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                <title>Municipal Corporation - Amrit Vichar</title>
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                <description>Municipal Corporation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Bareilly: सैटेलाइट हादसे की जांच रिपोर्ट तैयार, ठेकेदार की फर्म होगी ब्लैकलिस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सेटेलाइट बस स्टेशन के पास खुले नाले में गिरकर हरदोई के युवक तौहीद की मौत का मामला लापरवाह अधिकारियों के गले की फांस बन गया है। 24 मार्च की काली रात को हुए इस दर्दनाक हादसे की जांच रिपोर्ट ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि तौहीद की जान किसी इत्तेफाक से नहीं, बल्कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की घोर लापरवाही से गई है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में दो जूनियर इंजीनियरों (जेई), एक सफाई नायक, एक सुपरवाइजर और ठेकेदार को मुख्य रूप से कटघरे में खड़ा किया है। अब बस नगर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580285/satellite-accident-investigation-report-prepared--contractor-s-firm-to-be-blacklisted"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/yu5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सेटेलाइट बस स्टेशन के पास खुले नाले में गिरकर हरदोई के युवक तौहीद की मौत का मामला लापरवाह अधिकारियों के गले की फांस बन गया है। 24 मार्च की काली रात को हुए इस दर्दनाक हादसे की जांच रिपोर्ट ने पूरी तरह साफ कर दिया है कि तौहीद की जान किसी इत्तेफाक से नहीं, बल्कि नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार की घोर लापरवाही से गई है। जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में दो जूनियर इंजीनियरों (जेई), एक सफाई नायक, एक सुपरवाइजर और ठेकेदार को मुख्य रूप से कटघरे में खड़ा किया है। अब बस नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य के अवकाश से लौटने का इंतजार है, जिसके बाद पूरे मामले की रिपोर्ट जिला प्रशासन के माध्यम से शासन को भी भेजी जाएगी, जिससे संबंधित विभागों में हड़कंप मचा है।</p>
<p>अपर नगर आयुक्त शशि भूषण सिंह और पर्यावरण अभियंता की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस स्थान पर नाले का कार्य चल रहा था, वहां सुरक्षा के न्यूनतम मानकों का भी पालन नहीं किया गया था। न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही रात के अंधेरे में राहगीरों को आगाह करने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड या लाइट का इंतजाम था। इसी अनदेखी की कीमत तौहीद को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी, जिसका शव 30 घंटे की मशक्कत के बाद गहरे नाले से निकाला जा सका था। दोनों ही अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में दोषियों के खिलाफ निलंबन और कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की स्पष्ट सिफारिश की है।</p>
<p><strong>ठेकेदार होगा ब्लैकलिस्ट, शासन तक पहुंची लापरवाही की गूंज</strong><br />नगर निगम इस बार केवल विभागीय कार्रवाई तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। मामला शासन तक पहुंचने पर दोषी ठेकेदार की फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की तैयारी पूरी कर ली गई है, ताकि भविष्य में वह किसी और की जान से खिलवाड़ न कर सके। इधर, घटनाक्रम को लेकर मानवाधिकार आयोग भी प्रकरण की रिपोर्ट तलब कर चुका है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि शहर के सभी खुले नालों को ढकने और निर्माण स्थलों पर सख्त निगरानी रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 11:07:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: निगम की बोर्ड बैठक में निर्माण से जुड़े टेंडरों पर बखेड़ा, विकास से ज्यादा भ्रष्टाचार खी गूंज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम की बोर्ड बैठक मंगलवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई, जहां विकास की चर्चा से ज्यादा निर्माण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में ''''खेल'''' के आरोपों पर बखेड़ा खड़ा हुआ। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सपा पार्षदों ने जनहित के मुद्दों पर घेरना शुरू कर दिया। आरोप-प्रत्यारोप और शोर-शराबे के बीच महापौर ने केवल बजट पर बोलने की अनुमति देने की बात कही, जिससे माहौल और गरमा गया भारी गहमागहमी और लोकतंत्र की हत्या जैसे नारों के बीच आखिर में नगर निगम ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1100 करोड़ रुपये</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579575/uproar-over-construction-tenders-at-the-corporation-s-board-meeting--echoes-of-corruption-drown-out-the-discourse-on-development"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/board.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नगर निगम की बोर्ड बैठक मंगलवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई, जहां विकास की चर्चा से ज्यादा निर्माण विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार और टेंडर प्रक्रिया में ''''खेल'''' के आरोपों पर बखेड़ा खड़ा हुआ। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सपा पार्षदों ने जनहित के मुद्दों पर घेरना शुरू कर दिया। आरोप-प्रत्यारोप और शोर-शराबे के बीच महापौर ने केवल बजट पर बोलने की अनुमति देने की बात कही, जिससे माहौल और गरमा गया भारी गहमागहमी और लोकतंत्र की हत्या जैसे नारों के बीच आखिर में नगर निगम ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 1100 करोड़ रुपये का बजट पास कर दिया।</p>
<p>बोर्ड बैठक में सबसे पहले पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने अधूरे एजेंड़ा देने पर नाराजगी जताई और कहा कि हर बार की बैठक में इस बार इसको लेकर अंदेखी की गई। सपा पार्षद दल के नेता गौरव सक्सेना ने सीधे तौर पर निर्माण विभाग को भ्रष्टाचार का अड्डा करार दिया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता के विकास के लिए आने वाला पैसा फाइलों में ही दम तोड़ रहा है। सवाल उठाया कि जहां महापौर कैंप कार्यालय के सौंदर्यीकरण के लिए 10 बार टेंडर निकल सकते हैं, वहीं वार्डों की टूटी सड़कों और नालियों के लिए टेंडर प्रक्रिया महीनों तक क्यों लटकी रहती है। उन्होंने नगर आयुक्त की उस जांच का हवाला भी दिया जिसमें निर्माण कार्यों के सैंपल फेल पाए गए थे। बैठक में अन्य पाषर्दों की कोहड़ापीर अतिक्रमण अभियान को लेकर भी तीखी बहस हुई। वहीं, जब महापौर ने बिना पूरी चर्चा के बजट पास करने की कोशिश की, तो सपा पार्षदों ने सदन में हंगामा और नारेबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद मजबूरन महापौर को चर्चा दोबारा शुरू करानी पड़ी। बैठक में नगर आयुक्त संजीव मौर्य, अपर नगर आयुक्त शशि भूषण राय, मुख्य अभियंता मनीष अवस्थी समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ग्रिड योजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई।</p>
<p><strong>आवारा कुत्तों पर खर्च हुए 36 लाख, फिर भी नहीं थमी संख्या</strong><br />सदन में आवारा कुत्तों का मुद्दा भी काफी गर्माया रहा। पार्षद अब्दुल क्यूम मुन्ना ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक कुत्तों के बधियाकरण पर 36 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर है। उन्होंने सदन में मौजूद सभी पार्षदों से पूछा कि क्या कुत्तों की संख्या कम हुई है? इस पर सभी ने एक सुर में सहमति जताई कि कुत्तों का आतंक और संख्या तेजी से बढ़ रही है।</p>
<p><strong>टैक्स विभाग की ''''कुर्सियों'''' पर जमे कर्मियों पर सवाल</strong><br />पार्षद राजेश अग्रवाल ने भ्रष्टाचार की जड़ पर चोट करते हुए कहा कि टैक्स विभाग में आउटसोर्सिंग पर तैनात कर्मी लंबे समय से एक ही कुर्सी पर जमे हुए हैं। इनकी मिलीभगत से विभाग में मनमानी चल रही है। उन्होंने मांग की कि पारदर्शिता लाने के लिए इन कर्मियों का पटल परिवर्तन किया जाए और उन्हें दूसरे विभागों में भेजा जाए, ताकि भ्रष्टाचार की चेन को तोड़ा जा सके।</p>
<p><strong>मालियों से कराई जा रही पेंटिंग, पार्कों की सुध कौन लेगा</strong><br />पार्षद सतीश कातिब मम्मा ने पार्कों के रखरखाव की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिन मालियों की जिम्मेदारी पार्कों को संवारने की है, उनसे दीवारों की पेंटिंग का काम लिया जा रहा है। यह संसाधनों का दुरुपयोग है। इसके साथ ही उन्होंने बोर्ड बैठक के एजेंडे की तकनीकी खामियों और प्रपत्र-बी को शामिल न किए जाने पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया।</p>
<p><strong>120 करोड़ से सुधरेंगी सड़कें, 30 हजार नई लाइटों से रोशन होंगे वार्ड</strong><br />शहर की बदहाल सड़कों को सुधारने और नए निर्माण के लिए सबसे अधिक 120 करोड़ का प्रावधान किया गया है। सभी 80 वार्डों को रोशन करने के लिए 30 हजार नई स्ट्रीट लाइटों की खरीद के लिए 20 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए 15 करोड़ आवंटित किए गए हैं। हर घर तक शुद्ध पानी और सीवर लाइन पहुंचाने के लक्ष्य के साथ 10 करोड़ का शुरुआती फंड रखा गया है। इसके अलावा शहर के 330 पार्कों के कायाकल्प और ''''ग्रीन बरेली'''' अभियान के लिए 10 करोड़ की राशि तय की गई है। आवारा कुत्तों की नसबंदी और नंदीशाला के संचालन जैसे कार्यों के लिए भी करोड़ों का अलग से प्रावधान है। पिछले 600 करोड़ रुपये के लक्ष्य को बढ़ाते हुए इस बार 750 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 10:01:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: प्रतिबंधित कुत्ते भी पाल रहे हल्द्वानीवासी, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पवन नेगी, हल्द्वानी।</strong> प्रतिबंधित आक्रामक स्वभाव के कुत्तों को भी हल्द्वानीवासी पालतू बनाकर घरों में रखे हुए हैं। इसका खुलासा नगर निगम की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था से हुआ जिसमें पालतू कुत्तों को पंजीकृत कराना आवश्यक है।</p>
<p>दरअसल, शहर में पालतू कुत्तों के पंजीकरण को लेकर नगर निगम की ऑनलाइन व्यवस्था उम्मीद के मुताबिक रफ्तार नहीं पकड़ सकी, लेकिन इसके बावजूद हाल के दिनों में पंजीकरण संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि प्रतिबंधित ब्रीड के कुत्तों का भी पंजीकरण किया जा रहा है।</p>
<p>नगर निगम की ओर से पिछले साल ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579509/haldwani-residents-are-also-keeping-banned-dog-breeds--online-registration-reveals-the-fact"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/pit.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पवन नेगी, हल्द्वानी।</strong> प्रतिबंधित आक्रामक स्वभाव के कुत्तों को भी हल्द्वानीवासी पालतू बनाकर घरों में रखे हुए हैं। इसका खुलासा नगर निगम की ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था से हुआ जिसमें पालतू कुत्तों को पंजीकृत कराना आवश्यक है।</p>
<p>दरअसल, शहर में पालतू कुत्तों के पंजीकरण को लेकर नगर निगम की ऑनलाइन व्यवस्था उम्मीद के मुताबिक रफ्तार नहीं पकड़ सकी, लेकिन इसके बावजूद हाल के दिनों में पंजीकरण संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह है कि प्रतिबंधित ब्रीड के कुत्तों का भी पंजीकरण किया जा रहा है।</p>
<p>नगर निगम की ओर से पिछले साल ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया गया था। इसका मकसद था कि अधिक से अधिक लोग अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण आसानी से करा सकें।<br />शुरुआत में उम्मीद जताई गई थी कि डिजिटल सुविधा से बड़ी संख्या में शहरवासी अपने पालतू कुत्तों का पंजीकरण कराएंगे, लेकिन निगम के आंकड़े बताते हैं कि यह लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं हो सका।</p>
<p>इसके अलावा 32 पंजीकरण नवीनीकरण के लिए भी आवेदन किए गए हैं। नगर निगम के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तोलिया ने स्पष्ट कहा कि प्रतिबंधित ब्रीड के कुत्तों को पालना गलत है और इससे सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो सकता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि निगम के पोर्टल में सभी ब्रीड के लिए विकल्प मौजूद हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि प्रतिबंधित कुत्तों को वैध माना जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रतिबंधित ब्रीड का कुत्ता किसी को काटता है, तो संबंधित मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अन्य पालतू जानवरों के काटने की स्थिति में मालिक से जुर्माना वसूला जाता है।</p>
<p><strong>प्रतिबंधित ब्रीड पालना नियमों के विरुद्ध</strong><br />निगम के ताजा आंकड़ों के अनुसार अब तक कुल 2856 पालतू कुत्तों का पंजीकरण किया जा चुका है। इनमें 57 कुत्ते ऐसे हैं जो प्रतिबंधित ब्रीड की श्रेणी में आते हैं। इन ब्रीड में पिटबुल, रॉटव्हीलर, वूल्फ डॉग्स, केन कॉर्सो और टोसा इनू जैसे कुत्ते शामिल हैं, जिन्हें भारत में पालना नियमों के विरुद्ध माना जाता है।</p>
<p><strong>2018 में शुरू हुआ था मैनुअल पंजीकरण</strong><br />हल्द्वानी। नगर निगम में पालतू कुत्तों के पंजीकरण की मैनुअल प्रक्रिया 2018 में शुरू हुई थी, जिसमें सभी शहरवासियों को अपने पालतू कुत्तों व अन्य जानवरों का पंजीकरण करना अनिवार्य था। जागरुकता के अभाव में लंबे समय तक लोगों ने पंजीकरण नहीं कराया। निगम ने जब पिछले साल पंजीकरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया था, तो उस समय मात्र 300 कुत्तों का पंजीकरण निगम में हुआ था।</p>
<p><strong>आए दिन होती हैं कुत्तों के काटने की घटनाएं</strong><br />शहर में आए दिन कुत्तों के काटने के मामले सामने आते हैं। बीते महीनों में भी शहर में कई जगह घटनाएं हुईं। मल्ली बमौरी में कुत्तों ने एक के बाद एक कई लोगों को काटकर घायल कर दिया था। इसके अलावा दमुवाढूंगा सहित कई अन्य जगह इस तरह के मामले देखने को मिले।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 15:58:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: बड़ा खुलासा...100 साल पुराने नक्शों ने बिगाड़ा कई रसूखदारों का खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर से जीआरएम स्कूल तक सड़क चौड़ीकरण ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। अतिक्रमण की गुत्थी सुलझाने के लिए जब नगर निगम ने 1920 के शहरी रिकॉर्ड और 1936 के राजस्व मानचित्रों के पन्ने पलटे, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दशकों पुराने इन दस्तावेजों से मिलान करने पर पता चला कि वर्तमान में सड़क पर खड़ी कई आलीशान इमारतें और दुकानें असल में सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई हैं।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में सबसे हैरान करने वाली बात यह निकलकर सामने आई है कि जीआरएम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579472/major-revelation----100-year-old-maps-upset-the-game-for-several-influential-figures"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/bul3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के तहत कोहाड़ापीर से जीआरएम स्कूल तक सड़क चौड़ीकरण ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। अतिक्रमण की गुत्थी सुलझाने के लिए जब नगर निगम ने 1920 के शहरी रिकॉर्ड और 1936 के राजस्व मानचित्रों के पन्ने पलटे, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। दशकों पुराने इन दस्तावेजों से मिलान करने पर पता चला कि वर्तमान में सड़क पर खड़ी कई आलीशान इमारतें और दुकानें असल में सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाई गई हैं।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक सर्वे में सबसे हैरान करने वाली बात यह निकलकर सामने आई है कि जीआरएम के सामने बीडीए से विधिवत नक्शा पास करा चुके भवन भी अवैध निर्माण की जद में हैं। कई भवनों का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के दायरे से बाहर सड़क क्षेत्र तक फैल गया है। इतना ही नहीं, विकास प्राधिकरण की ओर से खुद बेचे गए कुछ प्लॉट और दुकानों के हिस्से भी पुराने रिकॉर्ड के आधार पर अतिक्रमण की श्रेणी में पाए गए हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं, इस विसंगति ने प्रशासन और संपत्ति स्वामियों के बीच असमंज की स्थिति पैदा कर दी है।</p>
<p>इस प्रोजेक्ट में जीआरएम स्कूल का हिस्सा भी बाधा बना हुआ है। इसको लेकर सभी की निगाहें आज यानी मंगलवार शाम चार बजे होनी वाली बैठक पर टिकी हैं। यह बैठक अपर नगर आयुक्त कार्यालय में बुलाई गई है। इस बैठक में तय होगा कि शहर के विकास के लिए सड़क को चौड़ा करने और मौजूदा निर्माणों के बीच कैसे तालमेल बिठाया जाए, ताकि सीएम ग्रिड योजना परवान चढ़ सके। अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार राठी के अनुसार, सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को साक्ष्यों और रिकॉर्ड के साथ तलब किया गया है। इस बैठक में तय होगा कि अवैध निर्माण को ढहाने के लिए बुलडोजर कब चलेगा और प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579472/major-revelation----100-year-old-maps-upset-the-game-for-several-influential-figures</link>
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                <pubDate>Tue, 21 Apr 2026 14:16:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: नगर निगम का पोर्टल 27 तक बंद...टैक्स भुगतान ठप, 1.70 लाख करदाता मुश्किल में </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>नए वित्तीय वर्ष के आगाज के साथ ही नगर निगम ने अपने डिजिटल सिस्टम की अपडेट करना शुरू करा दिया है। डेटा अपडेट और सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस के चलते संपत्ति कर पोर्टल 27 अप्रैल तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इससे शहर के करीब 1.70 लाख करदाताओं के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है।</p>
<p>  पोर्टल बंद होने से न केवल हाउस टैक्स, बल्कि सीवर और वाटर यूजर चार्ज का भुगतान भी पूरी तरह ठप है। नगर निगम, फिलहाल नए वित्तीय वर्ष की टैक्स डिमांड फाइल तैयार करने में जुटा है, ताकि 28 अप्रैल</p>
<p>अधिकारियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579294/municipal-corporation-portal-down-until-the-27th----tax-payments-halted--1-70-lakh-taxpayers-in-a-fix"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/nigam.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>नए वित्तीय वर्ष के आगाज के साथ ही नगर निगम ने अपने डिजिटल सिस्टम की अपडेट करना शुरू करा दिया है। डेटा अपडेट और सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस के चलते संपत्ति कर पोर्टल 27 अप्रैल तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इससे शहर के करीब 1.70 लाख करदाताओं के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है।</p>
<p> पोर्टल बंद होने से न केवल हाउस टैक्स, बल्कि सीवर और वाटर यूजर चार्ज का भुगतान भी पूरी तरह ठप है। नगर निगम, फिलहाल नए वित्तीय वर्ष की टैक्स डिमांड फाइल तैयार करने में जुटा है, ताकि 28 अप्रैल से जब पोर्टल दोबारा खुले, तो करदाताओं को नए बिल के आधार पर भुगतान की सुविधा मिल सके।</p>
<p>अधिकारियों के मुताबिक पोर्टल के साथ-साथ नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट भी मेंटेनेंस की भेंट चढ़ गई है। इसके चलते 10 अप्रैल तक होल्डिंग टैक्स और ट्रेड लाइसेंस से जुड़े सभी कार्य ठप रहेंगे। व्यापारी न तो नए लाइसेंस के लिए आवेदन कर पा रहे हैं और न ही पुराने लाइसेंस का नवीनीकरण संभव हो पा रहा है। इस बीच, नगर निगम टैक्स वसूली के लिए नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया में भी लगा है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके द्विवेदी ने बताया कि बैंक और तकनीकी टीम को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि 27 अप्रैल के बाद जनता को सुचारू डिजिटल सेवाएं मिल सकें।</p>
<p><strong>नए सत्र में डिजिटल भुगतान पर मिलेगा विशेष लाभ</strong><br />नए वित्तीय सत्र 2026-27 में बकाया करदाताओं को राहत देने के लिए निगम ने खास योजना तैयार की है, प्रस्ताव 27 अप्रैल की बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। अप्रैल से जून के बीच डिजिटल भुगतान करने पर 11 प्रतिशत और नकद जमा करने पर 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। 1 जुलाई से 30 अगस्त के बीच डिजिटल भुगतान पर 7.5 प्रतिशत और नकद पर 5 प्रतिशत की राहत दी जाएगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579294/municipal-corporation-portal-down-until-the-27th----tax-payments-halted--1-70-lakh-taxpayers-in-a-fix</link>
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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 14:01:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly:ईंट पजाया से महर्षि कश्यप चौक तक बदलेगी सूरत, 31 करोड़ से बनेगी मॉडल सड़क</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड के फेस-वन और फेस-टू की सफलता के बाद अब नगर निगम ने फेस-थ्री के लिए विकास योजना को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। इसके तहत श्यामगंज पुल ईंट पजाया से लेकर स्टेडियम रोड स्थित महर्षि कश्यप चौक तक करीब 1.5 किलोमीटर लंबे मार्ग को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए नगर निगम ने शुक्रवार को निविदा आमंत्रित कर दी हैं।</p>
<p>नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सीएम ग्रिड फेस-वन में मॉडल टाउन में कार्य 75 प्रतिशत से अधिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579126/the-stretch-from-eent-pajaya-to-maharishi-kashyap-chowk-is-set-to-undergo-a-complete-transformation--with-a-model-road-to-be-constructed-at-a-cost-of-%E2%82%B931-crore"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/sadk.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड के फेस-वन और फेस-टू की सफलता के बाद अब नगर निगम ने फेस-थ्री के लिए विकास योजना को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। इसके तहत श्यामगंज पुल ईंट पजाया से लेकर स्टेडियम रोड स्थित महर्षि कश्यप चौक तक करीब 1.5 किलोमीटर लंबे मार्ग को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए नगर निगम ने शुक्रवार को निविदा आमंत्रित कर दी हैं।</p>
<p>नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि सीएम ग्रिड फेस-वन में मॉडल टाउन में कार्य 75 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुका है। फेस-टू में कोहाड़पीर से धर्मकाटा और कुदेशिया फाटक क 44 करोड़ से करीब ढ़ाई किलोमीटर लंबी माडल रोड का निर्माण कराया जा रहा है और अब फेस-थ्री की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। </p>
<p>इस मॉडल रोड के निर्माण से स्टेडियम रोड के आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों को जलभराव और जर्जर सड़कों से मुक्ति मिलेगी। फेज थ्री में न केवल सड़क का चौड़ीकरण होगा, बल्कि आधुनिक सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस मार्ग पर विद्युत लाइनों और नालों को पूरी तरह भूमिगत किया जाएगा, जिससे शहर की सुंदरता और यातायात सुगमता में वृद्धि होगी।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 12:04:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly:सिविल लाइंस और रामपुर गार्डन में अवैध कब्जों पर चला बुलडोजर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>नगर निगम की टीम ने गुरुवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर सिविल लाइंस, रामपुर गार्डन आदि पॉश इलाके में अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया। टीम ने अतिक्रमण करने वालों से जुर्माना वसूलने के साथ ही उनका सामान भी जब्त किया। निगम की कार्रवाई से दिनभर अतिक्रमण करने वालों में हलचल मची रही।</p>
<p>शहर की कई सड़कों पर फुटपाथों पर दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथों पर दिन भर दुकानें सजी रहती हैं। विकास भवन मार्ग, चौकी चौराहे से पटेल चौक, गांधी उद्यान मार्ग, वर्कशॉप लाइन में फुटपाथों पर कब्जे हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578944/bulldozers-raze-illegal-encroachments-in-civil-lines-and-rampur-garden"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/opy.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>नगर निगम की टीम ने गुरुवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाकर सिविल लाइंस, रामपुर गार्डन आदि पॉश इलाके में अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाया। टीम ने अतिक्रमण करने वालों से जुर्माना वसूलने के साथ ही उनका सामान भी जब्त किया। निगम की कार्रवाई से दिनभर अतिक्रमण करने वालों में हलचल मची रही।</p>
<p>शहर की कई सड़कों पर फुटपाथों पर दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथों पर दिन भर दुकानें सजी रहती हैं। विकास भवन मार्ग, चौकी चौराहे से पटेल चौक, गांधी उद्यान मार्ग, वर्कशॉप लाइन में फुटपाथों पर कब्जे हैं। फुटपाथ ऐसे घिरे हैं कि पैदल चलने के लिए जगह ही नहीं बचती है। मजबूरन पैदल वाले राहगीर सड़क पर चलते हैं। कई बार नगर निगम में लोगाें ने शिकायतें कीं लेकिन सुनवाई नहीं हुई। </p>
<p>पार्किंग पर भी अतिक्रमण कर लिया गया। पीएफ ऑफिस के बाहर निगम की ओर से बनाए गए फुटपाथ पर अतिक्रमण कर उन्हें घेर लिया। कहीं खाने के स्टॉल लगे हैं तो कहीं चाय, जूस आदि ठेले खड़े रहते हैं। अतिक्रमण की वजह से दिन भर यहां जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे लोगों को भी परेशानी का सामना भी करना पड़ता है।</p>
<p>गुरुवार को नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने पार्किंग स्थलों व फुटपाथों पर सजी दुकानें हटवाने के निर्देश दिए। नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ अभियान टीम ने चौकी चौराहे से लेकर गांधी उद्यान तक बुलडोजर से अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया। </p>
<p>मौके पर अतिक्रमण करने वालों से नोक-झोंक भी हुई, लेकिन टीम ने किसी की नहीं सुनी और अवैध कब्जों को साफ करा दिया। साथ ही सामान भी जब्त किया गया है। अतिक्रमण करने वालों से 12 हजार रुपये का जुर्माना वसूला। राजस्व निरीक्षक सच्चिदानंद ने बताया कि सड़क पर किसी को भी अतिक्रमण करने नहीं दिया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 20:09:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: जीआरएम स्कूल में पंद्रह फीट तक अवैध कब्जा चिह्नित...आलीशान गेट और बाउंड्रीवाल पर संकट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> कोहाड़ापीर-कुदैशिया रोड के चौड़ीकरण को लेकर नगर निगम ने कमर कस ली है। अफसरों का कहना है जो निर्माण राह की बाधा बन रहे हैं, उन्हें 15 दिन में अतिक्रमण खुद हटाने को कहा गया है। इसके बाद निगम एक्शन लेगा और हर्जाना भी वसूलेगा। नैनीताल रोड पर जीआरएम स्कूल का गेट और बाउंड्रीवॉल का हिस्सा सहित कई प्रतिष्ठान चौड़ीकरण की जद में हैं और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली परियोजना के चलते में निगम के तेवर सख्त हैं।</p>
<p>बीते दिनों कोहाड़ापीर से नैनीताल रोड तक नगर निगम की निर्माण विभाग की टीम ने कुल 386 छोटे-बड़े अवैध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578905/illegal-encroachment-of-up-to-15-feet-identified-at-grm-school----grand-gate-and-boundary-wall-at-risk"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/grm1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> कोहाड़ापीर-कुदैशिया रोड के चौड़ीकरण को लेकर नगर निगम ने कमर कस ली है। अफसरों का कहना है जो निर्माण राह की बाधा बन रहे हैं, उन्हें 15 दिन में अतिक्रमण खुद हटाने को कहा गया है। इसके बाद निगम एक्शन लेगा और हर्जाना भी वसूलेगा। नैनीताल रोड पर जीआरएम स्कूल का गेट और बाउंड्रीवॉल का हिस्सा सहित कई प्रतिष्ठान चौड़ीकरण की जद में हैं और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली परियोजना के चलते में निगम के तेवर सख्त हैं।</p>
<p>बीते दिनों कोहाड़ापीर से नैनीताल रोड तक नगर निगम की निर्माण विभाग की टीम ने कुल 386 छोटे-बड़े अवैध कब्जे चिह्नित किए हैं। इनमें जीआरएम के सामने वाली पट्टी पर स्थित करीब 80 दुकानदारों और भवन स्वामियों को 15 दिन का अंतिम नोटिस चस्पा किया गया है। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण माने गए प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी होने के बाद हड़कंप की स्थिति नजर आ रही है। मंत्री, सांसद और विधायकों की सिफारिश भी काम नहीं आ रही। सोमवार को वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार के हस्तक्षेप पर निगम ने फिलहाल ध्वस्तीकरण रुक गया है। मंत्री ने अफसरों से कहा है कि सभी पक्षों के साथ बैठक कर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए। हालांकि, निगम के अफसरों का कहना है कि 15 दिन की नोटिस अवधि बीतने के बाद कार्रवाई फिर शुरू कर दी जाएगी। फिर चाहे वो स्कूल-बारातघर हों या अन्य प्रतिष्ठान, एक्शन समान रूप से होगा।</p>
<p>नगरायुक्त बोले, अतिक्रमण खुद ही हटा लें तो ठीक<br />सड़क चौड़ीकरण जनहित और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता से जुड़ी परियोजना है। सर्वे में जीआरएम स्कूल सहित कई रसूखदारों की ओर से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई है। विकास की राह में कोई अड़चन नहीं होने दी जाएगी। सभी को तय समय में स्वयं अवैध निर्माण हटाने को कहा गया है। इसके बाद निगम बुलडोजर एक्शन शुरू कराएगा और इसका खर्च भी संबंधित पक्षों से वसूला जाएगा। - संजीव कुमार, नगर आयुक्त</p>
<p>सड़क चौड़ीकरण जनहित और मुख्यमंत्री की प्राथमिकता से जुड़ी परियोजना है। सर्वे में जीआरएम स्कूल सहित अन्य रसूखदारों की ओर से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई है। विकास की राह में किसी का भी निजी रसूख आड़े नहीं आएगा। सभी को पंद्रह दिन का अंतिम नोटिस दिया गया है। यदि तय समय में स्वयं अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो निगम बुलडोजर से ध्वस्तीकरण करेगा और इसका खर्च भी संबंधित पक्षों से वसूला जाएगा। - संजीव कुमार, नगर आयुक्त</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578905/illegal-encroachment-of-up-to-15-feet-identified-at-grm-school----grand-gate-and-boundary-wall-at-risk</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/578905/illegal-encroachment-of-up-to-15-feet-identified-at-grm-school----grand-gate-and-boundary-wall-at-risk</guid>
                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 15:41:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: शहर के कायाकल्प को 70 करोड़ का विकास प्लान, सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम की बदलेगी सूरत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>नगर निगम ने शहर के कायाकल्प के लिए 70 करोड़ रुपये का डेवलपमेंट एक्शन प्लान तैयार किया है। केंद्र और राज्य सरकार से मिले अनुदान से सड़कों, नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सूरत बदली जाएगी।</p>
<p>मेयर डॉ. उमेश गौतम ने बताया कि इस कार्ययोजना को चार वैज्ञानिक चरणों में विभाजित किया है। पहले चरण में सटीक सर्वे और डीपीआर तैयार होगी, जिसके बाद दूसरे चरण में पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया पूरी करने ठेकेदार का चयन किया जाएगा। तीसरे चरण में निर्माण शुरू होंगे और अंतिम चरण में गुणवत्ता की कड़ी जांच के बाद प्रोजेक्ट को पूर्ण घोषित किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578846/%E2%82%B970-crore-development-plan-for-city-s-rejuvenation--roads-and-drainage-systems-set-to-undergo-a-complete-transformation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/sadak1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>नगर निगम ने शहर के कायाकल्प के लिए 70 करोड़ रुपये का डेवलपमेंट एक्शन प्लान तैयार किया है। केंद्र और राज्य सरकार से मिले अनुदान से सड़कों, नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सूरत बदली जाएगी।</p>
<p>मेयर डॉ. उमेश गौतम ने बताया कि इस कार्ययोजना को चार वैज्ञानिक चरणों में विभाजित किया है। पहले चरण में सटीक सर्वे और डीपीआर तैयार होगी, जिसके बाद दूसरे चरण में पारदर्शी टेंडर प्रक्रिया पूरी करने ठेकेदार का चयन किया जाएगा। तीसरे चरण में निर्माण शुरू होंगे और अंतिम चरण में गुणवत्ता की कड़ी जांच के बाद प्रोजेक्ट को पूर्ण घोषित किया जाएगा। हमारा लक्ष्य मानसून से पहले ड्रेनेज के बड़े काम पूरे करने का है।</p>
<p>नगर आयुक्त संजीव कुमार ने बताया कि 70 करोड़ के प्लान की प्राथमिकता सूची में शहर के अस्पताल, स्कूल और भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक क्षेत्रों को सबसे ऊपर रखा गया है। मुख्यमंत्री ग्रिड योजना और अन्य अनुदानों के समन्वय से यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण भी इसी योजना का हिस्सा है। </p>
<p>जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए नालों का नए सिरे से निर्माण और सफाई की जाएगी। अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि हर सप्ताह कार्यों की प्रगति रिपोर्ट टेबल पर होनी चाहिए। यदि किसी ठेकेदार या अधिकारी की ओर से लापरवाही पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 12:08:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: अधूरे नाले पर ठेकेदार पर 50 हजार जुर्माना, 1625 मीटर के सापेक्ष केवल 30 मीटर खुदाई </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> शहर में विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर एक्शन जारी है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राठी ने मिनी बाईपास क्षेत्र में आरसीसी नाला निर्माण कार्य में भारी शिथिलता पाए जाने पर ठेकेदार दुष्यंत कुमार पर 50 हजार का अर्थदंड लगाया है। अनुबंध के तहत 1625 मीटर लंबे नाले का निर्माण होना था, लेकिन ठेकेदार ने केवल 30 मीटर खुदाई करके काम को बीच में ही छोड़ दिया है।</p><p>राजीव राठी ने बताया कि ठेकेदार ने नियमों की अनदेखी करते हुए स्कूली बच्चों की सुरक्षा दांव पर लगा दी। जांच में पाया गया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578689/contractor-fined-%E2%82%B950-000-for-incomplete-drain-work--only-30-meters-excavated-against-a-target-of-1-625-meters"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/nala3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> शहर में विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर एक्शन जारी है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राठी ने मिनी बाईपास क्षेत्र में आरसीसी नाला निर्माण कार्य में भारी शिथिलता पाए जाने पर ठेकेदार दुष्यंत कुमार पर 50 हजार का अर्थदंड लगाया है। अनुबंध के तहत 1625 मीटर लंबे नाले का निर्माण होना था, लेकिन ठेकेदार ने केवल 30 मीटर खुदाई करके काम को बीच में ही छोड़ दिया है।</p><p>राजीव राठी ने बताया कि ठेकेदार ने नियमों की अनदेखी करते हुए स्कूली बच्चों की सुरक्षा दांव पर लगा दी। जांच में पाया गया कि कार्यस्थल पर सुरक्षा के कोई मानक पूरे नहीं किए गए हैं। नाले के पास रानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज और हार्टमैन इंटर कॉलेज जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थान हैं, जहां से हजारों छात्र गुजरते हैं। ठेकेदार की ओर से न तो वहां बेरीकेडिंग की गई है न ही कोई सुरक्षा संकेतक लगाए गए हैं। </p><p>स्पष्ट किया कि यदि इस लापरवाही के कारण कोई अप्रिय घटना या जन-हानि होती है, तो इसकी समस्त जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी। बता दें कि इससे पूर्व 30 मार्च 2026 को भी ठेकेदार को अस्थायी अर्थदंड का नोटिस दिया गया था, लेकिन ठेकेदार ने न तो काम शुरू किया और न ही कोई संतोषजनक जवाब दिया। इसी को आधार मानते हुए अब जुर्माने की राशि को स्थायी कर दिया गया है। अधिशासी अभियंता ने ठेकेदार को तुरंत मानकों के अनुसार कार्य पूर्ण कराए जाने और स्थल पर सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं होने पर फर्म के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 12:15:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सीएम ग्रिड योजना: कलम दवात होगा शिफ्ट, जीआरएम का गेट और बाउंड्री भी टूटेगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण की राह में जो भी अतिक्रमण आएगा, उसे तोड़ा जाएगा। कोहाड़ापीर चौराहे पर नगर निगम की ओर से बनायी गयी कलम दवात भी शिफ्ट की जाएगी। इसके साथ ही पेट्रोल पंप की भूमि की भी जांच हाेगी। इन दोनों की वजह से चौराहे पर ट्रैफिक में व्यवधान पड़ रहा है। जीआरएम गेट व उसकी बाउंड्री भी अतिक्रमण की जद में आने के कारण तोड़ी जाएगी।</p>
<p>कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी ने सोमवार को नगर आयुक्त को फोन कर सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण की राह में आने वाले अतिक्रमण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578681/the--kalam-dawat--structure-will-be-relocated--the-grm-gate-and-boundary-wall-will-also-be-demolished"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/yo.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण की राह में जो भी अतिक्रमण आएगा, उसे तोड़ा जाएगा। कोहाड़ापीर चौराहे पर नगर निगम की ओर से बनायी गयी कलम दवात भी शिफ्ट की जाएगी। इसके साथ ही पेट्रोल पंप की भूमि की भी जांच हाेगी। इन दोनों की वजह से चौराहे पर ट्रैफिक में व्यवधान पड़ रहा है। जीआरएम गेट व उसकी बाउंड्री भी अतिक्रमण की जद में आने के कारण तोड़ी जाएगी।</p>
<p>कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी ने सोमवार को नगर आयुक्त को फोन कर सीएम ग्रिड योजना के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण की राह में आने वाले अतिक्रमण को हटाने की प्रगति जानी। कमिश्नर ने नगर आयुक्त से कोहाड़ापीर चौराहे पर स्थित कलम दवात के बारे में पूछा। नगर आयुक्त ने कहा कि इसे शिफ्ट किया जा रहा है। कमिश्नर ने कोहाड़ापीर चौराहे से नैनीताल रोड पर कुदेशिया पुल तक अतिक्रमण की जद में आने वाली दुकानें, प्रतिष्ठान की जानकारी ली। </p>
<p>जीआरएम का गेट व बाउंड्री भी तोड़े जाने की बात कही। कमिश्नर को बताया गया कि इस मार्ग पर करीब 300 से ज्यादा अतिक्रमण हैं जो चिह्नित कर लिए हैं। डेढ़ सौ से ज्यादा दुकानदारों को नोटिस भेजे गए हैं। अन्य को भी भेजे जा रहे हैं। कमिश्नर ने नगर आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क चौड़ीकरण की राह में आने वाली किसी भी बाधा को जल्द हटाएं। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। पैमाइश के बाद कार्रवाई कराएं।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 11:20:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आवारा कुत्तों के आतंक पर लगाम! लखनऊ में बनेंगे दो बड़े डॉग शेल्टर होम, प्रत्येक में 1000 कुत्तों की क्षमता</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार : </strong>आवारा कुत्तों के आतंक से आम जनता को निजात दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर नगर निगम शहर में में दो डॉग शेल्टर होम बनाएगा। इसके लिए सदर तहसील के ग्राम जेहटा में खसरा संख्या 101 की 1.493 हेक्टेयर भूमि और सरोजनीनगर तहसील के ग्राम नटकुर में खसरा संख्या 165 की 1.2650 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। प्रत्येक शेल्टर होम में 1,000 कुत्तों की रखने की क्षमता होगी। लगभग 15464 वर्गमीटर क्षेत्रफल में ये शेल्टर होम बनेंगे। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी ने इसका प्रस्ताव दिया है, जिसे 15 अप्रैल को प्रस्तावित</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578669/putting-an-end-to-the-menace-of-stray-dogs--two-large-dog-shelters-will-be-built-in-lucknow--each-with-a-capacity-to-accommodate-1-000-dogs"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/कुत्ता.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, </strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार : </strong>आवारा कुत्तों के आतंक से आम जनता को निजात दिलाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर नगर निगम शहर में में दो डॉग शेल्टर होम बनाएगा। इसके लिए सदर तहसील के ग्राम जेहटा में खसरा संख्या 101 की 1.493 हेक्टेयर भूमि और सरोजनीनगर तहसील के ग्राम नटकुर में खसरा संख्या 165 की 1.2650 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। प्रत्येक शेल्टर होम में 1,000 कुत्तों की रखने की क्षमता होगी। लगभग 15464 वर्गमीटर क्षेत्रफल में ये शेल्टर होम बनेंगे। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी ने इसका प्रस्ताव दिया है, जिसे 15 अप्रैल को प्रस्तावित नगर निगम सदन की बैठक में रखा जाएगा।</span></p>
<p style="text-align:justify;">आम नागरिकों पर आक्रामक कुत्तों द्वारा हमला करने और काटने की बढ़ती घटनाओं का संज्ञान लेते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया था। नगर निगम कार्यकारिणी बैठक और सदन में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन के लिए डॉग शेल्टर होम बनाने का प्रस्ताव स्वीकार किया जा चुका है। इस सम्बंध में शासन ने 25 जनवरी 2026 को शासनादेश जारी करके नगर निगम सीमा में दो शेल्टर बनाने के लिए भूमि चिन्हित करने के नगर निगम को निर्देश दिए थे।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सार्वजनिक स्थलों से पकड़कर शेल्टर होम में रखे जाएंगे आवारा कुत्ते</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">शिक्षण संस्थाओं, अस्पतालों, खेल कॉम्प्लेक्स, बस स्टैंड, और रेलवे स्टेशनों से आवारा कुत्तों को पकड़कर इन शेल्टर होम में रखा जाएगा। इनका बधियाकरण और टीकाकरण किया जाएगा। आवारा कुत्तों को दोबारा उसी स्थान पर नहीं छोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्रीय नागरिकों को इनके आतंक से काफी राहत मिलेगी।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578669/putting-an-end-to-the-menace-of-stray-dogs--two-large-dog-shelters-will-be-built-in-lucknow--each-with-a-capacity-to-accommodate-1-000-dogs</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 10:21:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>

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