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                <title>Encroachment - Amrit Vichar</title>
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                <description>Encroachment RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>UP: सौंधन किले से अतिक्रमण हटाने को गरजा बुलडोजर, चार मकान ध्वस्त, 35 और जद में</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल/सौंधन।</strong> ऐतिहासिक महत्व के सौंधन किले को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। रविवार को डीएम राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर बुलडोजर कार्रवाई कर किले परिसर में अवैध रूप से बनाए गए चार मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि कई अन्य मकान मालिकों ने खुद ही अपने निर्माण हटाने शुरू कर दिए। कुल 35 मकान कार्रवाई की जद में हैं। किले का कुल क्षेत्रफल लगभग 3600 वर्ग मीटर है।</p>
<p>रविवार सुबह हल्का लेखपाल नीरज कुमार और कानूनगो राजस्व टीम के साथ सौंधन किला परिसर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580081/bulldozer-roars-to-clear-encroachments-at-saundhan-fort--four-houses-demolished--35-more-in-the-crosshairs"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/bul4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल/सौंधन।</strong> ऐतिहासिक महत्व के सौंधन किले को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन ने अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। रविवार को डीएम राजेंद्र पैंसिया के निर्देश पर बुलडोजर कार्रवाई कर किले परिसर में अवैध रूप से बनाए गए चार मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, जबकि कई अन्य मकान मालिकों ने खुद ही अपने निर्माण हटाने शुरू कर दिए। कुल 35 मकान कार्रवाई की जद में हैं। किले का कुल क्षेत्रफल लगभग 3600 वर्ग मीटर है।</p>
<p>रविवार सुबह हल्का लेखपाल नीरज कुमार और कानूनगो राजस्व टीम के साथ सौंधन किला परिसर पहुंचे। टीम ने किले के अंदर अवैध रूप से मकान बनाकर रहे लोगों को मकान खाली करने के निर्देश दिए। कुछ ही देर में बुलडोजर भी पहुंच गया। बुलडोजर को देख कई लोग सामान निकालने लगे और कुछ ने स्वयं ही निर्माण तोड़ना शुरू कर दिया। वहीं चार मकानों को प्रशासन ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान कुछ मकान स्वामियों ने विरोध जताया। उनका कहना था कि यदि उन्हें पहले से कार्रवाई के बारे में सूचना दी जाती तो वे खुद ही अतिक्रमण हटा लेते। </p>
<p>हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में कई बार मौखिक और लिखित रूप से चेतावनी दी जा चुकी थी। सूचना मिलने पर सौंधन चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। राजस्व अधिकारियों का कहना है कि किले के भीतर लगभग 35 मकान बने हुए हैं, जो अतिक्रमण की जद में हैं। इन सभी को चिन्हित कर लिया गया है और चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना तैयार की गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्थिति में किले परिसर में अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।</p>
<p>गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को डीएम और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने किले का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अतिक्रमण को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसी क्रम में रविवार को अभियान की शुरुआत की गई।</p>
<p><strong>प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी</strong><br />सौंधन किले का सौंदर्यीकरण कार्य पहले ही पूर्ण हो चुका है। प्रशासन अब इसे पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कर भव्य स्वरूप देना चाहता है। योजना के तहत किले को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी है, जिससे न केवल क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान मजबूत होगी बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद किले की वास्तविक भव्यता सामने आएगी और यहां पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ेगा।</p>
<p><strong>सौंधन किले के सौंदर्यीकरण को लेकर कब क्या हुआ</strong><br />5 जनवरी 2025 को डीएम राजेंद्र पैंसिया ने सौंधन किले का पहली बार निरीक्षण किया। उस समय किला जर्जर अवस्था में मिला, जिसके बाद संरक्षण और मरम्मत के निर्देश दिए गए। जून 2025 में एएसआई द्वारा सौंधन किले के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू कराया गया। कार्य के लिए राजस्थान और झांसी से कारीगर बुलाए गए, जिन्होंने किले की संरचना को नया रूप दिया।. 16 फरवरी 2026 में किले का मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण कर लिया गया। इस पर करीब 29 लाख रुपये की लागत आई।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 10:09:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण : प्रभावितों की आय, चल-अचल संपत्ति वगैरह का होगा ऑडिट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण में पीएम आवास योजना के फार्मों का वेरिफिकेशन होने के बाद अब सामाजिक आर्थिक ऑडिट होगा। इसके लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला प्रशासन व नगर निगम गाइड लाइन बना रहा है।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने बीती 24 फरवरी को हुई सुनवाई में बनभूलपुरा में रेलवे की 31 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण पर सुनवाई की। इसमें रेलवे भूमि पर अवैध बसे 4300 परिवारों व 50 हजार की आबादी को प्रधानमंत्री आवास समेत अन्य योजनाओं की जानकारी देना। उनका सामाजिक आर्थिक सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। इस प्रकरण में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579640/banbhulpura-railway-land-encroachment--income--movable-and-immovable-assets--etc---of-affected-persons-to-undergo-audit"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/tyu1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण में पीएम आवास योजना के फार्मों का वेरिफिकेशन होने के बाद अब सामाजिक आर्थिक ऑडिट होगा। इसके लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला प्रशासन व नगर निगम गाइड लाइन बना रहा है।</p>
<p>सुप्रीम कोर्ट ने बीती 24 फरवरी को हुई सुनवाई में बनभूलपुरा में रेलवे की 31 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण पर सुनवाई की। इसमें रेलवे भूमि पर अवैध बसे 4300 परिवारों व 50 हजार की आबादी को प्रधानमंत्री आवास समेत अन्य योजनाओं की जानकारी देना। उनका सामाजिक आर्थिक सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। इस प्रकरण में अगली सुनवाई अब 28 अप्रैल को प्रस्तावित है। वहीं, जिला प्रशासन व राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का पीएम आवास योजना के आवेदन फार्मों का वेरिफिकेशन लगभग पूरा हो गया है। </p>
<p>अब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार अतिक्रमण की जद में आ रहे परिवारों व आबादी का सामाजिक आर्थिक अंकेक्षण किया जाएगा। सूत्रों की मानें तो इसमें परिवार की कुल वार्षिक आय, आय के स्रोत और स्थिरता, अचल संपत्ति जैसे घर का प्रकार (कच्चा/पक्का), भूमि के स्वामित्व, वाहन, और अन्य कीमती वस्तुएं, प्रभावितों की साक्षरता और शैक्षणिक योग्यता, वर्तमान नौकरी, मजदूरी या व्यवसाय की प्रकृति, जीवन स्तर जैसे भोजन की सुरक्षा, पीने का पानी, बिजली कनेक्शन, और शौचालय की सुविधा, सरकारी योजनाओं जैसे पेंशन, छात्रवृत्ति, या आवास योजनाओं का लाभ, सार्वजनिक व निजी बैंक से लिए गए ऋण आदि बिंदुओं पर ऑडिट किया जाएगा।</p>
<p>नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण व जिला प्रशासन के निर्देशन में सामाजिक आर्थिक सर्वे होगा। अभी इसको लेकर उच्च व विधिक अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। फिर ऑडिट की कार्यवाही होगी।</p>
<p>पीएम आवास योजना के आवेदनों का वेरिफिकेशन पूरा, बने पात्र व अपात्र<br /> बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण प्रकरण में 6882 आवेदनों वेरिफिकेशन लगभग पूरा हो गया है। इस वेरिफिकेशन में आवेदन में लगाए जाने वाले सभी जरूरी दस्तावेज, शपथ पत्र वगैरह की जांच की गई है। सभी आवेदकों को शपथ पत्र के बारे में बताया गया गया है। इसी के साथ ही योजना के लिए पात्र व अपात्रों की सूची भी बना दी गई है।</p>
<p>नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने बताया कि 17 मार्च को बनभूलपुरा के सभी प्रभावित वार्डों में पीएम आवास योजना के फार्म बांटना शुरू किया गया था। 20 मार्च से चार अप्रैल तक क्षेत्र के छह चिह्नित स्थानों में कैंप लगाकर इन आवेदनों को जमा किया गया। कैंपों में लगभग 6882 आवेदकों ने फार्म भरे थे। फिर छह टीमें बनाकर आवेदनों के दस्तावेजों व आवेदकों की पात्रता का सत्यापन किया गया। बुधवार को यह सत्यापन लगभग पूरा हो चुका है। अब पात्र व अपात्र की सूची बना दी गई है जो उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 11:00:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी : संपूर्ण समाधान दिवस 351 आईं शिकायतें, डीएम बोले- चकमार्ग पर अतिक्रमण तो राजस्व कर्मियों की जिम्मेदारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> तहसील नवाबगंज में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाकर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से चकमार्ग एवं सरकारी रास्तों पर अतिक्रमण की शिकायतों को गंभीरता से लेने और लापरवाही पर जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">समाधान दिवस के दौरान मुख्तार अली पुत्र महमूद, ग्राम नसीरपुर का खतौनी में नाम संशोधन का प्रकरण भी मौके पर निस्तारित किया गया। जिलाधिकारी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579236/barabanki--351-complaints-received-on--sampurna-samadhan-diwas---dm-states%E2%80%94encroachment-on-field-paths-is-the-responsibility-of-revenue-officials"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/cats145.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> तहसील नवाबगंज में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर बुलाकर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से चकमार्ग एवं सरकारी रास्तों पर अतिक्रमण की शिकायतों को गंभीरता से लेने और लापरवाही पर जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">समाधान दिवस के दौरान मुख्तार अली पुत्र महमूद, ग्राम नसीरपुर का खतौनी में नाम संशोधन का प्रकरण भी मौके पर निस्तारित किया गया। जिलाधिकारी के निर्देश पर कम्प्यूटरीकृत खतौनी में सुधार कर आवेदक को उपलब्ध कराई गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को भूमि विवाद, सरकारी रास्ते, राशन कार्ड, पेंशन और आवास से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनपद की सभी तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस में कुल 351 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 56 का मौके पर निस्तारण किया गया। जिसमें नवाबगंज में 110 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 25 का निस्तारण हुआ। रामसनेहीघाट में 55 में से 5, सिरौलीगौसपुर में 13 में से 4, रामनगर में 64 में से 8, फतेहपुर में 45 में से 8 तथा हैदरगढ़ में 64 में से 6 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। अधिकारियों ने बाकी प्रार्थना पत्रों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579236/barabanki--351-complaints-received-on--sampurna-samadhan-diwas---dm-states%E2%80%94encroachment-on-field-paths-is-the-responsibility-of-revenue-officials</link>
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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 20:54:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: मकान गिराने पहुंची थी टीम, बाप-बेटों ने फांसी लगाने का किया प्रयास, हालत बिगड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शाहजहांपुर, अमृत विचार। </strong>जलालाबाद क्षेत्र के मझरेता मगटोरा गांव में मंगलवार को चकरोड की जमीन से कब्जा हटाने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम के सामने उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक ही परिवार के तीन लोगों ने पेड़ पर चढ़कर फंदा लगाकर जान देने की कोशिश कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की तत्परता से तीनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, हालांकि एक युवक की हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, नायब तहसीलदार रोहित कटियार पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे थे। टीम ने चकरोड पर बने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577920/demolition-team-arrives--father-and-sons-attempt-suicide-by-hanging%E2%80%94condition-deteriorates"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/ui3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शाहजहांपुर, अमृत विचार। </strong>जलालाबाद क्षेत्र के मझरेता मगटोरा गांव में मंगलवार को चकरोड की जमीन से कब्जा हटाने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम के सामने उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक ही परिवार के तीन लोगों ने पेड़ पर चढ़कर फंदा लगाकर जान देने की कोशिश कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की तत्परता से तीनों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, हालांकि एक युवक की हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, नायब तहसीलदार रोहित कटियार पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के साथ गांव पहुंचे थे। टीम ने चकरोड पर बने धनपाल के मकान को तोड़ना शुरू किया। इस पर धनपाल, उसके बेटे विवेक और दुर्गेश ने विरोध करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि वे लोग चार दशकों से ज्यादा समय से यहां पर रह रहे हैं। उन्हें पहले से सूचित भी नहीं किया गया। इस बीच क्षुब्ध होकर दुर्गेश, विवेक और धनपाल मकान के पास लगे नीम के पेड़ पर चढ़ गए। पेड़ पर रस्सी का फंदा डालकर गले में डाल लिया। ये देखकर पुलिसकर्मियों ने तीनों लोगों को नीचे उतारा। इस बीच विवेक के गले में पड़ा फंदा कस गया। </p>
<p>उसकी हालत बिगड़ी तो पुलिस ने उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। धनपाल का कहना है कि उनसे मकान न तोड़े जाने के बदले में चार लाख रुपये मांगे जा रहे थे। पूर्व विधायक राजेश यादव व पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर हाल जाना। न्याय दिलाने का भरोसा दिया। नायब तहसीलदार रोहित कटियार का कहना है कि आरोप निराधार हैं। धनपाल का नवीन परती व चकरोड की जमीन पर कब्जा है। खाली करने के लिए कहा तो मना कर दिया। खाली कराने की कोशिश की तो ड्रामा किया। तुरंत एसडीएम प्रभात राय को जानकारी दी। उन्होंने टीम को वापस बुला लिया। लेखपाल अजय कुमार ने इस मामले में थाने में तहरीर दी है। वहीं, इंस्पेक्टर राजीव तोमर ने बताया कि राजस्व टीम के साथ मौके पर गए थे, फिर वापस चले आए थे। इसके बाद क्या हुआ कोई जानकारी नहीं है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577920/demolition-team-arrives--father-and-sons-attempt-suicide-by-hanging%E2%80%94condition-deteriorates</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 12:20:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर नगर निगम की बैठक में अतिक्रमण हटाने पर जोर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>कानपुर नगर निगम गुरुवार को नगर आयुक्त की अध्यक्षता में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों और शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और स्वच्छता अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में स्वच्छता कार्यों को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कूड़ा उठान, स्रोत पर कचरा पृथक्करण (सेग्रीगेशन) और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। साथ ही जोन स्तर पर प्रगति रिपोर्ट जियोटैग फोटो के साथ प्रस्तुत करने को कहा गया। </p>
<p style="text-align:justify;">बाजारों और व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर जन-जागरूकता अभियान चलाने और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577314/emphasis-on-removing-encroachments-at-kanpur-municipal-corporation-meeting"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/कानपुर-नगर-निगम.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर। </strong>कानपुर नगर निगम गुरुवार को नगर आयुक्त की अध्यक्षता में स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों और शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और स्वच्छता अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में स्वच्छता कार्यों को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कूड़ा उठान, स्रोत पर कचरा पृथक्करण (सेग्रीगेशन) और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू किया जाए। साथ ही जोन स्तर पर प्रगति रिपोर्ट जियोटैग फोटो के साथ प्रस्तुत करने को कहा गया। </p>
<p style="text-align:justify;">बाजारों और व्यापारिक संगठनों के साथ मिलकर जन-जागरूकता अभियान चलाने और दो दिन के भीतर बैठकों का रोस्टर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए। अतिक्रमण पर सख्त रुख अपनाते हुए नगर आयुक्त ने छोटे नालों (एक मीटर से कम चौड़ाई) पर बने रैंप, पार्किंग आदि को तत्काल हटाने के आदेश दिए। कार्रवाई की फोटो-वीडियो रिकॉर्डिंग करने और संबंधित लोगों पर जुर्माना लगाने के निर्देश भी दिए गए। </p>
<p style="text-align:justify;">खासकर मेट्रो स्टेशनों, विशेषकर मोतीझील क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को प्राथमिकता देने को कहा गया। इसके अलावा शहर के प्रवेश द्वार से टर्निंग प्वाइंट तक एक किलोमीटर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।</p>
<p style="text-align:justify;"> नगर आयुक्त ने मेट्रो स्टेशनों के पास दुकानों में दो डस्टबिन अनिवार्य करने, घाटों पर स्थायी डस्टबिन लगाने, मैनहोल ढके रखने, सड़कों की मरम्मत और बिजली के तारों से यातायात बाधित न होने की निगरानी सुनिश्चित करने को भी कहा। अधिकारियों को बताया गया कि अतिक्रमण की सूची उपलब्ध करा दी गई है और 15 दिन बाद इसकी दोबारा समीक्षा की जाएगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 21:06:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, सड़क निर्माण रुकवाया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>धानाचूली, अमृत विचार।</strong> धारी तहसील के वन पंचायत की भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। मंगलवार को उपजिलाधिकारी धारी अंशुल भट्ट के नेतृत्व में प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम मनाघेर स्थित सुंदरखाल वन पंचायत क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहां अतिक्रमण की पुष्टि हुई।</p>
<p>निरीक्षण में पाया गया कि कुछ बिल्डर्स द्वारा लगभग 10 नाली वन पंचायत भूमि पर अवैध रूप से सड़क निर्माण किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत निर्माण कार्य रोकवाया और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577083/major-administrative-action-against-illegal-encroachment--road-construction-halted"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/bul2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>धानाचूली, अमृत विचार।</strong> धारी तहसील के वन पंचायत की भूमि पर हो रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की है। मंगलवार को उपजिलाधिकारी धारी अंशुल भट्ट के नेतृत्व में प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम मनाघेर स्थित सुंदरखाल वन पंचायत क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहां अतिक्रमण की पुष्टि हुई।</p>
<p>निरीक्षण में पाया गया कि कुछ बिल्डर्स द्वारा लगभग 10 नाली वन पंचायत भूमि पर अवैध रूप से सड़क निर्माण किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत निर्माण कार्य रोकवाया और भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। तहसीलदार मनीषा बिष्ट ने बताया कि इस मामले में सुंदरखाल के वन सरपंच को वन पंचायत अधिनियम के तहत निलंबित कर दिया गया है। अवैध सड़क निर्माण को जेसीबी की मदद से बंद कराया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। </p>
<p>उपजिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं और राजस्व उपनिरीक्षक को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। उप जिलाधिकारी अंशुल भट्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी और वन पंचायत भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई के दौरान राजस्व निरीक्षक प्रवीण ह्यांकी, नारायण वर्मा, राजस्व उपनिरीक्षक निर्मल बोरा और वन दरोगा पूरन मेलकानी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 18:59:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर : नगर आयुक्त का निर्देश बेअसर, नहीं हटा अतिक्रमण</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>नगर निगम के नगर आयुक्त अर्पित उपध्याय के निर्देश पर भी बड़ा चौराहा और सीसामऊ-पीरोड पर स्थायी तो दूर की बात है, अस्थायी अतिक्रमण तक हट नहीं सका। यहां पर नगर आयुक्त के निरीक्षण के बाद भी स्थिति जस के तस बनी हुई है। जबकि नगर आयुक्त ने दो दिन में अभियान चलाकर शहर के दोनों प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश संबंधित मुख्य अभियंता व जोनल अधिकारी को दिए थे, जो बेअसर साबित होता दिख रहा है। </p><p style="text-align:justify;">नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने 11 मार्च को 80 फिट रोड होते हुए भदौरिया चौराहा से लेनिन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575346/kanpur--municipal-commissioner-s-directives-prove-ineffective--encroachments-remain-untouched"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/0113.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>नगर निगम के नगर आयुक्त अर्पित उपध्याय के निर्देश पर भी बड़ा चौराहा और सीसामऊ-पीरोड पर स्थायी तो दूर की बात है, अस्थायी अतिक्रमण तक हट नहीं सका। यहां पर नगर आयुक्त के निरीक्षण के बाद भी स्थिति जस के तस बनी हुई है। जबकि नगर आयुक्त ने दो दिन में अभियान चलाकर शहर के दोनों प्रमुख मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश संबंधित मुख्य अभियंता व जोनल अधिकारी को दिए थे, जो बेअसर साबित होता दिख रहा है। </p><p style="text-align:justify;">नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने 11 मार्च को 80 फिट रोड होते हुए भदौरिया चौराहा से लेनिन पार्क तक और जरीबचौकी पीरोड होते हुए गोपाल सिनेमा, सीसामऊ बाजार के अंदर वनखण्डेश्वर मंदिर चौराहे तक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के समय उनको दोनों ही मार्गों पर न सिर्फ अस्थायी, बल्कि स्थायी अतिक्रमण भी कई जगहों पर मिले थे। फुटपाथ होने के बावजूद अतिक्रमण की वजह से वह नजर तक नहीं आ रहे थे। फुटपाथ पर दीवारें तक बनी मिली। </p><p style="text-align:justify;">तब नगर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जोनल अधिकारी व जोनल अभियन्ता-4 को निर्देश दिया था कि दोनों अधिकारी संयुक्त रूप से अभियान चलाकर फुटपाथ पर अस्थायी व स्थायी अतिक्रमण को ध्वस्त करने की कार्यवाही करे और यूजर चार्ज की वसूलें। सप्ताह में दो दिन इन मार्ग पर प्रत्येक दशा में सघन निरीक्षण करते हुए अतिक्रमण हटाये। </p><p style="text-align:justify;">वहीं, सीसामऊ मार्ग को पूरी तरह से अतिक्रमण से मुक्त करने के लिए निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए थे, लेकिन नगर आयुक्त का यह निर्देश बेअसर ही साबित हुआ, क्योंकि दोनों ही मार्गों पर निरीक्षण के पांच दिन बीतने के बाद भी अतिक्रमण हटाया नहीं गया और न ही अतिक्रमण हटाने का कोई प्रयास जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा किया गया। </p><p style="text-align:justify;">मानो जैसे अधिकारियों व अतिक्रमणकारियों के बीच कोई सेटिंग हो। इसकी वजह से शायद अभियान का संचालन अभी तक नहीं हुआ। वहीं, शिवाला मार्केट के आसपास व बड़ा चौराहे के पास काफी संख्या में स्थायी व अस्थायी अतिक्रमण मिलने पर नौ मार्च को कार्यवाही की गई थी, लेकिन यहां पर स्थिति फिर से पहले जैसी ही हो गई। जोनल अधिकारी -4 राजेश सिंह के मुताबिक जल्द ही अभियान का संचालन किया जाएगा। रूपरेखा तैयार कर ली गई है। </p><h5 style="text-align:justify;"><strong>अतिक्रमण की गिरफ्त में है शहर के कई क्षेत्र </strong></h5><p style="text-align:justify;">शहर के कई क्षेत्र वर्तमान में अतिक्रमण से जकड़ा हुए है। औपचारिकता के तौर पर अतिक्रमण अभियान का संचालन तो कर दिया जाता है, लेकिन उसके अगले दिन फिर से ही उन्हीं जगहों पर अतिक्रमण कर लिया जाता है। खास बात तो ये है कि अभियान चलाने के बाद अधिकारी भी उन जगहों पर दोबारा देखरेख के लिए नहीं जाते हैं। </p><p style="text-align:justify;">अगर उस मार्ग से निकलते भी है तो अतिक्रमण को देखकर मुंह फेर लेते हैं। प्रमुख मार्गों पर अतिक्रमण की वजह से सड़क की चौड़ाई तक हो जाती है और फुटपाथ तो लापता हो जाते हैं। ऐसे में फिर शहरवासियों को जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। कई बार तो जाम में जनप्रतिनिधियों भी आवागमन के दौरान फंस जाते है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Mar 2026 20:28:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: एकीकृत कमांड सेंटर से निगरानी फिर भी मनमानी, बेतरतीब वाहन लगा रहे जाम </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>महानगर में जहां तहां बेतरतीब वाहन खड़ा करने से आए दिन जाम लग रहा है। अतिक्रमण भी इसमें प्रमुख वजह बन रही है। अतिक्रमण अभियान रस्म अदायगी साबित हो रहे हैं। कुछ दिन बाद ही स्थिति जस की तस हो जाती है।</p>
<p>महानगर में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा की निगरानी के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से पीलीकोठी स्थित नगर आयुक्त के शिविर कार्यालय परिसर में 2.39 अरब रुपये की लागत से एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निर्माण किया गया है। 256 सेंसरयुक्त कैमरे से पूरे महानगर की यातायात व्यवस्था की निगरानी पुलिस करती है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574591/monitoring-from-the-integrated-command-center--yet-arbitrary--haphazard-vehicles-are-causing-traffic-jams"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/samart.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार। </strong>महानगर में जहां तहां बेतरतीब वाहन खड़ा करने से आए दिन जाम लग रहा है। अतिक्रमण भी इसमें प्रमुख वजह बन रही है। अतिक्रमण अभियान रस्म अदायगी साबित हो रहे हैं। कुछ दिन बाद ही स्थिति जस की तस हो जाती है।</p>
<p>महानगर में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा की निगरानी के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से पीलीकोठी स्थित नगर आयुक्त के शिविर कार्यालय परिसर में 2.39 अरब रुपये की लागत से एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निर्माण किया गया है। 256 सेंसरयुक्त कैमरे से पूरे महानगर की यातायात व्यवस्था की निगरानी पुलिस करती है। लेकिन इसके बाद भी महानगर में यातायात व्यवस्था आए दिन लड़खड़ाती है।</p>
<p> सड़क की पटरी और कई जगह डिवाइडरों के पास चार व दोपहिया वाहन खड़ा करने से जाम लगता है। वहीं फुटपाथ पर अतिक्रमण भी इसकी वजह बनती है। ऊपर से ई-रिक्शा चालकों की बढ़ती संख्या और उनकी मनमानी प्रमुख चौक चौराहे गुरहट्टी, कलेक्ट्रेट, बुध बाजार, डिप्टी गंज, रेलवे स्टेशन रोड, कांठ रोड पर हरथला और अन्य जगहों पर यातायात बाधित करती है। </p>
<p>यातायात पुलिस कर्मी केवल बाहरी वाहनों की चेकिंग में लगे रहते हैं जबकि स्थानीय नंबर के वाहनों की वह अनदेखी करते हैं। इससे सड़क किनारे दोपहिया, चार पहिया वाहन खड़ा कर लोग खरीदारी और अन्य काम निपटाते हैं। महानगर के अधिकांश शापिंग कांप्लेक्स के बाहर पार्किंग एरिया न होने से भी वाहनों को सड़क पर खड़ा करने की मजबूरी होती है।</p>
<p>जिला प्रशासन और नगर निगम प्रशासन ने मल्टी स्टोरी पार्किंग के लिए कई जगह चिह्नित किए लेकिन अभी केवल टाउनहाल पर ही मल्टी स्टोरी पार्किंग बनी है। लेकिन इसके बाद भी वाहन बाहर ही खड़े रहते हैं। जिससे टाउनहाल क्षेत्र में हर दिन जाम लगता है। रविवार को तो इस क्षेत्र में जाने से भी लोग कतराते हैं। महानगर की चरमराई यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने में एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर भी दिखावा साबित हो रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574591/monitoring-from-the-integrated-command-center--yet-arbitrary--haphazard-vehicles-are-causing-traffic-jams</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Mar 2026 14:02:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल नंदी ने पत्र लिखकार एसएसपी से कहा-खत्म करें फर्जी मुकदमा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>पिछले साल फतेहगंज पश्चिमी में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए विवाद में ईओ की ओर से व्यापारी नेता आशीष अग्रवाल के विरुद्ध सरकारी कागजात फाड़ने, धमकी देने सहित कई आरोप लगाते हुए दर्ज कराये केस की जांच में पुष्टि नहीं हुई। तीन अफसरों की जांच में कोई साक्ष्य नहीं मिलने और झूठा केस दर्ज कराने के मामले में आशीष अग्रवाल ने कई मंत्रियों से शिकायत की है।</p>
<p>जांच रिपोर्ट देखने के बाद कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखते हुए कहा है कि आशीष अग्रवाल की शिकायती पत्र का अवलोकन करें।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572563/cabinet-minister-nand-gopal-nandi-wrote-a-letter-to-the-ssp-asking-him-to-end-the-false-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/police1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>पिछले साल फतेहगंज पश्चिमी में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुए विवाद में ईओ की ओर से व्यापारी नेता आशीष अग्रवाल के विरुद्ध सरकारी कागजात फाड़ने, धमकी देने सहित कई आरोप लगाते हुए दर्ज कराये केस की जांच में पुष्टि नहीं हुई। तीन अफसरों की जांच में कोई साक्ष्य नहीं मिलने और झूठा केस दर्ज कराने के मामले में आशीष अग्रवाल ने कई मंत्रियों से शिकायत की है।</p>
<p>जांच रिपोर्ट देखने के बाद कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखते हुए कहा है कि आशीष अग्रवाल की शिकायती पत्र का अवलोकन करें। उसमें तीन अधिकारियों की रिपोर्ट संलग्न है, उसमें आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। त्रिस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर आशीष अग्रवाल के विरुद्ध दर्ज फर्जी मुकदमे को समाप्त करें। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए हैं। </p>
<p>मत्स्य मंत्री डॉ. संजय प्रसाद ने भी इस केस में संसदीय सामाजिक सद्भाव समिति के सभापति को पत्र लिखते हुए झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाले ईओ के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अपने स्तर से निर्देशित करने का अनुरोध किया है। विज्ञान एवं प्रौद्याेगिकी मंत्री अजीत सिंह पाल ने भी प्रमुख सचिव काे चिट्ठी लिखते हुए प्रकरण में कार्रवाई कराने के लिए कहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 10:07:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर में 'स्मार्ट' सिर्फ नाम का! अतिक्रमण ने फुटपाथ-नहर-पार्क छीन लिए, मेट्रो-सीवर काम के बीच जनता परेशान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुरः </strong>कपड़ा और चर्म उद्योग के कारण एक जमाने में पूरब के मैनचेस्टर के नाम से विख्यात उत्तर प्रदेश का औद्योगिक शहर कानपुर राजनीतिज्ञों की बेरुखी और अफसरशाही के उदासीन रवैये के चलते अतिक्रमण,गंदगी और ट्रैफिक जाम की समस्या से सिसक रहा है। अस्सी के दशक तक चिमनियों का शहर कहे जाने वाले कानपुर में समय के साथ बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जेके जूट मिल, स्वदेशी काटन मिल, लाल इमली, म्योर मिल, अथर्टन मिल, एल्गिन मिल और लोहिया मशीन्स जैसी तमाम बड़ी कंपनियां आज खामोश हो चुकी हैं और इनका स्थान छोटे और कुटीर उद्योगों ने ले ली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572257/kanpur-s-%22smart%22-is-just-a-name--encroachment-has-taken-away-footpaths--canals--and-parks--leaving-the-public-distressed-amid-metro-and-sewer-work"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(50)2.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुरः </strong>कपड़ा और चर्म उद्योग के कारण एक जमाने में पूरब के मैनचेस्टर के नाम से विख्यात उत्तर प्रदेश का औद्योगिक शहर कानपुर राजनीतिज्ञों की बेरुखी और अफसरशाही के उदासीन रवैये के चलते अतिक्रमण,गंदगी और ट्रैफिक जाम की समस्या से सिसक रहा है। अस्सी के दशक तक चिमनियों का शहर कहे जाने वाले कानपुर में समय के साथ बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जेके जूट मिल, स्वदेशी काटन मिल, लाल इमली, म्योर मिल, अथर्टन मिल, एल्गिन मिल और लोहिया मशीन्स जैसी तमाम बड़ी कंपनियां आज खामोश हो चुकी हैं और इनका स्थान छोटे और कुटीर उद्योगों ने ले ली है जिसके चलते आज भी घनी आबादी वाला यह नगर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">कानपुर में इन दिनों जलजीवन मिशन के तहत गहरी सीवर लाइन और यातायात की समस्या से निपटने के लिये मेट्रो रेल का कार्य चरम पर है जिससे आने वाले समय में कानपुर की तस्वीर पूरी तरह बदलने के पूरे आसार हैं मगर इन विकास कार्यो को पूरा करने के दौरान होने वाली जन समस्यायों का स्पष्ट अभाव देखा जा रहा है। शहर विशेषकर दक्षिण क्षेत्र में गड्ढों से भरी सड़कें, फुटपाथ पर पसरे अतिक्रमण, नहरों में तथा इसके किनारों पर जमा कूड़े के ढेर इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। सीटीआई नहर में सालों से जमी गाद और गंदगी अवैध रुप से बसे संजय नगर के अलावा पॉश इलाके रतनलाल नगर के वाशिंदों के लिये बीमारी का सबब बनी हुयी थी। </p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान क्षेत्रीय भाजपा विधायक ने कई बार विशेषकर छठ पूजा के समय लोगों को विश्वास दिलाया कि नहर को शहर का सबसे खूबसूरत स्थल बनाया जायेगा मगर नतीजा सिफर रहा। पिछले महीने जेसीबी से नहर की गंदगी हटाकर सड़क किनारे किया गया मगर गंदगी के पहाड़ के ढेर अब भी लोगों का जीना दुश्वार किये हुये हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा कानपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बसायी गयी दबौली, बर्रा और गुजैनी कालोनियों के अधिकतर पार्को पर देवस्थानों के नाम पर बाहुबली कब्जा किये हुये हैं। यहां तक कि शास्त्री चौक के आसपास नाले के ऊपर बने क्षेत्र में छोटे बड़े मंदिर बना लिये गये हैं। इन क्षेत्रों से तमाम बार विधायक,सभासद और उच्च अधिकारी गुजरते हैं मगर किसी की निगाह इन अतिक्रमण पर नहीं पड़ती। बर्रा आठ से विजय नगर डबल पुलिया तक मेट्रो रेल का निर्माण प्रगति पर है मगर इसके दोनो ओर सड़क तक पसरी दुकानों और ठेलों से सड़क सिमट कर सकरी गली बन चुकी है जिससे इस मार्ग पर आये दिन घंटो का जाम लगा रहता है। </p>
<p style="text-align:justify;">क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पार्क आम शहरियों को स्वास्थ्य समस्या से निपटने के अलावा भूजल संग्रहण में भी अहम भूमिका अदा करते हैं मगर पार्को पर पक्का निर्माण प्रशासन की नजर में कब आयेगा, यह किसी को पता नही है। कमोवेश शहर के अन्य इलाकों का हाल भी यही है। यशोदा नगर,कर्रही,जाजमऊ समेत दर्जनों इलाकों में कई स्थानो पर सड़के गड्ढों में गुम हो चुकी है। शहर में पेयजल की समस्या विकट है। </p>
<p style="text-align:justify;">जलकल विभाग द्वारा डाली गयी तमाम लाइने जर्जर हो चुकी हैं जिसके चलते दूषित जल की आपूर्ति की समस्या आम हो चुकी है। दूषित जल की समस्या से निपटने के लिये आधे से अधिक शहर सबमर्सिबल पंप के जरिये भूजल का दोहन कर रहा है और इस बारे में उच्च अधिकारी भी भलीभांति जानते है। इसके बावजूद नगर में पेयजल की समस्या का कोई स्थायी निदान नहीं हो पा रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">दबौली क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यहां उन्हे अपने घर के सामने फुटपाथ की सफाई खुद ही करनी पड़ती है क्योंकि सफाई कर्मचारी के दर्शन हफ्ते 15 दिन में एक बार ही होते हैं। हालांकि सभासद या दबंग नेता के घर के सामने बने फुटपाथ चकाचक रहते हैं। लोगो की यह भी शिकायत है कि नगर निगम के अधिकारी या कर्मचारी शिकायत के बावजूद उनकी नहीं सुनते है और सफाई कर्मचारियों की कमी का हवाला देते हुये टाल देते हैं। लिखित शिकायत के बावजूद अधिकारियों के कानो में जूं नहीं रेंगती है। </p>
<p style="text-align:justify;">इतना जरुर है कि सरकारी दस्तावेजों में कानपुर तेजी से चमकता हुआ शहर है। यहां समय समय पर नगर निगम और अन्य विभाग अभियान चला कर सब कुछ सही करने का दावा करते है मगर आम नागरिक सुविधाओं के बारे में कानपुर में निवास करने वाला आम शहरी ही जानता है कि उसे हर रोज किन दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। </p>
<p style="text-align:justify;">कुल मिला कर कानपुर में बढ़ते अतिक्रमण ने न केवल जीवन के अन्य पहलुओं को प्रभावित किया है, बल्कि यह यातायात के प्रवाह और शहर की समग्र आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर डाल रहा है। सड़कों पर अवैध अतिक्रमण के कारण उत्पन्न होने वाले जाम से न केवल लोगों का समय बर्बाद होता है, बल्कि यह आर्थिक नुकसान का भी कारण बनता है। शहरों के ट्रैफिक सिस्टम के अतिक्रमण के कारण गंभीर आर्थिक परिणाम सामने आते हैं, जो विकास में रुकावट पैदा करते हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 13:03:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP Budget : विधान परिषद में गूंजा अतिक्रमण और जाम का मुद्दा, भाजपा एमएलसी ने सरकार से की कार्रवाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश विधान परिषद में एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने बुधवार को नियम 110 के अंतर्गत शहरों में बढ़ते अतिक्रमण और यातायात जाम की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे लोक महत्व का आविलंबनीय विषय बताते हुए सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की। सभापति ने विषय को गंभीर मानते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देशों के साथ सरकार को भेज दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">सदन में कहा गया कि सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश में तेजी से शहरी विकास हो रहा है और स्वच्छता रैंकिंग में भी कई जनपदों ने स्थान बनाया है। हालांकि बढ़ते शहरीकरण के साथ अतिक्रमण की समस्या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570906/up-budget--the-issue-of-encroachment-and-blockage-resonated-in-the-legislative-council--bjp-mlc-demanded-action-from-the-government"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/cats127.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश विधान परिषद में एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने बुधवार को नियम 110 के अंतर्गत शहरों में बढ़ते अतिक्रमण और यातायात जाम की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे लोक महत्व का आविलंबनीय विषय बताते हुए सरकार से प्रभावी कार्रवाई की मांग की। सभापति ने विषय को गंभीर मानते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देशों के साथ सरकार को भेज दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">सदन में कहा गया कि सरकार की नीतियों के कारण प्रदेश में तेजी से शहरी विकास हो रहा है और स्वच्छता रैंकिंग में भी कई जनपदों ने स्थान बनाया है। हालांकि बढ़ते शहरीकरण के साथ अतिक्रमण की समस्या भी विकराल होती जा रही है, जिससे शहरों में जाम की स्थिति आम हो गई है। इससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">सदस्य ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा शहरों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए मॉडल वेंडिंग जोन बनाने के निर्देश दिए गए हैं और कुछ स्थानों पर काम भी हुआ है, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी है। इसके लिए स्थानीय निकायों की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया गया। गाजियाबाद, मुरादाबाद, वाराणसी, गोरखपुर, कानपुर, बरेली, अलीगढ़ और मेरठ सहित अधिकांश नगर निगमों के प्रमुख चौराहों पर अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। </p>
<p style="text-align:justify;">राजधानी लखनऊ में भी विभूति खंड क्षेत्र को छोड़कर अन्य इलाकों में स्थिति चिंताजनक बताई गई। प्रदेश में नगर निगम अधिनियम के तहत गठित टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की नियमित बैठकें नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए। बताया गया कि लखनऊ नगर निगम में लगभग दस महीनों से टीवीसी की बैठक नहीं हुई है, जबकि नियमों के अनुसार हर माह बैठक होना अनिवार्य है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस समिति में पार्षदों, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों, बड़े प्रतिष्ठानों, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण, विद्युत विभाग, आवास विकास और डूडा के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। सदन में मांग की गई कि टाउन वेंडिंग कमेटियों को सक्रिय कर नियमित बैठकें सुनिश्चित की जाएं, ताकि शहरों को अतिक्रमण से मुक्त कर यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके और नागरिकों को राहत मिल सके।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/570906/up-budget--the-issue-of-encroachment-and-blockage-resonated-in-the-legislative-council--bjp-mlc-demanded-action-from-the-government</link>
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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 15:16:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी : अतिक्रमण पर गरजी जेसीबी, ठोका गया जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> बुधवार को जिले भर में नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों की ओर से अतिक्रमण के विरोध में अभियान चलाया गया। इस दौरान अवैध कब्जे, अतिक्रमण, होर्डिंग हटाने के साथ ही कब्जेदारों पर जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा। नगर पालिका परिषद नवाबगंज क्षेत्र में बुधवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पालिका के कर अधिकारी कमलेश कुमार चौबे की अगुवाई में यह अभियान धनोखर चौराहा से सिटी इंटर कालेज तक चला। इस दौरान छह गुमटियां जब्त की गईं, तीन हार्डिंग्स ध्वस्त कराई गईं। वहीं प्रतिबंधित पालीथिन मिलने पर एक हजार व</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570086/barabanki--jcb-demolishes-encroachments--fines-imposed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/cats47.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> बुधवार को जिले भर में नगर पालिका परिषद व नगर पंचायतों की ओर से अतिक्रमण के विरोध में अभियान चलाया गया। इस दौरान अवैध कब्जे, अतिक्रमण, होर्डिंग हटाने के साथ ही कब्जेदारों पर जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में हड़कंप मचा रहा। नगर पालिका परिषद नवाबगंज क्षेत्र में बुधवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">पालिका के कर अधिकारी कमलेश कुमार चौबे की अगुवाई में यह अभियान धनोखर चौराहा से सिटी इंटर कालेज तक चला। इस दौरान छह गुमटियां जब्त की गईं, तीन हार्डिंग्स ध्वस्त कराई गईं। वहीं प्रतिबंधित पालीथिन मिलने पर एक हजार व अतिक्रमण सामने आने पर दो हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। इसी तरह नगर पंचायत देवा एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को कस्बे के कुर्सी रोड और देवा–फतेहपुर मार्ग पर सघन अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियान के दौरान नगर पंचायत का बुलडोजर गरजता रहा और सड़क किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों से तीन जहार रुपये जुर्माना भी वसूला गया। प्रशासन की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया, वहीं सड़क किनारे आवागमन को सुचारु बनाने में भी राहत मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियान के समय अधिशासी अधिकारी संध्या मिश्रा, इंस्पेक्टर देवा अजय कुमार त्रिपाठी, सफाई नायक सोहन वाल्मीकि सहित नगर पंचायत व पुलिस के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/570086/barabanki--jcb-demolishes-encroachments--fines-imposed</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/570086/barabanki--jcb-demolishes-encroachments--fines-imposed</guid>
                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 20:21:02 +0530</pubDate>
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