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                <title>Kailash Mansarovar Yatra - Amrit Vichar</title>
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                <description>Kailash Mansarovar Yatra RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए शुरू आवेदन, जानें क्या है लास्ट डेट और कैसे होगा रजिस्ट्रेशन?</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊः </strong>करोड़ों हिंदुओं, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए आज एक बेहद सुखद और बड़ी खबर सामने आई है। महादेव के निवास स्थान यानी 'कैलाश मानसरोवर' की यात्रा का इंतजार अब खत्म हो गया है। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि इस साल जून से अगस्त के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा आयोजित की जाएगी। कोविड महामारी और सीमा पर उपजे तनाव के चलते लंबे समय तक बंद रही यह यात्रा अब पूरी तरह से बहाल हो रही है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस साल की यात्रा दो पारंपरिक मार्गों से संचालित की जाएगी।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580558/apply-to-start-kailash-mansarovar-yatra--know-what-is-the-last-date-and-how-will-the-enrollment-happen"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊः </strong>करोड़ों हिंदुओं, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए आज एक बेहद सुखद और बड़ी खबर सामने आई है। महादेव के निवास स्थान यानी 'कैलाश मानसरोवर' की यात्रा का इंतजार अब खत्म हो गया है। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि इस साल जून से अगस्त के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा आयोजित की जाएगी। कोविड महामारी और सीमा पर उपजे तनाव के चलते लंबे समय तक बंद रही यह यात्रा अब पूरी तरह से बहाल हो रही है।</p>
<p>विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस साल की यात्रा दो पारंपरिक मार्गों से संचालित की जाएगी। पहला रास्ता उत्तराखंड का 'लिपुलेख दर्रा' होगा और दूसरा रास्ता सिक्किम का 'नाथू ला' दर्रा। सुरक्षा और व्यवस्था को देखते हुए यात्रियों की संख्या भी तय कर दी गई है। लिपुलेख दर्रे से 50-50 यात्रियों के 10 जत्थे रवाना होंगे, वहीं नाथू ला दर्रे से भी इतने ही जत्थे महादेव के दर्शन के लिए तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र जाएंगे।</p>
<p><strong>आवेदन की अंतिम तिथि: </strong>19 मई 2026<br /><strong>आधिकारिक वेबसाइट: </strong>kmy.gov.in<br /><strong>चयन प्रक्रिया: </strong>कंप्यूटर-जनित रैंडम सिलेक्शन (पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी)<br /><strong>योग्यता: </strong>शारीरिक फिटनेस का विशेष ध्यान</p>
<p>आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। साल 2020 में कोरोना महामारी और फिर पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर सैन्य गतिरोध के कारण इस यात्रा को स्थगित कर दिया गया था। पिछले साल इसे सीमित स्तर पर शुरू करने की कोशिश हुई थी, लेकिन इस साल यह यात्रा पूरे उत्साह के साथ अपने पुराने स्वरूप में लौट रही है।</p>
<p>जो श्रद्धालु इस पावन यात्रा पर जाना चाहते हैं, उन्हें अब किसी पत्र या फैक्स की जरूरत नहीं है। वे सीधे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं। महादेव के दर्शन की आस लगाए बैठे भक्तों के लिए 19 मई तक का समय है। तो जल्द करें और अपनी किस्मत आजमाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 16:08:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kailash Mansarovar Yatra 2026: चीनी दूतावास ने मानसरोवर यात्रा शुरू करने का किया स्वागत, 1000 भारतीयों को मिलेगी सुविधा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।</strong> भारत में चीनी दूतावास ने वर्ष 2026 के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा को भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए फिर से शुरू करने का स्वागत किया है। दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि इस वर्ष 1,000 भारतीय तीर्थयात्रियों को यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">जिंग ने अपनी पोस्ट में लिखा, "हमें इस वर्ष 1,000 भारतीय तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करते हुए खुशी हो रही है।" उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा इन दो महान सभ्यताओं के बीच विश्वास, मित्रता और जन-जन के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580554/kailash-mansarovar-yatra-2026--chinese-embassy-welcomes-launch-of-mansarovar-yatra--1-000-indians-to-be-facilitated"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/untitled-design-(31).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली।</strong> भारत में चीनी दूतावास ने वर्ष 2026 के लिए कैलाश मानसरोवर यात्रा को भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए फिर से शुरू करने का स्वागत किया है। दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि इस वर्ष 1,000 भारतीय तीर्थयात्रियों को यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">जिंग ने अपनी पोस्ट में लिखा, "हमें इस वर्ष 1,000 भारतीय तीर्थयात्रियों को सुविधा प्रदान करते हुए खुशी हो रही है।" उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा इन दो महान सभ्यताओं के बीच विश्वास, मित्रता और जन-जन के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए एक सेतु का काम करेगी। </p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/580548/buddha-jayanti-nepal--balendra-shah-greets-countrymen--recalls-lord-buddha-s-teachings"><span class="t-red">Buddha Jayanti Nepal:</span> बालेन्द्र शाह ने दी देशवासियों को बधाई, भगवान बुद्ध के उपदेशों को किया याद</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580554/kailash-mansarovar-yatra-2026--chinese-embassy-welcomes-launch-of-mansarovar-yatra--1-000-indians-to-be-facilitated</link>
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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 15:47:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kailash Yatra 2026: जून में खुलेगा लिपुलेख मार्ग, आज ही नोट कर लें यात्रा की तारीख</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>पिथौरागढ़ :</strong> उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 17 हजार फुट की उंचाई पर स्थित लिपुलेख दर्रे के जरिए होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा इस साल जून में शुरू होगी। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया, " इस यात्रा में देश भर के 500 से अधिक श्रद्धालुओं को हिस्सा लेने की अनुमति दी गयी है " पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगाई ने न्यूज एजेंसी को बताया कि इस बार यात्रा में 10 जत्थे शामिल होंगे और प्रत्येक में 50 से अधिक श्रद्धालु रहेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि यह निर्णय दिल्ली में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580449/-span-class-%22t-red%22-kailash-yatra-2026---span--%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97--%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%96"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/कैलाश-मानसरोवर-यात्रा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पिथौरागढ़ :</strong> उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में 17 हजार फुट की उंचाई पर स्थित लिपुलेख दर्रे के जरिए होने वाली कैलाश मानसरोवर यात्रा इस साल जून में शुरू होगी। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया, " इस यात्रा में देश भर के 500 से अधिक श्रद्धालुओं को हिस्सा लेने की अनुमति दी गयी है " पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी आशीष भटगाई ने न्यूज एजेंसी को बताया कि इस बार यात्रा में 10 जत्थे शामिल होंगे और प्रत्येक में 50 से अधिक श्रद्धालु रहेंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि यह निर्णय दिल्ली में विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में 27 अप्रैल को हुई संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक में लिया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा के शुरू होने की तिथि के बारे में मंत्रालय बाद में घोषणा करेगा। उन्होंने बताया, "हमने अपने स्तर पर यात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि मंत्रालय को यह निर्णय करना है कि यात्रा के लिए नोडल एजेंसी कौन होगी और इसे कैसे संचालित किया जाएगा।" </p>
<p style="text-align:justify;">चीन के नियंत्रण वाले तिब्बत में कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील का काफी धार्मिक महत्व है। हिंदुओं की मान्यता है कि कैलाश पर्वत भगवान शिव का वास स्थल है और उसकी परिक्रमा करने व मानसरोवर झील में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/580449/-span-class-%22t-red%22-kailash-yatra-2026---span--%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97--%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%96</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/580449/-span-class-%22t-red%22-kailash-yatra-2026---span--%E0%A4%9C%E0%A5%82%E0%A4%A8-%E0%A4%AE%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%96%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%97%E0%A4%BE-%E0%A4%B2%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%81%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%96-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%97--%E0%A4%86%E0%A4%9C-%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%A8%E0%A5%8B%E0%A4%9F-%E0%A4%95%E0%A4%B0-%E0%A4%B2%E0%A5%87%E0%A4%82-%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%B0%E0%A5%80%E0%A4%96</guid>
                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 16:45:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>CM योगी ने खोला खुशियों का पिटारा... कैलाश मानसरोवर यात्रियों को देंगे एक-एक लाख की सहायता</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले 555 श्रद्धालुओं को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे।</p><p>पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य तीर्थ यात्रियों को प्रोत्साहित करना और उनकी यात्रा को सुगम बनाना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे। कैलाश मानसरोवर यात्रा को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन यह यात्रा कठिन और खर्चीली होती है।</p><p>प्रदेश सरकार द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने वाले राज्य के स्थायी निवासियों को एक लाख रुपये तक की सहायता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575364/cm-yogi-opens-the-box-of-happiness----kailash-mansarovar-pilgrims-will-get-assistance-of-rs-1-lakh-each"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(2)5.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में कैलाश मानसरोवर यात्रा करने वाले 555 श्रद्धालुओं को एक-एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे।</p><p>पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य तीर्थ यात्रियों को प्रोत्साहित करना और उनकी यात्रा को सुगम बनाना है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे। कैलाश मानसरोवर यात्रा को सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र माना जाता है, लेकिन यह यात्रा कठिन और खर्चीली होती है।</p><p>प्रदेश सरकार द्वारा कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी करने वाले राज्य के स्थायी निवासियों को एक लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। यात्रा पूर्ण करने के बाद आवेदन और दस्तावेजों के सत्यापन के उपरांत यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में अंतरित की जाती है। इसके अलावा यात्रियों की सुविधा के लिए कैलाश मानसरोवर भवन का निर्माण भी कराया गया है, जहां देशभर से आने वाले तीर्थ यात्रियों को ठहरने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575364/cm-yogi-opens-the-box-of-happiness----kailash-mansarovar-pilgrims-will-get-assistance-of-rs-1-lakh-each</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 09:08:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राहुल गांधी का 'दलित दांव':लखनऊ में कांशीराम जयंती पर आज कार्यकर्ताओं में भरेंगे जोश, चुनाव से पहले बड़ी रणनीति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार: </strong>विधान चुनावों की आहट सुनाई दे रही है तो कांग्रेस ने दलितों को साधने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर दलितों को पाले करने की कवायद करेंगे।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">बसपा जहां दलित वोटों पर पहला हक अपना मानती है, वहीं समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेता भी अपने-अपने तरीकों से दलित वोटों को अपने पाले में करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस भी अब मैदान में</span></p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574783/rahul-gandhi-s-%22dalit-ploy%22-in-lucknow-today--congress-plans-a-major-strategy-with-15-000-workers-at-the-indira-gandhi-foundation-on-kanshi-ram-s-birth-anniversary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/muskan-dixit-(27)6.png" alt=""></a><br /><p><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span></strong><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>अमृत विचार: </strong>विधान चुनावों की आहट सुनाई दे रही है तो कांग्रेस ने दलितों को साधने की कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर दलितों को पाले करने की कवायद करेंगे।</span></p>
<p><span style="font-family:NewswrapWeb;">बसपा जहां दलित वोटों पर पहला हक अपना मानती है, वहीं समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के नेता भी अपने-अपने तरीकों से दलित वोटों को अपने पाले में करने में जुटे हुए हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस भी अब मैदान में आ गई है। बसपा के संस्थापक कांशीराम की जयंती 15 मार्च को है। लेकिन कांग्रेस ने बाजी मारते हुए उनकी जयंती को 13 मार्च, शुक्रवार को मनाने का ऐलान कर दिया है। इस कार्यक्रम को कांग्रेस सामाजिक परिवर्तन दिवस के रूप में मना रही है। आयोजन प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित किया जाएगा।</span></p>
<p><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">कांग्रेस के प्रवक्ता अंशु अवस्थी ने बताया कि राहुल गांधी शुक्रवार को दोपहर दो बजे विमान से लखनऊ पहुंचेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश भर के करीब 15 हजार कार्यकर्ताओं के शामिल होने की उम्मीद है। प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय चेयरमैन डाॅ. राजेन्द्र पाल गौतम, पिछड़ा वर्ग के चेयरमैन डाॅ. अनिल जयहिंद आदि बड़े नेता संबोधित करेंगे।</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 11:05:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री योगी 17 मार्च को कैलाश यात्रियों को करेंगे सम्मानित, समिति ने बढ़ते खर्च पर सरकार से मांगा 1.5 लाख तक अनुदान</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>वर्ष 2025 में कैलाश मानसरोवर यात्रा पूर्ण करने वाले प्रदेश के यात्रियों काे 17 मार्च को शाम 3 बजे लोकभवन सभागार में सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यात्रियों को सम्मानित करने के साथ एक लाख रुपये अनुदान भी देंगे।</p>
<p>कैलाश मानसरोवर सेवा समिति लखनऊ के अध्यक्ष केके सिंह ने और सचिव आरएस भदौरिया ने बताया कि वर्ष 2025 में लिपूलेख मार्ग से यात्रा का खर्च लगभग 2.31 लाख रुपये तथा नाथुला मार्ग से लगभग 3.35 लाख रुपये रहा। बढ़ते खर्च को देखते हुए समिति ने प्रदेश सरकार से अनुदान राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574780/chief-minister-yogi-will-honor-kailash-pilgrims-on-march-17--the-committee-has-requested-a-grant-of-up-to-rs-1-5-lakh-from-the-government-to-address-rising-expenses"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(63)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचारः </strong>वर्ष 2025 में कैलाश मानसरोवर यात्रा पूर्ण करने वाले प्रदेश के यात्रियों काे 17 मार्च को शाम 3 बजे लोकभवन सभागार में सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यात्रियों को सम्मानित करने के साथ एक लाख रुपये अनुदान भी देंगे।</p>
<p>कैलाश मानसरोवर सेवा समिति लखनऊ के अध्यक्ष केके सिंह ने और सचिव आरएस भदौरिया ने बताया कि वर्ष 2025 में लिपूलेख मार्ग से यात्रा का खर्च लगभग 2.31 लाख रुपये तथा नाथुला मार्ग से लगभग 3.35 लाख रुपये रहा। बढ़ते खर्च को देखते हुए समिति ने प्रदेश सरकार से अनुदान राशि को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये करने का अनुरोध किया है।</p>
<p>समिति के मीडिया प्रभारी अनिल तिवारी के अनुसार 2025 के सभी कैलाश यात्रियों को 17 मार्च को सुबह 11 बजे विधानसभा के सामने स्थित लोक भवन पर रिपोर्ट करना होगा। अधिक जानकारी के लिए समिति अध्यक्ष केके सिंह से संपर्क किया जा सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Tourism</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 13 Mar 2026 10:59:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेपाल अशांति के बीच कैलाश मानसरोवर के लिए रवाना तीर्थयात्रियों का जत्था, दो निकाह भी बने चर्चा का विषय </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बहराइच। </strong>नेपाल में व्याप्त अशांति के बीच, तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों का एक जत्था उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रुपईडीहा क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुआ। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा एक बारात के 11 लोगों को मोटरसाइकिल से नेपाल जाने की अनुमति दिए जाने के बाद सीमा पार जाकर निकाह भी संपन्न हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">एसएसबी की 42वीं बटालियन के सेनानायक गंगा सिंह उदावत ने बताया कि तमिलनाडु के कांचीपुरम से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले 23 श्रद्धालुओं का जत्था बृहस्पतिवार को नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के बहराइच में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553021/amid-unrest-in-nepal--a-group-of-pilgrims-left-for-kailash-mansarovar--two-nikahs-also-became-a-topic-of-discussion"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/untitled-design-(5)10.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बहराइच। </strong>नेपाल में व्याप्त अशांति के बीच, तमिलनाडु के तीर्थयात्रियों का एक जत्था उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के रुपईडीहा क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा से कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए रवाना हुआ। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) द्वारा एक बारात के 11 लोगों को मोटरसाइकिल से नेपाल जाने की अनुमति दिए जाने के बाद सीमा पार जाकर निकाह भी संपन्न हुआ। </p>
<p style="text-align:justify;">एसएसबी की 42वीं बटालियन के सेनानायक गंगा सिंह उदावत ने बताया कि तमिलनाडु के कांचीपुरम से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले 23 श्रद्धालुओं का जत्था बृहस्पतिवार को नेपाल सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के बहराइच में रुपईडीहा पहुंचा। इस जत्थे को नेपालगंज के रास्ते तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर जाना था। उदावत ने बताया, ‘‘नेपाल में बिगड़े हालात और कर्फ्यू को देखते हुए तीर्थयात्रियों को रोका गया था, लेकिन उन्होंने कहा कि वे भगवान शंकर के दरबार जा रहे हैं और बाबा ही उनकी रक्षा करेंगे।’’ </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं ने अपने टूर ऑपरेटर के जरिए नेपाल प्रशासन से बातचीत का हवाला दिया और नेपाल के सुरक्षाबलों ने उन्हें सुरक्षित ले जाने का आश्वासन दिया। बाद में नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल से पुष्टि के बाद तीर्थयात्रियों को नेपालगंज भेज दिया गया। इस बीच, सीमा पर दो निकाह भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बहराइच के खैरनिहा गांव निवासी सलाउद्दीन की बारात नेपाल के बाले गांव जानी थी, लेकिन सीमा बंद होने के कारण एसएसबी ने बारात को रुपईडीहा सीमा पर रोक दिया और आगे नहीं जाने दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">काफी मिन्नतों के बाद, दूल्हे को सिर्फ 11 बारातियों के साथ नेपाल जाने की अनुमति दी गई। सभी मोटरसाइकिलों से नेपाल पहुंचे और वहां निकाह की रस्में पूरी की गईं। स्थानीय लोगों ने बताया कि आमतौर पर ऐसी बारातों में सैकड़ों लोग शामिल होते हैं, लेकिन इस बार परिस्थितियों के कारण परंपरा बदलनी पड़ी। इसी तरह, अयोध्या निवासी रेशू खान का निकाह पड़ोसी देश नेपाल के बांके जिले के वार्ड-8 की निवासी शबाना से तय था। </p>
<p style="text-align:justify;">बृहस्पतिवार को अयोध्या से बारात बहराइच के रुपईडीहा सीमा पर पहुंची, लेकिन एसएसबी ने उन्हें नेपाल जाने से रोक दिया। उधर, दुल्हन पक्ष सीमा पार इंतजार कर रहा था। आखिरकार, दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से समाधान निकाला। दुल्हन और उसके कुछ परिजन सीमा पर आ गए, जहां एक मौलवी की मौजूदगी में निकाह की रस्म अदा की गई। स्थानीय लोगों की मदद से समारोह की व्यवस्था की गई और सीमा पर ही निकाह संपन्न हुआ। निकाह के बाद बाराती दुआ-सलाम के साथ अयोध्या लौट गए। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/553014/-span-class-%22t-red%22-chaos-due-to-death-of-two-newborns-in-gonda----span--health-department-seals-nicu--hospital-operator-and-doctor-absconded">गोंडा में दो नवजात की मौत से हड़कंप: स्वास्थ्य विभाग ने NICU किया सील, अस्पताल संचालक और चिकित्सक फरार </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बहराइच</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/553021/amid-unrest-in-nepal--a-group-of-pilgrims-left-for-kailash-mansarovar--two-nikahs-also-became-a-topic-of-discussion</link>
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                <pubDate>Fri, 12 Sep 2025 12:03:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जिनपिंग के साथ बैठक में बोले पीएम मोदी- हम आपसी विश्वास और सम्मान के साथ संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>तियानजिन। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच तियानजिन में द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर चीन के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए हम प्रतिबद्ध है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को पुन: संयोजित करने के लिए व्यापक वार्ता की। </p>
<p>इस दौरान पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की चीन द्वारा सफल अध्यक्षता पर राष्ट्रपति शी को बधाई दी और गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। टेलीविजन पर प्रसारित अपने आरंभिक भाषण में पीएम मोदी ने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551747/pm-modi-told-xi-jinping--we-are-committed-to-take-forward-the-relations-on-the-basis-of-mutual-respect-and-sensitivity"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/cats500.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>तियानजिन। </strong>प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच तियानजिन में द्विपक्षीय बैठक हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर चीन के साथ अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए हम प्रतिबद्ध है। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को पुन: संयोजित करने के लिए व्यापक वार्ता की। </p>
<p>इस दौरान पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की चीन द्वारा सफल अध्यक्षता पर राष्ट्रपति शी को बधाई दी और गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। टेलीविजन पर प्रसारित अपने आरंभिक भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि 2.8 अरब लोगों का कल्याण भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय सहयोग से जुड़ा है। </p>
<p>प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष की (सीमा से सैनिकों की) वापसी प्रक्रिया के बाद सीमा पर शांति और स्थिरता है तथा दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें पुनः शुरू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीमा प्रबंधन पर हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच सहमति थी। भारत और चीन के बीच सीमा से संबंधित मुद्दों को सुलझाने के लिए 'सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधियों' का तंत्र है। </p>
<p>मोदी ने कहा, “हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” प्रधानमंत्री ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की चीन द्वारा सफलतापूर्वक अध्यक्षता किए जाने पर शी को बधाई भी दी। मोदी सात साल के अंतराल के बाद शनिवार को दो दिवसीय यात्रा पर चीन पहुंचे। वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन में हैं। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/551730/up-monsoon--heavy-rain-alert-in-26-districts--special-vigilance-in-western-up-and-bundelkhand">UP Monsoon: 26 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड में चेतावनी जारी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551747/pm-modi-told-xi-jinping--we-are-committed-to-take-forward-the-relations-on-the-basis-of-mutual-respect-and-sensitivity</link>
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                <pubDate>Sun, 31 Aug 2025 11:28:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपने आखिरी जत्थे के साथ संपन्न हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025, सिक्किम मार्ग से वापस लौटे 48 तीर्थयात्री </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>गंगटोक। </strong>सिक्किम में नाथू ला दर्रे के रास्ते 48 तीर्थयात्रियों के दसवें जत्थे की वापसी के साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा संपन्न हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सिक्किम पर्यटन विकास निगम (एसटीडीसी) के अधिकारियों ने 48 तीर्थयात्रियों की रविवार को वापसी पर, उनका स्वागत किया और कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 के सफल समापन पर एक समारोह का आयोजन किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">एसटीडीसी के अध्यक्ष लुकेन्द्र रसैली ने कहा कि अधिकारियों के समर्पित कार्य के कारण ही करीब 500 तीर्थयात्रियों यात्रा सुगम हो सकी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने अर्धसैनिक बलों और अन्य एजेंसियों के सहयोग से तीर्थयात्रियों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/551160/kailash-mansarovar-yatra-2025-concluded-with-its-last-batch--48-pilgrims-returned-via-sikkim-route"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/untitled-design-(12)17.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गंगटोक। </strong>सिक्किम में नाथू ला दर्रे के रास्ते 48 तीर्थयात्रियों के दसवें जत्थे की वापसी के साथ ही कैलाश मानसरोवर यात्रा संपन्न हो गई। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। सिक्किम पर्यटन विकास निगम (एसटीडीसी) के अधिकारियों ने 48 तीर्थयात्रियों की रविवार को वापसी पर, उनका स्वागत किया और कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 के सफल समापन पर एक समारोह का आयोजन किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">एसटीडीसी के अध्यक्ष लुकेन्द्र रसैली ने कहा कि अधिकारियों के समर्पित कार्य के कारण ही करीब 500 तीर्थयात्रियों यात्रा सुगम हो सकी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने अर्धसैनिक बलों और अन्य एजेंसियों के सहयोग से तीर्थयात्रियों के लिए विभिन्न प्रबंध किये और यह सुनिश्चित किया कि यात्रा निर्बाध रूप से संपन्न हो सके। </p>
<p style="text-align:justify;">हिंदू आस्था के अनुसार, कैलाश पर्वत को ‘भगवान शिव का निवास’ माना जाता है इसलिए ‘कैलाश मानसरोवर यात्रा’ (केएमवाई) धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों रूप से महत्वपूर्ण है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोग इस तीर्थयात्रा पर जाते हैं। इस यात्रा में 19,500 फुट तक की ऊंचाई पर दुर्गम परिस्थितियों में चढ़ाई करनी पड़ती है, जिसमें खराब मौसम और ऊबड़-खाबड़ इलाका शामिल है और यह उन लोगों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है जो शारीरिक और चिकित्सकीय रूप से स्वस्थ नहीं हैं। </p>
<p style="text-align:justify;"><br /><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/551158/50--drop-in-ticketless-travel-in-jammu-railway-division--only-76-passengers-were-fined--officials-informed">जम्मू रेल मंडल में बिना टिकट यात्रा में 50 % की गिरावट: सिर्फ 76 यात्रियों पर लगा जुर्माना, अधिकारीयों ने दी जानकारी </a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>अंतस</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/551160/kailash-mansarovar-yatra-2025-concluded-with-its-last-batch--48-pilgrims-returned-via-sikkim-route</link>
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                <pubDate>Mon, 25 Aug 2025 13:31:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kailash Mansarovar Yatra : यात्रियों का अंतिम दल भी सुरक्षित भारतीय सीमा में पहुंचा, ITBP जवानों ने किया गर्मजोशी से स्वागत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>पिथौरागढ़। </strong>उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के लिपूलेख दर्रे के रास्ते संचालित ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा का पांचवां एवं अंतिम दल शुक्रवार को सकुशल भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आईटीबीपी के जवानों ने लिपुलेख दर्रे पर यात्रियों का आज सुबह 9.30 बजे गर्मजोशी से स्वागत किया। </p>
<p style="text-align:justify;">पिथौरागढ़ जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सड़क मार्ग की अनुकूल स्थिति को देखते हुए यह दल आगे की यात्रा कर सकेगा। यात्रियों की सुविधा हेतु प्रशासन एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी और भारत-चीन के बीच तनाव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/550822/kailash-mansarovar-yatra--the-last-group-of-pilgrims-also-reached-the-indian-border-safely--itbp-jawans-gave-them-a-warm-welcome"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/untitled-design-(16)14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पिथौरागढ़। </strong>उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के लिपूलेख दर्रे के रास्ते संचालित ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा का पांचवां एवं अंतिम दल शुक्रवार को सकुशल भारतीय सीमा में प्रवेश कर गया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आईटीबीपी के जवानों ने लिपुलेख दर्रे पर यात्रियों का आज सुबह 9.30 बजे गर्मजोशी से स्वागत किया। </p>
<p style="text-align:justify;">पिथौरागढ़ जिला प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सड़क मार्ग की अनुकूल स्थिति को देखते हुए यह दल आगे की यात्रा कर सकेगा। यात्रियों की सुविधा हेतु प्रशासन एवं कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उल्लेखनीय है कि कोरोना महामारी और भारत-चीन के बीच तनाव के चलते कैलाश मानसरोवर यात्रा पिछले पांच साल में पहली बार आयोजित की गई। दोनों देशों की सहमति के बाद इस वर्ष मात्र पांच दल ही कैलाश यात्रा के लिए जा सके।</p>
<p style="text-align:justify;">सभी दल निर्बाध यात्रा कर सकुशल अपने घर लौट गए हैं। अंतिम दल आज भारत सीमा में पहुंच गया है। आज यह दल गुंजी आधार शिविर पर रुकेगा या फिर मौसम की अनुकूलता को देखते हुए इसे आगे धारचूला के लिए प्रस्थान करेगा। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/550690/ganesh-utsav--chief-minister-invited-to-jhulelal-vatika--invitation-given-to-cm-on-behalf-of-the-committee">लखनऊ के गणेश उत्सव में शामिल होंगे सीएम योगी, झूलेलाल वाटिका कमेटी की ओर से मिला निमंत्रण पत्र</a></strong></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                            <category>अंतस</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/550822/kailash-mansarovar-yatra--the-last-group-of-pilgrims-also-reached-the-indian-border-safely--itbp-jawans-gave-them-a-warm-welcome</link>
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                <pubDate>Fri, 22 Aug 2025 12:41:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kailash Mansarovar Yatra: CM धामी ने कैलाश मानसरोवर यात्रियों के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना, जानिये क्या कहा... </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नैनीताल। </strong>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को टनकपुर में कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को हरी झंडी दिखा कर पिथौरागढ़ के धारचूला के लिये रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मिक और अध्यात्मिक जागरण का मार्ग है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि कैलाश पर्वत समस्त तीर्थों में सर्वोत्तम है और इसकी ऊर्जा पूरे ब्रह्मांड में संचार करती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिये पूरी तरह समर्पित है। प्रत्येक पड़ाव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/544939/kailash-mansarovar-yatra--cm-dhami-flagged-off-the-first-group-of-kailash-mansarovar-pilgrims--know-what-he-said"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/cats59.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नैनीताल। </strong>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को टनकपुर में कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले दल को हरी झंडी दिखा कर पिथौरागढ़ के धारचूला के लिये रवाना किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा करने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मिक और अध्यात्मिक जागरण का मार्ग है। </p>
<p>उन्होंने कहा कि कैलाश पर्वत समस्त तीर्थों में सर्वोत्तम है और इसकी ऊर्जा पूरे ब्रह्मांड में संचार करती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार इस यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिये पूरी तरह समर्पित है। प्रत्येक पड़ाव पर स्वास्थ्य, आवास, भोजन, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधायें सुदृढ़ की गयी हैं। जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े। </p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/cats60.jpg" alt="cats" width="1280" height="720"></img></p>
<p>उन्होंने भोलेनाथ से सभी यात्रियों के सफल, मंगलमय और सुरक्षित यात्रा की कामना की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने पर्यटक आवास गृह में सभी यात्रियों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। सभी श्रद्धालु सरकार की ओर से की गयी व्यवस्था से काफी संतुष्ट दिखाई दिये। इसके बाद मुख्यमंत्री ने यात्रा दल को हरी झंडी दिखा कर पिथौरागढ़ के धारचूला के लिये रवाना किया। </p>
<p>इस दौरान पूरा माहौल शिव मय हो गया। पहले यात्री दल में विभिन्न राज्यों के 45 श्रद्धालु शामिल हैं। इनमें 32 पुरुष और 13 महिला श्रद्धालु हैं। यह दल शुक्रवार को दिल्ली से चंपावत के टनकपुर पहुंचा। चंपावत जिला प्रशासन और कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) की ओर से यात्रियों का परंपरागत ढंग से भव्य और दिव्य स्वागत किया गया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2025-07/cats61.jpg" alt="cats" width="1280" height="720"></img></p>
<p> यात्रियों के लिये सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया गया और उन्हें उत्तराखंड की संस्कृति से रूबरू कराया गया। इससे पहले मुख्यमंत्री आज सुबह अपने गृह नगर खटीमा के नगला तराई में धान की रोपाई कर रहे किसानों के बीच पहुंचे और उन्होंने खेत की जुताई के साथ ही धान रोपाई भी की। </p>
<p> धामी ने इस दौरान कुमाऊं में धान रोपाई के दौरान पारंपरिक हुड़का बोल गाये। उन्होंने इस दौरान किसानों की मेहनत, त्याग और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि किसान न केवल हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं के संवाहक भी हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 05 Jul 2025 15:30:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री के बीच महत्वपूर्ण चर्चा, कैलाश मानसरोवर यात्रा शुरू होने को लेकर जताई खुशी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्लीः</strong> भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डॉन जून के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह मुलाकात चीन के किंगदाओ में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई। इस चर्चा के बारे में राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों का दायित्व है कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं और द्विपक्षीय संबंधों में नई जटिलताएं न जोड़ें। उन्होंने बताया कि उनकी और जनरल डॉन जून की बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर "रचनात्मक और दूरदर्शी" विचारों का आदान-प्रदान हुआ।</p>
<h5><strong>राजनाथ सिंह ने क्या कहा?</strong></h5>
<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/543700/important-discussion-between-rajnath-singh-and-chinese-defense-minister--expressed-happiness-over-the-start-of-kailash-mansarovar-yatra"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-06/1-(36)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्लीः</strong> भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डॉन जून के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह मुलाकात चीन के किंगदाओ में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई। इस चर्चा के बारे में राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों देशों का दायित्व है कि वे सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएं और द्विपक्षीय संबंधों में नई जटिलताएं न जोड़ें। उन्होंने बताया कि उनकी और जनरल डॉन जून की बातचीत में द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर "रचनात्मक और दूरदर्शी" विचारों का आदान-प्रदान हुआ।</p>
<h5><strong>राजनाथ सिंह ने क्या कहा?</strong></h5>
<p>सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में राजनाथ सिंह ने लिखा, "किंगदाओ में SCO रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डॉन जून के साथ चर्चा हुई। हमने द्विपक्षीय संबंधों से संबंधित मुद्दों पर रचनात्मक और भविष्योन्मुखी विचारों का आदान-प्रदान किया। लगभग छह वर्षों के अंतराल के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस सकारात्मक गति को बनाए रखना और द्विपक्षीय संबंधों में नई जटिलताएं जोड़ने से बचना दोनों पक्षों के लिए जरूरी है।"</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/rajnathsingh/status/1938409146107183488">https://twitter.com/rajnathsingh/status/1938409146107183488</a></blockquote>
<p>

</p>
<h5><strong>राजनाथ सिंह ने भेंट की मधुबनी पेंटिंग</strong></h5>
<p>राजनाथ सिंह ने अपने चीनी समकक्ष को बिहार की मधुबनी पेंटिंग भेंट की। मिथिला क्षेत्र की यह कला चमकीले रंगों, जटिल रेखा चित्रों, पैटर्न और आदिवासी रूपांकनों के लिए प्रसिद्ध है। ये पेंटिंग अपनी अनूठी शैली और मिट्टी के रंगों के उपयोग के कारण लोकप्रिय हैं।</p>
<h5><strong>राजनाथ सिंह ने नहीं किए संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर </strong></h5>
<p>इससे पहले, गुरुवार को SCO बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। इस बयान में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले का कोई उल्लेख नहीं था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी। राजनाथ सिंह ने परोक्ष रूप से पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाया और भारत के आतंकवाद विरोधी रुख को रेखांकित किया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः </strong><strong><a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/543698/trump-s-important-announcement-on-early-trade-deal-with-india--big-trade-deal-between-us-and-china">अमेरिकी राष्ट्रपति का बड़ा ऐलान, भारत के साथ जल्द साइन होगी एक बड़ी ट्रेड डील</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Jun 2025 09:45:22 +0530</pubDate>
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