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                <description>instructions RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>सीएम योगी ने की मेट्रो परियोजनाओं की समीक्षा, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश में संचालित मेट्रो परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को आधुनिक, सुगम और विश्वस्तरीय शहरी परिवहन व्यवस्था में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और संबंधित विभागों के बीच नियमित समन्वय बैठकों पर बल देते हुए कहा कि निर्माण से लेकर संचालन तक हर स्तर पर दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।योगी ने कहा कि मेट्रो परियोजनाएं केवल आवागमन का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576202/cm-yogi-reviews-metro-projects--directs-timely-and-high-quality-execution"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(9)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रदेश में संचालित मेट्रो परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को आधुनिक, सुगम और विश्वस्तरीय शहरी परिवहन व्यवस्था में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और संबंधित विभागों के बीच नियमित समन्वय बैठकों पर बल देते हुए कहा कि निर्माण से लेकर संचालन तक हर स्तर पर दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।योगी ने कहा कि मेट्रो परियोजनाएं केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शहरी अर्थव्यवस्था को गति देने और निवेश आकर्षित करने का प्रभावी साधन हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेट्रो को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए आय के नए स्रोत विकसित किए जाएं। स्टेशनों और परिसरों में मल्टीलेवल पार्किंग, रिटेल, फूड कोर्ट और ऑफिस स्पेस को बढ़ावा देने, विज्ञापन और डिजिटल ब्रांडिंग के अवसरों का अधिकतम उपयोग करने तथा परिसंपत्तियों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट के माध्यम से राजस्व सृजन और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेट्रो को सिटी बस, ई-रिक्शा, टैक्सी और ऐप आधारित सेवाओं से जोड़ा जाए, ताकि यात्रियों को घर से गंतव्य तक निर्बाध यात्रा मिल सके। तीनों शहरों में अतिरिक्त पार्किंग, फीडर रूट और निजी बस सेवाओं के समन्वय को भी तेज करने को कहा गया। </p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। लखनऊ मेट्रो लगभग 23 किमी कॉरिडोर संचालित है। चारबाग से वसंत कुंज (करीब 11.16 किमी) विस्तार को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे पुराने शहर को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी जबकि कानपुर मेट्रो की कुल 32.4 किमी परियोजना में करीब 15 किमी सेक्शन पर संचालन शुरू हो चुका है, शेष कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने की योजना है। </p>
<p style="text-align:justify;">आगरा मेट्रो की 29.4 किमी परियोजना में 6.5 किमी प्राथमिक सेक्शन चालू है। कॉरिडोर-1 जून 2026 तक और कॉरिडोर-2 को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में बताया गया कि तीनों शहरों में मेट्रो सेवाओं का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे यातायात का दबाव कम हुआ है और समय की बचत हो रही है। बेहतर प्रबंधन और ऊर्जा दक्ष तकनीकों के चलते संचालन लागत नियंत्रित है, वहीं विज्ञापन, रिटेल और ब्रांडिंग जैसे गैर-भाड़ा स्रोतों से आय में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2024-25 में लगभग 222 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, तकनीकी गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग कर परियोजनाओं को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि आमजन को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध परिवहन सुविधा मिल सके। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 19:53:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी : काशी में चैत्र नवरात्र के दौरान बंद रहेंगी मीट-मछली की दुकानें, महापौर ने दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> धार्मिक नगरी काशी में नवरात्र के पावन अवसर पर नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाली सभी मीट, मुर्गा और मछली की दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को सिगरा स्थित 'वाराणसी स्मार्ट सिटी' के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">आगामी चैत्र नवरात्र की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए इस नियम का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि शहर में धार्मिक वातावरण बना रहे। इस दौरान महापौर ने नवरात्र पर्व से पूर्व सभी प्रमुख देवी मंदिरों की ओर जाने वाले मार्गों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575243/varanasi--meat-and-fish-shops-to-remain-closed-in-kashi-during-chaitra-navratri--mayor-issues-directives"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cats126.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> धार्मिक नगरी काशी में नवरात्र के पावन अवसर पर नगर निगम सीमा के अंतर्गत आने वाली सभी मीट, मुर्गा और मछली की दुकानें पूर्णतः बंद रहेंगी। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को सिगरा स्थित 'वाराणसी स्मार्ट सिटी' के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">आगामी चैत्र नवरात्र की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए इस नियम का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दिया गया है, ताकि शहर में धार्मिक वातावरण बना रहे। इस दौरान महापौर ने नवरात्र पर्व से पूर्व सभी प्रमुख देवी मंदिरों की ओर जाने वाले मार्गों का तत्काल निरीक्षण कर 'पैच वर्क' कराने तथा गड्ढों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए सड़कों के किनारे नियमित रूप से चूने के छिड़काव का भी निर्देश दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में जलकल विभाग को कड़ी चेतावनी दी गई कि पर्व के समय शहर में कहीं भी सीवर ओवरफ्लो की समस्या नहीं दिखनी चाहिए और पेयजल की निर्बाध आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। नगर की प्रकाश व्यवस्था को लेकर संबंधित विभाग को जिम्मेदारी सौंपी गई कि मंदिरों को जोड़ने वाले सभी मार्गों पर स्ट्रीट लाईट की व्यवस्था चाक-चौबंद रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया। इस अवसर पर अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार सिंह, विनोद कुमार गुप्ता, जलकल महाप्रबंधक अनूप सिंह एवं पीयूष नेहरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 19:01:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहराइच में एसआईआर सुनवाई तीन दिन में पूरी करने के निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बहराइच। </strong>उत्तर प्रदेश के बहराइच में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन कार्य में तेजी लाने के लिए अपर जिलाधिकारी अमित कुमार ने संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में अमित कुमार ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप नो मैपिंग तथा तार्किक विसंगतियों की श्रेणी में आने वाले मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574406/instructions-to-complete-sir-hearing-in-bahraich-within-three-days"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/sir1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बहराइच। </strong>उत्तर प्रदेश के बहराइच में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई और आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन कार्य में तेजी लाने के लिए अपर जिलाधिकारी अमित कुमार ने संबंधित अधिकारियों को तीन दिन के भीतर सुनवाई की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित बैठक में अमित कुमार ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों से कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप नो मैपिंग तथा तार्किक विसंगतियों की श्रेणी में आने वाले मतदाताओं को जारी नोटिसों की सुनवाई शीघ्रता से पूरी की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जिन 24 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की सुनवाई 80 प्रतिशत से कम है, उनके साथ विशेष बैठक कर प्रगति की समीक्षा की गई है। जनपद में नियुक्त 74 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की सहायता से तीन दिन के भीतर सुनवाई का कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">एडीएम ने अधिकारियों से कहा कि पूर्व से तैनात अधिकारियों, बूथ लेवल अधिकारियों तथा सुपरवाइजरों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर नो मैपिंग से संबंधित नोटिसों की सुनवाई तथा तार्किक विसंगतियों से जुड़े मतदाताओं के सत्यापन का कार्य मार्च 2026 के अंत तक पूर्ण कराया जाए। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को नियमित रूप से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा करने तथा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार त्रुटिरहित तरीके से नोटिसों की सुनवाई और सत्यापन कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए। बैठक में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574406/instructions-to-complete-sir-hearing-in-bahraich-within-three-days</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 18:32:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री योगी का निर्देश- विभागों की वार्षिक कार्ययोजना 15 अप्रैल तक स्वीकृत हो</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में परियोजनाओं की वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री स्तर से मिलने वाली स्वीकृति की सीमा, जो अभी 10 करोड़ रुपए तक है, उसे बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए किया जाए। 50 से 150 करोड़ रुपए तक की परियोजनाओं की मंजूरी वित्त मंत्री स्तर से और 150 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री स्तर से दी जाए, जिससे परियोजनाओं को समय पर वित्तीय मंजूरी मिले और काम तेजी से आगे बढ़े। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569484/chief-minister-yogi-s-directive--annual-work-plans-of-all-departments-should-be-approved-by-april-15"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(9)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में परियोजनाओं की वित्तीय स्वीकृति प्रक्रिया को तेज, सरल और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि विभागीय मंत्री स्तर से मिलने वाली स्वीकृति की सीमा, जो अभी 10 करोड़ रुपए तक है, उसे बढ़ाकर 50 करोड़ रुपए किया जाए। 50 से 150 करोड़ रुपए तक की परियोजनाओं की मंजूरी वित्त मंत्री स्तर से और 150 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की स्वीकृति मुख्यमंत्री स्तर से दी जाए, जिससे परियोजनाओं को समय पर वित्तीय मंजूरी मिले और काम तेजी से आगे बढ़े। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे अपनी वार्षिक कार्ययोजना 15 अप्रैल तक हर हाल में स्वीकृत करा लें। समयसीमा का पालन न करने वाले विभागों की सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी परियोजना की लागत में 15% से ज्यादा बढ़ोतरी होने पर विभाग कारण सहित पुनः अनुमोदन प्राप्त करे। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को वित्त विभाग की विस्तृत समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने राज्य की राजकोषीय स्थिति, बजट प्रबंधन, पूंजीगत व्यय, निर्माण कार्यों की व्यवस्था, एकमुश्त प्रावधान, डिजिटल वित्तीय सुधार, कोषागार प्रक्रियाएं, पेंशन व्यवस्था और विभागीय नवाचारों पर विस्तृत चर्चा की।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को सुदृढ़, पारदर्शी और रिजल्ट ओरिएंटेड वित्तीय प्रबंधन का आदर्श राज्य बनाना है। इसके लिए सभी विभाग समयबद्धता, गुणवत्ता, पारदर्शिता और डिजिटल प्रक्रियाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने निर्देश दिए कि केंद्र सरकार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में राज्य गारंटी पॉलिसी लागू की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अल्प-वेतनभोगी कर्मियों, जैसे आशा बहनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय हर माह तय तारीख को उनके बैंक खातों में पहुंच जाए। जिन योजनाओं में केंद्रांश मिलता है, वहां राज्य अपने मद से मानदेय समय पर जारी करे, ताकि किसी कर्मी को देरी न हो। यह व्यवस्था यथाशीघ्र लागू की जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश का 1,10,555 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय देश में सबसे अधिक रहा। राज्य ने जितना शुद्ध लोक ऋण लिया, उससे भी ज्यादा राशि पूंजीगत कार्यों पर खर्च की, जो वित्तीय अनुशासन का मजबूत संकेत है। कुल व्यय का 9.39% निवेश पर खर्च कर उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर रहा। </p>
<p style="text-align:justify;">राजकोषीय घाटा, राजस्व घाटा और ऋण/जीएसडीपी अनुपात जैसे सभी संकेतक एफआरबीएम मानकों के अनुरूप रहे। वर्ष 2024-25 में राज्य की कुल देयताएं घटकर जीएसडीपी के 27% पर आ गईं। नीति आयोग के अनुसार उत्तर प्रदेश का कंपोजिट फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2014 में 37 से बढ़कर 2023 में 45.9 हो गया है और राज्य फ्रंट रनर श्रेणी में पहले स्थान पर है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि आरबीआई की रिपोर्ट में भी राज्य का अपना कर राजस्व राष्ट्रीय हिस्सेदारी में 11.6% के साथ देश में दूसरे स्थान पर बताया गया है। विकास व्यय (जीएसडीपी अनुपात में) राष्ट्रीय औसत से लगातार अधिक रहा है और स्वास्थ्य व्यय में भी उत्तर प्रदेश प्रमुख राज्यों में शीर्ष पर है।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त विभाग ने पिछले तीन वर्षों में बजट, कोषागार और डिजिटल वित्तीय प्रशासन में ऑनलाइन बजट मॉड्यूल, वेंडर मैनेजमेंट सिस्टम, साइबर ट्रेजरी, पूरी तरह ऑनलाइन बिल प्रेषण, जीपीएफ अनियमितताओं की रोकथाम, वेतन बिलों का एजी को ऑनलाइन भेजना, डिजिलॉकर पर जीपीएफ स्लिप उपलब्ध कराना जैसे कई सुधार किए हैं।<br /> <br />कोषागार सुधारों के तहत साइबर ट्रेजरी के माध्यम से खातों का पूर्णत: पेपरलेस प्रेषण अप्रैल 2026 तक पूरा हो जाएगा। फर्म्स, सोसाइटी एवं चिट्स विभाग के नवाचारों के बारे में बताया गया कि विभाग ने अपनी सभी प्रमुख सेवाओं को डिजिटल किया है। पुराने अभिलेख डिजिटल हो रहे हैं। 'सादर' पोर्टल के माध्यम से जनता को अभिलेखों तक आसान पहुँच मिली है। वाद प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है और नीति आयोग के ‘दर्पण’ पोर्टल के साथ एकीकृत होने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य बन गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">शासकीय भवनों के अनुरक्षण व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुबंधों में एकरूपता का अभाव है। सड़क निर्माण की तर्ज पर सभी नए भवनों में 5 वर्ष का भुगतान-आधारित अनुरक्षण अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने पुराने भवनों के अनुरक्षण के लिए कॉर्पस फंड बनाने की आवश्यकता बताई।</p>
<p style="text-align:justify;">निर्माण गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि भवन, सड़क, सेतु, सीवर लाइन और जलापूर्ति पाइपलाइन जैसी परियोजनाओं का थर्ड पार्टी क्वालिटी ऑडिट आईआईटी, एनआईटी और राज्य/सरकारी तकनीकी संस्थानों से कराया जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने वित्तीय अनुशासन, पूंजीगत व्यय और राजस्व संवर्धन में देश में नया मानक स्थापित किया है। अब लक्ष्य यह है कि खर्च की गुणवत्ता और डिजिटल पारदर्शिता को और मजबूत करते हुए प्रदेश को भारत का सबसे सक्षम और विश्वसनीय वित्तीय प्रशासन वाला राज्य बनाया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569484/chief-minister-yogi-s-directive--annual-work-plans-of-all-departments-should-be-approved-by-april-15</link>
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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 14:52:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> सीएम योगी ने अधिकारियों संग की बैठक...  478 विकास परियोजनाओं को मंजूरी, पीपीपी मॉडल पर विकसित करने के निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनहित के कार्यों में धन की कमी न होने की जानकारी साझा करते हुए आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बजट देने का भरोसा जताया है। बुधवार को मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के नगरीय विकास की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नगरों का विकास केवल सड़कों और इमारतों के निर्माण तक सीमित न हो, बल्कि उनका स्वरूप ऐसा बने जिसमें स्थानीय पहचान, इतिहास, संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का संतुलन दिखे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने निर्देश दिया कि योजनाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाएं और नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ दिखे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560498/cm-yogi-held-a-meeting-with-officials----478-development-projects-approved--instructions-to-develop-them-on-a-ppp-model"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/untitled-design-(8)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनहित के कार्यों में धन की कमी न होने की जानकारी साझा करते हुए आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बजट देने का भरोसा जताया है। बुधवार को मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के नगरीय विकास की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नगरों का विकास केवल सड़कों और इमारतों के निर्माण तक सीमित न हो, बल्कि उनका स्वरूप ऐसा बने जिसमें स्थानीय पहचान, इतिहास, संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का संतुलन दिखे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने निर्देश दिया कि योजनाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी की जाएं और नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ दिखे। मुख्यमंत्री ने मेरठ में प्रस्तावित बिजली बम्बा बाईपास को लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर पीपीपी मोड में विकसित करने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में बताया गया कि पहले चरण की कार्ययोजना के रूप में वर्ष 2025-26 में मेरठ में 11, कानपुर में 13 और मथुरा-वृंदावन में 14 परियोजनाओं पर कार्य किया जाए। इन परियोजनाओं में यातायात सुधार, चौराहों का पुनर्विकास, मल्टीलेवल पार्किंग, हरित क्षेत्र, सड़क और पेवमेंट सुधार, बिजली लाइनों का भूमिगतकरण, जल प्रबंधन, पर्यटन सुविधाओं का उन्नयन और शहरी सौंदर्यीकरण जैसी जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">योगी ने अधिकारियों को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर निजी क्षेत्र का सहयोग लेने और जहां संभव हो वहां पीपीपी मोड अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य ऐसा शहरी ढांचा तैयार करना है जो यातायात को सुगम बनाए, पैदल यात्रियों और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे, हरे-भरे शहरों की दिशा में आगे बढ़े और स्थानीय पहचान को मजबूत करे।</p>
<h5 style="text-align:justify;">कानपुर, मथुरा-वृंदावन में विरासत और पर्यटन आधारित विकास मॉडल</h5>
<p style="text-align:justify;">बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से तीनों मंडलों के मंडलायुक्तों ने अपनी कार्ययोजना से अवगत कराया। बताया गया कि अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज की तर्ज पर अब मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के लिए भी विकास मॉडल अपनाया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों से विमर्श और विभागों के बीच समन्वय कर इन शहरों में कुल 478 परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार है। इनमें मेरठ में 111, कानपुर में 109 और मथुरा-वृंदावन में 258 परियोजनाओं का विकास प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं को अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक श्रेणी में विभाजित कर स्पष्ट समयसीमा तय की गई है।</p>
<h5 class="post-title"><span class="t-red">ये भी पढ़े : </span></h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/560496/voting-station-management--ramps--water--toilets--electricity--chairs-and-tables--district-election-officer-meeting-held"><span class="t-red">मतदेय स्थलों का संभाजन: </span>रैंप, पानी, शौचालय, विद्युत, कुर्सी-मेज की व्यवस्था, जिला निर्वाचन अधिकारी की हुई बैठक </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/560498/cm-yogi-held-a-meeting-with-officials----478-development-projects-approved--instructions-to-develop-them-on-a-ppp-model</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Nov 2025 09:57:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मिशन शक्ति 5.0 अभियान: मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर पुलिस ने की साढ़े आठ लाख वाहनों की जांच </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाए जा रहे “मिशन शक्ति-पांच” अभियान के तहत राज्य भर में पुलिस ने साढ़े आठ लाख वाहनों की जांच की और नौ हजार से अधिक वाहनों से काली फिल्म हटाई। मंगलवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए गाड़ियों की काली फिल्म हटाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया गया है। यह अभियान 22 सितंबर से प्रदेश में चलाया गया, जो वर्तमान में भी चल रहा है।</p>
<p>वहीं 22</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555417/mission-shakti-5-0-campaign--on-the-instructions-of-chief-minister-yogi--the-police-checked-eight-and-a-half-lakh-vehicles"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/upp.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर चलाए जा रहे “मिशन शक्ति-पांच” अभियान के तहत राज्य भर में पुलिस ने साढ़े आठ लाख वाहनों की जांच की और नौ हजार से अधिक वाहनों से काली फिल्म हटाई। मंगलवार को अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि मिशन शक्ति 5.0 अभियान के तहत महिलाओं और बेटियों को सुरक्षित माहौल देने के लिए गाड़ियों की काली फिल्म हटाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया गया है। यह अभियान 22 सितंबर से प्रदेश में चलाया गया, जो वर्तमान में भी चल रहा है।</p>
<p>वहीं 22 सितंबर से एक अक्टूबर तक साढ़े आठ लाख से अधिक वाहनों की जांच की गयी। इसके साथ ही उच्च अधिकारियों पुलिस महानिदेशक, अपर पुलिस महानिदेशक, उप महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी द्वारा अपनी टीम के साथ पैदल गश्त की गयी।</p>
<p>मिशन शक्ति अभियान की नोडल अधिकारी अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) पद्मजा चौहान ने बताया कि अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों द्वारा सड़क पर गाड़ियों की जांच की गयी। इस दौरान गाड़ियों की काली फिल्म को हटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया है।</p>
<p>इस दौरान 71,473 स्थानों की 24,457 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा 8,50,182 वाहनों की जांच की गयी। अब तक 9,488 काली फिल्में हटाई जा चुकी हैं। इसके अलावा 2,817 हूटर और 1,087 बत्तियां भी हटाई गई हैं। चौहान ने कहा कि यह कदम सड़क पर अपराधों को रोकने और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।</p>
<p>इसके साथ ही, गलत स्थान पर पार्क किए गए वाहनों के खिलाफ 18,215 चालान भी किए गए हैं, ताकि यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके और सड़क पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। महिला सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से वाहन पर शासकीय और जाति सूचक शब्दों के इस्तेमाल पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है और 14,504 ऐसे मामले सामने आए हैं।</p>
<p>एडीजी ने बताया कि वाहन नियमों का उल्लंघन करने पर 1,93,829 वाहनों का चालान किया गया है, जबकि 3,654 वाहनों को सीज भी किया गया है। कुल 251 पंजीकृत अभियोगों के साथ-साथ 450 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है, जो यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। इसके अलावा 'स्टंटबाजों' के लिखाफ भी कड़ी कार्रवाई की गयी। अभियान के दौरान 770 'स्टंटबाजी' के मुकदमे दर्ज किये गये जबकि 263 स्टंटबाजों को गिरफ्तार किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/555417/mission-shakti-5-0-campaign--on-the-instructions-of-chief-minister-yogi--the-police-checked-eight-and-a-half-lakh-vehicles</link>
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                <pubDate>Tue, 07 Oct 2025 18:01:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों की मिली लास्ट वार्निंग, सूची 15 अगस्त तक उपलब्ध कराने का निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों की सूची 15 अगस्त तक उपलब्ध कराने के निर्देश सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिये हैं। </p>
<p>बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक व बीएसए को निर्देश दिया है कि वे संबंधित जिलों में चल रहे बिना मान्यता वाले सभी विद्यालयों की जांच कर व कार्यवाही करके 15 अगस्त तक सूचना अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि जिले में कोई बिना मान्यता का विद्यालय चलता हुआ मिलेगा तो इसके लिए बीएसए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/549329/last-warning-received-for-schools-running-without-recognition--instructions-to-provide-the-list-by-august-15"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(13)7.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने बगैर मान्यता के चल रहे स्कूलों की सूची 15 अगस्त तक उपलब्ध कराने के निर्देश सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिये हैं। </p>
<p>बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक व बीएसए को निर्देश दिया है कि वे संबंधित जिलों में चल रहे बिना मान्यता वाले सभी विद्यालयों की जांच कर व कार्यवाही करके 15 अगस्त तक सूचना अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने को कहा है। उन्होंने अपने आदेश में कहा है कि जिले में कोई बिना मान्यता का विद्यालय चलता हुआ मिलेगा तो इसके लिए बीएसए व बीईओ ही जिम्मेदार होंगे। </p>
<p>उन्होंने बताया कि एक जुलाई को जारी निर्देश के बाद भी अंबेडकरनगर, श्रावस्ती, बलरामपुर, रायबरेली, अयोध्या, सीतापुर, चित्रकूट, फिरोजाबाद, सिद्धार्थनगर, कौशांबी, फर्रुखाबाद, मिर्जापुर, पीलीभीत, उन्नाव, बिजनौर, संतकबीरनगर, झांसी, लखीमपुर खीरी, औरैया, मैनपुरी व फतेहपुर को छोड़कर अन्य जिलों ने रिपोर्ट नहीं भेजी है। ऐसे जिलों को निर्देश जारी कर जल्द सूचना उपलब्ध कराने को कहा गया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/549324/iit-kanpur-students-launched-future-secure-ai-innovation-program--selected-teams-will-get-a-grant-of-rs-6-lakh-for-prototype-development">IIT कानपुर ने छात्रों ने लॉन्च किया फ्यूचर सिक्योर AI इनोवेशन प्रोग्राम, चयनित टीमों को प्रोटोटाइप विकास के लिए मिलेगा छह लाख रुपये का अनुदान </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/549329/last-warning-received-for-schools-running-without-recognition--instructions-to-provide-the-list-by-august-15</link>
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                <pubDate>Fri, 08 Aug 2025 16:52:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर: प्रशासन की सख्त कार्रवाई, दो मदरसों में लगा ताला, बेसिक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ेंगे बच्चे </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पलियाकलां, अमृत विचार:</strong> इंडो नेपाल बार्डर पर चंदनचौकी कोतवाली क्षेत्र के दो गांवों में बिना मान्यता चल रहे दो मदरसों को तहसील प्रशासन ने बंद करा दिया है। एसडीएम ने इनमें पंजीकृत बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>एसडीएम रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि चंदन चौकी कोतवाली क्षेत्र के गांव बिचपटा एवं रामगढ़ में मदरसे बिना मान्यता के अवैध रूप से चल रहे थे। इनके संचालक मान्यता संबंधी कोई प्रपत्र नहीं दिखा सके। दोनों मदरसे मस्जिद में संचालित थे। इसलिए दोनों मदरसों को बंद करवा दिया गया।</p>
<p>उन्होंने बताया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536989/lakhimpur--strict-action-by-the-administration--two-madrasas-locked--children-will-study-in-basic-schools-and-anganwadi-centres"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/सायन-और-नीला-ग्रंज-संगीत-youtube-थंबनेल---2025-05-07t105549.464.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पलियाकलां, अमृत विचार:</strong> इंडो नेपाल बार्डर पर चंदनचौकी कोतवाली क्षेत्र के दो गांवों में बिना मान्यता चल रहे दो मदरसों को तहसील प्रशासन ने बंद करा दिया है। एसडीएम ने इनमें पंजीकृत बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>एसडीएम रत्नाकर मिश्रा ने बताया कि चंदन चौकी कोतवाली क्षेत्र के गांव बिचपटा एवं रामगढ़ में मदरसे बिना मान्यता के अवैध रूप से चल रहे थे। इनके संचालक मान्यता संबंधी कोई प्रपत्र नहीं दिखा सके। दोनों मदरसे मस्जिद में संचालित थे। इसलिए दोनों मदरसों को बंद करवा दिया गया।</p>
<p>उन्होंने बताया कि बिचपटा के मदरसे में 45 और रामगढ़ के मदरसे में 22 बच्चे पंजीकृत थे। सभी को प्राथमिक विद्यालयों से लेकर आंगनबाड़ी में प्रवेश दिलाने के लिए बीईओ रमन सिंह को निर्देश दिए हैं। बीईओ ने बताया कि कई बच्चों की उम्र छह साल से कम है। </p>
<p>इसलिए इनको आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजने के लिए सीडीपीओ को लिखा है, जबकि अन्य सभी बच्चों को प्राथमिक विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दौरान सीओ यादवेंद्र सिंह यादव सहित चंदन चौकी, गौरीफंटा कोतवाल सहित चंदन चौकी में तैनात सशस्त्र सीमा बल के सहायक कमांडर निखिल राज मय जवानों के मौजूद रहे। इससे पहले बिचपटा गांव में अवैध रूप से बनाई गई एक मजार को भी तहसील प्रशासन हटवा चुका है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- </strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/536956/lakhimpur-kheri-created-a-furore-in-the-family-due-to">लखीमपुर खीरी: आकाशीय बिजली गिरने से मजदूर की मौत...परिवार में मचा कोहराम</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 07 May 2025 10:56:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Preeti Kohli]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीलीभीत: गोशाला में नहीं मिला हरा चारा, डीएम ने ग्राम प्रधान के अधिकार सीज करने के दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार: </strong>गोवंश संरक्षण मुहिम के तहत संचालित गोशालाओं में आश्रित गोवंशीय पशुओं की देखभाल को लेकर लापरवाही लगातार उजागर हो रही है। अभिलेखों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद दिखाई जा रही हैं, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। हालात यह हैं कि गोवंश के चारे-पानी की समुचित व्यवस्था तक नहीं हो पा रही है। इसकी एक बानगी रविवार को फिर देखने को मिली।</p>
<p>पूरनपुर ब्लॉक के कजरी निरंजनपुर गांव स्थित गोशाला का औचक निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह को वहां हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं मिली। इस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए ग्राम प्रधान के अधिकार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534410/pilibhit--green-fodder-not-found-in-cowshed--dm-gave-instructions-to-seize-the-rights-of-village-head"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/सायन-और-नीला-ग्रंज-संगीत-youtube-थंबनेल---2025-04-20t135338.685.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पीलीभीत, अमृत विचार: </strong>गोवंश संरक्षण मुहिम के तहत संचालित गोशालाओं में आश्रित गोवंशीय पशुओं की देखभाल को लेकर लापरवाही लगातार उजागर हो रही है। अभिलेखों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद दिखाई जा रही हैं, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत है। हालात यह हैं कि गोवंश के चारे-पानी की समुचित व्यवस्था तक नहीं हो पा रही है। इसकी एक बानगी रविवार को फिर देखने को मिली।</p>
<p>पूरनपुर ब्लॉक के कजरी निरंजनपुर गांव स्थित गोशाला का औचक निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह को वहां हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं मिली। इस पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए ग्राम प्रधान के अधिकार सीज करने के निर्देश दिए।</p>
<p>निरीक्षण के दौरान डीएम ने गोशाला परिसर का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने निराश्रित गोवंश के लिए भूसा, पीने योग्य पानी, हरा चारा, साफ-सफाई आदि की स्थिति को परखा। गोशाला में 228 गोवंश संरक्षित पाए गए। डीएम ने उनकी देखरेख, ईयर टैगिंग और कृत्रिम गर्भाधान से संबंधित जानकारी भी ली।</p>
<p>जब हरे चारे की उपलब्धता को लेकर सवाल किया गया, तो जिम्मेदारों के पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं था। मौके पर हरा चारा पूरी तरह अनुपस्थित पाया गया। इस पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह गंभीर लापरवाही है।</p>
<p>उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि बीमार गोवंशों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। इसके साथ ही गोशाला की नियमित साफ-सफाई और पोषण की व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान तहसील और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-<span style="color:rgb(224,62,45);"> </span></strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/534404/pilibhit--seven-lakh-rupees-cheated-in-the-name-of-sending-to-malaysia--had-to-return-empty-handed-from-kolkata%E2%80%A6-now-fir">पीलीभीत: मलेशिया भेजने के नाम पर ठगे सात लाख रुपये, कोलकाता से लौटना पड़ा बैरंग… अब FIR</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>पीलीभीत</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/534410/pilibhit--green-fodder-not-found-in-cowshed--dm-gave-instructions-to-seize-the-rights-of-village-head</link>
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                <pubDate>Sun, 20 Apr 2025 13:53:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Preeti Kohli]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Prayagraj : पिता की मृत्यु का झूठा दावा कर मामले में स्थगन लेने वाले अधिवक्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने पिता की मृत्यु का झूठा दावा करके एक मामले में स्थगन आदेश लेने वाले एक अधिवक्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश देते हुए कहा कि अधिवक्ता का कृत्य दुराचार के समान है, क्योंकि उसने झूठे दावे के आधार पर स्थगन प्राप्त किया था।</p>
<p>अधिवक्ता का आचरण न्यायिक दृष्टिकोण से अनुचित है। मामले को यूपी बार काउंसिल को भेजने का निर्देश दिया, जिससे अधिवक्ता शिव प्रकाश से स्पष्टीकरण लेकर दो महीने के भीतर अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत उचित कार्रवाई की जा सके। उक्त आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने खाद्य सुरक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532336/instructions-for-disciplinary-action-against-the-advocate-who-takes-a"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/कोर्ट-इलाहाबाद-कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज : </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने पिता की मृत्यु का झूठा दावा करके एक मामले में स्थगन आदेश लेने वाले एक अधिवक्ता के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश देते हुए कहा कि अधिवक्ता का कृत्य दुराचार के समान है, क्योंकि उसने झूठे दावे के आधार पर स्थगन प्राप्त किया था।</p>
<p>अधिवक्ता का आचरण न्यायिक दृष्टिकोण से अनुचित है। मामले को यूपी बार काउंसिल को भेजने का निर्देश दिया, जिससे अधिवक्ता शिव प्रकाश से स्पष्टीकरण लेकर दो महीने के भीतर अधिवक्ता अधिनियम, 1961 के तहत उचित कार्रवाई की जा सके। उक्त आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकलपीठ ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत अपर जिला मजिस्ट्रेट और खाद्य सुरक्षा अपीलीय न्यायाधिकरण, मुरादाबाद द्वारा पारित आदेशों को चुनौती देने वाली गोहर और 2 अन्य की याचिकाओं को खारिज करते हुए पारित किया।यह मामला मुरादाबाद में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा 4,000 लीटर मिलावटी दूध और संबंधित सामग्री की बरामदगी से जुड़ा था।</p>
<p>कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अधीनस्थ न्यायालयों के आदेश में हस्तक्षेप करना उचित नहीं समझा। वर्तमान मामले के अनुसार याचियों का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता शिव प्रकाश ने अपने पिता की मृत्यु का हवाला देते हुए अपने जूनियर के माध्यम से दो अलग-अलग मौकों पर स्थगन की मांग की। हालांकि राज्य के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अधिवक्ता प्रकाश के बार काउंसिल पंजीकरण में उन्हें "स्वर्गीय" श्याम लाल तिवारी का पुत्र बताया गया है। गत 12 मार्च को अधिवक्ता प्रकाश के जूनियर ने एक बार फिर बयान दिया कि उसके सीनियर के पिता की मृत्यु हो गई है और मामले को स्थगित करने का अनुरोध किया, लेकिन कोर्ट ने अधिवक्ता प्रकाश को कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश दिया। जब कोर्ट ने अधिवक्ता प्रकाश से पूछताछ की तो उसने स्वीकार किया कि उसके पिता का निधन उसके वकालत के पेशे में आने से पहले ही हो चुका था। इस कदाचार को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने अधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/532332/questions-raised-on-utern-revelations-in-sumit-murder-case#gsc.tab=0">सुमित हत्याकांड में यूटर्न, खुलासे पर उठाए गए सवाल : डीएम से मिल परिजनों ने की जांच की मांग</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532336/instructions-for-disciplinary-action-against-the-advocate-who-takes-a</link>
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                <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 21:30:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vinay Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शाहजहांपुर: गेहूं क्रय केंद्रों पर बढ़ी सुस्ती, एसडीएम ने केंद्र प्रभारियों को सुधरने की दी चेतावनी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>तिलहर, अमृत विचार:</strong> गेहूं खरीद को लेकर एसडीएम जीत सिंह ने सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने गेहूं खरीदने के लिए केंद्र प्रभारियों को कड़े निर्देश दिए।</p>
<p>जिला प्रशासन की ओर से गेहूं खरीदने के लिए मंडी समिति में 28 सरकारी क्रय केंद्र खोले गए हैं। 15 दिन बीत जाने के बाद भी केवल आईएफसी के एक क्रय केंद्र पर कुछ गेहूं ही खरीदा गया है जबकि अन्य क्रय केंद्रों पर अभी तक सन्नाटा पसरा है।</p>
<p>मंगलवार को एसडीएम जीत सिंह मंडी समिति पहुंच गए। उन्होंने सभी क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। कई सेंटर पर गेहूं खरीद की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/531166/shahjahanpur--slowness-increased-at-wheat-procurement-centers--sdm-warned-the-center-in-charges-to-improve"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/सायन-और-नीला-ग्रंज-संगीत-youtube-थंबनेल---2025-04-02t123158.222.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>तिलहर, अमृत विचार:</strong> गेहूं खरीद को लेकर एसडीएम जीत सिंह ने सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने गेहूं खरीदने के लिए केंद्र प्रभारियों को कड़े निर्देश दिए।</p>
<p>जिला प्रशासन की ओर से गेहूं खरीदने के लिए मंडी समिति में 28 सरकारी क्रय केंद्र खोले गए हैं। 15 दिन बीत जाने के बाद भी केवल आईएफसी के एक क्रय केंद्र पर कुछ गेहूं ही खरीदा गया है जबकि अन्य क्रय केंद्रों पर अभी तक सन्नाटा पसरा है।</p>
<p>मंगलवार को एसडीएम जीत सिंह मंडी समिति पहुंच गए। उन्होंने सभी क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। कई सेंटर पर गेहूं खरीद की शुरुआत भी नहीं होने पर एसडीएम ने केंद्र प्रभारी से कड़ी नाराजगी जताई।</p>
<p>केंद्र प्रभारियों ने बताया कि गेहूं में अभी नमी है तथा किसान भी सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने नहीं आ रहे हैं। उन्होंने सभी केंद्र प्रभारियों को केंद्र पर किसानों के लिए पीने का पानी और समुचित बैठने की व्यवस्था करने के कड़े निर्देश दिए।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें-<span style="color:rgb(224,62,45);"> </span></strong><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/531133/shahjahanpur--dm-held-a-meeting-with-traders-regarding-wheat-purchase--strict-warning-on-illegal-storage">शाहजहांपुर: गेहूं खरीद को लेकर डीएम ने व्यापारियों से की बैठक, अवैध भंडारण पर सख्त चेतावनी</a></strong></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>शाहजहाँपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/531166/shahjahanpur--slowness-increased-at-wheat-procurement-centers--sdm-warned-the-center-in-charges-to-improve</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Apr 2025 12:45:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Preeti Kohli]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखीमपुर खीरी: गोला डिपो में निगम बसों की कम दूरी पर संचालन, यात्री हो रहे परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखीमपुर खीरी, अमृत विचार: </strong>गोला डिपो में अनुबंधित बस मालिकों को लाभ पहुंचाने का खेल हो रहा है। इसके लिए निगम के निर्देश ताक पर रखे जा रहे हैं। निर्देश है कि निगम की पुरानी बसों का संचालन रोजाना कम से कम 300 किलोमीटर होना चाहिए। मगर, गोला डिपो में ऐसी बसों को 242 किलोमीटर चलाकर ही खड़ा कर दिया जाता है, जबकि पुरानी अनुबंधित बसों को 354 किलोमीटर चलाया जा रहा है।</p>
<p>गोला डिपो में कुल 133 बसें हैं। इनमें 105 निगम की और 28 अनुबंधित। इनके अलावा 15 बसें कंडम होने के चलते वर्कशाप में खड़ी हैं। अधिकतर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/529687/lakhimpur-kheri--corporation-buses-operate-on-short-distances-in-gola-depot--passengers-are-facing-problems"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/सायन-और-नीला-ग्रंज-संगीत-youtube-थंबनेल---2025-03-25t143748.620.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखीमपुर खीरी, अमृत विचार: </strong>गोला डिपो में अनुबंधित बस मालिकों को लाभ पहुंचाने का खेल हो रहा है। इसके लिए निगम के निर्देश ताक पर रखे जा रहे हैं। निर्देश है कि निगम की पुरानी बसों का संचालन रोजाना कम से कम 300 किलोमीटर होना चाहिए। मगर, गोला डिपो में ऐसी बसों को 242 किलोमीटर चलाकर ही खड़ा कर दिया जाता है, जबकि पुरानी अनुबंधित बसों को 354 किलोमीटर चलाया जा रहा है।</p>
<p>गोला डिपो में कुल 133 बसें हैं। इनमें 105 निगम की और 28 अनुबंधित। इनके अलावा 15 बसें कंडम होने के चलते वर्कशाप में खड़ी हैं। अधिकतर निगम की बसें लखनऊ, दिल्ली, कानपुर आदि तक सफर तय करती हैं। तो चार बसें बरेली तक वाया बंडा होकर जाती हैं, जबकि एक बस मुरादाबाद तक चलती है। ऐसे में बरेली जानी वाली बसें मात्र 242 किलोमीटर ही संचालित होकर खड़ी हो जाती हैं।</p>
<p>जबकि निगम से जारी निर्देशानुसार निगम की बसों का संचालन कम से कम 300 किलोमीटर प्रतिदिन होना चाहिए। वहीं पुरानी अनुबंधित बसों को 354 किलोमीटर चलाया जा रहा है। क्योंकि अनुबंधित बस मालिकों को प्रति किलोमीटर की दर किराया दिया जाता है। इस तरह से गोला डिपो में निगम की बसों को कम चलाकर रोडवेज की कमाई कम की जा रही है।</p>
<p><strong>बसें रहतीं खड़ी और बेबस रहते मुसाफिर</strong><br />गोला डिपो से सुबह सात, नौ, 10 एवं 11:30 और 12 बजे के करीब बसें बरेली जाती हैं। इनकी वापसी शाम से लेकर रात आठ बजे तक डिपो पर हो जाती है। जबकि दिन ढलने के बाद गोला डिपो से लखीमपुर के लिए बसें न होने से यात्री बेबस रहते हैं।</p>
<p><strong>354 किलोमीटर की दूरी तय कर रहीं अनुबंधित बसें</strong><br />निगम की बसों को पुरानी बताकर मात्र 242 किलोमीटर संचालित कराने वाले डिपो के जिम्मेदार पुरानी अनुबंधित बसों का 300 किलोमीटर से अधिक संचालन करवा रहे हैं। इनमें लखनऊ रूट की अनुबंधित बसें 354 और शाहजहांपुर रूट की बसें 342 किलोमीटर दौड़ रही हैं।</p>
<p><strong>इन बसों पर सालों से चल रहे चहेते परिचालक</strong><br />बंडा होकर बरेली जाने वाली बसों पर परिचालक सालों से चल रहे हैं। इन बसों पर नियमित चलने वाले परिचालकों के अवकाश लेने पर ही दूसरे को जाने का अवसर मिलता है। यह सारा खेल जिम्मेदारों की सांठगांठ से हो रहा है। विभागीय सूत्रों की मानें तो इस रूट पर ही नहीं, बल्कि अन्य रूटों पर भी परिचालक एक ही बस पर निरंतर चल रहे हैं।</p>
<p><strong>निगम बसों का रोजाना कम से कम 300 किमी चलना अनिवार्य</strong><br />बसों का संचालन उनकी उम्र के मुताबिक होता है। नई बसें 550 और पुरानी हो चुकी बसों का संचालन कम से 300 किलोमीटर प्रतिदिन होना चाहिए। बंडा बरेली जाने वाली बसें करीब 242 किलोमीटर चल रही हैं<strong>- महेश चंद्र कमल, एआरएम गोला डिपो</strong></p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <span style="color:rgb(224,62,45);"><a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/529680/in-lakhimpur-kheri--students-were-not-given-benches-to-sit-in-the-annual-examination--so-they-sat-on-the-ground-and-gave-the-exam">लखीमपुर खीरी में वार्षिक परीक्षा में छात्रों को बैठने के लिए नहीं मिले बेंच, जमीन पर बैठकर दी परीक्षा</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखीमपुर खीरी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 25 Mar 2025 14:38:10 +0530</pubDate>
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