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                <title>ब्रिटेन सरकार - Amrit Vichar</title>
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                <description>ब्रिटेन सरकार RSS Feed</description>
                
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                <title>#Draft: Add Your Title</title>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/420106/-draft--add-your-title"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-11/latest-daily-news-and-updates-may-4.jpg" alt=""></a><br />]]></content:encoded>
                
                

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                <pubDate>Tue, 21 Nov 2023 18:18:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Britain : डेढ़ लाख स्वास्थ्यकर्मियों का बढ़ेगा वेतन, ब्रिटेन सरकार ने लिया फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लंदन। </strong>ब्रिटेन सरकार ने रविवार को कहा कि देश की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के करीब एक लाख 50 हजार चिकित्सकों की हड़ताल समाप्त कराने की कार्रवाई के तहत इसी माह से उनके वेतन में वृद्धि की जायेगी। सरकार ने आज यहां जारी एक बयान में कहा, सरकार ने चिकित्सकों और दंत चिकित्सकों के पारिश्रमिक पर स्वतंत्र समीक्षा निकाय (डीडीआरबी) की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है और इस महीने से राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के करीब डेढ लाख चिकित्सकों को बढ़ा हुआ वेतन मिलना शुरू हो जाएगा।</p>
<p>  सरकार ने बताया कि प्रशिक्षण में प्रथम वर्ष के चिकित्सको को 10.3</p>
<p> </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये</strong></span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/400326/britain--salary-of-one-and-a-half-lakh-health-workers-will-increase--uk-government-has-decided"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/ब्रिटेन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लंदन। </strong>ब्रिटेन सरकार ने रविवार को कहा कि देश की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के करीब एक लाख 50 हजार चिकित्सकों की हड़ताल समाप्त कराने की कार्रवाई के तहत इसी माह से उनके वेतन में वृद्धि की जायेगी। सरकार ने आज यहां जारी एक बयान में कहा, सरकार ने चिकित्सकों और दंत चिकित्सकों के पारिश्रमिक पर स्वतंत्र समीक्षा निकाय (डीडीआरबी) की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है और इस महीने से राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा के करीब डेढ लाख चिकित्सकों को बढ़ा हुआ वेतन मिलना शुरू हो जाएगा।</p>
<p> सरकार ने बताया कि प्रशिक्षण में प्रथम वर्ष के चिकित्सको को 10.3 प्रतिशत , औसत कनिष्ट चिकित्सकों को 8.8 प्रतिशत और चिकित्सा सलाहकारों के छह प्रतिशत बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। बयान में कहा गया, यह वेतन वृद्धि कर्मचारियों को महत्वपूर्ण वेतन वृद्धि देते हुए मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखने की आवश्यकता को संतुलित करती है। कुछ कर्मचारियों को वेतन वृद्धि के साथ-साथ प्रदर्शन वेतन, ओवरटाइम, वेतन प्रगति और पदोन्नति से वेतन वृद्धि से भी लाभ मिलेगा।</p>
<p> उल्लेखनीय है कि जुलाई में ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन ने छह प्रतिशत वेतन वृद्धि की सरकार की पेशकश को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह पर्याप्त नहीं है क्योंकि सलाहकार चिकित्सकों ने पिछले 14 वर्षों में अपने वास्तविक वेतन में 35 प्रतिशत की गिरावट देखी है। ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से बाहर निकलने (ब्रेक्सिट), कोविड​​-19 महामारी और यूक्रेन संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखलाओं के पतन से रिकॉर्ड उच्च मुद्रास्फीति और हड़तालों की भारी लहर का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल पर जाने वालों में रेलवे, हवाई अड्डों, डाक सेवाओं और कानून फर्मों के कर्मचारी शामिल हैं। स्वास्थ्य कर्मचारी भी कई महीनों से हड़ताल पर हैं, जिससे देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर दबाव बढ़ गया है। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढ़ें : <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/400315/life-imprisonment-to-british-pakistani-tiktoker-and-his-mother--know-what-is-the-matter">ब्रिटिश पाकिस्तानी टिकटॉकर और उनकी मां को आजीवन कारावास, जानिए क्या है मामला?</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/400326/britain--salary-of-one-and-a-half-lakh-health-workers-will-increase--uk-government-has-decided</link>
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                <pubDate>Sun, 03 Sep 2023 16:23:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आयकर विभाग की कार्रवाई के बाद संसद में ब्रिटेन सरकार ने कहा -हम बीबीसी के साथ खड़े हैं  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लंदन। </strong>ब्रिटेन सरकार ने पिछले हफ्ते तीन दिन तक बीबीसी के नई दिल्ली और मुंबई कार्यालयों पर आयकर विभाग के 'सर्वेक्षण' अभियान के बाद बीबीसी और इसकी संपादकीय स्वतंत्रता का पुरजोर बचाव किया है। विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के उप मंत्री ने मंगलवार को ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में उठाए गए एक जरूरी सवाल का जवाब दिया, जिसमें कहा गया कि सरकार आयकर विभाग की जांच’’ पर लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी नहीं कर सकती, लेकिन जोर दिया कि मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ‘‘मजबूत लोकतंत्र’’ के आवश्यक तत्व हैं। एफसीडीओ के संसदीय उप मंत्री डेविड रटले ने भारत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/345280/usseattle-becomes-first-us-city-to-ban-racial-discrimination"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/ब्रिटेन1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लंदन। </strong>ब्रिटेन सरकार ने पिछले हफ्ते तीन दिन तक बीबीसी के नई दिल्ली और मुंबई कार्यालयों पर आयकर विभाग के 'सर्वेक्षण' अभियान के बाद बीबीसी और इसकी संपादकीय स्वतंत्रता का पुरजोर बचाव किया है। विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के उप मंत्री ने मंगलवार को ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ में उठाए गए एक जरूरी सवाल का जवाब दिया, जिसमें कहा गया कि सरकार आयकर विभाग की जांच’’ पर लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी नहीं कर सकती, लेकिन जोर दिया कि मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता ‘‘मजबूत लोकतंत्र’’ के आवश्यक तत्व हैं। एफसीडीओ के संसदीय उप मंत्री डेविड रटले ने भारत के साथ ‘‘व्यापक और गहरे संबंध’’ का जिक्र करते हुए कहा कि ब्रिटेन ‘‘रचनात्मक तरीके’’ से मुद्दों पर चर्चा करने में सक्षम है।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘हम बीबीसी के लिए खड़े हैं। हम बीबीसी को कोष देते हैं। हमें लगता है कि बीबीसी वर्ल्ड सर्विस महत्वपूर्ण है। हम चाहते हैं कि बीबीसी को संपादकीय स्वतंत्रता मिले।’’ रटले ने कहा, ‘‘यह हमारी (सरकार) आलोचना करता है, यह (विपक्षी) लेबर पार्टी की आलोचना करता है और इसके पास वह स्वतंत्रता है जिसे हम मानते हैं कि यह बहुत महत्वपूर्ण है। स्वतंत्रता एक कुंजी है, और हम भारत में सरकार सहित दुनिया भर में अपने दोस्तों को इसके महत्व के बारे में बताना चाहते हैं।’’ इस मुद्दे पर ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ को मंत्री ने अवगत कराया कि भारत के आयकर विभाग का नयी दिल्ली और मुंबई में बीबीसी के कार्यालयों पर सर्वेक्षण अभियान 14 फरवरी से शुरू हुआ और तीन दिनों के बाद 16 फरवरी को समाप्त हुआ।</p>
<p>रटले ने कहा, ‘‘यह ऐसा करना जारी रखेगा, क्योंकि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि हमारी आवाज और बीबीसी के माध्यम से एक स्वतंत्र आवाज पूरी दुनिया में सुनी जाए।’’ विपक्षी दलों के सांसदों द्वारा ‘छापों’ पर चिंता जताए जाने और भारत सरकार से चर्चा के लिए कहे जाने पर मंत्री ने कहा, ‘‘यह भारत के साथ हमारे व्यापक और गहरे संबंधों के कारण है कि हम वहां की सरकार के साथ रचनात्मक तरीके से व्यापक मुद्दों पर चर्चा करने में सक्षम हैं। बातचीत में इस मुद्दे को उठाया गया है और हम स्थिति की निगरानी करना जारी रखे हुए हैं।’’</p>
<p>उत्तरी आयरलैंड के सांसद जिम शैनन ने सवाल उठाते हुए कार्रवाई को ‘‘देश के नेता के बारे में वृत्तचित्र जारी होने के बाद डराने-धमकाने वाला कार्य’’ बताया और इस मुद्दे पर बयान देने में विफल रहने के लिए ब्रिटेन सरकार की तीखी आलोचना की। डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी (डीयूपी) के संसद सदस्य शैनन ने कहा, ‘‘सात दिन पहले छापे की कार्रवाई हुई। मैं सम्मानपूर्वक कहना चाहूंगा कि एफसीडीओ चुप्पी साधे हुए हैं। सरकार की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया गया। सवाल इसलिए पूछे जा रहे कि सरकार प्रेस की आजादी पर निर्मम प्रहार की निंदा करे।</p>
<p>लेबर पार्टी के सिख सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा ‘‘भारत के साथ हमने लोकतंत्र और प्रेस स्वतंत्रता के मूल्यों को साझा किया है। प्रधानमंत्री के कार्यों के आलोचनात्मक वृत्तचित्र के प्रसारण के बाद भारत ने बीबीसी कार्यालयों पर छापा मारने का फैसला किया।’’ भारत सरकार के मुखर समर्थक, कंजरवेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने मंत्री से यह पुष्टि करने के लिए कहा कि क्या भारत में आयकर अधिकारी सात साल से बीबीसी की जांच कर रहे हैं। हालांकि मंत्री ने जांच के संबंध में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। आयकर विभाग ने ‘सर्वेक्षण’ के बाद एक बयान में कहा कि बीबीसी की इकाइयों द्वारा घोषित आय और लाभ ‘‘भारत में संचालन के पैमाने के अनुरूप नहीं थे।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं:  <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/345275/seattle-becomes-first-us-city-to-ban-racial-discrimination">जातिगत भेदभाव को प्रतिबंधित करने वाला अमेरिका का पहला शहर बना सिएटल</a></strong></span></p>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Feb 2023 16:31:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>ब्रिटेन में राजनीतिक संकट के बीच जोर पकड़ रही प्रधानमंत्री ट्रस को हटाने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[लंदन। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस की सरकार से एक वरिष्ठ मंत्री के इस्तीफे और संसद के निचले सदन में सदस्यों द्वारा जमकर आलोचना के गुरुवार के घटनाक्रम के बाद अब उनके (ट्रस के) पद पर बने रहने को लेकर संशय पैदा हो गया है। पिछले महीने सरकार ने एक आर्थिक योजना पेश की थी, …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/302673/demand-for-removal-of-prime-minister-truss-is-gaining-momentum-amid-the-ongoing-turmoil-in-the-uk-government"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/untitled-10-10.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लंदन।</strong> ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस की सरकार से एक वरिष्ठ मंत्री के इस्तीफे और संसद के निचले सदन में सदस्यों द्वारा जमकर आलोचना के गुरुवार के घटनाक्रम के बाद अब उनके (ट्रस के) पद पर बने रहने को लेकर संशय पैदा हो गया है। पिछले महीने सरकार ने एक आर्थिक योजना पेश की थी, जिसके असफल होने के कारण आर्थिक उथल-पुथल और राजनीतिक संकट पैदा हो गया है।</p>
<p>इसके बाद ट्रस को वित्त मंत्री बदलने के अलावा अपनी कई नीतियों को भी उलटना पड़ा। साथ ही उनके कार्यकाल के दौरान सत्तारूढ़ कन्जरवेटिव पार्टी में अनुशासनहीनता भी देखने को मिली है। कन्जरवेटिव पार्टी के कई नेताओं का कहना है कि ट्रस को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, हालांकि वह अपनी जगह कायम हैं और साफ कह चुकी हैं कि वह इस्तीफा नहीं देंगी।</p>
<p>कन्जरवेटिव पार्टी के सांसद साइमन होरे ने कहा कि सरकार अव्यवस्थित हो गई है। उन्होंने बृहस्पतिवार को बीबीसी से कहा, ”किसी के पास ठोस योजना नहीं है। यह दिन-प्रतिदिन एक-दूसरे से उलझने के समान है।” उन्होंने कहा कि ट्रस के पास स्थिति को बदलने के लिए “लगभग 12 घंटे” हैं। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री एनी-मैरी ट्रेवलिन ने बृहस्पतिवार को सरकार का बचाव करते हुए कहा कि सरकार “स्थिरता” प्रदान करने में जुटी है। हालांकि वह इस बात की गारंटी नहीं दे पाईं कि ट्रस अगले चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करेंगी।</p>
<p>ट्रेवलिन ने कहा, “फिलहाल, मुझे लगता है कि यह सही है। ” जनमत सर्वेक्षणों में लेबर पार्टी को बड़ी बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, जिसके मद्देनजर कन्जरवेटिव पार्टी के कई नेताओं का मानना है कि ट्रस को हटाकर ही कोई उम्मीद की जा सकती है। लेकिन वे इस बात को लेकर बंटे हुए हैं कि उन्हें कैसे हटाया जाए। इसके अलावा अभी तक ट्रस के विकल्प के तौर पर कोई नाम भी सामने नहीं आया है।</p>
<p>इससे पहले, भारतीय मूल की ब्रिटिश गृह मंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने लंदन में मंत्रिस्तरीय संचार के लिए अपने निजी ई-मेल का इस्तेमाल करने की ‘‘गलती’’ के बाद बुधवार को पद से इस्तीफा दे दिया। ब्रेवरमैन (42) ने अपने ट्विटर हैंडल पर त्यागपत्र पोस्ट किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने गलती की। मैं इसकी जिम्मेदारी स्वीकार करती हूं।’’</p>
<p>ब्रेवरमैन ने कहा, ‘‘मैंने अपने व्यक्तिगत ई-मेल से एक विश्वसनीय संसदीय सहयोगी को एक आधिकारिक दस्तावेज भेजा…जैसा कि आप जानते हैं, दस्तावेज आव्रजन के बारे में मंत्रिस्तरीय बयान था, जिसका प्रकाशन होना था।’’ पिछले शुक्रवार को क्रासिंस्की क्वार्टेंग को वित्त मंत्री पद से हटा दिया गया था और उनके उत्तराधिकारी, वित्त मंत्री जेरेमी हंट ने सोमवार को सरकार के मिनी-बजट में कटौती कर दी थी। इस कदम से ट्रस के नेतृत्व के लिए संकट और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई। साथ ही उनके प्रधानमंत्री बने रहने पर भी संकट के बादल मंडराने लगे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a href="https://amritvichar.com/hacker-steals-australian-insurance-company-data/">हैकर ने ऑस्ट्रेलियाई बीमा कंपनी के आंकड़े किए चोरी, जारी करने के लिए की फिरौती की मांग</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 20 Oct 2022 16:55:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ब्रिटेन सरकार ने विकीलीक्स के जूलियन असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने को दी मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[लंदन । ब्रिटेन सरकार ने जासूसी के आरोपों में विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने की मंजूरी दे दी है। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि गृह मंत्री प्रीति पटेल ने प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इससे पहले ब्रिटेन की एक अदालत ने व्यवस्था दी थी कि असांजे को …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/233943/u-k-government-approves-extradition-of-julian-assange-to-u-s"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-06/julian-assange.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लंदन ।</strong> ब्रिटेन सरकार ने जासूसी के आरोपों में विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने की मंजूरी दे दी है। सरकार ने शुक्रवार को कहा कि गृह मंत्री प्रीति पटेल ने प्रत्यर्पण आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इससे पहले ब्रिटेन की एक अदालत ने व्यवस्था दी थी कि असांजे को अमेरिका प्रत्यर्पित किया जा सकता है।अमेरिका भेजे जाने से बचने के लिए असांजे की वर्षों से कानूनी लड़ाई में यह एक बड़ा मोड़ है। हालांकि असांजे के प्रयासों का यह अंत नहीं है और उनके पास अपील करने के लिए 14 दिन का समय है।</p>
<p>गृह विभाग ने एक बयान में कहा कि “ब्रिटेन की अदालतों ने यह नहीं पाया है कि ‘‘असांजे का प्रत्यर्पण दमनकारी, अन्यायपूर्ण या प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा। अमेरिका भेजे जाने से बचने के लिए असांजे की वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई में यह एक बड़ा मोड़ है। हालांकि असांजे के प्रयासों का यह अंत नहीं है और उनके पास इसके खिलाफ अपील करने के लिए 14 दिन का समय है।</p>
<p>ब्रिटेन के एक न्यायाधीश ने अप्रैल में असांजे के प्रत्यर्पण को मंजूरी देते हुए अंतिम निर्णय सरकार पर छोड़ दिया था। यह निर्णय ब्रिटेन के उच्चतम न्यायालय तक पहुंची कानूनी लड़ाई के बाद आया। अमेरिकी अभियोजकों का कहना है कि असांजे ने गोपनीय राजनयिक केबल और सैन्य फाइल चुराने में अमेरिकी सेना के खुफिया विश्लेषक चेल्सी मैनिंग की मदद की, जिन्हें बाद में विकीलीक्स ने प्रकाशित किया, जिससे लोगों का जीवन जोखिम में पड़ गया।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/taliban-put-up-posters-in-afghanistan-told-women-not-wearing-hijab-as-animals/">Taliban On Hijab : ‘जो महिलाएं हिजाब नहीं पहनती, वो जानवरों की तरह…’, तालिबान ने अफगानिस्तान में लगाए पोस्टर</a></strong></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jun 2022 16:14:38 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>यूरोप में तेजी से बढ़ रहा है मंकीपॉक्स, &amp;#8216;महामारी&amp;#8217; घोषित करने पर छिड़ी बहस</title>
                                    <description><![CDATA[लंदन। दुनियाभर में मंकीपॉक्स के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। यूरोप में मंकीपॉक्स के 100 के मरीज मिल चुके हैं। वहीं, इस ट्रेंड को गंभीरता से लेते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक इमरजेंसी बैठक की है। उस बैठक में कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बहस इस बात पर भी रही …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/220545/monkeypox-uk-stocking-up-on-vaccines-as-monkeypox-cases-rise-to-20"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-05/demo-image-301.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लंदन। </strong>दुनियाभर में मंकीपॉक्स के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। यूरोप में मंकीपॉक्स के 100 के मरीज मिल चुके हैं। वहीं, इस ट्रेंड को गंभीरता से लेते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक इमरजेंसी बैठक की है। उस बैठक में कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बहस इस बात पर भी रही क्या मंकीपॉक्स को महामारी घोषित कर देना चाहिए। इस समय यूरोप के कुल नौ देशों में मंकीपॉक्स ने जोरदार दस्तक दी है। जिनमें बेल्जियम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, पॉर्चुगल, स्पेन, स्वीडन और ब्रिटेन। इसके अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में भी मंकीपॉक्स के मामले बढ़ते जा रहे हैं।<strong><br />
</strong></p>
<p><strong>ब्रिटेन सरकार ने की टीका खरीद की कवायद शुरू</strong><br />
ब्रिटेन में मंकीपॉक्स के मामले बढ़कर 20 हो गए हैं। तो वहीं ब्रिटेन सरकार ने इस वायरस की रोकथाम के लिए टीके खरीदने की कवायद शुरू कर दी है। ब्रिटेन की सरकार ने शुक्रवार को कहा कि मंकीपॉक्स के मामलों की संख्या में वृद्धि के बीच उसने चेचक के ऐसे टीकों की खरीद की कवायद तेज कर दी है जोकि इस संक्रमण के प्रसार की रोकथाम कर सके। मंकीपॉक्स भी चेचक जैसा ही संक्रमण है। ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) ने कहा कि इंग्लैंड में मंकीपॉक्स के 11 और मामले पाये गए हैं, जिसके बाद देश में इस संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 20 तक पहुंच गई है। ब्रिटेन में इस महीने की शुरुआत में मंकीपॉक्स संक्रमण के मामले सामने आए थे।</p>
<p><strong>संपर्क वाले व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है मंकीपॉक्स </strong><br />
जी-7 देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के दौरान शुक्रवार को ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद ने कहा कि अधिकतर मामले हल्के संक्रमण के हैं। मैं यह पुष्टि कर सकता हूं कि हमने और अधिक मात्रा में उन टीकों की खरीद की है जोकि मंकीपॉक्स के खिलाफ प्रभावी हैं। मंकीपॉक्स का संक्रमण बेहद करीबी संपर्क वाले व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है। साथ ही ऐसे व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल कपड़े या चादरों का उपयोग करने से संक्रमण फैल सकता है जोकि मंकीपॉक्स की चपेट में है।</p>
<p><strong>मंकीपॉक्स संक्रमण का प्रसार का जोखिम कम</strong><br />
इस बीच, यूकेएचएसए ने जोर दिया कि ये वायरस आसानी से एक से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैल सकता और ब्रिटेन में मंकीपॉक्स संक्रमण के प्रसार का जोखिम बेहद कम है। यूकेएचएसए की मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ सुसन हॉप्किंस ने कहा कि हम सामने आए मरीजों के करीबी संपर्क वाले लोगों की पहचान कर उन्हें स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के साथ ही उचित परामर्श दे रहे हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/after-corona-now-monkeypox-increased-concern-first-case-registered-in-australia-france-alert-issued-in-peru/">कोरोना के बाद अब मंकीपॉक्स ने बढ़ाई चिंता, ऑस्ट्रेलिया-फ्रांस में पहला मामला दर्ज, पेरू में जारी अलर्ट</a></strong></p>
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                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 May 2022 15:35:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारतीय यात्रियों के लिए अच्छी खबर, &amp;#8216;कोवैक्सीन&amp;#8217; की दोनों खुराक लेने वाले बिना परेशानी कर सकेंगे ब्रिटेन यात्रा</title>
                                    <description><![CDATA[लंदन। ब्रिटेन सरकार ने कहा कि भारत के ‘कोवैक्सीन’ टीके को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए स्वीकृत कोविड-19 रोधी टीकों की सूची में 22 नवंबर को शामिल किया जाएगा। इसका अर्थ यह हुआ कि जिन लोगों ने भारत बायोटेक द्वारा निर्मित ‘कोवैक्सीन’ की दोनों खुराक ली हैं, उन्हें ब्रिटेन आने के बाद पृथक-वास में नहीं रहना …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/131497/good-news-for-indian-travelers-those-taking-both-doses-of-covaccine-will-be-able-to-travel-to-britain-without-any-hassle"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-11/कोवैक्सीन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लंदन।</strong> ब्रिटेन सरकार ने कहा कि भारत के ‘कोवैक्सीन’ टीके को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए स्वीकृत कोविड-19 रोधी टीकों की सूची में 22 नवंबर को शामिल किया जाएगा। इसका अर्थ यह हुआ कि जिन लोगों ने भारत बायोटेक द्वारा निर्मित ‘कोवैक्सीन’ की दोनों खुराक ली हैं, उन्हें ब्रिटेन आने के बाद पृथक-वास में नहीं रहना होगा।</p>
<p>विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) , ‘कोवैक्सीन’ को आपात स्थिति में इस्तेमाल के लिए स्वीकृत टीकों की सूची (ईयूएल) में पहले ही शामिल कर चुका है, जिसके बाद ब्रिटेन ने यह कदम उठाया है। भारत में निर्मित ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविड-19 रोधी टीके ‘कोविशील्ड’ को ब्रिटेन में स्वीकृत टीकों की सूची में पिछले महीने शामिल किया गया था। भारत के लिए ब्रितानी उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने सोमवार को ट्वीट किया, ”ब्रिटेन आने वाले भारतीय यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। कोवैक्सीन समेत डब्ल्यूएचओ की आपात सूची में शामिल कोविड-19 रोधी टीके लगवा चुके यात्रियों को 22 नंवबर से पृथक-वास में नहीं रहना होगा।” यह फैसला 22 नवंबर तड़के चार बजे से लागू होगा।</p>
<p>‘कोवैक्सीन’ के अलावा डब्ल्यूएचओ के ईयूएल में शामिल चीन के ‘सिनोवैक’ और ‘सिनोफार्म’ टीकों को भी ब्रिटेन सरकार के मान्यता प्राप्त टीकों की सूची में शामिल किया जाएगा। ब्रिटेन के परिवहन मंत्री ग्रांट शैप्स ने कहा, ” हम वैश्विक महामारी से उबर रहे हैं और मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय टीकों की संख्या में विस्तार कर रहे हैं।</p>
<p>ऐसे में आज की घोषणा अंतरराष्ट्रीय यात्रा पुन: आरंभ करने की दिशा में अगला कदम है।” ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री साजिद जावेद ने कहा, ”लाल सूची (रेड लिस्ट) और पृथक-वास प्रणाली हमारी सीमाओं की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है और जैसा कि हमने कहा है, यदि आवश्यकता हुई तो हम देशों को लाल सूची में शामिल डालने में संकोच नहीं करेंगे।”</p>
<p><strong>इसे भी पढ़ें…</strong></p>
<p class="post-title entry-title"><a href="https://amritvichar.com/madhya-pradesh-fire-broke-out-in-the-childrens-ward-of-nehru-hospital-bhopal-reports-of-many-children-getting-burnt-screams-all-around/">मध्यप्रदेश: भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल के चिल्ड्रन वार्ड में लगी आग, चार बच्चों की मौत, कई के झुलसने की सूचना, चारो ओर चीख पुकार…</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Uncategorized</category>
                                            <category>Top News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Nov 2021 09:28:45 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तान ने शरीफ के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन सरकार से किया संपर्क : शहजाद</title>
                                    <description><![CDATA[लाहौर। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को फरार घोषित करते हुए इमरान खान की अगुवाई वाली सरकार ने शरीफ के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन सरकार से संपर्क किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, लाहौर में शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जवाबदेही और आंतरिक …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/36489/shahzad-akbar-said-pakistan-contact-uk-government-for-extradition-of-nawaz-sharif"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2020-08/nawaz-sharif.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लाहौर। </strong>पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को फरार घोषित करते हुए इमरान खान की अगुवाई वाली सरकार ने शरीफ के प्रत्यर्पण के लिए ब्रिटेन सरकार से संपर्क किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>डॉन न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, लाहौर में शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जवाबदेही और आंतरिक मामलों में प्रधानमंत्री के सलाहकार शहजाद अकबर ने कहा, “सरकार उनको (शरीफ) फरार मान रही है और उनके प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटिश सरकार से अनुरोध किया गया है।”</p>
<p>उन्होंने आगे कहा, “लंदन की सड़कों पर उनका टहलना न्यायपालिका के गाल पर तमाचे की तरह है और सरकार इसकी अनुमति नहीं दे सकती। इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है, हम सिर्फ कानून का पालन कर रहे हैं और उसकी आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं।”</p>
<p>अकबर ने आगे कहा कि सरकार शरीफ के प्रत्यर्पण को आगे बढ़ाने के लिए नेशनल अकाउंटबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) से अनुरोध करेगी। साथ ही यह शहबाज शरीफ की उस गारंटी की वैधता पर भी विचार कर रहा है, जिसके मद्देनजर उन्हें अपने बड़े भाई को चिकित्सा के बाद वापस पाकिस्तान भेजना था।</p>
<p>लाहौर हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर, 2019 को पूर्व नेता को पाकिस्तान में ही इलाज के लिए आठ सप्ताह की जमानत दी और वहीं 16 नवंबर को उन्हें इलाज के लिए विदेश यात्रा करने की चार सप्ताह की अनुमति दी गई थी।</p>
<p>अकबर के अनुसार, नवाज शरीफ को कोर्ट में और पंजाब सरकार को अपने इलाज की प्रक्रिया और टेस्ट रिपोर्ट की जानकारी से अपटेड कराते रहना था, जो उन्होंने नहीं किया। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन सरकार को भी शरीफ के प्रत्यर्पण के अनुरोध के संबंध में 2 मार्च को अवगत कराया जा चुका है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/36489/shahzad-akbar-said-pakistan-contact-uk-government-for-extradition-of-nawaz-sharif</link>
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                <pubDate>Sun, 23 Aug 2020 16:05:00 +0530</pubDate>
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