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                <title>Mahatma Gandhi - Amrit Vichar</title>
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                <description>Mahatma Gandhi RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पीएम मोदी ने की ऑस्ट्रियाई चांसलर से बात :  व्यापार, निवेश और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर सहयोग बढ़ाने पर फोकस</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में व्यापार, निवेश, ग्रीन टेक्नोलॉजी और जरूरी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर फोकस किया गया। पीएम मोदी से मुलाकात से पहले ऑस्ट्रिया के चांसलर ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। </p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने बापू और उनके आदर्शों को याद करते हुए राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, पुष्पांजलि अर्पित की और गांधीजी के शांति,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578890/pm-modi-speaks-with-austrian-chancellor--focus-on-enhancing-cooperation-in-trade--investment--and-green-technology"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/075.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर ने गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में एक द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में व्यापार, निवेश, ग्रीन टेक्नोलॉजी और जरूरी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर फोकस किया गया। पीएम मोदी से मुलाकात से पहले ऑस्ट्रिया के चांसलर ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। </p>
<p style="text-align:justify;">विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, "ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने बापू और उनके आदर्शों को याद करते हुए राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी, पुष्पांजलि अर्पित की और गांधीजी के शांति, अहिंसा और वैश्विक सद्भाव के हमेशा रहने वाले संदेश पर विचार किया।" </p>
<p style="text-align:justify;">भारत की पहली यात्रा पर स्टॉकर बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे थे। यह 2025 में पद संभालने के बाद एशिया का उनका पहला आधिकारिक दौरा भी है, जिसका मकसद व्यापार, निवेश और उभरती टेक्नोलॉजी सहित प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ऑस्ट्रियाई चांसलर से मुलाकात की थी और भरोसा जताया कि गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली उनकी बातचीत से दोनों देशों के बीच ज्यादा सहयोग के नए रास्ते खुलेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले दिन में क्रिश्चियन स्टॉकर ने भारत की विकास यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि देश बुनियादी ढांचे और प्रौद्योगिकी में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि भारत यूरोपीय संघ के लिए दक्षिण एशिया में सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है।</p>
<p style="text-align:justify;">क्रिश्चियन स्टॉकर ने भारत पहुंचने के बाद एक्स पर लिखा, “भारत लगभग 7 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, बुनियादी ढांचे और तकनीक में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है। ऑस्ट्रिया जैसे छोटे लेकिन अत्यधिक नवोन्मेषी निर्यातक देश के लिए यह एक बड़ा अवसर है, जिसे हम सक्रिय रूप से अपनाना चाहते हैं।”</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होने कहा, “वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में मजबूत साझेदारियां ही आर्थिक सफलता की कुंजी हैं। इसी कारण मैं अगले तीन दिनों के लिए नई दिल्ली में हूं, ताकि ठोस ढांचा तैयार किया जा सके जिससे ऑस्ट्रियाई कंपनियां नई साझेदारियों, सहयोग और बेहतर बाजार पहुंच के जरिए इस विकास का लाभ उठा सकें।”</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Apr 2026 14:16:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>18 मार्च : प्रगति मैदान में पहली बार लगा पुस्तक मेला </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्लीः </strong>किताबों को इंसान का सबसे अच्छा दोस्त कहा जाता है। भारत में अच्छे लेखकों की कभी कमी नहीं रही और दुनियाभर की किताबें पाठकों तक पहुंचें इस इरादे से भारत में 1972 में पहली बार विश्व पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। अठारह मार्च से चार अप्रैल तक राष्ट्रीय राजधानी के प्रगति मैदान में लगाए गए इस मेले में 200 से अधिक प्रकाशकों ने भाग लिया और तत्कालीन राष्ट्रपति वी.वी. गिरि ने इसका उद्घाटन किया। </p><p>एक अन्य घटना की बात करें तो 18 तारीख का दिन इतिहास में हिंदी फिल्म अभिनेता और निर्माता शशि कपूर के जन्मदिन के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575547/march-18--book-fair-held-for-the-first-time-at-pragati-maidan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(33)7.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्लीः </strong>किताबों को इंसान का सबसे अच्छा दोस्त कहा जाता है। भारत में अच्छे लेखकों की कभी कमी नहीं रही और दुनियाभर की किताबें पाठकों तक पहुंचें इस इरादे से भारत में 1972 में पहली बार विश्व पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। अठारह मार्च से चार अप्रैल तक राष्ट्रीय राजधानी के प्रगति मैदान में लगाए गए इस मेले में 200 से अधिक प्रकाशकों ने भाग लिया और तत्कालीन राष्ट्रपति वी.वी. गिरि ने इसका उद्घाटन किया। </p><p>एक अन्य घटना की बात करें तो 18 तारीख का दिन इतिहास में हिंदी फिल्म अभिनेता और निर्माता शशि कपूर के जन्मदिन के तौर पर भी दर्ज है। पद्भभूषण और दादा साहब फाल्के अवार्ड से सम्मानित शशि कपूर का जन्म 18 मार्च, 1938 को कोलकाता में हुआ था। शशि कपूर ने एक ओर मसाला फिल्मों में अभिनय किया, तो दूसरी तरफ विकसित हो रहे समानांतर सिनेमा आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने रंगमंच के कलाकारों के लिए पृथ्वी थियेटर को नया आयाम दिया। चार दिसंबर 2017 को शशि कपूर का निधन हुआ। देश दुनिया के इतिहास में 18 मार्च की तारीख पर दर्ज कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- </p><p><strong>1801 : </strong>भारत में हथियार बनाने का पहला कारखाना स्थापित किया गया। </p><p><strong>1858 :</strong> डीजल इंजन के खोजकर्ता रूडोल्फ डीजल का जन्म।</p><p><strong> 1915 : </strong>डिफेंस ऑफ इंडिया एक्ट को मंजूरी दी गई। </p><p><strong>1919 : </strong>रॉलेट एक्ट पारित किया गया और इसने 1915 में पारित डिफेंस ऑफ इंडिया एक्ट की जगह ली। इसके जरिए भारतीयों के नागरिक और राजनीतिक अधिकारों को कुचलने का काम किया गया। </p><p><strong>1922 : </strong>महात्मा गांधी को कारावास की सजा सुनाई गई। 1938 : हिंदी सिनेमा जगत के प्रसिद्ध अभिनेता शशि कपूर का जन्म।</p><p><strong> 1944 : </strong>नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिंद फौज ने बर्मा की सीमा पार करके भारत में प्रवेश किया। </p><p><strong>1965 :</strong> रूसी अंतरिक्ष यात्री एलेक्सी लियोनोव अंतरिक्ष में प्रवेश करने वाले पहले व्यक्ति बने। </p><p><strong>1972 :</strong> विश्व पुस्तक मेले की शुरुआत।</p><p><strong>1980: </strong>समाजशास्त्री व मनोवैज्ञानिक एरिक फ्रॉम का निधन। </p><p><strong>2000 :</strong> युगांडा में 230 लोगों ने आत्मदाह किया। </p><p><strong>2015: </strong>ट्यूनीशिया में बार्डो राष्ट्रीय संग्रहालय पर बंदूकधारियों ने हमला किया। 23 लोगों की मौत हुई, कम से कम 50 लोग घायल हुए। </p><p><strong>2024: </strong>व्लादिमीर पुतिन ने रिकॉर्ड मतों से रूस का राष्ट्रपति पद का चुनाव जीता। </p><p><strong>2025 :</strong> गाजा में इजराइल के हवाई हमलों में 404 लोगों की मौत, हमास के साथ संघर्षविराम टूटा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 08:11:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ : निकाली गई प्रतीकात्मक दांडी यात्रा, डॉ. सुधीर महादेव ने दिखाई हरी झंडी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>लखनऊ में महात्मा गांधी के ऐतिहासिक दांडी मार्च की स्मृति में गुरुवार को जन भवन से लखनऊ विश्वविद्यालय तक एक प्रतीकात्मक दांडी यात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। यात्रा को विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने जन भवन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। </p>
<p style="text-align:justify;">पदयात्रा जन भवन परिसर से शुरू होकर लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय हाल में जाकर संपन्न हुई। यात्रा से पहले जन भवन परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद पदयात्रा हजरतगंज चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा, खादी आश्रम,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574705/lucknow--symbolic-dandi-march-was-taken-out--dr--sudhir-mahadev-gave-the-green-signal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cats64.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>लखनऊ में महात्मा गांधी के ऐतिहासिक दांडी मार्च की स्मृति में गुरुवार को जन भवन से लखनऊ विश्वविद्यालय तक एक प्रतीकात्मक दांडी यात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। यात्रा को विशेष कार्याधिकारी (अपर मुख्य सचिव स्तर) डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने जन भवन से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। </p>
<p style="text-align:justify;">पदयात्रा जन भवन परिसर से शुरू होकर लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय हाल में जाकर संपन्न हुई। यात्रा से पहले जन भवन परिसर में स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद पदयात्रा हजरतगंज चौराहा स्थित गांधी प्रतिमा, खादी आश्रम, परिवर्तन चौक और हनुमान सेतु होते हुए विश्वविद्यालय पहुंची। इस दौरान हजरतगंज और गांधी आश्रम में भी गांधी जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर डॉ. सुधीर महादेव बोबडे ने कहा कि दांडी यात्रा केवल नमक कानून के विरोध का आंदोलन नहीं थी, बल्कि अन्याय के खिलाफ सत्य, साहस और जनशक्ति की अद्भुत अभिव्यक्ति थी। उन्होंने कहा कि गांधी जी के नेतृत्व में शुरू हुई इस ऐतिहासिक यात्रा ने पूरे देश में स्वतंत्रता की चेतना जगाई।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/GovernorofUp/status/2032029464406999516">https://twitter.com/GovernorofUp/status/2032029464406999516</a></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में विशेष कार्याधिकारी (शिक्षा) डॉ. पंकज एल. जानी ने कहा कि दांडी यात्रा भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष की याद दिलाता है। उन्होंने बताया कि 6 अप्रैल 1930 को दांडी में महात्मा गांधी ने नमक कानून तोड़कर सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष कार्याधिकारी अशोक देसाई ने कहा कि दांडी मार्च सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर आधारित ऐतिहासिक आंदोलन था, जिसने विश्व समुदाय को यह संदेश दिया कि भारत का स्वतंत्रता संघर्ष अहिंसक और जनआधारित है। इस अवसर पर प्रो. अरविंद मोहन (प्रभारी कुलपति, लखनऊ विश्वविद्यालय) ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गांधीजी का दांडी आंदोलन केवल नमक कानून के विरोध का प्रतीक नहीं था, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Mar 2026 16:06:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>10 मार्च का इतिहासः राजद्रोह के आरोप में महात्मा गांधीहुए थे गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्लीः </strong>भारतीय एवं विश्व इतिहास में 10 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ निम्न प्रकार है।</p>
<p><strong>1876 -</strong> ग्राहम वेल ने पहली बार टेलिफोन पर अपने मित्र से बात की। उन्होंने अपने मित्र से कहा कि "मेरी आवाज़ सुनो, मैं एलेक्ज़ेंडर ग्राहम बेल।"<strong> </strong></p>
<p><strong>1897 -</strong> भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक सावित्रीबाई फुले का निधन।</p>
<p><strong>1915 -</strong> प्रथम विश्वयुद्ध में मरणोपरान्त 'विक्टोरिया क्रास' पाने वाले भारतीय सैनिक गबर सिंह नेगी का निधन।</p>
<p><strong>1922 -</strong> महात्मा गांधी गिरफ्तार किए गए, राजद्रोह का आरोप, छह वर्षो की क़ैद, परन्तु दो वर्ष बाद रिहा किए गए।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574420/history-of-march-10--mahatma-gandhi-was-arrested-on-charges-of-treason"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-05/इतिहास.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्लीः </strong>भारतीय एवं विश्व इतिहास में 10 मार्च की महत्त्वपूर्ण घटनाएँ निम्न प्रकार है।</p>
<p><strong>1876 -</strong> ग्राहम वेल ने पहली बार टेलिफोन पर अपने मित्र से बात की। उन्होंने अपने मित्र से कहा कि "मेरी आवाज़ सुनो, मैं एलेक्ज़ेंडर ग्राहम बेल।"<strong> </strong></p>
<p><strong>1897 -</strong> भारत के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक सावित्रीबाई फुले का निधन।</p>
<p><strong>1915 -</strong> प्रथम विश्वयुद्ध में मरणोपरान्त 'विक्टोरिया क्रास' पाने वाले भारतीय सैनिक गबर सिंह नेगी का निधन।</p>
<p><strong>1922 -</strong> महात्मा गांधी गिरफ्तार किए गए, राजद्रोह का आरोप, छह वर्षो की क़ैद, परन्तु दो वर्ष बाद रिहा किए गए।</p>
<p><strong>1934 -</strong> भारत के जाने-माने समाज सुधारक लल्लन प्रसाद व्यास का जन्म।</p>
<p><strong>1945 -</strong> कांग्रेस नेता माधवराव सिंधिया का जन्म।</p>
<p><strong>1981 - </strong>भारत के प्रसिद्ध चित्रकार और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त आयरन नेल आर्टिस्ट, पेटेंट धारक तथा आविष्कारक वाजिद ख़ान का जन्म।</p>
<p><strong>1998 - </strong>इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुहार्तो लगातार सातवीं बार राष्ट्रपति पद पर निर्वाचित।</p>
<p><strong> 2002 - </strong>फ़िलिस्तीन के राष्ट्रपति यासर अराफात के आने-जाने पर लगा प्रतिबंध हटा, पाकिस्तान ने दक्षेस गृह मंत्रियों के सम्मेलन का प्रस्ताव रखा।<strong> </strong></p>
<p><strong>2003 - </strong>उत्तर कोरिया ने क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया, संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान ने सुरक्षा परिषद के सदस्यों से आग्रह किया कि वे इराक के निरस्त्रीकरण के बारे में अपने मतभेदों को दूर करें और कोई आम राय क़ायम करें।</p>
<p><strong>2006 -</strong> पाकिस्तान के क्वेटा शहर में बारूदी सुरंग विस्फोट में 26 लोग मारे गये।<strong> </strong></p>
<p><strong>2007 -</strong> यूक्रेन के वैसिलीइवानचुक को हराकर विश्वनाथन आनन्द शतरंज में प्रथम स्थान पर पहुँचे।</p>
<p><strong>2008 - </strong>माणिक सरकार की अगुवाई में त्रिपुरा में पुन: लेफ़्ट फ़्रंट ने सत्ता संभाली।</p>
<p><strong>2010 -</strong> भारतीय संसद की ऊपरी सदन राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित हो गया।</p>
<p><strong>2017-</strong> दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्यून-हाय को संवैधानिक कोर्ट ने पद से हटा दिया।</p>
<p><strong>2018 - </strong>छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध भरतरी गायिका सुरुज बाई खांडे का निधन।<span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/574420/history-of-march-10--mahatma-gandhi-was-arrested-on-charges-of-treason</link>
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                <pubDate>Tue, 10 Mar 2026 08:10:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>''स्वतंत्रता सेनानी से UP के विकासदूत तक रहा गोविंद बल्लभ पंत का सफर'' बोले CM  योगी- जीबी पंत का दृष्टिकोण करता रहेगा उत्तर प्रदेश के विकास का मार्गदर्शन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि गोविंद बल्लभ पंत द्वारा पेश किये गये दृष्टिकोण और सुधारों ने इस राज्य के विकास की नींव रखी और आज भी इसकी प्रगति का मार्गदर्शन कर रहे हैं। पंत की पुण्यतिथि पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने उन्हें भारत माता का एक ''महान सपूत'', एक प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी, प्रसिद्ध न्यायविद् और एक सक्षम प्रशासक बताया, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और बाद में केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में कार्य किया। पंत का जन्म वर्तमान उत्तराखंड में हुआ था, जो उस समय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574131/%22from-freedom-fighter-to-up-s-development-ambassador---%22-said-cm-yogi---gb-pant-s-vision-will-continue-to-guide-uttar-pradesh-s-development"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(13)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि गोविंद बल्लभ पंत द्वारा पेश किये गये दृष्टिकोण और सुधारों ने इस राज्य के विकास की नींव रखी और आज भी इसकी प्रगति का मार्गदर्शन कर रहे हैं। पंत की पुण्यतिथि पर यहां आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आदित्यनाथ ने उन्हें भारत माता का एक ''महान सपूत'', एक प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी, प्रसिद्ध न्यायविद् और एक सक्षम प्रशासक बताया, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और बाद में केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में कार्य किया। पंत का जन्म वर्तमान उत्तराखंड में हुआ था, जो उस समय संयुक्त प्रांत का हिस्सा था।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2030122847369396272?s=20">https://twitter.com/myogiadityanath/status/2030122847369396272?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी के आह्वान से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी वकालत छोड़ दी और स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हो गये। आदित्यनाथ ने कहा, ''पंडित गोविंद बल्लभ पंत द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान शुरू किए गए सुधार और दृष्टिकोण उत्तर प्रदेश के विकास को प्रेरित और निर्देशित करते रहेंगे।'' उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में पंत के योगदान पर प्रकाश डाला और कहा कि उन्होंने हिंदी को आधिकारिक भाषा के रूप में बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/myogiadityanath/status/2030141946568859720?s=20">https://twitter.com/myogiadityanath/status/2030141946568859720?s=20</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>आदित्यनाथ ने कहा, ''देश के प्रति उनकी सेवाओं के सम्मान में पंत को 1957 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।'' आदित्यनाथ ने 'एक्स' पर लिखा, ''महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, वरिष्ठ राजनेता एवं देश के पूर्व गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री, 'भारत रत्न' पंडित गोविंद बल्लभ पंत की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।'' उन्होंने कहा, ''हिंदी को राजभाषा के रूप में स्थापित करने में आपका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा, आपका राष्ट्रवादी चिंतन और राष्ट्र प्रथम की पावन भावना हम सभी के लिए पाथेय है।'' </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 07 Mar 2026 11:15:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>10 फरवरी : भारत में लोकतंत्र की स्थापना का शंखनाद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्लीः </strong>दुनिया का सबसे विशाल लोकतंत्र होने का दर्जा रखने वाले भारत के नागरिक हर पांच साल में वोट के जरिए अपनी पसंद की सरकार चुनते हैं, लेकिन लोकतंत्र का रास्ता चुनने वाले देश के सामने 1952 में लोकसभा का पहला चुनाव एक बड़ी चुनौती था। पंडित जवाहरलाल नेहरू 1947 में आजादी के बाद से ही देश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर रहे थे। 10 फरवरी 1952 का दिन देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे बड़ा दिन था, जब नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकसभा की 489 में से 249 सीट पर विजय हासिल कर बहुमत प्राप्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/570638/february-10--the-beginning-of-democracy-in-india"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(62).png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्लीः </strong>दुनिया का सबसे विशाल लोकतंत्र होने का दर्जा रखने वाले भारत के नागरिक हर पांच साल में वोट के जरिए अपनी पसंद की सरकार चुनते हैं, लेकिन लोकतंत्र का रास्ता चुनने वाले देश के सामने 1952 में लोकसभा का पहला चुनाव एक बड़ी चुनौती था। पंडित जवाहरलाल नेहरू 1947 में आजादी के बाद से ही देश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर रहे थे। 10 फरवरी 1952 का दिन देश के लोकतांत्रिक इतिहास का सबसे बड़ा दिन था, जब नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस ने लोकसभा की 489 में से 249 सीट पर विजय हासिल कर बहुमत प्राप्त कर लिया। अभी 133 सीट के नतीजे आने बाकी थे। इन चुनावों को भारत में लोकतंत्र की स्थापना की दिशा में एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा गया।</p>
<p>देश-दुनिया के इतिहास में 10 फरवरी की तारीख पर दर्ज महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-</p>
<p><strong>1818 : </strong>अंग्रेजों की सेना और मराठा सेना के बीच रामपुर में तीसरा और अंतिम युद्ध लड़ा गया।</p>
<p><strong>1921 : </strong>महात्मा गांधी ने काशी विद्यापीठ का उद्घाटन किया।</p>
<p><strong>1921 : </strong>ड्यूक ऑफ कनॉट ने इंडिया गेट की आधारशिला रखी।</p>
<p><strong>1952 : </strong>आजादी के बाद पहले लोकसभा चुनाव में पंडित जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर देश में लोकतंत्र की स्थापना का शंखनाद किया।</p>
<p><strong>1990 : </strong>बृहस्पति की ओर जाते हुए अंतरिक्ष यान गैलीलियो शुक्र ग्रह के सामने से गुजरा।</p>
<p><strong>1996 : </strong>शतरंज को दिमाग का खेल माना जाता है और आईबीएम ने शतरंज खेलने वाला कंप्यूटर 'डीप ब्लू' बनाया। इंसानी दिमाग को चुनौती देने के लिए शतरंज के विश्व चैंपियन गैरी कास्परोव और डीप ब्लू के बीच मुकाबला आयोजित किया गया, जिसे कास्परोव ने 4-2 से जीत लिया। यह अलग बात है कि अगले वर्ष डीप ब्लू इस मुकाबले में विजयी रहा।</p>
<p><strong>2005 : </strong>ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स और लंबे समय से उनकी मित्र कैमिला पार्कर के विवाह की तारीख की घोषणा की गई।</p>
<p><strong>2009 : </strong>प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित भीमसेन जोशी को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया गया। उन्हें नवंबर, 2008 में भारत रत्न से सम्मानित करने की घोषणा की गई थी।</p>
<p><strong>2010 : </strong>पाकिस्तान में पेशावर के नजदीक खैबर दर्रा इलाके में पुलिस अधिकारियों के काफिले पर आत्मघाती हमला। राहत और बचाव के लिए पहुंचे दल को भी निशाना बनाया गया। इस दौरान 13 पुलिस अधिकारियों सहित कुल 17 लोगों की मौत हुई।</p>
<p><strong>2013 : </strong>इलाहाबाद में कुंभ मेले के दौरान भगदड़ मचने से 36 लोगों की मौत, 39 अन्य घायल। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>इतिहास</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 10 Feb 2026 08:52:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एक फरवरी: अंतरिक्ष शटल कोलंबिया दुर्घटनाग्रस्त, कल्पना चावला का निधन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> एक फरवरी का दिन दुनिया के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के दिल में एक टीस बनकर बसा है। वर्ष 2003 में इसी तारीख को अमेरिका का अंतरिक्ष शटल कोलंबिया अपना अंतरिक्ष मिशन समाप्त करने के बाद लौटने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इसमें सवार सभी सात अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई। </p><p style="text-align:justify;">भारतीय मूल की कल्पना चावला भी इस हादसे में मारी गईं थीं। कोलंबिया में मिशन विशेषज्ञ के तौर पर गईं कल्पना भारत में हरियाणा के करनाल में एक जुलाई 1961 को पैदा हुईं और वह पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली पहली महिला</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569642/february-1--space-shuttle-columbia-crashes--kalpana-chawla-dies"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(23).png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> एक फरवरी का दिन दुनिया के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के दिल में एक टीस बनकर बसा है। वर्ष 2003 में इसी तारीख को अमेरिका का अंतरिक्ष शटल कोलंबिया अपना अंतरिक्ष मिशन समाप्त करने के बाद लौटने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इसमें सवार सभी सात अंतरिक्ष यात्रियों की मौत हो गई। </p><p style="text-align:justify;">भारतीय मूल की कल्पना चावला भी इस हादसे में मारी गईं थीं। कोलंबिया में मिशन विशेषज्ञ के तौर पर गईं कल्पना भारत में हरियाणा के करनाल में एक जुलाई 1961 को पैदा हुईं और वह पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली पहली महिला थीं। </p><p style="text-align:justify;">एक फरवरी 2020 को ब्रिटेन यूरोपीय संघ (ईयू) से अलग हो गया। ब्रिटेन ईयू से बाहर निकलने वाला पहला देश है। 47 साल तक ब्रिटेन ईयू का सदस्य रहा। ब्रिटेन की जनता ने जून 2016 में इसके समर्थन में मतदान किया था। लोकतंत्र की दिशा में आगे बढ़ रहे दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र म्यामां में एक फरवरी 2021 को सेना ने तख्तापलट कर दिया और शीर्ष नेता आंग सान सू ची समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। </p><p style="text-align:justify;">सू ची ने लोकतंत्र की मांग को लेकर वर्षों तक संघर्ष किया, वर्षों तक वह नजरबंद रहीं और अपने प्रयासों के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार भी मिला। म्यामां 1962 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग था तथा यहां पांच दशक तक सैन्य शासन रहा। बाद के वर्षों में लोकतंत्र कायम करने की दिशा में आंशिक, लेकिन अहम प्रगति हुई थी, लेकिन तख्तापलट से इस प्रक्रिया को खासा झटका लगा। म्यांमा में सैन्य शासन का लंबा इतिहास रहा है।</p><p style="text-align:justify;">देश-दुनिया के इतिहास में एक फरवरी की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-</p><p style="text-align:justify;"><strong>1785 : </strong>वॉरेन हेस्टिंग्स ने काउंसिल की बैठक में अंतिम बार हिस्सा लिया और फिर बंगाल के गवर्नर जनरल पद से इस्तीफा दे दिया।<strong> </strong></p><p style="text-align:justify;"><strong>1797 : </strong>लार्ड कॉर्नवालिस ने बंगाल के गवर्नर जनरल के तौर पर शपथ ली।</p><p style="text-align:justify;"> <strong>1831 : </strong>कलकत्ता में पहली ललित कला प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।</p><p style="text-align:justify;"> <strong>1855 : </strong>ईस्ट इंडिया रेलवे का औपचारिक उद्घाटन।</p><p style="text-align:justify;"> <strong>1881 :</strong> दिल्ली में सेंट स्टीफन कॉलेज की स्थापना। </p><p style="text-align:justify;"><strong>1922 : </strong>महात्मा गांधी ने भारत के तत्कालीन वायसराय को पत्र लिखकर बताया कि वह अपने आंदोलन को गति दे रहे हैं और असहयोग आंदोलन अब सविनय अवज्ञा आंदोलन होगा।<strong> </strong></p><p style="text-align:justify;"><strong>1977 :</strong> भारत के पहले राष्ट्रीय रेल संग्रहालय की नयी दिल्ली में स्थापना। </p><p style="text-align:justify;"><strong>1979 : </strong>ईरान के आध्यात्मिक नेता आयतुल्ला खामनेई 14 वर्षों के निर्वासन के बाद स्वदेश वापस लौटे। </p><p style="text-align:justify;"><strong>2002 : </strong>अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की आतंकवादियों ने हत्या की।<strong> </strong></p><p style="text-align:justify;"><strong>2003 : </strong>अंतरिक्ष से वापस लौटते हुए अमेरिका का अंतरिक्ष यान कोलंबिया पृथ्वी के वातावरण में आते ही दुर्घटनाग्रस्त हुआ। हादसे में भारत की कल्पना चावला सहित सातों अंतरिक्ष यात्री मारे गये।<strong> </strong></p><p style="text-align:justify;"><strong>2004 : </strong>सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान भगदड़ मचने से 250 से ज्यादा लोगों की मौत और 244 घायल।<strong> </strong></p><p style="text-align:justify;"><strong>2006 :</strong> विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मिस्र और नाइजर से पोलियो के उन्मूलन की सूचना दी और केवल भारत, अफगानिस्तान, नाइजीरिया और पाकिस्तान में इसकी मौजूदगी की बात कही। कुछ देशों में इसका संक्रमण दोबारा लौटने की भी जानकारी दी। </p><p style="text-align:justify;"><strong>2009 :</strong> भारत के महेश भूपति और सानिया मिर्जा की जोड़ी ने ऑस्ट्रेलियन ओपन टेनिस टूर्नामेंट में पहली बार मिश्रित युगल (मिक्स्ड डबल) का खिताब जीता। </p><p style="text-align:justify;"><strong>2020 : </strong>ब्रिटेन 47 साल तक यूरोपीय संघ का सदस्य रहने के बाद इससे अलग हो गया। </p><p style="text-align:justify;"><strong>2022 : </strong>ब्राजील में भूस्खलन, बाढ़ से 24 लोगों की जान गई।</p><p style="text-align:justify;"> <strong>2023 : </strong>पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में योगदान के लिए 'इंडिया-यूके अचीवर्स ऑनर्स' ने लंदन में "लाइफटाइम अचीवमेंट ऑनर' से सम्मानित किया। </p><p style="text-align:justify;"><strong>2025: </strong>गुजरात के डांग जिले में तीर्थयात्रियों की बस खाई में गिरने से पांच लोगों की मौत, कई अन्य घायल।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 01 Feb 2026 08:11:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>30 जनवरी : नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की हत्या की </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> जनवरी का महीना जाते-जाते देश को एक बड़ा जख्म दे गया। दरअसल 30 जनवरी, 1948 की शाम को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की जान ले ली, जिससे यह दिन इतिहास में सबसे दुखद दिनों में शामिल हो गया। विडंबना देखिए कि अहिंसा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर अंग्रेजों को देश से बाहर का रास्ता दिखाने वाले महात्मा गांधी खुद हिंसा का शिकार हुए। वह उस दिन भी रोज की तरह शाम की प्रार्थना के लिए जा रहे थे। उसी समय गोडसे ने उन्हें बहुत करीब से गोली मारी और साबरमती का संत 'हे राम' कहकर दुनिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569411/january-30--nathuram-godse-assassinates-mahatma-gandhi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(24)14.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः</strong> जनवरी का महीना जाते-जाते देश को एक बड़ा जख्म दे गया। दरअसल 30 जनवरी, 1948 की शाम को नाथूराम गोडसे ने महात्मा गांधी की जान ले ली, जिससे यह दिन इतिहास में सबसे दुखद दिनों में शामिल हो गया। विडंबना देखिए कि अहिंसा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर अंग्रेजों को देश से बाहर का रास्ता दिखाने वाले महात्मा गांधी खुद हिंसा का शिकार हुए। वह उस दिन भी रोज की तरह शाम की प्रार्थना के लिए जा रहे थे। उसी समय गोडसे ने उन्हें बहुत करीब से गोली मारी और साबरमती का संत 'हे राम' कहकर दुनिया से विदा हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने जीवनकाल में अपने विचारों और सिद्धांतों के कारण चर्चित रहे मोहन दास करमचंद गांधी का नाम दुनियाभर में सम्मान से लिया जाता है। तीस जनवरी 2023 को पाकिस्तान में अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के पेशावर में उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में खचाखच भरी एक मस्जिद में दोपहर की नमाज की दौरान एक तालिबानी आत्मघाती हमलावर द्वारा विस्फोट कर खुद को उड़ा लेने से 61 लोगों की मौत हो गयी, जबकि 150 से अधिक घायल हो गये।</p>
<p style="text-align:justify;">देश-दुनिया के इतिहास में 30 जनवरी की अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:-</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1903 :</strong> लार्ड कर्जन ने कलकत्ता के मटकॉफ हॉल में इंपीरियल लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। वर्ष 1948 में इस लाइब्रेरी का नाम बदलकर नेशनल लाइब्रेरी कर दिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1933 : </strong>राष्ट्रपति पॉल वान हिंडेनबर्ग ने अडोल्फ हिटलर को जर्मनी का चांसलर बनाया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1941 :</strong> नौवहन के इतिहास की एक बड़ी घटना में सोवियत संघ की एक पनडुब्बी ने जर्मनी का एक पोत डुबा दिया, जिससे उसमें सवार लगभग नौ हजार लोगों की मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1948 : </strong>शाम की प्रार्थना के लिए जा रहे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की नयी दिल्ली के बिड़ला भवन में हत्या। तभी से इस दिन को 'शहीद दिवस' के रूप में मनाया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1965: </strong>ब्रिटेन के लोगों ने द्वितीय विश्वयुद्ध के समय देश के प्रधानमंत्री रहे विंस्टन चर्चिल को अंतिम विदाई दी। चर्चिल एक कुशल कूटनीतिज्ञ और प्रखर वक्ता थे और वह एकमात्र प्रधानमंत्री थे, जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें ब्रिटेन की महानतम विभूतियों में गिना जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1</strong><strong>985 :</strong> लोकसभा ने दल-बदल विरोधी कानून पारित कर राजनीतिक दलबदलुओं के स्वत: अयोग्य होने का रास्ता साफ कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong> 2004 :</strong> वैज्ञानिकों ने संवाददाता सम्मेलन में ऐलान किया कि मंगल पर भेजे गए अंतरिक्ष यान 'अपोर्चुनिटी' को मंगल ग्रह पर आयरन ऑक्साइड की मौजूदगी के संकेत मिले हैं। इसका सीधा मतलब है कि संभवत: एक समय वहां पानी रहा होगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2007 : </strong>एक बड़े अन्तरराष्ट्रीय सौदे में भारत की दिग्गज कंपनी टाटा ने एंग्लो डच स्टील निर्माता कंपनी कोरस ग्रुप को 12 अरब डॉलर से अधिक में ख़रीदा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong> 2008 : </strong>चेन्नई की एक विशेष अदालत ने स्टाम्प घोटाला मामले के मुख्य आरोपी अब्दुल करीम तेलगी को 10 साल की सज़ा सुनाई।<strong> </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2009 :</strong> ऑस्ट्रेलिया ओपन के मिक्स्ड डबल मुक़ाबले में सानिया मिर्ज़ा और महेश भूपति की जोड़ी फाइनल में पहुंची।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong> 2009 : </strong>कोका कोला कंपनी ने ऐलान किया कि वह अमेरिका में अपने प्रमुख उत्पाद कोका कोला क्लासिक का नाम बदलकर कोका कोला करने जा रही है। कोका कोला के साथ 'क्लासिक' शब्द को 1985 में जोड़ा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2010 : </strong>विश्व के तत्कालीन नंबर एक खिलाड़ी रोजर फेडरर ने ब्रिटेन के एंडी मरे को हराकर ऑस्ट्रेलियाई ओपन में पुरुष एकल खिताब जीता।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2021 : </strong>रूस में ट्रैक्टर ट्रेलर और बस की टक्कर में 12 लोगों की मौत।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2023 : </strong>पेशावर में उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में आत्मघाती बम विस्फोट में 61 लोगों की मौत, 150 से ज्यादा घायल। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 08:29:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>13 जनवरी : साम्प्रदायिक उन्माद के खिलाफ बापू ने शुरू किया अनशन </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>महात्मा गांधी का 13 जनवरी की तारीख से गहरा नाता है। उन्होंने 13 जनवरी, 1948 को विभाजन की त्रासदी से उपजे साम्प्रदायिक उन्माद के खिलाफ कलकत्ता (अब कोलकाता) में आमरण अनशन शुरू किया था। इसमें हजारों लोग शामिल हुए, जिनमें हिन्दू और सिख बड़ी तादाद में थे। पाकिस्तान से आये बहुत से शरणार्थी भी इसमें शामिल हुए थे। इसके बाद 18 जनवरी 1948 को दिन में साढ़े 11 बजे विभिन्न संगठनों के 100 से ज्यादा प्रतिनिधि गांधीजी से मिले और शांति के लिए गांधीजी की शर्तें स्वीकार की, जिसके बाद गांधीजी उपवास तोड़ने के लिए राजी हुए। देश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567478/january-13--bapu-begins-a-fast-against-communal-frenzy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(26)8.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>महात्मा गांधी का 13 जनवरी की तारीख से गहरा नाता है। उन्होंने 13 जनवरी, 1948 को विभाजन की त्रासदी से उपजे साम्प्रदायिक उन्माद के खिलाफ कलकत्ता (अब कोलकाता) में आमरण अनशन शुरू किया था। इसमें हजारों लोग शामिल हुए, जिनमें हिन्दू और सिख बड़ी तादाद में थे। पाकिस्तान से आये बहुत से शरणार्थी भी इसमें शामिल हुए थे। इसके बाद 18 जनवरी 1948 को दिन में साढ़े 11 बजे विभिन्न संगठनों के 100 से ज्यादा प्रतिनिधि गांधीजी से मिले और शांति के लिए गांधीजी की शर्तें स्वीकार की, जिसके बाद गांधीजी उपवास तोड़ने के लिए राजी हुए। देश दुनिया के इतिहास में 13 जनवरी की तारीख पर दर्ज कुछ महत्वपूर्ण घटनायें इस प्रकार हैं :-<strong> </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1709 : </strong>मुगल शासक बहादुर शाह प्रथम ने सत्ता संघर्ष में अपने भाई कमबख्श को हैदराबाद में पराजित किया, जिसकी घायल होने के कारण बाद में मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1818 : </strong>उदयपुर के राणा ने मेवाड़ राज्य को संरक्षण प्रदान करने के लिए ब्रिटिश सरकार के साथ संधि की।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong> 1849 : </strong>द्वितीय आंग्ल सिख युद्ध के दौरान चिलियांवाला की प्रसिद्ध लड़ाई शुरू हुई।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1889 : </strong>असमी युवकों ने साहित्यिक पत्रिका ‘जानकी’ शुरू की।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong> 1948 : </strong>राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हिन्दू-मुस्लिम एकता बनाये रखने के लिये कलकत्ता में आमरण अनशन शुरू किया, जो उनके जीवन का अंतिम अनशन था।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1964 : </strong>पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में हिन्दू और मुसलमानों के बीच भीषण सांप्रदायिक दंगों में कम से कम 100 लोग मारे गए और 400 से ज़्यादा लोग घायल हुए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1972: </strong>घाना के प्रधानमंत्री को विद्रोह के बाद पद से हटाया गया। सेना के कमांडर ने देश की कमान संभाली।<strong> </strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>1993 : </strong>अमेरिका और उसके सहयोगियों ने दक्षिणी इराक में ‘नो फ़्लाई ज़ोन’ लागू करने के लिए हवाई हमले किए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2001: </strong>मध्य अमेरिकी शहर सान साल्वाडोर में भूकंप ने तबाही मचाई। एक हजार से ज्यादा लोगों के मरने की आशंका।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2006 :</strong> ब्रिटेन ने परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान पर सैन्य आक्रमण से इनकार किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2010 :</strong> अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट के कारण जर्मनी की अर्थव्यवस्था में साल 2009 के दौरान पांच प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से इसे अब तक की सबसे बड़ी गिरावट कहा गया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2012 :</strong> इटली के समुद्र तट पर यात्री जहाज कोस्टा कॉनकार्डिया डूबा। जहाज में सवार 4232 यात्री और चालक दल में से 15 लोगों की मौत हो गयी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2022: </strong>भारत, ब्रिटेन ने मुक्त व्यापार समझौते के लिए औपचारिक वार्ता शुरू की।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2023:</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज 'एमवी गंगा विलास' को दिखाई हरी झंडी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong> 2024: </strong>भारत ने ब्रिटेन के उच्चायुक्त की पीओके यात्रा पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>2025: </strong>पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ महाकुंभ मेला प्रारंभ हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 08:08:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेठी : सांसद केएल शर्मा का दावा- महात्मा गांधी की हत्या करने वाली ताकतें अब उनका नाम भी मिटाना चाहती हैं </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को खत्म करके विकसित भारत जी राम जी योजना लाये जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए रविवार को दावा किया कि जिन सांप्रदायिकता ताकतों ने राष्ट्रपिता की हत्या की थी, आज वही देश से उनका नाम मिटाकर उनके सपनों को चकनाचूर करना चाहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर 'वी बी जी राम जी' करने के विरोध में रविवार को जिला कांग्रेस कार्यालय, गौरीगंज में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि मनरेगा योजना से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567197/amethi--mp-kl-sharma-claims-that-the-forces-that-assassinated-mahatma-gandhi-now-want-to-erase-his-name-as-well"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats112.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमेठी।</strong> अमेठी से कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को खत्म करके विकसित भारत जी राम जी योजना लाये जाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए रविवार को दावा किया कि जिन सांप्रदायिकता ताकतों ने राष्ट्रपिता की हत्या की थी, आज वही देश से उनका नाम मिटाकर उनके सपनों को चकनाचूर करना चाहती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">शर्मा ने केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलकर 'वी बी जी राम जी' करने के विरोध में रविवार को जिला कांग्रेस कार्यालय, गौरीगंज में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का सपना साकार हो रहा था क्योंकि राष्ट्रपिता चाहते थे कि विकास योजनाए गांव में बने विकास का खाका गांव में तैयार हो, गांव खुशहाल हों और सभी के हाथ में रोजगार हो।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इसी को देखते हुए कांग्रेस ने महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना शुरू की थी जिसमें 90 फीसदी का बजट केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत का बजट राज्य सरकार वहन करती थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि नई योजना में केंद्र सरकार 60 फीसदी और राज्य सरकार 40 प्रतिशत का भुगतान करेगी। भाजपा पर तीखा हमले करते हुए सांसद ने कहा कि महात्मा गांधी को पूरा देश राष्ट्रपिता मानता है और भाजपा उन्हीं का नाम खत्म करना चाहती है।</p>
<p style="text-align:justify;">शर्मा ने दावा किया कि उनके नाम की योजना को भारतीय जनता पार्टी ने एक षड्यंत्र के तहत बदलकर वी बी - जी राम जी कर दिया जिसमें मजदूरों के हितों को ध्यान में नहीं रखा गया है। शर्मा ने कहा, "मैं अमेठी के आंकड़े पेश कर रहा हूं जिसमें चालू वित्तीय वर्ष में 1073 परिवारों को मनरेगा योजना के तहत रोजगार मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;">यही नहीं, मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कामों का 21 करोड़ 70 लाख 582 रुपये का भुगतान अब तक सरकार की तरफ से नहीं आया है और वित्तीय वर्ष पूरा होने वाला है।” शर्मा ने कहा कि कांग्रेस इस नई योजना के खिलाफ 12 जनवरी से 29 जनवरी तक राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाएगी जिसका नाम 'मनरेगा बचाओ संग्राम' रखा गया है। सांसद ने बताया कि उत्तर प्रदेश में इसका नेतृत्व कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी करेंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अमेठी</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 Jan 2026 15:00:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Barabanki News: पी.एल. पुनिया बोले- मनरेगा और गांधी की विरासत को कमजोर कर रही सरकार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>जिला कांग्रेस के अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन की अध्यक्षता में और पूर्व सांसद डॉ. पी.एल. पुनिया के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपकर इसे राष्ट्रपति को भेजने की बात कही।</p>
<p style="text-align:justify;">पी.एल. पुनिया ने कहा कि वर्तमान सरकार मनरेगा जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को कमजोर कर रही है और महात्मा गांधी की विचारधारा एवं श्रम की गरिमा को मिटाने पर लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार मजदूरी के वित्तपोषण की जिम्मेदारी से हटकर आर्थिक बोझ राज्यों पर डाल रही है, जिससे गरीबों और श्रमिकों के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्ञापन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564579/barabanki-news--p-l--punia-said-the-government-is-weakening-mnrega-and-gandhi-s-legacy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/084.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार। </strong>जिला कांग्रेस के अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन की अध्यक्षता में और पूर्व सांसद डॉ. पी.एल. पुनिया के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपकर इसे राष्ट्रपति को भेजने की बात कही।</p>
<p style="text-align:justify;">पी.एल. पुनिया ने कहा कि वर्तमान सरकार मनरेगा जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को कमजोर कर रही है और महात्मा गांधी की विचारधारा एवं श्रम की गरिमा को मिटाने पर लगी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार मजदूरी के वित्तपोषण की जिम्मेदारी से हटकर आर्थिक बोझ राज्यों पर डाल रही है, जिससे गरीबों और श्रमिकों के संवैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ज्ञापन देने वालों में पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया के साथ जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अमरनाथ मिश्रा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सचिव शिव शंकर शुक्ला, नगर अध्यक्ष राजेन्द्र वर्मा, प्रवक्ता के.सी. श्रीवास्तव, इरफान कुरैशी, राम हरख रावत, प्रशान्त सिंह, अजीत वर्मा, एडवोकेट वीरेन्द्र यादव, एड. मो. इजहार, एड. रमन द्विवेदी, एड. साइस्ता अख्तर, शबनम वारसी, संजीव मिश्रा, रमेश कश्यप, जयंत गौतम, आरिफ करपिया सहित कई कांग्रेसी मौजूद थे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार की नीति में सुधार नहीं हुआ तो यह लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 22 Dec 2025 19:26:20 +0530</pubDate>
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                <title>VB-G-RAM-G बिल विवाद : कांग्रेस नेता पी चिदंबरम बोले- मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना उनकी दूसरी हत्या है</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई। </strong>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने रविवार को कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना ‘‘महात्मा गांधी की दूसरी हत्या’’ है। उन्होंने कहा कि पूर्व ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना बहाल होने तक कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। पूर्व वित्त मंत्री ने यहां एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पार्टी घर-घर जाकर, गांव-गांव जाकर इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश करेगी और यह अधिनियम निरस्त होने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">विपक्ष के विरोध के बीच 18 दिसंबर को संसद ने वीबी-जी राम जी विधेयक, 2025 को पारित किया था। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने रविवार को इस विधेयक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564442/vb-g-ram-g-bill-controversy--congress-leader-p-chidambaram-said-removing-mahatma-gandhi-s-name-from-mnrega-is-his-second-assassination"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/चिदंबरम.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई। </strong>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने रविवार को कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना ‘‘महात्मा गांधी की दूसरी हत्या’’ है। उन्होंने कहा कि पूर्व ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना बहाल होने तक कांग्रेस का विरोध जारी रहेगा। पूर्व वित्त मंत्री ने यहां एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘पार्टी घर-घर जाकर, गांव-गांव जाकर इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश करेगी और यह अधिनियम निरस्त होने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">विपक्ष के विरोध के बीच 18 दिसंबर को संसद ने वीबी-जी राम जी विधेयक, 2025 को पारित किया था। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने रविवार को इस विधेयक को मंजूरी दे दी। इस विधेयक का उद्देश्य 20 साल पुराने ग्रामीण रोजगार कानून ‘मनरेगा’ को प्रतिस्थापित करना है और प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रति वित्त वर्ष 125 दिनों का रोजगार सुनिश्चित करना है। </p>
<p style="text-align:justify;">चिदंबरम ने कहा, ‘‘मेरे अनुसार, यह महात्मा गांधी की दूसरी हत्या है। उनकी हत्या 30 जनवरी, 1948 को हुई थी। उन्होंने महात्मा गांधी को फिर से मार डाला है - उन्होंने उनकी स्मृति को मिटाया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप गांधी और नेहरू को आधिकारिक अभिलेखों से मिटाने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन वे भारत की जनता की गहरी चेतना में बुद्ध या यीशु की तरह जीवित हैं। कोई भी सरकारी आदेश उन्हें मिटा नहीं सकता।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">चिदंबरम ने कहा कि केंद्र द्वारा किए गए बदलावों ने ‘‘मांग आधारित अधिकार को विवेकाधीन योजना’’ में बदल दिया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों को रोजगार की गारंटी से वंचित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘मूल कानून के तहत, यदि कोई व्यक्ति काम की मांग करता था, तो सरकार उसे उपलब्ध कराने के लिए कानूनी रूप से बाध्य थी। अब, लोग तभी काम मांग सकते हैं जब सरकार पहले उन्हें काम की पेशकश करे।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने नए विधेयकों के शीर्षक के लिए सरकार द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे नामों पर भी सवाल उठाया, जिन्हें उन्होंने ‘‘अंग्रेजी अक्षरों में लिखे हिंदी शब्द’’ बताया। चिदंबरम ने कहा कि ‘विकसित भारत - जी राम जी’ जैसे नाम दक्षिण भारत के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए ‘‘भ्रामक और समझने में मुश्किल हैं।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘शायद मंत्रियों को भी इन नामों का मतलब समझ में न आए। कानून कहता है कि जब तक राज्य इस नाम का इस्तेमाल नहीं करेंगे, उन्हें धनराशि नहीं मिलेगी।’’ चिदंबरम ने दावा किया कि यह योजना - जो कभी सार्वभौमिक थी - अब केंद्र द्वारा चुने गए ‘‘जिलों’’ तक ही सीमित रहेगी। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी दावा किया कि मनरेगा के मूल ढांचे के विपरीत, जो हर ग्रामीण जिले तक फैला हुआ था, नया कानून अब राष्ट्रीय स्तर का नहीं है और इसमें शहरी या नगर पंचायत क्षेत्र शामिल नहीं होंगे। वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया कि वित्तपोषण की जिम्मेदारी राज्यों पर डाली जा रही है क्योंकि पहले केंद्र सरकार मजदूरी का पूरा भुगतान और सामग्री खर्च का 75 प्रतिशत वहन करती थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि नयी नीति में एक ‘‘मानक’’ तय कर दिया गया है, जिसके बाद राज्यों को अपनी ‘‘आर्थिक क्षमता’’ के आधार पर योगदान देना होगा। चिदंबरम ने कहा, ‘‘यदि कोई राज्य कहता है कि उसके पास धन नहीं है, तो योजना वहां लागू नहीं की जाएगी।’’ उन्होंने यह भी बताया कि बजटीय सहायता में भी भारी गिरावट आई है। </p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘चार साल पहले आवंटन 1,11,000 करोड़ रुपये था। पिछले तीन वर्षों से यह 86,000 करोड़ रुपये है। अगले वर्ष यह केवल 65,000 करोड़ रुपये है। 65,000 करोड़ रुपये से अधिक का कोई भी खर्च राज्य सरकार की जिम्मेदारी होगी।’’ चिदंबरम ने कहा कि मनरेगा को वापस लेने से सबसे ज्यादा नुकसान ‘‘अत्यंत गरीब’’ वर्ग को होगा, खासकर दिहाड़ी मजदूरों और महिलाओं को। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘‘यह योजना दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर 12 करोड़ लोगों के लिए एक सुरक्षा कवच है। तमिलनाडु में 90 से 95 प्रतिशत मजदूर महिलाएं हैं, जिन्हें सबसे ज्यादा नुकसान होगा।’’ चिदंबरम ने याद दिलाया कि मूल अधिनियम 2005 में भाजपा के समर्थन से संसद में सर्वसम्मति से पारित हुआ था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार मनरेगा को संप्रग सरकार की विफलताओं का ‘‘जीवित स्मारक’’ कहा था। चिदंबरम ने कहा, ‘‘अब वही सरकार इसे खत्म कर रही है।’’ </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Dec 2025 20:41:24 +0530</pubDate>
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