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                <title>ban - Amrit Vichar</title>
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                            <item>
                <title>भारतीय तीरंदाजी को तगड़ा झटका, एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट प्रथमेश जावकर पर लगा 2 साल का बैन</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) ने कहा कि एशियाई खेलों में कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले तीरंदाज प्रथमेश जावकर ने दो साल का प्रतिबंध स्वीकार कर लिया है जो पिछले साल तीन बार अपने स्थान की जानकारी नहीं देने के कारण लगाया गया। प्रथमेश 2022 एशियाड में कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली उस तिकड़ी का हिस्सा थे जिसमें ओजस प्रवीण देवतले और अभिषेक वर्मा भी शामिल थे। उन्होंने 12 महीने के अंदर तीन बार अपने ठिकाने की जानकारी नहीं देने की गलती की थी। उन्हें सितंबर-अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियाई खेलों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584085/indian-archery-suffers-a-major-blow-as-asian-games-gold-medallist-prathamesh-jawkar-is-banned-for-two-years"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/muskan-dixit-(9)3.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) ने कहा कि एशियाई खेलों में कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले तीरंदाज प्रथमेश जावकर ने दो साल का प्रतिबंध स्वीकार कर लिया है जो पिछले साल तीन बार अपने स्थान की जानकारी नहीं देने के कारण लगाया गया। प्रथमेश 2022 एशियाड में कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाली उस तिकड़ी का हिस्सा थे जिसमें ओजस प्रवीण देवतले और अभिषेक वर्मा भी शामिल थे। उन्होंने 12 महीने के अंदर तीन बार अपने ठिकाने की जानकारी नहीं देने की गलती की थी। उन्हें सितंबर-अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियाई खेलों के लिए 12 सदस्यीय भारतीय तीरंदाजी टीम में शामिल नहीं किया गया था। </p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>डोप टेस्ट में फेल प्रथमेश जावकर</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">विश्व तीरंदाजी की ओर से डोपिंग से जुड़े मामलों को देखने वाली आईटीए ने एक बयान में कहा, ''आईटीए की रिपोर्ट है कि तीरंदाज प्रथमेश समाधान जावकर ने विश्व तीरंदाजी के डोपिंग रोधी नियमों के अनुच्छेद 2.4 के तहत अपने एडीआरवी के लिए तय नतीजों को स्वीकार कर लिया है।''</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें कहा गया, ''एथलीट ने एडीआरवी को चुनौती नहीं दी और आईटीए द्वारा बताई गई सजा को मान लिया। इस तरह सजा को स्वीकार करके मामला सुलझा लिया गया।''</p>
<h4 style="text-align:justify;"><strong>दो साल का बैन</strong></h4>
<p style="text-align:justify;">इसके अनुसार, ''एथलीट के अयोग्य रहने की अवधि 19 अप्रैल 2026 से 18 अप्रैल 2028 तक है। इसके अलावा एक अक्टूबर 2025 के बाद एथलीट के सभी व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धी नतीजे अमान्य कर दिए गए हैं जिसमें पदक, अंक और पुरस्कार भी शामिल हैं।'' इस फैसले को विश्व तीरंदाजी डोपिंग रोधी नियमों के अनुच्छेद 13.2.3 के तहत अपील करने का अधिकार रखने वाली पक्ष खेल पंचाट में चुनौती दे सकती हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">'रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल' (आरटीपी) में शामिल खिलाड़ियों की यह जिम्मेदारी है कि वे रोजाना अपने स्थल की जानकारी दें और साथ ही एक खास 60 मिनट का समय भी बताएं जब वे परीक्षण के लिए उपलब्ध रहेंगे जिसमें प्रथमेश भी शामिल हैं। बाईस वर्षीय प्रथमेश ने 2023 में शंघाई और पेरिस विश्व कप में क्रमशः व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में एक-एक स्वर्ण पदक भी जीता था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 06 Jun 2026 17:39:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>PSL vs IPL का टकराव तेजः मुजरबानी पर 2 साल का बैन, KKR में चमके तो PSL ने दी सजा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबादः </strong>पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) ने ज़िम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी पर दो साल का बैन लगाकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। यह बैन पीएसएल से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में जाने के बाद लगाया गया है। इस घटना ने फ्रेंचाइज क्रिकेट में चल रही "प्लेयर लॉयल्टी बनाम मौका" बहस में एक नया मुद्दा बना दिया है। मुजरबानी को शुरू में पीएसएल में इस्लामाबाद यूनाइटेड ने रिप्लेसमेंट प्लेयर के तौर पर चुना था, क्योंकि वह आईपीएल और पीएसएल दोनों ऑक्शन में नहीं बिके थे।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, बाद में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स से मौजूदा आईपीएल सीजन में ऑफर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578723/psl-vs-ipl-conflict-intensifies-2-year-ban-on-muzarabani"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(16)7.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इस्लामाबादः </strong>पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) ने ज़िम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी पर दो साल का बैन लगाकर एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। यह बैन पीएसएल से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में जाने के बाद लगाया गया है। इस घटना ने फ्रेंचाइज क्रिकेट में चल रही "प्लेयर लॉयल्टी बनाम मौका" बहस में एक नया मुद्दा बना दिया है। मुजरबानी को शुरू में पीएसएल में इस्लामाबाद यूनाइटेड ने रिप्लेसमेंट प्लेयर के तौर पर चुना था, क्योंकि वह आईपीएल और पीएसएल दोनों ऑक्शन में नहीं बिके थे।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, बाद में उन्होंने कोलकाता नाइट राइडर्स से मौजूदा आईपीएल सीजन में ऑफर मिलने के बाद अपनी पीएसएल डील खत्म कर दी, जहाँ वह पहले ही दो मैच खेल चुके थे। पीएसएल गवर्निंग बॉडी ने एक कड़े बयान में कहा कि पहले का बाइंडिंग एग्रीमेंट एक्टिव रहते हुए अलग-अलग कॉन्ट्रैक्ट करना प्रोफेशनल स्टैंडर्ड का उल्लंघन है। इसमें यह भी कहा गया है कि इस तरह के काम फ्रेंचाइज, प्लेयर्स और लीग एडमिनिस्ट्रेटर्स के बीच भरोसे को कमज़ोर करते हैं। पीएसएल ने कॉन्ट्रैक्ट के नियमों के उल्लंघन पर अपने रुख पर ज़ोर देते हुए कहा, "दो साल का बैन उल्लंघन की गंभीरता को दिखाता है।"</p>
<p style="text-align:justify;">कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ मुजरबानी के आईपीएल करियर में उन्होंने पहले ही असर डाला है, जिसमें सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ चार विकेट लेना भी शामिल है, जिससे लीग के बीच खिलाड़ियों के आने-जाने पर बहस और तेज हो गई है। इस विवाद ने पहले के मामलों से तुलना को भी फिर से शुरू कर दिया है, जिसमें दक्षिण अफ्रीका के कॉर्बिन बॉश भी शामिल हैं, जिन पर पिछले सीजन में इसी तरह के कदम के लिए एक साल का बैन लगाया गया था। स्पेंसर जॉनसन और दासुन शनाका सहित दूसरे खिलाड़ियों के भी आईपीएल में हिस्सा लेने के लिए पीएसएल कमिटमेंट से हटने की खबर है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान सुपर लीग और इंडियन प्रीमियर लीग के बीच बढ़ते तनाव को सामने ला दिया है, क्योंकि ग्लोबल फ्रेंचाइजी क्रिकेट इकोसिस्टम कॉन्ट्रैक्ट की स्थिरता और खिलाड़ियों की आज़ादी के मुद्दों से जूझ रहा है। ज़िम्बाब्वे के इंटरनेशनल पेसर मुजरबानी पर डिसिप्लिनरी एक्शन के बाद अब पीएसएल क्रिकेट में उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता है, जबकि क्रिकेट की बड़ी दुनिया टैलेंट को लेकर आईपीएल-पीएसएल की टक्कर को और गहराते हुए करीब से देख रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>खेल</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 14 Apr 2026 17:20:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कर्नाटक बना भारत का पहला राज्य : जहां बच्चे नहीं कर सकेंगे सोशल मीडिया का इस्तेमाल, सिद्धरमैया सरकार ने लिया बड़ा फैसला </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलुरु। </strong>कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 6 मार्च 2026 को राज्य का बजट पेश करते हुए यह बड़ा ऐलान किया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "बच्चों पर मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।" यह कर्नाटक को भारत में ऐसा करने वाला पहला राज्य बना देता है। यह प्रस्ताव कोई अचानक नहीं आया। पिछले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574047/karnataka-becomes-the-first-state-in-india-where-children-will-not-be-able-to-use-social-media--siddaramaiah-government-imposed-a-ban"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cats17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलुरु। </strong>कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 6 मार्च 2026 को राज्य का बजट पेश करते हुए यह बड़ा ऐलान किया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "बच्चों पर मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के नकारात्मक प्रभावों को रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है।" यह कर्नाटक को भारत में ऐसा करने वाला पहला राज्य बना देता है। यह प्रस्ताव कोई अचानक नहीं आया। पिछले महीने सिद्धारमैया ने कुलपतियों के सम्मेलन में इस मुद्दे पर चर्चा की थी और मोबाइल की लत, ऑनलाइन गेमिंग, पढ़ाई पर असर, शारीरिक फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य जैसी चिंताओं को उठाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">आईटी मंत्री प्रियांक खरगे ने भी विधानसभा में कहा था कि सरकार AI और सोशल मीडिया के जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए सख्त कदम सोच रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस कदम का समर्थन किया और बताया कि फिनलैंड, यूनाइटेड किंगडम और खासकर ऑस्ट्रेलिया जैसे देश पहले ही ऐसी पाबंदियां लगा चुके हैं या विचार कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">यूरोप के कई देशों (जैसे फ्रांस और स्पेन) में स्कूलों में स्मार्टफोन पर सख्त नियम लागू हो चुके हैं ताकि बच्चों की एकाग्रता और पढ़ाई बेहतर हो। यह फैसला बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और सुरक्षित बचपन की रक्षा के लिए उठाया गया है, लेकिन लागू करने के तरीके पर अभी और चर्चा हो सकती है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 14:06:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Yadav Ji Ki Love Story : सुप्रीम कोर्ट का फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' पर प्रतिबंध लगाने से इनकार, जानें क्या कहा... </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>उच्चतम न्यायालय ने आने वाली फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' पर बुधवार को प्रतिबंध लगाने या उसके नाम में बदलाव करने के अनुरोध वाली याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया कि यह नाम यादव समुदाय को किसी भी तरह से अपमानजनक तरीके से चित्रित नहीं करता है। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने संगठन 'विश्व यादव परिषद' के प्रमुख द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री का अध्ययन किया और पाया कि मुख्य शिकायत यह थी कि फिल्म का नाम समाज में यादव समुदाय को गलत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573315/yadav-ji-ki-love-story--supreme-court-refuses-to-ban-the-film--yadav-ji-ki-love-story---find-out-what-it-said-"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/650.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>उच्चतम न्यायालय ने आने वाली फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' पर बुधवार को प्रतिबंध लगाने या उसके नाम में बदलाव करने के अनुरोध वाली याचिका को यह कहकर खारिज कर दिया कि यह नाम यादव समुदाय को किसी भी तरह से अपमानजनक तरीके से चित्रित नहीं करता है। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने संगठन 'विश्व यादव परिषद' के प्रमुख द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने रिकॉर्ड में मौजूद सामग्री का अध्ययन किया और पाया कि मुख्य शिकायत यह थी कि फिल्म का नाम समाज में यादव समुदाय को गलत तरीके से दर्शाता है। न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा, ''इसलिए, यह दलील दी जा रही है कि फिल्म का नाम बदला जाना चाहिए। हम यह समझने में असमर्थ हैं कि फिल्म का शीर्षक किस प्रकार समुदाय को अपमानजनक रूप में चित्रित कर सकता है। फिल्म के शीर्षक में कहीं भी ऐसा कोई विशेषण या शब्द नहीं है जो यादव समुदाय को गलत तरीके से दर्शाता हो।''</p>
<p style="text-align:justify;">पीठ ने इन आशंकाओं को ''पूरी तरह निराधार'' करार दिया और 'घूसखोर पंडत' से संबंधित ऐसे ही मामले में अपने पूर्व के आदेश की व्याख्या की जिसमें न्यायालय ने निर्माता को उस फिल्म का शीर्षक बदलने का निर्देश दिया था। आदेश में कहा गया है, '''घूसखोर' शब्द का अर्थ भ्रष्ट होता है। इसलिए यह शीर्षक समुदाय को नकारात्मक अर्थ में दर्शा रहा था। वर्तमान मामले में यादव समुदाय के साथ ऐसा कोई नकारात्मक अर्थ नहीं जुड़ा है। </p>
<p style="text-align:justify;">संविधान के अनुच्छेद 19(2) (भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर उचित प्रतिबंध) के तहत कोई भी उचित प्रतिबंध लागू नहीं होता है। यह नाम किसी भी तरह से यादव समुदाय को गलत या नकारात्मक रूप में चित्रित नहीं करता है। इसलिए रिट याचिका खारिज की जाती है।'' याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि फिल्म का शीर्षक समुदाय के प्रति एक आपत्तिजनक रूढ़िवादिता को बढ़ावा देता है। याचिका में महिला मुख्य किरदार के चित्रण पर चिंता व्यक्त की गई थी। </p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि वे अंतर-सामुदायिक विवाहों का विरोध नहीं करते लेकिन फिल्म में एक महिला का चित्रण अस्वीकार्य है। वकील ने कहा, ''एक महिला को इस तरह प्रचारित नहीं किया जा सकता।'' साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म एक सच्ची घटना पर आधारित होने का दावा करती है। हालांकि, न्यायाधीश इस बात से सहमत नहीं हुए और फिल्म को काल्पनिक रचना करार दिया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Feb 2026 13:16:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>Bareilly : चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगाने को नौ कमेटियां गठित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चाइनीज मांझे से मौत होने पर उसे हत्या मानते हुए कार्रवाई करने के निर्देश देने के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शुक्रवार को जनपद में सिंथेटिक मांझा, सीसा लेपित, नायलॉन पतंग डोरी एवं चाईनीज मांझे के निर्माण, भंडारण और उपयोग व बिक्री पर पूर्णता रोक लगाने के लिए कमेटियां गठित की हैं। इसमें पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही राज्य कर विभाग के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं। खूनी मांझे पर प्रतिबंध लगाने के लिए नगर निगम सीमा क्षेत्र के लिए तीन और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रत्येक तहसील में अलग-अलग कमेटी गठित</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570320/nine-committees-formed-to-ban-bareilly-chinese-manja"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/301.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चाइनीज मांझे से मौत होने पर उसे हत्या मानते हुए कार्रवाई करने के निर्देश देने के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने शुक्रवार को जनपद में सिंथेटिक मांझा, सीसा लेपित, नायलॉन पतंग डोरी एवं चाईनीज मांझे के निर्माण, भंडारण और उपयोग व बिक्री पर पूर्णता रोक लगाने के लिए कमेटियां गठित की हैं। इसमें पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही राज्य कर विभाग के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं। खूनी मांझे पर प्रतिबंध लगाने के लिए नगर निगम सीमा क्षेत्र के लिए तीन और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए प्रत्येक तहसील में अलग-अलग कमेटी गठित की हैं।</p>
<p>जिलाधिकारी की ओर से जारी किए गए आदेश में बताया है कि पर्यावरण विभाग ने पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 की धारा-5 के अन्तर्गत 2 मार्च 2016 को आदेश जारी कर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पतंग उड़ाने के लिए चीन में निर्मित मांझे का प्रयोग, घटनाओं के दृष्टिगत उस पर प्रतिबंधित लगाया था। इसको ध्यान में रखते हुए जनपद में सिंथेटिक मांझा, सीसा लेपित, नायलॉन पतंग डोरी एवं चाईनीज मांझे के निर्माण, भण्डारण, उपयोग एवं बिक्री पर लगाए गये प्रतिबंध का अनुपालन कराने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों के अन्तर्गत सघन तलाशी अभियान चलाकर आवश्यक कार्रवाई करने को कमेटी गठित की हैं। यदि कोई भी नियमों या निर्देशों का उल्लंघन करेगा तो इस संबंध में पांच वर्ष कारावास या एक लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है।</p>
<p>जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि असफलता या उल्लंघन दोष सिद्धि की तारीख के बाद एक वर्ष की अवधि में जारी रहा तो 7 वर्ष की सजा होगी। अधिकारियों की टीम आवश्यक कार्रवाई करेगी। उस कार्रवाई की आख्या से जिलाधिकारी को भेजेगी। यह भी अवगत कराया कि मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी स्थान पर चाईनीज मांझे से मृत्यु की घटना संज्ञान में आती है तो उसे हत्या मानते हुए सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सिंथेटिक मांझा, सीसा लेपित, नायलॉन पतंग डोरी एवं चाइनीज मांझे के निर्माण, भंडारण और उपयोग व बिक्री की जानकारी देगा तो उसे पुरस्कृत करने के साथ नाम गोपनीय रखा जाएगा।</p>
<p><strong>टीमाें में ये अधिकारी शामिल किए गए</strong><br />शहरी क्षेत्र की पहली टीम में नगर मजिस्ट्रेट अध्यक्ष, संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी और क्षेत्र के राज्य कर अधिकारी सदस्य। दूसरी टीम में अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम अध्यक्ष, संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी और क्षेत्र के राज्य कर अधिकारी सदस्य, तीसरी टीम में अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय अध्यक्ष, संबंधित पुलिस क्षेत्राधिकारी और क्षेत्र के राज्य कर अधिकारी सदस्य होंगे, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में बहेड़ी, फरीदपुर, सदर, नवाबगंज, आंवला, मीरगंज तहसीलों के एसडीएम अध्यक्ष, सीओ और क्षेत्र के राज्य कर अधिकारी सदस्य बनाए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Feb 2026 09:02:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Sonu Sood : 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए बैन हो सोशल मीडिया, सोनू सूद ने सरकार से की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> बॉलीवुड अभिनेता एवं समाजसेवी सोनू सूद ने सरकार से मांग की है कि वह देशभर में 16 वर्ष से कम आयु से बच्चों के सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करे। सोनू सूद ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने पोस्ट में बच्चों के मोबाइल पर अत्यधिक समय बिताने पर चिंता व्यक्त की, यहां तक कि खाना खाते समय भी, और अनियंत्रित स्क्रीन एक्सपोजर के दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में चेतावनी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे लिखा, "बच्चे खाना खाते समय स्मार्ट फोन पर स्क्रॉलिंग करते रहते हैं, जबकि माता-पिता बेखबर रहते हैं, यह हमारा भविष्य नहीं हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569492/sonu-sood--social-media-should-be-banned-for-children-under-16-years-of-age--sonu-sood-urges-the-government"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats376.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> बॉलीवुड अभिनेता एवं समाजसेवी सोनू सूद ने सरकार से मांग की है कि वह देशभर में 16 वर्ष से कम आयु से बच्चों के सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करे। सोनू सूद ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने पोस्ट में बच्चों के मोबाइल पर अत्यधिक समय बिताने पर चिंता व्यक्त की, यहां तक कि खाना खाते समय भी, और अनियंत्रित स्क्रीन एक्सपोजर के दीर्घकालिक प्रभाव के बारे में चेतावनी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे लिखा, "बच्चे खाना खाते समय स्मार्ट फोन पर स्क्रॉलिंग करते रहते हैं, जबकि माता-पिता बेखबर रहते हैं, यह हमारा भविष्य नहीं हो सकता।" उन्होंने आगे परिवारों के बीच बढ़ते डिजिटल अलगाव पर चिंता जताई। उन्होंने आंध्र प्रदेश के प्रतिबंध लगाने के कदम का हवाला दिया और सुझाव दिया कि गोवा भी ऐसा ही कर सकता है, साथ ही उन्होंने राष्ट्रव्यापी स्तर पर और अधिक सख्त कार्रवाई की मांग की। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की अपील भी की। उन्होंने कहा, "उम्मीद है माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इसे राष्ट्रीय आंदोलन बनाएंगे।" अभिनेता की इस टिप्पणी ने भारत में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा, अभिभावकों की जागरूकता और नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्त नियमन की आवश्यकता को लेकर एक नयी बहस छेड़ दी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 16:59:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहराइच में बृजवासी ब्रांड घी पर लगा प्रतिबंध, नमूने जांच में पाए गए फेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बहराइच।</strong> उतर प्रदेश के बहराइच जिले में बृजवासी ब्रांड के घी के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में इस ब्रांड के घी की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग के अनुसार बीते 20 दिसम्बर को दरगाह थाना क्षेत्र के सलारपुर स्थित एन.आर. डिस्ट्रीब्यूटर्स के गोदाम पर छापेमारी की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">  इस दौरान वेरोना प्रोडक्ट्स प्रा.लि., राजकोट (गुजरात) द्वारा निर्मित बृजवासी ब्रांड के गाय के घी के कई नमूने लिए गए। जांच में 500 मिलीलीटर और 15 किलोग्राम टिन पैक के देसी घी व गाय के</p>
<p style="text-align:justify;">इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565543/brijwasi-brand-ghee-banned-in-bahraich-after-samples-failed-quality-tests"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/0104.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बहराइच।</strong> उतर प्रदेश के बहराइच जिले में बृजवासी ब्रांड के घी के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में इस ब्रांड के घी की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग के अनुसार बीते 20 दिसम्बर को दरगाह थाना क्षेत्र के सलारपुर स्थित एन.आर. डिस्ट्रीब्यूटर्स के गोदाम पर छापेमारी की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;"> इस दौरान वेरोना प्रोडक्ट्स प्रा.लि., राजकोट (गुजरात) द्वारा निर्मित बृजवासी ब्रांड के गाय के घी के कई नमूने लिए गए। जांच में 500 मिलीलीटर और 15 किलोग्राम टिन पैक के देसी घी व गाय के घी के विभिन्न बैचों के नमूने शामिल थे, जिनमें बड़ी मात्रा में अपमिश्रित पदार्थ पाए गए। सहायक आयुक्त अमर वर्मा ने इन नमूनों को जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा था। सोमवार को प्राप्त खाद्य विश्लेषक की रिपोर्ट में सभी नमूने घटिया और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाए गए। </p>
<p style="text-align:justify;">इस संबंध में सहायक आयुक्त अमर वर्मा ने बताया जांच रिपोर्ट के आधार पर बृजवासी कंपनी के सभी खाद्य उत्पादों को जनपद में प्रतिबंधित कर दिया गया है। आयुक्त ने चेतावनी दी है कि यदि कोई विक्रेता या खाद्य कारोबारी प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ का विक्रय करते पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा-26 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 30 Dec 2025 14:51:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Winter Session : यूपी विधान परिषद में फिर उठी चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री और उसके उपयोग से हो रही जनहानि को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता जताई गई है। विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक और दिनेश कुमार गोयल ने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए चाइनीज मांझे की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह प्रभावी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। सदस्यों ने इसे जनहित और लोक महत्व का विषय बताते हुए सरकार से इस पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है। </p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को विधान परिषद में सदस्यों ने कहा कि मकर संक्रांति के आसपास पतंग उड़ाने की परंपरा के चलते चाइनीज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564131/winter-session--demand-for-a-complete-ban-on-chinese-kite-string-raised-again-in-the-legislative-council"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/24.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में चाइनीज मांझे की अवैध बिक्री और उसके उपयोग से हो रही जनहानि को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता जताई गई है। विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक और दिनेश कुमार गोयल ने इस मुद्दे को सदन में उठाते हुए चाइनीज मांझे की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह प्रभावी प्रतिबंध लगाने की मांग की है। सदस्यों ने इसे जनहित और लोक महत्व का विषय बताते हुए सरकार से इस पर स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है। </p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को विधान परिषद में सदस्यों ने कहा कि मकर संक्रांति के आसपास पतंग उड़ाने की परंपरा के चलते चाइनीज मांझे की मांग बढ़ जाती है। हालांकि प्रदेश में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध है, फिर भी यह धड़ल्ले से बाजारों में उपलब्ध रहता है। चाइनीज मांझा सामान्य मांझे की तुलना में कहीं अधिक धारदार और मजबूत होता है, जो आसानी से नहीं टूटता और कई बार इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों की मौत का कारण बनता है। </p>
<p style="text-align:justify;">सदस्यों ने बताया कि चाइनीज मांझा गले में उलझने पर जानलेवा साबित होता है, इसी कारण इसे "किलर मांझा" भी कहा जाता है। बाइक या साइकिल सवार हों या पैदल राहगीर, यह सभी के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। प्रदेश के विभिन्न शहरों और गांवों से लगातार दुर्घटनाओं और मौतों की घटनाएं सामने आ रही हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि चाइनीज मांझे की बिक्री और इस्तेमाल को लेकर सख्त कानूनी प्रावधान मौजूद हैं। इसके बावजूद चोरी-छिपे इसका कारोबार जारी है। जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस समय-समय पर छापेमारी करती है, लेकिन इसके बाद भी अवैध बिक्री रुक नहीं पा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">विधान परिषद सदस्यों ने कहा कि चाइनीज मांझा न केवल पर्यावरण के लिए नुकसानदेह है, बल्कि मानव जीवन और पशु-पक्षियों के लिए भी घातक साबित हो रहा है। मकर संक्रांति जैसे पर्व के दौरान इसकी वजह से खतरा और बढ़ जाता है, ऐसे में सरकार को सख्त और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। </p>
<p style="text-align:justify;">सदस्यों ने सरकार से मांग की है कि जनहित और लोक महत्व को देखते हुए चाइनीज मांझे की खरीद-फरोख्त पर पूरी तरह प्रभावी प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी निर्दोष व्यक्ति या पशु-पक्षी की जान न जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/564131/winter-session--demand-for-a-complete-ban-on-chinese-kite-string-raised-again-in-the-legislative-council</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 13:50:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूपी एनसीआर में डीजल ऑटो रिक्शा पर होगी पाबंदी, वायु प्रदूषण पर सख्त एक्शन प्लान तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के यूपी वाले हिस्से में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए योगी सरकार ने व्यापक, सख्त और बहुस्तरीय एक्शन प्लान तैयार किया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय समिति ने सड़क की धूल को प्रदूषण का मुख्य कारण मानते हुए सड़क पुनर्विकास, धूल नियंत्रण और सफाई को शीर्ष प्राथमिकता में रखा है।</p>
<p>प्रदेश सरकार ने कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव को नोडल अधिकारी नामित किया है। इसके साथ ही राज्य स्तर पर परियोजना निगरानी इकाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/560854/diesel-auto-rickshaws-to-be-banned-in-up-ncr--strict-action-plan-ready-to-tackle-air-pollution"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(7)18.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के यूपी वाले हिस्से में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए योगी सरकार ने व्यापक, सख्त और बहुस्तरीय एक्शन प्लान तैयार किया है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय समिति ने सड़क की धूल को प्रदूषण का मुख्य कारण मानते हुए सड़क पुनर्विकास, धूल नियंत्रण और सफाई को शीर्ष प्राथमिकता में रखा है।</p>
<p>प्रदेश सरकार ने कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रमुख सचिव को नोडल अधिकारी नामित किया है। इसके साथ ही राज्य स्तर पर परियोजना निगरानी इकाई (पीएमयू) बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता विभाग के सचिव करेंगे। इस इकाई में शहरी विकास, लोक निर्माण, आवास व शहरी नियोजन, और औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं, ताकि विभिन्न एजेंसियों के बीच सुचारू समन्वय हो सके और कार्रवाई में तेजी आए।</p>
<p>प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार ने डीजल ऑटो रिक्शा पर चरणबद्ध रोक लगाने का निर्णय लिया है। गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में डीजल ऑटो का संचालन पूरी तरह बंद किया जाएगा। बागपत में 31 दिसंबर 2025 तक डीजल ऑटो पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। मेरठ क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण ने प्रतिबंधित वाहनों के नए परमिट और परमिट नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। 31 दिसंबर 2026 तक मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली में ऑटो रिक्शा संचालन को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा।</p>
<p>मुख्य सचिव एसपी गोयल ने स्पष्ट कहा है कि सभी विभागों को समन्वित कार्रवाई, साप्ताहिक समीक्षा, और फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कार्य करना होगा। सरकार का लक्ष्य एनसीआर-यूपी में वायु गुणवत्ता को सुरक्षित स्तर पर लाना और आम नागरिकों को प्रदूषण के दुष्प्रभावों से राहत देना है।</p>
<h3><strong><em>धूल कम करने के लिए एंटी–स्मॉग गन और स्प्रिंकलर</em></strong></h3>
<p>नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को सड़क की धूल कम करने के लिए एंटी–स्मॉग गन, स्प्रिंकलर, यांत्रिक सफाई मशीनें और धूल नियंत्रण से जुड़ी अन्य तकनीकें बड़े पैमाने पर लगाने का निर्देश दिया गया है। यह पहल उन नगरों में बेहद अहम मानी जा रही है जहां निर्माण गतिविधियों और वाहनों के दबाव के कारण वायु गुणवत्ता तेजी से बिगड़ती है। सरकार के इस कदम से लाखों लोगों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>गौतम बुद्ध नगर</category>
                                            <category>संत कबीर नगर</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 23 Nov 2025 09:38:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>अजय राय ने की RSS पर बैन लगाने की मांग, गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बलिया।</strong> कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमेशा से ‘‘देश-विरोधी गतिविधियों’’ में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। अजय राय ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह भी आरोप लगाया कि संघ महात्मा गांधी की हत्या और देश को बांटने के लिए जिम्मेदार है।</p>
<p>राय ने कहा, ‘‘संघ हमेशा से देश-विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है। महात्मा गांधी की हत्या के पीछे इसी संगठन का हाथ था और इसने देश को बांटने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556422/ajay-rai-wrote-a-letter-to-home-minister-amit-shah-demanding-a-ban-on-rss"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/अजय-राय.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बलिया।</strong> कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर हमेशा से ‘‘देश-विरोधी गतिविधियों’’ में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर उस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। अजय राय ने बृहस्पतिवार को यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान यह भी आरोप लगाया कि संघ महात्मा गांधी की हत्या और देश को बांटने के लिए जिम्मेदार है।</p>
<p>राय ने कहा, ‘‘संघ हमेशा से देश-विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहा है। महात्मा गांधी की हत्या के पीछे इसी संगठन का हाथ था और इसने देश को बांटने का भी काम किया। यह संगठन गलत कार्यों में शामिल है और उस पर प्रतिबंध लगना चाहिए।’’ कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर संघ पर पाबंदी लगाने की मांग की है।</p>
<p>केरल में एक युवक की कथित आत्महत्या के मामले का जिक्र करते हुए राय ने आरोप लगाया, ‘‘26 साल के संघ प्रशिक्षित आनंदू नाम के एक युवक ने अपने सुसाइड नोट में संघ के वरिष्ठ नेताओं पर यौन शोषण का आरोप लगाया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इससे पता चलता है कि संघ के अंदर किस तरह का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न होता है।’’</p>
<p>बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए राय ने दावा किया कि ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) गठबंधन एकजुट है और बिहार में चुनाव के बाद सरकार बनाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा, ‘‘इंडिया गठबंधन बिहार में मजबूती से चुनाव लड़ रहा है और वह सरकार बनाएगा।’’</p>
<p>राय ने भाजपा पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत अपने साथियों को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ने हमेशा अपने साथी दलों के साथ खेल खेला है। उसने ओडिशा में बीजू जनता दल को खत्म किया, महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ गलत किया और अब बिहार में नीतीश कुमार के साथ भी ऐसा ही कर रही है।</p>
<p>भाजपा की नीति अपने सहयोगियों को एक-एक करके खत्म करने की है।’’ जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस बिहार विधानसभा चुनाव के बाद केंद्र में सरकार बनाने के लिए नीतीश कुमार की मदद लेगी, तो उन्होंने कहा, ‘‘हम तब हालात देखेंगे। अभी हम मजबूती से और एकजुट होकर लड़ रहे हैं।’’</p>
<p>बिहार में चुनाव प्रचार करने गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज करते हुए राय ने कहा, ‘‘योगी जी पहले उत्तर प्रदेश को संभालें। यहां कानून-व्यवस्था खत्म हो गई है। दलितों की पीट-पीटकर हत्या की जा रही है, अपराध चरम पर है।</p>
<p>बिहार के बारे में बात करने के बजाय योगी जी को यह बताना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में शराब की तस्करी क्यों फल-फूल रही है।’’ उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती पर लखनऊ में अपनी हालिया रैली के जरिए भाजपा की मदद करने का भी आरोप लगाया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बलिया</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 17:39:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रेल यात्रियों को झटका : अब इस जंक्शन पर अब नहीं बिकेगा केला, जानिए रेलवे ने क्यों लगा पाबंदी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>पटना।</strong> रेलवे ने पटना जंक्शन परिसर में केले की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। रेल प्रशासन का तर्क है कि छिलके वाले फलों, खासकर केले से प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर में गंदगी फैल रही थी, जिससे स्वच्छता बनाये रखना मुश्किल हो रहा था।</p>
<p>रेलवे की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब जंक्शन परिसर में केवल 12 निर्धारित फलों की ही बिक्री की अनुमति होगी, जिनमें सभी या तो बिना छिलके के खाने योग्य हैं या फिर छिलके से गंदगी फैलने की संभावना कम होती है।</p>
<p>जिन 12 फलों की बिक्री की अनुमति दी गयी है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555700/shock-to-railway-passengers--bananas-will-no-longer-be-sold-at-this-junction--find-out-why-the-railways-imposed-the-ban"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/cats169.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>पटना।</strong> रेलवे ने पटना जंक्शन परिसर में केले की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। रेल प्रशासन का तर्क है कि छिलके वाले फलों, खासकर केले से प्लेटफार्म और स्टेशन परिसर में गंदगी फैल रही थी, जिससे स्वच्छता बनाये रखना मुश्किल हो रहा था।</p>
<p>रेलवे की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब जंक्शन परिसर में केवल 12 निर्धारित फलों की ही बिक्री की अनुमति होगी, जिनमें सभी या तो बिना छिलके के खाने योग्य हैं या फिर छिलके से गंदगी फैलने की संभावना कम होती है।</p>
<p>जिन 12 फलों की बिक्री की अनुमति दी गयी है उनमें सेब, अंगूर, ककड़ी, अमरूद, खीरा, अनार, अनानास, खजूर, पपीता (कटा हुआ और साबुत), संतरा, आम और पपीता साबुत शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, स्टेशन परिसर की साफ-सफाई को लेकर यह कदम उठाया गया है।</p>
<p>छिलके वाले फल, विशेष रूप से केला, प्लेटफॉर्म पर गंदगी फैलाने का प्रमुख कारण बन रहा था, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही थी और स्वच्छ भारत मिशन के मानकों पर भी असर पड़ रहा था। एक आकलन के मुताबिक, पटना जंक्शन से रोजाना 285 से ज्यादा ट्रेनों की आवाजाही होती है और करीब सवा लाख से अधिक यात्री यहां से गुजरते हैं।</p>
<p>यात्रियों के बीच सबसे ज्यादा पसंद किये जाने वाले फलों में केला अव्वल रहा है, क्योंकि यह सस्ता, पौष्टिक और आसानी से उपलब्ध होता है, लेकिन अब यह विकल्प उन्हें स्टेशन परिसर में उपलब्ध नहीं होगा। रेलवे ने फल विक्रेताओं को नियंत्रित दामों की सूची और फल बेचने के स्पष्ट दिशा- निर्देश सौंप दिये हैं।</p>
<p>यदि कोई विक्रेता तय नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय यात्रियों की सुविधा और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने के लिये लिया गया है। साथ ही यात्रियों से भी अपील की गई है कि वे स्टेशन परिसर को स्वच्छ बनाये रखने में सहयोग करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Oct 2025 14:35:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी: नवरात्र तक मांस-मछली की बिक्री पर लगा प्रतिबंध, बंद रहेंगी दूकानें नगर निगम ने जारी किया आदेश </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>वाराणसी।</strong> वाराणसी नगर निगम सीमा क्षेत्र में पूरे नवरात्र मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगते हुए इनकी दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। मंगलवार को यह जानकारी दी गई। नगर निगम के जनसम्पर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने नवरात्र पर्व के दौरान नगर निगम सीमा क्षेत्र के सभी मीट, मुर्गा और मछली की दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया है।</p>
<p>महापौर ने नवरात्र के दौरान सभी बूचड़खाने भी बंद करने का आदेश दिया है। श्रीवास्तव ने बताया कि महापौर ने इस संबंध में पशु कल्याण अधिकारी डॉ. संतोष</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/554157/varanasi--ban-on-sale-of-meat-and-fish-till-navratri--shops-to-remain-closed--municipal-corporation-issues-order"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/cats353.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>वाराणसी।</strong> वाराणसी नगर निगम सीमा क्षेत्र में पूरे नवरात्र मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध लगते हुए इनकी दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। मंगलवार को यह जानकारी दी गई। नगर निगम के जनसम्पर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने नवरात्र पर्व के दौरान नगर निगम सीमा क्षेत्र के सभी मीट, मुर्गा और मछली की दुकानों को बंद रखने का निर्देश दिया है।</p>
<p>महापौर ने नवरात्र के दौरान सभी बूचड़खाने भी बंद करने का आदेश दिया है। श्रीवास्तव ने बताया कि महापौर ने इस संबंध में पशु कल्याण अधिकारी डॉ. संतोष पाल को निर्देशित किया है कि वे सुनिश्चित करें कि इन दुकानों को बंद कराया जाए और नियमित रूप से निरीक्षण कर अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी विक्रेता द्वारा इस आदेश का उल्लंघन किया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/554157/varanasi--ban-on-sale-of-meat-and-fish-till-navratri--shops-to-remain-closed--municipal-corporation-issues-order</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Sep 2025 15:31:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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