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                <title>trade - Amrit Vichar</title>
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                <description>trade RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पीएम मोदी ने की ऑस्ट्रियाई चांसलर से बात :  व्यापार, निवेश और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर सहयोग बढ़ाने पर फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में व्यापार, निवेश, ग्रीन टेक्नोलॉजी और जरूरी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर फोकस किया गया। पीएम मोदी से मुलाकात से पहले ऑस्ट्रिया के चांसलर ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। </p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने बापू और उनके आदर्शों को याद करते हुए राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, पुष्पांजलि अर्पित की और गांधीजी के शांति,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578890/pm-modi-speaks-with-austrian-chancellor--focus-on-enhancing-cooperation-in-trade--investment--and-green-technology"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/075.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में व्यापार, निवेश, ग्रीन टेक्नोलॉजी और जरूरी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर फोकस किया गया। पीएम मोदी से मुलाकात से पहले ऑस्ट्रिया के चांसलर ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। </p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने बापू और उनके आदर्शों को याद करते हुए राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, पुष्पांजलि अर्पित की और गांधीजी के शांति, अहिंसा और वैश्विक सद्भाव के हमेशा रहने वाले संदेश पर विचार किया।" </p>
<p style="text-align:justify;">भारत की पहली यात्रा पर स्टॉकर बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। यह 2025 में पद संभालने के बाद एशिया का उनका पहला आधिकारिक दौरा भी है, जिसका मकसद व्यापार, निवेश और उभरती टेक्नोलॉजी सहित प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ऑस्ट्रियाई चांसलर से मुलाकात की थी और भरोसा जताया कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली उनकी बातचीत से दोनों देशों के बीच ज्यादा सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले दिन में क्रिश्चियन स्टॉकर ने भारत की विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि देश बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि भारत यूरोपीय संघ के लिए दक्षिण एशिया में सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्रिश्चियन स्टॉकर ने भारत पहुंचने के बाद एक्स पर लिखा, “भारत लगभग 7 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, बुनियादी ढांचे और तकनीक में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। ऑस्ट्रिया जैसे छोटे लेकिन अत्यधिक नवोन्मेषी निर्यातक देश के लिए यह एक बड़ा अवसर है, जिसे हम सक्रिय रूप से अपनाना चाहते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होने कहा, “वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में मजबूत साझेदारियां ही आर्थिक सफलता की कुंजी हैं। इसी कारण मैं अगले तीन दिनों के लिए नई दिल्ली में हूं, ताकि ठोस ढांचा तैयार किया जा सके जिससे ऑस्ट्रियाई कंपनियां नई साझेदारियों, सहयोग और बेहतर बाजार पहुंच के जरिए इस विकास का लाभ उठा सकें।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 14:16:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी का मलेशिया दौरा समाप्त : सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूत करने की दोहराई बात </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कुआलालंपुर/नयी दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मलेशिया बेहद सफल दौरा रविवार को समाप्त हो गया। मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे संबंधों में एक और मील का पत्थर साबित हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के लिए रवाना होते समय, मलेशियाई नेतृत्व और लोगों द्वारा दिखाए गए स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने एक बयान में कहा, "मैं गर्मजोशी भरे स्वागत और सार्थक चर्चाओं के लिए आभारी हूं, जो भारत और मलेशिया के बीच मजबूत सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों की पुष्टि करती हैं।" </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "हमारी बातचीत एक ऐसी साझेदारी को नई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570510/prime-minister-modi-s-visit-to-malaysia-concludes---emphasis-reiterated-on-further-strengthening-cultural-and-civilizational-ties"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/22.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कुआलालंपुर/नयी दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मलेशिया बेहद सफल दौरा रविवार को समाप्त हो गया। मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे संबंधों में एक और मील का पत्थर साबित हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के लिए रवाना होते समय, मलेशियाई नेतृत्व और लोगों द्वारा दिखाए गए स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने एक बयान में कहा, "मैं गर्मजोशी भरे स्वागत और सार्थक चर्चाओं के लिए आभारी हूं, जो भारत और मलेशिया के बीच मजबूत सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों की पुष्टि करती हैं।" </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "हमारी बातचीत एक ऐसी साझेदारी को नई गति देगी जो साझा मूल्यों और आपसी सम्मान पर आधारित है।" इस दौरे के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत की, जिसमें व्यापार, निवेश, डिजिटल प्रौद्योगिकी, शिक्षा और लोगों के बीच आदान-प्रदान में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों के अनुरूप रणनीतिक सहयोग को गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। </p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि भारत और मलेशिया के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक जुड़ाव का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें व्यापार, प्रवासन और साझा विरासत के माध्यम से सदियों पुराने मजबूत संबंध हैं। मलेशिया में भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक सेतु के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इस दौरे ने भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में एक प्रमुख भागीदार के रूप में मलेशिया के महत्व को भी रेखांकित किया और दक्षिण पूर्व एशिया के साथ घनिष्ठ जुड़ाव के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को उजागर किया। </p>
<p style="text-align:justify;">पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह यात्रा आपसी विश्वास को मजबूत करेगी और आने वाले वर्षों में निरंतर सहयोग के लिए मंच तैयार करेगी। इस दौरे के साथ, दोनों देशों ने सांस्कृतिक समानताओं का लाभ उठाते हुए और साझा विकास और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए व्यावहारिक सहयोग करते हुए संबंधों को और मजबूत करने का अपना इरादा जताया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरे पर मोदी ने रविवार को मलेशिया के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ व्यापक चर्चा की और भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में मलेशिया के कारोबारियों की ज़्यादा भागीदारी के लिए उनको आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री ने पेट्रोनास के प्रेसिडेंट और ग्रुप सीईओ तान श्री तेंग्कू मुहम्मद तौफिक, बर्जया कॉर्पोरेशन बरहाद के संस्थापक तान श्री दातो' सेरी विंसेंट टैन ची यिउन, खज़ानाह नेशनल बरहाद के मैनेजिंग डायरेक्टर दातो' अमीरुल फैसल वान ज़ाहिर, और फिसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक दातो' पुआ खेन सेंग से मुलाकात की। </p>
<p style="text-align:justify;">इस बातचीत के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और मलेशिया के बीच बिजनेस-टू-बिजनेस संबंधों के लगातार विस्तार का स्वागत किया और भारत की लंबी अवधि की विकास गाथा में मलेशियाई कंपनियों की गहरी दिलचस्पी को समझा। उन्होंने व्यापार करने में आसानी को बेहतर बनाने और एक स्थिर, कुशल और अनुमानित नीतिगत माहौल बनाने के लिए हाल के वर्षों में किए गए सुधारों की श्रृंखला के बारे में बताया। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा, "आज भारत सुधारों, डिजिटलीकरण और मजबूत बुनियादी बातों से प्रेरित एक पारदर्शी और दूरदर्शी बिजनेस इकोसिस्टम प्रदान करता है।" उन्होंने कहा, "मैं मलेशियाई कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्रों में विशाल अवसरों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित करता हूं।" </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने दिन में पहले कुआलालंपुर में 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम के आयोजन की भी सराहना की, और विश्वास व्यक्त किया कि इसकी चर्चाएं ठोस परिणामों में बदलेंगी। उन्होंने कहा, "सीईओ फोरम जैसे प्लेटफॉर्म व्यापार और निवेश साझेदारी को गहरा करने और हमारी साझा आर्थिक दृष्टि के साथ व्यावसायिक प्राथमिकताओं को संरेखित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।" </p>
<p style="text-align:justify;">मलेशियाई उद्योगपतियों ने, भारत सरकार के सुधार एजेंडे और विकसित भारत के निर्माण की उसकी दृष्टि की सराहना की। उन्होंने भारत की आर्थिक संभावनाओं में गहरा विश्वास व्यक्त किया और देश में अपने कारोबार का विस्तार करने में अपनी रुचि व्यक्त की। एक बिजनेस लीडर ने कहा, "भारत का पैमाना, प्रतिभा पूल और नीतिगत स्थिरता इसे लंबी अवधि के निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाती है।" </p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था कि मलेशियाई कंपनियां भारतीय समकक्षों के साथ संयुक्त उद्यम और साझेदारी का पता लगाने के लिए उत्सुक हैं। यह बैठक भारत और मलेशिया के बीच बढ़ते आर्थिक जुड़ाव की पृष्ठभूमि में हुई है, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार और निवेश ऊर्जा, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और सेवा क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है। दोनों पक्षों ने वाणिज्यिक संबंधों को और मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थायी और समावेशी विकास में योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Feb 2026 18:46:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कारोबार : निर्यात ऑर्डर रिलीज, नए टैरिफ पर ट्रेड शुरू, कानपुर के निर्यात युनिट्स में लौटा उत्साह</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>अमेरिका की ओर से ट्रेड डील खोल दी गई है। अब शहर से अमेरिका के रुके उत्पादों का निर्यात शुरू हो गया है। हाल ही में अमेरिका की ओर से टैरिफ घटाए जाने के बाद निर्यातकों की ओर से खरीदारों के साथ बातचीत शुरू हो चुकी है। डील खुलने के बाद शहर से लगभग 5 सौ करोड़ रुपये के ऑर्डर अगले तीन महीनों मे अमेरिका पहुंचने शुरू हो जाएंगे।</p>
<p>शहर से अमेरिका को सबसे अधिक लेदर, लेदर के उत्पाद, गारमेंट्स, होजरी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी सहित अन्य उत्पादों का निर्यात होता है। यह निर्यात कारोबार लगभग 25 सौ करोड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570429/business--export-orders-released--trade-resumes-under-new-tariffs--enthusiasm-returns-to-kanpur-s-export-units"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/cats64.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>अमेरिका की ओर से ट्रेड डील खोल दी गई है। अब शहर से अमेरिका के रुके उत्पादों का निर्यात शुरू हो गया है। हाल ही में अमेरिका की ओर से टैरिफ घटाए जाने के बाद निर्यातकों की ओर से खरीदारों के साथ बातचीत शुरू हो चुकी है। डील खुलने के बाद शहर से लगभग 5 सौ करोड़ रुपये के ऑर्डर अगले तीन महीनों मे अमेरिका पहुंचने शुरू हो जाएंगे।</p>
<p>शहर से अमेरिका को सबसे अधिक लेदर, लेदर के उत्पाद, गारमेंट्स, होजरी, आर्टिफिशियल ज्वेलरी सहित अन्य उत्पादों का निर्यात होता है। यह निर्यात कारोबार लगभग 25 सौ करोड रुपये के आस-पास है। अमेरिका की ओर से टैरिफ लगाए जाने के बाद शहर का निर्यात कारोबार लगभग बंद हो गया था। अब अमेरिका की ओर से टैरिफ घटाए जाने के बाद डील खोलने पर अब एक या दो दिन में रुके हुए ऑर्डर सबसे पहले रिलीज हो सकेगे।</p>
<p>यह वह ऑर्डर है जो टैरिफ लगने के बाद तुरंत ही अधिक टैक्स की वजह से रुक गए थे। शहर के निर्यात कारोबार पर फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑग्रनाईजेशन के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने बताया गया कि टैरिफ घटाए जाने के बाद डील की शर्तें भी जारी हो गई है। इस तरह से अब शहर से अमेरिका के लिए रुका हुआ निर्यात कारोबार दोबारा शुय हो सकेगा।  </p>
<h5><strong>प्रतियोगिता में प्रोडक्ट </strong></h5>
<p>अमेरिका की ओर से 18 परसेंट टैरिफ किए जाने के बाद शहर के उत्पाद कई देशों के मुकाबले अमेरिका में सस्ते होंगे। ऐसी स्थिति में निर्यातकों को अमेरिका की बाजार में ब्रेक के बाद उतारने में अन्य देशों के निर्यातकों के मुकाबले सहूलियत होगी। फिलहाल निर्यातक नए टैरिफ का उत्पादन पर पड़ने वाले असर को देखते हुए बाजार हाल समझ रहे हैं। माना जा रहा है कि इससे नए ऑर्डर हासिल करने के लिए निर्यातकों को अन्य देशों के निर्यातकों के मुकाबले सहूलिया हासिल होगी।</p>
<h5><strong>बजट का रहेगा असर</strong></h5>
<p>अमेरिका की ओर से टैरिफ पर छूट केंद्रीय बजट के तुरंत बाद हासिल हुई है। ऐसी स्थिति में निर्यात विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार केंद्रीय बजट में भी निर्यातकों को कई छूट हासिल हुई है। बजट से मिली सहूलियत का भी असर निर्यात किए जाने वाले उत्पादों की कीमतों पर पड़ेगा। इस तरह से शहर के निर्यातकों को ग्लोबल मार्केट में और खास तौर से अमेरिका में गला काट टैक्स के बीच अपने उत्पादों को सस्ती कीमत पर ऑफर करने की सहूलियत हासिल हो सकेगी। इसके अलावा ओवरऑल टैक्स का वैल्यूएशन करने के बाद निर्यातक नए ऑर्डर के लिए रेट ऑफर कर सकेंगे। </p>
<h5><strong>बढ़ सकता है कारोबार </strong></h5>
<p>अमेरिका की ओर से टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत का कई बड़े देशों के साथ व्यापारिक करार हो चुका है। इनमें यूरोपीय संघ के साथ हुए करार को 'मदर ऑफ एफटीए' माना जा रहा है। इस स्थिति में नया बाजार तलाश रहे निर्यातकों को अमेरिका की ओर से लगाए जाने वाले टैरिफ के पहले की स्थिति से बेहतर स्थिति फिलहाल बाजार के रूप में हासिल हुई है। ऐसे मैं निर्यात विशेषज्ञ यह मानकर चल रहे हैं कि आने वाले समय में शहर का निर्यात कारोबार लगभग 10 हजार करोड रुपए से बढ़ेगा। इनमें भारत की ओर से हाल ही में किए गए व्यापारिक समझौता की बड़ी भूमिका होगी। </p>
<h5><strong>कारीगरों के चेहरे पर मुस्कान </strong></h5>
<p>अमेरिका की ओर से टैरिफ में दी गई छूट के बाद मंगलवार को लेदर सेक्टर में खास उत्साह रहा। 6 महीने से अमेरिका का निर्यात कारोबार कम होने से सबसे अधिक परेशानी इस सेक्टर में काम करने वाले कारीगरों को रही थी। उत्पादन कम होने की वजह से लगातार इन कारीगरों के पास काम काम आ रहा था। अब औद्योगिक क्षेत्र में इन कारीगरों के पास जल्द ही दोबारा काम आने की संभावना काफी बढ़ गई है। इनमें खास तौर पर लीटर सेक्टर में काम करने वाले ऐसे कारीगर जो मशीन के बजाय हाथ से लेदर पर मोटी सिलाई और डिजाइन बनाने का काम करते हैं उनमें सबसे अधिक रहता है।</p>
<ol>
<li>10 हजार करोड़ का शहर से होता है कुल निर्यात </li>
<li>65 सौ करोड़ का लेदर सेक्टर से होता निर्यात</li>
<li>25 सौ करोड़ रुपए का अमेरिका को होता था निर्यात </li>
<li>80 फ़ीसदी लेदर सेक्टर का कारोबार हुआ था प्रभावित</li>
<li>129 छोटे निर्यातक बुरी तरह हुए थे प्रभावित </li>
<li>60 फीसदी अमेरिका को वापस शुरू हो सकता है निर्यात</li>
</ol>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 19:55:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीएम मोदी ने 61 हजार से अधिक युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र : कहा- युवाओं के लिए नए अवसर खोल रहे व्यापार समझौते</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत देश के भीतर और विदेश में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के लिए विभिन्न देशों के साथ व्यापार और आवागमन संबंधी समझौते कर रहा है। पीएम मोदी ने यह बात 18वें रोजगार मेले में कही जहां उन्होंने विभिन्न सरकारी नौकरियों के 61,000 नियुक्ति पत्र इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सौंपे।</p>
<p>मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश भर के 45 स्थानों पर रोजगार मेलों को संबोधित करते हुए कहा, ''भारत कई देशों के साथ व्यापार और आवागमन संबंधी समझौते कर रहा है। ये व्यापार समझौते देश के युवाओं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568929/pm-modi-handed-over-appointment-letters-to-over-61-000-young-people--said-trade-agreements-are-opening-up-new-opportunities-for-the-youth"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/modi5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत देश के भीतर और विदेश में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के लिए विभिन्न देशों के साथ व्यापार और आवागमन संबंधी समझौते कर रहा है। पीएम मोदी ने यह बात 18वें रोजगार मेले में कही जहां उन्होंने विभिन्न सरकारी नौकरियों के 61,000 नियुक्ति पत्र इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सौंपे।</p>
<p>मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से देश भर के 45 स्थानों पर रोजगार मेलों को संबोधित करते हुए कहा, ''भारत कई देशों के साथ व्यापार और आवागमन संबंधी समझौते कर रहा है। ये व्यापार समझौते देश के युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आ रहे हैं।'' पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में युवाओं की सबसे अधिक संख्या भारत में है और उनकी सरकार देश के भीतर और विदेश में युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने के प्रयास कर रही है।</p>
<p>उन्होंने आगे कहा कि आज देश रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़ा है। इसका उद्देश्य, देश में जीवन और कारोबार, दोनों को आसान बनाने का है। आज के इस आयोजन में 8 हजार से ज्यादा बेटियों को भी नियुक्ति पत्र मिले हैं। बीते 11 वर्षों में देश के वर्कफोर्स में, वीमेन पार्टिसिपेशन में करीब करीब दोगुनी बढ़ोतरी हुई है।</p>
<p>भारत तेजी से एक बड़ी मैन्युफैक्चरिंग पावरहाउस के रूप में उभर रहा है। कई सेक्टर प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट दोनों में अभूतपूर्व ग्रोथ देख रहे हैं। 2014 से, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग छह गुना बढ़ गई है, जिससे यह आज 11 लाख करोड़ से ज्यादा का सेक्टर बन गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट भी 4 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। ऑटोमोटिव इंडस्ट्री इसका एक और उदाहरण है, जो देश में सबसे तेज़ी से बढ़ते सेक्टरों में से एक के रूप में सामने आया है।</p>
<p>प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक बयान में कहा गया कि रोजगार मेला रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को साकार करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल है। बयान में कहा गया कि इसकी शुरुआत के बाद से देश भर में आयोजित रोजगार मेलों के माध्यम से 11 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं।</p>
<p>इसमें बताया गया कि 18वां रोजगार मेला देश भर के 45 स्थानों पर आयोजित किया गया और भारत के सभी हिस्सों से चयनित नव-नियुक्त कर्मचारी सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में शामिल हुए। नव-नियुक्त कर्मी गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग आदि में सेवाएं देंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568929/pm-modi-handed-over-appointment-letters-to-over-61-000-young-people--said-trade-agreements-are-opening-up-new-opportunities-for-the-youth</link>
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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 13:36:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी राजदूत गोर का बड़ा बयान, कहा- वाशिंगटन के लिए भारत जितना महत्वपूर्ण देश कोई नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>अमेरिका के मनोनीत राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि वाशिंगटन के लिए कोई भी देश भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है और दोनों पक्ष व्यापार समझौते को मजबूत करने में सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने यहां आने पर एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं लेकिन अंत में हमेशा अपने मतभेद सुलझा लेते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">यहां अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों की उपस्थिति में एक समारोह में उन्होंने कहा, ‘‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है। इसलिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567410/us-ambassador-gore-made-a-major-statement--saying-that-no-country-is-as-important-to-washington-as-india"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/021.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>अमेरिका के मनोनीत राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को कहा कि वाशिंगटन के लिए कोई भी देश भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है और दोनों पक्ष व्यापार समझौते को मजबूत करने में सक्रिय रूप से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने यहां आने पर एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती का जिक्र करते हुए कहा कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं लेकिन अंत में हमेशा अपने मतभेद सुलझा लेते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">यहां अमेरिकी दूतावास के कर्मचारियों की उपस्थिति में एक समारोह में उन्होंने कहा, ‘‘भारत दुनिया का सबसे बड़ा देश है। इसलिए इसे अंतिम चरण तक पहुंचाना आसान काम नहीं है, लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।’’ गोर ने कहा, ‘‘व्यापार हमारे संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन हम सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर मिलकर काम करना भी जारी रखेंगे।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘मैंने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पूरी दुनिया की यात्रा की है और मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी दोस्ती सच्ची है।’’ गोर ने यह भी घोषणा की कि भारत ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन का सदस्य होगा। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत को अगले महीने राष्ट्रों के इस समूह में पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।’’ ‘पैक्स सिलिका’ गठबंधन एक सुरक्षित, लचीली और नवाचार आधारित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए अमेरिका के नेतृत्व वाली रणनीतिक पहल है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567410/us-ambassador-gore-made-a-major-statement--saying-that-no-country-is-as-important-to-washington-as-india</link>
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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 13:33:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रेड को लाइसेंस शुल्क में लाने पर भड़के व्यापारी, आज करेंगे प्रदर्शन... लखनऊ व्यापार मंडल ने महापौर को सौंपा ज्ञापन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>जिम, स्पा, कोचिंग, शोरूम समेत 20 ट्रेड को लाइसेंस शुल्क के दायरे में लाए जाने के विचार पर व्यापारी भड़क उठे। लखनऊ व्यापार मंडल के नेतृत्व में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र और चेयरमैन राजेंद्र अग्रवाल के साथ व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने महापौर सुषमा खर्कवाल से मिलकर ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>व्यापारी नेताओं ने कहा कि नगर निगम कई ट्रेड को लाइसेंस शुल्क के दायरे में ला रहा है। उन्होंने महापौर को याद दिलाया कि पिछले वर्ष जब यह प्रस्ताव लाया गया था, सांसद राजनाथ सिंह और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के हस्तक्षेप से इसे वापस लिया गया था। 13</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564207/traders-furious-over-bringing-trade-under-license-fee--will-protest-today----lucknow-vyapar-mandal-submitted-memorandum-to-the-mayor"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(17)14.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>जिम, स्पा, कोचिंग, शोरूम समेत 20 ट्रेड को लाइसेंस शुल्क के दायरे में लाए जाने के विचार पर व्यापारी भड़क उठे। लखनऊ व्यापार मंडल के नेतृत्व में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र और चेयरमैन राजेंद्र अग्रवाल के साथ व्यापारियों के प्रतिनिधि मंडल ने महापौर सुषमा खर्कवाल से मिलकर ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>व्यापारी नेताओं ने कहा कि नगर निगम कई ट्रेड को लाइसेंस शुल्क के दायरे में ला रहा है। उन्होंने महापौर को याद दिलाया कि पिछले वर्ष जब यह प्रस्ताव लाया गया था, सांसद राजनाथ सिंह और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के हस्तक्षेप से इसे वापस लिया गया था। 13 सितंबर 2024 को नगर निगम की कार्यकारिणी में इसे पारित किया गया था, जबकि अपर नगर आयुक्त के बयान के अनुसार सदन से इसे पास नहीं किया गया। महापौर से संतोषजनक जवाब न मिलने पर संगठन शनिवार को अपराह्न 12 बजे से नगर निगम मुख्यालय लालबाग में धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा।<br />प्रतिनिधि मंडल में महामंत्री अनुराग मिश्र, रामशंकर राजपूत समेत कई नेता मौजूद रहे। यहियागंज युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष कुश मिश्र और वरिष्ठ महामंत्री समीर जैन के नेतृत्व में दवा व्यापार मंडल, टूरियागंज व्यापार मंडल, पांडेयगंज व्यापार मंडल ने बाजार में विरोध यात्रा भी निकाली।</p>
<p>इसे लेकर संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अंजनी कुमार पांडेय, महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता, संगठन मंत्रीसंदीप साहू एवं महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय महासचिव प्राची पाण्डेय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नगर निगम का यह निर्णय पूरी तरह व्यापारी-विरोधी, अव्यवहारिक और तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है। इसे तत्काल रोका जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/564207/traders-furious-over-bringing-trade-under-license-fee--will-protest-today----lucknow-vyapar-mandal-submitted-memorandum-to-the-mayor</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 10:10:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी की नदियां अब सिर्फ पूजा के लिए नहीं, कमाई के लिए भी! जल परिवहन सुविधा स्थापित करने को होगा मंथन, जुटेंगे जलमार्ग विशेषज्ञ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार : </strong>राज्य सरकार अंतर्देशीय जल परिवहन को उद्योग, व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के नए विकल्प के रूप में विकसित करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने कयावद शुरू कर दी है। इसके लिए जलमार्ग प्राधिकरण की पहली बैठक मंगलवार को राजधानी स्थित निजी होटल, विपिन खंड, गोमती नगर में आयोजित की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह करेंगे।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">उक्त जानकारी देते हुए उप्र. की परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने बताया कि जलमार्ग प्राधिकरण का गठन शासनादेश 09</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562861/uttar-pradesh-s-rivers-are-no-longer-just-for-worship--but-also-for-earning-money--water-transport-experts-will-be-involved-in-brainstorming-to-establish-water-transport-facilities"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(4)7.png" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार : </strong>राज्य सरकार अंतर्देशीय जल परिवहन को उद्योग, व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स के नए विकल्प के रूप में विकसित करने के लिए गंभीरता से काम कर रही है। इसके लिए प्रदेश सरकार द्वारा गठित उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने कयावद शुरू कर दी है। इसके लिए जलमार्ग प्राधिकरण की पहली बैठक मंगलवार को राजधानी स्थित निजी होटल, विपिन खंड, गोमती नगर में आयोजित की जा रही है। बैठक की अध्यक्षता परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह करेंगे।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">उक्त जानकारी देते हुए उप्र. की परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने बताया कि जलमार्ग प्राधिकरण का गठन शासनादेश 09 सितंबर 2024 के तहत किया गया था। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मुख्य कार्यपालक अधिकारी के साथ सात नामित सदस्यों को शामिल किया गया है। समिति की पहली बैठक में जल परिवहन को लेकर रोडमैप, भविष्य की रणनीतियां तथा विभिन्न विभागों के समन्वय पर विस्तृत चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि बैठक में प्रदेश और देश के विभिन्न जलमार्ग विशेषज्ञ, औद्योगिक प्रतिनिधि और संबंधित संस्थाओं के अधिकारी जलमार्ग विकास, उपयोगिता, सुरक्षा और निवेश संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे। </span></p>
<p>परिवहन आयुक्त ने बताया कि इस बैठक में भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष सुनील पालीवाल के अलावा केन्द्र व प्रदेश में प्रमुख विभागों के शीर्ष अधिकारी शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त मेरठ, लखनऊ, वाराणसी, मीरजापुर, प्रयागराज, कानपुर, अयोध्या और गोरखपुर के मंडलायुक्त, यूपी रोडवेज के प्रबंध निदेशक, निदेशक खनन, महानिदेशक पर्यटन, तथा यूपीडा व उपशा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी भी बैठक का हिस्सा होंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/562861/uttar-pradesh-s-rivers-are-no-longer-just-for-worship--but-also-for-earning-money--water-transport-experts-will-be-involved-in-brainstorming-to-establish-water-transport-facilities</link>
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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 09:45:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर : निर्यात कारोबारियों को व्यापार बढ़ाने को मिलेगी सहायता, चुनौतियों को कम करने का प्रयास</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>निर्यात कारोबारियों को अब सरकार की तरफ से सुविधाएं मिलेंगी। इन सुविधाओं को छोटे निर्यातक या फिर निर्यात कारोबार शुरू करने वालों के लिए सबसे अधिक लाभप्रद माना जा रहा है। इसके अलावा बड़े निर्यातकों को टैरिफ के बाद नया बाजार तलाशने में सहायता भी मानी जा रही है। निर्यात विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र सरकार की इस पहल से शहर के निर्यातकों को भी निर्यात लक्ष्य बढ़ाने में बड़ी सहायता मिलेगी।</p>
<p>केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित निर्यात संवर्धन मिशन को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालयों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/559786/kanpur--export-traders-will-get-help-to-expand-business--efforts-to-reduce-challenges"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/cats246.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>निर्यात कारोबारियों को अब सरकार की तरफ से सुविधाएं मिलेंगी। इन सुविधाओं को छोटे निर्यातक या फिर निर्यात कारोबार शुरू करने वालों के लिए सबसे अधिक लाभप्रद माना जा रहा है। इसके अलावा बड़े निर्यातकों को टैरिफ के बाद नया बाजार तलाशने में सहायता भी मानी जा रही है। निर्यात विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्र सरकार की इस पहल से शहर के निर्यातकों को भी निर्यात लक्ष्य बढ़ाने में बड़ी सहायता मिलेगी।</p>
<p>केंद्रीय बजट 2025-26 में घोषित निर्यात संवर्धन मिशन को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालयों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया गया है। जिससे निर्यात ऋण तक बेहतर पहुंच की सुविधा प्रदान करके, सीमा पार फैक्टरिंग को सक्षम करके और वैश्विक बाजारों में गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने में एमएसएमई की सहायता करके निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाई जा सके। </p>
<p>वाणिज्य विभाग मिशन का प्रमुख विभाग है। निर्यात विशेषज्ञों ने बताया कि मंत्रालय की प्राथमिक भूमिका यह है कि मिशन के प्रमुख उद्देश्यों, यानी निर्यात ऋण तक पहुंच में सुधार, सीमा पार फैक्टरिंग को सक्षम करना और गैर-टैरिफ बाधाओं के साथ सहायता करना, देश भर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी ढंग से लक्षित और कार्यान्वित किया जाता है। </p>
<p>विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि सरकार का यह कदम निर्यातकों, विशेष रूप से एमएसएमई के सामने आने वाली प्रमुख बाधाओं को दूर करने के लिए पारंपरिक तंत्र से परे दृष्टिकोण की खोज करके छह वर्षों (वित्त वर्ष 2025-31) में व्यापक, समावेशी और टिकाऊ निर्यात विकास को सक्षम करना चाहता है। </p>
<p>निर्यातकों को मिली नई सुविधा पर फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑग्रनाईजेशन के सहायक निदेशक आलोक श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र सरकार इस पहल से निर्यातकों को अपना कारोबार बढ़ाने में सहायत मिलेगी। सबसे ज्यादा छोटे निर्यातक व ऐसे युवा जो निर्यात शुरु करना चाहते हैं उन्हें सहूलियत मिलेगी। </p>
<p>इसके अलावा शहर के पारंपरिक लेदर, टेक्सटाइल व मशीनरी से जुड़े निर्यातकों को कई चरण में लाभ मिलेगा। उध्रर इस सुविधा का लाभ एमएसएमई सेक्टर को मिलेगा। इससे शहर की औद्योगिक रफ्तार को और अधिक तेज किया जा सकेगा।</p>
<p>उत्पाद भेजने में सुविधा<br />निर्यातकों को मिली सुविधा के तहत सबसे बड़ी सहूलियत विदेश में उत्पाद भेजने को लेकर हैं। निर्यातकों को खासतौर पर कई सेक्टर में उत्पाद भेजने पर सब्सिडी हासिल हो सकेगी। इसके अलावा निर्यात व्यापार के लिए प्रतिनिधि मंडल के विदेश जाने पर निर्यातकों को हवाई यात्रा के टिकट पर भी सब्सिडी हासिल हो सकेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 19:25:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कारोबार: चावल निर्यात बढ़ाने के लिए फिलीपींस जाएगा भारतीय प्रतिनिधिमंडल </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत दुनिया के सबसे बड़े चावल आयातक फिलीपींस को चावल निर्यात बढ़ा रहा है और इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रमुख निर्यातकों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल अगले महीने इस दक्षिण पूर्व एशियाई देश का दौरा करेगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। कृषि उत्पादों के निर्यात में फिलीपींस भारत के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है। फिलीपींस ने 2024 में लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के कृषि उत्पादों का आयात किया था।</p>
<p>इसके प्रमुख आयातों में चावल, गेहूं, खली, खाद्य उत्पाद और ताड़ का तेल शामिल हैं। अधिकारी ने कहा, ''फिलीपींस दुनिया में चावल का सबसे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551766/business--indian-delegation-will-go-to-philippines-to-increase-rice-export"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/cats507.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत दुनिया के सबसे बड़े चावल आयातक फिलीपींस को चावल निर्यात बढ़ा रहा है और इस अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रमुख निर्यातकों का एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल अगले महीने इस दक्षिण पूर्व एशियाई देश का दौरा करेगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। कृषि उत्पादों के निर्यात में फिलीपींस भारत के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है। फिलीपींस ने 2024 में लगभग 20 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य के कृषि उत्पादों का आयात किया था।</p>
<p>इसके प्रमुख आयातों में चावल, गेहूं, खली, खाद्य उत्पाद और ताड़ का तेल शामिल हैं। अधिकारी ने कहा, ''फिलीपींस दुनिया में चावल का सबसे बड़ा आयातक है, जिसका 2024 में आयात 2.52 अरब अमेरिकी डॉलर का था। फिलीपींस में भारत के चावल निर्यात को बढ़ाने की संभावनाएं हैं, क्योंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक होने के बावजूद फिलीपींस को बहुत कम चावल निर्यात करता है।''</p>
<p>अधिकारी ने आगे कहा कि इससे फिलीपींस के चावल बाजार में भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर का पता चलता है। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, ''इस क्षमता का लाभ उठाने के लिए प्रमुख निर्यातकों का एक प्रतिनिधिमंडल सितंबर की शुरुआत में फिलीपींस का दौरा करेगा।'' उन्होंने बताया कि फिलीपींस के खाद्य आयातकों का एक प्रतिनिधिमंडल 25-28 सितंबर तक आयोजित होने वाले 'वर्ल्ड फूड इंडिया' में भाग लेगा, जो भारत का सबसे बड़ा खाद्य व्यापार मेला है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 31 Aug 2025 14:18:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Rupee vs Dollar: रुपया शुरुआती कारोबार में 12 पैसे की बढ़त के साथ 85.80 प्रति डॉलर पर </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई।</strong> वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में सफलता की उम्मीद के बीच रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में 12 पैसे की बढ़त के साथ 85.80 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में मजबूती एवं विदेशी पूंजी की निकासी ने हालांकि स्थानीय मुद्रा में तेज बढ़त को रोक दिया। </p>
<p>अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.93 पर कमजोर रुख के साथ खुला। हालांकि जल्द की सकारात्मक दायरे में आते हुए 85.80 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546384/rupee-vs-dollar--rupee-gains-12-paise-to-85-80-per-dollar-in-early-trade"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/rupee-vs-dollar2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में सफलता की उम्मीद के बीच रुपया बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में 12 पैसे की बढ़त के साथ 85.80 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि विदेशी मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में मजबूती एवं विदेशी पूंजी की निकासी ने हालांकि स्थानीय मुद्रा में तेज बढ़त को रोक दिया। </p>
<p>अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.93 पर कमजोर रुख के साथ खुला। हालांकि जल्द की सकारात्मक दायरे में आते हुए 85.80 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 12 पैसे की बढ़त दर्शाता है। रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 85.92 पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.55 पर आ गया। </p>
<p>घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 119.05 अंक की बढ़त के साथ 82,753.53 अंक पर जबकि निफ्टी 18.7 अंक चढ़कर 25,230.75 अंक पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 68.46 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,858.15 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 10:03:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कारोबार: रुपया शुरुआती कारोबार में छह पैसे टूटकर 86.17 प्रति डॉलर पर </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई।</strong> पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहने से रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में छह पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 86.17 पर आ गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 86.16 प्रति डॉलर पर खुला। फिर 86.17 प्रति डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की गिरावट को दर्शाता है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 86.11 पर बंद हुआ था।</p>
<p>इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/542300/business--rupee-fell-six-paise-to-86-17-per-dollar-in-early-trade"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/rupee-hits-life-low-falls-7-paise-to-79-33-against-us-dollar.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहने से रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में छह पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 86.17 पर आ गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 86.16 प्रति डॉलर पर खुला। फिर 86.17 प्रति डॉलर पर पहुंच गया जो पिछले बंद भाव से छह पैसे की गिरावट को दर्शाता है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 86.11 पर बंद हुआ था।</p>
<p>इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.33 पर रहा। घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 288.79 अंक की बढ़त के साथ 81,407.39 अंक पर पहुंच गया जबकि निफ्टी 98.9 अंक चढ़कर 24,817.50 अंक पर पहुंच गया&gt;</p>
<p>अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.77 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74.30 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 1,263.52 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/542300/business--rupee-fell-six-paise-to-86-17-per-dollar-in-early-trade</link>
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                <pubDate>Mon, 16 Jun 2025 10:11:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मूडीज ने 2025 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाकर किया 6.3 प्रतिशत </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>मूडीज रेटिंग्स ने 2025 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को 6.5 प्रतिशत से घटाकर मंगलवार को 6.3 प्रतिशत कर दिया। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अमेरिकी नीति अनिश्चितता और व्यापार प्रतिबंधों के कारण वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव पड़ेगा। </p>
<p>अपने ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक’ 2025-26 (मई संस्करण) में मूडीज ने कहा कि भारत तथा पाकिस्तान के बीच जारी तनाव जैसे भू-राजनीतिक तनावों से भी उसके आधारभूत वृद्धि पूर्वानुमानों पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। मूडीज ने कहा कि निवेशकों तथा व्यवसायों की लागत बढ़ने के आसार हैं क्योंकि वे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536865/moody-s-lowers-india-s-gdp-growth-forecast-for-2025-to-6-3-percent"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/cats126.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>मूडीज रेटिंग्स ने 2025 के लिए भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुमान को 6.5 प्रतिशत से घटाकर मंगलवार को 6.3 प्रतिशत कर दिया। रेटिंग एजेंसी ने कहा कि अमेरिकी नीति अनिश्चितता और व्यापार प्रतिबंधों के कारण वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्थाओं पर दबाव पड़ेगा। </p>
<p>अपने ‘ग्लोबल मैक्रो आउटलुक’ 2025-26 (मई संस्करण) में मूडीज ने कहा कि भारत तथा पाकिस्तान के बीच जारी तनाव जैसे भू-राजनीतिक तनावों से भी उसके आधारभूत वृद्धि पूर्वानुमानों पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका है। मूडीज ने कहा कि निवेशकों तथा व्यवसायों की लागत बढ़ने के आसार हैं क्योंकि वे निवेश, विस्तार और/या माल के स्रोत का फैसला करते समय नए भू-राजनीतिक विन्यासों को ध्यान में रखते हैं। <br />मूडीज ने कैलेंडर वर्ष 2025 के लिए भारत के वृद्धि अनुमानों को घटाकर 6.3 प्रतिशत कर दिया, लेकिन 2026 के लिए इसे 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा। यह 2024 की 6.7 प्रतिशत की वृद्धि से कम है। मूडीज को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्ई) वृद्धि को समर्थन देने के लिए नीतिगत दरों को और कम करेगा। </p>
<p>रेटिंग एजेंसी ने अमेरिका के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमानों को भी क्रमश: दो प्रतिशत तथा 1.8 प्रतिशत से घटाकर 2025 के लिए एक प्रतिशत और 2026 के लिए 1.5 प्रतिशत कर दिया है। यह 2024 में 2.8 प्रतिशत रही थी। चीन के मामले में मूडीज का अनुमान है कि 2025 में वृद्धि दर 3.8 प्रतिशत और 2026 में 3.9 प्रतिशत रहेगी जो 2024 की पांच प्रतिशत की वृद्धि दर से कम है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/536865/moody-s-lowers-india-s-gdp-growth-forecast-for-2025-to-6-3-percent</link>
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                <pubDate>Tue, 06 May 2025 12:39:16 +0530</pubDate>
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