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                <title>Gram Panchayat - Amrit Vichar</title>
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                <description>Gram Panchayat RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Uttrakhand:मकान में घुसा विशालकाय अजगर...खौफजदा घरवालों में मची अफरा-तफरी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बाजपुर, अमृत विचार।</strong> ग्राम पंचायत खंबारी में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब पूर्व फौजी सूबेदार पच्चू सिंह अपने घर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रहे थे। इसी दौरान कैमरे में एक कई फीट लंबा अजगर घर के अंदर घूमता हुआ दिखाई दिया।</p>
<p>अजगर को देखते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। जानकारी के अनुसार, अजगर घर के मुख्य दरवाजे से अंदर प्रवेश करता हुआ सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखाई दिया। उस समय घर के बाहर कई लोग कुर्सियों पर बैठे थे, लेकिन किसी की नजर अजगर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/581534/giant-python-enters-house----panic-erupts-among-terrified-residents"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/we1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बाजपुर, अमृत विचार।</strong> ग्राम पंचायत खंबारी में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब पूर्व फौजी सूबेदार पच्चू सिंह अपने घर के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देख रहे थे। इसी दौरान कैमरे में एक कई फीट लंबा अजगर घर के अंदर घूमता हुआ दिखाई दिया।</p>
<p>अजगर को देखते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। जानकारी के अनुसार, अजगर घर के मुख्य दरवाजे से अंदर प्रवेश करता हुआ सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखाई दिया। उस समय घर के बाहर कई लोग कुर्सियों पर बैठे थे, लेकिन किसी की नजर अजगर पर नहीं पड़ी। बाद में जब कैमरे की फुटेज देखी गई तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।</p>
<p> बताया जा रहा है कि अजगर घर के भीतर मुख्य रास्ते तक पहुंच गया था, जिससे परिवार के लोग भयभीत हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही विक्रमपुर के पूर्व प्रधान सुखवंत सिंह मौके पर पहुंचे और तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया और उसे जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया।</p>
<p>वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से बरसात और गर्मी के मौसम में सतर्क रहने की अपील की है। साथ ही कहा है कि घरों के आसपास साफ-सफाई रखें और किसी भी जंगली जीव के दिखाई देने पर तुरंत विभाग को सूचना दें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>उधम सिंह नगर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 10 May 2026 18:58:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांव-गांव पहुंचेगी आधार सेवा: बोले ओपी राजभर- 1000 पंचायतों से होगी आधार सेवा की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>पंचायती राज विभाग द्वारा सभी 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों तक आधार सेवाएं पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। पहले चरण में 1000 ग्राम पंचायतों में यह सुविधा शुरू की जा रही है।</p>
<p>पंचायत सहायकों और आधार ऑपरेटरों की भूमिका संवेदनशील बताते हुए पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने निर्देश दिए हैं कि सभी कर्मी पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक आधार सेवाएं आसानी से पहुंच सकें। प्रदेश के विभिन्न जिलों, लखनऊ, बाराबंकी, खीरी, सीतापुर और बलरामपुर की 77 ग्राम पंचायतों में पहले से ही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578968/aadhaar-service-will-reach-every-village-op-rajbhar-said"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-02/ओपी-राजभर.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>पंचायती राज विभाग द्वारा सभी 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों तक आधार सेवाएं पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। पहले चरण में 1000 ग्राम पंचायतों में यह सुविधा शुरू की जा रही है।</p>
<p>पंचायत सहायकों और आधार ऑपरेटरों की भूमिका संवेदनशील बताते हुए पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने निर्देश दिए हैं कि सभी कर्मी पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि हर पात्र व्यक्ति तक आधार सेवाएं आसानी से पहुंच सकें। प्रदेश के विभिन्न जिलों, लखनऊ, बाराबंकी, खीरी, सीतापुर और बलरामपुर की 77 ग्राम पंचायतों में पहले से ही आधार सेवाएं संचालित हो रही हैं। इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है।</p>
<p>आधार ऑपरेटरों और सुपरवाइजर्स के लिए पंचायती राज निदेशालय, अलीगंज लखनऊ में एक दिवसीय कार्यशाला संपन्न हुई। इसमें पंचायत सहायकों और बैंक से जुड़े ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578968/aadhaar-service-will-reach-every-village-op-rajbhar-said</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:28:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sultanpur News: 60 वर्षीय पूर्व प्रधान के भाई की गोली मारकर हत्या, मातम में बदली खुशियां 21 अप्रैल को आनी थी बेटी की बारात</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सुलतानपुर: </strong>जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के बेलगरा गांव में शनिवार देर रात एक चौंकाने वाली घटना में 60 वर्षीय विजय प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान सूर्य प्रताप सिंह के छोटे भाई थे।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवार के अनुसार, विजय प्रताप सिंह रात के भोजन के बाद घर के बरामदे में सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी तारा सिंह थोड़ी दूरी पर सो रही थीं। रात करीब 1 बजे गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी की नींद खुली। उन्होंने एक संदिग्ध व्यक्ति को भागते हुए देखा। पास जाकर देखा तो विजय प्रताप सिंह के सिर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578479/sultanpur-news--60-year-old-former-village-head-s-brother-shot-dead--mourning-turns-to-joy--daughter-s-wedding-procession-was-to-arrive-on-april-21st"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(46)2.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुलतानपुर: </strong>जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के बेलगरा गांव में शनिवार देर रात एक चौंकाने वाली घटना में 60 वर्षीय विजय प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान सूर्य प्रताप सिंह के छोटे भाई थे।</p>
<p style="text-align:justify;">परिवार के अनुसार, विजय प्रताप सिंह रात के भोजन के बाद घर के बरामदे में सो रहे थे, जबकि उनकी पत्नी तारा सिंह थोड़ी दूरी पर सो रही थीं। रात करीब 1 बजे गोली चलने की आवाज सुनकर पत्नी की नींद खुली। उन्होंने एक संदिग्ध व्यक्ति को भागते हुए देखा। पास जाकर देखा तो विजय प्रताप सिंह के सिर में गोली लगी हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">परिजनों ने तुरंत उन्हें स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सुलतानपुर ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। लेकिन लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर वापस सुलतानपुर पहुंचे, जहां पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>पुलिस प्रशासन सक्रिय, हत्या का कारण अभी रहस्य</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक चारू निगम, अपर पुलिस अधीक्षक अखण्ड प्रताप सिंह और सीओ जयसिंहपुर रामकृष्ण चतुर्वेदी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से अहम साक्ष्य जुटाए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि विजय प्रताप सिंह की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। कुछ महीने पहले उन्हें लकवे का अटैक आया था, लेकिन अब वे सामान्य जीवन जी रहे थे। वह बेहद सरल, धार्मिक और गो सेवा में लगे रहने वाले व्यक्ति थे। ऐसे में उनकी हत्या का कारण अभी भी पुलिस के लिए एक बड़ा सवाल बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/muskan-dixit-(47)2.png" alt="MUSKAN DIXIT (47)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>परिवार पर टूट पड़ा दुखों का पहाड़</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">विजय प्रताप सिंह अपने पीछे पत्नी तारा सिंह और पांच संतानों को छोड़ गए हैं। एक बेटी और एक बेटे की शादी हो चुकी है, जबकि बाकी बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। उनका बड़ा बेटा अंकुर सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में उप-निरीक्षक है और कानपुर में तैनात है। पिता की मौत की खबर मिलते ही वह घर पहुंच गया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>21 अप्रैल को आनी थी बेटी की बारात</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">परिवार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। बेटी सोनम की शादी की तैयारियां जोरों पर थीं। 17 अप्रैल को तिलक और 21 अप्रैल को बारात आने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही परिवार के मुखिया की हत्या हो गई। अब शादी की सारी तैयारियां रुक गई हैं और पूरे घर में सन्नाटा पसरा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। हत्या के कारण का पता लगाने और आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>सुल्तानपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578479/sultanpur-news--60-year-old-former-village-head-s-brother-shot-dead--mourning-turns-to-joy--daughter-s-wedding-procession-was-to-arrive-on-april-21st</link>
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                <pubDate>Sun, 12 Apr 2026 17:51:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>  यूपी के इस गांव में बैन हुआ डीजे :पंचायत ने शादियों में बजने से लगाईं रोक, उल्लंघन पर सामाजिक बहिष्कार </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नोएडा।</strong> उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर परिक्षेत्र ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के नवादा गांव में ग्राम पंचायत ने एक अहम निर्णय लेते हुए शादियों और अन्य सामाजिक समारोहों में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पंचायत का यह फैसला गांव के बुजुर्गों, बच्चों और विशेष रूप से दिल के मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को पंचायत प्रतिनिधियों के नेतृत्व में फैसले को सार्वजनिक कर जानकारी साझा की गई, जहां उनके द्वारा बताया गया कि तेज आवाज में बजने वाले डीजे से न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि इससे बुजुर्गों और बीमार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576174/dj-banned-in-this-up-village--panchayat-prohibits-playing-at-weddings--social-boycott-for-violators"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(36)11.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नोएडा।</strong> उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर परिक्षेत्र ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के नवादा गांव में ग्राम पंचायत ने एक अहम निर्णय लेते हुए शादियों और अन्य सामाजिक समारोहों में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। पंचायत का यह फैसला गांव के बुजुर्गों, बच्चों और विशेष रूप से दिल के मरीजों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को पंचायत प्रतिनिधियों के नेतृत्व में फैसले को सार्वजनिक कर जानकारी साझा की गई, जहां उनके द्वारा बताया गया कि तेज आवाज में बजने वाले डीजे से न केवल ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि इससे बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को गंभीर परेशानी होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">कई बार रात देर तक चलने वाले कार्यक्रमों के कारण लोगों की नींद भी प्रभावित होती है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ती हैं। पंचायत ने अपने निर्णय को सख्ती से लागू करने के लिए स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सामाजिक बहिष्कार जैसी कार्रवाई की जाएगी। पंचायत का कहना है कि गांव की शांति और सामूहिक हित सर्वोपरि है, इसलिए सभी को इस फैसले का पालन करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">गांव के इस फैसले को क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस निर्णय से गांव में शांति का माहौल बनेगा और पारंपरिक तरीकों से समारोह आयोजित करने की संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें  : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/576169/up-tops-pm-micro-scheme--7-340-proposals-approved--term-loans-exceeding-%E2%82%B92-000-crore-sanctioned"><span class="t-red">पीएम सूक्ष्म योजना में यूपी अव्वल:</span> 7340 प्रस्ताव स्वीकृत, 2000 करोड़ से अधिक का टर्म लोन मंजूर</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गौतम बुद्ध नगर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576174/dj-banned-in-this-up-village--panchayat-prohibits-playing-at-weddings--social-boycott-for-violators</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/576174/dj-banned-in-this-up-village--panchayat-prohibits-playing-at-weddings--social-boycott-for-violators</guid>
                <pubDate>Mon, 23 Mar 2026 16:38:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: जो अस्पताल बना ही नहीं, उसमें हो गया बच्ची का जन्म, फर्जी जन्म प्रमाण जारी कराने का मामला </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हरिद्वार, अमृत विचार।</strong> एक बच्ची का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी कराने का अनोखा मामला सामने आया है। दिलचस्प बात यह रही कि जिस तारीख को जिस हॉस्पिटल में बच्ची का जन्म होने का दावा किया गया, उस समय तक हॉस्पिटल बना ही नहीं था। अब इस मामले में दंपती के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह के अनुसार, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा दी गई आख्या में बताया गया कि शाहीन व उस्मान (दंपती) निवासी ज्वालापुर हरिद्वार द्वारा आवेदन पत्र देते हुए अनुरोध किया गया कि उनकी पुत्री का जन्म</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574976/child-born-in-a-non-existent-hospital--case-involving-issuance-of-a-fraudulent-birth-certificate"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/iop.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हरिद्वार, अमृत विचार।</strong> एक बच्ची का फर्जी जन्म प्रमाणपत्र जारी कराने का अनोखा मामला सामने आया है। दिलचस्प बात यह रही कि जिस तारीख को जिस हॉस्पिटल में बच्ची का जन्म होने का दावा किया गया, उस समय तक हॉस्पिटल बना ही नहीं था। अब इस मामले में दंपती के खिलाफ अभियोग दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।</p>
<p>जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह के अनुसार, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी द्वारा दी गई आख्या में बताया गया कि शाहीन व उस्मान (दंपती) निवासी ज्वालापुर हरिद्वार द्वारा आवेदन पत्र देते हुए अनुरोध किया गया कि उनकी पुत्री का जन्म 1 मार्च 2008 को जया मैक्सवेल हॉस्पिटल अतमालपुर बौंगला हरिद्वार में हुआ था, जिसका जन्म प्रमाण पत्र पूर्व में जारी हुआ था, जोकि खो गया। उसकी छाया प्रति है। </p>
<p>दंपती द्वारा बच्ची का आधार कार्ड अपडेट कराने में बारकोड वाला ऑनलाइन प्रमाणपत्र की आवश्यकता के चलते इस प्रमाणपत्र को ऑनलाइन कराने की मांग के आधार पर 18 फरवरी 2026 को जन्म प्रमाणपत्र ऑनलाइन करते हुए निर्गत किया गया। इस बीच शिकायत की गई कि दंपती ने अपनी पुत्री का जाली प्रमाणपत्र सीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज कराया गया है।</p>
<p>ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने जया मैक्सवेल हॉस्पिटल अतमालपुर बौंगला जाकर अक्षा के उक्त अस्पताल में जन्म के संबंध में जांच की गयी, तो पता चला कि वर्ष 2008 में यह हॉस्पिटल बना ही नहीं था। इससे स्पष्ट है कि दंपती ने जाली पूर्व जन्म प्रमाणपत्र की छायाप्रति प्रस्तुत कर इसे सीआरएस पोर्टल पर ऑनलाइन कराया। उधर, जनपद में किसी तरह से कोई फर्जी प्रमाण पत्र जारी न हो, इसके लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पूर्व में ही सभी एसडीएम व सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हरिद्वार</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 17:02:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: करोड़ों खर्च, फिर भी आरआरसी सेंटर बंद तो कहीं खंडहर में तब्दील</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> ग्राम पंचायतों को कूड़ा प्रबंधन से आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बनाने की योजना दम तोड़ रही है। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत बनाए गए रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) कई जगह इस्तेमाल से पहले ही खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। सेंटर घास-फूस में दब गए हैं, तो कहीं उनकी दीवारें गिरने लगी हैं, तो कुछ जगहों पर इन भवनों का ताला आज तक नहीं खुला है।</p>
<p>स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के दूसरे चरण के तहत वर्ष 2020-21 में बने आरआरसी सेंटरों की हकीकत की पड़ताल करने पर पता चला कि पंचायत राज विभाग के जिम्मेदार इस योजना के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574478/crores-spent--yet-rrc-centres-remain-closed-and-some-turn-into-ruins"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/op5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> ग्राम पंचायतों को कूड़ा प्रबंधन से आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बनाने की योजना दम तोड़ रही है। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत बनाए गए रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) कई जगह इस्तेमाल से पहले ही खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। सेंटर घास-फूस में दब गए हैं, तो कहीं उनकी दीवारें गिरने लगी हैं, तो कुछ जगहों पर इन भवनों का ताला आज तक नहीं खुला है।</p>
<p>स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के दूसरे चरण के तहत वर्ष 2020-21 में बने आरआरसी सेंटरों की हकीकत की पड़ताल करने पर पता चला कि पंचायत राज विभाग के जिम्मेदार इस योजना के प्रति कितने गंभीर हैं। तीन गांवों अबावकरपुर, इस्लाम नगर और काफियाबाद में बने एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र (आरआरसी सेंटर) कागजों तक सिमटे रहे।</p>
<p>अबावकरपुर गांव के बाहर बने आरआरसी सेंटर का गेट खुला था। उसके अंदर बने शीशा कांच, लोहा, कागज कपड़ा थर्माकोल के खाने की दीवार टूटी थी। वहीं खाद्य बनाने के बनाए गड्ढों में घास उगी थी। वहीं इस्लामनगर गांव में के बाहर राजू कुमार के मकान के समीप बने आरआरसी सेंटर में ताला लगा था। </p>
<p>वहीं गड्ढों में गोबर रखा था। राजू ने बताया कि सफाई कर्मचारी अपनी झाड़ू और अन्य उपकरण रखता है, गांव का कूड़ा नहीं आता है। काफियाबाद गांव में आरआरसी सेंटर जंगल में बंद पड़ा था। इन सबके बावजूद पंचायती राज विभाग की ओर से स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के पांचवें चरण में ठोस कचरा प्रबंधन को मजबूत करने के दावे किए जा रहे हैं।</p>
<p><strong>आय का स्रोत तैयार करना था उद्देश्य</strong><br />योजना का उद्देश्य गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देना और कचरे से आय का स्रोत तैयार करना था, जिससे ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर बन सकें। लेकिन छह वर्ष बीतने के बाद भी जिले में बने 643 आरआरसी सेंटरों में आधे भी सक्रिय नहीं हुए। एक आरआरसी सेंटर के निर्माण पर ढाई से चार लाख रुपये तक खर्च किए गए थे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574478/crores-spent--yet-rrc-centres-remain-closed-and-some-turn-into-ruins</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 14:04:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>योगी सरकार का बड़ा फैसला : यूपी के हर जिले में विकसित होंगे मॉडल तालाब, ग्रे वाटर और प्लास्टिक अपशिष्ट मुक्त होंगे गाँव </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार ने तालाबों के पर्यावरणीय और सामाजिक महत्व को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक जिले में 100-100 तालाबों को "मॉडल तालाब" के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समुदाय के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इन मॉडल तालाबों को ग्रे वाटर और प्लास्टिक अपशिष्ट से मुक्त बनाया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे जल की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा मच्छरजनित रोगों में कमी आने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब जल संचयन, भूजल रिचार्ज, सिंचाई, जैव विविधता संरक्षण और सामाजिक गतिविधियों के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573446/yogi-government-s-major-decision--model-ponds-will-be-developed-in-every-district-of-up--villages-will-be-free-of-gray-water-and-plastic-waste"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(41)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गोरखपुर। </strong>उत्तर प्रदेश सरकार ने तालाबों के पर्यावरणीय और सामाजिक महत्व को पुनर्स्थापित करने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक जिले में 100-100 तालाबों को "मॉडल तालाब" के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण समुदाय के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इन मॉडल तालाबों को ग्रे वाटर और प्लास्टिक अपशिष्ट से मुक्त बनाया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे जल की गुणवत्ता में सुधार होगा तथा मच्छरजनित रोगों में कमी आने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब जल संचयन, भूजल रिचार्ज, सिंचाई, जैव विविधता संरक्षण और सामाजिक गतिविधियों के केंद्र रहे हैं। लेकिन स्नान, रसोई और कपड़े धोने से निकलने वाला ग्रे वाटर बिना उपचार के सीधे तालाबों में जाने तथा प्लास्टिक कचरे के बढ़ते प्रभाव से इनका स्वरूप प्रभावित हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत पंचायती राज विभाग ने विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। "तालाब मेरा, तालाब मेरी जिम्मेदारी" अभियान के तहत प्रत्येक जिले में 100 तालाबों को मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में मिशन निदेशक द्वारा सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। पहले चरण में 5,000 से अधिक आबादी वाले गांवों में अभियान चलाया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">चयनित तालाबों में गिरने वाले ग्रे वाटर की मात्रा, नालियों की संख्या, प्लास्टिक अपशिष्ट की स्थिति तथा बीओडी (जैविक ऑक्सीजन मांग) की जांच की जाएगी, ताकि सुधार का आकलन किया जा सके। मॉडल तालाबों के आसपास "नो प्लास्टिक जोन" घोषित किया जाएगा। ग्राम पंचायत से तालाब में प्लास्टिक न फेंकने का प्रस्ताव पारित कराया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">नालियों पर प्लास्टिक ट्रैप जाली और फिल्टर चैंबर लगाए जाएंगे, जबकि ग्रे वाटर के उपचार के लिए बायो-फिल्टर प्रणाली विकसित की जाएगी, जिसमें कंकड़, रेत तथा केना जैसे पौधों का उपयोग होगा। उपचारित जल को ही तालाब में प्रवाहित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से तालाबों का संरक्षण होगा, जल गुणवत्ता सुधरेगी और ग्रामीण स्वास्थ्य व पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/573437/avimukteshwarananda--caught-in-a-sexual-abuse-case--faces-the-threat-of-jail-time--he-stated-at-the-hearing-that-the-allegations-were-baseless"><span class="t-red">यौन शोषण मामले में फसें अविमुक्तेश्वरानंद पर लटकी जेल की तलवार, </span>सुनवाई पर बोले-आरोप बेबुनियाद </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गोरखपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/573446/yogi-government-s-major-decision--model-ponds-will-be-developed-in-every-district-of-up--villages-will-be-free-of-gray-water-and-plastic-waste</link>
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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 17:35:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक्शन में DM विशाख जी... जिंदौर गांव के प्रधान के वित्तीय और  प्रशासनिक अधिकार सीज</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार :</strong> जिलाधिकारी विशाख जी ने मलिहाबाद अंतर्गत जिंदौर प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत का गठन होने से अब तक एक भी बैठक नहीं कराई गई। न ही निर्वाचित सदस्यों से विकास कार्यों के प्रस्ताव लिए गए। प्रधान और सचिव ने जो कार्य कराए गए वह जांच में मनमाने और घटिया मिलने पर कार्रवाई की गई है।</span></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी से जिंदौर गांव के राजेश कुमार ने शपथ पत्र के माध्यम से शिकायत की थी। आरोप था कि विकास कार्य प्रधान व सचिव ने मनमाने तरीके से प्रस्ताव बनाकर घटिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572192/in-action-dm-visakh-ji-seizes-financial-and-administrative-powers"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/कलेक्ट्रेट-सभागार-में-विद्यालय-परिवहन-समिति-की-बैठक-करते-जिलाधिकारी-विशाख-जी।.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार :</strong> जिलाधिकारी विशाख जी ने मलिहाबाद अंतर्गत जिंदौर प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए हैं। वर्ष 2021 में ग्राम पंचायत का गठन होने से अब तक एक भी बैठक नहीं कराई गई। न ही निर्वाचित सदस्यों से विकास कार्यों के प्रस्ताव लिए गए। प्रधान और सचिव ने जो कार्य कराए गए वह जांच में मनमाने और घटिया मिलने पर कार्रवाई की गई है।</span></p>
<p style="text-align:justify;">जिलाधिकारी से जिंदौर गांव के राजेश कुमार ने शपथ पत्र के माध्यम से शिकायत की थी। आरोप था कि विकास कार्य प्रधान व सचिव ने मनमाने तरीके से प्रस्ताव बनाकर घटिया सामग्री का इस्तेमाल करके कराए। इस प्रकरण की जांच जिला कृषि अधिकारी तेग बहादुर सिंह से कराई। 23 दिसंबर 2025 जांच आख्या उपलब्ध कराई। इसमें ग्राम पंचायत जिंदौर के वर्ष 2021-22, 2022-23 व 2023-24 में कराए गए कार्यों के स्थलीय निरीक्षण एवं अभिलेखीय परीक्षण में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितताएं मिलने पर दोषी पाया। इस आधार पर प्रधान वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार अग्रिम आदेश तक सीज कर दिए। तब तक कार्यों का संचालन ग्राम पंचायत के तीन सदस्यों की समिति द्वारा किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 10:11:00 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/%E0%A4%95%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%9F%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%9F-%E0%A4%B8%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%BE%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B2%E0%A4%AF-%E0%A4%AA%E0%A4%B0%E0%A4%BF%E0%A4%B5%E0%A4%B9%E0%A4%A8-%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BF%E0%A4%A4%E0%A4%BF-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95-%E0%A4%95%E0%A4%B0%E0%A4%A4%E0%A5%87-%E0%A4%9C%E0%A4%BF%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A7%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%B6%E0%A4%BE%E0%A4%96-%E0%A4%9C%E0%A5%80%E0%A5%A4.jpg"                         length="162691"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: स्वच्छता के दावे हवा, गोट में गंदगी का अंबार, गांव की नालियों में भरी कीचड़</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>ग्राम पंचायत गोट में सड़कों पर लगे कूड़े के ढेर, बंद नालियां और जलभराव स्वच्छता की हकीकत बयां कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद रास्तों पर महीनों से कूड़े के ढेर लगे हैं। ग्रामीणों को मजबूरी में खुद ही नालियों में भरी कीचड़ हाथ से निकालनी पड़ रही है, जिसे उन्होंने मौके पर दिखाकर अपनी पीड़ा जाहिर की। जिससे लोगों में रोष है।</p>
<p>रविवार को मुरादाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोट की गलियों में लंबे समय से जमा कूड़ा साफ दिखाई दिया। गांव निवासी राजवीर सिंह ने बताया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570563/claims-of-cleanliness-are-empty-words--there-are-piles-of-garbage-in-goat-village--and-the-village-drains-are-filled-with-mud"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/gandgi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>ग्राम पंचायत गोट में सड़कों पर लगे कूड़े के ढेर, बंद नालियां और जलभराव स्वच्छता की हकीकत बयां कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद रास्तों पर महीनों से कूड़े के ढेर लगे हैं। ग्रामीणों को मजबूरी में खुद ही नालियों में भरी कीचड़ हाथ से निकालनी पड़ रही है, जिसे उन्होंने मौके पर दिखाकर अपनी पीड़ा जाहिर की। जिससे लोगों में रोष है।</p>
<p>रविवार को मुरादाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत गोट की गलियों में लंबे समय से जमा कूड़ा साफ दिखाई दिया। गांव निवासी राजवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक कुमार शर्मा से मिलकर गंदगी की लिखित शिकायत भी दी थी, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों के अनुसार मुख्य सड़क पर स्थित नालियां पूरी तरह बंद हैं, जिससे जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान असलम हुसैन इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। </p>
<p>वहीं सफाई कर्मचारी सविता गांव में करीब 15 दिन में एक बार आती हैं और प्रधान के निर्देशानुसार सीमित सफाई कर चली जाती हैं।गांव के प्राथमिक विद्यालय के गेट से लगा नाला कूड़े से पूरी तरह बंद पड़ा है, जिससे उठ रही दुर्गंध वातावरण को दूषित कर रही है। सड़कों पर भरे पानी के बीच से गुजर कर ग्रामीणों को अपने घरों तक आना-जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले छह महीनों से इस समस्या को झेल रहे हैं, लेकिन शिकायत करने पर भी प्रधान और सचिव द्वारा केवल टालमटोल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में नियमित सफाई कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।</p>
<p><strong>क्या बोले ग्रामीण</strong><br />घर के सामने काफी लंबे समय से नालियां बंद पड़ी हैं। जिसकी वजह से घर के आगे हर वक्त गंदी पानी भर रहा है। घर में आने पर पहले पैर धोने पड़ते हैं, नहीं तो गंदे पानी के बीच से गंदगी घर में आती है।- सर्वेश कुमारी, गांव निवासी</p>
<p> गांव निवासी अर्जुन सिंह ने बताया कि प्राइवेट बैंक में मैनेजर हूं लेकिन हर दूसरे दिन मुझे घर के आगे बनी नाली में भरी कीचड़ को साफ करना पड़ता है। कई बार प्रधान से कहा, लेकिन नालियों में भरी कीचड़ नहीं निकलवाई गई।</p>
<p>उप निदेशक पंचायत राज अभय कुमार के मुताबिक अभी फिलहाल डीपीआरओ छुट्टी पर हैं। गांव गोट में गंदगी की शिकायत मिली है जल्द ही गांव में टीम भेज कर सफाई कराई जाएगी। वहीं सफाई कर्मचारी और प्रधान को डीपीआरओ द्वारा नोटिस भेज कर गांव में फैली गंदगी कारण पूछा जाएगा, साथ ही विभागीय कार्रवाई भी कराई जाएगी। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/570563/claims-of-cleanliness-are-empty-words--there-are-piles-of-garbage-in-goat-village--and-the-village-drains-are-filled-with-mud</link>
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                <pubDate>Mon, 09 Feb 2026 13:05:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जालौन में जल जीवन मिशन में बड़ी गड़बड़ी... विशेष जांच की मांग, CM को भेजा शिकायती पत्र </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जालौन।</strong> उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जल जीवन मिशन (नमामि गंगे जलापूर्ति ग्रामीण) के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और मानकविहीन निर्माण का आरोप लगाते हुये मुख्यमंत्री से पूरे मामले की विशेष जांच की मांग की गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिला प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि वह पिछले काफी समय से जिले के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सड़क और दूषित पेयजल की आपूर्ति का मुद्दा स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाते रहे हैं मगर हर बार उनको सिर्फ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568943/major-irregularities-in-jal-jeevan-mission-in-jalaun---demand-for-special-investigation--complaint-letter-sent-to-cm"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(25)3.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जालौन।</strong> उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में जल जीवन मिशन (नमामि गंगे जलापूर्ति ग्रामीण) के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और मानकविहीन निर्माण का आरोप लगाते हुये मुख्यमंत्री से पूरे मामले की विशेष जांच की मांग की गयी है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के जिला प्रवक्ता दिनेश प्रताप सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में कहा है कि वह पिछले काफी समय से जिले के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में बदहाल सड़क और दूषित पेयजल की आपूर्ति का मुद्दा स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाते रहे हैं मगर हर बार उनको सिर्फ आश्वासन ही हाथ लगा है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि काफी समय हो जाने के कारण ग्राम पंचायत की सड़क खुदी पड़ी हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का अकाल है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ को शिकायती पत्र में ठेकेदार कंपनियों, अधिकारियों और पर्यवेक्षण एजेंसियों की कथित मिलीभगत से शासकीय धन के गबन का आरोप लगाया है। </p>
<p style="text-align:justify;">शिकायत में बताया गया है कि मेसर्स ब्रजगोपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रा.लि. एवं एसपीएमएल इन्फ्रा लि. (जॉइंट वेंचर) को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा जालौन जिले के जालौन, कुठौंद, कदौरा, माधौगढ़, महेवा, नदीगांव और रामपुरा विकास खंडों के 270 ग्रामों में सतही जल एवं भूजल आधारित पेयजल योजनाओं के निर्माण, कमीशनिंग तथा 10 वर्षों के संचालन एवं अनुरक्षण का अनुबंध दिया गया था। आरोप है कि निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं हुआ, इसके बावजूद कंपनी को भारी भुगतान कर दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">शिकायतकर्ता का कहना है कि जब कंपनी समय पर निर्माण कार्य ही पूरा नहीं कर पा रही, तो 10 वर्षों के मेंटीनेंस की जिम्मेदारी निभाने की उसकी क्षमता भी संदेह के घेरे में है। इसी तरह मेसर्स जीवीपीआर कंपनी द्वारा सला घाट नदी से डकोर व कोंच विकास खंड के ग्रामों में जलापूर्ति योजना का कार्य कराया जा रहा है, जिसमें लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूरा होने के बावजूद 70 प्रतिशत से अधिक भुगतान कर दिए जाने का आरोप है। </p>
<p style="text-align:justify;">कई ग्रामों में केवल 25 से 35 प्रतिशत घरों तक ही जलापूर्ति हो पा रही है, जिससे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट "हर घर जल योजना" की मंशा प्रभावित हो रही है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बोरवेल की गहराई कागजों में 100 मीटर दर्शाकर भुगतान लिया गया, जबकि वास्तविक गहराई 75 से 90 मीटर पाई गई। टंकियों के निर्माण में रेडीमेड संरचनाओं का उपयोग किया गया, जिनसे पानी रिसने लगा है। स्टाफ क्वार्टरों में किचिन, शौचालय, विद्युत आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।</p>
<p style="text-align:justify;">आरओ प्लांट और क्लोरीन मिक्सिंग प्वाइंट भी कई स्थानों पर नहीं लगाए गए। सड़क खुदाई के बाद सड़कों को पूर्ववत न करने के बावजूद करोड़ों रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायतकर्ता ने इसे शासकीय धन की गंभीर क्षति बताया है। मामले से संबंधित समाचार पत्रों की कटिंग्स और पूर्व में भेजे गए पत्रों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए किसी स्वतंत्र एजेंसी से समयबद्ध विशेष जांच कराई जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/568941/grand-event-at-noida-shilphat--meritorious-students-and-beneficiaries-to-be-honored-on-up-day"><span class="t-red">नोएडा के शिल्पहाट में भव्य कार्यक्रम: </span>यूपी दिवस पर सम्मानित होंगे मेधावी छात्र एवं लाभार्थी</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>जालौन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568943/major-irregularities-in-jal-jeevan-mission-in-jalaun---demand-for-special-investigation--complaint-letter-sent-to-cm</link>
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                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 15:12:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ग्रामीणों को सेवाएं देने में 35,664 सीएससी निष्क्रिय, शासन स्तर पर समीक्षा में खराब मिली सभी जिलों की प्रगति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रशांत सक्सेना, लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार :</strong> ग्रामीण इलाकों में सरकारी ऑनलाइन सेवाएं देने के लिए संचालित किए गए कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) मकसद पर कामयाब नहीं हैं। शासन स्तर पर पंचायती राज विभाग द्वारा 57,694 ग्राम पंचायतों पर संचालित केंद्रों की समीक्षा की गई तो वर्ष 2025-26 में पोर्टल पर 22,030 सीएससी सक्रिय मिले, जबकि 35,664 सीएससी निष्क्रिय पाए गए। निदेशक पंचायती राज विभाग अमित कुमार ने नाराजगी जताते हुए सभी जिलों में सीएससी सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं।</span></p>
<p>हर ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में जनसेवा केंद्र की तरह एक सीएससी संचालित है। इनमें आय, जाति, निवास के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568521/35-664-cscs-are-inactive-in-providing-services-to-villagers--and-a-government-review-found-poor-progress-in-all-districts"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(57)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>प्रशांत सक्सेना, लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार :</strong> ग्रामीण इलाकों में सरकारी ऑनलाइन सेवाएं देने के लिए संचालित किए गए कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) मकसद पर कामयाब नहीं हैं। शासन स्तर पर पंचायती राज विभाग द्वारा 57,694 ग्राम पंचायतों पर संचालित केंद्रों की समीक्षा की गई तो वर्ष 2025-26 में पोर्टल पर 22,030 सीएससी सक्रिय मिले, जबकि 35,664 सीएससी निष्क्रिय पाए गए। निदेशक पंचायती राज विभाग अमित कुमार ने नाराजगी जताते हुए सभी जिलों में सीएससी सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं।</span></p>
<p>हर ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में जनसेवा केंद्र की तरह एक सीएससी संचालित है। इनमें आय, जाति, निवास के आवेदन और उनकी प्रति निकालना, प्रधानमंत्री सम्मान निधि, वृद्धा, निराश्रित, दिव्यांग पेंशन आदि के आवेदन करना, खसरा-खतौनी की नकल निकालना जैसी 217 सेवाएं सर्विस प्रोवाइडर द्वारा दी जाती हैं। पंचायत भवनों में सीएससी संचालित करने का मकसद ग्रामीण ऑनलाइन कामकाज के लिए तहसील, मुख्यालय और सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाएं। केंद्रों का संचालन करने के लिए मानदेय पर पंचायत सहायक तैनात किए गए हैं। पिछले सप्ताह वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई समीक्षा में कुछ जिलों ने रिपोर्ट में अंतर होने पर सवाल उठाए थे।</p>
<h3><strong>नवीनीकरण व वैलट रिचार्ज में आता खर्च</strong></h3>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">ऑनलाइन सेवा देने के लिए न्यूनतम 500 रुपये का वैलट रिचार्ज किया जाता है। जबकि नवीनीकरण में ए श्रेणी के जिले में 1000, बी श्रेणी में 750 और सी श्रेणी में 500 रुपये खर्च आता है। जिन पंचायत भवनों में जगह नहीं थी वहां चार-पांच लाख रुपये खर्च करके अतिरिक्त कक्ष बनाकर सं चालन किया गया है।</span></p>
<h3><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">इन जिलों की ये प्रगति</span></strong></h3>
<p>बरेली 1188 में 704, शामली में 230 ग्राम पंचायत पर सीएचसी में 77 निष्क्रिय, हमीरपुर 330 में 137, लखनऊ 491 में 280, हरदोई 1293 में 542, रायबरेली 980 में 498, सीतापुर 1588 में 1095, जौनपुर 1734 में 1198, बाराबंकी 1155 में 806, बस्ती 1187 में 856, प्रतापगढ़ 1148 में 946, गोरखपुर 1273 में 605, बिजनौर 1123 में 580, शाहजहांपुर 1068 में 475 व बदायूं की 1037 ग्राम पंचायत में 470 सीएससी निष्क्रिय पाए गए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>टेक्नोलॉजी</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568521/35-664-cscs-are-inactive-in-providing-services-to-villagers--and-a-government-review-found-poor-progress-in-all-districts</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/568521/35-664-cscs-are-inactive-in-providing-services-to-villagers--and-a-government-review-found-poor-progress-in-all-districts</guid>
                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 10:45:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बिना काम किया भुगतान...बदल दिया आवास का लाभार्थी, DDO, PD टीम की जांच में खुली असलियत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>राजेंद्र कुमार पांडेय, अयोध्या, अमृत विचार। </strong>बिना काम कराए ही परियोजना पर पैसे का भुगतान कर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थी को बदल कर दूसरे को लाभ दे दिया गया। ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में खेल किया गया। जांच हुई तो असलियत खुलकर सामने आ गई। अब हलचल है। मामला तारुन ब्लॉक की ग्राम पंचायत गरौली का है। ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितता को लेकर गांव के रहने वाले सुधीर कुमार तिवारी, सुनील कुमार मौर्य ने शिकायत की थी। </p>
<p style="text-align:justify;">इसकी जांच पहले खंड विकास अधिकारी के स्तर से कराई गई तो अनियमितता के मामले पकड़ में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566598/payment-done-without-work-beneficiary-of-residence-changed-reality-revealed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(38)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>राजेंद्र कुमार पांडेय, अयोध्या, अमृत विचार। </strong>बिना काम कराए ही परियोजना पर पैसे का भुगतान कर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थी को बदल कर दूसरे को लाभ दे दिया गया। ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में खेल किया गया। जांच हुई तो असलियत खुलकर सामने आ गई। अब हलचल है। मामला तारुन ब्लॉक की ग्राम पंचायत गरौली का है। ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में अनियमितता को लेकर गांव के रहने वाले सुधीर कुमार तिवारी, सुनील कुमार मौर्य ने शिकायत की थी। </p>
<p style="text-align:justify;">इसकी जांच पहले खंड विकास अधिकारी के स्तर से कराई गई तो अनियमितता के मामले पकड़ में आए। इसके बाद जिलाधिकारी की ओर से गठित तीन सदस्यीय कमेटी से जांच कराई गई। जांच कमेटी में जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए के साथ एक सहायक अभियंता को नामित किया गया था। जांच टीम की रिपोर्ट जन सूचना के जरिए सामने आई।</p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट के मुताबिक ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। मनमानी काम कराए गए, वित्तीय नियमों को दरकिनार कर भुगतान कर दिया गया। गांव में राम लाल के घर से जय राम के घर तक नाली बगैर नाली निर्माण लगभग 45 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">बाद में सफाई दी कि बाबू राम के घर से भोलू के घर तक नाली निर्माण का भुगतान किया गया। तत्कालीन प्रधान व सचिव दोषी पाए गए। हैंडपंप मरम्मत का काम चरागाह बन गया। एक ही आईडी पर साल 2021-22, 2022-23, 20223-24 में 63665 रुपये का भुगतान कर दिया गया। खास तो यह रहा कि जांच के दौरान वह हैंडपंप भी नहीं बता पाए, जिस पर मरम्मत का काम कराया गया। हैंडपंप की लोकेशन गांव के बाहर आ रही थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे बड़ा खेल तो आवास के आवंटन और लाभार्थी को लाभ पहुंचाने में किया गया। चयन श्याम लाल पुत्र देवराज की आईडी पर हुआ और बैंक में खाता फीड कराया श्याम लाल पुत्र सुखराज का। आवास का लाभ गलत लाभार्थी श्याम लाल पुत्र सुखराज को मिला। यही इतना नहीं बीपीएल सूची 2002 के क्रमांक 5763 पर अंकित राजकुमार अनुसूचित जाति के नाम पर नीलू पत्नी राजकुमार सामान्य जाति को आवास का लाभ दे दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">ग्राम रोजगार सेवक सुरेश कुमार भी कमाल करने में पीछे नहीं रहे। उन्होंने मस्टर रोल संख्या 4805 से 4807 तक एनएमएमएस के माध्यम से दर्ज की गई उपस्थिति में एक ही फोटो अपलोड कर डाली। हालांकि सफाई यह दी कि चूकवश ऐसा हुआ। भुगतान नहीं किया गया। हाजिरी शून्य कर दी गई। विद्यालय की नवनिर्मित बाउंड्री वाल में पांच स्थानों पर फटी मिली। जांच अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी और जेई ने की। मौरंग का प्रयोग नहीं मिला। बालू मिली। </p>
<p style="text-align:justify;">पहली और दूसरी जांच के बीच इसे दुरुस्त करा दिया गया। दूसरी जांच में दीवाल सही मिली। मोरंग का प्रयोग भी मिल गया। जांच कमेटी ने अलग-अलग कार्यों के लिए तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव राजकुमार, माता प्रसाद, जय सिंह यादव दोषी पाए गए। अब हलचल है। तारून की ग्राम पंचायत गरौली के विकास कार्यों की जांच में अनियमितता मिली है। दोषी पाए गए प्रधान व सभी कर्मचारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।-अविनाश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566598/payment-done-without-work-beneficiary-of-residence-changed-reality-revealed</link>
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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 19:02:58 +0530</pubDate>
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