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                <title>Exclusive News - Amrit Vichar</title>
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                <description>Exclusive News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Exclusive News: 44.65 करोड़ से भवसिंह में कूड़े का पहाड़ हटाएंगे...कानपुर नगर निगम ने मांगा बजट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, (अभिषेक वर्मा)।</strong> भवसिंह पनकी कूड़ा डंप में एकत्र लीगेसी वेस्ट (कूड़े) का जल्द निस्तारण होगा। नगर निगम ने शासन से 44.65 करोड़ रुपये मांगे थे। स्वच्छ भारत मिशन के तहत पुराने कूड़े के पहाड़ों को निस्तारित करने के लिये यह बजट मांगा गया था। इस पर शासन ने नगर निगम के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। </p>
<p>हालांकि, इससे पहले भवसिंह में एकत्र कूड़े के पहाड़ों को देखने राज्य मिशन निदेशक व अपर निदेशक के नेतृत्व में शासन की टीम शहर आएगी। इसके साथ ही आईआईटी कानपुर से वर्तमान कूड़े की मात्रा को निस्तारित करने में मूल्यांकित डीपीआर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/509547/exclusive-news-kanpur-municipal-corporation-will-remove-the-mountain-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/पनकी-भवसिंह-कूडा-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, (अभिषेक वर्मा)।</strong> भवसिंह पनकी कूड़ा डंप में एकत्र लीगेसी वेस्ट (कूड़े) का जल्द निस्तारण होगा। नगर निगम ने शासन से 44.65 करोड़ रुपये मांगे थे। स्वच्छ भारत मिशन के तहत पुराने कूड़े के पहाड़ों को निस्तारित करने के लिये यह बजट मांगा गया था। इस पर शासन ने नगर निगम के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। </p>
<p>हालांकि, इससे पहले भवसिंह में एकत्र कूड़े के पहाड़ों को देखने राज्य मिशन निदेशक व अपर निदेशक के नेतृत्व में शासन की टीम शहर आएगी। इसके साथ ही आईआईटी कानपुर से वर्तमान कूड़े की मात्रा को निस्तारित करने में मूल्यांकित डीपीआर को कलेक्ट करेगी। इसके बाद ही बजट जारी किया जायेगा। 15वें वित्त के बजट से कूड़े का पूर्ण निस्तारण नहीं हो सका था, इसीलिये नगर निगम ने बजट की मांग की थी।   </p>
<p>नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तकनीकी समिति की बैठक में यह मुहर लग गई है। जिसमें नगर निगम कानपुर द्वारा सॉलिड वेस्ट प्लान्ट भवसिंह पनकी में पूर्व से पड़े पुराने कूड़े (लिगेसी वेस्ट) के निस्तारण के लिये धनराशि उपलब्ध कराये जाने संबंधी प्रस्ताव  पर चर्चा की गई। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/kanpur-today-hindi-news.jpg" alt="kanpur today hindi news" width="1070" height="527"></img></p>
<p>अक्टूबर 2024 में नगर आयुक्त ने शासन को पत्र लिखकर बताया था कि नगर निगम कानपुर सीमान्तर्गत सॉलिड वेस्ट प्लान्ट भवसिंह पनकी में है। जहां पूर्व से पड़े पुराने कूड़े के निस्तारण के लिये आरएफपी के माध्यम से सितंबर 2021 को ई-निविदा आमंत्रित की गयी थी। </p>
<p>वित्तीय निविदा अक्टूबर 2021 में सर्वन्यून निविदादाता मेसर्स इकोस्टन इंफ्रा को दे दी। 380 रुपये प्रति घन मीटर की दर पर कुल 1748937.95 घन मीटर कूड़े का निस्तारण कार्य शुरू किया गया। जिसका व्यय नगर निगम कानपुर द्वारा स्वयं स्रोतों से वहन किया जाना था। लेकिन कुल 459274.180 मीट्रिक टन कूड़े के निस्तारण में 21 करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यय हुआ। </p>
<p><strong>11 लाख घन मीटर से ज्यादा एकत्र कूड़ा</strong></p>
<p>उन्होंने बताया कि धन अभाव के कारण पूरा कार्य नहीं हो पाया। वर्तमान में लगभग 11 लाख 74 हजार 878 घन मीटर लिगेसी वेस्ट का निस्तारण कराया जाना शेष है। आईआईटी के ड्रोन मैपिंग सर्वे के जरिये कूड़े का आंकलन किया गया है। </p>
<p>पुराने कूड़े की वास्तविक मात्रा के मूल्यांकन के लिये आईआईटी कानपुर की ड्रोन मैपिंग सर्वे के माध्यम से विस्तृत गणना व सर्वे करने के लिये नगर निगम ने आईआई को फिर से पत्र लिखा है। कूड़े को पूरा समाप्त कराये जाने के लिए 44.65 करोड़ रुपये स्वच्छ भारत मिशन-नगरीय 1.0 और 2.0 के तहत बजट मांगा है।</p>
<p><strong>समिति ने सशर्त मंजूरी दी </strong></p>
<p>राज्य स्तरीय ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन तकनीकी समिति ने नगर निगम कानपुर के प्रस्ताव को सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान करते हुए निर्देशित किया है कि कूड़े की साइट का स्थलीय निरीक्षण राज्य मिशन निदेशक व अपर निदेशक, लखनऊ द्वारा किया जाएगा। इसके साथ ही आईआईटी कानपुर से वर्तमान मात्रा की मूल्यांकित डीपीआर प्राप्त होने व उसकी वेटिंग के बाद ही धन का आवंटन किया जायेगा।</p>
<p>बजट की मांग शासन से की गई थी, जिसको सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। अब जल्द भवसिंह में जमा कूड़े का पूर्ण निस्तारण हो सकेगा।<strong>- डॉ. अमित सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/509542/case-of-income-tax-raid-on-rimjhim-ispat-limited-in#gsc.tab=0">कानपुर में रिमझिम इस्पात लिमिटेड पर आयकर की छापेमारी का मामला: नकद लेनदेन के सबूत मिले, फर्जी बिलिंग की जांच</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Dec 2024 14:21:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Exclusive: 100 बेटियों को सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन फ्री...CSJMU की ओर से उठाई गई सामाजिक कार्य की जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, (राजीव त्रिवेदी)। </strong>महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विवि (सीएसजेएमयू) ने बड़ी पहल की है। विवि प्रबंधन 5 गांवों की 100 बेटियों को मुफ्त में सर्वाइकल कैंसर का टीका लगवाएगा। गांवों और बेटियों का चयन कर लिया गया है। यह वैक्सीन 9 से 15 साल की उम्र की बेटियों को 2 डोज और 15 साल से ऊपर की उम्र की बेटियों को 3 डोज के रूप में लगाई जाएगी। इस सामाजिक कार्य की शुरुआत उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी।</p>
<p>विश्वविद्यालय ने गांवों का चयन कर लिया है। इन 5</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/491112/exclusive-cervical-cancer-vaccine-given-to-100-daughters-responsibility-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/csjmu-news.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, (राजीव त्रिवेदी)। </strong>महिलाओं में होने वाले सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विवि (सीएसजेएमयू) ने बड़ी पहल की है। विवि प्रबंधन 5 गांवों की 100 बेटियों को मुफ्त में सर्वाइकल कैंसर का टीका लगवाएगा। गांवों और बेटियों का चयन कर लिया गया है। यह वैक्सीन 9 से 15 साल की उम्र की बेटियों को 2 डोज और 15 साल से ऊपर की उम्र की बेटियों को 3 डोज के रूप में लगाई जाएगी। इस सामाजिक कार्य की शुरुआत उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल करेंगी।</p>
<p>विश्वविद्यालय ने गांवों का चयन कर लिया है। इन 5 गांवों में चौबेपुर विकास खंड का गांव गबड़हा, बरहट बांगर, सुनौढ़ा, विकास खंड कल्याणपुर के गांव होरा कछार व ईश्वरीगंज शामिल हैं। वैक्सीन के लिए स्कूली बच्चियों के अभिभावकों से सहमति ली गई है।</p>
<p>इस मुहिम के लिए विश्वविद्यालय की ओर से सभी गांव में एक-एक शिक्षक को नियुक्त किया गया है। जो गांव में रहकर इस गंभीर बीमारी से बचाव के लिए जागरुकता अभियान चला रहे हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो विनय पाठक ने बताया कि महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर तेजी से बढ़ती बीमारी है। इसके बचाव के लिए विश्वविद्यालय की ओर से यह कदम उठाया जा रहा है। इसे अभियान के रूप में लगातार चलाया जाएगा। </p>
<p><strong>वैक्सीन है बचाव का हथियार</strong></p>
<p>विश्वविद्यालय के डॉ. प्रवीण कटियार ने बताया कि सर्वाइकल कैंसर भारत में कैंसर का तीसरा सबसे बड़ा कारण बन चुका है। देश में सर्वाइकल कैंसर के नए केस की दर 18.3 प्रतिशत हो गई है। इस वैक्सीन के लगने से वे सर्वाइकल कैंसर जैसी बीमारी से बच सकती है। विश्वविद्यालय की ओर से इसे आर्थिक रूप से कमजोर किशोरियों तक पहुंचाया जा रहा है।</p>
<p><strong>363 बेटियों में से पहले 100 छांटी गईं</strong></p>
<p>विश्वविद्यालय ने इस सामाजिक कार्य में 5 गांवों के स्कूलों से 363 बेटियों का चयन किया है। इनमें से 100 बेटियों को वैक्सीन लगाए जाने की शुरुआत होगी। इनमें होरा कछार व बरहट बांगर उच्च प्राथमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय प्रथम और प्राथमिक विद्यालय बरहट कछार की 33, ईश्वरीगंज स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय और बीएलएसएसएस इंटर कॉलेज की 291 व उच्च प्राथमिक विद्यालय 25 छात्राएं हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय सुनौढ़ा की 14 छात्राओं को अभियान के पहले चरण का हिस्सा बनाया गया है। विभिन्न चरणों में सभी छात्राओं को उनके अभिभावकों की सहमति के आधार पर वैक्सीन लगाई जाएगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/491021/conspiracy-to-overturn-train-in-kanpur-petrol-bomb-along-with#gsc.tab=0">कानपुर में ट्रेन पलटाने की साजिश: रेलवे ट्रैक पर LPG सिलेंडर के साथ पेट्रोल बम रखा...ट्रेन की स्पीड थी काफी तेज</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Sep 2024 14:29:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Exclusive: Kanpur में उमरा वीजा लेकर अब पूरे सऊदी में कहीं भी जाने की छूट...भारत-सऊदी के बीच बढ़ेगा पर्यटन व व्यापार  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, (जमीर सिद्दीकी)। </strong>सऊदी सरकार ने पहली बार हज के तीसरे दिन ही उमरा वीजा खोलने के साथ ही कई सहूलियत प्रदान की हैं। अभी तक उमरा वीजा एक माह के लिए वैध होता था लेकिन अब इसकी वैधता तीन माह कर दी गई है।</p>
<p>इससे भी बड़ी बात यह है कि उमरा वीजा धारक सऊदी के अंदर सिर्फ एक बार प्रविष्टि कराकर कहीं भी आवागमन कर सकेंगे। इस राहत से सऊदी में लोग अपने रिश्तेदारों से आसानी से मिल सकेंगे। पहले उमरा वीजा पर जाने वाले सिर्फ मक्का और मदीना ही जा सकते थे। इसके अलावा कहीं और जाने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/477812/now-you-have-the-freedom-to-go-anywhere-in-saudi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/वीजा-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, (जमीर सिद्दीकी)। </strong>सऊदी सरकार ने पहली बार हज के तीसरे दिन ही उमरा वीजा खोलने के साथ ही कई सहूलियत प्रदान की हैं। अभी तक उमरा वीजा एक माह के लिए वैध होता था लेकिन अब इसकी वैधता तीन माह कर दी गई है।</p>
<p>इससे भी बड़ी बात यह है कि उमरा वीजा धारक सऊदी के अंदर सिर्फ एक बार प्रविष्टि कराकर कहीं भी आवागमन कर सकेंगे। इस राहत से सऊदी में लोग अपने रिश्तेदारों से आसानी से मिल सकेंगे। पहले उमरा वीजा पर जाने वाले सिर्फ मक्का और मदीना ही जा सकते थे। इसके अलावा कहीं और जाने की इजाजत नहीं थी।</p>
<p>इस बार हज समाप्त होने के तीसरे दिन ही उमरा वीजा खोल दिया गया, इससे पहले उमरा वीजा हज के तीन माह बाद रबीउल अव्वल में खोला जाता था।  19 जून को हज समाप्त हुआ था। 22 जून को सऊदी सरकार ने उमरा वीजा खोल दिया। सऊदी सरकार का मानना है कि उमरा वीजा की मियाद बढ़ाने, पूरे देश में आने-जाने की छूट देने से राजस्व बढ़ेगा क्योंकि लोग सऊदी में तमाम ऐतिहासिक, धार्मिक व अन्य स्थानों को देखना चाहते हैं। </p>
<p><strong>बेरोजगारों के लिए सुनहरा मौका </strong></p>
<p>बड़ी संख्या में भारतीय उमरा या टूरिस्ट वीजा पर सऊदी जाते हैं और वहां काम तलाशते हैं। शिकायत है कि काम मिलते ही गायब हो जाते हैं। लेकिन उमरा वीजा तीन माह की अवधि तीन माह करने से युवाओं को काम तलाशने में आसानी होगी। </p>
<p><strong>भारत और सऊदी के बीच बढ़ेगा व्यापार  </strong></p>
<p>सऊदी सरकार के फैसले से व्यापारिक संबंध तेजी से आगे बढ़ेंगे। कानपुर से बड़ी मात्रा में लेदर उत्पाद सऊदी जाता है। भारत से जूते, दस्ताने व अन्य सामग्री सऊदी जाती है। उमरा वीजा की वैधता तीन माह करने से कारोबारियों को वहां कारोबारी रिश्ते जमाने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा। </p>
<p>सऊदी सरकार ने इससे पहले हज समाप्त होने के बाद मोहर्रम में तो उमरा वीजा खोला है, लेकिन ये पहला मौका है जब हज समाप्त होने के तीसरे दिन उमरा वीजा खोल दिया। पहले उमरा वीजा खुलने का लोग तीन तीन माह इंतजार करते थे, लेकिन अब ये समस्या दूर हो गई है।<strong>- हाजी शारिक अलवी, मास्टर ट्रेनर, हज कमेटी उत्तर प्रदेश</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/477810/kanpur-news-akhilesh-will-field-kapil-sibal-for-irfan-family#gsc.tab=0">Kanpur News: इरफान के लिए कपिल सिब्बल को खड़ा करेंगे अखिलेश...परिवार को उप चुनाव का टिकट देने में मिल सकती वरीयता</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 02 Jul 2024 13:12:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Exclusive: एलिवेटेड रोड के लिए अधिग्रहित करनी पड़ेगी 50 हेक्टेयर भूमि...टाटमिल, गुमटी समेत इन चौराहों पर जगह कम होने से आ रही दिक्कत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, (अभिनव मिश्र)। </strong>जीटी रोड पर यातायात जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए 10.85 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड की योजना में एनएच पीडब्ल्यूडी को भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके लिए विभाग करीब 50 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करेगा, जिसका एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने के बाद ही भूमि अधिग्रहण को अमलीजामा पहनाया जाएगा। </p>
<p>अनवरगंज-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन के कारण जीटी रोड पर पड़ने वाली रेलवे क्रासिंगो के कारण शहरवासियों को भीषण जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इससे निदान के लिए रामादेवी से गोल चौराहे तक 10.85 किमी लंबी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/476392/exclusive-50-hectares-of-land-will-have-to-be-acquired"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/jareeb-chowki-bridge.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, (अभिनव मिश्र)। </strong>जीटी रोड पर यातायात जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए 10.85 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड की योजना में एनएच पीडब्ल्यूडी को भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके लिए विभाग करीब 50 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करेगा, जिसका एस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिलने के बाद ही भूमि अधिग्रहण को अमलीजामा पहनाया जाएगा। </p>
<p>अनवरगंज-फर्रुखाबाद रेलवे लाइन के कारण जीटी रोड पर पड़ने वाली रेलवे क्रासिंगो के कारण शहरवासियों को भीषण जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। इससे निदान के लिए रामादेवी से गोल चौराहे तक 10.85 किमी लंबी एलिवेटेड रोड की योजना बनाई गई है। वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने एलिवेटेड रोड के लिए 1000 करोड़ का बजट अवांटित किया था।</p>
<p>तत्कालीन जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने वित्तीय वर्ष 2022-23 की कार्य योजना में शामिल करने के लिए एलिवेटेड रोड का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी मुख्यालय भेजा था। इसके बाद पांच करोड़ रुपये से एलिवेटेड रोड की डीपीआर तैयार करने के लिए सलाहकार कंपनी का चयन हुआ। फरवरी माह में सलाहकार कंपनी ने सर्वे के बाद पाया कि एलिवेटेड रोड बनाने में जरीब चौकी, गुमटी, अफीमकोठी, टाटमिल जैसे स्थानों पर जगह कम होने की दिक्कत है।  </p>
<p>इसके साथ ही सीओडी रेलवे ओवरब्रिज भी योजना में अड़ंगा बन सकता है। संकरे स्थानों से एलिवेटेड रोड को गुजारने के लिए पीडब्ल्यूडी को भूमि अधिग्रहण करना पड़ सकता है। एनएच पीडब्ल्यूडी ने योजना को धरातल पर उतारने के लिए करीब 50 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण करने की तैयारी की है। इसके लिए 66 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भी बनाया गया है। हालांकि अभी भूमि का चिह्नांकन नहीं किया गया है। डीपीआर तैयार होने के बाद नीति आयोग से प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने पर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/476389/kanpur-traffic-crisis-ended-pain-of-mud-jam-panki-dham#gsc.tab=0">Kanpur: आवागमन का संकट कटा, मिटी जाम की पीड़ा, पनकी धाम और पावर हाउस पुल जनता के लिए खुले, वाहन सवारों ने भरा फर्राटा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 26 Jun 2024 14:18:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Exclusive: Unnao में वन कुलदेवी और देवताओं के नाम से पौधे लगायेगा वन विभाग...इस बार जिले मे इतने लाख पौधे लगाने का लक्ष्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>उन्नाव, (दीपक मिश्रा)। </strong>उन्नाव में हरियाली बढ़ाने के लिये वन विभाग आगामी मानसून को लेकर तैयारियां पूरी कर चुका है। इस बार जुलाई माह में 57 लाख से अधिक पौधे अन्य विभागों सहित मंदिर परिसरों में कुल देवी-देवताओं के नाम से भी लगाए जाएंगे। जिसमें छायादार व फलदार पौधे शामिल होंगे। देवी-देवताओं के नाम से पौधे लगाने की प्रथा को पहली बार अमल में लाया जा रहा है। </p>
<p>बता दें कि जिले में इस बार हरियाली बढ़ाने लिए वन विभाग ने 57 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। आने वाले मानसून में पौधरोपण करने के लिए पूरी तैयारी विभाग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/474326/unnao-news-forest-department-will-plant-saplings-in-the-name"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/unnao-forest-department-.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उन्नाव, (दीपक मिश्रा)। </strong>उन्नाव में हरियाली बढ़ाने के लिये वन विभाग आगामी मानसून को लेकर तैयारियां पूरी कर चुका है। इस बार जुलाई माह में 57 लाख से अधिक पौधे अन्य विभागों सहित मंदिर परिसरों में कुल देवी-देवताओं के नाम से भी लगाए जाएंगे। जिसमें छायादार व फलदार पौधे शामिल होंगे। देवी-देवताओं के नाम से पौधे लगाने की प्रथा को पहली बार अमल में लाया जा रहा है। </p>
<p>बता दें कि जिले में इस बार हरियाली बढ़ाने लिए वन विभाग ने 57 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। आने वाले मानसून में पौधरोपण करने के लिए पूरी तैयारी विभाग ने कर ली है। साथ ही इस बार जन सहभागिता बढ़ाने के लिए विभाग नये प्रयोग भी करने को तैयार है। इस अभियान में विभाग खास तौर पर बच्चों, युवाओं व बुजुर्गों को जोड़ने के लिए बाल वन, युवा वन, शक्ति उपवन, वरिष्ठ उपवन स्थापित करेगा।</p>
<p>साथ ही हरियाली को आस्था से जोड़ने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है। जिससे अधिकांश लोगों की भागीदारी हो सके। अबकी बार वन विभाग के क्षेत्र में आने वाले मंदिरों में प्रसाद के रूप में भी पौधों का वितरण करायेगा। साथ ही कुल देवता वन की स्थापना भी करेगा। जिसमें लोग अपने कुल देती-देवताओ के नाम से वन में पौधे लगा सकेंगे। वहीं भाई-बहन के पर्व रक्षाबंधन पर बहन-भाई को पौधे लगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जायेगा।</p>
<p>पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर उनको पौधरोपण करने को प्रेरित भी किया जायेगा।   हरियाली बढ़ाने के लिए विभिन्न सरकारी व अर्द्ध सरकारी विभागों को भी पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है। इनके अलावा संगठनों व आम लोगों की भागीदारी तय करने के प्रयास चल रहे हैं। जिससे अधिक से अधिक पौधे लगाये जा सकें। </p>
<p><strong>100 वर्ष से पुराने बचे हैं सिर्फ 36 पेड़ </strong></p>
<p>जिले में 100 वर्ष से पुराने पेड़ों में नीम व बरगद के 36 पेड़ ही बचे हैं। जबकि 4 हजार 589 वर्ग किमी में  जिले का क्षेत्र फैला है। इसमें हरियाली सिर्फ 264.59 वर्ग किमी ही है।</p>
<p><strong>वन विभाग की 26 नर्सरियों में पौधे होते हैं तैयार</strong></p>
<p>विभाग के पास पौधा तैयार करने के लिए 26 नर्सरी हैं। जिसमें पौधे तैयार किये जाते हैं। वन विभाग के पास नवाबगंज रेंज, लालपुर, तेजीखेड़ा, पर्यटन रेंज, नवई, अजगैन, पछौरा, चमियानी, रूपपुर, तकिया, दूंदपुर, जोरावरपुर, डडिया, सुनीरा, नवाबाद ग्रंट, ऊगू रेलवे यार्ड, ऊगू रेलवे यार्ड पश्चिमी, ब्योली इस्लामाबाद, कांटी, झंझरी, पसैना व माखी रेलवे यार्ड में नर्सरी आदि। </p>
<p><strong>जिले में विकास के नाम पर 30899 पेड़ काटे गये</strong></p>
<p>-गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण में-176144 <br />-लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे निर्माण में-282<br />-गोरखपुर गैस पाइप लाइन कांडला में-617<br />-उन्नाव-लालगंज मार्ग में-12426</p>
<p><strong>बीते दो वर्षो में लगाएं गए पौधे</strong></p>
<p>-वर्ष 2020, 2021-- 4891996<br />-वर्ष 2021, 2022-- 5754741<br />-वर्ष 2022,2023 -- 6515710<br />-वर्ष 2023,2024 -- 6640805</p>
<p><strong>पौधे लगाने को 27 विभागों को दिया गया लक्ष्य</strong></p>
<p>1-वन विभाग-1405000<br />2-पर्यावरण विभाग-266000<br />3-ग्राम्य विभाग-2502000<br />4-पंचायती राज विभाग-255000<br />5-राजस्व विभाग-210000<br />6-आवास विकास विभाग-7000<br />7-औद्योगिक विभाग-7000<br />8-नगर विकास-33000<br />9-लोक निर्माण विभाग-17000<br />10-जल शक्ति विभाग-18000<br />11-रेशम विभाग-19000<br />12-कृषि विभाग-499000<br />13-पशुपालन विभाग-6000<br />14-सहकारिता विभाग-11200<br />15-उद्योग विभाग-13000<br />16-विद्युत विभाग-4480<br />17-माध्यमिक शिक्षा-15000<br />18-बेसिक शिक्षा-24000<br />19-प्रावधिक शिक्षा-8000<br />20-उच्च शिक्षा-28000<br />21-श्रम विभाग-3600<br />22-स्वास्थ्य विभाग-12000<br />23-परिवहन विभाग-3400<br />24-रेलवे विभाग-11000<br />25-रक्षा विभाग-6000<br />26-उद्यान विभाग-309000<br />27-गृह विभाग-9240</p>
<p><strong>बोले एसडीओ वन…</strong></p>
<p><strong>SDM वन संतोष कुमार वर्मा </strong>ने बताया कि चोरी छिपे पेड़ों की कटाई, फैक्ट्रियों का प्रदूषण हरियाली बढ़ाने में परेशानी बन रहा है। हर वर्ष विभागों को पौधरोपण की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इस बार भी विभागों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। मानसून का इंतजार है आते ही पौधरोपण शुरू कराया जायेगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/474320/unnao-news-when-will-the-passengers-get-the-nectar-of#gsc.tab=0">Unnao News: उन्नाव स्टेशन में कब मिलेगा यात्रियों को सुविधाओं का ‘अमृत’...जमीन पर लेटने को मजबूर यात्री</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उन्नाव</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 18 Jun 2024 11:52:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Exclusive News: उन्नाव में रेलवे नोटिस को बस्ती वालों ने समझा हवा हवाई, ध्वस्त हो गए मकान...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>उन्नाव, (अमन सक्सेना)।</strong> गंगाघाट अंतर्गत राजीव नगर बस्ती भले ही तीन से चार दशक पुरानी है लेकिन रेलवे की जमीन पर अवैध रुप से लोगों ने अपने आशियाने बना रखे हैं। कब्जा करने के समय रेलवे विभाग ने किसी को रोका नहीं था। जिससे लोगों ने कच्चे पक्के मकान बनाते चले गए।</p>
<p>रेलवे ने कई बार अवैध मकानों को हटाने के लिये नोटिसें भी दी लेकिन किसी ने अपने कब्जे नहीं हटाये। इधर अप्रैल के अंतिम सप्ताह में रेलवे ने नोटिस दी थी लेकिन बस्ती वालों ने पूर्व की तरह समझा और अपने अतिक्रमण नहीं हटवाये। गुरुवार को रेलवे ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/473332/exclusive-news-in-unnao-the-residents-of-the-colony-considered"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/unnao-exclusive-news.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>उन्नाव, (अमन सक्सेना)।</strong> गंगाघाट अंतर्गत राजीव नगर बस्ती भले ही तीन से चार दशक पुरानी है लेकिन रेलवे की जमीन पर अवैध रुप से लोगों ने अपने आशियाने बना रखे हैं। कब्जा करने के समय रेलवे विभाग ने किसी को रोका नहीं था। जिससे लोगों ने कच्चे पक्के मकान बनाते चले गए।</p>
<p>रेलवे ने कई बार अवैध मकानों को हटाने के लिये नोटिसें भी दी लेकिन किसी ने अपने कब्जे नहीं हटाये। इधर अप्रैल के अंतिम सप्ताह में रेलवे ने नोटिस दी थी लेकिन बस्ती वालों ने पूर्व की तरह समझा और अपने अतिक्रमण नहीं हटवाये। गुरुवार को रेलवे ने अवैध बस्ती पर बुलडोजर चलवा दिया।</p>
<p>वर्ष 2018 के मार्च माह में आम्रपॉली ट्रेन को डिरेल करने की साजिश रची गई थी। उस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुये रेलवे ने 27 मार्च 2018 को बस्ती में नोटिसें चस्पा की थी लेकिन रेलवे की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की। जिसके बाद कानपुर लखनऊ दो रेल ट्रैक की जगह चार रेल ट्रैक बनाए जाने के लिये रेलवे ने 2 जुलाई 2019 को बस्ती में नोटिसें जारी हुई। वह नोटिस भी हवा हवाई हो गई।</p>
<p>जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर ट्रैक के किनारे बस्ती हटाने को लेकर 2020 सितंबर माह में बस्ती में नोटिस चस्पा की गई थी, फिर भी बस्ती को नहीं हटाया गया। इधर आदर्श स्टेशन योजना के तहत रेलवे की कायाकल्प कराया जा रहा है।</p>
<p>जिस पर एनआर के सीनियर सेक्शन इंजीनियर कार्य लाइन ने 26 अप्रैल को बस्ती में नोटिस जारी कर अपने झुग्गी झोपड़ी को हटाने के लिये 3 मई तक के निर्देश दिये थे लेकिन किसी ने अपने आशियाने नहीं हटाये। जिस पर गुरुवार को रेलवे ने कार्यवाही करते हुये आधा सैकड़ा से अधिक कच्चे पक्के मकानों को ध्वस्त कर दिया। जिससे सैकड़ों परिवार बेघर हो गये हैं।</p>
<p><strong>स्टेशन के इर्द गिर्द है कई बीघा रेलवे की है जमीन</strong></p>
<p>विभागीय सूत्रों की माने तो पुराने यातायात पुल चौराहा, राजीव नगर खंती व चंपापुरवा के मुख्य मार्ग की पूरी पट्टी रेलवे की जमीन में बसी है। यह जमीन कई बीघे बताई जा रही है। अधिकांश जमीन पर अवैध कब्जे हैं।</p>
<p><strong>पालिका ने बस्ती में बिजली, पानी सड़क की व्यवस्था</strong></p>
<p>राजीव नगर खंती अवैध होने के बावजूद पालिका की ओर से राजीव नगर बस्ती में बिजली के लिये खंभे, चमचमाती इंटरलॉकिंग, पानी की व्यवस्था कराई गई थी। करोड़ों के विकास कार्य भी हुये हैं। इतना ही नहीं बस्ती में रहने वाले लोगों का राशन कार्ड से लेकर मतदाता कार्ड तक बना हुआ है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/473330/etawah-suicide-farmer-commits-suicide-by-hanging-himself-in-the#gsc.tab=0">Etawah Suicide: किसान ने खेत में फांसी लगाकर की आत्महत्या...साहूकार के कर्ज में डूबने से परेशान होकर उठाया आत्मघाती कदम</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उन्नाव</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/473332/exclusive-news-in-unnao-the-residents-of-the-colony-considered</link>
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                <pubDate>Fri, 14 Jun 2024 11:36:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Exclusive: तारीख पर तारीख...नहीं कराईं MBBS परीक्षाएं, सैकड़ों छात्र-छात्राएं परेशान, जानिए- इसके पीछे की वजह</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, (विकास कुमार)।</strong> छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर (सीएसजेएमयू) से संबद्ध जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर समेत चार मेडिकल कॉलेजों में सत्र 2023-24 की एमबीबीएस की परीक्षाएं (फाइनल पार्ट प्रथम, मिनी प्राफ) तय समय पर नहीं हो सकीं। जबकि पहले जनवरी और इसके बाद अप्रैल माह में परीक्षा की तिथि घोषित हुई थी।</p>
<p>परीक्षा न होने से इन मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत एमबीबीएस छात्र-छात्राएं परेशान हैं क्योंकि इन पर अगले सत्र का भी भार बढ़ रहा है। सीएसजेएमयू प्रबंधन ने अब तीसरी बार परीक्षा की तिथि एक मई निर्धारित की है। सीएसजेएमयू से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर, सरस्वती मेडिकल कॉलेज,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/457823/exclusive-mbbs-exams-were-not-conducted-on-date-hundreds-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/gsvm-news.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, (विकास कुमार)।</strong> छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर (सीएसजेएमयू) से संबद्ध जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर समेत चार मेडिकल कॉलेजों में सत्र 2023-24 की एमबीबीएस की परीक्षाएं (फाइनल पार्ट प्रथम, मिनी प्राफ) तय समय पर नहीं हो सकीं। जबकि पहले जनवरी और इसके बाद अप्रैल माह में परीक्षा की तिथि घोषित हुई थी।</p>
<p>परीक्षा न होने से इन मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत एमबीबीएस छात्र-छात्राएं परेशान हैं क्योंकि इन पर अगले सत्र का भी भार बढ़ रहा है। सीएसजेएमयू प्रबंधन ने अब तीसरी बार परीक्षा की तिथि एक मई निर्धारित की है। सीएसजेएमयू से जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कानपुर, सरस्वती मेडिकल कॉलेज, उन्नाव और हिंद मेडिकल कॉलेज (सीतापुर, लखनऊ) संबद्ध हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-04/mbbs-student-news.jpg" alt="MBBS Student News"></img></p>
<p>इनमे जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज सरकारी है और सरस्वती व हिंद के दोनों मेडिकल कॉलेज प्राइवेट श्रेणी के हैं। जीएसवीएम के एक बैच में एमबीबीएस की 250, सरस्वती में 150 और हिंद के दोनों कॉलेजों में करीब 300 सीटें हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में सत्र 2023-24 की एमबीबीएस की परीक्षा अभी तक नहीं हो सकी है। जबकि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज ने नवंबर माह में एमबीबीएस की परीक्षा कराने का प्रस्ताव सीएसजेएमयू को भेजा था। तब कॉलेज में परीक्षा 22 जनवरी से 29 जनवरी तक प्रस्तावित हुई थी, लेकिन किसी कारणवश परीक्षाएं नहीं हो सकीं। उ</p>
<p>सके बाद सीएसजेएमयू ने नौ अप्रैल को मेडिकल कॉलेजों में परीक्षा कराने का फैसला लिया, लेकिन नौ अप्रैल को भी परीक्षाएं शुरू नहीं हो सकीं। ऐसे में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के पैरा ओ टू के फाइनल पार्ट प्रथम (मिनी प्राफ) के छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि मिनी प्राफ के बाद छात्र-छात्राओं को फाइनल देना होता है।</p>
<p>दोनों परीक्षाओं के बीच करीब एक साल का अंतर होने से छात्र-छात्राओं को अध्ययन का मौका मिल जाता है, लेकिन समय पर परीक्षा नहीं होने से चारों मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं पर पढ़ाई का भार बढ़ रहा है। बता दें कि जीएसवीएम के 2020 बैच पैरा ओ टू के छात्र-छात्राओं की परीक्षा जनवरी माह में होनी थी, जो अप्रैल में भी नहीं हो पाई है। </p>
<p><strong>एक मई से होगी एमबीबीएस की परीक्षा </strong></p>
<p>सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने बताया कि सरस्वती मेडिकल कॉलेज में कुछ विवाद की स्थिति हो गई थी, जिस वजह से उनकी अतिरिक्त कक्षाएं नहीं संचालित हो सकी थीं। कक्षाएं संचालित नहीं होने और छात्र-छात्राओं के अनुरोध पर यह कदम उठाया गया था। साथ ही मेडिकल कॉलेजों को यह भी आदेश दिया गया था कि कि वह दूसरा सेमेस्टर करा सकते हैं। अब एक मई से इन मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की परीक्षा संचालित की जाएगी। </p>
<p><strong>कहीं ये मामला तो नहीं </strong></p>
<p>उन्नाव स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज में इसी साल कॉलेज प्रशासन द्वारा छात्रों को जबरन फेल करने का मामला प्रकाश में आया था। वहीं, कॉलेज के हॉस्टल में कॉपियां लिखे जाने का मामला भी सामने आया था। इस संबंध में फोटो व वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। मामले की जांच व छात्र-छात्राओं के पूछताछ के बाद कुलपति ने कार्यकारी निदेशक डॉ सौरभ कंवर को निलंबित कर दिया था।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/457820/kanpur-news-the-effect-of-march-being-very-hot-is#gsc.tab=0">Kanpur News: मार्च अधिक गर्म रहने का असर टमाटर की फसल पर दिख रहा...छोटे के साथ रंग भी हुआ हल्का</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/457823/exclusive-mbbs-exams-were-not-conducted-on-date-hundreds-of</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Apr 2024 12:56:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Exclusive News: GSVM मेडिकल कॉलेज करेगा शहर के पानी में बैक्टीरिया की जांच...अब KGMU नहीं भेजना पड़ेगा सैंपल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, (विकास कुमार)। </strong>शहर के किस क्षेत्र में पानी गुणवक्ता खराब है और किस क्षेत्र में पानी पीने लायक है, इसका अब आसानी से पता चल सकेगा। जी हां, अब जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ पानी की भी सेहत बताएंगे। इसके लिए सीएमओ कार्यालय में एक पत्र देना होगा। अनुमति मिलने के बाद टीम क्षेत्र में जाकर पानी की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट भी तीन दिन में मिल जाएगी। </p>
<p>शहर में कई ऐसे क्षेत्र है, जहां पर लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिस वजह से उनको तरह-तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ जाता है। इनके शिकार बच्चे,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/457104/exclusive-news-gsvm-medical-college-will-test-bacteria-in-city"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/gsvm-medical-college-logo.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, (विकास कुमार)। </strong>शहर के किस क्षेत्र में पानी गुणवक्ता खराब है और किस क्षेत्र में पानी पीने लायक है, इसका अब आसानी से पता चल सकेगा। जी हां, अब जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ पानी की भी सेहत बताएंगे। इसके लिए सीएमओ कार्यालय में एक पत्र देना होगा। अनुमति मिलने के बाद टीम क्षेत्र में जाकर पानी की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट भी तीन दिन में मिल जाएगी। </p>
<p>शहर में कई ऐसे क्षेत्र है, जहां पर लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिस वजह से उनको तरह-तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ जाता है। इनके शिकार बच्चे, युवा, महिला व बुजुर्ग सभी वर्ग के लोग होते हैं। ऐसे में लोगों को दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाने के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने एक अच्छी पहल की है। मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग में अब पानी की गुणवक्ता की भी जांच की जाएगी। इसकी तैयारी विभाग ने शुरू कर दी है।</p>
<p>माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. सुरैया खानम ने बताया कि विभाग में ही अब पानी का माइक्रोबोयोलॉजिकल विश्लेषण किया जाएगा, जिसमें कोलीफार्म काउंट निकाला जाता है। इसके बाद यह देखा जाएगा कि पानी में बैक्टीरिया कितनी मात्रा में मौजूद है और वह किस हद तक दूषित है। बैक्टीरिया की मात्रा कितनी है आदि की जांच की जाएगी। इसकी रिपोर्ट विभाग से तीन दिन में मिल जाएगी। माइक्रो बॉयोलॉजी विभाग में पानी की जांच जल्द ही शुरू की जाएगी। </p>
<p><strong>अभी लखनऊ भेजे जाते है सैंपल </strong><br /><br />स्वास्थ्य विभाग डायरिया, कालरा, दस्त व हैजा फैलने वाले क्षेत्र के पानी का सैंपल लेकर जांच के लिए माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग में देता है। यहां पानी की जांच की सुविधा नहीं होने से लखनऊ स्थित केजीएमयू भेजा जाता था। जहां से जांच रिपोर्ट आने में दो से तीन सप्ताह तक लग जाते थे, लेकिन अब जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में ही यह जांच शुरू होने से स्वास्थ्य विभाग को तीन दिन में ही पानी की जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। </p>
<p><strong>एक परिवार नहीं, पूरा क्षेत्र होता बीमार </strong></p>
<p>जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रो.विकास मिश्रा ने बताया कि दूषित पानी की वजह से हैजा, डायरिया, कालरा, दस्त, हेपेटाइटिस ए, टाइफाइड और पोलियो जैसी गंभीर बीमारी होने का खतरा रहता है। यह बीमारियां गर्मी के मौसम में अधिक हावी होती हैं। पानी से होने वाली बीमारी एक परिवार को नहीं बल्कि पूरे इलाके को अपनी चपेट में लेती है। यह वायरल बीमारियों से अधिक खतरनाक होता है। इसलिए पानी की गुणवक्ता की समय पर जांच कराना जरूरी होता है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/457099/farrukhabad-farmer-leader-swallowed-poison-in-front-of-tehsildar-measurement#gsc.tab=0">Farrukhabad: किसान नेता ने तहसीलदार के सामने निगला जहर...घर के सामने कूड़ादान बनाने को लेकर हो रही थी पैमाइश</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Apr 2024 13:00:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Exclusive: रेलवे ट्रैक पर कंक्रीट-जाली की दीवार, ट्रेनें भरेंगी रफ्तार...मवेशी नहीं पहुंच पाएंगे, घटनाओं में भी आएगी कमी, पढ़ें- पूरी खबर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, (शिव प्रकाश मिश्र)। </strong>कैटल रन ओवर (सीआरओ) की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे पुख्ता इंतजाम कर रहा है। रेल ट्रैक को जालियों और कंक्रीट की दीवार बनाकर कवर किया जा रहा है। यह दीवार बनने के बाद सुपरफास्ट और सेमी हाईस्पीड ट्रेनों की रफ्तार में इजाफा होगा। घटनाओं में भी कमी आएगी। </p>
<p>प्रयागराज डिवीजन के तहत आने वाले गाजियाबाद से पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) वाया कानपुर तक रेल रूट को जालियों और कंक्रीट की दीवार से कवर किया जा रहा है। यह काम इसी साल सितंबर तक पूरा हो जाएगा। दरअसल, वंदे भारत जैसी ट्रेनों में सीआरओ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/456539/exclusive-concrete-mesh-wall-on-railway-track-trains-will-speed-up"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/ै-train-logo.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, (शिव प्रकाश मिश्र)। </strong>कैटल रन ओवर (सीआरओ) की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे पुख्ता इंतजाम कर रहा है। रेल ट्रैक को जालियों और कंक्रीट की दीवार बनाकर कवर किया जा रहा है। यह दीवार बनने के बाद सुपरफास्ट और सेमी हाईस्पीड ट्रेनों की रफ्तार में इजाफा होगा। घटनाओं में भी कमी आएगी। </p>
<p>प्रयागराज डिवीजन के तहत आने वाले गाजियाबाद से पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) वाया कानपुर तक रेल रूट को जालियों और कंक्रीट की दीवार से कवर किया जा रहा है। यह काम इसी साल सितंबर तक पूरा हो जाएगा। दरअसल, वंदे भारत जैसी ट्रेनों में सीआरओ और मैन रन ओवर (एमआरओ) की घटनाएं दिल्ली-हावड़ा रूट पर आए दिन होती हैं। यही हाल अन्य ट्रेनों का है, जिस कारण चालक औसत गति से ही ट्रेनों का संचालन करते हैं। </p>
<p>चालकों को ट्रैक पर भी नजर रखनी पड़ती है, इसलिए निर्धारित गति से नहीं चल पाते हैं। इन ट्रेनों के साथ उनके पीछे चलने वाली ट्रेनों की चाल भी प्रभावित होती है। इस समस्या के निदान के लिए गाजियाबाद से डीडीयू तक वाया कानपुर और प्रयागराज रेल ट्रैक को लोहे की जाली और कंक्रीट की दीवार बनाकर सुरक्षित किया जा रहा है, जिससे इंजन की बाडी को नुकसान नहीं होगा। कोई भी जानवर अचानक ट्रैक पर नहीं पहुंच सकेगा और सीआरओ की घटनाएं नहीं हो सकेंगी। </p>
<p><strong>ट्रेनों की राह होगी आसान, भरेंगी फर्राटा </strong></p>
<p>एनसीआर रीजन के पीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि सीआरओ के कारण ट्रेनें लेट होती हैं। उन्होंने बताया कि आबादी वाले इलाकों में एमआरओ और खुले स्थान जैसे आउटर पर सीआरओ की घटनाएं होती हैं। जानवर चारे की तलाश में पटरी पर आ जाते हैं। सीआरओ की घटना में कई बार रेल इंजन भी प्रभावित हो जाता है। कई बार इंजन से टकराकर जानवर के शरीर का अवशेष रेल इंजन में फंस जाते हैं, जिसे निकालने व जानवर को ट्रैक से हटाने में काफी समय लग जाता है। इससे ट्रेनें प्रभावित होती हैं। दीवार बनने से ट्रेनें इन घटनाओं के कारण लेट नहीं होंगी। </p>
<p><strong>शहर में 30 प्रतिशत काम हुआ पूरा </strong></p>
<p>कानपुर में कैंट क्षेत्र से चकेरी तक लगभग चार-पांच किमी का एरिया और कानपुर स्टेशन से जूही खलवा व गोविंदपुरी स्टेशन पर ट्रैक कवर का काम लगभग पूरा हो चुका है। कानपुर परिक्षेत्र में आने वाले हिस्से में लगभग 30 प्रतिशत ट्रैक कवर का काम पूरा है। ट्रैक कवर करने का काम तेजी से चल रहा है। सितंबर से पहले यह काम पूरा हो जाएगा।</p>
<p><strong>घटनाओं और हादसों पर भी लगेगा अंकुश </strong></p>
<p>सीआरओ की घटनाएं हर रूट पर होती हैं, मगर ये घटनाएं खासकर उन स्थानों पर ज्यादा होती हैं, जहां खुला एरिया होता है। शहर में जूही यार्ड, दादानगर, गुजैनी के अलावा भाऊपुर, घाटमपुर, झींझक, रूरा, इटावा, टूंडला, गाजियाबाद व अलीगढ़ में घटनाएं होती हैं। दीवार बनने से और भी लाभ होंगे, जैसे जानवरों के हादसे रुकेंगे। ट्रेन डिरेलमेंट का खतरा नहीं रहेगा। ट्रेन स्पीड से चल सकेंगी। अपराधिक व पथराव की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। </p>
<p>सीआरओ की घटनाओं को रोकने और ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए गाजियाबाद से डीडीयू तक ट्रैक को लोहे की जाली व कंक्रीट की दीवार बनाकर कवर किया जा रहा है। यह काम इस साल सितंबर तक पूरा हो जाएगा। गाजियाबाद से टूंडला तक रेल ट्रैक को कवर करने का काम इसी माह अप्रैल में पूरा हो जाएगा।<strong>- हिमांशु बडोनी, डीआरएम, प्रयागराज डिवीजन</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/456536/kanpur-this-train-is-not-a-bullock-cart-gorakhpur-pune-special#gsc.tab=0">Kanpur: यह ट्रेन नहीं बैलगाड़ी है...गोरखपुर-पुणे स्पेशल 10 घंटे लेट, यात्रियों ने अधिकारियों को ट्वीट कर जताई नाराजगी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 08 Apr 2024 12:59:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Exclusive News: तीन माह से सेतु निगम कर रहा डीपीआर का इंतजार...अब बदली गई कंसल्टेंट टीम, पढ़ें- पूरी खबर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, (अभिनव मिश्रा)।</strong> करीब चार महीने के इंतजार के बाद भी जरीबचौकी अंडरपास की डीपीआर न मिलने के बाद सेतु निगम ने कंसल्टेंट टीम बदल दी है। सेतु निगम ने मल्टीडायरेक्शन अंडरपास निर्माण के लिए गाजियाबाद की कंसल्टेंट टीम का चयन किया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी गुड़गांव की कंसल्टेंट कंपनी के पास थी। साथ ही अंडरपास की ड्राइंग एक अन्य टीम तैयार कर रही है। अनवरगंज से मंधना तक एलिवेटेड ट्रैक बनाने के लिए योजना तैयार की गई थी।  </p>
<p>अनवरगंज से मंधना रेलवे स्टेशन तक जीटी रोड के समानांतर पड़ने वाली रेलवे लाइन पर 14 रेलवे क्रॉसिंग के कारण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/455983/exclusive-news-setu-nigam-has-been-waiting-for-dpr-for"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/dpr-consulting-team.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, (अभिनव मिश्रा)।</strong> करीब चार महीने के इंतजार के बाद भी जरीबचौकी अंडरपास की डीपीआर न मिलने के बाद सेतु निगम ने कंसल्टेंट टीम बदल दी है। सेतु निगम ने मल्टीडायरेक्शन अंडरपास निर्माण के लिए गाजियाबाद की कंसल्टेंट टीम का चयन किया है। इससे पहले यह जिम्मेदारी गुड़गांव की कंसल्टेंट कंपनी के पास थी। साथ ही अंडरपास की ड्राइंग एक अन्य टीम तैयार कर रही है। अनवरगंज से मंधना तक एलिवेटेड ट्रैक बनाने के लिए योजना तैयार की गई थी।  </p>
<p>अनवरगंज से मंधना रेलवे स्टेशन तक जीटी रोड के समानांतर पड़ने वाली रेलवे लाइन पर 14 रेलवे क्रॉसिंग के कारण जीटी रोड पर भारी समस्या को सामना करना पड़ता है। इससे निजात के लिए रामादेवी से गोल चौराहे तक 10.85 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाने की योजना बनाई गई है। बाधा बन रही जरीब चौकी क्रासिंग के लिए सेतु निगम ने जरीबचौकी से घंटाघर, पीरोड, रामादेवी, गोल चौराहे से कालपी रोड आवागमन के लिए डबल लेयर मल्टी डायरेक्शन अंडरपास बनाने की योजना तैयार की थी।</p>
<p>जिसकी अनुमानित लागत 360 करोड़ रुपये थी। जरीबचौकी क्रॉसिंग पर मल्टीडायरेक्शन अंडरपास की डीपीआर तैयार करने का काम गुड़गांव की कंसल्टेंट टीम को सौंपा गया था। कंसल्टेंट टीम को नवंबर माह में डीपीआर रिपोर्ट सेतु निगम को सौंपनी थी, जो अब भी नहीं सौंपी जा सकी। अब सेतु निगम ने गाजियाबाद की सीएम इंजीनियरिंग एंड सॉल्यूशन को डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। साथ ही अंडरपास की ड्रांइग का जिम्मा त्रिपुंड एक्सप्लोरेशन प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। चयनित की गई कंसल्टेंट ने काम शुरू कर दिया है।</p>
<p>कंसल्टेंट टीम का चयन करने के बाद सेतु निगम अधिकारी एलिवेटेड रोड का निर्माण कराने वाले एनएच पीडब्ल्यूडी अधिकारियों संग बैठक करने की तैयारी में जुट गए हैं। सेतु निगम एलिवेटेड रोड की डीपीआर तैयार करने वाली कंसल्टेंट टीम हेक्सा के साथ चर्चा करेगी, जिससे एलिवेटेड रोड निर्माण में अंडरपास की समस्या न आए।</p>
<p><strong>यूटिलिटी शिफ्टिंग का 207.75 करोड़ का एस्टीमेट</strong></p>
<p>मल्टी डायरेक्शन अंडरपास निर्माण के लिए स्मार्ट सिटी, जल निगम, वन विभाग, जलकल, केस्को, समेत अन्य विभागों ने जनसुविधाओं से जुड़े संसाधन (यूटिलिटी) शिफ्टिंग के लिए करीब 207.75 करोड़ रुपये का एस्टीमेट भी सौंप दिया था। जिनसे बिजली के पोल, अंडरग्राउंड केबल, सीवर लाइन, वाटर लाइन, पेड़-पौधे हटाए जाने थे। </p>
<p>चार महीने इंतजार के बाद भी पूर्व चयनित कंसल्टेंट टीम डीपीआर नहीं सौंप सकी। इस पर गाजियाबाद की कंसल्टेंट कंपनी को डीपीआर तैयार करने के लिए चयनित किया गया है।<strong>- विजय कुमार सेन, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/455980/kanpur-news-cbcid-will-solve-the-mystery-of-missing-friends#gsc.tab=0">Kanpur News: लापता दोस्तों की गुत्थी सुलझाएगी सीबीसीआईडी...क्राइम ब्रांच की जांच से परिजन थे असंतुष्ट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Apr 2024 13:06:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Exclusive: NIC की वेबसाइट में तीनों एसडीएम के लिखे गलत नाम; खुद की सूची दुरुस्त नहीं, जिले को सुधारने का कर रहे दावा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अजय मिश्र, कन्नौज। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को डिजिटल बनाने का दावा कर रहे हैं। ज्यादातर सरकारी योजनाएं ऑनलाइन पहुंच गईं हैं। कई योजनाओं व कार्यों के लिए एनआईसी के बिना सहयोग उसे पूरा नहीं किया जा सकता है। दूसरी ओर एनआईसी की वेबसाइट ही लोगों को गलत जानकारी दे रही है। </p>
<p>इसमें दिखाए जाने वाले कई अधिकारी जनपद में नहीं हैं या उनका प्रमोशन हो गया है। उसके बाद भी उनके नाम लिखे हैं। जिले की तीनों तहसीलों के एसडीएम का नाम गलत लिखा है। दो तहसीलदार भी पुराने ही दर्ज हैं। लोगों का कहना है कि खुद का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/454169/in-the-website-of-exclusive-nic-the-names-of-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/unnao-exclusive.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अजय मिश्र, कन्नौज। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को डिजिटल बनाने का दावा कर रहे हैं। ज्यादातर सरकारी योजनाएं ऑनलाइन पहुंच गईं हैं। कई योजनाओं व कार्यों के लिए एनआईसी के बिना सहयोग उसे पूरा नहीं किया जा सकता है। दूसरी ओर एनआईसी की वेबसाइट ही लोगों को गलत जानकारी दे रही है। </p>
<p>इसमें दिखाए जाने वाले कई अधिकारी जनपद में नहीं हैं या उनका प्रमोशन हो गया है। उसके बाद भी उनके नाम लिखे हैं। जिले की तीनों तहसीलों के एसडीएम का नाम गलत लिखा है। दो तहसीलदार भी पुराने ही दर्ज हैं। लोगों का कहना है कि खुद का काम दुरुस्त नहीं है और जनपद को सुधारने का दावा किया जा रहा है। </p>
<p>कन्नौज जनपद की एनआईसी वेबसाइट में सदर एसडीएम पद पर अब भी गरिमा सिंह का ही नाम दर्ज है, उनको यहां से गए हुए कई महीने बीत गए हैं। वर्तमान में वह हरदोई में शाहाबाद तहसील में न्यायिक एसडीएम पद की जिम्मेदारी संभाल रहीं हैं। कन्नौज सदर के वास्तविक एसडीएम अविनाश गौतम हैं, उनका वेबसाइट में कहीं भी नामोनिशान नहीं है। </p>
<p>खास बात यह है कि कई महीने पहले से ही वह एसडीएम पद की कमान संभाल रहे हैं। इसी तरह तिर्वा तहसील के एसडीएम पवन मीना (आईएएस) का जिक्र वेबसाइट में है, जबकि वर्तमान में वह फतेहपुर के सीडीओ हैं। उनका कई महीने पहले ही प्रमोशन व कन्नौज से तबादला हो गया था। तहसीलदार पद पर नवनीता राय का नाम लिखा है, जबकि वह पीसीएस रैंक पर प्रोन्नत हो चुकीं हैं। </p>
<p>उनके पास एसडीएम न्यायिक सदर के अलावा सहायक अभिलेख अधिकारी का चार्ज है। वास्तविक रूप से तिर्वा तहसीलदार पद पर वर्तमान में अवनीश सिंह कार्य कर रहे हैं। छिबरामऊ तहसील के एसडीएम उमाकांत तिवारी हैं, लेकिन वेबसाइट में अशोक कुमार लिखा है। वर्तमान में अशोक कुमार तिर्वा के एसडीएम हैं। छिबरामऊ तहसीलदार पद पर अनिल सरोज अब भी काबिज हैं, जबकि उनका प्रमोशन और तबादला भी कई महीने पहले हो चुका है। तहसीलदार के रूप में छिबरामऊ में अभिनव कुमार की वास्तविक तैनाती है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2024-03/unnao-exclusive-2.jpg" alt="Unnao Exclusive 2"></img></p>
<p><strong>एएसपी का नाम भी गलत लिखा</strong></p>
<p>एनआईसी की वेबसाइट में एएसपी संसार सिंह की बजाय एएसपी अरविंद कुमार का नाम अब भी लिखा है। जबकि कुछ महीने पहले ही उनका गैरजनपद तबादला हो चुका है। डीएम शुभ्रान्त शुक्ल व एडीएम आशीष सिंह और एसपी अमित आनंद के नाम जरूर सही दर्ज हैं।</p>
<p><a href="https://www.amritvichar.com/article/454160/in-the-program-organized-on-unnao-ganga-fair-poets-enthralled#gsc.tab=0"><strong>यह भी पढ़ें- Unnao: गंगा मेला पर आयोजित कार्यक्रम में कवियों ने कविताओं से बांधा समां; श्रोताओं को किया मंत्र मुग्ध</strong></a></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कन्नौज</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 30 Mar 2024 20:24:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>Exclusive: हार्निया ऑपरेशन की नई तकनीक सबसे पहले हैलट अस्पताल में...डिवाइड की मदद से होगा आसान ऑपरेशन, पढ़ें- पूरी खबर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, (विकास कुमार)।</strong> हैलट अस्पताल में अब फासिओटेंस एब्डोमेन डिवाइस तकनीक से हार्निया के ऑपरेशन किए जाएंगे। इन तकनीक का लाभ उन मरीजों को सबसे अधिक मिलेगा, जिनके हार्निया काफी बड़े हो जाते हैं। डिवाइस की मदद से हार्निया का ऑपरेशन करना आसान होगा।<br />उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले में अभी तक फासिओटेंस एब्डोमेन डिवाइस की सुविधा नहीं है।</p>
<p>मेडिकल कॉलेज में बड़े हार्निया की ओपन सर्जरी या लेप्रोस्कोप विधि से सर्जरी की जाती है। नई तकनीक की मदद से एब्डोमेन के सिकुड़े वॉल को चिपकाना काफी आसान होता है। सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.जीडी यादव ने बताया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/451780/exclusive-new-technology-of-hernia-operation-will-be-the-first"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/hallat-hospital-exclusive.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, (विकास कुमार)।</strong> हैलट अस्पताल में अब फासिओटेंस एब्डोमेन डिवाइस तकनीक से हार्निया के ऑपरेशन किए जाएंगे। इन तकनीक का लाभ उन मरीजों को सबसे अधिक मिलेगा, जिनके हार्निया काफी बड़े हो जाते हैं। डिवाइस की मदद से हार्निया का ऑपरेशन करना आसान होगा।<br />उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले में अभी तक फासिओटेंस एब्डोमेन डिवाइस की सुविधा नहीं है।</p>
<p>मेडिकल कॉलेज में बड़े हार्निया की ओपन सर्जरी या लेप्रोस्कोप विधि से सर्जरी की जाती है। नई तकनीक की मदद से एब्डोमेन के सिकुड़े वॉल को चिपकाना काफी आसान होता है। सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.जीडी यादव ने बताया कि बड़े हार्निया का ऑपरेशन कर उनकी वॉल को आपस में चिपकाना काफी कठिन होता है। क्योंकि कुछ हिस्सा सिकुड़कर पीछे की ओर चला जाता है। ऐसे में यह डिवाइस काफी सहायक होगी। </p>
<p><strong>विदेशी डॉक्टर देंगे प्रशिक्षण </strong></p>
<p>विभागाध्यक्ष डॉ. जीडी यादव ने बताया कि 13 व 14 अप्रैल को हैलट अस्पताल में फासिओटेंस एब्डोमेन वॉल रिपेयर के संबंध में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें यूएस व अन्य विदेशी डॉक्टर शामिल होंगे। विदेश से आकर डॉक्टर फासिओटेंस एब्डोमेन डिवाइस की जानकारी देंगे और मरीजों का ऑपरेशन डिवाइस की मदद से करना मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को सिखाएंगे।</p>
<p><strong>किसी को भी होती यह बीमारी </strong></p>
<p>विभागाध्यक्ष डॉ.जीडी यादव ने बताया कि हर्निया एक ऐसी बीमारी है, जो बच्चों से लेकर वृद्ध किसी को भी हो सकती है। ज्यादा वजन के मोटे व वयस्क लोगों में यह बीमारी ज्यादा पाई जाती है। इसका इलाज ऑपरेशन से ही संभव है। कुछ वर्ष पहले तक पेट में लंबा चीरा लगाकर हर्निया का ऑपरेशन किया जाता था। अब लेप्रोस्कोपिक से छोटा सा चीरा लगाकर ऑपरेशन किया जाता है।  </p>
<p><strong>इस वजह से होती दिक्कत</strong></p>
<p>हार्निया की समस्या तब होती है, जब पेट के अंदर से कोई अंग या मांसपेशी या ऊतक किसी छेद के जरिए बाहर आने लगता है। उदाहरण के लिए बहुत बार आंत, पेट की कमजोर दीवार में छेद करके बाहर आ जाती है। पेट में हार्निया होना आम बात है, लेकिन यह जांघ के ऊपरी हिस्से, पेट के बीच और ग्रोइन क्षेत्रों (पेट और जांघ के बीच के भाग) में भी हो सकता है। मांसपेशियों की कमजोरी हार्निया की मुख्य वजह है। </p>
<p><strong>कारण </strong></p>
<p>चोट लगना, गर्भावस्था, मोटापा, उम्र बढ़ना, ज्यादा वजन उठाना, लंबे समय तक खांसी आना, पेट में तरल पदार्थ जमा हो जाना, ज्यादा वजन उठाकर व्यायाम करना, पालीसिस्टिक ओवरी डिजीज, जन्म के दौरान शिशु का वजन कम होना, धूम्रपान, सर्जरी के दौरान जटिलता, कब्ज व लगातार छींक आना या आनुवंशिक कारणों से यह बीमारी होती है।</p>
<p><strong>हार्निया के लक्षण </strong></p>
<p>पुरुषों में दर्द सहित या दर्द रहित हार्निया प्रभावित हिस्से का उभरना, मल-मूत्र त्याग में समस्या, कमर व शरीर के अन्य भाग में सूजन, भारीपन महसूस होना, ज्यादा समय तक खड़े रहने में परेशानी, प्रभावित हिस्से में दर्द महसूस होना, जी मिचलाना, बार-बार उल्टी होना, पेट साफ न होना, मल के साथ खून आना, सीने में दर्द रहना आदि इसके लक्षण हैं।</p>
<p>ये <strong>भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/451745/kanpur-two-cousin-brothers-burnt-to-death-forensic-team-collected#gsc.tab=0">Kanpur: दो मौसेरे भाइयों की जलकर मौत...फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, मृतक ने रिश्तेदार की बेटी से प्रेम विवाह किया था</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/451780/exclusive-new-technology-of-hernia-operation-will-be-the-first</link>
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                <pubDate>Wed, 20 Mar 2024 14:53:31 +0530</pubDate>
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