<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.amritvichar.com/tag/492928/waqf-amendment-act" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Amrit Vichar RSS Feed Generator</generator>
                <title>Waqf Amendment Act - Amrit Vichar</title>
                <link>https://www.amritvichar.com/tag/492928/rss</link>
                <description>Waqf Amendment Act RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Waqf Amendment Act: सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया स्वागत, विपक्ष ने कहा- नाकाम हुई ‘विकृत मंशा’</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> विपक्षी दलों ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 पर उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश का स्वागत करते हुए सोमवार को कहा कि इसने संशोधित कानून के पीछे छिपी ‘विकृति मंशा’ को काफी हद तक नाकाम कर दिया है। सरकार ने भी फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है तथा अधिनियम के प्रावधान पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए लाभकारी हैं।</p>
<p>कई मुस्लिम संगठनों ने न्यायालय के आदेश का स्वागत किया। हालांकि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने निराशा जताई और कहा कि व्यापक संवैधानिक चिंताओं का समाधान नहीं करने के कारण कई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553404/waqf-amendment-act--government-welcomed-the-supreme-court-s-decision-on-waqf--opposition-said---perverted-intention--failed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/muskan-dixit-(17)9.webp" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> विपक्षी दलों ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2025 पर उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश का स्वागत करते हुए सोमवार को कहा कि इसने संशोधित कानून के पीछे छिपी ‘विकृति मंशा’ को काफी हद तक नाकाम कर दिया है। सरकार ने भी फैसले का स्वागत किया और कहा कि यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है तथा अधिनियम के प्रावधान पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए लाभकारी हैं।</p>
<p>कई मुस्लिम संगठनों ने न्यायालय के आदेश का स्वागत किया। हालांकि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने निराशा जताई और कहा कि व्यापक संवैधानिक चिंताओं का समाधान नहीं करने के कारण कई प्रावधानों का दुरुपयोग होगा जबकि इस पूरे कानून को ही निरस्त करने की जरूरत है। </p>
<p>उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के कई महत्वपूर्ण प्रावधानों पर रोक लगा दी जिनमें यह प्रावधान भी शामिल है कि पिछले पांच वर्षों से इस्लाम का पालन कर रहे लोग ही वक्फ बना सकते हैं। हालांकि, शीर्ष अदालत ने पूरे कानून पर स्थगन से इनकार कर दिया। </p>
<p>न्यायालय ने वक्फ संपत्तियों की स्थिति पर निर्णय करने के लिए जिलाधिकारी को दी गई शक्तियों पर भी रोक लगा दी और वक्फ बोर्डों में गैर-मुस्लिम भागीदारी के विवादास्पद मुद्दे पर फैसला सुनाते हुए निर्देश दिया कि केंद्रीय वक्फ परिषद में 20 में से चार से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं होने चाहिए और राज्य वक्फ बोर्डों में 11 में से तीन से अधिक गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं होने चाहिए। </p>
<p>केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रावधान पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए लाभकारी हैं। मंत्री ने कहा, ‘‘वक्फ बोर्ड के माध्यम से संपत्ति पर कब्जा करने सहित होने वाले दुरुपयोग पर अब इस नए कानून के जरिए रोक लगेगी। उच्चतम न्यायालय पूरे मामले से भलीभांति अवगत था।’’ </p>
<p>वक्फ विधेयक पर विचार करने वाली संयुक्त संसदीय समिति के प्रमुख रहे भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसले से संसद द्वारा पारित कानून पर मुहर लगा दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय ने आज अपने अंतरिम आदेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के अपने संकल्प की पुष्टि की है। यही वह मुद्दा है जिसके लिए विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ एकजुट खड़ा हुआ है।’’ </p>
<p>उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने एक विभाजनकारी कानून को मनमाने तरीके से लागू करने की कोशिश की थी जिसका उद्देश्य केवल सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काना और उन मुद्दों को फिर से खोलना था जिन्हें भारत ने लंबे समय से सुलझा लिया था।’’ </p>
<p>कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘वक्फ़ (संशोधन) अधिनियम 2025 पर उच्चतम न्यायालय का आज का आदेश केवल उन दलों की जीत नहीं है ,जिन्होंने संसद में इस मनमाने क़ानून का विरोध किया था, बल्कि उन सभी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सदस्यों की भी जीत है जिन्होंने विस्तृत असहमति नोट प्रस्तुत किए थे। उन नोट को तब नज़रअंदाज़ कर दिया गया था लेकिन अब वे सही साबित हुए हैं।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा कि यह आदेश इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मूल कानून के पीछे छिपी विकृत मंशा को काफी हद तक निष्फल करता है। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘विपक्षी दलों की ओर से पेश वकीलों ने दलील दी थी कि यह कानून ऐसी व्यवस्था बनाएगा, जिसमें कोई भी व्यक्ति कलेक्टर के समक्ष संपत्ति की स्थिति को चुनौती दे सकेगा और मुकदमेबाज़ी के दौरान संपत्ति की स्थिति अनिश्चित बनी रहेगी। इसके अतिरिक्त, केवल वही व्यक्ति वक्फ़ में दान कर सकेगा जो पांच वर्षों से ‘मुसलमान’ होने का सबूत दे सकेगा।’’ </p>
<p>रमेश ने दावा किया कि इन धाराओं के पीछे की मंशा हमेशा स्पष्ट थी कि मतदाताओं को भड़काए रखना और ऐसा प्रशासनिक ढांचा बनाना जो धार्मिक विवादों को हवा देने वालों को संतुष्ट कर सके। कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम न्याय, समानता और बंधुता के संवैधानिक मूल्यों की जीत के रूप में इस आदेश का स्वागत करते हैं।’’</p>
<p>एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘‘मेरा मानना ​​है कि यह सिर्फ़ एक अंतरिम आदेश है, हम चाहते हैं कि उच्चतम न्यायालय इस पर अंतिम फ़ैसला दे और सुनवाई शुरू हो। इस क़ानून से वक़्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा नहीं होगी बल्कि अतिक्रमणकारियों को फायदा होगा और वक़्फ़ संपत्तियों पर कोई विकास नहीं होगा।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय को इस पर जल्द अंतिम फैसला सुनाना चाहिए। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी आदेश का स्वागत किया। माकपा महासचिव एम ए बेबी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘माननीय उच्चतम न्यायालय ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के कुछ प्रावधानों पर रोक लगा दी है, जिसमें वह प्रावधान भी शामिल है जिसके अनुसार किसी विवादित संपत्ति को तब तक वक्फ नहीं माना जाएगा जब तक कि कार्यपालिका जांच के बाद इसकी अनुमति ना दे।’’ </p>
<p>उन्होंने आगे कहा, ‘‘माकपा आंशिक रूप से रोक लगाने का स्वागत करती है।’’ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक नेता एम के स्टालिन ने उच्चतम न्यायालय के अंतरिम आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह ‘‘भाजपा सरकार द्वारा किए गए असंवैधानिक और अवैध संशोधनों को रद्द करने’’ की दिशा में एक बड़ा कदम है। </p>
<p>कई प्रमुख मुस्लिम संगठनों ने भी इस अंतरिम आदेश का स्वागत किया। हालांकि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने निराशा जताई। शीर्ष अदालत में इस विवादित अधिनियम को चुनौती देने वाली जमीयत के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि उनका संगठन इस ‘काले कानून’ के ख़त्म होने तक ‘अपनी क़ानूनी और लोकतांत्रिक जद्दोजहद को जारी रखेगा।” </p>
<p>वहीं, ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि उसे अदालतों पर पूरा भरोसा है और इंसाफ मिलने की उम्मीद है। ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव यासूब अब्बास ने कहा, "हम उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं। हमें अपनी अदालतों पर पूरा भरोसा है और हमें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।"</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/553333/waqf-amendment-act---important-decision-of-the-supreme-court-regarding-waqf--said--there-is-no-basis-for-banning-the-entire-law--but">Waqf Amendment Act: 'वक्फ को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, इस्लाम के पांच साल तक पालन की शर्त पर रोक, जानें क्या कहा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/553404/waqf-amendment-act--government-welcomed-the-supreme-court-s-decision-on-waqf--opposition-said---perverted-intention--failed</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/553404/waqf-amendment-act--government-welcomed-the-supreme-court-s-decision-on-waqf--opposition-said---perverted-intention--failed</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 18:55:00 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-09/muskan-dixit-%2817%299.webp"                         length="45706"                         type="image/webp"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वक्फ अधिनियम में संशोधन को लेकर भड़के ओवैसी, कहा- RSS के पास एक लिस्ट है जिसे कलेक्टर...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हैदराबाद: </strong>ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ तीखा हमला बोला। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा आयोजित महिलाओं के विरोध प्रदर्शन में शामिल ओवैसी ने आरोप लगाया कि इस अधिनियम की आड़ में मुसलमानों की जमीन छीनने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, 'RSS के पास एक लिस्ट है, जिसे कलेक्टर को सौंप दिया जाएगा और कलेक्टर सिर्फ इन्क्वायरी लिखकर हमारी जमीन हड़प लेगा।' ओवैसी लगातार वक्फ संशोधन अधिनियम का विरोध कर रहे हैं और केंद्र सरकार पर हमलावर हैं।</p>
<h5><strong>'मुसलमानों से उनकी जायदाद छीनने का</strong></h5>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/539237/owaisi-got-angry-over-the-amendment-in-waqf-act--said--rss-has-a-list-which-the-collector-"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(4)19.png" alt=""></a><br /><p><strong>हैदराबाद: </strong>ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ तीखा हमला बोला। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड द्वारा आयोजित महिलाओं के विरोध प्रदर्शन में शामिल ओवैसी ने आरोप लगाया कि इस अधिनियम की आड़ में मुसलमानों की जमीन छीनने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, 'RSS के पास एक लिस्ट है, जिसे कलेक्टर को सौंप दिया जाएगा और कलेक्टर सिर्फ इन्क्वायरी लिखकर हमारी जमीन हड़प लेगा।' ओवैसी लगातार वक्फ संशोधन अधिनियम का विरोध कर रहे हैं और केंद्र सरकार पर हमलावर हैं।</p>
<h5><strong>'मुसलमानों से उनकी जायदाद छीनने का काम हो रहा'</strong></h5>
<p>ओवैसी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, 'यह काला कानून हमारी मस्जिदों, दरगाहों और इमामबाड़ों को छीनने के लिए बनाया गया है। अगर कोई मुसलमान आदिवासी है, तो वह अपनी संपत्ति को वक्फ नहीं कर पाएगा। यह बेहद अजीब है। इस कानून के जरिए मुसलमानों की जमीन छीनने की साजिश हो रही है। यह कानून कहता है कि संसद के सामने की मस्जिद वक्फ की नहीं, बल्कि सरकार की संपत्ति होगी। आखिर बीजेपी ने ऐसा कानून क्यों बनाया? यह कानून मुस्लिम विरोधी मानसिकता के आधार पर बनाया गया है। इससे वक्फ की सुरक्षा नहीं होगी।'</p>
<h5><strong>'कानून वापस लिए जाने तक जारी रहेगी लड़ाई'</strong></h5>
<p>वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करने का ऐलान करते हुए ओवैसी ने कहा, 'हमारा विरोध तब तक जारी रहेगा, जब तक यह काला कानून वापस नहीं लिया जाता।' AIMIM प्रमुख ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, 'पहलगाम हमले को एक महीना बीत चुका है। हम सरकार से मांग करते हैं कि उन चार आतंकियों को पकड़ा जाए, जिन्होंने हमारी बहनों को विधवा बनाया।' बता दें कि हैदराबाद में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों महिलाओं ने हिस्सा लिया। महिलाओं ने और प्रदर्शन में शामिल लोगों ने वक्फ संशोधन अधिनियम को मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला करार दिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/539235/this-indian-billionaire-s-company-is-bigger-than-the-entire-gdp-of-pakistan--industrialist-harsh-goenka-exposed-pakistan-s-hollow-reply">पूरे पाकिस्तान की GDP से बड़ी है भारत के इस अरबपति की कंपनी, उद्योगपति हर्ष गोयंका ने खोली पाक की खोखली जवाबी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/539237/owaisi-got-angry-over-the-amendment-in-waqf-act--said--rss-has-a-list-which-the-collector-</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/539237/owaisi-got-angry-over-the-amendment-in-waqf-act--said--rss-has-a-list-which-the-collector-</guid>
                <pubDate>Fri, 23 May 2025 09:30:50 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-05/2025-%284%2919.png"                         length="561217"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Waqf Amendment Act: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू होते ही SG मेहता और सिब्बल के बीच छिड़ी बहस, कहा- बात सिर्फ तीन सवालों तक रहे सीमित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली, अमृत विचारः </strong>वक्फ संशोधन एक्ट पर मंगलवार, 20 मई 2025 को सुनवाई शुरू होते ही केंद्र और याचिकाकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। केंद्र का कहना है कि पिछली सुनवाई में तीन मुद्दों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया था, फिर याचिकाकर्ता ने अन्य मुद्दे क्यों उठाए। दूसरी ओर, याचिकाकर्ता का तर्क है कि कोई ऐसी पाबंदी नहीं थी कि अन्य मुद्दे नहीं उठाए जा सकते। इन मुद्दों में ‘अदालत द्वारा वक्फ, वक्फ बाई यूजर या वक्फ बाई डीड’ घोषित संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करने का अधिकार भी शामिल है। </p>
<p>भारत के प्रधान न्यायाधीश बी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/538899/waqf-amendment-act--as-soon-as-the-hearing-started-in-the-supreme-court--a-debate-broke-out-between-sg-mehta-and-sibal--saying-that-the-matter-should-be-limited-to-three-questions-only"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/supreme-court-4.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली, अमृत विचारः </strong>वक्फ संशोधन एक्ट पर मंगलवार, 20 मई 2025 को सुनवाई शुरू होते ही केंद्र और याचिकाकर्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। केंद्र का कहना है कि पिछली सुनवाई में तीन मुद्दों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया था, फिर याचिकाकर्ता ने अन्य मुद्दे क्यों उठाए। दूसरी ओर, याचिकाकर्ता का तर्क है कि कोई ऐसी पाबंदी नहीं थी कि अन्य मुद्दे नहीं उठाए जा सकते। इन मुद्दों में ‘अदालत द्वारा वक्फ, वक्फ बाई यूजर या वक्फ बाई डीड’ घोषित संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करने का अधिकार भी शामिल है। </p>
<p>भारत के प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ से केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने आग्रह किया कि वह पहले की पीठ द्वारा निर्धारित कार्यवाही तक ही सीमित रहें। विधि अधिकारी ने कहा, ‘‘न्यायालय ने तीन मुद्दे चिन्हित किए थे। हमने इन तीन मुद्दों पर अपना जवाब दाखिल किया था। हालांकि, याचिकाकर्ताओं की लिखित दलीलें अब कई अन्य मुद्दों तक चली गई हैं। मैंने इन तीन मुद्दों के जवाब में अपना हलफनामा दाखिल किया है। मेरा अनुरोध है कि इसे केवल तीन मुद्दों तक ही सीमित रखा जाए।’’</p>
<p>वक्फ अधिनियम, 2025 के प्रावधानों को चुनौती देने वाले लोगों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल तथा अभिषेक सिंघवी ने इन दलीलों का विरोध किया कि अलग-अलग हिस्सों में सुनवाई नहीं हो सकती। एक मुद्दा ‘अदालत द्वारा वक्फ, वक्फ बाई यूजर या वक्फ बाई डीड’ घोषित संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करने के अधिकार का है। याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाया गया दूसरा मुद्दा राज्य वक्फ बोर्डों और केंद्रीय वक्फ परिषद की संरचना से संबंधित है, जहां उनका तर्क है कि पदेन सदस्यों को छोड़कर केवल मुसलमानों को ही इसमें काम करना चाहिए। तीसरा मुद्दा एक प्रावधान से संबंधित है, जिसमें कहा गया है कि जब कलेक्टर यह पता लगाने के लिए जांच करते हैं कि संपत्ति सरकारी भूमि है या नहीं, तो वक्फ संपत्ति को वक्फ नहीं माना जाएगा। सुनवाई जारी है।</p>
<p>सिब्बल ने दलीलें पेश करना शुरू किया और मामले की पृष्ठभूमि का उल्लेख किया। गत 17 अप्रैल को, केंद्र ने शीर्ष अदालत को आश्वासन दिया था कि वह 5 मई तक न तो ‘वक्फ बाई यूजर’ समेत वक्फ संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करेगा, न ही केंद्रीय वक्फ परिषद और बोर्डों में कोई नियुक्ति करेगा। केंद्र ने केंद्रीय वक्फ परिषदों और बोर्डों में गैर-मुस्लिमों को शामिल करने की अनुमति देने वाले प्रावधान पर रोक लगाने के अलावा ‘वक्फ बाई यूजर’ सहित वक्फ संपत्तियों को गैर-अधिसूचित करने के खिलाफ अंतरिम आदेश पारित करने के शीर्ष अदालत के प्रस्ताव का विरोध किया था।</p>
<p>गत 25 अप्रैल को, केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने संशोधित वक्फ अधिनियम, 2025 का बचाव करते हुए 1,332 पन्नों का प्रारंभिक हलफनामा दायर किया था और ‘संसद द्वारा पारित संवैधानिकता की धारणा वाले कानून’ पर अदालत द्वारा किसी भी तरह की ‘पूर्ण रोक’ का विरोध किया था। केंद्र ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को पिछले महीने अधिसूचित किया था, जिसके बाद इसे 5 अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई थी। इस विधेयक को लोकसभा में 288 सदस्यों के मत से पारित किया गया, जबकि 232 सांसद इसके खिलाफ थे। राज्यसभा में इसके पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 सदस्यों ने मतदान किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/538865/deputy-cm-hits-back-at-akhilesh-yadav--says-on-dna----how-much-should-i-remind-you--i-will-get-the-thesis-written-and-send-it-to-you">डिप्टी सीएम का अखिलेश यादव पर पलटवार, DNA पर कहा... कितना याद दिलाऊ? थीसिस लिखवाकर भिजवा दूंगा</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/538899/waqf-amendment-act--as-soon-as-the-hearing-started-in-the-supreme-court--a-debate-broke-out-between-sg-mehta-and-sibal--saying-that-the-matter-should-be-limited-to-three-questions-only</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/538899/waqf-amendment-act--as-soon-as-the-hearing-started-in-the-supreme-court--a-debate-broke-out-between-sg-mehta-and-sibal--saying-that-the-matter-should-be-limited-to-three-questions-only</guid>
                <pubDate>Tue, 20 May 2025 13:04:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-01/supreme-court-4.jpg"                         length="456982"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अल्पसंख्यकों को ठगती हैं सपा-कांग्रेस, विपक्ष पर बोले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक - गुमराह कर पार्टियां लेती हैं वोट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>फिरोजाबाद। </strong>उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने वक़्फ़ संशोधन अधिनियम को गरीब और जरुरतमंद मुसलमानो के हित में बताते हुये कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने मुसलमानो को सिर्फ ठगा है। पाठक ने बुधवार को यहा कहा कि वक़्फ़ की व्यवस्थापन प्रणाली बहुत दुर्बल रही है जिसमें लगभग कोई जवाबदेही नहीं रही। </p>
<p style="text-align:justify;">इसी कारण वक़्फ़ अधिनियम 2025 बनाया गया है, ताकि वक़्फ़ के शासन को सुव्यवस्था किया जा सके। तीन तलाक जैसे गंभीर मुद्दे इस्लाम से कतई ताल्लुक नहीं रखते हैं। कांग्रेस और सपा राजनीतिक पार्टियों वोट बैंक की राजनीति के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537071/sp-congress-cheats-minorities--deputy-cm-brajesh-pathak-said-on-the-opposition---parties-take-votes-by-misleading"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post--(30).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>फिरोजाबाद। </strong>उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने वक़्फ़ संशोधन अधिनियम को गरीब और जरुरतमंद मुसलमानो के हित में बताते हुये कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस ने मुसलमानो को सिर्फ ठगा है। पाठक ने बुधवार को यहा कहा कि वक़्फ़ की व्यवस्थापन प्रणाली बहुत दुर्बल रही है जिसमें लगभग कोई जवाबदेही नहीं रही। </p>
<p style="text-align:justify;">इसी कारण वक़्फ़ अधिनियम 2025 बनाया गया है, ताकि वक़्फ़ के शासन को सुव्यवस्था किया जा सके। तीन तलाक जैसे गंभीर मुद्दे इस्लाम से कतई ताल्लुक नहीं रखते हैं। कांग्रेस और सपा राजनीतिक पार्टियों वोट बैंक की राजनीति के लिए इन सभी मुद्दों को इस्लाम से जोड़कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकती हैं और मुस्लिम समुदाय को आजतक गुमराह करती चली आ रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होने कहा कि वक्फ दान की सम्पत्ति है जिसका उपयोग समाज हित में होना चाहिए। नये वक्फ कानून में यही संशोधन किया गया है। मुस्लिम समाज के गरीब और पसमांदा परिवारों, महिलाओं, खासकर मुस्लिम विधवाओं को, बच्चों को उनका हक भी मिलेगा और उनका हक सुरक्षित भी रहेगा। यही असली सामाजिक न्याय है। </p>
<p style="text-align:justify;">वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करेगा तथा साथ ही भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण भी लगाएगा। यह सुधार गरीब मुस्लिम की प्रगति के लिए है और इसके सुखद परिणाम भविष्य में सामने आयेंगे। पाठक ने कहा कि वक्फ़ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित कर केंद्र सरकार, मुस्लिम समुदाय के कमजोर एवं वंचित वर्गों के कल्याण के लिए ठोस कदम उठा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">मुस्लिम समाज के लोगों को बड़ी तादात में सरकारी आवास व अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिए गए है। किसी से भेदभाव नही किया गया जबकि सपा और कांग्रेस दोनों ने मुसलमानों को ठगा है इनके वोट लेकर केवल यूज किया जाता है फिर निकाल कर फेंक दिया जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.amritvichar.com/article/537067/yogi-s-special-soldiers-will-handle-the-security-of-the-jewel--131-policemen-will-be-deployed-at-the-airport--training-of-the-first-batch-is-complete#goog_rewarded">योगी के खास जवान संभालेंगे जेवर की सुरक्षा, एयरपोर्ट पर तैनात होंगे 131 पुलिसकर्मी, पहले बैच की ट्रेनिंग पूरी </a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>फिरोजाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/537071/sp-congress-cheats-minorities--deputy-cm-brajesh-pathak-said-on-the-opposition---parties-take-votes-by-misleading</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/537071/sp-congress-cheats-minorities--deputy-cm-brajesh-pathak-said-on-the-opposition---parties-take-votes-by-misleading</guid>
                <pubDate>Wed, 07 May 2025 18:03:17 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-05/news-post--%2830%29.jpg"                         length="107899"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वक्फ संशोधन विधेयक पर हुआ घमासान... Supreme Court ने केंद्र से पूछा- क्या मुसलमानों को हिंदू धार्मिक ट्रस्टों का हिस्सा बनने की दी जाएगी अनुमति </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>Supreme Court Hearing On Waqf Law:</strong> उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केंद्र से पूछा कि क्या मुसलमानों को हिंदू धार्मिक ट्रस्टों का हिस्सा बनने की अनुमति दी जाएगी। </p>
<p>प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि ‘‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’’ को कैसे अस्वीकृत किया जा सकता है, क्योंकि कई लोगों के पास ऐसे वक्फों को पंजीकृत कराने के लिए अपेक्षित दस्तावेज नहीं होंगे। ‘‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’’</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533701/the-resolution-will-be-found-from-the-sc-started-on"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(21)10.png" alt=""></a><br /><p><strong>Supreme Court Hearing On Waqf Law:</strong> उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केंद्र से पूछा कि क्या मुसलमानों को हिंदू धार्मिक ट्रस्टों का हिस्सा बनने की अनुमति दी जाएगी। </p>
<p>प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से पूछा कि ‘‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’’ को कैसे अस्वीकृत किया जा सकता है, क्योंकि कई लोगों के पास ऐसे वक्फों को पंजीकृत कराने के लिए अपेक्षित दस्तावेज नहीं होंगे। ‘‘उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ’’ से तात्पर्य ऐसी प्रथा से है, जिसमें किसी संपत्ति को धार्मिक या धर्मार्थ बंदोबस्ती (वक्फ) के रूप में मान्यता उसके ऐसे प्रयोजनों के लिए दीर्घकालिक, निर्बाध उपयोग के आधार पर दी जाती है, भले ही मालिक द्वारा वक्फ की कोई औपचारिक, लिखित घोषणा न की गई हो। </p>
<p>पीठ ने कहा, ‘‘आप उपयोगकर्ता द्वारा ऐसे वक्फ को कैसे पंजीकृत करेंगे? उनके पास कौन से दस्तावेज होंगे? इससे कुछ पूर्ववत हो जाएगा। हां, कुछ दुरुपयोग है। लेकिन वास्तविक भी हैं। मैंने प्रिवी काउंसिल के फैसलों को भी पढ़ा है। उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ को मान्यता दी गई है। यदि आप इसे पूर्ववत करते हैं तो यह एक समस्या होगी। विधायिका किसी निर्णय, आदेश या डिक्री को शून्य घोषित नहीं कर सकती। आप केवल आधार ले सकते हैं।’’ </p>
<p>मेहता ने कहा कि मुसलमानों का एक बड़ा वर्ग वक्फ अधिनियम के तहत शासित नहीं होना चाहता। पीठ ने इसके बाद मेहता से पूछा, ‘‘क्या आप यह कह रहे हैं कि अब से आप मुसलमानों को हिंदू बंदोबस्ती बोर्ड का हिस्सा बनने की अनुमति देंगे। इसे खुलकर कहें।’’ उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जब 100 या 200 साल पहले किसी सार्वजनिक ट्रस्ट को वक्फ घोषित किया जाता था, तो उसे अचानक वक्फ बोर्ड द्वारा अपने अधीन नहीं लिया जा सकता था और अन्यथा घोषित नहीं किया जा सकता था। पीठ ने कहा, ‘‘आप अतीत को दोबारा नहीं लिख सकते।’’ </p>
<p>मेहता ने कहा कि संयुक्त संसदीय समिति ने 38 बैठकें कीं और संसद के दोनों सदनों द्वारा इसके पारित होने से पहले 98.2 लाख ज्ञापनों की पड़ताल की। प्रधान न्यायाधीश खन्ना ने यह भी कहा कि एक उच्च न्यायालय को इन याचिकाओं पर विचार करने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘दो पहलू हैं जिन पर हम दोनों पक्षों से बात करना चाहते हैं। सबसे पहले, क्या हमें इस पर विचार करना चाहिए या इसे उच्च न्यायालय को सौंप देना चाहिए? दूसरा, संक्षेप में बताएं कि आप वास्तव में क्या आग्रह कर रहे हैं और क्या तर्क देना चाहते हैं? हम यह नहीं कह रहे हैं कि कानून के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई करने और निर्णय लेने में उच्चतम न्यायालय पर कोई रोक है।’’ </p>
<p>याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने वक्फ संशोधन अधिनियम का हवाला दिया और कहा कि वह उस प्रावधान को चुनौती दे रहे हैं, जिसमें कहा गया है कि केवल मुसलमान ही वक्फ कर सकते हैं। सिब्बल ने पूछा, ‘‘सरकार कैसे तय कर सकती है कि मैं मुसलमान हूं या नहीं और इसलिए वक्फ करने का पात्र हूं या नहीं?’’ उन्होंने कहा, ‘‘सरकार यह कैसे कह सकती है कि केवल वे लोग ही वक्फ कर सकते हैं जो पिछले पांच वर्षों से इस्लाम का पालन कर रहे हैं?’’ कुछ याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि वक्फ अधिनियम का प्रभाव पूरे भारत में होगा और याचिकाओं को उच्च न्यायालय को नहीं भेजा जाना चाहिए। </p>
<p>वक्फ अधिनियम का विरोध करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने कहा कि उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ करना इस्लाम की एक स्थापित प्रथा है और इसे छीना नहीं जा सकता। केंद्र ने हाल ही में वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 को अधिसूचित किया, जिसे दोनों सदनों में तीखी बहस के बाद संसद से पारित होने के बाद पांच अप्रैल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी मिल गई। राज्यसभा में विधेयक के पक्ष में 128 और विरोध में 95 सदस्यों ने मत दिया। वहीं, लोकसभा में इसके पक्ष में 288 तथा विरोध में 232 वोट पड़े। इस तरह यह दोनों सदनों से पारित हो गया था। एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी), जमीयत उलमा-ए-हिंद, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और मोहम्मद जावेद की याचिकाओं सहित 72 याचिकाएं अधिनियम की वैधता को चुनौती देने के लिए दायर की गई हैं। </p>
<p>केंद्र ने आठ अप्रैल को उच्चतम न्यायालय में एक ‘कैविएट’ दायर कर मामले में कोई भी आदेश पारित करने से पहले सुनवाई की अपील की थी। किसी पक्ष द्वारा उच्च न्यायालयों और उच्चतम न्यायालय में यह सुनिश्चित करने के लिए ‘कैविएट’ दायर की जाती है कि उसका पक्ष सुने बिना कोई आदेश पारित न किया जाए। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/533699/the-pressure-of-studies-took-the-life-of-the-innocent">पढ़ाई के प्रेशर ने ले ली मासूम की जान, दसवीं कक्षा का छात्र रेलवे स्टेशन पर मिला शव, नोएडा से था लापाता</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/533701/the-resolution-will-be-found-from-the-sc-started-on</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/533701/the-resolution-will-be-found-from-the-sc-started-on</guid>
                <pubDate>Wed, 16 Apr 2025 14:27:29 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/2025-%2821%2910.png"                         length="971565"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने वक्फ संशोधन अधिनियम पर पाकिस्तान की टिप्पणियों को किया खारिज, कहा- आंतरिक मामलों में दखल बर्दाश्त नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत ने वक्फ संशोधन अधिनियम पर पाकिस्तान की आलोचना को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान को दूसरों को उपदेश देने के बजाय अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने के अपने ‘‘बेहद खराब’’ रिकॉर्ड को देखना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कानून पर पाकिस्तान की टिप्पणियों को मकसद से ‘‘प्रेरित और निराधार’’ बताया और कहा कि पड़ोसी देश को भारत के आंतरिक मामले पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। </p>
<p>जायसवाल ने कहा, ‘‘हम भारत की संसद से पारित वक्फ संशोधन अधिनियम पर पाकिस्तान द्वारा किसी मकसद से प्रेरित और निराधार टिप्पणियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533638/india-rejected-pakistans-comments-on-the-waqf-amendment-act-not"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/demo-image-v---2025-04-15t223439.360.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> भारत ने वक्फ संशोधन अधिनियम पर पाकिस्तान की आलोचना को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि पाकिस्तान को दूसरों को उपदेश देने के बजाय अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने के अपने ‘‘बेहद खराब’’ रिकॉर्ड को देखना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कानून पर पाकिस्तान की टिप्पणियों को मकसद से ‘‘प्रेरित और निराधार’’ बताया और कहा कि पड़ोसी देश को भारत के आंतरिक मामले पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। </p>
<p>जायसवाल ने कहा, ‘‘हम भारत की संसद से पारित वक्फ संशोधन अधिनियम पर पाकिस्तान द्वारा किसी मकसद से प्रेरित और निराधार टिप्पणियों को दृढ़ता से खारिज करते हैं।’’ प्रवक्ता वक्फ संशोधन अधिनियम पर पाकिस्तान की ओर से की गई टिप्पणियों के संबंध में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘भारत के आंतरिक मामले पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान को कोई अधिकार नहीं है।’’ जायसवाल ने कहा, ‘‘जब अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की बात आती है तो पाकिस्तान को दूसरों को उपदेश देने के बजाय अपने खुद के बेहद खराब रिकॉर्ड पर गौर करना चाहिए।’’ </p>
<p>ये भी पढ़ें- <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/533626/on-the-instructions-of-the-government-16-ias-officers-transferred">लखनऊ : शासन के निर्देश पर प्रदेश में 16 IAS अफसरों के तबादले</a></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/533638/india-rejected-pakistans-comments-on-the-waqf-amendment-act-not</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/533638/india-rejected-pakistans-comments-on-the-waqf-amendment-act-not</guid>
                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 22:34:52 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/demo-image-v---2025-04-15t223439.360.jpg"                         length="192351"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुप्रीम कोर्ट वक्फ कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं पर कल करेगा सुनवाई </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में दायर विभिन्न याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई होगी। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लोगों तथा राजनीतिक दलों द्वारा इस अधिनियम के विरुद्ध न्यायालय में 12 से अधिक याचिकाएं दायर की गई हैं जिनमें इस अधिनियम को संविधान के विरुद्ध और एक खास संप्रदाय के प्रति भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे निरस्त किए जाने का अनुरोध किया गया है। न्यायालय ने इन याचिकाओं पर 16 अप्रैल को सुनवाई करने का निश्चय किया। वक्फ संशोधन अधिनियम को संसद के बजट सत्र में मैराथन चर्चाओं के बाद पारित किया गया। राष्ट्रपति ने इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533621/supreme-court-will-hear-the-petitions-filed-against-waqf-act"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/demo-image-v---2024-09-06t114640.480.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में दायर विभिन्न याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई होगी। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के लोगों तथा राजनीतिक दलों द्वारा इस अधिनियम के विरुद्ध न्यायालय में 12 से अधिक याचिकाएं दायर की गई हैं जिनमें इस अधिनियम को संविधान के विरुद्ध और एक खास संप्रदाय के प्रति भेदभावपूर्ण बताते हुए इसे निरस्त किए जाने का अनुरोध किया गया है। न्यायालय ने इन याचिकाओं पर 16 अप्रैल को सुनवाई करने का निश्चय किया। वक्फ संशोधन अधिनियम को संसद के बजट सत्र में मैराथन चर्चाओं के बाद पारित किया गया। राष्ट्रपति ने इस विधेयक पर मुहर लगा दी जिसके बाद ही यह देश का कानून बन गया है। </p>
<p>इसके खिलाफ दायर याचिकाकर्ताओं में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, तृणमूल कांग्रेस की लोक सभा सदस्य महुआ मोइत्रा, अभिनेता से नेता बने तमिलगा वेत्री कझगम के अध्यक्ष विजय और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी जैसे व्यक्ति और संगठन भी शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया है कि यह कानून वक्फ संस्थानों की स्वायत्तता को गंभीर रूप से कमजोर करता है और इससे मुस्लिम बंदोबस्त पर सरकार का नियंत्रण बहुत बढ़ गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने भी इस कानून के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। </p>
<p>इस कानून का विरोध करने वाले प्राय: सभी याचिकाकर्ताओं ने इसे अनुच्छेद 14, 25 और 26 का उल्लंघन करने वाला बताते हुए नए संशोधनों को रद्द करने की मांग की है। कानून का समर्थन कर रहे संगठनों और सरकारों ने इस कानून के समर्थन में कानूनी पेशबंदी की है। राजस्थान, असम और महाराष्ट्र ने वक्फ कानून में नए संशोधनों को प्रशासनिक पारदर्शिता और विनियमन के लिए जरूरी बताते हुए इस मामले में न्यायालय की कार्यवाही में पक्ष रखने की अनुमति मांगी है।</p>
<p>कृष्ण जन्मभूमि मामले में मुख्य याचिकाकर्ता और श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने भी संशोधित कानून का पुरजोर समर्थन किया है। इसी तरह, कृष्ण जन्मभूमि मुकदमे में एक अन्य प्रमुख व्यक्ति अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने भी न्यायालय में उतरने की तैयारी में हैं ।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/533609/national-herald-case--ed-takes-big-action-against-sonia-and-rahul-gandhi--files-chargesheet">नेशनल हेराल्ड मामला: सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ ED की बड़ी कार्रवाई, आरोप-पत्र किया दाखिल </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/533621/supreme-court-will-hear-the-petitions-filed-against-waqf-act</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/533621/supreme-court-will-hear-the-petitions-filed-against-waqf-act</guid>
                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 20:54:32 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2024-09/demo-image-v---2024-09-06t114640.480.jpg"                         length="286832"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वक्फ बिल पर सीएम ममता बनर्जी की टिप्पणी सही नहीं, केंद्रीय कानून मंत्री ने साधा निशाना</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस टिप्पणी को ‘सही नहीं’ बताया, जिसमें कहा गया है कि संशोधित वक्फ कानून राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ममता ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के दौरान भी इसी तरह की टिप्पणी की थी। </p>
<p>मेघवाल ने संवादाताओं से कहा, ‘‘लेकिन सीएए पश्चिम बंगाल में लागू किया गया।’’ वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कानून मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533392/cm-mamata-banerjees-comment-on-waqf-bill-is-not-right"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/2025-(25)7.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस टिप्पणी को ‘सही नहीं’ बताया, जिसमें कहा गया है कि संशोधित वक्फ कानून राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ममता ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) के दौरान भी इसी तरह की टिप्पणी की थी। </p>
<p>मेघवाल ने संवादाताओं से कहा, ‘‘लेकिन सीएए पश्चिम बंगाल में लागू किया गया।’’ वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए कानून मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान कि पश्चिम बंगाल में कानून लागू नहीं किया जाएगा, ‘सही नहीं’ था। उन्होंने कहा, ‘‘ममता ने सीएए के दौरान भी इसी तरह की टिप्पणी की थी, लेकिन सीएए बंगाल में लागू किया गया। यह संसद द्वारा पारित कानून है जिसे पूरे भारत में लागू किया जाता है। यदि इसके कार्यान्वयन के दौरान कोई कठिनाई होती है, तो नियम बनाते समय सुझाव दिए जा सकते हैं।’’ </p>
<p>मेघवाल ने यह टिप्पणी बीआर आंबेडकर की 135वीं जयंती पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए कानून मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर शुक्रवार से मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद के सुती, धुलियान, समसेरगंज और जंगीपुर इलाकों में भड़की हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। हिंसा भड़कने के बाद से सैकड़ों लोग उन इलाकों से पलायन करने लगे हैं। पुलिस ने हिंसा के सिलसिले में शनिवार रात तक 150 लोगों को गिरफ्तार किया है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/533386/explosive-material-recovered-including-10-terrorist-arrested-weapons-of-tehreek-e-taliban">आतंकवादियों के नापाक इरादे नाकाम! पाकिस्तान के पंजाब से तहरीक-ए-तालिबान के 10 आतंकवादी गिरफ्तार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/533392/cm-mamata-banerjees-comment-on-waqf-bill-is-not-right</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/533392/cm-mamata-banerjees-comment-on-waqf-bill-is-not-right</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 17:47:59 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/2025-%2825%297.png"                         length="822364"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Waqf Bill पर नकवी बोले- लश्करे लूट की लम्पट छूट पर सर्जिकल स्ट्राइक है वक्फ  संशोधन एक्ट </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि लश्करे लूट की लम्पट छूट पर सर्जिकल स्ट्राइक है वक्फ संशोधन एक्ट।” नकवी ने आज यहां पत्रकारों द्वारा वक़्फ पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि ‘चोट लश्करे तबाही पर चीख लश्करे तुष्टीकरण’ की निकल रही है, जिनके लूट लाइसेंस की नाकेबंदी पर लूटसाहबों की लामबंदी इस बात का प्रमाण है कि वक़्फ सिस्टम की दाल में काला नहीं था बल्कि पूरी दाल ही काली हो गई थी। इस गन्दगी की सफाई में मुल्क और मज़हब की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533377/on-waqf-bill--naqvi-said--waqf-amendment-act-is-a-surgical-strike-on-the-unbridled-freedom-of-loot"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/नकवी1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सोमवार को कहा कि लश्करे लूट की लम्पट छूट पर सर्जिकल स्ट्राइक है वक्फ संशोधन एक्ट।” नकवी ने आज यहां पत्रकारों द्वारा वक़्फ पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि ‘चोट लश्करे तबाही पर चीख लश्करे तुष्टीकरण’ की निकल रही है, जिनके लूट लाइसेंस की नाकेबंदी पर लूटसाहबों की लामबंदी इस बात का प्रमाण है कि वक़्फ सिस्टम की दाल में काला नहीं था बल्कि पूरी दाल ही काली हो गई थी। इस गन्दगी की सफाई में मुल्क और मज़हब की भलाई है। </p>
<p>नकवी ने कहा कि वक्फ सुधार कानून, आस्था के संरक्षण और व्यवस्था के सुधार का है, ये कानून किसी मजहब का नहीं मुल्क का है, इससे ना धर्म को नुकसान है ना धार्मिक स्थल को। नकवी ने कहा कि कुछ लोग भय-भ्रम के भंवरजाल से सीधे-साधे लोगों के कंधों पर बंदूक और कम्युनल कांस्प्रेसी का संदूक ले कर घूम रहें हैं। ऐसे भ्रम के गटर में भरोसे का शटर लगा कर साजिशी सिंडिकेट के साम्प्रदायिक संक्रमण का सफ़ाया करना होगा। </p>
<p>नकवी ने कहा,“वक्फ सुधार कानून लूट की लंका में कानून का डंका, वक्फ सिस्टम के कन्फ्यूजन, कंट्राडिक्शन, कनफ्लिक्ट को करेक्ट कर, सुधार और सशक्तिकरण का मार्ग प्रशस्त करेगा।” नकवी ने कहा कि वक्फ संशोधन पर बहस के दौरान संसद में तर्कों, तथ्यों की कंगाली से जूझ रहे लोग सड़क पर मवाली जैसे व्यवहार में जुटकर, संवैधानिक सुधार पर सांप्रदायिक वार कर रहे हैं। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/533362/the-country-saw--blackout--during-congress-rule--now-electricity-is-being-exported--pm-modi-attacked-congress#gsc.tab=0">कांग्रेस शासन में देश ने ‘ब्लैकआउट’ देखा, अब बिजली का निर्यात हो रहा है, पीएम मोदी का Congress पर वार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/533377/on-waqf-bill--naqvi-said--waqf-amendment-act-is-a-surgical-strike-on-the-unbridled-freedom-of-loot</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/533377/on-waqf-bill--naqvi-said--waqf-amendment-act-is-a-surgical-strike-on-the-unbridled-freedom-of-loot</guid>
                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 16:40:01 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2023-06/%E0%A4%A8%E0%A4%95%E0%A4%B5%E0%A5%801.jpg"                         length="79934"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वक्फ संशोधन कानून से वक्फ की पवित्र भावना की रक्षा होगी : पीएम मोदी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वक्फ संशोधन कानून के बनने के बाद वक्फ की पवित्र भावना की रक्षा होगी और गरीब-पसमांदा मुसलमान, महिला-बच्चे, सबके हक भी महफूज़ रहेंगे।</p>
<p>मोदी ने आज रात यहां एक टेलीविजन समाचार चैनल के कार्यक्रम में वक्फ पर पहली बार राजनीतिक प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, “तुष्टिकरण की राजनीति में कांग्रेस को सत्ता मिली, कुछ कट्टरपंथी नेताओं को दौलत मिली, लेकिन सवाल ये है कि आम मुसलमान को क्या मिला? गरीब पसमांदा मुसलमान को क्या मिला... उसे मिली उपेक्षा, अशिक्षा, बेरोजगारी। जबकि मुस्लिम महिलाओं को मिला शाहबानो जैसा अन्याय।”</p>
<p>प्रधानमंत्री ने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/532339/pm-modi-will-protect-the-sacred-spirit-of-waqf-from"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/प्रधानमंत्री-नरेंद्र-मोदी.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वक्फ संशोधन कानून के बनने के बाद वक्फ की पवित्र भावना की रक्षा होगी और गरीब-पसमांदा मुसलमान, महिला-बच्चे, सबके हक भी महफूज़ रहेंगे।</p>
<p>मोदी ने आज रात यहां एक टेलीविजन समाचार चैनल के कार्यक्रम में वक्फ पर पहली बार राजनीतिक प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, “तुष्टिकरण की राजनीति में कांग्रेस को सत्ता मिली, कुछ कट्टरपंथी नेताओं को दौलत मिली, लेकिन सवाल ये है कि आम मुसलमान को क्या मिला? गरीब पसमांदा मुसलमान को क्या मिला... उसे मिली उपेक्षा, अशिक्षा, बेरोजगारी। जबकि मुस्लिम महिलाओं को मिला शाहबानो जैसा अन्याय।”</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं देश की संसद को, सर्वसमाज के हित में, मुस्लिम समाज के हित में एक शानदार कानून बनाने के लिए बधाई देता हूं। अब वक्फ की पवित्र भावना की भी रक्षा होगी और गरीब-पसमांदा मुसलमान, महिला-बच्चे, सबके हक भी महफूज़ रहेंगे।”</p>
<p>उन्होंने कहा कि वक्फ विधेयक पर बहस हमारे संसदीय इतिहास में दूसरी सबसे लंबी चर्चा है। विधेयक पर चर्चा दोनों सदनों में 16 घंटे तक चली, जिसमें संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की 38 बैठकें हुईं, जिसमें कुल 128 घंटे का विचार-विमर्श हुआ। इसके अलावा, देश भर के नागरिकों से लगभग 1 करोड़ ऑनलाइन सुझाव प्राप्त हुए। यह रेखांकित करता है कि लोकतंत्र संसद की दीवारों तक सीमित नहीं है बल्कि सक्रिय जन भागीदारी के माध्यम से इसे समृद्ध और मजबूत किया जा रहा है।</p>
<p>मोदी कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, भारत ने तेजी से तरक्की की है और केवल एक दशक में अपनी अर्थव्यवस्था के आकार को दोगुना कर दिया। जिन लोगों ने सोचा था कि भारत धीरे-धीरे और तेजी से आगे बढ़ेगा, वे अब एक तेज और निडर भारत को देखते हैं।</p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के अभूतपूर्व विकास को कौन चला रहा है? भारत के युवा, उनकी महत्वाकांक्षाएं और आकांक्षाएं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया की नज़र भी भारत पर है और दुनिया की उम्मीद भी भारत से है। कुछ ही वर्षों में हम दुनिया की 11वीं से 5वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बने हैं। और निस्संदेह, भारत जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/532328/violence-protesters-caught-fire-in-stone-pelting-vehicles-in-protest">मुर्शिदाबाद: वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन में हिंसा, प्रदर्शनकारियों ने की पत्थरबाजी...पुलिस वाहनों में लगाई गई आग </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/532339/pm-modi-will-protect-the-sacred-spirit-of-waqf-from</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/532339/pm-modi-will-protect-the-sacred-spirit-of-waqf-from</guid>
                <pubDate>Tue, 08 Apr 2025 21:53:34 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-03/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A7%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AE%E0%A4%82%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%82%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%B0-%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%A6%E0%A5%80.jpg"                         length="79604"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वक्फ संपत्तियां बचाने के लिए एकजुट हुआ पसमांदा मुस्लिम समाज, जल्द करेंगे बड़ा आन्दोलन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में 17 मार्च को दिल्ली में आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर हुए प्रदर्शन में शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्षों की गैर मौजूदगी पर पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीस मंसूरी ने उनकी नीयत पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियां पसमांदा मुसलमानों की अमानत हैं लेकिन मुतवल्ली, मौलाना और वक्फ बोर्ड के जिम्मेदार लोग अपने पदों का इस्तेमाल अपने निजी स्वार्थों के लिए कर रहे हैं।</p>
<p>अनीस मंसूरी ने कहा है कि जब वक्फ संपत्तियों को बचाने और कौम के हक की आवाज</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/528792/pasmanda-muslim-society-united-to-save-waqf-properties-will-soon"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/untitled-design-(8)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>वक्फ संशोधन अधिनियम के विरोध में 17 मार्च को दिल्ली में आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर हुए प्रदर्शन में शिया व सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्षों की गैर मौजूदगी पर पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनीस मंसूरी ने उनकी नीयत पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियां पसमांदा मुसलमानों की अमानत हैं लेकिन मुतवल्ली, मौलाना और वक्फ बोर्ड के जिम्मेदार लोग अपने पदों का इस्तेमाल अपने निजी स्वार्थों के लिए कर रहे हैं।</p>
<p>अनीस मंसूरी ने कहा है कि जब वक्फ संपत्तियों को बचाने और कौम के हक की आवाज को बुलंद करने का वक्त आया तो जिम्मेदार लोग नदारद रहे। यह इस बात का साफ सबूत है कि ये लोग सरकार की सरपरस्ती में ही अपना खेल खेल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग वक्फ की मिल्कियत के रक्षक नहीं बल्कि दलाल बन चुके हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि पसमांदा मुस्लिम समाज जल्दी ही वक्फ संपत्तियों को बचाने के लिए एक बड़ा आन्दोलन चलाएगा। इसके साथ ही वक्फ बोर्ड में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए भी सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/528778/video-at-charbagh-railway-station-policemans-bullying-child-was-killed">Video: चारबाग रेलवे स्टेशन पर पुलिसकर्मी की दबंगई, बच्चे को मारा डंडा, हुआ बवाल</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/528792/pasmanda-muslim-society-united-to-save-waqf-properties-will-soon</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/528792/pasmanda-muslim-society-united-to-save-waqf-properties-will-soon</guid>
                <pubDate>Fri, 21 Mar 2025 11:15:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.amritvichar.com/media/2025-03/untitled-design-%288%292.png"                         length="1099451"                         type="image/png"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        