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                <title>Samagra Shiksha Yojana - Amrit Vichar</title>
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                <description>Samagra Shiksha Yojana RSS Feed</description>
                
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                <title>UP News: योगी सरकार का बड़ा फैसला, दिव्यांग बच्चों को मिलेगा 600 रुपये मासिक एस्कॉर्ट भत्ता; इन बच्चों को होगा फायदा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>ऐसे दिव्यांग बच्चे जो स्वयं स्कूल जाने में असमर्थ हैं, उन्हें अब सहायक व्यक्ति के लिए एस्कॉर्ट भत्ता प्रदान किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 600 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। यह सुविधा दृष्टिबाधित, बौद्धिक रूप से अक्षम, सेरेब्रल पाल्सी, जेई-एईएस प्रभावित, और अन्य प्रकार की दिव्यांगता वाले बच्चों को 10 महीने तक मिलेगी।</p>
<p>सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, और कंपोजिट स्कूलों में पढ़ने वाले 13,991 गंभीर और बहु-दिव्यांग बच्चों के लिए एस्कॉर्ट भत्ता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548112/up-news-yogi-sarkars-big-faisara-disabled-children-will-get"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/muskan-dixit-(4)12.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>ऐसे दिव्यांग बच्चे जो स्वयं स्कूल जाने में असमर्थ हैं, उन्हें अब सहायक व्यक्ति के लिए एस्कॉर्ट भत्ता प्रदान किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले दिव्यांग बच्चों को समग्र शिक्षा योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 600 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। यह सुविधा दृष्टिबाधित, बौद्धिक रूप से अक्षम, सेरेब्रल पाल्सी, जेई-एईएस प्रभावित, और अन्य प्रकार की दिव्यांगता वाले बच्चों को 10 महीने तक मिलेगी।</p>
<p>सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, और कंपोजिट स्कूलों में पढ़ने वाले 13,991 गंभीर और बहु-दिव्यांग बच्चों के लिए एस्कॉर्ट भत्ता योजना के तहत 839.46 लाख रुपये की राशि मंजूर की है। इस पहल से दिव्यांग बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने में काफी मदद मिलेगी, और वे अपनी पसंद के अनुसार किसी सहायक का चयन कर सकेंगे। यह योजना 30 सितंबर तक लागू हो जाएगी।</p>
<p>इस योजना के तहत 600 रुपये प्रतिमाह की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बच्चों के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। योजना का संचालन प्रेरणा और समर्थ पोर्टल के जरिए होगा, जहां बच्चों की पात्रता की जांच की जाएगी। इसके लिए 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। साथ ही, स्कूल में नियमित उपस्थिति भी इस योजना का लाभ उठाने की मुख्य शर्त होगी।</p>
<p>बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि इस प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए स्कूल से लेकर जिला स्तर तक जवाबदेही तय की गई है। स्कूल के प्रधानाध्यापक पात्र बच्चों की पहचान करेंगे, खंड शिक्षा अधिकारी उनकी पुष्टि करेंगे, और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंतिम मंजूरी देंगे। इसके बाद पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से आधार और बैंक खाता सत्यापन के बाद भुगतान किया जाएगा।</p>
<p><strong>दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूलों में रैंप की सुविधा  </strong></p>
<p>योगी सरकार ने आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग को निर्देश दिया है कि सभी सरकारी वेबसाइटों को दिव्यांगजन के अनुकूल बनाया जाए। साथ ही, स्कूल विलय की प्रक्रिया के दौरान दिव्यांग बच्चों का विस्तृत सर्वेक्षण कर उनकी स्कूल पहुंच सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएं। सभी प्राथमिक स्कूलों में रैंप बनाए गए हैं, ताकि व्हीलचेयर पर निर्भर बच्चों को भी आसानी हो।लचेयर पर निर्भर बच्चों को भी सुविधा हो रही है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/548111/up-teachers-transfer--priority-to-teachers-suffering-from-disability-and-serious-illness--transfer-will-be-done----government-has-issued-instructions">UP Teachers Transfer: दिव्यांग और गंभीर बीमारी से ग्रस्त शिक्षकों को मिलेगी प्राथमिकता, होगा ट्रांसफर... शासन ने जारी किए निर्देश</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/548112/up-news-yogi-sarkars-big-faisara-disabled-children-will-get</link>
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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 10:07:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही, छात्रों पर पड़ रही भारी, 1581 विद्यालयों तक नहीं पहुंची इंटरनेट सेवा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद प्राथमिक विद्यालयों तक इंटरनेट सेवा नहीं पहुंच पा रही है। पिछले दो महीनों में मात्र 37 विद्यालयों तक ही इंटरनेट सेवा शुरू हो पाई है। शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा छात्र भुगत रहें है। वहीं बीएसएनएल को जो भी सूची शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त हो रही है उसके आधार पर वह इंटरनेट की सेवाएं पहुंचा रहा है।</p>
<p>ग्रामीण स्कूलों में इंटरनेट पहुंचाने के लिए समग्र शिक्षा योजना का संचालन किया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि गांव के सभी स्कूल इंटरनेट से जुड़ें ताकि शहरों की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/521960/the-negligence-of-education-officers-did-not-reach-internet-service"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/untitled-design-(17)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>सरकार के तमाम प्रयासों के बावजूद प्राथमिक विद्यालयों तक इंटरनेट सेवा नहीं पहुंच पा रही है। पिछले दो महीनों में मात्र 37 विद्यालयों तक ही इंटरनेट सेवा शुरू हो पाई है। शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा छात्र भुगत रहें है। वहीं बीएसएनएल को जो भी सूची शिक्षा विभाग की ओर से प्राप्त हो रही है उसके आधार पर वह इंटरनेट की सेवाएं पहुंचा रहा है।</p>
<p>ग्रामीण स्कूलों में इंटरनेट पहुंचाने के लिए समग्र शिक्षा योजना का संचालन किया जा रहा है। सरकार की मंशा है कि गांव के सभी स्कूल इंटरनेट से जुड़ें ताकि शहरों की तरह वहां भी ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखी जा सके। सभी बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा मिल सके इसके लिए अगले 5 साल की तैयारियां की गईं। इस योजना के अंतर्गत राजधानी के 1618 प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों को इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराई जानी है। लेकिन शिक्षा विभाग के अफसरों की लापरवाही की वजह से छात्रों तक इंटरनेट की सुविधा अब तक नहीं पहुंच पाई है।</p>
<p><strong>स्कूलों में लगने हैं डिजिटल बोर्ड</strong></p>
<p>नई शिक्षा नीति और समग्र शिक्षा योजना में सुरक्षा पर जोर दिए जाने के साथ ही प्राइवेट स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं जिनकी मदद से स्कूल प्रशासन और अभिभावक अपने बच्चों की निगरानी रखते हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों में अभी ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बन पाई है। सरकारी स्कूलों में प्राइवेट स्कूलों की तरह ही सुरक्षा के मापदंड अपनाए जाएं, समग्र शिक्षा योजना में इसका प्रावधान किया गया है। देश में डिजिटल अभियान तेजी से चल रहा है और सरकार ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा दे रही है। आने वाले कुछ वर्षों में गांवों के स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास और वर्चुअल लैब की स्थापना की जाएगी जो अभी शहरी स्कूलों में देखने को मिलती हैं। गांवों के स्कूलों में भी ब्लैकबोर्ड को डिजिटल बोर्ड में तब्दील कर दिया जाएगा। दो महीने में मात्र 37 विद्यालयों में इंटरनेट सेवा पहुंचने पर जब बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राम प्रवेश से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने देने से मना कर दिया। इससे उनकी शिक्षा के प्रति लापरवाही जाहिर होती है।</p>
<p>सरकार की योजना के अनुरूप बीएसएनएल प्राथमिक विद्यालयों में तेजी से कार्य कर रहा है। शिक्षा विभाग द्वारा जो भी सूची मिल रही है, उन विद्यालयों में बीएसएनएल तेजी से इंटरनेट की सुविधा प्रदान कर रहा है।<br /><strong>राजेश कुमार, प्रधान महाप्रबंधक बीएसएनएल</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/521957/devotees-in-trains-over-maghi-purnima">माघी पूर्णिमा को लेकर ट्रेनों में श्रद्धालुओं का कब्जा, प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों में मारामारी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>एजुकेशन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 12 Feb 2025 10:43:22 +0530</pubDate>
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