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                <title>Hindu temple - Amrit Vichar</title>
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                <description>Hindu temple RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ब्रिटेन में हिंदू मंदिर के बंद होने का खतरा, काउंसिल ने भवन बेचने का लिया निर्णय </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लंदनः</strong> पूर्वी ब्रिटेन के पीटरबरो शहर में एक परिसर में मौजूद 40 साल पुराने हिंदू मंदिर और कम्युनिटी सेंटर के बंद होने का डर है, क्योंकि स्थानीय प्राधिकारियों ने इस भवन को बेचने के फैसले को सही ठहराया है जो मंदिर के लिए किराये पर दिया गया है। भारत हिंदू समाज मंदिर की स्थापना 1986 में शहर के न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स में हुई थी और कैम्ब्रिजशायर, नॉरफॉक तथा लिंकनशायर के बड़े इलाके के 13,000 से अधिक हिंदू यहां दर्शन करने आते हैं। मंदिर प्रशासन पीटरबरो सिटी काउंसिल से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए अभियान चला रहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573407/hindu-temple-in-britain-faces-threat-of-closure--council-decides-to-sell-building"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(85)1.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लंदनः</strong> पूर्वी ब्रिटेन के पीटरबरो शहर में एक परिसर में मौजूद 40 साल पुराने हिंदू मंदिर और कम्युनिटी सेंटर के बंद होने का डर है, क्योंकि स्थानीय प्राधिकारियों ने इस भवन को बेचने के फैसले को सही ठहराया है जो मंदिर के लिए किराये पर दिया गया है। भारत हिंदू समाज मंदिर की स्थापना 1986 में शहर के न्यू इंग्लैंड कॉम्प्लेक्स में हुई थी और कैम्ब्रिजशायर, नॉरफॉक तथा लिंकनशायर के बड़े इलाके के 13,000 से अधिक हिंदू यहां दर्शन करने आते हैं। मंदिर प्रशासन पीटरबरो सिटी काउंसिल से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए अभियान चला रहा है। इस महीने की शुरुआत में काउंसिल कैबिनेट की बैठक में यह कहा गया कि "संपत्ति की बिक्री से करदाताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ मूल्य दिलाने की उसकी कानूनी जिम्मेदारी" है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, मंदिर ने एक बयान में कहा, "हम भारत हिंदू समाज से जुड़े भवन की बिक्री की कड़ी निंदा करते हैं। समुदाय द्वारा बनाई गई संस्था को बंद दरवाजों के पीछे बिना पारदर्शिता या सहमति के नहीं बेचा जाना चाहिए।" इसमें कहा गया, ''यह सिर्फ संपत्ति के बारे में नहीं है, बल्कि विरासत, भरोसे और जवाबदेही के बारे में है। समुदाय जवाब पाने का हक रखता है, गोपनीयता का नहीं। इस फैसले पर सवाल उठाए जाने चाहिए और इसका विरोध किया जाना चाहिए।'' हिंदू काउंसिल यूके, जो ब्रिटिश हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमुख संस्था है, ने लेबर पार्टी के नेतृत्व वाली पीटरबरो सिटी काउंसिल (पीसीसी) के नए प्रशासन पर मंदिर के ''सामाजिक प्रभाव मूल्य'' को पूर्व में मानने और भारत हिंदू समाज को इसका स्वामित्व हस्तांतरित करने की प्रतिबद्धता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Feb 2026 12:47:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>South Africa में निर्माणाधीन मंदिर ढहा... दो लोगों की मौत, मलबे में दबे कई लोग  </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जोहानिसबर्ग। </strong>दक्षिण अफ्रीका में डरबन के उत्तर में स्थित भारतीय कस्बे रेडक्लिफ में शुक्रवार दोपहर चार मंजिला मंदिर के ढह जाने से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे बचावकर्मियों ने कठिन परिस्थितियों के कारण शुक्रवार आधी रात के करीब बचाव अभियान रोक दिया। बचाव अभियान शनिवार को पुन: आरंभ किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/untitled-design-(6)7.jpg" alt="Untitled design (6)" width="1200" height="720" /></p>
<p style="text-align:justify;">इमारत पर कंक्रीट डालते समय पूरा ढांचा ढह गया जिससे एक मजदूर की मौत हो गई और कई अन्य लोग उसके नीचे दब गए। मलबे में फंसे श्रमिकों और मंदिर के अधिकारियों की सटीक संख्या अभी ज्ञात नहीं</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563341/a-temple-under-construction-in-south-africa-collapses----two-people-dead--several-trapped-under-the-rubble"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/untitled-design-(5)7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जोहानिसबर्ग। </strong>दक्षिण अफ्रीका में डरबन के उत्तर में स्थित भारतीय कस्बे रेडक्लिफ में शुक्रवार दोपहर चार मंजिला मंदिर के ढह जाने से जुड़ी घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। मलबे में दबे लोगों की तलाश कर रहे बचावकर्मियों ने कठिन परिस्थितियों के कारण शुक्रवार आधी रात के करीब बचाव अभियान रोक दिया। बचाव अभियान शनिवार को पुन: आरंभ किया जाएगा। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/untitled-design-(6)7.jpg" alt="Untitled design (6)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">इमारत पर कंक्रीट डालते समय पूरा ढांचा ढह गया जिससे एक मजदूर की मौत हो गई और कई अन्य लोग उसके नीचे दब गए। मलबे में फंसे श्रमिकों और मंदिर के अधिकारियों की सटीक संख्या अभी ज्ञात नहीं है। इसी बीच, पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर के परिसर में अपने परिवार के साथ पहुंचे 54 वर्षीय एक श्रद्धालु की इस घटना की खबर सुनने के बाद मौत हो गई। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/untitled-design-(7)5.jpg" alt="Untitled design (7)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">उसकी पहचान अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है लेकिन उसका इलाज करने वाले एक चिकित्सा कर्मी ने बताया कि उसे दिल का दौरा पड़ा था। ईथेक्विनी (पूर्व में डरबन) की नगरपालिका ने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि मंदिर के निर्माण के लिए कोई भवन योजना स्वीकृत नहीं की गई है यानी यह निर्माण कार्य अवैध था। </p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-12/untitled-design-(8)7.jpg" alt="Untitled design (8)" width="1280" height="720"></img></p>
<p style="text-align:justify;">अहोबिलम मंदिर के नाम से जाना जाने वाला यह मंदिर एक गुफा की तरह बनाया गया है जिसमें वहां मौजूद पत्थरों के अलावा भारत से लाए पत्थरों का उपयोग किया जा रहा था। मंदिर का निर्माण करा रहे परिवार ने बताया कि निर्माण कार्य लगभग दो साल पहले शुरू हुआ था और इसमें भगवान नरसिंहदेव की दुनिया की सबसे बड़ी मूर्ति स्थापित किए जाने का कार्यक्रम था। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़े : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/563334/calls-for-removing-tariffs-on-india-raised-in-the-us-congress--3-members-introduce-a-resolution-against-trump-s-decision">अमेरिकी संसद में भारत से टैरिफ हटाने की उठी आवाज, ट्रंप के फैसले के खिलाफ 3 सदस्यों ने पेश किया प्रस्ताव</a></h5>
<p style="text-align:justify;"><strong>सोर्स : (भाषा)</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/563341/a-temple-under-construction-in-south-africa-collapses----two-people-dead--several-trapped-under-the-rubble</link>
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                <pubDate>Sat, 13 Dec 2025 11:15:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में हिंदू विरोधी घटना,  श्री स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर लाल रंग से लिखी गईं नस्लवादी बातें </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मेलबर्न। </strong>आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में एक हिंदू मंदिर और दो एशियाई रेस्तरां को नस्लवादी भित्तिचित्रों से विकृत कर दिया गया, जिसके बाद यहां रहने वाले समुदाय के सदस्यों के बीच चिंता बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह कहा गया। ऑस्ट्रेलिया टुडे वेब पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, मेलबर्न के पूर्वी उपनगर बोरोनिया में वाडहर्स्ट ड्राइव पर स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर सोमवार सुबह लाल रंग से नस्लवादी बातें लिखी गईं। इसमें कहा गया है कि बोरोनिया रोड पर स्थित दो रेस्तरां पर भी उसी दिन एक ही तरह के अपशब्द लिखे गए। </p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/547398/anti-hindu-incident-in-melbourne--australia--racist-things-written-in-red-color-on-the-walls-of-shri-swaminarayan-temple"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/untitled-design-(5)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मेलबर्न। </strong>आस्ट्रेलिया के मेलबर्न में एक हिंदू मंदिर और दो एशियाई रेस्तरां को नस्लवादी भित्तिचित्रों से विकृत कर दिया गया, जिसके बाद यहां रहने वाले समुदाय के सदस्यों के बीच चिंता बढ़ गई है। बृहस्पतिवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह कहा गया। ऑस्ट्रेलिया टुडे वेब पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, मेलबर्न के पूर्वी उपनगर बोरोनिया में वाडहर्स्ट ड्राइव पर स्थित श्री स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर सोमवार सुबह लाल रंग से नस्लवादी बातें लिखी गईं। इसमें कहा गया है कि बोरोनिया रोड पर स्थित दो रेस्तरां पर भी उसी दिन एक ही तरह के अपशब्द लिखे गए। </p>
<p style="text-align:justify;">रिपोर्ट में कहा गया है कि विक्टोरिया पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि "हमारे समाज में घृणा आधारित और नस्लवादी व्यवहार के लिए बिल्कुल भी जगह नहीं है।" वेब पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना से स्तब्ध हिंदू काउंसिल ऑफ ऑस्ट्रेलिया, विक्टोरिया चैप्टर के अध्यक्ष मकरंद भागवत ने कहा कि यह "हमारी पहचान, पूजा करने के हमारे अधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला जैसा लगता है।" </p>
<p style="text-align:justify;">विक्टोरिया की प्रधानमंत्री जसिंटा एलन ने मंदिर प्रबंधन को भेजे एक निजी संदेश में इसे "घृणास्पद" और "नस्लवादी" बताया। रिपोर्ट में जसिंटा के संदेश का हवाला देते हुए कहा गया है, "इस हफ्ते जो हुआ वह नफरत से भरा, नस्लवादी और बेहद परेशान करने वाला था। यह सिर्फ विरूपित करना नहीं था। यह नफरत का एक जानबूझकर किया गया कृत्य था, जिसका मकसद डराना, अलग-थलग करना और डर फैलाना था।" इस बीच, हिंदू समुदाय ने घटना के बाद अंतरधार्मिक समूहों से समर्थन का आग्रह किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/547381/-debris-scattered-in-the-middle-of-a-dense-forest--clouds-of-smoke---a-russian-plane-carrying-49-people-crashed--all-died">'घने जंगल के बीच बिखरा मलबा, धुएं का गुबार', 50 लोगों को लेकर रवाना हुआ रूसी विमान दुर्घटनाग्रस्त, सभी की मौत </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/547398/anti-hindu-incident-in-melbourne--australia--racist-things-written-in-red-color-on-the-walls-of-shri-swaminarayan-temple</link>
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                <pubDate>Thu, 24 Jul 2025 18:26:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहाड़ो की गोद में बसा मंदिर! जहां चढ़ता है स्नैक्स, अनोखा है इसका इतिहास</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अमृत विचार। </strong>भारत एक ऐसा देश है जहां संस्कृति और मान्यताओं का महत्व है। जहां आस्था और परंपरा का बेमिसाल जोड़ देखने को मिलता है। और भगवान के प्रति लोगों की आस्था देखते ही बनती है। हम ये भी जानते है कि भगवान को लोग अपनी श्रद्धानुसार चढ़ावा चढ़ाते है। कुछ लोग मिठाई चढ़ाते है तो कुछ अन्य तरह के भोजन का भोग लगाते है।कुछ हिन्दू मंदिर ऐसे भी है जहां पर फल, दूध, दही या मिठाई का भोग के साथ स्नैक्स यानी चिप्स, बिस्किट या नमकीन को भी चढ़ाते है। </p>
<p><strong>पहाड़ो की गोद में बसा अनोखा मंदिर </strong></p>
<p>भारत का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528884/temple-located-in-the-lap-of-mountains--where-snacks-are-offered--its-history-is-unique"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/election-campa-(29).png" alt=""></a><br /><p><strong>अमृत विचार। </strong>भारत एक ऐसा देश है जहां संस्कृति और मान्यताओं का महत्व है। जहां आस्था और परंपरा का बेमिसाल जोड़ देखने को मिलता है। और भगवान के प्रति लोगों की आस्था देखते ही बनती है। हम ये भी जानते है कि भगवान को लोग अपनी श्रद्धानुसार चढ़ावा चढ़ाते है। कुछ लोग मिठाई चढ़ाते है तो कुछ अन्य तरह के भोजन का भोग लगाते है।कुछ हिन्दू मंदिर ऐसे भी है जहां पर फल, दूध, दही या मिठाई का भोग के साथ स्नैक्स यानी चिप्स, बिस्किट या नमकीन को भी चढ़ाते है। </p>
<p><strong>पहाड़ो की गोद में बसा अनोखा मंदिर </strong></p>
<p>भारत का गुहावटी जहां के कामाख्या देवी मंदिर में माता को प्रसाद के रूप में चिप्स, बिस्कुट और नमकीन चढाने की परंपरा है। ये मंदिर नीलांचल पहाड़ी पर 51 शक्तिपीठों में से एक स्थापित है। कामयख्या मंदिर प्राचीन और एक समृद्ध मंदिरो में से एक है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 8वीं से 9वीं शताब्दी को हुआ था वहीं इसका पुनरीकरण 17वीं शताब्दी के बीच अहोम राजा नर नारायण ने कराया था। क्योकि इस मंदिर को मुस्लिम शासको द्वारा तोड़ दिया गया था। </p>
<p><strong>नहीं है कोई धार्मिक प्रमाण </strong></p>
<p>ऐसी मान्यता थी कि यहां पर तंत्र पूजा और साधना की जाती थी। हर वर्ष यहां अंबुबाची मेला आयोजित किया जाता था। जो की देवी के मासिक धर्म का एक प्रतिक है। लेकिन देवी को प्रसाद के रूप में चिप्स, बिस्किट और नमकीन चढाने की परंपरा की कोई विशेष जानकारी नहीं है। दूसरे मंदिरो में आमतौर पर फल, मिठाई और अन्य पारंपरिक खाने-पीने की चीजे प्रसाद के रूप में चढ़ाई जाती है। कामाख्या मंदिर में स्नैक्स चढाने की परंपरा का कोई भी धार्मिक प्रमाण नहीं है। </p>
<p><strong>आस्था पर नहीं है कोई बंधन </strong></p>
<p>हलाकि, मंदिर की अपनी मान्यतायें और एतिहासिक महत्व है। इनकी अनोखी परंपरा ही इसे खास बनाती है। प्रसाद के रूप में स्नैक्स का चढ़ावा इस बात का प्रारूप है कि आस्था और भक्ति के मार्ग पर कोई भी बंधन नहीं है। भक्त चाहे तो अपनी श्रद्धा से अपना भाव प्रकट कर सकता है। उस पर किसी प्रकार का कोई बंधन नहीं होगा।   </p>
<p> </p>
<p><strong>ये भी पढ़े :<a href="https://www.amritvichar.com/article/528661/aarti-has-a-special-importance-in-hinduism--what-is-the-correct-way-and-procedure#gsc.tab=0">हिन्दू धर्म में है आरती करने का खास महत्व, क्या है सही तरीका और विधि </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/528884/temple-located-in-the-lap-of-mountains--where-snacks-are-offered--its-history-is-unique</link>
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                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 16:35:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विदेशों में पाम, पामोलीन के दाम बढ़ने, त्योहारी मांग से बीते सप्ताह तेल-तिलहन कीमतों में सुधार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>विदेशी बाजारों में पाम, पामोलीन के दाम बढ़ने तथा फरवरी में कम आयात के बीच देश में त्योहारी मांग बढ़ने के कारण बीते सप्ताह लगभग सभी तेल-तिलहनों के दाम सुधार के साथ बंद हुए। बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि बीते सप्ताह विदेशों में कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन के दाम बढ़े हैं। इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) बाजार अटकलों को धता बताते हुए सोयाबीन की बिक्री कम दाम पर नहीं कर रहा है।</p>
<p>इसके कारण सोयाबीन के दाम में सुधार आया। महंगा होने की वजह से सूरजमुखी, सीपीओ और पामोलीन का फरवरी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/526648/oil-and-oilseed-prices-improved-last-week-due-to-increase-in-prices-of-palm-and-palmolein-abroad-and-festive-demand-send-feedback"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/edible-oil.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>विदेशी बाजारों में पाम, पामोलीन के दाम बढ़ने तथा फरवरी में कम आयात के बीच देश में त्योहारी मांग बढ़ने के कारण बीते सप्ताह लगभग सभी तेल-तिलहनों के दाम सुधार के साथ बंद हुए। बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि बीते सप्ताह विदेशों में कच्चे पामतेल (सीपीओ) और पामोलीन के दाम बढ़े हैं। इसके अलावा भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) बाजार अटकलों को धता बताते हुए सोयाबीन की बिक्री कम दाम पर नहीं कर रहा है।</p>
<p>इसके कारण सोयाबीन के दाम में सुधार आया। महंगा होने की वजह से सूरजमुखी, सीपीओ और पामोलीन का फरवरी में आयात कम हुआ है। इधर देश में कम उत्पादन के बीच खाद्य तेलों की मांग बढ़ रही है। होली और रमजान जैसे त्योहार सामने है। इन सब परिस्थितियों के बीच सभी खाद्य तेल-तिलहनों के दाम सुधार दर्शाते बंद हुए। सूत्रों ने कहा कि सरसों के सर्वाधिक उत्पादन वाले राज्य, राजस्थान के किसानों ने कहा है कि वे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर सरसों की बिक्री नहीं करेंगे।</p>
<p>होली के बाद सरकार के द्वारा एमएसपी पर सरसों की खरीद किये जाने की संभावना है। पिछले साल की तरह इस बार बाजार में सरसों बिकवाली का दबाव कम है और किसान पूरी सूझबूझ के साथ सरसों बेचने की कोशिश करते दिख रहे हैं। उन्हें सरसों का वाजिब दाम चाहिये इसलिए रोक-रोक कर फसल मंडियों में ला रहे हैं। इन परिस्थितियों में समीक्षाधीन सप्ताह के दौरान सरसों तेल-तिलहन के दाम सुधार के साथ बंद हुए।</p>
<p>सूत्रों ने कहा कि इस समय सोयाबीन तेल के मुकाबले सूरजमुखी तेल का दाम 10-12 रुपये किलो और पाम-पामोलीन का दाम 5-6 रुपये किलो अधिक है। दाम अधिक होने से सूरजमुखी और पाम-पामोलीन का आयात कम हुआ है। इसकी कमी को तभी पूरा किया जा सकता है जब सोयाबीन का सामान्य से काफी अधिक आयात हो। सोयाबीन तेल के आयात में कुछ अधिक ही वक्त लगता है। जब तक पाम, पामोलीन और सूरजमुखी तेल के दाम सस्ते नहीं होंगे, आयात और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान बना रह सकता है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि नेफेड बाजार की अटकलों के उलट पूरी सूझबूझ के साथ सोयाबीन की नीचे दाम पर बिक्री नहीं कर रहा है। इससे सोयाबीन के दाम में सुधार भी देखने को मिला। नेफेड अगर सोयाबीन की कम दाम पर बिकवाली करता तो सोयाबीन के दाम टूटते और आगे जो बिजाई शुरू होने वाली है, वह बिजाई प्रभावित होती। उन्होंने कहा कि विदेशों में दाम सुधरने की वजह से समीक्षाधीन सप्ताह में पाम-पामोलीन तेल कीमतों में भी सुधार आया।</p>
<p>सूत्रों ने कहा कि सस्ता होने और त्योहारों का मौसम होने के कारण बिनौला तेल की मांग है। इस वजह से बीते सप्ताह बिनौला सीड के दाम में 250-300 रुपये क्विंटल की वृद्धि हुई है। इस बार कपास का उत्पादन भी कम है और किसानों के पास अधिकतम 20 प्रतिशत फसल बची रह गई है और इसमें से ज्यादा उपज मजबूत किसानों के पास है जो अच्छे दाम मिलने का इंतजार कर सकते हैं। इसकी अगली फसल आने में सात माह बाकी है। इन परिस्थितियों में बिनौला तेल के दाम में भी बीते सप्ताह सुधार दर्ज हुआ।</p>
<p>बीते सप्ताह सरसों दाने का थोक भाव 10 रुपये सुधार के साथ 6,260-6,360 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों दादरी तेल का थोक भाव 50 रुपये सुधार के साथ 13,650 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल का भाव क्रमश: 20-20 रुपये की तेजी के साथ क्रमश: 2,370-2,470 रुपये और 2,370-2,495 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ। समीक्षाधीन सप्ताह में सोयाबीन दाने और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 25-25 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 4,225-4,275 रुपये और 3,925-3,975 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।</p>
<p>इसी तरह, सोयाबीन दिल्ली एवं सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम के दाम क्रमश: 50 रुपये, 100 रुपये और 25 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 14,200 रुपये, 13,850 रुपये और 10,125 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुए। समीक्षाधीन सप्ताह में मूंगफली तिलहन का भाव 75 रुपये के सुधार के साथ 5,675-6,000 रुपये क्विंटल पर बंद हुआ। वहीं, मूंगफली तेल गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल का भाव क्रमश: 100 रुपये और 25 रुपये के सुधार के साथ 14,400 रुपये और 2,225-2,525 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ।</p>
<p>कच्चे पाम तेल (सीपीओ) का दाम 50 रुपये के सुधार के साथ 13,200 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। पामोलीन दिल्ली का भाव 100 रुपये की तेजी के साथ 14,800 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल का भाव 50 रुपये सुधार के साथ 13,700 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ। तेजी के आम रुख के अनुरूप, सबसे सस्ता होने और त्योहारी मांग के कारण समीक्षाधीन सप्ताह में बिनौला तेल 250 रुपये की तेजी के साथ 13,700 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ।  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/526625/father-in-law-turned-demon--raped-daughter-in-law--did-obscene-act-with-granddaughter--beat-her-up-on-protest">Crime News: ससुर बना असुर! बहू संग किया रेप, पोती से की अश्लील हरकत, विरोध पर पीटा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>कारोबार</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 09 Mar 2025 11:18:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>पाकिस्तान में 64 साल बाद किया जा रहा हिंदू मंदिर का जीर्णोद्धार, पूरे इलाके में नहीं है कोई Hindu Temple</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लाहौर।</strong> पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक हिंदू मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए एक करोड़ पाकिस्तानी रुपये का बजट आवंटित किया गया है जिससे इस मंदिर के जर्जर होने के 64 साल बाद इसके जीर्णोद्धार का पहला चरण शुरू होगा। मीडिया में आयी एक खबर में सोमवार को यह जानकारी दी गयी।</p>
<p>‘डॉन न्यूज’ की खबर के अनुसार, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की देखरेख करने वाली संघीय संस्था ‘इवेक्यूई ट्रस्ट प्रोपर्टी बोर्ड’ (ईटीपीबी) ने पंजाब में रावी नदी के पश्चिमी तट पर स्थित नारोवाल शहर के जफरवाल नगर में बावली साहिब मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/501091/hindu-temple-is-being-renovated-in-pakistan-after-64-years--there-is-no-hindu-temple-in-the-entire-area"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/cats391.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लाहौर।</strong> पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में एक हिंदू मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए एक करोड़ पाकिस्तानी रुपये का बजट आवंटित किया गया है जिससे इस मंदिर के जर्जर होने के 64 साल बाद इसके जीर्णोद्धार का पहला चरण शुरू होगा। मीडिया में आयी एक खबर में सोमवार को यह जानकारी दी गयी।</p>
<p>‘डॉन न्यूज’ की खबर के अनुसार, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के पूजा स्थलों की देखरेख करने वाली संघीय संस्था ‘इवेक्यूई ट्रस्ट प्रोपर्टी बोर्ड’ (ईटीपीबी) ने पंजाब में रावी नदी के पश्चिमी तट पर स्थित नारोवाल शहर के जफरवाल नगर में बावली साहिब मंदिर का निर्माण शुरू कर दिया है। यह मंदिर 1960 में जर्जर हो गया था। </p>
<p>अभी नारोवाल जिले में कोई हिंदू मंदिर नहीं है जिससे हिंदू समुदाय को धार्मिक अनुष्ठान घर पर ही करने पड़ते हैं या उसके लिए सियालकोट और लाहौर के मंदिरों में जाना पड़ता है। पाक धर्मस्थान कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रतन लाल आर्या ने कहा कि बावली साहिब मंदिर पर ईटीपीबी के नियंत्रण के कारण वह जर्जर हो गया और नारोवाल में 1,453 से अधिक हिंदू पूजा स्थल से वंचित हो गए। </p>
<p>पाकिस्तान के गठन के बाद नारोवाल जिले में 45 मंदिर थे लेकिन उनमें से सभी मरम्मत न होने के कारण जर्जर होते चले गए। आर्या ने कहा कि पिछले 20 साल से पाक धर्मस्थान कमेटी बावली साहिब मंदिर के जीर्णोद्धार की पैरवी करती आ रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हिंदू समुदाय की मांगों को पूरा करने के लिए मंदिर की मरम्मत के लिए कदम उठाए हैं। </p>
<p>उच्चतम न्यायालय के ‘वन मैन कमीशन’ के अध्यक्ष शोएब सिद्दल और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य मंजूर मसीह ने इस मरम्मत के प्रयास में अहम भूमिकाएं निभायी हैं। पाक धर्मस्थान कमेटी के अध्यक्ष सावन चंद ने कहा कि बावली साहिब मंदिर की मरम्मत से हिंदू समुदाय की दीर्घकालीन मांग पूरी होगी, जिससे उन्हें प्रार्थना स्थल पर धार्मिक अनुष्ठान करने की अनुमति मिलेगी। पाकिस्तान में हिंदू सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। आधिकारिक अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान में 75 लाख से अधिक हिंदू रहते हैं। हालांकि, समुदाय के मुताबिक, देश में 90 लाख से अधिक हिंदू हैं। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/501046/bhadohi-news--principal-of-national-inter-college-shot-dead-in-bhadohi--sensation-in-the-area#gsc.tab=0">Bhadohi News: भदोही में नेशनल इंटर कालेज के प्रिंसिपल की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/501091/hindu-temple-is-being-renovated-in-pakistan-after-64-years--there-is-no-hindu-temple-in-the-entire-area</link>
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                <pubDate>Mon, 21 Oct 2024 13:07:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>1 मार्च से अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर में श्रद्धालु कर सकेंगे पूजा, 14 फरवरी को पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अबू धाबी। </strong>अबू धाबी में बना पहला हिंदू मंदिर एक मार्च से श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल में इस मंदिर का उद्घाटन किया था। मंदिर प्रशासन ने यह जानकारी दी। मंदिर के एक प्रवक्ता ने कहा, मंदिर एक मार्च से सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। प्रत्येक सोमवार को मंदिर दर्शनार्थियों के लिए बंद रहेगा।</p>
<p>बोचासनवासी श्री अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) द्वारा निर्मित मंदिर दुबई-अबू धाबी शेख जायद राजमार्ग पर अल राहबा के पास 27 एकड़ क्षेत्र में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से बनाया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/446693/devotees-will-be-able-to-worship-in-the-first-hindu-temple-of-abu-dhabi-from-march-1-which-was-inaugurated-by-pm-modi-on-february-14"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/tample.png" alt=""></a><br /><p><strong>अबू धाबी। </strong>अबू धाबी में बना पहला हिंदू मंदिर एक मार्च से श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल में इस मंदिर का उद्घाटन किया था। मंदिर प्रशासन ने यह जानकारी दी। मंदिर के एक प्रवक्ता ने कहा, मंदिर एक मार्च से सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। प्रत्येक सोमवार को मंदिर दर्शनार्थियों के लिए बंद रहेगा।</p>
<p>बोचासनवासी श्री अक्षर पुरूषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) द्वारा निर्मित मंदिर दुबई-अबू धाबी शेख जायद राजमार्ग पर अल राहबा के पास 27 एकड़ क्षेत्र में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। बीएपीएस के लिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रमुख स्वामी ब्रह्मविहारीदास ने कहा था, यहां वास्तुशिल्प पद्धतियों को वैज्ञानिक तकनीकों के साथ जोड़ा गया है। तापमान, दबाव और गति (भूकंपीय गतिविधि) को मापने के लिए मंदिर के हर स्तर पर 300 से अधिक उच्च तकनीक वाले सेंसर लगाए गए हैं। सेंसर अनुसंधान के लिए लाइव डेटा प्रदान करेंगे। </p>
<p>मंदिर के निर्माण में किसी भी धातु का उपयोग नहीं किया गया है और नींव को भरने के लिए कंक्रीट मिश्रण में 55 प्रतिशत सीमेंट की जगह राख का उपयोग किया गया है। मंदिर के निर्माण प्रबंधक मधुसूदन पटेल ने कहा था, हमने परंपरागत सौंदर्य वाली पत्थर संरचनाओं और आधुनिक समय के शिल्प को मिलाते हुए तापमान रोधी सूक्ष्म टाइल्स और कांच के भारी पैनलों का इस्तेमाल किया है। यूएई में अत्यधिक तापमान को देखते हुए ये टाइल्स दर्शनार्थियों के पैदल चलने में सुविधाजनक होंगी।</p>
<p>अबू धाबी के पहले हिंदू मंदिर का निर्माण नागर शैली में किया गया है। इसी तरह अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर में स्वंयसेवक उमेश राजा के अनुसार, 20 हजार टन से अधिक चूना पत्थर के टुकड़ों को राजस्थान में तराशा गया और 700 कंटेनर में अबू धाबी लाया गया। संयुक्त अरब अमीरात में तीन और हिंदू मंदिर हैं जो दुबई में हैं। अद्भुत वास्तुशिल्प और नक्काशी के साथ एक बड़े इलाके में फैला बीएपीएस मंदिर खाड़ी क्षेत्र में सबसे बड़ा मंदिर है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़े :-<span style="color:rgb(224,62,45);"> बंधकों की रिहाई का समझौता हुआ तो रमजान में गाजा पर हमले रोकने को तैयार है इजराइल </span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 27 Feb 2024 18:03:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>दुनिया के दूसरे सबसे बड़े हिंदू मंदिर अक्षरधाम का अमेरिका में उद्घाटन </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रॉबिन्सविले।</strong> दुनिया में दूसरे सबसे बड़े और पश्चिमी गोलार्द्ध में सबसे बड़े हिंदू मंदिर का अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में उद्घाटन किया गया है। न्यूयॉर्क सिटी से 99 किलोमीटर दक्षिण में न्यू जर्सी की रॉबिन्सविले सिटी में 185 एकड़ भूभाग में स्थित यह अक्षरधाम मंदिर 191 फुट ऊंचा है।</p>
<p>‘बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण’ (बीएपीएस) के नेता महंत स्वामी महाराज की मौजूदगी में आठ अक्टूबर को इस मंदिर का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में हजारों लोग शामिल हुए।</p>
<p>महंत स्वामी महाराज ने कहा, ‘‘उत्तर अमेरिका में ऐसे अक्षरधाम मंदिर का निर्माण करना प्रमुख स्वामी महाराज की दिव्य इच्छा थी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/409983/worlds-second-largest-hindu-temple-akshardham-inaugurated-in-america"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-10/2023_10image_13_18_269782538akshardhamus.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रॉबिन्सविले।</strong> दुनिया में दूसरे सबसे बड़े और पश्चिमी गोलार्द्ध में सबसे बड़े हिंदू मंदिर का अमेरिका के न्यू जर्सी शहर में उद्घाटन किया गया है। न्यूयॉर्क सिटी से 99 किलोमीटर दक्षिण में न्यू जर्सी की रॉबिन्सविले सिटी में 185 एकड़ भूभाग में स्थित यह अक्षरधाम मंदिर 191 फुट ऊंचा है।</p>
<p>‘बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण’ (बीएपीएस) के नेता महंत स्वामी महाराज की मौजूदगी में आठ अक्टूबर को इस मंदिर का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में हजारों लोग शामिल हुए।</p>
<p>महंत स्वामी महाराज ने कहा, ‘‘उत्तर अमेरिका में ऐसे अक्षरधाम मंदिर का निर्माण करना प्रमुख स्वामी महाराज की दिव्य इच्छा थी जहां सभी जाति, नस्ल या धर्म के लोग आ सकते हैं।’’ उद्घाटन समारोह में डेलावेयर के गवर्नर जॉन कार्नी और कांग्रेस सदस्य स्टेनी होयर भी शामिल हुए।</p>
<p>बीएपीएस के वरिष्ठ नेता और प्रेरक वक्ता ज्ञानवत्सलदास स्वामी ने एक न्यूज एजेंसी से कहा, ‘‘यह इस ग्रह पर दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है और जाहिर तौर पर पश्चिम गोलार्द्ध में यह सबसे बड़ा मंदिर है जिसका आठ अक्टूबर को महंत स्वामी महाराज के 90वें जन्मदिन पर उद्घाटन किया गया।</p>
<p>यह इस समाज और मानवता को समर्पित है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मंदिर बनाने का मूल उद्देश्य लोगों को मूल्यों के साथ प्रेरित करना है। भारतीय ग्रंथों के अनुसार एकांतिक धर्म के चार स्तंभ - धर्म, ज्ञान, वैराग्य और भक्ति को भगवान स्वामीनारायण ने अच्छी तरह से स्पष्ट किया है। इसलिए यह भारतीय संस्कृति और परंपरा को समर्पित एक स्मारक है। यह भगवान स्वामीनारायण के जीवन और शिक्षाओं को समर्पित एक स्मारक है।</p>
<p>’’ मंदिर में लगाए गए पत्थरों पर रामायण और महाभारत की कहानी को उकेरा गया है। मंदिर के स्तंभों और दीवार पर 150 से अधिक भारतीय वाद्ययंत्र और सभी प्रमुख नृत्य कलाएं हैं। अबू धाबी में निर्माणाधीन अक्षरधाम मंदिर के प्रभारी ब्रह्मविहारीदास स्वामी ने कहा, ‘‘कला को संरक्षित करने का सबसे अच्छा तरीका उसका पुनर्जन्म है। बीएपीएस अपने तरीके से प्राचीन कला को पुनर्जीवित करने में सक्षम है।</p>
<p>हजारों कलाकारों ने एक बार फिर काम शुरू कर दिया है और उनकी कला को महत्व दिया जा रहा है ताकि उसे आने वाली पीढ़ी के लिए संरक्षित किया जाए।’’ कोलंबिया विश्वविद्यालय में धर्म और मीडिया के एक शोधार्थी और अक्षरधाम मंदिर के स्वयंसेवी प्रवक्ता योगी त्रिवेदी ने बताया कि इस मंदिर के निर्माण में लगे पत्थरों को बुल्गारिया, इटली, यूनान, तुर्किये और भारत समेत सात देशों से मंगाया गया।</p>
<p>त्रिवेदी ने कहा कि अगर कोई अक्षरधाम मंदिर में आएगा तो उसे सामने ब्रह्मकुंड या बावड़ी दिखेगी जिसमें दुनियाभर की 400 अलग-अलग नदियों और झीलों का पानी है। इसमें भारत की गंगा और यमुना नदी का भी पानी है। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें समावेशिता की भावना है जो दर्शन तथा पूजा करने के लिए आने वाले हर व्यक्ति को महसूस होती है।</p>
<p>’’ उद्घाटन के दिन मंदिर के दर्शन करने वाले जैन आध्यात्मिक नेता आचार्य लोकेश मुनि ने कहा कि यह मंदिर भारत के संदेश को बाकी दुनिया तक लेकर जाता है। उन्होंने कहा कि दुनिया का संदेश है ‘‘एक परिवार’’। न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत रणधीर जायसवाल ने मंदिर के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से बधाई संदेश दिया।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(224,62,45);"> <a style="color:rgb(224,62,45);" href="https://www.amritvichar.com/article/409968/israel-hamas-war--israel-retaliated-on-shelling-from-syria--fired-mortars">Israel Hamas War: इजराइल ने सीरिया से हुई गोलाबारी पर जवाबी कार्रवाई की, दागे मोर्टार</a></span></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/409983/worlds-second-largest-hindu-temple-akshardham-inaugurated-in-america</link>
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                <pubDate>Wed, 11 Oct 2023 13:53:21 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>योगी के मंत्री ने किया अबूधाबी के हिंदू मंदिर में शिलापूजन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के स्टांप तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शहर अबूधाबी में भव्य हिंदू मंदिर का शिलापूजन किया। आधिकारिक प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि इससे पहले रविंद्र जायसवाल दुबई में आयोजित उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए।</p>
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<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">यूएई की राजधानी अबुधाबी में निर्मित होने वाले पहले हिंदू मंदिर का शिला पूजन किया। <br /><br />ऐतिहासिक मंदिर का काम भारतीय समुदाय के समर्थन, भारत और यूएई के नेतृत्व से आगे बढ़ रहा है।<a href="https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc%5Etfw">@narendramodi</a> <a href="https://twitter.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc%5Etfw">@myogiadityanath</a> <a href="https://twitter.com/BAPS?ref_src=twsrc%5Etfw">@BAPS</a> <a href="https://t.co/it4Vy6HNAZ">pic.twitter.com/it4Vy6HNAZ</a></p>
— Ravindra Jaiswal (@RavindraMoS_IC) <a href="https://twitter.com/RavindraMoS_IC/status/1619976470918725632?ref_src=twsrc%5Etfw">January 30, 2023</a></blockquote>
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<p>इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/338371/yogi-s-minister-laid-the-foundation-stone-at-a-hindu-temple-in-abu-dhabi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-01/untitled(21)4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश के स्टांप तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शहर अबूधाबी में भव्य हिंदू मंदिर का शिलापूजन किया। आधिकारिक प्रवक्ता ने सोमवार को बताया कि इससे पहले रविंद्र जायसवाल दुबई में आयोजित उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए।</p>
<div class="div_border" contenteditable="false">
<blockquote class="twitter-tweet">
<p dir="ltr" lang="hi" xml:lang="hi">यूएई की राजधानी अबुधाबी में निर्मित होने वाले पहले हिंदू मंदिर का शिला पूजन किया। <br /><br />ऐतिहासिक मंदिर का काम भारतीय समुदाय के समर्थन, भारत और यूएई के नेतृत्व से आगे बढ़ रहा है।<a href="https://twitter.com/narendramodi?ref_src=twsrc%5Etfw">@narendramodi</a> <a href="https://twitter.com/myogiadityanath?ref_src=twsrc%5Etfw">@myogiadityanath</a> <a href="https://twitter.com/BAPS?ref_src=twsrc%5Etfw">@BAPS</a> <a href="https://t.co/it4Vy6HNAZ">pic.twitter.com/it4Vy6HNAZ</a></p>
— Ravindra Jaiswal (@RavindraMoS_IC) <a href="https://twitter.com/RavindraMoS_IC/status/1619976470918725632?ref_src=twsrc%5Etfw">January 30, 2023</a></blockquote>

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<p>इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रवासियों की इस बात पर प्रशंसा की कि उन्होंने आज भी उत्तर प्रदेश की संस्कृति को यहां जीवंत बनाए रखा है। इंडियन काउंसलेट दुबई में उत्तर प्रदेश डायस्पोरा फोरम दुबई चैप्टर तथा इंडियन पीपुल्स फोरम की ओर से आयोजित उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह में प्रवासियों द्वारा उत्तर प्रदेश के लोकगीत तथा लोक नृत्य प्रस्तुत किए गए। </p>
<p>इस अवसर पर कलाकारों द्वारा बिरहा, कजरी, रामलीला आदि विभिन्न लोक कलाओं का मंचन किया गया। मंत्री ने वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश सरकार के प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन तक पहुंचाने के लक्ष्य के विषय में बताते हुए कहा कि प्रवासी नागरिकों के लिए यह एक बड़ा अवसर है। इस मौके पर प्रदेश के प्रवासियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/338327/former-dgp-sulkhan-singh-came-out-in-support-of-swami-prasad-maurya--wrote-this-big-thing-on-facebook-wall#gsc.tab=0">स्वामी प्रसाद मौर्य के समर्थन में उतरे पूर्व DGP सुलखान सिंह, Facebook Wall पर लिखी यह बड़ी बात</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Jan 2023 15:52:10 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>ब्रिटिश काल के हिंदू मंदिर पर हमला, कट्टरपंथियों ने काली मंदिर की मूर्ति तोड़ी</title>
                                    <description><![CDATA[ढाका। बांग्लादेश में एक बार फिर हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है। शुक्रवार (7 अक्टूबर) को कट्टरपंथियों ने अंग्रेजों के जमाने के एक काली मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की है और काली माता की मूर्ति को खंडित कर दिया है। मामला झेनैदाह जिले के दौतिया गांव का है। आरोपियों ने मूर्ति के सिर को …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/295439/british-era-hindu-temple-attacked-fundamentalists-vandalized-the-idol-of-kali-temple-bangladesh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/०२-5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>ढाका।</strong> बांग्लादेश में एक बार फिर हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है। शुक्रवार (7 अक्टूबर) को कट्टरपंथियों ने अंग्रेजों के जमाने के एक काली मंदिर में घुसकर तोड़फोड़ की है और काली माता की मूर्ति को खंडित कर दिया है। मामला झेनैदाह जिले के दौतिया गांव का है। आरोपियों ने मूर्ति के सिर को तोड़ दिया और मंदिर से लगभग आधा किलोमीटर दूर फेंककर फरार हो गए। अभी तक इस मामले में किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।</p>
<p>ये हमला रात 3 से 4 बजे के बीच हुआ है। मंदिर समिति के अध्यक्ष सुकुमार कुंडा ने बताया कि यहां कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है, इसलिए हमलावर बिना डरे मूर्तियों को खंडित कर गए। हालांकि इस घटना में किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं हुआ है लेकिन लोगों की आस्था पर जरूर चोट लगी है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है।</p>
<p>ये घटना 10 दिवसीय दुर्गा पूजा खत्म होने के 24 घंटे के अंदर हुई है। बांग्लादेश पूजा सेलिब्रेशन काउंसल के जेनरल सेकेटरी चंदनाथ पोद्दार का कहना है कि ये घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बता दें कि इससे पहले बीते साल भी हिंदू मंदिर पर हमला हुआ था। इस दौरान 3 लोगों की हत्या हो गई थी। बांग्लादेश में इससे पहले भी हिंदू मंदिरों पर हमले होते रहे हैं। 30 अक्टूबर 1990 को भी यहां हिंसा हुई थी, इसमें कई हिंदू मारे गए थे।</p>
<p> </p>
]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 08 Oct 2022 11:01:45 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>भारतीयों का सपना हुआ पूरा&amp;#8230;दुबई में खुला नया भव्‍य हिंदू मंदिर, 16 देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित</title>
                                    <description><![CDATA[दुबई। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में पहला हिंदू मंदिर दशहरे पर आम लोगों के लिए खुल गया। यह हिंदू मंदिर जेबेल अली में अमीरात के कॉरिडोर ऑफ टॉलरेंस में स्थित है। मंदिर 70,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है। मंदिर के उद्घाटन समारोह में 200 से अधिक गणमान्य लोग मौजूद रहे। बुधवार …
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/293745/new-grand-hindu-temple-opens-in-dubai-idols-of-16-gods-and-goddesses-installed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2022-10/दुबई-में-खुला-नया-भव्‍य-हिंदू-मंदिर.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>दुबई।</strong> संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई में पहला हिंदू मंदिर दशहरे पर आम लोगों के लिए खुल गया। यह हिंदू मंदिर जेबेल अली में अमीरात के कॉरिडोर ऑफ टॉलरेंस में स्थित है। मंदिर 70,000 वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है। मंदिर के उद्घाटन समारोह में 200 से अधिक गणमान्य लोग मौजूद रहे। बुधवार यानि आज से श्रद्धालु 16 देवी-देवताओं के दर्शन कर सकेंगे। 16 हिंदू देवताओं के साथ यहां गुरु ग्रंथ साहिब भी हैं। सफेद संगमरमर से बने इस मंदिर के पास ही गुरुद्वारा और चर्च भी हैं। मंदिर निर्माण में UAE के रूलर्स और कम्युनिटी डेपलपमेंट अथॉरिटी ने अहम भूमिका निभाई। यहां डिजिटल लाइब्रेरी और वैदिक लैंग्वेज क्लासेज भी होंगी।</p> <p><img class="alignnone wp-image-581567 size-full" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-10/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%82-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0-4.jpg" alt="" width="1200" height="900"></img></p> <h3><strong>1000 से ज्यादा लोग एक बार में सकते हैं दर्शन</strong></h3> <p>दुबई का यह हिंदू मंदिर सभी धर्मों के लिए एक आध्यात्मिक हब है। मंदिर में हिंदू धर्म के 16 देवी-देवताओं की मूर्तियों की स्थापना के साथ एक ज्ञान कक्ष और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए सामुदायिक केंद्र है। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, यह नया हिंदू मंदिर सुबह 6.30 बजे से रात आठ बजे तक भक्तों के लिए खुला रहेगा। दुबई के इस भव्य मंदिर में दैनिक 1000 से 1200 श्रद्धालु आराम से दर्शन कर सकते हैं।</p> <p><img class="alignnone wp-image-581568 size-full" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-10/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%82-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0-1.jpg" alt="" width="904" height="603"></img></p> <h3><img class="alignnone wp-image-581570 size-full" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-10/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%82-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0-3.jpg" alt="" width="904" height="603"></img></h3> <h3><strong>‘मंदिर के निर्माण में नहीं आई कोई बाधा’</strong></h3> <p>इस हिंदू मंदिर निर्माण में अहम योगदान निभाने वाले हिंदू समुदाय के नेता और रीगल ग्रुप ऑफ कंपनीज के सीईओ राजू श्रॉफ का कहना है कि कोविड-19 के बावजूद दुबई सरकार के सहयोग की वजह से मंदिर के निर्माण में कोई बाधा नहीं आई। यह हिंदू मंदिर वास्तव में दुबई सरकार के सहयोग का उदाहरण है। दुबई में 1958 में पहला हिंदू मंदिर बनकर तैयार हुआ था। उसके बाद से अब इस नए मंदिर के खुलने तक हम दुबई सरकार के आभारी हैं।</p> <p><img class="alignnone wp-image-581569 size-full" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-10/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%82-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0-2.jpg" alt="" width="904" height="603"></img></p> <h3><strong>लंबे समय बाद पूरा हुआ भारतीयों का सपना</strong></h3> <p>यूएई में रहने वाले भारतीय लंबे दशक से एक पूजा स्थल का सपना देख रहे थे। अब इन सभी भारतीयों का सपना पूरा हो गया है। खबरों के अनुसार, दुबई के जेबेल अली में स्थित भव्य हिंदू मंदिर की फरवरी 2020 में रखी गई थी।</p> <p><img class="alignnone wp-image-581580" src="https://www.amritvichar.com/media/2022-10/%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%82-%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A4%BF%E0%A4%B0-5.jpg" alt="" width="724" height="408"></img></p> <p><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://amritvichar.com/nasa-shared-a-great-picture-of-solar-flare-told-how-much-effect-it-will-have-on-earth/">NASA ने शेयर की Solar flare की शानदार तस्वीर, बताया धरती पर कितना पड़ेगा प्रभाव?</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 05 Oct 2022 12:03:55 +0530</pubDate>
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                <title>Pakistan Flood: पाकिस्तान में बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए हिंदू मंदिर ने खोले दरवाजे, 200 से 300 बाढ़ पीड़ितों को दिया आश्रय</title>
                                    <description><![CDATA[कराची। पाकिस्तान में बाढ़ में फंसे और विस्थापित लाखों लोगों को मदद का बेसब्री से इंतजार है, ऐसे में बलूचिस्तान के एक छोटे से गांव में एक हिंदू मंदिर ने लगभग 200 से 300 बाढ़ पीड़ितों को भोजन और आश्रय प्रदान करके इंसानियत और नेकदिली का परिचय दिया है। कच्छी जिले के जलाल खान गांव …
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                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p><strong>कराची।</strong> पाकिस्तान में बाढ़ में फंसे और विस्थापित लाखों लोगों को मदद का बेसब्री से इंतजार है, ऐसे में बलूचिस्तान के एक छोटे से गांव में एक हिंदू मंदिर ने लगभग 200 से 300 बाढ़ पीड़ितों को भोजन और आश्रय प्रदान करके इंसानियत और नेकदिली का परिचय दिया है। कच्छी जिले के जलाल खान गांव में ऊंचाई पर स्थित होने के कारण बाबा माधोदास मंदिर बाढ़ के पानी से अपेक्षाकृत बचा हुआ है। ऐसे में यह मुश्किल समय में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए एक पनाहगाह बन गया है।</p>
<p>नारी, बोलन, और लहरी नदियों में बाढ़ के कारण यह गांव प्रांत के बाकी हिस्से से कट गया है, जिसके कारण दूरदराज के इलाके के निवासी बाढ़ के बीच फंसे हुए हैं। ‘डॉन’ रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय हिंदू समुदाय ने बाढ़ प्रभावित लोगों और उनके मवेशियों के लिए बाबा माधोदास मंदिर के दरवाजे खोल दिए। स्थानीय लोगों के अनुसार बाबा माधोदास विभाजन से पहले के हिंदू संत थे, जिनका क्षेत्र के मुसलमानों और हिंदुओं के बीच काफी सम्मान था। भाग नारी तहसील से अकसर गांव में आने वाले अल्ताफ बुजदार कहते हैं, ”वह ऊंट पर यात्रा करते थे।” बुजदार कहते हैं कि उनके माता-पिता द्वारा सुनाई गई कहानियों के अनुसार, लोग संत का अपनी धार्मिक सीमाओं से परे जाकर सम्मान करते थे। उन्होंने अपने माता-पिता की बात का हवाला देते हुए कहा, “वह लोगों को उनकी जाति और पंथ के बजाय मानवता की नजर से देखते थे।”</p>
<p>भाग नारी तहसील के एक दुकानदार 55 वर्षीय रतन कुमार वर्तमान में मंदिर के प्रभारी हैं। रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया है, “मंदिर में सौ से अधिक कमरे हैं क्योंकि हर साल बलूचिस्तान और सिंध से बड़ी संख्या में लोग तीर्थयात्रा के लिए यहां आते हैं।” रतन के बेटे सावन कुमार ने कहा कि बाढ़ से कुछ कमरे क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन कुल मिलाकर ढांचा सुरक्षित रहा। रिपोर्ट में कहा गया है कि कम से कम 200-300 लोगों, ज्यादातर मुस्लिम और उनके पशुओं को परिसर में शरण दी गई और हिंदू परिवारों द्वारा उनकी देखभाल की गई। प्रारंभ में, क्षेत्र शेष जिले से पूरी तरह से कट गया था। विस्थापितों ने कहा कि उन्हें हेलीकॉप्टर से राशन उपलब्ध कराया गया था, लेकिन जब वे मंदिर के अंदर चले गए, तो उन्हें हिंदू समुदाय द्वारा भोजन खिलाया जा रहा है।’’</p>
<p>जलाल खान के एक डॉक्टर इसरार मुघेरी जिन्होंने मंदिर के अंदर एक चिकित्सा शिविर स्थापित किया है, ने बताया, ‘‘”स्थानीय लोगों के अलावा, हिंदुओं ने अन्य जानवरों के साथ-साथ बकरियों और भेड़ों को भी रखा है।’’ वह बताते हैं,”स्थानीय हिंदुओं द्वारा लाउडस्पीकर पर घोषणाएं की गईं, मुसलमानों को शरण लेने के लिए मंदिर में आने को कहा गया।’’ वहां शरण लेने वालों का कहना है कि इस मुश्किल घड़ी में उनकी सहायता के लिए आने और उन्हें भोजन और आश्रय प्रदान करने के लिए वे स्थानीय समुदाय के ऋणी हैं। बाढ़ में लगभग 1,400 लोग मारे गए हैं जिसने देश का एक तिहाई हिस्सा जलमग्न कर दिया है, फसलें नष्ट हो गई हैं और तीन करोड़ तीस लाख से अधिक विस्थापित हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान को बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में मदद करने के लिए प्रयास तेज करने का आह्वान किया।</p>
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                <pubDate>Sun, 11 Sep 2022 19:17:43 +0530</pubDate>
                
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