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                <title>Moradabad News - Amrit Vichar</title>
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                <description>Moradabad News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>UP: दुर्दशा पर आंसू बहा रही रामपुर की भूल भुलैया, 1840 में नवाब अहमद अली खां ने कराया था निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामपुर, अमृत विचार।</strong> रेलवे स्टेशन से करीब 12 किमी दूर स्थित ग्राम सैजनी नानकार में लखनऊ की तर्ज पर भूल भुलैया है। इस भूल भुलैया का जीर्णोद्धार कराकर नैनीताल आने-जाने वाले पर्यटकों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया जा सकता है। पर्यटकों की आवाजाही से पैसे की आवक भी होगी। अष्टकोणीय भूल भुलैया में एक ही तरह के दरो दीवार भ्रम पैदा करते हैं। लोग इन दरवाजों में घूमकर उसी जगह पहुंच जाते हैं।</p>
<p>राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय से उत्तर दिशा में स्थित घनी झाड़ियों के बीच से एक संकरी सड़क भूल भुलैया तक पहुंचाती है। भूल भुलैया पर उत्तकीर्ण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578703/rampur-s--bhul-bhulaiya---labyrinth--sheds-tears-over-its-dilapidated-state--it-was-constructed-in-1840-by-nawab-ahmad-ali-khan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/bhool.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामपुर, अमृत विचार।</strong> रेलवे स्टेशन से करीब 12 किमी दूर स्थित ग्राम सैजनी नानकार में लखनऊ की तर्ज पर भूल भुलैया है। इस भूल भुलैया का जीर्णोद्धार कराकर नैनीताल आने-जाने वाले पर्यटकों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया जा सकता है। पर्यटकों की आवाजाही से पैसे की आवक भी होगी। अष्टकोणीय भूल भुलैया में एक ही तरह के दरो दीवार भ्रम पैदा करते हैं। लोग इन दरवाजों में घूमकर उसी जगह पहुंच जाते हैं।</p>
<p>राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय से उत्तर दिशा में स्थित घनी झाड़ियों के बीच से एक संकरी सड़क भूल भुलैया तक पहुंचाती है। भूल भुलैया पर उत्तकीर्ण नक्काशी बरबस ही अपनी ओर ध्यान खींचती है। अष्टकोणीय इमारत के आठों ओर एक जैसे प्रवेश द्वार हैं। भीतर विशालकाय दरख्त हैं। जिनकी छाया के कारण दिन में भी अंधेरा रहता है। मकबरानुमा बनी भूल भुलैया के बीचों-बीच नवाब परिवार के लोगों की कबरें हैं। अहाते में करीब नवाब दौर का बना हुआ गहरा कुआं है। इस भूल भुलैया का निर्माण 1840 में नवाब अहमद अली खां ने कराया था। इसके बाद वर्ष 1930 में नवाब हामिद अली खां ने इसका जीर्णोद्धार कराया। फिलहाल रामपुर की भूल भुलैया अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है।</p>
<p>नैनीताल और दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर लगे होर्डिंग<br />रामपुर में विश्व प्रसिद्ध रजा लाइब्रेरी, गांधी समाधि, जामा मस्जिद, भूल भुलैया, नबी-ए-करीम का कदम शरीफ, इमामबाड़ा, नवाब फैजुल्लाह खां का मकबरा, जनाबे आलिया का लाल मकबरा, भमरौआ और रठौंडा स्थित पातालेश्वर मंदिर समेत कई दर्शनीय स्थल हैं। यदि नैनीताल और दिल्ली लखनऊ हाईवे पर होर्डिंग लगाकर पर्यटकों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जा सकता है। भूल भुलैया, नबी ए करीम का कदम शरीफ का सौंदर्यीकरण कराकर यहां रेस्टोरेंट आदि खोलकर लोगों को बड़ा रोजगार मिल सकता है।</p>
<p>वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. जहीर सिद्दीकी ने बताया कि सैजनी नानकार में वर्ष 1840 के आसपास नवाब अहमद अली खां ने एक अष्टकोणीय मकबरे का निर्माण कराया था। जिसमें एक जैसे 58 द्वार हैं इस इमारत को स्थानीय स्तर पर भूल भुलैया कहा जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>रामपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 14:04:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: काली माता मंदिर भूमि पैमाइश की रिपोर्ट आने में होगी देरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> लालबाग स्थित प्राचीन काली माता मंदिर की जमीन की पैमाइश के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट में देरी हो गई है। पहले यह रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब राजस्व विभाग ने इसके बुधवार तक जारी होने की उम्मीद जताई है।</p>
<p>राजस्व विभाग की टीम ने शनिवार को राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह के नेतृत्व में काली मंदिर परिसर और उससे संबंधित भूमि की पैमाइश की थी। इस दौरान अभिलेखों में दर्ज जमीन और मौके की स्थिति का मिलान किया गया था। विभाग की ओर से बताया गया था कि पूरी प्रक्रिया की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578696/delay-expected-in-the-release-of-the-kali-mata-temple-land-measurement-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/mandir2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> लालबाग स्थित प्राचीन काली माता मंदिर की जमीन की पैमाइश के बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट में देरी हो गई है। पहले यह रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना जताई गई थी, लेकिन अब राजस्व विभाग ने इसके बुधवार तक जारी होने की उम्मीद जताई है।</p>
<p>राजस्व विभाग की टीम ने शनिवार को राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह के नेतृत्व में काली मंदिर परिसर और उससे संबंधित भूमि की पैमाइश की थी। इस दौरान अभिलेखों में दर्ज जमीन और मौके की स्थिति का मिलान किया गया था। विभाग की ओर से बताया गया था कि पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट तैयार कर सोमवार तक प्रस्तुत कर दी जाएगी। राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि रिपोर्ट अभी पूरी तरह तैयार नहीं हो सकी है। </p>
<p>मापन से जुड़े आंकड़ों और अभिलेखों का मिलान किया जा रहा है, जिसके चलते थोड़ा समय लग रहा है। अब रिपोर्ट के बुधवार तक जारी होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट तैयार होने के बाद मंदिर की भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी, जिससे भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या भ्रम की स्थिति से बचा जा सकेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:07:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: मौसम...तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस बढ़ोतरी के संकेत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>मौसम तेजी से बदल रहा है। बीते कुछ दिनों से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था। इसके बीच तेज हवा ने असर दिखाया। अब मौसम धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। हवा का प्रभाव कमजोर पड़ने के साथ ही तापमान बढ़ रहा है।</p>
<p>सोमवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा और दिन चढ़ने के साथ तेज धूप ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय चटख धूप के कारण सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया। बाजारों में भी दोपहर के समय अपेक्षाकृत कम भीड़ नजर आई, जबकि जरूरी काम से बाहर निकले लोग धूप से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578705/weather----indications-of-a-3%E2%80%935%C2%B0c-rise-in-temperature"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/temp4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>मौसम तेजी से बदल रहा है। बीते कुछ दिनों से तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा था। इसके बीच तेज हवा ने असर दिखाया। अब मौसम धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। हवा का प्रभाव कमजोर पड़ने के साथ ही तापमान बढ़ रहा है।</p>
<p>सोमवार को सुबह से ही आसमान साफ रहा और दिन चढ़ने के साथ तेज धूप ने लोगों को परेशान किया। दोपहर के समय चटख धूप के कारण सड़कों पर निकलना मुश्किल हो गया। बाजारों में भी दोपहर के समय अपेक्षाकृत कम भीड़ नजर आई, जबकि जरूरी काम से बाहर निकले लोग धूप से बचने के लिए छांव तलाशते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। </p>
<p>विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे गर्मी और अधिक बढ़ेगी। तेज धूप और बढ़ती गर्मी के बीच लोगों ने राहत पाने के लिए ठंडे पेय पदार्थों और मौसमी फलों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। शहर के विभिन्न बाजारों में खरबूज और तरबूज की बिक्री बढ़ी। राहगीर भी छांव में कुछ देर रुककर राहत लेते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार अप्रैल के अंत तक गर्मी अपने तेवर में दिखेगी। ऐसे में अस्पतालों में इलाज के लिए पहुंच रहे मरीजों के साथ ही तीमारदारों को भी डॉक्टर स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और धूप में बाहर निकलते समय जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 07:05:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP:चार करोड़ सरेंडर, आठ हजार बच्चों की छात्रवृत्ति अटकी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जनपद में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत करीब आठ हजार बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति अब तक उनके खातों में नहीं पहुंच सकी है। हैरानी की बात यह है कि लगभग चार करोड़ की यह धनराशि समय रहते वितरित करने के बजाय 31 मार्च 2026 को सरेंडर कर दी गई।</p>
<p>शिकायतकर्ता आकांक्षा भारती की ओर से दी गई शिकायत में निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पाठ्य पुस्तक और यूनिफॉर्म के लिए प्रति छात्र पांच हजार की दर से धनराशि दी जानी थी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578611/%E2%82%B94-crore-surrendered--scholarships-for-8-000-children-stuck"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/chatra1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जनपद में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम आरटीई के तहत करीब आठ हजार बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति अब तक उनके खातों में नहीं पहुंच सकी है। हैरानी की बात यह है कि लगभग चार करोड़ की यह धनराशि समय रहते वितरित करने के बजाय 31 मार्च 2026 को सरेंडर कर दी गई।</p>
<p>शिकायतकर्ता आकांक्षा भारती की ओर से दी गई शिकायत में निजी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को पाठ्य पुस्तक और यूनिफॉर्म के लिए प्रति छात्र पांच हजार की दर से धनराशि दी जानी थी, लेकिन चार महीने पहले फंड मिलने के बावजूद इसका भुगतान नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर दो बार शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं हुआ।</p>
<p>प्रकरण की शिकायत मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह से भी की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से तीन दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है, जिसमें बच्चों की संख्या, भुगतान की स्थिति, बकाया कारण तथा चार करोड़ की धनराशि सरेंडर करने के निर्णय का पूरा विवरण देना होगा।</p>
<p> प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि लंबित भुगतान वाले बच्चों की पहचान कर जल्द समाधान किया जाए और आरटीई शिकायतों के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि यह एक गंभीर प्रकरण है और शासन की मंशा के विपरीत कार्य किया गया है। इसमें कार्रवाई होना तय है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 16:11:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अलविदा आशा ताई  : आशा भोसले का मुरादाबाद क्षेत्र के भिंडी संगीत घराने से रहा जुड़ाव</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> पार्श्व गायिका और स्वर मल्लिका आशा भोसले के निधन की खबर ने जहां पूरे देश को भावुक किया, वहीं मुरादाबाद में इसका असर कुछ अलग ही देखने को मिला। इसकी वजह सिर्फ उनकी महान गायकी नहीं, बल्कि शहर से जुड़ा उनका वह सांस्कृतिक रिश्ता है, जिसे यहां के कलाकार अपनी विरासत का हिस्सा मानते हैं।</p>
<p>मुरादाबाद-भिंडी संगीत घराने से जुड़े इस संबंध ने शहर के संगीत प्रेमियों को आशा भोसले से एक आत्मीय जुड़ाव दिया। डॉ. विनीत गोस्वामी ने बताया कि इस घराने के संस्थापक मूल रूप से मुरादाबाद के बिजनौर क्षेत्र के निवासी थे, जो बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578606/asha-bhosle-has-had-a-connection-with-the-bhindi-musical-gharana-of-the-moradabad-region"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/asha-bs.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> पार्श्व गायिका और स्वर मल्लिका आशा भोसले के निधन की खबर ने जहां पूरे देश को भावुक किया, वहीं मुरादाबाद में इसका असर कुछ अलग ही देखने को मिला। इसकी वजह सिर्फ उनकी महान गायकी नहीं, बल्कि शहर से जुड़ा उनका वह सांस्कृतिक रिश्ता है, जिसे यहां के कलाकार अपनी विरासत का हिस्सा मानते हैं।</p>
<p>मुरादाबाद-भिंडी संगीत घराने से जुड़े इस संबंध ने शहर के संगीत प्रेमियों को आशा भोसले से एक आत्मीय जुड़ाव दिया। डॉ. विनीत गोस्वामी ने बताया कि इस घराने के संस्थापक मूल रूप से मुरादाबाद के बिजनौर क्षेत्र के निवासी थे, जो बाद में मुंबई जाकर बस गए और वहां इस परंपरा को आगे बढ़ाया। इसी संगीत परंपरा के उस्ताद अमन अली खान और उनके शिष्य मास्टर नवरंग से आशा भोसले ने संगीत की प्रारंभिक बारीकियां सीखी थीं। यह जुड़ाव केवल एक तथ्य नहीं, बल्कि मुरादाबाद की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। आशा भोसले की गायकी में जो शास्त्रीयता की गहराई और लय की पकड़ दिखाई देती है, उसमें इस घराने की परंपरा की झलक साफ महसूस होती है।</p>
<p>मुरादाबाद के संगीत जगत में इस बात की चर्चा रही कि किसी वैश्विक पहचान रखने वाली कलाकार का संबंध जब अपने शहर की परंपरा से जुड़ता है, तो वह स्थानीय संस्कृति के लिए गर्व का विषय बन जाता है। यह जुड़ाव नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत रहा है, जो संगीत की शिक्षा के दौरान इस विरासत को समझने और आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है। संगीत शिक्षिका बाल सुंदरी तिवारी ने कहा कि आशा भोसले ने हर पीढ़ी को अपने गीतों से जोड़ा। बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक, हर किसी के पास उनका कोई न कोई पसंदीदा गीत है।</p>
<p>संगीत शिक्षक आदर्श भटनागर ने बताया कि एक कार्यक्रम के दौरान उनकी एक शिष्या ने मुंबई में आशा भोसले को देखो कोई दिल न टूटे गीत गाते हुए सुना था। उस प्रस्तुति का असर ऐसा रहा कि बाद में उसी गीत को सीखने और समझने की प्रेरणा मिली। रविवार को शहर में माहौल ऐसा रहा, जहां लोग केवल उनके गीतों को याद नहीं कर रहे थे, बल्कि इस बात को भी महसूस कर रहे थे कि मुरादाबाद की सांस्कृतिक धरोहर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुका था। बाबू मुकुट बिहारी लाल जैन सेवा न्यास के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार जैन का कहना है कि उनकी मधुर, सजीव और भावपूर्ण आवाज़ ने पीढ़ियों के हृदय को स्पर्श किया और हर गीत को अमरता प्रदान की। उनकी कला, साधना और संगीत के प्रति समर्पण सदैव हमारे लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 12:09:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: हाईवे पर बजरफुट कारोबारियों का अतिक्रमण, जाम में फंसी एंबुलेंस</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बबराला, अमृत विचार। </strong>आगरा-मुरादाबाद नेशनल हाईवे स्थित चंदौसी रोड पर बिल्डिंग मटेरियल व्यापारियों द्वारा सड़क किनारे बदरपुर व रोड़ी डाले जाने से आए दिन जाम की समस्या गहराती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि आम लोगों के साथ-साथ इमरजेंसी सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।</p>
<p>रविवार को बजरफुट से भरे ट्रक को सड़क पर खड़ा कर अनलोड किया जा रहा था। इस दौरान करीब बीस मिनट तक जाम लगा रहा। जाम में मरीज लेकर जा रही एक एंबुलेंस फंस गई। एंबुलेंस में मौजूद मरीज की हालत को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई और अफरा-तफरी का माहौल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578497/encroachment-by-bajrafut-traders-on-highway--ambulance-stuck-in-traffic-jam"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/traffic.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बबराला, अमृत विचार। </strong>आगरा-मुरादाबाद नेशनल हाईवे स्थित चंदौसी रोड पर बिल्डिंग मटेरियल व्यापारियों द्वारा सड़क किनारे बदरपुर व रोड़ी डाले जाने से आए दिन जाम की समस्या गहराती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि आम लोगों के साथ-साथ इमरजेंसी सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।</p>
<p>रविवार को बजरफुट से भरे ट्रक को सड़क पर खड़ा कर अनलोड किया जा रहा था। इस दौरान करीब बीस मिनट तक जाम लगा रहा। जाम में मरीज लेकर जा रही एक एंबुलेंस फंस गई। एंबुलेंस में मौजूद मरीज की हालत को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। </p>
<p>स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन और नगर पंचायत इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। आरोप है कि सड़क किनारे अवैध रूप से डाले गए निर्माण सामग्री के कारण सड़क संकरी हो गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित होती है और आए दिन जाम लगता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे से अतिक्रमण को तत्काल हटवाया जाए और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अमरोहा</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 07:02:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: नवाबी दौर के सौ साल में बनकर तैयार हुई थी कोठी खासबाग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामपुर, अमृत विचार।</strong> 450 एकड़ रकबे में फैली कोठी खासबाग में 205 कमरे हैं और इसके निर्माण में करीब 100 साल लगे थे। कोठी में देश का पहला एयर कंडीशन सिस्टम लगा था। इसमें लिफ्ट, सिनेमा हाल और दरबार ए हाल भी बना हुआ है। कोठी खासबाग एंग्लो-इंडियन कला का अद्भुत नमूना है।</p>
<p>कोठी खासबाग का निर्माण वर्ष 1830 में नवाब अहमद अली खां के दौर में शुरू हुआ और नवाब हामिद अली खां के दौर में पूरा हुआ। नवाब अहमद अली खां का कार्यकाल 1794 से 1840 तक सबसे लंबा शासन काल रहा। कोठी खासबाग का निर्माण कार्य फ्रांस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578425/kothi-khasbagh-was-completed-over-the-course-of-a-hundred-years-during-the-nawabi-era"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/kothi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामपुर, अमृत विचार।</strong> 450 एकड़ रकबे में फैली कोठी खासबाग में 205 कमरे हैं और इसके निर्माण में करीब 100 साल लगे थे। कोठी में देश का पहला एयर कंडीशन सिस्टम लगा था। इसमें लिफ्ट, सिनेमा हाल और दरबार ए हाल भी बना हुआ है। कोठी खासबाग एंग्लो-इंडियन कला का अद्भुत नमूना है।</p>
<p>कोठी खासबाग का निर्माण वर्ष 1830 में नवाब अहमद अली खां के दौर में शुरू हुआ और नवाब हामिद अली खां के दौर में पूरा हुआ। नवाब अहमद अली खां का कार्यकाल 1794 से 1840 तक सबसे लंबा शासन काल रहा। कोठी खासबाग का निर्माण कार्य फ्रांस के इंजीनियर डब्ल्यू सी राइट की देखरेख में पूरा हुआ था। कोठी खासबाग में 205 विशालकाय कमरे हैं। इसके अलावा संगीत कक्ष, सिनेमा हाल और स्विमिंग पूल भी बना हुआ है। नवाब रजा अली खां की बहू पूर्व सांसद बेगम नूरबानो बताती हैं कि उनके पति नवाब जुल्फिकार अली खां उर्फ मिक्की मियां ने उनके बड़े भाई नवाब मुर्तजा अली खां और उनकी पत्नी बेगम आफताब जमानी बेगम द्वारा घर में सियासत करने पर कोठी खासबाग को छोड़ दिया था और नूरमहल बनवाकर उसमें सपरिवार शिफ्ट हो गए थे। </p>
<p>बताती हैं कि वह कोठी खासबाग में ब्याह कर आईं थीं डेडी नवाब रजा अली खां ने बताया था कि यह कोठी 100 साल में बनकर तैयार हुई थी। कोठी का निर्माण 1830 में नवाब अहमद अली खां ने शुरू कराया था। इस दौरान नवाब मोहम्मद सैद खां, नवाब मोहम्मद यूसुफ अली खां, नवाब कल्बे अली खां, नवाब मुश्ताक अली खां ने कोठी को आलीशान बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी नवाब हामिद खां के दौर में करीब 1930 तक पूरा हुआ।</p>
<p>वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. जहीर सिद्दीकी ने बताया कि कोठी खासबाग के भीतर आलीशान 205 कमरे हैं जिनमें कीमती पेंटिंग्स लगी हुई हैं। बाग के बीचो-बीच नवाब अहमद अली खां ने वर्ष 1830 में कोठी खासबाग का निर्माण कार्य शुरू कराया था। नवाब हामिद अली खां के दौर में आए फ्रांस के इंजीनियर डब्ल्यूसी राइट की देखरेख में वर्ष 1930 में कोठी बनकर तैयार हुई। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>रामपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 14:06:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: प्राचीन काली माता मंदिर की जमीन की पैमाइश पूरी...अब रिपोर्ट का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>लालबाग स्थित प्राचीन काली माता मंदिर में शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पैमाइश की। राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम में लेखपाल देशराज, जितेंद्र और राकेश चौहान शामिल रहे। टीम ने सुबह से लेकर दोपहर तक मंदिर परिसर और उससे संबंधित भूमि की पैमाइश की। पैमाइश की रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि यह पैमाइश जूना अखाड़े के अभिलेखों में दर्ज भूमि के आधार पर कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अभिलेखों में मंदिर की जितनी जमीन दर्ज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578423/measurement-of-the-ancient-kali-mata-temple-land-completed----now-awaiting-the-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/mandir1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>लालबाग स्थित प्राचीन काली माता मंदिर में शनिवार को राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की पैमाइश की। राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम में लेखपाल देशराज, जितेंद्र और राकेश चौहान शामिल रहे। टीम ने सुबह से लेकर दोपहर तक मंदिर परिसर और उससे संबंधित भूमि की पैमाइश की। पैमाइश की रिपोर्ट सोमवार तक आने की संभावना जताई जा रही है।</p>
<p>राजस्व निरीक्षक ब्रह्मपाल सिंह ने बताया कि यह पैमाइश जूना अखाड़े के अभिलेखों में दर्ज भूमि के आधार पर कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अभिलेखों में मंदिर की जितनी जमीन दर्ज है, वास्तविक स्थिति में उतनी भूमि मौजूद है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए यह कार्रवाई की गई है। पूरी पैमाइश की रिपोर्ट तैयार कर सोमवार तक अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाएगी।</p>
<p>इस कार्रवाई को मंदिर की भूमि संबंधी स्थिति स्पष्ट करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद या भ्रम की स्थिति को दूर करने में मदद मिलेगी।<br />वहीं, मंदिर से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम भी जारी हैं। महंत महाकाल गिरि ने बताया कि रविवार को मंदिर परिसर में साधु-महात्माओं के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें जूना अखाड़ा के प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि भी मौजूद रहेंगे।</p>
<p><strong>पैमाइश के दौरान महिलाओं ने किया विरोध</strong><br />राजस्व विभाग की टीम जब मंदिर परिसर के बाहर पैमाइश के लिए पहुंची तो आसपास की कुछ महिलाओं ने इसका विरोध किया। दरअसल, मंदिर के बाहर स्थानीय लोगों की प्रसाद, फूल और श्रृंगार सामग्री की दुकानें लगी हुई हैं। महिलाओं को आशंका थी कि पैमाइश के चलते उनके रोजगार पर असर पड़ सकता है। टीम लौटकर दोबारा मंदिर परिसर में पैमाइश के लिए आ गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 13:03:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: मिडिल ईस्ट संकट के बीच निर्यातकों को बड़ी राहत...अब इन जोखिम में मिलेगा सहारा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और खाड़ी क्षेत्र के समुद्री मार्गों में अस्थिरता का असर मुरादाबाद के निर्यातकों पर भी पड़ रहा था। बढ़ते भाड़े, बीमा प्रीमियम और भुगतान जोखिम से जूझ रहे हस्तशिल्प कारोबारियों को अब केंद्र सरकार की रिलीफ योजना से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। </p>
<p>विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से लागू की गई योजना से मुरादाबाद के कई सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा। पीतल व अन्य हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात से जुड़े व्यापारियों के लिए यह कदम खास तौर पर राहत भरा माना जा रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578424/major-relief-for-exporters-amidst-middle-east-crisis----now--support-available-against-these-risks"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/niryatak1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव और खाड़ी क्षेत्र के समुद्री मार्गों में अस्थिरता का असर मुरादाबाद के निर्यातकों पर भी पड़ रहा था। बढ़ते भाड़े, बीमा प्रीमियम और भुगतान जोखिम से जूझ रहे हस्तशिल्प कारोबारियों को अब केंद्र सरकार की रिलीफ योजना से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। </p>
<p>विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से लागू की गई योजना से मुरादाबाद के कई सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) निर्यातकों को सीधा लाभ मिलेगा। पीतल व अन्य हस्तशिल्प उत्पादों के निर्यात से जुड़े व्यापारियों के लिए यह कदम खास तौर पर राहत भरा माना जा रहा है।<br />बढ़ती लागत से परेशान थे निर्यातक</p>
<p>खाड़ी क्षेत्र में तनाव के चलते जहाजों के मार्ग बदलने पड़े, जिससे माल ढुलाई का खर्च अचानक बढ़ गया। इसके साथ ही युद्ध जोखिम प्रीमियम और अन्य अतिरिक्त शुल्कों में भी वृद्धि हुई। ट्रांसशिपमेंट केंद्रों पर भीड़ बढ़ने से माल भेजने में देरी और लागत दोनों बढ़ीं, जिससे मुरादाबाद के निर्यातकों की परेशानी बढ़ गई थी।रिलीफ योजना के तहत निर्यातकों को तीन तरह से सहायता दी जा रही है।</p>
<p>- 100 प्रतिशत जोखिम कवर, 95 प्रतिशत बीमा कवर<br />14 फरवरी से 15 मार्च 2026 के बीच भेजे गए माल पर निर्यात ऋण गारंटी निगम (ईसीजीसी) द्वारा पूरा जोखिम कवर दिया जाएगा। 16 मार्च से 15 जून 2026 तक के निर्यात पर 95 प्रतिशत तक सुरक्षा मिलेगी, जिससे नए निर्यात आदेश सुरक्षित रहेंगे।</p>
<p>- एमएसएमई को सीधी राहत<br />योजना के तहत लागत, बीमा और भाड़े में बढ़ोतरी का 50 प्रतिशत तक भुगतान, खरीदार द्वारा कीमत घटाने पर अंतर का 50 प्रतिशत तक मुआवजा, प्रति निर्यातक अधिकतम 50 लाख रुपये तक की सहायता और हस्तशिल्प कारोबार को सहारा मिलेगा।</p>
<p>यंग एंटरप्रेन्योर्स सोसाइटी चेयरमैन के जेपी सिंह ने बताया कि मुरादाबाद का हस्तशिल्प उद्योग खाड़ी देशों पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में यह योजना निर्यात आदेश रद्द होने से बचाएगी और व्यापार की गति बनाए रखने में मदद करेगी। वर्तमान परिस्थितियों में यह योजना निर्यातकों के लिए संजीवनी साबित होगी। बढ़ती लागत और भुगतान की अनिश्चितता के बीच यह सहयोग व्यापार को स्थिर बनाए रखने में मदद करेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578424/major-relief-for-exporters-amidst-middle-east-crisis----now--support-available-against-these-risks</link>
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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 12:09:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एसआईआर: विधानसभा चुनाव में बदलेगा राजनीतिक समीकरण, मतदाता घटने से चकराए सियासी सूरमा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विनोद श्रीवास्तव, मुरादाबाद।</strong> मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक समीकरण बदलना तय है। मतदाताओं की कम हुई संख्या का असर कई राजनीतिक दिग्गजों के भाग्य का फैसला बदलेगा। एसआईआर की प्रक्रिया में 2,48,116 मतदाताओं की संख्या घटने का असर जातिगत व धार्मिक समीकरणों पर भी पड़ना तय है। नये समीकरणों को देखते हुए कई सियासी सूरमा चकरा गए हैं।</p>
<p>जिले में शुक्रवार को जारी अंतिम मतदाता सूची में जो तस्वीर उभर कर आई है। इसके अनुसार मुरादाबाद नगर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 4,71,327 मतदाता हैं, जबकि बिलारी में सबसे कम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578357/political-equations-set-to-shift-in-assembly-elections--political-stalwarts-baffled-by-declining-voter-turnout"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/matdata.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विनोद श्रीवास्तव, मुरादाबाद।</strong> मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिए राजनीतिक समीकरण बदलना तय है। मतदाताओं की कम हुई संख्या का असर कई राजनीतिक दिग्गजों के भाग्य का फैसला बदलेगा। एसआईआर की प्रक्रिया में 2,48,116 मतदाताओं की संख्या घटने का असर जातिगत व धार्मिक समीकरणों पर भी पड़ना तय है। नये समीकरणों को देखते हुए कई सियासी सूरमा चकरा गए हैं।</p>
<p>जिले में शुक्रवार को जारी अंतिम मतदाता सूची में जो तस्वीर उभर कर आई है। इसके अनुसार मुरादाबाद नगर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 4,71,327 मतदाता हैं, जबकि बिलारी में सबसे कम 3,33,882 मतदाता हैं। इस प्रकार मुरादाबाद नगर विधानसभा चुनाव जीतने के लिए संभावित दावेदारों को सबसे अधिक मतदाताओं की मनुहार करनी पड़ेगी।</p>
<p>एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी अब काफी तेजी से बढ़ेगी। संभावित दावेदारों के चेहरे सामने आएंगे, लेकिन अगर सभी विधानसभाओं पर नजर डालें तो चुनाव जीतने के लिए मुरादाबाद नगर विधानसभा क्षेत्र में संभावित प्रत्याशियों को मतदाताओं की मनुहार के लिए एड़ी रगड़नी पड़ेगी। क्योंकि मुरादाबाद नगर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक मतदाताओं की संख्या हैं। इसमें पुरुष मतदाता 2,49,377 और महिला मतदाताओं की संख्या 2,21,916 और थर्ड जेंडर मतदाता भी सभी विधानसभाओं से अधिक नगर विधानसभा क्षेत्र में ही 34 है।</p>
<p>बिलारी विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम मतदाताओं की संख्या 3,33,882 है। इसमें 1,81,299 पुरुष, 1,52,574 महिला और थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या सिर्फ 9 है। मुरादाबाद नगर के बाद दूसरे नंबर पर सबसे अधिक मतदाता संख्या वाली विधानसभा कुंदरकी है। इसमें कुल मतदाताओं की संख्या 3,69,186 है। जिसमें पुरुष मतदाता 2,01,772, महिला मतदाता 1,67,403 और थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 11 है।</p>
<p><strong>लिंगानुपात पर भी असर</strong><br />मतदाताओं के लिंगानुपात की बात करें तो नगर विधानसभा में सर्वाधिक जेंडर रेशियो 890 है, जबकि सबसे कम कुंदरकी में 830 है। इसके अलावा कांठ में 847, ठाकुरद्वारा में 859, मुरादाबाद ग्रामीण में 862 और बिलारी में 842 है। इस प्रकार जिले की सभी विधानसभाओं को मिलाकर कुल जेंडर रेशियो 856 है।</p>
<p><strong>जिले की विधानसभा सीटों पर मौजूदा विधायक</strong><br />विधानसभा पार्टी विधायक<br />मुरादाबाद नगर भाजपा रितेश गुप्ता<br />मुरादाबाद ग्रामीण सपा नासिर कुरैशी<br />कुंदरकी भाजपा रामवीर सिंह (उपचुनाव में जीते)<br />बिलारी सपा मोहम्मद फहीम इरफान<br />ठाकुरद्वारा सपा नवाब जान खां<br />कांठ सपा कमाल अख्तर</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 10:06:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: मूक-बधिर प्रेमियों के प्यार की भाषा समझेंगे स्पेशल एजुकेटर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> थाना मुगलपुरा क्षेत्र से संबंधित एक मामले में मूक-बधिर प्रेमी युगल का बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्पेशल एजूकेटर की मांग की गई थी। इस पर बीएसए ने एक महिला और एक पुरुष स्पेशल एजूकेटर की नियुक्ति की है।</p>
<p>जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विमलेश कुमार ने शनिवार को बताया कि थाना मुगलपुरा में दर्ज प्रकरण में पीड़िता सबा निवासी मुगलपुरा मूक-बधिर है। इसके अतिरिक्त मामले से संबंधित एक अन्य व्यक्ति भी मूक-बधिर बताया गया है। दोनों मूकबधिर प्रेम प्रसंग के चलते फरार हो गए थे। मुगलपुरा पुलिस ने दोनों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578365/special-educators-will-understand-the-language-of-love-of-deaf-mute-lovers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/police.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> थाना मुगलपुरा क्षेत्र से संबंधित एक मामले में मूक-बधिर प्रेमी युगल का बयान दर्ज कराने के लिए पुलिस ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से स्पेशल एजूकेटर की मांग की गई थी। इस पर बीएसए ने एक महिला और एक पुरुष स्पेशल एजूकेटर की नियुक्ति की है।</p>
<p>जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विमलेश कुमार ने शनिवार को बताया कि थाना मुगलपुरा में दर्ज प्रकरण में पीड़िता सबा निवासी मुगलपुरा मूक-बधिर है। इसके अतिरिक्त मामले से संबंधित एक अन्य व्यक्ति भी मूक-बधिर बताया गया है। दोनों मूकबधिर प्रेम प्रसंग के चलते फरार हो गए थे। मुगलपुरा पुलिस ने दोनों को उड़ीसा से पकड़ा है।</p>
<p> इस मामले में थाना मुगलपुरा के निरीक्षक ने 10 अप्रैल को मूक-बधिर पीड़िता के बयान दर्ज कराने के लिए एक पुरुष एवं एक महिला स्पेशल एजूकेटर की मांग की गई थी, जिससे सांकेतिक भाषा के माध्यम से सही तरीके से बयान दर्ज कराए जा सकें।उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्पेशल एजूकेटर प्रकाश चन्द पटेल तथा कल्पना (एचआई. विकास क्षेत्र कुंदरकी) को थाना मुगलपुरा एवं थाना पाकबड़ा पुलिस से समन्वय स्थापित कर पीड़िता के बयान दर्ज कराने के भेजा गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 19:11:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: रेलवे ने किया समर स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान...यहां का सफर होगा आसान !</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> उत्तर रेलवे के मुरादाबाद रेल मंडल से होकर संचालित की जाने वाली ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ियों से रेल यात्रियों को सहूलियत होगी। रेल प्रशासन ने कुछ और गाड़ियों को इसमें शामिल किया है।</p>
<p>मुरादाबाद मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने बताया कि गाड़ी संख्या 04620-04619 विशेष ग्रीष्मकालीन 18 अप्रैल से 23 मई और 20 अप्रैल से 25 मई तक मुरादाबाद रेल मंडल के सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, नजीबाबाद, रुड़की होकर संचालित होगी। इसके अलावा गाड़ी संख्या 04086-04085 आरक्षित विशेष गाड़ी में एसी स्लीपर व सामान्य कोच के साथ संचालित होगी। </p>
<p>यह गाड़ी 14 और 16 अप्रैल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578350/railways-announces-launch-of-summer-special-trains----travel-to-this-destination-just-got-easier"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/train2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> उत्तर रेलवे के मुरादाबाद रेल मंडल से होकर संचालित की जाने वाली ग्रीष्मकालीन विशेष गाड़ियों से रेल यात्रियों को सहूलियत होगी। रेल प्रशासन ने कुछ और गाड़ियों को इसमें शामिल किया है।</p>
<p>मुरादाबाद मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक आदित्य गुप्ता ने बताया कि गाड़ी संख्या 04620-04619 विशेष ग्रीष्मकालीन 18 अप्रैल से 23 मई और 20 अप्रैल से 25 मई तक मुरादाबाद रेल मंडल के सहारनपुर, बरेली, मुरादाबाद, नजीबाबाद, रुड़की होकर संचालित होगी। इसके अलावा गाड़ी संख्या 04086-04085 आरक्षित विशेष गाड़ी में एसी स्लीपर व सामान्य कोच के साथ संचालित होगी। </p>
<p>यह गाड़ी 14 और 16 अप्रैल को एक फेरा संचालित होगी। यह ट्रेन मेरठ से चलकर हापुड़ होते हुए खुर्जा, अलीगढ़, गोविंदपुरी, सबदरगंज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन होते हुए संचालित होगी। इसके साथ ही गाड़ी संख्या 09271-09272 एक्सप्रेस भावनगर-हरिद्वार-भावनगर स्पेशल गाड़ी अलग अलग तिथियों में संचालित होगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578350/railways-announces-launch-of-summer-special-trains----travel-to-this-destination-just-got-easier</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Apr 2026 13:03:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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