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                <description>GST RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>यूपी में फरवरी में 18,412 करोड़ का राजस्व, बोले मंत्री सुरेश खन्ना- पिछले साल से 415 करोड़ ज्यादा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>उत्तर प्रदेश में मुख्य कर व करेत्तर मदों से फरवरी 2026 में 18,412.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह फरवरी 2025 के मुकाबले 415.18 करोड़ रुपये अधिक है। यह जानकारी वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को दी।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने बताया कि फरवरी 2025 में इन मदों से 17,997.07 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था, जबकि इस वर्ष फरवरी में यह बढ़कर 18,412.25 करोड़ रुपये हो गया। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी तक कर राजस्व के रूप में कुल 1,96,653.27 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है, जो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574432/up-revenue-in-february-was-%E2%82%B918-412-crore--says-minister-suresh-khanna---%E2%82%B9415-crore-more-than-last-year"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(8)3.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>उत्तर प्रदेश में मुख्य कर व करेत्तर मदों से फरवरी 2026 में 18,412.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह फरवरी 2025 के मुकाबले 415.18 करोड़ रुपये अधिक है। यह जानकारी वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को दी।</p>
<p style="text-align:justify;">वित्त मंत्री ने बताया कि फरवरी 2025 में इन मदों से 17,997.07 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था, जबकि इस वर्ष फरवरी में यह बढ़कर 18,412.25 करोड़ रुपये हो गया। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी तक कर राजस्व के रूप में कुल 1,96,653.27 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 73.2 प्रतिशत है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जीएसटी के तहत फरवरी 2026 में 7,202.36 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जबकि फरवरी 2025 में यह 6,847.67 करोड़ रुपये था। वैट से फरवरी 2026 में 2,525.87 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष फरवरी में 2,530.76 करोड़ रुपये थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह आबकारी मद में फरवरी 2026 में 4,503.68 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि फरवरी 2025 में यह 4,928.72 करोड़ रुपये था। मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि स्टांप एवं निबंधन मद से फरवरी 2026 में 2,731.95 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जो पिछले वर्ष फरवरी के 2,305.25 करोड़ रुपये से अधिक है। परिवहन मद से फरवरी 2026 में 1,076.38 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, जबकि फरवरी 2025 में यह 923.40 करोड़ रुपये था। वहीं करेत्तर राजस्व की प्रमुख मद भू-तत्व व खनन से फरवरी 2026 में 372.01 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष इसी अवधि में 461.27 करोड़ रुपये थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी तक राज्य कर के तहत 1,59,695.88 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 1,03,767.62 करोड़ रुपये (65 प्रतिशत) की प्राप्ति हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">आबकारी मद में 57,500 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 48,452.85 करोड़ रुपये (84.3 प्रतिशत) की वसूली हुई है। स्टांप व निबंधन मद में 34,753 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 29,869.75 करोड़ रुपये (85.9 प्रतिशत) और परिवहन मद में 12,664.40 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 11,139.77 करोड़ रुपये (88 प्रतिशत) राजस्व प्राप्त हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>कारोबार</category>
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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 10:16:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कम वसूली करने वाले 10 जिला आबकारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब, आबकारी मंत्री ने की समीक्षा बैठक में दिए कई निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>आबकारी एवं मध्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने कम राजस्व वसूली वाले 10 जिला आबकारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। कम वसूली वाले जिलों में कानपुर नगर, आगरा, मेरठ, बिजनौर, लखनऊ, बुलंदशहर, हाथरस, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बरेली शामिल हैं।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">आबकारी मंत्री शनिवार को गन्ना संस्थान, डालीबाग में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने पड़ोसी राज्यों से आने वाली अवैध शराब, कच्ची, मिलावटी और चोरी की मदिरा पर पूरी तरह रोक लगाने को कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई की बात कही है। साथ ही कहा कि किसी भी जिले में</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574232/explanation-sought-from-10-district-excise-officers-for-under-collection--excise-minister-issued-several-instructions-in-the-review-meeting"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(28)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>आबकारी एवं मध्य निषेध राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल ने कम राजस्व वसूली वाले 10 जिला आबकारी अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए। कम वसूली वाले जिलों में कानपुर नगर, आगरा, मेरठ, बिजनौर, लखनऊ, बुलंदशहर, हाथरस, मुरादाबाद, अलीगढ़ और बरेली शामिल हैं।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">आबकारी मंत्री शनिवार को गन्ना संस्थान, डालीबाग में विभागीय कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने पड़ोसी राज्यों से आने वाली अवैध शराब, कच्ची, मिलावटी और चोरी की मदिरा पर पूरी तरह रोक लगाने को कड़ी निगरानी और सख्त कार्रवाई की बात कही है। साथ ही कहा कि किसी भी जिले में शराब की ओवररेटिंग या उद्योगों के संचालन में अनावश्यक बाधा की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बिजनौर में मदिरा इंडस्ट्री के खिलाफ कथित गैर-जिम्मेदारीपूर्ण कार्रवाई के मामले में वहां के जिला आबकारी अधिकारी के कार्यों की जांच कर रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराने को भी कहा गया है।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">समीक्षा बैठक में मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभाग के लिए 63 हजार करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष फरवरी तक 50,585 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि से 7,756.36 करोड़ रुपये अधिक है। फरवरी 2026 में ही 6,635.79 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 134.65 प्रतिशत अधिक है।</span></p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">उन्होंने कहा कि वैट और जीएसटी के बाद सर्वाधिक राजस्व आबकारी विभाग से मिलता है और पिछले आठ वर्षों में विभाग में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ी है। बैठक में अपर मुख्य सचिव आबकारी वीना कुमारी मीणा, आबकारी आयुक्त डॉ. आदर्श सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 09:45:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ में जीएसटी घोटाले का बड़ा खुलासा: 2.75 करोड़ की चोरी करने वाले गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट की तलवार, सरगना अम्मार अंसारी फरार!</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>16 बोगस फर्म खोलकर 2.75 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। साइबर थाना पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो पता चला कि गिरोह की मुख्य आरोपी तबस्सुम के तीन जिलों में खाते मिले हैं। इस जानकारी के बाद साइबर क्राइम सेल की टीम ने जेल गए जालसाजों तबस्सुम, प्रशांत बेंजवाल, दौलत राम और सुमित सौरभ के बैंक खातों का ब्योरा लखनऊ, कानपुर और सीतापुर से मांगा है। माना जा रहा है कि ब्योरा मिलते ही खाते से हुए लेन-देन की कई अहम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572194/big-revelation-in-lucknow-gst-scam--gangster-act-slapped-on-gang-that-stole-rs-2-75-crore--gang-leader-ammar-ansari-absconding"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/gst.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>16 बोगस फर्म खोलकर 2.75 करोड़ की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। साइबर थाना पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो पता चला कि गिरोह की मुख्य आरोपी तबस्सुम के तीन जिलों में खाते मिले हैं। इस जानकारी के बाद साइबर क्राइम सेल की टीम ने जेल गए जालसाजों तबस्सुम, प्रशांत बेंजवाल, दौलत राम और सुमित सौरभ के बैंक खातों का ब्योरा लखनऊ, कानपुर और सीतापुर से मांगा है। माना जा रहा है कि ब्योरा मिलते ही खाते से हुए लेन-देन की कई अहम जानकारियां मिलेंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">साइबर थाना पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि आरोपी तबस्सुम ने अपने तीन नामों तबस्सुम, गुलचमन और जाह्नवी के नाम से बैंक खाते खुलवा रखे थे। आरोपी दौलत राम और प्रशांत बेंजवाल मजदूरों को 10-15 हजार रुपये देकर उनके दस्तावेज लेते थे और खाते व फर्म खुलवाते थे। पुलिस की एक टीम ने गिरोह के सरगना अम्मार अंसारी की तलाश में सीतापुर में डेरा डाल रखा है। उसकी तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस टीम उसके करीबियों और घरवालों के संपर्क में है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि गिरोह के सरगना सीतापुर निवासी अम्मार अंसारी, तबस्सुम, व्यवसायी सौरभ समीर और अन्य की संपत्तियों का ब्योरा पुलिस टीम खंगाल रही है। अपराध के धन से बनी संपत्तियों के बारे में जानकारी की जा रही है। जल्द ही अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/572194/big-revelation-in-lucknow-gst-scam--gangster-act-slapped-on-gang-that-stole-rs-2-75-crore--gang-leader-ammar-ansari-absconding</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 10:21:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बजट से साथ आई बड़ी खुशखबरी... जनवरी में सकल GST संग्रह 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,93,384 करोड़ रुपये पर </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत जनवरी में सकल राजस्व संग्रह 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,93,384 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछ्ले साल जनवरी में यह आंकड़ा 1,82,094 करोड रुपये रहा था। सूत्रों ने बताया कि जनवरी में घरेलू जीएसटी राजस्व 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1,41,32 करोड़ रुपये पर रहा। वहीं आयात पर कर से प्राप्त राजस्व 10.1 प्रतिशत बढ़कर 52,253 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">कुल रिफंड में जनवरी 2025 की तुलना में 3.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी और यह 22,665 करोड़ रुपये रहा। इस प्रकार शुद्ध जीएसटी संग्रह 7.6 फीसदी बढ़कर 1,70,719 करोड़ रुपये रहा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569668/big-news-along-with-the-budget----gross-gst-collection-in-january-increased-by-6-2-percent-to-%E2%82%B91-93-384-crore"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(30).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत जनवरी में सकल राजस्व संग्रह 6.2 प्रतिशत बढ़कर 1,93,384 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछ्ले साल जनवरी में यह आंकड़ा 1,82,094 करोड रुपये रहा था। सूत्रों ने बताया कि जनवरी में घरेलू जीएसटी राजस्व 4.8 प्रतिशत बढ़कर 1,41,32 करोड़ रुपये पर रहा। वहीं आयात पर कर से प्राप्त राजस्व 10.1 प्रतिशत बढ़कर 52,253 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">कुल रिफंड में जनवरी 2025 की तुलना में 3.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी और यह 22,665 करोड़ रुपये रहा। इस प्रकार शुद्ध जीएसटी संग्रह 7.6 फीसदी बढ़कर 1,70,719 करोड़ रुपये रहा। इसमें शुद्ध घरेलू राजस्व में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी जबकि सीमा शुल्क पर संग्रहित एकीकृत जीएसटी 11.9 फीसदी बढ़ा है। सरकार ने जनवरी में 5,768 करोड़ रुपये का शुद्ध उपकर भी प्राप्त किया। </p>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 10 महीने में सकल राजस्व संग्रह 8.3 प्रतिशत बढ़कर 18,43,423 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कुल रिफंड में 18.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 2,47,672 करोड़ रुपये रहा। इस प्रकार वित्त वर्ष के दौरान शुद्ध जीएसटी संग्रह 6.8 फीसदी ऊपर 15,95,752 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 12:49:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बोगस फर्मों से करोड़ों की GST चोरी करने वाले तीन गिरफ्तार, STF ने अंतरराज्यी गिरोह का किया खुलासा, पूछताछ में उगले कई राज </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>एसटीएफ ने बोगस फर्मों से करोड़ों की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया। इस गिरोह के तीन आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने यूपी समेत कई राज्यों में बोगस फर्मों का पंजीकरण कर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में सहारनपुर के बेहट रोड स्थित न्यू भगवती कॉलोनी निवासी विशाल गर्ग, आजाद कालोनी का बशारत और कुतुबशेर स्थित चांद कालोनी का फरमान शामिल है। एसटीएफ ने अभियुक्तों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, दो लैपटॉप चार्जर सहित,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569221/three-arrested-for-gst-evasion-worth-crores-from-bogus-firms--stf-busts-interstate-gang--reveals-many-secrets-during-interrogation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(14)14.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>एसटीएफ ने बोगस फर्मों से करोड़ों की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा किया। इस गिरोह के तीन आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने यूपी समेत कई राज्यों में बोगस फर्मों का पंजीकरण कर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी करते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">एसटीएफ के अधिकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में सहारनपुर के बेहट रोड स्थित न्यू भगवती कॉलोनी निवासी विशाल गर्ग, आजाद कालोनी का बशारत और कुतुबशेर स्थित चांद कालोनी का फरमान शामिल है। एसटीएफ ने अभियुक्तों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, दो लैपटॉप चार्जर सहित, दो आधार कार्ड, विभिन्न बैंकों की 17 चेकबुक, 11 पासबुक, नौ एटीएम कार्ड और 5200 रुपये नकद बरामद किए हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ऐसे करते थे जीएसटी की चोरी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूछताछ में सामने आया कि अभियुक्त कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में पंजीकृत कराते थे। इन फर्मों के नाम से बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के फर्जी सेल्स इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर जीएसटी पोर्टल पर अपलोड किए जाते थे। इसके जरिए वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध कराया जाता था, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचता था। वास्तविक फर्म धारक अपने जीएसटी नंबर और लेन-देन का विवरण व्हाट्सएप के माध्यम से भेजते थे। अभियुक्त उनके लिए बोगस फर्मों के नाम से इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार कर देते थे। बैंक खातों के जरिए लेन-देन दिखाकर सर्कुलर ट्रेडिंग की जाती थी, जबकि वास्तविक भुगतान नकद या अन्य बोगस फर्मों के माध्यम से समायोजित किया जाता था।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कई राज्यों तक फैला नेटवर्क</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">अभियुक्तों के मोबाइल में 30 से अधिक ई-मेल आईडी मिली हैं, जिनका इस्तेमाल फर्म पंजीकरण, जीएसटी रिटर्न फाइलिंग और बैंक ट्रांजेक्शन के लिए किया जाता था। जांच में उत्तर प्रदेश और हरियाणा समेत अन्य राज्यों में भी बोगस फर्मों के पंजीकरण की पुष्टि हुई है। आरोपियों के खिलाफ सहारनपुर के सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज है। सभी को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से जेल भेज दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Jan 2026 11:23:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : रहबर फूड्स पर जीएसटी छापा, करोड़ों की कर चोरी की आशंका</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> 22 करोड़ रुपये की जीएसटी अदा न करने पर परसाखेड़ा औद्योगिक आस्थान स्थित बरेली फ्लाईवुड फैक्ट्री सीज करने के बाद बुधवार को जीएसटी की एसआईबी ने रहबर फूड्स मीट फैक्ट्री पर छापेमारी की। एसआईबी ने पूरे परिसर को अपनी सुरक्षा में लेकर फैक्ट्री के अंदर अभिलेखों की जांच की। गेट पर सुरक्षा तैनात रही। टीम ने कई करोड़ रुपये की कर चोरी की आशंका जताई है। अभिलेख कब्जे में लेकर जांच की रही है। इस फैक्ट्री पर तीन माह पहले आयकर विभाग ने भी छापेमारी की थी।</p>
<p>नरियावल स्थित मीट फैक्ट्री रहबर फूड्स पर स्थानीय जीएसटी की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568645/gst-raid-on-rahbar-foods--crores-of-rupees-in-tax-evasion-suspected"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/hu2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> 22 करोड़ रुपये की जीएसटी अदा न करने पर परसाखेड़ा औद्योगिक आस्थान स्थित बरेली फ्लाईवुड फैक्ट्री सीज करने के बाद बुधवार को जीएसटी की एसआईबी ने रहबर फूड्स मीट फैक्ट्री पर छापेमारी की। एसआईबी ने पूरे परिसर को अपनी सुरक्षा में लेकर फैक्ट्री के अंदर अभिलेखों की जांच की। गेट पर सुरक्षा तैनात रही। टीम ने कई करोड़ रुपये की कर चोरी की आशंका जताई है। अभिलेख कब्जे में लेकर जांच की रही है। इस फैक्ट्री पर तीन माह पहले आयकर विभाग ने भी छापेमारी की थी।</p>
<p>नरियावल स्थित मीट फैक्ट्री रहबर फूड्स पर स्थानीय जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा ने बुधवार को दिनभर जांच की। फैक्ट्री मुम्बई के कारोबारी फिरोज शेख की है। इसमें संभल का निर्यातक इमरान भी पार्टनर बताया जा रहा है। जीएसटी विभाग की कार्रवाई टैक्स चोरी की शिकायतों पर होने की बात सामने आयी है। एसआईबी टीम ने संदेह जताया है कि फैक्ट्री के उत्पादन और बिक्री के आंकड़ों में हेरफेर किया गया है। टीम फैक्ट्री के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री और जीएसटी रिटर्न से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>दरअसल, इस फैक्ट्री पर यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। करीब तीन महीने पहले संभल और बरेली के इन मीट कारोबारियों के ठिकानों पर एक साथ आयकर की टीमों ने छापेमारी की थी। चर्चा है कि पिछली बार हुई छापेमारी में मिले इनपुट और अधूरी कड़ियों को जोड़ने के लिए यह दोबारा छापेमारी की गई है। बार-बार छापेमारी से मीट निर्यात के क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों में भी खलबली मची है। बता दें कि फिरोज शेख और इमरान की पार्टनरशिप वाली इस फैक्ट्री का कारोबार मुम्बई से लेकर राज्य के कई जिलों तक फैला है। एसआईबी उन बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की भी तलाश कर रही हैं, ताकि फंड को डाइवर्ट करने के सबूत मिल सकें। पिछले साल रहबर फूड इंडस्ट्री पर आयकर ने छापा मारकर की थी जांच</p>
<p>बरेली: मारिया फ्रोजन के एमडी हाजी शकील कुरैशी के मुंबई के पार्टनर फिरोज शेख की नरियावल स्थित रहबर फूड इंडस्ट्री पर पिछले साल 14 अक्टूबर की आयकर की टीम ने छापा मारा था। कर्मचारियों के मोबाइल जब्त कर फैक्ट्री में आय-व्यय के दस्तावेज खंगाले। दस सदस्यीय टीम ने छानबीन की थी। आयकर विभाग लखनऊ ने छापा मारा था। संभल में संचालित इंडिया फ्रोजन कंपनी ने रहबर फूड इंडस्ट्री को लीज पर लिया है, संभल से आने वाले कच्चे माल से यहां फ्रोजन उत्पाद तैयार कर उसकी पैकेजिंग की जाती है। इसी के चलते संभल में जारी कार्रवाई के क्रम में टीमों ने यहां पहुंचकर उत्पाद के खरीद और बिक्री संबंधी दस्तावेज भी कब्जे में ले लिए थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 06:09:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>GST घटने से कम हुए दवाओं के दाम, नए प्रिंट की दवाओं की आपूर्ति हुई शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>सरकारी अस्पतालों में खुले जन औषधि केंद्रों पर अब मरीजों को और भी सस्ती दवाएं मिलना शुरू हो गई हैं। जीएसटी घटने के बाद नए प्रिंट रेट की दवाओं की आपूर्ति शुरू हो गई है। हर दवा पर दो से चार रुपये कम हुए हैं। ऐसे में मरीजों को राहत मिली है। जन औषधि केंद्र के प्रभारियों का कहना है जो भी नई प्रिंट रेट की दवाएं आ रही हैं। वह पहले से कम रेट पर आई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी के बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु, रानीलक्ष्मीबाई, बीआरडी महानगर, लोहिया संस्थान समेत सीएचसी पर जन औषधि केंद्र खुले हैं। यहां</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568511/drug-prices-have-come-down-due-to-reduction-in-gst--supply-of-medicines-in-new-print-has-started"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/दवा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>सरकारी अस्पतालों में खुले जन औषधि केंद्रों पर अब मरीजों को और भी सस्ती दवाएं मिलना शुरू हो गई हैं। जीएसटी घटने के बाद नए प्रिंट रेट की दवाओं की आपूर्ति शुरू हो गई है। हर दवा पर दो से चार रुपये कम हुए हैं। ऐसे में मरीजों को राहत मिली है। जन औषधि केंद्र के प्रभारियों का कहना है जो भी नई प्रिंट रेट की दवाएं आ रही हैं। वह पहले से कम रेट पर आई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी के बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु, रानीलक्ष्मीबाई, बीआरडी महानगर, लोहिया संस्थान समेत सीएचसी पर जन औषधि केंद्र खुले हैं। यहां पर मरीजों को बाजार से 40 से 70 फीसदी छूट पर दवाएं मिलती हैं। सरकार के जरिये पहले दवाओं पर 12 प्रतिशत जीएसटी लिया जाता था। इसे कम करके अब पांच फीसदी किया गया था। जन औषधि में अब नए प्रिंट पर दवाओं की रेट कम हुए हैं। जन औषधि केंद्र के प्रभारियों का कहना है जो भी अब नए प्रिंट रेट से दवा आ रही हैं उनमें दवाओं के दाम पहले से कम हुए हैं। इसमें बीपी-शुगर, किडनी व सूजन समेत अन्य नई दवाओं के प्रिंट रेट कम हुए हैं। इससे मरीजों को पहले से सभी सस्ती दवाएं मिल रही हैं।</p>
<table style="border-collapse:collapse;width:68.2577%;height:416px;" border="1"><colgroup><col style="width:33.2672%;" /><col style="width:33.2672%;" /><col style="width:33.2672%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td><strong>दवा</strong></td>
<td><strong>पहले रेट</strong></td>
<td>
<p style="text-align:justify;"><strong>नया रेट</strong></p>
</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>लिविटिरासिटैम</strong></td>
<td style="text-align:center;"><strong>68.20</strong></td>
<td style="text-align:center;">
<p style="text-align:justify;"><strong>63</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="text-align:center;">
<td><strong>मेटफार्मिन</strong></td>
<td><strong>26.40</strong></td>
<td>
<p style="text-align:justify;"><strong>24.75</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="text-align:center;">
<td><strong>डेपाग्लिफ्लोजिन</strong></td>
<td><strong>32</strong></td>
<td>
<p style="text-align:justify;"><strong>30</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="text-align:center;">
<td><strong>टेलिमासार्टन</strong></td>
<td><strong>24.68</strong></td>
<td>
<p style="text-align:justify;"><strong>22.60</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="text-align:center;">
<td><strong>जीरोडाल एसपी</strong></td>
<td><strong>19.68</strong></td>
<td>
<p style="text-align:justify;"><strong>17.80</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="text-align:center;">
<td><strong>किडनी सेवेमर कार्बोनेट</strong></td>
<td><strong>80</strong></td>
<td>
<p style="text-align:justify;"><strong>75</strong></p>
</td>
</tr>
<tr style="text-align:center;">
<td><strong>सूजन टार्सेमाइड</strong></td>
<td><strong>32</strong></td>
<td>
<p style="text-align:justify;"><strong>30</strong></p>
</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p style="text-align:center;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568511/drug-prices-have-come-down-due-to-reduction-in-gst--supply-of-medicines-in-new-print-has-started</link>
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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 10:08:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी में राजस्व का रिकॉर्ड उछाल: जीएसटी कम होने से मांग बढ़ी, मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में 1074.06 करोड़ रुपये की वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उप्र. मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह यानी दिसंबर में कुल 18679.38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दिसंबर माह में 17605.32 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ था। इस तरह बीते वर्ष की तुलना में वर्तमान वित्तीय वर्ष के माह दिसम्बर में 1074.06 करोड़ रुपये राजस्व अधिक प्राप्त हुआ है।</p>
<p>जीएसटी के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 में कुल 6563.04 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत वर्ष दिसंबर, 2024 के माह में प्राप्ति 6342.68 करोड़ रुपये रही थी। वैट के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566463/record-jump-in-revenue-in-up--demand-increased-due-to-reduction-in-gst--increase-of-rs-1074-06-crore-in-main-tax-non-tax-revenue-items"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(5)4.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उप्र. मुख्य कर-करेत्तर राजस्व वाले मदों में वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम माह यानी दिसंबर में कुल 18679.38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 के दिसंबर माह में 17605.32 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ था। इस तरह बीते वर्ष की तुलना में वर्तमान वित्तीय वर्ष के माह दिसम्बर में 1074.06 करोड़ रुपये राजस्व अधिक प्राप्त हुआ है।</p>
<p>जीएसटी के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 में कुल 6563.04 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत वर्ष दिसंबर, 2024 के माह में प्राप्ति 6342.68 करोड़ रुपये रही थी। वैट के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 में 3086.83 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई जबकि गत वर्ष माह दिसंबर, 2024 में प्राप्ति 3105.91 करोड़ रुपये रही थी।</p>
<p>वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि डीजल एवं पेट्रोल पर टैक्स उप्र. में अन्य राज्यों की तुलना में कम है। इलेक्ट्रिक वाहनों एवं एथेनाल के प्रयोग से डीजल पेट्रोल की खपत में कमी आई है। आबकारी के अन्तर्गत माह दिसम्बर, 2025 में कुल 4682.84 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई, जबकि गत वर्ष माह दिसंबर, 2024 में प्राप्ति 4141.75 करोड़ रही थी।</p>
<p>स्टाम्प तथा निबंधन के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 की राजस्व प्राप्ति 2995.59 करोड़ रुपये है, जबकि गत वर्ष माह दिसंबर, 2024 में प्राप्ति 2784.96 करोड़ रही थी। परिवहन के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 की राजस्व प्राप्ति 909.57 करोड़ है, जबकि गत वर्ष माह दिसंबर, 2024 में प्राप्ति 805.84 करोड़ रही थी। करेत्तर राजस्व की प्रमुख मद भू-तत्व तथा खनिकर्म के अन्तर्गत माह दिसंबर, 2025 में प्राप्ति 441.51 करोड़ रुपये है जबकि गत वर्ष माह दिसम्बर, 2024 में प्राप्ति 424.18 करोड़ रुपये रही थी।</p>
<p>सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में माह दिसंबर तक मुख्य कर राजस्व के अंतर्गत कुल 159730.88 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। जो माह दिसंबर 2025 तक निर्धारित लक्ष्य 215358.65 करोड़ के सापेक्ष 74.2 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि राज्यकर के अंतर्गत माह दिसंबर तक राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य 130053.55 करोड़ के सापेक्ष 84060.96 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो इस अवधि तक निर्धारित लक्ष्य का 64.6 प्रतिशत है।</p>
<p>परिवहन मद में निर्धारित लक्ष्य 10092.60 करोड़ रुपये के सापेक्ष 8844.01 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो 87.6 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि करेत्तर राजस्व की प्रमुख मद भूतत्व एवं खनिकर्म के अंतर्गत माह दिसंबर तक राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य 4200 करोड़ के सापेक्ष 2817.83 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 67.1 प्रतिशत है।</p>
<h3><strong>आबकारी मद में निर्धारित लक्ष्य का 91.8 प्रतिशत हासिल</strong></h3>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">आबकारी मद के अंतर्गत इस अवधि तक निर्धारित लक्ष्य 43400.00 करोड़ रुपये के सापेक्ष 39826.98 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 91.8 प्रतिशत है। स्टाम्प तथा निबंधन के अंतर्गत दिसंबर माह तक राजस्व प्राप्ति निर्धारित लक्ष्य 28525 करोड़ के सापेक्ष 24389.06 करोड़ की प्राप्ति हुई है, जो लक्ष्य का 85.5 प्रतिशत है।</span></p>
<p><strong>जीएसटी कम होने से मांग बढ़ी है, जिसके परिणामस्वरूप राजस्व प्राप्ति में बेहतर परिणाम आ रहे हैं। अनुमान है कि आने वाले समय में और बेहतर परिणाम मिलेगा।</strong></p>
<p><strong>- सुरेश कुमार खन्ना, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 08:56:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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                <title>2025 में रिकॉर्ड तोड़ खाद्यान्न उत्पादन: अमेरिकी टैरिफ की मार के बावजूद चमका कृषि सेक्टर, 2026 में बीज-कीटनाशक बिल का इंतजार!</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>अमेरिकी शुल्क से कृषि निर्यात में बाधा उत्पन्न होने के बावजूद भारत के कृषि क्षेत्र ने 2025 का समापन पिछले वर्ष के 35.773 करोड़ टन (एमटी) से अधिक रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन के अनुमान के साथ किया जबकि जीएसटी सुधारों ने कच्चे माल की लागत में राहत प्रदान की। हितधारक अब नए साल में महत्वपूर्ण बीज और कीटनाशक विधेयकों के पारित होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस साल मजबूती और कमजोरी दोनों देखने को मिली, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती से लागत में काफी बचत हुई जबकि अमेरिकी शुल्क ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565372/record-breaking-food-production-in-2025--agriculture-sector-shines-despite-us-tariffs--awaiting-seed-and-pesticide-bill-in-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(2)22.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>अमेरिकी शुल्क से कृषि निर्यात में बाधा उत्पन्न होने के बावजूद भारत के कृषि क्षेत्र ने 2025 का समापन पिछले वर्ष के 35.773 करोड़ टन (एमटी) से अधिक रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन के अनुमान के साथ किया जबकि जीएसटी सुधारों ने कच्चे माल की लागत में राहत प्रदान की। हितधारक अब नए साल में महत्वपूर्ण बीज और कीटनाशक विधेयकों के पारित होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि इस साल मजबूती और कमजोरी दोनों देखने को मिली, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती से लागत में काफी बचत हुई जबकि अमेरिकी शुल्क ने बाजार में विविधता लाने के लिए मजबूर किया।</p>
<p>कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी ने कहा, ‘‘ हमें उम्मीद है कि हम इस वर्ष 2025-26 (जुलाई-जून) में रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन हासिल करेंगे। खरीफ की पैदावार सकारात्मक बनी हुई है और रबी की बुवाई अच्छी तरह से जारी है।’’ दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से अधिक रहने से खरीफ की बुवाई को बढ़ावा मिला। कृषि मंत्रालय के प्राथमिक अग्रिम अनुमान के अनुसार 2025-26 के लिए खरीफ खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 17.333 करोड़ टन रहने का अनुमान है जो 2024-25 में 16.94 करोड़ टन था। चावल का उत्पादन 12.45 करोड़ टन से अधिक होने का अनुमान है जबकि मक्का का उत्पादन 2.83 करोड़ टन रहने का अनुमान है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/muskan-dixit-(3)22.png" alt="MUSKAN DIXIT (3)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>हालांकि सितंबर में हुई अत्यधिक बारिश ने पश्चिमी तथा पूर्वी क्षेत्रों में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। रबी की बुवाई 19 दिसंबर तक 659.39 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गई जो पिछले वर्ष की तुलना में आठ लाख हेक्टेयर अधिक है। गेहूं की बुवाई 300.34 लाख हेक्टेयर से 301.63 लाख हेक्टेयर में हुई जबकि दालों की बुवाई 123.02 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 126.74 लाख हेक्टेयर में की गई। उत्पादन में हुई प्रगति के बावजूद सरकारी शोध संस्थान नीति आयोग के सदस्य रमेश चंद ने आधार प्रभाव का हवाला देते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कृषि और संबद्ध क्षेत्र की वृद्धि का अनुमान चार प्रतिशत लगाया है, जो पहले के 4.6 प्रतिशत से कम है। रिकॉर्ड तोड़ उत्पादन एवं किसानों की आय के बीच असंतुलन से फरवरी में संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने पंजाब-हरियाणा सीमा पर लगातार विरोध प्रदर्शन किए।</p>
<p>इन प्रदर्शनों में स्वामीनाथन सूत्र पर आधारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, ऋण माफी और पेंशन की मांगें रखी गईं। मार्च में पुलिस ने इन शिविरों को खाली कराया जिससे किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल की 123 दिन की भूख हड़ताल समाप्त हुई। बाद में किसान संगठनों ने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और बीज विधेयकों के मसौदे के खिलाफ रैलियां निकालीं। अमेरिकी शुल्क से कृषि निर्यात प्रभावित- 56वीं जीएसटी परिषद द्वारा कृषि उपकरणों पर दरों को 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत करने का निर्णय (जो 22 सितंबर से प्रभावी होगा) 2025 का सबसे महत्वपूर्ण नीतिगत हस्तक्षेप बनकर उभरा है। इन सुधारों में 1800 सीसी से कम क्षमता वाले ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, सिंचाई प्रणाली, ट्रैक्टर के कलपुर्जे एवं टायर, साथ ही 12 निर्दिष्ट जैव-कीटनाशक, सूक्ष्म पोषक तत्व और उर्वरक कच्चे माल शामिल हैं।</p>
<p>कृषि और निर्माण उपकरणों की प्रमुख वैश्विक कंपनी सीएनएच इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नरिंदर मित्तल ने कहा, ‘‘ कृषि उपकरण उद्योग के लिए 2025 एक सकारात्मक वर्ष रहा है... जीएसटी में दी गई छूट ने किसानों की क्रय शक्ति में सुधार करके और मशीनीकृत समाधानों को अधिक किफायती बनाकर मांग को बढ़ावा दिया है।’’</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/muskan-dixit-(4)22.png" alt="MUSKAN DIXIT (4)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि अमेरिका द्वारा लगाए गए पारस्परिक शुल्क से भारत के पांच से छह अरब अमेरिकी डॉलर के वार्षिक कृषि निर्यात पर असर पड़ा है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडीए) के सचिव सुधांशु ने झींगा, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, मसाले, चावल, ग्वार गोंद, काजू तथा दुग्ध उत्पादों पर इसके प्रभावों का उल्लेख किया जिससे आपूर्ति बाधित हुई, मुनाफा कम हुआ, ऑर्डर रद्द हुए और रोजगार जोखिम उत्पन्न हुए। बाजार विविधीकरण और वियतनाम जैसे उच्च शुल्क वाले प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले सापेक्ष प्रतिस्पर्धात्मकता के माध्यम से इस क्षेत्र ने लचीलापन प्रदर्शित किया।</p>
<p>नवंबर में चाय, कॉफी, मसाले और कोकोआ सहित 200 से अधिक खाद्य श्रेणियों पर छूट के माध्यम से राहत मिली। सुधांशु ने कहा कि गैर-अमेरिकी बाजारों के कारण अप्रैल-सितंबर 2025 में कुल कृषि निर्यात वृद्धि में पिछले वर्ष की तुलना में नौ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।</p>
<h3><em><strong>नीतिगत दिशा में जोर जारी है-</strong></em></h3>
<p>वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.37 लाख करोड़ रुपये के बढ़े हुए बजट के साथ, कृषि मंत्रालय ने उच्च उत्पादकता, कम लागत, फसल विविधीकरण, मूल्यवर्धन और प्रत्यक्ष सहायता के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की नीतियों पर ध्यान केंद्रित किया है। सरकार के पहले मंत्रिमंडल निर्णय के अनुसार, एक जनवरी को पीएम फसल बीमा योजना और मौसम आधारित फसल बीमा को 2025-26 तक बढ़ाया गया (69,516 करोड़ रुपये का परिव्यय) तथा डीएपी उर्वरक सब्सिडी में 3,500 रुपये प्रति टन की वृद्धि की गई।</p>
<p>इस प्रकार कृषि केंद्रित पहले मंत्रिमंडल निर्णयों की तीन साल की परंपरा को बरकरार रखा गया। प्रमुख पहलों में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (35,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जिसका लक्ष्य 100 कम उत्पादकता वाले जिले और 1.7 करोड़ किसान हैं), 11440 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय दलहन मिशन, रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि और संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना का निरंतर संचालन शामिल हैं।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/muskan-dixit-(5)22.png" alt="MUSKAN DIXIT (5)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत अब तक 3.75 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है जिसकी 21वीं किस्त नवंबर में वितरित की गई। इससे नौ करोड़ किसानों को सहायता मिली। इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट 2.0 की शुरुआती परियोजना राजस्थान और तमिलनाडु की चुनिंदा मंडियों में स्वचालित बोली और लॉजिस्टिक्स सुविधाओं के साथ शुरू किया गया था लेकिन तकनीकी समस्याओं को जनवरी के मध्य तक ठीक किया जाना बाकी है।</p>
<h3><em><strong>नियामक व्यवस्था में सख्ती-</strong></em></h3>
<p>किसानों की बढ़ती शिकायतों के मद्देनजर घटिया फसल सामग्री पर निगरानी बढ़ाने के लिए सरकार ने जैव-उत्तेजक पदार्थों को विनियमित करने हेतु उर्वरक नियंत्रण आदेश (एफसीओ), 1985 की छठी अनुसूची में संशोधन किया है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी संसद सत्र में नकली उर्वरकों और कीटनाशकों के लिए आपराधिक अभियोजन एवं लाइसेंस रद्द करने सहित कड़ी सजा का वादा किया है। उर्वरक सचिव रजत कुमार मिश्रा ने कहा कि घरेलू उत्पादन और सऊदी अरब, रूस तथा मोरक्को से आयात के माध्यम से मिट्टी के प्रमुख पोषक तत्वों की पर्याप्त उपलब्धता है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार चीन द्वारा विशेष उर्वरकों पर लगाए गए नए निर्यात प्रतिबंध 2026 के लिए जोखिम उत्पन्न करते हैं।</p>
<h3><strong><em>चुनौतियां और आगे का रास्ता-</em></strong></h3>
<p>वर्ष 2025 के अंत तक, कृषि क्षेत्र को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है जिनमें भूमि का विखंडन, जलवायु परिवर्तन का खतरा, नाशवान फसलों में कटाई के बाद 35-40 प्रतिशत तक नुकसान एवं योजनाओं से किरायेदार किसानों का बाहर रहना शामिल है। वर्ष 2026 के लिए, किसान उत्पादन लागत को कम करने और कृषि आय बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार के पहले कैबिनेट निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। तत्काल ध्यान अगले संसदीय सत्र में बीज विधेयक, 2025 और कीटनाशक प्रबंधन विधेयक, 2020 के मसौदे को पारित करने पर केंद्रित है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 12:50:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>हाईकोर्ट ने GST घटाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब, एयर प्यूरीफायर को लेकर बोले वकील यह अब लग्जरी नहीं... जरूरत है </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर एयर प्यूरीफायर पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) घटाने की मांग कर रही याचिका पर शुक्रवार को केंद्र को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति विकास महाजन और न्यायमूर्ति विनोद कुमार की अवकाशकालीन पीठ ने केंद्र सरकार को याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए नौ जनवरी की तारीख तय की।</p>
<p>केंद्र के वकील ने अदालत को बताया कि जीएसटी परिषद की बैठक होनी है और यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564985/air-purifiers-are-no-longer-a-luxury--but-a-necessity--high-court-seeks-centre-s-response-on-plea-seeking-reduction-in-gst"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(46)11.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के मद्देनजर एयर प्यूरीफायर पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) घटाने की मांग कर रही याचिका पर शुक्रवार को केंद्र को विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति विकास महाजन और न्यायमूर्ति विनोद कुमार की अवकाशकालीन पीठ ने केंद्र सरकार को याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए 10 दिन का समय दिया और मामले की अगली सुनवाई के लिए नौ जनवरी की तारीख तय की।</p>
<p>केंद्र के वकील ने अदालत को बताया कि जीएसटी परिषद की बैठक होनी है और यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित करना संभव नहीं है। केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमण ने विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।</p>
<p>अदालत उस जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्र सरकार को एयर प्यूरीफायर को "चिकित्सा उपकरण" की श्रेणी में रखने और वस्तु एवं सेवा कर घटाकर पांच प्रतिशत करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। वर्तमान में एयर प्यूरीफायर पर 18 प्रतिशत कर है।</p>
<p>अधिवक्ता कपिल मदन द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में गंभीर वायु प्रदूषण के कारण उत्पन्न "अत्यंत आपातकालीन संकट" को देखते हुए, एयर प्यूरीफायर को लग्जरी की वस्तु नहीं माना जा सकता है। उच्च न्यायालय ने 24 दिसंबर को जीएसटी परिषद को जल्द से जल्द बैठक करने और एयर प्यूरीफायर पर जीएसटी कम करने या समाप्त करने पर विचार करने का निर्देश दिया था। मामले को आज अदालत को यह बताने के लिए सूचीबद्ध किया गया था कि परिषद की बैठक कब हो सकती है और क्या भौतिक रूप से बैठक न होने पर वर्चुअल रूप से बैठक करना संभव है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 26 Dec 2025 13:10:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>हेल्थ को लेकर चिंतित है सरकार... गुटखा-पान मसाला पर लगेगा अतिरिक्त शुल्क, लोकसभा में ‘हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल’ पेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">लोकसभा में गुरुवार को गुटखे के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए सदस्यों ने सरकार से इसके उपभोग को हतोत्साहित करने के उपाय करने की मांग की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा विधेयक, 2025' पेश करते हुए कहा कि पान मसाला और गुटखा पर उपकर लगाने से ये महंगे हो जायेंगे और इनके सेवन में कुछ कमी आयेगी। इससे लोगों को इससे होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे अर्जित राजस्व को योजनाओं के जरिए राज्यों को भी दिया जायेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562301/the-government-is-concerned-about-health----additional-fees-will-be-imposed-on-gutkha-and-pan-masala--the--health-and-national-security-cess-bill--has-been-introduced-in-the-lok-sabha"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/2026-(28)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">लोकसभा में गुरुवार को गुटखे के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त करते हुए सदस्यों ने सरकार से इसके उपभोग को हतोत्साहित करने के उपाय करने की मांग की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा विधेयक, 2025' पेश करते हुए कहा कि पान मसाला और गुटखा पर उपकर लगाने से ये महंगे हो जायेंगे और इनके सेवन में कुछ कमी आयेगी। इससे लोगों को इससे होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे अर्जित राजस्व को योजनाओं के जरिए राज्यों को भी दिया जायेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से पान मसाला के उत्पादन पर ही उप कर लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पान मसाला उत्पाद शुल्क के दायरे में नहीं आता, इसलिए इस पर उप कर लगाने के लिए यह विधेयक लाया जा रहा है। इससे पान मसाले पर लगने वाला वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) कम या ज्यादा नहीं होगा। यह उप कर जीएसटी से अतिरिक्त होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के वरुण चौधरी ने कहा कि किसी वस्तु या सेवा पर उपकर लगने से राजस्व राज्यों को नहीं देना पड़ता है और इसकी पूरी राशि केन्द्र को मिल जाती है। उन्होंने कहा कि हालांकि वित्त मंत्री ने विधेयक को पेश करते हुए आश्वासन दिया है कि उपकर के माध्यम से अर्जित राजस्व योजनाओं के माध्यम से राज्यों को दिया जायेगा। अच्छा होता कि इसके प्रावधान विधेयक में ही कर दिये गये होते।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि पान मसाले के उत्पादन पर उप कर लगेगा, तो संबंधित अधिकारी इसकी जांच करने फैक्ट्रियों और कारखानों में जायेंगे और इससे भ्रष्टाचार और इंस्पेक्टर राज्य की आशंका है। उन्होंने कहा कि उपकर लगाने से इस व्यवसाय में लगे लघु उद्याेगों पर विपरीत असर पड़ेगा। इन सब दिक्कतों को देखते हुए इस विधेयक को प्रवर समिति को भेजा जाना चाहिए, जिससे इसकी कमियां दूर की जा सकें। </p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय जनता पार्टी के जगदम्बिका पाल ने कहा कि यह विधेयक लाकर सरकार ने बहुत सराहनीय कार्य किया है। इससे मोदी सरकार की आम जन के स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति गंभीरता परिलक्षित होती है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की आयुष्मान योजना से स्पष्ट है कि सरकार गरीबों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के प्रति कितनी गंभीर है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश हित में है, अत: इसे सर्वसम्मति से पारित किया जाना चाहिए। </p>
<p style="text-align:justify;">समाजवादी पार्टी के वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि उपकर से एकत्र होने वाले राजस्व को कैंसर जैसी बीमारियों के उपचार और नियंत्रण पर खर्च किया जाये तो ही इसकी सार्थकता सिद्ध हो सकेगी। उन्होंने गुटखा और पान मसाला के सेवन से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत असर को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पूर्वांचल में ही प्रति वर्ष दो लाख से अधिक कैंसर के मरीज चिह्नित हो रहे हैं। पूर्वांचल में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में ही इसकी जांच और उपचार की व्यवस्था है, जिससे पीड़ितों को बड़ी कठिनाइयां होती है। </p>
<p style="text-align:justify;">उस क्षेत्र में कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए और केन्द्र स्थापित किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अति पिछड़े, दलितों और आदिवासी क्षेत्रों में शराब और अन्य मादक पदार्थों के ठेके खोले जा रहे हैं जिससे इन वर्गों के लोग इनकी लत में फंसते जा रहे हैं। इस पर रोक लगाने के साथ ही इस बारे में कठोर कानून बनाये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि उप कर से अर्जित राजस्व स्वास्थ्य और राष्ट्र सुरक्षा में लगे तो किसी को आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने मांग की कि उपकर को किसी अन्य तरीके से खर्च नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/562118/two-delhi-university-colleges-received-bomb-threats--the-campus-was-evacuated-and-an-intensive-search-operation-was-launched">दिल्ली विश्वविद्यालय के दो कॉलेजों को मिली बम से उड़ाने की धमकी, कैंपस खाली कराकर चलाया गया गहन सर्च ऑपरेशन</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/562301/the-government-is-concerned-about-health----additional-fees-will-be-imposed-on-gutkha-and-pan-masala--the--health-and-national-security-cess-bill--has-been-introduced-in-the-lok-sabha</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/562301/the-government-is-concerned-about-health----additional-fees-will-be-imposed-on-gutkha-and-pan-masala--the--health-and-national-security-cess-bill--has-been-introduced-in-the-lok-sabha</guid>
                <pubDate>Thu, 04 Dec 2025 17:03:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: 60 पंचायतों ने नहीं कराया जीएसटी पंजीयन, जिला पंचायत राज ने दी आखरी चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> ग्राम पंचायतों को जीएसटी जमा करना होगा। इसके लिए पंजीयन कराना अनिवार्य है। मंगलवार को जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने समीक्षा की तो करीब 60 ग्राम पंचायतों ने न आवेदन किए न ही आगे की प्रक्रिया। </p><p>समीक्षा में पाया कि कुल 491 ग्राम पंचायतों को जीएसटी पंजीयन के निर्देश दिए थे। इनमें 60 पंचायतों ने पहल नहीं की। इन पंचायतों के सचिव ने आवेदन नहीं किए तो किसी ने आवेदन करने के बाद आगे की प्रक्रिया नहीं की। जिला पंचायत राज अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए 5 दिसंबर तक पंजीयन कराकर टीन नंबर लेने का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562126/up-news-60-panchayats-have-not-done-gst-registration--district-panchayat-raj-issued-a-final-warning"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(31)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> ग्राम पंचायतों को जीएसटी जमा करना होगा। इसके लिए पंजीयन कराना अनिवार्य है। मंगलवार को जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने समीक्षा की तो करीब 60 ग्राम पंचायतों ने न आवेदन किए न ही आगे की प्रक्रिया। </p><p>समीक्षा में पाया कि कुल 491 ग्राम पंचायतों को जीएसटी पंजीयन के निर्देश दिए थे। इनमें 60 पंचायतों ने पहल नहीं की। इन पंचायतों के सचिव ने आवेदन नहीं किए तो किसी ने आवेदन करने के बाद आगे की प्रक्रिया नहीं की। जिला पंचायत राज अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए 5 दिसंबर तक पंजीयन कराकर टीन नंबर लेने का मौका दिया है। इसके बाद कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। बताया कि बिना जीएसटी पंजीयन के पंचायतें भगतान नहीं कर पाएंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/562126/up-news-60-panchayats-have-not-done-gst-registration--district-panchayat-raj-issued-a-final-warning</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/562126/up-news-60-panchayats-have-not-done-gst-registration--district-panchayat-raj-issued-a-final-warning</guid>
                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 12:14:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>

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