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                            <item>
                <title>SIR जांच में चौंकाने वाला खुलासा: अयोध्या में 55,414 मृतक मतदाता, 1.47 लाख शिफ्टेड, मतदाता संख्या घटी 2.57 लाख</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>एसआईआर ने विधानसभा निर्वाचक नामावली में बड़ी संख्या में शामिल मृतक, अनुपस्थित और शिफ्टेड मतदाताओं के नाम का खुलासा किया। जांच में यह नाम पकड़ में आए, इन्हें सूची से हटा दिया गया। इसीलिए एसआईआर के बाद नई सूची की तस्वीर बदल गई। मतदाताओं का आंकड़ा लगभग 2.57 लाख गिर गया। अब जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या अब 16,50,655 हैं। पहले ये संख्या 19,07,800 थी।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी को अनुमान भी नहीं रहा होगा कि जिस मतदाता सूची से अभी 2024 में लोकसभा के चुनाव कराए गए। उनमें बड़ी संख्या में मृतक, अनुपस्थित मतदाताओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578633/sir-investigation-reveals-shocking-findings--55-414-deceased-voters-in-ayodhya--1-47-lakh-shifted--voter-count-reduced-to-2-57-lakh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/sir3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>एसआईआर ने विधानसभा निर्वाचक नामावली में बड़ी संख्या में शामिल मृतक, अनुपस्थित और शिफ्टेड मतदाताओं के नाम का खुलासा किया। जांच में यह नाम पकड़ में आए, इन्हें सूची से हटा दिया गया। इसीलिए एसआईआर के बाद नई सूची की तस्वीर बदल गई। मतदाताओं का आंकड़ा लगभग 2.57 लाख गिर गया। अब जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या अब 16,50,655 हैं। पहले ये संख्या 19,07,800 थी।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी को अनुमान भी नहीं रहा होगा कि जिस मतदाता सूची से अभी 2024 में लोकसभा के चुनाव कराए गए। उनमें बड़ी संख्या में मृतक, अनुपस्थित मतदाताओं के नाम शामिल होंगे। एसआईआर के आंकड़ों पर गौर करें तो जिस सूची से चुनाव कराए गए उनमें 55,414 मृतक मतदाता शामिल थे। हालांकि यह नहीं कहा जा सकता कि इनके वोट पड़े, लेकिन यह बड़ी संख्या हैं। केवल सवा साल में जिले में इतने मतदाताओं की मौत नहीं हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">एसआईआर की जांच में कई अन्य बड़े खुलासे भी हुए। जांच के दौरान जिले में लगभग एक लाख मतदाता अपने स्थान से अनुपस्थित पाए गए। यह संख्या भी कुल मतदाताओं की लगभग 5.27 फीसदी रही। इतनी बड़ी संख्या में मतदाता सवा साल में अपने स्थान से अनुपस्थित भी नहीं हो सकते हैं। संभव है कि इन मतदाताओं के नाम एक से ज्यादा स्थानों पर सूची में शामिल रहे हों। लोकसभा चुनाव के दौरान लगभग 1.5 लाख ऐसे मतदाता कहे जा सकते हैं जिनका वजूद नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा भी 1,47,535 मतदाता ऐसे चिंहित किए गए जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो गए। हालांकि इसको लेकर जानकार कहते हैं कि एसआईआर के समय शहरी क्षेत्र के बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने गांवों को प्राथमिकता दी और उन्होंने वहां की मतदाता सूची में अपना नाम डलवाया। साथ ही इनके लिए भी कहा जा सकता है कि इनके नाम भी सूची में एक से ज्यादा स्थान पर दर्ज थे और एसआईआर में एक को छोड़ अन्य स्थानों से हटा दिए गए। यह संख्या लगभग 7.73 फीसदी रही।</p>
<p style="text-align:justify;">जिले की सभी पांच विधानसभा क्षेत्र में 23,952 मतदाता ऐसे मिले जिनका नाम सूची में पहले से एनरोल्ड था। मतलब यह नाम डुप्लीकेट की श्रेणी में हो सकते हैं। यह संख्या 1.26 फीसदी रही। इसके अलावा अन्य की श्रेणी में 10,098 मतदाता मिले। इसके बाद पुनरीक्षण में फॉर्म छह से 77,265 नए मतदाता जोड़े गए। फॉर्म सात और आठ का निस्तारण किया गया। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी उदयराज पांडेय ने बताया कि एसआईआर में जांच के बाद नई मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। इसमें मृतक, शिफ्टेड या डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम नहीं हैं।<br /><br />अयोध्या में थे सर्वाधिक मृतक मतदाता</p>
<p style="text-align:justify;">जिले के 55,414 मृतक मतदाताओं में सबसे ज्यादा संख्या 12,997 अयोध्या विधान सभा क्षेत्र में थी। रुदौली में 10,930, मिल्कीपुर में 8,194, बीकापुर में 12,618 और गोसाईगंज में 10,675 मतदाता थे।</p>
<p style="text-align:justify;">सर्वाधिक अनुपस्थित और स्थायी शिफ्टेड भी अयोध्या में</p>
<p style="text-align:justify;">अनुपस्थित एक लाख में सबसे ज्यादा संख्या अयोध्या विधान सभा क्षेत्र में 43,717 थी। रुदौली में 12,645, मिल्कीपर में 6,611, बीकापुर में 16,726 और गोसाईगंज में 20,844 रही। इसी तरह 14,7,535 में स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं में अयोध्या में 42,137, रुदौली में 26,402, मिल्कीपुर 22,737, बीकापुर में 27,607 और गोसाईगंज में 28,652 रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 08:58:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसआईआर: बरेली की राजनीत में होगा उलटफेर, बनेंगे जीत-हार के रिकॉर्ड</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>वोटों के नए समीकरण बरेली की राजनीति में बड़े परिवर्तन का कारण बन सकते हैं! एसआईआर-2026 के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि आगे जीत-हार के और भी कड़े मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में जहां मीरगंज में भाजपा की सबसे बड़ी जीत हुई थी फरीदपुर में सपा को बहुत मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। अब हर सीट पर जुड़े 20 से 25 हजार नए मतदाता नया इतिहास लिखने को तैयार नजर आ रहे हैं ।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 तक बरेली में मतदाताओं की कुल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578453/bareilly-s-politics-is-set-for-a-shake-up--records-of-victory-and-defeat-are-poised-to-be-set"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/matdan.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>वोटों के नए समीकरण बरेली की राजनीति में बड़े परिवर्तन का कारण बन सकते हैं! एसआईआर-2026 के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि आगे जीत-हार के और भी कड़े मुकाबले देखने को मिल सकते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में जहां मीरगंज में भाजपा की सबसे बड़ी जीत हुई थी फरीदपुर में सपा को बहुत मामूली अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। अब हर सीट पर जुड़े 20 से 25 हजार नए मतदाता नया इतिहास लिखने को तैयार नजर आ रहे हैं ।</p>
<p>आंकड़ों के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 तक बरेली में मतदाताओं की कुल संख्या 29,48,987 पहुंच चुकी है, जिसमें अकेले 16.09 लाख से अधिक पुरुष और 13.39 लाख से अधिक महिला मतदाता शामिल हैं। इस बार पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान अकेले फॉर्म-6 (नए मतदाता) के 2,64,672 दावों को स्वीकार किया गया है। मतदाताओं की इस भारी वृद्धि का सीधा असर बिथरी चैनपुर (3,70,974 वोटर) और भोजीपुरा (3,63,479 वोटर) जैसी सीटों पर पड़ेगा, जहां अब जीत-हार का गणित पूरी तरह बदल चुका है। बहेड़ी, नवाबगंज और बरेली कैंट जैसी सीटों पर भी मतदाताओं की संख्या में उछाल आया है। पिछले चुनावों के रिकॉर्ड खंगाले जाएं तो कई सीटों पर हार-जीत का फैसला महज पांच से दस हजार वोटों के बीच रहा था। </p>
<p>ऐसे में जब 2026 की रनभूमि सजेगी, तो नए 2.57 लाख से अधिक वोटर्स और 50 हजार युवा चेहरे तय करेंगे कि बरेली की राजनीति में किसका कद बढ़ेगा और किसका रिकॉर्ड टूटेगा। नया आंकड़ा उन दिग्गजों के लिए भी चेतावनी है जो पिछली जीत के अंतर को आधार मानकर चल रहे थे। साफ है कि इस बार ''''वोटों का नया गणित'''' बड़े-बड़े सूरमाओं का खेल बिगाड़ने वाला है। ऐसे में आगामी चुनाव के लिए पार्टियों को अभी से डिजिटल कैंपेन और सोशल मीडिया पर अपनी पकड़ और मजबूत करनी होगी। भाजपा, सपा और कांग्रेस जैसी प्रमुख पार्टियों के रणनीतिकार इन आंकड़ों का बूथ-वार विश्लेषण कर रहे हैं। चर्चा है कि आगामी चुनावों में टिकट बंटवारे में भी उन प्रत्याशियों को वरीयता दी जा सकती है जिनकी छवि युवाओं के बीच लोकप्रिय हो और जो रोजगार व आधुनिक बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों पर स्पष्ट विजन रखते हों।</p>
<p><strong>राजनीति पर आधी आबादी का दिखेगा प्रभाव</strong><br />जिले की राजनीति में इस बार महिला मतदाता किसी भी दल का समीकरण बनाने-बिगाड़ने का दम रखती हैं। आंकड़ों के अनुसार, जनपद में महिला मतदाताओं की संख्या 13,39,606 तक पहुंच गई है। खास बात यह है कि जेंडर रेशियो (लिंगानुपात) में भी सुधार दर्ज किया गया है, जो ड्राफ्ट पब्लिकेशन के समय 815 था और अब बढ़कर 832 हो गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महिलाएं अक्सर ''''साइलेंट वोटर'''' की भूमिका निभाती हैं। ऐसे में जिस भी दल की योजनाएं और सुरक्षा वादे महिलाओं को प्रभावित करेंगे, वह सत्ता की सीढ़ी आसानी से चढ़ सकेगा।</p>
<p><strong>एक बार निर्णायक भूमिका निभाएंगे युवा</strong><br />आगामी चुनाव में 18-19 आयु वर्ग के 50,281 युवा मतदाता पहली बार वोट डालेंगे, जो किसी भी विधानसभा सीट पर निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। ये वो मतदाता हैं जो सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और पारंपरिक राजनीति के बजाय विकास, रोजगार और शिक्षा को प्राथमिकता देते हैं।युवाओं का यह फ्रेश वोट बैंक राजनीतिक दलों को अपनी पुरानी रणनीति बदलकर नए और आधुनिक वादे करने पर मजबूर करेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 15:05:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: वोट की पावर में बिथरी नंबर-1, बरेली कैंट का कुनबा सबसे छोटा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नई वोट पावर बरेली को नई दिशा देती नजर आएगी। एसआईआर के अंतिम आंकड़े सामने आने के बाद जिले की 9 विधानसभाओं में रिकॉर्ड वोट वृद्धि देखने को मिली है। 2,57,920 मत बढ़ोत्तरी के साथ जिले में अब मतदाताओं की संख्या बढ़कर 29,48,987 तक जा पहुंची है। बरेली राज्य के उन चुनिंदा जनपदों में शामिल हैं, जहां वोटों में वृद्धि दर्ज की गई है।</p>
<p>निर्वाचन आयोग के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) के ताजा आंकड़ों ने बहेड़ी, मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर, बिथरी चैनपुर, बरेली शहर, कैंट और आंवला का वोट गणित पूरी तरह बदल गया है। अंतिम मतदाता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578274/bithri-ranks-no--1-in-voting-power--boji-cantt--has-the-smallest-electorate"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/vot.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नई वोट पावर बरेली को नई दिशा देती नजर आएगी। एसआईआर के अंतिम आंकड़े सामने आने के बाद जिले की 9 विधानसभाओं में रिकॉर्ड वोट वृद्धि देखने को मिली है। 2,57,920 मत बढ़ोत्तरी के साथ जिले में अब मतदाताओं की संख्या बढ़कर 29,48,987 तक जा पहुंची है। बरेली राज्य के उन चुनिंदा जनपदों में शामिल हैं, जहां वोटों में वृद्धि दर्ज की गई है।</p>
<p>निर्वाचन आयोग के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) के ताजा आंकड़ों ने बहेड़ी, मीरगंज, भोजीपुरा, नवाबगंज, फरीदपुर, बिथरी चैनपुर, बरेली शहर, कैंट और आंवला का वोट गणित पूरी तरह बदल गया है। अंतिम मतदाता सूची ने साफ कर दिया है कि बिथरी अब जिले का सबसे बड़ा चुनाव मैदान होगा। यहां मतदाताओं की कुल संख्या बढ़कर 3,70,974 हो गई है, जिसमें 2,03,120 पुरुष और 1,67,848 लाख महिलाएं हैं। इसके ठीक विपरीत बरेली कैंट विधानसभा क्षेत्र मतदाताओं की संख्या के लिहाज से जिले का सबसे छोटा क्षेत्र चुनाव क्षेत्र बना है। कैंट में कुल 2,83,524 मतदाता पंजीकृत हुए हैं। नई वोट पावर सामने आते ही जिले में नए सिरे से चुनावी खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी तरह से भविष्य के लिए गोटियां भी बिछाना शुरू कर दी हैं।</p>
<p>विधानसभाओं में हुआ बड़ा वोट परिवर्तन<br />पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान जिले की सभी 9 विधानसभाओं में मतदाताओं की संख्या में भारी फेरबदल हुआ है। बिथरी के बाद भोजीपुरा 3,63,479 मतदाताओं के साथ दूसरे और बरेली शहर 3,51,057 लाख वोटरों के साथ तीसरे स्थान पर है। वहीं, बहेड़ी में 3,41,182 लाख, नवाबगंज में 3,16,495 लाख और मीरगंज में 3,23,007 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के इस मिश्रण में 122 फरीदपुर में 3,02,887 और आंवला में 2,96,382 मतदाता भी महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। आंकड़ों का यह विस्तार न केवल मतदाताओं की जागरूकता को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि शहरी विस्तार के कारण बिथरी चैनपुर जैसे क्षेत्रों में आबादी का घनत्व तेजी से बढ़ा है। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए बीएलओ ने 7.14 लाख से अधिक संदिग्ध मामलों का घर-घर जाकर सत्यापन किया। अभियान के दौरान कुल 2,76,250 नए आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से गहन जांच के बाद 2.64 लाख से अधिक फॉर्म स्वीकृत किए गए। इसके अलावा 25,742 दिव्यांग मतदाताओं की भी मैपिंग की गई। डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया बढ़े मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदेय स्थलों की संख्या भी बढ़ाकर 3835 कर दी गई है, ताकि मतदान के दिन किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।</p>
<p><br /><strong>50 हजार से अधिक पहली बार करेंगे वोट की चोट</strong><br />बरेली की नई मतदाता सूची में सबसे उत्साहजनक पहलू युवाओं की भागीदारी है। इस बार के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान 50,251 ऐसे युवाओं को चिन्हित कर सूची में शामिल किया गया है, जिनकी आयु 18 से 19 वर्ष के बीच है। पहली बार डाले वाले यह युवा और 13.39 लाख महिला मतदाता आगामी चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। प्रशासन ने कॉलेज कैंपों और विशेष पंजीकरण अभियानों के जरिए इन फर्स्ट टाइम वोटर्स को जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया है।</p>
<p><strong>आधी आबादी की शक्ति बढ़ी , जेंडर रेशियो 832 में उछाल</strong><br />प्रशासन के विशेष का ही असर माना जाएगा कि बरेली के जेंडर रेशियो में भी अच्छा सुधार हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, 6 जनवरी 2026 को जहां जेंडर रेशियो 815 था, वह अब सुधरकर 832 हो गया है। जिले में महिला मतदाताओं की संख्या बढ़कर 13,39,544 पहुंच गई। ईपी रेशियो (जनसंख्या के मुकाबले मतदाता) की संख्या में भी 4.52 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अब 51.59 प्रतिशत है। यह वृद्धि दर्शाती है कि शुद्धिकरण प्रक्रिया के बाद अब सूची में वास्तविक और पात्र मतदाताओं की संख्या अधिक सटीक है। इसके अलावा जनपद में कुल 85 थर्ड जेंडर मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें सर्वाधिक 16 शहर विधानसभा में है, जबकि नवाबगंज में 11 और बरेली कैंट विधानसभा में में 12 थर्ड जेंडर मतदाता पंजीकृत हैं।</p>
<p><strong>बूथों पर दिव्यांगों की राह होगी आसान, 25 हजार चिन्हित</strong><br />लोकतंत्र के महापर्व में हर वर्ग की समान भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने इस बार दिव्यांग मतदाताओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। जिले में चलाए गए गहन पुनरीक्षण अभियान के बाद 25,742 दिव्यांग मतदाताओं की पहचान कर उन्हें मतदाता सूची में विशिष्ट रूप से चिन्हित किया गया है। डीएम का कहना है कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इन मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने और उन्हें बाधा रहित वातावरण प्रदान करना है। इसके लिए चिन्हित दिव्यांगों को मतदान के दिन रैंप, व्हीलचेयर और सहायक जैसी विशेष सुविधाएं प्राथमिकता पर दी जाएंगी। इस पहल से न केवल जिले के मतदान प्रतिशत में सुधार होगा, बल्कि दिव्यांगों का आत्मविश्वास और लोकतांत्रिक सुगमता भी मजबूत होगी।<br />एक नजर में आवेदनों का लेखा-जोखा</p>
<p>बरेली, अमृत विचार: अभियान के दौरान 27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक जिले की नौ विधानसभाओं से कुल 3,55,331 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें नाम बढ़ाने के लिए आवेदन (फार्म-6) नए मतदाता बनने के लिए कुल 2,76,250 लोगों ने आवेदन किया। जांच के बाद इनमें से 2,64,672 नाम सही पाए गए और उन्हें अंतिम सूची में शामिल किया गया। नाम कटवाने के लिए आवेदन (फार्म-7) सूची से नाम हटवाने या विलोपन के लिए कुल 7,111 आपत्तियां/आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 6,103 आवेदनों को स्वीकार करते हुए उनके नाम मतदाता सूची से काट दिए गए। संशोधन/शिफ्टिंग के लिए आवेदन (फार्म-8) विवरण में सुधार या पता बदलने के लिए कुल 71,970 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 69,539 आवेदनों का निस्तारण कर डेटा में संशोधन किया गया ।</p>
<p><strong>कुछ इस तरह हुई थी प्रकिया की शुरूआत</strong><br />27 अक्टूबर 2025 को जब इस अभियान की शुरुआत हुई थी, तब प्रारंभिक डेटा के अनुसार जिले में 34.05 लाख मतदाता थे। हालांकि, क्लीन-अप ड्राइव और गहन शुद्धिकरण के बाद 6 जनवरी 2026 को जब आलेख्य प्रकाशन हुआ, तो यह संख्या घटकर 26,91,067 रह गई थी। इसके बाद चले दो महीने के विशेष अभियान में दावे और आपत्तियों का निस्तारण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अंतिम सूची में मतदाताओं का आंकड़ा 29,48,987 पहुंचा। इस दौरान चुनाव आयोग ने वोटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी विस्तार किया है, मतदान केंद्रों की संख्या 1931 से बढ़कर 1940 और मतदेय स्थलों की संख्या 3499 से बढ़कर 3835 हो गई है।<br />बरेली का नया वोटर डेटा</p>
<p>कुल मतदाता: 29,48,987<br />पुरुष मतदाता: 16,09,358<br />महिला मतदाता: 13,39,606<br />दिव्यांग मतदाता: 25,742<br />नए युवा मतदाता: 50,251 (18-19 वर्ष)<br />कुल मतदान केंद्र: 1940<br />कुल मतदेय स्थल: 3835</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 12:01:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी : अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन, 1.14 लाख नए मतदाता जुड़े</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार :</strong> जिले के सभी 2847 बूथों पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची का विधिवत प्रकाशन किया गया। कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों को नई मतदाता सूची सौंपी। जिले में करीब 1.14 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं, जबकि 2.58 लाख नाम हटाए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद छह विधानसभाओं में कुल मतदाता संख्या 20,07,352 रह गई है। इसी क्रम में तहसील सभागार रामसनेहीघाट में विधानसभा क्षेत्र 270 दरियाबाद की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान उपजिलाधिकारी अनुराग सिंह, तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय, नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी सहित अधिकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578228/publication-of-barabanki-final-voter-list-114-lakh-new-voters"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/बाराबंकी-योजना.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार :</strong> जिले के सभी 2847 बूथों पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची का विधिवत प्रकाशन किया गया। कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों को नई मतदाता सूची सौंपी। जिले में करीब 1.14 लाख नए मतदाता जोड़े गए हैं, जबकि 2.58 लाख नाम हटाए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद छह विधानसभाओं में कुल मतदाता संख्या 20,07,352 रह गई है। इसी क्रम में तहसील सभागार रामसनेहीघाट में विधानसभा क्षेत्र 270 दरियाबाद की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान उपजिलाधिकारी अनुराग सिंह, तहसीलदार शशांक नाथ उपाध्याय, नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी सहित अधिकारी मौजूद रहे। वहीं विधानसभा क्षेत्र 267 रामनगर में भी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गुंजिता अग्रवाल की अध्यक्षता में अंतिम सूची का प्रकाशन किया गया, जिसमें राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। </p>
<p style="text-align:justify;">डीएम ने बताया कि अभियान के तहत घर-घर सत्यापन कर नए मतदाता जोड़े गए, मृत व स्थानांतरित नाम हटाए गए तथा आपत्तियों का निस्तारण कर सूची को अंतिम रूप दिया गया। उन्होंने नागरिकों से सूची का अवलोकन कर त्रुटियों की सूचना देने की अपील की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578228/publication-of-barabanki-final-voter-list-114-lakh-new-voters</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 20:45:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी : मतदाता सूची से हटाए गए 2 करोड़ से अधिक नाम, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जारी की अंतिम सूची</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। इस व्यापक अभियान के दौरान प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से डिलीट किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल 2026 को कर दिया गया है। यह प्रक्रिया पूरे देश में एक साथ संचालित की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि प्रदेश में गणना चरण 4 नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक चला, जबकि दावे और आपत्तियों के लिए 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक का समय दिया गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578160/sir-process-completed-in-up--over-2-crore-names-removed-from-voter-list--chief-electoral-officer-releases-final-list"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/0101.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। इस व्यापक अभियान के दौरान प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से डिलीट किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल 2026 को कर दिया गया है। यह प्रक्रिया पूरे देश में एक साथ संचालित की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि प्रदेश में गणना चरण 4 नवंबर 2025 से 26 दिसंबर 2025 तक चला, जबकि दावे और आपत्तियों के लिए 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक का समय दिया गया था। इसके बाद 27 मार्च तक सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण किया गया। रिनवा ने कहा कि कोई भी मतदाता निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपना नाम देख सकता है। जिनका नाम सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर पुनः पंजीकरण करा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि इस अभियान में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, बूथ लेवल एजेंटों और आम जनता का व्यापक सहयोग मिला। साथ ही प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया ने भी जागरूकता फैलाने में अहम भूमिका निभाई।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि 166 दिनों तक चले इस अभियान को सफल बनाने में प्रदेश के सभी 75 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 12,758 सहायक अधिकारियों, 18,026 बीएलओ सुपरवाइजरों और 1,77,516 बीएलओ ने सक्रिय भागीदारी निभाई।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा 5,82,877 बूथ लेवल एजेंटों ने भी सहयोग दिया। रिनवा ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची के अनुसार कुल मतदाता 13,39,84,792 हैं जिसमे पुरुष मतदाता 7,30,71,061 (54.54%) और महिला मतदाता: 6,09,09,525 (45.46%) हैं। उन्होंने कहा कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा सूची में कुल 12,55,56,025 मतदाता शामिल थे, जिनमें 6,88,43,159 पुरुष (54.83%), 5,67,08,747 महिलाएं (45.17%) और 4,119 तृतीय लिंग मतदाता शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 3,33,981 रही, जबकि जेंडर रेशियो 824 दर्ज किया गया। मतदाता वृद्धि के मामले में प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर जिले आगे रहे। वहीं साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम और फिरोजाबाद विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 13:03:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंगाल में 47.4 लाख आपत्तियों का निपटारा! ममता सरकार की चिंता पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- न्यायाधिकरण को काम करने दें, 6 अप्रैल को अगली सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 31 मार्च यानी मंगलवार तक कुल 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47.4 लाख का निपटारा किए जाने पर बुधवार को गौर किया और इस प्रक्रिया में हुई प्रगति पर संतोष जताया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची एवं न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने इस प्रक्रिया की प्रगति के बारे में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मिले दो पत्रों का संज्ञान लिया। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''हम इन तथ्यों एवं आंकड़ों से काफी खुश हैं और बहुत आशावादी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577182/4-74-million-objections-resolved-in-bengal--addressing-the-mamata-banerjee-government-s-concerns--the-supreme-court-said--%22let-the-tribunal-continue-its-work--next-hearing-on-april-6th"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(29).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 31 मार्च यानी मंगलवार तक कुल 60 लाख आपत्तियों में से लगभग 47.4 लाख का निपटारा किए जाने पर बुधवार को गौर किया और इस प्रक्रिया में हुई प्रगति पर संतोष जताया। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची एवं न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने इस प्रक्रिया की प्रगति के बारे में कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मिले दो पत्रों का संज्ञान लिया। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''हम इन तथ्यों एवं आंकड़ों से काफी खुश हैं और बहुत आशावादी हैं।''</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने इस बात पर गौर किया कि रोजाना करीब 1.75 लाख से दो लाख आपत्तियों का निपटारा किया जा रहा है। न्यायालय को बताया गया कि निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने या हटाए जाने के खिलाफ अपीलों की सुनवाई के लिए 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों के गठन की अधिसूचना जारी की है। इनकी अध्यक्षता उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और न्यायाधीश करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधान न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि न्यायाधिकरणों को निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड तक पूरी पहुंच दी जाए जिसमें पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के 700 न्यायिक अधिकारियों की ओर से दर्ज किए गए कारण भी शामिल होंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पक्षकारों को भी ये कारण उपलब्ध कराए जाएं। न्यायालय ने यह भी कहा कि न्यायाधिकरण प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप अपनी प्रक्रिया तय कर सकते हैं, लेकिन उन्हें दस्तावेजों की सत्यता की जांच किए बिना नए दस्तावेज स्वीकार करने से बचना चाहिए। न्यायालय ने निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह भी निर्देश दिया कि न्यायिक अधिकारियों, न्यायाधिकरणों के सदस्यों और कर्मचारियों को मानदेय एवं अन्य खर्चों का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उसने निर्वाचन आयोग से कहा कि या तो न्यायाधिकरणों के मौजूदा परिसर की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया जाए या संबंधित पक्षकारों से विचार-विमर्श कर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने आदेश में कहा, ''अब तक कुल 47 लाख से अधिक (दावों एवं आपत्तियों का) निस्तारण हो चुका है और निर्वाचन आयोग ने राज्य में 19 अपीलीय न्यायाधिकरणों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। इनकी अध्यक्षता उच्च न्यायालयों के पूर्व मुख्य न्यायाधीश/न्यायाधीश कर रहे हैं।'' पीठ ने कहा कि अपीलीय न्यायाधिकरण उन लोगों की अपीलों पर फैसला करेंगे, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। साथ ही निर्वाचन आयोग के अधिकारी भी कथित रूप से गलत तरीके से नाम शामिल किए जाने के खिलाफ अपील कर सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने कहा, ''अपीलीय न्यायाधिकरण प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप अपनी प्रक्रिया विकसित कर सकते हैं।'' उसने निर्वाचन आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को यह निर्देश भी दिया कि ''सिफारिशों के अनुरूप न्यायिक अधिकारियों, न्यायाधिकरणों के सदस्यों और अन्य संबद्ध कर्मचारियों, यदि कोई हों, को आवश्यक भुगतान जारी किया जाए।'' पीठ ने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की इस सूचना का भी संज्ञान लिया कि सभी लंबित आपत्तियों पर संभवतः सात अप्रैल तक फैसला कर दिया जाएगा। प्रधान न्यायाधीश ने इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका सहित संबंधित याचिकाओं पर आगे की सुनवाई के लिए छह अप्रैल की तारीख तय की। मुख्यमंत्री की ओर से पेश वकीलों समेत याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने नाम हटाए जाने की दर बहुत अधिक ''करीब 45 प्रतिशत'' होने पर चिंता जताई।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने नए आवेदन दाखिल किए जाने और कथित प्रक्रियागत अनियमितताओं के मुद्दे भी उठाए। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''न्यायाधिकरणों को काम करने दें और मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने या हटाए जाने के मामलों का निपटारा करने दें।'' हालांकि, पीठ ने कुछ आशंकाओं को ''अत्यधिक तकनीकी'' करार दिया और पक्षकारों को सलाह दी कि वे अपनी विशिष्ट शिकायतें अपीलीय न्यायाधिकरणों के समक्ष रखें। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''आखिरकार ऐसा नहीं है कि आपके पास कोई उपाय ही नहीं है।'' शीर्ष न्यायालय पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित याचिकाओं के एक समूह पर सुनवाई कर रहा है। <span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 16:47:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रदेश में SIR के लंबित दावों की 99.70 फीसदी सुनवाई पूरी, 10 अप्रैल को प्रकाशित की जाएगी अंतिम मतदाता सूची</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> प्रदेश भर में मतदाता सूची को लेकर एसआईआर के तहत 99.70 फीसदी दावों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। शेष जो भी दावे बचे हैं, उनके लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया है कि वह 27 मार्च तक सुनवाई कर उनका निस्तारण कर दें। 10 अप्रैल को फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, यदि किसी कारणवश नाम मतदाता सूची में छूट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर स्वयं को मतदाता के रूप में पंजीकृत करा सकते हैं। 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575916/99-70--of-pending-sir-claims-in-the-state-have-been-heard--the-final-voter-list-will-be-published-on-april-10"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(27)8.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> प्रदेश भर में मतदाता सूची को लेकर एसआईआर के तहत 99.70 फीसदी दावों की सुनवाई पूरी हो चुकी है। शेष जो भी दावे बचे हैं, उनके लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया है कि वह 27 मार्च तक सुनवाई कर उनका निस्तारण कर दें। 10 अप्रैल को फाइनल मतदाता सूची प्रकाशित कर दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, यदि किसी कारणवश नाम मतदाता सूची में छूट गया है, तो वह फॉर्म-6 भरकर स्वयं को मतदाता के रूप में पंजीकृत करा सकते हैं। 10 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद सभी लोग अपना नाम अवश्य जांच लें। मतदाता सूची अब डिजिटल माध्यमों पर आसानी से उपलब्ध है, जिसे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से देखा जा सकता है। यदि किसी मतदाता के नाम, आयु, फोटो या अन्य विवरण में त्रुटि हो, तो उसे फॉर्म-8 के माध्यम से ठीक कराया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पहचान पत्र मिलेगा 15 दिनों के अंदर</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">निर्वाचन आयोग के मुताबिक, अब नए मतदाताओं का नाम सूची में शामिल होने के 15 दिनों के भीतर ही मतदाता पहचान पत्र डाक के माध्यम से उनके पते पर भेज दिए जाएंगे। नागरिकों से कहा गया है कि आवेदन करते समय अपना नाम हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों में सही दर्ज करें तथा पूरा पता व पिन कोड स्पष्ट रूप से भरें, जिससे किसी प्रकार की त्रुटि या विलंब न हो।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>छह मार्च के बाद मिले आवेदन भी जुड़ेंगे सूची में</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मतदाता सूची को लेकर एसआईआर का कार्य 6 मार्च तक ही होना था। लेकिन मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जो लोग छह मार्च तक नाम बढ़ाने के लिए आवेदन नहीं दे पाए हैं, वह परेशान न हों। 6 मार्च के बाद जो भी आवेदन प्राप्त होंगे, उनके नामों को भी परीक्षण के बाद मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575916/99-70--of-pending-sir-claims-in-the-state-have-been-heard--the-final-voter-list-will-be-published-on-april-10</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 11:25:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: अब बीएलओ के पाले में एसआईआर प्रक्रिया, फार्मों की मैपिंग में पारदर्शिता के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की गेंद अब बीएलओ के पाले में है। मतदाता बनने के लिए जिन्होंने फार्म 6 भरकर जमा किया है उनकी मैपिंग कर पोर्टल पर अपलोड करने का कार्य बीएलओ ही करेंगे। वहीं दावे व आपत्ति का समय बीतने के बाद अन्य औपचारिकता पूरी की जानी है।</p>
<p>मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में दो बार निर्वाचन आयोग ने दावे व आपत्ति की आखिरी तारीख बढ़ाकर छह मार्च की थी। इस दिन तक डेढ़ लाख लोगों ने फार्म 6 भरकर मतदाता बनने के लिए दावा किया। इसमें अधिकांश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574191/now-the-sir-process-is-in-the-hands-of-blos--instructions-for-transparency-in-mapping-of-forms"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/blo.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया की गेंद अब बीएलओ के पाले में है। मतदाता बनने के लिए जिन्होंने फार्म 6 भरकर जमा किया है उनकी मैपिंग कर पोर्टल पर अपलोड करने का कार्य बीएलओ ही करेंगे। वहीं दावे व आपत्ति का समय बीतने के बाद अन्य औपचारिकता पूरी की जानी है।</p>
<p>मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में दो बार निर्वाचन आयोग ने दावे व आपत्ति की आखिरी तारीख बढ़ाकर छह मार्च की थी। इस दिन तक डेढ़ लाख लोगों ने फार्म 6 भरकर मतदाता बनने के लिए दावा किया। इसमें अधिकांश नगर विधानसभा क्षेत्र के नागरिक हैं। जिसमें युवा वर्ग भी शामिल है। अब जमा किए गए फार्मों की प्रक्रिया बीएलओ को पूरी करनी है। इसके बाद मतदाता सूची का अनंतिम प्रकाशन अगले महीने किया जाएगा। </p>
<p>अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगीता गौतम का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में जो फार्म बीएलओ के पास रह गए होंगे उसे जल्द मैपिंग करने का निर्देश दिया है। आपत्तियों व दावों के संबंध में जमा किए गए डाक्यूमेंट का परीक्षण करने के बाद सूची में नाम शामिल करने या हटाने का कार्य होगा। अगले महीने मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 08:14:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेटी की शादी से ठीक पहले छुट्टी नहीं मिलने से टूट गया बीएलओ का दिल: फतेहपुर में शिक्षा मित्र ने की खुदकुशी, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुरः </strong>फतेहपुर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के तौर पर काम कर रहे एक शिक्षा मित्र ने अपनी बेटी की शादी के लिए छुट्टी नहीं मिलने से क्षुब्ध होकर कथित रूप से खुदकुशी कर ली। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि बीएलओ अखिलेश सविता (50) का शव शनिवार शाम को बिंदकी के आलियाबाद गांव के एक प्राइमरी स्कूल में लटका हुआ मिला। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह बाद उनकी बेटी की शादी थी। पुलिस के मुताबिक मौके से एक 'सुसाइड नोट' मिला है जिसमें कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573712/blo-heartbroken-after-being-denied-leave-just-before-daughter-s-wedding--shiksha-mitra-commits-suicide-in-fatehpur--expresses-grief-in-suicide-note"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(17).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुरः </strong>फतेहपुर जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) के तौर पर काम कर रहे एक शिक्षा मित्र ने अपनी बेटी की शादी के लिए छुट्टी नहीं मिलने से क्षुब्ध होकर कथित रूप से खुदकुशी कर ली। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि बीएलओ अखिलेश सविता (50) का शव शनिवार शाम को बिंदकी के आलियाबाद गांव के एक प्राइमरी स्कूल में लटका हुआ मिला। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह बाद उनकी बेटी की शादी थी। पुलिस के मुताबिक मौके से एक 'सुसाइड नोट' मिला है जिसमें कहा गया है कि अखिलेश एआईआर से जुड़ी ड्यूटी के कारण बहुत ज्यादा दबाव और तनाव में थे और एक सप्ताह बाद उनकी बेटी की शादी थी लेकिन बार-बार गुजारिश करने के बाद भी उन्हें छुट्टी नहीं दी जा रही थी। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(18).png" alt="MUSKAN DIXIT (18)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">सुसाइड नोट में, अखिलेश ने कथित तौर पर लिखा था कि वह ''काम के दबाव से थक गए थे और यह कदम इसलिए उठा रहे हैं क्योंकि आठ मार्च को होने वाली उनकी बेटी की शादी की तैयारियां छुट्टी नहीं दिये जाने की वजह से अधूरी रह गईं हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अखिलेश की खुदकुशी की खबर मिलने पर उनके परिवार के लोग स्कूल पहुंचे और उन्हें नीचे उतारकर बिंदकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार इस घटना के बाद अस्पताल में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने प्रशासन पर छुट्टी के लिए बार-बार की गई गुजारिश को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए अधिकारियों के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने बताया कि पुलिस क्षेत्राधिकारी गौरव शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने जब शव को अपने कब्जे में लेने की कोशिश की तो तनाव बढ़ गया, जिसके बाद गुस्साए परिवार वाले शव को अस्पताल से निकालकर गांव ले गए। </p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों ने बताया कि प्रदर्शन कर रहे लोगों ने उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि एसडीएम ने बेटी की शादी होने के बावजूद अखिलेश को छुट्टी नहीं दी। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने बाद में घंटों की बातचीत के बाद परिवार को शांत किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। अखिलेश के परिवार में उनकी पत्नी मंजू देवी, बेटी दिव्यांशी (20) और बेटा दिव्यांश है। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(19).png" alt="MUSKAN DIXIT (19)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">परिजन ने आरोप लगाया है कि कई हफ्तों से छुट्टी मांगने के बावजूद अखिलेश को चुनाव से जुड़े काम जारी रखने के लिए मजबूर किया गया। अखिलेश के भाई भूपेश कुमार ने दावा किया कि बीएलओ की ड्यूटी से कुछ समय के राहत के लिए अधिकारियों से बार-बार अनुरोध किया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अखिलेश की पत्नी ने भी आत्महत्या की वजह एसआईआर के तहत बढ़ते काम का बोझ और बेटी की शादी से पहले छुट्टी नहीं मिलना बताया। </p>
<p style="text-align:justify;">अपर जिलाधिकारी अविनाश त्रिपाठी ने बताया कि सुसाइड नोट की जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। पुलिस के मुताबिक घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गयी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>फतेहपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/573712/blo-heartbroken-after-being-denied-leave-just-before-daughter-s-wedding--shiksha-mitra-commits-suicide-in-fatehpur--expresses-grief-in-suicide-note</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Mar 2026 13:26:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : एक चौथाई नो मैंपिंग मतदाताओं की नहीं हुई सुनवाई, 6 मार्च तक सुनवाई पूरी करने के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण में अभी तक जनपद के 579098 नो मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी वोटरों को जारी नोटिस के सापेक्ष 552012 वोटरों को नोटिस डिलीवर्ड हो गए हैं। इनमें से 435283 वोटरों की नोटिस के माध्यम से सुनवाई की जा चुकी है। जिले में अभी तक लगभग एक चौथाई (24.83 प्रतिशत) नो मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी वोटरों की सुनवाई होनी शेष है।</p>
<p>जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह की ओर से उपलब्ध करायी गयी रिपोर्ट में बताया है कि बहेड़ी में 59108, मीरगंज में 55756, भोजीपुरा में 65738, नवाबगंज में 56398, फरीदपुर में 58840,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573599/a-quarter-of-the-non-mapping-voters-were-not-heard--and-the-hearings-were-ordered-to-be-completed-by-march-6"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/matdata1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के दूसरे चरण में अभी तक जनपद के 579098 नो मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी वोटरों को जारी नोटिस के सापेक्ष 552012 वोटरों को नोटिस डिलीवर्ड हो गए हैं। इनमें से 435283 वोटरों की नोटिस के माध्यम से सुनवाई की जा चुकी है। जिले में अभी तक लगभग एक चौथाई (24.83 प्रतिशत) नो मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी वोटरों की सुनवाई होनी शेष है।</p>
<p>जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह की ओर से उपलब्ध करायी गयी रिपोर्ट में बताया है कि बहेड़ी में 59108, मीरगंज में 55756, भोजीपुरा में 65738, नवाबगंज में 56398, फरीदपुर में 58840, बिथरी चैनपुर में 80365, बरेली शहर में 86002, बरेली कैंट में 61842 और आंवला विधानसभा में 55049 वोटरों को नो मैपिंग और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी का नोटिस जारी किया गया। इनके सापेक्ष बहेड़ी में 56767, मीरगंज में 54341, भोजीपुरा में 62047, नवाबगंज में 52816, फरीदपुर में 54141, बिथरी चैनपुर में 77319, बरेली शहर में 82307, बरेली कैंट में 61241, आंवला में 51033 कुल 552012 वोटरों को नोटिस डिलीवर्ड हाे चुके हैं। अभी 27084 नोटिस डिलीवर्ड होना शेष है।</p>
<p>रिपोर्ट में बताया गया है कि 435283 वोटरों की नोटिस पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। जारी किए नोटिसों के सापेक्ष 75.17 प्रतिशत नोटिसों पर सुनवाई हुई। 119688 वोटर नोटिस में दी गयी तारीख पर नहीं आए। री-शेड्यूल तारीख पर भी 23411 वोटर अपना पक्ष रखने नहीं आए। 6256 अभी लंबित हैं। इधर, जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने 6 मार्च तक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/573599/a-quarter-of-the-non-mapping-voters-were-not-heard--and-the-hearings-were-ordered-to-be-completed-by-march-6</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/573599/a-quarter-of-the-non-mapping-voters-were-not-heard--and-the-hearings-were-ordered-to-be-completed-by-march-6</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 13:08:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>किसी का वोट एक से अधिक स्थान पर है तो स्वेच्छा से नाम कटवा लें: नवदीप रिणवा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्य निर्वाचन अधिकारी ( सीईओ) नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को अलीगढ़ में एसआईआर के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थान पर है तो फार्म-7 भरकर स्वेच्छा से उसे कटवा लें। यह एक दण्डनीय अपराध है, जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित मतदाता का होगा। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को भी सम्मानित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अलीगढ़ में विधान सभा क्षेत्र कोल के सन्त फिदेलिस स्कूल के सुनवाई केन्द्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नोटिस सुनवाई केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं, कार्यप्रणाली,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573569/if-someones-vote-is-at-more-than-one-place-then"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/नवदीप-रिणवा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्य निर्वाचन अधिकारी ( सीईओ) नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को अलीगढ़ में एसआईआर के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान कहा कि यदि किसी मतदाता का नाम एक से अधिक स्थान पर है तो फार्म-7 भरकर स्वेच्छा से उसे कटवा लें। यह एक दण्डनीय अपराध है, जिसका पूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित मतदाता का होगा। इस दौरान उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ को भी सम्मानित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अलीगढ़ में विधान सभा क्षेत्र कोल के सन्त फिदेलिस स्कूल के सुनवाई केन्द्र का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नोटिस सुनवाई केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं, कार्यप्रणाली, शिकायत निस्तारण व्यवस्था एवं नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का जायजा लिया। उन्होंने केंद्र पर उपस्थित नागरिकों एवं मतदाताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। साथ ही अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;">सीईओ ने युवाओं और महिलाओं से कहा कि जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है, वह आवश्यक साक्ष्य सहित फार्म-6 भरकर 6 मार्च तक अपने बीएलओ को उपलब्ध करा दें, जिससे उनका नाम अंतिम मतदाता सूची में सम्मिलित हो सके। एसआईआर के बाद भी नये मतदाता तो बनेंगे, परन्तु उनका रिकॉर्ड एसआईआर के तहत सुरक्षित नहीं होगा। ऐसे में इस मौके को न गवाएं। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलो के साथ भी बैठक कर कहा कि वह अधिक से अधिक मतदाता बनवाने में सहयोग करें।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 20:54:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>Bareilly: बरेली में वोटर बनने को 50 से ज्यादा एनआरआई ने किया आवेदन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत 50 से ज्यादा विदेशों में प्रवास कर रहे भारतीयों (एनआरआई) ने भी वोटर बनने के लिए ऑनलाइन फार्म-6ए भरा है। आवेदन करने वालों में कनाडा, आस्ट्रेलिया, रूस, नेपाल, दुबई सहित कई देशों में रह रहे एनआरआई शामिल हैं।</p>
<p>एनआरआई (नॉन रेजीडेंट इंडियन) के भरे गए फार्म-6ए की जांच निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ही कर सकेंगे। अभी इनके आवेदनों की जांच जारी है। एनआरआई आवेदकों ने फार्म-6 ए भरने के दौरान जो कागजात ऑनलाइन संलग्न किए हैं, उन सभी की जांच गहनता से की जाएगी, ताकि कोई गलती न हो सके।</p>
<p>जिला निर्वाचन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573440/more-than-50-nris-have-applied-to-become-voters-in-bareilly"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/yo1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत 50 से ज्यादा विदेशों में प्रवास कर रहे भारतीयों (एनआरआई) ने भी वोटर बनने के लिए ऑनलाइन फार्म-6ए भरा है। आवेदन करने वालों में कनाडा, आस्ट्रेलिया, रूस, नेपाल, दुबई सहित कई देशों में रह रहे एनआरआई शामिल हैं।</p>
<p>एनआरआई (नॉन रेजीडेंट इंडियन) के भरे गए फार्म-6ए की जांच निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ही कर सकेंगे। अभी इनके आवेदनों की जांच जारी है। एनआरआई आवेदकों ने फार्म-6 ए भरने के दौरान जो कागजात ऑनलाइन संलग्न किए हैं, उन सभी की जांच गहनता से की जाएगी, ताकि कोई गलती न हो सके।</p>
<p>जिला निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार बहेड़ी में 5, भोजीपुरा में 1, नवाबगंज में 1, फरीदपुर में 10, बिथरी चैनपुर में 2, बरेली शहर में 18, बरेली कैंट में 12 और आंवला में एक एनआरआई ने फार्म-6 ए भरा है। डीएम अविनाश सिंह ने पहले ही एनआरआई के आवेदन फॉर्म सही से भरवाने के निर्देश निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को दिए थे। वहीं, एसआईआर के दूसरे चरण में जिलेभर में बुधवार तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए सभी तहसीलों में 243075 फार्म-6 भरे जा चुके हैं। एसआईआर से छूटे लोगों के पास 6 मार्च तक अपना नाम जुड़वाने का अवसर है।</p>
<p>एसआईआर में 25 फरवरी तक मतदाता सूचियों से नाम हटाने के लिए फार्म-7 भरकर 4877 लोगों ने आपत्तियां दर्ज करायी, जबकि मतदाता सूची में दर्ज नाम में संशोधन कराने के लिए 64327 लोगों ने फार्म-8 भरा है। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार निस्तारण के लिए अभी 103316 फार्म-6, 3880 फार्म-7 और 39361 फार्म-8 लंबित हैं। 139759 फार्म-6 और 997 फार्म-7 और 24966 फार्म-8 का जांच के बाद निस्तारण किया जा चुका है। वहीं, एईआरओ के स्तर से फार्म-6 के 5786 आवेदन, फार्म-7 के 225 आवेदन और 2696 आवेदन फार्म-8 लंबित हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 14:01:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
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