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                <title>year 2024 - Amrit Vichar</title>
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                <title>Year Ender 2024: मनमोहन सिंह, रतन टाटा, जाकिर हुसैन व श्याम बेनेगल समेत इन दिग्गजों ने 2024 में दुनिया को कहा अलविदा...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> इस साल मनमोहन सिंह, जाकिर हुसैन, अमीन सयानी, श्याम बेनेगल, फली एस नरीमन, बुद्धदेव भट्टाचार्य और ए रामचंद्रन समेत अपने-अपने क्षेत्र की कई मशहूर हस्तियों ने दुनिया को अलविदा कह दिया। राजनीति, व्यवसाय, कानून और अर्थशास्त्र के क्षेत्रों ने कम्युनिस्ट नेता सीताराम येचुरी और बुद्धदेव भट्टाचार्य, व्यवसायी-परोपकारी रतन टाटा, कानूनी दिग्गज फली एस नरीमन और ए जी नूरानी तथा अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय जैसे दिग्गजों को खो दिया। वर्ष के अंतिम दिनों में देश ने अपने एक और सच्चे सपूत को खो दिया। </p>
<p>भारत के सबसे बड़े नेताओं में से एक और आर्थिक सुधारों के जनक, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/513820/year-ender-2024--many-great-personalities-including-manmohan-singh--ratan-tata--zakir-hussain-and-shyam-benegal-said-goodbye-to-the-world-in-2024"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/cats565.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> इस साल मनमोहन सिंह, जाकिर हुसैन, अमीन सयानी, श्याम बेनेगल, फली एस नरीमन, बुद्धदेव भट्टाचार्य और ए रामचंद्रन समेत अपने-अपने क्षेत्र की कई मशहूर हस्तियों ने दुनिया को अलविदा कह दिया। राजनीति, व्यवसाय, कानून और अर्थशास्त्र के क्षेत्रों ने कम्युनिस्ट नेता सीताराम येचुरी और बुद्धदेव भट्टाचार्य, व्यवसायी-परोपकारी रतन टाटा, कानूनी दिग्गज फली एस नरीमन और ए जी नूरानी तथा अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय जैसे दिग्गजों को खो दिया। वर्ष के अंतिम दिनों में देश ने अपने एक और सच्चे सपूत को खो दिया। </p>
<p>भारत के सबसे बड़े नेताओं में से एक और आर्थिक सुधारों के जनक, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 26 दिसंबर को अंतिम सांस ली। कांग्रेस नेता ने 1990 के दशक में देश को आर्थिक संकट से उबारने के लिए नीतियां बनाकर राष्ट्र को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया।</p>
<p>इससे पहले, रतन टाटा की मृत्यु ने कारोबारी क्षेत्र में एक अपूरणीय शून्य पैदा कर दिया। टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष ने नमक से लेकर सॉफ्टवेयर बनाने तक समूह का विस्तार करके इसे नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाया। सुशील कुमार मोदी, नटवर सिंह, ओम प्रकाश चौटाला और एसएम कृष्णा जैसे प्रमुख नेताओं ने भी इस वर्ष अंतिम सांस ली।</p>
<p>गायक पंकज उधास, प्रभा अत्रे और उस्ताद राशिद खान, भरतनाट्यम नृत्यांगना यामिनी कृष्णमूर्ति और तबला वादक जाकिर हुसैन के निधन से इस वर्ष कला के क्षेत्र में भी बड़ी क्षति हुई। </p>
<p>जनवरी में शास्त्रीय गायक राशिद खान का निधन हो गया। खान ने अपनी आवाज से ‘‘जब वी मेट’’ के ‘‘आओगे जब तुम’’ और ‘‘मॉर्निंग वॉक’’ के ‘‘भोर भयो’’ जैसे गीतों को अमर कर दिया। भारत ने किराना घराने की सबसे पुरानी गायिकाओं में से एक, प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका प्रभा अत्रे को भी खो दिया। </p>
<p>पद्म भूषण से सम्मानित अत्रे का ख्याल, ठुमरी, दादरा और ग़ज़ल सहित विभिन्न संगीत शैलियों पर असाधारण अधिकार था। अपनी सदाबहार गजलों के लिए मशहूर पंकज उधास ने ‘‘चांदी जैसा रंग है तेरा’’, ‘‘फिर हाथ में शराब है’’, और ‘‘और आहिस्ता’’ जैसे गीतों से इस शैली को लोकप्रिय बनाया। उनकी आवाज ने ‘‘चिट्ठी आई है’’, ‘‘ना कजरे की धार’’, और ‘‘जीयें तो जीयें कैसे’’ जैसे हिंदी फिल्मी गानों में चार चांद लगा दिये। </p>
<p>बहुमुखी प्रतिभा की धनी यामिनी कृष्णमूर्ति को उत्तर भारत में भरतनाट्यम को लोकप्रिय बनाने का श्रेय दिया जाता है। उन्हें भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, कर्नाटक गायन और वीणा में महारत हासिल थी। कला के क्षेत्र में योगदान के लिए उन्हें पद्म श्री (1968), पद्म भूषण (2001) और पद्म विभूषण (2016) से सम्मानित किया गया। </p>
<p>जाकिर हुसैन की मृत्यु से देश ने अपनी पीढ़ी के सबसे महत्वपूर्ण कलाकारों में से एक को भी खो दिया। अपने पिता अल्ला रक्खा के पदचिह्नों पर चलते हुए तबला वादक न केवल घर-घर में मशहूर हुए, बल्कि उन्होंने इस वाद्य यंत्र को विश्व स्तर पर लोकप्रिय बनाया और अपने करियर में चार ग्रैमी पुरस्कार जीते। संगीत के क्षेत्र की एक और बड़ी शख्सियत शारदा सिन्हा का भी इस साल निधन हो गया। </p>
<p>भोजपुरी और मैथिली लोक संगीत को लोकप्रिय बनाने वाली सिन्हा अपने भक्ति गीतों के जरिये छठ पूजा की आवाज बन गईं। उन्होंने ‘‘कहे तो से सजना’’ और ‘‘तार बिजली’’ जैसे हिंदी फिल्मी गीतों में भी अपनी आवाज से अनूठी छाप छोड़ी। </p>
<p>साहित्य जगत ने शायर मुनव्वर राणा, केकी एन दारूवाला, उषा किरण खान, सुरजीत पातर और मालती जोशी जैसे जाने-माने नाम खो दिए। अवधी और उर्दू में लिखने वाले राणा ने फारसी और अरबी शब्दावली से अपरिचित पाठकों के लिए शायरी को सुलभ बनाया। शायर अपने राजनीतिक विचारों के लिए भी जाने जाते थे, जो अक्सर लोकप्रिय राय के विपरीत होते थे।</p>
<p>खाना पकाने की ‘दम पुख्त’ परंपरा को जिंदा करने वाले शेफ इम्तियाज कुरैशी का भी इस साल निधन हो गया। अवधी व्यंजनों में पारंगत कुरैशी ने ‘दाल बुखारा’, ‘दम पुख्त बिरयानी’, ‘काकोरी कबाब’, ‘लहसुन की खीर’ और ‘वरकी पराठा’ जैसे व्यंजनों को लोकप्रिय बनाया। कला क्षेत्र में मशहूर हनीफ कुरैशी भी इस साल गुजर गए। </p>
<p>कुरैशी ने ‘स्ट्रीट आर्ट’ के क्षेत्र में क्रांति ला दी और दिल्ली में लोधी आर्ट डिस्ट्रिक्ट, मुंबई में ससून डॉक आर्ट प्रोजेक्ट और बैंगलोर मेट्रो सहित सार्वजनिक कला परियोजनाओं के पीछे प्रेरक शक्ति थे। फिल्म और फैशन की दुनिया के भी कुछ नामी सितारों का साथ छूट गया। समानांतर सिनेमा के दो सबसे अग्रणी चेहरे श्याम बेनेगल और कुमार साहनी के निधन से बड़ा खालीपन पैदा हो गया। </p>
<p>साहनी को ‘‘माया दर्पण’’ और ‘‘कस्बा’’ तथा बेनेगल को ‘‘अंकुर’’, ‘‘मंथन’, ‘निशांत’ जैसी सिनेमाई कृतियों के लिए हमेशा याद किया जाएगा। सबसे प्रसिद्ध भारतीय फैशन डिजाइनरों में से एक रोहित बल ने भी इस साल अलविदा कह दिया। </p>
<p>निर्देशक संगीत सिवन और अभिनेता ऋतुराज सिंह एवं अतुल परचुरे भी इस साल अलविदा कहने वालों में शामिल थे। दृश्य कला के क्षेत्र ने चित्रकार ए रामचंद्रन को खो दिया। भारत में सार्वजनिक प्रसारण का पर्याय माने जाने वाले रेडियो प्रस्तोता अमीन सयानी भी इस साल हम सब का साथ छोड़ गए। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/513678/cm-yogi-reached-delhi--met-the-former-president--also-met-jp-nadda#gsc.tab=0">CM योगी पहुंचे दिल्ली, अमित शाह से की मुलाकात, पूर्व राष्ट्रपति और जेपी नड्डा से भी मिले</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Dec 2024 18:36:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Year Ender 2024: हादसों से भरा रहा साल 2024, हावी रही राजनीति, भ्रष्टाचारियों पर कसा गया शिकन्जा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>डी.पी.शुक्ल, लखनऊ, अमृत विचार।</strong> संभल और बहराइच जैसी हिंसात्मक घटनाओं के साथ वर्ष 2024 का समय समाप्ति की ओर बढ़ चला है। जहां एक तरफ महिला संबंधी अपराधों में झड़ी लगी रही,वहीं दूसरी तरफ हत्याओं की वारदातों से लोगों में भय का माहौल बना रहा। हालाकि लूट,रोड-होल्डप और डकैती में कमी देखने को मिली,परन्तु प्रदेश में कई जिलों में चोरी की घटनाओं ने पुलिस की गस्त व्यवस्था पर सवालिया निशान भी छोड़ दिया। इसी तरह साइबर अपराधों पर नजर डाली जाय तो इस तरह की घटनाओं में बेहताशा वृद्धि हुई है। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/513359/year-ender-2024-was-full-of-accidents-year-2024-was"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/untitled-design---2024-12-27t103222.977.png" alt=""></a><br /><p><strong>डी.पी.शुक्ल, लखनऊ, अमृत विचार।</strong> संभल और बहराइच जैसी हिंसात्मक घटनाओं के साथ वर्ष 2024 का समय समाप्ति की ओर बढ़ चला है। जहां एक तरफ महिला संबंधी अपराधों में झड़ी लगी रही,वहीं दूसरी तरफ हत्याओं की वारदातों से लोगों में भय का माहौल बना रहा। हालाकि लूट,रोड-होल्डप और डकैती में कमी देखने को मिली,परन्तु प्रदेश में कई जिलों में चोरी की घटनाओं ने पुलिस की गस्त व्यवस्था पर सवालिया निशान भी छोड़ दिया। इसी तरह साइबर अपराधों पर नजर डाली जाय तो इस तरह की घटनाओं में बेहताशा वृद्धि हुई है। पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप भी जमकर लगे, कईयों को तो जेल भी जाना पड़ा। जनता की सुरक्षा का ढिढोरा पीटने वाली पुलिस पर इस वर्ष यौन शोषण के बहुत सारे मामले भी सामने आये। पुलिस अभिरक्षा में हुई दर्जनों से अधिक मौतों ने सुरक्षा की भावना को तार-तार कर दिया। न्याय न मिल पाने की वजह से कई लोगों को लखनऊ आकर आत्मदाह करके अपनी जान तक गवानी पड़ी। । इसके अलावा इस वर्ष सुल्तानपुर समेत कई जिलों में हुए कथित पुलिस मुठभेड़ पर भी गंभीर आरोप लगे। सैकड़ों की संख्या में पुलिस कर्मियों को भ्रष्टाचार निवारण संगठन और सर्तकता विभाग की टीम ने सैकड़ों की संख्या में अधिकारियो और कर्मचारियों को घूस लेते गिरफ्तार किया है। इस वर्ष ट्रेन हादसे ही घटनाएं अधिक हुई। 18 जुलाई को गोण्डा में, 19 जुलाई को गुजरात के बलसाड़ में, 20 जुलाई को अमरोहा में 21 जुलाई को राजस्थान के अलवर में, 21 जुलाई को बंगाल में, 27 जुलाई को छत्तीशगढ़ में, 29 जुलाई को विहार में तथा 30 जुलाई को झाड़खण्ड में ट्रेन हादसे हुए जिसमें सैकड़ो लोगों की जान चली गयी। इसी तरह इस वर्ष सड़क हादसों में भी सैकड़ों की संख्या में लोगों की जान चली गयी।</p>
<p><strong>2024 में हुई बड़ी घटनाएं</strong><br />24 नवम्बर को संभल में मस्जिद के सर्वे पर हुए खूनी हिंसा में पाचं लोगों की जान चली गयी। यहां पर आगजनी,पथराव,फायरिंग से दर्जनों की संख्या में पुलिस और प्रशासनिक के लोग घायल हो गये। 13 अक्टूबर को बहराइच महसी तहसील स्थित महराजगंज कस्बे में दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान हुई खूनी हिंसा में रामगोपाल मिश्र को गोलियों से छलनी कर दिया गया। इसी तरह 05 नवम्बर को वाराणसी के भदैनी के राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, पत्नी नीतू, बच्चे नमेन्द्र, सुरेन्द्र और गारांगी की निर्मम हत्या कर दी गयी। 26 अक्टूबर को राजधानी के चिनहट कोतवाली के हवालात में बंद मोहित की मौत हो गयी। इस घटना में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। 04 अक्टूबर को अमेठी के शिवरतनगंज में शिक्षक सुनील कुमार, पत्नी पूनम और दो बच्चे सृष्टि, समीक्षा को गोलियों से भून दिया गया। 28 सितम्बर को सुल्तानपुर जनपद के चौक में ठठेरी अर्न्तगत सर्राफा की दुकान में धावा बोलकर बदमाशों ने मालिक और उसके पुत्र को बंधक बनाया और तिजोरी तथा काउन्टर में से लाखों के जेवर लूटकर भाग निकले। गाजियाबाद में 16 अगस्त को अपहरण कर वास्तुकार की छ: टुकड़ों में शव बरामद हुआ। हत्या का कारण प्रेम प्रसंग बताने वाली पुलिस ने 24 अगस्त को पवन,वंश और प्रेमिका अंजली को गिरफ्तार किया। अगस्त के महीने में नोयडा में नैनीताल बैंक का सर्वर हैककर 17 करोड़ रुपये निकाल लिए गये। इस घटना में पुलिस ने बीजेपी युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष हर्ष बंसल को गिरफ्तार किया। बताया जाता है कि बंसल का भाई शुभम नैनीताल बैंक का सीए था। दोनों भाइयों ने फर्जी फर्म बनाकर उक्त बैंक से रूपये ट्रांसफर करवा लिए।</p>
<p><strong>अफसरों ने की आत्महत्या</strong><br />बुलन्दशहर में सीबीआई छापे के बाद 20 अगस्त को पोस्टआफिस के अधीक्षक टीपी सिंह ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मौके से बरामद सुसाइट नोट में दफ्तर के कई लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। इसी तरह इसी उक्त आफिस में तैनात डाककर्मी राहुल कुमार ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। ढाई करोड़ रुपये के घोटाले में सीबीआई ने दो दिन पूर्व ही राहुल से पूछ ताछ की थी। बरामद सुसाइट नोट में राहुल ने अपने को निर्दोष बताया है। पर्वतन निदेशालय दिल्ली के अफसर आलोक रंजन ने ट्रेन से कटकर अपनी जान दे दी। 7 अगस्त को आलोक को सीबीआई ने घूस लेने के मामले में गिरफ्तार किया था। फतेहपुर के थरियांव थाने में तैनात सिपाही जौनपुर की प्रिया सरोज ने अपने मंगेतर से फोन पर बात करने के बाद आत्महत्या कर ली। 16 जुलाई को गांव की युवती के द्वारा ब्लैकमेल करने से दुखी होकर गाजियाबाद में सिपाही पम्मी ने गोली मारकर सुसाइट किया।</p>
<p><strong>दागदार हुई खाकी</strong><br />बलिया में वाराणसी जोन के एडीजी पीयूष मोर्डिया ने आजमगढ़ रेन्ज के डीआईजी वैभव कृष्ण के साथ थाना नरही में छापा मारा तो इंस्पेक्टर के कमरे से ट्रक चालकों से लाखों रूपये बरामद हुआ। बताया जाता है कि नरही क्षेत्र के भरौली तिराहे पर बड़ी संख्या में बक्सर विहार की तरफ से बलिया में आने वाले वाहनों से प्रतिदिन लाखों की वसूली पुलिस कराती है। इस संबंध में मौके से कई पुलिस कर्मियों को अधिकारियों ने गिरफ्तार किया। थाना नरही में पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराई गयी है। 18 जुलाई को अलीगढ़ के गभाना क्षेत्र में गोकशी की तलाश में गये सिपाही की संदिग्ध हालत में गोली लगने से मौत हो गयी।</p>
<p>प्रदेश वासियों को नववर्ष की अग्रिम शुभकामनाएं। उत्तर-प्रदेश में अपराध की बड़ी घटनाओं में तेजी से कमी आयी है,जिसका श्रेय विभाग के हर पुलिसकर्मी को जाता है। शासन की मंशा के अनुरुप जनता को भय मुक्त समाज देने के लिए हम संकल्पित हैं।<br /><strong>–प्रशान्त कुमार, डीजीपी</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Dec 2024 10:35:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी: साल 2024 का पहला दिन महिला के लिए रहा दुखदायी, चर्च कंपाउंड में किसी ने कर दी निर्मम हत्या, कोहराम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाराणसी।</strong> साल 2024 का पहला दिन एक महिला के लिए बेहद ही खराब साबित हुआ। साल के पहले ही दिन उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। इस निर्मम हत्या से कैंट थाना क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बता दें कि कैंट के छावनी क्षेत्र स्थित चर्च कंपाउंड में सोमवार की सुबह 50 वर्षीय एक महिला का शव बरामद हुआ। </p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला झारखंड के गुमला की रहने वाली थी। वह अपनी बहन रेटिना के साथ चर्च कंपाउंड के स्टाफ क्वार्टर में रहती थी। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डाग स्क्वाड की टीम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/431462/varanasi-the-firt-day-o-the-year-2024-was-painful"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-01/death-maa-ki.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाराणसी।</strong> साल 2024 का पहला दिन एक महिला के लिए बेहद ही खराब साबित हुआ। साल के पहले ही दिन उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। इस निर्मम हत्या से कैंट थाना क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बता दें कि कैंट के छावनी क्षेत्र स्थित चर्च कंपाउंड में सोमवार की सुबह 50 वर्षीय एक महिला का शव बरामद हुआ। </p>
<p>प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला झारखंड के गुमला की रहने वाली थी। वह अपनी बहन रेटिना के साथ चर्च कंपाउंड के स्टाफ क्वार्टर में रहती थी। घटना की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डाग स्क्वाड की टीम और फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया है।</p>
<p>पुलिस को ट्राली चालक पर शक है जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि महिला से जबरदस्ती करने का प्रयास किया गया है और असफल होने पर उसकी हत्या कर दी गई है। </p>
<p>बताया जा रहा है कि मृतक महिला विक्टोरिया चर्च में साफ सफाई का काम करती थी। मृतक महिला की बहन रेटिना के अनुसार उसकी बहन सुबह 7:00 बजे अपने काम पर चली गई थी। उसके बाद से वो घर नहीं लौटी थी। </p>
<p>वहीं चर्च के गार्ड विवेक ने बताया कि वह विक्टोरिया की चीख सुनकर उसके कमरे की ओर गया तो उसे खून से लथपथ देखकर उसे जिला अस्पताल भिजवाया। जब महिला की तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो महिला को काशी हिंदू विश्वविद्यालय ट्रामा सेंटर भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/431458/gift-in-2024--47-industries-being-built-at-a-cost-of-rs-100-crore-will-start#gsc.tab=0">2024 में सौगात: 100 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 47 उद्योग होंगे शुरू, हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/431462/varanasi-the-firt-day-o-the-year-2024-was-painful</link>
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                <pubDate>Mon, 01 Jan 2024 15:33:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sachin Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: कैसा रहेगा 2024 भारतवर्ष के लिए...क्या कहती है ज्योतिष गणना...यहां जानिए...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> नए साल के जश्न को सभी तैयार हैं, हर कोई अपने तरीके से साल के स्वागत की तैयारी कर रहा है। इन सब के बीच कहीं न कहीं लोगों में आने वाला साल उनके लिए क्या कुछ लेकर आया है इसको लेकर भी वे काफी उत्सुक हैं और ज्योतिष शास्त्र को खासा तवज्जो दे रहे हैं। वहीं शहर की ज्योतिषाचार्य डा.मंजू जोशी ने देश की कुंडली का अध्ययन किया और नव वर्ष भारत वर्ष के लिए क्या कुछ ला रहा है... कितना उतार-चढ़ाव होने वाला है इस पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवा रही हैं...तो आप भी पढ़िए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/430653/how-will-be-haldwani-in-2024-know-here-what-astrological"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/whatsapp-image-2023-12-29-at-14.37.35_74e465d2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> नए साल के जश्न को सभी तैयार हैं, हर कोई अपने तरीके से साल के स्वागत की तैयारी कर रहा है। इन सब के बीच कहीं न कहीं लोगों में आने वाला साल उनके लिए क्या कुछ लेकर आया है इसको लेकर भी वे काफी उत्सुक हैं और ज्योतिष शास्त्र को खासा तवज्जो दे रहे हैं। वहीं शहर की ज्योतिषाचार्य डा.मंजू जोशी ने देश की कुंडली का अध्ययन किया और नव वर्ष भारत वर्ष के लिए क्या कुछ ला रहा है... कितना उतार-चढ़ाव होने वाला है इस पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवा रही हैं...तो आप भी पढ़िए ज्योतिष के अनुसार वर्ष 2024 देश के लिए कैसे रहने वाला है...</p>
<p>2024 का आगमन सोमवार को मघा नक्षत्र में हो रहा है। नव वर्ष पर सूर्योदय के समय चंद्रमा सिंह राशि में, गुरु मेष राशि में मार्गी, बुध ग्रह वक्री तथा शनि कुंभ राशि में चलित रहेंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष राजा मंगल एवं मंत्री शनि महराज होंगे।</p>
<p>2024 में भारत में आपको अनेक उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे। भारत की राजनीति में विशेष कानून व्यवस्था लागू होने के योग बन रहे हैं। विश्व के अनेक देश भारतवर्ष के साथ व्यापारिक संबंध बनाने को उत्सुक रहेंगे। पश्चिमी देशों में राजनीतिक संकट गहराएगा। भयानक विस्फोटक वातावरण से आंतरिक अशांति बनेगी। विश्व के प्रमुख देशों के मध्य युद्ध का भय बना रहेगा। विश्व के विभिन्न राष्ट्राध्यक्षों में परस्पर बैर भाव के कारण निरंतर युद्ध जैसी स्थितियां बन सकती हैं। अनेक देशों में प्राकृतिक प्रकोप से जन धन हानि होने की संभावना। </p>
<p>व्यापार के दृष्टिकोण से 2024 भारतवर्ष के लिए अत्यंत शुभ फल कारक रहेगा। भारत विश्व भर में व्यापार के माध्यम से नए आयाम स्थापित करेगा। विदेशनीति के कारण भारत विश्व विख्यात होगा। व्यापारिक दृष्टिकोण से पर्यटन के क्षेत्र में विशेष सफलता प्राप्त होगी। आम जन मानस के लिए रोजगार के सुअवसर प्राप्त होंगे तथा आय में बढ़ोतरी होगी। सभी व्यापारी वर्ग को वर्ष भर आय में उतार चढाव देखने को मिलेंगे।</p>
<p>मौसम के दृष्टिकोण से यह वर्ष मध्यम फल कारक रहेगा। विश्व के अनेक स्थानों पर अग्निकांड एवं बम विस्फोट, आग्नेय अस्त्रों का प्रयोग प्रचुरता से होता दिखाई देगा। आंधी–तूफान, खंडवृष्टि और भूकंप आदि प्रकोपों से आम जनमानस का जीवन अस्त-व्यस्त रहेगा। वर्षा की कमी के कारण सूखे की स्थिति उत्पन्न होगी। अन्नोत्पाद्न भी मध्यम रहेगा।  विघ्न बाधा, विपत्ति दंगा फसाद, फसल को हानि पहुंचाने वाले उपद्रव–अतिवृष्टि, अनावृष्टि, जीव-जंतुओं, पक्षियों आदि से फसल को हानि एवं राष्ट्र में तनाव की संभावना रहेगी। उत्तराखंड, हिमांचल प्रदेश आदि पर्वतीय राज्यों में अधिक वर्षा के कारण भूस्खलन, भूकंप आदि समस्याएं उत्पन्न हो सकती है।</p>
<p>सुरक्षा के दृष्टिकोण से 2024 भारत वर्ष हेतु अनुकूल रहेगा–<br />देश की सीमाओं पर अनेक प्रकार के उपद्रव आतंकवाद का भय बना रहेगा। भारत के शत्रु देशों द्वारा बनाई गई योजनाएं विफल होंगी। भारत की कूटनीति सफल रहेगी।महंगाई नियंत्रित करने में शासन विफल रहेगा। भारतीय राजनीति राष्ट्रवाद व धर्मनिरपेक्षवाद की दो धाराओं में स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। राष्ट्रवाद के नाम पर राजनीतिक पार्टियां सत्तासीन होंगी। रक्षा के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बनेगा।</p>
<p>स्वास्थ्य के परिपेक्ष से वर्ष 2024 सामान्य फल कारक रहेगा।<br />अनेक गंभीर बीमारियों का भय बना रहेगा। बाल्यावस्था के जातकों को गंभीर बीमारी का भय वर्ष के उत्तरार्द्ध में बना रहेगा जैसे–शीत–ठंड, ज्वरादि गंभीर रोग व किसी स्पर्शजनित रोग (संक्रामक) का प्रकोप हो सकता है। कोरोना महामारी का प्रभाव शिशुओं एवं किशोरावस्था के जातकों में अधिक देखने को मिलेगा अतः सावधानी बरतें। सामाजिक नियमों का पालन करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 29 Dec 2023 14:38:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>साल 2024 में 'रोपवे इनेबल्ड सिटी' होगा वाराणसी, यातायात बनेगा और भी सुगम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाराणसी। </strong>काशी की यातायात को सुगम और सुचारू बनाने के लिए देश का पहला रोपवे वाराणसी में 2024 तक चलने लगेगा। वाराणसी को रोपवे इनेबल्ड बनाने वाली इस परियोजना के तहत पहले चरण का निर्माण कुल दो सेक्शन में किया जा रहा है। रोप वे के पहले सेक्शन का निर्माण रथयात्रा तक और दूसरे सेक्शन का निर्माण गोदौलिया तक होगा। उल्लेखीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट के संचालन के लिए 807 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले रोपवे परियोजना की नींव अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रखे थे।</p>
<h5>पहला सेक्शन मार्च तक होगा पूरा</h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/409894/varanasi-will-be-a-ropeway-enabled-city-in-the-year"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/untitled-21-copy.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाराणसी। </strong>काशी की यातायात को सुगम और सुचारू बनाने के लिए देश का पहला रोपवे वाराणसी में 2024 तक चलने लगेगा। वाराणसी को रोपवे इनेबल्ड बनाने वाली इस परियोजना के तहत पहले चरण का निर्माण कुल दो सेक्शन में किया जा रहा है। रोप वे के पहले सेक्शन का निर्माण रथयात्रा तक और दूसरे सेक्शन का निर्माण गोदौलिया तक होगा। उल्लेखीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के पहले पब्लिक ट्रांसपोर्ट के संचालन के लिए 807 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले रोपवे परियोजना की नींव अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में रखे थे।</p>
<h5>पहला सेक्शन मार्च तक होगा पूरा</h5>
<p>काशी के यातायात को रफ़्तार देने के लिए रोप-वे का निर्माण तेजी से किया जा रहा है।  मार्च 2024 तक पहले सेक्शन का निर्माण कार्य पूरा होना प्रस्तावित है जिसका ट्रायल जुलाई तक चलेगा। कैंट स्टेशन से चलने पर रथयात्रा तीसरा प्लेटफार्म होगा। यात्री कैंट रेलवे स्टेशन से बिना वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण के रथयात्रा तक की यात्रा लगभग 10 मिनट में तय कर सकेंगे।</p>
<h5>कुल 5 स्टेशन होंगे</h5>
<p>वाराणसी कैंट स्टेशन से शुरू होकर गोदौलिया चौराहे तक कुल पांच स्टेशन होंगे। जिसमे कैंट रेलवे स्टेशन,काशी विद्यापीठ,रथयात्र ,गिरजाघर और गोदौलिया चौराहे पर स्टेशन बनाया जाएगा। रोपवे की कुल दूरी 3.85 किलोमीटर है जो करीब 16 मिनट में तय होगी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/409877/second-list-of-bsp-released-for-chhattisgarh-assembly-elections-know#gsc.tab=0">छत्तीसगढ़ विस चुनाव के लिए बसपा की दूसरी सूची जारी, जानिए... 17 सीटों पर उम्मीदवारों की लिस्ट में कौन-कौन शामिल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Oct 2023 21:25:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sachin Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वर्ष 2024 में दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे : आप </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को कहा कि वह 2024 के आम चुनाव में दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और लोगों को यह बताने के लिए एक अभियान चलाएगी कि राजधानी में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण संबंधी केंद्र का अध्यादेश उनके खिलाफ है।</p>
<p>दिल्ली और हरियाणा के आप नेताओं के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आप के महासचिव (संगठन) संदीप पाठक ने विपक्षी दलों के भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि यह कांग्रेस के "रवैये" पर निर्भर करता है। केंद्र ने गत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/382253/aap-will-contest-on-all-seven-lok-sabha-seats-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/pm-modi-kejriwal-96269818.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को कहा कि वह 2024 के आम चुनाव में दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी और लोगों को यह बताने के लिए एक अभियान चलाएगी कि राजधानी में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण संबंधी केंद्र का अध्यादेश उनके खिलाफ है।</p>
<p>दिल्ली और हरियाणा के आप नेताओं के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए आप के महासचिव (संगठन) संदीप पाठक ने विपक्षी दलों के भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की जरूरत पर जोर दिया और कहा कि यह कांग्रेस के "रवैये" पर निर्भर करता है। केंद्र ने गत 19 मई को दिल्ली में ग्रुप ए अधिकारियों के तबादले और तैनाती के वास्ते राष्ट्रीय राजधानी सिविल सेवा प्राधिकरण बनाने के लिए एक अध्यादेश जारी किया था, जिसे आप सरकार ने सेवाओं के नियंत्रण पर उच्चतम न्यायालय के फैसले के साथ धोखा बताया था।</p>
<p>यह अध्यादेश उच्चतम न्यायालय द्वारा दिल्ली में निर्वाचित सरकार को पुलिस, सार्वजनिक व्यवस्था और भूमि से संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य मामलों का नियंत्रण सौंपने के बाद लाया गया था। शीर्ष अदालत के 11 मई के फैसले से पहले दिल्ली सरकार के सभी अधिकारियों का स्थानांतरण और तैनाती उप राज्यपाल के कार्यकारी नियंत्रण में थी।</p>
<p>आप इस मुद्दे पर कई गैर-भाजपा दलों का समर्थन हासिल करने में कामयाब रही है, वहीं कांग्रेस ने अभी तक अध्यादेश की निंदा नहीं की है। पाठक ने कहा कि आप 2024 के आम चुनाव में दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पार्टी का अभियान लोगों को यह बताने पर केंद्रित होगा कि दिल्ली में प्रशासनिक सेवाओं पर नियंत्रण संबंधी केंद्र का "काला अध्यादेश" उनके खिलाफ है। उन्होंने कहा, हम लोगों को बताएंगे कि काला अध्यादेश केजरीवाल विरोधी नहीं बल्कि जनविरोधी है।</p>
<p>अन्य मुद्दे हैं कि भाजपा विपक्षी दलों को खत्म करना चाहती है और मोदी सरकार ने अपने नौ साल के कार्यकाल के दौरान क्या काम किया है। यदि कोई मोदी सरकार द्वारा किये गए चार कार्य के बारे में बात कर सके तो मैं उन्हें बधाई दूंगा। पाठक ने मोदी सरकार पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों को "बर्बाद" करने का आरोप भी लगाया।</p>
<p>आप नेता ने कहा कि भाजपा को उखाड़ फेंकने के लिए विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हालांकि, यह कांग्रेस पर निर्भर करता है। पाठक ने कहा, यदि कांग्रेस खुले दिल वाली है और सभी को साथ लेकर चलने को तैयार है, तो कुछ भी संभव है लेकिन अगर वह अहंकारी है, तो चीजें मुश्किल होंगी। दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 23 जून को पटना में विपक्षी नेताओं की एक बैठक में शामिल हुए थे।</p>
<p>हालांकि, इसके तुरंत बाद आप ने दावा किया कि कांग्रेस ने सार्वजनिक रूप से अध्यादेश की निंदा करने से इनकार कर दिया है और इसके कारण, पार्टी के साथ किसी भी गठबंधन का हिस्सा बनना उसके लिए "बहुत मुश्किल" होगा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि केंद्र के अध्यादेश का विरोध करना है या नहीं, इस पर फैसला संसद सत्र से पहले लिया जाएगा। पाठक ने कहा कि आप जुलाई में शिमला में होने वाली विपक्षी दलों की अगली बैठक में भाग लेने पर फैसला करेगी। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/382231/aurangzeb-lane-renamed-as-dr-apj-abdul-kalam-lane">औरंगजेब लेन का नाम बदलकर किया गया डॉ एपीजे अब्दुल कलाम लेन </a></span></strong></p>
<div class="google-auto-placed ap_container"> </div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/382253/aap-will-contest-on-all-seven-lok-sabha-seats-in</link>
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                <pubDate>Wed, 28 Jun 2023 17:27:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Ashpreet]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मतपत्र से मतदान नहीं हुए तो 2024 का चुनाव अंतिम होगा: दिग्विजय सिंह</title>
                                    <description><![CDATA[भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चुनाव में ईवीएम के उपयोग पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि अगर मतपत्र की तरफ वापस नहीं लौटे तो वर्ष 2024 में होने वाला संसद का चुनाव आखिरी चुनाव हो सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने सोमवार को ट्वीट करते हुए ब्रिटिश लेखक केरोल …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/37913/election-for-2024-will-be-final-if-ballot-is-not-voted-digvijay-singh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2020-08/2-6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>भोपाल। </strong>मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने चुनाव में ईवीएम के उपयोग पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि अगर मतपत्र की तरफ वापस नहीं लौटे तो वर्ष 2024 में होने वाला संसद का चुनाव आखिरी चुनाव हो सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने सोमवार को ट्वीट करते हुए ब्रिटिश लेखक केरोल जेने केडवाल्डर के बयान पर सहमति जताते हुए कहा, आप बिलकुल सही कह रही हैं मैडम, भारत में ईवीएम टेक्नोलॉजी के माध्यम से संसद चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली करके भारतीय लोकतंत्र को नष्ट किया जा रहा है।</p>
<p>वर्ष 2024 के संसद (लोकसभा) का चुनाव भारत का आखिरी चुनाव हो सकता है। अगर हम भारतीय, मतपत्र के लिए वापस जाने के लिए नहीं उठते हैं। ब्रिटिश लेखक केरोल जेने केडवाल्डर के उस बयान को भी दिग्विजय सिंह ने टैग किया है जिसमें वे कह रही हैं कि फेसबुक एक घातक वैश्विक शक्ति है जो उदार लोकतंत्र को नष्ट कर रही है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">You are absolutely right Madam, EVM is destroying Indian Democracy through mass rigging of Parliament Elections in India through Technology. 2024 Parliament Elections may be the last Election in India if we Indians don’t wake up to go back to Ballot Paper. <a href="https://t.co/Dg31k88gdI">https://t.co/Dg31k88gdI</a></p>
<p>— digvijaya singh (@digvijaya_28) <a href="https://twitter.com/digvijaya_28/status/1300240669596774400?ref_src=twsrc%5Etfw">August 31, 2020</a></p></blockquote>
<p></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/37913/election-for-2024-will-be-final-if-ballot-is-not-voted-digvijay-singh</link>
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                <pubDate>Mon, 31 Aug 2020 13:00:28 +0530</pubDate>
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