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                            <item>
                <title>कफ सिरप तस्करी केस : शुभम जायसवाल समेत 18 आरोपियों की बढ़ी मुश्किलें, 38,000 पेज की चार्जशीट दाखिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने भगोड़े सरगना शुभम जायसवाल समेत 18 आरोपियों के खिलाफ माननीय न्यायालय में 38,000 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी है।  दूसरी ओर, भगोड़े शुभम जायसवाल को देश लाने की कवायद भी तेजी से चल रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">कोतवाली पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री एवं तस्करी से जुड़े बड़े मामले में लगभग 38,000 पेज की चार्जशीट वाराणसी न्यायालय में दाखिल की है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। मामला थाना कोतवाली कमिश्नरेट वाराणसी में मुकदमा संख्या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579006/cough-syrup-smuggling-case--troubles-mount-for-18-accused--including-shubham-jaiswal--38-000-page-charge-sheet-filed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/cats116.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप मामले में गुरुवार को कोतवाली पुलिस ने भगोड़े सरगना शुभम जायसवाल समेत 18 आरोपियों के खिलाफ माननीय न्यायालय में 38,000 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी है।  दूसरी ओर, भगोड़े शुभम जायसवाल को देश लाने की कवायद भी तेजी से चल रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">कोतवाली पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध बिक्री एवं तस्करी से जुड़े बड़े मामले में लगभग 38,000 पेज की चार्जशीट वाराणसी न्यायालय में दाखिल की है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त वाराणसी के अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई। मामला थाना कोतवाली कमिश्नरेट वाराणसी में मुकदमा संख्या 235/2025 के तहत पंजीकृत है। </p>
<p style="text-align:justify;">आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 26(डी) के साथ ही बढ़ोत्तरी में धारा 61(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2) बीएनएस तथा एनडीपीएस एक्ट की धाराएं 8, 21, 29 और 27ए के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली एवं प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में यह चार्जशीट तैयार की गई है। इसमें कुल 18 अभियुक्त नामजद किए गए हैं, जिनमें एक फरार अभियुक्त भी शामिल है। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रमुख अभियुक्त शुभम जायसवाल को भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। अन्य प्रमुख अभियुक्तों में भोला प्रसाद जायसवाल, प्रतीक मिश्रा, विशाल कुमार सोनकर, प्रतीक कुमार, धर्मेंद्र कुमार अग्रवाल, आदित्य जायसवाल, राहुल यादव, हिमांशु कसेरा, आकाश पाठक, विकास सिंह, अंकित कुमार श्रीवास्तव, स्वप्निल केसरी, दिनेश यादव, आशीष यादव, महेश खेतान, बादल आर्या और विशाल कुमार जायसवाल शामिल हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, यह चार्जशीट व्यापक जांच और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर तैयार की गई है। अभियुक्तों पर कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े गंभीर आरोप हैं। फरार अभियुक्त शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579006/cough-syrup-smuggling-case--troubles-mount-for-18-accused--including-shubham-jaiswal--38-000-page-charge-sheet-filed</link>
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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 13:02:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : अलंकार के विरुद्ध आरोप पत्र डीएम शामली को भेजा गया</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>संतों के अपमान और यूजीसी के नए कानून का विरोध करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के विरुद्ध आरोप पत्र शामली के जिलाधिकारी को भेज दिया गया। जिलाधिकारी की ओर से तैयार किए गए आरोपपत्र को पहले शासन स्तर से अनुमोदित किया गया। इसके बाद चर्चित प्रकरण में जांच कर रहे कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी की ओर से गुरुवार को आरोपपत्र शामली डीएम को भेजा गया है।</p>
<p>दरअसल, निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री पर आरोप लगो हैं कि शासन स्तर से इस्तीफा स्वीकार होने से पहले उन्होंने एडीएम कंपाउंड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570241/charge-sheet-against-bareilly-alankar-sent-to-dm-shamli"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/281.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>संतों के अपमान और यूजीसी के नए कानून का विरोध करते हुए राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के विरुद्ध आरोप पत्र शामली के जिलाधिकारी को भेज दिया गया। जिलाधिकारी की ओर से तैयार किए गए आरोपपत्र को पहले शासन स्तर से अनुमोदित किया गया। इसके बाद चर्चित प्रकरण में जांच कर रहे कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी की ओर से गुरुवार को आरोपपत्र शामली डीएम को भेजा गया है।</p>
<p>दरअसल, निलंबित पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री पर आरोप लगो हैं कि शासन स्तर से इस्तीफा स्वीकार होने से पहले उन्होंने एडीएम कंपाउंड सरकारी आवास से जातिगत और राजनीतिक बयानबाजी कर सरकारी सेवक नियमावली के प्रावधानों का उल्लंघन किया है और बिना अनुमति भीड़ जुटाकर धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी की। शांति और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की थी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर अलंकार अग्निहोत्री ने सिटी मजिस्ट्रेट पद से अपना इस्तीफा राज्यपाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी, डीएम को ई-मेल के जरिए भेजने के बाद सरकारी आवास से पोस्टर लहराकर यूजीसी व संतों के अपमान के विरोध में केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था। दो दिन तक अफसरों ने अलंकार काे समझाने का प्रयास किया था। 26 जनवरी की रात डीएम से मिलने के बाद उन्होंने अफसरों पर कई आरोप लगाए। इसके बाद शासन ने देर रात उन्हें निलंबित कर शामली डीएम कार्यालय से संबद्ध कर दिया था। साथ ही कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी को जांच अधिकारी नामित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 08:30:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भदरसा रेप केस :  कोर्ट ने सुनाई राजू खान को 20 साल की सजा, 50 हजार जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार: </strong>पूराकलंदर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित 12 वर्षीय नाबालिग से रेप करने और पॉक्सो के तहत दोषी पाते हुए कोर्ट ने राजू खान को 20 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। उस पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की संपूर्ण रकम पीड़िता को बतौर प्रतिकार देने का आदेश हुआ है। राजू खान को सजा कितनी दी जाए। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निरुपमा विक्रम की अदालत में हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिवक्ता सईद खान, अवधेश यादव तथा कृपाल चंद्र खरे ने बताया कि पूरा कलंदर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569444/bhadarsa-rape-case--court-sentences-raju-khan-to-20-years-in-prison--imposes-a-fine-of-50-000-rupees"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(4)13.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार: </strong>पूराकलंदर थाना क्षेत्र के बहुचर्चित 12 वर्षीय नाबालिग से रेप करने और पॉक्सो के तहत दोषी पाते हुए कोर्ट ने राजू खान को 20 साल के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया है। उस पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की संपूर्ण रकम पीड़िता को बतौर प्रतिकार देने का आदेश हुआ है। राजू खान को सजा कितनी दी जाए। यह फैसला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निरुपमा विक्रम की अदालत में हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिवक्ता सईद खान, अवधेश यादव तथा कृपाल चंद्र खरे ने बताया कि पूरा कलंदर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 12 वर्षीय किशोरी के साथ गैंगरेप हुआ था। इसकी रिपोर्ट पीड़िता की मां ने 29 जुलाई 2024 को मोईद खान और राजू खान के खिलाफ घटना के ढाई माह बाद लिखाई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विवेचक ने मामले में दोनों के खिलाफ दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">गुरुवार को राजू खान को मंडल कारागार से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में लाकर अदालत के समक्ष पेश किया गया। अभियुक्त के अधिवक्ता ने मामले में सजा के बिंदु पर कोर्ट से गुजारिश की की राजू खान अभी 21 वर्ष का है। वह अत्यंत गरीब है। उसे कम से कम सजा दी जाए। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके विपरीत अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक विनोद उपाध्याय और वीरेंद्र कुमार मौर्य ने राजू के कृत्य को गंभीर और समाज के खिलाफ अपराध बताते हुए अत्यधिक सजा देने की अपील की। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने राजू को सजा सुनाई। इसके बाद सजा भुगतने का वारंट बनाकर उसे वापस जेल भेज दिया।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/569440/bharat-dwar-will-welcome-devotees-of-lord-ram----construction-underway-on-ayodhya-sultanpur-road--inauguration-in-february"><span class="t-red">राम भक्तों का अभिनंदन करेगा भरत द्वार..</span>अयोध्या- सुल्तानपुर मार्ग पर में चल रहा निर्माण, फरवरी में उद्घाटन</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569444/bhadarsa-rape-case--court-sentences-raju-khan-to-20-years-in-prison--imposes-a-fine-of-50-000-rupees</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/569444/bhadarsa-rape-case--court-sentences-raju-khan-to-20-years-in-prison--imposes-a-fine-of-50-000-rupees</guid>
                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 11:35:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज धोखाधड़ी केस : ईडी ने योगेश तिवारी के खिलाफ दाखिल किया आरोप पत्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लखनऊ की एक विशेष पीएमएलए अदालत में योगेश कुमार तिवारी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। ईडी के सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि विशेष अदालत ने आरोप पत्र का संज्ञान लिया है। यह मामला लोगों से झूठे वायदा कर कई संपत्तियां हस्तांतरित कराने और बाद में उन्हें तीसरे पक्ष को बेचने का है। </p>
<p style="text-align:justify;">ईडी ने अपनी पीएमएलए जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की झूंसी, प्रयागराज पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की है। इसमें आरोपी ने विकास परियोजना लगाने और भविष्य में वित्तीय लाभ का आश्वासन देकर शिकायतकर्ताओं से कई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568700/prayagraj-fraud-case--ed-files-chargesheet-against-yogesh-tiwari"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-04/ईडी67.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लखनऊ की एक विशेष पीएमएलए अदालत में योगेश कुमार तिवारी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। ईडी के सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि विशेष अदालत ने आरोप पत्र का संज्ञान लिया है। यह मामला लोगों से झूठे वायदा कर कई संपत्तियां हस्तांतरित कराने और बाद में उन्हें तीसरे पक्ष को बेचने का है। </p>
<p style="text-align:justify;">ईडी ने अपनी पीएमएलए जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की झूंसी, प्रयागराज पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर शुरू की है। इसमें आरोपी ने विकास परियोजना लगाने और भविष्य में वित्तीय लाभ का आश्वासन देकर शिकायतकर्ताओं से कई अचल संपत्तियां हस्तांतरित करायी। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने खुद को सफल व्यवसायी, प्रॉपर्टी डीलर और बिल्डरों तथा नौकरशाहों से संबंध रखने वाले व्यक्ति के रूप में पेश कर शिकायतकर्ता को धोखा दिया और फर्जी तरीके से बिना उचित भुगतान के पांच अचल संपत्तियां अधिग्रहित कर ली।</p>
<p style="text-align:justify;"> इनमें से तीन संपत्तियां बाद में तीसरे पक्ष को बेच दी और बिक्री की धनराशि का इस्तेमाल निजी हित में किया। ईडी ने अपराध से अर्जित 1.41 करोड़ रुपये का पता लगाया है। जांच के दौरान ईडी ने 78 लाख रुपये की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 22 Jan 2026 18:42:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लाल किला ब्लास्ट केस : ED ने कुर्क की अल फलाह विश्वविद्यालय की संपत्तियां, दाखिल किया आरोप-पत्र </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की लगभग 140 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां शुक्रवार को कुर्क कर ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके ट्रस्ट के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है। अल फलाह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय राजधानी में पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के निकट हुए कार बम विस्फोट के बाद केंद्रीय एजेंसियों की जांच के घेरे में है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी एक अंतरिम आदेश के तहत फरीदाबाद के धौज क्षेत्र</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567987/red-fort-blast-case--ed-attaches-properties-of-al-falah-university--files-charge-sheet"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/313.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हरियाणा स्थित अल फलाह विश्वविद्यालय की लगभग 140 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां शुक्रवार को कुर्क कर ली। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने अल फलाह समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी और उनके ट्रस्ट के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया है। अल फलाह विश्वविद्यालय राष्ट्रीय राजधानी में पिछले साल 10 नवंबर को लाल किले के निकट हुए कार बम विस्फोट के बाद केंद्रीय एजेंसियों की जांच के घेरे में है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जारी एक अंतरिम आदेश के तहत फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित विश्वविद्यालय की 54 एकड़ भूमि, विश्वविद्यालय की इमारतों, विभिन्न स्कूलों और विभागों से संबंधित इमारतों और छात्रावासों को कुर्क कर लिया गया है। 'पीटीआई' ने इस सप्ताह की शुरुआत में सबसे पहले यह खबर दी थी कि ईडी अल फलाह ट्रस्ट के स्वामित्व वाली इन संपत्तियों को ''अपराध से अर्जित आय'' के रूप में वर्गीकृत करते हुए इन्हें कुर्क करने जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">सिद्दीकी को नवंबर में ईडी ने उनके ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों के छात्रों के साथ धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन के आरोपों में गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने दावा किया कि शिक्षण संस्थानों के पास शिक्षण के लिए आवश्यक वैध मान्यता नहीं थी। अधिकारियों ने बताया कि पीएमएलए की विशेष अदालत में सिद्दीकी और अल फलाह ट्रस्ट के खिलाफ भी आरोप-पत्र दायर किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि दोनों को आरोपी बनाकर अदालत में पेश किया गया है और ईडी ने धनशोधन रोधी कानून के तहत उन पर मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है। 'अपराध से अर्जित' धन संपत्तियों को नष्ट होने, बेचे जाने या लेन-देन में इस्तेमाल होने से रोकने के लिए पीएमएलए के तहत कुर्की की जाती है। अधिकारियों ने बताया था कि अस्थायी कुर्की की कार्यवाही पूरी होने के बाद सरकार की ओर से नियुक्त 'रिसीवर' को अल फलाह विश्वविद्यालय परिसर का प्रशासन सौंपा जा सकता है, जिससे आपराधिक कार्रवाई और अभियोग जारी रहने के बावजूद छात्रों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी ने नवंबर 2025 में अदालत से सिद्दीकी की रिमांड का अनुरोध करते हुए कहा था कि विश्वविद्यालय और उसके संचालक ट्रस्ट ने सिद्दीकी के निर्देश पर मान्यता प्राप्त होने का झूठे दावा किया, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र दाखिला लें और इस तरह उसने छात्रों तथा उनके अभिभावकों से "बेईमानी" से कम से कम 415.10 करोड़ रुपये की "अपराध की आय" अर्जित की। </p>
<p style="text-align:justify;">अल फलाह विश्वविद्यालय उस "सफेदपोश" आतंकवादी मॉड्यूल के खिलाफ जांच के दौरान सुर्खियों में आया है, जिसके सिलसिले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन चिकित्सकों सहित कम से कम 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। अल फलाह मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर उमर उन नबी ने पिछले साल 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के निकट विस्फोटकों से भरी कार में विस्फोट कर दिया था, जिससे 15 लोगों की मौत हो गई थी।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 19:04:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: पुलिस ने एक माह में अदालत में दाखिल कीं 2314 चार्जशीट व फाइनल रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर जिले भर में एक महीने के अंदर अदालत में 2314 चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट दाखिल की गई हैं। इसके लिए जिले भर में अभियान चलाया गया। जिससे थानों में धूल खा रही फाइलें अदालत तक पहुंचीं, इससे अपराधियों को जल्द सजा दिलाने में काफी मदद मिलेगी।</p>
<p>एसएसपी ने बताया कि जिलेभर में पुलिस ने अभियान चलाकर पुलिस स्तर पर लंबित चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट को न्यायालय में दाखिल कर दिया। एसएसपी ने एसपी, सर्किल और थाना स्तर पर अभियान की समीक्षा की। एसपी उत्तरी के यहां 1395, नगर में 595 और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564391/the-police-filed-2314-charge-sheets-and-final-reports-in-court-within-one-month"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/charg.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर जिले भर में एक महीने के अंदर अदालत में 2314 चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट दाखिल की गई हैं। इसके लिए जिले भर में अभियान चलाया गया। जिससे थानों में धूल खा रही फाइलें अदालत तक पहुंचीं, इससे अपराधियों को जल्द सजा दिलाने में काफी मदद मिलेगी।</p>
<p>एसएसपी ने बताया कि जिलेभर में पुलिस ने अभियान चलाकर पुलिस स्तर पर लंबित चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट को न्यायालय में दाखिल कर दिया। एसएसपी ने एसपी, सर्किल और थाना स्तर पर अभियान की समीक्षा की। एसपी उत्तरी के यहां 1395, नगर में 595 और दक्षिणी में 324 आरोपपत्र व अंतिम रिपोर्ट पुलिस स्तर पर लंबित थे। </p>
<p>इसी तरह सर्किल स्तर पर बहेड़ी में 867, हाइवे में 406 और नगर तृतीय में 280 आरोप पत्र व अंतिम रिपोर्ट लंबित थीं। इसके अलावा थाना स्तर पर इज्जतनगर में 127, फतेहगंज पश्चिमी में 120, बारादरी में 147, देवरनियां में 148, शेरगढ़ मे 170, भोजीपुरा में 188 और बहेड़ी में 510 आरोपपत्र व अंतिम रिपोर्ट लंबित थी। इन सभी को अभियान के दौरान न्यायालय में दाखिल कराया गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 13:29:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: मौलाना तौकीर समेत 46 आरोपियों के खिलाफ तीन और चार्जशीट दाखिल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के इशारे पर 26 सितंबर को पुलिस पर पथराव कर फायरिंग करने और पेट्रोल बम फेंकने के मामले में प्रेमनगर, किला और कैंट थाने में दर्ज तीनों मुकदमों में 37 लोगों को नामजद किया गया था, लेकिन विवेचना के बाद 46 लोगों के विरुद्ध चार्जशीट मंगलवार को कोर्ट में दाखिल कर दी गई।</p>
<p>आईएमसी प्रमुख तौकीर रजा ने आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर 26 सितंबर को लोगों को इस्लामिया ग्राउंड में एकत्रित होने के लिए कॉल किया था। इस्लामिया ग्राउंड में बड़ी संख्या में सभी लोग पहुंचे थे। प्रशासन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563852/three-more-charge-sheets-have-been-filed-against-46-accused--including-maulana-tauqeer"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/tt.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के इशारे पर 26 सितंबर को पुलिस पर पथराव कर फायरिंग करने और पेट्रोल बम फेंकने के मामले में प्रेमनगर, किला और कैंट थाने में दर्ज तीनों मुकदमों में 37 लोगों को नामजद किया गया था, लेकिन विवेचना के बाद 46 लोगों के विरुद्ध चार्जशीट मंगलवार को कोर्ट में दाखिल कर दी गई।</p>
<p>आईएमसी प्रमुख तौकीर रजा ने आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर 26 सितंबर को लोगों को इस्लामिया ग्राउंड में एकत्रित होने के लिए कॉल किया था। इस्लामिया ग्राउंड में बड़ी संख्या में सभी लोग पहुंचे थे। प्रशासन ने उन्हें प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं दी थी। तौकीर ने वीडियो जारी कर लोगों को उकसाने का काम किया था। इसके बाद पुलिस पर पथराव कर फायरिंग की गई थी। इसकी शुरुआत इस्लामिया ग्राउंड के पास खलील तिराहे से हुई थी। बवालियों ने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर न सिर्फ जानलेवा हमला किया, बल्कि उनके हथियार तक लूट लिए गए थे।</p>
<p>बवालियों के खिलाफ दरोगा रोहित ने कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें 10 लोगों को नामजद करने के साथ ही कुछ अज्ञात को भी शामिल किया गया था। इस मामले की विवेचना एसएसआई कृष्ण कुमार ने की। इसमें उन्होंने 17 बवालियों को आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इसमें मौलाना तौकीर रजा, नफीस, फरहान रजा, सफी उर्फ सफीले अहमद, फैजल नवी, अफजाल बेग, मुनीर इदरीशी, अनीस सकलैनी, मोईन खान, नदीम खान, नफीस, मुहम्मद महताब, फैजान, मोईन उर्फ सजले, जाकि, आरिफ और फरहद को शामिल किया है।</p>
<p>प्रेमनगर में दरोगा प्रमोद कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया। इसमें 24 लोगों को नामजद करते हुए कई को अज्ञात में शामिल किया गया। इस मुकदमे की विवेचना इंस्पेक्टर क्राइम प्रमोद कुमार ने की। उन्होंने इस मुकदमे में 22 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की। इसमें मौलाना तौकीर रजा, इम्तियाज अली, मुहम्मद इमरान, मुसीर आलम, फिरोज हुसैन, अनवर हुसैन, आशिफ, समीर अली, अमान हुसैन, कसान हुसैन, फैजान सकलैनी, मुनीर इदरीशी, नदीम खां, नफीस खां, फरहान खां, फैजूल नबी खां, अनीस सकलैनी, आरिफ, जुनैद अली खां, अफजाल बेग, फरहत, और शीफले उर्फ सफी अहमद को आरोपी बनाया गया है। किला थाने में दर्ज उपद्रव के मुकदमे को दरोगा राहुल ने लिखाया था। इसमें तीन लोगों को नामजद करते हुए कुछ अज्ञात को आरोपी बनाया गया था। इस मामले की विवेचना एसएसआई हेमराज ने की। उन्होंने अभी तक सात लोगों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563852/three-more-charge-sheets-have-been-filed-against-46-accused--including-maulana-tauqeer</link>
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                <pubDate>Wed, 17 Dec 2025 12:06:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> नेशनल हेराल्ड मामला : ईडी का बड़ा फैसला, सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ नए सिरे से आरोप पत्र दाखिल करेगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नेशनल हेराल्ड धनशोधन मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई नवीनतम प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ-साथ अन्य लोगों के खिलाफ नया आरोप पत्र दाखिल करेगा। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इससे पहले दिन में, यहां की एक निचली अदालत ने अप्रैल में ईडी द्वारा सोनिया-राहुल गांधी के साथ-साथ कुछ अन्य लोगों के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि इस मामले में दाखिल आरोपपत्र एक निजी व्यक्ति की शिकायत पर की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563776/national-herald-case--ed-takes-major-decision--will-file-fresh-chargesheet-against-sonia-and-rahul-gandhi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/ed.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नेशनल हेराल्ड धनशोधन मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई नवीनतम प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ-साथ अन्य लोगों के खिलाफ नया आरोप पत्र दाखिल करेगा। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इससे पहले दिन में, यहां की एक निचली अदालत ने अप्रैल में ईडी द्वारा सोनिया-राहुल गांधी के साथ-साथ कुछ अन्य लोगों के खिलाफ दाखिल आरोप पत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि इस मामले में दाखिल आरोपपत्र एक निजी व्यक्ति की शिकायत पर की गई जांच पर आधारित है, न कि किसी मूल अपराध से संबंधित प्राथमिकी पर। उन्होंने कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इस पर संज्ञान लेना स्वीकार्य नहीं है। अधिकारियों ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि ईडी सॉलिसिटर जनरल (एसजी) या अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) से राय लेने के बाद विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने के आदेश के खिलाफ अपील दायर कर सकती है। </p>
<p style="text-align:justify;">अदालत के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने इसे जीत करार दिया और आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार की ‘‘अवैधता’’ और उसके ‘‘राजनीतिक रूप से प्रेरित अभियोजन’’ का पूरी तरह से पर्दाफाश हो गया है। अधिकारियों ने कहा कि अदालत ने ईडी ईसीआईआर (प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट) को रद्द नहीं किया है, जो पीएमएलए में पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के समकक्ष है। इसे 30 मई, 2021 को दायर किया गया था और इस पर पूरा मामला आधारित है। इसी ईसीआईआर के आधार पर ईडी ने आरोप पत्र दाखिल किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें आरोप लगाया गया था कि गांधी परिवार ने व्यक्तिगत लाभ के लिए अपने पद का ‘‘दुरुपयोग’’ किया और सोनिया-राहुल गांधी के ‘‘स्वामित्व वाली’’ निजी कंपनी यंग इंडियन (वाईआई) ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों का मात्र 50 लाख रुपये में ‘‘अधिग्रहण’’ कर लिया, जो कि इसके वास्तविक मूल्य का काफी कम आंकलन था। </p>
<p style="text-align:justify;">एजेएल नेशनल हेराल्ड अखबार और वेब पोर्टल का प्रकाशक है और यह यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में है। अधिकारियों ने बताया कि नेशनल हेराल्ड मामले में ईडी की 2021 की ईसीआईआर (प्राथमिकी)यथावत है। अदालत ने केवल इतना कहा है कि आरोपपत्र का संज्ञान लेना अनुचित है। उन्होंने बताया कि एजेंसी ने अपने मामले और जांच को मजबूत कानूनी आधार पर बनाए रखने के लिए पुलिस की आर्थिक अपराधा शाखा (ईओडब्ल्यू) की तीन अक्टूबर की प्राथमिकी को अपनी मौजूदा ईसीआईआर में मिला दिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने एजेंसी को बताया कि एजेंसी ने इस मामले में जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजी ‘‘सबूत’’ सितंबर में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के साथ साझा किए थे, जो तीन अक्टूबर को पुलिस द्वारा आपराधिक शिकायत दर्ज करने का आधार बने। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा मामले में आरोप पत्र दाखिल किये जाने के बाद ईडी अपने स्तर पर नया आरोप पत्र दाखिल करेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि ईडी नया आरोप पत्र दाखिल करने से पहले आरोपियों से दोबारा पूछताछ कर सकती है। जांच एजेंसी के मुताबिक यंग इंडियन की बहुमत हिस्सेदारी गांधी परिवार के सदस्यों (प्रत्येक के पास 38 प्रतिशत शेयर हैं)के अलावा कुछ अन्य लोगों के पास है जिनसे कुछ साल पहले घंटों पूछताछ की गई थी। </p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी ने धनशोधन रोधी विरोधी कानून के तहत इस जांच के हिस्से के रूप में कुर्क की गई एजेएल की 751.91 करोड़ रुपये की संपत्ति का नियंत्रण लेने के लिए फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं की है। पीएमएलए के न्याय निर्णायक प्राधिकरण ने इस अंतरिम कुर्की आदेश को बरकरार रखा है और यह समझा जाता है कि दो आरोपपत्र (ईओडब्ल्यू और ईडी) दाखिल होने के बाद ईडी संपत्तियों को कब्जे में लेने की प्रक्रिया शुरू करेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस (ईओडब्ल्यू) ने तत्कालीन भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 403 (संपत्ति का बेईमानी से दुरुपयोग), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाए हैं और सोनिया गांधी, राहुल गांधी, कांग्रेस नेता सुमन दुबे और सैम पित्रोदा, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज लिमिटेड जैसी संस्थाओं, डोटेक्स के प्रवर्तक सुनील भंडारी, एजेएल और अज्ञात अन्य लोगों को नामजद किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी ने भी अपने आरोप पत्र में इन सभी को आरोपी बनाया जिसपर अदालत ने मंगलवार को संज्ञान में लेने से इनकार कर दिया। ईओडब्ल्यू ने अपनी जांच शुरू कर दी है और ऐसी खबरें हैं कि उसने हाल ही में कर्नाटक कांग्रेस के नेता और उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार को नोटिस जारी किया है। ईडी ने इस मामले में कथित अपराध से प्राप्त धनराशि (पीएमएलए के तहत अवैध धन) 988.03 करोड़ रुपये आंकी है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563776/national-herald-case--ed-takes-major-decision--will-file-fresh-chargesheet-against-sonia-and-rahul-gandhi</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 19:09:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहलगाम आतंकी हमला : एनआईए ने दाखिल किया 1597 पन्नों का आरोपपत्र, जानें क्या-क्या हुआ खुलासा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जम्मू,। </strong>राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने इस साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मामले में सोमवार को सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, जिनमें पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटीटी) और उसके मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) के सदस्य और पड़ोसी देश में मौजूद उनका आका भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपपत्र में पाकिस्तान की साजिश, आरोपियों की भूमिका और मामले को साबित करने में सहायक साक्ष्यों का विस्तृत विवरण दिया गया है और इसमें प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा/टीआरएफ को पहलगाम हमले की साजिश रचने, साजो-सामान मुहैया कराने और उसे अंजाम देने में उसकी भूमिका के लिए एक कानूनी इकाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563641/pahalgam-terrorist-attack--nia-files-1597-page-charge-sheet--here-s-what-has-been-revealed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/cats93.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जम्मू,। </strong>राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने इस साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मामले में सोमवार को सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, जिनमें पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटीटी) और उसके मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) के सदस्य और पड़ोसी देश में मौजूद उनका आका भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपपत्र में पाकिस्तान की साजिश, आरोपियों की भूमिका और मामले को साबित करने में सहायक साक्ष्यों का विस्तृत विवरण दिया गया है और इसमें प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा/टीआरएफ को पहलगाम हमले की साजिश रचने, साजो-सामान मुहैया कराने और उसे अंजाम देने में उसकी भूमिका के लिए एक कानूनी इकाई के तौर पर आरोपित किया गया है। पहलगाम हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू संचालक मारे गए। </p>
<p style="text-align:justify;">आतंकवाद रोधी एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘पाकिस्तान में बैठे आका साजिद जट्ट को भी जम्मू स्थित विशेष एनआईए न्यायालय में दाखिल 1,597 पृष्ठों के आरोपपत्र में बतौर आरोपी नामजद किया गया है।’’ एनआईए द्वारा दाखिल आरोप पत्र में उन तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें घातक आतंकी हमले के 99 दिन बाद 29 जुलाई को श्रीनगर के दाचीगाम में ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान सेना ने मार गिराया था। </p>
<p style="text-align:justify;">तीनों की पहचान फैसल जट्ट उर्फ ​​सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ ​​जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है। एनआईए ने अपने आरोपपत्र में आरोपियों के खिलाफ भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धारा भी लगाई है। बयान के मुताबिक, एनआईए ने लगभग आठ महीने तक चली विस्तृत वैज्ञानिक जांच के माध्यम से पता लगाया कि इस पूरी साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं, जो भारत के खिलाफ आतंकवाद को लगातार प्रायोजित कर रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">बयान के मुताबिक, आतंकवादियों को पनाह देने के आरोप में एनआईए द्वारा 22 जून को गिरफ्तार परवेज अहमद और बशीर अहमद जोथर के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया है। बयान के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हमले में संलिप्त तीन सशस्त्र आतंकवादियों की पहचान उजागर की और यह भी पुष्टि की कि वे प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563641/pahalgam-terrorist-attack--nia-files-1597-page-charge-sheet--here-s-what-has-been-revealed</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 19:52:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पाकिस्तानी आतंकियों की साजिश होगी बेनकाब,  पहलगाम आतंकवादी हमले में NIA दाखिल करेगी आरोप पत्र </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) पहलगाम आतंकवादी हमले के मामले में आज यानी सोमवार को आरोपपत्र दाखिल करेगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पाकिस्तान के आतंकवादियों द्वारा 22 अप्रैल को पहलगाम में किए गए हमले में 26 लोग मारे गए थे। एनआईए की जांच के दौरान हमले में तीन आतंकवादियों की प्रत्यक्ष संलिप्तता सामने आई है। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवाद निरोधक एजेंसी सोमवार को जम्मू की एनआईए विशेष अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत करेगी।</p>
<p>एनआईए ने जून में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। इन व्यक्तियों पर उन तीन आतंकवादियों को शरण देने का आरोप है जिन्हें जुलाई में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563526/the-conspiracy-of-pakistani-terrorists-will-be-exposed--nia-will-file-charge-sheet-in-pahalgam-terrorist-attack"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(2)9.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) पहलगाम आतंकवादी हमले के मामले में आज यानी सोमवार को आरोपपत्र दाखिल करेगा। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पाकिस्तान के आतंकवादियों द्वारा 22 अप्रैल को पहलगाम में किए गए हमले में 26 लोग मारे गए थे। एनआईए की जांच के दौरान हमले में तीन आतंकवादियों की प्रत्यक्ष संलिप्तता सामने आई है। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवाद निरोधक एजेंसी सोमवार को जम्मू की एनआईए विशेष अदालत में आरोपपत्र प्रस्तुत करेगी।</p>
<p>एनआईए ने जून में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। इन व्यक्तियों पर उन तीन आतंकवादियों को शरण देने का आरोप है जिन्हें जुलाई में भारतीय सेना ने मार गिराया था। गिरफ्तार किए गए दो व्यक्तियों – परवेज अहमद जोथर (बटकोट) और बशीर अहमद जोथर (पहलगाम) – ने इन तीन हमलावरों की पहचान पाकिस्तान के नागरिकों के रूप में की थी जो प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबंधित थे।</p>
<p>एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि इन दोनों ने आतंकवादियों को भोजन, आश्रय और साजो-सामान संबंधी अन्य सहायता प्रदान की थी। उन्होंने बताया कि ये तीनों आतंकवादी 28 जुलाई को श्रीनगर के बाहरी इलाके में 'ऑपरेशन महादेव' नाम से की गई मुठभेड़ में मारे गए थे। लश्कर-ए-तैयबा के ये आतंकवादी पहलगाम हमले के बाद से दाचीगाम-हरवन जंगल क्षेत्र में छिपे हुए थे। पहलगाम हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने सात मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इस अभियान को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया गया। इस अभियान में लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालयों और प्रशिक्षण केंद्रों सहित उन नौ स्थानों को निशाना बनाया गया था, जिनसे भारत के खिलाफ आतंकवादी हमलों की योजना बनाई जाती थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 08:37:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: पुलिस पर फायरिंग कर पेट्रोल बम फेंकने में 12 पर चार्जशीट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के इशारे पर 26 सितंबर को पुलिस पर पथराव कर फायरिंग करने और पेट्रोल बम फेंकने के मामले में मठ चौकी प्रभारी विक्रांत तोमर की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मौलाना तौकीर रजा समेत 12 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। पुलिस ने मुकदमे में मौलाना तौकीर रजा समेत तीन आरोपियों को नामजद करते हुए 125 अज्ञात बवालियों को आरोपी बनाया था। विवेचना के दौरान नौ और बवालियों के नाम प्रकाश में आए हैं। दावा है कि मौलाना प्रकरण में सभी मुकदमों में जल्द</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563349/twelve-people-have-been-charged-for-firing-at-police-and-throwing-petrol-bombs"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/tauqeer1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां के इशारे पर 26 सितंबर को पुलिस पर पथराव कर फायरिंग करने और पेट्रोल बम फेंकने के मामले में मठ चौकी प्रभारी विक्रांत तोमर की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में मौलाना तौकीर रजा समेत 12 आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। पुलिस ने मुकदमे में मौलाना तौकीर रजा समेत तीन आरोपियों को नामजद करते हुए 125 अज्ञात बवालियों को आरोपी बनाया था। विवेचना के दौरान नौ और बवालियों के नाम प्रकाश में आए हैं। दावा है कि मौलाना प्रकरण में सभी मुकदमों में जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी।</p>
<p>दरअसल, 26 सितंबर को आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर तौकीर रजा ने लोगों को इस्लामियां ग्राउंड में एकत्रित होने के लिए कॉल किया था। तौकीर ने लोगों से अपील की थी कि इस्लामिया ग्राउंड में बड़ी संख्या में सभी लोग पहुंचे। वहीं प्रशासन ने उन्हें प्रोटेस्ट की अनुमति नहीं दी थी। अनुमति नहीं मिलने के बाद भी तौकीर ने पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती दी थी। तौकीर ने वीडियो जारी कर लोगों को उकसाने का काम किया था। उन्होंने कहा था कि अगर हमारे लोगों को इस्लामिया ग्राउंड आने से रोका गया तो इसका अंजाम बुरा होगा। इसके बाद पुलिस पर पथराव कर फायरिंग की गई थी। इसकी शुरुआत इस्लामिया ग्राउंड के पास खलील तिराहे से हुई थी। चौकी प्रभारी विक्रांत तोमर ने दर्ज कराए मुकदमे में बताया कि इस्लामियां कॉलेज पर भीड इकट्ठा होकर शांति व्यवस्था खराब कर रही थी। पुलिस ने सबसे अपील भी किया कि लोग अपने-अपने घर जाएं। इस पर भीड़ में शामिल उपद्रवी उत्तेजित होने लगे और कहने लगे कि मौलाना तौकीर रजा और नदीम खां ने इस्लामियां ग्राउंड में बुलाया है। अगर किसी को रोका तो यहीं पर बहुत बड़ा प्रदर्शन शुरू कर देंगे।</p>
<p>एफआईआर में कहा गया था कि इस दौरान सरकार विरोधी नारों के साथ आपत्तिजनक नारे गुस्ताखे नबी की एक ही सजा सर तन से जुदा सर तन से जुदा के नारे लगाए गए। जब पुलिस ने उन्हें रोकना चाहा तो फायरिंग और पेट्रोल बम से हमला किया गया। गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। इसमें 22 पुलिसकर्मी भी घायल हुए। पुलिस ने विवेचना के बाद तौकीर रजा, नदीम खां, रईस, फैजुल नवी, आरिफ, अनिस, अफजाल, मुनीर शाफिल, फरहत, नफीस और फरहान के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। इनमें मौलाना तौकीर रजा, नदीम खां और मोहम्मद रईस को नामजद किया गया था। इसके अलावा अन्य सभी का नाम विवेचना में बढ़ाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563349/twelve-people-have-been-charged-for-firing-at-police-and-throwing-petrol-bombs</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 10:05:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केवल बातचीत से बहलाने का आरोप साबित नहीं होता: हाईकोर्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक किशोरी के कथित अपहरण से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि केवल पीड़िता से बातचीत करना ही ऐसा तथ्य नहीं है, जिसे बहला-फुसलाकर ले जाना माना जाए। पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में अभियोजन ने केवल दो प्रत्यक्षदर्शी गवाहों का नाम दिया है—पहला शिकायतकर्ता स्वयं और दूसरा पीड़िता की माता । इन दोनों ने यह नहीं बताया कि अभियुक्त किस प्रकार पीड़िता को बहलाकर ले गया। केवल किसी से बातचीत करने से अगर पीड़िता घर छोड़ दे, तो वह दंडनीय अपराध नहीं बनता।</p>
<p>इसके अलावा कोर्ट ने वर्तमान मामले में अभियुक्त के खिलाफ आईपीसी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553420/the-allegation-of-seduction-by-mere-conversation-is-not-proved--high-court"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/इलाहाबाद-हाईकोर्ट-प्रयागराज-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक किशोरी के कथित अपहरण से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि केवल पीड़िता से बातचीत करना ही ऐसा तथ्य नहीं है, जिसे बहला-फुसलाकर ले जाना माना जाए। पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में अभियोजन ने केवल दो प्रत्यक्षदर्शी गवाहों का नाम दिया है—पहला शिकायतकर्ता स्वयं और दूसरा पीड़िता की माता । इन दोनों ने यह नहीं बताया कि अभियुक्त किस प्रकार पीड़िता को बहलाकर ले गया। केवल किसी से बातचीत करने से अगर पीड़िता घर छोड़ दे, तो वह दंडनीय अपराध नहीं बनता।</p>
<p>इसके अलावा कोर्ट ने वर्तमान मामले में अभियुक्त के खिलाफ आईपीसी की धारा 363(अपहरण के लिए दंड) के तहत दर्ज मुकदमे पर विचार करते हुए उक्त धारा के संबंध में स्पष्ट किया कि धारा 361(अपहरण) तभी प्रभावी होगी, जब नाबालिग को विधिसम्मत अभिभावक की अभिरक्षा से बिना सहमति के बाहर ले जाया जाए अथवा उसे कोई प्रलोभन, वादा, प्रस्ताव या प्रोत्साहन दिया जाए, जिसके फलस्वरूप वह अभिभावकत्व से बाहर चला जाए, लेकिन यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है कि नाबालिग स्वेच्छा और अपने विवेक से अभिभावकत्व छोड़ दे, तो ऐसी परिस्थिति में इस धारा की प्रयोज्यता समाप्त हो जाती है।</p>
<p>उक्त आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी.चौहान की एकलपीठ ने हिमांशु दूबे की याचिका स्वीकार करते हुए पारित किया, जिसमें आवेदक ने आरोप पत्र और पूरी कार्यवाही रद्द करने की मांग की है। मामले के अनुसार गऊरीबाजार थाना क्षेत्र, देवरिया की एक 16 वर्षीय किशोरी को बहलाकर ले जाने के आरोप में याची के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज कराई गई। किशोरी के चाचा द्वारा 25 दिसंबर 2020 को दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया कि उसकी भतीजी को आरोपी बहला-फुसलाकर ले गया।</p>
<p>घटना 24 दिसंबर की बताई गई, जबकि रिपोर्ट 24 घंटे बाद दर्ज हुई और विलंब का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। जांच में सामने आया कि किशोरी ने अपने बयान (सीआरपीसी की धारा 161 व 164) में कहा है कि वह परिवार वालों की मारपीट और बिजली के झटके देने से परेशान होकर 23 दिसंबर को खुद ही घर छोड़कर बस से सीवान चली गई थी।</p>
<p>उसने स्पष्ट किया कि आरोपी ने कोई जबरदस्ती या शारीरिक शोषण नहीं किया, जबकि किशोरी की मां के अनुसार उनकी बेटी अभियुक्त से मोबाइल पर बात करती थी और शादी करना चाहती थी। रोक-टोक के कारण ही वह घर से चली गई। याची के अधिवक्ता का तर्क है कि यह मामला पारिवारिक दबाव का परिणाम है और किशोरी अपनी मर्जी से घर छोड़कर चली गई थी, इसलिए आईपीसी की धारा 363 के तहत दर्ज मुकदमा निराधार है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 21:41:10 +0530</pubDate>
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