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                <title>Asian Games 2023: राम बाबू ने तय किया मुफलिसी से शोहरत तक का सफर...यहां जानिए सबकुछ  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हांगझोउ/सोनभद्र।</strong> दिहाड़ी मजदूर के बेटे और एशियाई खेलों की पैदल चाल स्पर्धा के कांस्य पदक विजेता राम बाबू का गरीबी से प्रसिद्धि का सफर एक शानदार कहानी है जो बयां करती है कि कैसे मजबूत इच्छा शक्ति वाला व्यक्ति अपनी किस्मत खुद लिखता है। एशियाई खेलों की 35 किमी पैदल चाल मिश्रित टीम स्पर्धा में मंजू रानी के साथ कांस्य पदक जीतने वाले राम बाबू ने एथलेटिक्स की ट्रेनिंग का खर्चा उठाने के लिए वेटर का काम किया और कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान मनरेगा योजना के तहत अपने पिता के साथ सड़क निर्माण का कार्य भी किया क्योंकि परिवार की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/408457/asian-games-2023--ram-babu-traveled-from-poverty-to-fame----know-everything-here"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/rambabu.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हांगझोउ/सोनभद्र।</strong> दिहाड़ी मजदूर के बेटे और एशियाई खेलों की पैदल चाल स्पर्धा के कांस्य पदक विजेता राम बाबू का गरीबी से प्रसिद्धि का सफर एक शानदार कहानी है जो बयां करती है कि कैसे मजबूत इच्छा शक्ति वाला व्यक्ति अपनी किस्मत खुद लिखता है। एशियाई खेलों की 35 किमी पैदल चाल मिश्रित टीम स्पर्धा में मंजू रानी के साथ कांस्य पदक जीतने वाले राम बाबू ने एथलेटिक्स की ट्रेनिंग का खर्चा उठाने के लिए वेटर का काम किया और कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान मनरेगा योजना के तहत अपने पिता के साथ सड़क निर्माण का कार्य भी किया क्योंकि परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। </p>
<p>चौबीस साल के राम बाबू ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘मैंने अपने जीवन में अब तक हर संभव कार्य किया है, वाराणसी में वेटर के रूप में काम करने से लेकर हमारे गांव में मनरेगा के तहत सड़क निर्माण के लिए अपने पिता के साथ गड्ढे खोदने तक।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह अपने लक्ष्य को लेकर आपकी प्रतिबद्धता और एकाग्रता से जुड़ा है। अगर आप किसी चीज को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं तो आप अपने लक्ष्य तक पहुंचने का रास्ता ढूंढ लोगे। मैंने भी यही किया।’’ सोनभद्र जिले के बहुअरा गांव के रहने वाले राम बाबू के पिता खेतिहर मजूदर के रूप में काम करते हैं और हर महीने तीन से साढे़ तीन हजार रुपये ही कमा पाते हैं जो छह लोगों के परिवार को पालने के लिए पर्याप्त नहीं है।</p>
<p> रामबाबू उनके एकमात्र बेटे हैं। उनकी तीन बहने हैं। उनकी मां गृहणी है और कभी कभी काम के अपने पति की मदद करती हैं। राम बाबू ने कहा, ‘‘हमारे पास कोई जमीन नहीं है और मेरे पिता एक मजदूर हैं। उनका काम मौसम से जुड़ा है। धान के मौसम के दौरान उनके पास अधिक काम होगा लेकिन अन्य महीनों में उनकी आय कम है। इसलिए अपने सपने को साकार करने के लिए मुझे ये सभी चीजें करने की जरूरत हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं पढ़ाई में अच्छा नहीं था और दिलचस्पी भी नहीं थी इसलिए मैं खेल में अपना करियर बनाना चाहता था।’’ अपनी मां के आग्रह पर राम बाबू ने अपने घर के पास जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) के लिए प्रवेश परीक्षा दी और उनका चयन हो गया।</p>
<p> उनका दाखिला छठी कक्षा में कराया गया। राम बाबू को जवाहर नवोदय विद्यालय में जो पढ़ाया जा रहा था उनके लिए उसे समझना मुश्किल हो रहा था और इससे उनकी पढ़ाई में रुचि कम होने लगी। जेएनवी में दो साल रहने के दौरान 2012 ओलंपिक ने उन्हें अपने भविष्य का लक्ष्य तक करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं तब सातवीं कक्षा में था और अपने स्कूल के छात्रावास के टेलीविजन पर मेरीकोम, साइन नेहवाल, सुशील कुमार और गगन नारंग जैसे खिलाड़ियों को पदक जीतते हुए देखा। अगले दिन समाचार पत्र के पहले पन्ने पर उनकी खबर आई और मैंने उन सभी को पढ़ा। ’’ राम बाबू ने कहा, ‘‘मैं 2012 के ओलंपिक पदक विजेता की अखबार में छपी खबरों और तस्वीरों की कटिंग भी अपने पास रखी।’’ </p>
<p>जेएनवी में राम बाबू सभी तरह के खेल खेलते थे जिसमें फुटबॉल भी शामिल था। उन्होंने देखा कि बाकी बच्चों के विपरीत काफी अधिक दौड़ने के बावजूद वह आसानी से थकते नहीं हैं इसलिए उन्होंने लंबी दूरी की दौड़ से जुड़ने का फैसला किया। वह शुरू में मैराथन, 10 हजार मीटर और पांच हजार मीटर में दौड़ते थे लेकिन इसके बाद उनके घुटने में दर्द होने लगा। स्थानीय कोच प्रमोद यादव की सलाह पर वह पैदल चाल से जुड़े जिसमें घुटनों पर अधिक दबाव नहीं पड़ता। राम बाबू 2019 में भोपाल के साइ केंद्र के कोच को मनाने में सफल रहे कि वह उन्हें ट्रेनिंग दें। उन्होंन देशव्यापी कोविड-19 लॉकडाउन से पहले फरवरी 2020 में राष्ट्रीय पैदल चाल चैंपियनशिप में हिस्सा लिया और चौथे स्थान पर रहे। लॉकडाउन के दौरान भोपाल का साइ केंद्र बंद हो गया और राम बाबू को घर लौटना पड़ा। उनके माता-पिता को घर चलाने के लिए काम नहीं मिल रहा था। </p>
<p>राम बाबू ने कहा, ‘‘भाग्य से हमें मनरेजा योजना के तहत काम मिल गया और मैंने सड़क निर्माण के कार्य के लिए गड्ढे खोदने में अपने पिता की मदद की। काम को देखते हुए एक व्यक्ति को प्रतिदिन 300 से 400 रुपये मिलते थे।’’ डेढ़ महीने तक मनरेगा योजना के तहत काम करने के बाद राम बाबू दोबारा भोपाल चले गए। उन्होंने फरवरी 2021 में राष्ट्रीय पैदल चाल चैंपियनशिप में 50 किमी पैदल चाल का रजत पदक जीता और इससे कोच बसंत राणा की मदद से उनका पुणे में सेना खेल संस्थान में प्रवेश का रास्ता साफ हो गया। </p>
<p>विश्व एथलेटिक्स ने इसके बाद 50 किमी पैदल चाल को अपने कार्यक्रम से हटाने का फैसला किया और राम बाबू 35 किमी स्पर्धा से जुड़ गए। उन्होंने इसके बाद राष्ट्रीय ओपन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता और पिछले साल राष्ट्रीय खेलों में 35 किमी पैदल चाल में राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। उनके पास अब सेना में नौकरी है जहां वह हवलदार हैं। उनकी मां मीना देवी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि उनके बेटे में बचपन से ही कुछ कर गुजरने की लगन थी। एशियाई खेलों में उनकी कामयाबी से पूरे गांव और जिले में खुशी का माहौल है। हालांकि यहां तक पहुंचने के लिये राम बाबू ने बहुत संघर्ष किया है। मीना देवी ने बताया कि राम बाबू ने भी अपने पिता पर पड़ रहे बोझ को कम करने के लिये एक होटल में वेटर का काम किया और मनरेगा योजना के तहत मजदूरी भी की लेकिन इस दौरान निरंतर अभ्यास जारी रखा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/408439/asian-games-hangzhou-hat-trick-of-gold-medals-now-this-archery">Asian Games 2023 : गोल्ड मेडल्स की हैट्रिक! अब पुरुष कंपाउंड टीम ने जीता स्वर्ण...भारत के खाते में हुए इतने पदक</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 05 Oct 2023 16:31:44 +0530</pubDate>
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                <title>Asian Games 2023 : सेमीफाइनल में हारी मुक्केबाज परवीन हुड्डा, कांस्य पदक से होना पड़ा संतोष</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हांगझोउ।</strong> भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा को बुधवार को यहां महिला 57 किग्रा सेमीफाइनल में दो बार की विश्व चैंपियन चीनी ताइपे की लिन यू टिंग के खिलाफ हार के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। विश्व चैंपियनशिप 2022 की कांस्य पदक विजेता परवीन को लिन ने 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। लंबाई में लिन से कम होने का भी परवीन को खामियाजा भुगतना पड़ा और वह चीनी ताइपे की खिलाड़ी को मुक्के जड़कर अंक जुटाने में नाकाम रहीं। </p>
<p>पहले दौर में पिछड़ने के बाद परवीन ने दूसरे दौर में आक्रामक रवैया अपनाया लेकिन 27 साल की लिन ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/408157/asian-games-2023--boxer-parveen-hooda-lost-in-the-semi-finals--had-to-be-satisfied-with-the-bronze-medal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/image-w32.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हांगझोउ।</strong> भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा को बुधवार को यहां महिला 57 किग्रा सेमीफाइनल में दो बार की विश्व चैंपियन चीनी ताइपे की लिन यू टिंग के खिलाफ हार के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। विश्व चैंपियनशिप 2022 की कांस्य पदक विजेता परवीन को लिन ने 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया। लंबाई में लिन से कम होने का भी परवीन को खामियाजा भुगतना पड़ा और वह चीनी ताइपे की खिलाड़ी को मुक्के जड़कर अंक जुटाने में नाकाम रहीं। </p>
<p>पहले दौर में पिछड़ने के बाद परवीन ने दूसरे दौर में आक्रामक रवैया अपनाया लेकिन 27 साल की लिन ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए भारतीय खिलाड़ी के प्रयासों को नाकाम कर दिया। परवीन को बीच-बीच में लिन को मुक्के जड़ने में सफलता भी मिली लेकिन यह जीत दर्ज करने के लिए काफी नहीं था।</p>
<p>तेइस साल की परवीन पहले ही अगले साल होने वाले पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल कर चुकी है। परवीन मौजूदा खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली चौथी भारतीय मुक्केबाज हैं। दो बार की विश्व चैंपियन निकहत जरीन (50 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा) और नरेंद्र बेरवाल (92 किग्रा से अधिक) को भी सेमीफाइनल में हार के साथ कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/408119/deotale-jyoti-won-gold-medal-in-compound-mixed-team-event">Asian Games 2023 : देवताले-ज्योति ने कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता </a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Oct 2023 13:29:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Asian Games 2023: व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतने में नाकाम रहे भारतीय शतरंज खिलाड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हांगझोउ। </strong>भारतीय शतरंज खिलाड़ी बुधवार को यहां एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतने में नाकाम रहे। ग्रैंडमास्टर विदित गुजराती (5.5 अंक) और अर्जुन एरिगैसी (5.5) पुरुष वर्ग में क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहे, जबकि महिला वर्ग में पूर्व कांस्य पदक विजेता डी हरिका (6 अंक) चौथे और 2006 की चैंपियन कोनेरू हम्पी सातवें स्थान पर रहीं। </p>
<p>गुजराती अंतिम दौर की बाजी में उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव से हार गए, जिससे उनकी पदक की उम्मीदें खत्म हो गईं। एरिगैसी भी अपने खेल में निरंतरता नहीं बनाए रख पाए। उन्होंने अंतिम दौर में बांग्लादेश के इनामुल हुसैन को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/406513/asian-games-2023--indian-chess-players-failed-to-win-medal-in-individual-event"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/image-s17.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हांगझोउ। </strong>भारतीय शतरंज खिलाड़ी बुधवार को यहां एशियाई खेलों की व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक जीतने में नाकाम रहे। ग्रैंडमास्टर विदित गुजराती (5.5 अंक) और अर्जुन एरिगैसी (5.5) पुरुष वर्ग में क्रमशः पांचवें और छठे स्थान पर रहे, जबकि महिला वर्ग में पूर्व कांस्य पदक विजेता डी हरिका (6 अंक) चौथे और 2006 की चैंपियन कोनेरू हम्पी सातवें स्थान पर रहीं। </p>
<p>गुजराती अंतिम दौर की बाजी में उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव से हार गए, जिससे उनकी पदक की उम्मीदें खत्म हो गईं। एरिगैसी भी अपने खेल में निरंतरता नहीं बनाए रख पाए। उन्होंने अंतिम दौर में बांग्लादेश के इनामुल हुसैन को हराकर जीत के साथ अपने अभियान का अंत किया।</p>
<p> महिला वर्ग में हरिका और हम्पी आठवें दौड़ ने एक दूसरे के सामने थी। यह बाजी ड्रॉ रही। हरिका ने नौवें और अंतिम दौर में स्वर्ण पदक विजेता जिनेर झू (चीन) को हराया जबकि हम्पी ने बिबिसारा असौबायेवा (कजाकिस्तान) के खिलाफ बाजी ड्रॉ कराई। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/406503/ind-vs-aus-rajkot-odi-australia-gave-a-target-of">IND vs AUS Rajkot ODI: ऑस्ट्रेलिया ने टीम भारत को दिया 353 रनों का लक्ष्य, रोहित और वाशिंगटन सुंदर क्रीज़ पर</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 18:26:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Asian Games 2023: तलवारबाजी में भारतीय महिलाएं क्वार्टर फाइनल में हारी, पुरूष अंतिम 16 से बाहर </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हांगझोउ।</strong> भारतीय महिला तलवारबाजी टीम एशियाई खेलों में एपी वर्ग में जुझारू प्रदर्शन के बावजूद क्वार्टर फाइनल में हार गई जबकि पुरूष टीम फॉइल वर्ग में अंतिम 16 में सिंगापुर से 30 . 45 से हारकर बाहर हो गई। तनिष्का खत्री, ज्योतिका दत्ता और एना अरोरा की टीम को कोरिया ने 45 . 25 से हराया । इससे पहले भारतीय टीम ने जोर्डन को 45 . 36 से हराया था। </p>
<p>भारतीय पुरूष टीम आखिरी दौर में एक ही जीत दर्ज कर सकी जब बिबिश कातिरेसन ने कीरेन लॉक को 6 . 5 से हराया। देव को कीरेन ने 5 .</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/406492/asian-games-2023--indian-women-lost-in-quarter-finals-in-fencing--men-out-of-last-16"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/image-s14.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हांगझोउ।</strong> भारतीय महिला तलवारबाजी टीम एशियाई खेलों में एपी वर्ग में जुझारू प्रदर्शन के बावजूद क्वार्टर फाइनल में हार गई जबकि पुरूष टीम फॉइल वर्ग में अंतिम 16 में सिंगापुर से 30 . 45 से हारकर बाहर हो गई। तनिष्का खत्री, ज्योतिका दत्ता और एना अरोरा की टीम को कोरिया ने 45 . 25 से हराया । इससे पहले भारतीय टीम ने जोर्डन को 45 . 36 से हराया था। </p>
<p>भारतीय पुरूष टीम आखिरी दौर में एक ही जीत दर्ज कर सकी जब बिबिश कातिरेसन ने कीरेन लॉक को 6 . 5 से हराया। देव को कीरेन ने 5 . 2 से मात दी। इसके बाद कातिरेसन को रफाएल जुआन कांग तान ने हराया जबकि अर्जुन को एलिजा रॉबसन सैमुअल ने शिकस्त दी। </p>
<p>देव को तान ने 5 . 1 से दूसरे मैच में भी हराया। अर्जुन को कीरेन ने 5 . 3 से और कातिरेसन को सैमुअल ने 3 . 2 से हराया । आकाश और देव ने अगले दो मुकाबले ड्रॉ खेले । कातिरेसन ने एकमात्र मुकाबला जीता। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/406471/asian-games-2023--asiad-gold-medalist-samra-left-her-medical-studies-and-became-a-shooter-on-the-advice-of-her-parents">Asian Games 2023: माता-पिता की सलाह पर डॉक्टरी की पढ़ाई छोड़कर निशानेबाज बनी एशियाड स्वर्ण पदक विजेता सामरा</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/406492/asian-games-2023--indian-women-lost-in-quarter-finals-in-fencing--men-out-of-last-16</link>
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                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 17:42:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>Asian Games 2023: माता-पिता की सलाह पर डॉक्टरी की पढ़ाई छोड़कर निशानेबाज बनी एशियाड स्वर्ण पदक विजेता सामरा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हांगझोउ।</strong> डॉक्टरी और निशानेबाजी दोनों ही क्षेत्र में बेहद धैर्य की जरूरत होती है लेकिन इस साल मार्च में सिफ्ट कौर सामरा ने चिकित्सकीय उपकरणों के बजाय राइफल को करियर विकल्प चुनने का फैसला किया। सामरा (23 वर्ष) ने निशानेबाजी पर ध्यान लगाने के लिए अपनी चिकित्सीय पढ़ाई (एमबीबीएस कोर्स) छोड़ने का फैसला किया।</p>
<p>  बुधवार को यह फैसला बिलकुल सही साबित हुआ और उन्होंने हांगझोउ में एशिया की महिला 50 मीटर थ्री पोजीशन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। सामरा फरीदकोट में जीजीएस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई और निशानेबाजी दोनों के बीच जूझ रही थीं लेकिन अंत</p>
<p> </p>
<p>उन्होंने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/406471/asian-games-2023--asiad-gold-medalist-samra-left-her-medical-studies-and-became-a-shooter-on-the-advice-of-her-parents"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/image-s12.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हांगझोउ।</strong> डॉक्टरी और निशानेबाजी दोनों ही क्षेत्र में बेहद धैर्य की जरूरत होती है लेकिन इस साल मार्च में सिफ्ट कौर सामरा ने चिकित्सकीय उपकरणों के बजाय राइफल को करियर विकल्प चुनने का फैसला किया। सामरा (23 वर्ष) ने निशानेबाजी पर ध्यान लगाने के लिए अपनी चिकित्सीय पढ़ाई (एमबीबीएस कोर्स) छोड़ने का फैसला किया।</p>
<p> बुधवार को यह फैसला बिलकुल सही साबित हुआ और उन्होंने हांगझोउ में एशिया की महिला 50 मीटर थ्री पोजीशन स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया। सामरा फरीदकोट में जीजीएस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई और निशानेबाजी दोनों के बीच जूझ रही थीं लेकिन अंत में उन्होंने अपना कोर्स बदलने का फैसला किया। विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीतने वाली सामरा ने कहा, ‘‘मैंने मार्च में एमबीबीएस छोड़ दिया। मैं अभी अमृतसर से जीएनडीयू से ‘बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स’ कर रही हूं।’’</p>
<p> भारत में मध्यमवर्गीय और उच्च मध्यमवर्गीय परिवारों ने माता-पिता सामान्यत: अपने बच्चों को पढ़ाई में अच्छा करने के लिए बढ़ावा देते हैं लेकिन सामरा के माता-पिता उन्हें निशानेबाजी रेंज में रिकॉर्ड तोड़ते हुए देखना चाहते थे। यह पूछने पर कि उन्होंने एमबीबीएस कोर्स क्यों छोड़ा तो सामरा ने कहा, ‘‘मैं नहीं जानती। यह मेरे माता-पिता का फैसला था। यह मेरे हाथ में नहीं है। मैं कुछ नहीं कर सकती। मैं लोकसेवा में भी जा सकती हूं। ’’ </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘मैं दुर्घटनावश निशानेबाज बनी। मेरे ‘कजन’ ने मुझे निशानेबाजी शुरु करायी जो एक शॉटगन निशानेबाज है। मेरी राज्यस्तरीय प्रतियोगिता अच्छी रही और मेरी सभी रिश्तेदारों ने मेरे माता-पिता से कहा कि मुझे निशानेबाजी करनी चाहिए। मैं भाग्यशाली रही कि यह कारगर रहा और अब मैं निशानेबाज हूं। ’’</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/406461/asian-games-2023--indian-men-s-team-continues-its-winning-streak-in-3x3-basketball--makes-it-to-the-quarter-finals">Asian Games 2023: भारतीय पुरुष टीम तीन गुणा तीन बास्केटबॉल में जीत की लय बरकरार, बनाई क्वार्टर फाइनल में जगह</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/406471/asian-games-2023--asiad-gold-medalist-samra-left-her-medical-studies-and-became-a-shooter-on-the-advice-of-her-parents</link>
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                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 17:18:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Asian Games 2023: भारतीय पुरुष टीम तीन गुणा तीन बास्केटबॉल में जीत की लय बरकरार, बनाई क्वार्टर फाइनल में जगह</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हांगझोउ।</strong> भारत की पुरुष तीन गुणा तीन बास्केटबॉल टीम ने एशियाई खेलों में जीत की लय बरकरार रखते हुए बुधवार को यहां पूल सी के मैच में मकाऊ को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। </p>
<p>सहज प्रताप सिंह सेखों ने मैच में सर्वाधिक 10 अंक बनाए जिससे भारत ने मकाऊ को 21-12 से हराया। मकाऊ के लिए होउ इन हो ने मैच में सर्वाधिक पांच अंक जुटाए। भारत ने इससे पूर्व दिन के पहले मुकाबले में मलेशिया को 20-16 से हराया था। भारत अपने अगले मैच में शुक्रवार को पिछले खेलों के स्वर्ण पदक विजेता चीन से भिड़ेगा। महिला टीम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/406461/asian-games-2023--indian-men-s-team-continues-its-winning-streak-in-3x3-basketball--makes-it-to-the-quarter-finals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/image-s11.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हांगझोउ।</strong> भारत की पुरुष तीन गुणा तीन बास्केटबॉल टीम ने एशियाई खेलों में जीत की लय बरकरार रखते हुए बुधवार को यहां पूल सी के मैच में मकाऊ को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। </p>
<p>सहज प्रताप सिंह सेखों ने मैच में सर्वाधिक 10 अंक बनाए जिससे भारत ने मकाऊ को 21-12 से हराया। मकाऊ के लिए होउ इन हो ने मैच में सर्वाधिक पांच अंक जुटाए। भारत ने इससे पूर्व दिन के पहले मुकाबले में मलेशिया को 20-16 से हराया था। भारत अपने अगले मैच में शुक्रवार को पिछले खेलों के स्वर्ण पदक विजेता चीन से भिड़ेगा। महिला टीम आज चीन के खिलाफ खेलेगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/406421/asian-games--indian-women-s-hockey-team-wins-brilliantly--defeats-singapore-13-0">Asian Games: भारतीय महिला हॉकी टीम शानदार जीत, सिंगापुर को 13. 0 से हराया</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/406461/asian-games-2023--indian-men-s-team-continues-its-winning-streak-in-3x3-basketball--makes-it-to-the-quarter-finals</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/406461/asian-games-2023--indian-men-s-team-continues-its-winning-streak-in-3x3-basketball--makes-it-to-the-quarter-finals</guid>
                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 16:24:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Asian Games: भारतीय महिला हॉकी टीम शानदार जीत, सिंगापुर को 13. 0 से हराया </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हांगझोउ।</strong> युवा स्ट्राइकर संगीता कुमारी की हैट्रिक समेत अपने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में पूल ए के अपने पहले मैच में सिंगापुर को 13 . 0 से हराया । भारत ने पहले दो क्वार्टर में आठ और आखिरी दो क्वार्टर में पांच गोल किये । विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर काबिज भारत का सामना पूल ए के मैच में 34वीं रैंकिंग वाली टीम से था। टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम के लिये संगीता (23वां, 53वां, 47वां मिनट) ने तीन गोल किये जबकि नवनीत कौर ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/406421/asian-games--indian-women-s-hockey-team-wins-brilliantly--defeats-singapore-13-0"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/image-s4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हांगझोउ।</strong> युवा स्ट्राइकर संगीता कुमारी की हैट्रिक समेत अपने खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियाई खेलों में पूल ए के अपने पहले मैच में सिंगापुर को 13 . 0 से हराया । भारत ने पहले दो क्वार्टर में आठ और आखिरी दो क्वार्टर में पांच गोल किये । विश्व रैंकिंग में सातवें स्थान पर काबिज भारत का सामना पूल ए के मैच में 34वीं रैंकिंग वाली टीम से था। टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम के लिये संगीता (23वां, 53वां, 47वां मिनट) ने तीन गोल किये जबकि नवनीत कौर ने 14वें मिनट में लगातार दो गोल दागे। </p>
<p><img src="https://pbs.twimg.com/media/F7BQqpwW0AAQHWG?format=jpg&amp;name=large" alt="Image"></img></p>
<p>दीपिका (11वां), सुशीला चानू (आठवां), उदिता (छठा), नेहा (19वां), दीप ग्रेस इक्का (17वां), सलीमा टेटे (35वां), वंदना कटारिया (56वां) और मोनिका (52वां) ने गोल दागे । सिंगापुर की टीम भारतीय गोल पर हमले भी नहीं बोल सकी। भारत को अब 29 सितंबर को मलेशिया से खेलना है । कप्तान सविता पूनिया ने मैच के बाद कहा,‘‘यह शानदार प्रदर्शन था और हम इससे खुश हैं। युवा खिलाड़ियों ने सीनियर्स के साथ शानदार तालमेल दिखाया जिससे हमारा काम आसान हो गया ।’’ उन्होंने कहा,‘‘हम मैच दर मैच रणनीति बना रहे हैं। अब हमारा फोकस मलेशिया पर है। हमारे पास एक दिन का समय है जिसमें हम मलेशिया के खेल को देखकर उसके खिलाफ तैयारी करेंगे । हमारे पूल में कोरिया भी है और वह बहुत अच्छी टीम है । हम पूल में शीर्ष पर रहने की कोशिश करेंगे ।’’ </p>
<p>भारत को पहले हाफ में कई पेनल्टी कॉर्नर मिले जिनमें से पांच पर गोल हुए । भारत ने छठे मिनट में उदिता के गोल पर बढत बना ली। इसके दो मिनट बाद सुशीला ने पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल किया। दीपिका ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके बढत तिगुनी कर दी । नवनीत ने 14वें मिनट के भीतर लगातार दो गोल किये जिनमें से पहला गोल पेनल्टी पर था । दीप ग्रेस ने अगला गोल पेनल्टी कॉर्नर पर किया जिसके बाद संगीता ने एक जबर्दस्त फील्ड गोल दागा । नेहा ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत को 8 . 0 की बढत दिलाई । दूसरे हाफ में भी यही सिलसिला जारी रहा । सिंगापुर के खिलाड़ियों ने भारतीयों पर नकेल कसने की कोशिश जरूर की लेकिन भारत ने पांच गोल दागे। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/406416/ind-vs-aus-rajkot-odi--australia-chose-to-bat-after-winning-the-toss--sundar-got-a-chance-in-place-of-ashwin">IND vs AUS Rajkot ODI: टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने चुनी बल्लेबाजी, अश्विन की जगह सुंदर को मिला मौका</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/406421/asian-games--indian-women-s-hockey-team-wins-brilliantly--defeats-singapore-13-0</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/406421/asian-games--indian-women-s-hockey-team-wins-brilliantly--defeats-singapore-13-0</guid>
                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 14:17:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Asian Games 2023: भारत के विष्णु सरवनन को पाल नौकायन में जीता कांस्य पदक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>निंगबो। </strong>भारत के विष्णु सरवनन ने एशियाई खेलों में बुधवार को पुरूषों की डिंगी आईएलसीए 7 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। टोक्यो ओलंपिक खेल चुके विष्णु ने 34 नेट स्कोर के साथ 11 रेस की यह स्पर्धा जीती। वह एक अंक से रजत पदक से चूक गए। </p>
<p>दक्षिण कोरिया के जीमिन एचए ने 33 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया । वहीं सिंगापुर के जुन हान रियान लो ने 26 स्कोर के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। पाल नौकायन में सभी रेस के सबसे खराब स्कोर को कुल अंकों में से घटाकर नेट स्कोर निकाला जाता है।</p>
<p>  सबसे</p>
<p><strong>ये</strong></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/406390/asian-games-2023--india-s-vishnu-saravanan-wins-bronze-in-sailing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/vishnu-saravanan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>निंगबो। </strong>भारत के विष्णु सरवनन ने एशियाई खेलों में बुधवार को पुरूषों की डिंगी आईएलसीए 7 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। टोक्यो ओलंपिक खेल चुके विष्णु ने 34 नेट स्कोर के साथ 11 रेस की यह स्पर्धा जीती। वह एक अंक से रजत पदक से चूक गए। </p>
<p>दक्षिण कोरिया के जीमिन एचए ने 33 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया । वहीं सिंगापुर के जुन हान रियान लो ने 26 स्कोर के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया। पाल नौकायन में सभी रेस के सबसे खराब स्कोर को कुल अंकों में से घटाकर नेट स्कोर निकाला जाता है।</p>
<p> सबसे कम नेट स्कोर वाला विजयी रहता है। विष्णु का कुल स्कोर 48 था और उसकी सबसे खराब रेस आठवीं थी जब वह रिटायर हो गया था । उसके स्कोर से 14 अंक घटाये गए। </p>
<p><strong>ये भी पढ़े:- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/406370/more-than-100-people-killed-150-injured-in-fire-at">उत्तरी इराक में विवाह भवन में आग लगने से 114 से अधिक लोगों की मौत, 150 घायल </a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/406390/asian-games-2023--india-s-vishnu-saravanan-wins-bronze-in-sailing</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/406390/asian-games-2023--india-s-vishnu-saravanan-wins-bronze-in-sailing</guid>
                <pubDate>Wed, 27 Sep 2023 12:11:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदर्शन से राहत महसूस कर रहा हूं, अब नजरें ओलंपिक क्वालीफायर पर : नौकायन कोच बेग </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>एशियाई खेलों में पिछले 25 साल में बतौर कोच भारत की झोली में दो स्वर्ण समेत 23 पदक डाल चुके नौकायन टीम के मुख्य कोच इस्माइल बेग हांगझोउ में पांच पदक जीतने के बाद राहत महसूस कर रहे हैं हालांकि उनकी नजरें अब पेरिस ओलंपिक क्वालीफायर पर टिकी हैं । भारत ने जकार्ता एशियाई खेलों की तुलना में अपने पदकों की संख्या में इजाफा किया जहां तीन पदक मिले थे । हालांकि इस बार स्वर्ण पदक नही मिला जबकि जकार्ता में पांच साल पहले नौकायन में एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक मिले थे।</p>
<p>  भारत हांगझोउ में</p>
<p> </p>
<p> </p>
<p>एशियाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/405943/feeling-relieved-with-the-performance--now-eyes-on-olympic-qualifiers--sailing-coach-baig"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/ismail-baig.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>एशियाई खेलों में पिछले 25 साल में बतौर कोच भारत की झोली में दो स्वर्ण समेत 23 पदक डाल चुके नौकायन टीम के मुख्य कोच इस्माइल बेग हांगझोउ में पांच पदक जीतने के बाद राहत महसूस कर रहे हैं हालांकि उनकी नजरें अब पेरिस ओलंपिक क्वालीफायर पर टिकी हैं । भारत ने जकार्ता एशियाई खेलों की तुलना में अपने पदकों की संख्या में इजाफा किया जहां तीन पदक मिले थे । हालांकि इस बार स्वर्ण पदक नही मिला जबकि जकार्ता में पांच साल पहले नौकायन में एक स्वर्ण और दो कांस्य पदक मिले थे।</p>
<p> भारत हांगझोउ में कुल पांचवें स्थान पर रहा जो 2018 के प्रदर्शन से एक स्थान बेहतर है। भारतीय टीम के साथ 1998 में सहायक कोच और 2002 से मुख्य कोच के रूप में जुड़े बेग ने हांगझोउ से भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ हमने इतनी कठिन प्रतिस्पर्धा में पांच पदक जीते जो बड़ी बात है । अब फख्र के साथ भारत लौट सकेंगे । बहुत राहत महसूस कर रहा हूं लेकिन अभी मेहनत का सिलसिला थमना नहीं है ।’’ भारत ने इस साल सबसे बड़ा नौकायन दल (33 खिलाड़ी और दस सहयोगी स्टाफ) भेजा था जिसने दो रजत और तीन कांस्य पदक जीते । बेग ने कहा कि पदकों का रंग बेहतर हो सकता था लेकिन समग्र प्रदर्शन से वह संतुष्ट हैं ।</p>
<p> उन्होंने कहा ,‘‘एक कोच कभी संतुष्ट नहीं होता । मुझे लगता है कि कम से कम एक पदक का रंग बेहतर हो सकता था । लेकिन खेल में यह सब चलता है । हमने पांच साल इन खेलों के लिये मेहनत की है और सबसे बड़ा दल लेकर आये लेकिन मुझे खिलाड़ियों ने निराश नहीं किया ।’’ उन्होंने कहा ,‘‘चीन को उसकी मेजबानी में टक्कर देना आसान नहीं है लेकिन हम उसे इतने करीबी मुकाबले तक खींच लाये , यह बड़ी उपलब्धि है । उम्मीद है कि प्रदर्शन का ग्राफ और बेहतर होगा । कड़ी मेहनत, टाइमिंग मॉड्यूल में बदलाव और नयी रणनीति के साथ आगे की तैयारी करेंगे ।’’</p>
<p> भारतीय पुरूष फोर टीम आखिरी बीस मीटर में मिलीसेकंड के अंतर से चीन से पिछड़कर रजत से चूक गई । आगे की योजना के बारे में पूछने पर मुख्य कोच ने कहा ,‘‘ इतनी मेहनत के बाद अब खिलाड़ियों को ब्रेक देना जरूरी है । अब पेरिस ओलंपिक की तैयारी करेंगे जिसके क्वालीफायर अगले साल अप्रैल में संभवत: कोरिया में होंगे । प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है लेकिन 2000 सिडनी ओलंपिक के बाद से हर बार हमने क्वालीफाई किया है और यह रिकॉर्ड बरकरार रखेंगे ।’’ बेग ने कहा ,‘‘ पिछली बार तोक्यो में हमने डबल स्कल में बी फाइनल खेला था लेकिन इस बार नजरें ए फाइनल पर रहेंगी ।’’ </p>
<p>एशियाई खेलों की तैयारियों पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा ,‘‘ इस बार तैयारियां पुख्ता थी । भारतीय नौकायन महासंघ, भारतीय खेल प्राधिकरण और टारगेट ओलंपिक पोडियम (टॉप्स) का खास तौर पर शुक्रिया जिन्होंने हर सुविधा मुहैया कराई । हमने पुणे और हैदराबाद के अलावा मई और जुलाई में क्रोएशिया और स्विटजरलैंड में भी अभ्यास शिविर लगाये ।’’ इसके अलावा एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले बजरंग ताखड़ समेत कई पदक विजेता सहायक कोच के रूप में टीम के साथ थे जिसका फायदा मिला । बेग ने कहा ,‘‘ एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले बजरंग ताखड़ (2006, 2010 और 2014) और इंदर पाल (2002) जैसे मेरे शिष्य इस बार सहायक कोच के रूप में साथ गए थे । यह मेरे लिये बहुत गर्व की बात है और इससे खिलाड़ियों को भी काफी सहूलियत हुई ।’’ </p>
<p>उन्होंने अपने खिलाड़ियों की भी तारीफ करते हुए कहा,‘‘ सेना की पृष्ठभूमि से होने के कारण सभी खिलाड़ी काफी अनुशासित हैं और अभ्यास में कोई कोताही नहीं बरतते । एक कोच का काम इससे काफी आसान हो जाता है ।’’ भारतीय टीम के साथ 1998 में बैंकाक एशियाई खेलों में सहायक कोच के तौर पर जुड़े बेग का बतौर कोच यह सातवें एशियाई खेल थे । पिछले 21 साल से भारतीय नौकायन टीम के मुख्य कोच रहे बेग एशियाई खेलों में दो स्वर्ण और पांच रजत समेत 23 पदक दिला चुके हैं। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/405862/asian-games-hangzhou-2023--indian-women-s-cricket-team-won-gold-in-asian-games--defeated-sri-lanka-by-19-runs">Asian Games Hangzhou 2023 : एशियन गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीता गोल्ड, श्रीलंका को 19 रन से हराया</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 25 Sep 2023 17:39:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
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                <title>Football: चीन के खिलाफ हार के बाद करो या मरो के मुकाबले में बांग्लादेश से भिड़ेगा भारत </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हांगझोउ। </strong>मेजबान चीन के खिलाफ पहले मैच में करारी हार के बाद भारत गुरुवार को यहां एशियाई खेलों की फुटबॉल प्रतियोगिता के करो या मरो के ग्रुप मैच में बाग्लादेश के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगा। भारतीय टीम सोमवार देर शाम यहां पहुंची थी और उचित आराम और नींद के बिना उसने मंगलवार को चीन के खिलाफ अपना पहला मैच खेला जिसमें टीम को 1-5 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। नॉकआउट की दौड़ में बने रहने के लिए इगोर स्टिमक की टीम को ग्रुप ए मैच में बांग्लादेश को हर हाल में हराना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/404734/football--after-the-defeat-against-china--india-will-face-bangladesh-in-a-do-or-die-match"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/image-39.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हांगझोउ। </strong>मेजबान चीन के खिलाफ पहले मैच में करारी हार के बाद भारत गुरुवार को यहां एशियाई खेलों की फुटबॉल प्रतियोगिता के करो या मरो के ग्रुप मैच में बाग्लादेश के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करने के इरादे से उतरेगा। भारतीय टीम सोमवार देर शाम यहां पहुंची थी और उचित आराम और नींद के बिना उसने मंगलवार को चीन के खिलाफ अपना पहला मैच खेला जिसमें टीम को 1-5 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। नॉकआउट की दौड़ में बने रहने के लिए इगोर स्टिमक की टीम को ग्रुप ए मैच में बांग्लादेश को हर हाल में हराना होगा। </p>
<p>बांग्लादेश के खिलाफ हार से भारत टूर्नामेंट से बाहर नहीं होगा क्योंकि छह ग्रुप से तीसरे स्थान पर रहने वाली चार सर्वश्रेष्ठ टीम भी प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाएंगी लेकिन ऐसी स्थिति में अंतिम मैच से पहले काफी अनिश्चितता रहेगी। तीसरे स्थान पर रहने वाली चार सर्वश्रेष्ठ टीम में से एक के रूप में क्वालीफाई करने से भारत को प्री क्वार्टर फाइनल में मजबूत टीम का सामना करना पड़ सकता है। बांग्लादेश की टीम किसी भी स्तर पर भारत के लिए आसान टीम नहीं रही है और वे भी पहले मैच में म्यांमार के खिलाफ 0-1 की हार के बाद वापसी करने की कोशिश करेंगे।</p>
<p> डिफेंडर कोनसैम चिंगलेनसाना सिंह वीजा में विलंब के कारण टीम के साथ यात्रा नहीं कर पाए। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने उनके लिए ‘एक्सप्रेस वीजा’ का इंतजाम किया और वह यहां अलग से पहुंचे। एक्सप्रेस वीजा दो से तीन दिन में मिल जाता है।</p>
<p>सुनील छेत्री की अगुआई वाली टीम के लिए बांग्लादेश को हराकर प्रतियोगिता की पहली जीत दर्ज करना आसान नहीं होगा क्योंकि इंडियन सुपर लीग क्लबों के खिलाड़ियों को छोड़ने से इनकार करने के बाद अंतिम समय में टीम तैयार की गई और इसमें अधिकतर अंजान चेहरे हैं। भारत ने हालांकि चीन को पहले हाफ में कड़ी टक्कर दी थी लेकिन दूसरे हाफ में खिलाड़ियों पर थकान हावी दिखी। </p>
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                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Sep 2023 18:01:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
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                <title> एशियाई खेलों में गोल बचाने और जवाबी हमले करने पर ध्यान देगी पुरुष हॉकी टीम: Craig Fulton</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियाई खेलों में कुछ बदली रणनीति के साथ मैदान पर उतरेगी और अपनी पारंपरिक आक्रामक शैली के बजाय रक्षात्मक संरचना पर जोर देगी क्योंकि मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ऐसा चाहते हैं। रक्षण भारतीय टीम का शुरू से कमजोर पक्ष रहा है। आक्रामक मानसिकता के साथ खेलने के कारण स्ट्राइकर और मिडफील्डर आगे बढ़ जाते हैं जिससे कि रक्षा पंक्ति कमजोर पड़ जाती है। लेकिन अप्रैल में पद संभालने के बाद फुल्टन ने स्पष्ट किया की रक्षा पंक्ति की कमजोरियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।</p>
<p>  फुल्टन ने पीटीआई से कहा,‘‘यह सोच में</p>
<p>इसलिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/404689/men-s-hockey-team-will-focus-on-saving-goals-and-counter-attacking-in-asian-games--craig-fulton"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/image-34.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियाई खेलों में कुछ बदली रणनीति के साथ मैदान पर उतरेगी और अपनी पारंपरिक आक्रामक शैली के बजाय रक्षात्मक संरचना पर जोर देगी क्योंकि मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ऐसा चाहते हैं। रक्षण भारतीय टीम का शुरू से कमजोर पक्ष रहा है। आक्रामक मानसिकता के साथ खेलने के कारण स्ट्राइकर और मिडफील्डर आगे बढ़ जाते हैं जिससे कि रक्षा पंक्ति कमजोर पड़ जाती है। लेकिन अप्रैल में पद संभालने के बाद फुल्टन ने स्पष्ट किया की रक्षा पंक्ति की कमजोरियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।</p>
<p> फुल्टन ने पीटीआई से कहा,‘‘यह सोच में थोड़ा बदलाव से जुड़ा है। हम वास्तव में अपने रक्षण को मजबूत करना चाहते हैं और मैच जीतने के लिए जवाबी हमलों पर ध्यान देना चाहते हैं। इसके अलावा मानसिक पक्ष भी है। जब कोई खिलाड़ी या टीम संघर्ष कर रही होती है तो ऐसी स्थिति में अपनी भूमिका अच्छी तरह से निभाने के लिए हम तरीके ढूंढ रहे हैं।’’ दक्षिण अफ्रीका के रहने वाले फुल्टन ने कहा कि उनके लिए मानसिक पक्ष बेहद महत्व रखता है क्योंकि स्वर्ण पदक जीतने पर उन्हें अगले साल के पेरिस ओलंपिक में सीधे प्रवेश मिलेगा। </p>
<p>इसलिए भारतीय विश्व कप विजेता क्रिकेट टीम के पूर्व मानसिक अनुकूलन कोच पैडी अपटन एशियाई खेलों के अंतिम मैचों के दौरान भारतीय पुरुष हॉकी टीम से जुड़ेंगे। अपटन ने 2011 में भारतीय क्रिकेट टीम की विश्वकप में जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने बेंगलुरु में पुरुष हॉकी टीम के राष्ट्रीय शिविर में तीन मानसिक अनुकूलन सत्र का आयोजन किया था। </p>
<p>फुल्टन ने कहा,‘‘ अपटन के साथ ये सत्र बेहद मददगार रहे लेकिन अभी शुरुआती दिन हैं। यह इससे जुड़ा है कि टीम कैसे काम करती है और खिलाड़ियों का मानसिक पक्ष किस तरह से चीजों को प्रभावित करता है।‘‘ उन्होंने कहा,‘‘ यह अनुकूल परिणाम हासिल करने की प्रक्रिया से जुड़ा है। आप कब शुरुआत करते हैं और टीम के रूप में कहां पहुंचना चाहते हैं यह इससे जुड़ा है। क्रिकेट टीम की 2011 की विश्व कप की जीत से काफी सीख मिली। पैडी एशियाई खेलों में टूर्नामेंट के अंतिम सप्ताह में हमारे साथ रहेंगे।’’</p>
<p> फुल्टन के कोच रहते हुए भारत ने पिछले महीने चेन्नई में एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीता था और एशियाई खेलों में उनका लक्ष्य स्पष्ट है- स्वर्ण पदक जीतकर पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना। उन्होंने कहा,‘‘ मैं यहां टीम के साथ केवल चार महीने से हूं और इस दौरान हमने तीन बहुत अच्छी प्रतियोगिताओं में भाग लिया और चीजें सही तरह से आगे बढ़ रही हैं। अब एशियाई खेलों में हमारी परीक्षा होगी और हम पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करना चाहते हैं।’’</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/404655/tim-southee-will-undergo-thumb-operation--decision-on-playing-in-world-cup-next-week">अंगूठे का ऑपरेशन करवाएंगे Tim Southee, विश्वकप में खेलने पर फैसला अगले सप्ताह</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 20 Sep 2023 15:35:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Priya ]]></dc:creator>
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