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                <title>Delhi-NCR - Amrit Vichar</title>
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                <description>Delhi-NCR RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Noida e-bus service launched: नोएडा से जेवर एयरपोर्ट और गाजियाबाद के लिए चलीं ई-बसें, हर 15 मिनट में मिलेगी सर्विस</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नोएडा: </strong>दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों, खासकर कामकाजी लोगों और छात्रों के लिए दैनिक सफर अब बेहद आसान और आरामदायक होने जा रहा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के बीच पहली बार इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा का आगाज हो चुका है। नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) के संयुक्त प्रयास से सड़कों पर कुल 100 ई-बसें उतारी गई हैं।</p>
<h4><strong>हर 15 मिनट में मिलेगी बस, सीएम योगी ने दिखाई थी हरी झंडी</strong></h4>
<p>हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन आधुनिक पर्यावरण-अनुकूल बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, जिसके बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584854/noida-e-bus-service-launched--e-buses-start-running-from-noida-to-jewar-airport-and-ghaziabad--service-available-every-15-minutes"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/muskan-dixit-(3)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>नोएडा: </strong>दिल्ली-एनसीआर के यात्रियों, खासकर कामकाजी लोगों और छात्रों के लिए दैनिक सफर अब बेहद आसान और आरामदायक होने जा रहा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट (नोएडा एक्सटेंशन) के बीच पहली बार इंटरसिटी इलेक्ट्रिक बस सेवा का आगाज हो चुका है। नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश परिवहन निगम (UPSRTC) के संयुक्त प्रयास से सड़कों पर कुल 100 ई-बसें उतारी गई हैं।</p>
<h4><strong>हर 15 मिनट में मिलेगी बस, सीएम योगी ने दिखाई थी हरी झंडी</strong></h4>
<p>हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन आधुनिक पर्यावरण-अनुकूल बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था, जिसके बाद इनका सुचारू संचालन शुरू कर दिया गया है। यात्रियों को लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन ने तय किया है कि प्रत्येक रूट पर हर 15 मिनट के अंतराल में बसें उपलब्ध रहेंगी।</p>
<h4><strong>घर बैठे मिलेगी लाइव लोकेशन (Real-Time Tracking)</strong></h4>
<p>इस बस सेवा की सबसे बड़ी खासियत इसकी तकनीकी सुविधा है। यात्रियों की सहूलियत के लिए इन बसों में 'रियल टाइम लोकेशन ट्रैकिंग' की व्यवस्था की गई है। इसके जरिए मुसाफिर मोबाइल पर ही देख सकेंगे कि उनकी बस इस वक्त कहां है और उनके स्टॉप तक कितने समय में पहुंचेगी। इससे यात्रियों के समय की बड़ी बचत होगी।</p>
<h4><strong>जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ: किराया मात्र ₹20 से ₹50 तक</strong></h4>
<p>ये सभी बसें पूरी तरह एयर-कंडीशनर (AC) हैं, जिससे गर्मियों में भी सफर सुहाना रहेगा। सुरक्षा के लिहाज से हर बस में 4 सीसीटीवी कैमरे इंस्टॉल किए गए हैं। सफर को पूरी तरह किफायती रखते हुए न्यूनतम किराया ₹20, मध्यम दूरी के लिए ₹30 और अधिकतम किराया ₹50 तय किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में यात्रियों की संख्या और मांग को देखते हुए बसों का बेड़ा और बढ़ाया जा सकता है।</p>
<h4><strong>इन 5 रूटों पर चल रही हैं बसें (E-Bus Routes List)</strong></h4>
<p>नोएडा अथॉरिटी द्वारा संशोधित किए गए नए रूटों की सूची इस प्रकार है:</p>
<table style="border-collapse:collapse;width:99.9666%;" border="1"><colgroup><col style="width:25.0417%;" /><col style="width:25.0417%;" /><col style="width:25.0417%;" /><col style="width:25.0417%;" /></colgroup>
<tbody>
<tr>
<td><strong>रूट नंबर</strong></td>
<td><strong>कहां से शुरू</strong></td>
<td><strong>वाया (रास्ता)</strong></td>
<td><strong>अंतिम पड़ाव</strong></td>
</tr>
<tr>
<td><strong>रूट 1</strong></td>
<td>बॉटेनिकल गार्डन</td>
<td>गोल्फ कोर्स, सिटी सेंटर, होशियारपुर, सेक्टर-51, पर्थला, गौर चौक, एक मूर्ति गोलचक्कर, सूरजपुर कलेक्ट्रेट</td>
<td>परी चौक (ग्रेटर नोएडा)</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>रूट 2</strong></td>
<td>बॉटेनिकल गार्डन</td>
<td>सेक्टर-44 छलेरा, एमिटी स्कूल, एक्सप्रेसवे, परी चौक, गलगोटिया यूनिवर्सिटी, दनकौर, रबुपुरा</td>
<td>जेवर एयरपोर्ट</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>रूट 3</strong></td>
<td>बॉटेनिकल गार्डन</td>
<td>सेक्टर-37 अंडरपास, छलेरा, अगाहपुर, बरौला, सेक्टर-50 व 75 मेट्रो स्टेशन, नॉर्थआई चौक, सेक्टर-116, सेक्टर-78, सैमसंग फेज-2, फूलमंडी, कुलेसरा, सूरजपुर</td>
<td>कलेक्ट्रेट (सूरजपुर)</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>रूट 4</strong></td>
<td>बॉटेनिकल गार्डन</td>
<td>गोल्फ कोर्स, सिटी सेंटर, सेक्टर-52, साईं मंदिर सेक्टर-61, सेक्टर-62, प्रताप विहार</td>
<td>नया बस अड्डा (गाजियाबाद)</td>
</tr>
<tr>
<td><strong>रूट 5</strong></td>
<td>बॉटेनिकल गार्डन</td>
<td>सेक्टर-16, नोएडा एंट्री गेट (सेक्टर-14ए), अक्षरधाम, कौशाम्बी</td>
<td>आनंद विहार बस स्टेशन</td>
</tr>
</tbody>
</table>
<p> </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 10:27:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवाओं के लिए घर खरीदना बन रहा सपना</title>
                                    <description><![CDATA[आज दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में घरों की कीमतें पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी हैं। भारतीय रिजर्व बैंक और विभिन्न रियल एस्टेट रिपोर्टों के अनुसार 2020 के बाद कई प्रमुख शहरों में आवासीय कीमतों में 25 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584679/buying-a-home-is-becoming-a-dream-for-the-youth"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/रजत.jpg" alt=""></a><br /><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/%E0%A4%B0%E0%A4%9C%E0%A4%A4.jpg" alt="रजत मेहरोत्रा, वित्तीय एवं आर्थिक विशेषज्ञ"></img>
<strong>रजत मेहरोत्रा, वित्तीय एवं आर्थिक विशेषज्ञ</strong>

<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;">भारत में एक समय ऐसा था जब नौकरी लगते ही परिवार का पहला सपना होता था- ‘अपना घर’, लेकिन आज की युवा पीढ़ी के लिए घर खरीदना केवल सपना बनकर रह गया है। बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतें, ऊंची ब्याज दरें, महंगी जमीन, कम वेतन वृद्धि और बढ़ती जीवनशैली लागत ने भारतीय युवाओं के लिए रियल एस्टेट को लगभग पहुंच से बाहर कर दिया है। स्थिति यह है कि बड़े शहरों में एक सामान्य मध्यम वर्गीय व्यक्ति की पूरी उम्र की बचत भी छोटा फ्लैट खरीदने में समाप्त हो सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">आज दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में घरों की कीमतें पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी हैं। भारतीय रिजर्व बैंक और विभिन्न रियल एस्टेट रिपोर्टों के अनुसार 2020 के बाद कई प्रमुख शहरों में आवासीय कीमतों में 25 से 40 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। वहीं दूसरी ओर युवाओं की आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ी। परिणामस्वरूप ‘होम अफोर्डेबिलिटी’ यानी घर खरीदने की क्षमता लगातार कमजोर हो रही है। सबसे बड़ी समस्या बढ़ती ब्याज दरें हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कोविड के बाद महंगाई को नियंत्रित करने के लिए आरबीआई ने रेपो रेट में कई बार बढ़ोतरी की। इसका सीधा असर होम लोन की ईएमआई पर पड़ा। जो ईएमआई कुछ साल पहले 25-30 हजार रुपये थी, वही अब 45-60 हजार रुपये तक पहुंच गई है। मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए इतनी बड़ी मासिक किस्त देना आसान नहीं है, विशेषकर तब जब शिक्षा, स्वास्थ्य, पेट्रोल, बिजली और दैनिक खर्च लगातार महंगे हो रहे हों।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, भारत में जमीन की कीमतों में असामान्य वृद्धि भी चिंता का विषय है। बड़े शहरों में जमीन सीमित है, लेकिन मांग लगातार बढ़ रही है। इसके कारण बिल्डर और निवेशक जमीनों को लंबे समय तक रोककर रखते हैं, जिससे कृत्रिम कमी पैदा होती है और कीमतें और बढ़ जाती हैं। कई स्थानों पर वास्तविक मांग से ज्यादा निवेश आधारित खरीदारी हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसका नुकसान आम खरीदार को उठाना पड़ता है। युवाओं की रोजगार स्थिति भी इस संकट को और गंभीर बना रही है। निजी क्षेत्र में नौकरी की अनिश्चितता बढ़ रही है। स्टार्टअप और आईटी सेक्टर में छंटनी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे माहौल में 20-30 साल के लंबे होम लोन का जोखिम लेना युवाओं के लिए मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से कठिन हो गया है। कई युवा अब ‘घर खरीदने’ के बजाय ‘किराए पर रहने’ को बेहतर विकल्प मानने लगे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक और महत्वपूर्ण कारण है भारत में बढ़ती महंगी जीवनशैली। आज की युवा पीढ़ी शिक्षा ऋण, वाहन ऋण, क्रेडिट कार्ड भुगतान और व्यक्तिगत खर्चों के दबाव में पहले से ही जूझ रही है। बड़े शहरों में किराया, ट्रांसपोर्ट, स्वास्थ्य बीमा और बच्चों की शिक्षा का खर्च इतना अधिक हो चुका है कि बचत करना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में घर के डाउन पेमेंट के लिए लाखों रुपये जुटाना बहुत कठिन कार्य बन गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता की कमी भी आम लोगों की परेशानी बढ़ाती है। कई परियोजनाओं में देरी, कानूनी विवाद, अधूरी सुविधाएं और बिल्डरों की वित्तीय समस्याएं खरीदारों का भरोसा कमजोर करती हैं, हालांकि RERA जैसे कानूनों ने स्थिति सुधारने की कोशिश की है, लेकिन अभी भी कई छोटे शहरों और परियोजनाओं में पारदर्शिता की कमी बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। गांवों और छोटे शहरों से रोजगार की तलाश में लाखों लोग महानगरों की ओर जा रहे हैं। इससे शहरों में आवास की मांग और अधिक बढ़ रही है, लेकिन सस्ते और किफायती घरों की आपूर्ति उतनी तेजी से नहीं बढ़ रही। यही कारण है कि ‘अफोर्डेबल हाउसिंग’ आज भारत की सबसे बड़ी आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों में से एक बनती जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यही स्थिति जारी रही, तो भविष्य में भारत में ‘जनरेशन रेंट’ का दौर शुरू हो सकता है, जहां पूरी एक पीढ़ी जीवनभर किराए के घरों में रहने को मजबूर होगी। इसका असर केवल व्यक्तिगत जीवन पर नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा। जब लोग अपनी आय का बड़ा हिस्सा ईएमआई या किराए में खर्च करेंगे, तब उनकी बचत और निवेश क्षमता घटेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे उपभोग, निवेश और आर्थिक विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। सरकार के लिए यह समय गंभीरता से सोचने का है। केवल लग्जरी और हाई-एंड प्रोजेक्ट्स से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार को सस्ते घरों की आपूर्ति बढ़ाने, भूमि सुधार, सस्ती ब्याज दरों वाले होम लोन और शहरी नियोजन पर अधिक ध्यान देना होगा। <strong>(ये लेखक के निजी विचार हैं)</strong> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                            <category>Special</category>
                                            <category>Special Articles</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/584679/buying-a-home-is-becoming-a-dream-for-the-youth</link>
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                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 05:34:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वैज्ञानिक फैक्ट :  बारिश से पहले क्यों आता है आंधी-तूफान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">गर्मी के मौसम में अक्सर देखा जाता है कि तेज धूप और उमस के बाद अचानक मौसम बदलने लगता है। आसमान में काले बादल छा जाते हैं, तेज हवाएं चलने लगती हैं और कई बार आंधी-तूफान के साथ बारिश शुरू हो जाती है। हाल के दिनों में दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में ऐसा मौसम लगातार देखने को मिला है। सवाल उठता है कि आखिर बारिश से पहले तेज हवाएं, तूफान और आंधी क्यों आती है? इसके पीछे प्रकृति और विज्ञान दोनों का गहरा संबंध है।</p>
<p style="text-align:justify;">वैज्ञानिकों के अनुसार, जब पृथ्वी का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583366/scientific-fact--why-do-storms-and-gales-precede-rainfall"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(16)20.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">गर्मी के मौसम में अक्सर देखा जाता है कि तेज धूप और उमस के बाद अचानक मौसम बदलने लगता है। आसमान में काले बादल छा जाते हैं, तेज हवाएं चलने लगती हैं और कई बार आंधी-तूफान के साथ बारिश शुरू हो जाती है। हाल के दिनों में दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में ऐसा मौसम लगातार देखने को मिला है। सवाल उठता है कि आखिर बारिश से पहले तेज हवाएं, तूफान और आंधी क्यों आती है? इसके पीछे प्रकृति और विज्ञान दोनों का गहरा संबंध है।</p>
<p style="text-align:justify;">वैज्ञानिकों के अनुसार, जब पृथ्वी का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है तो जमीन के पास मौजूद हवा गर्म होकर हल्की हो जाती है और तेजी से ऊपर उठने लगती है। गर्म हवा के ऊपर उठने से नीचे कम दबाव यानी लो प्रेशर का क्षेत्र बन जाता है। इस खाली स्थान को भरने के लिए आसपास की ठंडी और भारी हवा तेजी से उस क्षेत्र की ओर बढ़ती है। यही प्रक्रिया तेज हवाओं को जन्म देती है। जब हवा की गति बहुत अधिक बढ़ जाती है तो यह आंधी या तूफान का रूप ले लेती है।</p>
<p style="text-align:justify;">बारिश से पहले बनने वाले बादलों को क्यूम्यलोनिंबस (Cumulonimbus) बादल कहा जाता है। ये बादल ऊंचाई तक फैलते हैं और इनके भीतर गर्म तथा ठंडी हवाओं का लगातार टकराव होता रहता है। इसी कारण बिजली चमकती है, गरज सुनाई देती है और कई बार ओले भी गिरते हैं। मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि तापमान में अचानक बदलाव और वातावरण में नमी बढ़ने से तूफानी परिस्थितियां तेजी से विकसित होती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली-एनसीआर में इन दिनों मौसम के बदलते मिजाज के पीछे पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय गर्मी दोनों महत्वपूर्ण कारण माने जा रहे हैं। दिन में तेज गर्मी और शाम को नमी मिलने से वातावरण अस्थिर हो जाता है, जिससे धूल भरी आंधी और तेज बारिश देखने को मिलती है। कई बार हवाओं की रफ्तार इतनी बढ़ जाती है कि पेड़ उखड़ जाते हैं, बिजली के खंभे गिर जाते हैं और टीन शेड जैसी हल्की चीजें हवा में उड़ने लगती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण भी मौसम का स्वभाव तेजी से बदल रहा है। पहले जहां आंधी-तूफान सीमित क्षेत्रों तक रहते थे, वहीं अब उनकी तीव्रता और आवृत्ति दोनों बढ़ती दिखाई दे रही हैं। ऐसे मौसम में लोगों को सतर्क रहने, खुले स्थानों से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Knowledge</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>यूरेका</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 01 Jun 2026 10:00:59 +0530</pubDate>
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                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-05/untitled-design-%2816%2920.jpg"                         length="84322"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> LPG के बाद PNG हुई मंहगी...दिल्ली समेत यूपी के कई जिलों में आईजीएल ने बढ़ाये Price, जानिए नए दाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>पश्चिम एशिया संकट के कारण रसोई गैस (एलपीजी) के बाद अब पाइपलाइन के जरिये किचन तक आने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) के दाम भी बढ़ गये हैं। दिल्ली-एनसीआर के साथ कानपुर, मेरठ, अजमेर जैसे कई शहरों में घरों में पीएनजी की आपूर्ति करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने एक अप्रैल से पीएनजी की कीमत बढ़ाकर दिल्ली में 49.59 रुपये प्रति मानक घन मीटर (एससीएम) कर दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले एक जनवरी 2026 से इसकी कीमत 47.89 रुपये प्रति एससीएम थी। इस प्रकार राष्ट्रीय राजधानी में पीएनजी 1.70 रुपये प्रति एससीएम महंगी हो गयी है। एनसीआर के दूसरे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577771/after-lpg--png-prices-rise----igl-hikes-rates-in-delhi-and-several-districts-of-up"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(6)5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>पश्चिम एशिया संकट के कारण रसोई गैस (एलपीजी) के बाद अब पाइपलाइन के जरिये किचन तक आने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) के दाम भी बढ़ गये हैं। दिल्ली-एनसीआर के साथ कानपुर, मेरठ, अजमेर जैसे कई शहरों में घरों में पीएनजी की आपूर्ति करने वाली कंपनी इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (आईजीएल) ने एक अप्रैल से पीएनजी की कीमत बढ़ाकर दिल्ली में 49.59 रुपये प्रति मानक घन मीटर (एससीएम) कर दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले एक जनवरी 2026 से इसकी कीमत 47.89 रुपये प्रति एससीएम थी। इस प्रकार राष्ट्रीय राजधानी में पीएनजी 1.70 रुपये प्रति एससीएम महंगी हो गयी है। एनसीआर के दूसरे शहरों में भी कीमत 1.70 रुपये प्रति एससीएम बढ़ाई गयी है जबकि दूसरे शहरों में पीएनजी एक रुपये महंगी की गयी है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में एक एससीएम पीएनजी की कीमत 47.76 रुपये से बढ़ाकर 49.46 रुपये कर दी गयी है। </p>
<p style="text-align:justify;">मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली में कीमत 47.35 रुपये से बढ़ाकर 48.35 रुपये, अजमेर, पाली और राजसमंद में 47.27 रुपये से बढ़ाकर 48.27 रुपये तथा कानपुर, फतेहपुर, हमीरपुर और चित्रकूट में 47.95 रुपये से बढ़ाकर 48.95 रुपये कर दी गयी है। दूसरे शहरों में कीमतों में इसी प्रकार वृद्धि हुई है। पश्चिम एशिया संकट शुरू होने के बाद सात मार्च को घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ाये गये थे। वहीं, वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम एक मार्च, सात मार्च और एक अप्रैल को तीन बार में 338 रुपये बढ़ चुकी है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/577760/cabinet-meeting-presided-over-by-cm-yogi--preparations-underway-for-major-decisions-on-education--employment--and-infrastructure"><span class="t-red">सीएम योगी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक, </span>शिक्षा, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े फैसलों की तैयारी</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577771/after-lpg--png-prices-rise----igl-hikes-rates-in-delhi-and-several-districts-of-up</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/577771/after-lpg--png-prices-rise----igl-hikes-rates-in-delhi-and-several-districts-of-up</guid>
                <pubDate>Tue, 07 Apr 2026 11:12:05 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-04/%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%B0%E0%A4%B2-%E0%A4%A4%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%B5%E0%A5%80%E0%A4%B0-%286%295.jpg"                         length="86617"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Noida Airport Inauguration: 25 साल का सपना आज बना हकीकत, पीएम मोदी आज करेंगे लोकार्पण</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">नोएडा (जेवर) का इंतजार आखिरकार खत्म हो रहा है। लगभग 25 सालों की लंबी प्रतीक्षा के बाद आज शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) का औपचारिक उद्घाटन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके पहले चरण (Phase-1) का लोकार्पण करेंगे। साथ ही कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन और विमान रखरखाव, मरम्मत एवं संचालन (MRO) सेंटर की नींव भी रखी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(52)6.png" alt="MUSKAN DIXIT Noida Airport Inauguration" width="1200" height="720" /></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कार्यक्रम का समय और एजेंडा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। उसके बाद दोपहर 12 बजे हवाई अड्डे का औपचारिक लोकार्पण होगा। समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576693/noida-airport-inauguration--a-25-year-old-dream-has-become-a-reality-today--pm-modi-will-inaugurate-it-today"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(52)6.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">नोएडा (जेवर) का इंतजार आखिरकार खत्म हो रहा है। लगभग 25 सालों की लंबी प्रतीक्षा के बाद आज शनिवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) का औपचारिक उद्घाटन होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसके पहले चरण (Phase-1) का लोकार्पण करेंगे। साथ ही कार्गो टर्मिनल का उद्घाटन और विमान रखरखाव, मरम्मत एवं संचालन (MRO) सेंटर की नींव भी रखी जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(52)6.png" alt="MUSKAN DIXIT Noida Airport Inauguration" width="1280" height="720"></img></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कार्यक्रम का समय और एजेंडा</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री सुबह करीब 11:30 बजे एयरपोर्ट टर्मिनल भवन का निरीक्षण करेंगे। उसके बाद दोपहर 12 बजे हवाई अड्डे का औपचारिक लोकार्पण होगा। समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू मौजूद रहेंगे। लोकार्पण के बाद पीएम मोदी एयरपोर्ट परिसर में जनसभा को संबोधित भी करेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(53)6.png" alt="MUSKAN DIXIT Noida Airport Inauguration" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए तीन बड़े पांडाल लगाए गए हैं। जनसभा में डेढ़ लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। वीवीआईपी एंट्री यमुना एक्सप्रेसवे के 33 किमी कट पर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से होगी, जबकि आम लोगों के लिए किशोरपुर रूट से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। पांच गेट बनाए गए हैं और 20 हजार वाहनों के लिए 15 से ज्यादा पार्किंग स्थल तैयार किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(54)6.png" alt="MUSKAN DIXIT Noida Airport Inauguration" width="1280" height="720"></img></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>कब शुरू होंगी उड़ानें?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">एयरपोर्ट के पहले चरण में 1334 हेक्टेयर क्षेत्र विकसित किया गया है। कुल 11,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह सुविधा अब उड़ान भरने को पूरी तरह तैयार है। घरेलू व्यावसायिक उड़ानें और कार्गो ऑपरेशन अप्रैल के आखिरी सप्ताह तक शुरू होने की उम्मीद है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ट्रांसपोर्ट और कनेक्टिविटी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">एयरपोर्ट तक पहुंच आसान बनाने के लिए NIA ने UP Roadways, Delhi Roadways, Uttarakhand और Rajasthan Roadways के साथ MoU साइन किए हैं। कुछ कैब कंपनियों से भी समझौता किया गया है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद आदि जगहों से आने वाले यात्रियों के लिए यमुना एक्सप्रेसवे का 32वें किमी पर इंटरचेंज और 800 मीटर का एलिवेटेड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पहले से तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(55)6.png" alt="MUSKAN DIXIT  Noida Airport Inauguration" width="1280" height="720"></img></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>NCR के लिए गेम चेंजर</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पूरी तरह विकसित होने के बाद यह देश का सबसे बड़ा और दिल्ली-NCR का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनेगा। इससे इंडिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट और हिंडन एयरपोर्ट पर दबाव काफी कम होगा। कार्गो हब के रूप में यह नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, बुलंदशहर, आगरा, टप्पल समेत आसपास के इलाकों के उद्योगों को निर्यात के नए रास्ते खोलेगा और क्षेत्रीय विकास को गति देगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">पीएम की जनसभा को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यमुना नदी में भी जल पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है, जो लगातार गश्त करेंगे। मौसम के बदलाव को ध्यान में रखते हुए भी प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-(57)6.png" alt="MUSKAN DIXIT  Noida Airport Inauguration" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">गौतमबुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम ने कहा:  “नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का प्रधानमंत्री शनिवार को लोकार्पण करेंगे। प्रधानमंत्री सुबह 11:30 बजे एयरपोर्ट पहुंचेंगे और यहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है।”</p>
<p style="text-align:justify;">आज का यह दिन न सिर्फ नोएडा बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR के लिए विकास की नई उड़ान का प्रतीक है। बेहतर कनेक्टिविटी, रोजगार के नए अवसर और क्षेत्रीय आर्थिक उछाल — नोएडा एयरपोर्ट इन सबकी शुरुआत कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>गौतम बुद्ध नगर</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576693/noida-airport-inauguration--a-25-year-old-dream-has-become-a-reality-today--pm-modi-will-inaugurate-it-today</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/576693/noida-airport-inauguration--a-25-year-old-dream-has-become-a-reality-today--pm-modi-will-inaugurate-it-today</guid>
                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 08:28:53 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2026-03/muskan-dixit-%2852%296.png"                         length="782284"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोएडा के विद्यालयों को बम से उड़ाने की धमकियां, जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नोएडा।</strong> उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में कई विद्यालयों को बम से उड़ाने की बृहस्पतिवार को धमकी मिली और बाद में पुलिस ने इसे झूठा पाया। पुलिस के अनुसार, जिले के विभिन्न विद्यालयों को धमकियां ईमेल के जरिए प्राप्त हुईं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने एक बयान में कहा, ''गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और बम निरोधक दस्ते, श्वान दस्ते समेत अन्य एजेंसी के माध्यम से सभी विद्यालयों में जांच सुनिश्चित की।'' पुलिस ने कहा कि विद्यालयों में गहन तलाशी अभियान जारी है और अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572284/bomb-threats-to-noida-schools--investigation-finds-nothing-suspicious"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/फोन-पर-धमकी.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नोएडा।</strong> उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में कई विद्यालयों को बम से उड़ाने की बृहस्पतिवार को धमकी मिली और बाद में पुलिस ने इसे झूठा पाया। पुलिस के अनुसार, जिले के विभिन्न विद्यालयों को धमकियां ईमेल के जरिए प्राप्त हुईं, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई शुरू की।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने एक बयान में कहा, ''गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और बम निरोधक दस्ते, श्वान दस्ते समेत अन्य एजेंसी के माध्यम से सभी विद्यालयों में जांच सुनिश्चित की।'' पुलिस ने कहा कि विद्यालयों में गहन तलाशी अभियान जारी है और अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने कहा कि साइबर टीम द्वारा ईमेल के स्रोत की तकनीकी जांच बहुत गंभीरता से की जा रही है। पुलिस ने कहा, ''हालात पूरी तरह सामान्य हैं और घटनास्थल पर शांति एवं व्यवस्था कायम है। लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी जाती है।''</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गौतम बुद्ध नगर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/572284/bomb-threats-to-noida-schools--investigation-finds-nothing-suspicious</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/572284/bomb-threats-to-noida-schools--investigation-finds-nothing-suspicious</guid>
                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 14:14:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर भारत में मौसम ने फिर लिया U-turn: दिल्ली-NCR और यूपी में लौटेगी बारिश... बढ़ेगी कड़ाके की ठंड </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong>देश के उत्तरी हिस्से में मौसम ने एक बार फिर से अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। हाल ही में हुई बर्फबारी और बारिश के बाद अब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की एक नई सक्रिय प्रणाली उत्तर भारत की ओर बढ़ रही है, जिससे अगले कुछ दिनों में ठंड में इजाफा होने के साथ बारिश और बर्फबारी का दौर फिर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग (IMD) ने इस बदलाव को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है, जिसमें 26 से 28 जनवरी तक कई राज्यों में मौसमी गतिविधियां तेज होने की चेतावनी दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>नया पश्चिमी विक्षोभ</strong></h3>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568990/weather-in-north-india-takes-another-u-turn--rain-will-return-to-delhi-ncr-and-uttar-pradesh----severe-cold-will-increase"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/मौसम-विभाग.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊः </strong>देश के उत्तरी हिस्से में मौसम ने एक बार फिर से अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। हाल ही में हुई बर्फबारी और बारिश के बाद अब पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की एक नई सक्रिय प्रणाली उत्तर भारत की ओर बढ़ रही है, जिससे अगले कुछ दिनों में ठंड में इजाफा होने के साथ बारिश और बर्फबारी का दौर फिर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग (IMD) ने इस बदलाव को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है, जिसमें 26 से 28 जनवरी तक कई राज्यों में मौसमी गतिविधियां तेज होने की चेतावनी दी गई है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>नया पश्चिमी विक्षोभ ला रहा है ठंड और बारिश का तूफान</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहले ही कई इलाकों में तापमान में तेजी से गिरावट आई है। अब एक ताजा और तीव्र विक्षोभ 26 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है। इससे हवाओं की दिशा बदल रही है, जिसके चलते उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं तेज हो गई हैं। परिणामस्वरूप, न्यूनतम तापमान में 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, और गलन वाली ठंड का एहसास बढ़ जाएगा।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>26 से 28 जनवरी: बारिश-बर्फबारी का पीक पीरियड</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">- 26 से 28 जनवरी तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, उत्तरी राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">- 27 जनवरी को खासतौर पर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के साथ हिमपात की संभावना है। यहां तेज हवाएं 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकते हैं। ओलावृष्टि का भी खतरा बना हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">- दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, यूपी और उत्तरी राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश होने की उम्मीद है, साथ ही गरज-चमक के साथ छिटपुट बौछारें पड़ सकती हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली-NCR में क्या होगा?</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में अगले 48 घंटों तक आंशिक बादल छाए रहेंगे। हल्का कोहरा, ठंड और नमी का मिश्रण गलन वाली सर्दी का एहसास देगा। हल्की-मध्यम बारिश के साथ 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं। न्यूनतम तापमान में और गिरावट से सुबह-शाम कड़ाके की ठंड महसूस होगी।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>उत्तर प्रदेश का हाल</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">यूपी में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कई जिलों में मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं आंधी-तूफान जैसी स्थिति बन सकती है। 26 से 28 जनवरी के बीच बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तापमान में 3-6 डिग्री की कमी आएगी, और 26-27 जनवरी की सुबह घना कोहरा छाने के आसार हैं, जिससे विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट इन राज्यों पर</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">IMD ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर के अलावा कुछ अन्य क्षेत्रों (तमिलनाडु और पुडुचेरी सहित) में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विशेष रूप से 27 जनवरी को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर भारी हिमपात और बारिश हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 08:23:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली-NCR में घना कोहरा बना आफत...  दृश्यता शून्य, 20 से अधिक उड़ानें रद्द</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।</strong> दिल्ली-एनसीआर और देश के अन्य शहरों में घने कोहरे के कारण गुरुवार को यहां इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर 20 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं जबकि 100 से अधिक उड़ानों में देरी की सूचना है। आईजीआई हवाई अड्डे की वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली आने वाली 11 और यहां से जाने वाली भी इतनी ही उड़ानें रद्द हैं। इसके अलावा आगमन और प्रस्थान की कुल 100 से अधिक उड़ानों में देरी की सूचना है। </p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली हवाई अड्डे पर रात तीन बजे के बाद दृश्यता कम होने लगी और सुबह तक घटकर 50 मीटर रह गयी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567834/dense-fog-causes-havoc-in-delhi-ncr----visibility-zero--more-than-20-flights-cancelled"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(100)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।</strong> दिल्ली-एनसीआर और देश के अन्य शहरों में घने कोहरे के कारण गुरुवार को यहां इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर 20 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं जबकि 100 से अधिक उड़ानों में देरी की सूचना है। आईजीआई हवाई अड्डे की वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली आने वाली 11 और यहां से जाने वाली भी इतनी ही उड़ानें रद्द हैं। इसके अलावा आगमन और प्रस्थान की कुल 100 से अधिक उड़ानों में देरी की सूचना है। </p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली हवाई अड्डे पर रात तीन बजे के बाद दृश्यता कम होने लगी और सुबह तक घटकर 50 मीटर रह गयी। तड़के पांच बजे से ही उड़ानों का परिचालन कैट-3 की प्रकिया के तहत शुरू हो गया। इस दौरान सिर्फ कैट-3 उपकरणों से लैस विमान और इसके लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित पायलटों को ही लैंडिग और टेकऑफ की अनुमति होती है। </p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली के अलावा गाजियाबाद के हिंडन और चंडीगढ़ से भी कोहरे की सूचना है। विमान सेवा कंपनियों ने यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले विमान की अद्यतन स्थिति की जानकारी हासिल करने की सलाह ही है। फिलहाल दिल्ली हवाई अड्डे पर दृश्यता में सुधार हुआ है। सुबह 10.30 बजे दृश्यता 500 मीटर थी। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/567810/bone-chilling-cold-returns-to-delhi--safdarjung-records-2-9-degrees-celsius--aqi-crosses-300"><span class="t-red">दिल्ली में कड़कड़ाती ठंड की वापसी, </span>सफदरजंग में तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस, AQI 300 पार </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567834/dense-fog-causes-havoc-in-delhi-ncr----visibility-zero--more-than-20-flights-cancelled</link>
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                <pubDate>Thu, 15 Jan 2026 14:41:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम', दिल्ली के प्रदूषण के लिए सुप्रीम कोर्ट ने CAQM को लगाई फटकार, रिपोर्ट तैयार करने का दिया आदेश </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में लगातार बनी वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति से निपटने में कथित उदासीनता को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) पर कड़ी टिप्पणी करते हुए आयोग को निर्देश दिया कि वह विशेषज्ञों की एक समन्वित बैठक तत्काल बुलाए और उसके आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अदालत और जनता के समक्ष प्रस्तुत करे। </p><p style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मंगलवार को कहा कि प्रदूषण के स्रोतों और उनके अनुपातिक योगदान को लेकर विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों के बीच कोई एकरूपता नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि आईआईटी जैसे तकनीकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566616/-failed-to-fulfill-its-responsibility---supreme-court-reprimands-caqm-for-delhi-s-pollution--orders-it-to-prepare-a-report"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats60.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में लगातार बनी वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति से निपटने में कथित उदासीनता को लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) पर कड़ी टिप्पणी करते हुए आयोग को निर्देश दिया कि वह विशेषज्ञों की एक समन्वित बैठक तत्काल बुलाए और उसके आधार पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अदालत और जनता के समक्ष प्रस्तुत करे। </p><p style="text-align:justify;">मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मंगलवार को कहा कि प्रदूषण के स्रोतों और उनके अनुपातिक योगदान को लेकर विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों के बीच कोई एकरूपता नहीं है। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि आईआईटी जैसे तकनीकी संस्थानों सहित अलग-अलग विशेषज्ञ निकायों ने उत्सर्जन क्षेत्रों के योगदान को लेकर काफी भिन्न-भिन्न आकलन प्रस्तुत किए हैं। </p><p style="text-align:justify;">पीठ ने उदाहरण देते हुए कहा कि एनसीआर में बिगड़ती वायु गुणवत्ता में परिवहन और उत्सर्जन क्षेत्र का योगदान अलग-अलग आकलनों में 12 प्रतिशत से लेकर 41 प्रतिशत तक बताया गया है। अदालत ने यह भी कहा कि बीते वर्षों में कई उपाय किए जाने के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है और कुछ मामलों में स्थिति और अधिक बिगड़ी है। </p><p style="text-align:justify;">न्यायालय ने कहा कि वह लंबे समय से इस मुद्दे को समय-समय पर उठाने को मजबूर रहा है और विशेषज्ञों तथा न्यायमित्र की सहायता भी ली गयी, लेकिन इसके बावजूद कोई स्थायी सुधार नहीं दिखा। पीठ ने 17 दिसंबर 2025 के अपने पूर्व आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय सीएक्यूएम को दीर्घकालिक सुधारात्मक उपायों पर पुनर्विचार कर उन्हें रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया गया था, लेकिन आयोग ने ठोस कार्ययोजना के बजाय केवल एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल की। </p><p style="text-align:justify;">उच्चतम न्यायालय ने टिप्पणी की कि यह नोट प्राधिकरण की गंभीरता को नहीं दर्शाता और न्यायालय द्वारा उठाए गए अधिकांश मुद्दों पर मौन है। पीठ ने यह भी कहा कि सीएक्यूएम न तो वायु गुणवत्ता सूचकांक के बिगड़ने के सटीक कारणों की पहचान करने में तत्पर दिख रहा है और न ही दीर्घकालिक समाधान तैयार करने में, जिससे अदालत को दोनों प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश देने पड़े। उच्चतम न्यायालय ने विभिन्न नागरिक और वैधानिक प्राधिकरणों द्वारा दाखिल हलफनामों पर भी असंतोष जताया। </p><p style="text-align:justify;">न्यायालय ने कहा कि दिल्ली नगर निगम ने समाधान सुझाने के बजाय टोल प्लाजा को राजस्व के स्रोत के रूप में उचित ठहराने पर जोर दिया। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और गुरुग्राम मेट्रो विकास प्राधिकरण का भी पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति शुल्क के बंटवारे का मुद्दा उठाने का उल्लेख किया गया। पीठ ने याद दिलाया कि 17 दिसंबर को यातायात जाम कम करने के लिए एनसीआर में टोल प्लाजा बंद करने का सुझाव दिया गया था। </p><p style="text-align:justify;">न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह की ओर से वाहन प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन, बिजली संयंत्रों के अनुपालन, निर्माण और सड़क की धूल तथा पटाखों के उपयोग जैसे मुद्दों पर दी गई दलीलों का संज्ञान लेते हुए अदालत ने कहा कि सीएक्यूएम का दायित्व है कि वह सभी संबंधित विशेषज्ञों को एक मंच पर लाए और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर प्रदूषण के कारणों की एक समान पहचान सुनिश्चित करे। </p><p style="text-align:justify;">इसके तहत न्यायालय ने सीएक्यूएम को निर्देश दिया कि वह दो सप्ताह के भीतर चयनित विशेषज्ञों की बैठक बुलाए और उनकी निरंतर विचार-विमर्श के आधार पर वायु गुणवत्ता में गिरावट के प्रमुख कारणों की पहचान करते हुए एक रिपोर्ट प्रस्तुत करे। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि यह रिपोर्ट सार्वजनिक डोमेन में रखी जाए ताकि जन जागरूकता और भागीदारी सुनिश्चित हो सके।</p><p style="text-align:justify;"> इसके साथ ही आयोग को दीर्घकालिक समाधानों की जांच शुरू करने और उनके चरणबद्ध क्रियान्वयन की योजना बनाने को कहा गया, जिसमें प्रदूषण के सबसे अधिक योगदान देने वाले स्रोतों को प्राथमिकता दी जाए। टोल प्लाजा के मुद्दे पर पीठ ने कहा कि इस पर स्वतंत्र रूप से पुनर्विचार किया जाए । उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में लंबे स्थगन नहीं देगा और वायु प्रदूषण के मुद्दे पर लगातार निगरानी जारी रखेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566616/-failed-to-fulfill-its-responsibility---supreme-court-reprimands-caqm-for-delhi-s-pollution--orders-it-to-prepare-a-report</link>
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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 21:58:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईडी ने दिल्ली-एनसीआर में 10 ठिकानों पर मारी रेड : इंद्रजीत यादव से जुड़ी करोड़ों की अवैध कमाई का खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम/नई दिल्ली। </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने 26-27 दिसंबर को दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में कुल दस स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई इंद्रजीत सिंह यादव, उसके सहयोगी अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड तथा अन्य संबंधित संस्थाओं एवं व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">यह जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की जा रही है, जो इंद्रजीत सिंह यादव द्वारा अवैध उगाही, प्राइवेट फाइनेंसरों के जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों के बल पर धमकाने और ऐसी अवैध गतिविधियों से कमीशन कमाने से जुड़ी है। ईडी ने यह जांच</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565467/the-ed-raided-10-locations-in-delhi-ncr--uncovering-illegal-earnings-worth-crores-of-rupees-linked-to-indrajeet-yadav"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-05/ईडी.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम/नई दिल्ली। </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम जोनल ऑफिस ने 26-27 दिसंबर को दिल्ली, गुरुग्राम और रोहतक में कुल दस स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई इंद्रजीत सिंह यादव, उसके सहयोगी अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड तथा अन्य संबंधित संस्थाओं एवं व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">यह जांच प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत की जा रही है, जो इंद्रजीत सिंह यादव द्वारा अवैध उगाही, प्राइवेट फाइनेंसरों के जबरन लोन सेटलमेंट, हथियारों के बल पर धमकाने और ऐसी अवैध गतिविधियों से कमीशन कमाने से जुड़ी है। ईडी ने यह जांच हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज 15 से अधिक एफआईआर और चार्जशीट के आधार पर शुरू की है।</p>
<p style="text-align:justify;">ये मामले आर्म्स एक्ट, 1959, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए हैं। इन एफआईआर में आरोप है कि जेम रिकॉर्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड, जो जेम्स ट्यून्स के नाम से संचालित होती है, का मालिक और मुख्य नियंत्रक इंद्रजीत सिंह यादव एक कुख्यात बाहुबली है, जो हत्या, उगाही, प्राइवेट फाइनेंसरों द्वारा दिए गए कर्ज का जबरन निपटान, धोखाधड़ी, ठगी, अवैध भूमि हड़पने और अन्य हिंसक आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी के अनुसार, इंद्रजीत सिंह यादव हरियाणा में दर्ज कई मामलों में वांछित है और वर्तमान में फरार चल रहा है। एजेंसी की जांच में यह भी सामने आया है कि वह विदेश, विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था। जांच में यह खुलासा हुआ है कि अपोलो ग्रीन एनर्जी लिमिटेड और कुछ अन्य कॉर्पोरेट घरानों ने झज्जर के दिघल क्षेत्र में स्थित प्राइवेट फाइनेंसरों से बड़ी मात्रा में नकद ऋण लिया था, जिसके बदले सुरक्षा के तौर पर पोस्ट-डेटेड चेक जारी किए गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि इंद्रजीत सिंह यादव ने एक बाहुबली और जबरन वसूली करने वाले के रूप में काम करते हुए इन उच्च-मूल्य वाले प्राइवेट लोन लेनदेन और वित्तीय विवादों का जबरन सेटलमेंट करवाया। ये सेटलमेंट सैकड़ों करोड़ रुपए के थे और कथित तौर पर धमकियों, डराने-धमकाने तथा विदेशों से संचालित संगठित अपराध सिंडिकेट की मदद से किए गए। इस पूरी प्रक्रिया में सशस्त्र सहयोगियों और स्थानीय गिरोहों का इस्तेमाल किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच एजेंसी का आरोप है कि इन जबरन सेटलमेंट के बदले इंद्रजीत सिंह यादव ने संबंधित कॉर्पोरेट घरानों से कमीशन के रूप में सैकड़ों करोड़ रुपए की अवैध कमाई की। ईडी के मुताबिक, इन धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधियों से अर्जित धन का इस्तेमाल इंद्रजीत सिंह यादव ने महंगी अचल संपत्तियों, लग्जरी कारों की खरीद और ऐशो-आराम की जिंदगी जीने में किया। हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी संपत्ति और खर्चों के बावजूद उसने आयकर विभाग के समक्ष बेहद कम आय दर्शाते हुए न्यूनतम आयकर रिटर्न दाखिल किया था, जिससे उसकी अवैध कमाई को छिपाने की मंशा स्पष्ट होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">तलाशी और जब्ती अभियान के दौरान ईडी ने पांच लग्जरी कारें, बैंक लॉकर, 17 लाख रुपए नकद, कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और इंद्रजीत सिंह यादव व उसके सहयोगियों से जुड़ा अहम डिजिटल डेटा जब्त किया है। इसके अलावा, तलाशी में यह भी खुलासा हुआ है कि इंद्रजीत सिंह यादव ने कॉर्पोरेट घरानों और निजी फाइनेंसरों के बीच ऋण निपटान की प्रक्रिया को संचालित करने के लिए एक विशेष वेबसाइट और पोर्टल विकसित कर रखा था।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी ने यह भी बताया कि अपराध की कमाई से इंद्रजीत सिंह यादव और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर कई चल और अचल संपत्तियां खरीदी गई थीं। इन संपत्तियों की पहचान कर उन्हें पीएमएलए के तहत अटैच करने की प्रक्रिया पर भी विचार किया जा रहा है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है और आने वाले समय में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565467/the-ed-raided-10-locations-in-delhi-ncr--uncovering-illegal-earnings-worth-crores-of-rupees-linked-to-indrajeet-yadav</link>
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                <pubDate>Mon, 29 Dec 2025 21:22:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली में ठंड और कोहरे का असर :  100 से अधिक उड़ानें रद्द, एयरलाइंस के लिए गाइड लाइन जारी  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर तथा पूर्वी भारत के कई हिस्सों में कोहरे के कारण दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह 100 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं। इस बीच सरकार ने विमान सेवा कंपनियों को निर्देश जारी कर यात्रियों को उड़ान की वास्तविक स्थिति की सही-सही जानकारी देने और देरी की स्थिति में उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए निर्देश जारी किया है। </p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली हवाई अड्डे की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक प्रस्थान करने वाली 50 से अधिक और यहां आने वाली भी लगभग इतनी ही उड़ानों के रद्द होने की सूचना है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564215/impact-of-cold-and-fog-in-delhi--more-than-100-flights-cancelled--guidelines-issued-for-airlines"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/e-(1)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली। </strong>दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर तथा पूर्वी भारत के कई हिस्सों में कोहरे के कारण दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर शनिवार सुबह 100 से अधिक उड़ानें रद्द रहीं। इस बीच सरकार ने विमान सेवा कंपनियों को निर्देश जारी कर यात्रियों को उड़ान की वास्तविक स्थिति की सही-सही जानकारी देने और देरी की स्थिति में उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए निर्देश जारी किया है। </p>
<p style="text-align:justify;">दिल्ली हवाई अड्डे की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अब तक प्रस्थान करने वाली 50 से अधिक और यहां आने वाली भी लगभग इतनी ही उड़ानों के रद्द होने की सूचना है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली समेत उत्तर भारत और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में इन दिनों तड़के और सुबह के समय घना कोहरा बन रहा है। इससे उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शुक्रवार रात एक निर्देश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि विमान सेवा कंपनियां यात्रियों को उड़ान में देरी, समय में बदलाव या उसके रद्द होने के बारे में अग्रिम और सही-सही जानकारी देंगी। अंतिम समय में देरी की घोषणा करने पर तुरंत जानकारी देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा एक सीमा से अधिक देरी होने पर यात्रियों के जलपान की व्यवस्था करनी होगी। </p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही, रीशिड्यूलिंग की स्थिति में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। रात में निश्चित समय से ज्यादा की देरी होने पर होटल में ठहरने की व्यवस्था करनी होगी। उड़ान रद्द होने की जानकारी तय समय सीमा के बाद देने की स्थिति में पूरा रिफंड देना होगा अथवा मार्ग परिवर्तन या रीशिड्यूलिंग करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;">यात्री के समय पर चेक-इन करने की स्थिति में बोर्डिंग से मना नहीं किया जा सकेगा। इसके अलावा, पैसेंजर चार्टर के सभी नियमों का पालन करने का भी निर्देश दिया गया है जिसमें डायवर्जन, रिफंड, हर्जाना और प्राथमिकता के आधार पर चेक-इन के नियम भी शामिल हैं। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/564213/rajdhani-express-collides-with-a-herd-of-elephants-in-assam--five-coaches-including-the-engine-derail">असम में हाथियों का झुंड से टकराई राजधानी एक्सप्रेस, इंजन समेत पांच डिब्बे पटरी से उतरे </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 10:48:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संपादकीय: सुधार का विस्तार हो</title>
                                    <description><![CDATA[<p>दिल्ली-एनसीआर की दमघोंटू हवा पर न्यायालय की सक्रियता और उसके निर्देशों का स्वागत है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण हर साल दोहराई जाने वाली समस्या बन चुकी है। इसे काबू करने के लिए तत्काल जरूरी उपायों के अलावा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग दीर्घकालिक उपायों की रणनीति की समीक्षा कर उसे अभी से मजबूत करे, ताकि अगले वर्ष ऐसी स्थिति न आए।</p>
<p>सवाल यह नहीं कि अदालती आदेश के बाद दिल्ली की हवा सुधरेगी या नहीं; बड़ा प्रश्न यह है कि क्या यह सुधार टिकाऊ होगा और क्या इसका दायरा दिल्ली से आगे बढ़ेगा? क्योंकि महज दिल्ली ही देश नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564259/editorial--the-reforms-should-be-expanded"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/sampadkiy15.jpg" alt=""></a><br /><p>दिल्ली-एनसीआर की दमघोंटू हवा पर न्यायालय की सक्रियता और उसके निर्देशों का स्वागत है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रदूषण हर साल दोहराई जाने वाली समस्या बन चुकी है। इसे काबू करने के लिए तत्काल जरूरी उपायों के अलावा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग दीर्घकालिक उपायों की रणनीति की समीक्षा कर उसे अभी से मजबूत करे, ताकि अगले वर्ष ऐसी स्थिति न आए।</p>
<p>सवाल यह नहीं कि अदालती आदेश के बाद दिल्ली की हवा सुधरेगी या नहीं; बड़ा प्रश्न यह है कि क्या यह सुधार टिकाऊ होगा और क्या इसका दायरा दिल्ली से आगे बढ़ेगा? क्योंकि महज दिल्ली ही देश नहीं है। देश के दर्जनों शहर- कानपुर, लखनऊ, पटना, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद की हवा दिल्ली से कम विषैली नहीं। इन शहरों के लिए अदालत कब विचार करेगी और सरकारें कब चेतेंगी? </p>
<p>हवा को शुद्ध करने से पहले उसकी अशुद्धि मापना अनिवार्य है। देश के लगभग 50 प्रतिशत शहरों में पीएम 2.5 का मापन ही नहीं होता। 64 प्रतिशत जिले मॉनिटरिंग नेटवर्क से बाहर हैं। महानगरों में भी 22 से 55 प्रतिशत शहरी इलाके कवरेज से बाहर हैं और मात्र 2 प्रतिशत आबादी ही किसी मॉनिटरिंग स्टेशन के दो किलोमीटर के दायरे में रहती है। जब देश का दो प्रतिशत से भी कम हिस्सा सीधे मॉनिटरिंग कवरेज में हो और 10 किलोमीटर त्रिज्या जोड़ने पर भी यह हिस्सा दस प्रतिशत तक पहुंचे तो इतने कम सैंपल से राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता का आकलन कैसे विश्वसनीय होगा? 289 शहरों के मैनुअल मॉनिटरिंग स्टेशन सप्ताह में केवल दो बार एयर सैंपल लेते हैं।</p>
<p> यह तकनीकी अक्षमता नीतिगत अंधेपन को जन्म देती है। मैनुअल स्टेशनों को स्वचालित, रियल-टाइम सेंसर में बदले बिना और डेटा की गुणवत्ता सुनिश्चित किए बिना न चेतावनी समय पर जा सकती है, न उपचार सटीक होगा। आज स्थिति यह है कि देश की केवल 15 प्रतिशत आबादी ही रियल-टाइम मॉनिटरिंग के 10 किलोमीटर दायरे में है। इस कवरेज को 50 प्रतिशत तक ले जाने के लिए हजारों नए स्टेशन चाहिए और इसके लिए स्पष्ट टाइमलाइन, बजट और जवाबदेही तय करनी होगी। इस अक्षमता के चलते 85 प्रतिशत शहर समय पर एयर-क्वालिटी अलर्ट जारी करने में अक्षम हैं। </p>
<p>इसके लिए डेटा इंटीग्रेशन, नगर-स्तरीय कंट्रोल रूम, स्कूलों-अस्पतालों के लिए प्रोटोकॉल और मोबाइल-आधारित चेतावनी प्रणालियां जरूरी हैं। उतना ही जरूरी है मॉनिटरिंग स्टेशनों का नियमित ऑडिट। क्या वे तय मानक प्रोटोकॉल पर काम कर रहे हैं, सेंसर कैलिब्रेट हैं या नहीं, यह पारदर्शी ढंग से सार्वजनिक किया जाए। प्रदूषण नियंत्रण की जिम्मेदारी महज पर्यावरण मंत्रालय पर छोड़ कर वाणिज्य, ऊर्जा, स्वास्थ्य, उद्योग, रेलवे, शिक्षा और शहरी विकास मंत्रालयों की भी स्पष्ट भूमिकाएं तय होनी चाहिए। प्रदूषण कोई स्थानीय आपदा नहीं, यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल है। इसे केवल न्यायालयों के भरोसे छोड़ना शासन की विफलता मानी जाएगी। अतीत गवाह है, सुप्रीम कोर्ट या उच्च न्यायालयों की फटकार से कुछ तात्कालिक कदम उठते हैं, पर जड़ में जाकर समस्या सुलझाने की राजनीतिक-प्रशासनिक इच्छाशक्ति अक्सर कमजोर पड़ जाती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/564259/editorial--the-reforms-should-be-expanded</link>
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                <pubDate>Fri, 19 Dec 2025 08:20:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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