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                <title>  हाईकोर्ट - Amrit Vichar</title>
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                <description>  हाईकोर्ट RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>आयोग ने नामांकन निरस्त किया, हाईकोर्ट ने लगायी रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>घर में शौचालय नहीं होने के कारण ग्राम प्रधान पद की प्रत्याशी का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। प्रत्याशी ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं आलोक महरा की खंडपीठ ने बुधवार को याचिका पर सुनवाई कर नामांकन निरस्त करने के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए कि प्रत्याशी को शीघ्र चुनाव चिन्ह जारी करें। मामला टिहरी जिले का है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से कहा गया कि नामांकन और उसकी जांच हो चुकी है। शपथ पत्र के मुताबिक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546388/commission-canceled-nomination-high-court-imposed-ban"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/images-(3).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार: </strong>घर में शौचालय नहीं होने के कारण ग्राम प्रधान पद की प्रत्याशी का नामांकन पत्र निरस्त कर दिया गया। प्रत्याशी ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं आलोक महरा की खंडपीठ ने बुधवार को याचिका पर सुनवाई कर नामांकन निरस्त करने के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिए कि प्रत्याशी को शीघ्र चुनाव चिन्ह जारी करें। मामला टिहरी जिले का है।</p>
<p>सुनवाई के दौरान राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से कहा गया कि नामांकन और उसकी जांच हो चुकी है। शपथ पत्र के मुताबिक उनका नामांकन सही नहीं पाया गया। कमेटी ने जांच के बाद ही नामांकन पत्र निरस्त किया है। इस पर विरोध दर्ज कराते हुए याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि नामांकन नियमों के विरुद्ध जाकर निरस्त किया गया है। जरूरी नहीं कि घर के अंदर ही शौचालय हो। उनका शौचालय घर से करीब डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर है तो किस आधार पर उनका नामांकन निरस्त किया जा सकता है। </p>
<p>मामले के अनुसार, टिहरी जिले की निवासी कुसुम कोठियाल ने याचिका में बताया कि वे ग्राम प्रधान पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं लेकिन चुनाव आयोग ने उनका नामांकन इस आधार पर निरस्त कर दिया कि उनके घर में शौचालय नहीं है। याचिका के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय घर के अंदर न होकर बाहर होते हैं, जो उनके घर से करीब डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर बना है और वह भी उनका व्यक्तिगत शौचालय है न कि सार्वजनिक इसलिए उनके नामांकन पत्र को बहाल किया जाए।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 17 Jul 2025 10:39:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी व देहरादून के स्टेडियम 24 घंटे में खोलें: हाईकोर्ट   </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार:</strong> उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड क्रिकेट बोर्ड में कथित तौर पर अनियमितताओं के खिलाफ दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने सचिव खेल अमित सिन्हा को निर्देश दिए कि 24 घंटे के भीतर हल्द्वानी और देहरादून के खेल स्टेडियम को खोलें ताकि खिलाड़ियों को प्राइवेट स्टेडियम में न जाना पड़े। दोनों स्टेडियम सुबह 6:00 बजे से लेकर रात 8:00 बजे तक खुले रहने चाहिए ताकि खिलाड़ी वहां पर नियमित अभ्यास कर सकें।</p>
<p>पीठ ने खेल सचिव को यह भी निर्देश दिए कि वे राज्य सरकार के सामने यह भी समस्या रखें कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/539400/haldwani-and-dehradun-stadiums-open-high-court-in-24-hours"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/01_08_2022-gaulapar_stadium_22945352_231517995.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार:</strong> उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड क्रिकेट बोर्ड में कथित तौर पर अनियमितताओं के खिलाफ दायर याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने सचिव खेल अमित सिन्हा को निर्देश दिए कि 24 घंटे के भीतर हल्द्वानी और देहरादून के खेल स्टेडियम को खोलें ताकि खिलाड़ियों को प्राइवेट स्टेडियम में न जाना पड़े। दोनों स्टेडियम सुबह 6:00 बजे से लेकर रात 8:00 बजे तक खुले रहने चाहिए ताकि खिलाड़ी वहां पर नियमित अभ्यास कर सकें।</p>
<p>पीठ ने खेल सचिव को यह भी निर्देश दिए कि वे राज्य सरकार के सामने यह भी समस्या रखें कि मैदानी क्षेत्रों के अलावा पहाड़ी क्षेत्रों में भी बच्चों के शारीरिक विकास के लिए स्टेडियम बनाएं। प्रदेश  के कई प्रतिभावान खिलाड़ी साधन नहीं होने की वजह से वंचित हैं, जो साधन उपलब्ध हैं उन पर ताला लगा हुआ है इसलिए इसे तुरंत खोला जाए। कोर्ट ने खेल एसोसिएशन से कहा है कि जो भी खेल आप करना चाहते हैं, उसकी लिस्ट सचिव खेल को दें। सचिव उस पर निर्णय लेकर स्टेडियम को मुहैया कराएंगे। स्टेडियम के कार्यकर्ता उसकी देखभाल में होने वाले खर्चें को वसूल करें। साथ में, एसोसिएशन से यह भी अनुबंध करें कि जो नुकसान खेल के दौरान मैदान को होता है उसकी भरपाई खेल कराने वाली संस्था से वसूल करें। हर खेल का कोच मैदान में होना चाहिए। सुनवाई के दौरान खेल सचिव अमित सिन्हा कोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से पेश हुए। उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि कोर्ट के आदेश पर शनिवार तक खिलाड़ियों के लिए दोनों स्टेडियम खोल दिये जाएंगे ताकि उन्हें बाहरी स्टेडियमों का रुख न करना पड़े। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई हेतु जुलाई प्रथम सप्ताह की तिथि नियत की है। </p>
<p>मामले के अनुसार देहरादून निवासी संजय रावत ने याचिका में आरोप लगाया कि उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन में क्रिकेट खेल कराने के लिए करीब 12 करोड़ के सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। जो सुविधा खिलाडी को मिलनी चाहिए थी वह उसे नहीं मिली। आरोप है कि एसोसिएशन ने खिलाड़ी के पेट केलों से भर दिए। केलों का जो बिल दिखाया गया वह 35 लाख रुपये का था। यही नहीं, एसोसिएशन ने उनके खाने के नाम पर करोड़ो रुपये का घोटाला किया है जबकि उस हिसाब से खेल हुए ही नहीं इसलिए इसकी जांच कराई जाए। आरोपों के साथ दावा किया गया कि अभी तक 12 करोड़ रुपये का दुरुपयोग एसोसिएशन द्वारा किया गया है, उसकी ऑडिट रिपोर्ट आ  चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 24 May 2025 11:47:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी जैसा माहौल उत्पन्न न हो: हाईकोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार:</strong> नैनीताल में 12 वर्षीय मासूम के साथ हुई घटना के बाद जनाक्रोश को देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ में हुई। मामले की सुनवाई के बाद एजीए जेएस विर्क ने कोर्ट को बताया कि शांति व्यवस्था बनाए बनाए रखने के लिए भारी मात्रा में  पुलिस फोर्स लगाई गई है। अनावश्यक रूप से नैनीताल आ रहे वाहनों की चेकिंग हल्द्वानी, भवाली व कालाढूंगी में की जा रही है, जिस पर कोर्ट ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाई रखी जाए।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/536172/haldwani-like-atmosphere-should-not-arise-high-court"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/high-court-uttarakhand-shift-nainital-to-haldwani-989935331.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार:</strong> नैनीताल में 12 वर्षीय मासूम के साथ हुई घटना के बाद जनाक्रोश को देखते हुए हाईकोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। मामले की सुनवाई वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति विवेक भारती शर्मा की खंडपीठ में हुई। मामले की सुनवाई के बाद एजीए जेएस विर्क ने कोर्ट को बताया कि शांति व्यवस्था बनाए बनाए रखने के लिए भारी मात्रा में  पुलिस फोर्स लगाई गई है। अनावश्यक रूप से नैनीताल आ रहे वाहनों की चेकिंग हल्द्वानी, भवाली व कालाढूंगी में की जा रही है, जिस पर कोर्ट ने कहा कि शांति व्यवस्था बनाई रखी जाए। एक जगह पर भीड़ को जमा नहीं होने दिया जाए।</p>
<p>भवाली, हल्द्वानी ,काठगोदाम, कालाढूंगी व रामनगर से आने वाले वाहनों की चेकिंग की जाए। इन स्थानों पर भी पुलिस फोर्स की तैनाती की जाए ताकि कोई माहौल खराब न हो। अफवाह फैलाने और सोशल मीडिया की भी निगरानी की जाए। पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए नागरिकों से अपील करे। फोर्स गश्त भी जारी रखे जिससे कि हल्द्वानी जैसा माहौल उत्पन्न न हो। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 02 May 2025 11:36:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बनभूलपुरा हिंसा: हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी प्रगति रिपोर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल, अमृत विचार:</strong> हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने बनभूलपुरा हिंसा वाले दिन गोली लगने से हुई फईम की मौत की जांच सीबीआई से कराने संबंधी याचिका पर सुनवाई की। खंडपीठ ने सरकार से कहा है कि मामले की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। </p>
<p><br />मृतक फईम के भाई परवेज ने याचिका दायर कर कहा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नैनीताल ने पुलिस को 6 मई 2024 को निर्देश दिए थे कि इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर इसकी जांच करें और उसकी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करें लेकिन आज तक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528562/banbhulpura-violence-high-court-sought-progress-report-from-government"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/images-(23).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल, अमृत विचार:</strong> हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र एवं न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने बनभूलपुरा हिंसा वाले दिन गोली लगने से हुई फईम की मौत की जांच सीबीआई से कराने संबंधी याचिका पर सुनवाई की। खंडपीठ ने सरकार से कहा है कि मामले की प्रगति रिपोर्ट कोर्ट में पेश करें। </p>
<p><br />मृतक फईम के भाई परवेज ने याचिका दायर कर कहा कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, नैनीताल ने पुलिस को 6 मई 2024 को निर्देश दिए थे कि इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर इसकी जांच करें और उसकी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करें लेकिन आज तक पुलिस ने इसकी जांच नही की इसलिए उनके द्वारा मामले की सीबीआई से जांच कराने और परिवार को सुरक्षा दिलाने को लेकर याचिका दायर करनी पड़ी।</p>
<p>मामले के अनुसार, 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में हिंसा के दौरान फईम नाम के व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गयी थी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि फईम की मौत हिंसा के दौरान नहीं हुई थी बल्कि अज्ञात लोगों ने पहले उसकी गाड़ी में आग लगाई और बाद में उसे गोली मार दी और घर का सारा सामान ले गए थे। कई बार शिकायत के बावजूद पुलिस-प्रशासन ने न तो इसकी जांच की और न मुकदमा दर्ज किया। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/528562/banbhulpura-violence-high-court-sought-progress-report-from-government</link>
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                <pubDate>Thu, 20 Mar 2025 10:38:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pawan Singh Kunwar]]></dc:creator>
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