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                <title>CM Yogi Adityanath - Amrit Vichar</title>
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                <description>CM Yogi Adityanath RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title> फसल क्षति पर सरकार की तेज कार्रवाई : अग्निकांड, ओलावृष्टि व अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को करोड़ों की राहत </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ :</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार ने हालिया खराब मौसम, आंधी, अग्निकांड, ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रशासन को फील्ड में सक्रिय रहकर त्वरित सर्वेक्षण और सहायता वितरण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी पात्र किसान मदद से वंचित न रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026-27 में अग्निकांड की घटनाओं से बाराबंकी, बलिया, बांदा, महराजगंज, मथुरा, पीलीभीत, रामपुर और सोनभद्र सहित 8 जनपदों में 111.134 हेक्टेयर फसल क्षति दर्ज की गई है। इसके सापेक्ष 668 प्रभावित किसानों में से 51 किसानों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580468/governments-swift-action-on-crop-damage-relief-worth-crores-to"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/सीएम-योगी.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ :</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सरकार ने हालिया खराब मौसम, आंधी, अग्निकांड, ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। प्रशासन को फील्ड में सक्रिय रहकर त्वरित सर्वेक्षण और सहायता वितरण के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी पात्र किसान मदद से वंचित न रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026-27 में अग्निकांड की घटनाओं से बाराबंकी, बलिया, बांदा, महराजगंज, मथुरा, पीलीभीत, रामपुर और सोनभद्र सहित 8 जनपदों में 111.134 हेक्टेयर फसल क्षति दर्ज की गई है। इसके सापेक्ष 668 प्रभावित किसानों में से 51 किसानों को अब तक Rs1,81,963 की राहत राशि वितरित की जा चुकी है। वहीं ओलावृष्टि से मथुरा, जालौन, हरदोई, बुलंदशहर, औरैया, संभल, शाहजहांपुर, आगरा, अलीगढ़, कन्नौज, ललितपुर, सहारनपुर और उन्नाव सहित 13 जनपदों में 38,369.72 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस आपदा से प्रभावित 1,07,104 किसानों में से 23,983 किसानों को रुपये 14,92,60,448 की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके अलावा अतिवृष्टि के कारण कानपुर देहात, शाहजहांपुर, रामपुर, जालौन, बुलंदशहर, गोंडा, मथुरा, पीलीभीत और सहारनपुर सहित 9 जनपदों में 1,358.678 हेक्टेयर फसल क्षति दर्ज की गई है। यहां 3,920 प्रभावित किसानों में से 1,849 किसानों को Rs1,09,87,132 की राहत राशि वितरित की गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने स्पष्ट किया है कि फसल क्षति का आकलन तेजी से कराया जा रहा है और शेष प्रभावित किसानों को भी शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासनिक स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, जिससे किसानों को समयबद्ध राहत मिल सके और वे आगामी फसल की तैयारी बिना किसी बाधा के कर सकें। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 18:56:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिव मंदिर के शिखर पर सीएम आज करेंगे ध्वज आरोहण,  कई प्रमुख स्थानों पर वाहनों को प्रवेश नहीं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार। </strong>राम मंदिर के 800 मीटर की परिधि में बने परकोटा के ईशांत कोण पर स्थापित शिव मंदिर में बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ साधु-संतों और लगभग 1500 लोगों के मौजूदगी में ध्वज आरोहण करेंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट समारोह के सम्बंध में सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है। शिव मंदिर के शिखर पर बुधवार शाम 4 बजे से 6 बजे के बीच ध्वज आरोहण के पूर्व वैदिक मंत्रोच्चण से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूजन करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल जी राव ने मंगलवार को बताया कि शिव मंदिर के ही निकट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580294/cm-to-hoist-flag-at-the-pinnacle-of-the-shiva-temple-today--vehicle-entry-restricted-at-several-key-locations"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(9)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या, अमृत विचार। </strong>राम मंदिर के 800 मीटर की परिधि में बने परकोटा के ईशांत कोण पर स्थापित शिव मंदिर में बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ साधु-संतों और लगभग 1500 लोगों के मौजूदगी में ध्वज आरोहण करेंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट समारोह के सम्बंध में सभी तैयारियों को पूरा कर लिया है। शिव मंदिर के शिखर पर बुधवार शाम 4 बजे से 6 बजे के बीच ध्वज आरोहण के पूर्व वैदिक मंत्रोच्चण से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूजन करेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">राम मंदिर ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल जी राव ने मंगलवार को बताया कि शिव मंदिर के ही निकट पूरे आयोजन को संपन्न किया जाएगा है। लगभग दो घंटे के कार्यक्रम में सीएम योगी ध्वज आरोहण के बाद अतिथियों को संबोधित भी करेंगे। उन्होंने कहा कि इस बार के आयोजन में ज्यादा दूरी के लोगों को आमंत्रण पत्र कम से कम भेजा गया है। स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक वरीयता दी गई है। उन्होंने बताया कि वैशाख शुक्ल त्रयोदशी को सायंकाल पांच बजे इस समारोह को संपन्न किया जाएगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">यातायात डायवर्जन </h5>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अयोध्या धाम भ्रमण कार्यक्रम को देखते हुए यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस विभाग की ओर से मंगलवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार बुधवार दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक अयोध्या धाम क्षेत्र में कई प्रमुख स्थानों पर वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">रामपथ से अयोध्या धाम की ओर आने वाले सभी प्रकार के वाहनों का टेढ़ी बाजार (गुरु वशिष्ठ चौराहा) से लतामंगेशकर चौक की ओर प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। श्रृंगारहाट से हनुमानगढ़ी की ओर सभी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। हनुमानगुफा बैरियर से लता मंगेशकर चौक की तरफ कोई भी वाहन नहीं जा सकेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">लता मंगेशकर चौक से टेढ़ी बाजार की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। पुराना सरयू पुल से लता मंगेशकर चौक की ओर सभी वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। रानोपाली रेलवे क्रॉसिंग से टेढ़ी बाजार की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इन वाहनों को उदासीन आश्रम के सामने से होते हुए विद्याकुंड तिराहा होकर अपने गंतव्य तक जाने की अनुमति होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि निम्न पार्किंग स्थलों पर खड़े कर सकेंगे। टेढ़ी बाजार चौराहे के पास अरुन्धति मल्टीलेवल पार्किंग, गोकुल भवन के बगल वाली पार्किंग, ब्रह्मकुण्ड गुरुद्वारा के सामने परिक्रमा मार्ग पर स्थित पार्किंग में आधा घंटे पहले प्रवेश दिया जाएगा। यह डायवर्जन आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/580289/yogi-government-committed-to-providing-better-facilities-for-children-in-up--%E2%80%98operation-kayakalp%E2%80%99-and-%E2%80%98alankar%E2%80%99-underway-in-schools"><span class="t-red">यूपी में बच्चों को बेहतर सुविधा देने में जुटी योगी सरकार, </span>स्कूलों में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘अलंकार’  </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580294/cm-to-hoist-flag-at-the-pinnacle-of-the-shiva-temple-today--vehicle-entry-restricted-at-several-key-locations</link>
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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:02:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ : उत्तर प्रदेश घुमन्तू विकास बोर्ड के गठन को मंजूरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में पिछड़े वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर अहम निर्णय लिए गए। विशेष रूप से विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तू समुदायों के विकास को प्राथमिकता देते हुए ''उत्तर प्रदेश घुमन्तू विकास बोर्ड'' के गठन की संस्तुति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई है। यह कदम योगी आदित्यनाथ सरकार की समावेशी विकास नीति को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को इंदिरा भवन में आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई मासिक बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, सोहन लाल श्रीमाली समेत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580271/lucknow--approval-for-the-formation-of-uttar-pradesh-nomadic-development-board"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/सीएम-योगी.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की बैठक में पिछड़े वर्गों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण को लेकर अहम निर्णय लिए गए। विशेष रूप से विमुक्त, घुमन्तू एवं अर्द्ध-घुमन्तू समुदायों के विकास को प्राथमिकता देते हुए ''उत्तर प्रदेश घुमन्तू विकास बोर्ड'' के गठन की संस्तुति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई है। यह कदम योगी आदित्यनाथ सरकार की समावेशी विकास नीति को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंगलवार को इंदिरा भवन में आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में हुई मासिक बैठक में आयोग के उपाध्यक्ष सूर्य प्रकाश पाल, सोहन लाल श्रीमाली समेत अन्य सदस्यों की मौजूदगी में प्रदेश में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि पिछड़ा वर्ग के हितों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आयोग के अध्यक्ष राजेश वर्मा ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग से प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजनाओं से वंचित न रहे। इसके लिए योजनाओं के क्रियान्वयन में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि पारदर्शिता के साथ हर जरूरतमंद तक लाभ पहुंच सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 21:46:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> संगम नगरी का बढ़ा वैश्विक आकर्षण : आध्यात्मिक पर्यटन में यूपी ने बनाई पहचान</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>योगी सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश में विदेशी पर्यटकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रयागराज के रूप में सामने आया है, जहां वर्ष 2025 में 20,53,918 से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संगम नगरी अब वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की तुलना में प्रयागराज सबसे आगे रहा। वाराणसी में 3.21 लाख, मथुरा में 1.42 लाख और अयोध्या में 65 हजार से अधिक विदेशी पर्यटक पहुंचे। प्रयागराज की पहचान गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579752/span-classt-red-sangam-citys-global-attraction-increased-span-up-made"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/यूपी-पर्यटन.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>योगी सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश में विदेशी पर्यटकों का भरोसा तेजी से बढ़ा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रयागराज के रूप में सामने आया है, जहां वर्ष 2025 में 20,53,918 से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संगम नगरी अब वैश्विक स्तर पर आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की तुलना में प्रयागराज सबसे आगे रहा। वाराणसी में 3.21 लाख, मथुरा में 1.42 लाख और अयोध्या में 65 हजार से अधिक विदेशी पर्यटक पहुंचे। प्रयागराज की पहचान गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम के कारण सदियों से बनी हुई है, जो दुनिया भर के श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है।</p>
<p style="text-align:justify;">विदेशी पर्यटक यहां संगम स्नान, पूजा-अर्चना, योग और ध्यान के साथ भारतीय संस्कृति को करीब से अनुभव करने के लिए आते हैं। माघ मेला और कुम्भ जैसे आयोजनों के दौरान यह आकर्षण और बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रयागराज अब केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन का केंद्र बनकर उभर रहा है। आने वाले वर्षों में विदेशी पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी नया बल मिलेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>योगी सरकार की नीतियों का असर</strong><br />राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत होने, सीसीटीवी निगरानी, बेहतर सड़क और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से विदेशी पर्यटकों का भरोसा बढ़ा है। घाटों का सुंदरीकरण, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक सुविधाओं ने भी संगम नगरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षक बनाया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>महाकुंभ ने रचा इतिहास</strong><br />प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने विश्व स्तर पर नया रिकॉर्ड बनाया। 45 दिनों के इस आयोजन में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। 144 वर्षों बाद बने विशेष संयोग के कारण देश-विदेश से भारी संख्या में लोग पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रयागराज: 20.53 लाख विदेशी पर्यटक</p>
<p style="text-align:justify;">वाराणसी: 3.21 लाख</p>
<p style="text-align:justify;">मथुरा: 1.42 लाख</p>
<p style="text-align:justify;">अयोध्या: 65 हजार</p>
<p style="text-align:justify;">महाकुंभ में 65 करोड़ श्रद्धालु</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579752/span-classt-red-sangam-citys-global-attraction-increased-span-up-made</link>
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                <pubDate>Thu, 23 Apr 2026 21:22:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP :  पंचायतों को 1000 करोड़ की पहली किस्त जारी, सीधे खातों में जाएगी धनराशि, खर्च पर सख्त निगरानी के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> प्रदेश सरकार ने पंचायतीराज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत अप्रैल माह के लिए 1000 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर यह धनराशि जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायतों के बीच निर्धारित अनुपात में वितरित की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को जारी शासनादेश के अनुसार, कुल 12,000 करोड़ रुपये के प्रावधान में से अप्रैल माह के लिए 1000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ग्राम पंचायतों को मिला है, जिन्हें 700 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं जिला पंचायतों और ब्लॉक पंचायतों को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579436/the-first-installment-of-rs-1000-crore-will-be-released-to-the-panchayats--funds-will-be-transferred-directly-to-their-accounts--and-strict-monitoring-of-expenditure-will-be-ensured"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/रुपया.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> प्रदेश सरकार ने पंचायतीराज संस्थाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत अप्रैल माह के लिए 1000 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर यह धनराशि जिला, ब्लॉक और ग्राम पंचायतों के बीच निर्धारित अनुपात में वितरित की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को जारी शासनादेश के अनुसार, कुल 12,000 करोड़ रुपये के प्रावधान में से अप्रैल माह के लिए 1000 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा ग्राम पंचायतों को मिला है, जिन्हें 700 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। वहीं जिला पंचायतों और ब्लॉक पंचायतों को 150-150 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह धनराशि कोषागार से सीधे संबंधित पंचायतों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। किसी भी स्तर पर राशि को बैंक खाते में रोककर रखने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि धनराशि का उपयोग केवल निर्धारित कार्यों में ही किया जाएगा, किसी अन्य मद में समायोजन की अनुमति नहीं होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">शासनादेश में यह भी कहा गया है कि धनराशि के उपयोग की नियमित समीक्षा की जाएगी और संबंधित अधिकारी इसके लिए जवाबदेह होंगे। एक सप्ताह के भीतर आहरण की सूचना शासन को उपलब्ध कराना भी अनिवार्य किया गया है। इस निर्णय से पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579436/the-first-installment-of-rs-1000-crore-will-be-released-to-the-panchayats--funds-will-be-transferred-directly-to-their-accounts--and-strict-monitoring-of-expenditure-will-be-ensured</link>
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                <pubDate>Mon, 20 Apr 2026 20:07:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आग से सावधान रहें किसान:  बारिश के बीच कृषि विभाग की एडवाइजरी जारी, भीगे दानों को सुखाने के बाद ही करें भंडारण</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश में बेमौसम बारिश और कुछ जिलों में आगजनी की घटनाओं के बीच कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने खेत-खलिहानों में फसल की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने और विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग ने निर्देश दिया है कि खलिहानों में सिगरेट, बीड़ी या अन्य ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग न करें, क्योंकि इससे आग लगने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। विभाग ने जनपदों में तैनात कृषि अधिकारियों को भी किसानों से लगातार संपर्क में रहकर उन्हें जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578150/farmers-should-be-careful-of-fire-agriculture-departments-advisory-issued"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(21)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश में बेमौसम बारिश और कुछ जिलों में आगजनी की घटनाओं के बीच कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने खेत-खलिहानों में फसल की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने और विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।</p>
<p style="text-align:justify;">कृषि विभाग ने निर्देश दिया है कि खलिहानों में सिगरेट, बीड़ी या अन्य ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग न करें, क्योंकि इससे आग लगने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। विभाग ने जनपदों में तैनात कृषि अधिकारियों को भी किसानों से लगातार संपर्क में रहकर उन्हें जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि कटाई और मड़ाई के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">किसानों को सलाह दी गई है कि यदि खड़ी फसल भीग गई है तो उसे एक-दो दिन सूखने दें। कटाई के बाद खेत में पड़ी फसल में पानी न ठहरने दें और बोझ बांधकर खड़ा करें। खलिहान में भीगी फसल को खोलकर धूप और हवा लगने दें, ताकि वह जल्दी सूख सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि अनाज के दाने भीग गए हैं तो उन्हें तभी भंडारित करें, जब उनमें नमी 10 प्रतिशत तक रह जाए। </p>
<p style="text-align:justify;">साथ ही भंडारण से पहले गोदाम, बखारी, बोरे और दीवारों का धूम्रीकरण (फ्यूमिगेशन) कर लेना चाहिए, ताकि अनाज सुरक्षित और कीटमुक्त रह सके। कृषि विभाग का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और सही प्रबंधन से बारिश और आगजनी से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578149/lucknow--an-empowered-india-can-only-be-built-upon-a-healthy-society--prevent-heart-disease-from-turning-into-an-epidemic-%E2%80%94-cm-yogi"><span class="t-red">लखनऊ : </span>स्वस्थ समाज से ही बनेगा सशक्त भारत, दिल की बीमारी को महामारी में बदलने से रोकें-सीएम योगी </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578150/farmers-should-be-careful-of-fire-agriculture-departments-advisory-issued</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:18:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ :  स्वस्थ समाज से ही बनेगा सशक्त भारत, दिल की बीमारी को महामारी में बदलने से रोकें-सीएम योगी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार : </strong>यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ नागरिक और स्वस्थ समाज बनकर हम विकसित भारत की परिकल्पना साकार कर सकता हैं। उन्होंने कहा कि बीमारू नागरिक, समाज और देश, सशक्त नहीं हो सकता। दिल की बीमारी गंभीर है। हार्ट जब ब्लॉक होता है तो दूसरे लोक की यात्रा शुरू हो जाती है। इसलिए दिल के साथ पूरे शरीर को स्वस्थ रखना है। इसमें डॉक्टरों की भूमिका काफी अहम है। सरकार तो अपने स्तर पर काम कर ही रही है। लेकिन एक आम नागरिक के बारे में सोचकर अपनी भूमिका के निर्वहन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578149/lucknow--an-empowered-india-can-only-be-built-upon-a-healthy-society--prevent-heart-disease-from-turning-into-an-epidemic-%E2%80%94-cm-yogi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(20)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृत विचार : </strong>यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ नागरिक और स्वस्थ समाज बनकर हम विकसित भारत की परिकल्पना साकार कर सकता हैं। उन्होंने कहा कि बीमारू नागरिक, समाज और देश, सशक्त नहीं हो सकता। दिल की बीमारी गंभीर है। हार्ट जब ब्लॉक होता है तो दूसरे लोक की यात्रा शुरू हो जाती है। इसलिए दिल के साथ पूरे शरीर को स्वस्थ रखना है। इसमें डॉक्टरों की भूमिका काफी अहम है। सरकार तो अपने स्तर पर काम कर ही रही है। लेकिन एक आम नागरिक के बारे में सोचकर अपनी भूमिका के निर्वहन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का हम आह्वान करते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी में कार्डियोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित NIC को संबोधित कर रहे थे। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में मेडिकल डिवाइस पार्क और फार्मा पार्क का काम तेजी के साथ चल रहा है। हमारी कोशिश ये है कि हर व्यक्ति को अच्छी और सस्ती दवाएं मिलें। इलाज सस्ता और आसान बने। </p>
<p style="text-align:justify;">लेकिन इसी के साथ सीएम ने आम नागरिकों से अपने लाइफस्टाइल में बदलाव की अपील की है। उन्होंने कहा कि दिनचर्या के लिए बड़े जागरुकता अभियान चलाए बिना दिल की बीमारी को महामारी में बदलने से नहीं रोका जा सकता। आखिर कितना उपचार करेंगे। प्राइवेट अस्पतालों तो ये संभव है। लेकिन सरकारी अस्पतालों की भीड़ देखिए। केजीएमयू की ओपीडी में रोजाना 12 से 14 हजार मरीज आते हैं। इसी तरह एम्स दिल्ली में लगभग 16 हजार। </p>
<p style="text-align:justify;">इतनी भारी भीड़ को आखिर डॉक्टर कितना वक्त दे पाते होंगे। इसलिए जरूरी है कि हम स्वस्थ दिनचर्या को फॉलो करें। व्यायाम करें। मोबाइल स्क्रीन टाइम कम करें। ये सबसे बड़ी बीमारी के रूप में सामने आ रहा है। आज लोग औसतम 4 से 6 घंटा मोबाइल को देते हैं। देर रात तक जागना और फिर सुबह में देर से उठना। ये सब शरीर को बीमारी की तरफ ले जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">सीएम ने मिलावटी खाद्य पदार्थों पर भी चिंता जताने के साथ सख्ती का संदेश दिया है। एक जनपद का उदाहरण देते हुए कहा कि मैंने वहां एक प्रतिष्ठान पर छापा डलवाया। वो प्रतिष्ठान रोजाना सैकड़ों कुंतल खोया और पनीर उपलब्ध कराने की क्षमता रखता था। तब, जब उसके पास कोई डेयरी नहीं थी। आखिर जांच में बड़ी मिलावट पकड़ी गई। </p>
<p style="text-align:justify;">हालात ये हैं कि आप जो खाद्य पदार्थ इस्तेमाल कर रहे हैं-उसमें कितनी मिलावट है, आप भी नहीं जानते होंगे। तो हम सबका सामूहिक प्रयास ये होना चाहिए कि हम समाज के बारे में सोचें। अच्छा और स्वस्थ समाज बनाएं। बीमारियों से बचें। डॉक्टर इसमें बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। अपने स्तर पर लोगों को दिनचर्या बदलने के लिए प्रेरित करें।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578146/questions-raised-over-school-vehicle-inspection-system-in-up--increased-workload-on-bureaucrats-during-technical-checks"><span class="t-red">यूपी में स्कूली वाहन निरीक्षण व्यवस्था पर उठे सवाल, </span>टेक्निकल जांच में बाबुओं पर बढ़ा बोझ</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578149/lucknow--an-empowered-india-can-only-be-built-upon-a-healthy-society--prevent-heart-disease-from-turning-into-an-epidemic-%E2%80%94-cm-yogi</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:10:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जेम पोर्टल पर यूपी अव्वल, बना देश का रोल मॉडल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सरकारी खरीद में पारदर्शिता का नया मानक स्थापित किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में जेम के माध्यम से 22,337 करोड़ रुपये की खरीद कर यूपी देश में शीर्ष स्थान पर रहा है। भारत सरकार ने भी यूपी की इस पारदर्शी खरीद प्रणाली की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया है।</p>
<p style="text-align:justify;">खास बात यह है कि प्रदेश के अधिकांश विभागों ने अपनी खरीद जेम पोर्टल के जरिए सुनिश्चित की, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनी। प्रदेश में नगर विकास विभाग ने सबसे अधिक 3606</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578109/span-classt-red-up-tops-on-gem-portalspan-becomes-countrys-role"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/सीएम-योगी.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सरकारी खरीद में पारदर्शिता का नया मानक स्थापित किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में जेम के माध्यम से 22,337 करोड़ रुपये की खरीद कर यूपी देश में शीर्ष स्थान पर रहा है। भारत सरकार ने भी यूपी की इस पारदर्शी खरीद प्रणाली की सराहना करते हुए इसे अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बताया है।</p>
<p style="text-align:justify;">खास बात यह है कि प्रदेश के अधिकांश विभागों ने अपनी खरीद जेम पोर्टल के जरिए सुनिश्चित की, जिससे प्रक्रिया पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनी। प्रदेश में नगर विकास विभाग ने सबसे अधिक 3606 करोड़ रुपये की खरीद कर शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा (2973 करोड़), चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (2498 करोड़) और गृह विभाग (1852 करोड़) प्रमुख रहे। राष्ट्रीय स्तर पर भी यूपी ने गुजरात (14,009 करोड़), महाराष्ट्र (6113 करोड़), दिल्ली (4278 करोड़) और छत्तीसगढ़ (3935 करोड़) जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया। जेम पोर्टल के माध्यम से खरीद ने केवल पारदर्शिता ही नहीं बढ़ाई, बल्कि छोटे उद्यमियों, स्टार्टअप और वंचित वर्गों को भी बाजार से जोड़ने का काम किया है। महिला उद्यमियों से खरीद 467 करोड़ (2020-21) से बढ़कर 4755 करोड़ (वर्ष 2025-26) तक पहुंच गई। वहीं एससी/एसटी उद्यमियों से खरीद 54 करोड़ से बढ़कर 752 करोड़ हो गई। स्टार्टअप से खरीद भी 261 करोड़ से बढ़कर 3203 करोड़ रुपये तक पहुंची, जबकि एमएसएमई इकाइयों से खरीद 3978 करोड़ से बढ़कर 27,235 करोड़ रुपये हो गई। इससे प्रदेश में स्थानीय उद्यमों को बड़ा प्रोत्साहन मिला है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>विक्रेताओं के कारोबार में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">जेम पोर्टल के जरिए यूपी के विक्रेताओं का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2020-21 में 5770 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में यह 42,654 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रति बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेम, कृष्ण मुरारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप सभी विभागों को जेम पोर्टल से खरीद के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>जेम खरीद में टॉप-10 राज्य (खरीद रुपये में)</strong></p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश – 22,337 करोड़<br />गुजरात – 14,009 करोड़</p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र – 6113 करोड़<br />दिल्ली – 4278 करोड़</p>
<p style="text-align:justify;">छत्तीसगढ़ – 3935 करोड़<br />बिहार – 3611 करोड़</p>
<p style="text-align:justify;">मध्य प्रदेश – 2900 करोड़<br />जम्मू-कश्मीर – 2653 करोड़</p>
<p style="text-align:justify;">झारखंड – 2647 करोड़<br />असम – 2494 करोड़</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 09 Apr 2026 21:04:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP :  पांच आईएएस अधिकारियों के तबादले, गुंजन द्विवेदी बनीं मिशन निदेशक</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पांच आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रतीक्षारत आईएएस अधिकारी गुंजन द्विवेदी को मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं प्रतीक्षारत आईएएस अधिकारी रत्नेश सिंह को अपर निदेशक, उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी, लखनऊ नियुक्त किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज में सचिव पद पर तैनात अशोक कुमार को विशेष सचिव, सिंचाई, जल संसाधन एवं परती भूमि विकास विभाग तथा कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में भेजा गया है। इसी क्रम में विशेष सचिव, उच्च शिक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577981/up--five-ias-officers-transferred--gunjan-dwivedi-becomes-mission-director"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/ट्रांसफर.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पांच आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रतीक्षारत आईएएस अधिकारी गुंजन द्विवेदी को मिशन निदेशक, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं प्रतीक्षारत आईएएस अधिकारी रत्नेश सिंह को अपर निदेशक, उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी, लखनऊ नियुक्त किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज में सचिव पद पर तैनात अशोक कुमार को विशेष सचिव, सिंचाई, जल संसाधन एवं परती भूमि विकास विभाग तथा कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में भेजा गया है। इसी क्रम में विशेष सचिव, उच्च शिक्षा विभाग के पद पर कार्यरत गिरिजेश कुमार त्यागी को सचिव, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज बनाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं विशेष सचिव, सिंचाई एवं संबंधित विभागों में कार्यरत अनीता वर्मा सिंह को विशेष सचिव, उच्च शिक्षा विभाग के साथ-साथ डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ का कुलसचिव नियुक्त किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 20:18:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP :  बजट का एक तिहाई भी नहीं खर्च कर पाये कई विभाग, सुस्ती उजागर </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> उत्तर प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विकास कार्यों के लिए आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं हो सका। विभागों की धीमी कार्यशैली के चलते पूंजीगत व्यय (विकास कार्य) के लिए निर्धारित धनराशि का करीब एक तिहाई हिस्सा खर्च नहीं हो पाया।</p>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों के अनुसार, विकास कार्यों के लिए 2.59 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन केवल 1.75 लाख करोड़ रुपये ही खर्च किए जा सके, जो कुल बजट का 67.45 प्रतिशत है। यानी 32.55 प्रतिशत राशि उपयोग से बाहर रह गई। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पीडब्ल्यूडी (भवन), सिंचाई निर्माण, कारागार, मत्स्य, डेयरी उद्योग</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577973/span-classt-redup-span-many-departments-could-not-spend-even-one"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/यूपी-का-नक्शा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> उत्तर प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान विकास कार्यों के लिए आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं हो सका। विभागों की धीमी कार्यशैली के चलते पूंजीगत व्यय (विकास कार्य) के लिए निर्धारित धनराशि का करीब एक तिहाई हिस्सा खर्च नहीं हो पाया।</p>
<p style="text-align:justify;">आंकड़ों के अनुसार, विकास कार्यों के लिए 2.59 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, लेकिन केवल 1.75 लाख करोड़ रुपये ही खर्च किए जा सके, जो कुल बजट का 67.45 प्रतिशत है। यानी 32.55 प्रतिशत राशि उपयोग से बाहर रह गई। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पीडब्ल्यूडी (भवन), सिंचाई निर्माण, कारागार, मत्स्य, डेयरी उद्योग और हैंडलूम जैसे विभाग अपने आवंटन का आधा बजट भी खर्च नहीं कर सके। इससे विकास कार्यों की रफ्तार प्रभावित हुई। हालांकि स्वास्थ्य (परिवार कल्याण), होमगार्ड, समाज कल्याण (दिव्यांगजन), तकनीकी शिक्षा और पर्यटन विभागों ने 90 प्रतिशत से अधिक बजट खर्च कर बेहतर प्रदर्शन किया।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>चुनाव से पहले सरकार सतर्क</strong><br />प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार अब विकास कार्यों को तेजी से जमीन पर उतारने की तैयारी में है। शीर्ष स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकों के बावजूद पिछले वर्ष लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विभागों से अग्रिम कार्ययोजनाएं मांगी गई हैं, ताकि अप्रैल से ही योजनाओं का क्रियान्वयन तेज किया जा सके।<br />बॉक्स: वित्तीय स्थिति एक नजर में (2025-26)</p>
<p style="text-align:justify;">• कुल बजट: ₹8.79 लाख करोड़<br />• कुल खर्च: ₹6.61 लाख करोड़ (75.1%)</p>
<p style="text-align:justify;">पूंजीगत व्यय (विकास कार्य)<br />• आवंटन: ₹2.59 लाख करोड़</p>
<p style="text-align:justify;">• खर्च: ₹1.75 लाख करोड़ (67.45%)<br />राजस्व व्यय</p>
<p style="text-align:justify;">• आवंटन: ₹6.20 लाख करोड़<br />• खर्च: ₹4.86 लाख करोड़ (78.36%)</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577973/span-classt-redup-span-many-departments-could-not-spend-even-one</link>
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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 18:53:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> अखिलेश ने रवि किशन की टिप्पणी को लेकर कसा तंज :  वह जनप्रतिनिधि हैं न कि मुख्यमंत्री का खिलौना </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रवि किशन की एक कथित टिप्पणी को लेकर उन पर तंज कसते हुए बुधवार को कहा कि वह जन प्रतिनिधि हैं, ''न कि मुख्यमंत्री का खिलौना।'' रवि किशन ने खुद को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए 'स्ट्रेस बस्टर' (तनाव दूर करने वाला) बताया था, जिसे लेकर कई प्रतिक्रियाएं आई हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">सपा प्रमुख ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में, सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधते हुए उसकी प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया और उस पर जनता के मुद्दों के प्रति असंवेदनशील होने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577946/span-classt-red-akhilesh-took-a-jibe-at-ravi-kishans-comment"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/अखिलेश-यादव.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार :</strong> समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रवि किशन की एक कथित टिप्पणी को लेकर उन पर तंज कसते हुए बुधवार को कहा कि वह जन प्रतिनिधि हैं, ''न कि मुख्यमंत्री का खिलौना।'' रवि किशन ने खुद को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए 'स्ट्रेस बस्टर' (तनाव दूर करने वाला) बताया था, जिसे लेकर कई प्रतिक्रियाएं आई हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">सपा प्रमुख ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में, सत्तारूढ़ भाजपा पर निशाना साधते हुए उसकी प्राथमिकताओं पर सवाल उठाया और उस पर जनता के मुद्दों के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ''सासंद जनता का प्रतिनिधि होता है, मुख्यमंत्री का खिलौना नहीं। यह भाजपा सरकार है या सर्कस?'' उन्होंने कहा, ''प्रदेश की जनता दुख-दर्द-दिक़्क़तों का सामना कर रही है और भाजपा सरकार के लोग आपस में विदूषक-विदूषक के खेल का आनंद ले रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ऐसे जन प्रतिनिधियों के कारण ही गोरखपुर आज शर्मिंदा है।'' कन्नौज से सपा सांसद ने कहा, ''वैसे इस बात का खुलासा करने के लिए सांसद जी (रवि किशन) को दंड जरूर मिलेगा कि मुख्यमंत्री जी 'स्ट्रेस' में हैं। जब सत्ता जाना तय हो गया है और उनके अत्याचार व भ्रष्टाचार के कारण जनता आक्रोशित है, ऐसे हालात में उन्हें तनाव तो होगा ही।'' सपा प्रमुख का यह पोस्ट मीडिया में आई उन खबरों पर आधारित है जिनमें कहा गया है कि गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने कहा था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनकी संगत पसंद है और वह उनके लिये 'स्ट्रेस बस्टर' का काम करते हैं। मुख्यमंत्री को अक्सर गोरखपुर में आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रमों में सांसद रवि किशन की चुटकी लेते और उन पर हास्य—विनोद वाली टिप्पणियां करते देखा जाता है। सपा प्रमुख की टिप्पणियों पर भाजपा या रवि किशन की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बाँटो और राज करो की नीति पर भाजपा और उसके सहयोगी दल </strong></p>
<p style="text-align:justify;">अखिलेश यादव बुधवार को कहा कि ये लोग 'बाँटो और राज करो' की सोच पर काम कर रहे हैं और देश के लोगों को आपस में लड़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि कुछ संगठन अपनी पहचान छुपाकर समाज में सक्रिय हैं और लोगों के बीच दरार पैदा करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे तत्वों को "अनरजिस्टर्ड गिरोह" करार देते हुए आरोप लगाया कि ये समाज में अस्थिरता फैलाकर जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाना चाहते हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि आम जनता शांति और भाईचारा चाहती है, लेकिन कुछ स्वार्थी लोग समाज में भय और अविश्वास का वातावरण बनाकर अपने राजनीतिक हित साधने में लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग भोले-भाले लोगों को बहकाकर हिंसा और तनाव की स्थिति पैदा करते हैं। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>समाचार सोर्स : भाषा</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 15:17:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पत्रकारों को मान्यता के साथ मिलेगा कैशलेस इलाज: मुख्यमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/गोरखपुर, अमृत विचार: </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए उन्हें प्रमाणित मान्यता पत्र और पहचान पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने साफ किया कि सरकार मूल्यों व आदर्शों पर आधारित पत्रकारिता के साथ है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कई बार पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए दूसरों की आवाज उठाते</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ/गोरखपुर, अमृत विचार: </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रितों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके लिए उन्हें प्रमाणित मान्यता पत्र और पहचान पत्र भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने साफ किया कि सरकार मूल्यों व आदर्शों पर आधारित पत्रकारिता के साथ है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी सोमवार को गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब की नई कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कई बार पत्रकार अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए दूसरों की आवाज उठाते हैं, लेकिन जब वे स्वयं बीमार पड़ते हैं तो उनकी मदद के लिए कोई सामने नहीं आता। ऐसे में सरकार उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए ठोस व्यवस्था विकसित कर रही है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि मान्यता प्राप्त पत्रकारों और उनके आश्रितों को एक व्यवस्थित तंत्र के तहत कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ दिया जाएगा, जिससे उन्हें इलाज के दौरान आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े। इसके लिए गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब के माध्यम से एक मॉडल भी विकसित किया गया है, जिसे आगे विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि बड़े मीडिया संस्थानों से जुड़े पत्रकारों को अपेक्षाकृत कम दिक्कत होती है, लेकिन स्वतंत्र या छोटे समूहों से जुड़े पत्रकारों का एक बड़ा वर्ग है, जिन्हें ऐसी सुविधाओं की अधिक आवश्यकता है। सरकार का प्रयास है कि सभी पत्रकारों को एक समान व्यवस्था से जोड़ा जाए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता के मूल्यों पर जोर देते हुए कहा कि मीडिया को आत्म-नियंत्रण के साथ काम करना चाहिए और समाज को भ्रमित करने वाली प्रवृत्तियों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक ही खबर के अलग-अलग रूपों में प्रस्तुत होने से जनमानस में भ्रम की स्थिति बनती है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। योगी ने यह भी कहा कि सरकार मूल्य आधारित और जिम्मेदार पत्रकारिता के साथ खड़ी है और पत्रकारों के कल्याण के लिए आगे भी ऐसी योजनाएं लागू करती रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>पत्रकारिता में समन्वय और एकरूपता जरूरी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज के दौर में प्रिंट, डिजिटल, टीवी और सोशल मीडिया जैसे विभिन्न माध्यमों के बीच समन्वय बेहद आवश्यक है। एक ही खबर को अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत करने से जनमानस में भ्रम पैदा होता है और मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने जोर दिया कि पत्रकारिता के सभी स्वरूप समान मानकों, मूल्यों और आचार संहिता के अनुरूप काम करें। सोशल मीडिया को भी जिम्मेदार पत्रकारिता की मुख्यधारा से जोड़ने की जरूरत है, ताकि सूचना का प्रवाह सटीक और संतुलित रहे।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>आलोचना हो, लेकिन जिम्मेदारी के साथ</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सीएम योगी ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और आलोचना स्वाभाविक है, लेकिन इसे व्यक्तिगत रंजिश नहीं बनाना चाहिए। पत्रकारिता का दायित्व है कि वह सही तथ्यों को सामने रखकर जन-विश्वास को मजबूत करे। उन्होंने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूरे होने का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी मूल भावना राष्ट्र सेवा और जनजागरण रही है। साथ ही चेताया कि समाज को गुमराह करने वाली प्रवृत्तियों से बचना होगा, क्योंकि ऐसी गतिविधियां जनविश्वास को कमजोर करती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577746/journalists-will-get-cashless-treatment-with-recognition-chief-minister</link>
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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 20:59:42 +0530</pubDate>
                
                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
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