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                <title>construction work - Amrit Vichar</title>
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                <description>construction work RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>डीडीपुरम में हालात बद से बदतर: उफन रहे सीवर, घरों के आगे जमा हो रहा गंदा पानी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर के डीडीपुरम में एक महीने से निर्माण कार्य चल रहे हैं। सीवर लाइन भी डाली जा रही है। बीबीएल स्कूल के समीप रिहायशी मकानों की मुख्य सीवर लाइन को निर्माणाधीन कार्य के दौरान बंद करने से काफी समय से गंदा व बदबूदार पानी घरों के सामने जमा हो रहा है। लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। क्लासिक ग्रीन रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों का कहना है शिकायत के बाद भी नगर निगम के जलकल विभाग के अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।</p>
<p>सोसाइटी की सदस्य अंजुल मिश्रा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579326/overflowing-sewers--filthy-water-accumulating-in-front-of-homes"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/nala4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> सीएम ग्रिड योजना के तहत शहर के डीडीपुरम में एक महीने से निर्माण कार्य चल रहे हैं। सीवर लाइन भी डाली जा रही है। बीबीएल स्कूल के समीप रिहायशी मकानों की मुख्य सीवर लाइन को निर्माणाधीन कार्य के दौरान बंद करने से काफी समय से गंदा व बदबूदार पानी घरों के सामने जमा हो रहा है। लोगों को परेशानी से जूझना पड़ रहा है। क्लासिक ग्रीन रेजीडेंट वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों का कहना है शिकायत के बाद भी नगर निगम के जलकल विभाग के अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।</p>
<p>सोसाइटी की सदस्य अंजुल मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर 12 मार्च से अब तक पांच बार शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाए गए। आरोप है कि जलकल विभाग के अधिकारियों ने किसी दूसरे स्थान की फोटो पोर्टल पर अपलोड कर शिकायतों का फर्जी निस्तारण दिखा दिया। जलकल विभाग के एई से लेकर जेई और सुपरवाइजर से कई बार संपर्क कर स्थिति की गंभीरता बताई, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ ढाक के तीन पात ही हाथ लगे। दरअसल, योजना के कार्य के दौरान पुरानी लाइन क्षतिग्रस्त हुई हैं, लेकिन इसकी मरम्मत के लिए अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।</p>
<p><strong>न मौके पर जाते और न ही फोन उठाते</strong><br />नगर निगम के जलकल विभाग की मनमानी से लोग परेशान हैं। अफसर न तो जनता का फोन उठाते हैं और न ही मौका-मुआयना करना जरूरी समझते हैं। दो दिन पहले राजेंद्रनगर की पार्षद शशि सक्सेना ने भी अभियंताओं की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए थे। कहा था कि यह अभियंता न तो जनप्रतिनिधियों की सुनते हैं और न ही आम जनता का फोन उठाना मुनासिब समझते हैं। नगर आयुक्त से भी इसको लेकर पूर्व में कई शिकायत की जा चुकी हैं, लेकिन इन अभियंताओं का रवैया नहीं बदला। ऐसे में सड़कों पर सीवर उफनने के साथ जनता का आक्रोश फूटना लाजिमी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 10:03:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: परियोजनाओं की धीमी प्रगति जिले की रैंक पर डाल रही असर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जिले में महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति जिले की रैंक पर असर डाल रही है। गुरु जम्भेश्वर राज्य विश्वविद्यालय सहित कई अन्य महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं में सुस्ती शासन में किरकिरी करा रही है। पिछले महीने जिले के प्रभारी मंत्री अनिल कुमार ने सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी भी जताई थी। उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों को हर हाल में जल्द पूरा करने का निर्देश कार्यदायी संस्था व संबंधित अधिकारियों को दिया था।</p>
<p>वहीं विभागीय बैठको में भी कार्यदायीं संस्थाओं की कार्यप्रणाली अधिकारियों के नाराजगी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577960/the-slow-progress-of-projects-is-impacting-the-district-s-ranking"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/yojna.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जिले में महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति जिले की रैंक पर असर डाल रही है। गुरु जम्भेश्वर राज्य विश्वविद्यालय सहित कई अन्य महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं में सुस्ती शासन में किरकिरी करा रही है। पिछले महीने जिले के प्रभारी मंत्री अनिल कुमार ने सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक में निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी भी जताई थी। उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों को हर हाल में जल्द पूरा करने का निर्देश कार्यदायी संस्था व संबंधित अधिकारियों को दिया था।</p>
<p>वहीं विभागीय बैठको में भी कार्यदायीं संस्थाओं की कार्यप्रणाली अधिकारियों के नाराजगी का कारण बनती है। सोमवार 6 अप्रैल को निर्माण कार्यो की प्रगति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने भी असंतुष्टि जताई थी। उन्होंने यूपीसीएलडीएफ द्वारा राजकीय प्रक्षेत्र रौण्डा के सुदृढ़ीकरण कार्य, राजकीय प्रक्षेत्र पंडितपुर के सुदृढ़ीकरण कार्य, राजकीय पौधशाला फहेलउल्लागंज के सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रगति धीमी होने पर भी इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया था।</p>
<p>इसके अलावा ग्रामीण अभियंत्रण द्वारा बनवाए जा रहे कस्तूरबा बालिका ठाकुरद्वारा में एकेडमिक ब्लाक एवं छात्रावास भवन निर्माण कार्य, उ.प्र. राजकीय निर्माण निगम द्वारा बिलारी में ग्रामीण स्टेडियम एवं ओपन जिम निर्माण कार्यों में भी सुस्ती सामने आई थी। वहीं कई अन्य परियोजना जैसे गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केन्द्र के प्रशासनिक भवन, छात्रावास भवन एवं अन्य भवन निर्माण, उ.प्र. जल निगम नगरीय द्वारा मुरादाबाद में वाटर सप्लाई स्कीम, यूपी सिडको द्वारा जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को सेंटर आफ एक्सीलेंस विकसित करने संबंधी कार्य, लोक निर्माण विभाग (भवन खण्ड) द्वारा मुरादाबाद में उ.प्र. राज्य विश्वविद्यालय के भवन निर्माण कार्य की भैतिक प्रगति कम होने पर जिलाधिकारी नाराजगी जता चुके हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 16:27:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> गोरखपुर का कुसम्ही जंगल बनेगा इको-टूरिज्म हब, 4.84 करोड़ की परियोजना, पहली किस्त के 50 लाख रुपये जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/गोरखपुर,अमृत विचार।</strong> प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ अब इको-टूरिज्म को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर के कुसम्ही जंगल को आधुनिक इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब 4.84 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं, जिससे निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार गोरखपुर को पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577783/gorakhpur-s-kusmi-forest-set-to-become-eco-tourism-hub--%E2%82%B94-84-crore-project--first-installment-of-%E2%82%B950-lakh-released"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(12)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/गोरखपुर,अमृत विचार।</strong> प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के साथ अब इको-टूरिज्म को भी तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत गोरखपुर के कुसम्ही जंगल को आधुनिक इको-टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। करीब 4.84 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये जारी कर दिए गए हैं, जिससे निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है।</p>
<p style="text-align:justify;">पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार गोरखपुर को पूर्वांचल के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कुसम्ही जंगल में विकसित होने वाला इको पार्क न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेगा। प्रस्तावित इको पार्क में पर्यटकों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। </p>
<p style="text-align:justify;">इनमें स्विस कॉटेज, ट्री हाउस, योग केंद्र, इंटरप्रिटेशन सेंटर और आधुनिक कैफेटेरिया शामिल हैं। इसके अलावा बायो टॉयलेट,सोलर सबमर्सिबल, पार्किंग, सुरक्षा फेंसिंग और बैठने की व्यवस्था जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। गोरखपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर स्थित कुसम्ही जंगल, कुशीनगर मार्ग पर पड़ता है। इसकी नजदीकी रामगढ़ ताल, गोरखपुर एयरपोर्ट और बौद्ध स्थलों से इसे और महत्वपूर्ण बनाती है। </p>
<p style="text-align:justify;">बेहतर कनेक्टिविटी और लगातार बढ़ते आवागमन के चलते यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित हो रहा है। बिहार सहित अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटक भी यहां आकर्षित होंगे। पर्यटन विभाग के अनुसार,प्रदेश में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जंगलों, नदियों और झीलों को संरक्षित रखते हुए विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। सरकार का लक्ष्य उप्र. को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करना है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/577707/cm-yogi-in-gorakhpur--inaugurates-computer-research-center-at-digvijaynath-college--says-research-and-innovation-will-receive-a-boost"><span class="t-red">गोरखपुर में CM योगी :</span> दिग्विजयनाथ कॉलेज में कंप्यूटर रिसर्च सेंटर का किया शुभारंभ, कहा- शोध और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577783/gorakhpur-s-kusmi-forest-set-to-become-eco-tourism-hub--%E2%82%B94-84-crore-project--first-installment-of-%E2%82%B950-lakh-released</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/577783/gorakhpur-s-kusmi-forest-set-to-become-eco-tourism-hub--%E2%82%B94-84-crore-project--first-installment-of-%E2%82%B950-lakh-released</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:55:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं... सीएम योगी ने निर्माणाधिन मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय का किया निरीक्षण, कहा- 31 मई तक हर हाल में पूरा हो निर्माण</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मिर्जापुर।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य को 31 मई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिये। इस दौरान उन्होंने परिसर में मौलिश्री का पौधा रोपित किया और अकादमिक व प्रशासनिक ब्लॉकों का जायजा लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 31 मई तक हर हाल में विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य पूरा किया जाए। साथ ही परिसर के अंदर सड़कों का निर्माण और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने साफ किया कि निर्माण कार्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575501/no-compromise-on-quality-will-be-tolerated----cm-yogi-inspects-under-construction-maa-vindhyavasini-university--directs--construction-must-be-completed-by-may-31st-at-all-costs"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cats137.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मिर्जापुर।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य को 31 मई तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिये। इस दौरान उन्होंने परिसर में मौलिश्री का पौधा रोपित किया और अकादमिक व प्रशासनिक ब्लॉकों का जायजा लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने निर्माण एजेंसियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 31 मई तक हर हाल में विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य पूरा किया जाए। साथ ही परिसर के अंदर सड़कों का निर्माण और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने साफ किया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">योगी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि यहां ऐसे पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं, जो युवाओं को कौशल विकास के साथ रोजगार से भी जोड़ें। उन्होंने कहा कि इसका लाभ खासतौर पर मीरजापुर, सोनभद्र और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को मिलना चाहिए। तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव पर भी शासन स्तर से त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/CMOfficeUP/status/2033866978679455755">https://twitter.com/CMOfficeUP/status/2033866978679455755</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;"><strong>

</strong></p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा का मंदिर होता है और सरकार ने मां विंध्यवासिनी के नाम पर इस विश्वविद्यालय की स्थापना कर क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा किया है। उन्होंने निर्माण एजेंसी को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया कि वर्षाकाल में वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाए। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सहभागिता से परिसर और आसपास हरियाली बढ़ाने पर बल दिया। मुख्यमंत्री के आगमन पर कुलपति प्रो. शोभा गौड़ ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 19:28:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंतिम चरण में संग्रहालय कार्य...  म्यूजियम में दिखेंगे राम मंदिर के साक्ष्य, संघर्ष के इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार। </strong>सरयू तट स्थित निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय श्रीराम कथा संग्रहालय में आने वाले पर्यटक राम मंदिर के प्राचीन इतिहास से भी रू-ब-रू होंगे। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर 1528 में मंदिर को तोड़े जाने के संबंध में खोदाई से प्राप्त अवशेषों के दर्शन कराए जाने के साथ और उस स्थान के बारे भी सचित्र जानकारी भी दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राम जन्मभूमि पर निर्माण का कार्य संपन्न होने के बाद राम मंदिर से जुड़े साक्ष्य, संघर्ष, फैसला और निर्माण की गाथा अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में प्रदर्शित की जाएगी। इसके लिए ट्रस्ट पुरानी फोटो और दस्तावेजों को जुटा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569938/museum-work-in-the-final-stage----evidence-of-the-ram-temple-and-the-history-of-the-struggle-will-be-displayed-in-the-museum"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(39).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार। </strong>सरयू तट स्थित निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय श्रीराम कथा संग्रहालय में आने वाले पर्यटक राम मंदिर के प्राचीन इतिहास से भी रू-ब-रू होंगे। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर 1528 में मंदिर को तोड़े जाने के संबंध में खोदाई से प्राप्त अवशेषों के दर्शन कराए जाने के साथ और उस स्थान के बारे भी सचित्र जानकारी भी दी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राम जन्मभूमि पर निर्माण का कार्य संपन्न होने के बाद राम मंदिर से जुड़े साक्ष्य, संघर्ष, फैसला और निर्माण की गाथा अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में प्रदर्शित की जाएगी। इसके लिए ट्रस्ट पुरानी फोटो और दस्तावेजों को जुटा रहा है। वहीं दूसरी ओर संग्रहालय में सिविल कार्य अंतिम चरण में चल रहा हैं। इसके बाद आधुनिक तकनीक पर 20 की संख्या में विभिन्न तरह के म्यूजियम को तैयार किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">राम मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में मंदिर स्थल पर खोदाई के दौरान मिली मूर्तियां और कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। और इस आंदोलन की कानूनी, राजनीतिक और धार्मिक यात्रा का भी विवरण प्रस्तुत करने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ भी बनाया जाएगा। जिसमें अलग-अलग खंड होंगे। एक खंड में खुदाई और निर्माण कार्य के दौरान मिली वस्तुएं होंगी। दूसरे खंड में 500 वर्षों से अधिक की कानूनी, राजनीतिक और धार्मिक यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय के निदेशक संजीव सिंह बताते हैं कि इंप्रूव फॉर्मेट में कुछ चीजों की रखा गया है। कहा कि इस म्यूजियम को विश्व के श्रेष्ठतम तकनीकी की परिदृश्य बने ऐसा प्रयास है। जिस पर पूरी टीम काम कर रही है। संग्रहालय में सिविल कार्य भी अंतिम चरण में है। जल्द ही आधुनिक म्यूजियम को तैयार किए जाने पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2003 में कोर्ट के आदेश के बाद परिसर में की गई खोदाई स्थल के भी पूरे चित्र प्राप्त हुए हैं। जिसे लोगों की जानकारी के लिए दिखाया जायेगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><br />ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/569937/pm-ajay-training-begins-in-barabanki--aiming-to-extend-the-benefits-of-the-scheme-to-the-last-person-in-society"><span class="t-red">बाराबंकी में पीएम-अजय प्रशिक्षण की शुरआत, </span>समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ पहचाना लक्ष्य</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569938/museum-work-in-the-final-stage----evidence-of-the-ram-temple-and-the-history-of-the-struggle-will-be-displayed-in-the-museum</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/569938/museum-work-in-the-final-stage----evidence-of-the-ram-temple-and-the-history-of-the-struggle-will-be-displayed-in-the-museum</guid>
                <pubDate>Tue, 03 Feb 2026 18:55:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी : निर्माण कार्यों में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई, डीएम ने अधिकारियों के कसे पेंच</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन के साथ जनपद में संचालित 50 लाख से अधिक लागत वाली सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी ने परियोजनावार प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि समस्त निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण, मानक के अनुरूप तथा निर्धारित समयसीमा में अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा अधोमानक सामग्री के प्रयोग की पुष्टि होने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं अभियंताओं के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567625/barabanki--strict-action-will-be-taken-against-negligence-in-construction-work--the-district-magistrate-has-tightened-the-screws-on-officials"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/027.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन के साथ जनपद में संचालित 50 लाख से अधिक लागत वाली सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। जिलाधिकारी ने परियोजनावार प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि समस्त निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण, मानक के अनुरूप तथा निर्धारित समयसीमा में अनिवार्य रूप से पूर्ण किए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा अधोमानक सामग्री के प्रयोग की पुष्टि होने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं अभियंताओं के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण कर अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। </p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के दौरान जिन प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की गई, उनमें बनीकोडर, सिरौलीगौसपुर एवं नवाबगंज में निर्माणाधीन आईटीआई भवन, भिटरिया में बस स्टेशन, रामसनेहीघाट स्थित कल्याण मंडप, राजकीय पॉलिटेक्निक बाराबंकी में छात्रावास निर्माण, सतरिख की राजकीय पौधशाला, जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय तीरगांव में ट्रांजिट हॉस्टल, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत सरकारी कृषि फार्म, जीजीआईसी देवा, डायट गणेशपुर में फाउंडेशन कार्य, बनीकोडर स्थित बुढ़वाबाबा मंदिर में कराए जा रहे कार्य तथा थाना जैदपुर, सतरिख, आरएस घाट, देवा और मसौली के निर्माण कार्य शामिल रहे। </p>
<p style="text-align:justify;">इस समीक्षा बैठक में जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग (सीडी-1, सीडी-3), जल निगम, बाढ़ खंड, नेडा, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, समाज कल्याण अधिकारी, उद्यान अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के तकनीकी एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>सी.डी.ई. श्रेणी के विभाग योजना कार्य में लाएं तेजी : डीएम</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कलेक्ट्रेट स्थित लोकसभागार में जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी अन्ना सुदन के साथ मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के अंतर्गत जनपद की विभिन्न विभागीय योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कुल 37 बिंदुओं पर विभागवार प्रगति और रैंकिंग की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन विभागों की रैंकिंग अपेक्षित स्तर से नीचे है, उनके विभागाध्यक्ष व्यक्तिगत रुचि लेकर योजनाओं की प्रगति में शीघ्र सुधार सुनिश्चित करें। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने सी, डी एवं ई श्रेणी में शामिल विभागों के खराब प्रदर्शन पर कड़ी नाराजगी जताई और चेतावनी दी कि निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य न होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। बैठक के दौरान पंचायतीराज विभाग एवं समाज कल्याण विभाग में अपेक्षित सुधार न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा जिलाधिकारी ने जल जीवन मिशन, सड़क निर्माण, स्वच्छ भारत मिशन, फैमिली आईडी, मध्यान्ह भोजन, छात्र उपस्थिति, पर्यटन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री ग्रामीण योजना, ग्रामीण अभियंत्रण, सेतु निर्माण, किसान सम्मान निधि, मनरेगा, दुग्ध विकास, दिव्यांग पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, युवा स्वरोजगार, महिला एवं बाल विकास तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण सहित अन्य योजनाओं में प्रगति तेज करने के भी निर्देश दिए। बैठक में जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, उपायुक्त मनरेगा, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567625/barabanki--strict-action-will-be-taken-against-negligence-in-construction-work--the-district-magistrate-has-tightened-the-screws-on-officials</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/567625/barabanki--strict-action-will-be-taken-against-negligence-in-construction-work--the-district-magistrate-has-tightened-the-screws-on-officials</guid>
                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 19:40:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: दूसरे समुदाय ने धार्मिक स्थल निर्माण का किया विरोध, प्रशासन ने काम रुकवाया तो फैला आक्रोश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मंडी धनौरा, अमृत विचार। </strong>थाना क्षेत्र के गांव कैसरा में धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए।एसडीए, तहसीलदार और सीओ पांच थानों के पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया और वे धरने पर बैठ गए। गांव में भारी पुलिस बल के साथ पीएसी तैनात कर दी गई।</p>
<p>मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के गांव कैसरा में मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। इस जमीन का मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। मंदिर निर्माण का दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध किया और पुलिस को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565836/the-other-community-opposed-the-construction-of-the-religious-site--and-when-the-administration-stopped-the-work--it-led-to-unrest"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/mandir.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मंडी धनौरा, अमृत विचार। </strong>थाना क्षेत्र के गांव कैसरा में धार्मिक स्थल निर्माण को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए।एसडीए, तहसीलदार और सीओ पांच थानों के पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवा दिया। इससे ग्रामीणों में रोष फैल गया और वे धरने पर बैठ गए। गांव में भारी पुलिस बल के साथ पीएसी तैनात कर दी गई।</p>
<p>मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के गांव कैसरा में मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। इस जमीन का मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। मंदिर निर्माण का दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध किया और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने हालात की गंभीरता को देखते हुए निर्माण कार्य बंद कराया। निर्माण रोके जाने के बाद दूसरे पक्ष के लोगों में आक्रोश फैल गया। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य संगठनों के कार्यकर्ता भी गांव पहुंच गए। </p>
<p>मंदिर स्थल के बाहर सड़क पर बैठकर रोष जताने लगे। हालात बिगड़ने की आशंका को देखते हुए अफसरों को सूचना दी गई तो एसडीएम विभा श्रीवास्तव, तहसीलदार मुसारम थारू और सीओ अंजलि कटारिया पांच थानों की पुलिस के साथ पहुंचे। एसडीएम और सीओ ने प्रदर्शन कर रहे लोगों और संगठन के नेताओं से बातचीत की। काफी देर चली वार्ता के बाद प्रदर्शनकारियों को शांत कराया गया।</p>
<p>प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जब तक कोर्ट से स्पष्ट आदेश और वैधानिक अनुमति नहीं मिलती, तब तक किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। एसडीएम विभा श्रीवास्तव ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती जारी रहेगी। उधर विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के प्रांत को रक्षा प्रमुख हेमंत सारस्वत जिला अध्यक्ष अशोक सैनी का कहना है कि गांव में मंदिर न होने से हिंदू समाज के लोगों को परेशानी हैं। जब दूसरे समाज के लोग अपने धार्मिक स्थल में जा सकते हैं तो हिंदू समाज के धार्मिक स्थल से आपत्ति क्यों।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अमरोहा</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565836/the-other-community-opposed-the-construction-of-the-religious-site--and-when-the-administration-stopped-the-work--it-led-to-unrest</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/565836/the-other-community-opposed-the-construction-of-the-religious-site--and-when-the-administration-stopped-the-work--it-led-to-unrest</guid>
                <pubDate>Thu, 01 Jan 2026 06:17:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/mandir.jpg"                         length="332404"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बाराबंकी : हौज-नाली निर्माण में मानकों की भारी गड़बड़ी उजागर, किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विवेक शुक्ला/रामनगर, बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> लघु सिंचाई विभाग द्वारा किसानों के खेतों में कराए गए हौज व नाली निर्माण कार्यों में भारी गड़बड़ी उजागर हुई है। मानक के विपरीत सामग्री के प्रयोग के कारण करीब तीन माह पूर्व बने ये निर्माण कार्य चंद दिनों में ही क्षतिग्रस्त होने लगे हैं, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>विकासखंड रामनगर क्षेत्र के ग्राम बिलखिया, बायलमऊ, शाहपुर चकबहेरवा, मलौली और नहरवल सहित कई गांवों में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत हौज एवं नालियों का निर्माण कराया गया था। शुक्रवार को अमृत विचार की टीम ने जब मौके</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564168/barabanki--major-irregularities-exposed-in-the-construction-of-irrigation-channels-and-drains--dashing-the-hopes-of-farmers--send-f"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/073.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विवेक शुक्ला/रामनगर, बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> लघु सिंचाई विभाग द्वारा किसानों के खेतों में कराए गए हौज व नाली निर्माण कार्यों में भारी गड़बड़ी उजागर हुई है। मानक के विपरीत सामग्री के प्रयोग के कारण करीब तीन माह पूर्व बने ये निर्माण कार्य चंद दिनों में ही क्षतिग्रस्त होने लगे हैं, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।</p>
<p>विकासखंड रामनगर क्षेत्र के ग्राम बिलखिया, बायलमऊ, शाहपुर चकबहेरवा, मलौली और नहरवल सहित कई गांवों में सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत हौज एवं नालियों का निर्माण कराया गया था। शुक्रवार को अमृत विचार की टीम ने जब मौके पर पहुंचकर करीब एक दर्जन किसानों के खेतों में बने हौज व नालियों की स्थिति का जायजा लिया तो कई गंभीर खामियां उजागर हुईं। अधिकांश स्थानों पर प्लास्टर उखड़ता मिला, जबकि कई जगह दीवारें चिटकी हुई पाई गईं।</p>
<p>किसानों का आरोप है कि निर्माण में घटिया पीली ईंटों का उपयोग किया गया और केवल बालू से प्लास्टर कर खानापूरी की गई, जबकि नींव तक नहीं डाली गई। लाभार्थी किसानों ने बताया कि कुल 34 से 35 किसानों के खेत में बनी हौज व नालियों की स्थिति ऐसी ही है। गुणवत्ता को लेकर ठेकेदार से शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/073.jpg" alt="0" width="1280" height="720"></img></p>
<p>किसानों ने बताया कि कई स्थानों पर पुरानी बोरिंग पर ही हौज व नालियों का निर्माण दिखा दिया गया, जबकि नियमों के अनुसार नई बोरिंग के साथ नाली और हौज का संयुक्त निर्माण लगभग 35 हजार रुपये की लागत में होना चाहिए।</p>
<p>आरोप है कि विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग कर लाखों रुपये की कमाई की गई है, जबकि नुकसान किसानों को झेलना पड़ रहा है। पीड़ित किसानों ने उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा घटिया निर्माण को ध्वस्त कर मानक के अनुरूप दोबारा मजबूत निर्माण कराए जाने की मांग की है।</p>
<h5><strong>क्या बोले किसान?</strong></h5>
<p>करीब तीन माह पहले उनकी बोरिंग पर बने हौज-नाली में बिना नींव पीली ईंट और केवल बालू का प्रयोग किया गया। घटिया निर्माण पर आपत्ति जताने पर ठेकेदार ने विभागीय निर्देश का हवाला देकर मामला टाल दिया... <strong>कंधई लाल, ग्राम नहरवल निवासी किसान।</strong></p>
<p>बिना नींव के पीली ईंट और बालू से बनी हौज का प्लास्टर कुछ ही दिनों में गिर गया और दीवारें चिटक गईं, जबकि दिखावे के लिए लाई गई मौरंग व सीमेंट को ठेकेदार बाद में वापस ले गए... <strong>रवि, ग्राम बिलखिया निवासी किसान।</strong></p>
<p>चोट के कारण वह निर्माण के समय मौजूद नहीं थे। मौके का फायदा उठाकर ठेकेदारों ने बोरिंग पर हौज-नाली का निर्माण मानकों के विपरीत किया और भ्रष्टाचार छुपाने के लिए ऊपर से केवल सीमेंट का घोट कर दिया... <strong>राजेश, ग्राम बिलखिया निवासी किसान।</strong></p>
<p>खेत में काम करते समय पूरा भ्रष्टाचार होते देखा, मौरंग रखी रह गई और केवल बालू व पीली ईंट से आनन-फानन में हौज तैयार कर दी गई। ठेकेदार ने किसी की भी बात नहीं सुनी<strong>... दिनेश कुमार, ग्राम बायलमऊ निवासी किसान।</strong></p>
<h5><strong>क्या बोले जिम्मेदार?</strong></h5>
<p>निर्माण कार्यों की मौके पर जांच कराई जाएगी और मानक के विपरीत सामग्री इस्तेमाल पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन्हें दंडित किया जाएगा... <strong>बृजेश सिंह, अधिशाषी अभियंता, लघु सिंचाई विभाग।</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/564168/barabanki--major-irregularities-exposed-in-the-construction-of-irrigation-channels-and-drains--dashing-the-hopes-of-farmers--send-f</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 19:15:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय देगा आगरा को नई पहचान:  सीएम योगी ने की समीक्षा, निर्माण कार्यो पर अधिकारीयों को दिए निर्देश </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय आगरा की पहचान को नई ऊँचाई देगा और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव का जीवंत प्रतीक बनेगा। योगी ने गुरुवार को संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में आगरा में बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारत के स्वाभिमान, सांस्कृतिक वैभव और वीरता का प्रेरणास्थल बनेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि भवन का निर्माण कार्य जनवरी तक हर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557959/chhatrapati-shivaji-maharaj-museum-will-give-agra-a-new-identity--cm-yogi-reviews--instructs-officials-on-construction-work"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/untitled-design-(68)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय आगरा की पहचान को नई ऊँचाई देगा और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव का जीवंत प्रतीक बनेगा। योगी ने गुरुवार को संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में आगरा में बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारत के स्वाभिमान, सांस्कृतिक वैभव और वीरता का प्रेरणास्थल बनेगा। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने अब तक की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए शेष कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए और कहा कि भवन का निर्माण कार्य जनवरी तक हर हाल में पूर्ण कर लिया जाए, ताकि संग्रहालय का स्वरूप देने का काम तय समय पर पूरा हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संग्रहालय केवल इतिहास का स्थिर प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभव होना चाहिए, जहाँ आगंतुक भारत की गौरवगाथा को महसूस कर सकें। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने निर्देश दिया कि संग्रहालय की प्रत्येक गैलरी को ऐसी थीमैटिक और इंटरएक्टिव प्रस्तुति दी जाए, जिससे आगंतुक केवल दर्शक न रहकर सहभागी बनें। योगी ने 'शिवाजी एवं द ग्रेट एस्केप गैलरी' के संबंध में निर्देश दिए कि इसमें आगरा किले से छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक मुक्ति की घटना को 7डी तकनीक, डिजिटल साउंड, लाइट और विजुअल इफेक्ट्स के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए ताकि आगंतुक उस क्षण की वीरता और रणनीति को सजीव रूप में अनुभव कर सकें। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यह अनुभाग शिवाजी महाराज के स्वराज्य संकल्प का प्रतीक बने। मुख्यमंत्री ने 'अग्रदूतों की गैलरी' में प्रथम स्वाधीनता संग्राम 1857 के अमर सेनानियों से जुड़ी वस्तुओं, स्मृतियों और दस्तावेजों को सुरक्षित प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह गैलरी उन अग्रदूतों की गाथा कहे जिन्होंने स्वतंत्रता की नींव रखी। यहाँ झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे और अनेक वीरों की स्मृतियाँ आधुनिक तकनीक के साथ प्रदर्शित हों। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होने 'त्योहारों की गैलरी' के संबंध में कहा कि इसमें काशी की महाशिवरात्रि और देव दीपावली, ब्रज का श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और रंगोत्सव, तथा प्रयागराज का महाकुंभ जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्वों का जीवंत चित्रण हो। उन्होंने निर्देश दिया कि यहाँ केवल तस्वीरें न लगाई जाएं, बल्कि प्रत्येक पर्व को इंटरएक्टिव अनुभव के रूप में प्रस्तुत किया जाए, जहाँ प्रकाश, ध्वनि, संगीत और रंगों के माध्यम से आगंतुक उत्सव का अनुभव कर सकें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 'नदियों की गैलरी' में गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा जैसी नदियों से जुड़ी आस्था, संस्कृति और लोकजीवन का सजीव चित्रण हो।</p>
<p style="text-align:justify;"> साथ ही 'देवासुर संग्राम' जैसे अनुभाग के माध्यम से सृष्टि, धर्म और मानव मूल्यों की भारतीय व्याख्या को भी दर्शाया जाए। उन्होंने कहा कि संग्रहालय परिसर में स्थापित सभी कलाकृतियाँ, मूर्तियाँ और स्थापत्य तत्व उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतिनिधित्व करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि संग्रहालय की प्रत्येक दीवार, आंगन और कलाकृति बोलती हुई कहानी बने, जिसमें लोककला, पारंपरिक शिल्प और आधुनिक कला का समन्वय झलके। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने 'आगरा गैलरी' में शहर की स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए ताकि आगंतुकों को मुगलकालीन स्थापत्य, ब्रज संस्कृति और आधुनिक आगरा का समग्र परिदृश्य एक साथ देखने को मिले। उन्होंने 'ओरिएंटेशन गैलरी' को संग्रहालय की प्रस्तावना के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, जहाँ आगंतुकों को संग्रहालय के उद्देश्य, छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उस कालखंड के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश का परिचय मिल सके। </p>
<p style="text-align:justify;">योगी ने कहा कि संग्रहालय का उद्देश्य केवल अतीत का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा केंद्र बनना है। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी गैलरियों और अनुभव क्षेत्रों में इंटरएक्टिव तकनीक, वर्चुअल रियलिटी, साउंड-लाइट शो और डिजिटल आर्काइव्स का प्रयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा करते हुए सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता और समयसीमा में पूर्ण किए जाएं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/557956/deepawali--a-confluence-of-folk-faith--cm-yogi-reviewed-preparations-and-said-the-festival-should-be-an-example-of-faith-and-discipline"><span class="t-red">लोकआस्था का संगम देव दीपावली:</span> तैयारियों को लेकर CM योगी ने की समीक्षा, बोले- श्रद्धा और अनुशासन की मिसाल बने पर्व</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>आगरा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/557959/chhatrapati-shivaji-maharaj-museum-will-give-agra-a-new-identity--cm-yogi-reviews--instructs-officials-on-construction-work</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/557959/chhatrapati-shivaji-maharaj-museum-will-give-agra-a-new-identity--cm-yogi-reviews--instructs-officials-on-construction-work</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Oct 2025 13:40:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: सड़कें होंगी धूलमुक्त, पीडब्ल्यूडी और नगर निगम शुरू करेंगे कार्य</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>जल्द शहर की सड़कों से धूल नही उड़ेगी, जिसके लिए नगर निगम ने कवायद जारी कर दी है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के तहत शहर की प्रमुख सड़कों को हरा-भरा बनाने के साथ ही चौराहों पर निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए शासन की ओर से बजट भी जारी कर दिया है। निगम के अधिकारियों ने बैठक कर टेंडर प्रक्रिया आरंभ करने योजना बनाई है। इस नवीन कार्य योजना में सड़कों की नियमित सफाई के लिए आधुनिक मशीनें, विभाजन पट्टियों और पार्कों में पौधरोपण समेत अन्य कार्य प्रस्तावित हैं।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि वायु प्रदूषण</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557721/roads-will-be-dust-free--pwd-and-municipal-corporation-will-start-work"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/sadak3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>जल्द शहर की सड़कों से धूल नही उड़ेगी, जिसके लिए नगर निगम ने कवायद जारी कर दी है। नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) के तहत शहर की प्रमुख सड़कों को हरा-भरा बनाने के साथ ही चौराहों पर निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए शासन की ओर से बजट भी जारी कर दिया है। निगम के अधिकारियों ने बैठक कर टेंडर प्रक्रिया आरंभ करने योजना बनाई है। इस नवीन कार्य योजना में सड़कों की नियमित सफाई के लिए आधुनिक मशीनें, विभाजन पट्टियों और पार्कों में पौधरोपण समेत अन्य कार्य प्रस्तावित हैं।</p>
<p>अधिकारियों का कहना है कि वायु प्रदूषण के लिए सबसे बड़ा कारण सड़कों में होने वाले गड्ढे और मौजूद मिट्टी है। इससे वाहनों के गुजरने पर हवा में प्रदूषण फैलाने वाले धूल के कण पहुंचते हैं, जिससे लोगों की सेहत के साथ ही शहर की सेहत पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। नगर निगम की ओर से मुख्य सड़कों और प्रमुख बाजारों में सड़क व फुटपाथ सुधार, ग्रीन बेल्ट विकसित करने के साथ पौधरोपण का कार्य किया जाएगा। </p>
<p>नगर निगम ने इस योजना के तहत जो काम होने हैं इसकी सूची बना ली है। जल्द की डीएम की अध्यक्षता में बैठक होगी जिसमें संबंधित विभागों को कार्यों का आवंटन कर दिया जाएगा। पर्यावरण अभियंता राजीव कुमार राठी ने बताया कि एनसीएपी कार्यक्रम के तहत धूलमुक्त सड़कों के साथ ही पौधरोपण कराया जाएगा। जल्द डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर कार्य योजना को अन्य विभागों के सहयोग से धरातलीय रूप दिया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Oct 2025 15:18:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: जल्द 118.69 करोड़ के 54 निर्माण कार्यों से चमकेगा जिला, PDW ने भेजे प्रस्ताव</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जनपद को जल्द ही अधोसंरचना विकास का बड़ा तोहफा मिलने वाला है। लोक निर्माण विभाग ने जिले के लिए 118.69 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 54 निर्माण कार्यों का विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा है। एस ई ने बताया कि इस बार भेजे गए प्रस्ताव में जिले में छोटे बढ़े सभी कार्यों को शामिल किया गया है।</p>
<p>सोमवार को लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि भेजे गए प्रस्तावित कार्यों में स्टेट हाईवे, मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (एमडीआर ), अन्य जिला सड़कें (ओडीआर ),लॉजिस्टिक कॉरिडोर,धर्मार्थ योजनाएं,मुख्यमंत्री योजना के अंतर्गत निर्माण,नव निर्माण, लघु</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556070/the-district-will-soon-be-illuminated-by-54-construction-works-worth-rs-118-69-crore--pdw-sent-proposals"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/nb.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> जनपद को जल्द ही अधोसंरचना विकास का बड़ा तोहफा मिलने वाला है। लोक निर्माण विभाग ने जिले के लिए 118.69 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 54 निर्माण कार्यों का विस्तृत प्रस्ताव शासन को भेजा है। एस ई ने बताया कि इस बार भेजे गए प्रस्ताव में जिले में छोटे बढ़े सभी कार्यों को शामिल किया गया है।</p>
<p>सोमवार को लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि भेजे गए प्रस्तावित कार्यों में स्टेट हाईवे, मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड (एमडीआर ), अन्य जिला सड़कें (ओडीआर ),लॉजिस्टिक कॉरिडोर,धर्मार्थ योजनाएं,मुख्यमंत्री योजना के अंतर्गत निर्माण,नव निर्माण, लघु सेतु (छोटे पुल), सिंगल कनेक्टिविटी मार्ग, मिसिंग लिंक, ब्लॉक संपर्क मार्ग, बाईपास निर्माण और जिले के 9 चिन्हित ब्लैक स्पॉट शामिल हैं।</p>
<p>उन्होंने बताया कि दीवाली से पहले प्रस्ताव में भेजे गए कार्यों को मंजूरी मिलने की उम्मीद लगाई जा रही है।अधीक्षण अभियंता के अनुसार, यह कार्य जिले में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, यातायात सुविधा, दुर्घटना रोकथाम और क्षेत्रीय विकास को ध्यान मे रखते हुए प्रस्तावित किए गए हैं। जिससे जिले में आवागमन और परिवहन व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/556070/the-district-will-soon-be-illuminated-by-54-construction-works-worth-rs-118-69-crore--pdw-sent-proposals</link>
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                <pubDate>Tue, 14 Oct 2025 08:08:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर : दीपावली तक मंजूर होंगी हर विधानसभा की 10-10 सड़कें, नवंबर में शुरू होगा निर्माण कार्य </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कें गड्ढा युक्त है, जिनपर बजरी और गिट्टियां तक फैली हुई है, लेकिन लोक निर्माण विभाग अपनी सड़कों को पूर्ण रूप से दुरस्त कराने में ज्यादा रूचि नहीं दिखा रहा है। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने शहर की प्रत्येक विधानसभा में 10-10 सड़कों की मरम्मत और उनका निर्माण कराने का फैसला लिया है।</p>
<p>दीपावली तक सड़कों का सेंशन और नवंबर माह तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा वार विभाग द्वारा मरम्मत व निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। दीपावली के त्योहार से पहले शहर को गड्ढामुक्त और चमचमाती सड़कों का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555343/kanpur--10-roads-in-each-assembly-constituency-will-be-sanctioned-by-diwali--construction-work-will-begin-in-november--send-fe"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/सड़क.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार। </strong>शहर और ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कें गड्ढा युक्त है, जिनपर बजरी और गिट्टियां तक फैली हुई है, लेकिन लोक निर्माण विभाग अपनी सड़कों को पूर्ण रूप से दुरस्त कराने में ज्यादा रूचि नहीं दिखा रहा है। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने शहर की प्रत्येक विधानसभा में 10-10 सड़कों की मरम्मत और उनका निर्माण कराने का फैसला लिया है।</p>
<p>दीपावली तक सड़कों का सेंशन और नवंबर माह तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद विधानसभा वार विभाग द्वारा मरम्मत व निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। दीपावली के त्योहार से पहले शहर को गड्ढामुक्त और चमचमाती सड़कों का तोहफा देने के लिए नगर निगम ने अपने स्तर से तो कार्य शुरू कर दी है।</p>
<p>लेकिन लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) अपनी सड़कों को दुरस्त कराने में नगर निगम से काफी पीछे नजर आ रहा है। लोक निर्माण विभाग ने हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम 10-10 सड़कों के निर्माण और मरम्मत का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके संबंध में पत्रों को भी मुख्यालय भेज दिया गया है, लेकिनमुख्यालय स्तर से सड़कों का सेंशन अभी नहीं होने से विभाग के अधिकारियों के हाथ बंधे हुए हैं।</p>
<p>विभाग द्वारा करीब 52 करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत व निर्माण कार्य कराया जाना है, जिनमे फुटपाथों सहित पूर्ण सौंदर्यीकरण का कार्य शामिल है। इसमे सिविल लाइंस, बिठूर, घाटमपुर, भीतरगांव, महाराजपुर, यश कोठारी चौराहा से बिठूर तक, रावतपुर मार्ग, नौ नंबर क्रासिंग, गोविंद नगर, किदवई नगर समेत आदि जगहों की सड़कें शामिल है।</p>
<p>सड़कों की स्थिति दुरस्त होने से न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी भी आएगी। अभी सड़कों की दुर्दशा की वजह से बाइक, स्कूटी, ऑटो, ई-रिक्शा व टेंपों सवार लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनूप कुमार मिश्र के मुताबिक हर विधानसभा से 10-10 से सड़कों की मरम्मत व निर्माण होना है, अक्टूबर माह के अंत तक सड़क सेंशन होने पर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। </p>
<h5><strong>चिन्हित 150 सड़कों का हुआ हैं सर्वे </strong></h5>
<p>नगर निगम और लोक निर्माण विभाग ने करीब 150 से अधिक सड़कों का सर्वे किया, लेकिन प्राथमिकता के आधार पर 10 विधानसभा क्षेत्रों पर फोकस किया गया। लोक निर्माण विभाग के अभियंता के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देश पर टीम लगातार सर्वे करने और मरम्मत आदि का कार्य कर रही है।</p>
<p>कुछ इलाकों में अभी टेंडर प्रक्रिया में देरी की शिकायतें आई हैं, लेकिन कार्यों में रुकावट न आ सके, इसपर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। पीडब्ल्यूडी ने 100 से अधिक सड़कों को चिह्नित किया है और निर्माण खंड-1 व 2 में करीब 46 लाख रुपये आवंटित हुए हैं। इनमे नगर के साथ ही देहात क्षेत्र की सड़के भी शामिल हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Oct 2025 18:52:41 +0530</pubDate>
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