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                <title>Government employees - Amrit Vichar</title>
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                <description>Government employees RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>योगी मंत्रिमंडल का फैसला:  खसरा-खतौनी की जांच के बाद ही होगी जमीनों की रजिस्ट्री </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आवास, वित्त, परिवहन, कार्मिक और स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग समेत विभिन्न विभागों के दो दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में जमीन की रजिस्ट्री में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए अहम फैसला लिया है। अब किसी भी संपत्ति को बेचने से पहले विक्रेता का नाम खतौनी में मिलान किया जाएगा। यदि नाम अलग पाया जाता है तो रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी जांच करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट के सामने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना का प्रस्ताव भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574475/yogi-cabinet-meeting--two-dozen-proposals-approved--effective-control-on-fraud-possible"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/वायरल-तस्वीर-(15)3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आवास, वित्त, परिवहन, कार्मिक और स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग समेत विभिन्न विभागों के दो दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में जमीन की रजिस्ट्री में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए अहम फैसला लिया है। अब किसी भी संपत्ति को बेचने से पहले विक्रेता का नाम खतौनी में मिलान किया जाएगा। यदि नाम अलग पाया जाता है तो रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी जांच करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट के सामने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इस योजना के लागू होने पर प्रदेश के 12,200 से अधिक गांवों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शहरों तक आने-जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्मिक विभाग के प्रस्ताव के तहत सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 1956 में संशोधन किया जा सकता है। इसके तहत यदि कोई कर्मचारी दो माह के मूल वेतन से अधिक मूल्य की चल संपत्ति की खरीद-फरोख्त करता है तो उसे इसकी सूचना संबंधित प्राधिकारी को देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा यदि कोई कर्मचारी एक कैलेंडर वर्ष में छह माह के मूल वेतन से अधिक राशि स्टॉक, शेयर या अन्य निवेश में लगाता है, तो इसकी जानकारी देना भी जरूरी होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">आवास विभाग के प्रस्ताव के अनुसार विकास प्राधिकरणों और आवास विकास की लंबे समय से अटकी या बिना बिके मकानों के लिए सरकार वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लागू कर सकती है। इससे प्रदेश के करीब 19 हजार से अधिक डिफॉल्टरों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंदों को किफायती आवास उपलब्ध कराने और सीएम विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत आठ शहरों में अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजनाओं के लिए बजट मंजूरी का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने, गिफ्ट डीड पर स्टाम्प शुल्क को सरल बनाने और नई एफडीआई नीति से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों के लागू होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, ग्रामीण परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और आवास योजनाओं में लोगों को राहत मिलेगी। </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 13:13:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>होली पर योगी सरकार का तोहफा:  सभी कर्मचारियों का वेतन जारी करने के निर्देश, 3 मार्च को छुट्टी का ऐलान </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि होली से पहले सभी सरकारी कर्मचारियों का वेतन जारी कर दिया जाए और उन्होंने चेतावनी दी कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सिंगापुर और जापान की चार दिवसीय यात्रा से लौटने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासन को कई निर्देश जारी करते हुए कहा कि होली से पहले सभी सरकारी कर्मचारियों का वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने अनुबंधित कर्मचारियों, संविदा कर्मचारियों और स्वच्छता कर्मियों का वेतन भी त्योहार से पहले जारी करने के निर्देश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573517/yogi-government-s-holi-gift--instructions-to-release-salaries-of-all-employees--holiday-announced-on-march-3"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(23)18.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि होली से पहले सभी सरकारी कर्मचारियों का वेतन जारी कर दिया जाए और उन्होंने चेतावनी दी कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सिंगापुर और जापान की चार दिवसीय यात्रा से लौटने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने प्रशासन को कई निर्देश जारी करते हुए कहा कि होली से पहले सभी सरकारी कर्मचारियों का वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने अनुबंधित कर्मचारियों, संविदा कर्मचारियों और स्वच्छता कर्मियों का वेतन भी त्योहार से पहले जारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने 28 फरवरी 2026 (शनिवार) को कार्यदिवस घोषित किया। अधिकारियों ने बताया कि कर्मचारियों को तीन मार्च 2026 को अवकाश दिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही, दो, तीन और चार मार्च को होली के अवकाश रहेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देशों के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने को कहा। आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान 1.5 लाख करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए।</p>
<p style="text-align:justify;">यात्रा के दौरान सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और ऑटोमोबाइल विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर जोर दिया गया। सरकार ने इस यात्रा को 2029-30 तक राज्य को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/573495/indian-railways--major-step-for-women--rail-travel-will-be-safer-and-easier--310-trains-will-be-equipped-with-state-of-the-art-women-s-coaches"><span class="t-red">भारतीय रेलवे का महिलाओं के लिए बड़ा कदम: </span>रेल सफर होगा सुरक्षित-सुगम, 310 ट्रेनों में लगेंगी अत्याधुनिक महिला बोगियां</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 14:01:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Budget 2026-27: बजट में बाबुओं के प्रशिक्षण के लिए 299 करोड़ रुपये, प्रशासनिक सुधारों को 65 करोड़ रुपये का प्रस्ताव</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> देश और विदेश में सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने तथा बुनियादी ढांचे से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण को बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 299 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव है। रविवार को पेश बजट के अनुसार, इसके अलावा प्रशासनिक सुधारों के लिए 65 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रावधान में सरकारी कार्यालयों के आधुनिकीकरण की योजना, प्रशासनिक सुधारों पर पायलट परियोजनाएं शामिल हैं जिनमें ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना, सुशासन को प्रोत्साहित करना और सार्वजनिक शिकायतों के निवारण के लिए एक व्यापक प्रणाली शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">आगामी वित्त वर्ष के लिए कुल 299 करोड़ रुपये के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569694/budget-2026-27--the-budget-proposes-%E2%82%B9299-crore-for-the-training-of-bureaucrats-and-%E2%82%B965-crore-for-administrative-reforms"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/sitharaman.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> देश और विदेश में सरकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने तथा बुनियादी ढांचे से संबंधित आवश्यक प्रशिक्षण को बढ़ाने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 299 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव है। रविवार को पेश बजट के अनुसार, इसके अलावा प्रशासनिक सुधारों के लिए 65 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रावधान में सरकारी कार्यालयों के आधुनिकीकरण की योजना, प्रशासनिक सुधारों पर पायलट परियोजनाएं शामिल हैं जिनमें ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना, सुशासन को प्रोत्साहित करना और सार्वजनिक शिकायतों के निवारण के लिए एक व्यापक प्रणाली शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">आगामी वित्त वर्ष के लिए कुल 299 करोड़ रुपये के परिव्यय में से, 120.8 करोड़ रुपये प्रशिक्षण प्रभाग, सचिवालय प्रशिक्षण एवं प्रबंधन संस्थान (आईएसटीएम) तथा लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) के लिए स्थापना संबंधी व्यय को पूरा करने के लिए, 52.2 करोड़ रुपये प्रशिक्षण योजनाओं के लिए और 126 करोड़ रुपये केंद्र के महत्वाकांक्षी 'मिशन कर्मयोगी' या सिविल सेवा क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम को निर्धारित की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"> 'मिशन कर्मयोगी' को सबसे बड़ी नौकरशाही सुधार पहल कहा जाता है। इसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को अधिक ''रचनात्मक, सक्रिय, पेशेवर और प्रौद्योगिकी-सक्षम'' बनाना है। बजट दस्तावेज में कार्मिक मंत्रालय के लिए बजटीय प्रावधानों का विवरण देते हुए कहा गया कि 120.8 करोड़ रुपये के प्रावधान में दिल्ली स्थित आईएसटीएम, मसूरी स्थित एलबीएसएनएए और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के प्रशिक्षण प्रभाग से संबंधित स्थापना व्यय शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये संगठन सचिवालय के सभी स्तरों तथा श्रेणियों के कर्मचारियों को नवीनतम नियमों एवं विनियमों और योग्यताओं से पर्याप्त रूप से अवगत कराने के लिए आधारभूत पाठ्यक्रम, पुनरावलोकन पाठ्यक्रम तथा 'मिड-करियर' (कामकाज के दौरान) प्रशिक्षण सहित कई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इस आवंटन में घरेलू या विदेशी यात्रा पर होने वाला व्यय, केंद्रीय सचिवालय सेवा (सीएसएस) और केंद्रीय सचिवालय स्टेनोग्राफर सेवा (सीएसएस) के अधिकारियों के लिए पाठ्यक्रम शुल्क भी शामिल होगा। बजट दस्तावेज में कहा गया कि 52.2 करोड़ रुपये के आवंटन में '' सभी के लिए प्रशिक्षण '' का प्रावधान शामिल है। </p>
<p style="text-align:justify;">अगले वित्त वर्ष में सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के प्रचार-प्रसार के लिए 3.5 करोड़ रुपये का कोष अलग रखा गया है। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (सीएटी) को लोक सेवकों के सेवा संबंधी मामलों के निवारण का दायित्व सौंपा गया है। इसको आगामी वित्त वर्ष के लिए स्थापना संबंधी व्यय को 166.42 करोड़ रुपये आवंटित किए जाएंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">बजट दस्तावेज में कहा गया कि इसमें सीएटी की विभिन्न पीठों के लिए भूमि की खरीद एवं भवनों के निर्माण का प्रावधान भी शामिल है। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) और राष्ट्रीय सुशासन केंद्र (एनसीजीजी) के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 52.07 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव है।</p>
<p style="text-align:justify;"> केंद्र सरकार की नौकरियों के लिए विभिन्न भर्ती परीक्षाएं आयोजित करने वाले कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) को 2026-27 के लिए 525.2 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की गई है। चालू वित्त वर्ष के लिए पिछले बजट में इसे 515.15 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे जिसे संशोधित करके 548.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569694/budget-2026-27--the-budget-proposes-%E2%82%B9299-crore-for-the-training-of-bureaucrats-and-%E2%82%B965-crore-for-administrative-reforms</link>
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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 16:16:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Year 2026: पांच दिवसीय सप्ताह वाले कर्मियों की नए साल में मौज... शासन के कैलेंडर में 24 सार्वजनिक अवकाशों में छह शुक्रवार और तीन सोमवार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">अयोध्या, </span>अमृत विचार :</strong> नए वर्ष 2026 में पांच दिवसीय कार्यप्रणाली शनिवार और रविवार को अवकाश वाले तमाम सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। आगामी वर्ष में उन्हें नौ बार तीन-तीन दिनों का अवकाश मिलने जा रहा है।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">शासन की ओर से घोषित 24 सार्वजनिक अवकाशों में छह अवकाश शुक्रवार और तीन अवकाश सोमवार को पड़ रहे हैं, जिसके चलते यह सुविधा स्वतः प्राप्त होगी। वहीं छह दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों को भी वर्ष भर में छह बार लगातार दो दिनों का अवकाश प्राप्त होगा। वर्ष 2026 के 24 सार्वजनिक अवकाशों में तीन सोमवार, चार मंगलवार,</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562340/year-2026--employees-with-five-day-week-will-have-fun-in-the-new-year----out-of-24-public-holidays-in-the-government-calendar--six-are-fridays-and-three-are-mondays"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(1)3.png" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">अयोध्या, </span>अमृत विचार :</strong> नए वर्ष 2026 में पांच दिवसीय कार्यप्रणाली शनिवार और रविवार को अवकाश वाले तमाम सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। आगामी वर्ष में उन्हें नौ बार तीन-तीन दिनों का अवकाश मिलने जा रहा है।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">शासन की ओर से घोषित 24 सार्वजनिक अवकाशों में छह अवकाश शुक्रवार और तीन अवकाश सोमवार को पड़ रहे हैं, जिसके चलते यह सुविधा स्वतः प्राप्त होगी। वहीं छह दिवसीय सप्ताह वाले कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों को भी वर्ष भर में छह बार लगातार दो दिनों का अवकाश प्राप्त होगा। वर्ष 2026 के 24 सार्वजनिक अवकाशों में तीन सोमवार, चार मंगलवार, चार बुधवार, दो गुरुवार, छह शुक्रवार, तीन शनिवार तथा दो रविवार को पड़ रहे हैं। छुट्टियों के हिसाब से मार्च माह सबसे आगे होगा। इस माह पांच दिन सार्वजनिक अवकाश व पांच रविवार भी पड़ेंगे। मिनिस्ट्रीयल एजुकेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि पहली बार शासन द्वारा घोषित अवकाश तालिका में इतनी छुट्टी पड़ रही है।</span></p>
<h2><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">जनवरी से दिसंबर तक सार्वजनिक अवकाश जारी सूची पर एक नजर-</span></strong></h2>
<h5><strong>दिनांक/माह-दिन-पर्व</strong></h5>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-03 जनवरी-शनिवार- हजरत अली का जन्म दिवस</span></p>
<p>-26 जनवरी-सोमवार-गणतंत्र दिवस</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-15 फरवरी-रविवार-महाशिवरात्रि</span></p>
<p>-02मार्च-सोमवार- होलिका दहन</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-04 मार्च-बुधवार-होली</span></p>
<p>-21 मार्च-शनिवार- ईद-उल-फितर</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-26 मार्च-गुरुवार-राम नवमी</span></p>
<p>-31 मार्च-मंगलवार-महावीर जयंती</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-03अप्रैल-शुक्रवार-गुड फ्राइडे</span></p>
<p>-14 अप्रैल-मंगलवार-डॉ. भीमराव अंबेडकर का जन्मदिवस</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-01मई-शुक्रवार- बुद्ध पूर्णिमा</span></p>
<p>-27 मई-बुधवार- बकरीद</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-26 जून-गुरुवार-मोहर्रम</span></p>
<p>-15 अगस्त-शनिवार-स्वतंत्रता दिवस</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-26 अगस्त-बुधवार- ईद-ए-मिलाद</span></p>
<p>-28 अगस्त-शुक्रवार- रक्षा बंधन</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-04सितंबर-शुक्रवार- जन्माष्टमी</span></p>
<p>-02 अक्टूबर-शुक्रवार- गांधी जयंती</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-20 अक्टूबर-मंगलवार-दशहरा विजयदशमी</span></p>
<p>-08 नवंबर-रविवार-दीपावली</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-09 नवंबर-सोमवार- गोवर्धन पूजा</span></p>
<p>-11 नवंबर-बुधवार-भैयादूज/चित्रगुप्त जयंती</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">-24 नवंबर-मंगलवार-गुरु नानक जयंती</span></p>
<p>-25 दिसंबर-शुक्रवार- क्रिसमस-डे</p>
<h3><em><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">नए साल में 31 निर्बंधित अवकाश घोषित</span></strong></em></h3>
<p>शासन ने वर्ष 2026 के लिए 31 निर्बंधितअवकाश भी घोषित किए हैं। एक जनवरी गुरुवार को नव वर्ष दिवस, 14 जनवरी बुधवार को मकर संक्रांति, 23 जनवरी शुक्रवार को बसंत पंचमी, 24 जनवरी शनिवार को जननायक कर्पूरी ठाकुर जन्म दिवस, एक फरवरी रविवार को संत रविदास जयंती, चार फरवरी बुधवार को शब-ए-बारात, पांच मार्च गुरुवार को होली, 13 मार्च शुक्रवार को जमात-उल-विदा (अलविदा) रमजान का अंतिम शुक्रवार, 19 मार्च गुरुवार को चेटी चंद, 22 मार्च रविवार को ईद-उल-फितर का अवकाश होगा। चार अप्रैल शनिवार को ईस्टर सैटर डे, पांच अप्रैल रविवार को महर्षि कश्यप एवं महाराजा निषाद राज गुहा जयती, छह अप्रैल सोमवार को ईस्टर मंडे, 17 अप्रैल शुक्रवार को चंद्रशेखर जयती, 19 अप्रैल रविवार को परशुराम जयंती, नै मई शनिवार को लोक नायक महाराणा प्रताप जयंती, 28 मई गुरुवार को बकरीद, 25 जून गुरुवार को मोहर्रम, चार अगस्त मंगलवार को चेहल्लुम, 17 सितंबर गुरुवार को विश्वकर्मा पूजा, 28 सितंबर शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी, 11 अक्टूबर रविवार को महाराजा अग्रसेन जयंती, 19 अक्टूबर सोमवार को महाष्टमी, 26 अक्टूबर सोमवार को महर्षि वाल्मीकि जयंती, 31 अक्टूबर शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल तथा आचार्य नरेंद्र देव जयंती, आठ नवंबर रविवार को नरक चतुर्दशी, 19 नवंबर रविवार को छठ पूजा पर्व, 16 नवंबर सोमवार को वीरांगना ऊदा देवी शहीद दिवस, 16 दिसंबर बुधवार को हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती अजमेरी गरीब नवाज का उर्स, 23 दिसंबर बुधवार को चौधरी चरण सिंह का जन्मदिवस तथा 24 दिसंबर गुरुवार को क्रिसमस ईव पर निर्बंधित अवकाश है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/562340/year-2026--employees-with-five-day-week-will-have-fun-in-the-new-year----out-of-24-public-holidays-in-the-government-calendar--six-are-fridays-and-three-are-mondays</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/562340/year-2026--employees-with-five-day-week-will-have-fun-in-the-new-year----out-of-24-public-holidays-in-the-government-calendar--six-are-fridays-and-three-are-mondays</guid>
                <pubDate>Fri, 05 Dec 2025 08:33:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कासगंज: बजट में सबकुछ अच्छा लेकिन ओपीएस का जिक्र तक नहीं किया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कासगंज, अमृत विचार।</strong> केंद्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया गया। जिसको लेकर सरकारी कर्मचारियों ने सराहा, लेकिन पुरानी पेंशन स्कीम के बारे में कोई चर्चा न होने पर टीस रही। कर्मचारियों को कर स्लैब बढ़ाने की सराहना की है।</p>
<p>जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय  शैक्षिक महासंघ अमित कुमार यादव ने बताया कि सरकार के बजट में मध्यमवर्गीय लोगों को राहत दी गई है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए कोई चर्चा बजट में नहीं है। इससे मायूसी है। उम्मीद है कि अगले बजट में इसे ध्यान में रखा जाएगा। जिला समन्वयक, जिला विज्ञान क्लब डॉ. जयन्त कुमार गुप्ता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/519744/lakhimpur-kheri-nepali-citizen-arrested-with-four-grams-of-smack"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/579.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कासगंज, अमृत विचार।</strong> केंद्र सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया गया। जिसको लेकर सरकारी कर्मचारियों ने सराहा, लेकिन पुरानी पेंशन स्कीम के बारे में कोई चर्चा न होने पर टीस रही। कर्मचारियों को कर स्लैब बढ़ाने की सराहना की है।</p>
<p>जिला अध्यक्ष राष्ट्रीय  शैक्षिक महासंघ अमित कुमार यादव ने बताया कि सरकार के बजट में मध्यमवर्गीय लोगों को राहत दी गई है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए कोई चर्चा बजट में नहीं है। इससे मायूसी है। उम्मीद है कि अगले बजट में इसे ध्यान में रखा जाएगा। जिला समन्वयक, जिला विज्ञान क्लब डॉ. जयन्त कुमार गुप्ता ने बताया कि सरकार के बजट में इस बार कर स्लैब को बढ़ाकर 12 लाख किया गया है। जो एक स्वागत योग्य कदम है। इससे कर्मचारी और मध्यम वर्गीय लोगों को बढ़ी राहत मिलेगी।  एआरटीओ, कासगंज रामप्रकाश मिश्र ने बताया कि सरकार के बजट देशहित और जनहित का बजट है। कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। बजट के कर स्लैब के बढ़ने से लोगों को बचत करने की इच्छा बढ़ेगी। बजट सराहनीय है। जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा ने बताया कि बजट को जनहित का बजट कहा जा सकता है। बजट में स्लैब बढ़ाना और दवाओं को सस्ता करना अच्छा कदम है। पुरानी पेंशन बहाली की चर्चा होती तो और अच्छा होता।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/519737/district-topped-in-disposal-of-kasganj-e-distribution-online-certificates">कासगंज: ई-डिस्ट्रक्ट ऑनलाइन प्रमाण पत्रों के निस्तारण में जनपद अव्वल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कासगंज</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Feb 2025 17:41:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: सरकार ने जारी की लंबित एरियर की अधिसूचना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों को उनके वेतन के लंबित एरियर के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को लंबित एरियर की 20 हजार राशि जारी करने की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक सरकारी नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मियों यानी ग्रुप डी कर्मियों को 20 हजार का एरियर अक्तूबर माह के वेतन के साथ मिलेगा। </p>
<p>कर्मचारियों को इस माह का वेतन 28 अक्तूबर को देने की घोषणा पहले की जा चुकी है। ऐसे में इसी तारीख को ग्रुप डी कर्मियों के खातों में 20 हजार का एरियर भी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/500793/government-employees-are-in-luck--government-has-issued-notification-regarding-pending-arrears"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/628.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>शिमला।</strong> हिमाचल प्रदेश के चतुर्थ श्रेणी के सरकारी कर्मचारियों को उनके वेतन के लंबित एरियर के लिए अब इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को लंबित एरियर की 20 हजार राशि जारी करने की अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के मुताबिक सरकारी नियमित चतुर्थ श्रेणी कर्मियों यानी ग्रुप डी कर्मियों को 20 हजार का एरियर अक्तूबर माह के वेतन के साथ मिलेगा। </p>
<p>कर्मचारियों को इस माह का वेतन 28 अक्तूबर को देने की घोषणा पहले की जा चुकी है। ऐसे में इसी तारीख को ग्रुप डी कर्मियों के खातों में 20 हजार का एरियर भी आएगा। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पिछले दिनों इस संबंध में घोषणा की थी। </p>
<p>एक अन्य अधिसूचना में सरकार ने 75 वर्ष व इससे अधिक आयु वाले पेंशनरों को उनके लंबित एरियर को जारी करने की भी अधिसूचना जारी की है। इस आयु वर्ग के पैंशनरों व फैमिली पैंशनरों को एरियर की राशि इसी माह की 28 तारीख को मिलेगी। इसके अलावा प्रदेश सरकार की तरफ से पैंशनरों का चार फीसदी डीए बढ़ाने की भी अधिसूचना जारी की गई है।  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/500772/jharkhand--rahul-gandhi-said-in-the-samvidhan-samman-sammelan--bjp-is-attacking-the-constitution#gsc.tab=0">झारखंड: संविधान सम्मान सम्मेलन में बोले राहुल गांधी- भाजपा कर रही है संविधान पर हमला</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 19 Oct 2024 20:06:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News: नहीं मिलेगी 2.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को सैलरी! योगी सरकार ने दिया अल्टीमेटम</title>
                                    <description><![CDATA[उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरी में कार्रयत कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का ऑनलाइन ब्यौरा करने को कहा था, लेकिन कर्मचारी अपनी संपत्ती का राज खोलना ही नहीं चाह रहे हैं। इसी वजह से सीएम ने करीब ढाई लाख राज्य कर्मचारियों का वेतन रोकने की चेतावनी दी है। इस कार्रवाई के बारे में सभी कर्मचारियों को पहले भी चेतावनी दी गई थी। ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/489863/up-news-25-lakh-government-employees-will-not-get-salary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/cm-yogi.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>योगी सरकार ने राज्य के करीब 2.5 लाख कर्मचारियों को वेतन रोकने की चेतावनी दी है।  ऐसा इस लिए हुआ है क्योंकि सरकार की ओर से एक आदेश पारित हुआ था, जिसमें राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी चल और अचल संपत्ति का ब्यौरा ऑनलाइन संपदा पोर्टल पर अपलोड करना था। इसके लिए 31 अगस्त आखिरी तारीख भी तय की गई थी, लेकिन कर्मचारियों ने सरकार की बातों को अनसुना कर बड़ी संख्या में ये काम नहीं किया। इसी वजह से सरकार इन कर्मचारियों की सैलरी रोकने की तैयारी कर रही है। पहले खबर आ रही थी कि कर्मचारियों की अगस्त महीने की सैलरी रोक दी जाएगी। हालांकि यूपी सरकार ने कर्मचारियों को 1 महीने का और समय दिया है। माना जा रहा है कि ये सरकार की ओर से आखिरी अल्टीमेटम है। </p>
<p><strong>क्यों रोका गया वेतन?</strong><br />सरकार की बातों को अनसुना कर प्रदेश में अपनी चल और अचल संपत्ति का ऑनलाइन ब्यौरा न देने वाले करीब ढाई लाख सरकारी कर्मचारियों का वेतन रुकने का डर है। दरअसल अभी तक 2,44,565 राज्य कर्मचारियों ने अपनी संपत्ति का ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। जिसकी वजह से यूपी सरकार की विभिन्न विभागों की आई रिपोर्ट के आधार पर इन सभी कर्मचारियों का वेतन रोके जाने की तैयारी है। </p>
<p><strong>क्या हैं नियम?</strong><br />जानकारी के अनुसार अभी तक सिर्फ 71 प्रतिशत कर्मचारियों ने ही अपनी चल और अचल संपत्ति की जानकारी अपलोड की है। पीसीएस आईएएस, आईपीएस, पीपीएस अफसरों की तर्ज पर राज्य कर्मचारियों को भी ऑनलाइन संपत्तियों का ब्यौरा देना जरूरी किया गया है। इसमें शिक्षकों, निगम कर्मचारी, स्वायत्तशासी संस्थाओं के कर्मचारियों को शामिल नहीं किया गया। </p>
<p><strong>प्रमोशन पर भी लगेगी रोक </strong><br />उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से चीफ सेक्रेटरी ने सभी विभागों के प्रमुखों को पत्र लिखा था। जिसमें कहा गया था कि सभी सरकारी कर्मचारी 31 अगस्त तक चल-अचल संपत्ति घोषित करें नहीं तो उन सभी कर्मचारियों का प्रमोशन रोक दिया जाएगा साथ ही साथ अगस्त महीने की सैलरी भी नहीं दी जाएगी। सरकारी कर्मियों को संपत्ति घोषित करने का निर्देश पहले भी दिया जा चुका है, लेकिन उनकी ओर से संतोषजनक जवाब न मिलने पर नहीं मिलने पर सरकार ने कड़ा फैसला लिया। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a title="बहराइच: भाजपा विधायक ने अपने पूर्व गनर से बताया जान का खतरा, दर्ज कराया केस" href="https://www.amritvichar.com/article/489843/bahraich-bjp-mla-sureshwar-singh-told-his-gunner-there-was-a-threat-bahraich-news#gsc.tab=0">बहराइच: भाजपा विधायक ने अपने पूर्व गनर से बताया जान का खतरा, दर्ज कराया केस</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/489863/up-news-25-lakh-government-employees-will-not-get-salary</link>
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                <pubDate>Tue, 03 Sep 2024 12:08:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकारी कर्मचारियों को विचारधारा के आधार पर विभाजित करना चाहते हैं प्रधानमंत्री :खरगे </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गतिविधियों में शामिल होने पर लगी रोक हटाकर इन कर्मचारियों को विचारधारा के आधार पर विभाजित करना चाहते हैं। सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने पर रोक लगाने वाले 1966 के आदेश को बदल दिया है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा नौ जुलाई को जारी आदेश में कहा गया है, ‘‘उपर्युक्त निर्देशों की समीक्षा की गई है और यह निर्णय लिया गया है कि 30 नवंबर 1966, 25 जुलाई 1970</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/481662/prime-minister-kharge-wants-to-divide-government-employees-on-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/27-(20).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकारी कर्मचारियों के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की गतिविधियों में शामिल होने पर लगी रोक हटाकर इन कर्मचारियों को विचारधारा के आधार पर विभाजित करना चाहते हैं। सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने पर रोक लगाने वाले 1966 के आदेश को बदल दिया है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय द्वारा नौ जुलाई को जारी आदेश में कहा गया है, ‘‘उपर्युक्त निर्देशों की समीक्षा की गई है और यह निर्णय लिया गया है कि 30 नवंबर 1966, 25 जुलाई 1970 और 28 अक्टूबर 1980 के संबंधित कार्यालय ज्ञापनों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का उल्लेख हटा दिया जाए।’ </p>
<p>खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘1947 में आज ही के दिन भारत ने अपना राष्ट्रीय ध्वज अपनाया था। आरएसएस ने तिरंगे का विरोध किया था और सरदार पटेल ने उन्हें इसके खिलाफ चेतावनी दी थी। 4 फरवरी 1948 को गांधी जी की हत्या के बाद सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगा दिया था। मोदी जी ने 58 साल बाद, सरकारी कर्मचारियों पर आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने पर 1966 में लगा प्रतिबंध हटा दिया है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में भाजपा ने सभी संवैधानिक और स्वायत्त संस्थानों पर संस्थागत रूप से कब्ज़ा करने के लिए आरएसएस का उपयोग किया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मोदी जी सरकारी कर्मचारियों पर आरएसएस की गतिविधियों में शामिल होने पर लगा प्रतिबंध हटा कर सरकारी दफ्तरों के कर्मचारियों को विचारधारा के आधार पर विभाजित करना चाहते हैं। यह सरकारी दफ्तरों में लोक सेवकों के निष्पक्षता और संविधान के सर्वोच्चता के भाव के लिए चुनौती होगा।’’ </p>
<p>उन्होंने दावा किया कि सरकार संभवतः ऐसे कदम इसलिए उठा रही है क्योंकि जनता ने उसके संविधान बदलने की ‘‘कुत्सित मंशा’’ को चुनाव में परास्त कर दिया। खरगे ने कहा, ‘‘चुनाव जीत कर संविधान नहीं बदल पा रहे तो अब पिछले दरवाजे सरकारी दफ्तरों पर आरएसएस का कब्जा कर संविधान से छेड़छाड़ करेंगे। यह आरएसएस द्वारा सरदार पटेल को दिये गये उस माफीनामे व आश्वासन का भी उल्लंघन है जिसमें उन्होंने आरएसएस को संविधान के अनुरूप, बिना किसी राजनीतिक एजेंडे के एक सामाजिक संस्था के रूप में काम करने का वादा किया था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘विपक्ष को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिये आगे भी संघर्ष करते रहना होगा।’’ </p>
<p><strong>ये भी पढ़ें -<a href="https://www.amritvichar.com/article/481656/swami-sonia-and-rahul-should-file-written-reply-in-national#gsc.tab=0">नेशनल हेराल्ड मामले में स्वामी, सोनिया और राहुल लिखित जवाब दाखिल करें : दिल्ली उच्च न्यायालय</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Jul 2024 18:05:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Jagat Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहराइच: सपा शिक्षक सभा ने बीजेपी पर लगाया आरोप, कहा- सरकारी कर्मचारियों के अधिकारों को सीमित कर रही भाजपा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बहराइच, अमृत विचार। </strong>समाजवादी शिक्षक सभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह पटेल के निर्देशन में शिक्षक सभा बहराइच की 31 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी का मनोनयन पत्र पार्टी कार्यालय पर वितरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष रामहर्ष यादव ने की।</p>
<p>कार्यक्रम के मुख्यातिथि प्रदेश उपाध्यक्ष समाजवादी शिक्षक सभा शाह आलम खान राणा व विशिष्ट अतिथि विधायक कैसरगंज आनंद कुमार यादव रहे। कार्यक्रम का संचालन अयोध्या प्रसाद यादव ने किया।</p>
<p>समाजवादी शिक्षक सभा के नवनियुक्त पदाधिकारियों को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश उपाध्यक्ष शाह आलम खान राणा एवं जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव एवं जिलाध्यक्ष शिक्षक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/425352/bahraich-sp-shiksak-sabha-made-a-big-allegation-on-bjp"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/untitled-11-copy6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बहराइच, अमृत विचार। </strong>समाजवादी शिक्षक सभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. एसपी सिंह पटेल के निर्देशन में शिक्षक सभा बहराइच की 31 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी का मनोनयन पत्र पार्टी कार्यालय पर वितरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष रामहर्ष यादव ने की।</p>
<p>कार्यक्रम के मुख्यातिथि प्रदेश उपाध्यक्ष समाजवादी शिक्षक सभा शाह आलम खान राणा व विशिष्ट अतिथि विधायक कैसरगंज आनंद कुमार यादव रहे। कार्यक्रम का संचालन अयोध्या प्रसाद यादव ने किया।</p>
<p>समाजवादी शिक्षक सभा के नवनियुक्त पदाधिकारियों को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश उपाध्यक्ष शाह आलम खान राणा एवं जिलाध्यक्ष रामहर्ष यादव एवं जिलाध्यक्ष शिक्षक सभा डा. जीतेन्द्र मौर्य के करकमलों द्वारा मनोनयन पत्र दिया गया और सभी पदाधिकारियों को फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया। </p>
<p>शाह आलम खान राणा ने सभी मनोनीत पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव स्वंय एक शिक्षक थे और उन्होंने हमेशा शिक्षकों के हित में कार्य किया। शिक्षक चाहे एडेड विद्यालय का हो या वित्तविहीन शिक्षक साथी हो चाहे शिक्षा मित्र हो या अनुदेशक हो सारे शिक्षकों के पदो को समाप्त करने उनके अधिकारों को सीमित करने व उनके सेवाओं को छीनने का कार्य भाजपा ने किया है। </p>
<p>विधायक आनंद यादव ने कहा कि शिक्षक व कर्मचारियों के अलावा हमारा पिछड़ा, दलित, मजदूर,नवजवान, विद्यार्थी,  किसान वर्ग सब इस भाजपा सरकार से बहुत परेशान है। वर्तमान भाजपा सरकार हमारे युवाओं को नौकरी देने व उनका भविष्य सुरक्षित करने मे पूर्ण रूप से विफल साबित हुई है।</p>
<p>उन्होने  आगे कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में जब प्रदेश में सपा सरकार थी तो हाई स्कूल उत्तीर्ण करने पर साइकिल और इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने पर लैपटाप देने का कार्य किया गया। रामहर्ष यादव ने कहा कि शिक्षको एंव कर्मचारियों का हित समाजवादी पार्टी में निहित है।</p>
<p>बैठक मे सुमन शर्मा, अंजली सोनी, निशी खान, जीत कुमार यादव, जीतेन्द्र चौधरी, बैजनाथ श्रीवास्तव, अनूप कुमार शर्मा, सौरभ मौर्य,  प्रो. दया राम यादव, राधे श्याम वर्मा, दुर्गा प्रसाद सहित अधिक संख्या मे शिक्षक पदाधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें: <a href="https://www.amritvichar.com/article/425343/hardoi-house-raed-to-the-ground-due-to-overloaded-sand#gsc.tab=0">हरदोई: बालू लदा ओवर लोड ट्रक पलटने से जमींदोज हुआ मकान, बाल-बाल बचे घर में सो रहे लोग </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 11 Dec 2023 16:52:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Sachin Sharma]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>इलाहाबाद हाईकोर्ट: ट्रांसफर आर्डर में हस्तक्षेप नहीं कर सकती कोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक स्थानांतरण मामले में कहा कि कोर्ट ट्रांसफर आर्डर में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है, क्योंकि किसी कर्मचारी का ट्रांसफर नियुक्ति की शर्तों में अंतर्निहित होता है। अदालतों को सार्वजनिक हित में और प्रशासनिक कारणों से किए गए ट्रांसफर आर्डर में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जब तक कि ट्रांसफर आर्डर किसी अनिवार्य वैधानिक नियम के उल्लंघन या दुर्भावना के आधार पर न किया गया हो। </p>
<p>सरकारी कर्मचारी एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर होने के लिए उत्तरदायी है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ट्रांसफर आर्डर उसके किसी भी कानूनी अधिकार का उल्लंघन नहीं करता है। अगर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/424163/allahabad-high-court--court-cannot-interfere-in-transfer-order"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/hc.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक स्थानांतरण मामले में कहा कि कोर्ट ट्रांसफर आर्डर में हस्तक्षेप नहीं कर सकती है, क्योंकि किसी कर्मचारी का ट्रांसफर नियुक्ति की शर्तों में अंतर्निहित होता है। अदालतों को सार्वजनिक हित में और प्रशासनिक कारणों से किए गए ट्रांसफर आर्डर में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जब तक कि ट्रांसफर आर्डर किसी अनिवार्य वैधानिक नियम के उल्लंघन या दुर्भावना के आधार पर न किया गया हो। </p>
<p>सरकारी कर्मचारी एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर होने के लिए उत्तरदायी है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी ट्रांसफर आर्डर उसके किसी भी कानूनी अधिकार का उल्लंघन नहीं करता है। अगर अदालतें जारी किए गए ट्रांसफर आर्डर में हस्तक्षेप करेंगी तो सरकार और उसके अधीनस्थ अधिकारियों, प्रशासन में पूर्ण अराजकता फैल जाएगी। </p>
<p>उक्त आदेश न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की एकलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए विजय बहादुर सिंह की याचिका पर पारित किया। मामले के अनुसार याची सरकारी कर्मचारी है और कार्य की आवश्यकता के आधार पर उसे जिला आगरा से जिला सहारनपुर ट्रांसफर किया गया। </p>
<p>याची का तर्क है कि उसे 3 महीने पहले जिला फर्रुखाबाद से जिला आगरा में ट्रांसफर किया गया था और वर्तमान ट्रांसफर आर्डर जल्दबाजी में दिया गया है। इसके अलावा याची ने कोर्ट को यह भी बताया कि वह हृदय रोग से पीड़ित है, इसलिए उसे प्रयागराज या किसी नजदीकी स्थान पर ट्रांसफर किया जाए। </p>
<p>हालांकि सरकारी अधिवक्ता ने तर्क दिया कि ट्रांसफर आर्डर कार्य की आवश्यकता के आधार पर पारित किया गया है और इसमें किसी प्रकार के हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है। अंत में कोर्ट ने याची को मेडिकल ग्राउंड पर किसी अन्य स्थान पर अपने ट्रांसफर के लिए अभ्यावेदन के माध्यम से अधिकारियों से संपर्क करने की स्वतंत्रता दी।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/424059/lucknow--love-marriage-took-place-15-years-ago--wife-was-stabbed-to-death-with-a-surgical-blade#gsc.tab=0">15 साल पुरानी प्रेम कहानी का हुआ दर्दनाक अंत, सर्जिकल ब्लेड से गोदकर पत्नि को उतारा मौत के घाट</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/424163/allahabad-high-court--court-cannot-interfere-in-transfer-order</link>
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                <pubDate>Wed, 06 Dec 2023 20:26:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बहराइच: पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षकों ने  तेज किया आंदोलन, भरा सहमति पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मोतीपुर/बहराइच, अमृत विचार। </strong>पुरानी पेंशन बहाली को लेकर जूनियर शिक्षक संघ के शिक्षकों ने आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र मिहींपुरवा में एकत्रित हुए शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली हड़ताल के लिए सहमत पत्र भरकर समर्थन दिया। जिले के सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अपने-अपने तरीके से मांग कर रहे हैं।</p>
<p>अब जूनियर शिक्षकों ने भी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अपनी मांग तेज कर दी है। शनिवार को जूनियर शिक्षक संघ मिहीपुरवा अध्यक्ष बलवंत सिंह और कोषाध्यक्ष सुनील प्रकाश चौधरी की अगुवाई में शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सहमति पत्र भरा।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/421210/bahraich--teachers-intensified-agitation-for-restoration-of-old-pension"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-11/cats00156.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मोतीपुर/बहराइच, अमृत विचार। </strong>पुरानी पेंशन बहाली को लेकर जूनियर शिक्षक संघ के शिक्षकों ने आंदोलन तेज कर दिया है। शनिवार को ब्लॉक संसाधन केंद्र मिहींपुरवा में एकत्रित हुए शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली हड़ताल के लिए सहमत पत्र भरकर समर्थन दिया। जिले के सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अपने-अपने तरीके से मांग कर रहे हैं।</p>
<p>अब जूनियर शिक्षकों ने भी पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अपनी मांग तेज कर दी है। शनिवार को जूनियर शिक्षक संघ मिहीपुरवा अध्यक्ष बलवंत सिंह और कोषाध्यक्ष सुनील प्रकाश चौधरी की अगुवाई में शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर सहमति पत्र भरा।</p>
<p>ब्लॉक अध्यक्ष बलवंत सिंह ने बताया कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाली संयुक्त मंच द्वारा भेजे गए पत्र को स्वीकार करते हुए सभी ने हड़ताल में शामिल होने के लिए सहमति पत्र भरा है। यह पत्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष और महामंत्री की ओर से भेजा गया है इस दौरान आरती कौशिक, राजेंद्र प्रसाद शुक्ला, श्रवण कुमार सिंह, सत्यनारायण, गिरीश राम, पवन शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/421175/rahul-gandhi-said-congress-will-puncture-the-tires-of-bjp#gsc.tab=0">राहुल गांधी ने कहा- कांग्रेस ने तेलंगाना में भाजपा के किए टायर पंचर, दिल्ली में भी करेंगे</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/421210/bahraich--teachers-intensified-agitation-for-restoration-of-old-pension</link>
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                <pubDate>Sat, 25 Nov 2023 19:14:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Allahabad High Court: सरकारी सेवा में प्रवेश के समय हाईस्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि में बदलाव संभव नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि वर्ष 1980 में संशोधित उत्तर प्रदेश सेवा भर्ती (जन्म तिथि का निर्धारण) नियम, 1974 के नियम 2 के अनुसार सरकारी सेवा में प्रवेश के समय हाईस्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि या सेवा में प्रवेश के समय हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण न होने की स्थिति में सेवा पुस्तिका में दर्ज की गई जन्मतिथि ही अंतिम होगी और जन्मतिथि में किसी भी प्रकार के सुधार के लिए किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। </p>
<p>कोर्ट ने आगे कहा कि यूपी राज्य की विधायिका ने 7.6.1980 को 1974 के नियमों के नियम</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/420984/allahabad-high-court--it-is-not-possible-to-change-the-date-of-birth-recorded-in-the-high-school-certificate"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-11/catshc12.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि वर्ष 1980 में संशोधित उत्तर प्रदेश सेवा भर्ती (जन्म तिथि का निर्धारण) नियम, 1974 के नियम 2 के अनुसार सरकारी सेवा में प्रवेश के समय हाईस्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि या सेवा में प्रवेश के समय हाईस्कूल परीक्षा उत्तीर्ण न होने की स्थिति में सेवा पुस्तिका में दर्ज की गई जन्मतिथि ही अंतिम होगी और जन्मतिथि में किसी भी प्रकार के सुधार के लिए किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। </p>
<p>कोर्ट ने आगे कहा कि यूपी राज्य की विधायिका ने 7.6.1980 को 1974 के नियमों के नियम 2 में संशोधन किया है और इस तरह यह प्रावधान किया गया है कि सरकारी कर्मचारी की हाईस्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि सरकारी सेवा में उसके प्रवेश के समय, सेवा लाभ के प्रयोजनों के लिए अंतिम होगी और उक्त जन्म तिथि में परिवर्तन के लिए किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।</p>
<p>1974 की असंशोधित नियमावली के नियम 2 में सरकारी सेवा में प्रवेश के समय' शब्द गायब था, लेकिन 1974 की नियमावली के नियम 2 में संशोधन करते समय, उक्त शब्द को विधायिका द्वारा विशिष्ट अर्थ के साथ जोड़े गए थे। उक्त टिप्पणी न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की एकल पीठ ने याची श्रीमती कविता कुरील की याचिका को खारिज करते हुए दिया है। <br />याची ने याचिका के माध्यम से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, झाँसी द्वारा पारित आदेश दिनांक 19.4.2023 को चुनौती दी है, जिसके तहत पूर्व आदेश दिनांक 25.3.2023 जिसके माध्यम से सेवा रिकॉर्ड में दर्ज याची की जन्मतिथि को सही किया गया था, को बाद में वापस ले लिया गया है और याची को उसकी जन्मतिथि 3.11.1960 के आधार पर सेवा से सेवानिवृत्त कर दिया गया है।</p>
<p>वहीं दूसरी तरफ सरकारी अधिवक्ता ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि 1974 के नियमों के नियम 2 में सरकारी कर्मचारी की जन्मतिथि का निर्धारण हाईस्कूल प्रमाण पत्र के अनुसार ही मान्य है और किसी भी परिस्थिति में उक्त जन्म तिथि में सुधार के लिए कोई आवेदन या प्रतिनिधित्व पर विचार नहीं किया जाएगा। </p>
<p>आगे यह तर्क दिया गया है कि यह स्वीकृत तथ्य है कि याची के सरकारी सेवा में प्रवेश की तिथि पर उसके हाईस्कूल परीक्षा के प्रमाण पत्र में उसकी जन्मतिथि 3.11.1960 दर्ज की गई थी, इसलिए 1974 के नियम 2 के प्रावधानों के मद्देनजर सेवा लाभ के प्रयोजनों के लिए उक्त जन्मतिथि अंतिम होगी। </p>
<p>आगे यह भी तर्क दिया गया कि सरकारी सेवा में प्रवेश के बाद यदि सरकारी कर्मचारी के हाई स्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्म तिथि किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा बदल दी जाती है, तो उक्त जन्मतिथि को सरकारी सेवक के सेवा रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जा सकता, क्योंकि 1974 के नियमों का नियम 2 जन्मतिथि में बदलाव के लिए किसी भी आवेदन पर रोक लगाता है।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Nov 2023 22:57:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
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