<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/47443/village-head" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>village head - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/47443/rss</link>
                <description>village head RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>संपादकीय : प्रधान बनाम प्रशासक</title>
                                    <description><![CDATA[<p>उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें अगले छह महीनों के लिए ‘प्रशासक’ नियुक्त करने का निर्णय प्रत्याशित था। पहली दृष्टि में यह निर्णय व्यावहारिक प्रतीत होता है। ऐसा न करने से अव्यवस्था और अराजकता की स्थिति आ जाती, सो यह प्रशासनिक व्यवस्था दूरगामी राजनीतिक और संवैधानिक संकेतों वाला कदम है। अब तक प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने पर एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जाता था, जिससे स्थानीय विकास कार्यों की गति प्रभावित होती थी। सरकार का तर्क है कि गांव की वास्तविक समस्याओं, अधूरे विकास कार्यों और स्थानीय सामाजिक समीकरणों को प्रधान बेहतर समझते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583211/editorial--chief-vs--administrator"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/sampadkiy19.jpg" alt=""></a><br /><p>उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें अगले छह महीनों के लिए ‘प्रशासक’ नियुक्त करने का निर्णय प्रत्याशित था। पहली दृष्टि में यह निर्णय व्यावहारिक प्रतीत होता है। ऐसा न करने से अव्यवस्था और अराजकता की स्थिति आ जाती, सो यह प्रशासनिक व्यवस्था दूरगामी राजनीतिक और संवैधानिक संकेतों वाला कदम है। अब तक प्रधान का कार्यकाल समाप्त होने पर एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जाता था, जिससे स्थानीय विकास कार्यों की गति प्रभावित होती थी। सरकार का तर्क है कि गांव की वास्तविक समस्याओं, अधूरे विकास कार्यों और स्थानीय सामाजिक समीकरणों को प्रधान बेहतर समझते हैं, इसलिए उन्हें ही जिम्मेदारी देना अधिक प्रभावी होगा। </p>
<p>राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में पहले से लागू मॉडल का हवाला देकर इसे ‘सतत विकास’ की दिशा में कदम बताया जा रहा है, हालांकि यह निर्णय प्रशासनिक के साथ ही राजनीतिक भी हो सकता है। पंचायत चुनावों के टलने की पृष्ठभूमि में यह व्यवस्था गांवों में मौजूदा राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने का माध्यम बन सकती है। संभावना है कि पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव 2027 के बाद हों ऐसे में छह महीने की यह अंतरिम व्यवस्था और आगे बढ़ेगी। ओबीसी आरक्षण आयोग की रिपोर्ट, मतदाता सूची और विधानसभा चुनावी तैयारी जैसे कारणों का हवाला दिया जा रहा है, परंतु वास्तविकता यह भी है कि पंचायत चुनावों को टालने से सरकार को ग्रामीण राजनीतिक नेटवर्क को नियंत्रित रखने का अतिरिक्त समय मिल जाएगा। </p>
<p>सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासक केवल सामान्य और नियमित कार्य कर सकेंगे, कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। विशेष परिस्थिति में जिलाधिकारी की मंजूरी जरूरी होगी। यही बिंदु भविष्य की जटिलताओं का कारण बनेगा। गांवों में विकास कार्य अक्सर त्वरित निर्णय मांगते हैं, नाली, सड़क, पेयजल, हैंडपंप मरम्मत, या पंचायत भवन जैसे मुद्दों पर यदि हर बार डीएम कार्यालय की स्वीकृति लेनी पड़ी, तो निर्णय प्रक्रिया का धीमा होना स्वाभाविक है। इससे जनता में असंतोष बढ़ सकता है। पंचायतों में भ्रष्टाचार, अपारदर्शिता और फर्जी भुगतान के आरोप वर्षों से लगते रहे हैं, इसलिए सरकार संभवत: इसके जरिए वित्तीय नियंत्रण भी चाहती है। अलग बात है कि व्यवहारिक स्तर पर यह दोहरी व्यवस्था प्रधानों और नौकरशाही के बीच टकराव पैदा कर सकती है। प्रधान स्वयं को निर्वाचित प्रतिनिधि की तरह देखेंगे, जबकि प्रशासन उन्हें सीमित अधिकार वाला प्रशासक मानेगा। </p>
<p>इस निर्णय का सामाजिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण होगा। ग्राम पंचायत लोकतंत्र की सबसे निचली इकाई है। चुनाव टलने से नई नेतृत्व पीढ़ी, महिलाओं और पिछड़े वर्गों को अवसर मिलने में देरी होगी। कई गांवों में सत्ता का स्थानीय केंद्रीकरण और मजबूत हो सकता है। दूसरी ओर, जिन पंचायतों में विकास कार्य अधूरे हैं, वहां निरंतरता बनी रहने से कुछ सकारात्मक परिणाम भी संभव हैं। असल चुनौती अब प्रशासनिक दक्षता और लोकतांत्रिक संतुलन दोनों को बनाए रखने की है। यदि सरकार छह महीने के भीतर पारदर्शी तरीके से पंचायत चुनाव कराती है तो यह व्यवस्था संक्रमणकालीन समाधान मानी जाएगी, लेकिन यदि यह अवधि लगातार बढ़ती गई, तो प्रश्न उठेगा कि क्या पंचायतें वास्तव में स्वायत्त लोकतांत्रिक संस्थाएं रह गई हैं, या वे धीरे-धीरे प्रशासनिक विस्तार में बदल रही हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                            <category>Editorials</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583211/editorial--chief-vs--administrator</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/583211/editorial--chief-vs--administrator</guid>
                <pubDate>Wed, 27 May 2026 07:03:23 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/sampadkiy19.jpg"                         length="329486"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ :  कार्यकाल बढ़ाने के लिए धरने पर बैठे ग्राम प्रधानों को डिप्टी सीएम ने खिलाई मिठाई  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार : </strong>यूपी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल अगले सप्ताह पूरा हो रहा है। आरक्षण प्रक्रिया के कारण चुनाव आगे बढ़ेगा। चुनाव न होने तक पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने की हलचल है। उधर, ग्राम प्रधानों की तरफ से कार्यकाल बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में सैकड़ों ग्राम प्रधान, राजधानी लखनऊ पहुंचकर धरने पर बैठ गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के पास प्रधानों का धरना चल रहा था। उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक प्रधानों के बीच पहुंच गए। भयंकर गर्मी थी। डिप्टी सीएम ने प्रधानों का हालचाल जाना। उनकी मांग सुनी। पानी पिलवाया और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582383/lucknow--deputy-cm-offers-sweets-to-village-heads-protesting-for-extension-of-their-tenure"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(28)11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार : </strong>यूपी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल अगले सप्ताह पूरा हो रहा है। आरक्षण प्रक्रिया के कारण चुनाव आगे बढ़ेगा। चुनाव न होने तक पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने की हलचल है। उधर, ग्राम प्रधानों की तरफ से कार्यकाल बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में सैकड़ों ग्राम प्रधान, राजधानी लखनऊ पहुंचकर धरने पर बैठ गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के पास प्रधानों का धरना चल रहा था। उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक प्रधानों के बीच पहुंच गए। भयंकर गर्मी थी। डिप्टी सीएम ने प्रधानों का हालचाल जाना। उनकी मांग सुनी। पानी पिलवाया और मिठाई खिलाई। आश्वस्त किया कि उनकी मांग पहुंचा दी जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को ही यूपी कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दी है। दरअसल, पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया लागू होनी है। चूंकि अभी तक आयोग ही गठित नहीं हुआ था। अब प्रस्ताव को मंजूरी मिली है तो पिछड़ा वर्ग आयोग गठित होगा और छह महीने के अंदर यह अपनी रिपोर्ट देगा। उसी आधार पर पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया लागू होगी। हालांकि पंचायत चुनाव से जुड़ा मामला अभी कोर्ट में भी विचाराधीन है।</p>
<p style="text-align:justify;">बहरहाल, प्रधान कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाए हैं। उधर, शासन स्तर पर पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने पर मंथन की बातें सामने आ रही हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">सनद रहे कि यूपी में 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसी के साथ जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायतों सदस्यों का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है। बीच में, यूपी के गांव-गांव त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। प्रत्याशी भी पूरी दमखम झोंकने लगे थे। लेकिन अभी पंचायत चुनाव टलने पर गांवों की सियासत फिर से शांत होने लगी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/582381/up--pray-namaz-in-shifts--not-on-the-streets--if-you-agree-with-love--fine--otherwise-we-will-adopt-another-method---cm"><span class="t-red">यूपी :</span> शिफ्ट में नमाज पढ़िए, सड़कों पर नहीं, प्रेम से मानोगे तो ठीक वरना दूसरा तरीका अपनाएंगे-सीएम </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/582383/lucknow--deputy-cm-offers-sweets-to-village-heads-protesting-for-extension-of-their-tenure</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/582383/lucknow--deputy-cm-offers-sweets-to-village-heads-protesting-for-extension-of-their-tenure</guid>
                <pubDate>Mon, 18 May 2026 15:22:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-%2828%2911.jpg"                         length="263806"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP:अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर गांव में विवाद, पुलिस-ग्रामीण आमने-सामने</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शाहजहांपुर। </strong>जलालाबाद थाना क्षेत्र के राजपुरा नगला गांव में अंबेडकर प्रतिमा को लेकर देर रात विवाद हो गया, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि प्रतिमा बिना अनुमति के स्थापित की गई थी, इसलिए उसे हटाया गया।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार 14 अप्रैल को ग्राम प्रधान की सहमति से प्रतिमा स्थापित की गई थी। उनका आरोप है कि रात में कुछ युवकों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद बताया कि प्रतिमा उसी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579315/dispute-in-village-over-removal-of-ambedkar-statue--police-and-villagers-face-off"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/pratima.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शाहजहांपुर। </strong>जलालाबाद थाना क्षेत्र के राजपुरा नगला गांव में अंबेडकर प्रतिमा को लेकर देर रात विवाद हो गया, जिससे गांव में तनाव की स्थिति बन गई। ग्रामीणों ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया, जबकि पुलिस का कहना है कि प्रतिमा बिना अनुमति के स्थापित की गई थी, इसलिए उसे हटाया गया।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार 14 अप्रैल को ग्राम प्रधान की सहमति से प्रतिमा स्थापित की गई थी। उनका आरोप है कि रात में कुछ युवकों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद बताया कि प्रतिमा उसी रात स्थापित की गई थी और इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी।</p>
<p>ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय उनसे ही विवाद किया और हथौड़े से प्रतिमा हटाकर अपने साथ ले गई। साथ ही सादी वर्दी में आए लोगों ने विरोध करने पर ग्रामीणों से मारपीट की, जिसमें महिलाओं को भी चोटें आईं।</p>
<p>घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने प्रतिमा को कब्जे में ले लिया है। एसपी ग्रामीण दीक्षा भवरे ने बताया कि ग्राम प्रधान और उसके सहयोगी के खिलाफ बिना अनुमति सरकारी जमीन पर प्रतिमा स्थापित करने के मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि मौके पर शांति व्यवस्था कायम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>शाहजहाँपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579315/dispute-in-village-over-removal-of-ambedkar-statue--police-and-villagers-face-off</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/579315/dispute-in-village-over-removal-of-ambedkar-statue--police-and-villagers-face-off</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 17:52:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/pratima.jpg"                         length="354466"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>फर्रुखाबाद : महिला ग्राम प्रधान से रिश्वत लेने के आरोपी दरोगा पर मुकदमा दर्ज, जानें क्या है पूरा मामला...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>फर्रुखाबाद।</strong>  फर्रुखाबाद जिले में महिला ग्राम प्रधान से रिश्वत लेने के आरोपी एक दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम निसाई में एक जमीन विवाद के मामले में ग्राम प्रधान गीता देवी से कथित रूप से रिश्वत लेने का मामला सामने आया है।</p>
<p>आरोप है कि सर्किल उपनिरीक्षक सुरेश चाहर ने न केवल नकद धनराशि ली, बल्कि कई किश्तों में ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपये अपने पुत्र पंकज चाहर के खाते में भी ट्रांसफर कराए। इस संबंध में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576297/farrukhabad--case-registered-against-sub-inspector-accused-of-taking-bribe-from-female-village-head--find-out-the-full-details-"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/दरोगा.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>फर्रुखाबाद।</strong> फर्रुखाबाद जिले में महिला ग्राम प्रधान से रिश्वत लेने के आरोपी एक दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के ग्राम निसाई में एक जमीन विवाद के मामले में ग्राम प्रधान गीता देवी से कथित रूप से रिश्वत लेने का मामला सामने आया है।</p>
<p>आरोप है कि सर्किल उपनिरीक्षक सुरेश चाहर ने न केवल नकद धनराशि ली, बल्कि कई किश्तों में ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपये अपने पुत्र पंकज चाहर के खाते में भी ट्रांसफर कराए। इस संबंध में ग्राम प्रधान द्वारा पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई थी।</p>
<p>प्रारंभिक जांच में आरोपों के समर्थन में कुछ तथ्य मिलने के बाद फतेहगढ़ कोतवाली में आरोपी उपनिरीक्षक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले की शिकायत उच्च स्तर पर भी की गई थी। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>फर्रुखाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576297/farrukhabad--case-registered-against-sub-inspector-accused-of-taking-bribe-from-female-village-head--find-out-the-full-details-</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/576297/farrukhabad--case-registered-against-sub-inspector-accused-of-taking-bribe-from-female-village-head--find-out-the-full-details-</guid>
                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 14:50:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-10/%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A5%8B%E0%A4%97%E0%A4%BE.jpg"                         length="74634"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: मंडल भर में ढाई हजार प्रधान नहीं लड़ पाएंगे चुनाव, रिकवरी राशि बकाया, नो-ड्यूज बना बाधा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मंडल में सियासी सक्रियता बढ़ गई है। लेकिन इस बार बड़ी संख्या में मौजूदा और पूर्व प्रधान चुनावी मैदान से बाहर हो सकते हैं। मंडल स्तर पर करीब ढाई हजार अधिक और जनपद स्तर पर 380 ग्राम प्रधान पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। बताया जा रहा है कि गांवों के विकास कार्यों की निधि में फर्जीवाड़ा और अनियमितता के मामलों में जिले के करीब 380 ग्राम प्रधानों पर रिकवरी की राशि बकाया है।</p>
<p>मंगलवार को उप निदेशक पंचायत राज ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार जब तक रिकवरी की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570766/two-and-a-half-thousand-pradhans-across-the-division-will-not-be-able-to-contest-elections--recovery-amount-outstanding--no-dues-became-an-obstacle"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/chunav1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर मंडल में सियासी सक्रियता बढ़ गई है। लेकिन इस बार बड़ी संख्या में मौजूदा और पूर्व प्रधान चुनावी मैदान से बाहर हो सकते हैं। मंडल स्तर पर करीब ढाई हजार अधिक और जनपद स्तर पर 380 ग्राम प्रधान पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। बताया जा रहा है कि गांवों के विकास कार्यों की निधि में फर्जीवाड़ा और अनियमितता के मामलों में जिले के करीब 380 ग्राम प्रधानों पर रिकवरी की राशि बकाया है।</p>
<p>मंगलवार को उप निदेशक पंचायत राज ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार जब तक रिकवरी की पूरी धनराशि जमा नहीं की जाती, तब तक संबंधित प्रधानों को तहसील से नो-ड्यूज प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। इस बार व्यवस्था में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत नो-ड्यूज प्रमाण पत्र आसानी से प्राप्त हो जाता था, वहीं अब इसे पूरी तरह ऑनलाइन प्रणाली से जोड़ दिया गया है। </p>
<p>ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद बकाया रखने वाले प्रधानों के लिए नो-ड्यूज हासिल करना लगभग असंभव हो गया है। नो-ड्यूज प्रमाण पत्र पंचायत चुनाव लड़ने की अनिवार्य शर्त है। ऐसे में जिन प्रधानों पर विकास निधि की रिकवरी लंबित है, वे चुनावी दावेदारी से स्वतः बाहर हो जाएंगे। इस स्थिति ने ग्राम पंचायतों की राजनीति में बड़ा उलटफेर ला दिया है।उन्होंने बताया कि यह कदम पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज है और कई संभावित प्रत्याशी अब बकाया जमा कराने की तैयारी में जुट गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/570766/two-and-a-half-thousand-pradhans-across-the-division-will-not-be-able-to-contest-elections--recovery-amount-outstanding--no-dues-became-an-obstacle</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/570766/two-and-a-half-thousand-pradhans-across-the-division-will-not-be-able-to-contest-elections--recovery-amount-outstanding--no-dues-became-an-obstacle</guid>
                <pubDate>Wed, 11 Feb 2026 16:00:49 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-02/chunav1.jpg"                         length="230389"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: बिछोली में ग्राम प्रधान सहित पांच ग्रामीणों के मकान किए ध्वस्त, अभी कई और घर टूटेंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल, अमृत विचार। </strong>जनपद में सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के अभियान के तहत बुधवार को संभल में एक बार फिर बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में बिछोली गांव में सरकारी भूमि पर बने ग्राम प्रधान के मकान समेत पांच मकानों को ध्वस्त करा दिया। अभी इमामबाड़ा सहित कई अन्य मकान प्रशासन के निशाने पर हैं। 27 बीघा सरकारी जमीन खोजने के लिए 25 राजस्व कर्मियों की टीम ने गांव में घंटों तक भूमि की पैमाइश की।</p>
<p>बिछोली गांव में बुधवार को राजस्व विभाग ने सरकारी जमीन कब्जामुक्त कराने के लिए पैमाइश का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567830/in-bicholi--the-houses-of-the-village-head-and-five-other-villagers-were-demolished--several-more-houses-will-be-torn-down"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/je.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल, अमृत विचार। </strong>जनपद में सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने के अभियान के तहत बुधवार को संभल में एक बार फिर बड़ा बुलडोजर एक्शन देखने को मिला। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में बिछोली गांव में सरकारी भूमि पर बने ग्राम प्रधान के मकान समेत पांच मकानों को ध्वस्त करा दिया। अभी इमामबाड़ा सहित कई अन्य मकान प्रशासन के निशाने पर हैं। 27 बीघा सरकारी जमीन खोजने के लिए 25 राजस्व कर्मियों की टीम ने गांव में घंटों तक भूमि की पैमाइश की।</p>
<p>बिछोली गांव में बुधवार को राजस्व विभाग ने सरकारी जमीन कब्जामुक्त कराने के लिए पैमाइश का कार्यक्रम तय किया था। सुबह 10 बजे दो बुलडोजर गांव के बाहर जाकर खड़े हुए तो गांव के लोगों की समझ में आ गया कि प्रशासन की कार्रवाई पैमाइश तक सीमित नहीं है। कुछ ही देर में तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह के साथ 20 लेखपाल, चार कानूनगो और एक नायब तहसीलदार की टीम गांव पहुंच गई। रैपिड रिएक्शन फोर्स के जवानों की बड़ी टुकड़ी के साथ ही पुलिस जवानों की तैनाती कर दी गई। दो-दो बुलडोजर लेकर प्रशासन की टीम गांव के अंदर दाखिल हुई तो अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया। बुलडोजर को देखते ही कई लोग घरों से सामान निकालने लगे।</p>
<p>ग्राम प्रधान पति अतीक अहमद ने विरोध किया, लेकिन प्रशासन के सख्त तेवर देखकर वह पीछे हट गए। ग्राम प्रधान पति ने सामान बाहर निकालने के लिए कुछ मिनट की मोहलत मांगी । इसके बाद आनन फानन में परिवार के लोग सामान निकालने में जुट गए। सामान निकल गया तब ग्राम प्रधान के मकान पर प्रशासन का बुलडोजर गरजने लगा। जब ग्राम प्रधान का मकान गिरने लगा तो बाकी ग्रामीणों की भी हिम्मत जवाब दे गई। इस हालात में तोड़ने के लिए चिन्हित सभी पांच मकानाे में रहने वाले परिवार अपना सामान समेटने में जुट गए। प्रशासन के बुलडोजरों ने पहले ग्राम प्रधान का मकान जमींदोज किया तो उसके बाद एक-एक कर सभी चिन्हित मकानों को तोड़ना शुरु कर दिया। सवा तीन घंटे तक चली कार्रवाई में पांचों मकानों को पूरी तरह जमींदोज कर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करा दिया गया।</p>
<p><strong>एक तरफ चले बुलडोजर दूसरी ओर पैमाइश</strong><br />संभल,अमृत विचार: बिछोली गांव में बुधवार को प्रशासन ने सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए एक साथ दो मोर्चों पर कार्रवाई की। गांव के एक हिस्से में जहां सरकारी भूमि पर बने मकानों पर बुलडोजर चलता रहा, वहीं दूसरी ओर राजस्व विभाग की टीम ने पौने 27 बीघा सरकारी भूमि की पैमाइश की। इस दौरान 160 वर्ग मीटर सरकारी भूमि पर बने इमामबाड़े की भी नापजोख कर उसका नक्शा तैयार किया गया। राजस्व विभाग की टीम ने कुछ अन्य मकानों को भी चिन्हित किया है। अब इन सभी अवैध निर्माणों को लेकर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में गांव में एक बार फिर बड़ा बुलडोजर एक्शन हो सकता है।</p>
<p><strong>ट्रायल कोर्ट और अपीलेट कोर्ट के आदेश</strong><br />तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्राम सभा की अलग-अलग श्रेणियों की सरकारी जमीन जैसे स्कूल, पंचायत घर और खेल मैदान पर अवैध कब्जा कर मकान बनाए गए थे। इन मामलों में विभिन्न न्यायालयों में मुकदमे चले, जिनमें ट्रायल कोर्ट और अपीलेट कोर्ट दोनों के आदेश आ चुके हैं। जिन मामलों में अपीलेट कोर्ट से निर्णय हो चुका है, उन पर बेदखली और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन मामलों का निस्तारण हो चुका है, उन पर हर हाल में कार्रवाई होगी और बाकी अवैध निर्माणों की भी पैमाइश कर नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।</p>
<p><strong>ग्राम प्रधान पति बोले, जमीन खरीदी थी</strong><br />ग्राम प्रधान पति अतीक अहमद ने कहा कि कोर्ट के आदेशों का वह सम्मान करते हैं। नोटिस मिलने के बाद उन्होंने अपील की थी, जो हाल ही में निरस्त हो गई है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने जमीन खरीदी थी और जिनसे खरीदी, उनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन अब न्यायालय के आदेशों का पालन किया जा रहा है। वहीं, अवैध कब्जे में बने मकान पर कार्रवाई झेल रहे मुजाहिद ने पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कार्रवाई हो रही है तो सभी अवैध कब्जों पर समान रूप से होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि वे लोग वर्षों से यहां रह रहे हैं और अब उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है।<br />इंसेट<br />कब्जा मुक्त कराई जा रही जमीन</p>
<p>- पशुचर- 12 बीघा जमीन</p>
<p>- उद्यान- 8 बीघा जमीन</p>
<p>- खाद के गड्ढे- 4.5 बीघा जमीन</p>
<p>- खेल का मैदान- सवा बीघा जमीन</p>
<p>. स्कूल- आधा बीघा जमीन</p>
<p>- पंचायत घर- आधा बीघा जमीन</p>
<p>-कुल पौने 27 बीघा जमीन</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567830/in-bicholi--the-houses-of-the-village-head-and-five-other-villagers-were-demolished--several-more-houses-will-be-torn-down</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/567830/in-bicholi--the-houses-of-the-village-head-and-five-other-villagers-were-demolished--several-more-houses-will-be-torn-down</guid>
                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 12:02:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/je.jpg"                         length="362460"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : पुराने आंकड़ों से तय होंगी सीटें, बदलेंगे चुनावी समीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महिपाल गंगवार, बरेली।</strong> आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण की व्यवस्था कुछ अलग ही रंग दिखाएगी। यह पहली बार होगा जब एक ही जनगणना पर पंचायतों का आरक्षण तीसरी बार लागू किया जाएगा। इससे पहले ऐसा अधिकतम दो बार ही हुआ था। आरक्षण को लेकर यह स्थिति वर्ष 2021 में कोरोना की वजह से जनगणना न होने के कारण सामने आई है।</p>
<p>ऐसे में सरकार को पुराने आंकड़ों यानि 2011 की जनगणना को मुख्य आधार मानकर आरक्षण लागू किया जाएगा। इसका सीधा असर यह होगा कि कई पंचायतों में उन वर्गों को भी आरक्षण का लाभ मिल सकता है, जहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567374/seats-will-be-determined-by-old-data--and-the-electoral-equations-will-change"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/panchayat.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महिपाल गंगवार, बरेली।</strong> आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आरक्षण की व्यवस्था कुछ अलग ही रंग दिखाएगी। यह पहली बार होगा जब एक ही जनगणना पर पंचायतों का आरक्षण तीसरी बार लागू किया जाएगा। इससे पहले ऐसा अधिकतम दो बार ही हुआ था। आरक्षण को लेकर यह स्थिति वर्ष 2021 में कोरोना की वजह से जनगणना न होने के कारण सामने आई है।</p>
<p>ऐसे में सरकार को पुराने आंकड़ों यानि 2011 की जनगणना को मुख्य आधार मानकर आरक्षण लागू किया जाएगा। इसका सीधा असर यह होगा कि कई पंचायतों में उन वर्गों को भी आरक्षण का लाभ मिल सकता है, जहां उनकी आबादी बहुत कम है। यानि पुराने आंकड़ों के आधार पर नए चुनाव में सीटों का बंटवारा होगा।</p>
<p>पंचायतों में त्रिस्तरीय प्रणाली लागू होने के साथ ही आरक्षण का नियम भी साथ में चलता रहा है। पंचायतों में आरक्षण व्यवस्था शुरू हुई थी 1995 में, और तब से यह लगातार लागू है। इसके तहत ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत अध्यक्ष व सदस्य सभी पदों पर पिछड़ी जातियों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को आरक्षण मिलता रहा है। पिछड़ी जातियों को 27 प्रतिशत, अनुसूचित जातियों को 21 प्रतिशत और अनुसूचित जनजातियों को 2 प्रतिशत आरक्षण तय है। साथ ही, सभी वर्गों के आरक्षित पदों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलता है। </p>
<p>इसका मतलब यह है कि पंचायतों में आरक्षण सिर्फ वर्गीय नहीं, बल्कि लिंग आधारित भी है। इतिहास की झलक देखें तो 1991 की जनगणना पर 2000 का चुनाव, 2001 की जनगणना पर 2005 और 2010 का चुनाव, और 2011 की जनगणना पर 2015 और 2021 का चुनाव हुआ। अब 2021 में जनगणना न होने के कारण 2026 में भी 2011 के पुराने आंकड़े लागू होंगे। इसका नतीजा यह होगा कि चाहे किसी वर्ग की आबादी बढ़ी हो या घट गई हो, सीटों का बंटवारा पुराने प्रतिशत के अनुसार ही रहेगा। इससे चुनावी समीकरण में नए बदलाव आएंगे, कई जगहों पर उम्मीदवारों के लिए नए मौके पैदा होंगे, जबकि कुछ पुराने नियम उसी तरह कायम रहेंगे।</p>
<p><strong>आगामी चुनाव में प्रधान और बीडीसी सदस्यों के पद होंगे कम</strong><br />वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर वर्ष 2015 और फिर 2021 में आरक्षण लागू किया गया था। 2021 में जिले में 1193 ग्राम पंचायतों में प्रधान पदों पर चुनाव हुए थे। इसके अलावा ग्राम पंचायत सदस्यों के 14,921, क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 1,467, क्षेत्र पंचायत प्रमुख के 15 और जिला पंचायत सदस्यों के 60 पदों पर भी चुनाव हुए थे। वर्ष 2026 के पंचायत चुनाव में भी पंचायतीराज विभाग को आरक्षण लागू करने के लिए 2011 की जनगणना पर ही भरोसा करना पड़ेगा। इस बार परिसीमन के बाद जिले में चुनाव के दायरे में हल्के बदलाव के साथ 1,188 ग्राम प्रधान, 14,865 ग्राम पंचायत सदस्य, 1,460 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 15 क्षेत्र पंचायत प्रमुख और जिला पंचायत सदस्य के 60 पद शामिल हैं। इस बार भी आरक्षण नियम पुराने प्रतिशत के अनुसार लागू होंगे।</p>
<p><strong>यह व्यवस्था होती है आरक्षण लागू करने में</strong><br />डीपीआरओ कमल किशोर बताते हैं कि सबसे पहले एसटी, फिर एससी, फिर पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण लागू किया जाता है। इसमें भी वर्ष 2015 व 2021 के चुनाव में जो सीटें किसी भी वर्ग के लिए आरक्षित की गयी हैं उनको छोड़ते हुए शेष बची सीटों में उस वर्ग के लिए आरक्षण लागू किया जाएगा। उदाहरण के लिए यदि एससी का आरक्षण 21 प्रतिशत है तो दो चुनावों में 42 प्रतिशत सीटों पर एससी का आरक्षण लागू किया जा चुका है। अब इसके बाद शेष बची 58 प्रतिशत सीटों में 21 प्रतिशत एससी के लिए आरक्षित की जाएंगी। ऐसे में तमाम ऐसी ग्राम पंचायतें व अन्य सीटें इस वर्ग के लिए आरक्षित होंगी जहां पर इनकी जनसंख्या काफी कम है। ऐसा ही आरक्षण अन्य वर्गों के लिए भी होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>पॉजिटिव स्टोरीज</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567374/seats-will-be-determined-by-old-data--and-the-electoral-equations-will-change</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/567374/seats-will-be-determined-by-old-data--and-the-electoral-equations-will-change</guid>
                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 12:00:14 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/panchayat.jpg"                         length="226051"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बलिया न्यूज :  ग्राम प्रधान समेत 31 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज, जानें क्या है पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बलिया। </strong>बलिया जिले के उभांव थानाक्षेत्र में ग्राम सभा के खाते में दर्ज भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने के मामले में ग्राम प्रधान समेत 31 लोगों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, उभांव थाने में रविवार को हल्दी रामपुर क्षेत्र के लेखपाल प्रदीप कुमार की तहरीर पर ग्राम प्रधान अनंत देव सिंह यादव और तीस अन्य के विरुद्ध सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराओं-- दो और तीन में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी का हवाला देते हुए बताया कि शिकायत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566395/ballia-news--case-registered-against-31-people--including-the-village-head--know-what-the-whole-matter-is"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/fir.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बलिया। </strong>बलिया जिले के उभांव थानाक्षेत्र में ग्राम सभा के खाते में दर्ज भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने के मामले में ग्राम प्रधान समेत 31 लोगों के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, उभांव थाने में रविवार को हल्दी रामपुर क्षेत्र के लेखपाल प्रदीप कुमार की तहरीर पर ग्राम प्रधान अनंत देव सिंह यादव और तीस अन्य के विरुद्ध सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की धाराओं-- दो और तीन में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी का हवाला देते हुए बताया कि शिकायत की गई है कि हल्दी रामपुर गांव में एक आराजी राजस्व अभिलेख खतौनी में नवीन परती के नाम से दर्ज है। इस भूमि पर पहले आवास स्थल का आवंटन किया गया था। जिलाधिकारी न्यायालय ने आवास आवंटन स्वीकृति गत 11 जुलाई 2023 को निरस्त कर दिया है। वर्तमान समय में भूमि ग्राम सभा के खाते में दर्ज है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस भूमि पर अवैध कब्जा करते हुए बांस बल्ली से घेराबंदी कर अतिक्रमण किया गया है। चार जनवरी को तहसीलदार और पुलिस पहुंची एवं अतिक्रमण को हटाने का निर्देश दिया तो अतिक्रमण करने वालों ने कहा कि ग्राम प्रधान अनंत देव सिंह यादव ने उन्हें झोपड़ी डालकर बसाया गया है। अतिक्रमण करने वाले अवैध कब्जा नहीं हटा रहे हैं। थाना प्रभारी संजय शुक्ला ने सोमवार को बताया कि पुलिस मामले की छानबीन करते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आजमगढ़</category>
                                            <category>बलिया</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566395/ballia-news--case-registered-against-31-people--including-the-village-head--know-what-the-whole-matter-is</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/566395/ballia-news--case-registered-against-31-people--including-the-village-head--know-what-the-whole-matter-is</guid>
                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 15:26:11 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-11/fir.jpg"                         length="138388"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आजमगढ़ : पशु तस्करी के आरोप में ग्राम प्रधान समेत तीन पर मुकदमा दर्ज, जानें पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>आजमगढ़। </strong>आजमगढ़ जिले में जीयनपुर क्षेत्र के पारन कुंडा गांव में तस्करी के लिये एक गौशाला से पशु चोरी की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने एक ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव तथा गौशाला के रखरखावकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण क्षेत्र) चिराग जैन ने सोमवार को बताया कि शनिवार रात अजमतगढ़ विकास खंड के पारनकुण्डा में गौशाला से कुछ लोगों ने दो वाहनों पर गोवंशीय पशु ले जाने की कोशिश की। जैन के अनुसार इन लोगों ने कुछ जानवरों को अपने वाहनों पर चढ़ा भी लिया था, मगर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566392/azamgarh--case-registered-against-three-people--including-the-village-head--on-charges-of-cattle-smuggling--know-the-full-story"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/fir1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>आजमगढ़। </strong>आजमगढ़ जिले में जीयनपुर क्षेत्र के पारन कुंडा गांव में तस्करी के लिये एक गौशाला से पशु चोरी की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने एक ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव तथा गौशाला के रखरखावकर्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण क्षेत्र) चिराग जैन ने सोमवार को बताया कि शनिवार रात अजमतगढ़ विकास खंड के पारनकुण्डा में गौशाला से कुछ लोगों ने दो वाहनों पर गोवंशीय पशु ले जाने की कोशिश की। जैन के अनुसार इन लोगों ने कुछ जानवरों को अपने वाहनों पर चढ़ा भी लिया था, मगर पुलिस की सक्रियता की वजह से वे अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके और उन्हें भागना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने वाहनों से घायल हालत में चार पशुओं को बरामद किया। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में लाटघाट पुलिस चौकी के प्रभारी जफर खान की तहरीर पर रविवार को एक अज्ञात गौ-तस्कर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">जैन ने बताया कि घटना की सूचना पर जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने एक जांच समिति बनाई जिसकी रिपोर्ट पर रविवार को ही अजमतगढ़ के खंड विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार मिश्रा की तहरीर पर ग्राम प्रधान राजमती देवी, ग्राम पंचायत सचिव सुरेंद्र प्रसाद और गौशाला के रखरखावकर्ता पप्पू शाही के खिलाफ गौशाला में पशुओं की चोरी की साजिश में शामिल होने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि वारदात के समय गौशाला का ताला खुला था और उनमें पशुओं की रखरखाव की कोई व्यवस्था नहीं थी। जैन ने बताया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त से सख्त कार्यवाही की जायेगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आजमगढ़</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566392/azamgarh--case-registered-against-three-people--including-the-village-head--on-charges-of-cattle-smuggling--know-the-full-story</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/566392/azamgarh--case-registered-against-three-people--including-the-village-head--on-charges-of-cattle-smuggling--know-the-full-story</guid>
                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 15:16:24 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-10/fir1.jpg"                         length="189035"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : शिकायतों का डर : चुनावी सीजन में नए कामों से दूरी बना रहे प्रधान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>महिपाल गंगवार, बरेली।</strong> पंचायत चुनाव 2026 की आहट ने गांवों की नब्ज थाम दी है। जैसे-जैसे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों की सक्रियता सिमटती जा रही है। हालात यह हैं कि गांवों में विकास कार्य ठप हैं, फाइलें धूल खा रही हैं और जरूरतमंद ग्रामीण दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। चुनावी सीजन में शिकायतों के डर ने विकास को हाशिये पर धकेल दिया है।</p>
<p>इस ठहराव के पीछे सबसे बड़ा कारण आर्थिक संकट बताया जा रहा है। पहले से कराए गए विकास कार्यों का करोड़ों रुपये का भुगतान बीते एक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565938/bareilly-pradhan-is-staying-away-from-new-work-in-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/1641.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>महिपाल गंगवार, बरेली।</strong> पंचायत चुनाव 2026 की आहट ने गांवों की नब्ज थाम दी है। जैसे-जैसे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे ग्राम प्रधानों और पंचायत सचिवों की सक्रियता सिमटती जा रही है। हालात यह हैं कि गांवों में विकास कार्य ठप हैं, फाइलें धूल खा रही हैं और जरूरतमंद ग्रामीण दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। चुनावी सीजन में शिकायतों के डर ने विकास को हाशिये पर धकेल दिया है।</p>
<p>इस ठहराव के पीछे सबसे बड़ा कारण आर्थिक संकट बताया जा रहा है। पहले से कराए गए विकास कार्यों का करोड़ों रुपये का भुगतान बीते एक साल से लटका है। प्रधानों का कहना है कि जब पुराने भुगतान ही नहीं हो रहे, तो नए काम शुरू करना आर्थिक जोखिम मोल लेने जैसा है। दूसरा बड़ा कारण फरवरी में संभावित आचार संहिता लागू होने का डर है। प्रधानों और अधिकारियों को आशंका है कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान कोई भी नया काम जांच और शिकायतों के घेरे में आ सकता है। ऐसे में स्थिति यह है कि सिर्फ प्रधान ही नहीं, बल्कि ब्लॉक और पंचायत स्तर के अधिकारी भी फाइलों पर हस्ताक्षर करने से कतरा रहे हैं। छोटे-छोटे काम नाली की मरम्मत, सड़क पैचवर्क, हैंडपंप या स्ट्रीट लाइट तक लटकाए जा रहे हैं। गांवों में विकास ठप है, लेकिन कागजों में सब पूरे दिखाए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>''काम न करो, सुरक्षित रहो'' की नीति अपना रहे प्रधान</strong><br />पंचायत चुनाव नजदीक आते ही विकास कार्यों से ज्यादा शिकायतों की राजनीति तेज हो जाती है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पंचायती राज विभाग में विभिन्न स्तरों से हर दिन करीब 15 से 20 शिकायतें आ रही हैं। ऐसे में प्रधानों पर भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की तलवार और नोटिसों की बौछार ने माहौल और भयभीत बना दिया है। कई प्रधान मानते हैं कि चुनाव से पहले काम करना मतलब खुद को शिकायतों के लिए तैयार करना, इसलिए ''काम न करो, सुरक्षित रहो'' की नीति अपनाई जा रही है। प्रधानों को डर इसका भी है कि किसी गली में काम कराने से दूसरे पक्ष की नाराजगी बढ़ सकती है, जो चुनाव में नुकसान पहुंचाएगी। इस डर ने विकास को पूरी तरह जकड़ लिया है।</p>
<p><strong>ग्राम पंचायतों में काम ठप होने से ग्रामीणों में नाराजगी</strong><br />ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि चुनाव का बहाना बनाकर गांवों की अनदेखी की जा रही है। नालियां टूटी हैं, सड़कें खराब हैं और मूलभूत सुविधाएं अधूरी पड़ी हैं। ग्रामीणों का मानना है कि अगर प्रधान ईमानदारी से काम करें तो शिकायतों का डर नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि चुनावी सुरक्षा से ज्यादा जरूरी गांव का विकास है, क्योंकि जनता अंततः काम के आधार पर ही अपना फैसला करती है।</p>
<p><strong>कागजों में रोजगार, जमीन पर सन्नाटा</strong><br />जनपद के 15 ब्लॉकों की 1188 ग्राम पंचायतों में दो लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। बावजूद सिर्फ 9765 श्रमिक ही काम कर रहे हैं। यह आंकड़ा प्रशासनिक दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। यही नहीं, बड़ी संख्या में श्रमिक महीनों से मजदूरी के लिए भटक रहे हैं। भुगतान न होने का डर इतना गहरा है कि वह काम मांगने से भी बच रहे हैं। दबी जुबान से अधिकारी भी मानते हैं कि पंचायतों में काम प्रस्तावित हैं, लेकिन श्रमिक तैयार नहीं हैं। उनका साफ कहना है कि बिना मजदूरी के काम नहीं करेंगे। इसके चलते नालियां, सड़कें, हैंडपंप और अन्य जरूरी निर्माण कार्य अटके हुए हैं।</p>
<p>सर्दी के मौसम में ग्राम पंचायतों में कार्य की रफ्तार हमेशा ही धीमी होती है। हमारा फोकस ग्राम पंचायत में अधूरे कार्यों को हर हाल में पूरा करने का है। इसको लेकर आए दिन ग्राम निधि की समीक्षा होती है। यह जरूर है कि मनरेगा में भुगतान की लेटलतीफी से कुछ ग्राम पंचायतों में प्रधान काम कराने से पीछे हट रहे हैं, फिर भी किसी न किसी तरह से अधूरे कार्य पूरे कराए जा रहे हैं। <strong>-कमल किशोर, डीपीआरओ।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565938/bareilly-pradhan-is-staying-away-from-new-work-in-the</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/565938/bareilly-pradhan-is-staying-away-from-new-work-in-the</guid>
                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 10:25:21 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/1641.jpg"                         length="583275"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंचायत चुनाव से पहले UP में हड़कंप: विकास कार्यों की जांच तेज, प्रधान-सचिवों को नोटिस, खंगाले जा रहे पुराने रिकॉर्ड </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार:</strong> उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले गांवों में हुए विकास कार्यों की हकीकत परखने को छानबीन तेज होने वाली है। पंचायतीराज विभाग ने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की जांच शुरू कर दी है। ऐसे में तमाम ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव इसको लेकर चिंतित भी हैं।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">दिलचस्प यह है कि शासन की इस कार्रवाई के मद्देनजर गांव की राजनीति गरमा गई है, मानो ग्राम प्रधानों के प्रतिद्वंद्वियों को मुद्दा मिल गया। कई गांवों में विपक्षी खेमे ने शिकायतों और साक्ष्यों के साथ अधिकारियों की चौखट पर दस्तक देना शुरू कर दिया है। ऐसे में प्रधानों</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563664/up-in-turmoil-ahead-of-panchayat-elections--inspections-of-development-works-intensify--notices-issued-to-principal-secretaries--and-old-records-being-scrutinized"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(3)10.png" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार:</strong> उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले गांवों में हुए विकास कार्यों की हकीकत परखने को छानबीन तेज होने वाली है। पंचायतीराज विभाग ने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों की जांच शुरू कर दी है। ऐसे में तमाम ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव इसको लेकर चिंतित भी हैं।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">दिलचस्प यह है कि शासन की इस कार्रवाई के मद्देनजर गांव की राजनीति गरमा गई है, मानो ग्राम प्रधानों के प्रतिद्वंद्वियों को मुद्दा मिल गया। कई गांवों में विपक्षी खेमे ने शिकायतों और साक्ष्यों के साथ अधिकारियों की चौखट पर दस्तक देना शुरू कर दिया है। ऐसे में प्रधानों की मुश्किलें और बढ़ी नजर आ रही हैं।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">दरअसल, जिन ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के खर्च का स्पष्ट और संतोषजनक ब्यौरा उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, वहां कार्रवाई की संभावना है। उदाहरण के तौर पर गोंडा में जिला पंचायतीराज विभाग की ओर से दर्जनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों और पंचायत सचिवों को अधिभार नोटिस जारी हुई हैं।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">विभागीय अधिकारियों के अनुसार, अगर निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब और खर्च का पूरा विवरण प्रस्तुत नहीं किया गया तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसी ही नोटिस अन्य जिलों को भी गई हैं। नोटिसों के बाद पंचायत स्तर पर खलबली मच गई है। प्रधान और सचिव पुराने रिकॉर्ड खंगालने में जुट गए हैं।</span></p>
<h3><em><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>पंचायतों में होगा डिजिटल पुस्तकालय, 25 करोड़ जारी</strong></span></em></h3>
<p>राज्य सरकार के निर्देश पर ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय (बाल एवं किशोर पुस्तकालय) की स्थापना की जाएगी। शासन के निर्देश पर गोरखपुर मंडल के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर व महाराजगंज में डिजिटल लाइब्रेरी के लिए चिन्हित 1288 ग्राम पंचायतों में से प्रथम चरण में चारों जिलों में 644 डिजिटल लाइब्रेरी खोली जाएंगी। इसके लिए शासन ने 24 करोड़ 47 लाख 20 हजार की धनराशि जारी कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Election</category>
                                            <category>चुनाव</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563664/up-in-turmoil-ahead-of-panchayat-elections--inspections-of-development-works-intensify--notices-issued-to-principal-secretaries--and-old-records-being-scrutinized</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/563664/up-in-turmoil-ahead-of-panchayat-elections--inspections-of-development-works-intensify--notices-issued-to-principal-secretaries--and-old-records-being-scrutinized</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 09:34:57 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/muskan-dixit-%283%2910.png"                         length="1023801"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधान ने एसआईआर फार्म फाड़ ताना तमंचा : महिला बीएलओ और लेखपाल को पीटा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सलोन, रायबरेली, अमृत विचार :</strong> एसआईआर सर्वेक्षण के दौरान महिला बीएलओ और लेखपाल को ग्राम प्रधान ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा है। आरोप है कि आरोपित प्रधान ने गणना प्रपत्र फाड़कर तमंचा तान दिया। इसके बाद लातघूंसों से जमकर मारा पीटा है। मामले की गम्भीरता को देखते हुए एसडीएम ने कोतवाल को जांच कर विधिक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पूरे अहिरन मोहद्दीनगर मजरे पाल्हीपुर में महिला बीएलओ आरती यादव पत्नी दीप सिंह और लेखपाल अविनाश भारती मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य कर रहे थे। आरोप है कि इसी बीच पाल्हीपूर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561507/span-classt-red-pradhan-tore-the-sir-form-taunted-the-gun"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/रायबरेली.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सलोन, रायबरेली, अमृत विचार :</strong> एसआईआर सर्वेक्षण के दौरान महिला बीएलओ और लेखपाल को ग्राम प्रधान ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा है। आरोप है कि आरोपित प्रधान ने गणना प्रपत्र फाड़कर तमंचा तान दिया। इसके बाद लातघूंसों से जमकर मारा पीटा है। मामले की गम्भीरता को देखते हुए एसडीएम ने कोतवाल को जांच कर विधिक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पूरे अहिरन मोहद्दीनगर मजरे पाल्हीपुर में महिला बीएलओ आरती यादव पत्नी दीप सिंह और लेखपाल अविनाश भारती मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य कर रहे थे। आरोप है कि इसी बीच पाल्हीपूर ग्राम प्रधान दीपक यादव अपने एक साथी नोखई को साथ लेकर कार्य स्थल पर पहुचकर व्यवधान उतपन्न करने लगा था। महिला बीएलओ ने समझाने का प्रयास किया तो उसके साथ अभद्रता शुरू कर दी। जिसके बाद लेखपाल अविनाश भी उसे समझाने लगा।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोप है कि ग्राम प्रधान ने गणना प्रपत्र फाड़ते हुए गालियां देनी शुरू कर दी। जिसका दोनों कर्मियों ने विरोध किया। जिसके बाद दबंग प्रधान ने लेखपाल और महिला बीएलओ के ऊपर तमंचा तानकर जान से मारने की धमकी देने लगा। इस दौरान प्रधान के तमंचा दिखाने पर दोनों कर्मी जान बचाने के लिए भागने लगे। जिसके बाद दोनों को प्रधान दीपक यादव ने दौड़ा दौड़ा कर पीटा। आरोप है कि ग्रामीणों के सहयोग से दोनों कर्मी किसी तरह जान बचाने में कामयाब हुए। जिसके बाद घटना की जानकारी उपजिलाधिकारी सलोन को दी गई। इस सम्बंध में उपजिलाधिकारी चन्द्र प्रकाश ने बताया कि लेखपाल की सूचना पर घटना स्थल गया था। मौजूदा हालात को देखते हुए कोतवाल को जांच कर कार्यवाही के लिए निर्देशित किया है। कोतवाल राघवन कुमार सिंह ने बताया कि घटना की तहरीर मिली है। जांच कर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>रायबरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/561507/span-classt-red-pradhan-tore-the-sir-form-taunted-the-gun</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/561507/span-classt-red-pradhan-tore-the-sir-form-taunted-the-gun</guid>
                <pubDate>Fri, 28 Nov 2025 20:21:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-11/%E0%A4%B0%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%AC%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%B2%E0%A5%80.jpg"                         length="120816"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        