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                <title>Pahalgam attack - Amrit Vichar</title>
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                <description>Pahalgam attack RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पहलगाम हमले की बरसी:  कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था की गई कड़ी, महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर। </strong>पहलगाम में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा पिछले साल आज ही के दिन किए गए हमले में मारे गए 26 लोगों को बुधवार को पूरे देश में श्रद्धांलजि दी जा रही है और इस बीच कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि घातक आतंकी हमले की पहली बरसी पर कश्मीर भर में पर्यटक स्थलों सहित महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। मारे गए लोगों की याद में कार्यक्रम और रैलियां आयोजित की जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पहलगाम के बैसरन मैदान में 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में 25 पर्यटकों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579569/pahalgam-attack-anniversary--%E2%80%8B%E2%80%8Bsecurity-tightened-in-kashmir--police-and-paramilitary-forces-deployed-at-key-locations"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/untitled-design-(5)4.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीनगर। </strong>पहलगाम में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा पिछले साल आज ही के दिन किए गए हमले में मारे गए 26 लोगों को बुधवार को पूरे देश में श्रद्धांलजि दी जा रही है और इस बीच कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि घातक आतंकी हमले की पहली बरसी पर कश्मीर भर में पर्यटक स्थलों सहित महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। मारे गए लोगों की याद में कार्यक्रम और रैलियां आयोजित की जाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">पहलगाम के बैसरन मैदान में 22 अप्रैल 2025 को आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय व्यक्ति की मृत्यु हो गई। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा किए गए हमले के कारण जम्मू कश्मीर से पर्यटक जाने लगे। अधिकारियों को लगभग 50 पर्यटन स्थलों को बंद करना पड़ा और सुरक्षा 'ऑडिट' के बाद उनमें से कुछ को चरणबद्ध तरीके से फिर से खोला गया। </p>
<p style="text-align:justify;">हमले के एक साल बाद पहलगाम के प्रसिद्ध घास के मैदान एक बार फिर पर्यटकों की चहल-पहल से गुलजार हैं और अनंतनाग जिले में स्थित 'मिनी स्विट्जरलैंड' की यात्रा करने के अपने फैसले पर किसी को पछतावा नहीं है। यह स्थल पिछले साल के आतंकी हमले की छाया से उबर रहा है। पहलगाम रिसॉर्ट में पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई नए उपाय लागू किए गए हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इनमें सेवा प्रदाताओं और विक्रेताओं का आगंतुकों से संपर्क करने से पहले उनका सत्यापन शामिल है। पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सभी पर्यटन सेवा प्रदाताओं के लिए एक 'यूनिक क्यूआर कोड' आधारित पहचान प्रणाली शुरू की गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने कहा, ''प्रत्येक सेवा प्रदाता की पुलिस द्वारा विधिवत जांच की गई है, अधिकारियों द्वारा पंजीकृत किया गया है और उन्हें एक 'यूनिक क्यूआर कोड' प्रदान किया गया है जिसमें उस व्यक्ति के बारे में व्यक्तिगत जानकारी और अन्य विवरण शामिल हैं।'' </p>
<p style="text-align:justify;">'क्यूआर कोड' में सेवा प्रदाता का नाम, पिता का नाम, विस्तृत पता, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, पंजीकरण संख्या, परिचालन मार्ग और पुलिस द्वारा सत्यापित होने या न होने की जानकारी शामिल होती है। कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) वी. के. बर्डी ने हाल में हुई एक बैठक के दौरान निर्देश दिया कि पर्यटकों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों सहित संवेदनशील प्रतिष्ठानों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/579359/the-pinch-of-inflation--massive-surge-in-crude-oil-prices-amid-iran-us-tensions--brent-crude-crosses--96"><span class="t-red">महंगाई की मार! </span>ईरान-अमेरिका तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल, ब्रेंट क्रूड $96 के पार </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579569/pahalgam-attack-anniversary--%E2%80%8B%E2%80%8Bsecurity-tightened-in-kashmir--police-and-paramilitary-forces-deployed-at-key-locations</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 11:13:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रयागराज : पहलगाम हमले के बाद इंस्टाग्राम पर &quot;पाकिस्तान जिंदाबाद&quot; लिखने के आरोपी को जमानत मिली </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पहलगाम हमले के बाद अपने इंस्टाग्राम खाते पर ''पाकिस्तान जिंदाबाद'' लिखकर 'पोस्ट' साझा करने के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत दे दी है। हालांकि, अदालत ने उसे सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी पोस्ट साझा करने से रोक दिया है जो इस देश की प्रतिष्ठा के खिलाफ हो।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने फैजान नाम के एक व्यक्ति द्वारा दायर जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को यह आदेश पारित किया। अदालत ने कहा, ''याचिकाकर्ता सोशल मीडिया पर ऐसी कोई आपत्तिजनक पोस्ट साझा नहीं करेगा जो इस देश की प्रतिष्ठा या किसी समुदाय के खिलाफ हो।''</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573578/prayagraj--man-accused-of-posting-%22pakistan-zindabad%22-on-instagram-after-pahalgam-attack-gets-bail"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/इलाहाबाद-हाईकोर्ट-न्यूज1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पहलगाम हमले के बाद अपने इंस्टाग्राम खाते पर ''पाकिस्तान जिंदाबाद'' लिखकर 'पोस्ट' साझा करने के आरोपी एक व्यक्ति को जमानत दे दी है। हालांकि, अदालत ने उसे सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी पोस्ट साझा करने से रोक दिया है जो इस देश की प्रतिष्ठा के खिलाफ हो।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने फैजान नाम के एक व्यक्ति द्वारा दायर जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को यह आदेश पारित किया। अदालत ने कहा, ''याचिकाकर्ता सोशल मीडिया पर ऐसी कोई आपत्तिजनक पोस्ट साझा नहीं करेगा जो इस देश की प्रतिष्ठा या किसी समुदाय के खिलाफ हो।''</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने यह चेतावनी भी दी कि किसी शर्त का उल्लंघन जमानत रद्द करने का आधार होगा। आरोपी के खिलाफ एटा पुलिस द्वारा पिछले वर्ष भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आरोपी के वकील ने दलील दी कि आरोपी ने हालांकि आपत्तिजनक पोस्ट साझा की लेकिन बीएनएस की धारा 152 उस पर लागू नहीं होती क्योंकि उसने ऐसी कोई टिप्पणी साझा नहीं की जो भारत के लिए अपमानजनक हो।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि एक शत्रु देश का समर्थन करना बीएनएस की धारा 152 के दायरे में नहीं आएगा। वकील ने कहा कि आरोपी तीन मई, 2025 से जेल में निरुद्ध है और यदि उसे जमानत पर रिहा किया जाता है तो वह आजादी का दुरुपयोग नहीं करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, राज्य सरकार के वकील ने जमानत याचिका का यह कहते हुए विरोध किया कि यह अपराध गंभीर प्रकृति का है। अदालत ने अपराध की प्रकृति, साक्ष्य, जेलों में भारी संख्या में बंदियों के निरुद्ध रहने और निचली अदालतों के समक्ष भारी संख्या में लंबित मामलों पर विचार करते हुए आरोपी को जमानत प्रदान की। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Feb 2026 21:54:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> US Representatives से भारतीय राजदूत क्वात्रा ने की मुलाकात, पहलगाम आंतकवादी हमले पर एकजुटता दिखाने के लिया कहा... शुक्रिया </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क/वाशिंगटन। </strong>अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने ‘कैपिटल हिल’ (संसद भवन परिसर) में स्पीकर माइक जॉनसन से मुलाकात की और पहलगाम हमले के बाद भारत के आतंकवाद रोधी प्रयासों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। जॉनसन से मुलाकात के बाद क्वात्रा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज ‘कैपिटल हिल’ में स्पीकर माइक जॉनसन से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। </p>
<p style="text-align:justify;">भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के वास्ते उनके समर्थन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।’’ क्वात्रा ने कहा कि उन्होंने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566766/us-representatives-meet-with-indian-ambassador-kwatra--discuss-ibm-expansion-in-india-and-the-quantum-mission"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(61).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>न्यूयॉर्क/वाशिंगटन। </strong>अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने ‘कैपिटल हिल’ (संसद भवन परिसर) में स्पीकर माइक जॉनसन से मुलाकात की और पहलगाम हमले के बाद भारत के आतंकवाद रोधी प्रयासों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। जॉनसन से मुलाकात के बाद क्वात्रा ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज ‘कैपिटल हिल’ में स्पीकर माइक जॉनसन से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। </p>
<p style="text-align:justify;">भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के वास्ते उनके समर्थन के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।’’ क्वात्रा ने कहा कि उन्होंने अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत के आतंकवाद रोधी प्रयासों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए जॉनसन को धन्यवाद दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">भारतीय राजदूत ने वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी को रक्षा एवं सुरक्षा, तेल एवं गैस व्यापार, एआई (कृत्रिम मेधा) सहित प्रौद्योगिकी में साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों के साथ-साथ निष्पक्ष, संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते की दिशा में काम करने के दोनों देशों के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। </p>
<p style="text-align:justify;">क्वात्रा ‘क्वांटम कंप्यूटिंग’ में हो रहे अत्याधुनिक शोध कार्यों को देखने के लिए न्यूयॉर्क के वेस्टचेस्टर स्थित ‘आईबीएम थॉमस जे. वाटसन रिसर्च सेंटर थिंक लैब’ भी गए थे। उन्होंने कहा कि भारत में आईबीएम के विस्तार और राष्ट्रीय क्वांटम मिशन पर चर्चा हुई, इस मिशन के तहत भारत विश्वस्तरीय अनुसंधान सहयोग और समर्पित नवाचार केंद्र स्थापित करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/566719/israeli-pm-netanyahu-called-pm-modi--find-out-what-issues-the-two-leaders-discussed"><span class="t-red">इजराइली PM नेतन्याहू ने लगाया PM मोदी को कॉल, </span>जानिए किन मुद्दों पर दोनों नेताओं में हुई बात</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/566766/us-representatives-meet-with-indian-ambassador-kwatra--discuss-ibm-expansion-in-india-and-the-quantum-mission</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/566766/us-representatives-meet-with-indian-ambassador-kwatra--discuss-ibm-expansion-in-india-and-the-quantum-mission</guid>
                <pubDate>Thu, 08 Jan 2026 10:55:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Varanasi News : पहलगाम हमले में फंसाने के नाम पर 28 लाख ठगे, पीड़ित ने दर्ज कराई शिकायत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> वाराणसी में बड़ागांव थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को आतंकी हमले में फंसाने की बात कहकर कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और 28 लाख रुपये ठग लिए। विरापट्टी निवासी रामजनम प्रसाद ने साइबर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। छह दिसंबर को पीड़ित के मोबाइल पर कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस लखनऊ का अधिकारी बताया। </p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा कि पहलगाम हमले में पीड़ित का नाम जुड़ा हुआ पाया गया है। फिर ठगों ने वॉट्सएप कॉल पर लंबी बातचीत कर पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया। यह सिलसिला धीरे-धीरे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/565799/varanasi-news--rs-28-lakh-extorted-on-the-pretext-of-implicating-him-in-the-pahalgam-attack--victim-files-complaint"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/2025-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> वाराणसी में बड़ागांव थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को आतंकी हमले में फंसाने की बात कहकर कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखा और 28 लाख रुपये ठग लिए। विरापट्टी निवासी रामजनम प्रसाद ने साइबर थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई है। छह दिसंबर को पीड़ित के मोबाइल पर कॉल आया और कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस लखनऊ का अधिकारी बताया। </p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा कि पहलगाम हमले में पीड़ित का नाम जुड़ा हुआ पाया गया है। फिर ठगों ने वॉट्सएप कॉल पर लंबी बातचीत कर पीड़ित को अपने जाल में फंसा लिया। यह सिलसिला धीरे-धीरे कई दिनों तक चलता रहा। 15 दिसंबर और 24 दिसंबर के बीच ठगों ने 28 लाख रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे दिया। साथ ही पीड़ित को चेतावनी दी कि पैसों की बात किसी से न कहें, वरना फोर्स उठा ले जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">बाद में पीड़ित को पता चला कि वर्दी में दिख रहे लोग साइबर ठग थे। पीड़ित इतने डरे-सहमें थे कि उन्होंने पूरा घटनाक्रम परिजनों से भी छिपाया। बातचीत के दौरान कमरा बंद कर लेते थे और परिजनों के पूछने पर टाल देते थे। साइबर क्राइम थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा ने बताया कि इस तरह की घटनाओं में पीड़ित इतना डर जाता है कि वह कुछ बताना भी नहीं चाहता। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने पर बात सामने आती है। प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/565799/varanasi-news--rs-28-lakh-extorted-on-the-pretext-of-implicating-him-in-the-pahalgam-attack--victim-files-complaint</link>
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                <pubDate>Thu, 01 Jan 2026 13:17:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहलगाम आतंकी हमला : एनआईए ने दाखिल किया 1597 पन्नों का आरोपपत्र, जानें क्या-क्या हुआ खुलासा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>जम्मू,। </strong>राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने इस साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मामले में सोमवार को सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, जिनमें पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटीटी) और उसके मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) के सदस्य और पड़ोसी देश में मौजूद उनका आका भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपपत्र में पाकिस्तान की साजिश, आरोपियों की भूमिका और मामले को साबित करने में सहायक साक्ष्यों का विस्तृत विवरण दिया गया है और इसमें प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा/टीआरएफ को पहलगाम हमले की साजिश रचने, साजो-सामान मुहैया कराने और उसे अंजाम देने में उसकी भूमिका के लिए एक कानूनी इकाई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563641/pahalgam-terrorist-attack--nia-files-1597-page-charge-sheet--here-s-what-has-been-revealed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/cats93.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जम्मू,। </strong>राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने इस साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मामले में सोमवार को सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया, जिनमें पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटीटी) और उसके मुखौटा संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) के सदस्य और पड़ोसी देश में मौजूद उनका आका भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपपत्र में पाकिस्तान की साजिश, आरोपियों की भूमिका और मामले को साबित करने में सहायक साक्ष्यों का विस्तृत विवरण दिया गया है और इसमें प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा/टीआरएफ को पहलगाम हमले की साजिश रचने, साजो-सामान मुहैया कराने और उसे अंजाम देने में उसकी भूमिका के लिए एक कानूनी इकाई के तौर पर आरोपित किया गया है। पहलगाम हमले में 25 पर्यटक और एक स्थानीय टट्टू संचालक मारे गए। </p>
<p style="text-align:justify;">आतंकवाद रोधी एजेंसी द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘पाकिस्तान में बैठे आका साजिद जट्ट को भी जम्मू स्थित विशेष एनआईए न्यायालय में दाखिल 1,597 पृष्ठों के आरोपपत्र में बतौर आरोपी नामजद किया गया है।’’ एनआईए द्वारा दाखिल आरोप पत्र में उन तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें घातक आतंकी हमले के 99 दिन बाद 29 जुलाई को श्रीनगर के दाचीगाम में ‘ऑपरेशन महादेव’ के दौरान सेना ने मार गिराया था। </p>
<p style="text-align:justify;">तीनों की पहचान फैसल जट्ट उर्फ ​​सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ ​​जिब्रान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है। एनआईए ने अपने आरोपपत्र में आरोपियों के खिलाफ भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की धारा भी लगाई है। बयान के मुताबिक, एनआईए ने लगभग आठ महीने तक चली विस्तृत वैज्ञानिक जांच के माध्यम से पता लगाया कि इस पूरी साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं, जो भारत के खिलाफ आतंकवाद को लगातार प्रायोजित कर रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">बयान के मुताबिक, आतंकवादियों को पनाह देने के आरोप में एनआईए द्वारा 22 जून को गिरफ्तार परवेज अहमद और बशीर अहमद जोथर के खिलाफ भी आरोपपत्र दायर किया है। बयान के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हमले में संलिप्त तीन सशस्त्र आतंकवादियों की पहचान उजागर की और यह भी पुष्टि की कि वे प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन से जुड़े पाकिस्तानी नागरिक थे। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 15 Dec 2025 19:52:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> भारत ने नहीं माना था अमेरिकी प्रस्ताव- पाक डिप्टी पीएम इशाक डार के खुलासे से ट्रंप के दावे की खुली पोल </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना की काररवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उसी क्रम में भारत व पाकिस्तान के बीच चार दिनों चली जंग के चार महीनों के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने एक नया खुलासा किया है।</p>
<p>डार ने कहा कि मई में हुए सैन्य टकराव के दौरान उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भारत व पाकिस्तान के बीच किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की संभावना पर बात की थी। इस पर रुबियो ने साफ कहा कि भारत युद्धविराम के लिए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा क्योंकि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553519/india-did-not-accept-the-us-proposal--pak-deputy-pm-ishaq-dar-s-revelation-exposes-trump-s-claim"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/cats287.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना की काररवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और उसी क्रम में भारत व पाकिस्तान के बीच चार दिनों चली जंग के चार महीनों के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने एक नया खुलासा किया है।</p>
<p>डार ने कहा कि मई में हुए सैन्य टकराव के दौरान उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भारत व पाकिस्तान के बीच किसी तीसरे देश की मध्यस्थता की संभावना पर बात की थी। इस पर रुबियो ने साफ कहा कि भारत युद्धविराम के लिए किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा क्योंकि यह मुद्दा केवल भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मामला है।</p>
<h5><strong>मार्को रुबियो ने कहा था- भारत बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेगा</strong></h5>
<p>इशाक डार ने अल जजीरा को दिए एक इंटरव्यू में खुलासा करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने तीसरे पक्ष की भूमिका की उम्मीद जताई थी, लेकिन भारत ने इसे पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत के साथ बातचीत में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से कोई समस्या नहीं है, लेकिन भारत हमेशा यही कहता रहा है कि यह पूरी तरह से दोनों देशों के बीच का मामला है। डार ने यह भी बताया कि गत 25 जुलाई को जब वह वॉशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिले और बातचीत के बारे में पूछा तो रुबियो ने कहा कि भारत का रुख साफ है- यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है।</p>
<h5><strong>भारत से द्वपक्षीय बातचीत को तैयार है इस्लामाबाद</strong></h5>
<p>पाकिस्तानी डिप्टी पीएम डार ने इंटरव्यू में यह भी कहा, ‘इस्लामाबाद भारत से द्विपक्षीय बातचीत के लिए तैयार है। हम किसी चीज़ की गुहार नहीं लगा रहे हैं। यदि कोई देश बातचीत करना चाहता है तो हमें खुशी होगी और हम उसका स्वागत करेंगे। लेकिन बातचीत के लिए दोनों पक्षों की सहमति जरूरी होती है। जब तक भारत खुद बातचीत नहीं चाहता, हम उस पर दबाव नहीं डाल सकते।’</p>
<h5><strong>ट्रंप के इस दावे को भारत ने नकारा था</strong></h5>
<p>इशाक डार की बातों से यह साफ होता है कि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की थी और इस बात को भी अब जोर मिलता है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सीजफायर का फैसला भारत व पाकिस्तान की सेनाओं के बीच सीधी बातचीत से ही लिया गया था।</p>
<p>पाकिस्तान ने पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का समर्थन किया था, जिसमें कहा गया था कि 10 मई को युद्धविराम समझौता अमेरिकी मध्यस्थता से हुआ। लेकिन भारत ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जून में ट्रंप से फोन पर साफ कहा था कि युद्धविराम का समझौता सीधे भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था, किसी तीसरे पक्ष के कारण नहीं।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/553505/up-ias-transfer--16-ias-officers-transferred-in-up--anamika-singh-becomes-the-new-commissioner-of-bareilly#gsc.tab=0">IAS Transfer: UP में 16 आईएएस अधिकारियों के तबादले, विजय विश्वास पंत लखनऊ के नए मंडलायुक्त</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/553519/india-did-not-accept-the-us-proposal--pak-deputy-pm-ishaq-dar-s-revelation-exposes-trump-s-claim</link>
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                <pubDate>Tue, 16 Sep 2025 22:20:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>SCO सम्मेलन में पीएम मोदी की दहाड़... आतंकवाद को नहीं करेंगे बर्दाश्त, जानें हर अपडेट</title>
                                    <description><![CDATA[<p>चीन के त्येनजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का 25वां शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। सम्मेलन के दूसरे दिन आज प्लेनरी सत्र का आयोजन हो रहा है, जिसके बाद एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सत्र में आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को फिर से रेखांकित करेंगे। जल्द ही पीएम मोदी SCO के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। आइए, जानते हैं कि उनके संबोधन में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।</p>
<h3><strong>पीएम मोदी का संबोधन: मुख्य बिंदु</strong></h3>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 34</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551827/pm-modi-roared-in-sco-conference----will-not-tolerate-terrorism"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/muskan-dixit-(10).png" alt=""></a><br /><p>चीन के त्येनजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) का 25वां शिखर सम्मेलन आयोजित हो रहा है। सम्मेलन के दूसरे दिन आज प्लेनरी सत्र का आयोजन हो रहा है, जिसके बाद एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सत्र में आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ रुख को फिर से रेखांकित करेंगे। जल्द ही पीएम मोदी SCO के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। आइए, जानते हैं कि उनके संबोधन में किन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।</p>
<h3><strong>पीएम मोदी का संबोधन: मुख्य बिंदु</strong></h3>
<p>प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 34 वर्षों में SCO ने यूरेशिया क्षेत्र को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत ने एक सक्रिय सदस्य के रूप में संगठन के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में सकारात्मक योगदान दिया है। भारत का SCO के प्रति दृष्टिकोण तीन मुख्य आधारों पर टिका है:  <br />- S (सुरक्षा): क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित करना।  <br />- C (कनेक्टिविटी): सदस्य देशों के बीच बेहतर संपर्क और सहयोग।  <br />- O (अवसर): आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नए अवसर।  </p>
<h4><strong>पीएम मोदी किन मुद्दों पर करेंगे जोर?</strong></h4>
<p>यह सम्मेलन भारतीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे से 9:10 बजे तक चलेगा, जिसके बाद संयुक्त घोषणापत्र जारी होगा। इस सत्र में पीएम मोदी आतंकवाद, अलगाववाद, और उग्रवाद के खिलाफ SCO के मूल सिद्धांतों को दोहरा सकते हैं। वे पहलगाम हमले और सीमा-पार आतंकवाद जैसे मुद्दों पर आतंकवाद के समर्थकों को अलग-थलग करने की आवश्यकता पर बल दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त, पीएम मोदी स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने और SCO डेवलपमेंट बैंक की स्थापना जैसे प्रस्तावों पर भी चर्चा कर सकते हैं।</p>
<h4><strong>पीएम मोदी और पुतिन की द्विपक्षीय मुलाकात</strong></h4>
<p>SCO सम्मेलन के दौरान आज पीएम नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक होगी। यह मुलाकात सुबह 9:45 बजे से लगभग 45 मिनट तक चलेगी। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, यूक्रेन संकट, और अमेरिकी टैरिफ जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकते हैं। यह बैठक वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रही है, क्योंकि दोनों नेताओं की चर्चा क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।</p>
<h4><strong>यूक्रेन संकट पर चर्चा</strong></h4>
<p>हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने पीएम मोदी से फोन पर बात की थी, जिसमें उन्होंने तत्काल युद्धविराम की अपील की थी। ऐसे में पुतिन के साथ बैठक में पीएम मोदी यूक्रेन मुद्दे पर कूटनीतिक समाधान और शांति वार्ता शुरू करने की वकालत कर सकते हैं।</p>
<p>इस सम्मेलन के माध्यम से भारत न केवल क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अपनी प्रतिबद्धता दोहरा रहा है, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी कूटनीतिक स्थिति को भी सुदृढ़ कर रहा है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/551823/world-athletics-championship--neeraj-chopra-will-lead-india-in-the-world-championship----this-time-india-has-the-most-players-in-javelin-throw">World Athletics Championship: नीरज चोपड़ा करेंगे विश्व चैंपियनशिप में भारत की अगुवाई.... इस बार भाला फेंक में भारत के सबसे अधिक खिलाड़ी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551827/pm-modi-roared-in-sco-conference----will-not-tolerate-terrorism</link>
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                <pubDate>Mon, 01 Sep 2025 09:57:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहलगाम हमले के पर्दाफाश से सनसनी : “पाकिस्तान से आए थे मौत के सौदागर”</title>
                                    <description><![CDATA[लश्कर-ए-तैयबा के तीन पाकिस्तानी आतंकियों की पुष्टि, सैटेलाइट फोन से लेकर डीएनए तक पुख्ता सबूत]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548772/sensation-from-the-explosion-of-pahalgam-attack"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/पाकिस्तानी-नागरिक.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong> श्रीनगर, अमृत विचार : </strong> सुरक्षा एजेंसियों ने पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकवादियों की राष्ट्रीयता का पता लगाने के लिए सबूत जुटाए हैं, जिनमें पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी दस्तावेजों और बायोमेट्रिक डेटा सहित अन्य चीजें शामिल है। इससे इस बात की पुष्टि होती है कि वे तीनों आतंकवादी पाकिस्तान के नागरिक थे। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">आतंकवादी संगठन ‘लश्कर-ए-तैयबा’ (एलईटी) के दुर्दांत आतंकवादियों के रूप में पहचाने गए ये तीनों आतंकवादी 28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव के दौरान श्रीनगर के बाहरी इलाके दाचीगाम जंगल में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। वे पहलगाम की बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए हमले के बाद से दाचीगाम-हरवान वन क्षेत्र में छिपे हुए थे। पहलगाम हमले में 26 लोग मारे गए थे। अधिकारियों ने बताया कि एकत्र किये गये साक्ष्यों से पता चला कि इन आतंकवादियों में कोई भी स्थानीय व्यक्ति नहीं था। उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय डाटाबेस और पंजीकरण प्राधिकरण (एनएडीआरए) के बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, मतदाता पहचान पर्चियां और डिजिटल सैटेलाइट फोन डेटा (कॉल लॉग और जीपीएस वेपॉइंट्स) जैसे पुख्ता सबूत एकत्र किए हैं, जिससे इस बात की पुष्टि होती है कि वे तीनों आतंकवादी पाकिस्तान के नागरिक थे। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ के बाद बरामद किए गए हथियारों संबंधी जांच और हिरासत में लिए गए कश्मीर के दो युवकों से की गई पूछताछ के आधार पर पता चला कि पहलगाम हमले में ये आतंकवादी शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘पहली बार हमें पाकिस्तानी सरकार द्वारा जारी दस्तावेज मिले हैं, जिनसे पहलगाम हमलावरों की राष्ट्रीयता पर कोई संदेह नहीं बचा है।’’ अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन महादेव के दौरान और उसके बाद एकत्र किए गए फोरेंसिक, दस्तावेज और साक्ष्यों से यह स्पष्ट रूप से पता चला कि तीनों हमलावर पाकिस्तानी नागरिक थे और लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ सदस्य थे। ये तीनों हमले के दिन से ही दाचीगाम-हरवान वन क्षेत्र में छिपे हुए थे। उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले में कश्मीर का कोई भी व्यक्ति शामिल नहीं था। अधिकारियों ने बताया कि मारे गए आतंकवादियों की पहचान सुलेमान शाह उर्फ फैजल जट्ट के रूप में हुई है। वह ए++ श्रेणी का आतंकवादी था तथा पहलगाम हमले का मुख्य सरगना और मुख्य शूटर था। वहीं, दूसरे हमलावर की पहचान जट्ट के करीबी सहयोगी अबू हमजा उर्फ ‘अफगान’ के रूप में हुई है। वह ए श्रेणी का कमांडर था। तीसरे हमलावर की पहचान यासिर उर्फ ‘जिबरान’ के रूप में हुई है। वह भी ए श्रेणी का कमांडर था। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों ने हथियारों के साथ-साथ शाह और हमजा की जेबों से पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी दस्तावेज भी बरामद किए हैं, जिसमें पाकिस्तान निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दो मतदाता पर्चियां शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, इन मतदाता पर्चियों की क्रमांक संख्या लाहौर (एनए-125) और गुंझरांवाला (एनए-79) की मतदाता सूची से मेल खाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें एनडीआरए से जुड़ी स्मार्ट-आईडी चिप एक सैटेलाइट फोन से बरामद हुई, जिसमें तीनों आतंकवादियों की उंगलियों के निशान, चेहरे की बायोमैट्रिक प्रोफाइल और पारिवारिक जानकारी मौजूद थी। इन रिकॉर्ड्स से पुष्टि हुई कि उनके पते चंगा मांगा (ज़िला कसूर) और कोइयां गांव, रावलकोट के पास, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हैं। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान में निर्मित निजी सामान जैसे ‘कैंडीलैंड’ और ‘चोकोमैक्स’ चॉकलेट (दोनों कराची में निर्मित ब्रांड) के रैपर भी जब्त किए गए हैं। अधिकारी ने फॉरेंसिक और तकनीकी पुष्टि के बारे में बताया कि बैसरन में मिले खोखों को 28 जुलाई को बरामद की गई तीनों एके-103 राइफल से ‘टेस्ट-फायर’ किया गया और उनके घर्षण के निशान पूरी तरह 100 प्रतिशत मेल खाए। उन्होंने बताया कि इसके अलावा पहलगाम में मिली एक फटी हुई शर्ट पर मौजूद खून से लिए गए ‘माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए प्रोफाइल’, मारे गए तीनों आतंकवादियों के शवों से लिए गए डीएनए से पूरी तरह मेल खाते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों ने मई 2022 में उत्तर कश्मीर के गुरेज़ सेक्टर के रास्ते नियंत्रण रेखा पार की थी। खुफिया इंटरसेप्ट के अनुसार, उसी समय उनका ‘रेडियो चेक-इन’ पाकिस्तानी क्षेत्र से दर्ज किया गया था। हिरासत में लिए गए दो कश्मीरी युवकों से पूछताछ के दौरान पता चला कि आतंकवादी 21 अप्रैल को हिल पार्क में स्थित एक ‘धोक’ (मौसमी झोपड़ी) में आकर रुके थे। यह बैसरन घाटी से दो किलोमीटर दूर है। इन दोनों युवकों ने आतंकवादियों को रात भर पनाह दी और खाना भी मुहैया कराया। इसके अगले दिन आतंकवादी बैसरन घाटी गए और वहां अपने हमले को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि हमला करने के बाद आतंकवादी दाचीगाम की ओर भाग गए थे। उन्होंने ‘डिजिटल फुटप्रिंट्स’ के आधार पर बताया कि आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल किया गया ‘हुआवेई सैटेलाइट फोन (आईएमईआई 86761204-.....)22 अप्रैल से 25 जुलाई तक हर रात ‘इनमारसैट-4 एफ1’ से संपर्क में था। अधिकारियों ने बताया कि तथ्यों की मदद से खोज क्षेत्र को हरवान जंगल के अंदर चार वर्ग किलोमीटर के दायरे तक सीमित कर दिया गया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 24 अप्रैल को हाशिम मूसा, अली भाई उर्फ ‘तल्हा’ और स्थानीय निवासी आदिल हुसैन ठोकर के स्केच जारी किए थे। हालांकि, 28 जुलाई को हुई मुठभेड़ के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि वे स्केच एक फोन में मिली तस्वीर के आधार पर तैयार किए गए थे, जो दिसंबर 2024 की एक मुठभेड़ से जुड़ा था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले के आतंकवादी अलग थे। अधिकारियों ने कहा कि हमले में पाकिस्तान की संलिप्तता का एक और महत्वपूर्ण सबूत पाकिस्तान के अंदर स्थित कमांड और कंट्रोल लिंक था। अधिकारियों ने कहा कि लाहौर के चंगा मंगा निवासी एवं लश्कर-ए-तैयबा के दक्षिण कश्मीर ऑपरेशन का प्रमुख साजिद सैफुल्लाह जट्ट ने ही इस हमले की योजना बनाई थी और इसे अंजाम दिया था क्योंकि बरामद सैटेलाइट फोन से ली गयी आवाज के नमूने पहले की कॉल से मेल खाते थे। अधिकारियों ने कहा कि लश्कर-ए-तैयबा के रावलकोट प्रमुख रिजवान अनीस ने 29 जुलाई को मारे गए आतंकवादियों के परिवारों से मुलाकात की और ‘गायबाना नमाज़-ए-जनाजा’ में शामिल हुआ और यह वीडियो अब भारतीय दस्तावेज का हिस्सा बन चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>यह भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(186,55,42);"> <a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/548766/the-body-of-innocent-composition-found-30-km-after-28">28 घंटे बाद 30 किमी दूर मिला रचना का शव, सरयू नहर हादसे में थी लापता : अब मरने वालों की संख्या 12 हुई</a></span></strong></em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/548772/sensation-from-the-explosion-of-pahalgam-attack</link>
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                <pubDate>Mon, 04 Aug 2025 15:43:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Vinay Shukla]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>TRF ने पहलगाम हमले की तस्वीर की साझा, दो बार ली थी जिम्मेदारी, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में जानें क्या हुआ खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संयुक्त राष्ट्र:</strong> संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध निगरानी समिति ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में बताया कि ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी दो बार ली थी और हमले के स्थान की एक तस्वीर भी सार्वजनिक की थी। समिति ने यह भी उल्लेख किया कि यह हमला पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के समर्थन के बिना संभव नहीं था। </p>
<p>मंगलवार को जारी 36वीं रिपोर्ट में, इस्लामिक स्टेट, अल-कायदा और उनसे संबद्ध व्यक्तियों व संगठनों पर निगरानी रखने वाली संयुक्त राष्ट्र की विश्लेषणात्मक इकाई ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548115/trf-shared-photo-of-pahalgam-attack--took-responsibility-twice--united-nations"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/muskan-dixit7.png" alt=""></a><br /><p><strong>संयुक्त राष्ट्र:</strong> संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध निगरानी समिति ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में बताया कि ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की जिम्मेदारी दो बार ली थी और हमले के स्थान की एक तस्वीर भी सार्वजनिक की थी। समिति ने यह भी उल्लेख किया कि यह हमला पाकिस्तान आधारित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के समर्थन के बिना संभव नहीं था। </p>
<p>मंगलवार को जारी 36वीं रिपोर्ट में, इस्लामिक स्टेट, अल-कायदा और उनसे संबद्ध व्यक्तियों व संगठनों पर निगरानी रखने वाली संयुक्त राष्ट्र की विश्लेषणात्मक इकाई ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, “पांच आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर के पर्यटक स्थल पहलगाम पर हमला किया था।” इसमें कहा गया कि टीआरएफ ने उसी दिन हमले की जिम्मेदारी ली और घटनास्थल की एक तस्वीर भी प्रकाशित की। यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 आईएसआईएल (दाएश) और अल-कायदा प्रतिबंध समिति को प्रस्तुत की गई है। </p>
<p>रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि टीआरएफ ने अगले दिन फिर से हमले की जिम्मेदारी ली, लेकिन 26 अप्रैल को अपने दावे को वापस ले लिया। इसके बाद टीआरएफ या किसी अन्य संगठन की ओर से कोई और बयान नहीं आया। एक सदस्य देश के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि यह हमला लश्कर-ए-तैयबा के समर्थन के बिना संभव नहीं था, और टीआरएफ व लश्कर के बीच गहरे संबंध हैं। एक अन्य देश ने दावा किया कि टीआरएफ वास्तव में लश्कर का ही दूसरा रूप है। हालांकि, एक तीसरे सदस्य देश ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि लश्कर-ए-तैयबा अब “निष्क्रिय” हो चुका है। </p>
<p>रिपोर्ट में क्षेत्रीय तनावों को नाजुक बताते हुए चेतावनी दी गई है कि आतंकी संगठन इन तनावों का फायदा उठा सकते हैं। इस बीच, अमेरिका ने इस महीने टीआरएफ को विदेशी आतंकवादी संगठन और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया है। </p>
<p>पहलगाम हमले के बाद 25 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बयान जारी कर कहा था कि इस तरह के जघन्य आतंकी कृत्यों के दोषियों, योजनाकारों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को न्याय के दायरे में लाना आवश्यक है। हालांकि, पाकिस्तान के दबाव के कारण इस बयान में टीआरएफ का नाम शामिल नहीं किया गया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को संसद में बताया कि सुरक्षा परिषद के बयान पर चर्चा के दौरान पाकिस्तान ने टीआरएफ का नाम हटाने की कोशिश की थी। </p>
<p>भारत ने इस हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचों को निशाना बनाते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस्लामिक स्टेट-खुरासान मध्य और दक्षिण एशिया के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः  <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/548113/isro-nasa-s-joint-mission--nisar--is-ready-for-launch--it-will-become-the-guardian-of-the-earth">ISRO-NASA का संयुक्त मिशन ‘निसार’ प्रक्षेपण के लिए तैयार, बनेगा धरती का पहरेदार</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/548115/trf-shared-photo-of-pahalgam-attack--took-responsibility-twice--united-nations</link>
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                <pubDate>Wed, 30 Jul 2025 10:37:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Monsoon Session: पीएम मोदी ने विपक्ष पर बोला तीखा हमला, कहा- सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए दुनिया के किसी नेता नहीं कहा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा, "मैं इस सदन के समक्ष भारत का पक्ष रखने के लिए यहां खड़ा हूं। जो लोग भारत का पक्ष नहीं देख पा रहे हैं, मैं उन्हें आईना दिखाने के लिए यहां खड़ा हूं।"</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, "सेना को कार्रवाई करने की पूरी छूट दी गई और यह भी कहा गया कि सेना को यह तय करना चाहिए कि कब, कहां, कैसे और किस तरीके से कार्रवाई करनी है। हमें गर्व है कि आतंकवादियों को सजा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548073/monsoon-session--pm-modi-made-a-scathing-attack-on-the-opposition--said--i-have-stood-up-to-show-the-mirror-to-those-who-cannot-see-india-s-side"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/cats569.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा के दौरान विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा, "मैं इस सदन के समक्ष भारत का पक्ष रखने के लिए यहां खड़ा हूं। जो लोग भारत का पक्ष नहीं देख पा रहे हैं, मैं उन्हें आईना दिखाने के लिए यहां खड़ा हूं।"</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, "सेना को कार्रवाई करने की पूरी छूट दी गई और यह भी कहा गया कि सेना को यह तय करना चाहिए कि कब, कहां, कैसे और किस तरीके से कार्रवाई करनी है। हमें गर्व है कि आतंकवादियों को सजा दी गई, और यह ऐसी सजा थी कि आतंक के उन आकाओं की आज भी रातों की नींद उड़ी हुई है।"</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैंने कहा था कि यह भारत के 'विजयोत्सव' का सत्र है, जब मैं 'विजयोत्सव' की बात कर रहा हूं, तो मैं कहना चाहूंगा- ये 'विजयोत्सव' आतंकी मुख्यालय को मिट्टी में मिलाने का है।" सदन में पीएम मोदी ने कहा, "22 अप्रैल को पहलगाम में जो क्रूर घटना घटी, जिस तरह आतंकवादियों ने निर्दोष लोगों से उनका धर्म पूछकर उन्हें गोली मारी, वो क्रूरता की पराकाष्ठा थी। ये भारत को हिंसा की आग में झोंकने का एक सोचा-समझा प्रयास था। ये भारत में दंगे फैलाने की साजिश थी। आज मैं देशवासियों का धन्यवाद करता हूं कि देश ने एकजुटता के साथ उस साजिश को नाकाम कर दिया।" </p>
<h5><strong>अभी तक आईसीयू में हैं पाकिस्तान के एयरबेस </strong></h5>
<p>ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर से यह स्पष्ट होता है कि भारत ने तीन बिंदुओं पर निर्णय ले लिया है। पहला- यदि भारत पर कोई आतंकवादी हमला होता है, तो हम अपने तरीके से, अपनी शर्तों पर और अपने समय पर जवाब देंगे। दूसरा- अब कोई परमाणु ब्लैकमेल काम नहीं करेगा। तीसरा- हम आतंकवाद का समर्थन करने वाली सरकारों और आतंकवाद के मास्टरमाइंड को अलग-अलग नहीं देखेंगे।"</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत ने साबित कर दिया है कि परमाणु ब्लैकमेलिंग अब काम नहीं आएगी और न ही भारत इस परमाणु ब्लैकमेलिंग के आगे झुकेगा। पाकिस्तान के एयरबेस और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है। और आज तक, उनके कई एयरबेस आईसीयू में हैं।"</p>
<p>'पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया। कोई सोच भी नहीं सकता कि कोई वहाँ तक पहुँच सकता है। बहावलपुर, मुरीदके को भी जमींदोज कर दिया गया है। हमारी सेना ने आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया। </p>
<p>तीसरा पहलू, हमने पाकिस्तान की परमाणु धमकी को झूठा साबित कर दिया है।  भारत ने साबित कर दिया है कि अब परमाणु ब्लैकमेलिंग नहीं चलेगी और न ही भारत इस परमाणु ब्लैकमेलिंग के आगे झुकेगा। </p>
<p>चौथा पहलू, भारत ने अपनी तकनीकी क्षमता का परिचय दिया है। उसने पाकिस्तान के सीने पर सटीक वार किया है। पाकिस्तान के एयरबेस और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा है और आज की तारीख में उनके कई एयरबेस ICU में हैं। यह तकनीक आधारित युद्ध का युग है। </p>
<p>अगर हमने पिछले 10 सालों में की गई तैयारियों को पूरा नहीं किया होता, तो हम कल्पना कर सकते हैं कि तकनीक के इस युग में हमें कितना नुकसान हो सकता था। पाँचवां पहलू- ऑपरेशन सिंदूर के ज़रिए पहली बार दुनिया ने आत्मनिर्भर भारत की ताकत को पहचाना। भारत में बने ड्रोन, मिसाइलों ने पाकिस्तान की हथियार प्रणाली की पोल खोल दी।"</p>
<p><strong>खबर अपडेट हो रही है...</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/548073/monsoon-session--pm-modi-made-a-scathing-attack-on-the-opposition--said--i-have-stood-up-to-show-the-mirror-to-those-who-cannot-see-india-s-side</link>
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                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 18:58:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मानसून सत्र: आप आतंकियों का धर्म देखकर दुखी मत होइए... अखिलेश यादव ने टोका तो अमित शाह ने दिया जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले तीन आतंकवादी ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। उन्होंने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा में भाग लेते हुए यह जानकारी दी। </p>
<p>अमित शाह ने कहा, ‘‘मैं सदन के माध्यम से, कल हुए ‘ऑपेरशन महादेव’ की जानकारी पूरे देश को देना चाहता हूं। कल ‘ऑपेरशन महादेव’ में सुलेमान, अफगान और जिब्रान नाम के तीन आतंकवादी...सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में मारे गए।’’ </p>
<p>उन्होंने बताया, ‘‘सुलेमान, लश्कर-ए-तैयबा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548031/monsoon-session--don-t-feel-sad-after-seeing-the-religion-of-terrorists----when-akhilesh-yadav-interrupted--amit-shah-replied"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/cats564.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की हत्या करने वाले तीन आतंकवादी ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। उन्होंने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा में भाग लेते हुए यह जानकारी दी। </p>
<p>अमित शाह ने कहा, ‘‘मैं सदन के माध्यम से, कल हुए ‘ऑपेरशन महादेव’ की जानकारी पूरे देश को देना चाहता हूं। कल ‘ऑपेरशन महादेव’ में सुलेमान, अफगान और जिब्रान नाम के तीन आतंकवादी...सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियान में मारे गए।’’ </p>
<p>उन्होंने बताया, ‘‘सुलेमान, लश्कर-ए-तैयबा का ए श्रेणी का कमांडर था। पहलगाम और गगनगीर आतंकी हमले में वह लिप्त था, इसके बहुत सारे सबूत हमारी एजेंसियों के पास हैं। अफगान और जिब्रान भी ए श्रेणी के आतंकवादी थे।’’ गृह मंत्री ने कहा, ‘‘जिन्होंने पहलगाम की बैसरन घाटी में हमारे निर्दोष नागरिकों को मारा था, उनमें ये तीनों आतंकवादी शामिल थे और कल तीनों ही मारे गए। मैं सेना के पैरा 4, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के सभी जवानों को सदन और पूरे देश की ओर से बहुत-बहुत साधुवाद देता हूं।’’ </p>
<p>गृह मंत्री के अनुसार, बीते 22 अप्रैल को दिन में एक बजे पहलगाम की बैसरन घाटी में हमला हुआ था और वह शाम 5.30 बजे श्रीनगर पहुंच गए थे तथा 23 अप्रैल को एक सुरक्षा बैठक की गई और इसकी पुख्ता व्यवस्था की गई कि नृशंस हत्या करने वाले हत्यारे देश छोड़कर भागने न पाएं। उन्होंने बताया कि पूरी छानबीन के बाद यह पुष्टि की गई कि इन तीनों आतंकवादियों ने ही 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में 26 निर्दोष लोगों की जान ली थी। </p>
<p>गृह मंत्री ने कहा, ‘‘आज मैं सदन को यह बताते हुए बहुत खुश हूं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से आतंकवादियों के आकाओं को जमीन में मिलाने का काम किया था और सेना एवं सीआरपीएफ ने उन आतंकवादियों को भी समाप्त कर दिया।’’ इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव कुछ सवाल उठाते देखे गए। शाह ने कटाक्ष करते हुए कहा, ‘‘मुझे अपेक्षा थी कि जब ये (विपक्ष) पहलगाम हमले के आतंकवादियों के मारे जाने की खबर सुनेंगे तो खुशी की लहर दौड़ जाएगी, लेकिन इनके चेहरे तो फीके पड़ गए। यह किस तरह की राजनीति है?’’ </p>
<p>उन्होंने सपा अध्यक्ष का नाम लेते हुए कहा, ‘‘आप आतंकवादियों का धर्म देखकर दुखी मत होइए।’’ शाह ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘ये हमारे देश की सेना, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस, तीनों की साझा तौर पर बहुत बड़ी कामयाबी है। हमें इस पर गर्व होना चाहिए।’’ उन्होंने कांग्रेस नेता और पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम के एक बयान का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि चिदंबरम ने पाकिस्तान को क्लीन चिट दी है। शाह ने कहा कि पूर्व गृह मंत्री ने सवाल उठाया है कि आतंकी पाकिस्तान से आए थे, इसके क्या सबूत हैं।</p>
<p>गृह मंत्री ने कहा, ‘‘मैं आज चिदंबरम जी को आपके (आसन के) माध्यम से कहना चाहता हूं कि हमारे पास सबूत हैं कि वे तीनों पाकिस्तानी थे। तीन में से दो की पाकिस्तानी मतदाता संख्या भी हमारे पास उपलब्ध हैं। तीनों की राइफलें भी हैं, उनके पास से जो चॉकलेट मिली है, वह भी पाकिस्तान में बनी है।’’ उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ये कहते हैं कि वे (आतंकवादी) पाकिस्तानी नहीं थे। इसका मतलब है कि देश का एक पूर्व गृह मंत्री पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान को क्लीनचिट दे रहा है।’’ </p>
<p>शाह ने ‘ऑपरेशन महादेव’ के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि 22 मई को आईबी के पास एक ‘ह्यूमन इंटेल’ आई और दाचीगाम क्षेत्र के अंदर आतंकियों की उपस्थिति की सूचना मिली। उन्होंने कहा कि आईबी और सेना ने दाचीगाम में अल्ट्रा सिग्नल कैप्चर करने के लिए 22 मई से 22 जुलाई तक लगातार प्रयास किए और 22 जुलाई को आतंकियों के वहां होने की पुष्टि हुई।</p>
<p>शाह ने कहा कि इसके बाद सेना के पैरा 4 के नेतृत्व में, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों ने एक साथ आतंकवादियों को घेरा और पहलगाम में निर्दोष नागरिकों को मारने वाले तीनों आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया। उन्होंने कहा कि एनआईए के कब्जे में बंद इन आतंकवादियों के हमदर्दों ने इनकी पहचान की है। शाह ने कहा कि इन आतंकवादियों ने ही पहलगाम हमले को अंजाम दिया, इस बात की पुष्टि के लिए और सबूत जुटाए गए। उन्होंने कहा कि पहलगाम में घटनास्थल से मिले कारतूस के खोखों की एफएसएल रिपोर्ट तैयार की गई थी। </p>
<p>शाह ने कहा कि मारे गए आतंकवादियों की तीन राइफल मिलीं जिनमें एक एम9 अमेरिकी राइफल और दो एके 47 राइफलें थीं। गृह मंत्री ने कहा कि इन राइफलों को कल रात विशेष विमान से चंडीगढ़ पहुंचाया गया और कारतूसों के खोखों से मिलान करके तय हो गया कि इन्हीं तीन राइफलों से हमारे निर्दोष नागरिक मारे गए। उन्होंने कहा कि एफएसएल ने आज सुबह चार बजे इसकी पुष्टि की है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले की जांच में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने मृतकों के परिजनों, पर्यटकों, खच्चर वालों, फोटोग्राफर, कर्मचारियों आदि कुल मिलाकर 1055 लोगों से तीन हजार घंटे से अधिक पूछताछ की। शाह ने कहा कि इसके आधार पर आतंकियों के स्केच बनाए गए। </p>
<p>उन्होंने कहा कि गत 22 जून को बशीर और परवेज नामक दो लोगों की पहचान की गई जिन्होंने हमले के अगले दिन आतंकियों को शरण दी थी। शाह ने कहा कि उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया, दोनों हिरासत में हैं। गृह मंत्री के अनुसार, उन दोनों ने इन आतंकियों की पहचान की।  </p>
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                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 15:36:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
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                <title>NIA ने श्रीनगर मुठभेड़ में पहलगाम हमले के मुख्य साजिशकर्ता की मौत की जांच शुरू की  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>श्रीनगर। </strong>राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के अधिकारियों की एक टीम ने श्रीनगर के पास सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में पहलगाम आतंकवादी हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ता और उसके दो साथियों के मारे जाने के मामले की जांच मंगलवार को शुरू कर दी। अधिकारियों ने यहां यह जानकारी दी। </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की टीम मंगलवार तड़के तीन आतंकवादियों के शवों की शिनाख्त के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) पहुंची। श्रीनगर के बाहरी इलाके दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के पास हरवान इलाके के मुलनार के जंगलों में सोमवार को सेना के शीर्ष पैरा कमांडो ने पहलगाम आतंकवादी हमले के कथित मुख्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548024/nia-begins-probe-into-death-of-pahalgam-attack-key-conspirator-in-srinagar-encounter"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/nia.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>श्रीनगर। </strong>राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के अधिकारियों की एक टीम ने श्रीनगर के पास सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में पहलगाम आतंकवादी हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ता और उसके दो साथियों के मारे जाने के मामले की जांच मंगलवार को शुरू कर दी। अधिकारियों ने यहां यह जानकारी दी। </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की टीम मंगलवार तड़के तीन आतंकवादियों के शवों की शिनाख्त के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) पहुंची। श्रीनगर के बाहरी इलाके दाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान के पास हरवान इलाके के मुलनार के जंगलों में सोमवार को सेना के शीर्ष पैरा कमांडो ने पहलगाम आतंकवादी हमले के कथित मुख्य साजिशकर्ता सुलेमान उर्फ आसिफ और उसके दो साथियों को मार गिराया, जिसे सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।</p>
<p>पहलगाम हमले के अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए गए सैटेलाइट फोन के तकनीकी सिग्नल मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने ‘ऑपरेशन महादेव’ शुरू किया। इस कार्रवाई में मारे गए अन्य आतंकवादियों की पहचान जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है। पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने 26 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतकों में अधिकतर पर्यटक थे।</p>
<p>इसके बाद सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे के खिलाफ सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था। मारे गए आतंकवादियों के शव सोमवार देर रात मुठभेड़ स्थल से यहां पीसीआर लाए गए। </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि एनआईए की टीम दो-तीन लोगों के समूह में गवाहों से पूछताछ कर रही है ताकि ‘‘यह सुनिश्चित किया जा सके कि मारे गए आतंकवादियों में सुलेमान शाह भी शामिल है।’’ इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि इलाके में आतंकवादियों के एक और समूह की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद अभियान जारी है। </p>
<p>जिबरान पिछले साल अक्टूबर में गगनगीर में सोनमर्ग सुरंग परियोजना पर हुए हमले में कथित रूप से शामिल था। इस हमले में एक डॉक्टर समेत सात लोग मारे गए थे। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार की मुठभेड़ में एक एम4 कार्बाइन राइफल, दो एके राइफल और अन्य हथियार बरामद किए गए थे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 14:54:00 +0530</pubDate>
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