<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/44792/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>बिजली संकट - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/44792/rss</link>
                <description>बिजली संकट RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Bareilly: बिजली संकट झेल रहे लोग, 50 करोड़ के कराए कार्य नहीं आए काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"> बरेली, </span>अमृत विचार: </strong>शहर में शुक्रवार रात एक घंटे की आंधी-बारिश ने बिजली विभाग के 50 करोड़ रुपये के कार्यों पर पानी फेर दिया। जबकि विभाग ने दावा किया था कि गर्मी में उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, क्योंकि जर्जर लाइनें और पोल बदलने के साथ ट्रांसफार्मर की कमियों को दूर कर लिया है। 11 अप्रैल को भी आंधी से लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ा था।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">बिजली विभाग ने जनवरी से मार्च तक काम कराने के नाम पर हर रोज कई-कई घंटे के शटडाउन लेकर आपूर्ति बंद रखी थी। फरवरी में अनुरक्षण माह मनाकर बिजली की</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534491/people-facing-power-crisis"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/51423132.jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"> बरेली, </span>अमृत विचार: </strong>शहर में शुक्रवार रात एक घंटे की आंधी-बारिश ने बिजली विभाग के 50 करोड़ रुपये के कार्यों पर पानी फेर दिया। जबकि विभाग ने दावा किया था कि गर्मी में उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, क्योंकि जर्जर लाइनें और पोल बदलने के साथ ट्रांसफार्मर की कमियों को दूर कर लिया है। 11 अप्रैल को भी आंधी से लोगों को बिजली संकट से जूझना पड़ा था।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">बिजली विभाग ने जनवरी से मार्च तक काम कराने के नाम पर हर रोज कई-कई घंटे के शटडाउन लेकर आपूर्ति बंद रखी थी। फरवरी में अनुरक्षण माह मनाकर बिजली की लाइन पर आ रही पेड़ों की टहनियों की छटाई की थी, लेकिन आंधी-पानी में सबसे अधिक दिक्कत बिजली की लाइन पर पेड़ गिरने से हुई।</span></p>
<p> </p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">शहर के कई इलाकों में रहा बिजली संकट</span></p>
<p>रविवार को भी शहर के कई इलाकों में बिजली का संकट बना रहा। कुतुबखाना के मोती पार्क फीडर पर रविवार शाम 6 बजे तारों में आग लगने से आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा डीडीपुरम सबस्टेशन के नई बस्ती ब्रह्मपुरा समेत अन्य जगह पर फेस नहीं आने से दिक्कत हुई। सनसिटी सबस्टेशन के कुर्मांचलनगर आदि जगह पर हाई वोल्टेज होने से लोग परेशान हुए। डेलापीर सबस्टेशन के एकतानगर इलाके में रविवार दोपहर को ट्रिपिंग की समस्या रही। जगतपुर सबस्टेशन के आजादनगर, पशुपति विहार कॉलोनी, सतीपुर, पुराना शहर आदि जगह पर भी रविवार रात 8 से 9 बजे तक फाल्ट की वजह से आपूर्ति बाधित रही। इसके अलावा हरुनगला के ग्रीन पार्क, राधा कुंज कॉलोनी, आशीष रायल पार्क, खुशबू एन्क्लेव आदि जगह पर भी तीन से चार घंटे की कटौती की गई।</p>
<p>वर्जन</p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">अनुरक्षण माह में जो पेड़ों की टहनियों की छंटाई की गई थी, अब वह फिर से बढ़ गई हैं। आंधी पानी में दिक्कत हो गई थी। जहां भी कमी थी उसे दूर करा दिया गया है। -सुरेन्द्र कुमार, अधिशासी अभियंता</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/534491/people-facing-power-crisis</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/534491/people-facing-power-crisis</guid>
                <pubDate>Mon, 21 Apr 2025 10:12:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/51423132.jpg"                         length="174621"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: बारिश में लगी फाल्ट की झड़ी, बिजली संकट गहराया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली,<span style="font-family:NewswrapWeb;">अमृत विचार: </span></strong>बारिश के चलते शहर की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई। शुक्रवार रात से ही फाल्टों को झड़ी लग गई। कई इलाकों में बिजली संकट छा गया। बारिश के कारण पवन विहार में फाल्ट शनिवार को भी ठीक नहीं हो सका। सुभाषनगर और मढ़ीनाथ में 10 घंटे आपूर्ति बाधित रही। सुबह लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ा।</p>
<p>फोन करने पर अफसर बारिश होने का बहाना बनाते रहे। किला, महानगर और शाहदाना इलाके में भी बिजली कटौती ने परेशान किया। <span style="font-family:NewswrapWeb;">पवन विहार में शुक्रवार को फाल्ट हो गया। शनिवार को फाल्ट लोकेटर मशीन को मंगवाया गया, लेकिन बारिश</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/402054/bareilly-rains-hit-by-fault-power-crisis-deepens"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/electricitycrisis-1633856594.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली,<span style="font-family:NewswrapWeb;">अमृत विचार: </span></strong>बारिश के चलते शहर की बिजली व्यवस्था धड़ाम हो गई। शुक्रवार रात से ही फाल्टों को झड़ी लग गई। कई इलाकों में बिजली संकट छा गया। बारिश के कारण पवन विहार में फाल्ट शनिवार को भी ठीक नहीं हो सका। सुभाषनगर और मढ़ीनाथ में 10 घंटे आपूर्ति बाधित रही। सुबह लोगों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ा।</p>
<p>फोन करने पर अफसर बारिश होने का बहाना बनाते रहे। किला, महानगर और शाहदाना इलाके में भी बिजली कटौती ने परेशान किया। <span style="font-family:NewswrapWeb;">पवन विहार में शुक्रवार को फाल्ट हो गया। शनिवार को फाल्ट लोकेटर मशीन को मंगवाया गया, लेकिन बारिश के चलते फाल्ट नहीं मिल सका। पवन विहार की लाइन को जगतपुर से जोड़ा तो वह भी ओवरलोड हो गई। इससे उस लाइन से भी आपूर्ति प्रभावित हो गई।</span></p>
<p>जगतपुर, ग्रीन पार्क और हरूनगला से पोषित अधिकांश क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति बाधित रही। शांति विहार, करगैना, करेली क्षेत्र के लोग भी बिजली कटौती से परेशान रहे। ग्रेटर ग्रीन पार्क में बिजली लाइन पर पेड़ गिरने से एक फेस चला गया। शाहदाना क्षेत्र में दिन में कई घंटे तक आपूर्ति प्रभावित रही।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">किला उपकेंद्र के हार्टमन में पूर्वाह्न 11 बजे ट्रांसफार्मर खराब हो गया, जो 4 बजे ठीक हो सका। महानगर उपकेंद्र के मुंशीनगर, सरदार जी कॉलोनी, आकांक्षा इंक्लेव आदि जगह पर भी बिजली की वजह से ट्रिपिंग की समस्या रही। नकटिया क्षेत्र में लाइन ब्रेकडाउन होने से कई घंटे तक बिजली गुल रही। हरूनगला उपकेंद्र से जुड़े रामगंगा सेक्टर 9 में शुक्रवार रात से लेकर शनिवार रात 8 बजे तक बिजली नहीं आने से लोग परेशान होते रहे।</span></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/402051/there-was-electricity-for-four-and-a-half-hours-in">बरेली: सीबीगंज में साढ़े चार घंटे बिजली रही गुल, शहर में भी आए दिन घंटों लाईट नहीं रहने से लोग रह रहे हैं परेशान</a></span></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/402054/bareilly-rains-hit-by-fault-power-crisis-deepens</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/402054/bareilly-rains-hit-by-fault-power-crisis-deepens</guid>
                <pubDate>Sun, 10 Sep 2023 01:08:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-09/electricitycrisis-1633856594.jpg"                         length="24720"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Om Parkash chaubey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: मेंटेनेंस में करोड़ों खर्च फिर भी बिजली का संकट</title>
                                    <description><![CDATA[अगल-अलग हिस्सों में रोजाना हो रही 2 से 3 घंटे अघोषित कटौती ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/376910/crores-spent-in-haldwani-maintenance-yet-power-crisis"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/bijli-sankat.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> बिजली विभाग की ओर से बीते कई माह से अधिक समय से लाइनों की मेंटेनेंस कार्य पर करीब 7.35 करोड़ रुपये फूंक दिए हैं, इसके बाद भी हल्द्वानी में लोगों को निर्बाध बिजली नहीं मिल रही है।</p>
<p>लोग बिजली कटौती से आमजनों को राहत नहीं मिल पा रही है। नियमित तौर पर 2 से 3 घंटे तक लोगों को बिजली कटौती की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बिजली विभाग की ओर से चल रहे मेंटेनेंस कार्य पर प्रश्न उठ रहा है। </p>
<p>बिजली विभाग ने गर्मियों में बिजली आपूर्ति बहाल रखने के लिए कई दावे किए थे। इसके लिए विभाग ने अक्टूबर 2022 से फरवरी 2023 तक लाइनों की मेंटेनेंस कार्य की वजह से घंटों बत्ती गुल गई जिससे आगे सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति मिलती रहे।</p>
<p>उस वक्त लोगों ने धैर्य बनाए रखा लेकिन वर्तमान समय में गर्मी की तपिश बढ़ गई है। इस उमस भरी गर्मी में रोजाना 3 से 4 घंटे शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की जा रही है।</p>
<p>अलग-अलग हिस्सों में लोगों को बिजली का संकट झेल रहे हैं। इधर अधिशाषी अभियंता डीडी पागंती ने बताया कि बिजली आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रखने के लिए विभाग सभी जरूरी कार्यों में लगा हुआ है। कभी-कभी तकनीकी कारणों के चलते आपूर्ति व्यवस्था बाधित हो जाती है। <br /><br /></p>
<h5>पर्याप्त स्टाफ होने के बाद भी दिक्कत</h5>
<p>हल्द्वानी बिजली विभाग के अंतर्गत मंडल, जिला और खंड स्तर के अधिकारी बैठते हैं। बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए 5 सहायक अभियंताओं के साथ ही 16 कनिष्क अभियंता कार्य पर लगे हुए हैं, विभाग के पास पर्याप्त मैनपावर होने के बाद भी आम बिजली उपभोक्ताओं को बिजली कटौती से राहत नहीं दिला पा रही हैं। </p>
<h5><br />बिजली कटौती से व्यापारी वर्ग भी परेशान</h5>
<p>नियमित बिजली कटौती होने से आम लोगों के साथ ही व्यापारी-कारोबारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली नदारत होने से व्यापारियों के रोजमर्रा की व्यापारिक गतिविधियों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।</p>
<div class="pbwidget w-l543 postdisplay_title h1">
<div class="pbwidget-body">
<h6 class="tag_h1 node_title"><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/376903/haldwani-condition-worsened-due-to-excessive-consumption-of-alcohol-two#gsc.tab=0">यह भी पढ़ें: हल्द्वानी: ज्यादा शराब पीने से बिगड़ी हालत, दो की मौत</a></strong></span></h6>
</div>
</div>
<div class="pbwidget w-6h4y postdisplay_subtitle h3">
<div class="pbwidget-body"> </div>
</div>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/376910/crores-spent-in-haldwani-maintenance-yet-power-crisis</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/376910/crores-spent-in-haldwani-maintenance-yet-power-crisis</guid>
                <pubDate>Fri, 09 Jun 2023 19:56:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-06/bijli-sankat.jpg"                         length="65194"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Shweta Kalakoti]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून:  प्रदेश में अप्रैल, मई, जून में भारी बिजली संकट होने की आशंका, 31 मार्च तक केंद्र ने विशेष कोटे से दी है 72 लाख यूनिट बिजली</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> पहले ही ऊर्जा प्रदेश ऊर्जा के लिए तरस रहा है ऊपर से इस बार पर्याप्त बारिश न होने से हालात और बदतर होने वाले हैं। इस बार पिछले की वर्ष की भांति आम जनता को गर्मी में खासा पसीना बहाना पड़ सकता है।</p>
<p>दरअसल बारिश न होने की वजह से गर्मियों में भीषण गर्मी पड़ने की उम्मीद है वहीं राज्य के पास बिजली की भारी कमी है। अभी 31 मार्च तक केंद्र सरकार की अनुकंपा में प्रदेश को विशेष कोटे से 72 लाख यूनिट बिजली दे दी है लेकिन एक अप्रैल से फिर कमी शुरू हो जाएगी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/349680/dehradun-there-is-a-possibility-of-heavy-power-crisis-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-04/बिजली-संकट1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> पहले ही ऊर्जा प्रदेश ऊर्जा के लिए तरस रहा है ऊपर से इस बार पर्याप्त बारिश न होने से हालात और बदतर होने वाले हैं। इस बार पिछले की वर्ष की भांति आम जनता को गर्मी में खासा पसीना बहाना पड़ सकता है।</p>
<p>दरअसल बारिश न होने की वजह से गर्मियों में भीषण गर्मी पड़ने की उम्मीद है वहीं राज्य के पास बिजली की भारी कमी है। अभी 31 मार्च तक केंद्र सरकार की अनुकंपा में प्रदेश को विशेष कोटे से 72 लाख यूनिट बिजली दे दी है लेकिन एक अप्रैल से फिर कमी शुरू हो जाएगी, ऐसे में क्या हालात होंगे इसे आप अभी के मौसम को रुख को देखते हुए अंदाज लगा सकते हैं।</p>
<p>फिलहाल इस संकट से उबरने के लिए प्रदेश सरकार अब केंद्र से मार्च 2024 तक के लिए 400 मेगावाट (96 लाख यूनिट) बिजली की मांग करने जा रही है। सचिव ऊर्जा आर मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि इस बार बारिश कम होने से गर्मी में बिजली की ज्यादा मांग के आसार हैं। फिलहाल 31 मार्च तक के लिए तो केंद्र ने अपने विशेष कोटे से 72 लाख यूनिट बिजली दे दी है लेकिन एक अप्रैल से फिर कमी शुरू हो जाएगी। </p>
<p>बताया कि गर्मियों के सीजन में बिजली की मांग पिछले वर्षों में पांच करोड़ यूनिट प्रतिदिन तक पहुंची है। इस साल भी यह मांग इतनी जाने की संभावना है। बताया कि गर्मियों के सीजन में सामान्य तौर पर 400 मेगावाट (96 लाख यूनिट) और पीक आवर्स में 800 मेगावाट (1.92 करोड़ यूनिट) तक बिजली की किल्लत हो सकती है। लिहाजा, सरकार अब केंद्र सरकार से मार्च 2024 तक 96 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति गैर आवंटित कोटे से करने की मांग की जाएगी। इधर मुख्यमंत्री  धामी इस संबंध में शुक्रवार को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह से मुलाकात करने वाले हैं। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/349680/dehradun-there-is-a-possibility-of-heavy-power-crisis-in</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/349680/dehradun-there-is-a-possibility-of-heavy-power-crisis-in</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Mar 2023 12:05:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2022-04/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%82%E0%A4%95%E0%A4%9F1.jpg"                         length="33606"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीमा विवाद में फंसे असम और नगालैंड के गांव को बिजली की दरकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मेरापानी (असम-नगालैंड सीमा)।</strong> असम और नगालैंड के बीच सीमा विवाद के कारण गोलाघाट-वोखा सीमा से सटे गांव में बिजली आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। नगालैंड बीज फार्म परिसर के मेरापानी में स्थित यह क्षेत्र विवादित है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/344484/action-will-be-taken-against-personnel-who-make-adverse-comments">सरकारी नीतियों पर प्रतिकूल टिप्पणी करने वाले कर्मियों के खिलाफ होगी कार्रवाई: जम्मू कश्मीर प्रशासन</a></span></strong></p>
<p>असम इलाके के गोलाघाट जिले के अंदर होने का दावा करता है जबकि नगालैंड इसे वोखा सीमा के अंदर का हिस्सा मानता है। इलाके के एक निवासी सज्जन भेंगरा ने बताया, "हम दो राज्यों के बीच नियंत्रण के इस संघर्ष में फंस गए हैं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/344499/villages-in-assam-and-nagaland-caught-in-border-dispute-need"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/रपह.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मेरापानी (असम-नगालैंड सीमा)।</strong> असम और नगालैंड के बीच सीमा विवाद के कारण गोलाघाट-वोखा सीमा से सटे गांव में बिजली आपूर्ति जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। नगालैंड बीज फार्म परिसर के मेरापानी में स्थित यह क्षेत्र विवादित है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/344484/action-will-be-taken-against-personnel-who-make-adverse-comments">सरकारी नीतियों पर प्रतिकूल टिप्पणी करने वाले कर्मियों के खिलाफ होगी कार्रवाई: जम्मू कश्मीर प्रशासन</a></span></strong></p>
<p>असम इलाके के गोलाघाट जिले के अंदर होने का दावा करता है जबकि नगालैंड इसे वोखा सीमा के अंदर का हिस्सा मानता है। इलाके के एक निवासी सज्जन भेंगरा ने बताया, "हम दो राज्यों के बीच नियंत्रण के इस संघर्ष में फंस गए हैं और बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित हैं। हमारे पास कोई बिजली कनेक्शन, अच्छी सड़के और पीने योग्य पानी नहीं है।"</p>
<p>उन्होंने दोनों राज्यों की सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा, असम और नगालैंड सरकारों ने कई बार बिजली कनेक्शन देने की कोशिश की और यहां तक ​​कि खंभे भी खड़े कर दिए गए। लेकिन विवादित क्षेत्र होने के कारण दोनों राज्यों की सरकारें एक दूसरे के काम में रोड़ा अटका देती हैं। उन्होंने कहा कि यहां के लोग असम में गोलाघाट निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता हैं, लेकिन, जिस क्षेत्र में वे रहते हैं वह नगालैंड के बीज फार्म के सीमांकित परिसर के भीतर है।</p>
<p>एक अन्य स्थानीय सुशीला बागा ने बताया कि उन्होंने अपने स्थानीय विधायक अजंता नियोग (असम के वित्त मंत्री) और अन्य नेताओं से बात की लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि उनके गांव में लगभग 30-40 परिवारों को सोलर लाइट लगाने के लिए विधायक द्वारा प्रत्येक को 7,000 रुपये दिए गए थे, लेकिन लगभग सभी लोगों ने अन्य जरूरतों के लिए पैसे का उपयोग किया।</p>
<p>असम से अलग होकर नगालैंड राज्य की स्थापना 1963 में हुई थी जिसके बाद से ही दोनों राज्यों के बीच अंतर-राज्यीय सीमा विवाद चला आ रहा है। दोनों राज्य 512.1 किमी लंबी सीमा साझा करते हैं। नगालैंड राज्य अधिनियम, 1962 ने 1925 की अधिसूचना के अनुसार अपनी सीमाओं को परिभाषित किया था।</p>
<p>उस वक्त नगा हिल्स और तुएनसांग क्षेत्र (एनएचटीए) को एक नई प्रशासनिक इकाई में एकीकृत किया गया था और एक स्वायत्त क्षेत्र बनाया गया था। हालांकि, नगालैंड ने सीमा निर्धारण को स्वीकार नहीं किया और अंग्रेजों द्वारा बनाए गए 1866 अधिसूचना के तहत नए राज्य में नगा पहाड़ियों और असम के तत्कालीन उत्तरी कछार और नगांव जिलों में सभी नगा-बहुल क्षेत्रों को शामिल करने की मांग की।</p>
<p>इस मांग के कारण दोनों के बीच तनाव भड़क गया जिसके परिणामस्वरूप 1965 में पहली बार सीमा संघर्ष हुआ और इसके बाद 1968, 1979, 1985, 2007 और 2014 में सीमा पर दोनों राज्यों के बीच बड़ी झड़पें हुईं। हालांकि, असम सरकार ने सीमा की पहचान और सीमा विवादों को हल करने के लिए उच्चतम न्यायालय में एक मामला दायर किया था जो अभी भी लंबित है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/344479/earthquake-tremors-in-western-part-of-mp-also-no-damage">MP के पश्चिमी हिस्से में भी भूकंप के झटके, कोई क्षति नहीं</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/344499/villages-in-assam-and-nagaland-caught-in-border-dispute-need</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/344499/villages-in-assam-and-nagaland-caught-in-border-dispute-need</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Feb 2023 19:05:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-02/%E0%A4%B0%E0%A4%AA%E0%A4%B9.jpg"                         length="29566"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Om Parkash chaubey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली संकट से जूझ रहे दक्षिण अफ्रीका में 'राष्ट्रीय आपदा' घोषित, राष्ट्रपति Cyril Ramaphosa ने की घोषणा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>जोहानिसबर्ग। </strong>दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने केप टाउन में अपने वार्षिक 'स्टेट ऑफ द नेशन' (एसओटीएन) संबोधन के दौरान देश में बिजली संकट के कारण 'आपदा की स्थिति' की घोषणा की। कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण देश में घोषित 'आपदा की स्थिति' को हटाए जाने के 10 महीने बाद यह घोषणा की गई है। रामाफोसा ने घोषणा की कि इस मामले से अधिक प्रभावी ढंग से और तत्काल निपटने के लिए एक बिजली मंत्री नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया मंत्री राष्ट्रीय ऊर्जा संकट समिति के काम देखने के साथ-साथ बिजली संकट से निपटने के लिए सभी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/341720/state-of-disaster-declared-due-to-power-crisis-in-south"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/cyril-ramaphosa.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>जोहानिसबर्ग। </strong>दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने केप टाउन में अपने वार्षिक 'स्टेट ऑफ द नेशन' (एसओटीएन) संबोधन के दौरान देश में बिजली संकट के कारण 'आपदा की स्थिति' की घोषणा की। कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण देश में घोषित 'आपदा की स्थिति' को हटाए जाने के 10 महीने बाद यह घोषणा की गई है। रामाफोसा ने घोषणा की कि इस मामले से अधिक प्रभावी ढंग से और तत्काल निपटने के लिए एक बिजली मंत्री नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नया मंत्री राष्ट्रीय ऊर्जा संकट समिति के काम देखने के साथ-साथ बिजली संकट से निपटने के लिए सभी पहलुओं पर गौर करेगा। </p>
<p>उन्होंने कहा,  ऊर्जा संकट हमारी अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने के लिए एक संभावित खतरा है। हमें इन उपायों को बिना विलंब के तुरंत लागू करना चाहिए। उन्होंने गुरुवार शाम अपने संबोधन में बिजली आपूर्ति संकट के अलावा बेरोजगारी, अपराध और हिंसा समेत कई चुनौतियों का जिक्र किया। राष्ट्रपति ने अपने 'स्टेट ऑफ द नेशन' संबोधन में यह भी स्वीकार किया कि एक समय था जब वह पद छोड़ने पर विचार कर रहे थे, लेकिन पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के प्रयासों से उन्हें पद पर बने रहने की प्रेरणा मिली। रामाफोसा ने कहा कि उनकी सरकार और उनकी पार्टी अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस (एएनसी) जिन संकटों का सामना कर रही थी, उनके बीच उनकी अंतरात्मा ने उन्हें पद पर बने रहने को कहा। </p>
<p>उन्होंने कहा,  मेरी अंतरात्मा हमेशा कहती है कि नेल्सन मंडेला के नक्शेकदम पर चलो, क्योंकि उन्होंने महान बलिदान दिए... मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति थे। इससे पहले रंगभेदी सरकार के राजनीतिक कैदी के रूप में 27 साल उन्होंने जेल में बिताए थे। रामाफोसा ने अपना संबोधन समाप्त करते हुए कहा,  मेरी अंतरात्मा मुझे कहती थी कि इस देश को महान बनाने के लिए आप जो कुछ भी कर सकते हैं करें..और मैं ठीक वहीं कर रहा हूं। हमारे सामने आने वाली सभी चुनौतियों के बावजूद मैं हम सभी से दक्षिण अफ्रीका के लोगों की सेवा करने के लिए यथासंभव योगदान देने का आह्वान करता हूं। </p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>ये भी पढे़ं :  <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/341714/death-toll-in-devastating-earthquake-in-turkey-syria-crosses-21-thousand">Earthquake : तुर्की-सीरिया में विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या 21 हजार के पार</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/341720/state-of-disaster-declared-due-to-power-crisis-in-south</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/341720/state-of-disaster-declared-due-to-power-crisis-in-south</guid>
                <pubDate>Fri, 10 Feb 2023 10:41:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-02/cyril-ramaphosa.jpg"                         length="64274"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Bhawna]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: बिजली संकट...प्रतिदिन 48 मिलियन यूनिट खर्च हो रही बिजली </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> प्रदेश में ठंड बढ़ने के साथ ही भारी बिजली संकट पैदा हो गई है। बिजली की प्रतिदिन मांग रिकॉर्ड 48 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई है। भरपाई के लिए यूपीसीएल ने दो निदेशकों की टीम दिल्ली भेजी है जो कि एनटीपीसी से विशेष बिजली देने की मांग करेंगे।</p>
<p>दरअसल, गैस व कोयले की कमी के चलते देशभर में बिजली की भारी कमी है। पिछले आठ दिनों में 250 मेगावाट ऑवर के मुकाबले 104 मेगावाट ऑवर बिजली ही बाजार में उपलब्ध हो पाई है। हालात यह हो गए हैं कि इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में किसी भी कीमत पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/332677/dehradun--power-crisis----48-million-units-of-electricity-is-being-spent-daily"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/ऊर्जा-निगम1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> प्रदेश में ठंड बढ़ने के साथ ही भारी बिजली संकट पैदा हो गई है। बिजली की प्रतिदिन मांग रिकॉर्ड 48 मिलियन यूनिट तक पहुंच गई है। भरपाई के लिए यूपीसीएल ने दो निदेशकों की टीम दिल्ली भेजी है जो कि एनटीपीसी से विशेष बिजली देने की मांग करेंगे।</p>
<p>दरअसल, गैस व कोयले की कमी के चलते देशभर में बिजली की भारी कमी है। पिछले आठ दिनों में 250 मेगावाट ऑवर के मुकाबले 104 मेगावाट ऑवर बिजली ही बाजार में उपलब्ध हो पाई है। हालात यह हो गए हैं कि इंडियन एनर्जी एक्सचेंज में किसी भी कीमत पर बिजली ही उपलब्ध नहीं हो पा रही है। </p>
<p>यूपीसीएल के मुताबिक, जो बिजली मिल भी रही है, वह 12 रुपये प्रति यूनिट की दर पर मिल मिल रही है। इतनी महंगी बिजली खरीदकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की बड़ी चुनौती बन गई है। इस वजह से यूपीसीएल ने ग्रामीण इलाकों में रोजाना तीन से पांच घंटे की बिजली कटौती शुरू कर दी है। ऊर्जा निगम प्रबंधन का कहना है कि अगर बिजली की किल्लत बढ़ती है और बाजार से उपलब्ध नहीं होती तो धीरे-धीरे कटौती को उद्योगों तक पहुंचाना पड़ेगा। </p>
<p>प्रदेश में ठंड के बीच बिजली की मांग रिकॉर्ड 48 मिलियन यूनिट (चार करोड़ 80 लाख यूनिट) तक पहुंच गई है, जबकि इसके मुकाबले यूपीसीएल को केंद्रीय व राज्य पूल से महज 35 से 37 मिलियन यूनिट बिजली ही मिल पा रही है। यूपीसीएल के सामने रोजाना आठ से दस मिलियन यूनिट बिजली खरीदना चुनौती बन गया है।</p>
<p>यूपीसीएल ने बिजली किल्लत के बीच दो अधिकारियों को दिल्ली भेजा है। यह यूपीसीएल की चेयरमैन एवं अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी का पत्र लेकर गए हैं। उत्तराखंड मांग कर रहा है कि एनटीपीसी से राज्य को विशेष बिजली उपलब्ध कराई जाए ताकि किल्लत से निजात पाई जा सके।</p>
<p>बिजली की भारी मांग, कम उपलब्धता की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में कटौती करनी पड़ रही है। हम प्रयास कर रहे हैं कि एनटीपीसी से बिजली मिल जाए। उपलब्धता होगी तो आपूर्ति पूर्ण होगी। - अनिल कुमार, एमडी, यूपीसीएल</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/332677/dehradun--power-crisis----48-million-units-of-electricity-is-being-spent-daily</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/332677/dehradun--power-crisis----48-million-units-of-electricity-is-being-spent-daily</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Jan 2023 13:07:28 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-01/%E0%A4%8A%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A4%BE-%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%97%E0%A4%AE1.jpg"                         length="21659"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Babita Patwal]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: कोहाड़ापीर फीडर अस्थाई तौर पर होगा शिफ्ट, बिजली संकट भी गहराएगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">कोहाड़ापीर फीडर को अस्थाई तौर पर कुतुबखाना पुल निर्माण के चलते शिफ्ट किया जाएगा। जिसको लेकर अधीक्षण अभियंता ने रविवार को कुतुबखाना के निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण कर बिजली लाइन को शिफ्ट करने के दिशा निर्देश दिए हैं।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>ये भी पढ़ें - </strong></span><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/325320/bareilly-distributed-appointment-letters-to-28-lecturers-and-one-assistant">बरेली: 28 प्रवक्ता व एक सहायक अध्यापक को वितरित किया नियुक्ति पत्र</a></strong></span></p>
<p>शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए कुतुबखाना पुल का निर्माण किया जा रहा है। जिसको लेकर जिला अस्पताल की तरफ पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। अब कोहाड़ापीर की तरफ काम शुरू किया जाएगा। ऐसे में निर्माण कार्य में बाधा बनने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/325321/bareilly-kohadapir-feeder-will-be-temporarily-shifted-power-crisis-will"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-12/capture506.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">कोहाड़ापीर फीडर को अस्थाई तौर पर कुतुबखाना पुल निर्माण के चलते शिफ्ट किया जाएगा। जिसको लेकर अधीक्षण अभियंता ने रविवार को कुतुबखाना के निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण कर बिजली लाइन को शिफ्ट करने के दिशा निर्देश दिए हैं।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>ये भी पढ़ें - </strong></span><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/325320/bareilly-distributed-appointment-letters-to-28-lecturers-and-one-assistant">बरेली: 28 प्रवक्ता व एक सहायक अध्यापक को वितरित किया नियुक्ति पत्र</a></strong></span></p>
<p>शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए कुतुबखाना पुल का निर्माण किया जा रहा है। जिसको लेकर जिला अस्पताल की तरफ पिलर बनकर तैयार हो चुके हैं। अब कोहाड़ापीर की तरफ काम शुरू किया जाएगा। ऐसे में निर्माण कार्य में बाधा बनने वाली बिजली लाइन को भी शिफ्ट करने के काम भी तेजी से किया जाने लगा है।</p>
<p>रविवार को अधीक्षण अभियंता विकास सिंघल ने कुतुबखाना के निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुतुबखाना पुल निर्माण में कोई दिक्कत न हो इसके लिए कोहाड़ापीर फीडर को अस्थाई तौर पर शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है।</p>
<p>वहीं निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित एक्सईन, एसडीओ और जेई को लाइन शिफ्ट करने के भी दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फीडर को अस्थाई तौर पर शिफ्ट करने के दौरान उपभोक्ताओं को दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/325298/mohan-dai-oswal-award-for-best-paper-to-bareilly-mohini">बरेली: मोहिनी को मिला बेस्ट पेपर के लिए मोहन दाई ओसवाल अवार्ड</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/325321/bareilly-kohadapir-feeder-will-be-temporarily-shifted-power-crisis-will</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/325321/bareilly-kohadapir-feeder-will-be-temporarily-shifted-power-crisis-will</guid>
                <pubDate>Sun, 18 Dec 2022 22:06:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2022-12/capture506.jpg"                         length="97043"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Om Parkash chaubey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंधेरे में डूबा यूक्रेन, रूस ने ऊर्जा संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचों पर किया हमला</title>
                                    <description><![CDATA[कीव। रूस ने यूक्रेन में ऊर्जा संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचों पर हमले किए हैं जिससे युद्धग्रस्त देश में व्यापक पैमाने पर बिजली संकट पैदा हो गया है वहीं, कीव की सेनाओं ने जवाबी कार्रवाई करते हुए रूसी सेना को उत्तरपूर्वी क्षेत्र से खदेड़ दिया है, जहां उसने पहले कब्जा कर लिया था। खारकीव के …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>कीव।</strong> रूस ने यूक्रेन में ऊर्जा संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचों पर हमले किए हैं जिससे युद्धग्रस्त देश में व्यापक पैमाने पर बिजली संकट पैदा हो गया है वहीं, कीव की सेनाओं ने जवाबी कार्रवाई करते हुए रूसी सेना को उत्तरपूर्वी क्षेत्र से खदेड़ दिया है, जहां उसने पहले कब्जा कर लिया था। खारकीव के पश्चिमी बाहरी इलाके में रविवार को बमबारी से एक ऊर्जा संयंत्र में भीषण आग लगी और एक व्यक्ति की मौत हो गई।</p>
<blockquote class="twitter-tweet">
<p lang="en" dir="ltr" xml:lang="en">Yesterday it was time for the bravery of our rescuers and electrical engineers, who fixed the consequences of <a href="https://twitter.com/hashtag/Russia?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Russia</a>’s attack on one of <a href="https://twitter.com/hashtag/Ukraine?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#Ukraine</a>’s largest heat and power plants. The electricity was restored in a couple of hours.</p>
<p>? libkos<a href="https://twitter.com/hashtag/StandWithUkraine%EF%B8%8F?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#StandWithUkraine️</a><a href="https://twitter.com/hashtag/StopRussianWar?src=hash&amp;ref_src=twsrc%5Etfw">#StopRussianWar</a> <a href="https://t.co/16CZGrrUem">pic.twitter.com/16CZGrrUem</a></p>
<p>— MFA of Ukraine ?? (@MFA_Ukraine) <a href="https://twitter.com/MFA_Ukraine/status/1569266199569248256?ref_src=twsrc%5Etfw">September 12, 2022</a></p></blockquote>
<p></p>
<p>राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने असैन्य नागरिकों के खिलाफ ‘जानबूझकर किए मिसाइल हमलों’ की निंदा की तथा इन्हें आतंकवादी कृत्य के समान बताया। यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में रविवार रात को बत्ती गुल रही। लोगों को अंधेरी सड़कों पर गाड़ियां चलानी पड़ीं और कुछ पैदल यात्रियों ने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मोबाइल फोन का टॉर्च जलाया। रूस के कब्जे वाले दक्षिणी क्षेत्र में यूरोप के सबसे बड़े जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र को इलाके में लड़ाई तेज होने पर परमाणु विकिरण की आपदा से बचने की कवायद के तौर पर बंद कर दिया गया है।</p>
<p>कीव की खारकीव क्षेत्र में रूस के कब्जे वाले इलाकों को फिर से अपने कब्जे में लेने की कार्रवाई के बाद मॉस्को सेनाओं को खुद को घेरे जाने के डर से वहां से जाना शुरू कर दिया है और वे अच्छी-खासी संख्या में हथियारों और गोला-बारुद छोड़कर जा रहे हैं। यूक्रेन के सैन्य प्रमुख जनरल वालेरी जालुझनी ने कहा कि उनकी सेनाओं ने सितंबर में शुरू किए अभियान के बाद से करीब 3,000 वर्ग किलोमीटर के हिस्से पर फिर से कब्जा जमा लिया है।<br />
उन्होंने कहा कि यूक्रेनी सेना रूसी सीमा से महज 50 किलोमीटर दूर है। खारकीव के गवर्नर ओलेह सिनेहुबोव ने कहा कि यूक्रेनी सेना ने क्षेत्र में 40 से अधिक बस्तियों पर फिर से कब्जा कर लिया है। यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि रूस ने देश के दूसरे सबसे बड़े ऊर्जा संयंत्र खारकीव टीईसी-5 पर हमला किया। जेलेंस्की ने खारकीव ऊर्जा संयंत्र में आग लगने का वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘रूसी आतंकवादी अब भी आतंकवादी हैं और उन्होंने अहम बुनियादी ढांचों पर हमला किया।</p>
<p>कोई सैन्य केंद्र नहीं, केवल लोगों को अंधेरे में छोड़ने का लक्ष्य।’’ इससे पहले यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा ऑपरेटर ने कहा कि जापोरिज्जिया संयंत्र को यूक्रेन के बिजली ग्रिड से फिर से जोड़ा गया और इंजीनियरों ने इलाके में लड़ाई तेज होने पर परमाणु विकिरण की आपदा से बचने की कवायद के तौर पर इसके आखिरी रिएक्टर को भी बंद कर दिया। दुनिया में 10 सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा केंद्रों में से एक इस संयंत्र पर युद्ध की शुरुआत से ही रूसी सेना ने कब्जा कर रखा है। यूक्रेन और रूस संयंत्र के आसपास बमबारी के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। इस बमबारी ने संयंत्र को ग्रिड से जोड़ने वाली बिजली की लाइनों को तबाह कर दिया है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:- <a class="post-title the-subtitle" href="https://amritvichar.com/bangladesh-will-uphold-world-peace-hasina/">बंगलादेश विश्व शांति को कायम रखने में हमेशा करेगा मदद : शेख हसीना</a></strong></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/280865/russia-targets-ukraines-power-plants-massive-power-crisis</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/280865/russia-targets-ukraines-power-plants-massive-power-crisis</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Sep 2022 18:40:28 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: अंधड़ से बिजली के दो पोल टूटे, 18 घंटे गुल रही बिजली, परेशान रहे लोग</title>
                                    <description><![CDATA[हल्द्वानी, अमृत विचार। देर रात आए तूफान और बारिश में बिजली के तारों के आपस में टकराने से सप्लाई बंद हो गई। इधर, रामपुर रोड में तेज अंधड़ के चलते दो पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके चलते क्षेत्र में 18 घंटे बिजली गुल रही। देर रात करीब एक बजे ऊर्जा निगम के कठघरिया उपकेंद्र ने …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/263333/haldwani-due-to-the-storm-two-electric-poles-were-broken-18-hours-of-electricity-went-out-people-were-worried"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/untitled-1-7-1651155434-1-e1660225055917.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> देर रात आए तूफान और बारिश में बिजली के तारों के आपस में टकराने से सप्लाई बंद हो गई। इधर, रामपुर रोड में तेज अंधड़ के चलते दो पोल क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके चलते क्षेत्र में 18 घंटे बिजली गुल रही। देर रात करीब एक बजे ऊर्जा निगम के कठघरिया उपकेंद्र ने काम करना बंद कर दिया। सुबह आठ बजे बिजली की लाइनों का फॉल्ट मिलने पर काम चालू किया गया ताकि सप्लाई चालू की जा सके। दूरस्थ क्षेत्रों में दिन भर ऊर्जा निगम के कर्मचारी और ठीक करते रहे।</p>
<p>बुधवार रात आई आंधी और बारिश से जगह-जगह पेड़ गिर गए। जगह-जगह पेड़ की टहनियां बिजली के तारों पर गिरने से रामपुर रोड में बिजली आपूर्ति करीब 18 घंटे तक ठप रही और दोपहर 3:30 बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। बिजली आपूर्ति ठप रहने से गुरुवार को सुबह पानी की आपूर्ति भी बाधित रही, इससे लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। रामपुर रोड व कठघरिया के पास पेड़ गिरने से उसकी चपेट में आकर दो बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। सुबह आपूर्ति बहाल न होने के चलते पानी की सप्लाई सुचारू नहीं हो पाई। देर शाम तक पानी की आपूर्ति सुचाई हुई। इधर, ऊर्जा निगम के एसडीओ ने बताया कि तेज बारिश और आंधी के चलते विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी, जिसे कर्मचारियों द्वारा सुचारू करवा दिया गया है।</p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/263333/haldwani-due-to-the-storm-two-electric-poles-were-broken-18-hours-of-electricity-went-out-people-were-worried</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/263333/haldwani-due-to-the-storm-two-electric-poles-were-broken-18-hours-of-electricity-went-out-people-were-worried</guid>
                <pubDate>Thu, 11 Aug 2022 19:07:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2022-08/untitled-1-7-1651155434-1-e1660225055917.jpg"                         length="31063"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: संविदा कर्मचारी हड़ताल पर, गहरा सकता है बिजली संकट</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली, अमृत विचार। अपनी मांगों को लेकर बिजली विभाग के संविदा कर्मचारी तीन दिन से मुख्य अभियंता कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर रहे है। ऐसे में बरेली मंडल में बिजली का संकट गहरा सकता है। इससे 15 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मोहर्रम और सावन में परेशानी हो सकती है। बिजली विभाग के दो संगठनों …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/260937/bareilly-contract-workers-on-strike-power-crisis-may-deepen"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-08/capture-240.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">अपनी मांगों को लेकर बिजली विभाग के संविदा कर्मचारी तीन दिन से मुख्य अभियंता कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर रहे है। ऐसे में बरेली मंडल में बिजली का संकट गहरा सकता है। इससे 15 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को मोहर्रम और सावन में परेशानी हो सकती है।</span></p>
<p>बिजली विभाग के दो संगठनों की लड़ाई से सावन सोमवार और मोहर्रम के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है। संविदा कर्मियों की हड़ताल और विरोध प्रदर्शन पर विवाद का असर साफ नजर आ रहा है। संविदा कर्मियों के ईएसआइसी कार्ड बनवाने, सेफ्टी उपकरण दिलाने, पूर्व में काटे गए वेतन को दिलाने और मृतक आश्रितों को नियमानुसार नियोजित कराने पर शुक्रवार को सहमति बन गई थी, लेकिन अवर अभियंता के साथ मारपीट करने के आरोपित रिंकू श्रीवास्तव, विशाल, प्रकाश और विक्की श्रीवास्तव की बहाली को लेकर मना कर दिया गया था। इस वजह से संविदा कर्मचारी विरोध पर डटे रहे।</p>
<p>संविदा कर्मियों के संगठन के जिलाध्यक्ष रिंकू श्रीवास्तव ने बताया कि उनके साथ जिन अवर अभियंताओं ने मारपीट की थी, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही उनके साथियों की सेवाओं को बहाल किया जाए। उन्होंने कहा कि मांगे पूरी नहीं होने पर पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करते हुए सभी संविदा कर्मचारी धरना प्रदर्शन करेंगे। इस मामले में मुख्य अभियंता आरके शर्मा ने बताया कि संविदा कर्मचारियों की जायज मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन कई लोगों पर दर्ज रिपोर्ट के मामले में विभाग कुछ नहीं कर सकता।</p>
<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">कार्य बहिष्कार में शामिल नहीं होने पर दी धमकी<br />
</span></strong>किला उपकेंद्र के कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय में धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपनी जान का खतरा बताया है। संविदा कर्मचारी सय्यद असलम अली ने बताया कि निविदा कर्मचारी किला बिजली घर पहुंचे। और कहने लगे हमारे धरने में शामिल हो नहीं तो अंजाम बुरा होगा। आरोप है कि तीन चार लोग और धक्का-मुक्की करने लगे। उसके बाद मारपीट की गई, जिससे घायल हो गए। मारपीट की शिकायत उन्होंने किला पुलिस से की है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/20-new-coronas-found-infected-including-bareilly-college-spokesperson/">बरेली कॉलेज के प्रवक्ता समेत 20 नए कोरोना मिले संक्रमित</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/260937/bareilly-contract-workers-on-strike-power-crisis-may-deepen</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/260937/bareilly-contract-workers-on-strike-power-crisis-may-deepen</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Aug 2022 21:39:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2022-08/capture-240.jpg"                         length="38566"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बरेली: बारिश से बिजली हुई गुल, 20 घंटे परेशानी झेलते रहे सेक्टर नौ के निवासी</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली, अमृत विचार। शहर से बिजली का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हरुनगला उपकेंद्र से जुड़ी रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर नौ में 20 घंटे तक बिजली नहीं आई। इस बीच क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री से लेकर जेई तक शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान जल्दी नहीं हो सका। बीडीए की …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/255007/bareilly-rain-caused-power-outages-residents-of-sector-9-suffered-for-20-hours"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-07/capture-1076.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>शहर से बिजली का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हरुनगला उपकेंद्र से जुड़ी रामगंगा नगर आवासीय योजना के सेक्टर नौ में 20 घंटे तक बिजली नहीं आई। इस बीच क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री से लेकर जेई तक शिकायत की, लेकिन समस्या का समाधान जल्दी नहीं हो सका। बीडीए की सबसे पहली गेटबंद कॉलोनी में अब तक ट्रांसफॉर्मर नहीं लगा है। सेक्टर सात से बिजली की व्यवस्था की गई है। इस वजह से लो वोल्टेज की समस्या लोग रोज झेल रहे हैं।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">सोमवार शाम को हुई बारिश के बाद सेक्टर नौ की बिजली खराब हो गई। रात में क्षेत्रवासियों ने बिजली घर में फोन किया, लेकिन फोन नहीं लगा। लोगों ने सोचा कि सुबह तक बिजली आ जाएगी, लेकिन सुबह तक सभी के इन्वर्टर डाउन हो गए, बिजली नहीं आई। पानी की मोटर न चलने से जलसंकट भी गहरा गया।</span></p>
<p>परेशान लोगों ने मुख्यमंत्री, ऊर्जा मंत्री और यूपीसीएल चेयरमैन को ट्वीट करने शुरू किए। ट्वीट पर सुबह 10 बजे बिजली लाइन शुरू करने का जवाब आया। फिर भी बिजली नहीं आई। जेई को फोन मिलाया पर उनका नंबर नॉट रिचेबल था। बिजली घर में जाकर सुबह ही शिकायत दर्ज करा दी गई थी। जिसके बाद एसडीओ आरजे वर्मा को फोन किया गया तब जाकर कहीं तीन बजे बिजली ठीक की गई।</p>
<p><strong>पॉश कॉलोनी बना दी पर ट्रांसफॉर्मर नहीं लगाया</strong><br />
<span style="font-family:NewswrapWeb;">डोहरा रोड स्थित रामगंगा नगर आवासीय योजना में लोगों को बसाने के लिए बीडीए खूब विकास कर रहा है, लेकिन जो लोग यहां रह रहे हैं उनकी सुविधाओं को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है। सेक्टर नौ में अब तक ट्रांसफार्मर नहीं लगा है। लोगों की माने तो यहां ट्रांसफार्मर था, लेकिन जब ये कॉलोनी वीरान पड़ी थी तब चोर ले गए।</span></p>
<p><strong>सीबीगंज और किला इलाके में भी रहा बिजली संकट</strong><br />
<span style="font-family:NewswrapWeb;">सीबीगंज और किला इलाके में मंगलवार को बिजली आपूर्ति से लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। सीबीगंज उपकेंद्र से जुड़े एक ट्रांसफार्मर की मरम्मत के चलते कई फीडर प्रभावित रहे। बीते सोमवार की रात से लेकर मंगलवार शाम तक इलाके में बिजली सप्लाई प्रभावित हुई। सुभाषनगर में बिजली के तार में फाल्ट से करगैना, शांतिविहार कालोनी, बीडीए कालोनी, मढ़ीनाथ समेत अन्य इलाके प्रभावित रहे। लोकल फाल्ट, मरम्मत कार्य की वजह से कर्मचारीनगर, मिनी बाईपास, लीचीबाग, किला, गढ़ी मोहल्ला में बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। राजेंद्रनगर, प्रेमनगर, एकतानगर, जनकपुरी, लल्ला मार्केट, मैकनियर रोड की सप्लाई भी कई बार ट्रिप हुई।</span></p>
<p>जेई विभागीय बैठक में शामिल होने के लिए लखनऊ गए हुए हैं। सेक्टर नौ में फीडर के ब्रेकडाउन की समस्या थी जिसे ठीक करा दिया गया है<strong>—<span><span style="font-family:NewswrapWeb;">आरजे वर्मा, एसडीओ, हारुनगला।</span></span></strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- </strong><a href="https://amritvichar.com/bareilly-humanity-shamed-embryo-thrown-on-road-number-five-fierce-ruckus/">बरेली: मानवता हुई शर्मसार, रोड नंबर पांच पर फेंका भ्रूण, जमकर हंगामा</a></p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/255007/bareilly-rain-caused-power-outages-residents-of-sector-9-suffered-for-20-hours</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/255007/bareilly-rain-caused-power-outages-residents-of-sector-9-suffered-for-20-hours</guid>
                <pubDate>Tue, 26 Jul 2022 20:49:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2022-07/capture-1076.jpg"                         length="34969"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        