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                <title>Ayodhya News - Amrit Vichar</title>
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                <description>Ayodhya News RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> राम मंदिर चढ़ावा चोरी : SIT में दो बड़े IPS अधिकारी शामिल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर संभालेंगे मोर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या।</strong> श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का पुनर्गठन कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद एसआईटी में अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को शामिल किया है। हालांकि जांच अवधि बढ़ाने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले शासन ने जांच टीम को और मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है। अब सुनवाई के दौरान सरकार की ओर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589061/ram-temple-theft-two-senior-ips-officers-sit-supreme-court-orders"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/two-senior-ips-officers-included-in-sit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या।</strong> श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का पुनर्गठन कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद एसआईटी में अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को शामिल किया है। हालांकि जांच अवधि बढ़ाने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले शासन ने जांच टीम को और मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है। अब सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से नई एसआईटी संरचना की जानकारी अदालत को दी जा सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">सुप्रीम कोर्ट ने मांगी थी जांच रिपोर्ट</h3>
<p style="text-align:justify;">श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से अब तक की जांच रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद 20 जुलाई को शासन की ओर से एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की गई थी। सुनवाई के दौरान सरकार ने जांच के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल करने का सुझाव दिया था और अगली सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तारीख तय की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने एसआईटी में दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">30 दिन में सिर्फ 8 दिन अयोध्या में हुई जांच</h3>
<p style="text-align:justify;">चढ़ावा चोरी मामले में 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की तहरीर पर आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जांच के लिए एसआईटी को पहले 1 जुलाई से 15 जुलाई तक का अतिरिक्त समय दिया गया था। हालांकि अब तक मिले करीब 30 दिनों के समय में टीम ने अयोध्या में केवल आठ दिन रहकर जांच की है। जांच की धीमी गति को लेकर सवाल उठ रहे थे। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने दूसरे चरण की जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को देखते हुए अब टीम बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही है।</p>
<h3 style="text-align:justify;">जांच में शामिल होंगे नए पहलू</h3>
<p style="text-align:justify;">एसआईटी में डीआईजी और एसएसपी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने से जांच को मजबूती मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर गवाहों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों तक पहुंच आसान हो सकेगी। जांच टीम अब चढ़ावे के संग्रहण, सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय रिकॉर्ड और कर्मचारियों की भूमिका की विस्तृत पड़ताल करेगी। मामले में आगे नए आरोपियों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े इस संवेदनशील मामले में निष्पक्ष और तेज जांच की मांग लगातार उठ रही थी। नई एसआईटी के गठन के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/589039/rpf-s-prompt-action-kanpur-central-woman-gives-birth-to-a-healthy-baby-train">गोरखधाम एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म, कानपुर सेंट्रल पर RPF की तत्परता से बची जान</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589061/ram-temple-theft-two-senior-ips-officers-sit-supreme-court-orders</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 14:55:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ayodhya Ram Mandir: सावन में बदलेगी दर्शन व्यवस्था! भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा प्लान तैयार</title>
                                    <description><![CDATA[सावन झूला मेला और कांवड़ यात्रा के दौरान अयोध्या में 10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। प्रशासन भीड़ प्रबंधन के लिए राम मंदिर की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रहा है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/589047/ayodhya-ram-mandir-sawan-security-darshan-pass-rules-2026"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/muskan-dixit-(39)6.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>अयोध्या:</strong> सावन झूला मेला और कांवड़ यात्रा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने की संभावना को देखते हुए राम मंदिर की सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था में बदलाव की तैयारी की जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई नए प्रबंध प्रस्तावित किए गए हैं।</p>
<h5><span><strong>इन तारीखों पर बिना पास प्रवेश पर लग सकती है रोक</strong></span></h5>
<p>प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, 8 से 11 अगस्त और 23 से 28 अगस्त के बीच आम श्रद्धालुओं के लिए बिना पास मंदिर परिसर में प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है।</p>
<p>यदि भीड़ अत्यधिक बढ़ती है, तो परकोटा परिसर में स्थित छह उप-मंदिरों में दर्शन भी अस्थायी रूप से रोके जा सकते हैं। साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रामलला के दर्शन का समय बढ़ाने का विकल्प भी खुला रखा गया है।</p>
<h5><span><strong>10 से 15 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान</strong></span></h5>
<p>प्रशासन का अनुमान है कि सावन पर्व के दौरान 10 से 15 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंच सकते हैं। वहीं अगस्त महीने में सामान्य दिनों में भी प्रतिदिन 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए आने की संभावना जताई गई है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, सावन के दूसरे सोमवार (10 अगस्त) को कांवड़ियों की सबसे अधिक भीड़ रहने की उम्मीद है।</p>
<h5><span><strong>पास धारकों को ही मिलेगी कुछ क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति</strong></span></h5>
<p>प्रस्तावित व्यवस्था के तहत केवल पास धारकों को ही सप्त मंडपम और कुबेर नवरत्न टीला में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।</p>
<p>वर्तमान व्यवस्था के अनुसार, दो-दो घंटे के स्लॉट में 1,500 पास जारी किए जाते हैं। ये पास श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाते हैं।</p>
<h5><span><strong>सीसीटीवी, अतिरिक्त पुलिस बल और सुविधा केंद्र बढ़ेंगे</strong></span></h5>
<p>अयोध्या नगर के पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने बताया कि सावन पर्व को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।</p>
<p>इसके अलावा—</p>
<ul>
<li>सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (Public Address System) मजबूत की जाएगी।</li>
<li>अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी।</li>
<li>तीर्थयात्री सुविधा केंद्र और खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे।</li>
<li>अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी की तैनाती होगी।</li>
</ul>
<h5><span><strong>प्रमुख मंदिरों और सरयू घाटों पर भी रहेगी कड़ी निगरानी</strong></span></h5>
<p>प्रशासन के अनुसार सरयू घाट, नागेश्वरनाथ मंदिर, क्षीरेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी और कनक भवन सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा भी बढ़ाई जाएगी।</p>
<p>पुलिस अधीक्षक (सुरक्षा) विजय शंकर मिश्र ने कहा कि फिलहाल व्यवस्था में कोई बदलाव लागू नहीं किया गया है, लेकिन भीड़ की स्थिति के अनुसार मार्ग परिवर्तन और अन्य प्रतिबंध लागू किए जाएंगे।</p>
<h5><span><strong>सुरक्षा रोडमैप पर अंतिम मुहर बाकी</strong></span></h5>
<p>अयोध्या परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक सोमेन वर्मा की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा बैठक हो चुकी है। अंतिम सुरक्षा योजना को 'श्री राम जन्मभूमि सुरक्षा समन्वय समिति' की बैठक में मंजूरी दी जाएगी।</p>
<p>जिला प्रशासन के अनुसार, राम मंदिर में प्रतिदिन लगभग दो लाख श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था की क्षमता है। यदि भीड़ निर्धारित क्षमता से अधिक होती है, तो श्रद्धालुओं को चरणबद्ध तरीके से तय मार्गों से दर्शन कराया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/589007/bagpat-kanwar-yatra-2026-police-guidelines-dj-height-sound-limit-rules"><span class="t-red">Kanwar Yatra 2026: </span>बागपत पुलिस की सख्ती, DJ की ऊंचाई-आवाज तय, हथियार और मॉडिफाइड साइलेंसर पर पूरी तरह रोक</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/589047/ayodhya-ram-mandir-sawan-security-darshan-pass-rules-2026</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 14:13:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा: आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार : </strong>जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई है, लेकिन जिले में अब तक प्रगति बेहद धीमी है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीएसए लालचंद ने बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विद्यालयों में पात्र छात्र-छात्राओं की पहचान कर समय से ऑनलाइन आवेदन कराएं। </p>
<p style="text-align:justify;">अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस अवसर का लाभ उठा सकें। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे 31 जुलाई से पहले अपने बच्चों का आवेदन पूरा कर लें, ताकि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588806/last-date-for-navodaya-vidyalaya-entrance-exam-application-31-july"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2021-07/online-exam6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार : </strong>जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 में प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई है, लेकिन जिले में अब तक प्रगति बेहद धीमी है।</p>
<p style="text-align:justify;">बीएसए लालचंद ने बताया कि सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने विद्यालयों में पात्र छात्र-छात्राओं की पहचान कर समय से ऑनलाइन आवेदन कराएं। </p>
<p style="text-align:justify;">अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस अवसर का लाभ उठा सकें। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे 31 जुलाई से पहले अपने बच्चों का आवेदन पूरा कर लें, ताकि अंतिम समय में सर्वर या अन्य तकनीकी दिक्कत न हो।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/588803/ajay-rai-neet-paper-leak-protest-statement-prayagraj#gsc.tab=0">आंदोलन छात्रों का है, किसी राजनीतिक दल का नहीं; पेपर लीक पर सरकार जवाब दे: अजय राय</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/588806/last-date-for-navodaya-vidyalaya-entrance-exam-application-31-july</link>
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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 17:03:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ayodhya Medical College : पूर्व प्राचार्य पर वित्तीय अनियमितता के आरोपों की होगी उच्चस्तरीय जांच, विभागीय कार्रवाई की संस्तुति</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या राजकीय मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद विभागीय कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588685/ayodhya-medical-college-financial-irregularities-probe"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/1410.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या राजकीय मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पर लगे वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है।</p>
<h5><strong><span>डिप्टी सीएम के निर्देश पर होगी विस्तृत जांच</span></strong></h5>
<p>आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) नेहा शर्मा को पूरे मामले की विस्तृत जांच सौंपी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि अवकाश पर रहने के दौरान सरकारी वित्तीय निर्णय किस आधार पर लिए गए और क्या संबंधित नियमों का पालन किया गया।</p>
<h5><strong><span>अवकाश के दौरान खरीद मंजूरी और भुगतान का आरोप</span></strong></h5>
<p>डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार पर आरोप है कि बीमारी के कारण अवकाश पर रहने के बावजूद उन्होंने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर सरकारी खरीद से जुड़े अनुबंधों को मंजूरी दी और करोड़ों रुपये के भुगतान संबंधी चेकों पर हस्ताक्षर किए। आरोप है कि अवकाश पर जाने से पहले उन्होंने अपने पद का कार्यभार दूसरे अधिकारी को सौंप दिया था, लेकिन इसके बावजूद वित्तीय अधिकारों का इस्तेमाल जारी रखा।</p>
<h5><strong><span>2.12 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च का आरोप</span></strong></h5>
<p>शिकायत के मुताबिक, जनवरी 2023 में अवकाश के दौरान सात और 10 जनवरी को करीब 84 लाख रुपये के जीईएम अनुबंधों को स्वीकृति दी गई। वहीं, आठ से 10 जनवरी के बीच 17 चेकों के जरिए करीब 1.29 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इस तरह अवकाश अवधि में कुल 2.12 करोड़ रुपये से अधिक के सरकारी धन के व्यय का आरोप लगाया गया है।</p>
<h5><strong><span>कार्यवाहक प्राचार्य ने की थी शिकायत</span></strong></h5>
<p>यह शिकायत तत्कालीन कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा ने उपमुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा और महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा को भेजी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अवकाश के दौरान वित्तीय अधिकारों का प्रयोग नियमों के विपरीत किया गया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, विस्तृत जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार के खिलाफ विभागीय एवं अन्य नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/588685/ayodhya-medical-college-financial-irregularities-probe</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Jul 2026 17:34:23 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ram Mandir News : राम मंदिर के CEO बनने की लगी होड़, अधिक आवेदन के कारण टली नियुक्ति, ट्रस्ट की बैठक में लिए गए ये बड़े फैसले</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में धार्मिक समिति का पुनर्गठन कर अयोध्या के चार संतों को अहम जिम्मेदारी दी गई। सीईओ की नियुक्ति 5,200 आवेदनों के कारण एक माह के लिए टाल दी गई, जबकि मीडिया संवाद के लिए प्रवक्ता नियुक्त करने और बैंकिंग प्रक्रियाओं की समीक्षा जैसे महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588623/ayodhya-ram-mandir-trust-meeting-major-decisions-ceo-religious-committee"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/ram-mandir16.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार :</strong> श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में बुधवार को न्यास की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया। इसमें अयोध्या धाम के संतों को महत्व दिया गया, साथ ही मीडिया से संवादहीनता से भी परहेज किया गया। बैठक में मंदिर प्रबंधन, चढ़ावा व्यवस्था, सीईओ की नियुक्ति, ट्रस्ट के रिक्त पदों और धार्मिक समिति के पुनर्गठन समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।</p>
<p>राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद से अयोध्या धाम के संतों को ट्रस्ट में शामिल करने की मांग उठ रही थी। संतों की कई चरण में बैठक हुई, इसमें ट्रस्ट के पदाधिकारी भी शामिल हुए। हालांकि अभी किसी को ट्रस्ट में स्थान तो नहीं दिया गया लेकिन धार्मिक समिति का पुनर्गठन कर उसमें अयोध्या के चार प्रमुख संत कमल नयन दास, राजकुमार दास, आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण व रामानंद दास को स्थान दिया गया।</p>
<p>कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी के अनुसार अब राम मंदिर में होने सभी धार्मिक अनुष्ठान, पूजा पाठ समेत सभी वार्षिक व पर्व पर आयोजित समारोहों का आयोजन इन्हीं के नेतृत्व में होगा। साथ इन समारोहों में अयोध्या के अन्य संत-महंतों को वरीयता दी जाएगी। वहीं, दूसरी ओर चढ़ावा चोरी के आरोपों के दौरान ट्रस्ट द्वारा मीडिया से दूरी बनाए रखना भी नुकसानदेह साबित हुआ है। इसको लेकर ट्रस्ट ने इस दूरी को खत्म करने के लिए एक प्रवक्ता की नियुक्ति करने का भी निर्णय लिया। इससे मीडिया के माध्यम से समाज से नियमित संवाद बनाए रखने में आसानी होगी।</p>
<h5><strong>अधिक आवेदन के कारण टाली गई सीईओ की नियुक्ति</strong></h5>
<p>ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बताया कि मुख्य कार्यपालक अधिकारी के चयन के लिए 5200 आवेदन आए। गठित समिति ने आवेदनों की अधिक संख्या और प्रक्रिया की गंभीरता को देखते हुए एक महीने का अतिरिक्त समय मांगा था, जिसे ट्रस्ट ने मंजूरी दे दी है। तब तक प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रखने के लिए एक सचिव की नियुक्ति को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। बताया कि बैठक में चढ़ावा गणना व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। ट्रस्टियों ने मंदिर परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरों की सुरक्षा अधिकारियों तक पहुंच की स्थिति की समीक्षा की और संतोष व्यक्त किया कि चढ़ावा राशि के गणना कक्ष सहित समस्त कमरों की पहुंच सभी सुरक्षा अधिकारियों को पहले से उपलब्ध कराई गई है।</p>
<h5><strong>बैंक के साथ संबंधों व मानक प्रक्रियाओं पर होगा पुनर्विचार</strong></h5>
<p>महासचिव के अनुसार ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक संस्थान की टकसाल (मिंट) के साथ स्वर्ण रजत चढ़ावे की मात्रा एवं शुद्धता जांचने की व्यवस्था अनवरत चालू रखने का निर्णय लिया। वहीं, स्टेट बैंक के साथ हुए एमओयू के अंतर्गत बैंक के दायित्वों और उनके अनुपालना में बैंक की त्रुटियों पर चर्चा हुई।</p>
<p>अनियमितताओं के प्रकाश में आने के पश्चात बैंक की प्रतिक्रिया और गंभीरता के अभाव को दृष्टिगत करते हुए न्यासी मंडल ने निराशा प्रकट की व ट्रस्ट की वित्त समिति को बैंक के साथ संबंधों व मानक प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार कर समुचित निर्णय लेने को कहा। बताया कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए उस पर कोई चर्चा नहीं की गई। उच्चतम न्यायालय में इस संबंध में प्रविष्ट याचिकाओं पर सुनवाई की प्रगति एवं आदेशों का संज्ञान में लिया गया है।</p>
<h5><strong>श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं</strong></h5>
<p>ट्रस्ट कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने बताया कि तमाम आरोपों और विवादों के बावजूद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। रामभक्तों की आस्था पहले की तरह अटूट है और मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या लगातार बनी हुई है। कहा कि राम मंदिर में रामानंदी परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की शुचिता और परंपरा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए अयोध्या के प्रमुख संतों को धार्मिक व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कहा कि ट्रस्ट के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है, जिसमें अभी कुछ और सप्ताह लगेंगे।</p>
<h5><strong>कड़ी सुरक्षा में हुई ट्रस्ट की बैठक</strong></h5>
<p>अयोध्या, अमृत विचार। मणिराम दास जी की छावनी में आयोजित ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। इस दौरान दोनों तरफ से आने जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाकर आवागमन प्रतिबंधित किया गया था। मीडियाकर्मियों को करीब 100 मीटर दूर रोका गया। दोनों तरफ लगे बैरियरों पर भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। मौके पर एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी, सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी, अयोध्या कोतवाल पंकज सिंह मौजूद रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 21:59:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ayodhya News : राम मंदिर के धार्मिक आयोजनों की जिम्मेदारी अब संतों के हाथ, ट्रस्ट की बैठक में गोविंद देव गिरी की अध्यक्षता में बनाई गई समिति</title>
                                    <description><![CDATA[श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के धार्मिक आयोजनों की जिम्मेदारी संतों को सौंपते हुए नई धार्मिक समिति का गठन किया। बैठक में सीईओ की नियुक्ति, नए ट्रस्ट सदस्यों के मनोनयन, मीडिया प्रवक्ता की नियुक्ति और बैंकिंग प्रक्रियाओं की समीक्षा जैसे अहम निर्णय भी लिए गए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588622/ayodhya-ram-mandir-religious-committee-trust-meeting-major-decisions"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/142.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार :</strong> श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में होने वाले धार्मिक व अन्य समारोह के आयोजन की जिम्मेदारी अयोध्या के संत निभाएंगे। यह निर्णय बुधवार को मणिराम दासजी की छावनी में हुई श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके लिए ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी की अध्यक्षता में एक धार्मिक समिति बनाई गई है। जिनमें अयोध्या के चार संतों समेत ट्रस्ट के पांच पदाधिकारियों को मनोनीत किया गया है। सीईओ व नए सदस्यों के मनोनयन के लिए और समय मांगा गया है। वहीं, मीडिया के माध्यम से समाज के साथ संवाद के लिए प्रवक्ता नियुक्त करने का भी निर्णय किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि की अध्यक्षता वाली धार्मिक समिति में ट्रस्ट के सदस्य जगद्गुरु शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती जी महाराज, स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ जी महाराज, युगपुरुष परमानंद महाराज व दिनेंद्र दास के साथ ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के उत्तराधिकारी कमलनयन दास, श्रीराम वल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, रामकथा कुंज के महंत रामानंद दास व हनुमत निवास के महंत मिथिलेश्नंदिनी शरण को मनोनीत किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की परंपरागत प्रामाणिकता और शुद्धता बनाए रखने के निमित्त धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया है। नए सदस्यों के मनोनयन के लिए कुछ और सप्ताह व सीईओ की नियुक्त के लिए एक माह का समय और लेने का निर्णय लिया गया। सीईओ की नियुक्ति तक एक सचिव की नियुक्ति का निर्णय हुआ। वहीं, एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने पर इस संबंध में चर्चा नहीं की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अन्य प्रमुख निर्णय में बैंक की प्रतिक्रिया और गंभीरता के अभाव को देखते हुए ट्रस्ट पदाधिकारियों ने निराशा प्रकट की व ट्रस्ट की वित्त समिति को बैंक के साथ संबंधों पर और मानक प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार कर समुचित निर्णय लेने को कहा है। इसके अलावा ट्रस्ट ने इस सूचना पर संतोष जताया कि भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक संस्थान की टकसाल (मिंट) के साथ स्वर्ण रजत चढ़ावे की मात्रा एवं शुद्धता जांचने की व्यवस्था उत्तम है, इसे अनवरत चालू रखने का निश्चय किया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने की। अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन, कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी, जगतगुरु वासुदेवानंद सरस्वती, जगद्गुरु विश्व प्रसन्न तीर्थ, युगपुरुष परमानंद महाराज, महंत कमल नयन दास, निर्मोही अखाड़े से महंत दिनेंद्र दास, पदेन सदस्य जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी मौजूद रहे। ट्रस्ट के संरक्षक वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरन व पदेन सदस्य प्रदेश व केंद्र सरकार के अपर गृह सचिव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े रहे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 21:35:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में सो रही MBBS छात्रा को सांप ने डंसा,  ICU में वेंटिलेटर पर भर्ती; छात्रों में आक्रोश</title>
                                    <description><![CDATA[राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में तड़के हुई घटना के बाद छात्र-छात्राओं ने सुरक्षा, साफ-सफाई और हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588505/ayodhya-medical-college-mbbs-student-snake-bite-girls-hostel-icu"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan--(22)7.png" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer"><strong>अयोध्या:</strong> राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज के गंजा परिसर स्थित गर्ल्स हॉस्टल में एक गंभीर घटना सामने आई है। MBBS 2022 बैच की छात्रा खुशी जैन को भोर में सोते समय कथित रूप से सांप ने डंस लिया। छात्रा की हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। बताया गया है कि छात्रा फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।</p>
<h5><span><strong>भोर करीब 3 बजे हुई घटना</strong></span></h5>
<p>मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अनुसार यह घटना तड़के करीब तीन बजे हुई। छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। वार्डन डॉ. अंजुमन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि छात्रा का उपचार जारी है।</p>
<h5><span><strong>हॉस्टल की व्यवस्थाओं पर छात्रों ने उठाए सवाल</strong></span></h5>
<p>घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं में नाराजगी देखने को मिली। उनका कहना है कि हॉस्टल परिसर में लंबे समय से कई मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं। छात्रों के मुताबिक परिसर में स्ट्रीट लाइट बंद रहने, जल निकासी की कमी, साफ-सफाई की खराब व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति और पानी की समस्या जैसी दिक्कतें लगातार बनी हुई हैं।</p>
<h5><span><strong>पहले भी सांप दिखने का दावा</strong></span></h5>
<p>छात्रों का दावा है कि हॉस्टल परिसर में पहले भी कई बार सांप दिखाई देने की जानकारी प्रशासन को दी गई थी। उनका आरोप है कि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा और रोकथाम के उपाय नहीं किए गए, जिसके चलते यह गंभीर घटना हुई।</p>
<h5><span><strong>जांच और कार्रवाई की मांग</strong></span></h5>
<p>घटना के बाद छात्र-छात्राओं ने हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/588492/supreme-court-jantar-mantar-protest-neet-police-action-cji-response"><span class="t-red">Jantar Mantar Protest:</span> छात्रों पर पुलिस कार्रवाई मामले में सुप्रीम कोर्ट का दखल देने से इनकार, CJI बोले- 'अदालत का समय बर्बाद न करें'</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/588505/ayodhya-medical-college-mbbs-student-snake-bite-girls-hostel-icu</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 12:37:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ayodhya Ram Mandir: 22 जुलाई को होगी श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक, SIT रिपोर्ट पर भी हो सकती है चर्चा</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या में 22 जुलाई को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की न्यासियों की बैठक आयोजित होगी। बैठक में समितियों के पुनर्गठन, पिछली बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि और उपलब्ध होने पर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट पर चर्चा का प्रस्ताव है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588342/ram-janmabhoomi-trust-meeting-22-july-ayodhya-sit-report-ram-mandir-news"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/muskan----ayodhya-ram-mandir.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ/अयोध्याः </strong>श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 22 जुलाई को न्यासियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाने की घोषणा की है। यह बैठक बुधवार शाम 4 बजे अयोध्या धाम स्थित मणिराम दास छावनी में आयोजित होगी। ट्रस्ट की ओर से जारी सूचना के अनुसार बैठक में मंदिर से जुड़े कई प्रशासनिक और संगठनात्मक विषयों पर विचार किया जाएगा।</p>
<h5><strong>इन प्रमुख मुद्दों पर होगी चर्चा</strong></h5>
<p>जारी एजेंडे के अनुसार बैठक की शुरुआत 6 जुलाई को आयोजित ट्रस्ट बैठक की कार्यवाही की पुष्टि से होगी। इसके बाद 22 जुलाई को दोपहर 3 बजे प्रस्तावित विशेष बैठक की कार्यवाही का अनुमोदन किया जाएगा।</p>
<p>इसके अलावा ट्रस्ट की नियमावली के तहत विभिन्न समितियों के पुनर्गठन पर भी चर्चा और निर्णय की संभावना है।</p>
<h5><strong>SIT की अंतिम रिपोर्ट पर भी हो सकती है चर्चा</strong></h5>
<p>बैठक के एजेंडे में राम मंदिर से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे विशेष जांच दल (SIT) की अंतिम रिपोर्ट पर चर्चा का भी प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<p>हालांकि ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि इस विषय पर चर्चा तभी होगी, जब बैठक शुरू होने से पहले एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट उपलब्ध हो जाएगी।</p>
<h5><strong>अन्य विषयों पर भी लिया जा सकता है निर्णय</strong></h5>
<p>बैठक की कार्यसूची में अध्यक्ष की अनुमति से अन्य आवश्यक विषयों पर भी चर्चा का प्रावधान रखा गया है। इससे संकेत मिलते हैं कि बैठक के दौरान आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकता है।</p>
<h5><strong>न्यासियों से समय पर पहुंचने की अपील</strong></h5>
<p>ट्रस्ट के महासचिव कृष्ण मोहन की ओर से जारी सूचना में सभी न्यासियों से निर्धारित समय पर बैठक में उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है, ताकि एजेंडे में शामिल सभी विषयों पर विस्तार से विचार किया जा सके।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/588326/pm-modi-neet-statement-nda-meeting-farmers-fta-kiren-rijiju"><span class="t-red">NDA Parliamentary Meeting:</span> 'मंगल मिलन' बैठक में पीएम मोदी का बड़ा बयान, कहा- : 'छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे'</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 11:31:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Ram Mandir Trust Meeting : 22 जुलाई को तीन नए ट्रस्टियों के नाम होंगे तय, CEO नियुक्ति और SIT रिपोर्ट पर भी मंथन</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या में 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की दो चरणों में अहम बैठक होगी। बैठक में ट्रस्ट के तीन रिक्त पदों पर नए सदस्यों के नामों को मंजूरी दी जाएगी। साथ ही नए CEO की नियुक्ति, विभिन्न समितियों के पुनर्गठन और चढ़ावा चोरी मामले की SIT रिपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588143/ram-mandir-trust-meeting-22-july-new-trustees-ceo-ayodhya"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/ram-mandir13.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार : </strong>श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को आयोजित होने जा रही है। इस बार यह बैठक मणिराम दास छावनी में दो चरणों में संपन्न होगी। पहली बैठक तीन बजे होगी, इसमें ट्रस्ट में खाली हुए तीन सदस्यों के पद पर नए सदस्यों के नाम पर स्वीकृति दी जाएगी। दूसरी बैठक शाम चार बजे से प्रारंभ होगी। इसमें राम जन्मभूमि परिसर की व्यवस्था, सीईओ के नियुक्ति प्रक्रिया व अन्य कार्यों पर मंथन किया जाएगा।</p>
<p>वहीं, ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास के अनुसार रिक्त पड़े तीन पदों पर नए सदस्यों के नाम तय हो चुके हैं।<br />सूत्र बताते हैं कि मुख्य बैठक से पहले तीन बजे होने वाली बैठक में ट्रस्ट अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास व अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन समेत अन्य सदस्य ही मौजूद रहेंगे। इसमें सबसे पहले ट्रस्ट में रिक्त पड़े तीन सदस्य के पदों पर नए सदस्यों के नाम की चर्चा कर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।</p>
<p>साथ ही मंदिर में नियुक्त होने वाले मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर योग्य आवेदनकर्ता का चयन भी किया जा सकता है। हालांकि माना जा रहा है कि इसके लिए ट्रस्ट द्वारा गठित चयन समिति अभी इसके लिए तैयार नहीं है। आवेदक ज्यादा होने पर अंतिम तीन नामों को चयनित करने में दिक्कतें आ रही है।</p>
<p>वहीं, चार बजे आयोजित होने वाली मुख्य बैठक में अयोध्या के कुछ प्रमुख साधु-संतों को भी विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में आमंत्रित किया जा सकता है। इन सबके समक्ष पहली बैठक में तय किए गए एजेंडे को रखा जा सकता है। उसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।</p>
<p>इस बैठक में ट्रस्ट द्वारा विभिन्न समितियों के पुनर्गठन पर भी विचार किया जाएगा। इसके अलावा एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट मिलती है तो उस पर मंथन किया जाएगा। साथ ही अध्यक्ष की अनुमति से कुछ अन्य विषयों पर भी चर्चा की जा सकती है। सूत्र बताते हैं कि इस बैठक में अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के अधिकारों में बढ़ोतरी करने का भी प्रस्ताव पास किया जा सकता है। ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने बैठक की अधिसूचना जारी कर दी है। सभी सदस्यों को बैठक में मौजूद रहने के लिए आमंत्रित किया गया है।</p>
<h5><strong>योग्य ही बनेंगे सदस्य</strong></h5>
<p>-राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने रविवार को बताया कि ट्रस्ट में जो लोग चले गए या इस्तीफा दिए हैं, उनके स्थान पर नए लोगों के नाम तय हो चुके हैं। 22 जुलाई को बैठक में तय नाम घोषित किए जाएंगे। कहा कि बहुत से लोग अपने लिए पैरवी कर रहे हैं, लेकिन योग्य ही सदस्य बनेंगे। कहा कि राम जन्मभूमि वैष्णो संप्रदाय की है, जहां उसी परंपरा के अनुसार पूजन-अर्चन किया जा रहा है। मैं रोज दर्शन पूजन व व्यवस्था की निगरानी के लिए जा रहा हूं, सब ठीक चल रहा है।<br />इंसेट:</p>
<h5><strong>ट्रस्ट में तीन पद हैं रिक्त</strong></h5>
<p>राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद चंपतराय, डॉ. अनिल मिश्र ने इस्तीफा दे दिया है। छह जुलाई को हुई बैठक में उसे स्वीकार भी कर लिया गया था। इससे ट्रस्ट में तीन पद खाली हो गए हैं। जिनमें एक पद अयोध्या राजा विमलेंद्र मोहन मिश्र के निधन से रिक्त हुआ था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 22:03:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अमिताभ ठाकुर ने ट्रस्ट से मांगा 'दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र', बोले- दानदाताओं का भरोसा लौटाना जरूरी</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच के बीच आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से एक नई व्यवस्था लागू करने की मांग की है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588126/ram-mandir-donation-controversy--amitabh-thakur-seeks--donor-assurance-certificate--from-the-trust--says-restoring-donors--trust-is-essential"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/अमिताभ-ठाकुर.jpg" alt=""></a><br /><p class="PDq2pG_selectionAnchorContainer" style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच के बीच आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से एक नई व्यवस्था लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट को 'दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र' जारी करना चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को यह भरोसा मिल सके कि उनके द्वारा दिया गया दान सुरक्षित है और उसका उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>क्या होगा 'दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र'?</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">अमिताभ ठाकुर ने बताया कि यह ऐसा प्रमाणपत्र होगा, जिसमें ट्रस्ट यह प्रमाणित करेगा कि दानदाताओं से प्राप्त नकदी और अन्य कीमती वस्तुओं का पारदर्शी तरीके से प्रबंधन किया गया है तथा उनका उपयोग उसी उद्देश्य के लिए हुआ है, जिसके लिए श्रद्धालुओं ने दान दिया था। उनका कहना है कि इससे मंदिर में दान करने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>ट्रस्ट से स्वतंत्र ऑडिट कराने की भी मांग</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">पूर्व आईपीएस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने 13 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और महासचिव को पत्र लिखकर मांग की थी कि 5 फरवरी 2020 से अब तक प्राप्त सभी नकद दान और कीमती वस्तुओं का स्वतंत्र एवं पूर्वव्यापी (रेट्रोस्पेक्टिव) सत्यापन कराया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रस्ट 15 दिनों के भीतर इस प्रक्रिया को पूरा कर उसका संक्षिप्त निष्कर्ष सार्वजनिक करे, जिससे दानदाताओं का भरोसा कायम रहे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>'सीईओ बनाया गया तो लागू करूंगा व्यवस्था'</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">अमिताभ ठाकुर ने कहा कि यदि भविष्य में उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया जाता है, तो वे 'दानदाता आश्वासन प्रमाणपत्र' की व्यवस्था को लागू करेंगे।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>चढ़ावा चोरी मामले की जांच जारी</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले की जांच फिलहाल विशेष जांच दल (एसआईटी) और पुलिस कर रही है। इस मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और उनसे पूछताछ जारी है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong><span>2021 में हुई थी अनिवार्य सेवानिवृत्ति</span></strong></h5>
<p style="text-align:justify;">अमिताभ ठाकुर वर्ष 1992 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मार्च 2021 में उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्त कर दिया था। मंत्रालय ने उस समय कई विभागीय जांचों और अनुशासनात्मक मामलों का हवाला देते हुए कहा था कि उन्हें सेवा में बनाए रखना जनहित में उचित नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>खबर सोर्स : एजेंसी</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 19:42:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड : टिन्नू यादव के पास थीं दान पेटियों की चाबियां, पुलिस रिमांड में कई बड़े खुलासे</title>
                                    <description><![CDATA[अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच में पता चला है कि दान पेटियों की चाबियां कथित तौर पर टिन्नू के पास थीं और उसे मंदिर परिसर में निर्बाध प्रवेश की सुविधा मिली हुई थी। पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588106/ram-mandir-offering-theft-case--tinnu-yadav-held-keys-to-donation-boxes--major-revelations-during-police-remand"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/cats323.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>डिजिटल डेस्क, लखनऊ। </strong>राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में पुलिस को रिमांड के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' और उसके भतीजे मनीष यादव से 39 घंटे की पुलिस कस्टडी में पूछताछ के दौरान दान पेटियों की चाबियों से लेकर मंदिर परिसर में विशेष पहुंच तक कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।</p>
<p>पुलिस ने कोर्ट से 39 घंटे की कस्टडी रिमांड मिलने के बाद शनिवार सुबह दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया था। रविवार तड़के उन्हें उनके आवास और राम जन्मभूमि परिसर भी ले जाया गया, जहां घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (रीकंस्ट्रक्शन) कराया गया। पुलिस लाइंस में दोनों से लगातार पूछताछ जारी रही।</p>
<h5><strong><span>दान पेटियों की चाबियां टिन्नू के पास होने का दावा</span></strong></h5>
<p>जांच में सामने आया है कि राम मंदिर की दान पेटियों की चाबियां कथित तौर पर बिना किसी अधिकृत आदेश के टिन्नू यादव के पास रहती थीं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य ने कथित रूप से बिना औपचारिक प्रक्रिया अपनाए चाबियां उसे कैसे सौंपीं।</p>
<h5><strong><span>मंदिर परिसर में थी निर्बाध आवाजाही</span></strong></h5>
<p>पूछताछ के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि टिन्नू को राम मंदिर परिसर में किसी भी गेट से आने-जाने की छूट थी। आरोप है कि उसे चढ़ावे की गिनती वाले कक्ष तक भी बिना किसी रोक-टोक के पहुंचने की अनुमति थी।</p>
<h5><strong><span>भतीजे को काउंटिंग टीम में दिलाई थी जगह</span></strong></h5>
<p>पुलिस जांच के अनुसार, टिन्नू ने अपने भतीजे मनीष यादव को कथित तौर पर चढ़ावे की गिनती करने वाली टीम में नियुक्त कराया था। पुलिस पहले ही मनीष यादव के पास से कथित रूप से चुराए गए दो लाख रुपये बरामद कर चुकी है।</p>
<h5><strong><span>कंस्ट्रक्शन कंपनी और नौकरी की भी जांच</span></strong></h5>
<p>जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि टिन्नू ने अपनी पत्नी के नाम से एक कंस्ट्रक्शन कंपनी बनाई थी। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि उसके बेटे को राम मंदिर से जुड़े प्रभाव का इस्तेमाल कर लोक निर्माण विभाग (PWD) में नौकरी दिलाई गई या नहीं।</p>
<h5><strong><span>रिमांड पूरी, पूछताछ से और खुलासों की उम्मीद</span></strong></h5>
<p>जांच अधिकारी आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों का सत्यापन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ का उद्देश्य कथित साजिश, धन के लेन-देन और सभी आरोपियों की भूमिका को स्पष्ट करना है। इससे पहले पुलिस इस मामले के छह अन्य आरोपियों से भी कस्टडी रिमांड के दौरान पूछताछ कर चुकी है। चाचा-भतीजे से हुई पूछताछ को पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में अहम माना जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 17:02:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस : टिन्नू यादव और मनीष पुलिस रिमांड पर, मेडिकल के बाद शुरू हुई पूछताछ, हो सकते हैं बड़े खुलासे</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार। </strong>राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में जुटी पुलिस ने रविवार सुबह मामले के दो प्रमुख आरोपियों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव को जिला कारागार से अपनी कस्टडी में ले लिया। दोनों आरोपियों को एंटी करप्शन कोर्ट से 39 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने के बाद पूछताछ के लिए बाहर लाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को जिला कारागार से अपनी अभिरक्षा में लिया। मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी दोनों को लेकर पुलिस लाइन पहुंचे, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/587981/ram-mandir-offering-theft-case--tinnu-yadav-and-manish-remanded-to-police-custody--interrogation-begins-after-medical-examination--major-revelations-likely"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/620.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार। </strong>राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में जुटी पुलिस ने रविवार सुबह मामले के दो प्रमुख आरोपियों रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और उसके भतीजे मनीष यादव को जिला कारागार से अपनी कस्टडी में ले लिया। दोनों आरोपियों को एंटी करप्शन कोर्ट से 39 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने के बाद पूछताछ के लिए बाहर लाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8:30 बजे पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों को जिला कारागार से अपनी अभिरक्षा में लिया। मामले के विवेचक आशुतोष तिवारी दोनों को लेकर पुलिस लाइन पहुंचे, जहां उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>मेडिकल के बाद शुरू हुई पूछताछ</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां चढ़ावा चोरी से जुड़े नेटवर्क, धन के लेन-देन, अन्य संदिग्धों की भूमिका और चोरी की संपत्ति के संबंध में अहम जानकारियां जुटाने का प्रयास कर रही हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>घरों पर छापेमारी की संभावना</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस दोपहर से शाम के बीच दोनों आरोपियों के घरों और अन्य संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर सकती है। जांच टीम को चोरी के सामान, दस्तावेज या अन्य साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>39 घंटे की मिली है पुलिस कस्टडी</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एंटी करप्शन कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 39 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर की है। इसी रिमांड अवधि के दौरान पुलिस उनसे पूछताछ के साथ आवश्यक बरामदगी और साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:29:57 +0530</pubDate>
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