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                <title>USA - Amrit Vichar</title>
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                <description>USA RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>US-India Defence Partnership:अमेरिका ने भारत को दी बड़ी सैन्य सौगात! अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए 198 अरब डॉलर की रखरखाव सेवाएं मंजूर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटनः</strong> अमेरिका ने भारत को अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए सहायक सेवाएं और संबंधित उपकरण 198.2 अरब अमेरिकी डॉलर की अनुमानित लागत पर बेचने की मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर के लिए अनुरक्षण सहायता सेवाओं की संभावित बिक्री को भी लगभग 23 करोड़ अमेरिकी डॉलर की अनुमानित लागत पर मंजूरी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय ने बताया कि अपाचे सहायक सेवाएं मूल निर्माता बोइंग और लॉकहीड मार्टिन प्रदान करेंगे। वहीं हॉवित्जर सहायक सेवाएं ब्रिटेन के कंब्रिया स्थित 'बीएई सिस्टम्स' होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने एएच-64ई अपाचे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582442/us-india-defense-partnership--america-gives-india-a-major-military-gift---198-billion-in-maintenance-services-approved-for-apache-helicopters"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit18.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाशिंगटनः</strong> अमेरिका ने भारत को अपाचे हेलीकॉप्टरों के लिए सहायक सेवाएं और संबंधित उपकरण 198.2 अरब अमेरिकी डॉलर की अनुमानित लागत पर बेचने की मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर के लिए अनुरक्षण सहायता सेवाओं की संभावित बिक्री को भी लगभग 23 करोड़ अमेरिकी डॉलर की अनुमानित लागत पर मंजूरी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय ने बताया कि अपाचे सहायक सेवाएं मूल निर्माता बोइंग और लॉकहीड मार्टिन प्रदान करेंगे। वहीं हॉवित्जर सहायक सेवाएं ब्रिटेन के कंब्रिया स्थित 'बीएई सिस्टम्स' होगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने एएच-64ई अपाचे रखरखाव सहायता सेवाएं; अमेरिकी सरकार और अनुबंध इंजीनियरिंग, तकनीकी और रसद सहायता सेवाएं; तकनीकी डेटा और प्रकाशन; कर्मियों का प्रशिक्षण तथा रसद और प्रोग्राम से संबंधित अन्य तत्वों को खरीदने का अनुरोध किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत ने एम777ए2 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर के लिए दीर्घकालिक अनुरक्षण सहायता सेवाएं खरीदने का भी अनुरोध किया था। हेलिकॉप्टरों और हॉवित्जरों के लिए सहायक सेवाओं की संभावित बिक्री विदेशी सैन्य बिक्री व्यवस्था के तहत की जाएगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हेलीकॉप्टरों और होवित्ज़र की प्रस्तावित बिक्री, अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने में सहायक होगी और अमेरिका की विदेश नीति तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्यों को समर्थन प्रदान करेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 19 May 2026 10:08:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> लेबनान पर इजराइली हमलों का जवाब: ईरान ने बंद किया होर्मुज, खतरे में पड़ा वैश्विक व्यापार और युद्धविराम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>तेहरान। </strong>ईरान ने इजराइल द्वारा लेबनान में हमले तेज किए जाने के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर बंद कर दिया, जिससे हाल में हुआ युद्धविराम खतरे में पड़ गया है। अमेरिका ने जलडमरूमध्य को तत्काल खोलने की मांग की है और शांति वार्ता को पटरी पर बनाए रखने की कोशिश की है। अमेरिका और ईरान दोनों ने समझौते को अपनी-अपनी जीत बताया है, वहीं क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमले जारी हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं। बेरूत में व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों पर हमले किए गए। इन हमलों में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578067/response-to-israeli-attacks-on-lebanon--iran-blocks-strait-of-hormuz--global-trade-and-ceasefire-at-risk"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(42)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तेहरान। </strong>ईरान ने इजराइल द्वारा लेबनान में हमले तेज किए जाने के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर बंद कर दिया, जिससे हाल में हुआ युद्धविराम खतरे में पड़ गया है। अमेरिका ने जलडमरूमध्य को तत्काल खोलने की मांग की है और शांति वार्ता को पटरी पर बनाए रखने की कोशिश की है। अमेरिका और ईरान दोनों ने समझौते को अपनी-अपनी जीत बताया है, वहीं क्षेत्र में ड्रोन और मिसाइल हमले जारी हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं। बेरूत में व्यावसायिक और रिहायशी इलाकों पर हमले किए गए। इन हमलों में बुधवार को कम से कम 182 लोगों की मौत हुई। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि प्रस्तावित वार्ता "अतार्किक" है क्योंकि अमेरिका ने युद्ध विराम की शर्तों का उल्लंघन किया है। </p>
<p style="text-align:justify;">ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा कि लेबनान में संघर्ष खत्म करना युद्धविराम का हिस्सा था, जबकि इजराइल और अमेरिका ने इससे इनकार किया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने जलडमरूमध्य बंद करने को "पूरी तरह अस्वीकार्य" बताया और इसे फिर खोलने की मांग दोहराई। </p>
<p style="text-align:justify;">समझौते की शर्तों को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं। ईरान ने संकेत दिया है कि वह जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से शुल्क वसूल सकता है, जबकि अमेरिका इसका विरोध कर रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ती हिंसा और मतभेदों के चलते युद्धविराम के कायम रहने पर अनिश्चितता बनी हुई है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">लेबनान में इजरायली हमले रोकने की शर्त</h5>
<p style="text-align:justify;">ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने कहा है कि पश्चिम एशिया में युद्धविराम लागू करने के लिए लेबनान में इजरायली हमलों का तत्काल रुकना एक प्रमुख शर्त है। उन्होंने कहा कि ईरान की 10-सूत्रीय योजना के तहत प्रस्तावित युद्धविराम "ईरानी नेतृत्व और जनता के बलिदान का परिणाम" है और अब देश कूटनीति, रक्षा तथा जनभागीदारी के स्तर पर एकजुट रहेगा।  </p>
<p style="text-align:justify;">पेज़ेश्कियान ने कहा, "ईरान द्वारा अपेक्षित सामान्य सिद्धांतों की स्वीकृति के साथ, यह युद्धविराम हमारे महान शहीद नेता खामेनेई के रक्त का फल था, और यह मैदान में समस्त जनता की उपस्थिति की उपलब्धि थी। आज से हम एकजुट रहेंगे, चाहे वह कूटनीति हो, रक्षा हो, जन-लामबंदी हो, या सेवा-प्रदान हो।" दूसरी ओर, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबफ ने वार्ता से पहले ही समझौते के उल्लंघन पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि लेबनान में हमले जारी रहने, ईरानी हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ और परमाणु संवर्धन के अधिकार से इनकार जैसे कदमों के बीच युद्धविराम और बातचीत "अतार्किक" है। श्री ग़ालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की 10-सूत्री योजना को वार्ता के आधार के रूप में स्वीकार किया है। </p>
<p style="text-align:justify;">लेबनान में युद्धविराम लागू न करना, ईरान के हवाई क्षेत्र में ड्रोन घुसपैठ होना और ईरान के परमाणु संवर्धन के अधिकार को नकारना इसके तीन बिंदुओं का उल्लंघन है। श्री ग़ालिबफ़ ने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा, "अमेरिका के प्रति हमारे मन में जो गहरा ऐतिहासिक अविश्वास है, उसकी जड़ें उसके द्वारा हर तरह की प्रतिबद्धताओं के बार-बार किये गये उल्लंघनों में हैं। यह एक ऐसा सिलसिला जो खेदजनक रूप से एक बार फिर दोहराया गया है।" उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में द्विपक्षीय युद्धविराम या वार्ता आगे बढ़ाना उचित नहीं है और इससे अमेरिका पर अविश्वास और गहरा होता है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578045/will-pakistan-broker-a-deal--iranian-delegation-to-arrive-in-islamabad-today-for-talks-with-the-us"><span class="t-red">क्या पाकिस्तान कराएगा समझौता? </span>अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल आज पहुंचेगा इस्लामाबाद</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578067/response-to-israeli-attacks-on-lebanon--iran-blocks-strait-of-hormuz--global-trade-and-ceasefire-at-risk</link>
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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 16:23:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Pakistan vs USA: 20 टी20 विश्व कप 2026 में महीने पुरानी शर्मनाक हार का बदला लेने उतरेगा पाकिस्तान, कोलंबो में होगी रोमांचक टक्कर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कोलंबोः</strong> पाकिस्तान मंगलवार को यहां टी20 विश्व कप में जब अमेरिका से भिड़ेगा तो 20 महीने पहले इस टीम के खिलाफ मिली शर्मनाक हार का बदला लेने की कोशिश करेगा। वर्ष 2024 में विश्व कप में पदार्पण करते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान पर यादगार जीत के साथ बड़े मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। मौजूदा टूर्नामेंट के पहले मैच में भारत से हारने के बाद अमेरिका की टीम यहां सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में पाकिस्तान के खिलाफ एक और जीत दर्ज करने के लिए अतिरिक्त प्रेरित होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">दोनों ही टीम को बल्लेबाजी विभाग में काफी काम करना है। पाकिस्तान नीदरलैंड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570560/the-usa-and-pakistan-will-face-each-other-again-in-the-t20-world-cup--with-all-eyes-on-a-better-performance-with-the-bat"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(48).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलंबोः</strong> पाकिस्तान मंगलवार को यहां टी20 विश्व कप में जब अमेरिका से भिड़ेगा तो 20 महीने पहले इस टीम के खिलाफ मिली शर्मनाक हार का बदला लेने की कोशिश करेगा। वर्ष 2024 में विश्व कप में पदार्पण करते हुए अमेरिका ने पाकिस्तान पर यादगार जीत के साथ बड़े मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई थी। मौजूदा टूर्नामेंट के पहले मैच में भारत से हारने के बाद अमेरिका की टीम यहां सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब में पाकिस्तान के खिलाफ एक और जीत दर्ज करने के लिए अतिरिक्त प्रेरित होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">दोनों ही टीम को बल्लेबाजी विभाग में काफी काम करना है। पाकिस्तान नीदरलैंड के खिलाफ 148 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छी स्थिति में था लेकिन बीच के ओवरों में बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण टीम मुश्किल में पड़ गई। फहीम अशरफ की बदौलत हालांकि टीम जीत हासिल करने में सफल रही। अमेरिका ने वानखेड़े में मौजूदा चैंपियन भारत को दबाव में डाल दिया था लेकिन प्रभावशाली गेंदबाजी प्रदर्शन के बाद उनके बल्लेबाज उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए। पाकिस्तान की टीम में सभी की नजरें बाबर आजम पर होंगी जिन्होंने सबसे छोटे प्रारूप में वापसी की है। सलामी बल्लेबाज सईम अयूब से भी बल्ले से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। अयूब हाल के दिनों में स्पिनर के तौर पर अधिक सफल रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">कप्तान सलमान अली आगा का भी मानना है कि उनके खिलाड़ियों को नीदरलैंड के खिलाफ मैच की तुलना में दबाव से बेहतर तरीके से निपटना होगा। अमेरिका भी अपने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद करेगा। कप्तान मोनांक पटेल ने स्वयं माना था कि उनकी टीम भारत के खिलाफ पावरप्ले में ढीले शॉट खेलने की दोषी थी। मोनांक भी खराब शॉट खेलकर आउट हुए। दक्षिण अफ्रीका में जन्मे शैडली वैन शाल्कविक की अगुवाई में अमेरिका ने गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, सीनियर तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवलकर का पहला मैच खराब रहा और वह पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बेताब होंगे। अमेरिका ने आईसीसी प्रतियोगिता से पहले श्रीलंका में अभ्यास किया था और वे यहां की परिस्थितियों से परिचित हैं। टीम के तेज गेंदबाज अली खान की फिटनेस पर सवालिया निशान लगा हुआ है जो भारत के खिलाफ मैच में लंगड़ाते हुए मैदान से बाहर चले गए थे। </p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>टीम इस प्रकार हैं:</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>अमेरिका: </strong>मोनांक पटेल (कप्तान), जेसी सिंह, एंड्रीज गॉस, शेहान जयसूर्या, मिलिंद कुमार, शायन जहांगीर, साईतेजा मुक्कामाला, संजय कृष्णमूर्ति, हरमीत सिंह, नोस्थुश केनजिगे, शैडली वैन शाल्कविक, सौरभ नेत्रवलकर, अली खान, मोहम्मद मोहसिन, शुभम रंजने। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पाकिस्तान: </strong>सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमां, ख्वाजा नफे, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान, उस्मान खान, उस्मान तारिक। </p>
<p style="text-align:justify;">समय: मैच शाम 7 बजे शुरू होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 12:37:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Budget Session: अमेरिका के साथ ट्रेड डील को पीयूष गोयल ने बताया ऐतिहासिक, बोले - हम कृषि क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को बुधवार को 'ऐतिहासिक' करार देते हुए लोकसभा में कहा कि भारत इस समझौते में कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। उन्होंने सदन में दिए वक्तव्य में यह भी कहा कि इस समझौते से भारत को विकसित बनाने की दिशा में देश की यात्रा को मजबूती मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">गोयल ने कहा, ''दोनों देश नियमित रूप से चर्चा कर रहे थे...दोनों पक्षों ने विभिन्न स्तरों पर गहन बातचीत की है।'' उनका कहना था कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570005/the-trade-agreement-with-the-us-is-historic--says-piyush-goyal---we-have-succeeded-in-ensuring-the-security-of-the-agricultural-sector"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(24)3.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को बुधवार को 'ऐतिहासिक' करार देते हुए लोकसभा में कहा कि भारत इस समझौते में कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। उन्होंने सदन में दिए वक्तव्य में यह भी कहा कि इस समझौते से भारत को विकसित बनाने की दिशा में देश की यात्रा को मजबूती मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">गोयल ने कहा, ''दोनों देश नियमित रूप से चर्चा कर रहे थे...दोनों पक्षों ने विभिन्न स्तरों पर गहन बातचीत की है।'' उनका कहना था कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों की रक्षा करते हुए यह समझौता करने में सफल रहे हैं। मंत्री ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर चर्चा की और इसके बाद ट्रंप ने अमेरिका के टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने की घोषणा की।''</p>
<p style="text-align:justify;">गोयल ने कहा, ''मैं इस बात पर जोर देना चाहता हूं कि यह अमेरिका द्वारा कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए शुल्क से कम है।'' उनका कहना था कि यह समझौता भारतीय निर्यातकों को तुलनात्मक लाभ प्रदान करेगा। मंत्री के अनुसार, भारतीय पक्ष विशेष रूप से कृषि और दुग्ध क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सफल रहा है। गोयल ने इस बात पर जोर दिया, ''खाद्य और कृषि क्षेत्र में भारत की संवेदनशीलता का ध्यान रखा गया है।''</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना था, ''यह ऐतिहासिक ढांचागत समझौता दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने और 2047 तक विकसित भारत बनाने की दिशा में यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।'' उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष व्यापार समझौते की प्रक्रियाओं और कागजी कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए मिलकर काम करेंगे। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि 140 करोड़ भारतीयों की आवश्यकताओं की सुरक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''देश को विकसित बनने के पथ पर आगे बढ़ने के लिए ऊर्जा, विमानन, डेटा केंद्र और परमाणु ऊर्जा समेत विभिन्न क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ाने की आवश्यकता होगी और अमेरिका इन क्षेत्रों में अग्रणी देश है।'' <span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 12:37:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एपस्टीन फाइलों से स्लोवाकिया में भूचाल: शीर्ष अधिकारी ने दिया इस्तीफा, प्रिंस एंड्रयू पर फिर दबाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्कः </strong>जेफरी एपस्टीन से संबंधित अमेरिकी सरकार की हाल में सामने आई फाइल के कारण स्लोवाकिया के एक शीर्ष अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया। वहीं, इस मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है कि ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस को एपस्टीन के दुनिया भर के प्रभावशाली व्यक्तियों से संबंधों के बारे में प्राधिकारियों के साथ जानकारी साझा करनी चाहिए। अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने शुक्रवार को एपस्टीन से जुड़ी कई फाइल जारी कीं जिसके बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। ये फाइल फ्लोरिडा में यौन अपराधों के लिए सजा काटने वाले एपस्टीन के अमीर और मशहूर लोगों के साथ संबंधों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569669/epstein-files-trigger-political-turmoil-in-slovakia--top-official-resigns--putting-renewed-pressure-on-prince-andrew"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(31).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्कः </strong>जेफरी एपस्टीन से संबंधित अमेरिकी सरकार की हाल में सामने आई फाइल के कारण स्लोवाकिया के एक शीर्ष अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया। वहीं, इस मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है कि ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस को एपस्टीन के दुनिया भर के प्रभावशाली व्यक्तियों से संबंधों के बारे में प्राधिकारियों के साथ जानकारी साझा करनी चाहिए। अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने शुक्रवार को एपस्टीन से जुड़ी कई फाइल जारी कीं जिसके बाद यह घटनाक्रम सामने आया है। ये फाइल फ्लोरिडा में यौन अपराधों के लिए सजा काटने वाले एपस्टीन के अमीर और मशहूर लोगों के साथ संबंधों की जानकारी प्रदान करती हैं। स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री ने शनिवार को मिरोस्लाव लाजैक का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट्र महासभा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके लाजैक पर किसी भी प्रकार के गलत काम का आरोप नहीं था लेकिन एपस्टीन के जेल से रिहा होने के बाद के वर्षों में दोनों की मुलाकात की तस्वीरें और ईमेल सामने आने के बाद उन्होंने अपना पद छोड़ दिया। इन खुलासों से ये सवाल फिर से उठने लगे हैं कि क्या एपस्टीन के मित्र रहे ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को अमेरिकी अधिकारियों के साथ सहयोग करना चाहिए। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर ने शनिवार को सुझाव दिया कि माउंटबेटन-विंडसर को एपस्टीन की गतिविधियों के बारे में जो कुछ भी पता है, उसके बारे में उन्हें अमेरिकी जांच अधिकारियों को बता देना चाहिए। </p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दस्तावेजों के जारी होने के बाद अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में कहा, ''मैंने इसे खुद नहीं देखा, लेकिन कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण लोगों ने मुझे बताया कि यह न केवल मुझे दोषमुक्त करता है बल्कि यह कुछ वामपंथी लोगों की उम्मीदों के बिल्कुल विपरीत है।'' मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट की गई फाइल में एपस्टीन की माउंटबेटन-विंडसर के साथ दोस्ती से संबंधित दस्तावेज और ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन, न्यूयॉर्क जायंट्स के सह-मालिक स्टीव टिस्क और अरबपतियों बिल गेट्स एवं एलन मस्क के साथ ईमेल पत्राचार शामिल हैं। इन रिकॉर्ड में ट्रंप के हजारों संदर्भ हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, इजराइल के पूर्व प्रधानमंत्री एहूद बराक एवं उनकी पत्नी, राष्ट्रपति ट्रंप के वाणिज्य मंत्री हावर्ड लुटनिक, अरबपति एवं गूगल के सह-संस्थापक सर्गी ब्रिन के नाम भी शामिल हैं। दस्तावेजों के अनुसार, एफबीआई ने जुलाई 2006 में एपस्टीन के मामले में जांच शुरू की थी। जारी किए गए रिकॉर्ड से इस बात की पुष्टि हुई कि एपस्टीन के ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के साथ दोस्ताना संबंध थे। अभियोग लगने के एक महीने बाद अगस्त 2019 में एपस्टीन ने न्यूयॉर्क की एक जेल में आत्महत्या कर ली थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:59:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका लौटाएगा तमिलनाडु की तीन प्राचीन मूर्तिया,  भारत के मंदिर स्थलों से अवैध रूप से हटाया गया था </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क।</strong>अमेरिका भारत को तीन प्राचीन कांस्य मूर्तियां लौटाएगा जिन्हें देश के मंदिरों से अवैध रूप से हटा दिया गया था। वाशिंगटन डीसी स्थित स्मिथसोनियन नेशनल म्यूज़ियम ऑफ एशियन आर्ट ने कहा कि तीन मूर्तियां भारत सरकार को वापस की जाएंगी। गहन जांच के बाद इन मूर्तियों के स्त्रोत का पता लगाया गया और रिपोर्ट में यह कहा गया कि इन मूर्तियों को मंदिरों से अवैध रूप से हटाया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">संग्रहालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ने मूर्तियों में से एक को दीर्घकालिक ऋण पर देने पर सहमति व्यक्त की है। इस तरह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569434/the-us-will-return-three-ancient-idols-from-tamil-nadu-that-were-illegally-removed-from-temple-sites-in-india"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(1)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क।</strong>अमेरिका भारत को तीन प्राचीन कांस्य मूर्तियां लौटाएगा जिन्हें देश के मंदिरों से अवैध रूप से हटा दिया गया था। वाशिंगटन डीसी स्थित स्मिथसोनियन नेशनल म्यूज़ियम ऑफ एशियन आर्ट ने कहा कि तीन मूर्तियां भारत सरकार को वापस की जाएंगी। गहन जांच के बाद इन मूर्तियों के स्त्रोत का पता लगाया गया और रिपोर्ट में यह कहा गया कि इन मूर्तियों को मंदिरों से अवैध रूप से हटाया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">संग्रहालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि भारत सरकार ने मूर्तियों में से एक को दीर्घकालिक ऋण पर देने पर सहमति व्यक्त की है। इस तरह की व्यवस्था के तहत संग्रहालय को वस्तु की उत्पत्ति, उन्हें हटाए जाने और वापसी की पूरी कहानी को सार्वजनिक रूप से साझा करने की अनुमति मिल जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">ये मूर्तियां चोल काल (लगभग 990 ईस्वी) की 'शिव नटराज', चोल काल (12वीं शताब्दी) की 'सोमस्कंद' और विजयनगर काल (16वीं शताब्दी) की 'संत सुंदरार विद परवई' हैं। ये मूर्तियां ''दक्षिण भारतीय कांस्य ढलाई की समृद्ध कलात्मकता का उदाहरण हैं'', जिन्हें पारंपरिक रूप से मंदिर की शोभायात्राओं में ले जाया जाता था। </p>
<p style="text-align:justify;">बयान में कहा गया है कि 'शिव नटराज' प्रतिमा को दीर्घकालिक ऋण पर रखा जाना है। यह मूर्ति 'दक्षिण एशिया, दक्षिणपूर्व एशिया और हिमालय क्षेत्र में ज्ञान की कला' नामक प्रदर्शनी के तहत प्रदर्शित की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">संग्रहालय और भारतीय दूतावास समझौते के तहत व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए करीबी संपर्क में हैं। यह वापसी राष्ट्रीय एशियाई कला संग्रहालय और दक्षिण एवं दक्षिणपूर्व एशियाई कला के प्रयासों से संभव हो पाई। इसमें पुडुचेरी स्थित फ्रांसीसी संस्थान के फोटो अभिलेखागार और दुनिया भर के कई संगठनों एवं व्यक्तियों का सहयोग शामिल था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 10:47:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुनीता विलियम्स ने NASA से लिया संन्यास: 27 साल की शानदार उड़ान, 608 दिन अंतरिक्ष में, भारतीय मूल की 'स्पेस हीरो' अब रिटायर्ड!</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>केनरवलः </strong>अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर महीनों तक फंसे रहे दो अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल नासा की सुनीता विलियम्स सेवानिवृत्त हो गई हैं। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगलवार को बताया कि भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की सेवानिवृत्ति का आदेश पिछले साल दिसंबर के अंत से प्रभावी हो गया। बोइंग की कैप्सूल परीक्षण उड़ान के दौरान विलियम्स के साथ अंतरिक्ष में फंसे रहे बुच विलमोर ने पिछले साल गर्मियों में नासा छोड़ दिया था। </p>
<p>विलियम्स और विलमोर को 2024 में अंतरिक्ष स्टेशन भेजा गया था और वे बोइंग के नए 'स्टारलाइनर' कैप्सूल से उड़ान भरने वाले पहले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568502/sunita-williams-retires-from-nasa--27-years-of-illustrious-flying--608-days-in-space--indian-origin--space-hero--now-retired"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(42)11.png" alt=""></a><br /><p><strong>केनरवलः </strong>अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर महीनों तक फंसे रहे दो अंतरिक्ष यात्रियों में शामिल नासा की सुनीता विलियम्स सेवानिवृत्त हो गई हैं। अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने मंगलवार को बताया कि भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स की सेवानिवृत्ति का आदेश पिछले साल दिसंबर के अंत से प्रभावी हो गया। बोइंग की कैप्सूल परीक्षण उड़ान के दौरान विलियम्स के साथ अंतरिक्ष में फंसे रहे बुच विलमोर ने पिछले साल गर्मियों में नासा छोड़ दिया था। </p>
<p>विलियम्स और विलमोर को 2024 में अंतरिक्ष स्टेशन भेजा गया था और वे बोइंग के नए 'स्टारलाइनर' कैप्सूल से उड़ान भरने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री थे। उनका मिशन केवल एक सप्ताह का था लेकिन स्टारलाइनर में आई दिक्कतों के कारण यह नौ महीने से भी लंबा खिंच गया। वे अंतत: पिछले साल मार्च में पृथ्वी पर लौटे। नौसेना की पूर्व कप्तान विलियम्स (60) ने नासा में 27 वर्षों से अधिक समय तक सेवाएं दीं और अंतरिक्ष स्टेशन के तीन मिशन में कुल 608 दिन अंतरिक्ष में गुजारे। उन्होंने एक महिला द्वारा सबसे लंबे समय तक अंतरिक्ष में चहलकदमी (स्पेसवॉक) का रिकॉर्ड भी बनाया। </p>
<p>उन्होंने कुल 62 घंटे अंतरिक्ष में चहलकदमी की। नासा के नए प्रशासक जैरेड आइजैकमैन ने विलियम्स को '' अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में अग्रणी'' बताया। उन्होंने एक बयान में कहा, ''आपकी इस शानदार सेवानिवृत्ति पर बधाई।'' बोइंग का अगला स्टारलाइनर मिशन अंतरिक्ष स्टेशन तक मनुष्यों को नहीं, केवल माल को लेकर जाएगा। नासा यह सुनिश्चित करना चाहता है कि किसी को भी कैप्सूल से अंतरिक्ष में भेजने से पहले इसके थ्रस्टर और अन्य सभी समस्याओं को सुलझा लिए जाएं। यह परीक्षण उड़ान इस वर्ष बाद में होगी। विलियम्स के पिता दीपक पांड्या जाने माने तंत्रिका विज्ञानी थे और वह मूल रूप से भारत के गुजरात के रहने वाले थे तथा उनकी मां उर्सुलीन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                            <category>Space Mission</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 09:01:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका में भारतीय एक्स गर्लफ्रेंड की हत्या, फिर मिसिंग ड्रामा करके भारत आया प्रेमी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लास वेगास/न्यूयॉर्कः </strong>अमेरिका के मैरीलैंड राज्य से पिछले सप्ताह लापता हुई 27 वर्षीय भारतीय महिला मृत पाई गई है। पुलिस को संदेह है कि महिला के पूर्व प्रेमी ने उसकी हत्या की है और वह भारत फरार हो गया है। मैरीलैंड के एलिकॉट सिटी की रहने वाली निकिता गोडिशाला (27) दो जनवरी को लापता हो गई थी। हॉवर्ड काउंटी पुलिस ने रविवार को एक बयान में बताया कि निकिता का शव कोलंबिया स्थित उसके पूर्व प्रेमी अर्जुन शर्मा (26) के अपार्टमेंट से बरामद हुआ है। शव पर चाकू के घाव थे। पुलिस ने अर्जुन शर्मा के खिलाफ हत्या के आरोपों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566347/indian-ex-girlfriend-murdered-in-america--then-boyfriend-returns-to-india-after-staging-a-missing-drama"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(42)3.png" alt=""></a><br /><p><strong>लास वेगास/न्यूयॉर्कः </strong>अमेरिका के मैरीलैंड राज्य से पिछले सप्ताह लापता हुई 27 वर्षीय भारतीय महिला मृत पाई गई है। पुलिस को संदेह है कि महिला के पूर्व प्रेमी ने उसकी हत्या की है और वह भारत फरार हो गया है। मैरीलैंड के एलिकॉट सिटी की रहने वाली निकिता गोडिशाला (27) दो जनवरी को लापता हो गई थी। हॉवर्ड काउंटी पुलिस ने रविवार को एक बयान में बताया कि निकिता का शव कोलंबिया स्थित उसके पूर्व प्रेमी अर्जुन शर्मा (26) के अपार्टमेंट से बरामद हुआ है। शव पर चाकू के घाव थे। पुलिस ने अर्जुन शर्मा के खिलाफ हत्या के आरोपों में गिरफ्तारी वारंट हासिल कर लिया है। </p>
<p>वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि वह गोडिशाला के परिवार के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। भारतीय दूतावास ने कहा, "हम इस मामले में स्थानीय अधिकारियों के साथ भी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।" </p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी अर्जुन शर्मा ने ही खुद पुलिस में निकिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि उसने निकिता को आखिरी बार 31 दिसंबर को अपने अपार्टमेंट में देखा था। पुलिस जांच में पता चला कि दो जनवरी को गुमशुदगी की रपट दर्ज कराने के तुरंत बाद शर्मा भारत के लिए रवाना हो गया। अगले दिन जब जांचकर्ताओं ने उसके अपार्टमेंट की तलाशी ली, तो वहां निकिता का शव बरामद हुआ।</p>
<p>जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि शर्मा ने 31 दिसंबर को शाम करीब सात बजे निकिता की हत्या कर दी थी। हॉवर्ड काउंटी पुलिस ने कहा कि फिलहाल हत्या के कारणों का पता नहीं चला है और शर्मा का पता लगाने व उसे गिरफ्तार करने के लिए अमेरिकी संघीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 12:12:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> अमेरिका में भारतीय नागरिक को 90 महीने की सजा: बुजुर्गों के साथ धोखाधड़ी का आरोप, 20 लाख डॉलर का जुर्माना </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क। </strong>अमेरिका में बुजुर्गों समेत अन्य लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में एक भारतीय नागरिक को दोषी करार देते हुए उसे 90 महीने की सजा सुनाई गई है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी। न्याय विभाग ने बुधवार को एक बयान में कहा कि लिग्नेश कुमार एच. पटेल (38) को वायर फ्रॉड और वित्तीय संस्थान धोखाधड़ी करने की साजिश रचने के मामले में दोषी पाया गया। पटेल ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">न्यायाधीश ने उसे मुआवजे के तौर पर 20 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया। पटेल ने अमेरिका के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563140/indian-citizen-in-the-us-sentenced-to-90-months-in-prison--accused-of-defrauding-the-elderly--fined--2-million"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/untitled-design-(47).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क। </strong>अमेरिका में बुजुर्गों समेत अन्य लोगों के साथ धोखाधड़ी करने के मामले में एक भारतीय नागरिक को दोषी करार देते हुए उसे 90 महीने की सजा सुनाई गई है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गयी। न्याय विभाग ने बुधवार को एक बयान में कहा कि लिग्नेश कुमार एच. पटेल (38) को वायर फ्रॉड और वित्तीय संस्थान धोखाधड़ी करने की साजिश रचने के मामले में दोषी पाया गया। पटेल ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">न्यायाधीश ने उसे मुआवजे के तौर पर 20 लाख अमेरिकी डॉलर से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया। पटेल ने अमेरिका के पांच प्रांतों के बुजुर्ग लोगों सहित 11 लोगों को ठगी का शिकार बनाया। अमेरिकी अटॉर्नी स्टीवन डी. वेनहोफ्ट ने कहा, ‘‘धोखाधड़ी के घोटाले अंतरराष्ट्रीय साजिशें हैं जिनमें अक्सर अमेरिका स्थित मनी म्यूल्स का इस्तेमाल पीड़ितों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका पैसा हड़पने के लिए किया जाता है।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">‘मनी म्यूल’ वह व्यक्ति होता है जो किसी अन्य व्यक्ति की ओर से अवैध रूप से अर्जित धन का हस्तांतरण या स्थानांतरण करता है। वेनहोफ्ट ने कहा, ‘‘अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय इन जालसाजों पर सख्ती से मुकदमा चलाता है, और जो भी बुजुर्ग पीड़ितों को निशाना बनाएगा उसे निश्चित रूप से न्याय के कठघरे में लाया जाएगा।’’ अदालती दस्तावेजों के अनुसार, पटेल ने पांच राज्यों में कम से कम 11 बुजुर्ग पीड़ितों के घरों पर जाकर उनकी कुल 22,31,216.99 अमेरिकी डॉलर की संपत्ति धोखाधड़ी से अपने कब्जे में कर ली। </p>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><span class="t-red">ये भी पढ़े : </span></h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/562035/operation-sagar-bandhu--india-becomes-sri-lanka-s-support--ndrf-rescues-9-month-pregnant-woman"><span class="t-red">Operation Sagar Bandhu: </span>श्रीलंका का सहारा बना भारत, 9 माह की गर्भवती महिला को NDRF ने निकाला सुरक्षित </a></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>सोर्स :  (भाषा) </strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563140/indian-citizen-in-the-us-sentenced-to-90-months-in-prison--accused-of-defrauding-the-elderly--fined--2-million</link>
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                <pubDate>Thu, 11 Dec 2025 10:56:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिवाली की अमेरिका तक में धूम :  टेक्सास गवर्नर ने खास अंदाज में मनाया त्योहार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>ह्यूस्टन ।</strong> टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने गवर्नर्स मेंशन में दिवाली 2025 समारोह का आयोजन किया। इस आयोजन के जरिए हर साल भारतीय-अमेरिकी समुदाय रौशनी के इस त्योहार को मनाने के लिए एक साथ आता है। रविवार के इस समारोह में ह्यूस्टन, डी.सी. में भारत के महावाणिज्य दूत मंजूनाथ, भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख सदस्य और निर्वाचित अधिकारी शामिल हुए। गवर्नर एबॉट एवं प्रथम महिला सेसिलिया एबॉट ने मेहमानों के साथ मिलकर दीप प्रज्वलित किया, जो अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर शुभकामनायें देते हुए, गवर्नर ने राज्य की प्रगति, नवाचार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556811/span-classt-red-diwali-celebrated-even-in-america-span-texas-governor"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/मिट्टी-के-दिये-दीपावली1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ह्यूस्टन ।</strong> टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने गवर्नर्स मेंशन में दिवाली 2025 समारोह का आयोजन किया। इस आयोजन के जरिए हर साल भारतीय-अमेरिकी समुदाय रौशनी के इस त्योहार को मनाने के लिए एक साथ आता है। रविवार के इस समारोह में ह्यूस्टन, डी.सी. में भारत के महावाणिज्य दूत मंजूनाथ, भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रमुख सदस्य और निर्वाचित अधिकारी शामिल हुए। गवर्नर एबॉट एवं प्रथम महिला सेसिलिया एबॉट ने मेहमानों के साथ मिलकर दीप प्रज्वलित किया, जो अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस मौके पर शुभकामनायें देते हुए, गवर्नर ने राज्य की प्रगति, नवाचार और विविधता में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान की प्रशंसा की। महावाणिज्य दूत मंजूनाथ ने भारतीय संस्कृति के प्रति उनके निरंतर समर्थन और मान्यता के लिए गवर्नर एबॉट का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के समारोह भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच समझ को बढ़ावा देते हैं और मित्रता को मज़बूत करते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">गवर्नर मैंशन में दिवाली समारोह टेक्सास में एक वार्षिक परंपरा बन गई है, जो राज्य की समावेशी भावना और विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय-अमेरिकी समुदाय की जीवंत उपस्थिति को प्रदर्शित करती है। गवर्नर एबॉट 2018 से दिवाली समारोह की मेजबानी कर रहे हैं। वह कोरोना काल में 2020 में इसकी मेजबानी नहीं की थी क्योंकि कोविड-19 महामारी के कारण इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/556787/bihar-assembly-elections-2025--aap-announces-fourth-list-of-12-candidates--see-full-list#gsc.tab=0">Bihar Assembly Elections 2025: AAP ने 12 उम्मीदवारों की चौथी सूची की घोषणा, देखें पूरी लिस्ट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/556811/span-classt-red-diwali-celebrated-even-in-america-span-texas-governor</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Oct 2025 17:08:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>‘घर जैसा महसूस हुआ’ आईएसएस से लौटने के बाद शुभांशु शुक्ला ने परिवार के साथ साझा की भावुक करने वाली तस्वीरें</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला तीन अन्य लोगों के साथ एक सफल अंतरिक्ष मिशन से लौटने के बाद अमेरिका के ह्यूस्टन में हैं और पृथ्वी पर जीवन से सामंजस्य बिठा रहे हैं। उनके पिता ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर 18 दिन बिताने के बाद मंगलवार को पृथ्वी पर लौटे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/untitled-design-(35).jpg" alt="Untitled design (35)" width="1200" height="1080" /></p>
<p style="text-align:justify;">वह आईआईएस पर जाने वाले पहले भारतीय और अंतरिक्ष में राकेश शर्मा के बाद जाने वाले दूसरे व्यक्ति हैं। शुक्ला अभी ह्यूस्टन में हैं और उनकी पत्नी कामना और उनका छह वर्ष का बेटा कियाश पहले से वहां हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/untitled-design-(33)2.jpg" alt="Untitled design (33)" width="1200" height="1080" /></p>
<p style="text-align:justify;">पत्र</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546442/%E2%80%98felt-like-home%E2%80%99-shubhnshu-shukla-shares-emotional-photos-with-family-after-returning-from-iss"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/untitled-design-(32)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला तीन अन्य लोगों के साथ एक सफल अंतरिक्ष मिशन से लौटने के बाद अमेरिका के ह्यूस्टन में हैं और पृथ्वी पर जीवन से सामंजस्य बिठा रहे हैं। उनके पिता ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। शुक्ला अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर 18 दिन बिताने के बाद मंगलवार को पृथ्वी पर लौटे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/untitled-design-(35).jpg" alt="Untitled design (35)" width="1920" height="1080"></img></p>
<p style="text-align:justify;">वह आईआईएस पर जाने वाले पहले भारतीय और अंतरिक्ष में राकेश शर्मा के बाद जाने वाले दूसरे व्यक्ति हैं। शुक्ला अभी ह्यूस्टन में हैं और उनकी पत्नी कामना और उनका छह वर्ष का बेटा कियाश पहले से वहां हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/untitled-design-(33)2.jpg" alt="Untitled design (33)" width="1920" height="1080"></img></p>
<p style="text-align:justify;">पत्र सूचना कार्यालय ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के हवाले से बताया है कि शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री मेडिकल और रि-अडाप्टेशन प्रक्रियाएं पूरी करने के लिए 23 जुलाई तक अलग थलग रहेंगे। 24 जुलाई से वे इसरो के साथ बातचीत शुरू करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/untitled-design-(34)1.jpg" alt="Untitled design (34)" width="1920" height="1080"></img></p>
<p style="text-align:justify;">शुभांशु शुक्ला के पिता शंभू दयाल ने लखनऊ में बताया, “उन्होंने (शुभांशु) कहा है कि पृथ्वी पर जीवन के साथ सामंजस्य बनाने के लिए उन्हें बहुत देखभाल की जरूरत है और यह देखभाल की जा रही है। टेलीफोन से बातचीत में शुभांशु इस उपलब्धि पर खासा उत्साहित दिखे क्योंकि यह उपलब्धि देश के लिए काफी मायने रखती है।” </p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय वायुसेना के 39 वर्षीय अधिकारी इस समय अपने परिवार के साथ ह्यूस्टन में हैं। अमेरिका से फोन पर बातचीत में शुक्ला की पत्नी कामना शुक्ला ने कहा, “हम ह्यूस्टन में हैं और हम उनसे पहले ही मिल चुके हैं। वह हमारे साथ हैं.. घर वापसी हो चुकी है और अब उनका पुनर्वास हो रहा है।” </p>
<p style="text-align:justify;">शुक्ला के पिता ने कहा कि शुभांशु की इस उपलब्धि को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया से लखनऊ में पूरा परिवार अभिभूत है। उन्होंने कहा, “बेशक वह लखनऊ आएंगे भले ही थोड़ा वक्त लगेगा। लेकिन जब कभी वह आते हैं, बड़ा जश्न मनाया जाएगा। सच्चाई यह है कि इन दिनों हर क्षण हमारे लिए उत्सव जैसा है.. पूरा क्षेत्र हमारे साथ आनंद ले रहा है। बेटे के आने से हमारी खुशी और बढ़ेगी ही।” </p>
<h5 style="text-align:justify;">20 दिन के अंतरिक्ष मिशन से धरती पर लौटे शुभांशु शुक्ला </h5>
<p style="text-align:justify;">भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बृहस्पतिवार को कहा कि 20 दिन के अंतरिक्ष मिशन से धरती पर लौटे शुभांशु शुक्ला के प्रारंभिक स्वास्थ्य परीक्षण से संकेत मिले हैं कि उनकी हालत स्थिर है और तत्काल चिंता की कोई बात नहीं है। शुक्ला 15 जून को पृथ्वी पर लौटे। ड्रैगन ग्रेस अंतरिक्ष यान उन्हें और एक्सिओम-4 मिशन के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट पर उतरा। अंतरिक्ष यान से बाहर निकलते ही ‘रिकवरी शिप’ पर अंतरिक्ष यात्रियों की प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच की गई। </p>
<h5 style="text-align:justify;"> पुनर्वास कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन में शुभांशु </h5>
<p style="text-align:justify;">बाद में, अंतरिक्ष यात्रियों को आगे की चिकित्सा जांच और परामर्श सत्रों के लिए हेलीकॉप्टर द्वारा रिकवरी शिप से मुख्य भूमि पर ले जाया गया। बाद में, शुक्ला को सूक्ष्म गुरुत्व के किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के लिए एक सप्ताह के पुनर्वास कार्यक्रम के लिए ह्यूस्टन ले जाया गया। इसरो ने कहा,‘‘इस कार्यक्रम का संचालन एक्सिओम के फ्लाइट सर्जन द्वारा किया जा रहा है और इसरो के फ्लाइट सर्जन भी इसमें हिस्सा ले रहे हैं।’’ </p>
<h5 style="text-align:justify;">हृदय संबंधी आकलन, मांसपेशियों-अस्थियों का परीक्षण और मनोवैज्ञानिक जांच शामिल</h5>
<p style="text-align:justify;">पुनर्वास कार्यक्रम में कई प्रकार की चिकित्सीय जांच, विशेष रूप से हृदय संबंधी आकलन, मांसपेशियों और अस्थियों का परीक्षण और मनोवैज्ञानिक जांच शामिल है। पुनर्वास गतिविधियों में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की निगरानी, सूक्ष्म गुरुत्व के किसी भी प्रभाव के समाधान करने और व्यक्ति को सामान्य गतिविधियों में वापस लौटने के लिए तैयार करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">शुक्ला ने 20 दिवसीय मिशन के दौरान 18 दिन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर बिताए। वहां उन्होंने इसरो और नासा द्वारा डिजाइन किए गए सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण प्रयोग किये। अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष में अपने प्रवास के दौरान पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और 135.18 लाख किलोमीटर से अधिक की यात्रा की।</p>
<p style="text-align:justify;">एक इंस्टाग्राम पोस्ट पर बुधवार शाम शुक्ला ने अपनी पत्नी और बेटे से मुलाकात की फोटो साझा की और लिखा, “यह चुनौतीपूर्ण था। पृथ्वी पर वापस आकर परिवार को बाहों में भरना... घर जैसा महसूस हुआ।</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/p/DMKyEhDMCr_/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MXJra3llaXBtbm1sbw==">https://www.instagram.com/p/DMKyEhDMCr_/?utm_source=ig_web_copy_link&amp;igsh=MXJra3llaXBtbm1sbw==</a></strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

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<p style="text-align:justify;">अंतरिक्ष के लिए उड़ान अद्भुत है, लेकिन लंबे समय बाद अपने प्रियजनों को देखना भी उतना ही अद्भुत है।” शुक्ला 2027 में भारत के प्रथम मानव अंतरिक्ष उड़ान गगनयान को लांच करने की इसरो की योजना का भी हिस्सा हैं। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/546412/so-far-50-rivers-have-been-rejuvenated-in-up--86-other-works-will-be-identified-and-restored">यूपी में अबतक 50 नदियों का हुआ कायाकल्प, 86 अन्य कार्यों को चिह्नित कर किया जायेगा पुनर्स्थापन</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/546442/%E2%80%98felt-like-home%E2%80%99-shubhnshu-shukla-shares-emotional-photos-with-family-after-returning-from-iss</link>
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                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 16:57:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा विभाग में छंटनी के लिए टंप को मिली हरी झंड़ी, उच्चतम न्यायालय ने 1,400 कर्मचारियों को हटाने की दी अनुमति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शिक्षा विभाग को समाप्त करने की उनकी योजना को फिर से आगे बढ़ाने और लगभग 1,400 कर्मचारियों की छंटनी की अनुमति दे दी है। तीन न्यायमूर्तियों की असहमति बावजूद, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को बोस्टन के डिस्ट्रिक्ट न्यायाधीश मयोंग जॉन के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी को रद्द करते हुए अंतरिम रोक लगाई थी और ट्रंप की योजना पर सवाल उठाए थे। जॉन ने आदेश में कहा था, ‘‘छंटनी से विभाग संभवतः कमजोर हो जाएगा।’’</p>
<p>एक संघीय अपीलीय अदालत ने भी प्रशासन की अपील</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546158/trump-gets-green-light-for-layoffs-in-education-department--supreme-court-allows-removal-of-1-400-employees"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/muskan-dixit-(50).png" alt=""></a><br /><p><strong>वाशिंगटन। </strong>अमेरिका के उच्चतम न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शिक्षा विभाग को समाप्त करने की उनकी योजना को फिर से आगे बढ़ाने और लगभग 1,400 कर्मचारियों की छंटनी की अनुमति दे दी है। तीन न्यायमूर्तियों की असहमति बावजूद, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को बोस्टन के डिस्ट्रिक्ट न्यायाधीश मयोंग जॉन के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें उन्होंने कर्मचारियों की छंटनी को रद्द करते हुए अंतरिम रोक लगाई थी और ट्रंप की योजना पर सवाल उठाए थे। जॉन ने आदेश में कहा था, ‘‘छंटनी से विभाग संभवतः कमजोर हो जाएगा।’’</p>
<p>एक संघीय अपीलीय अदालत ने भी प्रशासन की अपील पर इस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। लेकिन अब उच्चतम न्यायालय के फैसले से ट्रंप प्रशासन को विभाग को समाप्त करने की प्रक्रिया फिर से शुरू करने की अनुमति मिल गई है, जो ट्रंप के सबसे बड़े चुनावी वादों में से एक है। ट्रंप ने सोमवार रात अपने सोशल मीडिया मंच पर पोस्ट कर कहा कि उच्चतम न्यायालय ने ‘‘देशभर के अभिभावकों और विद्यार्थियों को एक बड़ी जीत दिलाई है।’’</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/546156/odisha--fought-against-sexual-harassment--but-ended-in-disappointment--student-who-committed-suicide-died">ओडिशा: यौन उत्पीड़न के खिलाफ लड़ी जंग, पर हाथ लगी निराशा, आत्मदाह करने वाली छात्रा की हुई मौत</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/546158/trump-gets-green-light-for-layoffs-in-education-department--supreme-court-allows-removal-of-1-400-employees</link>
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                <pubDate>Tue, 15 Jul 2025 09:01:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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