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                <title>Leopard caught - Amrit Vichar</title>
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                <description>Leopard caught RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Lakhimpur kheri: बाघ के लिए लगाए गए पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ...कतर्नियाघाट जंगल में छोड़ा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संपूर्णानगर, अमृत विचार।</strong> वृंदावन कॉलोनी क्षेत्र में बाघ को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में मंगलवार की रात एक तेंदुआ कैद हो गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सुरक्षित ट्रॉली में लादकर वन रेंज कार्यालय पहुंचाया, जहां से उसे उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कतर्नियाघाट जंगल में छोड़ दिया गया।</p>
<p>कुछ दिनों पहले वृंदावन कॉलोनी में गन्ने के खेत में घुसे बाघ ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद से क्षेत्र में लगातार बाघ और तेंदुए की सक्रियता बनी हुई है। इसी खतरे को देखते हुए वन विभाग ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560455/leopard-trapped-in-cage-meant-for-tiger----released-in-katarniaghat-forest"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/tendua3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संपूर्णानगर, अमृत विचार।</strong> वृंदावन कॉलोनी क्षेत्र में बाघ को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में मंगलवार की रात एक तेंदुआ कैद हो गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को सुरक्षित ट्रॉली में लादकर वन रेंज कार्यालय पहुंचाया, जहां से उसे उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कतर्नियाघाट जंगल में छोड़ दिया गया।</p>
<p>कुछ दिनों पहले वृंदावन कॉलोनी में गन्ने के खेत में घुसे बाघ ने एक बुजुर्ग पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। घटना के बाद से क्षेत्र में लगातार बाघ और तेंदुए की सक्रियता बनी हुई है। इसी खतरे को देखते हुए वन विभाग ने घटना स्थल के पास गन्ने के खेतों में पिंजरा लगाया था। साथ ही ट्रैप कैमरे भी लगाए गए थे। उसमें शिकार के लिए बकरी बांधी गई थी।</p>
<p>मंगलवार की देर रात शिकार की तलाश में तेंदुआ पिंजरे तक पहुंच गया और उसमें कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की सूचना मिलते ही वन अफसर और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। तमाम ग्रामीणों की मदद से ट्रॉली में लादकर सुरक्षित उसे वन कार्यालय लाया गया, जहां पशु चिकित्सकों ने उसके स्वास्थ्य का परीक्षण किया, जिसमें वह पूरी तरह से स्वस्थ्य मिला। इस पर अफसरों के निर्देश पर तेंदुए को कतर्नियाघाट जंगल में ले जाकर छोड़ा गया है। वन क्षेत्राधिकारी ललित कुमार ने बताया कि पिंजरे में तेंदुआ कैद हुआ है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उसे कतर्नियाघाट जंगल में छोड़ दिया गया है। बाघ की तलाश और निगरानी जारी है।</p>
<p><strong>बार-बार फिसलता रहा बाघ</strong><br />संपूर्णानगर क्षेत्र में एक वर्ष से कई बार बाघ और तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जा चुके हैं, पर वन विभाग को सफलता नहीं मिली। दो बार बाघ को ट्रैंक्यूलाइज करने की अनुमति भी मिली, लेकिन हर बार बाघ मौके से निकल भागा और प्रयास विफल रहे। मंगलवार की रात पहली बार पिंजरे में तेंदुआ कैद होने से विभाग को सफलता मिली, हालांकि पिंजरा बाघ के लिए लगाया गया था, लेकिन वह पास नहीं आया।</p>
<p><strong>अभी भी खेतों में घूम रहा है बाघ</strong><br />स्थानीय लोगों के अनुसार बाघ अब भी खेतों और जंगल के बीच आवागमन कर रहा है। वह लगातार अपनी जगह बदल रहा है। कभी कभी जंगल में तो कभी आस-पास के गन्ने के खेतों में दिखाई दे जाता है। इससेग्रामीणों में दहशत बनी हुई है और बाघ देखे जाने की सूचनाएं अब भी लगातार मिल रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/560455/leopard-trapped-in-cage-meant-for-tiger----released-in-katarniaghat-forest</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 18:21:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: हाफिजगंज की बंद फैक्ट्री से पकड़ा तेंदुआ...एक महीने से खेल रहा था आंख-मिचौली</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>हाफिजगंज इलाके में बीते एक माह से तेंदुए की दहशत ने लोगों को परेशान कर रखा था। तेंदुए के वीडियो लगातार वायरल हो रहे थे मगर वन विभाग तमाम कोशिशों के बाद भी उसे पकड़ने में नाकाम रहा। अब मंगलवार की देर रात तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। बुधवार सुबह लोगों को इसकी जानकारी हुई तो राहत की सांस ली।</p>
<p>दरअसल हाफिजगंज में बंद पड़ी खेतान फैक्ट्री में सबसे पहले तेंदुए का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद कई बार तेंदुए को खेतान फैक्ट्री के अलावा खेतों और सड़क पर देखा गया। माना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548116/the-leopard-caught-from-the-closed-factory-of-bareilly-hafizganj"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/जुलाई.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>हाफिजगंज इलाके में बीते एक माह से तेंदुए की दहशत ने लोगों को परेशान कर रखा था। तेंदुए के वीडियो लगातार वायरल हो रहे थे मगर वन विभाग तमाम कोशिशों के बाद भी उसे पकड़ने में नाकाम रहा। अब मंगलवार की देर रात तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। बुधवार सुबह लोगों को इसकी जानकारी हुई तो राहत की सांस ली।</p>
<p>दरअसल हाफिजगंज में बंद पड़ी खेतान फैक्ट्री में सबसे पहले तेंदुए का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद कई बार तेंदुए को खेतान फैक्ट्री के अलावा खेतों और सड़क पर देखा गया। माना गया कि तेंदुआ ने फैक्ट्री के अंदर ही डेरा डाल रखा है। लोग इतने दहशत में थे कि अकेले खेतों पर जाना बंद कर दिया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने पिंजरा और कैमरे लगाए थे। मगर तेंदुआ की लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही थी।</p>
<p>वन विभाग की टीम ने खेतान फैक्ट्री के अंदर भी पिंजरा लगाया था। मंगलवार की रात बंद पड़ी खेतान फैक्ट्री में लगाए गए वन विभाग के पिंजरे में तेंदुआ फंस गया। सुबह तेंदुआ पकड़े जाने की जानकारी हुई तो सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए। तेंदुए रेस्क्यू हो जाने के बाद वन विभाग की टीम अब उसे जंगल में छोड़ने की तैयारी कर रही है।</p>
<p>तेंदुआ ने फैक्ट्री के चौकीदार को के अलावा एक किसान को भी घायल कर दिया था। पंडरी नौमहला के किसान नारायनदास खेत पर खाद लगाने गए थे जहां तेंदुआ ने उनको निशाना बनाया था। किसान पर हमले के बाद से लोग और भी ज्यादा डर गए थे। वन विभाग के खिलाफ भी आक्रोश था। मगर अब लोगों ने राहत की सांस ली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 10:57:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी: पूर्व विधायक के आवास पर चहलकदमी करने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखीमपुर खीरी, अमृत विचार।</strong> दुधवा टाइगर बफरजोन के वन रेंज धौरहरा के बेल्तुआ गांव में पूर्व विधायक के आवास के पास चहलकदमी करने वाले तेंदुआ को वन विभाग ने पिजरे में कैद कर लिया। तेंदुआ करीब एक माह से कुत्ते और लावारिस पशुओं का शिकार कर रहा था।<br />  <br />दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन वन रेंज धौरहरा के बेल्तुआ गांव स्थिति भाजपा पूर्व विधायक बाला प्रसाद अवस्थी के आवास पर तेंदुआ चहलकदमी करता हुआ तीन दिन पहले कैमरे में कैद हुआ था। वन विभाग इस तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार बीस दिन से पिंजरा और नाइट विजन कैमरे लगाकर रेस्क्यू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548119/lakhimpur-kheri-imprisoned-leopard-cage-at-the-residence-of-former"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/लखीमपुर-तेंदुआ.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखीमपुर खीरी, अमृत विचार।</strong> दुधवा टाइगर बफरजोन के वन रेंज धौरहरा के बेल्तुआ गांव में पूर्व विधायक के आवास के पास चहलकदमी करने वाले तेंदुआ को वन विभाग ने पिजरे में कैद कर लिया। तेंदुआ करीब एक माह से कुत्ते और लावारिस पशुओं का शिकार कर रहा था।<br /> <br />दुधवा टाइगर रिजर्व के बफरजोन वन रेंज धौरहरा के बेल्तुआ गांव स्थिति भाजपा पूर्व विधायक बाला प्रसाद अवस्थी के आवास पर तेंदुआ चहलकदमी करता हुआ तीन दिन पहले कैमरे में कैद हुआ था। वन विभाग इस तेंदुए को पकड़ने के लिए लगातार बीस दिन से पिंजरा और नाइट विजन कैमरे लगाकर रेस्क्यू अभियान चला रहा था। हलाकि इस तेंदुए ने कोई जन हानि नहीं की थी।</p>
<p>बस यह लगातार कुत्तों और लावारिस पशुओं का शिकार कर रहा था। इधर कुछ दिनों से पूर्व विधायक के आवास पर आ रहा है। डीएफओ सौरीश सहाय ने बताया कि रेस्क्यू टीम में तेंदुए को पिंजरे में कैद कर रेंज आफिस लाई है, इसकी उम्र करीब 03 वर्ष का मादा है। यह रेस्क्यू अभियान करीब 25 दिन से चल रहा था। डाक्टर टीम परीक्षण के बाद इसे जंगल में छोड़ा जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 10:41:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजनौर : वन विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर पकड़ा गुलदार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बिजनौर, अमृत विचार।</strong> जनपद बिजनौर के शेरकोट थाना क्षेत्र में गुलदार आखिरकार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार आए दिन छुट्टा पशुओं को अपना निवाला बना रहा था और ग्रामीणों में दहशत का माहौल था।</p>
<p>वन विभाग ने चार दिन पहले ग्राम शहजादपुर में बंद पड़े एक ईंट भट्ठे के निकट पिंजरा लगाया था। शुक्रवार की रात किसी समय गुलदार पिंजरे में फंस गया जिसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को वीके अफजलगढ़ को दी। वन दरोगा सुनील कुमार राजौरा अपनी टीम के साथ मौके पर पंहुंचे और गुलदार को ले गए। उन्होंने बताया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/540248/bijnor-forest-department-team-caught-a-cage-and-caught-guldar"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/552.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बिजनौर, अमृत विचार।</strong> जनपद बिजनौर के शेरकोट थाना क्षेत्र में गुलदार आखिरकार वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। गुलदार आए दिन छुट्टा पशुओं को अपना निवाला बना रहा था और ग्रामीणों में दहशत का माहौल था।</p>
<p>वन विभाग ने चार दिन पहले ग्राम शहजादपुर में बंद पड़े एक ईंट भट्ठे के निकट पिंजरा लगाया था। शुक्रवार की रात किसी समय गुलदार पिंजरे में फंस गया जिसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को वीके अफजलगढ़ को दी। वन दरोगा सुनील कुमार राजौरा अपनी टीम के साथ मौके पर पंहुंचे और गुलदार को ले गए। उन्होंने बताया कि गुलदार नर है और उसकी उम्र लगभग चार वर्ष है। गुलदार के स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे अधिकारियों के आदेश पर उनके बताए स्थान पर छोड़ा जाएगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/539858/two-youths-injured-in-bijnor-accidents">बिजनौर : दुर्घटनाओं में दो की मौत, दो युवक घायल</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बिजनौर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/540248/bijnor-forest-department-team-caught-a-cage-and-caught-guldar</link>
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                <pubDate>Sat, 31 May 2025 17:27:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी: पिंजड़े से निकलते ही दुधवा जंगल में आंखों से ओझल हुआ तेंदुआ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पलियाकलां, अमृत विचार। </strong>निघासन थाना क्षेत्र के ग्राम चखरा मुंशीगढ़ में पकड़ा गया तेंदुआ शनिवार को दुधवा पार्क के जंगल में छोड़ दिया गया। वह पिंजड़े से निकलते ही वन कर्मियों की आंखों से ओझल हो गया। </p>
<p>निघासन थाना क्षेत्र के कई ग्रामों में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ शुक्रवार को मुंशीगढ़, चखरा गांव में वन विभाग द्वारा रखे गए एक पिंजड़े में कैद हो गया था। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पशु चिकित्सकों की टीम ने पहले उसके स्वास्थ्य का परीक्षण किया और इसके बाद उसे खाने के लिए बकरे के मांस आदि के टुकड़े व पीने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/506693/lakhimpur-kheri-leopard-disappeared-from-sight-in-dudhwa-forest-as"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/तेंदुआ.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पलियाकलां, अमृत विचार। </strong>निघासन थाना क्षेत्र के ग्राम चखरा मुंशीगढ़ में पकड़ा गया तेंदुआ शनिवार को दुधवा पार्क के जंगल में छोड़ दिया गया। वह पिंजड़े से निकलते ही वन कर्मियों की आंखों से ओझल हो गया। </p>
<p>निघासन थाना क्षेत्र के कई ग्रामों में आतंक का पर्याय बना तेंदुआ शुक्रवार को मुंशीगढ़, चखरा गांव में वन विभाग द्वारा रखे गए एक पिंजड़े में कैद हो गया था। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पशु चिकित्सकों की टीम ने पहले उसके स्वास्थ्य का परीक्षण किया और इसके बाद उसे खाने के लिए बकरे के मांस आदि के टुकड़े व पीने के लिए स्वच्छ पानी दिया गया। इसके बाद उसे शनिवार को दुधवा टाइगर रिजर्व पहुंचाया गया। जहां कोर एरिया के घने जंगल में ले जाकर उसे छोड़ दिया गया। वनकर्मियों ने जैसे ही पिंजड़ा खोला, तेंदुआ घने जंगल में तेजी से भागकर आंखों से ओझल हो गया। उधर  तेंदुआ पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों व क्षेत्र के वन कर्मियों ने चैन की सांस ली है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 19:06:03 +0530</pubDate>
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