<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/473469/privatization" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>Privatisation - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/473469/rss</link>
                <description>Privatisation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>'बिजली कंपनियों का घाटे के नाम पर निजीकरण की बात करना गलत' सरकारी विभागों पर 3 सालों में 4489 करोड़ रु. बकाया </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की बैलेंस शीट बता रही है कि सरकारी विभागों पर 3 सालों के दौरान 4489 करोड़ रु. का बकाया है। वहीं, अतिरिक्त सब्सिडी के मद में भी सरकार द्धारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को 8115 करोड़ रु. देना है। ऐसे में घाटे के नाम पर निजीकरण की बात करना गलत है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य उपभोक्ता परिषद ने इस खुलासे के साथ दावा किया है कि प्रदेश की बिजली कंपनियों का घाटा जहां 110 हजार करोड़ है वहीं, उपभोक्ताओं पर जो बकाया है वह 115 हजार करोड़ है। यदि बकाया वसूल ली तो बिजली कंपनियां फायदे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/545838/it-is-wrong-to-talk-about-privatization-in-the-name-of-losses-of-power-companies--rs-4489-crore-dues-on-government-departments-in-3-years"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/pm-shri---(39).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की बैलेंस शीट बता रही है कि सरकारी विभागों पर 3 सालों के दौरान 4489 करोड़ रु. का बकाया है। वहीं, अतिरिक्त सब्सिडी के मद में भी सरकार द्धारा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को 8115 करोड़ रु. देना है। ऐसे में घाटे के नाम पर निजीकरण की बात करना गलत है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य उपभोक्ता परिषद ने इस खुलासे के साथ दावा किया है कि प्रदेश की बिजली कंपनियों का घाटा जहां 110 हजार करोड़ है वहीं, उपभोक्ताओं पर जो बकाया है वह 115 हजार करोड़ है। यदि बकाया वसूल ली तो बिजली कंपनियां फायदे में पहुंच जाएगी। यहां तक पता चला है कि बकाए पर भी बिजली कंपनियों ने लोन ले रखा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उप्र. राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर 33122 करोड़ सर प्लस है। ऐसे में बिजली दरों में 45 प्रतिशत की कमी होनी चाहिए। अवधेश वर्मा के मुताबिक निजीकरण की पूरी प्रक्रिया उद्योगपतियों को लाभ देने के लिए बनाई गई है। कानूनन विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 17 के तहत सबसे पहले राज्य सरकार व बिजली कंपनी को विद्युत नियामक आयोग से अनुमति लेनी चाहिए थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर सर प्लस 33122 करोड़ रु. निकल रहा है। ऐसे में 45 प्रतिशत दरों में कमी होनी चाहिए। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में लॉस रिडक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर और कैपेक्स में कुल लगभग 15963 करोड़ खर्च हुआ इसके बावजूद भी निजीकरण की बात चल रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">उपभोक्ताओं को नहीं दिया मुआवजा</h5>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा कि मुआवजा कानून लागू होने के बावजूद भी अभी तक मुआवजा किसी भी उपभोक्ता को नहीं दिया गया। जबकि वर्ष 2022-23 में 18372 वर्ष 2023 -24 में 51437 वर्ष 2024-25 में 28509 बिजली का कनेक्शन 30 दिन के बाद दिया गया। ऐसे में सभी को मुआवजा मिलना चाहिए था।</p>
<h5 style="text-align:justify;">7 प्रतिशत बिजली चोरी की है!</h5>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में जो साल में कुल बिजली खरीदी जानी है वह 38779 मिलियन यूनिट है। इसमें 7 प्रतिशत बिजली चोरी है। अगर उसका आकलन किया जाए तो लगभग साल में 1628 करोड़ की बिजली चोरी होती है। पूर्वांचल में हर महीने 136 करोड़ की बिजली चोरी हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उपभोक्ता परिषद ने बताया कि छोटे उपभोक्ता जो अपने घर में छोटी-मोटी दुकान खोल लेते हैं उन्हें बिजली चोरी में ना फंसाया जाए। इसलिए उनके लिए 1 किलो वाट 100 यूनिट तक घरेलू में ही एक नई बिजली दर की स्लैब बनाया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;"><br />निजीकरण का जताया विरोध, नियामक आयोग दिया ज्ञापन</p>
<p style="text-align:justify;">वाराणसी में बिजली टैरिफ पर जनसुनवाई के दौरान विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र. ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय रद्द करने की मांग की। वाराणसी में बिजली टैरिफ पर जनसुनवाई के दौरान विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र. ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय रद्द करने की मांग की। </p>
<p style="text-align:justify;">संघर्ष समिति के साथ उपभोक्ता परिषद और सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं ने उप्र में विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण को जन विरोधी बताते हुए निजीकरण का निर्णय वापस लेने की मांग की। शुक्रवार को बड़ी संख्या में पार्षदों और जन प्रतिनिधियों ने जनसुनवाई में पहुंचकर निजीकरण का विरोध किया।</p>
<p style="text-align:justify;">संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष को इस संबध में एक ज्ञापन भी दिया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारियों माया शंकर तिवारी, शशि प्रकाश सिंह, अंकुर पांडे, नीरज बिंद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने वाराणसी में बिजली के टैरिफ बढ़ोत्तरी पर हो रही जनसुनवाई के दौरान पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय व्यापक जनहित और कर्मचारियों के हित में वापस लेने की मांग की। </p>
<p style="text-align:justify;">संघर्ष समिति के प्रतिनिधि मंडल ने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार को इस बाबत एक ज्ञापन भी दिया। जन सुनवाई के दौरान संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी महेन्द्र राय और जूनियर इंजीनियर्स संगठन के अध्यक्ष अजय कुमार भी उपस्थित थे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/545835/cm-s-instructions-against-black-marketing-and-hoarding---exploitation-of-farmers-will-not-be-tolerated--there-is-plenty-of-fertilizer-available-in-the-state">कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ सीएम के निर्देश, 'किसानों का शोषण बर्दाश्त नहीं, प्रदेश में भरपूर खाद उपलब्ध'</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/545838/it-is-wrong-to-talk-about-privatization-in-the-name-of-losses-of-power-companies--rs-4489-crore-dues-on-government-departments-in-3-years</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/545838/it-is-wrong-to-talk-about-privatization-in-the-name-of-losses-of-power-companies--rs-4489-crore-dues-on-government-departments-in-3-years</guid>
                <pubDate>Sat, 12 Jul 2025 15:38:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/pm-shri---%2839%29.jpg"                         length="169410"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी 9 जुलाई को करेंगे हड़ताल </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर देश भर में लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी उत्तर प्रदेश में किए जा रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में 9 जुलाई को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे। </p>
<p>इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के साथ उप्र के एक लाख से अधिक बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता पूरे दिन कार्यालयों अथवा कार्य स्थल के बाहर आकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे। </p>
<p>विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को यहां बताया कि नौ जुलाई को होने वाली हड़ताल केंद्र और राज्य सरकारों की निजीकरण की नीति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/545335/up-news--electricity-workers-will-go-on-strike-on-july-9-in-protest-against-privatization"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/cats159.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर देश भर में लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी उत्तर प्रदेश में किए जा रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में 9 जुलाई को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे। </p>
<p>इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल के साथ उप्र के एक लाख से अधिक बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता पूरे दिन कार्यालयों अथवा कार्य स्थल के बाहर आकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे। </p>
<p>विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार को यहां बताया कि नौ जुलाई को होने वाली हड़ताल केंद्र और राज्य सरकारों की निजीकरण की नीति के विरोध में की जा रही है। </p>
<p>उन्होंने बताया कि नौ जुलाई की हड़ताल में बिजली के साथ रेल, बैंक, बीमा, बी एस एन एल, पोस्टल, केन्द्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम, केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के कर्मचारी, निजी कल कारखानों के कर्मचारी और मजदूर सम्मिलित होंगे। </p>
<p>संघर्ष समिति ने बताया कि नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी ऑफ़ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की नोटिस में केंद्र सरकार से मांग की गई है कि वह हस्तक्षेप कर उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दें कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का फैसला बिजली कर्मचारियों के व्यापक हित में वापस लिया जाये। </p>
<p>उन्होंने बताया कि 10 राष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों के मांगपत्र में भी उप्र में दो विद्युत वितरण कंपनियां के निजीकरण के निर्णय को निरस्त करने की मुख्य मांग है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/545335/up-news--electricity-workers-will-go-on-strike-on-july-9-in-protest-against-privatization</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/545335/up-news--electricity-workers-will-go-on-strike-on-july-9-in-protest-against-privatization</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Jul 2025 15:13:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/cats159.jpg"                         length="131516"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निजीकरण पर नियामक आयोग जल्द देगा comprehensive report, हो रहा पावर कॉर्पोरेशन की अंतरिम रिपोर्ट का इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> ऊर्जा निगमों के निजीकरण पर राज्य विद्युत नियामक आयोग जल्द वृहद रिपोर्ट देगा। आयोग उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन को भेजे गये अंतरिम रिपोर्ट के जवाब के इंतजार में है। इस बीच, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि निजीकरण के मुद्दे पर राज्य सरकार व पावर कॉरपोरेशन की ओर से विद्युत अधिनियम का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में इस प्रकरण में केंद्र सरकार के महाधिवक्ता से राय लेने की जरूरत है।</p>
<p>बीते माह आयोग ने निजीकरण पर अपनी अंतरिम रिपोर्ट सरकार को भेजी थी, जिसमें आयोग ने कई वित्तीय खामियां उठाई थीं। इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/545129/regulatory-commission-will-soon-give-a-comprehensive-report-on-privatization--power-corporation-s-interim-report-is-awaited"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/1-(88).png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> ऊर्जा निगमों के निजीकरण पर राज्य विद्युत नियामक आयोग जल्द वृहद रिपोर्ट देगा। आयोग उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन को भेजे गये अंतरिम रिपोर्ट के जवाब के इंतजार में है। इस बीच, उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने कहा कि निजीकरण के मुद्दे पर राज्य सरकार व पावर कॉरपोरेशन की ओर से विद्युत अधिनियम का उल्लंघन किया जा रहा है। ऐसे में इस प्रकरण में केंद्र सरकार के महाधिवक्ता से राय लेने की जरूरत है।</p>
<p>बीते माह आयोग ने निजीकरण पर अपनी अंतरिम रिपोर्ट सरकार को भेजी थी, जिसमें आयोग ने कई वित्तीय खामियां उठाई थीं। इस पर सरकार की ओर से अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है। इस बीच, उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि निजीकरण का पूरा मसौदा असंवैधानिक है, अगर केंद्र सरकार के महाधिवक्ता से इस पर राय ले ली जाय, तो उपभोक्ता परिषद के आरोप सच साबित होंगे। उन्होंने कहा कि पूरा मसौदा निजी घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि निजीकरण के लिए बनने वाली पांच नई बिजली कंपनियों की रिजर्व विद प्राइस 6500 करोड़ आंकना पूरी तरह भ्रष्टाचार का मामला है। अगर इसका सही आकलन कराया जाय तो यह 10,000 करोड़ से ऊपर होगी। उन्होंने कहा कि रिजर्व बिड प्राइस को कम आंकने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।</p>
<h5><strong>निजीकरण के लिए नियुक्त सलाहकार कंपनी</strong></h5>
<p>उपभोक्ता परिषद ने कहा कि निजीकरण का पूरा मसौदा बनाने वाली सलाहकार कंपनी ग्रांट थॉनर्टन पहले से विवादों के घेरे में है। अमेरिका में इस कंपनी पर जुर्माना लगाया गया था। इस कंपनी को निजीकरण का कोई भी ज्ञान नहीं है। यह राजमार्ग का काम करने वाली सलाहकार कंपनी है, पर इसे बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए सलाहकार का कार्य दिया गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/545128/panchayat-election-2026--state-congress-is-preparing-to-field-influential-supported-candidates-in-panchayat-elections">Panchayat Election 2026: पंचायत चुनाव में प्रभावशाली समर्थित उम्मीदवार उतारने की तैयारी में प्रदेश कांग्रेस</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/545129/regulatory-commission-will-soon-give-a-comprehensive-report-on-privatization--power-corporation-s-interim-report-is-awaited</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/545129/regulatory-commission-will-soon-give-a-comprehensive-report-on-privatization--power-corporation-s-interim-report-is-awaited</guid>
                <pubDate>Mon, 07 Jul 2025 10:37:07 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/1-%2888%29.png"                         length="1241939"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निजीकरण पर आर-पार की लड़ाई के मूड में बिजली कर्मी, 29 मई से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>ऊर्जा निगमों के निजीकरण पर बिजली कर्मी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। 29 मई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को लेकर बिजली कर्मियों ने तैयारी शुरू कर दी है। स्थिति से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच, बिजली कर्मियों का तीन घंटे का विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर आरोप लगाया कि वह निजीकरण की जिद पर अड़ा हुआ है व हठवादी रवैया अपना रहा है। शांतिपूर्वक आंदोलन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/539261/electricity-workers-in-mood-for-a-do-or-die-battle-against-privatisation--indefinite-strike-from-may-29"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post--(1)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>ऊर्जा निगमों के निजीकरण पर बिजली कर्मी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। 29 मई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को लेकर बिजली कर्मियों ने तैयारी शुरू कर दी है। स्थिति से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच, बिजली कर्मियों का तीन घंटे का विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर आरोप लगाया कि वह निजीकरण की जिद पर अड़ा हुआ है व हठवादी रवैया अपना रहा है। शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे बिजली कर्मियों पर हड़ताल थोपना चाहता है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे व अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निजीकरण की आड़ में अरबो रुपए के घोटाले की तैयारी है। </p>
<p style="text-align:justify;">संघर्ष समिति की हड़ताल करने की अभी कोई नोटिस नहीं है, इसके बाद भी कॉरपोरेशन प्रबंधन मुख्य सचिव और शासन के बड़े अधिकारियों को पत्र भेज कर गुमराह कर रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि झूठा शपथ पत्र देने वाली सलाहकार कंपनी ग्रांट थॉर्नटन पर अमेरिका में जुर्माना लगाया गया। इस प्रकरण के प्रकाश में आने के बाद भी कॉरपोरेशन की ओर से सलाहकार कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/539192/rain-and-hailstorm-damage-mango-crop-in-uttar-pradesh--alert-of-pest-attack#gsc.tab=0">बारिश-ओलावृष्टि से उत्तर प्रदेश में आम की फसल खराब, कीटों के हमले की चेतावनी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/539261/electricity-workers-in-mood-for-a-do-or-die-battle-against-privatisation--indefinite-strike-from-may-29</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/539261/electricity-workers-in-mood-for-a-do-or-die-battle-against-privatisation--indefinite-strike-from-may-29</guid>
                <pubDate>Fri, 23 May 2025 11:19:18 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-05/news-post--%281%2915.jpg"                         length="202375"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निजीकरण से शिक्षा हुई महंगी, रोजगार के घटे अवसर: अखिलेश यादव ने भाजपा पर बोला हमला</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ। </strong>समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अनुपयोगी सरकार के निजीकरण के प्रयासों का नतीजा है कि न सिर्फ शिक्षा महंगी हुयी है बल्कि रोजगार के अवसर कम हुये है। </p>
<p>समाजवादी छात्र सभा की एक बैठक को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि सस्ती शिक्षा और रोजगार देने के वादे के साथ सत्ता में आई भाजपा सरकार ने निजीकरण कर न सिर्फ शिक्षा को महंगा कर दिया बल्कि नौकरी और रोजगार पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया। </p>
<p>प्रतियोगी परीक्षाओं में आये दिन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537219/privatisation-has-made-education-costly--employment-opportunities-have-decreased--akhilesh-yadav-attacks-bjp"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/अखिलेश-यादव-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ। </strong>समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अनुपयोगी सरकार के निजीकरण के प्रयासों का नतीजा है कि न सिर्फ शिक्षा महंगी हुयी है बल्कि रोजगार के अवसर कम हुये है। </p>
<p>समाजवादी छात्र सभा की एक बैठक को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि सस्ती शिक्षा और रोजगार देने के वादे के साथ सत्ता में आई भाजपा सरकार ने निजीकरण कर न सिर्फ शिक्षा को महंगा कर दिया बल्कि नौकरी और रोजगार पर भी गंभीर संकट खड़ा हो गया। </p>
<p>प्रतियोगी परीक्षाओं में आये दिन धांधली की चलते परीक्षायें निरस्त हो रही हैं जिससे मेधावी छात्रों खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्होने कहा कि 2027 का चुनाव योगी बनाम प्रतियोगी के बीच लड़ा जायेगा जिसमें युवाओं और छात्रों की भूमिका अहम होगी। उन्होने कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार चरम पर है। पूरे देश में उत्तर प्रदेश साइबर अपराध के मामले में नंबर एक पर है। </p>
<p>डाक्टर, आईएएस, आईपीएस समेत समाज का कोई वर्ग साइबर अपराध से नहीं बच रहा है। इन गंभीर हालत में भी सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। सरकारी अस्पतालों में इलाज का सर्वथा अभाव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर में एम्स तो है, मगर वहां के मरीज भी लखनऊ इलाज कराने आ रहे हैं। </p>
<p>इससे पता चलता है कि राज्य में चिकित्सा व्यवस्था किस हद तक बदतर हो चुकी है। पीलीभीत,बहराइच और बस्ती समेत अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण को ढहाने पर ऐतराज जताते हुये उन्होने कहा कि इस प्रक्रिया से गरीब मजलूम प्रभावित हो रहे हैं। </p>
<p>जो विकास प्रदेश को विनाश की तरफ ले जाये,उसे स्वीकार नहीं किया जा सकता मगर कुछ लोगों के हाथ में विनाश की रेखा ही छपी है। अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता गांव बूथ का दौरा करेंगे और उन्हे सरकार विरोध कार्यकलापों के अलावा पीडीए की ताकत से रुबरु करायेंगे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537219/privatisation-has-made-education-costly--employment-opportunities-have-decreased--akhilesh-yadav-attacks-bjp</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/537219/privatisation-has-made-education-costly--employment-opportunities-have-decreased--akhilesh-yadav-attacks-bjp</guid>
                <pubDate>Thu, 08 May 2025 16:00:56 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/%E0%A4%85%E0%A4%96%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A4%B5-%281%29.jpg"                         length="68775"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली कर्मचारी प्रदर्शन:लखनऊ की सड़को पर उतरे बिजली कर्मचारी, निजीकरण के विरोध में किया उग्र प्रदर्शन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार।</strong>    निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक विशाल रैली के जरिये अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।हजारों की संख्या में बिजली कर्मचारी हाईडिल फील्ड हॉस्टल में एकत्र हुए। रैली की शक्ल में दोपहर साढ़े 12 बजे दैनिक जागरण चौराहा, सिकन्दरबाग चौराहा, अशोक मार्ग, इन्दिरा भवन, जवाहर भवन, शक्तिभवन होते हुए मीराबाई मार्ग के रास्ते वापस फील्ड हॉस्टल तक आये जहां आयोजित विशाल सभा में कर्मचारी नेताओं ने सर्वसम्मति निजीकरण के विरोध में आन्दोलन का निर्णय लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532447/electricity-workers-protest--electricity-workers-took-to-the-streets-of-lucknow--staged-a-fierce-protest-against-privatization"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/&#039;ग्राहकों-से-दुकानदारों’-को-upi-लेनदेन-की-सीमा-में-बढ़ोतरी-(7).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार।</strong>  निजीकरण का विरोध कर रहे बिजली कर्मचारियों ने बुधवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक विशाल रैली के जरिये अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।हजारों की संख्या में बिजली कर्मचारी हाईडिल फील्ड हॉस्टल में एकत्र हुए। रैली की शक्ल में दोपहर साढ़े 12 बजे दैनिक जागरण चौराहा, सिकन्दरबाग चौराहा, अशोक मार्ग, इन्दिरा भवन, जवाहर भवन, शक्तिभवन होते हुए मीराबाई मार्ग के रास्ते वापस फील्ड हॉस्टल तक आये जहां आयोजित विशाल सभा में कर्मचारी नेताओं ने सर्वसम्मति निजीकरण के विरोध में आन्दोलन का निर्णय लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में निर्णायक आन्दोलन का ऐलान किया। रैली के बाद आम सभा में प्रस्ताव पारित कर 29 मई से अनिश्चितकालीन कार्यबहिष्कार आन्दोलन का निर्णय लिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके पूर्व 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जनजागरण अभियान चलाया जायेगा, एक मई को बाईक रैली निकाली जायेगी, दो से नौ मई तक क्रमिक अनशन होगा, 14 मई से 19 मई तक नियमानुसार कार्य आन्दोलन होगा, 20 मई को व्यापक विरोध प्रदर्शन होगा और 21 मई से 28 मई तक तीन घण्टे का कार्य बहिष्कार होगा। नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज एण्ड इंजीनियर्स की कोर कमेटी के पदाधिकारियों ने रैली को सम्बोधित किया। </p>
<p style="text-align:justify;">ऑल इण्डिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे, सेक्रेटरी जनरल पी रत्नाकर राव, ऑल इण्डिया फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज के सेक्रेटरी जनरल मोहन शर्मा, ऑल इण्डिया पॉवर डिप्लोमा इंजीनियर्स फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर के त्रिवेदी, इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लॉइज फेडरेशन ऑफ इण्डिया के जनरल सेक्रेटरी सुदीप दत्त, उपाध्यक्ष एवं अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा तथा ऑल इण्डिया पॉवर मेन्स फेडरेशन के जनरल सेक्रेटरी आर के पराशर, राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल अग्रवाल, अटेवा के अध्यक्ष विजय बन्धु, राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन के अध्यक्ष अजय कुमार ने मुख्यतया रैली को सम्बोधित किया। </p>
<p style="text-align:justify;">अपने संबोधन में चेतावनी दी कि यदि निजीकरण वापस न लिया गया और किसी भी बिजली कर्मी का उत्पीड़न किया गया तो देश के 27 लाख बिजली कर्मी मूक दर्शक नहीं रहेंगे और राष्ट्रव्यापी आन्दोलन प्रारम्भ करने हेतु बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी उप्र सरकार की होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">रैली में कई प्रदेशों के बिजली कर्मचारी संघों और अभियन्ता संघों के शीर्ष पदाधिकारी इस रैली में सम्मिलित हुए और उन्होंने उत्तर प्रदेश के संघर्षरत बिजली कर्मियों को पुरजोर समर्थन दिया जिसमें तेलंगाना, आन्ध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखण्ड के पदाधिकारी और अभियन्ता रैली में आये। </p>
<p style="text-align:justify;">उप्र राज्य विद्युत परिषद उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों के आन्दोलन का समर्थन किया और निजीकरण तत्काल वापस लेने की मांग की। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/532370/husband-dozed-off--car-fell-into-a-ditch--wife-died--two-girls-injured#gsc.tab=0">पति को आई झपकी! कार खाई में गिरी, पत्नी की मृत्यु, दो बच्चियां घायल</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/532442/heat-wave-alert--heat-wave-in-april--know-who-is-most-at-risk-and-ways-to-avoid-it#gsc.tab=0">Heat Wave Alert :अप्रैल में लू का प्रकोप, जाने किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा और बचने के उपाय</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532447/electricity-workers-protest--electricity-workers-took-to-the-streets-of-lucknow--staged-a-fierce-protest-against-privatization</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/532447/electricity-workers-protest--electricity-workers-took-to-the-streets-of-lucknow--staged-a-fierce-protest-against-privatization</guid>
                <pubDate>Wed, 09 Apr 2025 17:42:55 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/%27%E0%A4%97%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%B9%E0%A4%95%E0%A5%8B%E0%A4%82-%E0%A4%B8%E0%A5%87-%E0%A4%A6%E0%A5%81%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%82%E2%80%99-%E0%A4%95%E0%A5%8B-upi-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%A8%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%A8-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A5%80%E0%A4%AE%E0%A4%BE-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AC%E0%A4%A2%E0%A4%BC%E0%A5%8B%E0%A4%A4%E0%A4%B0%E0%A5%80-%287%29.png"                         length="2332146"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी, लगाया यह गंभीर आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> बिजली के निजीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों का राज्यव्यापी प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 110 वें दिन बिजली कर्मचारियों ने सभी जिलों परियोजनाओं और राजधानी लखनऊ विरोध प्रदर्शन जारी रखा।</p>
<p>संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि कनफ्लिक्ट आफ इंटरेस्ट (हितों के टकराव) के प्राविधान को हटाकर निजीकरण के लिये ट्रांजैक्शन कंसलटेंट की बिडिंग कराई गई है। उनका कहना है कि ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट की नियुक्ति के आरएफपी डॉक्यूमेंट में पहले हितों के टकराव का प्राविधान था। यदि यह पहले था तो इसे क्यों हटाया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/527976/up--electricity-employees-continue-to-protest-against-privatization--make-this-serious-allegation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/बिजली.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> बिजली के निजीकरण के विरोध में उत्तर प्रदेश में बिजली कर्मचारियों का राज्यव्यापी प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 110 वें दिन बिजली कर्मचारियों ने सभी जिलों परियोजनाओं और राजधानी लखनऊ विरोध प्रदर्शन जारी रखा।</p>
<p>संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि कनफ्लिक्ट आफ इंटरेस्ट (हितों के टकराव) के प्राविधान को हटाकर निजीकरण के लिये ट्रांजैक्शन कंसलटेंट की बिडिंग कराई गई है। उनका कहना है कि ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट की नियुक्ति के आरएफपी डॉक्यूमेंट में पहले हितों के टकराव का प्राविधान था। यदि यह पहले था तो इसे क्यों हटाया गया है। इसके पीछे साफ तौर पर भ्रष्टाचार का संकेत मिल रहा है। </p>
<p>संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे कई संकेत मिल रहे हैं जिनसे प्रतीत होता है कि बिजली के निजीकरण के नाम पर मेगा घोटाला होने जा रहा है। समिति ने कहा कि 15 साल पहले जब आगरा की बिजली व्यवस्था निजी कंपनी टोरेंट पावर कंपनी को दी गई थी तब 2200 करोड़ का राजस्व का बकाया था। </p>
<p>समझौते के तहत यह बकाया टोरेंट कंपनी को वसूल करके पॉवर कॉरपोरेशन को वापस करना था और पावर कॉरपोरेशन टोरेंट कंपनी को इसके ऐवज में 10 प्रतिशत इंसेंटिव के रूप में देती। आज 15 साल गुजर गए हैं। इस बकाए का एक भी पैसा टोरेंट कंपनी ने वापस नहीं किया। इससे ऐसा लगता है कि पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के पीछे 66000 करोड रुपए का बकाया राजस्व निजी कंपनियों के लिए बहुत बड़े आकर्षण का मुद्दा है। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/527859/ai-is-powerful-but-prime-minister-modi-cannot-replace-human#gsc.tab=0">एआई शक्तिशाली है, पर मानव कल्पनाशीलता की जगह नहीं ले सकती : प्रधानमंत्री मोदी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/527976/up--electricity-employees-continue-to-protest-against-privatization--make-this-serious-allegation</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/527976/up--electricity-employees-continue-to-protest-against-privatization--make-this-serious-allegation</guid>
                <pubDate>Mon, 17 Mar 2025 15:03:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/%E0%A4%AC%E0%A4%BF%E0%A4%9C%E0%A4%B2%E0%A5%80.jpg"                         length="138581"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: रेलवे ने अब ये काम भी निजी हाथों में दिया, निजीकरण के विरोध में बोले- नेताओं ने दिया धोखा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सुरेश पाण्डेय , बरेली। </strong>इज्जतनगर वर्कशाप में सभी प्रकार के वैगनों के एयर ब्रेक सिस्टम की उप-इकाइयों को उतारने और फिटिंग का कार्य अब निजी फर्म करेंगी। यह कार्य दो वर्षों के लिए फर्म को दिया जाएगा। इस संबंध में टेंडर शुक्रवार टेंडर जारी कर दिया गया। टेंडर बंद होने की अंतिम तिथि 11 जनवरी निर्धारित की गई है। उधर, एनई रेलवे मेंस कांग्रेस ने निजीकरण का विरोध किया है। 28 नवंबर को ही रेलवे बोर्ड ने देश के सभी लोकोशेड और वर्कशाप को निजीकरण करने का आदेश जारी किया था।</p>
<p>इज्जतनगर वर्कशाप में निजीकरण की शुरुआत हो गई है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/512563/bareilly-railways-has-now-handed-over-this-work-to-private"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/रेलवे-1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>सुरेश पाण्डेय , बरेली। </strong>इज्जतनगर वर्कशाप में सभी प्रकार के वैगनों के एयर ब्रेक सिस्टम की उप-इकाइयों को उतारने और फिटिंग का कार्य अब निजी फर्म करेंगी। यह कार्य दो वर्षों के लिए फर्म को दिया जाएगा। इस संबंध में टेंडर शुक्रवार टेंडर जारी कर दिया गया। टेंडर बंद होने की अंतिम तिथि 11 जनवरी निर्धारित की गई है। उधर, एनई रेलवे मेंस कांग्रेस ने निजीकरण का विरोध किया है। 28 नवंबर को ही रेलवे बोर्ड ने देश के सभी लोकोशेड और वर्कशाप को निजीकरण करने का आदेश जारी किया था।</p>
<p>इज्जतनगर वर्कशाप में निजीकरण की शुरुआत हो गई है। सबसे पहले वैगन शाप में एयर ब्रेक सिस्टम के काम को निजी हाथों में दिया जाएगा। वर्कशाप के वैगन शाप में मालगाड़ी का कोच मरम्मत के लिए आता है तो उसमें एयर ब्रेक सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए कर्मचारी 13 पार्ट्स बदलते हैं। इसमें ब्रेक सिलेडर, एआर टैंक, कामन डीसी, डीवी, बीपी पाइप, एफपी पाइप, एनआरबी आदि प्वाइंट हैं। जिन्हें कर्मचारी पहले निकालते हैं और फिर चेक कर इन्हें लगाते हैं। जिनके जरिए ब्रेक वाहन पर काम किया जाता है, लेकिन अब यह काम निजी कंपनी से कराया जाएगा। कार्य करने की इच्छुक फर्में 11 जनवरी तक टेंडर डाल सकती हैं।</p>
<p>एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के रजनीश तिवारी का कहना है कि अफसरों ने सेफ्टी संबंधी कार्य भी निजी हाथों में सौंपने का काम शुरू कर दिया है। मान्यता प्राप्त यूनियनों के नेताओं ने कर्मचारियों को धोखा देने का काम किया है। वह भाषणों में तो निजीकरण का विरोध करते रहे, लेकिन जहां जहां निजीकरण होने की कार्यवाही शुरू हुई, उसे मौन स्वीकृति देते रहे। दिल्ली में मान्यता में रही यूनियनों के पास निजीकरण होने के आदेश भेजे जाते रहे, लेकिन उन्होंने कभी भाषणों में इसका जिक्र नहीं किया। कर्मचारियों ने यूनियन के दोहरे चरित्र को समझ लिया और इस बार उसे मान्यता लेने के चुनाव में धूल चटा दी है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/512559/bareilly-amla-aliganj-gaini-road-will-be-widened-budget-of-rs-285">Bareilly: आंवला-अलीगंज-गैनी मार्ग होगा चौड़ा, 28.5 करोड़ का बजट...पहली किस्त जारी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/512563/bareilly-railways-has-now-handed-over-this-work-to-private</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/512563/bareilly-railways-has-now-handed-over-this-work-to-private</guid>
                <pubDate>Sun, 22 Dec 2024 14:44:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A4%B5%E0%A5%87-1.jpg"                         length="148948"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Vikas Babu]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Electricity: निजीकरण से महंगी होगी बिजली, हजारों कर्मचारी होंगे बेरोजगार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को पीपीपी मॉडल पर देने के फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। उप्र बिजली कर्मचारी संघ के संरक्षक रणधीर सिंह सुमन ने रविवार को प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में निजीकरण लागू हुआ तो 77 हजार से ज्यादा कर्मचारी नौकरी से हाथ धो बैठेंगे और डेढ़ करोड़ उपभोक्ताओं की बिजली महंगी हो सकती है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण से लाखों कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पूर्वांचल डिस्कॉम में कर्मचारियों के कुल 44,330 पद हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/511376/electricity--privatisation-will-make-electricity-expensive--thousands-of-employees-will-be-unemployed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/cats285.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को पीपीपी मॉडल पर देने के फैसले के खिलाफ बिजली कर्मचारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। उप्र बिजली कर्मचारी संघ के संरक्षक रणधीर सिंह सुमन ने रविवार को प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम में निजीकरण लागू हुआ तो 77 हजार से ज्यादा कर्मचारी नौकरी से हाथ धो बैठेंगे और डेढ़ करोड़ उपभोक्ताओं की बिजली महंगी हो सकती है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निजीकरण से लाखों कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे।</p>
<p>उन्होंने बताया कि पूर्वांचल डिस्कॉम में कर्मचारियों के कुल 44,330 पद हैं। इनमें 27000 संविदा कर्मी हैं और 17330 नियमित कर्मचारी हैं। अगर निजीकरण हुआ, तो 27 हजार संविदा कर्मी बेरोजगार हो जाएंगे। बड़े पैमाने पर लोगों तो रिवर्ट किया जाएगा और छंटनी भी होगी। दक्षिणांचल डिस्कॉम में कर्मचारियों के कुल 33,161 पद हैं। इनमें 23,000 संविदा कर्मी हैं और 10,161 नियमित कर्मचारी हैं।</p>
<p>दक्षिणांचल का निजीकरण होने के बाद भी यह पद अपने आप खत्म हो जाएंगे। 23 हजार संविदा कर्मी यहां भी बेरोजगार होंगे। दक्षिणांचल में 8582 कर्मचारी हैं। यह कर्मचारी दक्षिणांचल डिस्कॉम के कर्मचारी हैं, इसलिए पॉवर कॉरपोरेशन में किसी नियम के तहत इनका प्रत्यार्पण नहीं हो सकता। इनकी सेवाएं भी निजी कंपनियों के रहमो करम पर रहेंगी। रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि यह किस तरह की मजहबी सरकार है जो लोगों के रोजगार छीनकर बेरोजगार कर रही है। लोगों को भूख से तड़प-तड़पकर मरने लिए मजबूर कर रही है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि बिजली कर्मचारी संघ अन्य संगठनों के साथ मिलकर एक बड़ा आंदोलन करने जा रही है। जिससे निजीकरण का कार्य रुकेगा और सत्तारूढ़ दल के दलाल बेनकाब होगें। इस मौके पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य परिषद सदस्य परवीन कुमार, जिला सचिव बृजमोहन वर्मा, कोषाध्यक्ष शिवदर्शन वर्मा, किसान सभा के जिला अध्यक्ष विनय कुमार सिंह व बिजली कर्मचारी नेता मौजूद रहे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/511282/maharashtra-cabinet-maharashtra-cabinet-expansion-today-shiv-sena-may-get">Maharashtra Cabinet: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल का विस्तार आज, शिवसेना को मिल सकता है आवास मंत्रालय</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/511376/electricity--privatisation-will-make-electricity-expensive--thousands-of-employees-will-be-unemployed</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/511376/electricity--privatisation-will-make-electricity-expensive--thousands-of-employees-will-be-unemployed</guid>
                <pubDate>Sun, 15 Dec 2024 17:52:15 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-12/cats285.jpg"                         length="266104"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        