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                <title>Digital Arrest - Amrit Vichar</title>
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                <description>Digital Arrest RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Bareilly: आतंकवादियों से कनेक्शन बताया, फिर एटीएस अधिकार बनकर किया डिजिटल अरेस्ट, बेटे ने लुटने से बचाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>साइबर अपराधियों के जंजाल में फंसे बरेली के सक्सेना दंपती को उनके 13 साल के बेटे ने बर्बाद होने से बचा लिया। कक्षा 8 में पढ़ने वाले छात्र तन्मय ने न सिर्फ 10 घंटे से डिजिटल अरेस्ट मम्मी-पापा को मुक्त कराया, बल्कि खुद को एटीएस अफसर बताकर और पुणे कोर्ट का फर्जी वारंट भेजकर आतंकित कर रहे क्रिमिनल की बातचीत भी रिकार्डिंग कर ली। पता होते ही पुलिस ने लेडी टीचर व उसके पति के बैंक अकाउंट फ्रीज कर पैसे की निकासी रुकवाकर लाखों का साइबर फ्रॉड नहीं होने दिया।</p>
<p>मासूम तन्मय बरेली में थाना सुरखा बानखाना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577962/claiming-a-connection-to-terrorists--they-posed-as-ats-officials-to-execute-a-%22digital-arrest%22%E2%80%94but-the-son-saved-his-parent-from-being-defrauded"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/thagi1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>साइबर अपराधियों के जंजाल में फंसे बरेली के सक्सेना दंपती को उनके 13 साल के बेटे ने बर्बाद होने से बचा लिया। कक्षा 8 में पढ़ने वाले छात्र तन्मय ने न सिर्फ 10 घंटे से डिजिटल अरेस्ट मम्मी-पापा को मुक्त कराया, बल्कि खुद को एटीएस अफसर बताकर और पुणे कोर्ट का फर्जी वारंट भेजकर आतंकित कर रहे क्रिमिनल की बातचीत भी रिकार्डिंग कर ली। पता होते ही पुलिस ने लेडी टीचर व उसके पति के बैंक अकाउंट फ्रीज कर पैसे की निकासी रुकवाकर लाखों का साइबर फ्रॉड नहीं होने दिया।</p>
<p>मासूम तन्मय बरेली में थाना सुरखा बानखाना की रहने वाली प्राइवेट टीचर रोशी सक्सेना का बेटा है और रामपुर गार्डन स्थित शांति इंटर कॉलेज का छात्र है। पुलिस के अनुसार, टीचर के पति संजय सक्सेना के मोबाइलद पर सोमवार को दिन के तीन 3 बजे अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आई थी। खुद को एटीएस बताकर कॉल करने वाले ने उनसे कहा कि जांच में आपके परिवार का आतंकी कनेक्शन मिला है। पुणे, महाराष्ट्र के कोर्ट का फर्जी वारंट भी भेजा और धमकाकर डिजिटल अरेस्ट करते हुए बैंक खाते की डिटेल हासिल कर लीं। संजय-रोशी का बेटा तन्मय अखबारों में सायबर फ्रॉड की खबरें पढ़ता रहता था। उसके कॉलेज टीचर ने भी इस बारे में जागरुक कर रखा था।</p>
<p>परिवार को को साइबर ठगों के चुंगल में फंसा देख होशियार तन्मय ने घटनाक्रम का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। साथ मम्मी-पापा को भी सचेत कर दिया। इसके बाद पड़ोसियों को मामले की जानकारी देकर पुलिस की मदद ली गई। पता होते ही थाना प्रेमनगर पुलिस हरकत में आ गई और विभाग के साइबर सेल की सहायता से सक्सेना दंपती के अकाउंट फ्रीज करा दिए। पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आधी रात को दंपती डिजिटल साए से बाहर किए गए और उनके खाते में जमा 6 लाख रुपये सुरक्षित बच गए। परिवार को साइबर फ्रॉड से बचाने वाले मासूम तन्मय की पुलिस के साथ पूरा समाज पीठ थपथपा रहा है।</p>
<p><strong>पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम</strong><br />एसएसपी अनुराग आर्या त्वरित एक्शन लेते हुए सक्सेना दंपती को सायबर अपराधियों के चंगुल से मुक्त कराने और कुछ ही मिनट में उनके बैंक अकाउंट फ्रीज कराने वाले थाना प्रेमनगर इंस्पेक्टर सुरेन्द्र कुमार, एसआई अक्षय त्यागी के साथ पूरी टीम को शाबासी दी है। साथ ही 10 हजार रुपये का इनाम भी देने की घोषणा की है। एसएसपी ने कहा है कि साइबर फ्रॉड से बचने को इस तरह का मामला सामने आते ही तुरंत डायल 112 या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर पुलिस की मदद लेनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 06:03:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आजमगढ़ में 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर कारोबारी से 38 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>आजमगढ़। </strong>उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 'डिजिटल अरेस्ट' का भय दिखाकर एक कारोबारी से 38 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस ने आजमगढ़ के कुर्मी टोला निवासी युवक को गिरफ्तार कर लिया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ ले जाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच चंडीगढ़ पुलिस ने शनिवार को आजमगढ़ शहर के कुर्मी टोला निवासी स्पर्श सिंह को गिरफ्तार किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574259/in-azamgarh--a-businessman-was-duped-of-rs-38-lakh-by-threatening-him-with--digital-arrest---the-accused-was-arrested"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/डिजिटल-अरेस्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>आजमगढ़। </strong>उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। 'डिजिटल अरेस्ट' का भय दिखाकर एक कारोबारी से 38 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में चंडीगढ़ पुलिस ने आजमगढ़ के कुर्मी टोला निवासी युवक को गिरफ्तार कर लिया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ ले जाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह ने बताया कि साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच चंडीगढ़ पुलिस ने शनिवार को आजमगढ़ शहर के कुर्मी टोला निवासी स्पर्श सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने चंडीगढ़ के एक कारोबारी को 'डिजिटल अरेस्ट' का डर दिखाकर उनसे 38 लाख रुपये ठग लिए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत पिछली सात जनवरी को हुई, जब पीड़ित कारोबारी को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को एक जांच एजेंसी का अधिकारी बताते हुए कहा कि कारोबारी के आधार कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है और इस मामले की जांच मुंबई पुलिस कर रही है। जालसाज ने कारोबारी को यह कहकर डराया कि उन्हें किसी भी समय गिरफ्तार किया जा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">आरोपी ने 'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर पीड़ित को वीडियो कॉल और फोन के माध्यम से लगातार मानसिक दबाव में रखा। गिरफ्तारी और सामाजिक बदनामी के डर से घबराए कारोबारी ने आरोपी के बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में कुल 38 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने चंडीगढ़ के साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।</p>
<p style="text-align:justify;">विवेचना अधिकारी गुरविंदर सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच की, जिससे आरोपी का सुराग आजमगढ़ तक पहुंचा। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस की टीम आजमगढ़ पहुंची और स्थानीय कोतवाली पुलिस की मदद से दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) सत्यवीर सिंह की अदालत में पेश किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">चंडीगढ़ पुलिस ने पूछताछ और बरामदगी के लिए पांच दिन की ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी। अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपी को शनिवार शाम पांच बजे से 10 मार्च की शाम 5 बजे तक ट्रांजिट रिमांड पर चंडीगढ़ पुलिस को सौंप दिया। पुलिस टीम आरोपी को लेकर चंडीगढ़ रवाना हो गई है, जहां उससे गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी की रकम की बरामदगी के संबंध में पूछताछ की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>आजमगढ़</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 13:40:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>डिजिटल क्रांति के साथ साइबर क्राइम में तेजी, DGP राजीव कृष्ण ने दी चेतावनी, ठगी हो तो तुरंत डायल करें 1930</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार: </strong>डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा डिजिटल क्रांति ने आमजन के जीवन में बड़ा परिवर्तन किया है। मोबाइल, इंटरनेट और ऑनलाइन भुगतान अब दैनिक आवश्यकता बन चुके हैं। कोविड-19 महामारी के बाद 70–80 फीसदी नागरिक डिजिटल ट्रांजेक्शन को सामान्य जीवनशैली के रूप में अपना चुके हैं। हालांकि दूसरा पहलू देखें तो सुविधाओं के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी आई है। उन्होंने कहा कि लोग डिजिटल अरेस्ट में न फंसे। ठगे जाने पर तुरंत करें 1930 साइबर हेल्पलाइन पर काल करें।</span></p><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">डीजीपी गुरुवार को इटावा में साइबर जागरूकता कार्यशाला को वर्चुअल रूप से संबोधित कर रहे थे। उन्हों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572395/cybercrime-on-the-rise-with-the-digital-revolution--dgp-rajiv-krishna-warns--if-you-are-cheated--immediately-dial-1930"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(5)7.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार: </strong>डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा डिजिटल क्रांति ने आमजन के जीवन में बड़ा परिवर्तन किया है। मोबाइल, इंटरनेट और ऑनलाइन भुगतान अब दैनिक आवश्यकता बन चुके हैं। कोविड-19 महामारी के बाद 70–80 फीसदी नागरिक डिजिटल ट्रांजेक्शन को सामान्य जीवनशैली के रूप में अपना चुके हैं। हालांकि दूसरा पहलू देखें तो सुविधाओं के साथ साइबर अपराधों में भी तेजी आई है। उन्होंने कहा कि लोग डिजिटल अरेस्ट में न फंसे। ठगे जाने पर तुरंत करें 1930 साइबर हेल्पलाइन पर काल करें।</span></p><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">डीजीपी गुरुवार को इटावा में साइबर जागरूकता कार्यशाला को वर्चुअल रूप से संबोधित कर रहे थे। उन्हों ने कहा सामान्य नागरिकों से जुड़े साइबर अपराध मुख्यतः तीन प्रकार के हैं। पहला, वित्तीय लेन-देन से संबंधित साइबर फ्रॉड, जो कुल मामलों का लगभग 55–60 प्रतिशत है। इसके प्रमुख कारण लालच, लापरवाही और मनोवैज्ञानिक भय हैं। उन्होंने आगाह किया कि अत्यधिक और सुनिश्चित लाभ का दावा करने वाली योजनाएं संदिग्ध होती हैं। निवेश केवल सेबी या आरबीआई से अधिकृत संस्थानों में ही करना चाहिए। अनजाने लिंक, एपीके फाइल या फर्जी मैसेज पर क्लिक करना मोबाइल हैकिंग का कारण बन सकता है।</span></p><p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">दूसरा, सोशल मीडिया से संबंधित अपराध। उन्होंने अभिभावकों और युवाओं को सोशल मीडिया व ऑनलाइन गेमिंग की लत से सावधान रहने की सलाह दी। उनका कहना था कि साइबर गेमिंग में हमेशा गेम बनाने वाला जीतता है। तीसरा, तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’, जिसमें अपराधी स्वयं को पुलिस या जांच एजेंसी बताकर वीडियो कॉल के जरिए धन की मांग करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की कोई भी सरकारी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तारी या समझौते के नाम पर पैसे नहीं मांगती।</span></p><h3 style="text-align:justify;"><strong>ठगी रकम वापस दिलाई जा सकती है</strong></h3><p style="text-align:justify;">डीजीपी ने कहा कि साइबर अपराधियों द्वारा ठगे जाने की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें, जिससे संदिग्ध खातों को शीघ्र फ्रीज कराया जा सके। वर्ष 2014 में प्रदेश में एक ही साइबर थाना था, जबकि अब प्रत्येक जिले में साइबर थाना और सभी 1581 थानों में साइबर हेल्पडेस्क स्थापित हैं। लगभग 26 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया है। अंत में उन्होंने नागरिकों से साइबर सुरक्षा के एंबेसडर बनकर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।</p><p style="text-align:justify;"><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Feb 2026 09:43:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में डिजिटल अरेस्ट बुजुर्ग को पुलिस ने बचाया,  CBI अधिकारी बन 6 घंटे तक बनाया बंधक, वॉशरूम के बहाने रिश्तेदार को दी थी सूचना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कृष्णानगर में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर साइबर जालसाजों ने रिटायर्ड बैंककर्मी को छह घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। पीड़ित की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से बड़ी साइबर ठगी होने से बच गयी। बैंक ऑफ बड़ौदा से रिटायर्ड पीड़ित इंद्रजीत सिंह सिंधु नगर में रहते हैं। उनके विवाहित बेटा-बेटी बाहर रहते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इंद्रजीत की कैंसर पीड़ित पत्नी इलाज के सिलसिले में रिश्तेदार के यहां गई हुई थीं। घर में अकेले होने का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। बताया गया कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे उनके पास एक कॉल आयी। फोनकर्ता ने सीबीआई अधिकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566679/in-lucknow--police-rescued-an-elderly-man-from-a-digital-arrest--he-was-held-hostage-for-6-hours-by-someone-posing-as-a-cbi-officer--he-informed-a-relative-by-pretending-to-go-to-the-washroom"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(17)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>कृष्णानगर में फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर साइबर जालसाजों ने रिटायर्ड बैंककर्मी को छह घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। पीड़ित की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता से बड़ी साइबर ठगी होने से बच गयी। बैंक ऑफ बड़ौदा से रिटायर्ड पीड़ित इंद्रजीत सिंह सिंधु नगर में रहते हैं। उनके विवाहित बेटा-बेटी बाहर रहते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इंद्रजीत की कैंसर पीड़ित पत्नी इलाज के सिलसिले में रिश्तेदार के यहां गई हुई थीं। घर में अकेले होने का फायदा उठाकर साइबर अपराधियों ने उन्हें निशाना बनाया। बताया गया कि सोमवार दोपहर करीब 2 बजे उनके पास एक कॉल आयी। फोनकर्ता ने सीबीआई अधिकारी बनकर डपटा। उनपर महिलाओं और बच्चियों को अश्लील वीडियो भेजने का फर्जी आरोप मढ़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">पीड़ित ने सफाई दी तो आरोप और गंभीर कर दिए गए। यही नहीं उनपर हवाला कारोबार से जुड़ा होने की बात कही। धमकाया कि आपका नंबर सर्विलांस पर है। करीब छह घंटे तक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर रखा गया। शाम के समय उन्होंने हिम्मत जुटाई और वाॅशरूम जाने का बहाना बनाकर घर से बाहर निकले। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद पड़ोसी के फोन से अपने एक रिश्तेदार को पूरी घटना की जानकारी दी। रिश्तेदार ने कृष्णानगर पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर कृष्णानगर पीके सिंह पुलिस टीम के साथ रात करीब नौ बजे पीड़ित के घर पहुंचे और उन्हें साइबर जालसाजों के चंगुल से मुक्त कराया। पुलिस की तत्परता से पीड़ित किसी बड़ी ठगी का शिकार होने से बच गए।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/566677/wristband-system-made-mandatory-at-lucknow-zoo--a-major-decision-by-the-administration-for-the-convenience-and-safety-of-tourists"><span class="t-red">लखनऊ चिड़ियाघर में रिस्ट बैंड व्यवस्था अनिवार्य, </span>पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर प्रशासन का बड़ा फैसला</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566679/in-lucknow--police-rescued-an-elderly-man-from-a-digital-arrest--he-was-held-hostage-for-6-hours-by-someone-posing-as-a-cbi-officer--he-informed-a-relative-by-pretending-to-go-to-the-washroom</link>
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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 13:10:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पुलिस और एनआईए अधिकारी बन डिजिटल अरेस्ट करने वाले चार गिरफ्तार, वित्त विभाग से रिटायर्ड अधिकारी से ठगे थे 54 लाख</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार : </strong>फर्जी पुलिस, एनआईए और एटीएस अधिकारी बनकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम थाने की टीम ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने वित्त विभाग से सेवानिवृत्त एक सरकारी पेंशनर को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 54.60 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पैन-आधार कार्ड, प्रेस आईडी और चेक समेत कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।</p>
<p>डीसीपी क्राइम व यातायात कमलेश दीक्षित के मुताबिक पीड़ित राजेन्द्र प्रकाश वर्मा, जो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566632/four-arrested-for-digitally-posing-as-police-and-nia-officers--they-defrauded-a-retired-finance-department-official-of-rs-5-4-million"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(71).png" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार : </strong>फर्जी पुलिस, एनआईए और एटीएस अधिकारी बनकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का साइबर क्राइम थाने की टीम ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने वित्त विभाग से सेवानिवृत्त एक सरकारी पेंशनर को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 54.60 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नकदी, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, पैन-आधार कार्ड, प्रेस आईडी और चेक समेत कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।</p>
<p>डीसीपी क्राइम व यातायात कमलेश दीक्षित के मुताबिक पीड़ित राजेन्द्र प्रकाश वर्मा, जो राजकीय पेंशनर हैं, को 13 दिसंबर को साइबर ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया था। कॉल करने वालों ने खुद को पुलिस इंस्पेक्टर और एनआईए/एटीएस का अधिकारी बताया। ठगों ने पीड़ित पर आतंकी फंडिंग और फर्जी बैंक खातों के जरिए करीब सात करोड़ रुपये के अवैध लेन-देन का झूठा आरोप लगाया। इसके बाद ‘डिजिटल अरेस्ट’ का भय दिखाकर पीड़ित को लगातार सात दिनों तक ऑनलाइन निगरानी में रखा गया।</p>
<p>आरोप है कि इस दौरान पीड़ित को बार-बार गिरफ्तारी और केस दर्ज होने की धमकी दी जाती रही। दहशत में आए पीड़ित ने अपने एसबीआई खाते से दो अलग-अलग बैंक खातों—इंडसइंड बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा—में कुल 54.60 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ तो उसने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(73).png" alt="MUSKAN DIXIT (73)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3><strong>थाईलैंड में बैठे सरगना के इशारे पर करते थे काम</strong></h3>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">डीसीपी कमलेश दीक्षित के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते हैं। गिरोह का सरगना थाईलैंड में बैठकर पूरे नेटवर्क को संचालित करता है और वहीं से निर्देश देता है। उसके निर्देश पर कुछ सदस्य फर्जी अधिकारी बनकर वीडियो कॉल करते थे, जबकि अन्य सदस्य गरीब और अनभिज्ञ लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और चेकबुक हासिल करते थे। ठगी की रकम इन खातों में मंगाकर कमीशन काटने के बाद अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी, ताकि रकम की ट्रेसिंग न हो सके।</span></p>
<h3><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">सरकारी एजेंसी का डर दिखाकर वसूलते थे रुपये</span></strong></h3>
<p>पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले पीड़ित को सरकारी एजेंसी का डर दिखाकर चौबीसों घंटे वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखते थे। गिरफ्तारी और जांच का भय पैदा कर ‘वेरिफिकेशन’ के नाम पर खाते की पूरी रकम तत्काल ट्रांसफर करा ली जाती थी। डीसीपी के अनुसार गिरोह के अन्य सदस्यों और मास्टरमाइंड की तलाश की जा रही है।</p>
<h3><strong>गिरफ्तार आरोपियों के पास से बरामद सामान</strong></h3>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर दीपक पांडेय की टीम ने वजीरगंज के कुंडरी रकाबगंज निवासी मो. सूफियान, दुबग्गा के बरावन कलां निवासी मो. आजम, आदिलनगर बसुंधरा बिहार कॉलोनी निवासी आरिफ इकबाल और बहराइच के कैसरगंज प्यारेपुर निवासी उजैर खान को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 34,334 रुपये नकद, पांच मोबाइल फोन, सात एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, एक आधार कार्ड, तीन समाचार पत्रों की आईडी और दो चेक बरामद किए गए हैं। दोनों चेक में एक 51 लाख रुपये और दूसरा 90 लाख रुपये का है, जिन पर आरिफ के हस्ताक्षर पाए गए हैं।</span></p>
<h3><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">अलग-अलग पेशों की आड़ में जुटाते थे खाते</span></strong></h3>
<p>इंस्पेक्टर दीपक पांडेय के अनुसार आरोपी आरिफ लोन एजेंट है, जो लोगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने के नाम पर उनकी बैंक डिटेल हासिल करता था। मो. सूफियान पाइप का काम करता है और आसान किस्तों पर उधार दिलाने के बहाने खातों की जानकारी जुटाता था। मो. आजम प्रॉपर्टी का काम करता था और लोन व ऑनलाइन लेन-देन के नाम पर खातों में रकम रूट कराता था। उजैर खान नीट की कोचिंग कर रहा है और बहराइच व आसपास के क्षेत्रों से खातों की डिटेल जुटाकर गिरोह के सरगना को भेजता था। पुलिस ने गिरोह से जुड़े करीब दो दर्जन लोगों को चिह्नित किया है।</p>
<h3><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">युवक की मदद से पकड़े गए चारों</span></strong></h3>
<p>डिजिटल अरेस्ट के बाद खातों को ट्रेस किया गया, तो मड़ियांव निवासी नीरज के खाते में साढ़े नौ लाख रुपये गए थे। उसे पकड़ा गया, तो उसने बताया कि लोन की जरूरत थी, तो आरिफ ने उसे पचास हजार रुपये देने की बात कही थी। कहा था कि खाते में रकम मंगाने का कमीशन है। इस पर वह मान गया था, उसे नहीं पता था कि वह रकम ठगी की है। एसीपी ने बताया कि आरिफ दुबई, सऊदी समेत अन्य बड़ी कंपनी में बतौर एजेंट काम कर चुका है, तो वह लोगों को जाल में आसानी से फंसा लेता था।</p>
<h3><strong>पुलिस की अपील</strong></h3>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">पुलिस ने आमजन से अपील की है कि भारत में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा कोई प्रावधान नहीं है। किसी भी अनजान कॉल, खासकर पुलिस या जांच एजेंसी के नाम पर आने वाली धमकी से डरें नहीं। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566632/four-arrested-for-digitally-posing-as-police-and-nia-officers--they-defrauded-a-retired-finance-department-official-of-rs-5-4-million</link>
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                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 09:54:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> देश के कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं, साइबर ठगों से सावधान रहने की CM योगी ने की अपील</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने अपनी पाती के माध्यम से प्रदेशवासियों से साइबर अपराधियों और ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती और न ही इस माध्यम से पैसे की मांग करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोगों को सावधान कर चुके हैं, फिर भी लोग साइबर ठगों के जाल में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566518/there-is-no-provision-for--digital-arrest--in-the-country-s-laws--cm-yogi-appeals-to-people-to-be-wary-of-cyber-fraudsters"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(12)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि देश के किसी भी कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। उन्होंने अपनी पाती के माध्यम से प्रदेशवासियों से साइबर अपराधियों और ठगों से सतर्क रहने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस या कोई भी सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए किसी व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं करती और न ही इस माध्यम से पैसे की मांग करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोगों को सावधान कर चुके हैं, फिर भी लोग साइबर ठगों के जाल में आए दिन फंसते रहते हैं। अब योगी ने अपनी पाती का संदेश मीडिया के जरिए जन-जन तक पहुंचाते हुए कहा कि साइबर ठग भय और भ्रम फैलाने के लिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे झूठे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रदेशवासियों से जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यूपी पुलिस द्वारा डिजिटल अरेस्ट को लेकर जारी की गई नाना पाटेकर अभिनीत जागरूकता लघु फिल्म को महज चार दिनों में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 17 लाख 30 हजार से अधिक लोगों ने देखा और सराहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से पहले प्रदेश में केवल दो साइबर क्राइम थाने थे, जबकि अब सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने और साइबर हेल्प डेस्क क्रियाशील हैं। किसी भी स्थिति में अपनी व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी साझा न करें। यदि साइबर अपराध होता है तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करने का आह्वान किया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">सबसे बड़ा हथियार सतर्कता और जागरूकता</h5>
<p style="text-align:justify;">साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार सतर्कता और जागरूकता है। खुद जागरूक बनें, परिवार और विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को समझाएं। साइबर अपराधी अक्सर सोशल मीडिया से पीड़ित की निजी जानकारी जुटाते हैं, जैसे फोटो, वीडियो, लोकेशन, रिश्तेदारों की जानकारी और उसी के आधार पर डर का माहौल बनाते हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">क्या करें</h5>
<p style="text-align:justify;">संदिग्ध कॉल/वीडियो कॉल पर तुरंत काटें<br />1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज करें<br />बैंक/यूपीआई अकाउंट फौरन ब्लॉक कराएं<br />परिवार, खासकर वरिष्ठ नागरिकों को जागरूक करें<br />सबूत (स्क्रीनशॉट/नंबर) सुरक्षित रखें</p>
<h5 style="text-align:justify;">क्या न करें</h5>
<p style="text-align:justify;">वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ की बात न मानें<br />किसी को पैसे ट्रांसफर न करें, ओटीपी, पिन, सीवीवी साझा न करें<br />सोशल मीडिया पर लोकेशन/निजी जानकारी सार्वजनिक न करें<br />धमकी से घबराएं नहीं, शांत रहें</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/566508/2-kg-of-gold-and-silver---prepared-in-108-days-with-devotional-chanting-%E2%80%93-why-is-cm-yogi-s-gift-to-pm-modi-so-special--learn-more"><span class="t-red">2 किलो सोना-चांदी...</span> रामधुन के साथ 108 दिनों में तैयार, सीएम योगी का PM मोदी को दिया गिफ्ट क्यों है खास, जानें </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566518/there-is-no-provision-for--digital-arrest--in-the-country-s-laws--cm-yogi-appeals-to-people-to-be-wary-of-cyber-fraudsters</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/566518/there-is-no-provision-for--digital-arrest--in-the-country-s-laws--cm-yogi-appeals-to-people-to-be-wary-of-cyber-fraudsters</guid>
                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 12:43:30 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सावधान! 'डिजिटल अरेस्ट' कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं... सीएम योगी ने साइबर ठगों से बचने की दी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लकनऊः </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक खास संदेश 'योगी की पाती' जारी कर साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने लोगों को बढ़ते डिजिटल खतरे से सतर्क रहने का आग्रह किया है, खासकर उस ठगी से जिसमें अपराधी 'डिजिटल अरेस्ट' का बहाना बनाकर निर्दोष लोगों को डराते हैं और लाखों-करोड़ों रुपये ठग लेते हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2007987935795417520?s=20">https://twitter.com/myogiadityanath/status/2007987935795417520?s=20</a></blockquote>
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//&gt;&lt;!--

//--&gt;&lt;!</p>
<p>सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के किसी भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566340/beware---digital-arrest--is-not-a-legal-process--cm-yogi-warns-against-cyber-fraudsters"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/सीएम-योगी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लकनऊः </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक खास संदेश 'योगी की पाती' जारी कर साइबर फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने लोगों को बढ़ते डिजिटल खतरे से सतर्क रहने का आग्रह किया है, खासकर उस ठगी से जिसमें अपराधी 'डिजिटल अरेस्ट' का बहाना बनाकर निर्दोष लोगों को डराते हैं और लाखों-करोड़ों रुपये ठग लेते हैं।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2007987935795417520?s=20">https://twitter.com/myogiadityanath/status/2007987935795417520?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ साइबर अपराधों का खतरा भी कई गुना बढ़ गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत के किसी भी कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई व्यवस्था नहीं है। ठग अक्सर खुद को पुलिस, सीबीआई या अन्य सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल या सोशल मीडिया के जरिए लोगों को धमकाते हैं, झूठे आरोप लगाते हैं और पैसे मांगते हैं। असल में कोई भी कानूनी एजेंसी फोन या ऑनलाइन माध्यम से गिरफ्तारी नहीं करती और न ही कभी पैसे की डिमांड करती है।</p>
<p>प्रदेश में साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए योगी सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 2017 से पहले यूपी में सिर्फ दो साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन थे, लेकिन अब सभी 75 जिलों में साइबर थाने काम कर रहे हैं। साथ ही हर पुलिस स्टेशन में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई है, जिससे शिकायतें तुरंत दर्ज हो सकें और कार्रवाई हो सके।</p>
<p>सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी सीएम ने सतर्कता बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रूप से शेयर की गई फोटो, वीडियो या लोकेशन की जानकारी ठगों के लिए व्यक्तिगत डिटेल्स इकट्ठा करने का आसान जरिया बन जाती है। सबसे महत्वपूर्ण, अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स या ओटीपी कभी किसी के साथ शेयर न करें।</p>
<p>अगर कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, उतनी ही ज्यादा संभावना है कि ठगे गए पैसे बचाए जा सकें। सीएम योगी ने सभी प्रदेशवासियों, खासकर बुजुर्गों से अपील की कि सतर्कता और जागरूकता ही इन ठगों का सबसे बड़ा हथियार है। साइबर अपराध मुक्त उत्तर प्रदेश बनाने में हर नागरिक का सहयोग जरूरी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566340/beware---digital-arrest--is-not-a-legal-process--cm-yogi-warns-against-cyber-fraudsters</link>
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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 11:28:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Digital Arrest : UP पुलिस ने नाना पाटेकर के साथ मिलकर बनायी शॉर्ट फिल्म, डिजिटल अरेस्ट से बचाने के लिए कैंपेन शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के कानपुर की डिजिटल गिरफ्तारी की एक असल घटना को ध्यान में रखते हुये लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने अनुभवी सिने अभिनेता नाना पाटेकर के साथ एक छोटी जागरूकता फिल्म बनाई है। दरअसल, कानपुर की घटना में एक जागरूक नागरिक ने "डिजिटल गिरफ्तारी" की कोशिश कर रहे साइबर धोखेबाजों को उन्हीं के जाल में फंसाकर उनसे पैसे वसूल लिए थे। </p>
<p style="text-align:justify;">यह फिल्म, जो उप्र पुलिस के साइबर सुरक्षा पर लगातार जन जागरूकता अभियान का हिस्सा है, सीधे कानपुर की घटना से प्रेरित है, जिसमें कानून प्रवर्तन अधिकारी बनकर धोखेबाजों ने एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565979/up-police--in-collaboration-with-nana-patekar--has-made-a-short-film-and-launched-a-campaign-to-protect-people-from-digital-arrest"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के कानपुर की डिजिटल गिरफ्तारी की एक असल घटना को ध्यान में रखते हुये लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने अनुभवी सिने अभिनेता नाना पाटेकर के साथ एक छोटी जागरूकता फिल्म बनाई है। दरअसल, कानपुर की घटना में एक जागरूक नागरिक ने "डिजिटल गिरफ्तारी" की कोशिश कर रहे साइबर धोखेबाजों को उन्हीं के जाल में फंसाकर उनसे पैसे वसूल लिए थे। </p>
<p style="text-align:justify;">यह फिल्म, जो उप्र पुलिस के साइबर सुरक्षा पर लगातार जन जागरूकता अभियान का हिस्सा है, सीधे कानपुर की घटना से प्रेरित है, जिसमें कानून प्रवर्तन अधिकारी बनकर धोखेबाजों ने एक आदमी को पैसे ट्रांसफर करने के लिए डराने की कोशिश की थी। धोखाधड़ी को भांपते हुए, उस आदमी ने धोखेबाजों को मात दी, उनके झांसे का पर्दाफाश किया और घोटाले को उल्टा कर दिया - एक ऐसी घटना जिसने यह दिखाया कि जागरूकता और समझदारी से साइबर अपराधियों को कैसे हराया जा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">इसी घटना को दर्शाते हुए, यह छोटी फिल्म दिखाती है कि नाना पाटेकर एक आम, सतर्क नागरिक की भूमिका निभा रहे हैं जो धमकी भरे कॉल का सामना करने पर घबराता नहीं है। इसके बजाय, वह धोखेबाज से बात करता है, शांति से समझाता है कि "डिजिटल गिरफ्तारी" जैसी कोई चीज़ नहीं होती है, और यह संदेश देता है कि डर ही साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार है। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने एक बयान में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा साइबर अपराध पर प्रभावी रोकथाम किए जाने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस महानिदेशक के मार्गदर्शन में बनी इस फिल्म का मकसद नागरिकों को उभरती हुई साइबर धोखाधड़ी की तकनीकों, खासकर नकली पुलिस अधिकारियों, वीडियो कॉल, धमकी और ऑनलाइन भुगतान की मांगों से जुड़े घोटालों से परिचित कराना है। इसका निर्देशन प्रख्यात फिल्म निर्देशक राज शांडिल्य ने किया है । </p>
<p style="text-align:justify;">उक्त लघु फिल्म के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई वैधानिक प्रक्रिया अस्तित्व में नहीं है, तथा किसी भी प्रकार की डराने-धमकाने वाली कॉल, वीडियो कॉल अथवा ऑनलाइन भुगतान की मांग साइबर ठगी का संकेत हो सकती है। यह लघु फिल्म उत्तर प्रदेश पुलिस के समस्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित की गई है। इससे पहले, महाकुंभ 2025 के दौरान आमजन को होटल बूकिंग घोटाले से सतर्क करने के लिये अभिनेता शशि वर्मा अभिनीत लघु फिल्म* का प्रसारण किया गया था।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 17:06:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: साइबर ठगों ने तीन लोगों से 17 लाख रुपये ठगे, सीबीआई अधिकारी बताकर किया डिजिटल अरेस्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> साइबर ठग आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। शहर में तीन अलग-अलग लोगों के साथ साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। इज्जतनगर में एक युवक को सीबीआई अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट कर ठग लिया। वहीं एक युवक के साथ युवती ने फेसबुक पर दोस्ती करके कारोबार में पैसा लगाने की बात कहकर ठगी की। एक अन्य मामले युवक से शेयर बाजार में पैसा लगाने के नाम पर ठगी कर ली गई। पुलिस ने तीनों अलग-अलग मामलों में रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।</p>
<p><strong>केस 1</strong></p>
<p>महानगर निवासी सैयद हुसैन शमीम नकवी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561777/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraudsters-duped-three-people-of-rs-17-lakh--posing-as-cbi-officers-and-made-digital-arrests"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/thagi5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> साइबर ठग आए दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। शहर में तीन अलग-अलग लोगों के साथ साइबर ठगी के मामले सामने आए हैं। इज्जतनगर में एक युवक को सीबीआई अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट कर ठग लिया। वहीं एक युवक के साथ युवती ने फेसबुक पर दोस्ती करके कारोबार में पैसा लगाने की बात कहकर ठगी की। एक अन्य मामले युवक से शेयर बाजार में पैसा लगाने के नाम पर ठगी कर ली गई। पुलिस ने तीनों अलग-अलग मामलों में रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।</p>
<p><strong>केस 1</strong></p>
<p>महानगर निवासी सैयद हुसैन शमीम नकवी ने बताया कि 18 नवंबर को अज्ञात युवक ने सुबह 11:21 बजे उसे कॉल की। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताया। उसके बाद कहा कि उसके खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज है। एक घंटे में सीबीआई की टीम उसके घर आ जाएगी। उसके बाद उसे डिजिटल अरेस्ट करके केस की फाइल बंद करने के नाम पर जबरन 68,450 रुपये ऑनलाइन अपने खाते में डलवा लिए। इज्जतनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।</p>
<p><strong>केस 2</strong><br />प्रेमनगर थाना क्षेत्र के एकतानगर निवासी रजत कुमार गुप्ता ने बताया कि उसके पास रितिका गोस्वामी के नाम से फेसबुक पर रिक्वेस्ट आई। उसने रिक्वेस्ट को एक्सेप्ट कर लिया। उसके बाद उसकी बात होने लगी लेकिन बाद में युवती ने व्हाट्सएप पर बातचीत करना शुरू कर दी। उसके बाद युवती ने अपने ऑनलाइन बिजनेस के बारे में बताया। उसने ऑनलाइन कारोबार में साझेदारी करने के लिए कहा। जिसमें 22 जुलाई से 3 नवंबर तक उसने अलग-अलग खातों से 9 लाख 94 हजार रुपये युवती के पास भेज दिए। जिसके बाद युवती ने अपना नंबर बंद कर लिया। युवक की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।</p>
<p><strong>केस 3</strong><br />बारादरी थाना क्षेत्र के काजी टोला निवासी जियाउल अंसारी ने बताया कि 21 अगस्त को उसके व्हाट्सएप पर मेसेज आया, जिसमें शेयर मार्केट में पैसा लगाने के लिए बताया। उसने पैसे लगाए तो शुरुआत में उसे फायदा हुआ। इसके बाद मेसेज करने वाले ने दूसरे प्लेटफार्म पर ट्रेडिंग करवाना शुरू कर दिया, जिसके बारे में उसे ज्यादा जानकारी नहीं थी। ट्रेडिंग के नाम पर उसने 6 लाख 5 हजार रुपये जमा कर दिए। जिसके बाद मेसेज करने वाले ने उसके सभी पैसों का नुकसान होना बता दिया। युवक की तहरीर पर साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/561777/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraudsters-duped-three-people-of-rs-17-lakh--posing-as-cbi-officers-and-made-digital-arrests</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/561777/cyber-%E2%80%8B%E2%80%8Bfraudsters-duped-three-people-of-rs-17-lakh--posing-as-cbi-officers-and-made-digital-arrests</guid>
                <pubDate>Sun, 30 Nov 2025 19:40:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> लखनऊ : पहलगाम हमले का साजिशकर्ता बता बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 27 लाख</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>साइबर जालसाजों ने खुद को एटीएस और एनआईए अधिकारी बताकर जानकीपुरम निवासी 77 वर्षीय बुजुर्ग रामशंकर त्रिवेदी को वीडियो कॉल पर डराया-धमकाया और पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 27 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने आरोप लगाया कि वह पहलगाम आतंकी हमले में शामिल हैं और आतंकियों की फंडिंग में मदद कर कमीशन ले रहे हैं। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।</p>
<p>रामशंकर त्रिवेदी ने बताया कि 7 नवंबर की दोपहर करीब 2:43 बजे उनके पास व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) अधिकारी बताया और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561654/lucknow--elderly-man-digitally-arrested--duped-of-rs-27-lakh-by-claiming-he-was-the-mastermind-of-the-pahalgam-attack"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/साइबर-ठगी1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>साइबर जालसाजों ने खुद को एटीएस और एनआईए अधिकारी बताकर जानकीपुरम निवासी 77 वर्षीय बुजुर्ग रामशंकर त्रिवेदी को वीडियो कॉल पर डराया-धमकाया और पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 27 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने आरोप लगाया कि वह पहलगाम आतंकी हमले में शामिल हैं और आतंकियों की फंडिंग में मदद कर कमीशन ले रहे हैं। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।</p>
<p>रामशंकर त्रिवेदी ने बताया कि 7 नवंबर की दोपहर करीब 2:43 बजे उनके पास व्हाट्सएप कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को एंटी टेरेरिस्ट स्क्वॉयड (एटीएस) अधिकारी बताया और कहा कि वह पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में शामिल हैं तथा आतंकियों को 70 करोड़ की मदद की है, जिसमें 70 लाख रुपये का कमीशन उन्हें मिला। बुजुर्ग ने इन आरोपों से इंकार किया तो उन्हें धमकाया गया।</p>
<p>बाद में वीडियो कॉल पर वर्दी पहने एक व्यक्ति ने खुद को एनआईए अधिकारी बताया और धमकाया कि जांच के तहत उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। लगातार तीन दिन धमकाने के बाद जालसाजों ने उन्हें दो बैंक खातों में 27 लाख रुपये जमा करने को कहा। रामशंकर ने 10 नवंबर को 10 लाख और 11 नवंबर को 17 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेज दिए। जांच अधिकारी ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। दो बैंक खातों में जमा किए गए पैसे फ्रीज करने की प्रक्रिया चल रही है।</p>
<h5><strong>ऐसे करें डिजिटल अरेस्ट से बचाव</strong></h5>
<ol>
<li>अंजान नंबर से व्हाट्सएप या वीडियो कॉल आने पर सतर्क रहें।</li>
<li>कोई भी सरकारी एजेंसी कॉल पर बैंक डिटेल नहीं मांगती।</li>
<li>सरकारी एजेंसी के नाम पर धमकाए जाने पर तुरंत पुलिस से शिकायत करें।</li>
<li>संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर बिना जांच प्रतिक्रिया न दें।</li>
</ol>
<h5><strong>यहां करें ठगी की शिकायत</strong></h5>
<ul>
<li>साइबर थाने, साइबर सेल या निजी थाने में रिपोर्ट करें।</li>
<li>टॉल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करें।</li>
<li>www.cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट दर्ज करें।</li>
</ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/561654/lucknow--elderly-man-digitally-arrested--duped-of-rs-27-lakh-by-claiming-he-was-the-mastermind-of-the-pahalgam-attack</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/561654/lucknow--elderly-man-digitally-arrested--duped-of-rs-27-lakh-by-claiming-he-was-the-mastermind-of-the-pahalgam-attack</guid>
                <pubDate>Sat, 29 Nov 2025 21:00:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>19 दिन तक “डिजिटल अरेस्ट” में रहा रिटायर्ड इंजीनियर, CBI और सुप्रीम कोर्ट जज बन ठगों ने लूटे 42.50 लाख!</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>शातिर साइबर ठगों ने पॉवर ग्रिड से सेवानिवृत्त इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर 19 दिन में 42.50 लाख रुपये की ठगी की। शातिर ने खुद को सीबीआई में तैनात आईपीएस अफसर बताकर घुड़की दी। जेट एयरलाइंस के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉड्रिंग मामले का हवाला देकर इंजीनियर को रौंब में लिया और 19 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में डरा-धमकाकर रखा।</p>
<p>बर्रा के जूही कला स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाले पॉवर ग्रिड से सेवानिवृत्त इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद के अनुसार सात अगस्त को उनके मोबाइल पर एक अनजान व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561408/retired-engineer-was-digitally-arrested-for-19-days--robbed-of-rs-42-50-lakh-by-fraudsters-posing-as-cbi-and-supreme-court-judges"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(41)18.png" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>शातिर साइबर ठगों ने पॉवर ग्रिड से सेवानिवृत्त इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर 19 दिन में 42.50 लाख रुपये की ठगी की। शातिर ने खुद को सीबीआई में तैनात आईपीएस अफसर बताकर घुड़की दी। जेट एयरलाइंस के संस्थापक नरेश गोयल से जुड़े मनी लॉड्रिंग मामले का हवाला देकर इंजीनियर को रौंब में लिया और 19 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में डरा-धमकाकर रखा।</p>
<p>बर्रा के जूही कला स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाले पॉवर ग्रिड से सेवानिवृत्त इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद के अनुसार सात अगस्त को उनके मोबाइल पर एक अनजान व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई में तैनात आईपीएस अधिकारी बताया। परिचय देने के बाद उसने कहा कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल करके मुंबई के केनरा बैंक में फर्जी खाता खोला गया, जिसका उपयोग जेट एयरलाइंस के संस्थापक के मनी लॉड्रिंग मामले में हुआ है। इसके बाद शातिर ने डराने के लहजे में घुड़की दी कि सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के लिए वीडियो कॉल पर उपस्थित भी रहना होगा।</p>
<p>उन्होंने अपनी बात रखनी चाही तो शातिर ने उन्हें डरा समझ लिया और कहा कि उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर रखना होगा और इस अवधि में किसी से बात नहीं होगी। इसके बाद साइबर ठग ने कहा कि जांच के दौरान उनके सभी खातों में जमा रकम आरबीआई के बताए गए खातों में ट्रांसफर करनी होगी। जांच प्रक्रिया पूरी होने पर 72 घंटे में अंदर उनका पैसा फिर खातों में वापस कर दिया जाएगा। डर के कारण इंजीनियर ने 11 से 21 अगस्त के बीच पांच बार में कुल 42.50 लाख रुपये बताए गए मुंबई के विभिन्न बचत और चालू खातों में आरटीजीएस कर दिए। ठगी का अहसान होने पर पुलिस व साइबर सेल में शिकायत की।</p>
<h3><em><strong>सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर बैठा जालसाज</strong></em></h3>
<p>सेवानिवृत्त इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद के अनुसार रकम ट्रांसफर के दौरान ही 18 अगस्त को शातिर ने फर्जी ऑनलाइन सुप्रीम कोर्ट में हियरिंग भी कराई। व्हाट्सए वीडियो कॉल होने से एक व्यक्ति जज बनकर बैठा दिखाई दिया। उसने कहा कि तुम्हारी धनराशि जांच में सही पाई गई है। हियरिंग के दौरान वकील बनकर खड़े शातिरों ने अनेकों सवाल किए। किसी भी जवाब पर आपत्ति भी नहीं जताई।</p>
<h3><strong><em>वकील की फीस एक लाख मांगने पर हुआ संदेह</em></strong></h3>
<p>इंजीनियर राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि पैसे ट्रांसफर व ऑनलाइन हियरिंग के बाद 26 अगस्त को शातिर ने एक लाख रुपये की वकील फीस मांगी, तब जाकर पूरे मामले पर संदेह हुआ। क्योंकि हियरिंग में वकील फीस कभी सुनी नहीं थी। संदेह पुख्ता तब हुआ जब नोएडा में नौकरी करने वाला उनका बेटे घर पहुंचा और उसने कॉल कटवाकर तुरंत साइबर थाने में शिकायत कराई।</p>
<p><br />कोई भी जांच एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। खुद को प्रभावशाली बताकर डर और भ्रम पैदा करके यह ठगी की गई है। शातिर इसी तरह मानसिक रूप से नियंत्रित करने की रणनीति अपनाते हैं। रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।<br /><strong>-दीपेंद्र नाथ चौधरी, डीसीपी साउथ</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 10:08:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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                <title>अभिनेता नागार्जुन का खुलासा- मेरे परिवार के एक सदस्य को दो दिनों तक किया गया ‘डिजिटल अरेस्ट’</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>हैदराबाद। </strong>अभिनेता नागार्जुन अक्किनेनी ने सोमवार को कहा कि छह महीने पहले उनके परिवार के एक सदस्य को धोखेबाजों ने दो दिनों के लिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया था। शहर के पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार और अन्य फिल्मी हस्तियों के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में नागार्जुन ने कहा कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अपराधी तुरंत गायब हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">अभिनेता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे याद है कि लगभग छह महीने पहले मेरे अपने घर में ठीक इसी तरह की घटना हुई थी। मेरे परिवार के एक सदस्य को दो दिनों के लिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया गया था। ये</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560197/actor-nagarjuna-reveals-that-a-member-of-my-family-was-digitally-arrested-for-two-days"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/cats314.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हैदराबाद। </strong>अभिनेता नागार्जुन अक्किनेनी ने सोमवार को कहा कि छह महीने पहले उनके परिवार के एक सदस्य को धोखेबाजों ने दो दिनों के लिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया था। शहर के पुलिस आयुक्त वी.सी. सज्जनार और अन्य फिल्मी हस्तियों के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में नागार्जुन ने कहा कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद अपराधी तुरंत गायब हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">अभिनेता ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे याद है कि लगभग छह महीने पहले मेरे अपने घर में ठीक इसी तरह की घटना हुई थी। मेरे परिवार के एक सदस्य को दो दिनों के लिए ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया गया था। ये (धोखेबाज) गिरोह हमारा पीछा करते हैं और हमारी कमज़ोरियों का पता लगाने की कोशिश करते हैं।’’ संपर्क करने पर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस घटना के संबंध में नागार्जुन ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, अधिकारी ने कहा कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद धोखेबाज गायब हो गए होंगे। सज्जनार यहां ‘पायरेटेड’ फिल्में दिखाने वाली विभिन्न वबेसाइट चलाने वाले एम्मादी रवि की गिरफ्तारी पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। लोगों को धोखाधड़ी वाली वेबसाइट से सावधान रहने की चेतावनी देते हुए नागार्जुन ने कहा कि तेलंगाना पुलिस ने ‘‘आरोपी को गिरफ्तार करके सराहनीय काम किया है’’।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि ‘पायरेटेड’ वेबसाइट पर इस तरह की कार्रवाई से न केवल तेलुगु फिल्म उद्योग, बल्कि अन्य भाषाओं की फिल्मों को भी लाभ होगा। ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर अपराध का एक बढ़ता हुआ रूप है, जिसमें धोखेबाज कानून प्रवर्तन अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बनकर ऑडियो या वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ितों को धमकाते हैं और पैसे ऐंठने के इरादे से उन्हें बंधक बना लेते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 17 Nov 2025 16:51:36 +0530</pubDate>
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