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                <title>Demand - Amrit Vichar</title>
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                            <item>
                <title>चुनाव सुधारों पर मायावती का बड़ा बयान, तीन अहम सुधारों की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> संसद में चुनाव सुधारों को लेकर जारी चर्चा के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने चुनावी प्रणाली की खामियों को दूर करने के लिए तीन बड़े सुधारों की जोरदार वकालत की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची की सही और व्यापक तैयारी, उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास की अनिवार्य पारदर्शिता और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर व्यवस्था की वापसी आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">मायावती ने एक्स पर लिखा कि पूरे देश में एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची तैयार की जा रही है, जिसका बसपा विरोध नहीं करती। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562938/mayawati-s-big-statement-on-electoral-reforms--demands-three-important-reforms"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-04/मायावती.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> संसद में चुनाव सुधारों को लेकर जारी चर्चा के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने चुनावी प्रणाली की खामियों को दूर करने के लिए तीन बड़े सुधारों की जोरदार वकालत की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची की सही और व्यापक तैयारी, उम्मीदवारों के आपराधिक इतिहास की अनिवार्य पारदर्शिता और ईवीएम की जगह बैलेट पेपर व्यवस्था की वापसी आवश्यक है।</p>
<p style="text-align:justify;">मायावती ने एक्स पर लिखा कि पूरे देश में एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से मतदाता सूची तैयार की जा रही है, जिसका बसपा विरोध नहीं करती। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन की प्रक्रिया तय समय सीमा के कारण पूरी नहीं हो पाती, जिससे लाखों पात्र मतदाता अपने वोट के अधिकार से वंचित हो जाते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बीएलओ पर अधिक दबाव होने और जांच में लापरवाही की शिकायतें आने का उल्लेख किया। बसपा प्रमुख ने सुझाव दिया कि सूची संशोधन की समय सीमा बढ़ाई जाए और प्रक्रिया को ईमानदारी व पारदर्शिता के साथ पूरा कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर न रह जाए। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रत्याशियों के आपराधिक इतिहास का मुद्दा भी गंभीरता से उठाते हुए कहा कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के बावजूद कई राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों के खिलाफ दर्ज मामलों की जानकारी सार्वजनिक करने से बचते हैं। ऐसे में नामांकन की जांच के दौरान जब नए तथ्य सामने आते हैं तो दोष चुनाव आयोग पर मढ़ दिया जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">मायावती ने कहा कि अपराधियों को टिकट देने वाली पार्टियों पर कानूनी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए। साथ ही, प्रत्याशियों के आपराधिक रिकॉर्ड को अखबारों और वेबसाइटों पर प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए, ताकि मतदाता सही जानकारी के साथ निर्णय ले सकें। </p>
<p style="text-align:justify;">ईवीएम पर सवाल उठाते हुए मायावती ने कहा कि चुनाव के दौरान और उसके बाद ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर संदेह जताए जाते रहे हैं। वीवीपैट पर्चियों की गिनती और मतों में मेल न होने पर विवाद और बढ़ जाता है। उन्होंने फिर दोहराया कि बैलेट पेपर की प्रणाली पूरी तरह पारदर्शी होती है और इसमें किसी तरह की शंका की गुंजाइश नहीं रहती। यदि बैलेट पेपर से मतदान कराया जाए तो हर वोट की गिनती और सत्यापन सुनिश्चित हो सकेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रक्रिया में समय लगने का तर्क देकर चुनाव आयोग इन प्रस्तावों को टाल नहीं सकता, क्योंकि लोकतंत्र की विश्वसनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होने उम्मीद जताई कि संसद में चल रही बहस के दौरान इन सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रणाली में ये तीन सुधार लागू होने से जनता का विश्वास और मजबूत होगा और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी व निष्पक्ष बनेगी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 09 Dec 2025 15:00:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बाराबंकी: उपमंडी स्थल की जमीन वापस पाने की मांग तेज, किसानों ने सीएम लिखा पत्र, एसडीएम ने किया भूमि का मौका मुआयना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>फतेहपुर/बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>उपमंडी स्थल फतेहपुर से हटाई गई करीब 3.193 हेक्टेयर भूमि को मूल किसानों के नाम दर्ज कराने की मांग को लेकर क्षेत्रीय किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित शिकायती पत्र भेजा है। इस संबंध में एसडीएम और तहसीलदार वैशाली अहलावत ने रामनगर रोड स्थित विवादित भूमि का मौका मुआयना किया और हल्का लेखपाल को नवैय्यत की पूरी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।</p>
<p>बताया गया कि वर्ष 2004 में किसानों की सहमति के बिना उक्त भूमि को उपमंडी स्थल के लिए अधिग्रहीत कर लिया गया था, जिसका लंबे समय से भारतीय किसान यूनियन और स्थानीय संगठनों द्वारा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/554772/barabanki--demand-for-the-return-of-the-sub-market-land-intensifies--farmers-write-to-the-chief-minister--sdm-inspects-the-land"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/cats476.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>फतेहपुर/बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>उपमंडी स्थल फतेहपुर से हटाई गई करीब 3.193 हेक्टेयर भूमि को मूल किसानों के नाम दर्ज कराने की मांग को लेकर क्षेत्रीय किसानों ने मुख्यमंत्री को संबोधित शिकायती पत्र भेजा है। इस संबंध में एसडीएम और तहसीलदार वैशाली अहलावत ने रामनगर रोड स्थित विवादित भूमि का मौका मुआयना किया और हल्का लेखपाल को नवैय्यत की पूरी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।</p>
<p>बताया गया कि वर्ष 2004 में किसानों की सहमति के बिना उक्त भूमि को उपमंडी स्थल के लिए अधिग्रहीत कर लिया गया था, जिसका लंबे समय से भारतीय किसान यूनियन और स्थानीय संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है। अब चूंकि उपमंडी का नया स्थान कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के पास प्रस्तावित हो चुका है, किसानों ने पुरानी भूमि उन्हें लौटाने की मांग उठाई है।</p>
<p>इस जमीन पर सिविल न्यायालय बनाए जाने का भी एक प्रस्ताव वरिष्ठ अधिवक्ता श्रवण कुमार वर्मा ने प्रशासन के समक्ष रखा है। रामशंकर वर्मा, प्रेमचन्द्र राजपूत, विश्वनाथ गुप्ता, बालकराम, उदय वर्मा, नीरज शर्मा समेत कई किसानों ने बताया कि जमीन पर उनका हक बहाल किया जाए, ताकि वे अपनी जमीन का उपयोग कर सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 29 Sep 2025 20:33:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कांग्रेस ने जताई उम्मीद, प्रधानमंत्री मोदी खुद करेंगे सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि मंगलवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर आज शाम आयोजित सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे और पूरा देश एकजुटता के साथ इस हमले का करारा जवाब देगा। </p>
<p>पार्टी ने कहा कि पहलगाम में आतंकवादियों ने जिस क्रूरता से पर्यटकों को चुन-चुन कर निशाना बनाया वह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता पर हमला है और इस हमले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक की मांग की थी और सरकार ने भी इस दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534988/congress-expressed-hope-that-prime-minister-modi-himself-will-preside-over-the-all-party-meeting"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-11/जयराम-ठाकुर.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि मंगलवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के मद्देनजर आज शाम आयोजित सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे और पूरा देश एकजुटता के साथ इस हमले का करारा जवाब देगा। </p>
<p>पार्टी ने कहा कि पहलगाम में आतंकवादियों ने जिस क्रूरता से पर्यटकों को चुन-चुन कर निशाना बनाया वह हमारी राष्ट्रीय अस्मिता पर हमला है और इस हमले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक की मांग की थी और सरकार ने भी इस दिशा में सकारात्मक पहल करते हुए आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है। उम्मीद है कि पीएम मोदी खुद इस बैठक की आज अध्यक्षता करेंगे। </p>
<p>कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने यहां जारी एक बयान में कहा “22 अप्रैल की रात को ही कांग्रेस ने पहलगाम में हुए क्रूरतम आतंकी हमले और बड़ी संख्या में पर्यटकों की टारगेट किलिंग के मद्देनज़र एक सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की थी। मामले की अत्यधिक गंभीरता और देश के जनभावनाओं को देखते हुए, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अपेक्षा करती है कि आज शाम 6 बजे प्रस्तावित सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री करें, सभी राजनीतिक दलों को विश्वास में लें और एक साझा संकल्प का निर्माण करें।”  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/534988/congress-expressed-hope-that-prime-minister-modi-himself-will-preside-over-the-all-party-meeting</link>
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                <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 11:34:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र, अपतटीय खनन की निविदाएं रद्द करने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर केरल, गुजरात और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में अपतटीय खनन की अनुमति देने वाली निविदाओं को रद्द किए जाने की मांग की है। कांग्रेस नेता ने समुद्री जीवन के लिए खतरे की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रभाव का कोई आकलन किए बिना अपतटीय खनन ब्लॉक को निजी कंपनियों के लिए खोलना चिंताजनक है। </p>
<p>उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मैं केरल, गुजरात और अंडमान एवं निकोबार में अपतटीय खनन की अनुमति देने के केंद्र सरकार के फैसले की कड़ी निंदा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/530829/rahul-gandhi-wrote-a-letter-to-the-prime-minister--demanding-cancellation-of-offshore-mining-tenders"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/राहुल-गांधी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर केरल, गुजरात और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में अपतटीय खनन की अनुमति देने वाली निविदाओं को रद्द किए जाने की मांग की है। कांग्रेस नेता ने समुद्री जीवन के लिए खतरे की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रभाव का कोई आकलन किए बिना अपतटीय खनन ब्लॉक को निजी कंपनियों के लिए खोलना चिंताजनक है। </p>
<p>उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मैं केरल, गुजरात और अंडमान एवं निकोबार में अपतटीय खनन की अनुमति देने के केंद्र सरकार के फैसले की कड़ी निंदा करने के लिए आपको यह पत्र लिख रहा हूं।’’ गांधी ने 25 मार्च को लिखे अपने पत्र में प्रधानमंत्री से कहा कि तटीय समुदाय उस तरीके का विरोध कर रहे हैं जिसमें पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन किए बिना अपतटीय खनन के लिए निविदाएं जारी की गई हैं। यह पत्र उन्होंने रविवार को साझा किया।</p>
<p>उन्होंने कहा कि लाखों मछुआरों ने अपनी आजीविका और जीवन शैली पर पड़ने वाले इसके प्रभाव को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। गांधी ने अपने ‘व्हाट्सऐप’ चैनल पर कहा, ‘‘मैंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर केरल, गुजरात और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में स्थानीय हितधारकों से परामर्श किए बिना या पर्यावरण संबंधी अध्ययन किए बिना अपतटीय खनन के लिए दी गई अनुमति की निंदा की है।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘अपतटीय खनन लाखों मछुआरों की आजीविका को प्रभावित करेगा और हमारे विविध समुद्री जीवन को अपूरणीय क्षति पहुंचाएगा। सरकार को इस निर्णय को तुरंत वापस लेना चाहिए।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि अपतटीय क्षेत्र खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2023 पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि इसके प्रभाव का उचित आकलन किए बिना निजी कंपनियों के लिए अपतटीय खनन ब्लॉक खोलना चिंताजनक है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अध्ययन समुद्री जीवन के लिए खतरा, प्रवाल भित्तियों को नुकसान और मछलियों की संख्या की कमी समेत इसके प्रतिकूल प्रभावों की ओर इशारा करते हैं। उन्होंने कहा कि इस पृष्ठभूमि में, खान मंत्रालय द्वारा 13 अपतटीय ब्लॉक के लाइसेंस देने के लिए निविदाएं आमंत्रित किए जाने के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। </p>
<p>गांधी ने कहा कि इन 13 ब्लॉक में से मछली प्रजनन के लिए अहम स्थान कोल्लम के तट पर रेत उत्खनन के लिए तीन ब्लॉक और समुद्री जैव विविधता के केंद्र ग्रेट निकोबार द्वीप समूह के तट पर ‘पॉलीमेटेलिक नॉड्यूल’ के लिए तीन ब्लॉक शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि हितधारकों के साथ परामर्श के बिना या तटीय समुदायों पर इसके दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का आकलन किए बिना निविदाएं जारी की गईं।</p>
<p> गांधी ने दावा किया कि केरल विश्वविद्यालय के जलीय जीव विज्ञान एवं मत्स्य विभाग की समुद्री निगरानी प्रयोगशाला (एमएमएल) के सर्वेक्षण में पाया गया कि अपतटीय खनन से विशेष रूप से कोल्लम में मछली प्रजनन पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि केरल में 11 लाख से अधिक लोग मछली पकड़ने के व्यवसाय पर निर्भर हैं, यह उनका पारंपरिक व्यवसाय है और यह उनकी जीवनशैली से बहुत करीब से जुड़ा हुआ है। </p>
<p>‘ग्रेट निकोबार’ को विविध पारिस्थितिकी प्रणालियों के लिए वैश्विक स्तर पर जाना जाता है और यह वन्यजीवों की कई स्थानीय प्रजातियों का आवास है। उन्होंने कहा, ‘‘अपतटीय खनन के कारण होने वाला कोई भी नुकसान अपूरणीय क्षति कर सकता है। हमारे तटीय पारिस्थितिकी तंत्र के क्षरण ने चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को और बढ़ा दिया है तो ऐसे में यह चिंताजनक है कि सरकार वैज्ञानिक आकलन के बिना जानबूझकर ऐसी गतिविधियों को हरी झंडी दे रही है।’’ </p>
<p>गांधी ने कहा, ‘‘मैं सरकार से अपतटीय खनन ब्लॉक के लिए जारी निविदाओं को रद्द करने का पुरजोर आग्रह करता हूं।’’ इसके अलावा उन्होंने अपतटीय खनन के पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक प्रभाव का आकलन करने के लिए कठोर वैज्ञानिक अध्ययन किए जाने का आह्वान किया। गांधी ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोई भी बड़ा फैसला करने से पहले सभी हितधारकों, खासकर मछुआरों से सलाह मशविरा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘उनका जीवन हमारे महासागरों के भाग्य से जुड़ा हुआ है। आइए, हम सभी के लिए एक सतत भविष्य बनाने की दिशा में मिलकर काम करें।’’</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/530763/wife-threatens-to-kill-je-of-jal-nigam--says--if-you-speak-too-much--i-will-chop-you-and-fill-it-in-a-drum#gsc.tab=0">जल निगम के जेई को पत्नी ने दी जान से मारने की धमकी, कहा- ज्यादा बोलोगे तो काटकर ड्रम में भरवा दूंगी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/530829/rahul-gandhi-wrote-a-letter-to-the-prime-minister--demanding-cancellation-of-offshore-mining-tenders</link>
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                <pubDate>Mon, 31 Mar 2025 13:27:41 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>कर्मचारी आन्दोलन: दो माह में मांग पूरी करो सरकार, नहीं तो... महासंघ ने दी चेतावनी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने एक बार फिर शासन में बैठे अधिकारियों को चेतावनी दी है। महासंघ की तरफ से कहा गया है कि दो महीने के भीतर कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाए, नहीं तो साल 2025 के जनवरी महीने में किसी दिन भी कर्मचारी काम बंद कर आन्दोलन शुरू कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो इसकी सारी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। </p>
<p>दरअसल, निकाय कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों के लिए संघर्षरत हैं, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो रही है। यही वजह है कि कर्मचारी संघ ने अक्टूबर माह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/505737/employee-movement--government-should-fulfill-the-demand-in-two-months--otherwise%E2%80%A6-federation-gave-warning-send-feedbac"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/cats238.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने एक बार फिर शासन में बैठे अधिकारियों को चेतावनी दी है। महासंघ की तरफ से कहा गया है कि दो महीने के भीतर कर्मचारियों की मांगों को पूरा किया जाए, नहीं तो साल 2025 के जनवरी महीने में किसी दिन भी कर्मचारी काम बंद कर आन्दोलन शुरू कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो इसकी सारी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। </p>
<p>दरअसल, निकाय कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों के लिए संघर्षरत हैं, लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हो रही है। यही वजह है कि कर्मचारी संघ ने अक्टूबर माह में आंदोलन का ऐलान कर रखा था, लेकिन तीन अक्टूबर को उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री एके शर्मा से उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। </p>
<p>इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का समय रहते निर्णय कराएं जाने का अनुरोध किया था। जिस पर मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आंदोलन की तारीख से पहले बैठक करने का आश्वासन दिया है। 26 अक्टूबर को आंदोलन होता था, लेकिन 25 अक्टूबर को प्रमुख सचिव नगर विकास और महासंघ के पदाधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें प्रमुख सचिव नगर विकास ने समय रहते कर्मचारियों की मांगों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। </p>
<p>उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने बताया है कि प्रमुख सचिव नगर विकास ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर हुई बैठक के बाद हमारी मांगों पर निर्णय लेने की बात कही थी। हमारी तरफ से भी 2 महीने का समय सरकार को दिया गया है, मांग नहीं पूरी होगी तो आंदोलन ही एक मात्र रास्ता बचता है। </p>
<h5><strong>मांग</strong></h5>
<p>प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने बताया है कि कर्मचारियों की कई मांगें हैं। जिनमें उनके मौलिक अधिकार, सेवा संबंधी समस्या,अकेन्द्रियत सेवा नियमावली, दैनिक वेतन, संविदा, तदर्थ कर्मचारियों का विनियमतीकरण, लिपिक, राजस्व, सफाई, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति, कैशलेस इलाज व्यवस्था, आऊटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, पद के अनुरूप वेतन, भत्ते, बीमा, खाली पड़े पदो पर नियमित नियुक्ति आदि मांगें शामिल हैं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/505717/mathura-news--huge-fire-in-mathura-refinery--10-people-burnt--three-serious#gsc.tab=0">Mathura News: मथुरा की रिफाइनरी में लगी भीषण आग, 10 लोग झुलसे, तीन गंभीर</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 13 Nov 2024 10:33:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: वन विभाग के नोटिस के विरोध में प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> गौलापार के देवला तल्ला पजाया बागजाला में बसे ग्रामीणों के घरों पर वन विभाग के नोटिस आने के विरोध में ग्रामीणों में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा और अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।</p>
<p>बागजाला संघर्ष समिति गौलापार के बैनर तले ग्रामीणों ने सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी को ज्ञापन सौंप कर कहा कि उक्त गांव 1947 से पहले से बसा हुआ है। यहां के बाशिंदों को 1978 में भूमि के पट्टे दिए गए थे, फिर भी वन विभाग बार-बार नोटिस भेजकर जमीन खाली करने का दबाव बना रहा है।</p>
<p>गांव में 80 प्रतिशत अनुसूचित जाति</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/504009/demand-for-intervention-from-the-administration-in-protest-against-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-11/whatsapp-image-2024-11-04-at-15.14.47_6b0bd4ac.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> गौलापार के देवला तल्ला पजाया बागजाला में बसे ग्रामीणों के घरों पर वन विभाग के नोटिस आने के विरोध में ग्रामीणों में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा और अधिकारों की सुरक्षा की मांग की।</p>
<p>बागजाला संघर्ष समिति गौलापार के बैनर तले ग्रामीणों ने सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी को ज्ञापन सौंप कर कहा कि उक्त गांव 1947 से पहले से बसा हुआ है। यहां के बाशिंदों को 1978 में भूमि के पट्टे दिए गए थे, फिर भी वन विभाग बार-बार नोटिस भेजकर जमीन खाली करने का दबाव बना रहा है।</p>
<p>गांव में 80 प्रतिशत अनुसूचित जाति और 20 प्रतिशत अन्य जाति के लोग हैं। उन्होंने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिया जा रहा है जबकि उन्हें उजाड़ने का प्रयास किया जा रहा है जो कि असंवैधानिक कदम है। गांव में सरकारी स्कूल, नलकूप, बिजली-पानी के कनेक्शन, आधार कार्ड, पहचान पत्र भी बने हुए हैं।</p>
<p>वर्ष 2014 में वन विभाग ने चिन्हीकरण कर बाउंड्री बनाई थी फिर भी यहां के लोगों को बार-बार अतिक्रमण हटाने के नोटिस दिए जा रहे हैं। सभी ने एक सुर में सिटी मजिस्ट्रेट बाजपेयी से इस प्रकरण में हस्तक्षेप कर ग्रामीणों की भूमि अधिकारों की सुरक्षा करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में सुरेंद्र कुमार, वेद्र प्रकाश, कमल कांत, ललित मोहन, दान सिंह, रिंकू चावला, रामभवन, वाजिद, गजेंद्र पाल सिंह, जीआर टम्टा, विनोद कुमार बौद्ध, मुकेश चंद्र बौद्ध आदि शामिल थे।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/503999/high-voltage-drama-in-haldwani-mbpg-students-climbed-to-the#gsc.tab=0">हल्द्वानी: एमबीपीजी में हाई वोल्टेज ड्रामा, ताला तोड़कर तीसरी मंजिल पर चढ़े छात्र</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 04 Nov 2024 17:47:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल्मोड़ा में छात्रसंघ चुनाव की मांग को छात्रनेता ने खुद को लगाई आग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> एसएसजे परिसर में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को मालरोड स्थित चौघानपाटा में आक्रोशित छात्रों का सैलाब उमड़ पड़ा। टाइगर ग्रुप से अध्यक्ष पद के दावेदार दीपक लोहनी ने भारी पुलिस बल के समक्ष खुद पर पेट्रोल डाल आत्मदाह का प्रयास किया। जिससे वहां हड़कंप मच गया। डॉक्टरों के अनुसार छात्र की गर्दन, हाथ और पेट का कुछ हिस्सा झुलसा है।  </p>
<p>दरअसल, छात्रसंघ चुनाव को लेकर दायर जनहित याचिका हाईकोर्ट की ओर से निरस्त करने के बाद छात्रों का आक्रोश सातवें आसमान पर है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/502815/student-leader-sets-himself-on-fire-demanding-student-union-elections"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/capture60.png" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> एसएसजे परिसर में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को मालरोड स्थित चौघानपाटा में आक्रोशित छात्रों का सैलाब उमड़ पड़ा। टाइगर ग्रुप से अध्यक्ष पद के दावेदार दीपक लोहनी ने भारी पुलिस बल के समक्ष खुद पर पेट्रोल डाल आत्मदाह का प्रयास किया। जिससे वहां हड़कंप मच गया। डॉक्टरों के अनुसार छात्र की गर्दन, हाथ और पेट का कुछ हिस्सा झुलसा है।  </p>
<p>दरअसल, छात्रसंघ चुनाव को लेकर दायर जनहित याचिका हाईकोर्ट की ओर से निरस्त करने के बाद छात्रों का आक्रोश सातवें आसमान पर है। छात्र नेता जल्द चुनाव कराने की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं। बीते दिनों एनएसयूआई से अध्यक्ष पद के दावेदार अमित बिष्ट ने चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग को लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से आत्मदाह की चेतावनी दी थी। चेतावनी के बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आ गया।</p>
<p>सीओ विमल प्रसाद की मौजूदगी में मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि आत्मदाह की चेतावनी देने वाले छात्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन इस बीच एक अन्य छात्रसंघ अध्यक्ष पद के दावेदार ने पुलिस को चकमा देकर अपने पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया। जिससे छात्र नेता करीब 14 फीसदी झुलस गया। छात्रनेता को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उसका उपचार चल रहा है। सीओ विमल प्रसाद ने बताया कि झुलसने वाला छात्र की सुरक्षित है और जिला अस्पताल में उसका उपचार जारी है। </p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>छात्र नेता के खुद को आग लगाते ही मची अफरा-तफरी</strong></span><br />छात्रसंघ चुनाव की तिथि घोषित करने की मांग को लेकर टाइगर ग्रुप के अध्यक्ष प्रत्याशी दीपक लोहनी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क आग लगा दी। छात्र के कदम को देखते हुए वहां मौजूद छात्रों में अफरा तफरी मच गया। आनन फानन में झूलसे छात्रनेता को जिला चिकित्सालय ले जाया गया। जहां उसका उपचार किया जा रहा है। चिकित्सकों के मुताबिक छात्रनेता के गर्दन, हाथ और पेट का कुछ हिस्सा आग से झुलसा है। चिकित्सकों ने बताया कि छात्र खतरे से बाहर है।</p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>बेबस नजर आया पुलिस बल</strong></span><br />छात्रों की आत्मदाह की चेतावनी के बाद चौघानपाटा में भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस के सामने ही छात्र ने आत्मदाह का प्रयास किया। इससे घंटों तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। छात्रों के उग्र प्रदर्शन के आगे पुलिस और प्रशासन की टीम बेबस नजर आई। </p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>छात्रों की अवाज दबाने का काम कर रही सरकार</strong></span><br />युवा कांग्रेस प्रदेश संगठन मंत्री अधिवक्ता गोपाल भट्ट ने कहा कि भाजपा सरकार छात्र राजनीति व छात्रों की आवाज को दबाना चाहती हैं। कहा कि हम तब तक संघर्ष जारी रखेंगे जब तक चुनाव की तिथि घोषित न हो जाए। चेतावनी दी कि अभी तो छात्र महाविद्यालय परिसर स्तर पर विरोध जता रहे हैं। इसके बाद स्कूल भी बंद किए जाएंगे और प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।</p>
<p>यह भी पढे़ं - <a href="https://www.amritvichar.com/article/502812/people-of-puchhadi-sitting-on-fast-in-ramnagar-sdm-premises%C2%A0#gsc.tab=0">रामनगर: एसडीएम परिसर में उपवास पर बैठे पूछड़ी के लोग </a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 28 Oct 2024 19:27:47 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टनकपुर: परिवहन निगम कर्मचारियों का धरना, निजी बसों के परमिट रद्द करने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>टनकपुर, अमृत विचार।</strong> उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश आह्वान पर 6 सूत्रीय मांगों को लेकर टनकपुर परिवहन निगम कर्मचारियों ने टनकपुर कार्यशाला गेट के पास प्रदर्शन कर नारेबाजी की। चालक, परिचालक समेत कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार पर जाने से निगम की बसों का संचालन भी प्रभावित रहा जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों से दो चार होना पड़ा।</p>
<p>बुधवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत परिवहन निगम के कर्मचारी निगम कार्यशाला गेट के पास एकत्र हुए। जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया बाद में धरना भी दिया गया। इस दौरान यह कर्मचारी 10 वर्षों से अधिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/501593/tanakpur-transport-corporation-employees-protest-demand-cancellation-of-permits-of"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/whatsapp-image-2024-10-23-at-15.53.42_efde6def.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>टनकपुर, अमृत विचार।</strong> उत्तराखंड परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रदेश आह्वान पर 6 सूत्रीय मांगों को लेकर टनकपुर परिवहन निगम कर्मचारियों ने टनकपुर कार्यशाला गेट के पास प्रदर्शन कर नारेबाजी की। चालक, परिचालक समेत कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार पर जाने से निगम की बसों का संचालन भी प्रभावित रहा जिससे यात्रियों को भारी दिक्कतों से दो चार होना पड़ा।</p>
<p>बुधवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत परिवहन निगम के कर्मचारी निगम कार्यशाला गेट के पास एकत्र हुए। जहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया बाद में धरना भी दिया गया। इस दौरान यह कर्मचारी 10 वर्षों से अधिक से कार्यरत विशेष श्रेणी, संविदा चालक परिचालकों व तकनीकी कर्मियों को नियमित किए जाने, निजी बसों को राष्ट्रीयकृत राजमार्गों पर परमिट रद्द करने, परिवहन निगम में बस  बेड़े में 500 नई बसे खरीदे जाने, दिल्ली कश्मीरी गेट,आनंद विहार से अवैध बसों का उत्तराखंड में संचालन बंद किए जाने, नैनीताल बस अड्डा परिवहन निगम को तत्काल वापस किए जाने और उत्तराखंड के विभिन्न शहरों से चल रही डग्गामार वाहनों को तत्काल बंद किए जाने की मांग उठा रहे थे।</p>
<p>टनकपुर,लोहाघाट और पिथौरागढ़ डिपो के कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार पर जाने से निगम का कार्य भी खासा प्रभावित रहा। इस दौरान यहां हुई सभा के माध्यम से निगम कर्मचारियों ने कहा कि शासन और निगम प्रबंधन द्वारा निगम में लंबे समय से कार्य कर रहे कर्मचारियों को अभी तक नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र अमल नहीं हुआ तो वह आर पार की लड़ाई लड़ने के लिए बाध्य होंगे। इन मांगों को लेकर गुरुवार आज भी कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।</p>
<p>धरना प्रदर्शन करने वालों में निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा टनकपुर शाखा के कुंदन सिंह,नीरज सिंह, जमुना, हुकुम चंद, हरीश जोशी, शंकर भट्ट, मनोज मिश्रा,प्रवीण जोशी,शेर सिंह बिष्ट,भूपेश गहतोड़ी,रवि शर्मा ,सुरेंद्र चिलवाल मुकेश महर ,धीरज फर्त्याल, धन गिरी अमित कपूर, हरिमोहन मिश्रा आदि कर्मचारी  मौजूद रहे।</p>
<p>यह भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/501587/made-a-land-deal-with-a-haldwani-dalit-and-broke#gsc.tab=0">हल्द्वानी: दलित से किया जमीन का सौदा, जात पता लगी तो तोड़ दिया सौदा</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टनकपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/501593/tanakpur-transport-corporation-employees-protest-demand-cancellation-of-permits-of</link>
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                <pubDate>Wed, 23 Oct 2024 16:56:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल्मोड़ा: 10 करोड़ तक के कार्य राज्य के मूल निवासियों को देने की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> 11 सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर हिल्स कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन मुखर हो गया है। सोमवार को एसोसिएशन से जुड़े नाराज ठेकेदारों ने सांकेतिक प्रदर्शन कर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।</p>
<p>ज्ञापन में कहा कि निविदाएं छोटी लगानी चाहिए। जिससे डी और सी श्रेणी के पंजीकृत ठेकेदारों को भी काम मिल सके, फेज प्रथम और फेज द्वितीय के कार्य छोटे हिस्सों में कराने, पांच करोड़ तक के कार्य सिंगल बिड में लगाने, 10 करोड़ तक के कार्य राज्य के मूल निवासियों को ही देने, समय पर भुगतान करने, पूर्व की तरह पंजीकरण प्रक्रिया सरल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/494018/demand-to-give-works-worth-up-to-rs-10-crore"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/प्रदर्शन-(3).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> 11 सूत्रीय मांगों के निराकरण को लेकर हिल्स कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन मुखर हो गया है। सोमवार को एसोसिएशन से जुड़े नाराज ठेकेदारों ने सांकेतिक प्रदर्शन कर डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।</p>
<p>ज्ञापन में कहा कि निविदाएं छोटी लगानी चाहिए। जिससे डी और सी श्रेणी के पंजीकृत ठेकेदारों को भी काम मिल सके, फेज प्रथम और फेज द्वितीय के कार्य छोटे हिस्सों में कराने, पांच करोड़ तक के कार्य सिंगल बिड में लगाने, 10 करोड़ तक के कार्य राज्य के मूल निवासियों को ही देने, समय पर भुगतान करने, पूर्व की तरह पंजीकरण प्रक्रिया सरल करने, केंद्र पोषित योजनाओं के कार्यों को स्थानीय ठेकेदारों के देने आदि मांग उठाई।</p>
<p>यहां ज्ञापन सौंपने वालों में मनोज तिवारी, शिवराज सिंह, अमर बिष्ट, अकरन खान, संदीप श्रीवास्तव, भीम सिंह कार्की, रोहित रौतेला, संतोष बिष्ट, नरेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, सुरेश, गोपाल सिंह, मोहन सिंह, भगवान सिंह, जितेंद्र सिंह आदि पंजीकृत ठेकेदार मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/494018/demand-to-give-works-worth-up-to-rs-10-crore</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Sep 2024 17:55:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>टनकपुर: कब्र से शव को निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>टनकपुर, अमृत विचार।</strong> नगर के विष्णुपुरी कालोनी निवासी नाबालिग छात्र अमोस मैसी की मौत के असली कारणों से अभी तक पर्दा नहीं उठ पाया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में मौत का कारण सड़क दुर्घटना बताया गया है, जबकि मृतक के परिजन इसे हत्या बता रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है।    </p>
<p>पुलिस की जांच और कार्यप्रणाली से नाराज अमोस के पिता जेम्स मैसी ने अपने अधिवक्ता प्रियंक खर्कवाल के साथ शुक्रवार को कोतवाली पहुंचकर मृतक बेटे के शव को कब्र से निकाल कर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। उन्होंने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/493443/demand-to-remove-the-dead-body-from-tanakpur-grave-and"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/जांच.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>टनकपुर, अमृत विचार।</strong> नगर के विष्णुपुरी कालोनी निवासी नाबालिग छात्र अमोस मैसी की मौत के असली कारणों से अभी तक पर्दा नहीं उठ पाया है। पुलिस की प्राथमिक जांच में मौत का कारण सड़क दुर्घटना बताया गया है, जबकि मृतक के परिजन इसे हत्या बता रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कर रही है।    </p>
<p>पुलिस की जांच और कार्यप्रणाली से नाराज अमोस के पिता जेम्स मैसी ने अपने अधिवक्ता प्रियंक खर्कवाल के साथ शुक्रवार को कोतवाली पहुंचकर मृतक बेटे के शव को कब्र से निकाल कर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास घटना स्थल के आसपास के एक दिन पूर्व और घटना के दिन के सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं, जिन्हें उनके वकील को दिखाया जाए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि अमोस का शव टनकपुर-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे झाड़ी में पड़ा हुआ मिला था। उसके शरीर में जगह-जगह मारपीट के गहरे चोट के निशान थे। उसके कपड़े भी फटे हुए थे। उन्होंने उप जिला चिकित्सालय द्वारा किए गए पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी गलत करार दिया। मृतक के पिता ने कहा कि उनके बेटे का शव कब्रिस्तान वर्मा लाइन पर दफनाया गया है। शव को कब्र से निकाल दोबारा मेडिकल बोर्ड और अन्य डाक्टरों की मौजूदगी में पीएम करवाया जाए, ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो सके।</p>
<p> इधर पुलिस ने अमोस को टक्कर मारने वाले डंपर को बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार डंपर को कब्जे में लेकर चालक से पूछताछ की जा रही है। सीओ शिवराज सिंह राणा ने बताया कि पुलिस पूरी निष्पक्षता से मामले की जांच कर रही है। कब्र से निकालकर शव का दोबारा पीएम कोर्ट के आदेश पर ही हो सकता है। कहा कि परिजन जांच से संतुष्ट नहीं हैं तो उन्हें न्यायालय में जाने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही पुलिस घटना का पर्दाफाश करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>टनकपुर</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/493443/demand-to-remove-the-dead-body-from-tanakpur-grave-and</link>
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                <pubDate>Fri, 20 Sep 2024 20:17:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रपुर: तीन सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मेसी छात्रों का प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> तीन सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मेसी छात्रों ने डीएम कार्यालय पर सांकेतिक प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन सौंपकर मुद्दों का समाधान निकालने की मांग की। इस दौरान आक्रोशित फार्मेसी छात्रों ने कहा कि अगर उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।</p>
<p>सोमवार को ज्ञापन सौंपते हुए फार्मेसी छात्रों ने कहा कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने विगत वर्ष डिप्लोमा इन फार्मेसी करने वालों के पंजीकरण पर रोक लगा दी है। इसमें पीसीआई ने स्पष्ट कहा कि वर्ष 2022-24 तक डिप्लोमा इन फार्मेसी के छात्रों को एग्जिट परीक्षा पास</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/489739/rudrapur-pharmacy-students-protest-against-three-point-demands"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/प्रदर्शन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> तीन सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मेसी छात्रों ने डीएम कार्यालय पर सांकेतिक प्रदर्शन किया और डीएम को ज्ञापन सौंपकर मुद्दों का समाधान निकालने की मांग की। इस दौरान आक्रोशित फार्मेसी छात्रों ने कहा कि अगर उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।</p>
<p>सोमवार को ज्ञापन सौंपते हुए फार्मेसी छात्रों ने कहा कि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने विगत वर्ष डिप्लोमा इन फार्मेसी करने वालों के पंजीकरण पर रोक लगा दी है। इसमें पीसीआई ने स्पष्ट कहा कि वर्ष 2022-24 तक डिप्लोमा इन फार्मेसी के छात्रों को एग्जिट परीक्षा पास करनी होगी तभी उनका पंजीकरण किया जाएगा। इससे छात्रों को भविष्य अधर में लटक गया है।</p>
<p>इसके अलावा उन्होंने जिलाधिकारी से परीक्षा को तीन दिवसीय के स्थान पर एक दिवसीय और एक ही परीक्षा किए जाने, परीक्षा शुल्क अधिकतम 500 से 1000 किए जाने, परीक्षा को मातृभाषा हिंदी या अंग्रेजी दोनों भाषा में किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आगाह किया कि यदि तीन सूत्रीय मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस अवसर पर सिराज अहमद, रितिका साना, गौरव कुमार, कपिल विश्वास, शुभम राय, दिनेश ढाली, जसवीर सिंह, अजय कुमार, रजत कश्यप, योगेश चौधरी आदि मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/489739/rudrapur-pharmacy-students-protest-against-three-point-demands</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 17:12:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रुद्रपुर: लाखों का किया खर्च, फिर भी विवाहिता हुई प्रताड़ित...20 लाख की और कर डाली मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="MsoNormal"><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करना हर पिता का सपना होता है, लेकिन रुद्रपुर में एक पिता की ओर से लाखों खर्च करने के बाद भी ससुरालियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप था कि शादी के बाद 20 लाख नकद व लग्जरी महंगी गाड़ी नहीं देने पर विवाहिता को प्रताड़ित किया गया। विवाहिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p class="MsoNormal">जानकारी के अनुसार दुर्गा मंदिर गली निवासी तुलिका ठुकराल ने बताया कि 30 नवंबर 2020 को उसकी शादी मलसा  गिरधर नगर व हाल निवासी थर्ड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/489709/rudrapur-spent-lakhs-still-married-woman-harassed-demand-for-rs"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/दहेज-उत्पीडन.jpg" alt=""></a><br /><p class="MsoNormal"><strong>रुद्रपुर, अमृत विचार।</strong> अपनी बेटी की शादी धूमधाम से करना हर पिता का सपना होता है, लेकिन रुद्रपुर में एक पिता की ओर से लाखों खर्च करने के बाद भी ससुरालियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप था कि शादी के बाद 20 लाख नकद व लग्जरी महंगी गाड़ी नहीं देने पर विवाहिता को प्रताड़ित किया गया। विवाहिता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p class="MsoNormal">जानकारी के अनुसार दुर्गा मंदिर गली निवासी तुलिका ठुकराल ने बताया कि 30 नवंबर 2020 को उसकी शादी मलसा  गिरधर नगर व हाल निवासी थर्ड फ्लोर सलारपुरिया रिंग रोड कडू बिस नहल्ली बेंगलुरु के रहने वाले निखिल छाबड़ा के साथ हुई थी।</p>
<p class="MsoNormal">विवाह में मायके वालों ने शगुन में 5.51 लाख, लग्जरी कार के अलावा पति सहित ससुराल पक्ष को सोने, हीरे जड़ित जेवरात भी दिए थे। जिसकी कीमत 45 लाख से अधिक होगी। शादी के कुछ माह बाद ही ससुराल पक्ष के लोग कम दहेज का ताना मारने लगे। 20 लाख की नगदी और 20 लाख कीमत की फज्र्युनर कार लाने का दबाव बनाने लगे। इंकार करने पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगे।</p>
<p class="MsoNormal">आरोप था कि फरवरी 2021 में धोखे से गर्भपात की दवा पिला दी गई और दो माह का गर्भपात होने के कारण उसकी हालत बिगड़ गई। सवा साल बाद पति उसे अपने साथ बंगलौर ले गया। उसकी नौकरी भी छुड़वा दी गई। सब कुछ सहन करते हुए वह बंगलौर गई। आरोप था कि पति रोज शराब पीकर प्रताड़ित करने लगा। 5 अगस्त 2022 की सुबह पति बेंगलुरु में अकेला छोड़ कर चला गया। किसी तरह वह नवंबर 2022 को पुन: मलसा गांव ससुराल पहुंची तो उसके सारे जेवरात छीन लिए गए और मारपीट भी की गई।</p>
<p class="MsoNormal">12 मई 2024 की दोपहर को पति निखिल छाबड़ा, सास वर्षा छाबड़ा, ससुर गोपीनाथ छाबड़ा व देवर चिराग छाबड़ा ने तलाक देने की धमकी देनी शुरू कर दी और मायके वाले की मैन बाजार स्थित एक दुकान देने का दबाव बनाया जाने लगा। मानसिक-शारीरिक रूप से परेशान होने के बाद कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। दोबारा शिकायती पत्र देने पर पुलिस ने दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>रुद्रपुर</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/489709/rudrapur-spent-lakhs-still-married-woman-harassed-demand-for-rs</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Sep 2024 16:29:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>

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