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                <title>Emergency - Amrit Vichar</title>
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                <description>Emergency RSS Feed</description>
                
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                <title>21 मार्च : आपातकाल का अंत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> इतिहास में 21 मार्च की तारीख एक बड़ी घटना की गवाह है। दरअसल 1977 में इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में लागू आपातकाल को हटाने का एलान किया था। वर्ष 1975 में 25 जून की आधी रात को आपातकाल की घोषणा कर दी गई थी। तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने इंदिरा गांधी के अनुरोध पर धारा 352 के तहत देश में आपातकाल की घोषणा की थी। इसे आजाद भारत का सबसे विवादास्पद दौर भी माना जाता है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने तो इसे भारतीय इतिहास की सबसे 'काली अवधि' की संज्ञा दी थी। अन्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575908/march-21--emergency-ends"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(21)9.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> इतिहास में 21 मार्च की तारीख एक बड़ी घटना की गवाह है। दरअसल 1977 में इसी दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में लागू आपातकाल को हटाने का एलान किया था। वर्ष 1975 में 25 जून की आधी रात को आपातकाल की घोषणा कर दी गई थी। तत्कालीन राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद ने इंदिरा गांधी के अनुरोध पर धारा 352 के तहत देश में आपातकाल की घोषणा की थी। इसे आजाद भारत का सबसे विवादास्पद दौर भी माना जाता है। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने तो इसे भारतीय इतिहास की सबसे 'काली अवधि' की संज्ञा दी थी। अन्य घटनाओं की बात करें, तो हिंदी सिनेमा के प्रतिष्ठित फिल्मफेयर पुरस्कार की शुरूआत भी 21 मार्च के दिन ही हुई थी। पहले पुरस्कार वितरण समारोह में सिर्फ पांच श्रेणी के पुरस्कार रखे गए थे, जिसमें फिल्म 'दो बीघा जमीन' ने सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार जीता।</p>
<p style="text-align:justify;">देश-दुनिया के इतिहास में 21 मार्च की तारीख पर दर्ज महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1413: </strong>हेनरी पंचम को इंग्लैंड का राजा बनाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1791:</strong> ब्रिटिश सेना ने बेंगलुरू को टीपू सुल्तान से छीन लिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1836: </strong>कोलकाता में पहले सार्वजनिक पुस्तकालय की शुरुआत, अब इसका नाम 'नेशनल लाइब्रेरी' है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1857:</strong> जापान की राजधानी तोक्यो में आए विनाशकारी भूकंप में लगभग एक लाख सात हजार लोगों की मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1858: </strong>लखनऊ में अंग्रेजों के खिलाफ बगावत की मशाल जलाने वाले सिपाहियों ने आत्मसमर्पण किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1916 :</strong> शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खां का जन्म।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1954 : </strong>पहले फिल्मफेयर पुरस्कार समारोह का आयोजन।<strong> </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1977 :</strong> जून 1975 में देश में लगाए गए आपातकाल को समाप्त किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1978: अ</strong>भिनेत्री रानी मुखर्जी का जन्‍म।<strong> </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2006 :</strong> ट्विटर (अब एक्स) के सह संस्थापक जैक डोर्सी ने पहला सार्वजनिक ट्वीट भेजा, जिसमें उन्होंने लिखा, ''जस्ट सेटिंग अप माई ट्विटर।''</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2020 : </strong>कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 283 पर पहुंची।<strong> </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2023: </strong>जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा कीव पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2024: </strong>निर्वाचन आयोग ने चुनावी बॉण्ड के नये आंकड़े सार्वजनिक किए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 21 Mar 2026 09:45:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में मरीज से बदसलूकी, गलत इंजेक्शन लगाने का विरोध करने पर बहनों को पीटा, FIR दर्ज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने का विरोध करने पर दो बहनों के साथ मारपीट की गई। बहनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ और सिक्योरिटी गार्डों ने उनसे छेड़छाड़ भी की। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>पीड़िता के अनुसार, वह अपनी छोटी बहन को इलाज के लिए शाम करीब सात बजे इमरजेंसी विभाग लेकर पहुंची थी। वहां मौजूद नर्स नस में इंजेक्शन लगाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन कई बार प्रयास करने के बावजूद इंजेक्शन सही से नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574320/patient-mistreated-in-lohia-institute-s-emergency-room--sisters-beaten-for-protesting-wrong-injection--fir-registered"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(48).png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने का विरोध करने पर दो बहनों के साथ मारपीट की गई। बहनों का आरोप है कि अस्पताल के स्टाफ और सिक्योरिटी गार्डों ने उनसे छेड़छाड़ भी की। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>पीड़िता के अनुसार, वह अपनी छोटी बहन को इलाज के लिए शाम करीब सात बजे इमरजेंसी विभाग लेकर पहुंची थी। वहां मौजूद नर्स नस में इंजेक्शन लगाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन कई बार प्रयास करने के बावजूद इंजेक्शन सही से नहीं लग पाया। इस दौरान मरीज के हाथ में कई जगह सुई लगने से खून भी निकल आया। जब बड़ी बहन ने इस पर आपत्ति जताई, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान नर्स ने गुस्से में मरीज को जोर से इंजेक्शन लगा दिया। जिससे उसे तेज दर्द हुआ और वह चिल्लाने लगी। पीड़िता के मुताबिक जब उसने इस पूरे मामले की शिकायत करने की बात कही, तो वहां मौजूद महिला कर्मचारी ने उसे थप्पड़ मार दिया। मामला बढ़ा तो कंपाउंडर और सिक्योरिटी गार्ड मौके पर पहुंच गए और दोनों बहनों के साथ मारपीट करने लगे। थोड़ी ही देर में अन्य कर्मचारी और गार्ड भी वहां आ गए। जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की तो उनका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया गया।</p>
<h3><strong>छेड़छाड़ और कपड़े फाड़ने का आरोप</strong></h3>
<p>आरोप है कि मारपीट के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। विरोध करने पर उन्हें झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी भी दी गई। दोनों बहनें पास की पुलिस चौकी पहुंचीं, लेकिन वहां सहयोग नहीं मिला। इसके बाद युवती ने अपने परिचित वकीलों को बुला लिया। जिसके कारण माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस व वकीलों के बीच काफी देर तक बहस होती रही। मौके पर मौजूद एक सिक्योरिटी गार्ड को पहचानने पर नाराज वकीलों ने उसकी पिटाई कर दी। विभूति खंड इंस्पेक्टर अमर सिंह के मुताबिक तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।</p>
<p>मरीज की महिला तीमारदार ने सबसे पहले ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स के साथ दुर्व्यवहार करते हुए हाथापाई की, जिससे यह स्थिति उत्पन्न हुई। इसके बाद मरीज के तीमारदारों ने अन्य लोगों को भी बुला लिया और अस्पताल परिसर में हंगामा किया, जिसके दौरान ड्यूटी पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड के साथ भी हाथापाई की गई।</p>
<p>इस घटना के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है। संस्थान द्वारा पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच भी कराई जा रही है। नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p><strong>-डॉ. भुवन चंद्र तिवारी, प्रवक्ता लोहिया संस्थान</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 10:53:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हरदोई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लापरवाही, घंटों बेड पर पड़ा रहा किशोरी का शव</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>हरदोई। </strong>उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां 15 वर्षीय एक अज्ञात किशोरी की मौत के बाद उसका शव करीब पांच से छह घंटे तक इमरजेंसी वार्ड के बेड पर पड़ा रहा, जबकि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। पड़ोसी मरीजों और तीमारदारों ने जब शव में अकड़न देखी, तब इमरजेंसी स्टाफ को इसकी सूचना दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब पांच बजे एक अज्ञात किशोरी को हरदोई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572004/negligence-in-the-emergency-room-of-hardoi-medical-college--the-body-of-a-teenager-lay-on-the-bed-for-hours"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/बजुर्ग-का-शव.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हरदोई। </strong>उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में स्थित मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां 15 वर्षीय एक अज्ञात किशोरी की मौत के बाद उसका शव करीब पांच से छह घंटे तक इमरजेंसी वार्ड के बेड पर पड़ा रहा, जबकि ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। पड़ोसी मरीजों और तीमारदारों ने जब शव में अकड़न देखी, तब इमरजेंसी स्टाफ को इसकी सूचना दी गई।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब पांच बजे एक अज्ञात किशोरी को हरदोई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। बताया गया कि सीतापुर जनपद निवासी रामगोपाल उसे हरपालपुर से लौटते समय बस स्टैंड के पास बेसुध हालत में पड़े देखकर मानवता के नाते अस्पताल लेकर पहुंचे थे। प्राथमिक उपचार के बाद किशोरी को बेड पर लिटाया गया, लेकिन कथित तौर पर इसके बाद उसकी नियमित निगरानी नहीं की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार रात करीब 12 बजे उसकी मृत्यु हो गई, लेकिन मंगलवार सुबह करीब छह बजे तक शव उसी बेड पर पड़ा रहा। मंगलवार सुबह पास के बेड पर भर्ती मरीज के तीमारदारों ने जब किशोरी को हिलाया-डुलाया तो उसके हाथ-पैर अकड़े हुए पाए गए। इसके बाद इमरजेंसी स्टाफ को सूचना दी गई, तब जाकर शव को हटाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">चिकित्सकों के अनुसार सामान्यतः मृत्यु के करीब छह घंटे बाद शरीर में अकड़न शुरू होती है। मामले को लेकर मेडिकल कॉलेज के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चंद्र कुमार ने स्वीकार किया कि किशोरी की मृत्यु के बाद शव 4-5 घंटे तक बेड पर पड़ा रहा। उन्होंने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि किशोरी अत्यधिक कमजोर थी, संभव है कि इसी कारण अकड़न अपेक्षाकृत जल्दी आ गई हो। गौरतलब है कि हरदोई, प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक का गृह जिला है। ऐसे में इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासनिक स्तर पर मामले को लेकर दबाव भी बढ़ गया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>हरदोई</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 21:14:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सायरन बजते ही हड़कंप! सीएम योगी के सामने मॉक ड्रिल... हवाई हमले से लेकर आग बुझाने तक का LIVE, भाषा विश्वविद्यालय में छात्राओं ने दिखाई ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार: </strong>सबकुछ सामान्य दिख रहा था लोग अपनी जीवनचर्या में लगे हुए थे। जनजीवन बिल्कुल सामान्य तरीके से चल रहा था कि अचानक कंट्रोल रूम से रेड अलर्ट की सूचना आती है। सायरन बजाया जाता है और ब्लैकआउट की स्थिति हो जाती है। फाइटर जेट द्वारा बमबारी एवं विस्फोट की तेज आवाज़ों के साथ आपातकालीन परिस्थिति दिखाई जाती है। सायरन बजते ही नागरिक तय सुरक्षा मानक अपनाते हुए बंकर की ओर भागते हैं। पुलिस लाइन लखनऊ में नागरिक सुरक्षा संगठन द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल में कुछ इस तरह का अभ्यास देखने को मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(80)5.png" alt="MUSKAN DIXIT (80)" width="1200" height="720" /></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">इस दौरान पेट्रोल, लकड़ी एवं</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568897/panic-as-the-siren-blares--blackout-mock-drill-in-front-of-cm-yogi----live-exercise-simulating-everything-from-air-raids-to-firefighting----ncc-cadets-showcase-their-skills-at-the-language-university"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(77)5.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार: </strong>सबकुछ सामान्य दिख रहा था लोग अपनी जीवनचर्या में लगे हुए थे। जनजीवन बिल्कुल सामान्य तरीके से चल रहा था कि अचानक कंट्रोल रूम से रेड अलर्ट की सूचना आती है। सायरन बजाया जाता है और ब्लैकआउट की स्थिति हो जाती है। फाइटर जेट द्वारा बमबारी एवं विस्फोट की तेज आवाज़ों के साथ आपातकालीन परिस्थिति दिखाई जाती है। सायरन बजते ही नागरिक तय सुरक्षा मानक अपनाते हुए बंकर की ओर भागते हैं। पुलिस लाइन लखनऊ में नागरिक सुरक्षा संगठन द्वारा आयोजित मॉक ड्रिल में कुछ इस तरह का अभ्यास देखने को मिला।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(80)5.png" alt="MUSKAN DIXIT (80)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">इस दौरान पेट्रोल, लकड़ी एवं गैस सिलेंडर से उत्पन्न आग की घटनाओं से बचाव के उपाय भी प्रदर्शित किए गए। रेस्टोरेंट में गैस सिलेंडर में आग, चलती कार में विस्फोट तथा मैदान में घायल नागरिकों की स्थिति और उन्हें बचाने का सिलसिला क्रमवार दर्शाया जाता रहा। लगभग दो मिनट बाद ऑल क्लियर सायरन बजाया गया। आईसीओ द्वारा कंट्रोल रूम को हताहतों की संख्या एवं स्थिति की जानकारी दी गई तथा एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड एवं एम्बुलेंस को तत्काल सूचना दी गई। स्वयंसेवकों द्वारा घायलों की सहायता एवं सुरक्षित नागरिकों को स्थानांतरित करने का कार्य किया गया। कुछ मिनटों बाद अव्यवस्था पर ब्रेक लगा। पुलिस लाइन में कुछ इस तरह मॉक ड्रिल के दृश्यों से प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गणमान्य लोग रूबरू हुए। मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने उनका स्वागत किया। दृश्यों की सजीवता देख लोगों ने तालियां बजाईं।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(79)5.png" alt="MUSKAN DIXIT (79)" width="1280" height="720"></img></span></p>
<p style="text-align:justify;">पेट्रोल की आग को कंबल से, लकड़ी की आग को फायर एक्सटिंग्विशर से तथा सिलेंडर में लगी आग को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालकर उसे बुझाया गया। कार दुर्घटना में बेहोश व्यक्ति को शीशा तोड़कर बाहर निकालकर सीपीआर देकर जीवन रक्षा का अभ्यास कराया गया। इसके अतिरिक्त, बहुमंजिला भवन में आग लगने की स्थिति में पहली मंज़िल पर फंसे बच्चे को जाल से सुरक्षित नीचे उतारा गया। फायर सूट पहनकर आग में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। विभागों की आपातकालीन गाड़ियों द्वारा त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किया गया। चीफ वार्डेन अमरनाथ मिश्र ने विशेष प्रदर्शन कर आग से पैराशूट पहनकर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने का प्रदर्शन किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">मॉकड्रिल के समय डीजी सिविल डिफेंस डीके ठाकुर, जिलाधिकारी/नियंत्रक सिविल डिफेंस विशाख जी, लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट सीपी अमरेंद्र कुमार सेंगर और सिविल चीफ डिफेंस अमरनाथ मिश्र समेत समस्त वार्डेनों की उपस्थिति रही। मॉक ड्रिल के दौरान वार्डनों द्वारा विभिन्न प्रकार की आग को बुझाने की विधियों का प्रदर्शन किया गया।</span></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(78)5.png" alt="MUSKAN DIXIT (78)" width="1280" height="720"></img></span></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>हवाई हमले का सायरन बजते ही सक्रिय हुई एनसीसी छात्राएं</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में एनसीसी 20 गर्ल्स बटालियन ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया। प्रथम चरण में हवाई हमले (एयर स्ट्राइक) की आपात स्थिति का सजीव प्रदर्शन किया गया। इसके बाद युवा आपदा मित्रों ने घायलों की मदद, प्राथमिक उपचार और सुरक्षित निकासी का अभ्यास कराया।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">द्वितीय चरण में आग लगने (फायर आउटब्रेक) की स्थिति दिखाई गई, जिसमें गैस सिलेंडर से लगी आग पर काबू पाने के उपाय प्रदर्शित किए गए। कैडेट्स ने गीले कंबल, बाल्टी और अन्य उपकरणों का प्रयोग कर आग बुझाने का अभ्यास किया।</span></p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आपदा प्रबंधन, अनुशासन, नेतृत्व और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना था। कुलपति ने कहा कि यह प्रशिक्षण युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">कार्यक्रम में कुल 50 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया। एएनओ डॉ. लेफ्टिनेंट बुशरा अलवेरा ने मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण किया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. महेश कुमार, डॉ. मनीष, डॉ. नलिनी और डॉ. रामदास समेत शिक्षक और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे। इस मॉकड्रिल में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी और वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव छात्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568897/panic-as-the-siren-blares--blackout-mock-drill-in-front-of-cm-yogi----live-exercise-simulating-everything-from-air-raids-to-firefighting----ncc-cadets-showcase-their-skills-at-the-language-university</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/568897/panic-as-the-siren-blares--blackout-mock-drill-in-front-of-cm-yogi----live-exercise-simulating-everything-from-air-raids-to-firefighting----ncc-cadets-showcase-their-skills-at-the-language-university</guid>
                <pubDate>Sat, 24 Jan 2026 10:47:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पक्षी से टकराया विमान,  वाराणसी में कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग, टला बड़ा हादसा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर रविवार शाम गोरखपुर से बेंगलुरु जा रहे इंडिगो के एक विमान को पक्षी से टकराने के बाद आपात स्थिति में उतार लिया गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि विमान में सवार सभी 216 यात्री सुरक्षित हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि एक पक्षी से टकराने पर विमान का आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने तत्काल वाराणसी हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया और विमान को सुरक्षित वाराणसी हवाईअड्डे पर उतार लिया गया। हवाईअड्डा के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567452/plane-collides-with-a-bird--makes-emergency-landing-in-varanasi--major-accident-averted"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(28)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर रविवार शाम गोरखपुर से बेंगलुरु जा रहे इंडिगो के एक विमान को पक्षी से टकराने के बाद आपात स्थिति में उतार लिया गया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि विमान में सवार सभी 216 यात्री सुरक्षित हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि एक पक्षी से टकराने पर विमान का आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने तत्काल वाराणसी हवाई यातायात नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया और विमान को सुरक्षित वाराणसी हवाईअड्डे पर उतार लिया गया। हवाईअड्डा के निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों को सोमवार को अलग-अलग विमानों से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/567450/up-police-receives-the-prestigious-scotch-award-2025--another-major-achievement-for-the-yogi-government"><span class="t-red">UP Police को मिला प्रतिष्ठित SCOTCH Award 2025, </span>योगी सरकार के नाम दर्ज हुई एक और बड़ी उपलब्धि</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 12 Jan 2026 18:08:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इटावा के सरकारी अस्पताल में बड़ी लापरवाही,  एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन मिलने से हड़कंप, CMS ने दिए जांच के आदेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>इटावा।</strong> उत्तर प्रदेश के इटावा मुख्यालय स्थित डॉ.भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय की इमरजेंसी में जीवन रक्षक एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन का मामला सामने आने से हडकंप मच गया है। एक्सपायरी डेट डंजेक्शन का मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) ने स्वास्थ्य महकमे की कार्यशैली पर सवाल उठाया है तो वही सीएमएस और प्रभारी मंत्री ने गंभीर मामला मानते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। </p>
<p style="text-align:justify;">जीवन रक्षक दवाओ में शामिल इस एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन के किसी मरीज के लगने से पहले ही उसे पकड़ लिया गया। दरअसल, शहर के पक्का बाग की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567119/major-negligence-at-etawah-government-hospital--panic-ensues-after-expired-injections-are-found--cms-orders-inquiry"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(21)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इटावा।</strong> उत्तर प्रदेश के इटावा मुख्यालय स्थित डॉ.भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय की इमरजेंसी में जीवन रक्षक एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन का मामला सामने आने से हडकंप मच गया है। एक्सपायरी डेट डंजेक्शन का मामला सामने आने के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) ने स्वास्थ्य महकमे की कार्यशैली पर सवाल उठाया है तो वही सीएमएस और प्रभारी मंत्री ने गंभीर मामला मानते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। </p>
<p style="text-align:justify;">जीवन रक्षक दवाओ में शामिल इस एक्सपायरी डेट के इंजेक्शन के किसी मरीज के लगने से पहले ही उसे पकड़ लिया गया। दरअसल, शहर के पक्का बाग की रहने वाली एक वद्ध महिला सुभद्रा को सांस की दिक्कत होने पर परिवार के लोग इलाज के लिए यहां लेकर आये थे। </p>
<p style="text-align:justify;">इमरजेंसी में ड्यूटी पर तैनात डा. ओमकांत एवं फार्मासिस्ट शरद तिवारी ने तुरंत मरीज को देखा और सांस की दिक्कत होने पर धडकन कम होने पर तुरंत फार्मासिस्ट एवं वार्ड व्बाय को एटोपेन इंजेक्शन मरीज को लगाने की बात कही। वार्ड ब्वाय ने इमरजेंसी में रखी मेडिसन ट्राली से जब इंजेक्शन निकाला और उसकी जांच की तो इंजेक्शन 12 दिसंबर 2025 को एक्सपायर हो चुका था। </p>
<p style="text-align:justify;">वार्ड ब्वाय ने डाक्टर व फार्मासिस्ट को इंजेक्शन के एक्सपायर होने के संबंध में बताया तो स्टाफ में हड़कंप मच गया । इंजेक्शन में एक नहीं बल्कि बडी संख्या में एटोपिन और एडीलिन नाम के इंजेक्शन एक्सपायर हालत में रखे हुए थे। इंजेक्शन में मौजूद मीडिया के कुछ लोगो ने एक्सपायर इंजेक्शन और स्टाफ द्वारा बरती जा रही लापरवाही को अपने कैमरे में कैद कर लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">जिससे स्वास्थ्य कर्मियों में हडकंप मच गया और स्थिति संभालने के लिए स्टाफ एक्सपायर इंजेक्शन हटाने में जुट गया । ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर और कर्मचारियों ने इमरजेंसी जैसे स्थान पर एक्सपायरी इंजेक्शन रखे होने के संबंध में कोर्ड स्पष्ट जवाब नहीं दिया और इस लापरवाही को मामूली बताकर टालते हुए नजर आए।</p>
<p style="text-align:justify;">कहीं इमरजेंसी स्टाफ की यह लापरवाही किसी दिन मरीजों पर भारी न पड़ जाये। डॉ भीमराव अंबेडकर राजकीय संयक्त चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. परितोष शूक्ला ने एक्सपायरी डेट के जीवन रक्षक इंजेक्शन के मामले को लेकर जांच के आदेश दिए हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/567091/changes-regarding-magh-mela--special-mela-trains-will-not-run-on-several-dates-in-january-february--see-schedule"><span class="t-red">माघ मेला को लेकर बदलाव,</span> जनवरी-फरवरी की कई तारीखों पर नहीं चलेंगी मेला स्पेशल विशेष ट्रेनें, देखें शेड्यूल</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>इटावा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567119/major-negligence-at-etawah-government-hospital--panic-ensues-after-expired-injections-are-found--cms-orders-inquiry</link>
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                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 18:03:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तुर्कमान गेट पर फिर गरजे बुलडोजर: ताजा हुईं 1976 की इमरजेंसी की यादें, पलक झपकते ही हजारों लोग हो गए थे बेघर </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>देश में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की समस्या आज की नहीं बल्की का काफी पुरानी है, लेकिन राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक तुर्कमान गेट एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। यहां फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास कथित अवैध निर्माणों को हटाने के लिए 7 जनवरी 2026 को तड़के एमसीडी की टीम ने बुलडोजर चलाया, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों के विरोध और पथराव के चलते पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, जबकि पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(98).png" alt="MUSKAN DIXIT (98)" width="1200" height="720" /></p>
<p>यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के नवंबर 2025 के आदेश पर आधारित थी,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566714/bulldozers-roared-again-at-turkman-gate--memories-of-the-1976-emergency-were-fresh--riots-broke-out-due-to-the-removal-of-encroachment-near-the-mosque--and-police-were-pelted-with-stones"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(91).png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>देश में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की समस्या आज की नहीं बल्की का काफी पुरानी है, लेकिन राजधानी दिल्ली का ऐतिहासिक तुर्कमान गेट एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। यहां फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास कथित अवैध निर्माणों को हटाने के लिए 7 जनवरी 2026 को तड़के एमसीडी की टीम ने बुलडोजर चलाया, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों के विरोध और पथराव के चलते पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े, जबकि पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(98).png" alt="MUSKAN DIXIT (98)" width="1280" height="720"></img></p>
<p>यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के नवंबर 2025 के आदेश पर आधारित थी, जिसमें रामलीला मैदान के पास करीब 38,940 वर्ग फुट अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। एमसीडी ने दिसंबर 2025 में नोटिस जारी कर स्पष्ट किया था कि मस्जिद के मूल 0.195 एकड़ हिस्से को छोड़कर बाकी ढांचे अवैध हैं, क्योंकि कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किए गए। कार्रवाई में बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर और दुकानों को ध्वस्त किया गया। मस्जिद की जमीन पूरी तरह से खुद सुरक्षित है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(99).png" alt="MUSKAN DIXIT (99)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3><strong>तुर्कमान गेट का ऐतिहासिक महत्व</strong></h3>
<p>तुर्कमान गेट मुगल काल की शाहजहानाबाद (पुरानी दिल्ली) की प्राचीन दीवार का एक प्रमुख प्रवेश द्वार है, जिसका निर्माण 17वीं शताब्दी में शाहजहां के समय हुआ था। इसका नाम सूफी संत शाह तुर्कमान बयाबानी के नाम पर पड़ा, जिनकी दरगाह पास ही है। यहां हर साल उर्स मनाया जाता है। यह आयताकार ढांचा तीन मेहराबों और दो मंजिला बुर्जों वाला मुगल वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(100).png" alt="MUSKAN DIXIT (100)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3><strong>1976 की दर्दनाक यादें</strong></h3>
<p>लगभग 50 साल पहले, 1976 में इमरजेंसी के दौरान तुर्कमान गेट पहली बार बड़े विवाद में आया था। संजय गांधी के निर्देश पर झुग्गी हटाओ और नसबंदी अभियान के तहत यहां बुलडोजर चलाए गए। 13 अप्रैल से शुरू हुई कार्रवाई 19 अप्रैल को हिंसक हो गई, जब पुलिस फायरिंग में कई लोग मारे गए। शाह कमीशन के अनुसार आधिकारिक मौतें छह थीं, लेकिन स्वतंत्र रिपोर्ट्स में संख्या ज्यादा बताई जाती है। यह दिल्ली के इतिहास का काला अध्याय बना।</p>
<p>आज की घटना से उन पुरानी यादें ताजा हो गईं। मस्जिद प्रबंधन समिति ने एमसीडी के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जहां कोर्ट ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। इलाके में भारी सुरक्षा बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। यह मामला एक बार फिर अतिक्रमण, इतिहास और सामुदायिक संवेदनशीलता के मुद्दे को उजागर कर रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Special</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566714/bulldozers-roared-again-at-turkman-gate--memories-of-the-1976-emergency-were-fresh--riots-broke-out-due-to-the-removal-of-encroachment-near-the-mosque--and-police-were-pelted-with-stones</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/566714/bulldozers-roared-again-at-turkman-gate--memories-of-the-1976-emergency-were-fresh--riots-broke-out-due-to-the-removal-of-encroachment-near-the-mosque--and-police-were-pelted-with-stones</guid>
                <pubDate>Wed, 07 Jan 2026 16:57:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संपादकीय:सांसों पर संकट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली में सांस-सांस संकटाकीर्ण है। यह प्रदूषण का आपातकाल है। वायु गुणवत्ता सूचकांक के खतरनाक स्तर पर पहुंचने और एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम द्वारा अगले छह दिनों तक इसे ‘बहुत खराब’ श्रेणी का बने रहने का पूर्वानुमान लगाए जाने के बाद ऐसा लगता है कि कभी चीन के शहरों में लगने वाले एयर पॉल्यूशन इमरजेंसी को लागू करने का समय आ गया है।</p>
<p>जब सीएक्यूएम द्वारा पहले ग्रैप-3 और फिर ग्रैप-4 लागू करने, 50 फीसद कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम, बीएस-4 बड़े व्यावसायिक वाहनों पर रोक, निर्माण गतिविधियां बंद, स्कूल हाइब्रिड मोड, कचरा या ईंधन जलाने पर प्रतिबंध, डीज़ल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563876/editorial--a-crisis-for-breathing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/sampadkiy13.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली में सांस-सांस संकटाकीर्ण है। यह प्रदूषण का आपातकाल है। वायु गुणवत्ता सूचकांक के खतरनाक स्तर पर पहुंचने और एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम द्वारा अगले छह दिनों तक इसे ‘बहुत खराब’ श्रेणी का बने रहने का पूर्वानुमान लगाए जाने के बाद ऐसा लगता है कि कभी चीन के शहरों में लगने वाले एयर पॉल्यूशन इमरजेंसी को लागू करने का समय आ गया है।</p>
<p>जब सीएक्यूएम द्वारा पहले ग्रैप-3 और फिर ग्रैप-4 लागू करने, 50 फीसद कर्मचारियों का वर्क फ्रॉम होम, बीएस-4 बड़े व्यावसायिक वाहनों पर रोक, निर्माण गतिविधियां बंद, स्कूल हाइब्रिड मोड, कचरा या ईंधन जलाने पर प्रतिबंध, डीज़ल जनरेटर, आरएमसी प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठे और खनन पर रोक लगाने के बावजूद हालात नहीं सुधरे तो यह मानना होगा कि मौजूदा उपाय आवश्यक तो हैं, पर अपर्याप्त हैं। </p>
<p>जब एक्यूआई खतरनाक सीमा पार हुआ तो चीन के बीजिंग, शंघाई जैसे शहरों ने ग्रेडेड नहीं, बल्कि पूर्ण आपातकाल अपनाया। निजी वाहनों पर व्यापक प्रतिबंध, उद्योगों का अस्थायी शटडाउन, स्कूलों की पूर्ण ऑनलाइन शिफ्ट, सार्वजनिक परिवहन को निःशुल्क बनाया, सख्त प्रवर्तन लागू किया। लंदन ने लो-एमिशन ज़ोन, पेरिस ने कार-फ्री डे और सियोल ने रियल-टाइम चेतावनी के साथ कड़े ट्रैफिक नियंत्रण लागू किए। दिल्ली-एनसीआर को भी ऐसे निर्णायक, अल्पकालिक कठोर कदम उठाने होंगे। समस्या केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी हवा बिगड़ चुकी है। </p>
<p>यहां क्षेत्रीय दृष्टिकोण जरूरी है- राज्यों के बीच साझा कार्ययोजना, पराली प्रबंधन में वित्तीय प्रोत्साहन, ईंट भट्ठों का तेजी से स्वच्छ तकनीक में रूपांतरण, शहरी धूल नियंत्रण और ट्रक-बसों के उत्सर्जन की सख्त जांच बहुत जरूरी है। यूपी सरकार ने इस बाबत सख्ती बरते जाने की घोषणा की है। पर निरीक्षण, चालान और प्रतिबंध का असर तभी होगा, जब स्थायी प्रवर्तन और पारदर्शी डेटा साझा किया जाए। एयर मॉनिटरिंग की कमी भी एक बड़ी बाधा है। राजधानी में 40 स्टेशन हैं, जबकि अधिकांश शहर सिंगल डिजिट में। लो-कॉस्ट सेंसर, मोबाइल मॉनिटरिंग व निजी-शैक्षणिक साझेदारी से नेटवर्क तेजी से बढ़ाया जा सकता है। डेटा जितना व्यापक होगा, नीति उतनी सटीक बनेगी।</p>
<p>प्रदूषण का असर केवल नागरिकों तक सीमित नहीं- जानवर, पक्षी और शहरी जैव-विविधता भी इससे प्रभावित हैं। आश्रय, पानी के स्रोत और पशु-चिकित्सा तैयारियों पर सरकारों को समानांतर ध्यान देना चाहिए। स्वास्थ्य के मोर्चे पर, जब सर्वेक्षण बताते हैं कि दिल्ली की 80 प्रतिशत आबादी किसी न किसी प्रदूषण संबंधी बीमारी से जूझ रही है, तो स्वास्थ्य क्षति के मुआवजे, बीमा प्रीमियम में राहत और प्रदूषण-जनित रोगों के लिए विशेष फंड पर विचार अनिवार्य है। प्रदूषण निवारण केवल सरकारों का काम नहीं। जनता की भागीदारी- कारपूलिंग, कचरा न जलाना, स्वच्छ ईंधन, शिकायत ऐप्स का उपयोग- निर्णायक भूमिका निभा सकती है। आज अदालती सुनवाई के बाद प्रशासन निर्णायक कार्रवाई के लिए कितना बाध्य होगा, देखना होगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 15:51:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मेडिकल कॉलेजों में ICU से लेकर जांच तक की सुविधाएं होंगी मजबूत, उप मुख्यमंत्री ने प्रदान की कॉलेजों के लिए वित्तीय स्वीकृत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>प्रदेश के मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने के लिए विभिन्न कार्यों हेतु वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की हैं। इससे आईसीयू, इमरजेंसी, जांच और सर्जरी से जुड़ी सुविधाएं और सुदृढ़ होंगी।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बताया कि कुशीनगर के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में 50 आईसीयू बेड खरीदे जाएंगे। इसके लिए 67.29 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही कॉलेज में पठन-पाठन के लिए 720 लेक्चरर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563815/medical-colleges-will-have-enhanced-facilities-ranging-from-icu-to-diagnostics--deputy-chief-minister-has-approved-financial-support-for-the-colleges"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(21)11.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>प्रदेश के मरीजों को बेहतर और आधुनिक इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने के लिए विभिन्न कार्यों हेतु वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की हैं। इससे आईसीयू, इमरजेंसी, जांच और सर्जरी से जुड़ी सुविधाएं और सुदृढ़ होंगी।</p>
<p>उप मुख्यमंत्री ने मंगलवार को बताया कि कुशीनगर के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में 50 आईसीयू बेड खरीदे जाएंगे। इसके लिए 67.29 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही कॉलेज में पठन-पाठन के लिए 720 लेक्चरर टेबल एवं फर्नीचर के लिए 98.92 लाख रुपये तथा फोल्डर बेड के लिए 34.50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।</p>
<p>साथ ही उन्होंने बताया कि अयोध्या के राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर के लिए 50 लाख रुपये के उपकरण क्रय किए जाएंगे। वहीं मिर्जापुर के मां विंध्यवासिनी मेडिकल कॉलेज में 55.10 लाख रुपये की लागत से दो पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीनें स्थापित की जाएंगी। बाराबंकी जिला चिकित्सालय में भी 8.68 लाख रुपये की अल्ट्रासाउंड मशीन लगाई जाएगी।</p>
<h3><em><strong>फेको मशीन से होंगे आंखों की सर्जरी</strong></em></h3>
<p>ब्रजेश पाठक ने बताया कि मोतियाबिंद के मरीजों के लिए आधुनिक फेको मशीनों की सुविधा भी बढ़ाई जा रही है। अमेठी के गौरीगंज जिला अस्पताल में फेको मशीन एवं हड्डी रोग विभाग के उपकरणों के लिए 31.15 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। चित्रकूट जिला संयुक्त चिकित्सालय में भी 19.90 लाख रुपये की लागत से फेको मशीन खरीदी जाएगी।</p>
<p>उन्होंने बताया कि वाराणसी के पंडित दीन दयाल उपाध्याय चिकित्सालय और एसएसपीजी अस्पताल में एक्स-रे, लैप्रोस्कोप सहित आधुनिक उपकरण खरीदे जाएंगे, जिससे बिना बड़े चीरे के सर्जरी संभव हो सकेगी। इसके अलावा संभल, जौनपुर और सीतापुर के अस्पतालों को भी उपकरणों के लिए वित्तीय सहायता दी गई है। साथ ही उरई-जालौन के जिला महिला चिकित्सालय की सभी इकाइयों को अपग्रेड करने के लिए 88.80 लाख रुपये जारी किए गए हैं। अयोध्या जिला अस्पताल में बिजली आपूर्ति सुदृढ़ करने के लिए 250 केवीए का जनरेटर लगाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>स्वास्थ्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 10:28:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> बाराबंकी में एक दशक बाद खुला जिला अस्पताल का मुख्य गेट...गार्ड की तैनाती, ये रहेगा खुलने का समय </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>जिला अस्पताल पुरुष का दस साल से बंद पड़ा मुख्य द्वार आपात स्थिति में मरीजों व एंबुलेंस के लिए खोल दिया गया है। बस बाध्यता यह कि दिन भर बंद रहने के बाद गेट रात दस बजे से सुबह छह बजे तक ही खुलेगा। इसके लिए जल्द ही गार्ड की तैनाती की जा रही है। बुधवार को सीएमएस की मौजूदगी में यह द्वार खोलने की कवायद पूरी की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">शहर के मुख्य मार्ग से गुजरते समय पड़ने वाला यह गेट लगभग दस वर्षों से बंद चला आ रहा था। लंबे संघर्ष के बाद उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560462/the-main-gate-of-the-district-hospital-in-barabanki-has-opened-after-a-decade----guards-have-been-deployed--opening-hours-will-be-as-follows"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/perfect-family-(2).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>जिला अस्पताल पुरुष का दस साल से बंद पड़ा मुख्य द्वार आपात स्थिति में मरीजों व एंबुलेंस के लिए खोल दिया गया है। बस बाध्यता यह कि दिन भर बंद रहने के बाद गेट रात दस बजे से सुबह छह बजे तक ही खुलेगा। इसके लिए जल्द ही गार्ड की तैनाती की जा रही है। बुधवार को सीएमएस की मौजूदगी में यह द्वार खोलने की कवायद पूरी की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">शहर के मुख्य मार्ग से गुजरते समय पड़ने वाला यह गेट लगभग दस वर्षों से बंद चला आ रहा था। लंबे संघर्ष के बाद उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के प्रयासों और लगातार उठाई जा रही मांगों के बाद आखिरकार गेट खुल ही गया। इससे आम जनमानस में खुशी की लहर है, अब आकस्मिक स्थिति में मरीजों व एंबुलेंस के लिए जिला अस्पताल तक पहुंचना आसान रहेगा। पहले इन्हे लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। </p>
<p style="text-align:justify;">रात दस बजे से सुबह छह बजे तक शहर गेट से सीधे ट्रामा सेंटर तक पहुचना आसान होगा। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार और संगठन के जिलाध्यक्ष इंजीनियर जयदीप सिंह ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से गेट खुलवाकर इसे आम जनता को समर्पित किया। </p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर महामंत्री भूपेंद्र शुक्ला, जिला मीडिया प्रभारी अमरेश शुक्ला, उपाध्यक्ष मोनू त्रिवेदी, उपाध्यक्ष वीरेंद्र वर्मा, जिला कोषाध्यक्ष मयंक गुप्ता, मीडिया प्रभारी अमित सचदेवा, विधिक सलाहकार ऋषि कालरा, टिकैतनगर जिलाध्यक्ष कृपा शंकर, शहर अध्यक्ष मन्नू लाल चौरसिया, महामंत्री मुकेश त्रिवेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अतुल गुप्ता, उपाध्यक्ष संतोष, रामशंकर, मंत्री संतोष पेड़ा, नरेंद्र सोनी, अरुण कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में व्यापारी एवं स्थानीय जनता मौजूद रही।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/560449/action-by-up-police-and-sog-team--two-wanted-accused-arrested-in-encounter--accused-wanted-in-robbery-case"><span class="t-red">यूपी पुलिस और SOG टीम की कार्रवाई : </span>दो वांछित आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, लूट मामले मे वांछित थे आरोपी</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/560462/the-main-gate-of-the-district-hospital-in-barabanki-has-opened-after-a-decade----guards-have-been-deployed--opening-hours-will-be-as-follows</link>
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                <pubDate>Wed, 19 Nov 2025 18:39:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्मृति शेष : लोहा कारोबारी तो कभी नूर मोहम्मद बने गोपाल अवस्थी..., ज़िद पर न अड़ते तो शायद कानपुर महानगर के सांसद होते</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>शैलेश अवस्थी/कानपुर l </strong>कानपुर में भाजपा के संस्थापक ज़िलाध्यक्ष धुरंदर नेता गोपाल अवस्थी रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए l वह आपातकाल के दौरान भूमिगत रहकर, वेश बदलकर संपर्क करते, कार्यकर्ताओं को संगठित करते और जनता समाचार अख़बार वितरित करते थेl</p>
<p style="text-align:justify;">1980 में जब भाजपा का गठन हुआ तो कानपुर के ज़िलाध्यक्ष का दायित्व गोपाल अवस्थी को सौंपा गया था l हालांकि पार्टी के कुछ लोग राम चरन भारतिया को पहला और दूसरा अध्यक्ष गोपाल अवस्थी को बताते हैं l आपातकाल के दौरान जनसंघ के बड़े नेता जेल चले गए तो अवस्थी को संघर्ष समिति का संयोजक बनाकर आंदोलन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560091/in-memory--gopal-awasthi--once-an-iron-trader-and-then-noor-mohammad----had-he-not-been-stubborn"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/cats305.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>शैलेश अवस्थी/कानपुर l </strong>कानपुर में भाजपा के संस्थापक ज़िलाध्यक्ष धुरंदर नेता गोपाल अवस्थी रविवार को पंचतत्व में विलीन हो गए l वह आपातकाल के दौरान भूमिगत रहकर, वेश बदलकर संपर्क करते, कार्यकर्ताओं को संगठित करते और जनता समाचार अख़बार वितरित करते थेl</p>
<p style="text-align:justify;">1980 में जब भाजपा का गठन हुआ तो कानपुर के ज़िलाध्यक्ष का दायित्व गोपाल अवस्थी को सौंपा गया था l हालांकि पार्टी के कुछ लोग राम चरन भारतिया को पहला और दूसरा अध्यक्ष गोपाल अवस्थी को बताते हैं l आपातकाल के दौरान जनसंघ के बड़े नेता जेल चले गए तो अवस्थी को संघर्ष समिति का संयोजक बनाकर आंदोलन की ज़िम्मेदारी दो गई, जिसे इन्होंने बखूबी निभायाl</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान वह वेश बदलकर घूमते, पार्टी के लोगों से संपर्क कर उन्हें संगठित करते और आपातकाल के खिलाफ प्रकाशित अख़बार "जनता समाचार" पूरे प्रदेश में वितरित करवाते थे l वह कभी दाढ़ी रखवाकर नूर मोहम्मद बने तो कभी लोहा कारोबारी बन बाज़ारों में घूमते रहते l कल्याणपुर में अपने को लोहा कारोबारी खंडेलवाल बता कर किराये में घर लिया और वहीं से आंदोलन संचालित करते थे l</p>
<p style="text-align:justify;">आखिरकार सत्याग्रह के दौरान गिरफ्तार कर लिए गए थे l यह बात उन्होंने जेल से रिहा होने के बाद खुद बताई थी l भाजपा का गठन हुआ तो उन्हें कानपुर का अध्यक्ष बनाया गया l इस पद पर सात साल रहते हुए कई आंदोलन किए और कार्यकर्ताओं के प्रिय बन गए l</p>
<p style="text-align:justify;">1989 को लोकसभा, विधानसभा चुनाव एकसाथ हुए थे और गोपाल अवस्थी ने गोविन्दनगर क्षेत्र से टिकट मांगा l बताते हैं संघ ने बालचंद मिश्रा की सिफारिश की और उन्हें टिकट मिल गया l अवस्थी से कहा गया कि वह लोकसभा लड़ लें, लेकिन उन्होंने इंकार कर दिया और फिर जगतवीर सिंह द्रोण का नाम फ़ाइनल हो गया l</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-11/cats306.jpg" alt="cats" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अटल और कल्याण सिंह के प्रिय </strong><br />गोपाल अवस्थी अटल बिहारी वाजपेई और कल्याण सिंह के बेहद निकट थे l एक चुनावी सभा से पहले अटल बिहारी ने अवस्थी से कहा कि पहले चौक की लस्सी और मेस्टन रोड की इमरती खिलाओ, तब चुनाव जीतने के टिप्स देंगे l अटल जी ने उन्हें सुबह बिना दूध की चाय पीने की सलाह दी थी l कहा कि पेट निकल रहा है, ठीक करो l ये संस्मरण खुद गोपाल अवस्थी ने इस संवाददाता को सुनाए थे l</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>कई को नेता बनाया, खुद को कुछ खास नहीं मिला </strong><br />गोपाल अवस्थी ने प्रेमलता कटियार सहित कई को भाजपा में बतौर नेता स्थापित किया l अपने स्वाभिमान और ज़िद के कारण वह बड़ी कुर्सी की दौड़ में पीछे रह जाते थे l वह न तो सांसद बन सके और न ही विधायक l गोपाल अवस्थी का जितना बड़ा कद था और पार्टी के लिए समर्पण, उन्हें उस तरह का ओहदा नहीं मिल सका lहां, एक बार उन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अध्यक्ष बनाकर राज्य मंत्री का दर्ज़ा ज़रूर दिया गया था l उनका बहुत सम्मान था l नेता और कार्यकर्त्ता उनका बहुत सम्मान करते थे l वह कहते थे आखिरी सांस तक भाजपा में रहूंगा l</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>श्रद्धांजलि के लिए उमड़े भाजपाई, गार्ड ऑफ़ ऑनर</strong><br />कानपुर l भाजपा के पूर्व ज़िलाध्यक्ष गोपाल अवस्थी के निधन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्त्ता उनके रेलबाजार स्थित घर पहुंच गए l गोपाल अवस्थी की अंतिम यात्रा भगवतदास घाट पहुंची, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया l इसके पहले उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया l उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई l इस दौरान सांसद रमेश अवस्थी, विधायक नीलिमा कटियार, महेश त्रिवेदी, सुरेंद्र मैथानी, ज़िलाध्यक्ष अनिल दीक्षित, शिवराम सिंह, अनूप अवस्थी सहित कई नेता और कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 16 Nov 2025 18:40:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हार्ट मरीजों के लिये जीवन रक्षक बनेगा प्रयागराज का कॉल्विन हॉस्पिटल, इमरजेंसी में शुरू हुआ स्टेमी केयर यूनिट </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कॉल्विन हॉस्पिटल की इमरजेंसी में शुरू की गई स्टेमी केयर यूनिट हृदय रोगियों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। जिले में अब तक स्टेमी केयर यूनिट की मदद से तीन मरीजों की जान बचाई जा चुकी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों की इमरजेंसी में स्टेमी केयर यूनिट स्थापित किये जा रहे है। </p>
<p style="text-align:justify;">वहीं अब प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल में यह व्यवस्था शुरू की गई है। यहां हार्ट के मरीजो को बिना किसी लीगल फॉर्मलिटी या पर्चा बनाए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/552804/prayagraj-s-colvin-hospital-will-become-a-lifesaver-for-heart-patients--stemi-care-unit-started-in-emergency"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/untitled-design-(1)8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कॉल्विन हॉस्पिटल की इमरजेंसी में शुरू की गई स्टेमी केयर यूनिट हृदय रोगियों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। जिले में अब तक स्टेमी केयर यूनिट की मदद से तीन मरीजों की जान बचाई जा चुकी है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों की इमरजेंसी में स्टेमी केयर यूनिट स्थापित किये जा रहे है। </p>
<p style="text-align:justify;">वहीं अब प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल में यह व्यवस्था शुरू की गई है। यहां हार्ट के मरीजो को बिना किसी लीगल फॉर्मलिटी या पर्चा बनाए तुरंत स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है और अगर ईसीजी रिपोर्ट आने के बाद हार्ट अटैक की पुष्टि होती है तो मरीज को तुरंत टेनेक्टेप्लेज इंजेक्शन लगाया जाता है, जिसकी कीमत लगभग 40 हजार रुपये है, लेकिन योगी सरकार सभी सरकारी हॉस्पिटलो में यह निःशुल्क उपलब्ध कराई है। </p>
<p style="text-align:justify;">जिला अस्पताल के एसआईसी एस. के. चौधरी ने बताया कि यूनिट की स्थापना के बाद से तीन गंभीर मरीजों की सफलतापूर्वक जान बचाई जा चुकी है। इस यूनिट में हार्ट पेशेंट के लिए एक बेड विशेष रूप से रिजर्व किया गया है। यहां पर ऑक्सीजन, ईसीजी मशीन, कार्डियक मॉनिटर, और आपातकालीन दवाओं की उपलब्धता पूरी की गई है।डॉक्टरों एस के चौधरी ने यह भी बताया की यह टेनेक्टेप्लेज इंजेक्शन शरीर में जमे खून के थक्कों को घोल देता है, जिससे मरीज की जान को बचाने में बड़ी मदद मिलती है। </p>
<p style="text-align:justify;">प्राथमिक इलाज के बाद मरीज को एसआरएन अस्पताल रेफर किया जाता है, जहां उसका आगे का इलाज किया जाता है। वही बदलते मौसम और खान पान और साथ ही साथ गर्मी की वजह से हार्ट पेशेंट की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में यह इंजेक्शन मरीजों के लिए रामबाण साबित हो रहा है और हार्ट पेशेन्ट को मौत के मुंह से वापस लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अस्पताल में फिलहाल दवाओं और इंजेक्शन का पर्याप्त मात्रा में स्टॉक मौजूद है ताकि किसी भी मरीज को वापस न जाना पड़े। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/552801/in-baghpat--a-mother-killed-her-3-daughters---then-committed-suicide--took-this-step-due-to-a-dispute-with-her-husband">बागपत में एक मां ने अपनी 3 बच्चियों को उतारा मौत के घाट...फिर कर ली आत्महत्या, पति से विवाद के चलते उठाया कदम</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Sep 2025 11:08:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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