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                <title>electricity bill - Amrit Vichar</title>
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                <description>electricity bill RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>इटावा में  उग्र प्रदर्शन :  गलत बिलिंग और बिजली कटौती से भड़कीं महिलायें, बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>इटावा।</strong> इटावा जिले में जसवंतनगर में स्मार्ट मीटर की कथित गड़बड़ी, बढ़े हुए बिजली बिल और बिना सूचना आपूर्ति बाधित किए जाने से नाराज़ महिलाओं का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं तहसील परिसर और विजली विभाग के एसडीओ कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन करते हुए विभागीय कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ महिलाओं ने आक्रोश में आकर बिजली विभाग कार्यालय पर पथराव कर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने कार्यालय के दरवाजे बंद कर किसी तरह खुद को सुरक्षित किया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580137/violent-protests-in-etawah--women-enraged-by-incorrect-billing-and-power-cuts-raise-slogans-against-the-electricity-department"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(61)1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>इटावा।</strong> इटावा जिले में जसवंतनगर में स्मार्ट मीटर की कथित गड़बड़ी, बढ़े हुए बिजली बिल और बिना सूचना आपूर्ति बाधित किए जाने से नाराज़ महिलाओं का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। बड़ी संख्या में महिलाएं तहसील परिसर और विजली विभाग के एसडीओ कार्यालय पहुंचीं, जहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन करते हुए विभागीय कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ महिलाओं ने आक्रोश में आकर बिजली विभाग कार्यालय पर पथराव कर दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">इससे वहां मौजूद कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने कार्यालय के दरवाजे बंद कर किसी तरह खुद को सुरक्षित किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इससे पहले करीब 50 से अधिक महिलाएं उपजिलाधिकारी कुमार सत्यमजीत के नाम संबोधित ज्ञापन लेकर तहसील पहुंचीं और समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। </p>
<p style="text-align:justify;">महिलाओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद से उनके बिजली बिल वास्तविक खपत से कहीं अधिक आ रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। महिलाओं का कहना था कि वे समय पर बिल जमा करती हैं, इसके बावजूद बिना किसी पूर्व सूचना के बिजली आपूर्ति काट दी जाती है। बाद में कनेक्शन बहाल कराने के नाम पर अतिरिक्त धनराशि जमा कराने का दबाव बनाया जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">विजली चेकिंग के नाम पर अवैध बसूली भी की जाती है शिकायतों के बावजूद विभागीय अधिकारियों द्वारा न तो संतोषजनक जवाब दिया जाता है और न ही समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जा रहा है।प्रदर्शन की सूचना पर चौकी इंचार्ज मनीष कुमार और जूनियर इंजीनियर कौशल पांडेय मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिलाओं को समझाकर बुझाकर शांत कराया और उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, जिसके बाद महिलाएं वहां से वापस लौटीं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/580135/jan-aakrosh-mahila-sammelan-held-in-barabanki--minister-satish-sharma-said-pm-modi-will-ensure-33--reservation"><span class="t-red">बाराबंकी में जन आक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित, </span>मंत्री सतीश शर्मा ने कहा-33% आरक्षण दिलाकर रहेंगे पीएम मोदी </a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>इटावा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580137/violent-protests-in-etawah--women-enraged-by-incorrect-billing-and-power-cuts-raise-slogans-against-the-electricity-department</link>
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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 18:13:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बढ़े बिल और कटौती से परेशान महिलाओं ने पार्षद का किया घेराव... स्मार्ट मीटर से बढ़ीं समस्याएं, समाधान की उठी मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>राजधानी के मनकामेश्वर वार्ड में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। बढ़े हुए बिजली बिल और बार-बार हो रही कटौती से नाराज महिलाओं ने पार्षद रंजीत सिंह का घेराव कर जल्द समाधान की मांग की। मामला विधायक नीरज बोरा तक पहुंचा, जहां से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।</p>
<p>स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल असामान्य रूप से बढ़ गए हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बैलेंस माइनस में चला जाता है, जिससे बिना सूचना बिजली काट दी जाती है। इससे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579264/women--upset-with-rising-bills-and-power-cuts--surrounded-the-councillor----problems-increased-due-to-smart-meters--demand-for-solution-arose"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(40)5.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>राजधानी के मनकामेश्वर वार्ड में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। बढ़े हुए बिजली बिल और बार-बार हो रही कटौती से नाराज महिलाओं ने पार्षद रंजीत सिंह का घेराव कर जल्द समाधान की मांग की। मामला विधायक नीरज बोरा तक पहुंचा, जहां से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।</p>
<p>स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल असामान्य रूप से बढ़ गए हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि बैलेंस माइनस में चला जाता है, जिससे बिना सूचना बिजली काट दी जाती है। इससे घरों में अंधेरा छा जाता है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है।</p>
<p>महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि बिना जानकारी उनके मीटर की प्रणाली बदल दी गई, जिससे बिलिंग समझना मुश्किल हो गया है। हर महीने भारी बिल आने से खासकर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार परेशान हैं। पार्षद रंजीत सिंह ने भी माना कि स्मार्ट मीटर के कारण समस्याएं बढ़ी हैं। उन्होंने शिकायत विधायक तक पहुंचाते हुए जल्द समाधान का भरोसा दिलाया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579264/women--upset-with-rising-bills-and-power-cuts--surrounded-the-councillor----problems-increased-due-to-smart-meters--demand-for-solution-arose</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/579264/women--upset-with-rising-bills-and-power-cuts--surrounded-the-councillor----problems-increased-due-to-smart-meters--demand-for-solution-arose</guid>
                <pubDate>Sun, 19 Apr 2026 11:21:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नए दशक में ऊर्जा भंडारण का बूम! भारत में 'बिहाइंड-द-मीटर' स्टोरेज बाजार 2033 तक 39 गीगावाट-घंटा पार करेगा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>देश का ऊर्जा भंडारण क्षेत्र अगले दशक में तेजी से बढ़ने की राह पर है जिसमें 'बिहाइंड-द-मीटर' (बीटीएम) स्थिर भंडारण बाजार की वार्षिक मांग 2025 में 32 गीगावाट घंटे से बढ़कर 2033 तक 39 गीगावाट घंटे से अधिक होने का अनुमान है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक रिपोर्ट में यह बात कही गई। 'बीटीएम' से तात्पर्य बिजली मीटर के उपभोक्ता पक्ष (घर या व्यवसाय) में स्थापित ऊर्जा उत्पादन या भंडारण प्रणालियों से है। ये प्रणालियां जैसे रूफटॉप सोलर या बैटरी, सीधे उपभोक्ता की आवश्यकताओं को पूरा करती हैं और ग्रिड के बजाय सीधे परिसर के विद्युत नेटवर्क से जुड़ी होती हैं जिससे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578592/energy-storage-boom-in-the-new-decade-behind-the-meter-storage-market"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/बिजली.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्लीः </strong>देश का ऊर्जा भंडारण क्षेत्र अगले दशक में तेजी से बढ़ने की राह पर है जिसमें 'बिहाइंड-द-मीटर' (बीटीएम) स्थिर भंडारण बाजार की वार्षिक मांग 2025 में 32 गीगावाट घंटे से बढ़कर 2033 तक 39 गीगावाट घंटे से अधिक होने का अनुमान है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक रिपोर्ट में यह बात कही गई। 'बीटीएम' से तात्पर्य बिजली मीटर के उपभोक्ता पक्ष (घर या व्यवसाय) में स्थापित ऊर्जा उत्पादन या भंडारण प्रणालियों से है। ये प्रणालियां जैसे रूफटॉप सोलर या बैटरी, सीधे उपभोक्ता की आवश्यकताओं को पूरा करती हैं और ग्रिड के बजाय सीधे परिसर के विद्युत नेटवर्क से जुड़ी होती हैं जिससे बिजली बिल में कमी आती है और विश्वसनीयता बढ़ती है।</p>
<p style="text-align:justify;">इंडिया एनर्जी स्टोरेज अलायंस (आईईएसए) की रिपोर्ट के अनुसार, बीटीएम तंत्र में उपभोक्ता के मीटर से परे उसके परिसर में ही स्थापित ऊर्जा उत्पादन एवं भंडारण प्रणाली शामिल होती हैं। इनमें छत पर सौर संयंत्र (रूफटॉप सोलर पैनल), बैटरी स्टोरेज, साथ ही यूपीएस, इन्वर्टर व टेलीकॉम टावर के साथ स्थापित बैकअप बैटरी प्रणाली शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये प्रणाली ग्रिड से गुजरे बिना ही उत्पादित या संग्रहीत ऊर्जा के सीधे उपयोग की सुविधा देती है। लिथियम-आयन बैटरियों और सोलर-प्लस-स्टोरेज सिस्टम की लागत लगातार घटने के कारण भारत में अधिक व्यवसाय एवं उपभोक्ता बढ़ते बिजली शुल्क को नियंत्रित करने और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 'ऑन-साइट' ऊर्जा भंडारण की ओर रुख कर रहे हैं। भंडारण के साथ 'रूफटॉप' सौर प्रणाली से ऊर्जा की औसत लागत 2024 में करीब छह से सात रुपये प्रति यूनिट किलोवाट रही जो महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे प्रमुख राज्यों में वाणिज्यिक ग्रिड शुल्क के करीब पहुंच गई।</p>
<p style="text-align:justify;">आईईएसए के विश्लेषकों का अनुमान है कि 2026 तक 'सोलर-प्लस-स्टोरेज' प्रणाली देशभर में अधिक वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए लागत के लिहाज से प्रतिस्पर्धी हो जाएगी और इसके बाद औद्योगिक उपभोक्ता भी तेजी से इसे अपनाएंगे। आईईएसए के अध्यक्ष देबमाल्य सेन ने कहा, '' 2033 तक 39 गीगावाट-घंटा की अनुमानित वृद्धि केवल मांग में बढ़ोतरी ही नहीं बल्कि ऊर्जा के उपयोग के तरीके में एक बड़े बदलाव को दर्शाती है।'' </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578592/energy-storage-boom-in-the-new-decade-behind-the-meter-storage-market</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/578592/energy-storage-boom-in-the-new-decade-behind-the-meter-storage-market</guid>
                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 14:59:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Uttrakhand: बकाया नहीं चुकाया तो काटी एआरटीओ दफ्तर की बिजली...अधिकारियों में खलबली</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> यूपीसीएल ने बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। ऊर्जा निगम ने बिजली बकाया भुगतान नहीं करने पर एआरटीओ कार्यालय का कनेक्शन काट दिया है। वहीं, अन्य बकायदारों पर भी कार्रवाई शुरु कर दी है।</p>
<p>इन दिनों यूपीसीएल की कार्रवाई से उपभोक्ताओं समेत सरकारी विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग बकायेदारों से बकाया वसूल रहा है। वहीं, लंबे समय से बकाया जमा नहीं करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। पहले चरण में नोटिस भेजने के साथ ही अब कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p>इधर, ऊर्जा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577085/electricity-supply-to-arto-office-cut-off-over-unpaid-dues%E2%80%94officials-in-a-tizzy"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/light.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>अल्मोड़ा, अमृत विचार।</strong> यूपीसीएल ने बिजली बिल जमा नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। ऊर्जा निगम ने बिजली बकाया भुगतान नहीं करने पर एआरटीओ कार्यालय का कनेक्शन काट दिया है। वहीं, अन्य बकायदारों पर भी कार्रवाई शुरु कर दी है।</p>
<p>इन दिनों यूपीसीएल की कार्रवाई से उपभोक्ताओं समेत सरकारी विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग बकायेदारों से बकाया वसूल रहा है। वहीं, लंबे समय से बकाया जमा नहीं करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। पहले चरण में नोटिस भेजने के साथ ही अब कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है।</p>
<p>इधर, ऊर्जा निगम के मुताबिक, एआरटीओ की ओर से करीब चालीस हजार रुपये का बिल का भुगतान किया जाना है। वहीं, वित्तीय वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन अब भी ऊर्जा निगम छह करोड़ 54 लाख का ही बकाया वसूल सका है। चेतावनी देने के बाद भी बिलों का भुगतान नहीं करने पर ऊर्जा निगम की ओर से कार्रवाई भी की गई है।</p>
<p><strong>अब तक 24 के कनेक्शन काटे</strong><br />ऊर्जा निगम ने अब तक आईटीआई, डीएफओ सिविल सोयम कार्यालय समेत कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के भाई व ताकुला ब्लॉक प्रमुख के पति दीपक आर्या समेत 24 लोगों का भुगतान नहीं करने पर कनेक्शन काटे गए है। हालांकि कैबिनेट मंत्री के भाई ने कुछ बिलों का भुगतान कर दिया है।</p>
<p>ईई, ऊर्जा निगम अल्मोड़ा कन्हैया जी मिश्रा ने बताया कि ऊर्जा निगम बकाया बिल की वसूली कर रहा है। विभाग ने अब तक बकाया जमा नहीं करने वाले 24 लोगों के कनेक्शन काट चुका है। वहीं, बिल जमा नहीं करने पर एआरटीओ कार्यालय का कनेक्शन काटा गया है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>अल्मोड़ा</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577085/electricity-supply-to-arto-office-cut-off-over-unpaid-dues%E2%80%94officials-in-a-tizzy</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/577085/electricity-supply-to-arto-office-cut-off-over-unpaid-dues%E2%80%94officials-in-a-tizzy</guid>
                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 10:02:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अप्रैल में महंगा होगा बिजली बिल : उपभोक्ताओं पर 2.14 प्रतिशत का अतिरिक्त बोझ, 1000 रुपये के बिल पर 21 रुपये extra</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार : </strong>उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अप्रैल महीना महंगा रहने वाला है। पावर कॉरपोरेशन ने ईंधन अधिभार शुल्क की नई दरें तय की हैं, जिससे बिजली बिल में 2.14 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। यानी 1000 रुपये के बिल पर करीब 21 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">मार्च में ईंधन अधिभार शुल्क नकारात्मक होने से उपभोक्ताओं को राहत मिली थी, लेकिन अप्रैल में इसके पॉजिटिव होने से बोझ बढ़ेगा। पावर कॉरपोरेशन के अनुसार, इस बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं से करीब 142 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूले जाएंगे। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने अधिभार शुल्क की गणना पर सवाल उठाते</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576839/electricity-bills-to-get-costlier-in-april--consumers-to-bear-an-additional-2-14--burden--rs-21-extra-on-every-rs-1-000-bill"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(54)7.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार : </strong>उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अप्रैल महीना महंगा रहने वाला है। पावर कॉरपोरेशन ने ईंधन अधिभार शुल्क की नई दरें तय की हैं, जिससे बिजली बिल में 2.14 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। यानी 1000 रुपये के बिल पर करीब 21 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">मार्च में ईंधन अधिभार शुल्क नकारात्मक होने से उपभोक्ताओं को राहत मिली थी, लेकिन अप्रैल में इसके पॉजिटिव होने से बोझ बढ़ेगा। पावर कॉरपोरेशन के अनुसार, इस बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं से करीब 142 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूले जाएंगे। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने अधिभार शुल्क की गणना पर सवाल उठाते हुए इसकी जांच की मांग की है।</span></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">बकाया राशि समायोजन की मांग</span></strong></h3>
<p style="text-align:justify;">परिषद का कहना है कि बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का करीब 51 हजार करोड़ रुपये बकाया है, जिसे पहले समायोजित किया जाना चाहिए, न कि नया बोझ डाला जाए।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बढ़ी परेशानी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">परिषद के अनुसार, स्मार्ट प्रीपेड मीटर से उपभोक्ताओं को दिक्कतें हो रही हैं। बैलेंस खत्म होते ही बिजली कट जाती है और भुगतान के बाद भी आपूर्ति बहाल होने में देरी होती है। विभाग का कहना है कि सर्वर और डेटा अपडेट में देरी के कारण यह समस्या आती है, हालांकि सूचना मिलते ही बिजली चालू करने का दावा किया जा रहा है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 29 Mar 2026 12:15:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी,  बैलेंस निगेटिव हुआ तो तुरंत कट सकती है बिजली</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार : </strong>उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए पावर कॉरपोरेशन ने महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा है कि जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे हैं, वे अपने मीटर का बैलेंस शून्य या ऋणात्मक (नेगेटिव) न होने दें, अन्यथा उनका बिजली कनेक्शन स्वतः कट सकता है।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">पावर कॉरपोरेशन के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 76 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 69.88 लाख मीटर प्रीपेड मोड पर संचालित हो रहे हैं। विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम अब पूरी तरह तैयार हो</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574242/smart-meter-users-are-warned-that-if-their-balance-goes-negative--their-electricity-could-be-cut-immediately"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/बिजली-बिल-जागरण-(1).jpg" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार : </strong>उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए पावर कॉरपोरेशन ने महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। विभाग ने कहा है कि जिन उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगे हैं, वे अपने मीटर का बैलेंस शून्य या ऋणात्मक (नेगेटिव) न होने दें, अन्यथा उनका बिजली कनेक्शन स्वतः कट सकता है।</p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">पावर कॉरपोरेशन के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 76 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से लगभग 69.88 लाख मीटर प्रीपेड मोड पर संचालित हो रहे हैं। विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटरिंग सिस्टम अब पूरी तरह तैयार हो चुका है और इसे गो लाइव भी कर दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक यदि किसी उपभोक्ता के मीटर खाते का बैलेंस ऋणात्मक हो जाता है तो सिस्टम के माध्यम से उसका कनेक्शन ऑटोमैटिक रूप से काटा जा सकता है।</span></p>
<p>उपभोक्ताओं को बैलेंस की जानकारी देने के लिए कॉरपोरेशन की ओर से एसएमएस अलर्ट की व्यवस्था की गई है। मीटर का बैलेंस 30 प्रतिशत, 10 प्रतिशत और शून्य होने पर उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर संदेश भेजा जाता है। साथ ही बिजली बिल भी मोबाइल नंबर पर उपलब्ध कराया जाता है।</p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">यदि किसी उपभोक्ता को बिल या एसएमएस नहीं मिल रहा है तो वह 1912 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा उपभोक्ता यूपीपीसीएल स्मार्ट कंज्यूमर ऐप के माध्यम से अपनी दिन-प्रतिदिन और घंटे-घंटे की बिजली खपत भी देख सकते हैं। कॉरपोरेशन ने उपभोक्ताओं से समय-समय पर बैलेंस जांचने और रिचार्ज कराते रहने की अपील की है।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 08 Mar 2026 10:29:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली बिल राहत योजना में जबरदस्त सफलता: 47 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं ने लिया लाभ, 8,783 करोड़ की राहत और 4,807 करोड़ का राजस्व प्राप्त</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने शुक्रवार को राजधानी में ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बिजली बिल राहत योजना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में योजना की प्रगति, राजस्व प्राप्ति और उपभोक्ताओं को दी गई राहत पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री ने बताया कि अब तक 47 लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं ने इस योजना में नामांकन कराया है, जो योजना की व्यापक सफलता और जनविश्वास को दर्शाता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत विभाग को अब तक 4,807 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं, योजनानुसार</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573608/electricity-bill-relief-scheme-a-resounding-success--over-47-lakh-consumers-have-benefited--providing-relief-of-rs-8-783-crore-and-revenue-of-rs-4-807-crore"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(20)10.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ने शुक्रवार को राजधानी में ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ बिजली बिल राहत योजना की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में योजना की प्रगति, राजस्व प्राप्ति और उपभोक्ताओं को दी गई राहत पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री ने बताया कि अब तक 47 लाख से अधिक विद्युत उपभोक्ताओं ने इस योजना में नामांकन कराया है, जो योजना की व्यापक सफलता और जनविश्वास को दर्शाता है।</p>
<p>उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत विभाग को अब तक 4,807 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं, योजनानुसार प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को 8,783 करोड़ रुपये की बड़ी राहत प्रदान की गई है। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचे और प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने और विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में विभागीय अधिकारियों ने भी योजना के क्रियान्वयन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Feb 2026 11:04:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विद्युत सखियों का शानदार प्रदर्शन, 3142 करोड़ का बिल कलेक्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>उप्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने वर्ष 2020 से अब तक विद्युत वितरण कंपनियों के लिए 3142 करोड़ रुपये से अधिक का विद्युत बिल कलेक्शन किया है। इस कार्य के बदले विद्युत सखियों ने 40.46 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।</p>
<p>ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘विद्युत सखी’ कार्यक्रम ने यह उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 में अब तक 1298 करोड़ रुपये का कलेक्शन करते हुए 16.22 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन प्राप्त किया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/572590/excellent-performance-of-vidyut-sakhis--bill-collection-of-rs--3142-crore"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/बिजली-चोरी-.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>उप्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने वर्ष 2020 से अब तक विद्युत वितरण कंपनियों के लिए 3142 करोड़ रुपये से अधिक का विद्युत बिल कलेक्शन किया है। इस कार्य के बदले विद्युत सखियों ने 40.46 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।</p>
<p>ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘विद्युत सखी’ कार्यक्रम ने यह उपलब्धि हासिल की है। वर्ष 2025-26 में अब तक 1298 करोड़ रुपये का कलेक्शन करते हुए 16.22 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन प्राप्त किया गया। वर्ष 2024-25 में 1045 करोड़ रुपये के कलेक्शन पर 13 करोड़ रुपये से अधिक, जबकि 2023-24 में 467 करोड़ रुपये के कलेक्शन पर 5.63 करोड़ रुपये का कमीशन अर्जित हुआ। मिशन के अनुसार, यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/572590/excellent-performance-of-vidyut-sakhis--bill-collection-of-rs--3142-crore</link>
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                <pubDate>Sat, 21 Feb 2026 11:02:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : मुख्यालय पहुंची बिल रिवीजन के घोटाले की आंच...चार सदस्यीय टीम करेगी जांच</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>शहरी क्षेत्र में बिल रिवीजन के नाम पर हुए घोटाले की आंच मध्यांचल मुख्यालय तक पहुंच गई है। मामले का संज्ञान लेते हुए एमडी ने जांच के लिए चार सदस्य कमेटी का गठन कर दिया है। जांच कमेटी सोमवार से शहर में आकर जांच शुरू कर सकती है।</p>
<p>शहरी क्षेत्र के विद्युत वितरण खंड तृतीय में 144 बिलों में बिल रिवीजन के नाम पर खेल करने का मामला सामने आया था, जिसमें करीब 67 लाख रुपये के बिल कम किए गए थे। शहरी क्षेत्र में तैनात रहे अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल ने इस मामले का खुलासा किया था।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567170/the-bill-revision-scam-has-reached-the-headquarters----a-four-member-team-will-conduct-the-investigation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/scam.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>शहरी क्षेत्र में बिल रिवीजन के नाम पर हुए घोटाले की आंच मध्यांचल मुख्यालय तक पहुंच गई है। मामले का संज्ञान लेते हुए एमडी ने जांच के लिए चार सदस्य कमेटी का गठन कर दिया है। जांच कमेटी सोमवार से शहर में आकर जांच शुरू कर सकती है।</p>
<p>शहरी क्षेत्र के विद्युत वितरण खंड तृतीय में 144 बिलों में बिल रिवीजन के नाम पर खेल करने का मामला सामने आया था, जिसमें करीब 67 लाख रुपये के बिल कम किए गए थे। शहरी क्षेत्र में तैनात रहे अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल ने इस मामले का खुलासा किया था। उन्होंने मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर जानकारी दी थी, लेकिन मामले को दबाने के लिए अधीक्षण अभियंता ब्रह्मपाल का तबादला कर दिया गया था। </p>
<p>उनके जाने के बाद बरेली जोन प्रथम के मुख्य अभियंता ने इस मामले की जांच कराई थी, जिसमें मुख्य अभियंता की तरफ से जिस अधिशासी अभियंता के कार्यकाल में खेल हुआ था उन्हें चार्जशीट जारी की थी। अब मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय से एमडी रिया केजरीवाल ने इस मामले में चार सदस्य कमेटी का गठन किया है जिसमें एक अधीक्षण अभियंता, एक अधिशासी अभियंता और एक लेखा विभाग के अधिकारी को शामिल किया गया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम मुख्यालय से संबंध मुख्य अभियंता रामनरेश की अध्यक्षता में चार सदस्यों कमेटी सोमवार को शहर आकर जांच शुरू कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567170/the-bill-revision-scam-has-reached-the-headquarters----a-four-member-team-will-conduct-the-investigation</link>
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                <pubDate>Sun, 11 Jan 2026 11:15:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>OTS योजना में सरचार्ज, लोड के नाम पर बढ़ रहा बिल... पंजीकरण और जमा के खेल में पिस रहे उपभोक्ता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उप्र पावर कारपोरेशन की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में शहर के उपभोक्ताओं के साथ छल किया जा रहा है। पंजीकरण के समय कम बकाया बताया जाता है और भुगतान के समय सरचार्ज, लोड बढ़ने और शमन शुल्क जोड़कर बिल को दोगुना तक कर दिया जा रहा है। इससे ओटीएस में पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ता परेशान हैं।</p>
<p>बीकेटी के जीवीआरए उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता नगमा के पति नफीस ने ओटीएस के तहत पंजीकरण कराया था। उन्होंने बताया कि करीब एक लाख रुपये बिल बकाया था। ओटीएस में पंजीकरण के बाद मीटर जांच कर विभाग ने 55 हजार रुपये</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566481/surcharges-in-the-ots-scheme--increasing-bills-in-the-name-of-load----consumers-are-being-crushed-in-the-game-of-registration-and-deposit"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/बिजली-चोरी-.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उप्र पावर कारपोरेशन की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में शहर के उपभोक्ताओं के साथ छल किया जा रहा है। पंजीकरण के समय कम बकाया बताया जाता है और भुगतान के समय सरचार्ज, लोड बढ़ने और शमन शुल्क जोड़कर बिल को दोगुना तक कर दिया जा रहा है। इससे ओटीएस में पंजीकरण कराने वाले उपभोक्ता परेशान हैं।</p>
<p>बीकेटी के जीवीआरए उपकेंद्र से जुड़े उपभोक्ता नगमा के पति नफीस ने ओटीएस के तहत पंजीकरण कराया था। उन्होंने बताया कि करीब एक लाख रुपये बिल बकाया था। ओटीएस में पंजीकरण के बाद मीटर जांच कर विभाग ने 55 हजार रुपये का बिल बनाया। इसमें 15 हजार रुपये पंजीकरण के समय जमा कराया गया। इसके बाद शेष राशि जमा करने कैश काउंटर पर पहुंचे तो 65 हजार रुपये बकाया बताया गया। कर्मचारियों ने लोड अधिक और शमन शुल्क जोड़ने की बात कही, जबकि ऑनलाइन बिल कुछ और दिख रहा था।</p>
<p>सरोजनीनगर निवासी करन सिंह ने बताया कि 82 हजार रुपये से अधिक का बिल बकाया था। ओटीएस में पंजीकरण के बाद 60 हजार रुपये जमा करने को कहा गया। बकाया जमा करने पहुंचे तो कैश काउंटर पर बकाया 68 हजार रुपये बताया गया। कर्मचारियों ने मीटर चार्ज जोड़ने की जानकारी देकर छूट के लिए अलग से संपर्क करने को कहा। पंजीकरण के बाद चिनहट, जानकीपुरम, चौक, सरोजनीनगर, गोमतीनगर विस्तार, तेलीबाग, मौलवीगंज, डालीगंज, और अमीनाबाद डिवीजन कार्यालयों पर बकाया जमा करने पहुंचे कई उपभोक्ताओं को इसी तरह बकाया बढ़ाकर बताया गया। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। उनका कहना है कि, पंजीकरण के समय स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।</p>
<p>उपभोक्ता शिकायत लेकर उच्चाधिकारियों के पास पहुंचते हैं तो उन्हें फिर से बाबुओं के पास भेज दिया जा रहा है। कर्मचारी कैश काउंटर पर भुगतान की हिदायत देकर मामले को आगे बढ़ा रहे हैं। उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्य अभियंता ट्रांसगोमती वीपी सिंह ने कहा कि पंजीकरण के समय उपभोक्ता को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। यदि कोई कर्मचारी किसी उपभोक्ता के बिल में गड़बड़ी करता पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566481/surcharges-in-the-ots-scheme--increasing-bills-in-the-name-of-load----consumers-are-being-crushed-in-the-game-of-registration-and-deposit</link>
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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 10:34:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: घर में है गैस गीजर तो रहे सावधान, बिना वेंटीलेशन बाथरूम में चलाना जानलेवा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>रामपुर, अमृत विचार। </strong>सर्दी के मौसम में बिजली का बिल कम करने के चक्कर में गैस के गीजर इस्तेमाल कर रहे हैं। होशियार रहें गैस का गीजर चलाते समय एहतियात बरतें। क्योंकि बंद बाथरूम में गैस गीजर चलाकर नहाते समय बनने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड जानलेवा हो सकती है। बाथरूम में अगर गैस गीजर लगा रखा है तब बाथरूम में रोशनदान होना जरूरी है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बताते हैं कि बाथरूम में रोशनदान नहीं होने से गीजर चलाने पर ऑक्सीजन की कमी होने लगती है।</p>
<p>कड़ाके की सर्दी में ठंडे पानी से नहाना बड़ी समस्या है इसलिए अधिकांश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566384/if-you-have-a-gas-geyser-at-home--be-careful--using-it-in-a-bathroom-without-proper-ventilation-can-be-deadly"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/bath.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>रामपुर, अमृत विचार। </strong>सर्दी के मौसम में बिजली का बिल कम करने के चक्कर में गैस के गीजर इस्तेमाल कर रहे हैं। होशियार रहें गैस का गीजर चलाते समय एहतियात बरतें। क्योंकि बंद बाथरूम में गैस गीजर चलाकर नहाते समय बनने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड जानलेवा हो सकती है। बाथरूम में अगर गैस गीजर लगा रखा है तब बाथरूम में रोशनदान होना जरूरी है। जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक बताते हैं कि बाथरूम में रोशनदान नहीं होने से गीजर चलाने पर ऑक्सीजन की कमी होने लगती है।</p>
<p>कड़ाके की सर्दी में ठंडे पानी से नहाना बड़ी समस्या है इसलिए अधिकांश लोग गरम पानी से नहाते हैं। लकड़ियों के चूल्हे पर पानी गरम करने का जमाना चला गया है अब लोग अपने-अपने बाथरूम में बिजली और गैस के गीजर से पानी गर्म करते हैं। बिजली महंगी होने के कारण लोगों बिजली के गीजर से पानी गर्म करना बंद कर दिया है अब गैस के गीजर का इस्तेमाल ज्यादा किया जा रहा है। लेकिन बाथरूम में लगा गैस गीजर जानलेवा भी साबित हो सकता है। </p>
<p>ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें लोगों ने जान गंवाई है। इसके लिए बाथरूम में एक रोशनदान का होना जरूरी है। चेस्ट स्पेशलिस्ट डॉ. डीके वर्मा बताते हैं कि बाथरूम में गीजर चलाने से रक्त में ऑक्सीजन का स्तर कम होने का फेफड़ों पर सीधा असर पड़ता है। जिससे सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और चारों ओर से बंद बाथरूम में नहाते समय दम घुट जाता है और नहाने वाले की मौत तक हो जाती है।</p>
<p><strong>बरेली और शाहजहांपुर में हो चुकी है गैस गीजर से मौत</strong><br />गैस गीजर चलाकर नहाने में बरेली और शाहजहांपुर में युवकों की मौत हो चुकी है। जबकि खटकान निवासी शरीफ और मोरी गेट निवासी राम करन गैस का गीजर चलाने के दौरान बेहोश होकर गिर गए थे। इत्तेफाक से घरवालों को गिरने की आवाज आई तब उन्होंने बाथरूम के पास जाकर चिल्लाना शुरू किया शरीफ-शरीफ लेकिन, बाथरूम से कोई आवाज नहीं आने पर परिजन घबरा गए और उन्होंने बाथरूम का दरवाजा तोड़ दिया। शरीफ बाथरूम के फर्श पर बेहोश हुआ पड़ा था। परिजन उसे अस्पताल ले गए जहां उसका उपचार हुआ और ऑक्सीजन दी गई इसके बाद उसकी हालत में सुधार हुआ।</p>
<p>मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ. बीसी सक्सेना ने बताया कि गैस गीजर से बाथरूम में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है और कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है। जिसकी गंध और रंग महसूस नहीं होता है। बाथरूम में कोई रोशनदान नहीं होने से दम घुटने लगता है। सांस के जरिए कार्बन मोनोऑक्साइड फेफड़ों तक पहुंच जाती है जिसके कारण जान चली जाती है। </p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>रामपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 05 Jan 2026 14:14:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्मार्ट मीटर की अधिक वसूली का होगा बिल में समायोजन, UP विद्युत नियामक आयोग ने जारी की नई कॉस्ट डाटा बुक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong> लखनऊः</strong> </span>उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नए वर्ष पर बड़ी राहत देते हुए पूरी प्रदेश के लिए नई कॉस्ट डाटा बुक जारी कर दी है। आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश की सभी विद्युत वितरण कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर अपडेट कर 12 जनवरी से पहले हर हाल में नई कॉस्ट डाटा बुक को लागू करना अनिवार्य होगा।</p>
<p>नव वर्ष के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने उपभोक्ताओं की ओर से विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार, सदस्य संजय कुमार सिंह और</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565892/the-up-electricity-regulatory-commission-has-released-a-new-cost-data-book-for-smart-meter-overcharges"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/बिजली-चोरी-.jpg" alt=""></a><br /><p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong> लखनऊः</strong> </span>उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को नए वर्ष पर बड़ी राहत देते हुए पूरी प्रदेश के लिए नई कॉस्ट डाटा बुक जारी कर दी है। आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश की सभी विद्युत वितरण कंपनियों को अपने सॉफ्टवेयर अपडेट कर 12 जनवरी से पहले हर हाल में नई कॉस्ट डाटा बुक को लागू करना अनिवार्य होगा।</p>
<p>नव वर्ष के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने उपभोक्ताओं की ओर से विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार, सदस्य संजय कुमार सिंह और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा से भेंट कर नई कॉस्ट डाटा बुक जारी करने पर आभार जताते हुए नव वर्ष की शुभकामनाएं दीं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर अब नियामक आयोग ने साफ निर्णय दे दिया है।</p>
<p>आयोग के अनुसार सिंगल फेस स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अधिकतम कीमत 2800 रुपये, थ्री फेस स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अधिकतम कीमत 4100 रुपये से अधिक किसी भी उपभोक्ता से वसूल नहीं की जा सकती।</p>
<p>गौरतलब है कि प्रदेश की बिजली कंपनियों ने 9 सितंबर 25 को नियामक आयोग की अनुमति के बिना आदेश जारी कर सिंगल फेस मीटर की कीमत 6016 रुपये, थ्री फेस मीटर की कीमत 11341 रुपये वसूलना शुरू कर दिया था। 10 सितंबर- 25 से 1 जनवरी 2026 के बीच प्रदेश भर में 3,18,740 उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के लिए एस्टीमेट जमा किया, जिनमें लगभग 90 प्रतिशत उपभोक्ता सिंगल फेस मीटर के थे। यदि 6016 रुपये की मनमानी दर से गणना की जाए तो कुल वसूली करीब 191 करोड़ रुपये बैठती है, जबकि आयोग की ओर से तय 2800 रुपये की दर से यह राशि लगभग 89 करोड़ रुपये होती है।</p>
<p>इस प्रकार बिजली कंपनियों को उपभोक्ताओं के बिजली बिल में 102 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का समायोजन करना होगा। अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ता को पोस्टपेड या प्रीपेड मीटर चुनने का अधिकार प्राप्त है, लेकिन अब तक इसका पालन नहीं किया जा रहा था।नई कॉस्ट डाटा बुक में यह साफ कर दिया गया है कि पोस्टपेड कनेक्शन पर सिक्योरिटी राशि लेकर उपभोक्ता को पोस्टपेड मोड में रखना पूरी तरह कानूनी है। स्मार्ट मीटर तकनीकी रूप से पोस्टपेड और प्रीपेड दोनों मोड में काम करता है ।उपभोक्ता की सहमति के बिना प्रीपेड मोड लागू करना विद्युत अधिनियम का उल्लंघन है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565892/the-up-electricity-regulatory-commission-has-released-a-new-cost-data-book-for-smart-meter-overcharges</link>
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                <pubDate>Fri, 02 Jan 2026 09:23:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
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