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                <title>Kamakhya Devi Temple - Amrit Vichar</title>
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                <description>Kamakhya Devi Temple RSS Feed</description>
                
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                <title>पहाड़ो की गोद में बसा मंदिर! जहां चढ़ता है स्नैक्स, अनोखा है इसका इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार। </strong>भारत एक ऐसा देश है जहां संस्कृति और मान्यताओं का महत्व है। जहां आस्था और परंपरा का बेमिसाल जोड़ देखने को मिलता है। और भगवान के प्रति लोगों की आस्था देखते ही बनती है। हम ये भी जानते है कि भगवान को लोग अपनी श्रद्धानुसार चढ़ावा चढ़ाते है। कुछ लोग मिठाई चढ़ाते है तो कुछ अन्य तरह के भोजन का भोग लगाते है।कुछ हिन्दू मंदिर ऐसे भी है जहां पर फल, दूध, दही या मिठाई का भोग के साथ स्नैक्स यानी चिप्स, बिस्किट या नमकीन को भी चढ़ाते है। </p>
<p><strong>पहाड़ो की गोद में बसा अनोखा मंदिर </strong></p>
<p>भारत का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528884/temple-located-in-the-lap-of-mountains--where-snacks-are-offered--its-history-is-unique"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/election-campa-(29).png" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार। </strong>भारत एक ऐसा देश है जहां संस्कृति और मान्यताओं का महत्व है। जहां आस्था और परंपरा का बेमिसाल जोड़ देखने को मिलता है। और भगवान के प्रति लोगों की आस्था देखते ही बनती है। हम ये भी जानते है कि भगवान को लोग अपनी श्रद्धानुसार चढ़ावा चढ़ाते है। कुछ लोग मिठाई चढ़ाते है तो कुछ अन्य तरह के भोजन का भोग लगाते है।कुछ हिन्दू मंदिर ऐसे भी है जहां पर फल, दूध, दही या मिठाई का भोग के साथ स्नैक्स यानी चिप्स, बिस्किट या नमकीन को भी चढ़ाते है। </p>
<p><strong>पहाड़ो की गोद में बसा अनोखा मंदिर </strong></p>
<p>भारत का गुहावटी जहां के कामाख्या देवी मंदिर में माता को प्रसाद के रूप में चिप्स, बिस्कुट और नमकीन चढाने की परंपरा है। ये मंदिर नीलांचल पहाड़ी पर 51 शक्तिपीठों में से एक स्थापित है। कामयख्या मंदिर प्राचीन और एक समृद्ध मंदिरो में से एक है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 8वीं से 9वीं शताब्दी को हुआ था वहीं इसका पुनरीकरण 17वीं शताब्दी के बीच अहोम राजा नर नारायण ने कराया था। क्योकि इस मंदिर को मुस्लिम शासको द्वारा तोड़ दिया गया था। </p>
<p><strong>नहीं है कोई धार्मिक प्रमाण </strong></p>
<p>ऐसी मान्यता थी कि यहां पर तंत्र पूजा और साधना की जाती थी। हर वर्ष यहां अंबुबाची मेला आयोजित किया जाता था। जो की देवी के मासिक धर्म का एक प्रतिक है। लेकिन देवी को प्रसाद के रूप में चिप्स, बिस्किट और नमकीन चढाने की परंपरा की कोई विशेष जानकारी नहीं है। दूसरे मंदिरो में आमतौर पर फल, मिठाई और अन्य पारंपरिक खाने-पीने की चीजे प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती है। कामाख्या मंदिर में स्नैक्स चढाने की परंपरा का कोई भी धार्मिक प्रमाण नहीं है। </p>
<p><strong>आस्था पर नहीं है कोई बंधन </strong></p>
<p>हलाकि, मंदिर की अपनी मान्यतायें और एतिहासिक महत्व है। इनकी अनोखी परंपरा ही इसे खास बनाती है। प्रसाद के रूप में स्नैक्स का चढ़ावा इस बात का प्रारूप है कि आस्था और भक्ति के मार्ग पर कोई भी बंधन नहीं है। भक्त चाहे तो अपनी श्रद्धा से अपना भाव प्रकट कर सकता है। उस पर किसी प्रकार का कोई बंधन नहीं होगा।   </p>
<p> </p>
<p><strong>ये भी पढ़े :<a href="https://www.amritvichar.com/article/528661/aarti-has-a-special-importance-in-hinduism--what-is-the-correct-way-and-procedure#gsc.tab=0">हिन्दू धर्म में है आरती करने का खास महत्व, क्या है सही तरीका और विधि </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 16:35:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अयोध्या : कामाख्या देवी मंदिर से निकली 261 मीटर चुनरी यात्रा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुदौली अयोध्या/अमृत विचार </strong>: सिद्धपीठ मां कामाख्या देवी मंदिर पर तीसरे वर्ष विधायक रामचंद्र यादव की अगुवाई में 261 मीटर लंबी चुनरी यात्रा ग्राम हरिहरपुर से मंगलवार को निकाली गई। यात्रा हजारों श्रद्धालुओं के साथ सिद्धपीठ माँ कामाख्या देवी मंदिर पहुंची। जहां विधिवत पूजा पाठ के बाद चुनरी माता को अर्पित की गई।</p>
<p>चुनरी यात्रा हरिहरपुर से सामाजिक कार्यकर्ता आलोक चन्द्र यादव द्वारा पूजा अर्चना के बाद शुरू हुई। श्री हंस इंटर कॉलेज व सरजू प्रसाद स्मारक विद्यालय की छात्राओं ने डांडिया व गरबा की प्रस्तुति दी। चुनरी यात्रा के उपरांत को 101 देवियों स्वरूप में आई कन्याओं के पैर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/497550/pregnant-child-walked-one-and-a-half-kilometers-groaning-with"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/माता-की-चुनर.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रुदौली अयोध्या/अमृत विचार </strong>: सिद्धपीठ मां कामाख्या देवी मंदिर पर तीसरे वर्ष विधायक रामचंद्र यादव की अगुवाई में 261 मीटर लंबी चुनरी यात्रा ग्राम हरिहरपुर से मंगलवार को निकाली गई। यात्रा हजारों श्रद्धालुओं के साथ सिद्धपीठ माँ कामाख्या देवी मंदिर पहुंची। जहां विधिवत पूजा पाठ के बाद चुनरी माता को अर्पित की गई।</p>
<p>चुनरी यात्रा हरिहरपुर से सामाजिक कार्यकर्ता आलोक चन्द्र यादव द्वारा पूजा अर्चना के बाद शुरू हुई। श्री हंस इंटर कॉलेज व सरजू प्रसाद स्मारक विद्यालय की छात्राओं ने डांडिया व गरबा की प्रस्तुति दी। चुनरी यात्रा के उपरांत को 101 देवियों स्वरूप में आई कन्याओं के पैर धोए गए। सामाजिक कार्यकर्ता आलोक चंद्र यादव, दिनेश यादव, डॉक्टर दयाराम यादव, विकास वीर यादव, राज यादव समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 08 Oct 2024 20:35:30 +0530</pubDate>
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