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                <title>Nainital - Amrit Vichar</title>
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                <description>Nainital RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>नवीन आर्या हत्याकांड:तीन दोषियों को जिला न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल,अमृत विचार।</strong> द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की अदालत ने भवाली क्षेत्र में दिसंबर 2021 में हुई नवीन चन्द्र आर्या हत्याकांड में अहम फैसला सुनाते हुए तीनों मुख्य अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। अदालत ने मोहित कुमार आर्या, आकाश सिंह और नीलेश कुमार आर्या को आईपीसी की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।</p>
<p>अभियोजन के अनुसार, घटना 20-21 दिसंबर 2021 की रात तिरछाखेत मार्ग स्थित नैनीबैंड के पास हुई थी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579216/district-court-sentences-three-convicts-to-life-imprisonment"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/adalat3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल,अमृत विचार।</strong> द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश कुलदीप शर्मा की अदालत ने भवाली क्षेत्र में दिसंबर 2021 में हुई नवीन चन्द्र आर्या हत्याकांड में अहम फैसला सुनाते हुए तीनों मुख्य अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। अदालत ने मोहित कुमार आर्या, आकाश सिंह और नीलेश कुमार आर्या को आईपीसी की धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।</p>
<p>अभियोजन के अनुसार, घटना 20-21 दिसंबर 2021 की रात तिरछाखेत मार्ग स्थित नैनीबैंड के पास हुई थी। मृतक के भाई राजेन्द्र प्रसाद ने थाना भवाली में तहरीर देकर आपसी रंजिश के चलते मोहित और उसके साथियों पर संदेह जताया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 दिसंबर को ही तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, तब से वे न्यायिक हिरासत में थे।</p>
<p>मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) राम सिंह रौतेला ने पैरवी की और 13 गवाह अदालत में पेश किए। इनमें सबसे अहम गवाही मोहित के रिश्तेदार राहुल आर्या की रही। राहुल ने बताया कि घटना की रात करीब डेढ़ बजे तीनों आरोपी उसके घर पहुंचे थे और उनके कपड़ों व जूतों पर खून के धब्बे थे। उसने यह भी कहा कि आरोपी आकाश ने उसे मोबाइल पर एक वीडियो दिखाया था, जिसमें तीन लोग एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई कर रहे थे।</p>
<p>विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की रिपोर्ट में भी पुष्टि हुई कि आरोपियों के कपड़ों पर लगा खून घटनास्थल से बरामद खून से मेल खाता है। हालांकि अदालत ने पुलिस की बरामदगी प्रक्रिया में कुछ खामियां भी पाईं। साक्ष्यों और विशेषकर राहुल आर्या की गवाही, घटना के बाद आरोपियों के आचरण और एफएसएल रिपोर्ट को आधार मानते हुए अदालत ने तीनों अभियुक्तों को नवीन चन्द्र आर्या की हत्या के मामले मे आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579216/district-court-sentences-three-convicts-to-life-imprisonment</link>
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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 11:07:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: वीकेंड पर नैनीताल में पर्यटकों का सैलाब, पर्यटन स्थल रहे गुलजार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार।</strong> शनिवार को वीकेंड के अवसर पर सरोवर नगरी नैनीताल में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मैदानी क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, जिसके चलते शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल गुलजार नजर आए।</p>
<p>नैनी झील, मॉल रोड, स्नो व्यू, टिफिन टॉप, केव गार्डन और नैना देवी मंदिर सहित शहर के सभी प्रमुख स्थल दिनभर पर्यटकों की चहल-पहल से भरे रहे। झील में नौकायन का आनंद लेने के लिए पर्यटकों की लंबी कतारें देखी गईं, वहीं मॉल रोड पर शाम के समय रौनक अपने चरम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579215/influx-of-tourists-in-nainital-over-the-weekend--tourist-spots-buzz-with-activity"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/nani2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार।</strong> शनिवार को वीकेंड के अवसर पर सरोवर नगरी नैनीताल में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मैदानी क्षेत्रों में बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में सैलानी पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, जिसके चलते शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल गुलजार नजर आए।</p>
<p>नैनी झील, मॉल रोड, स्नो व्यू, टिफिन टॉप, केव गार्डन और नैना देवी मंदिर सहित शहर के सभी प्रमुख स्थल दिनभर पर्यटकों की चहल-पहल से भरे रहे। झील में नौकायन का आनंद लेने के लिए पर्यटकों की लंबी कतारें देखी गईं, वहीं मॉल रोड पर शाम के समय रौनक अपने चरम पर पहुंच गई। होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय बिष्ट के अनुसार, वीकेंड के चलते शहर के अधिकांश होटलों में 50 प्रतिशत से अधिक कमरे बुक हो चुके हैं, जबकि कई प्रमुख होटलों में ऑक्यूपेंसी इससे भी अधिक दर्ज की गई है। होटल कारोबारियों का कहना है कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ेगी, पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि आने वाले वीकेंड को ध्यान में रखते हुए विशेष तैयारियां की जा रही हैं। पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए होटलों में साफ-सफाई, भोजन व्यवस्था और स्टाफ की तैनाती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि सैलानियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। वहीं, पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर में यातायात का दबाव भी बढ़ने लगा है। प्रशासन और पुलिस द्वारा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को राहत मिल सके। कुल मिलाकर, वीकेंड पर नैनीताल में पर्यटन गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले दिनों में यह रौनक और बढ़ने के आसार हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 10:09:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: नैनीताल में सीबीएसई 10वीं का शत-प्रतिशत परिणाम, आर्यमान अग्रवाल बने नगर टॉपर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल।</strong> सरोवर नगरी नैनीताल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार के छात्र आर्यमान अग्रवाल ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर नगर में पहला स्थान हासिल किया। इसी विद्यालय के निष्कर्ष अग्रवाल ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर बिरला विद्या मंदिर के शीर्ष सचान रहे, जिन्होंने 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। विद्यालय के 143 छात्रों में से 52 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए।</p>
<p>मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर में वर्णिता पांडे ने 96.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578857/100--result-for-cbse-class-10-in-nainital--aryaman-agarwal-emerges-as-city-topper"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/nanintal.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल।</strong> सरोवर नगरी नैनीताल में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 10वीं बोर्ड परीक्षा का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार के छात्र आर्यमान अग्रवाल ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर नगर में पहला स्थान हासिल किया। इसी विद्यालय के निष्कर्ष अग्रवाल ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। तीसरे स्थान पर बिरला विद्या मंदिर के शीर्ष सचान रहे, जिन्होंने 97.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। विद्यालय के 143 छात्रों में से 52 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए।</p>
<p>मोहन लाल साह बाल विद्या मंदिर में वर्णिता पांडे ने 96.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। रोजम बी ने 96.4 प्रतिशत के साथ दूसरा तथा भव्या बिष्ट ने 96 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया। कविता भट्ट ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। विद्यालय की 82 छात्राएं परीक्षा में शामिल हुईं और सभी उत्तीर्ण रहीं। सेंट जेवियर स्कूल में लक्ष्य पांडे ने 85 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अब्दुल एहमद ने 80 प्रतिशत अंक के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। विद्यालय के 14 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और सभी उत्तीर्ण रहे।<br />विद्यालयों के प्रधानाचार्यों अनिल शर्मा, अनुपमा साह, भुवन चन्द्र त्रिपाठी, ए. इमैन्युअल, डॉ. सूर्य प्रकाश तथा नईम खान ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 08:05:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand:  गैस संकट से महंगा हुआ खाना, नैनीताल में होटल-रेस्टोरेंट में 20% तक बढ़े दाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गौरव जोशी, नैनीताल।</strong> पर्यटन नगरी नैनीताल में इन दिनों व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी और बढ़ती कीमतों ने होटल व रेस्टोरेंट कारोबार को प्रभावित कर दिया है। गैस संकट के चलते अधिकांश होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने खाने-पीने की वस्तुओं के दामों में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।</p>
<p>व्यवसायियों के अनुसार पिछले कुछ समय से व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित हो रही है। समय पर पर्याप्त गैस नहीं मिलने से संचालन प्रभावित हो रहा है, वहीं सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि से लागत भी बढ़ गई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578707/gas-crisis-drives-up-food-prices--hotel-and-restaurant-rates-in-nainital-rise-by-up-to-20"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/food.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गौरव जोशी, नैनीताल।</strong> पर्यटन नगरी नैनीताल में इन दिनों व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी और बढ़ती कीमतों ने होटल व रेस्टोरेंट कारोबार को प्रभावित कर दिया है। गैस संकट के चलते अधिकांश होटल-रेस्टोरेंट संचालकों ने खाने-पीने की वस्तुओं के दामों में करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।</p>
<p>व्यवसायियों के अनुसार पिछले कुछ समय से व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित हो रही है। समय पर पर्याप्त गैस नहीं मिलने से संचालन प्रभावित हो रहा है, वहीं सिलेंडरों की कीमतों में वृद्धि से लागत भी बढ़ गई है। ऐसे में संचालकों को मजबूरन मेन्यू के दाम बढ़ाने पड़े हैं। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण कई बार वैकल्पिक व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं, जो अधिक महंगी साबित हो रही हैं। इससे मुनाफा घट रहा है और कारोबार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि जल्द आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है।</p>
<p>वहीं, पर्यटकों और स्थानीय ग्राहकों ने बढ़े दामों पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पर्यटन सीजन में पहले ही खर्च अधिक होता है, ऐसे में खाने-पीने की वस्तुएं महंगी होने से बजट बिगड़ रहा है। उधर संबंधित विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि गैस आपूर्ति को सुचारू बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गैस संकट लंबे समय तक बना रहा, तो इसका असर नैनीताल के पर्यटन कारोबार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। होटल संचालकों को कहना है कि गैस की कमी और बढ़ती कीमतों ने लागत बढ़ा दी है, इसलिए दाम बढ़ाने पड़े। रेस्टोरेंट संचालक के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था महंगी पड़ रही है, जिससे मुनाफा घट रहा है। पर्यटक के अनुसार खाने के दाम बढ़ने से बजट बिगड़ रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578707/gas-crisis-drives-up-food-prices--hotel-and-restaurant-rates-in-nainital-rise-by-up-to-20</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 14:27:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: दुर्दशा पर आंसू बहा रही रामपुर की भूल भुलैया, 1840 में नवाब अहमद अली खां ने कराया था निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामपुर, अमृत विचार।</strong> रेलवे स्टेशन से करीब 12 किमी दूर स्थित ग्राम सैजनी नानकार में लखनऊ की तर्ज पर भूल भुलैया है। इस भूल भुलैया का जीर्णोद्धार कराकर नैनीताल आने-जाने वाले पर्यटकों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया जा सकता है। पर्यटकों की आवाजाही से पैसे की आवक भी होगी। अष्टकोणीय भूल भुलैया में एक ही तरह के दरो दीवार भ्रम पैदा करते हैं। लोग इन दरवाजों में घूमकर उसी जगह पहुंच जाते हैं।</p>
<p>राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय से उत्तर दिशा में स्थित घनी झाड़ियों के बीच से एक संकरी सड़क भूल भुलैया तक पहुंचाती है। भूल भुलैया पर उत्तकीर्ण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578703/rampur-s--bhul-bhulaiya---labyrinth--sheds-tears-over-its-dilapidated-state--it-was-constructed-in-1840-by-nawab-ahmad-ali-khan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/bhool.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामपुर, अमृत विचार।</strong> रेलवे स्टेशन से करीब 12 किमी दूर स्थित ग्राम सैजनी नानकार में लखनऊ की तर्ज पर भूल भुलैया है। इस भूल भुलैया का जीर्णोद्धार कराकर नैनीताल आने-जाने वाले पर्यटकों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया जा सकता है। पर्यटकों की आवाजाही से पैसे की आवक भी होगी। अष्टकोणीय भूल भुलैया में एक ही तरह के दरो दीवार भ्रम पैदा करते हैं। लोग इन दरवाजों में घूमकर उसी जगह पहुंच जाते हैं।</p>
<p>राजकीय रजा स्नातकोत्तर महाविद्यालय से उत्तर दिशा में स्थित घनी झाड़ियों के बीच से एक संकरी सड़क भूल भुलैया तक पहुंचाती है। भूल भुलैया पर उत्तकीर्ण नक्काशी बरबस ही अपनी ओर ध्यान खींचती है। अष्टकोणीय इमारत के आठों ओर एक जैसे प्रवेश द्वार हैं। भीतर विशालकाय दरख्त हैं। जिनकी छाया के कारण दिन में भी अंधेरा रहता है। मकबरानुमा बनी भूल भुलैया के बीचों-बीच नवाब परिवार के लोगों की कबरें हैं। अहाते में करीब नवाब दौर का बना हुआ गहरा कुआं है। इस भूल भुलैया का निर्माण 1840 में नवाब अहमद अली खां ने कराया था। इसके बाद वर्ष 1930 में नवाब हामिद अली खां ने इसका जीर्णोद्धार कराया। फिलहाल रामपुर की भूल भुलैया अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है।</p>
<p>नैनीताल और दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर लगे होर्डिंग<br />रामपुर में विश्व प्रसिद्ध रजा लाइब्रेरी, गांधी समाधि, जामा मस्जिद, भूल भुलैया, नबी-ए-करीम का कदम शरीफ, इमामबाड़ा, नवाब फैजुल्लाह खां का मकबरा, जनाबे आलिया का लाल मकबरा, भमरौआ और रठौंडा स्थित पातालेश्वर मंदिर समेत कई दर्शनीय स्थल हैं। यदि नैनीताल और दिल्ली लखनऊ हाईवे पर होर्डिंग लगाकर पर्यटकों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जा सकता है। भूल भुलैया, नबी ए करीम का कदम शरीफ का सौंदर्यीकरण कराकर यहां रेस्टोरेंट आदि खोलकर लोगों को बड़ा रोजगार मिल सकता है।</p>
<p>वरिष्ठ इतिहासकार डॉ. जहीर सिद्दीकी ने बताया कि सैजनी नानकार में वर्ष 1840 के आसपास नवाब अहमद अली खां ने एक अष्टकोणीय मकबरे का निर्माण कराया था। जिसमें एक जैसे 58 द्वार हैं इस इमारत को स्थानीय स्तर पर भूल भुलैया कहा जाता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>रामपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 14:04:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: आधी रात आफत की आंधी-बारिश, कई घरों की छतें उड़ीं, तलाशना पड़ा सुरक्षित ठिकाना </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>रविवार रात अचानक आए तेज तूफान ने नैनीताल जिले के कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचायी। इस बीच तेज हवाओं से कई मकानों की छतें उड़ गईं, मकान ध्वस्त हो गए और पेड़ गिर पड़े। कई लोगों को सुरक्षित ठकाना तलाशना पड़ा।</p>
<p>भीमताल ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले चोपड़ा गांव में तूफान का सबसे अधिक असर देखने को मिला। ग्राम सभा चोपड़ा के निवासी कंचन सिंह कुंवर ने बताया कि रविवार आधी रात करीब एक बजे तेज तूफान आया और देखते ही देखते उनके मकान की पूरी छत (टीन चादर) उड़ गई। उस समय वह और उनकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575474/midnight-storm-unleashes-havoc--roofs-blown-off-several-homes--residents-forced-to-seek-safe-shelter"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/er4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार। </strong>रविवार रात अचानक आए तेज तूफान ने नैनीताल जिले के कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचायी। इस बीच तेज हवाओं से कई मकानों की छतें उड़ गईं, मकान ध्वस्त हो गए और पेड़ गिर पड़े। कई लोगों को सुरक्षित ठकाना तलाशना पड़ा।</p>
<p>भीमताल ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले चोपड़ा गांव में तूफान का सबसे अधिक असर देखने को मिला। ग्राम सभा चोपड़ा के निवासी कंचन सिंह कुंवर ने बताया कि रविवार आधी रात करीब एक बजे तेज तूफान आया और देखते ही देखते उनके मकान की पूरी छत (टीन चादर) उड़ गई। उस समय वह और उनकी पत्नी ममता देवी घर के अंदर ही मौजूद थे।</p>
<p>तेज हवा और तूफान के कारण स्थिति इतनी भयावह हो गई कि दोनों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत घर से बाहर भागना पड़ा। इस घटना में उनके मकान को काफी नुकसान हुआ है और अब उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। तूफान का असर आसपास के अन्य गांवों में भी देखने को मिला।</p>
<p>जंतवाल गांव में कमल जंतवाल, सूर्या गांव में भुवन सिंह सूर्या व दोगड़ा गांव में पान सिंह बिष्ट के घरों की छतें भी तेज हवाओं के कारण उड़ गईं। ग्रामीणों के अनुसार तूफान कुछ ही देर चला, लेकिन इस दौरान तेज हवाओं ने काफी नुकसान पहुंचाया।</p>
<p>ग्रामीणों ने बताया कि अचानक आए इस तूफान से कई परिवारों को आर्थिक नुकसान हुआ है। जिन घरों की छतें उड़ गई हैं, वहां रहने वाले लोग फिलहाल रिश्तेदारों या पड़ोसियों के घरों में शरण लेने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से उचित मुआवजा देने की मांग की है। चोपड़ा गांव की ग्राम प्रधान बीना जीना का कहना है कि प्रशासन सहायता उपलब्ध कराई जाती है तो प्रभावित परिवारों को राहत मिल सकेगी।</p>
<p>चोपड़ा पट्टी पटवारी शिव सिंह ने बताया कि तूफान से हुए नुकसान वाले सभी गांवो का मौके पर जाकर निरीक्षण कर लिया गया है। प्रभावित परिवारों से भी जानकारी ली गई है। क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे आगे की कार्रवाई और सहायता के लिए संबंधित विभाग को भेजा जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575474/midnight-storm-unleashes-havoc--roofs-blown-off-several-homes--residents-forced-to-seek-safe-shelter</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 07:09:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: भीमताल, नौकुचियाताला, कमलताल झीलों का होगा सौंदर्यीकरण</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी/देहरादून, अमृत विचार।</strong> राज्य सरकार नैनीताल जनपद की प्रमुख झीलों को और अधिक आकर्षक व सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सचिवालय में झीलों के पुनर्विकास और सौन्दर्यीकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इसमें नैनीताल डीएम जिलाधिकारी डॉ. ललित मोहन रयाल वर्चुअली जुड़े।</p>
<p>बैठक में सचिव आर राजेश कुमार ने कहा कि भीमताल झील के पुनर्विकास और सौन्दर्यीकरण पर विशेष चर्चा हुई। करीब 2567.49 लाख रुपये की लागत वाली इस योजना का उद्देश्य झील क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से अधिक आकर्षक और सुविधाजनक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574132/bhimtal--naukuchiatala--kamaltal-lakes-will-be-beautified"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/bhimtal.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी/देहरादून, अमृत विचार।</strong> राज्य सरकार नैनीताल जनपद की प्रमुख झीलों को और अधिक आकर्षक व सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सचिवालय में झीलों के पुनर्विकास और सौन्दर्यीकरण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की। इसमें नैनीताल डीएम जिलाधिकारी डॉ. ललित मोहन रयाल वर्चुअली जुड़े।</p>
<p>बैठक में सचिव आर राजेश कुमार ने कहा कि भीमताल झील के पुनर्विकास और सौन्दर्यीकरण पर विशेष चर्चा हुई। करीब 2567.49 लाख रुपये की लागत वाली इस योजना का उद्देश्य झील क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से अधिक आकर्षक और सुविधाजनक बनाना है। इसके तहत झील के चारों ओर सुरक्षित पाथ-वे बनाया जाएगा। साथ ही सुभाष पार्क और दीनदयाल पार्क का सौन्दर्यीकरण, लगभग 40 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग, लैंडस्केपिंग, ओपन सिटिंग एरिया और बच्चों के लिए खेल क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। पूरे क्षेत्र में बेहतर प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी।</p>
<p>उन्होंने नौकुचियाताल और कमलताल झीलों के विकास की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि 2097.02 लाख रुपये की लागत से नौकुचियाताल झील के चारों ओर करीब 2089 मीटर लंबा पाथ-वे बनाया जाएगा। इसके अलावा चार गजिबो, सेल्फी प्वाइंट, पार्किंग और बोटिंग स्टैंड भी विकसित किए जाएंगे। उन्होंने इन प्रोजेक्ट्स को जल्द पूरा करने को कहा ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिल सकें। सचिव डॉ. राजेश कुमार ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं तय समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं, ताकि पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो सके।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:08:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: नैनीताल भरेगा न्यायिक प्रक्रिया की डिजिटल उड़ान, एआई बनेगा अधिवक्ताओं की ताकत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार। </strong>जिला बार एसोसिएशन नैनीताल में गुरुवार को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित डिजिटल ई-लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे न्यायिक कार्यप्रणाली को गति देने वाली ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि उच्च न्यायालयों से प्रतिदिन आने वाले आदेशों और निर्णयों की त्वरित जानकारी अधिवक्ताओं और वादकारियों दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है।</p>
<p>जिला न्यायाधीश ने कहा कि डिजिटल संसाधनों के माध्यम से अधिवक्ता नवीनतम फैसलों और विधिक तथ्यों से तुरंत अवगत हो सकेंगे, जिससे न्याय प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनेगी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573445/nainital-will-take-the-judicial-process-digitally--ai-will-become-the-strength-of-advocates"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/lib.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार। </strong>जिला बार एसोसिएशन नैनीताल में गुरुवार को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित डिजिटल ई-लाइब्रेरी का भव्य उद्घाटन जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर उन्होंने इसे न्यायिक कार्यप्रणाली को गति देने वाली ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि उच्च न्यायालयों से प्रतिदिन आने वाले आदेशों और निर्णयों की त्वरित जानकारी अधिवक्ताओं और वादकारियों दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है।</p>
<p>जिला न्यायाधीश ने कहा कि डिजिटल संसाधनों के माध्यम से अधिवक्ता नवीनतम फैसलों और विधिक तथ्यों से तुरंत अवगत हो सकेंगे, जिससे न्याय प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनेगी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भगवत प्रसाद ने इस पहल को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि ई-लाइब्रेरी में उच्चतम न्यायालय तथा देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों से जुड़े 27 लाख से अधिक प्रकरणों का डाटाबेस उपलब्ध है। </p>
<p>इससे अधिवक्ताओं को शोध कार्य में व्यापक सहायता मिलेगी। इससे समय की बचत भी होगी। एसोसिएशन के सचिव दीपक रूवाली ने बताया कि डिजिटल ई-लाइब्रेरी अत्याधुनिक एआई फीचर से लैस है। इसमें सिविल क्रिमिनल सर्विस ट्रिब्यूनल और एनआई एक्ट सहित विभिन्न प्रकार के मामलों में प्रश्न पूछने पर त्वरित और सटीक उत्तर प्राप्त किए जा सकेंगे। साथ ही याचिकाओं और प्रार्थना पत्रों की ड्राफ्टिंग में भी यह प्रणाली बेहद उपयोगी सिद्ध होगी। नई व्यवस्था से नैनीताल की न्यायिक कार्यप्रणाली में तकनीकी क्रांति का आगाज माना जा रहा है। अधिवक्ताओं ने इसे डिजिटल युग की दिशा में एक सशक्त और दूरदर्शी कदम बताया है।</p>
<p>कार्यक्रम में उपाध्यक्ष शंकर सिंह चौहान, वरिष्ठ अधिवक्ता मान सिंह बिष्ट, हरिशंकर कंसल, मनीष मोहन जोशी, राजेश चंदोला, सुशील शर्मा, पंकज बिष्ट, प्रीति साह, मंजू कोटलिया, बलवंत सिंह थलाल, हरीश भट्ट, प्रदीप परगाई, चंद्रेश ममगई, भरत भट्ट, ओंकार गोस्वामी, संजय सुयाल, अर्चित गुप्ता, संजय सिंह बिष्ट, भानु प्रताप मौनी, गंगा सिंह बोरा, तारा आर्या, दीपक दत्त, मोहन नाथ गोस्वामी, जयंत नैनवाल, मुन्नी आर्या, सरिता बिष्ट, किरन आर्या, आरती, कामिनी गंगवार, जया आर्या, भावना जंतवाल, मीनाक्षी, तानुप्रिया जोशी, दिव्या, बार क्लर्क आनंद चंद्रा आदि मौजूद रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 17:53:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मंगलवार को लगेगा वर्ष का पहला वलयाकार सूर्य ग्रहण, चंद्रग्रहण की खगोलीय घटना 3 मार्च को होगी, जो भारत से देखी जा सकेगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार। </strong>मंगलवार 17 फरवरी को लगने जा रहा वर्ष का पहला सूर्यग्रहण रिंग ऑफ फायर यानि वलयाकार होगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका के ऊपर दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण नहीं देखा जा सकेगा। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत से देखा जा सकेगा। यह वलयाकार सूर्यग्रहण दक्षिणी गोलार्ध में लगने जा रहा है। जिसका पाथ अंटार्कटिका से होकर जाएगा। इसका पाथ बहुत संकरा है, जो  लगभग 616 किमी चौड़ी पट्टी का होगा, जबकि इसकी लंबाई में 4282 किमी का क्षेत्र कवर करेगा। </p>
<p>भारतीय समयानुसार दोपहर 3.26 बजे सूर्यग्रहण लगना शुरू होगा। इस ग्रहण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571164/the-first-annular-solar-eclipse-of-the-year-will-occur-on-tuesday--while-the-lunar-eclipse-will-occur-on-march-3--which-will-be-visible-from-india"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/cats146.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार। </strong>मंगलवार 17 फरवरी को लगने जा रहा वर्ष का पहला सूर्यग्रहण रिंग ऑफ फायर यानि वलयाकार होगा। यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका के ऊपर दिखाई देगा। भारत में यह ग्रहण नहीं देखा जा सकेगा। 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होगा, जो भारत से देखा जा सकेगा। यह वलयाकार सूर्यग्रहण दक्षिणी गोलार्ध में लगने जा रहा है। जिसका पाथ अंटार्कटिका से होकर जाएगा। इसका पाथ बहुत संकरा है, जो  लगभग 616 किमी चौड़ी पट्टी का होगा, जबकि इसकी लंबाई में 4282 किमी का क्षेत्र कवर करेगा। </p>
<p>भारतीय समयानुसार दोपहर 3.26 बजे सूर्यग्रहण लगना शुरू होगा। इस ग्रहण में सूर्य का सिर्फ बीच का हिस्सा ग्रहण की चपेट में आता है, जबकि किनारे ग्रहण से मुक्त रहते है। जिसके चलते यह आग का छल्ला जैसा दिखाई देता है। देखने में ग्रहण का यह दृश्य मनमोहक लगता है।  चंद्रमा और सूर्य के बीच की दूरी अधिक होने के कारण वलयाकार सूर्य ग्रहण होता है, जबकि पूर्ण सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूरज को पूरी तरह ढक लेता है। वलयाकार सूर्य ग्रहण की अवधि दो मिनट की रहेगी। इसके बाद आंशिक ग्रहण बना रहेगा।</p>
<p>भारतीय समयानुसार ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3.26 बजे होगी। शाम 5:42 बजे ग्रहण मध्यस्था में होगा। शाम 7.57 बजे सूर्य ग्रहण के साए से मुक्त हो जाएगा। भारत में सूर्य नीचे होने के कारण ग्रहण दिखाई नहीं देगा। इसके बाद अगला सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा, जो पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। यह ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा। इसके बाद चंद्र ग्रहण तीन मार्च को लगने जा रहा, हो भारत से देखा जा सकेगा। </p>
<h5><strong>मनमोहक होगा नजारा </strong></h5>
<p><strong>नैनीताल:</strong> आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के पूर्व निदेशक डॉ. वहाबउद्दीन के अनुसार ग्रहण की घटना अद्भुत होती है। वलयाकार सूर्य ग्रहण मनमोहक होता है, जबकि पूर्ण सूर्य ग्रहण वैज्ञानिक दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण होता है, जिसमें सूरज के कोरोना को देखा जा सकता है। वैज्ञानिक अध्ययन के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण होता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 14 Feb 2026 05:47:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : उत्तराखंड के ट्रक चोर गैंग सरगना की जमानत अर्जी खारिज</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, बरेली।</strong> उत्तराखंड के ट्रक चोर गैंग के सरगना उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के हल्द्वानी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर कालोनी निवासी नवाब अंसारी उर्फ गुड्डू वारसी उर्फ फिटवेल टेलर की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय राघवेन्द्र मणि ने खारिज कर दी।</p>
<p>सरकारी वकील संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि एसआई राशिद अली ने थाना हाफिजगंज में तहरीर देकर बताया था कि 21 मई 2024 को पुलिस टीम के साथ अपराधी की तलाश में मुस्तैद थे। मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति वाहनों की चोरी करके फर्जी एनओसी तैयार कराकर आरटीओ ऑफिस में रजिस्ट्रेशन कराकर फर्जी इंश्योरेंस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570352/the-bail-application-of-the-truck-theft-gang-leader-from-uttarakhand-has-been-rejected"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/adalat2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, बरेली।</strong> उत्तराखंड के ट्रक चोर गैंग के सरगना उत्तराखंड के नैनीताल जनपद के हल्द्वानी थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर कालोनी निवासी नवाब अंसारी उर्फ गुड्डू वारसी उर्फ फिटवेल टेलर की जमानत अर्जी अपर सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय राघवेन्द्र मणि ने खारिज कर दी।</p>
<p>सरकारी वकील संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि एसआई राशिद अली ने थाना हाफिजगंज में तहरीर देकर बताया था कि 21 मई 2024 को पुलिस टीम के साथ अपराधी की तलाश में मुस्तैद थे। मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ व्यक्ति वाहनों की चोरी करके फर्जी एनओसी तैयार कराकर आरटीओ ऑफिस में रजिस्ट्रेशन कराकर फर्जी इंश्योरेंस कराकर वाहनों की बिक्री करते हैं। </p>
<p>इसी क्रम में यह व्यक्ति चोरी के 3 ट्रक लिये बिक्री की फिराक में ग्राहकों के इंतजार में भट्टा तिराहा हाफिजगंज के पास खड़े हैं। पुलिस ने मौके पर दबिश देकर 4 व्यक्तियों को पकड़ा था। पकड़े गये लोगों ने अपने नाम मुजाहिद, शराफत, शाकिर हुसैन व अंजुम बताया था। पुलिस को बताया था कि हम चारों और हमारे सरगना नवाब अंसारी उर्फ गुड्डू वारसी उर्फ फिटवेल टेलर उत्तराखंड का एक संगठित वाहन चोरों का गैंग है। </p>
<p>हम लोग जगह-जगह से वाहनों की चोरी करते हैं और हमारे अन्य साथी गौतम तथा निकिल जो आरटीओ के दलाल हैं वह चोरी के वाहनों का कूट रचित रजिस्ट्रेशन व इन्श्योरेंस व एनओसी कराते हैं। वाहनों के इंजन नम्बर व चेसिस नम्बरों की कूटरचना करते हैं व अपठनीय करते है व फर्जी दस्तावेजों को असली के रूप में प्रयोग कर चोरी के वाहनों को असली के रूप में बिक्री कर आर्थिक लाभ कमाते हैं। पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 06:06:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तराखंड : एशिया की सबसे बड़ी अत्याधुनिक दूरबीन होगी एनएलओटी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार, नैनीताल।</strong> 13.6 मीटर व्यास की नेशनल लार्ज ऑप्टिकल टेलीस्कोप (एनएलओटी) अनेक खगोलीय उद्देश्यों की पूर्ति करेगी। इस दूरबीन में इंफ्रारेड तकनीक शामिल की जाएगी। प्रस्तावित यह दूरबीन एशिया की सबसे बड़ी दूरबीन होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में अभी तक तक 3.6 मीटर ऑप्टिकल दूरबीन आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के देव स्थल में मौजूद है, जबकि 4 मीटर की लिक्विड मिरर टेलीकॉप भी यहीं स्थित है। अब 13.6 मीटर व्यास की नेशनल लार्ज ऑप्टिकल टेलीस्कोप का प्रस्ताव है, जो कई विशेषताओं को लेकर बनाई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दूरबीन के मुख्य उद्देश्य स्टार और प्लैनेट फॉर्मेशन यानी तारों और ग्रहों का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569958/uttarakhand--nlot-will-be-asia-s-largest-state-of-the-art-telescope"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/cats36.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार, नैनीताल।</strong> 13.6 मीटर व्यास की नेशनल लार्ज ऑप्टिकल टेलीस्कोप (एनएलओटी) अनेक खगोलीय उद्देश्यों की पूर्ति करेगी। इस दूरबीन में इंफ्रारेड तकनीक शामिल की जाएगी। प्रस्तावित यह दूरबीन एशिया की सबसे बड़ी दूरबीन होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">देश में अभी तक तक 3.6 मीटर ऑप्टिकल दूरबीन आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के देव स्थल में मौजूद है, जबकि 4 मीटर की लिक्विड मिरर टेलीकॉप भी यहीं स्थित है। अब 13.6 मीटर व्यास की नेशनल लार्ज ऑप्टिकल टेलीस्कोप का प्रस्ताव है, जो कई विशेषताओं को लेकर बनाई जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दूरबीन के मुख्य उद्देश्य स्टार और प्लैनेट फॉर्मेशन यानी तारों और ग्रहों का अध्ययन करना होगा। साथ ही बाहरी ग्रह (एक्सोप्लैनेट्स) में जीवन की तलाश करना होगा। दूर की आकाशगंगाओं की खोज के साथ आकाशगंगाओं की गतिविधियों के साथ अनछुए पहलुओं को उजागर करना होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्रह्मांड का संचालन और कैमेस्ट्री को समझना भी इस दूरबीन के उद्देश्यों में शामिल किया गया है। जीआरबी यानि तारों में होने वाले विस्फोटों की भी इस दूरबीन से खोज की जा सकेगी। इसके अलावा  ब्रह्मांड का शुरुआती चरण यानी अतीत की जानकारी जुटाना भी इस दूरबीन के मुख्य कार्यों में शामिल किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस परियोजना को अधिकांशतः स्वदेशी तकनीक से बनाया जाएगा। भारतीय तारा भौतिकी संस्थान बंगलुरु इस दूरबीन का नेतृत्व कर कर रहा है। इसे स्थापित किए जाने के लिए जगह निर्धारित नहीं की गई है। मगर संभवतः इसके लद्दाख में स्थापित किए जाने की संभावना है।</p>
<p style="text-align:justify;">लद्दाख खगोलीय अध्ययन के क्षेत्र में दुनिया के श्रेष्ठ स्थानों में गिना जाता है। जिस कारण इसे लद्दाख में स्थापित किए जाने की अधिक संभावना जताई जा रही है। एरीज की देव स्थल में स्थित 3.6 मीटर की ऑप्टिकल दूरबीन के निर्माण का अनुभव भी इस दूरबीन के काम आएगा। एशिया की सबसे बड़ी प्रस्तावित दूरबीन का बजट अभी तय नहीं हो पाया है। </p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जल्द अमली जमा पहनाने की तैयारी की जा रही है </strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>नैनीताल: </strong>आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के निदेशक डा मनीष नाजा के अनुसार नेशनल लार्ज ऑप्टिकल टेलीस्कोप (एनएलओटी) को अमली जामा पहनाने की तैयारी की जा रही है। कुछ समय पूर्व इस दूरबीन को लेकर बंगलुरु में हुई बैठक में वह शामिल हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह दूरबीन अत्याधुनिक तकनीक व संसाधनों के जरिए निर्मित की जाएगी। एशिया में अभी तक सबसे बड़ी 10 मीटर की ऑप्टिकल दूरबीन जापान में है, जबकि यह  दूरबीन 13.6 मीटर की होगी। इसे इन्फ्रारेड से जोड़े जाने की योजना हाल ही में प्रस्तावित की गई। इसके निर्माण में कुछ वर्ष का समय लगेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 04 Feb 2026 06:17:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Gen Z में कैंची धाम की बढ़ती प्रसिद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">नैनीताल स्थित बाबा नीम करौली के कैंची धाम की प्रसिद्धि में पिछले कुछ वर्षों में असाधारण वृद्धि हुई है। श्रद्धालुओं के जत्थे पर जत्थे यहां सिर नवाते हुए देखे जा सकते हैं। छुट्टियों में इतनी अधिक भीड़ हो जाती है कि नैनीताल जाने वाली सड़क पर मीलों लंबा जाम लग जाता है। सड़क के दो, कैंची जैसे तीखे मोड़ों पर स्थित होने के कारण इसका नाम कैंची धाम पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन विभाग के सहयोग से कराए गए एक अध्ययन में पाया गया कि इस धाम में बाबा नीम करौली और उनके द्वारा स्थापित हनुमान जी के मंदिर में दर्शन करने वाले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568032/the-growing-popularity-of-kainchi-dham-among-gen-z"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(4)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नैनीताल स्थित बाबा नीम करौली के कैंची धाम की प्रसिद्धि में पिछले कुछ वर्षों में असाधारण वृद्धि हुई है। श्रद्धालुओं के जत्थे पर जत्थे यहां सिर नवाते हुए देखे जा सकते हैं। छुट्टियों में इतनी अधिक भीड़ हो जाती है कि नैनीताल जाने वाली सड़क पर मीलों लंबा जाम लग जाता है। सड़क के दो, कैंची जैसे तीखे मोड़ों पर स्थित होने के कारण इसका नाम कैंची धाम पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन विभाग के सहयोग से कराए गए एक अध्ययन में पाया गया कि इस धाम में बाबा नीम करौली और उनके द्वारा स्थापित हनुमान जी के मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं में अधिकांशतः 15 से 30 वर्ष की आयु वर्ग के युवा हैं। यह कुल आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का लगभग 67 प्रतिशत है। <strong>- टि्वंकल तोमर सिंह</strong></p>
<p style="text-align:justify;">कैंची धाम पहुंचने वाली पीढ़ी व पीढ़ी है, जिसे हम जेन-जी के नाम से जानते हैं। रील्स के माध्यम स्वयं को व्यक्त करने वाली, सोशल मीडिया पर अपने छोटे से छोटे अधिकार के लिए आवाज उठाने वाली, तेजी से डिजिटल एक्सपर्ट होने वाली यह पीढ़ी एकाएक इतनी आध्यात्मिक और आस्थावान कैसे हो गई, यह भी शोध का विषय हो सकता है। क्या यह पीढ़ी किसी आध्यात्मिक शांति की तलाश में है? या फिर नीम करौली बाबा में उनकी आस्था को सचमुच में आधार मिला है? या फिर वे किसी चमत्कार की आस में वहां जा रहे हैं? </p>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि यह स्थान एप्पल व फेसबुक के संस्थापकों जैसी प्रसिद्ध हस्तियों की यात्राओं के कारण यह स्थान, जिसके बारे में पहले कम ही लोग जानते थे, अब अचानक चर्चित हो गया। कहा जाता है कि एप्पल कंपनी के संस्थापक, स्टीव जॉब्स, 1974 में नीम करोली बाबा से मिलने भारत आए थे। बाबा के निधन के बाद भी वे कुछ दिन आश्रम में रुके थे, जिससे उन्हें आध्यात्मिक प्रेरणा मिली और यह उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण अनुभव रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके आशीर्वाद के कारण ही वे एक सफल बिजनेसमैन बन सके। इसी प्रकार यह भी कहा जाता है कि फेसबुक के संस्थापक, मार्क जुकरबर्ग, स्टीव जॉब्स की सलाह पर, फेसबुक के शुरुआती मुश्किल दौर में कैंची धाम आए थे। इस यात्रा से उन्हें नई दिशा मिली और यह उनके जीवन में एक परिवर्तनकारी घटना थी। उसके बाद उनकी सफलता के हम सब साक्षी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अब प्रश्न यह उठता है कि क्या युवा वर्ग में कैंची धाम के प्रति बढ़ता क्रेज वास्तव में बाबा में उनकी श्रद्धा का परिणाम है या फिर वैश्विक स्तर के उनके दो आदर्शों ने उनके मन में यह प्रेरणा भरी है? युवा वर्ग के हृदय में अध्यात्म ने वास्तव में घर कर लिया है या इस लालच ने कि उनके धनी और सफल आदर्शों की तरह ही बाबा के दर्शनों से उनके जीवन में रातोंरात चमत्कार हो जाएगा और वे भी सितारे बन जाएंगे?</p>
<p style="text-align:justify;">अनुसरण उसी का किया जाता है, जिसकी तरह हम बनना चाहते हैं। वास्तव में अनुसरण तो बाबा नीम करौली द्वारा दी गई शिक्षाओं का होना चाहिए था। वे सेवा, त्याग, धर्म, तप के जीती जागती मिसाल थे। ऐसा प्रतीत होता है कि बाबा के द्वार पर सिर नवाकर युवा पीढ़ी यह आशीर्वाद चाहती है कि यू ट्यूब, इंस्टाग्राम पर हमारे मिलियंस फॉलोअर्स हो जाएं, लाखों में हमारी इनसे आय होने लगे, हमारी प्रसिद्धि विश्व के कोने-कोने तक पहुंच जाए। इन्हें संत नहीं, मन की मुराद पूरी करने वाला सांता चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>शब्द रंग</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568032/the-growing-popularity-of-kainchi-dham-among-gen-z</link>
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                <pubDate>Tue, 20 Jan 2026 09:00:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
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