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                <title>Sambhal Violence - Amrit Vichar</title>
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                <description>Sambhal Violence RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>संभल हिंसा मामला: पुलिस अफसरों पर एफआईआर के आदेश को चुनौती की याचिका पर सुनवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता,प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार और एएसपी अनुज चौधरी की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की, जिनमें संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) द्वारा नवंबर, 2024 की हिंसा के संबंध में एएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ के समक्ष हुई। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभान्शु सुधीर ने पिछले महीने घायल युवक के पिता यामीन की अर्जी पर पारित किया गया था।</p>
<p>उक्त आदेश पारित होने के लगभग एक सप्ताह बाद संबंधित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570676/hearing-on-the-petition-challenging-the-order-of-fir-against-police-officers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/adalat4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता,प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार और एएसपी अनुज चौधरी की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की, जिनमें संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) द्वारा नवंबर, 2024 की हिंसा के संबंध में एएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ के समक्ष हुई। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभान्शु सुधीर ने पिछले महीने घायल युवक के पिता यामीन की अर्जी पर पारित किया गया था।</p>
<p>उक्त आदेश पारित होने के लगभग एक सप्ताह बाद संबंधित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का तबादला सुल्तानपुर कर दिया गया। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने राज्य की ओर से बताया कि मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175 के तहत निर्धारित अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया और कानून की सीमाओं का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि धारा 175(4) लोक सेवकों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों से संबंधित मामलों में तुच्छ या उत्पीड़न आपराधिक कार्यवाही से बचाने के लिए दो-चरणीय प्रक्रिया अनिवार्य है, जैसे- वरिष्ठ अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त करना, घटना की परिस्थितियों के संबंध में संबंधित लोक सेवक के कथनों पर विचार करना। महाधिवक्ता ने यह भी बताया कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी से रिपोर्ट तो मंगाई गई, लेकिन उस पर विचार नहीं किया गया और आदेश में उसका उल्लेख तक नहीं है।</p>
<p>राज्य ने यह भी तर्क दिया कि शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में प्रारंभिक स्तर पर थाने में शिकायत करने का उल्लेख नहीं किया, जबकि यह विधि के तहत अपेक्षित शर्त है, साथ ही पुलिस रिपोर्ट में यह उल्लेख था कि घटना के संबंध में पहले से मामला दर्ज कर जांच की जा रही है, लेकिन उसे भी नज़रअंदाज़ कर दिया गया। राज्य की ओर से यह भी रेखांकित किया गया कि बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत मजिस्ट्रेट को यह अधिकार है कि यदि आरोप प्रथमदृष्टया निराधार, असंगत या अत्यंत असंभावित हों तो आवेदन खारिज कर सकते हैं। समता भाव के कारण मामले की सुनवाई अगले दिन के लिए स्थगित कर दी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 14:01:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संभल हिंसा मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के आदेश को चुनौती, सुनवाई जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार और एएसपी अनुज चौधरी की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की, जिनमें संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) द्वारा नवंबर, 2024 की हिंसा के संबंध में एएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ के समक्ष हुई। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभान्शु सुधीर ने पिछले महीने घायल युवक के पिता यामीन की अर्जी पर पारित किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि हिंसा के दौरान पुलिस ने उनके बेटे पर जान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570619/the-order-to-file-an-fir-against-police-officers-in-the-sambhal-violence-case-has-been-challenged--the-hearing-is-ongoing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/इलाहाबाद-हाईकोर्ट-प्रयागराज-(1)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार और एएसपी अनुज चौधरी की याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की, जिनमें संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) द्वारा नवंबर, 2024 की हिंसा के संबंध में एएसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश को चुनौती दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ के समक्ष हुई। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभान्शु सुधीर ने पिछले महीने घायल युवक के पिता यामीन की अर्जी पर पारित किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि हिंसा के दौरान पुलिस ने उनके बेटे पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि उक्त आदेश पारित होने के लगभग एक सप्ताह बाद संबंधित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का तबादला सुल्तानपुर कर दिया गया। अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने राज्य की ओर से बताया कि मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175 के तहत निर्धारित अनिवार्य प्रक्रिया का पालन नहीं किया और “कानून की सीमाओं का उल्लंघन” किया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि धारा 175(4) लोक सेवकों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों से संबंधित मामलों में तुच्छ या उत्पीड़न आपराधिक कार्यवाही से बचाने के लिए दो-चरणीय प्रक्रिया अनिवार्य है, जैसे- वरिष्ठ अधिकारी से रिपोर्ट प्राप्त करना, घटना की परिस्थितियों के संबंध में संबंधित लोक सेवक के कथनों पर विचार करना।</p>
<p style="text-align:justify;">महाधिवक्ता ने यह भी बताया कि इस मामले में वरिष्ठ अधिकारी से रिपोर्ट तो मंगाई गई, लेकिन उस पर विचार नहीं किया गया और आदेश में उसका उल्लेख तक नहीं है। राज्य ने यह भी तर्क दिया कि शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में प्रारंभिक स्तर पर थाने में शिकायत करने का उल्लेख नहीं किया, जबकि यह विधि के तहत अपेक्षित शर्त है, साथ ही पुलिस रिपोर्ट में यह उल्लेख था कि घटना के संबंध में पहले से मामला दर्ज कर जांच की जा रही है, लेकिन उसे भी नज़रअंदाज़ कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य की ओर से यह भी रेखांकित किया गया कि बीएनएसएस की धारा 175(3) के तहत मजिस्ट्रेट को यह अधिकार है कि यदि आरोप प्रथमदृष्टया निराधार, असंगत या अत्यंत असंभावित हों तो आवेदन खारिज कर सकते हैं। समता भाव के कारण मामले की सुनवाई अगले दिन के लिए स्थगित कर दी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 19:29:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: संभल हिंसा मामले में मोहम्मद आलम को मिली सशर्त अग्रिम जमानत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता,प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल हिंसा से जुड़े मामले में मोहम्मद आलम को 25 फरवरी, 2026 तक सशर्त अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान की है। कोर्ट ने 50,000 रुपए के व्यक्तिगत मुचलके तथा समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर याची को रिहा करने का निर्देश दिया। उक्त आदेश न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने दिया, साथ ही राज्य सरकार से मामले में जवाबी हलफनामा भी मांगा है।</p>
<p>मालूम हो कि संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आलम के पिता की याचिका पर कथित पुलिस फायरिंग के आरोप में कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569272/mohammad-alam-has-been-granted-conditional-anticipatory-bail-in-the-sambhal-violence-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/adakat.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता,प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संभल हिंसा से जुड़े मामले में मोहम्मद आलम को 25 फरवरी, 2026 तक सशर्त अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान की है। कोर्ट ने 50,000 रुपए के व्यक्तिगत मुचलके तथा समान राशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर याची को रिहा करने का निर्देश दिया। उक्त आदेश न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकलपीठ ने दिया, साथ ही राज्य सरकार से मामले में जवाबी हलफनामा भी मांगा है।</p>
<p>मालूम हो कि संभल के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आलम के पिता की याचिका पर कथित पुलिस फायरिंग के आरोप में कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे। बता दें कि आलम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आलम निर्दोष है। प्रारंभिक एफआईआर में उसका नाम नहीं था और उसे पुलिस फायरिंग में गोली लगने से चोट आई थी, जिसके लिए उसका उपचार कराया गया। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में तर्क दिया कि आलम को पुलिस फायरिंग से कोई गोली लगने की चोट नहीं आई, जबकि बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए अग्रिम जमानत की मांग की। राज्य की ओर से एजीए रूपक चौबे ने जमानत याचिका का विरोध किया और जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।</p>
<p>गौरतलब है कि आलम के पिता यामीन की याचिका पर सीजेएम विभान्शु सुधीर ने बीएनएसएस की धारा 173(4) के तहत पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था। अपने 11 पृष्ठ के आदेश में सीजेएम ने कहा था कि पुलिस आपराधिक कृत्यों के लिए ‘आधिकारिक कर्तव्य’ की आड़ नहीं ले सकती और किसी व्यक्ति पर गोली चलाना आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन नहीं माना जा सकता। </p>
<p>न्यायालय ने पुलिस रिपोर्ट को संदिग्ध बताते हुए उसे चिकित्सा साक्ष्य के विपरीत पाया, जिसमें गोली लगने के घाव और दंगे के दौरान पुलिस फायरिंग का स्पष्ट उल्लेख था। याचिका के अनुसार घटना के समय आलम संभल के कोट मोहल्ले में जामा मस्जिद के पास ठेला लगाकर रस्क और बिस्कुट बेच रहे थे, जब कथित तौर पर पुलिस ने भीड़ पर फायरिंग की। याचिका में संभल सर्कल अधिकारी अनुज चौधरी और कोतवाली प्रभारी अनुज कुमार तोमर को नामित किया गया था। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध पाए जाने के आधार पर निष्पक्ष जांच को आवश्यक बताया था।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569272/mohammad-alam-has-been-granted-conditional-anticipatory-bail-in-the-sambhal-violence-case</link>
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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 08:04:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संभल हिंसा मामले में आरोपी मोहम्मद आलम को हाईकोर्ट से मिली अंतरिम अग्रिम जमानत </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने संभल हिंसा मामले में आरोपी मोहम्मद आलम को मंगलवार को अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी। आलम के पिता की शिकायत पर ही तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने नौ जनवरी को तत्कालीन क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी समेत कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ नवंबर, 2024 हिंसा के दौरान कथित तौर पर गोली चलाने के लिए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने मोहम्मद आलम को 25 फरवरी, 2026 तक के लिए अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान की और राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा। आलम के खिलाफ संभल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569200/mohammad-alam--an-accused-in-the-sambhal-violence-case--has-been-granted-interim-anticipatory-bail-by-the-high-court"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/हाईकोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने संभल हिंसा मामले में आरोपी मोहम्मद आलम को मंगलवार को अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी। आलम के पिता की शिकायत पर ही तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत ने नौ जनवरी को तत्कालीन क्षेत्राधिकारी अनुज चौधरी समेत कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ नवंबर, 2024 हिंसा के दौरान कथित तौर पर गोली चलाने के लिए प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति जितेंद्र कुमार सिन्हा ने मोहम्मद आलम को 25 फरवरी, 2026 तक के लिए अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान की और राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को कहा। आलम के खिलाफ संभल के एक पुलिस थाना में बीएनएस की धारा 191(3) (घातक हथियार से दंगा), धारा 109(1) (हत्या का प्रयास), धारा 121 (सरकारी कर्मचारी को हतोत्साहित करने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना), धारा 132 (लोक सेवक पर हमला) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">यद्यपि याचिकाकर्ता के पिता ने सीजेएम की अदालत के समक्ष दलील दी थी कि उनका बेटा बिना उकसावे के पुलिस गोलीबारी का शिकार हुआ, राज्य सरकार के वकील ने उच्च न्यायालय में दलील दी कि आलम को पुलिस गोलीबारी में कोई गोली नहीं लगी। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि आलम निर्दोष है और उसे गिरफ्तार किए जाने की आशंका है। उसके खिलाफ अपराध का कोई मामला नहीं बनता और शुरुआती प्राथमिकी में वह नामजद नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;">यह दलील भी दी गई कि याचिकाकर्ता को इस कथित घटना में गोली लगी जिसका इलाज किया गया। वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता मुकदमे के दौरान सहयोग करेगा और जब भी जरूरत पड़ेगी, वह जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होगा। दूसरी ओर, राज्य सरकार के वकील ने जमानत याचिका का विरोध किया और जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए कुछ मोहलत मांगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Jan 2026 21:34:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संभल हिंसा मामलाः CJM का ट्रांसफर रद्द हो... ASP के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग उठी, हजरतगंज में छात्र संगठनों का प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार :</strong> संभल हिंसा में कथित फर्जी एनकाउंटर के मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में ट्रांसफर किए गए सीजेएम विभांशु सुधीर का ट्रांसफर रद्द और एएसपी अनुज चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।</span></p>
<p style="text-align:justify;">हजरतगंज चौराहे पर गुरुवार को एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष अहमद रजा खान, प्रिंस प्रकाश, शुभम खरवार सहित समाजवादी छात्र सभा से जीतू कश्यप, ममता शर्मा, राज सहानी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568743/sambhal-violence-case--cjm-s-transfer-cancelled--demands-for-fir-against-asp--student-organisations-protest-in-hazratganj"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(10)12.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार :</strong> संभल हिंसा में कथित फर्जी एनकाउंटर के मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में ट्रांसफर किए गए सीजेएम विभांशु सुधीर का ट्रांसफर रद्द और एएसपी अनुज चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करते हुए एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा ने विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।</span></p>
<p style="text-align:justify;">हजरतगंज चौराहे पर गुरुवार को एनएसयूआई और समाजवादी छात्र सभा ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष अहमद रजा खान, प्रिंस प्रकाश, शुभम खरवार सहित समाजवादी छात्र सभा से जीतू कश्यप, ममता शर्मा, राज सहानी और एनएसएफ के मोहम्मद साद प्रमुख रूप से मौजूद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">मालूम हो कि संभल हिंसा में कथित फर्जी एनकाउंटर के मामले में सीजेएम विभांशु सुधीर ने एएसपी अनुज चौधरी के खिलाफ एक सप्ताह के भीतर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसे तत्कालीन एसपी ने अवैध बताते हुए मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद सरकार द्वारा सीजेएम विभांशु सुधीर का ट्रांसफर कर दिया गया, जिसे न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला बताया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>संभल</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568743/sambhal-violence-case--cjm-s-transfer-cancelled--demands-for-fir-against-asp--student-organisations-protest-in-hazratganj</link>
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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 09:46:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP : अनुज चौधरी सहित पुलिस कर्मियों पर एफआईआर का आदेश देने वाले जज का तबादला</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> चर्चित संभल हिंसा प्रकरण में युवक आलम को गोली लगने के मामले में चर्चित अपर पुलिस अधीक्षक अनुज चौधरी व करीब 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर का तबादला कर दिया गया है। </p>
<p>उनके स्थान पर सीनियर डिवीजन सिविल जज चंदौसी आदित्य सिंह को संभल का नया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। चर्चित एएसपी अनुज चौधरी सहित करीब 20 पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज करने के आदेश मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट ने दिए थे। युवक आलम के पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेएम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568519/the-judge-who-ordered-the-filing-of-an-fir-against-police-officers--including-anuj-chaudhary--has-been-transferred"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/adalat3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> चर्चित संभल हिंसा प्रकरण में युवक आलम को गोली लगने के मामले में चर्चित अपर पुलिस अधीक्षक अनुज चौधरी व करीब 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने वाले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर का तबादला कर दिया गया है। </p>
<p>उनके स्थान पर सीनियर डिवीजन सिविल जज चंदौसी आदित्य सिंह को संभल का नया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। चर्चित एएसपी अनुज चौधरी सहित करीब 20 पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज करने के आदेश मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट ने दिए थे। युवक आलम के पिता द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेएम ने मामले में मुकदमा दर्ज करने का निर्णय दिया था, जिसके बाद से प्रकरण लगातार चर्चा में बना हुआ है। </p>
<p>न्यायिक प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सीजेएम विभांशु सुधीर के तबादले के साथ ही संभल न्यायालय की जिम्मेदारी अब आदित्य सिंह संभालेंगे। उनके कार्यभार ग्रहण करने के बाद संबंधित मामलों की आगे की सुनवाई उनके समक्ष होगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568519/the-judge-who-ordered-the-filing-of-an-fir-against-police-officers--including-anuj-chaudhary--has-been-transferred</link>
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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 09:07:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: संभल हिंसा...न्यायालय में एसपी के हुए बयान, 140 सवालों के दिए जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> जामा मस्जिद सर्वे के दौरान संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा पथराव व फायरिंग से जुड़े मुकदमे में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के बयान सोमवार को जिला न्यायालय में दर्ज किए गए। एडीजे पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह की अदालत में एसपी बयान दर्ज कराने के लिए करीब छह घंटे तक अदालत में मौजूद रहे। इस दौरान अभियुक्त पक्ष की ओर से उनसे 140 से अधिक सवाल पूछे गए।</p>
<p>सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई जिला न्यायालय परिसर पहुंचे। थाना नखासा में दर्ज मुकदमा अपराध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567588/sambhal-violence----the-sp-gave-his-statement-in-court--answering-140-questions"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/hinsa.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> जामा मस्जिद सर्वे के दौरान संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के दौरान भीड़ द्वारा पथराव व फायरिंग से जुड़े मुकदमे में पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के बयान सोमवार को जिला न्यायालय में दर्ज किए गए। एडीजे पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह की अदालत में एसपी बयान दर्ज कराने के लिए करीब छह घंटे तक अदालत में मौजूद रहे। इस दौरान अभियुक्त पक्ष की ओर से उनसे 140 से अधिक सवाल पूछे गए।</p>
<p>सोमवार दोपहर करीब 12 बजे एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई जिला न्यायालय परिसर पहुंचे। थाना नखासा में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 304/2024 में उनके बयान दर्ज किए गए। अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता जकी अनवर, आफताब हुसैन, कमर हुसैन, जमाल पाशा और मसूद अली फारुखी ने जिरह की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि हिंसा के दौरान एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और उनके पीआरओ सहित अन्य पुलिस कर्मियों पर फायरिंग की गई थी। </p>
<p>इस घटना में एसपी के पैर में छर्रे लगे थे। 24 नवंबर 2024 को एसपी के पीआरओ संजीव कुमार की तहरीर पर थाना नखासा में 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 191(2), 191(3), 190, 109(1), 121(1), 132, 223 एवं आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले की जांच कर रही एसआईटी अब तक 25 से अधिक अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें से कई की न्यायालय से जमानत हो चुकी है। </p>
<p>इसी मामले का ट्रायल अब अदालत में शुरू हुआ है। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि संभल हिंसा से जुड़े मुकदमें में वह अपने बयान दर्ज कराने के लिए अदालत के सामने गए थे। न्यायालय में अभियुक्तों के अधिवक्ताओं द्वारा उनसे 140 से अधिक सवाल पूछे गए। उन्होंने 24 नवंबर 2024 को घटनास्थल पर जो कुछ देखा और जो परिस्थितियां रहीं, उनके संबंध में न्यायालय के समक्ष विस्तृत बयान दिए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567588/sambhal-violence----the-sp-gave-his-statement-in-court--answering-140-questions</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/567588/sambhal-violence----the-sp-gave-his-statement-in-court--answering-140-questions</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 07:00:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संभल हिंसा को एक साल : पुलिस-प्रशासन अलर्ट...डीएम ने शहर को 16 सेक्टर में बांटकर मजिस्ट्रेट किये तैनात</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> संभल में बीते हुई हिंसा की घटना को आज एक वर्ष पूरा हो गया। हिंसा का एक साल पूरा होने के दिन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं। असामाजिक तत्वों पर निगरानी के साथ ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। विवादित धार्मिक स्थल से लेकर शहर के संवेदनशील इलाकों तक पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम मजबूत कर दिए हैं। जिलाधिकारी ने संभल शहर को 16 सेक्टर में बांटकर सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किये हैं। विवादित परिसर के आसपास ड्राेन से निगरानी की जा रही है। वहीं पूरे शहर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560985/one-year-since-the-sambhal-violence--police-and-administration-are-on-alert----dm-has-divided-the-city-into-16-sectors-and-deployed-magistrates"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/hinsa.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> संभल में बीते हुई हिंसा की घटना को आज एक वर्ष पूरा हो गया। हिंसा का एक साल पूरा होने के दिन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये हैं। असामाजिक तत्वों पर निगरानी के साथ ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। विवादित धार्मिक स्थल से लेकर शहर के संवेदनशील इलाकों तक पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा इंतजाम मजबूत कर दिए हैं। जिलाधिकारी ने संभल शहर को 16 सेक्टर में बांटकर सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किये हैं। विवादित परिसर के आसपास ड्राेन से निगरानी की जा रही है। वहीं पूरे शहर के हालात पर सीसीटीवी से निगाह रखी जा रही है।</p>
<p>24 नवंबर 2024 को अदालत के आदेश पर जामा मस्जिद में सर्वे की कार्रवाई के दौरान सर्वे का विरोध करते हुए मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों की भीड़ सड़कों पर आ गई थी। इस दौरान पुलिस पर जमकर पथराव व फायरिंग की घटनाओं के साथ ही तोड़फोड़ व आगजनी भी की गई थी। इस हिंसा में गोली लगने से 4 लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा की घटना को लेकर जहां सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क व सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल सहित तमाम लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किये गये थे वहीं पुलिस ने जामा मस्जिद के सदर जफर अली सहित सौ से ज्यादा लोगों को हिंसा में शामिल होने के आरोप में जेल भेजा था। संभल हिंसा का मास्टरमाइंड दुबई में बैठे गैंगस्टर सारिक साठा को बताया गया था। शारिक की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद लेने की तैयारी की जा रही है। अब हिंसा की घटना को आज एक साल पूरा हो रहा है तो पुलिस प्रशासन ने संभल शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुख्ता इंतजाम किये हैं।</p>
<p><strong>विवादित परिसर के आसपास कड़ी सुरक्षा</strong><br />हिंसा का एक साल पूरा होने के मद्देनजर संभल में शांति व्यवस्था के लिए शहर में पुख्ता पुलिस प्रबंध किये जाने के साथ ही विवादित परिसर के आसपास बेहद सख्त इंतजाम किये गये हैं। यहां ड्रोन से निगरानी की जा रही है।</p>
<p>रविवार दोपहर करीब 1 बजे एएसपी उत्तरी कुलदीप सिंह भारी पुलिस फोर्स के साथ संभल कोतवाली क्षेत्र की सत्यव्रत पुलिस चौकी पहुंचे। यहां उन्होंने इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह और चौकी इंचार्ज आशीष तोमर के साथ सीसीटीवी कैमरों और कंट्रोल रूम का गहन निरीक्षण किया। इसके बाद जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सचिव मसूद फारूकी से बात की। पुलिस ने असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। एएसपी ने बताया कि 24 नवंबर को आरआरएफ,पीएसी व नागरिक पुलिस का विशेष डेप्लॉयमेंट किया गया है। कंट्रोल रूम में लगे सभी क्रियाशील कैमरों की जांच की गई है। इंतजामिया कमेटी द्वारा लगाए गए कैमरों की फीड भी चेक की गई है।</p>
<p> उन्होंने कहा कि ड्रोन की मदद से पूरे इलाके की निगरानी की जा रही है। सोशल मीडिया पर जिला स्तर से लेकर उच्च स्तर तक निगरानी रखी जा रही है। घटना से जुड़े करीब 24 लोगों को जमानत मिल चुकी है, पुलिस उनसे लगातार संपर्क में है और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। बाकी मामलों की प्रगति को भी मॉनिटर किया जा रहा है। इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली ने हिंदू और मुस्लिम समुदाय से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि 24 नवंबर को घटना का एक साल पूरा हो रहा है, और प्रशासन व कमेटी इस प्रयास में हैं कि कोई अप्रिय घटना न हो। सभी से सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/560985/one-year-since-the-sambhal-violence--police-and-administration-are-on-alert----dm-has-divided-the-city-into-16-sectors-and-deployed-magistrates</link>
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                <pubDate>Mon, 24 Nov 2025 09:01:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: दरोगा की मैगजीन व टियर गैस सेल लूटने वाला उपद्रवी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> संभल कोतवाली पुलिस ने 24 नवंबर की संभल हिंसा के दौरान दरोगा की पिस्टल की मैगजीन, पुलिस कर्मियों से टियर गैस सेल व कारतूस लूटने के आरोप में एक उपद्रवी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ दरोगा की ओर से नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी। संभल हिंसा में अब तक कुल 103 आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं।</p>
<p>सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान वसीम पुत्र नईम निवासी कोट गर्वी, कोतवाली संभल के रूप में हुई है। वह 24 नवंबर को हिंसा के दौरान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556609/the-miscreant-who-looted-the-magazine-and-tear-gas-cell-of-the-police-officer-was-arrested"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/arrest2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल, अमृत विचार।</strong> संभल कोतवाली पुलिस ने 24 नवंबर की संभल हिंसा के दौरान दरोगा की पिस्टल की मैगजीन, पुलिस कर्मियों से टियर गैस सेल व कारतूस लूटने के आरोप में एक उपद्रवी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ दरोगा की ओर से नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई थी। संभल हिंसा में अब तक कुल 103 आरोपित जेल भेजे जा चुके हैं।</p>
<p>सदर कोतवाली के इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार को गिरफ्तार किए गए अभियुक्त की पहचान वसीम पुत्र नईम निवासी कोट गर्वी, कोतवाली संभल के रूप में हुई है। वह 24 नवंबर को हिंसा के दौरान हुए पथराव में शामिल था। दरोगा संजीव कुमार द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में वसीम का नाम दर्ज था। पूछताछ में वसीम ने कबूल किया कि मस्जिद सर्वे की जानकारी मिलने पर वह अन्य लोगों के साथ जामा मस्जिद के पास पहुंचकर हिंसा में शामिल हुआ था। </p>
<p>वसीम पर आरोप है कि हिंसा के दौरान उसने अन्य उपद्रवियों के साथ मिलकर दरोगा संजीव कुमार की पिस्टल की मैगजीन लूट ली थी। इसके अलावा सिपाही कपिल कुमार के बैग से 29 टियर स्मोक सेल, सिपाही पंकज कुमार के बैग से 25 ब्लैंक कारतूस और 25 रबर बुलेट, तथा सिपाही राजपाल के बैग से 15 राउंड 12 बोर कारतूस लूटे गए थे। 19 नवंबर की शाम को जामा मस्जिद में पहले चरण का सर्वे हुआ और दूसरा चरण 24 नवंबर को किया गया। सर्वे के दौरान ही हजारों की भीड़ एकत्र हो गई और स्थिति बेकाबू हो गई। भीड़ ने पुलिस पर पथराव और फायरिंग शुरू कर दी थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि उपद्रवियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Oct 2025 07:14:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संभल हिंसा की रिपोर्ट में खुलासा, अपराधिक तत्वों पर चला डंडा तब हिंदुओं को हुआ भरोसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> योगी सरकार जब 2017 में आई, उसके बाद संभल से हिंदुओं का पलायन रुका। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रूख से जेहादियों का एजेंडा थमा और अपराधिक तत्वों पर न्याय का डंडा चलना शुरु हुआ। इसके बाद हिंदुओं को संभल में सुरक्षित रहने का भरोसा हुआ। सरकार ने 68 पौराणिक तीर्थ स्थल और 19 प्राचीन कूप को अवैध कब्जे से मुक्त कराए। साथ ही मस्जिद, मजार, कब्रिस्तान और मदरसों का अवैध कब्जा भी हटा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बातें संभल हिंसा की जांच करने वाले न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में है। कहा गया है कि आजादी के बाद से लगातार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551794/when-the-yogi-government-came-the-migration-of-hindus-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/योगी-सरकार.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> योगी सरकार जब 2017 में आई, उसके बाद संभल से हिंदुओं का पलायन रुका। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रूख से जेहादियों का एजेंडा थमा और अपराधिक तत्वों पर न्याय का डंडा चलना शुरु हुआ। इसके बाद हिंदुओं को संभल में सुरक्षित रहने का भरोसा हुआ। सरकार ने 68 पौराणिक तीर्थ स्थल और 19 प्राचीन कूप को अवैध कब्जे से मुक्त कराए। साथ ही मस्जिद, मजार, कब्रिस्तान और मदरसों का अवैध कब्जा भी हटा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बातें संभल हिंसा की जांच करने वाले न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में है। कहा गया है कि आजादी के बाद से लगातार हिंदुओं को पलायन के लिए विवश किया गया। हिंदुओं के घर दुकान कारोबार पर सत्ता के संरक्षण में अवैध कब्जे हुए। लेकिन मुख्यमंत्री के रूप में गद्दी संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पहली बार संभल के हिंदुओं के भरोसे को कायम किया। कहा गया है कि 2017 से पहले हिन्दुओं का पलायन, दंगों में हिंदुओं की हत्या और उनकी संपतियों को नुकसान पहुंचाना संभल की कड़वी सच्चाई थी। तुष्टिकरण की राजनीति, अवसरवादी नेताओं की जोडतोड़ और दंगों की साजिशों ने यहां के सामाजिक ताने-बाने को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन 2017 के बाद तस्वीर तेजी से बदली है। मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से स्थिति को गंभीरता से समझा, सर्वे कराया और अराजक तत्वों को जेल भेजा। दंगों से हिंदुओं के संहार की योजना को ध्वस्त किया। सख्त कानून व्यवस्था के साथ-साथ विकास योजनाओं का सिलसिला शुरु हुआ, जिसने लोगों के भीतर सुरक्षा और विश्वास की भावना जगाई। इन सब चीजों का नतीजा यह रहा कि संभल से हिंदुओं का पलायन रुका, कानून का इकबाल मजबूत हुई और दंगाई जेलों में भेजे गए। सुरक्षा को लेकर हिंदुओं का भरोसा जागा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>सांस्कृतिक धरोहरों का पुनरुद्धार सम्भल में नया अध्याय</strong></p>
<p style="text-align:justify;">भगवान कल्कि की नगरी संभल अपने पुराने गौरव को प्राप्त करने की दिशा में बढ़ता नजर आ रहा। वर्षों से छिन्न-भिन्न सांस्कृतिक धरोहरों का पुनरुद्धार संभल में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा सकता है। सम्भल के 68 पौराणिक तीर्थस्थलों और 19 प्राचीन कूपों को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई के साथ कल्कि अवतार मंदिर समेत कई प्राचीन धार्मिक स्थानों पर सर्वे और विकास कार्य चल रहे हैं। तीर्थों को उनके पुराने स्वरूप में लाने के लिए काम हो रहे। सम्भल में पिछले एक वर्ष के दौरान 68.942 हेक्टेयर भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई। जीरो टॉलरेंस का परिणाम रहा कि कुल 37 अवैध कब्जे हटाए। इसमें मस्जिद से 16, मजार से 12, कब्रिस्तान से 7 और मदरसा से 2 अतिक्रमण शामिल रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बिजली चोरी रोकने के अभियान से नई पहचान</strong></p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सरकार का कहना है कि राजनीतिक, धार्मिक और दबंग लोग ही नहीं, पूरा का पूरा मोहल्ला करोड़ों की बिजली चोरी करते पकड़ा गया। नतीजतन संभल में लाइन लॉस 82% से घटकर 18% पर आ गया और 84 करोड़ रुपये की राजकीय धनराशि की बचत हुई। बीमा माफिया पर हुई ऐतिहासिक कार्रवाई में 100 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा कर 67 लोगों को जेल भेजा गया। संभल में निर्यात में प्रदेश में 10वें स्थान पर पहुंच गया है और वितीय वर्ष 2024-25 में ₹2405 करोड़ का निर्यात किया गया है, जिसमें ''वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के तहत मेटेलिक, वुडन और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों का विशेष योगदान रहा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेंः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/551744/bollywood-is-the-launch-pad-of-new-fashion-movements-with-new-movies">बॉलीवुड नई फिल्मों के साथ नए फैशन मूवमेंट का लॉन्च पैड </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551794/when-the-yogi-government-came-the-migration-of-hindus-in</link>
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                <pubDate>Sun, 31 Aug 2025 19:03:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संभल हिंसा : सीएम योगी को सौंपी गई रिपोर्ट लीक, हुये चौंकाने वाले खुलासे </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>पश्चिमी यूपी के संभल में पिछले साल हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर 450 पन्ने की रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट अब लीक हो गई है। इसमें कई बड़े खुलासे हुये हैं। जिसमें वैश्विक आतंकियों की टॉप टेन लिस्ट में संभल का कनेक्शन समने आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">  कहा तो यहां तक जा रहा है कि संभल में हुई हिंसा कोई सामान्य दंगा नहीं था, इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों की साजिश थी। इन्ही आतंकी संगठनों का नेटवर्क यहां काम कर रहा था, जिसकी वजह से</p>
<p style="text-align:justify;">इतना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551570/sambhal-violence-submitted-to-cm-yogis-report-leaked-big-revelations"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/संजय-प्रसाद2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>पश्चिमी यूपी के संभल में पिछले साल हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर 450 पन्ने की रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट अब लीक हो गई है। इसमें कई बड़े खुलासे हुये हैं। जिसमें वैश्विक आतंकियों की टॉप टेन लिस्ट में संभल का कनेक्शन समने आया है।</p>
<p style="text-align:justify;"> कहा तो यहां तक जा रहा है कि संभल में हुई हिंसा कोई सामान्य दंगा नहीं था, इसके पीछे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों की साजिश थी। इन्ही आतंकी संगठनों का नेटवर्क यहां काम कर रहा था, जिसकी वजह से यहां हिंदू आबादी कम हुई और लव जिहाद ओर प्रायोजित हिंसा से आजिज आकर लोग पलायन को मजबूर हुये। रिपोर्ट में बताया गया है कि संभल को गजवा ए हिंद का प्रमुख अड्डा बनाये जाने की साजिश हो रही थी, जिसमें अलकायदा, तालिबान और आईएसआई का कनेक्शन भी सामने आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इतना ही नहीं रिपोर्ट में नेताओं और जिहादियों की गठजोड़ का आरोप लगा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थानीय नेताओं ने दंगाइयों को संरक्षण दिया। संरक्षण के चलते ही मंदिरों पर हमले, बच्चियों के साथ दुराचार कें गंभीर आरोप लगने के बाद भी एफआईआर तक दर्ज नहीं हुई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/551569/the-tea-spoon-is-outweighing-the-silver-spoon----keshav-maurya-took-a-dig-at-rahul-gandhi#gsc.tab=0">चांदी की चम्मच पर भारी पड़ रही चाय की चम्मच... केशव मौर्य ने राहुल गांधी पर कसा तंज</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551570/sambhal-violence-submitted-to-cm-yogis-report-leaked-big-revelations</link>
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                <pubDate>Fri, 29 Aug 2025 13:35:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : संभल हिंसा पर आयोग की रिपोर्ट...मुस्लिम उलमा ने एक पक्षीय बताकर किया खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> संभल हिंसा मामले में आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी। रिपोर्ट को लेकर अब मुस्लिम उलमा ने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इसा विरोध किया। उन्होंने कहा कि भारत का मुसलमान इस रिपोर्ट को खारिज करता है, क्योंकि ऐसा लगता है कि रिपोर्ट पक्षपात पूर्ण तरीके से तैयार की गई है।</p>
<p>आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने संभल की जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा को लेकर आयोग की रिपोर्ट पर कहा कि रिपोर्ट निष्पक्ष होनी चाहिए थी मगर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551494/commission-reported-on-bareilly-sambhal-violence-as-a-one-sided"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/शहाबुद्दीन2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> संभल हिंसा मामले में आयोग ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी। रिपोर्ट को लेकर अब मुस्लिम उलमा ने सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। बरेली के मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने इसा विरोध किया। उन्होंने कहा कि भारत का मुसलमान इस रिपोर्ट को खारिज करता है, क्योंकि ऐसा लगता है कि रिपोर्ट पक्षपात पूर्ण तरीके से तैयार की गई है।</p>
<p>आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने संभल की जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा को लेकर आयोग की रिपोर्ट पर कहा कि रिपोर्ट निष्पक्ष होनी चाहिए थी मगर ऐसा लग रहा है कि ये पक्षपाती है। उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट मे कहा गया है कि हरिहर मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराने की बात रिपोर्ट में कही गई। जबकि जबकि हकीकत ये है कि सन 1525 ईसवी में बाबर के शासन काल में मस्जिद का निर्माण शुरू हुआ और 1530 में मस्जिद का निर्माण पूरा हुआ। मस्जिद के निर्माण की निगरानी बाबर के एक हिंदू पदाधिकारी ने की थी। </p>
<p>मौलाना ने कहा कि दिन के उजाले में सम्भल की जामा मस्जिद के साथ नइंसाफी की जा रही है। जहां तक देश की बात है तो हम देश की एकता अखंडता के लिए हर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं। मगर मस्जिद के नाम पर किसी से समझौता नहीं कर सकते। ये मस्जिद है, और कयामत तक मस्जिद ही रहेगी।</p>
<p>मौलाना ने रिपोर्ट के कुछ अंश मीडिया में आने पर आपत्ति जताई। कहा कि रिपोर्ट बंद लिफाफे में पेश की जाती है, उसका कोई भी पहलू सार्वजनिक नहीं किया जा सकता मगर इस रिपोर्ट के कुछ पहलू मंजरे आम पर कैसे आ गए, इसका मतलब है कि जानबूझकर ये तरीका अपनाया गया है। भारत का मुसलमान इस रिपोर्ट को खारिज करता है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551494/commission-reported-on-bareilly-sambhal-violence-as-a-one-sided</link>
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                <pubDate>Thu, 28 Aug 2025 17:36:47 +0530</pubDate>
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