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                <title>Sarsanghchalak - Amrit Vichar</title>
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                <description>Sarsanghchalak RSS Feed</description>
                
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                <title>कानपुर में मोहन भागवत बोले- बाबा साहब ने कहा था, वह संघ को अपनत्व के भाव से देखते...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को यहां कहा कि हिंदू समाज में एकता-समानता बनाने के लिये डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने अपना पूरा जीवन खपा दिया। काम दोनों का एक ही था। मगर दोनों ने प्रारम्भ अलग-अलग अवस्था में अलग-अलग दिशा से किया था। </p>
<p>भागवत ने कहा कि जब 1934 में महाराष्ट्र में सतारा के पास कराड़ की शाखा में डॉ. आंबेडकर गये थे तो उसका समाचार छपा था। केसरी समाचार पत्र में डॉक्टर बाबा साहब आंबेडकर का शाखा पर जो भाषण हुआ उसका तीन पंक्तियों में वृतांत दिया गया था,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533516/mohan-bhagwat-said-in-kanpur-baba-saheb-said-that-he"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/mohan-bhagwat2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को यहां कहा कि हिंदू समाज में एकता-समानता बनाने के लिये डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर और डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार ने अपना पूरा जीवन खपा दिया। काम दोनों का एक ही था। मगर दोनों ने प्रारम्भ अलग-अलग अवस्था में अलग-अलग दिशा से किया था। </p>
<p>भागवत ने कहा कि जब 1934 में महाराष्ट्र में सतारा के पास कराड़ की शाखा में डॉ. आंबेडकर गये थे तो उसका समाचार छपा था। केसरी समाचार पत्र में डॉक्टर बाबा साहब आंबेडकर का शाखा पर जो भाषण हुआ उसका तीन पंक्तियों में वृतांत दिया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि कुछ बातों में हमारे में मतभेद हैं तो भी मैं संघ को अपनत्व के भाव से देखता हूं। </p>
<p>भागवत ने कहा कि यह अपनत्व दो बातों का परिणाम था। डॉ. हेडगेवार और डॉक्टर आंबेडकर दोनों में अपने समाज के लिए कूट-कूट कर अपार आत्मीयता भरी थी। दोनों का जो कार्य था वह समाज में उसी आत्मीयता को उत्पन्न कर सब स्वार्थ और भेदों को तिलांजलि देने का काम था। उस काम के लिए दोनों चले। सब कार्यकर्ता चले। आज भी हम चल रहे हैं। </p>
<p>स्वतंत्रता और समता एक साथ लानी है तो बंधुभाव होना जरूरी है। संघ के संस्थापक डॉ. हेडगेवार ने कठिन परिस्थिति में अपनी शिक्षा पूरी की। उन्होंने भी बाबा साहब की तरह समाज में फैली विषमता को दूर कर एक सूत्र में पिरोने का काम किया। अपने लिये दोनों ही डॉक्टरों ने कुछ नहीं किया। </p>
<p>बाबा साहब के जाने के बाद उनकी स्मृतियां पुस्तकालय था और डॉ. हेडगेवार के जाने के बाद उनकी स्मृतियां उनका पत्राचार था। दोनों ने ही अपने समाज के लिये कार्य किया और उनकी स्वतंत्रता बनी रहे इसके लिये अपना जीवन खपा दिया। उन्होंने कहा कि यह बड़ा संयोग है कि बाबा साहेब के जन्मदिवस पर ही यह कार्यक्रम हो रहा है। </p>
<h5><strong>संघ और बाबा साहब का कार्य स्टार्टर जैसा</strong></h5>
<p>भागवत ने कहा, बाबा साहब का काम था कि समाज से जणमूल से विषमता से हटाना। उन्होंने कहा कि जैसे संघ एक स्टार्टर है। वैसे बाबा साहब का कार्य भी स्टार्टर था। बाबा साहब का स्टार्टर किक वाला स्टार्टर था क्योंकि हिंदू समाज सुन नहीं रहा था। उन्होंने इस कार्य में अपना पूरा जीवन लगा दिया। </p>
<p>उनका मानना था कि भारत देश को अच्छा बनना है तो विषमता, असमानता और एक दूसरे के प्रति प्रेम की कमी को भरने का प्रयास करना जरूरी है। संघ का कार्य भी जिन्होंने ने शुरू किया उनको सामाजिक विषमता का शिकार तो नहीं होना पड़ा लेकिन डायरेक्ट उपेक्षा का शिकार वह भी होते रहे। </p>
<h5><strong>जरूरत और मानक के अनुसार बना संघ कार्यालय</strong></h5>
<p>मोहन भागवत ने कहा कि इस प्रांत को जितनी जरूरत थी, उतना बड़ा कार्यालय बना है। संघ के मानक हैं। जहां जितनी जरूरत उनका ही निर्माण होता है। आवश्यकता से ज्यादा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि इतना भी बनाने की स्थिति नहीं थी। जब डॉ. हेडगेवार अकेले चले थे तो संघ की बैठक घरों में होती थी। कभी कार्यालय इतने छोटे थे कि दिखते तक नहीं थे। उन्होंने कहा कि संघ और कार्यालय एक भाव है इसे संभालकर रखना जरूरी है।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/533498/the-death-of-a-bus-in-kanpur-after-the-accident#gsc.tab=0">कानपुर में बस की कार से टक्कर...तीन की मौत: हादसे के बाद मची चीख-पुकार, CM Yogi ने हादसे पर शोक जताया</a></strong></p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Apr 2025 12:57:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Nitesh Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कानपुर में मोहन भागवत बोले- बाबा साहब के जन्मदिवस पर केशव भवन का उद्घाटन, भारत में हिंदू समाज के संगठन का कार्य संघ कर रहा...</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> सरसंघचालक मोहन मधुकर भागवत ने सोमवार को श्री केशव स्मृति समिति कानपुर की ओर से निर्मित केशव भवन का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में भारत माता प्रतिमा पर दीप जलाये। वहीं, मंत्रों के बीच कार्यक्रम शुरू हुआ। </p>
<h5><strong>सरसंघचालक मोहन भागवत मंच पर पहुंचे</strong></h5>
<p>सरसंघचालक मोहन भागवत ने भारत माता की मूर्ति बनाने वाले कलाकार राजीव सिंह का सम्मान किया। साथ ही भवन का निर्माण करने वाले मिस्त्री व मजदूर विजय कुमार, पुष्पा, रंजीत कुमार, तारा का भी सम्मान किया। मोहन भागवत ने मंच पर पहुंचकर बोलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि हम आपसी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/533311/mohan-bhagwat-said-in-kanpur-inauguration-of-keshav-bhavan-on"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/मोहन-भागवत-कानपुर.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> सरसंघचालक मोहन मधुकर भागवत ने सोमवार को श्री केशव स्मृति समिति कानपुर की ओर से निर्मित केशव भवन का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में भारत माता प्रतिमा पर दीप जलाये। वहीं, मंत्रों के बीच कार्यक्रम शुरू हुआ। </p>
<h5><strong>सरसंघचालक मोहन भागवत मंच पर पहुंचे</strong></h5>
<p>सरसंघचालक मोहन भागवत ने भारत माता की मूर्ति बनाने वाले कलाकार राजीव सिंह का सम्मान किया। साथ ही भवन का निर्माण करने वाले मिस्त्री व मजदूर विजय कुमार, पुष्पा, रंजीत कुमार, तारा का भी सम्मान किया। मोहन भागवत ने मंच पर पहुंचकर बोलना शुरू किया। उन्होंने कहा कि हम आपसी मतभेद में उलझ गए, जिसका फायदा विदेशी आक्रांता ने  उठाया भारत को लूटा और पीटा भी। संघ का कार्य समाज का है। </p>
<h5><strong>कार्यक्रम की तस्वीरें देखिये...</strong></h5>
<p><strong><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%A8-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-11.jpg" alt="मोहन भागवत कानपुर 11" width="1280" height="720"></img></strong></p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%A8-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-1122.jpg" alt="मोहन भागवत कानपुर 1122" width="1280" height="720"></img></p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%A8-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-112233.jpg" alt="मोहन भागवत कानपुर 112233" width="1280" height="720"></img></p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%A8-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-11223355.jpg" alt="मोहन भागवत कानपुर 11223355" width="1280" height="720"></img></p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-04/%E0%A4%AE%E0%A5%8B%E0%A4%B9%E0%A4%A8-%E0%A4%AD%E0%A4%BE%E0%A4%97%E0%A4%B5%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B0-1122335566.jpg" alt="मोहन भागवत कानपुर 1122335566" width="1280" height="720"></img></p>
<p>सरसंघचालक ने कहा कि जो अपने आप को हिंदू कहता है उनकी जवाबदेही बनती है पूछा जाएगा कि उन्होंने भारत के लिए क्या किया। हिंदू समाज को इसके लिए तैयार करना है। भारत में हिंदू समाज के संगठन का कार्य संघ कर रहा है। बाबा साहब को जीवन में बड़ी विषमताओं का सामना करना पड़ा। बचपन से विषमता का सामना किया। उन्होंने जीवन भर हिन्दू समाज को एकत्र करने के लिया प्रयास किया।</p>
<p>ये सौभाग्य है कि आज बाबा साहब के जन्मदिवस पर केशव भवन का उद्घाटन हो रहा है। डॉ. आंबेडकर जब महाराष्ट्र में कराड़ में शाखा में जब शामिल हुए तो उन्होंने कहा था कि कुछ बातों में हमारे संघ के बीच मतभेद है, फिर भी मैं इसमें आत्मीयता देखता हूं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a href="https://www.amritvichar.com/article/533244/akshaya-tritiya-2025-date-29-or-30-april-when-akshaya#gsc.tab=0">Akshaya Tritiya 2025 Date: 29 या 30 अप्रैल... कब है अक्षय तृतीया? यहां जानें... शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और सारी जानकारी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 14 Apr 2025 12:16:16 +0530</pubDate>
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