<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/47275/delhi" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>Delhi - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/47275/rss</link>
                <description>Delhi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>दिल्ली में INDIA ब्लॉक की बड़ी बैठक शुरू,  खरगे बोले- सरकार के खिलाफ एकजुटता को और मजबूत करने की जरूरत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों का आह्वान किया कि वे नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा खड़ी की गई कथित चुनौतियों से निपटने के लिए उस एकजुटता की भावना को और मजबूत करें, जो इस साल 17 अप्रैल को महिला आरक्षण एवं परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ दिखी थी। </p>
<p>उन्होंने विपक्षी गठबंधन की बैठक में दिए अपने शुरुआती संबोधन में यह दावा भी किया कि सरकार संविधान पर हमला जारी रखे हुए है। खरगे ने कहा, "यह गठबंधन ठीक तीन साल पहले अस्तित्व में आया था। हमारे सामने मौजूद मुद्दे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584214/a-major-meeting-of-the-india-bloc-begins-in-delhi--where-a-common-opposition-strategy-will-be-formulated-to-corner-the-modi-government"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/muskan-dixit4.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली: </strong>कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को 'इंडिया' गठबंधन के घटक दलों का आह्वान किया कि वे नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा खड़ी की गई कथित चुनौतियों से निपटने के लिए उस एकजुटता की भावना को और मजबूत करें, जो इस साल 17 अप्रैल को महिला आरक्षण एवं परिसीमन से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के खिलाफ दिखी थी। </p>
<p>उन्होंने विपक्षी गठबंधन की बैठक में दिए अपने शुरुआती संबोधन में यह दावा भी किया कि सरकार संविधान पर हमला जारी रखे हुए है। खरगे ने कहा, "यह गठबंधन ठीक तीन साल पहले अस्तित्व में आया था। हमारे सामने मौजूद मुद्दे आप सभी अच्छी तरह जानते हैं। हमने 17 अप्रैल, 2026 को लोकसभा में अपनी एकजुटता और एकता को बहुत निर्णायक तरीके से दिखाया, जब हम सबने मजबूती से एकजुट होकर परिसीमन पर मोदी सरकार के दुर्भावनापूर्ण विधेयकों को परास्त किया।" </p>
<p>उनका कहना था, "अब हमें उसी भावना को और मजबूत करना है और आगे बढ़ाना है, ताकि मोदी सरकार के कुशासन के कारण देश के सामने खड़ी कई राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का सामना किया जा सके।" खरगे ने दावा किया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण करोड़ों लोगों से उनका मताधिकार छीना जा रहा है। संविधान पर हमला लगातार जारी है, जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने और डराने-धमकाने के औजार के रूप में लगातार किया जा रहा है। </p>
<p>खरगे ने कहा , "गैर-भाजपा सरकारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जरूरी वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्थिक माहौल बेहद नकारात्मक है। नई नौकरियां पैदा करने के लिए जिस रफ्तार से नए निवेश आने चाहिए, वे बिल्कुल उस रफ्तार से नहीं आ रहे हैं। कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और एमएसएमई का भविष्य गंभीर संकट में है।" </p>
<p>कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि परीक्षा प्रणाली के पूर्ण कुप्रबंधन के कारण हमारे लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात किया जा रहा है और समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार, खासकर भाजपा शासित राज्यों में, लगातार जारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, "हमारी विदेश नीति के साथ पूरी तरह से समझौता किया गया है और उन पारंपरिक मूल्यों को कायम नहीं रखा गया है, जिनका भारत लंबे समय से पुरजोर समर्थन करता रहा है।" </p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>कौन-कौन पहुंचा?</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव, राजद के तेजस्वी यादव और शिवसेना (UBT) के उद्धव ठाकरे समेत प्रमुख विपक्षी नेता शामिल हो रहे हैं। कुल 22 राजनीतिक दल इस बैठक में भाग ले रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>DMK और AAP बाहर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस बैठक से दूरी बना ली है। दोनों दलों ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए गठबंधन से अलग होने का संकेत दिया है।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>दो साल बाद हुई आधिकारिक बैठक</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">यह INDIA गठबंधन की जून 2024 के बाद पहली बड़ी आधिकारिक बैठक है। गठबंधन के नेता भविष्य की रणनीति, विभिन्न राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखकर राष्ट्रीय मुद्दों पर मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट लड़ाई की तैयारी कर रहे हैं।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>BJP का तंज</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">बैठक से पहले दिल्ली में BJP की ओर से पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें INDIA गठबंधन के नेताओं के आपस में दिए गए तीखे बयानों का जिक्र है। पोस्टर में यह सवाल उठाया गया है कि जो नेता एक-दूसरे से लड़ रहे हैं, वो साथ मिलकर BJP से कैसे लड़ पाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/584214/a-major-meeting-of-the-india-bloc-begins-in-delhi--where-a-common-opposition-strategy-will-be-formulated-to-corner-the-modi-government</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/584214/a-major-meeting-of-the-india-bloc-begins-in-delhi--where-a-common-opposition-strategy-will-be-formulated-to-corner-the-modi-government</guid>
                <pubDate>Mon, 08 Jun 2026 12:55:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/muskan-dixit4.png"                         length="1121137"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>661 करोड़ का महाघोटाला: IDFC फर्स्ट और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक धोखाधड़ी मामले में CBI की बड़ी छापेमारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभागों से सरकारी धन की हेराफेरी से जुड़े कथित 661 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर में छह स्थानों पर छापे मारे।  </p>
<p style="text-align:justify;">एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा धनराशि के कथित दुरुपयोग की जारी जांच के तहत शुक्रवार को हरियाणा कैडर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और नोएडा स्थित विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक से जुड़े परिसरों पर छापे मारे गए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>निशाने पर हरियाणा और चंडीगढ़ के 10 बड़े विभाग</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सीबीआई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584119/%E2%82%B9661-crore-scam--cbi-conducts-major-raids-in-idfc-first-and-au-small-finance-bank-fraud-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/muskan-dixit-(16)3.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने हरियाणा सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन के विभागों से सरकारी धन की हेराफेरी से जुड़े कथित 661 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर में छह स्थानों पर छापे मारे।  </p>
<p style="text-align:justify;">एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा धनराशि के कथित दुरुपयोग की जारी जांच के तहत शुक्रवार को हरियाणा कैडर के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और नोएडा स्थित विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक से जुड़े परिसरों पर छापे मारे गए।</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>निशाने पर हरियाणा और चंडीगढ़ के 10 बड़े विभाग</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सीबीआई के अनुसार, इस धोखाधड़ी से हरियाणा सरकार के आठ विभाग और चंडीगढ़ के दो विभाग - चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ नवीकरणीय ऊर्जा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संवर्धन सोसायटी (सीआरईएसटी) प्रभावित हुए। बयान में कहा गया, ''जांच के दौरान ऐसे सबूत सामने आए हैं जिनसे पता चलता है कि सरकारी कर्मचारियों ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके खाते खुलवाए और धन हस्तांतरण किया और फिर उसका इस्तेमाल दूसरे कामों में किया।'' </p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>बैंक अधिकारियों और सरकारी बाबुओं की मिलीभगत का भंडाफोड़</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सीबीआई ने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारियों ने लेन-देन को सुगम बनाने और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई न करने के बदले अनुचित लाभ प्राप्त किए। जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में अपराध से प्राप्त धनराशि जमा हुई, जिसे बाद में उसके निदेशक के निजी खाते में स्थानांतरित कर दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">सीबीआई ने कहा, ''छापे के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति संबंधी दस्तावेज और अन्य संबंधित सामग्री जब्त की गई।'' यह जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से लिए गए एक मामले और चंडीगढ़ के आर्थिक अपराध शाखा पुलिस थाने द्वारा मूल रूप से दर्ज किए गए दो मामलों से संबंधित है। </p>
<h4><strong>पंचकूला कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">सीबीआई ने बताया कि ये मामले कथित आपराधिक साजिश, सरकारी धन के दुरुपयोग और बैंक अधिकारियों और लोक सेवकों की मिलीभगत से किए गए संबंधित अपराधों से जुड़े हैं। सीबीआई ने कहा कि उसने पंचकूला की एक विशेष अदालत में अपना पहला आरोप पत्र दाखिल कर दिया है, जिसमें हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के लोक सेवकों की कथित भूमिका का विस्तृत विवरण दिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपपत्र में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा सरकारी धन की हेराफेरी के लिए इस्तेमाल किए गए कथित तौर-तरीकों का भी विवरण दिया गया है। जांच जारी है और इस मामले में संलिप्त पाए गए अन्य आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल किए जाएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/584119/%E2%82%B9661-crore-scam--cbi-conducts-major-raids-in-idfc-first-and-au-small-finance-bank-fraud-case</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/584119/%E2%82%B9661-crore-scam--cbi-conducts-major-raids-in-idfc-first-and-au-small-finance-bank-fraud-case</guid>
                <pubDate>Sun, 07 Jun 2026 10:36:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/muskan-dixit-%2816%293.png"                         length="1024251"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नॉर्वे शतरंज 2026 के किंग बने Praggnanandhaa: ऐतिहासिक खिताबी जीत पर पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा- 'अद्भुत उपलब्धि'</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नॉर्वे शतरंज 2026 का खिताब जीतने के लिए भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंद रमेशबाबू को बधाई दी है। पीएम मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रज्ञानंद को बधाई देते हुए कहा है कि यह वास्तव में एक अद्भुत उपलब्धि है जो उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन को दिखाती है। पीएम मोदी ने भविष्य के प्रयासों के लिए भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा ,"इस शानदार उपलब्धि के लिए प्रज्ञानानंद को बधाई! यह वाकई एक अद्भुत उपलब्धि है जो उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन को दिखाती है। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584057/praggnanandhaa-crowned-king-of-norway-chess-2026--pm-modi-congratulates-him-on-historic-title-win--calling-it--amazing-achievement"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/muskan-dixit-(16)2.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नॉर्वे शतरंज 2026 का खिताब जीतने के लिए भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंद रमेशबाबू को बधाई दी है। पीएम मोदी ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में प्रज्ञानंद को बधाई देते हुए कहा है कि यह वास्तव में एक अद्भुत उपलब्धि है जो उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन को दिखाती है। पीएम मोदी ने भविष्य के प्रयासों के लिए भी उन्हें शुभकामनाएं दीं। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा ,"इस शानदार उपलब्धि के लिए प्रज्ञानानंद को बधाई! यह वाकई एक अद्भुत उपलब्धि है जो उनके लगातार बेहतरीन प्रदर्शन को दिखाती है। उनके भविष्य के प्रयासों के लिए मेरी शुभकामनाएं।" </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/narendramodi/status/2063172045777862885?s=20">https://twitter.com/narendramodi/status/2063172045777862885?s=20</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि प्रज्ञानंद रमेशबाबू ने आखिरी दौर में जीत हासिल कर नॉर्वे शतरंज 2026 का खिताब अपने नाम किया। उन्होंने अंतिम और 10वें दौर में जर्मनी के विंसेंट कीमर को क्लासिकल प्रारूप में हराकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/584057/praggnanandhaa-crowned-king-of-norway-chess-2026--pm-modi-congratulates-him-on-historic-title-win--calling-it--amazing-achievement</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/584057/praggnanandhaa-crowned-king-of-norway-chess-2026--pm-modi-congratulates-him-on-historic-title-win--calling-it--amazing-achievement</guid>
                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 15:25:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-06/muskan-dixit-%2816%292.png"                         length="792579"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>New CDS: लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रमणि बने देश के नए सीडीएस, कई चुनौतियों को करना होगा पार </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने रविवार को भारत के नए प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) का पदभार संभाल लिया। उनके सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी महत्वाकांक्षी थिएटराइजेशन योजना को लागू करना और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को और मजबूत करना होगी। जनरल सुब्रमणि ने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया है, जिन्होंने शनिवार को देश के वरिष्ठतम सैन्य कमांडर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया। पाकिस्तान और चीन मामलों के विशेषज्ञ माने जाने वाले जनरल सुब्रमणि इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। </p>
<p style="text-align:justify;">वह पिछले वर्ष 31 जुलाई को सेना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583452/new-cds--lieutenant-general-subramani-becomes-the-new-cds-of-the-country--many-challenges-will-have-to-be-overcome"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(3).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने रविवार को भारत के नए प्रमुख रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) का पदभार संभाल लिया। उनके सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी महत्वाकांक्षी थिएटराइजेशन योजना को लागू करना और तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को और मजबूत करना होगी। जनरल सुब्रमणि ने जनरल अनिल चौहान का स्थान लिया है, जिन्होंने शनिवार को देश के वरिष्ठतम सैन्य कमांडर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया। पाकिस्तान और चीन मामलों के विशेषज्ञ माने जाने वाले जनरल सुब्रमणि इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। </p>
<p style="text-align:justify;">वह पिछले वर्ष 31 जुलाई को सेना के उप प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। प्रमुख रक्षा अध्यक्ष के रूप में जनरल सुब्रमणि का प्रमुख दायित्व थिएटराइजेशन मॉडल को लागू करना होगा, जिसके तहत एकीकृत सैन्य कमान स्थापित की जाएगी। चार दशक से अधिक लंबे सैन्य करियर में जनरल सुब्रमणि ने विभिन्न प्रकार के संघर्ष क्षेत्रों और भौगोलिक परिस्थितियों में सेवाएं दी हैं। उन्होंने सेना में अनेक कमान, स्टाफ और प्रशिक्षण संबंधी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्होंने एक जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक सेना के उप प्रमुख के रूप में कार्य किया। इससे पहले वह मार्च 2023 से जून 2024 तक मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ रहे थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583452/new-cds--lieutenant-general-subramani-becomes-the-new-cds-of-the-country--many-challenges-will-have-to-be-overcome</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/583452/new-cds--lieutenant-general-subramani-becomes-the-new-cds-of-the-country--many-challenges-will-have-to-be-overcome</guid>
                <pubDate>Sun, 31 May 2026 10:17:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-%283%29.jpg"                         length="86357"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मौसम विभाग का अलर्ट जारी :  यूपी, दिल्ली, बिहार समेत 15 राज्यों के लिए बारिश-तूफान की चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[-मौसम विभाग का रेड अलर्ट, 31 मई तक तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की चेतावनी
-कई जिलों में 90 से 100 किमी प्रति घंटा तक चल सकती हैं हवाएं, लू से मिलेगी राहत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583323/weather-department-issues-alert-for-up-and-delhi--major-threat-of-storms--gusty-winds--and-hailstorms"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(96).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">भीषण गर्मी से झुलस रहे उत्तर प्रदेश में अब मौसम बड़ा करवट लेने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने गुरुवार शाम से 31 मई तक तेज आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और भारी बारिश को लेकर रेड वार्निंग जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और पुरवा हवाओं के असर से प्रदेश में व्यापक मौसम बदलाव होगा, जिससे तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने गुरुवार को जारी बुलेटिन में चेताया है कि कई जिलों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों में गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पश्चिमी यूपी के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, आगरा, मथुरा, बरेली, रामपुर और पीलीभीत समेत कई जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का खतरा अधिक बताया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पूर्वी यूपी में लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बस्ती, देवरिया और आसपास के जिलों में भी तेज आंधी, वज्रपात और झोंकेदार हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घरों में रहने और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार 29 मई से प्रदेश में लू की स्थिति पूरी तरह समाप्त हो सकती है। हालांकि 28 मई को बुंदेलखंड के कुछ जिलों में हीट वेव की स्थिति बनी रह सकती है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">इन जिलों में सबसे ज्यादा अलर्ट</h4>
<p style="text-align:justify;">सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, मथुरा, बरेली, रामपुर, पीलीभीत, झांसी, महोबा, लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और आसपास के जिले।</p>
<p style="text-align:justify;">बाक्स</p>
<h4 style="text-align:justify;">मौसम विभाग की लोगों को सलाह</h4>
<p style="text-align:justify;">• खराब मौसम में घरों के अंदर रहें</p>
<p style="text-align:justify;">• बिजली उपकरणों को अनप्लग रखें</p>
<p style="text-align:justify;">• पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहें</p>
<p style="text-align:justify;">• खेतों और खुले स्थानों में जाने से बचें</p>
<p style="text-align:justify;">• पर्याप्त पानी पीएं और खुद को हाइड्रेट रखें</p>
<h4 style="text-align:justify;">कृषि अलर्ट</h4>
<p style="text-align:justify;">तेज हवा, ओलावृष्टि और भारी बारिश से गन्ना, मक्का, मूंग, उड़द, सब्जियों और आम-केला जैसी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को खेतों में जल निकासी और फसलों को सहारा देने की सलाह दी गई है।</p>
<h4>दिल्ली में ऑरेंज अलर्ट जारी </h4>
<p>दिल्ली में बृहस्पतिवार शाम हुई बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी से शुक्रवार सुबह कुछ राहत मिली और न्यूनतम तापमान एक दिन पहले दर्ज 28.4 डिग्री सेल्सियस से घटकर 25.3 डिग्री सेल्सियस रह गया। मौसम संबंधी आंकड़ों से यह जानकारी मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। विभाग ने दोपहर और शाम के समय बारिश होने, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। </p>
<h4>इन इलाकों में कैसा रहगी तापमान </h4>
<p>आईएमडी के केंद्रवार आंकड़ों के अनुसार, शहर के मानक केंद्र सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.3 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान पालम में 24.1 डिग्री सेल्सियस, रिज में 24 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ये सभी सामान्य से लगभग दो डिग्री सेल्सियस कम हैं। आईएमडी के अनुसार, लोधी रोड में न्यूनतम तापमान में खास बदलाव नहीं आया और यह 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। </p>
<p>इस बीच, शुक्रवार सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटों में सफदरजंग में चार मिलीमीटर, पालम में 4.3 मिलीमीटर और आयानगर में 3.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लोधी रोड में नाममात्र बारिश हुई, जबकि रिज में इस अवधि के दौरान बारिश दर्ज नहीं की गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, सुबह नौ बजे दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 142 दर्ज किया गया जो 'मध्यम' श्रेणी में आता है। सीपीसीबी के अनुसार, एक्यूआई को शून्य से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 के बीच 'संतोषजनक', 101 से 200 के बीच 'मध्यम', 201 से 300 के बीच 'खराब', 301 से 400 के बीच 'बहुत खराब' और 401 से 500 के बीच 'गंभीर' माना जाता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">तमिलनाडु में भारी बारिश का पूर्वानुमान</h4>
<p style="text-align:justify;">तमिलनाडु में गर्मी का चरम दौर समाप्त होने के बाद राज्य के 15 से अधिक जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। गर्मी के चरम चरण को 'अग्नि नक्षत्रम' कहा जाता है जो चार मई से 28 मई तक था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा यहां जारी ताजा बुलेटिन में कहा गया है कि बृहस्पतिवार तक ऊष्ण लहर की स्थिति बनी रही और चेन्नई सहित 10 से अधिक जिलों में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">आईएमडी ने शुक्रवार से अगले 24 घंटों के दौरान कोयंबटूर, डिंडीगुल, थेनी, नीलगिरि, करूर, इरोड, नमक्कल, तिरुपत्तूर, तिरुप्पुर, सेलम, तिरुचिरापल्ली, तंजावुर, तिरुवन्नामलाई, कृष्णागिरि और धर्मपुरी जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। विभाग ने 31 मई से तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने के भी संकेत दिए हैं। पिछले 24 घंटों में कन्याकुमारी के नेय्यूर में सर्वाधिक (छह सेंटीमीटर) बारिश दर्ज की गई और इसके बाद तिरुप्पुर जिले के अविनाशी में चार सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई।</p>
<h4>राजस्थान के कई इलाकों में तेज अंधड़ की चेतावनी </h4>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान में एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई इलाकों में तेज अंधड़ आने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है जिससे लोगों को कई दिन की भीषण गर्मी से थोड़ी राहत मिलेगी। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आगामी दिनों में राज्य के कुछ भाग में तेज आंधी बारिश की गतिविधियां शुरू होने की पूरी संभावना है। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे आज शुक्रवार को बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा संभाग के कुछ भाग में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज अंधड़ चलेगा और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विक्षोभ का सर्वाधिक प्रभाव 30 से 31 मई को रहेगा। इस दौरान बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर संभाग के कुछ भाग में वज्रपात, 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने तथा कहीं-कहीं तेज बारिश होने का अनुमान है। </p>
<p style="text-align:justify;">राज्य के कुछ भाग में आंधी-बारिश की गतिविधियां जून के पहले सप्ताह में भी जारी रहेंगी। मौसम विभाग का कहना है कि आंधी बारिश के प्रभाव से आगामी दिनों में तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने व 30 मई से लू से राहत मिलने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि लगभग समूचा राजस्थान पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में है जहां बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान सीमावर्ती गंगानगर जिले में 47.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। </p>
<h4 style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने जारी किया इस साल बारिश का अनुपात  </h4>
<p style="text-align:justify;">भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि इस वर्ष भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान मौसमी वर्षा दीर्घकालिक औसत का 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वोत्तर भारत में इस मानसून में सामान्य वर्षा होने की संभावना है, जबकि देश के बाकी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने ये आकलन दक्षिण-पश्चिम मानसून के अपने दूसरे पूर्वानुमान में किए हैं। इससे पहले 13 अप्रैल को जारी अपने पहले पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने कहा था कि इस मानसून में भारत में दीर्घकालिक औसत की 92 प्रतिशत बारिश होने की संभावना है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">मानसून की बारिश सामान्य से कम</h4>
<p style="text-align:justify;">देश के अधिकांश हिस्सों में 'सामान्य से कम' रह सकती है बारिश  मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने साल 2026 के दक्षिण-पश्चिम मानसून (जून से सितंबर) के लिए अपना दूसरा दीर्घकालिक अनुमान शुक्रवार को जारी कर दिया। इसके अनुसार देश के प्रमुख कई हिस्सों में इस साल मानसून की बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार देश में मानसून दीर्घावधि अनुमान के 90 प्रतिशत रह सकता है। यह स्थिति सामान्य से कम मानसून को दर्शाती है। विभाग के अनुसार इस प्रतिशत में चार प्रतिशत घट बढ़ हो सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">मौसम विभाग ने यहां बताया कि उत्तर-पूर्वी भारत में मानसून की स्थिति सामान्य रहने का अनुमान है, जहां दीर्घावधि औसत की 94 से 106 प्रतिशत तक बारिश हो सकती है। जबकि उत्तर-पश्चिमी भारत में समग्र रूप से बारिश सामान्य से कम (दीर्घावधि औसत के 92 प्रतिशत से भी कम) रहने की आशंका है। इसके अलावा मध्य भारत में भी मानसून की रफ्तार सुस्त रह सकती है और यहां बारिश सामान्य से कम ( दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत से कम) रहने का पूर्वानुमान है।</p>
<p style="text-align:justify;">दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के इस क्षेत्र में भी मानसून की स्थिति सामान्य से कम (दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत से नीचे) रह सकती है। मौसम विभाग के अनुसार देश का 'मानसून कोर जोन' जिसमें देश के अधिकांश वर्षा-आधारित कृषि क्षेत्र शामिल हैं, वहां इस साल मानसून सामान्य से कम दीर्घावधि औसत के 94 प्रतिशत रहने की सबसे अधिक संभावना है। मौसम विभाग ने यह दूसरा पूर्वानुमान जून से सितंबर के चार महीनों की अवधि को ध्यान में रखकर जारी किया है। पहला पूर्वानुमान 13 अप्रैल को जारी किया था। इसमें भी मौसम विभाग ने कहा था कि साल 2026 का मानसून सामान्य से कम या कमजोर रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार देश में तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/583264/saharanpur-crime-news-gokash-killed-in-police-encounter-rewarded-history-sheeter"><span class="t-red">Saharanpur Crime News: </span>पुलिस मुठभेड़ में ढेर हुआ गोकश, सहारनपुर में इनामी हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार </a></h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/583263/tamil-nadu-cm-vijay-meets-pm-modi--find-out-which-issues-were-discussed"><span class="t-red">पीएम मोदी से मिले तमिलनाडु के सीएम विजय, </span>जानिए किन मुद्दों पर हुई बात  </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583323/weather-department-issues-alert-for-up-and-delhi--major-threat-of-storms--gusty-winds--and-hailstorms</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/583323/weather-department-issues-alert-for-up-and-delhi--major-threat-of-storms--gusty-winds--and-hailstorms</guid>
                <pubDate>Fri, 29 May 2026 12:05:51 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-%2896%29.jpg"                         length="109541"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पश्चिम एशिया संकट का असर! घटा भारत का आर्थिक वृद्धि दर, ICRA ने जारी किया FY26-27 का GDP अनुमान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> रेटिंग एजेंसी इक्रा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने पहले इसके 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए वृद्धि दर के अनुमान घटाया गया है। इक्रा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7.5 प्रतिशत लगाया है, जो राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के दूसरे अग्रिम अनुमान 7.6 प्रतिशत से मामूली कम है।</p>
<p style="text-align:justify;">इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ''पश्चिम एशिया में जारी गतिरोध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582515/impact-of-the-west-asian-crisis--india-s-economic-growth-rate-has-decreased--icra-has-released-gdp-estimates-for-fy26-27"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(27)4.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> रेटिंग एजेंसी इक्रा ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने पहले इसके 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए वृद्धि दर के अनुमान घटाया गया है। इक्रा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान 7.5 प्रतिशत लगाया है, जो राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के दूसरे अग्रिम अनुमान 7.6 प्रतिशत से मामूली कम है।</p>
<p style="text-align:justify;">इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, ''पश्चिम एशिया में जारी गतिरोध के कारण कीमतों में अस्थिरता को देखते हुए, अब वित्त वर्ष 2026-27 में कच्चे तेल की औसत कीमत 95 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है, जबकि हमारा पिछला अनुमान 85 डॉलर प्रति बैरल था। परिणामस्वरूप, हमने वित्त वर्ष 2026-27 के जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि के अपने अनुमान (2022-23 की स्थिर कीमतों पर) को घटाकर 6.2 प्रतिशत कर दिया है जो पहले 6.5 प्रतिशत था। रेटिंग एजेंसी ने यह भी कहा कि 2025-26 की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर तीन तिमाहियों के निचले स्तर 7.0 प्रतिशत पर आने का अनुमान है। तीसरी तिमाही में यह 7.8 प्रतिशत रही थी। औद्योगिक और सेवा क्षेत्रों में धीमी वृद्धि के कारण जीडीपी वृद्धि में कमी आने का अनुमान है। हालांकि, कृषि क्षेत्र के प्रदर्शन में मामूली सुधार की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">नायर ने कहा, ''हालांकि, विनिर्माण मात्रा में धीमी वृद्धि, निर्यात में गिरावट और पश्चिम एशिया संकट के कारण मार्जिन पर दबाव के शुरुआती संकेतों को देखते हुए तिमाही में औद्योगिक सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) वृद्धि पर असर पड़ा है। परिणामस्वरूप, हमारा अनुमान है कि जीडीपी वृद्धि दर 2025-26 की चौथी तिमाही में तीन तिमाहियों के निचले स्तर सात प्रतिशत पर आ जाएगी, जो कि एनएसओ के तिमाही के लिए 7.3 प्रतिशत के अनुमान से कम है।''</p>
<p style="text-align:justify;">वैश्विक वृद्धि में नरमी और पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न पोत परिवहन को लेकर समस्याओं का असर 2025-26 की मार्च तिमाही में भारत के वस्तु निर्यात पर पड़ा है और सालाना आधार पर यह 2.8 प्रतिशत घटा है। दिसंबर तिमाही में इसमें मामूली 1.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582515/impact-of-the-west-asian-crisis--india-s-economic-growth-rate-has-decreased--icra-has-released-gdp-estimates-for-fy26-27</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582515/impact-of-the-west-asian-crisis--india-s-economic-growth-rate-has-decreased--icra-has-released-gdp-estimates-for-fy26-27</guid>
                <pubDate>Tue, 19 May 2026 16:05:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-%2827%294.png"                         length="673722"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>IND vs AFG: बुमराह के 'वर्कलोड' पर चयनकर्ताओं की नजर, क्या अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट खेलेंगे या वनडे?</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करने वाले जसप्रीत बुमराह अगले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली श्रृंखला में या तो एकमात्र टेस्ट मैच खेलेंगे या फिर तीन मैचों की वनडे श्रृंखला का हिस्सा होंगे। राष्ट्रीय चयन समिति 19 मई को टीम घोषित करने को लेकर बुमराह के कार्यभार पर विशेष नजर रखे हुए है। छह से 10 जून तक न्यू चंडीगढ़ में खेले जाने वाला एकमात्र टेस्ट मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है। इसके बाद वनडे श्रृंखला के मुकाबले 14 जून (धर्मशाला), 17 जून (लखनऊ) और 20 जून (चेन्नई) में आयोजित होंगे। यह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582196/ind-vs-afg--selectors-keeping-an-eye-on-bumrah-s-workload--will-he-play-tests-or-odis-against-afghanistan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(5)11.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करने वाले जसप्रीत बुमराह अगले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली श्रृंखला में या तो एकमात्र टेस्ट मैच खेलेंगे या फिर तीन मैचों की वनडे श्रृंखला का हिस्सा होंगे। राष्ट्रीय चयन समिति 19 मई को टीम घोषित करने को लेकर बुमराह के कार्यभार पर विशेष नजर रखे हुए है। छह से 10 जून तक न्यू चंडीगढ़ में खेले जाने वाला एकमात्र टेस्ट मैच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है। इसके बाद वनडे श्रृंखला के मुकाबले 14 जून (धर्मशाला), 17 जून (लखनऊ) और 20 जून (चेन्नई) में आयोजित होंगे। यह द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि विराट कोहली और रोहित शर्मा फिलहाल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केवल इसी प्रारूप में खेलते नजर आते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इस बीच दिल्ली के युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव का नाम चयन बैठक में गंभीरता से चर्चा का विषय बन सकता है। विजय हजारे ट्रॉफी के पिछले सत्र में उन्होंने आठ मैचों में 17 विकेट लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। उन्होंने आईपीएल 2026 में भी 12 मुकाबलों में 16 विकेट लेकर प्रभावित किया है। विराट कोहली को शानदार सीम गेंद पर आउट करना उनके प्रदर्शन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा। </p>
<p style="text-align:justify;">हर्षित राणा के जल्द फिट होने की संभावना कम होने के कारण प्रिंस को आजमाने के लिए यह श्रृंखला उपयुक्त मानी जा रही है। अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति टेस्ट टीम में किसी बड़े प्रयोग से बचना चाहेगी। श्रीलंका और न्यूजीलैंड के आगामी विदेशी दौरों को ध्यान में रखते हुए पिछले एक वर्ष में लगातार मौका पाने वाले खिलाड़ियों पर ही भरोसा जताया जा सकता है। इन दोनों देशों में परिस्थितियां एक-दूसरे से बिल्कुल अलग होंगी। बुमराह ने आईपीएल में लगातार क्रिकेट खेला है, लेकिन इस बात की संभावना कम है कि वह अफगानिस्तान के खिलाफ लगभग दो सप्ताह तक चलने वाली टेस्ट और वनडे दोनों श्रृंखलाओं से बाहर रहें। भारतीय टेस्ट टीम की जर्सी पहनने को हमेशा विशेष महत्व देने वाले बुमराह को अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में उतारा जाएगा या नहीं, यही सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, बुमराह अगर टेस्ट मैच खेलते हैं तो उन्हें वनडे श्रृंखला से आराम दिया जाएगा। वहीं, अगर वे वनडे मुकाबलों में उतरते हैं तो टेस्ट से विश्राम मिल सकता है। टीम संयोजन में कुछ बदलाव की चर्चाएं जरूर हैं, लेकिन संभावना है कि पिछले वर्ष दक्षिण अफ्रीका दौरे पर टीम का हिस्सा रहे देवदत्त पडिक्कल को बल्लेबाजी क्रम में तीसरे नंबर पर साई सुदर्शन की जगह मौका मिल सकता है। इस स्थान के लिए वॉशिंगटन सुंदर और ध्रुव जुरेल भी विकल्प माने जा रहे हैं। सुंदर तमिलनाडु के लिए नंबर तीन पर बल्लेबाजी कर चुके हैं, जबकि जुरेल विशेषज्ञ बल्लेबाज की भूमिका निभा सकते हैं। टेस्ट मैच के लिए अगर बुमराह उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो नई गेंद की जिम्मेदारी मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा के कंधों पर रहने की संभावना है। आकाश दीप और हर्षित राणा दोनों चोटिल हैं, ऐसे में जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज औकिब नबी को तीसरे तेज गेंदबाज के तौर पर मौका मिल सकता है। रणजी ट्रॉफी के पिछले सत्र में उन्होंने 60 विकेट झटके थे।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, उनकी प्रतिस्पर्धा तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी से रहेगी। बुमराह अगर टीम में शामिल होते हैं, तो औकिब नबी को इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि भारतीय परिस्थितियों में आमतौर पर तीन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों से अधिक को अंतिम एकादश में जगह नहीं मिलती और यहां स्पिनरों की भूमिका अहम रहती है। स्पिन विभाग में रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर लगभग तय माने जा रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चुनी गई पिछली टीम की तुलना में अक्षर पटेल की जगह पर जरूर सवाल उठ सकते हैं। हर्ष दुबे को श्रीलंका ए की त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए चुना गया है, लेकिन फिलहाल उन्हें टेस्ट टीम की दौड़ में नहीं माना जा रहा। दूसरी ओर, मानव सुथार अक्षर पटेल को कड़ी चुनौती दे सकते हैं। अनुभव के आधार पर बाजी अक्षर के पक्ष में जा सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>खेल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582196/ind-vs-afg--selectors-keeping-an-eye-on-bumrah-s-workload--will-he-play-tests-or-odis-against-afghanistan</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582196/ind-vs-afg--selectors-keeping-an-eye-on-bumrah-s-workload--will-he-play-tests-or-odis-against-afghanistan</guid>
                <pubDate>Sat, 16 May 2026 17:07:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-%285%2911.png"                         length="764203"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'परजीवी' टिप्पणी पर CJI सूर्यकांत ने दी सफाई: बोले- बयान को गलत मरोड़ा, देश के युवाओं पर मुझे गर्व है</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने शनिवार को अपने 'परजीवी' संबंधी बयान पर कड़े शब्दों में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि मीडिया में आई खबरों से उन्हें 'दुख' हुआ है, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की है। </p><p style="text-align:justify;">प्रधान न्यायाधीश ने एक बयान में कहा, ''मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने कल एक हल्के मामले की सुनवाई के दौरान मेरे द्वारा की गई मौखिक टिप्पणी को गलत तरीके से उद्धृत किया है।'' </p><p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति सूयकांत ने रेखांकित किया कि उनकी टिप्पणियां विशेष रूप से उन व्यक्तियों को लक्षित थीं जो ''नकली और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582194/cji-surya-kant-clarified-his--parasite--remark--%22the-media-has-misconstrued-the-statement--i-am-proud-of-the-youth-of-the-country-%22"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(4)11.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने शनिवार को अपने 'परजीवी' संबंधी बयान पर कड़े शब्दों में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि मीडिया में आई खबरों से उन्हें 'दुख' हुआ है, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की है। </p><p style="text-align:justify;">प्रधान न्यायाधीश ने एक बयान में कहा, ''मुझे यह पढ़कर दुख हुआ कि मीडिया के एक वर्ग ने कल एक हल्के मामले की सुनवाई के दौरान मेरे द्वारा की गई मौखिक टिप्पणी को गलत तरीके से उद्धृत किया है।'' </p><p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति सूयकांत ने रेखांकित किया कि उनकी टिप्पणियां विशेष रूप से उन व्यक्तियों को लक्षित थीं जो ''नकली और फर्जी डिग्रियों'' के माध्यम से कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे थे और ''मीडिया के एक वर्ग द्वारा उन्हें गलत तरीके से उद्धृत किया गया।'' यह स्पष्टीकरण शुक्रवार को एक मामले की सुनवाई को लेकर हुए विवाद के बाद आया है। </p><p style="text-align:justify;">प्रधान न्यायाधीश ने वरिष्ठ पद की मांग करने वाली याचिका पर एक वकील को फटकार लगाते हुए ''परजीवी'' और 'कॉकरोच' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। सीजेआई सूर्यकांत ने अपनी टिप्पणी को लेकर उत्पन्न विवाद पर सफाई देते हुए कहा, ''मैंने विशेष रूप से उन लोगों की आलोचना की थी जिन्होंने फर्जी और जाली डिग्रियों की मदद से बार (कानूनी पेशा) जैसे व्यवसायों में प्रवेश किया है। ऐसे ही लोग मीडिया, सोशल मीडिया और अन्य प्रतिष्ठित व्यवसायों में भी घुसपैठ कर चुके हैं, और इसलिए वे परजीवियों की तरह हैं।'' </p><p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ''यह कहना बिल्कुल निराधार है कि मैंने अपने देश के युवाओं की आलोचना की। मुझे न केवल हमारे वर्तमान और भविष्य के मानव संसाधन पर गर्व है, बल्कि भारत का हर युवा मुझे प्रेरित करता है। यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि भारतीय युवा मेरे प्रति बहुत आदर और सम्मान रखते हैं, और मैं भी उन्हें एक विकसित भारत के स्तंभ के रूप में देखता हूं।''<br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582194/cji-surya-kant-clarified-his--parasite--remark--%22the-media-has-misconstrued-the-statement--i-am-proud-of-the-youth-of-the-country-%22</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582194/cji-surya-kant-clarified-his--parasite--remark--%22the-media-has-misconstrued-the-statement--i-am-proud-of-the-youth-of-the-country-%22</guid>
                <pubDate>Sat, 16 May 2026 16:58:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-%284%2911.png"                         length="542880"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UAE रवाना हुए पीएम मोदीः 5 देशों की 6 दिन की महत्वपूर्ण विदेश यात्रा शुरू, ऊर्जा सुरक्षा पर फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के प्रमुख एजेन्डे के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई ) और चार यूरोपीय देशों नीदरलैंड , स्वीडन, नार्वे तथा इटली की छह दिन की यात्रा पर रवाना हो गये। इस यात्रा में उनका सबसे अधिक जोर ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा। इसके अलावा वह इन देशों के साथ व्यापार, निवेश और रणनीतिक क्षेत्र में सहयोग बढाने पर भी चर्चा करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी इस दौरान इन देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। प्रधानमंत्री यात्रा के पहले चरण में भारतीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581988/pm-modi-departs-for-uae--begins-6-day-important-foreign-tour-to-5-countries--focus-on-energy-security"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(2)9.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के प्रमुख एजेन्डे के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई ) और चार यूरोपीय देशों नीदरलैंड , स्वीडन, नार्वे तथा इटली की छह दिन की यात्रा पर रवाना हो गये। इस यात्रा में उनका सबसे अधिक जोर ऊर्जा सुरक्षा पर रहेगा। इसके अलावा वह इन देशों के साथ व्यापार, निवेश और रणनीतिक क्षेत्र में सहयोग बढाने पर भी चर्चा करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी इस दौरान इन देशों के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे। प्रधानमंत्री यात्रा के पहले चरण में भारतीय समय के अनुसार दोपहर यूएई पहुंचेंगे जहां वह यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता द्विपक्षीय मुद्दों, विशेष रूप से ऊर्जा सहयोग, तथा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार यूएई में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर दोनों देशों के बीच कम से कम दो महत्वपूर्ण समझौते भी हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि पश्चिम एशिया संकट के कारण उत्पन्न इस अनिश्चितता की स्थिति में श्री मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा का संरक्षण करने तथा विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए मितव्ययिता की अपील की है। यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री 15 से 17 मई तक नीदरलैंड की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। वर्ष 2017 के बाद यह उनकी दूसरी नीदरलैंड यात्रा होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान प्रधानमंत्री नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्ज़ेंडर और रानी मैक्सिमा से भेंट करेंगे तथा प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ वार्ता करेंगे। यात्रा के तीसरे चरण में श्री मोदी स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के निमंत्रण पर 17 से 18 मई तक स्वीडन के गोथेनबर्ग जाएंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों नेता व्यापार, हरित परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु कार्रवाई और जन-से-जन संबंधों सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। दोनों प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपीय उद्योग गोलमेज सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री यात्रा के चौथे चरण में 18 से 19 मई तक नॉर्वे की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे, जहाँ वह तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और द्विपक्षीय बैठकों में भाग लेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा होगी तथा पिछले 43 वर्षों में भारत से किसी प्रधानमंत्री की पहली नॉर्वे यात्रा भी होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम और रानी सोन्या से भेंट करेंगे तथा प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे के साथ वार्ता करेंगे। प्रधानमंत्री भारत-नॉर्वे व्यापार एवं अनुसंधान शिखर सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। यह यात्रा व्यापार और निवेश, भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते, स्वच्छ एवं हरित प्रौद्योगिकी तथा ब्लू इकोनॉमी जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 19 मई को ओस्लो में होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">इसमें प्रधानमंत्री मोदी के साथ नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर स्टोरे, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसन, फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेट्टेरी ऑर्पो, आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रून फ्रोस्टाडॉटिर तथा स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन भाग लेंगे। यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 19 से 20 मई तक इटली की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह यात्रा इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर होगी। इस दौरान वह इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से भेंट करेंगे तथा प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ वार्ता करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों की पृष्ठभूमि में हो रही है, जहाँ दोनों पक्ष संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-2029 को सक्रिय रूप से लागू कर रहे हैं। इस कार्ययोजना में व्यापार, निवेश, रक्षा और सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा जन-से-जन संबंधों सहित अनेक क्षेत्रों में सहयोग शामिल है। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री की यह यात्रा यूरोप के साथ भारत की साझेदारी को विभिन्न क्षेत्रों में और मजबूत करेगी, विशेष रूप से हाल ही में संपन्न भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के संदर्भ में व्यापार और निवेश संबंधों को नई दिशा मिलेगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/581988/pm-modi-departs-for-uae--begins-6-day-important-foreign-tour-to-5-countries--focus-on-energy-security</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/581988/pm-modi-departs-for-uae--begins-6-day-important-foreign-tour-to-5-countries--focus-on-energy-security</guid>
                <pubDate>Fri, 15 May 2026 10:26:10 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-%282%299.png"                         length="448624"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देशभर में महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल, सामने आई नई रेट लिस्ट, देखें यहां...</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> सरकारी तेल कंपनियों ने चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन करते हुए दोनों ईंधनों के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी को देखते हुए जितनी वृद्धि की आवश्यकता थी, यह बढ़ोतरी उसका लगभग दसवां हिस्सा ही है। </p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों ने बढ़ती लागत के बावजूद 11</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581986/petrol-and-diesel-prices-rise-across-the-country--new-rate-list-released--see-here"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit15.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> सरकारी तेल कंपनियों ने चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन करते हुए दोनों ईंधनों के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद वैश्विक ऊर्जा कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी को देखते हुए जितनी वृद्धि की आवश्यकता थी, यह बढ़ोतरी उसका लगभग दसवां हिस्सा ही है। </p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियों ने बढ़ती लागत के बावजूद 11 सप्ताह तक ईंधन कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन जब संचालन आर्थिक रूप से अस्थिर होने लगा तो लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालना पड़ा। पेट्रोल और डीजल की कीमतें अप्रैल 2022 से स्थिर थीं। हालांकि, मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले दोनों ईंधनों के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की एकमुश्त कटौती की गई थी।</p>
<p><strong>प्रमुख शहरों में पेट्रोल के दाम</strong></p>
<p><strong>शहर    पेट्रोल के दाम</strong><br /><strong>दिल्ली  </strong>  97.77 (+3.00)<br /><strong>कोलकाता</strong>    108.74 (+3.29)<br /><strong>मुंबई</strong>    106.68 (+3.14)<br /><strong>चेन्नई </strong>   103.67 (+2.83)</p>
<p><strong>प्रमुख शहरों में डीजल के दाम</strong></p>
<p><strong>शहर    डीजल के रेट</strong><br /><strong>दिल्ली   </strong> 90.67 (+3.00)<br /><strong>कोलकाता</strong>    95.13 (+3.11)<br /><strong>मुंबई</strong>    93.14 (+3.11)<br /><strong>चेन्नई </strong>   95.25 (+2.86)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/581986/petrol-and-diesel-prices-rise-across-the-country--new-rate-list-released--see-here</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/581986/petrol-and-diesel-prices-rise-across-the-country--new-rate-list-released--see-here</guid>
                <pubDate>Fri, 15 May 2026 10:12:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit15.png"                         length="1140883"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी ने घटाईं अपने काफिले में गाड़ियां, देश के कई CMs ने भी किया अमल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईंधन से चलने वाले वाहनों के उपयोग में कमी लाने और मितव्ययिता उपाय अपनाने की अपील करने के कुछ दिन बाद अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या काफी कम कर दी है। प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इसी तरह का कदम उठाया है और अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री की हालिया घरेलू यात्राओं के दौरान उनके काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम की गई है। हालांकि, विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के प्रोटोकॉल के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581850/prime-minister-modi-reduced-the-number-of-vehicles-in-his-convoy--followed-by-several-chief-ministers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(10)5.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ईंधन से चलने वाले वाहनों के उपयोग में कमी लाने और मितव्ययिता उपाय अपनाने की अपील करने के कुछ दिन बाद अपने काफिले में शामिल वाहनों की संख्या काफी कम कर दी है। प्रधानमंत्री के आह्वान के बाद कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इसी तरह का कदम उठाया है और अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम कर दी है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री की हालिया घरेलू यात्राओं के दौरान उनके काफिले में शामिल वाहनों की संख्या कम की गई है। हालांकि, विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के प्रोटोकॉल के अनुसार आवश्यक सुरक्षा प्रबंधों को बरकरार रखा गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, हैदराबाद में रविवार को मितव्ययिता उपायों के संबंध में दिए गए प्रधानमंत्री के भाषण के तुरंत बाद गुजरात और असम में उनके काफिले में कारों की संख्या को कम कर दिया गया। सूत्रों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री ने जहां संभव हो, बिना नए वाहन खरीदे अपने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने के निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने और राज्य के मंत्रियों के काफिले में चलने वाले वाहनों की संख्या तत्काल आधी करने का निर्देश दिया है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि ईंधन की खपत कम करें और वैश्विक हालात को देखते हुए सोने की अनावश्यक खरीद से बचें। उन्होंने मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिवों के साथ बैठक में निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिले में तत्काल 50 प्रतिशत तक कमी की जाए। </p>
<p style="text-align:justify;">मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या घटा दी। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने मंत्रिपरिषद के सदस्यों से राष्ट्रीय हित में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री के काफिले में अब पहले के 13 वाहनों की तुलना में केवल आठ वाहन शामिल होंगे। अधिकारी ने बताया कि उनके दौरों के दौरान वाहन रैलियां भी आयोजित नहीं की जाएंगी। सभी मंत्री अपनी यात्राओं के दौरान न्यूनतम वाहनों का उपयोग करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मंत्रियों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सरकारी वाहनों की संख्या में कमी लाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, ''मैं सभी दिल्लीवासियों से आग्रह करती हूं कि वे भी प्रधानमंत्री जी के इस आह्वान का पालन करते हुए ऊर्जा संरक्षण के इस राष्ट्रीय प्रयास में सहभागी बनें।'' </p>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनके काफिले में वाहनों की संख्या कम से कम रखने का निर्देश दिया है, जिसके बाद बुधवार को उनके काफिले में सिर्फ पांच वाहन दिखाई दिए। आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार शर्मा ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखने का निर्देश दिया है और अधिकारियों को अनावश्यक वाहनों का उपयोग न करने को कहा गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र सरकार ने सभी मंत्रियों को निर्देश दिया है कि आधिकारिक यात्रा के लिए विमान का उपयोग करने से पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अनुमति ली जाए। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने घोषणा की कि वह गुजरात में हेलीकॉप्टर और विमानों से यात्रा करने के बजाय ट्रेनों, राज्य परिवहन की बसों और सार्वजनिक परिवहन के संसाधनों से यात्रा करेंगे और ईंधन की बचत के लिए उनके सरकारी वाहनों के काफिले को भी छोटा किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने प्रधानमंत्री की अपील के बाद अपनी अमेरिका की प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी है। <br />बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने ऐलान किया कि उन्होंने अपने काफिले के वाहनों की संख्या स्वयं कम करके आधी कर दी है और जरूरी होने पर ही आधिकारिक यात्रा करेंगे। बिहार की दो अन्य मंत्रियों- लेशी सिंह और शीला मंडल ने भी घोषणा की है कि वे व्यक्तिगत रूप से मितव्ययिता के कदम उठाएंगी। </p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम एशिया संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए मितव्ययिता अपनाने पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कार पूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों के अधिक इस्तेमाल, पार्सल ढुलाई के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम करने) को बढ़ावा देने का सुझाव दिया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/581850/prime-minister-modi-reduced-the-number-of-vehicles-in-his-convoy--followed-by-several-chief-ministers</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/581850/prime-minister-modi-reduced-the-number-of-vehicles-in-his-convoy--followed-by-several-chief-ministers</guid>
                <pubDate>Wed, 13 May 2026 17:15:20 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-%2810%295.png"                         length="919356"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>National Technology Day: वैज्ञानिकों की मेहनत से बना भारत का स्वाभिमान, PM मोदी का राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर संदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों को देश के गौरव और स्वाभिमान के सच्चे शिल्पी बताते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने 18 वर्ष पहले किए गए परमाणु परीक्षणों को भारत के सामर्थ्य का प्रतीक बताया है। </p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, "वर्ष 1998 में आज के दिन पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण ने दुनिया को भारत के अद्भुत सामर्थ्य से परिचित कराया। हमारे वैज्ञानिक देश के गौरव और स्वाभिमान के सच्चे शिल्पी हैं।" </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/narendramodi/status/2053671823771062478?s=20">https://twitter.com/narendramodi/status/2053671823771062478?s=20</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">
//&gt;&lt;!--

//--&gt;&lt;!</p>
<p style="text-align:justify;">एक अन्य पोस्ट में उन्होंने प्रौद्योगिकी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581560/national-technology-day--india-s-self-respect-is-built-by-the-hard-work-of-scientists--pm-modi-s-message-on-national-technology-day"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(56).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैज्ञानिकों को देश के गौरव और स्वाभिमान के सच्चे शिल्पी बताते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस की शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री ने 18 वर्ष पहले किए गए परमाणु परीक्षणों को भारत के सामर्थ्य का प्रतीक बताया है। </p>
<p style="text-align:justify;">पीएम मोदी ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, "वर्ष 1998 में आज के दिन पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण ने दुनिया को भारत के अद्भुत सामर्थ्य से परिचित कराया। हमारे वैज्ञानिक देश के गौरव और स्वाभिमान के सच्चे शिल्पी हैं।" </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/narendramodi/status/2053671823771062478?s=20">https://twitter.com/narendramodi/status/2053671823771062478?s=20</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">एक अन्य पोस्ट में उन्होंने प्रौद्योगिकी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस दिन हम अपने वैज्ञानिकों की मेहनत और समर्पण को याद करते हैं। उन्होंने कहा,' राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर शुभकामनाएँ। हम गर्व के साथ अपने वैज्ञानिकों की कठोर मेहनत और समर्पण को स्मरण करते हैं, जिनके कारण वर्ष 1998 में पोखरण में सफल परीक्षण संभव हो सके। वह ऐतिहासिक क्षण भारत की वैज्ञानिक उत्कृष्टता और अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक था।" </p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का एक प्रमुख स्तंभ बन चुकी है। यह नवाचार को गति दे रही है, अवसरों का विस्तार कर रही है और विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे रही है। हमारी निरंतर प्राथमिकता प्रतिभाओं को सशक्त बनाना, अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और ऐसे समाधान विकसित करना है जो राष्ट्रीय विकास तथा हमारे लोगों की आकांक्षाओं - दोनों की पूर्ति करें। उल्लेखनीय है कि हर वर्ष 11 मई को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है, जो 1998 में पोखरण में हुए सफल परमाणु परीक्षणों (ऑपरेशन शक्ति) और भारत की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है। </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/581560/national-technology-day--india-s-self-respect-is-built-by-the-hard-work-of-scientists--pm-modi-s-message-on-national-technology-day</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/581560/national-technology-day--india-s-self-respect-is-built-by-the-hard-work-of-scientists--pm-modi-s-message-on-national-technology-day</guid>
                <pubDate>Mon, 11 May 2026 10:08:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/muskan-dixit-%2856%29.png"                         length="632718"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        