुए कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मैं अब और इंतजार कर सकता हूं और मुझे कार्रवाई करनी होगी।’’ इस फैसले से कुछ ही घंटे पहले ट्रंप ने 1798 के ‘एलियन एनीमीज एक्स’ (विदेशी शत्रु अधिनियम) को लागू करते हुए दावा किया कि वेनेजुएला का गिरोह ‘ट्रेन डी अरागुआ’ अमेरिका पर आक्रमण कर रहा है। यह अधिनियम राष्ट्रपति को निर्वासन में बड़े पैमाने पर तेजी लाने के लिए नीतिगत और कार्यकारी कार्रवाई के संबंध में व्यापक छूट देता है। </p>
<p>अमेरिकी इतिहास में इस अधिनियम का इस्तेमाल अब तक केवल तीन बार हुआ है और वह भी केवल युद्ध के दौरान किया गया है। इससे पहले इसका इस्तेमाल द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान हुआ था। उस समय जर्मन और इतालवी लोगों को कैद करने के साथ-साथ जापानी-अमेरिकी नागरिकों को सामूहिक रूप से नजरबंद करने के लिए इसका इस्तेमाल किया गया था।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/527688/russia-and-ukraine-carried-out-air-strikes-on-each-other-overnight--more-than-100-drones-were-seen">रूस और यूक्रेन ने रातभर किए एक-दूसरे पर हवाई हमले, 100 से अधिक ड्रोन देखे गए</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Mar 2025 11:28:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
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