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                <title>Uttar Pradesh Power Corporation - Amrit Vichar</title>
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                <description>Uttar Pradesh Power Corporation RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Bareilly : सांसद की चेतावनी...गर्मी में फाल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या नहीं होगी बर्दाश्त  </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> भीषण गर्मी की आहट के साथ ही बरेली की विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शासन और प्रशासन सक्रिय हो गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के निर्देशों पर शनिवार को सर्किट हाउस के सभागार में जनप्रतिनिधियों और विद्युत विभाग के बीच समन्वय बैठक हुई। बैठक का मुख्य केंद्र आगामी ग्रीष्म ऋतु में उपभोक्ताओं को अघोषित बिजली कटौती से निजात दिलाना रहा।</p>
<p>बैठक में सांसद छत्रपाल गंगवार ने जोर देकर कहा कि गर्मी के मौसम में फाल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ''लेफ्ट आउट हाउस होल्ड'' योजना के तहत छूटे हुए घरों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576008/mp-s-warning--faults-and-low-voltage-issues-will-not-be-tolerated-during-the-summer"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/yu5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> भीषण गर्मी की आहट के साथ ही बरेली की विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शासन और प्रशासन सक्रिय हो गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन के निर्देशों पर शनिवार को सर्किट हाउस के सभागार में जनप्रतिनिधियों और विद्युत विभाग के बीच समन्वय बैठक हुई। बैठक का मुख्य केंद्र आगामी ग्रीष्म ऋतु में उपभोक्ताओं को अघोषित बिजली कटौती से निजात दिलाना रहा।</p>
<p>बैठक में सांसद छत्रपाल गंगवार ने जोर देकर कहा कि गर्मी के मौसम में फाल्ट और लो-वोल्टेज की समस्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने ''लेफ्ट आउट हाउस होल्ड'' योजना के तहत छूटे हुए घरों तक जल्द से जल्द बिजली पहुंचाने और जर्जर लाइनों के सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने विभाग की सक्रियता को सराहा, लेकिन भविष्य की चुनौतियों के लिए सतर्क रहने की सलाह दी। मुख्य अभियंता ने आश्वस्त किया कि विभाग के सभी अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी फील्ड में रहकर शिकायतों की निगरानी करेंगे। </p>
<p>एमएलसी बहोरन लाल मौर्य ने कहा कि विकास कार्यों की प्रगति के साथ-साथ उपभोक्ता संतुष्टि प्राथमिकता होनी चाहिए। मेयर डाॅ. उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधायक संजीव अग्रवाल, डॉ. राघवेन्द्र शर्मा और डॉ. एमपी आर्या ने सुझाव दिया कि शिकायतों के निस्तारण के लिए टोल-फ्री नंबर और स्थानीय स्तर पर रिस्पांस टाइम को न्यूनतम किया जाए। बैठक में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता सहित जिले के आला अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें ग्रीष्मकालीन तैयारियों को समय से पूरा करने की अंतिम समय-सीमा दी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/576008/mp-s-warning--faults-and-low-voltage-issues-will-not-be-tolerated-during-the-summer</link>
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                <pubDate>Sun, 22 Mar 2026 12:01:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> संविदा कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन, पावर कॉरपोरेशन पर वेतन रोकने का आरोप; नहीं दिया जा रहा ओवर टाइम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ ने बुधवार को मुख्य अभियंता चौक जोन का घेराव किया। अधीक्षण अभियंता इंदिरानगर के माध्यम से पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष को ज्ञापन भेजा। इसमें वर्टिकल व्यवस्था लागू न करने और बायोमेट्रिक प्रणाली में गड़बड़ी से कर्मचारियों का वेतन रोकने का आरोप लगाया है। प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पांडेय कई डिस्कॉम कार्यालयों में बायोमैट्रिक मशीनें नहीं लगी हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारियों को मोबाइल फोन से फेस अटेंडेंस लगाने का मौखिक निर्देश हैं। पहले एंड्रॉयड फोन न रखने वाले कर्मचारी साथी के मोबाइल से उपस्थिति दर्ज करते थे। सितंबर से व्यवस्था में बदलाव से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/559707/contract-employees-protested--accusing-the-power-corporation-of-withholding-wages-and-not-providing-overtime"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/untitled-design-(52)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन निविदा संविदा कर्मचारी संघ ने बुधवार को मुख्य अभियंता चौक जोन का घेराव किया। अधीक्षण अभियंता इंदिरानगर के माध्यम से पावर कॉरपोरेशन अध्यक्ष को ज्ञापन भेजा। इसमें वर्टिकल व्यवस्था लागू न करने और बायोमेट्रिक प्रणाली में गड़बड़ी से कर्मचारियों का वेतन रोकने का आरोप लगाया है। प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पांडेय कई डिस्कॉम कार्यालयों में बायोमैट्रिक मशीनें नहीं लगी हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">कर्मचारियों को मोबाइल फोन से फेस अटेंडेंस लगाने का मौखिक निर्देश हैं। पहले एंड्रॉयड फोन न रखने वाले कर्मचारी साथी के मोबाइल से उपस्थिति दर्ज करते थे। सितंबर से व्यवस्था में बदलाव से ऐसे कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है। जिससे सितंबर को वेतन रोक दिया गया। ओवर टाइम भी नहीं दिया जा रहा है। कटे गए वेतन का जल्द भुगतान न होने पर 14 नवंबर को एमडी कार्यालय पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।</p>
<h5 class="post-title"><span class="t-red">ये भी पढ़े :</span></h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/559700/delhi-blast-new-cctv-of-delhi-blast-created-panic-in"><span class="t-red">Delhi Blast: </span> दिल्ली ब्लास्ट का नया CCTV, एक झटके में मच गयी अफरातफरी ...वीडियो में दिखा खौफनाक मंजर</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 13 Nov 2025 10:46:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP News:  वर्टिकल व्यवस्था के विरोध में संविदा कर्मियों का प्रदर्शन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की ओर से वर्तमान व्यवस्था के स्थान पर वर्टिकल व्यवस्था लागू किए जाने के विरोध में निविदा संविदा कर्मचारी संघ ने सोमवार को इन्द्रलोक हाइडिल कॉलोनी, कृष्णा नगर स्थित विद्युत वितरण मण्डल-चतुर्थ कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन पदाधिकारियों ने अधीक्षण अभियन्ता के माध्यम से कॉरपोरेशन अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि वर्टिकल व्यवस्था से वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों की नौकरी पर संकट आएगा, दुर्घटनाओं में वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रबंधन से मांग की कि वर्टिकल व्यवस्था लागू</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558486/up-news--contract-workers-protest-against-vertical-system"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/muskan-dixit-(35)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की ओर से वर्तमान व्यवस्था के स्थान पर वर्टिकल व्यवस्था लागू किए जाने के विरोध में निविदा संविदा कर्मचारी संघ ने सोमवार को इन्द्रलोक हाइडिल कॉलोनी, कृष्णा नगर स्थित विद्युत वितरण मण्डल-चतुर्थ कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन पदाधिकारियों ने अधीक्षण अभियन्ता के माध्यम से कॉरपोरेशन अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा।</p>
<p>प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि वर्टिकल व्यवस्था से वर्षों से कार्यरत आउटसोर्स कर्मियों की नौकरी पर संकट आएगा, दुर्घटनाओं में वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने प्रबंधन से मांग की कि वर्टिकल व्यवस्था लागू करने से पहले और बाद में 33 केवी बिजली उपकेंद्रों के परिचालन और अनुरक्षण पर होने वाले खर्च का तुलनात्मक विवरण सार्वजनिक किया जाए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/558485/barabanki-road-accident--6-killed-in-a-head-on-collision-between-a-truck-and-an-ertiga"><span class="t-red">Barabanki Road Accident: </span>भीषण सड़क हादसा, ट्रक और अर्टिगा की आमने-सामने टक्कर में छह की मौत</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/558486/up-news--contract-workers-protest-against-vertical-system</link>
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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 08:18:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गाजियाबाद के मुख्य अभियंता पर पावर कॉरपोरेशन की कार्रवाई, 4 महीने से बिजली कनेक्शन देने में रहे थे आनाकानी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>बिजली उपभोक्ता को 40 किलोवाट का कनेक्शन देने में हीलाहवाली पर गाजियाबाद के मुख्य अभियंता अशोक कुमार को हटा दिया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अध्यक्ष ने इस प्रकरण से संबंधित अन्य कार्मिकों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।</p><p style="text-align:justify;">अध्यक्ष को उपभोक्ता के जरिये गाजियाबाद में बिजली आपूर्ति की तकनीकी खराबी समय पर दूर न कराये जाने व बिजली कनेक्शन देने में विलंब की शिकायत मिली थी। बताया गया कि बीती 30 अप्रैल को 40 किलोवाट के कनेक्शन के लिये आवेदन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/549022/power-corporation-takes-action-against-ghaziabad-chief-engineer--he-was-reluctant-to-give-electricity-connection-for-4-months"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/untitled-design-(23)2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>बिजली उपभोक्ता को 40 किलोवाट का कनेक्शन देने में हीलाहवाली पर गाजियाबाद के मुख्य अभियंता अशोक कुमार को हटा दिया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। अध्यक्ष ने इस प्रकरण से संबंधित अन्य कार्मिकों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिये हैं।</p><p style="text-align:justify;">अध्यक्ष को उपभोक्ता के जरिये गाजियाबाद में बिजली आपूर्ति की तकनीकी खराबी समय पर दूर न कराये जाने व बिजली कनेक्शन देने में विलंब की शिकायत मिली थी। बताया गया कि बीती 30 अप्रैल को 40 किलोवाट के कनेक्शन के लिये आवेदन किया गया। इसके लिए 27,615 रुपये जमा कराये गए। </p><p style="text-align:justify;">भुगतान करने के बाद भी कनेक्शन नहीं दिया गया। साथ ही, लाल कुआं बिजली उपकेंद्र में बीती 24-25 जुलाई को रात में आई तकनीकी खराबी को दो दिन तक ठीक नहीं कराया गया। इस दौरान क्षेत्र के लोग निरंतर बिजली संकट का सामना करते रहे। दोनों घटनाओं पर अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताई। मुख्य अभियंता को पर्यवेक्षकीय शिथिलता का दोषी पाया गया। उन्हें प्रशासनिक आधार पर गाजियाबाद से स्थानांतरित कर पावर कॉरपोरेशन से सम्बद्ध किया गया है।</p><p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/549020/preparations-for-renovation-in-lucknow-university--hi-tech-hostels--lecture-theatres-and-recording-rooms-will-be-modern">लखनऊ विश्वविद्यालय में नवीनीकरण की तैयारी: हाइटेक छात्रावास, लेक्चर थियेटर और रिकार्डिंग रुम होगा आधुनिक </a></strong><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>गाजियाबाद</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/549022/power-corporation-takes-action-against-ghaziabad-chief-engineer--he-was-reluctant-to-give-electricity-connection-for-4-months</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/549022/power-corporation-takes-action-against-ghaziabad-chief-engineer--he-was-reluctant-to-give-electricity-connection-for-4-months</guid>
                <pubDate>Wed, 06 Aug 2025 13:26:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निदेशक वित्त नारंग को आखिर क्यों बार-बार विस्तार दिला रहा पावर कॉरपोरेशन, संघर्ष समिति ने उच्च स्तरीय जांच की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन में शासन के इनकार के बाद निदेशक वित्त निधि कुमार नारंग को फिर कार्य विस्तार देने का प्रकरण तूल पकड़ रहा है। निदेशक वित्त को बार-बार विस्तार दिलाने के पीछे निजी घरानों का दबाव की आशंका जताई जा रही है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।</p>
<p>संघर्ष समिति ने कहा है कि सेवा विस्तार के जिस प्रस्ताव को शासन अस्वीकार दिया, उसी प्रस्ताव को दोबारा शासन को भेजकर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने स्वयं स्पष्ट कर दिया है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम व</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548601/why-is-power-corporation-repeatedly-giving-extension-to-director-finance-narang--sangharsh-samiti-demands-high-level-investigation"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/muskan-dixit-(37)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन में शासन के इनकार के बाद निदेशक वित्त निधि कुमार नारंग को फिर कार्य विस्तार देने का प्रकरण तूल पकड़ रहा है। निदेशक वित्त को बार-बार विस्तार दिलाने के पीछे निजी घरानों का दबाव की आशंका जताई जा रही है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।</p>
<p>संघर्ष समिति ने कहा है कि सेवा विस्तार के जिस प्रस्ताव को शासन अस्वीकार दिया, उसी प्रस्ताव को दोबारा शासन को भेजकर पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने स्वयं स्पष्ट कर दिया है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के पीछे निजी घरानों से तालमेल है। संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस प्रकरण में प्रभावी हस्तक्षेप करने की अपील की है।</p>
<p>संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि पंजाब और कुछ अन्य प्रदेशों में ऐसे सौर ऊर्जा प्लांट लगे हैं जिनमें कॉरपोरेशन के एक अधिकारी की हिस्सेदारी बताई जा रही है। संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन की ओर से अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को 31 जुलाई को भेजे गये पत्र में लिखा है कि शासन की ओर से सुधार की जो रूपरेखा अंतिम की जानी है, उसे तैयार व क्रियान्वित करने में निदेशक वित्त की नितांत आवश्यकता व भूमिका होगी। किसी भी वृहद सुधार में निगमों की परिसंपत्तियों का मूल्यांकन, बैलेंस शीट बनाने, इक्विटी की गणना आदि का कार्य अत्यन्त ही महत्वपूर्ण होगा।</p>
<h4><strong>परिसम्पत्तियों मूल्यांकन किए बगैर तैयार हुआ निजीकरण का दस्तावेज</strong></h4>
<p>संघर्ष समिति ने कहा कि इससे बिलकुल स्पष्ट हो जाता है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का दस्तावेज इन निगमों की परिसम्पत्तियों का मूल्यांकन किये बिना तैयार किया गया है। संघर्ष समिति शुरू से ही आरोप लगाती रही है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की लगभग एक लाख करोड़ रुपये की परिसम्पत्तियों का मूल्यांकन किये बिना कुल चुनिंदा निजी घरानों को इसे कौड़ियों के मोल बेचने की साजिश है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/548599/fake-epic-number-controversy--tejashwi-yadav-s-troubles-increase--election-commission-starts-investigation">फर्जी EPIC नंबर विवाद: तेजस्वी यादव की बढ़ीं मुश्किलें, चुनाव आयोग ने शुरू की जांच</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 Aug 2025 09:45:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन की सख्त कार्रवाई: बिना सूचना अनुपस्थित अधीक्षण अभियंता का वेतन काटा, कम राजस्व वसूली पर अवर अभियंता निलंबित</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने राजस्व वसूली में लापरवाही और कार्यक्षेत्र में अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सुल्तानपुर और अमेठी में बड़े कदम उठाए हैं। सुल्तानपुर के गंगापुर भूरया उपकेंद्र में बिजली बिल की वसूली अत्यंत कम होने के कारण वहां तैनात अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, अमेठी में बिना सूचना कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित रहने वाले अधीक्षण अभियंता के एक दिन के वेतन कटौती का आदेश जारी किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">डिस्कॉम की समीक्षा बैठक में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/546272/uttar-pradesh-power-corporations-strict-action-without-information-the-salary"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/निलंबित1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने राजस्व वसूली में लापरवाही और कार्यक्षेत्र में अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सुल्तानपुर और अमेठी में बड़े कदम उठाए हैं। सुल्तानपुर के गंगापुर भूरया उपकेंद्र में बिजली बिल की वसूली अत्यंत कम होने के कारण वहां तैनात अवर अभियंता को निलंबित कर दिया गया है, जबकि अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों को स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही, अमेठी में बिना सूचना कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित रहने वाले अधीक्षण अभियंता के एक दिन के वेतन कटौती का आदेश जारी किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">डिस्कॉम की समीक्षा बैठक में उप्र पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने सुल्तानपुर के गंगापुर भूरया उपकेंद्र की स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि इस उपकेंद्र के लगभग सभी विद्युत संयोजनों पर शत-प्रतिशत बिल बकाया है, जो राजस्व वसूली में गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। डॉ. आशीष गोयल ने कहा, “जहां बिजली बिल जमा नहीं हो रहा, वहां बकाया शत-प्रतिशत है और विद्युत चोरी की समस्या अधिक है, वहां बिजली आपूर्ति व्यवस्था कैसे सुचारू रह सकती है? जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।” इसके परिणामस्वरूप, गंगापुर भूरया उपकेंद्र के अवर अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही, अन्य जिम्मेदार कर्मचारियों को वहां से स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया ताकि कार्यप्रणाली में सुधार हो और राजस्व वसूली में तेजी आए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अमेठी में अनुशासनहीनता पर कार्रवाई</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में अमेठी के एक अधीक्षण अभियंता के बिना सूचना कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित रहने का मामला भी सामने आया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अध्यक्ष ने उनके एक दिन के वेतन को रोकने का निर्देश दिया। डॉ. गोयल ने स्पष्ट किया, “वरिष्ठ अधिकारी बिना सूचना के कार्यक्षेत्र से अनुपस्थित नहीं रह सकते। यह अनुशासनहीनता है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को अपने क्षेत्रों में नियमित दौरे करने और गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>राजस्व वसूली और उपभोक्ता सुविधा पर जोर</strong></p>
<p style="text-align:justify;">डॉ. गोयल ने बैठक में राजस्व वसूली को प्राथमिकता देते हुए कहा कि बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता तभी सुनिश्चित की जा सकती है, जब बिल वसूली उतनी ही हो, जितनी बिजली दी जा रही है। उन्होंने अधिशासी अभियंताओं को प्रतिदिन कार्यों की समीक्षा करने और राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, उन्होंने भ्रामक या असत्य समाचारों के खिलाफ तत्काल खंडन जारी करने की हिदायत दी। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बिल रिवीजन कैंपों की तैयारी</strong></p>
<p style="text-align:justify;">आगामी 17, 18 और 19 जुलाई को प्रस्तावित बिल रिवीजन कैंपों की सफलता के लिए भी अध्यक्ष ने कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि इन कैंपों की व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि उपभोक्ताओं तक जानकारी पहुंचे। कैंपों में उपभोक्ताओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखने और शिकायतों का त्वरित निवारण करने के लिए कहा गया। शक्ति भवन से वरिष्ठ अधिकारी इन कैंपों का निरीक्षण करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो कि उपभोक्ताओं को कोई असुविधा न हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अमेठी</category>
                                            <category>सुल्तानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 15 Jul 2025 22:55:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>निजीकरण पर आर-पार की लड़ाई के मूड में बिजली कर्मी, 29 मई से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>ऊर्जा निगमों के निजीकरण पर बिजली कर्मी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। 29 मई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को लेकर बिजली कर्मियों ने तैयारी शुरू कर दी है। स्थिति से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच, बिजली कर्मियों का तीन घंटे का विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर आरोप लगाया कि वह निजीकरण की जिद पर अड़ा हुआ है व हठवादी रवैया अपना रहा है। शांतिपूर्वक आंदोलन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/539261/electricity-workers-in-mood-for-a-do-or-die-battle-against-privatisation--indefinite-strike-from-may-29"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post--(1)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>ऊर्जा निगमों के निजीकरण पर बिजली कर्मी अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। 29 मई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार को लेकर बिजली कर्मियों ने तैयारी शुरू कर दी है। स्थिति से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ने भी तैयारी शुरू कर दी है। इस बीच, बिजली कर्मियों का तीन घंटे का विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन पर आरोप लगाया कि वह निजीकरण की जिद पर अड़ा हुआ है व हठवादी रवैया अपना रहा है। शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे बिजली कर्मियों पर हड़ताल थोपना चाहता है। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेंद्र दुबे व अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि निजीकरण की आड़ में अरबो रुपए के घोटाले की तैयारी है। </p>
<p style="text-align:justify;">संघर्ष समिति की हड़ताल करने की अभी कोई नोटिस नहीं है, इसके बाद भी कॉरपोरेशन प्रबंधन मुख्य सचिव और शासन के बड़े अधिकारियों को पत्र भेज कर गुमराह कर रहा है। संघर्ष समिति ने कहा कि झूठा शपथ पत्र देने वाली सलाहकार कंपनी ग्रांट थॉर्नटन पर अमेरिका में जुर्माना लगाया गया। इस प्रकरण के प्रकाश में आने के बाद भी कॉरपोरेशन की ओर से सलाहकार कंपनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/539192/rain-and-hailstorm-damage-mango-crop-in-uttar-pradesh--alert-of-pest-attack#gsc.tab=0">बारिश-ओलावृष्टि से उत्तर प्रदेश में आम की फसल खराब, कीटों के हमले की चेतावनी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/539261/electricity-workers-in-mood-for-a-do-or-die-battle-against-privatisation--indefinite-strike-from-may-29</link>
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                <pubDate>Fri, 23 May 2025 11:19:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बिजली अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, इन जिलों के मुख्य अभियन्ताओं को हटाकर मुख्यालय से किया सम्बद्ध </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>विद्युत बिल की वसूली एवं बिल संशोधन में खराब प्रदर्शन पर मुख्य अभियन्ता मेरठ-2, आगरा, बांदा, कानपुर-2 और अलीगढ़ को चार्जशीट देने तथा मिर्जापुर, बरेली-1 व मेरठ-1 के मुख्य अभियन्ताओं को हटाकर डिस्कॉम मुख्यालय से सम्बद्ध करने का निर्णय लिया गया है। शक्ति भवन में अधिकारियों की हुई बैठक में यह फैसले लिए गए।</p>
<p>इसी कड़ी में अयोध्या और सीतापुर के मुख्य अभियन्ताओं को भी ट्रासंफार्मर क्षतिग्रस्ता में बढ़ोत्तरी पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया। राज्य के सभी डिस्कॅाम के प्रबन्ध निदेशक एवं निदेशक कामर्शियल एवं तकनीकी की बैठक को सम्बोधित करते हुये</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/522501/action-will-be-taken-on-power-officials-and-removed-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/untitled-design-(20)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>विद्युत बिल की वसूली एवं बिल संशोधन में खराब प्रदर्शन पर मुख्य अभियन्ता मेरठ-2, आगरा, बांदा, कानपुर-2 और अलीगढ़ को चार्जशीट देने तथा मिर्जापुर, बरेली-1 व मेरठ-1 के मुख्य अभियन्ताओं को हटाकर डिस्कॉम मुख्यालय से सम्बद्ध करने का निर्णय लिया गया है। शक्ति भवन में अधिकारियों की हुई बैठक में यह फैसले लिए गए।</p>
<p>इसी कड़ी में अयोध्या और सीतापुर के मुख्य अभियन्ताओं को भी ट्रासंफार्मर क्षतिग्रस्ता में बढ़ोत्तरी पर कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया। राज्य के सभी डिस्कॅाम के प्रबन्ध निदेशक एवं निदेशक कामर्शियल एवं तकनीकी की बैठक को सम्बोधित करते हुये उप्र. पावर कारपोरेशन अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि प्रदेश में बेहतर विद्युत आपूर्ति एवं व्यवस्था के लिये यह आवश्यक है कि जितने की बिजली दें उतना बिजली बिल वसूलें। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती है।</p>
<p><strong>बायोमैट्रिक उपस्थिति होगी अनिवार्य</strong></p>
<p>समीक्षा बैठक में बताया गया कि कार्यालयों की कार्य संस्कृति में और सुधार के लिए बायोमैट्रिक उपस्थिति ली जायेगी। इसके लिये सभी डिस्कॉम में व्यवस्था बनायी जा रही है। डिस्कॉम के अधिकारियों ने बताया कि मार्च तक यह व्यवस्था सभी जगह प्रारम्भ होने की संभावना है। उन्होंने कहा, स्मार्ट मीटर को सरकारी कार्यालयों एवं आवासों में प्राथमिकता पर लगाया जाये। शक्ति भवन में सम्पन्न इस बैठक में उप्र. पावर कारपोरेशन के प्रबन्ध निदेशक पंकज कुमार और सभी वितरण निगमों के प्रबन्ध निदेशक एवं निगमों के निदेशक गण मौजूद रहे।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/522495/this-is-the-master-plan-of-indias-technology-leader-to">AI हब से यूपी बनेगा भारत का टेक्नोलॉजी लीडर, ये है मास्टर प्लान</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/522501/action-will-be-taken-on-power-officials-and-removed-the</link>
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                <pubDate>Sat, 15 Feb 2025 11:51:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंजीकरण और जमा के खेल में पिस रहे उपभोक्ता, OTS योजना में हो रहा है खेल</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उप्र पावर कारपोरेशन की एकमुश्त समाधान योजना अब उपभोक्ताओं के गले की फांस बनता जा रहा है। शहर के कई उपकेंद्रों पर जहां उपभोक्ता ओटीएस योजना मे अपने बकाये बिल की अदायगी के लिए पंजीकरण करा रहे है, वहीं बिजली विभाग के कर्मचारी उनके बकाये की अदायगी पर पानी फेरने में जुटे हैं। दरअसल पंजीकरण के बाद उपभोक्ता जब बकाया धनराशि जमा करने पहुंचता है तो सरचार्ज से लेकर लोड बढ़ने और शमन शुल्क में खेल कर बिल की धनराशि को दोगुना बताया जाता है। इससे परेशान उपभोक्ता जब आला अधिकारियों से गुहार लगाते हैं, तो उन्हें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/519443/consumers-who-are-crushed-in-the-game-of-registration-and"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/untitled-design---2025-01-31t110316.626.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>उप्र पावर कारपोरेशन की एकमुश्त समाधान योजना अब उपभोक्ताओं के गले की फांस बनता जा रहा है। शहर के कई उपकेंद्रों पर जहां उपभोक्ता ओटीएस योजना मे अपने बकाये बिल की अदायगी के लिए पंजीकरण करा रहे है, वहीं बिजली विभाग के कर्मचारी उनके बकाये की अदायगी पर पानी फेरने में जुटे हैं। दरअसल पंजीकरण के बाद उपभोक्ता जब बकाया धनराशि जमा करने पहुंचता है तो सरचार्ज से लेकर लोड बढ़ने और शमन शुल्क में खेल कर बिल की धनराशि को दोगुना बताया जाता है। इससे परेशान उपभोक्ता जब आला अधिकारियों से गुहार लगाते हैं, तो उन्हें विभाग के बाबूओं के पेंच मे फंसने को वापस भेज दिया जाता है। बाबू उपभोक्ताओं को कैश काउंटर मे बिल जमा करने की हिदायत देकर आगे भेज देता है। इस सब के चलते उपकेंद्रों पर कई बार बिजली कर्मचारी और उपभोक्ताओं की बीच बहस भी हुई।</p>
<p><strong>कैश काउंटर पर पता चला कि बिल की धनराशि अधिक है...</strong></p>
<p>बीकेटी के जीवीआरए उपक्रेंद पर बिल जमा करने आए लतीफ ने बताया कि मेरा मेरी पत्नी रेहाना के नाम से बिजली कनेक्शन है, जिसमें एक लाख से अधिक का बिल बकाया चल रहा था। ओटीएस योजना मे आवेदन किया। विभाग के अधिकारियों ने मीटर चेक करने के बाद 35 हजार के करीब का बिल बनाया। मैने 10 हजार देकर योजना में रजिस्ट्रेशन कराया। आज जब मैं पूरे बिल की अदायगी के लिए उपकेंद्र के कैश काउंटर पर पहुंचा, तो पता चला कि मेरा बिल 43 हजार रुपए का है। </p>
<p>जानकारी करने पर कर्मचारियों ने लोड अधिक और शमन शुल्क जोड़ने की बात बताकर बिल को ज्यादा जमा करने के लिए कहा। जबकि ऑनलाइन में बिल कुछ और दिखा रहा है। ये बात समझ से परे है कि अधिकारी और कर्मचारी पंजीकरण के समय ही सारे खर्च को क्यों नहीं बताते है। ऐसा ही मामला सरोजनीनगर के अनिल गौड़ का है जिन पर 90 हजार का बकाया है। योजना में पंजीकरण कराकर बिल का समायोजन कराने पर 55 हजार रुपये की धनराशि को जमा करने के लिए कहा गया। कैश काउंटर पर पता चला कि अब उनका बिल 66 हजार रुपए हो गया है। कर्मचारियों ने बताया कि आपके बिल मे मीटर चार्ज नही जुड़ा है। छूट के लिए आपको अलग से मिलना पड़ेगा। समझ मे नही आ रहा कि योजना मे छूट के नाम पर ये हो क्या रहा है। चिनहट, गोमतीनगर जानकीपुरम सहित शहर के चौक, नादरगंज, तेलीबाग, अमीनाबाद, मौलवीगंज, तेलीबाग, चौपटिया, मोहनलालगंज, फैजुल्लागंज उपकेंद्र पर आए उपभोक्ताओं ने भी यह समस्या बताई।</p>
<p>पंजीकरण के समय उपभोक्ता को पूरी जानकारी देना चाहिए। इसके लिए आवश्यक निर्देश भी जारी किये गये है। यदि कोई कर्मचारी किसी उपभोक्ता के बिल में गड़बड़ी करेगा, तो शिकायत मिलने पर उसके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।<br /><strong>आशीष अस्थाना, मुख्य अभियंता ट्रांसगोमती</strong></p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः </strong><strong><a href="https://www.amritvichar.com/article/519427/lucknow-beggers-will-get-a-golden-opportunity">लखनऊ: भीख मांगने वालों के पास सुनहरा मौका, मिलेगी नौकरी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/519443/consumers-who-are-crushed-in-the-game-of-registration-and</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jan 2025 11:08:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Mahakumbh 2025: 24 घंटे जगमग रहेगा कुंभ, निर्बाध होगी बिजली आपूर्ति, पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष ने दिए निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रयागराज में सोमवार से शुरू हो रहे कुंभ में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष आशीष गोयल ने अधिकारियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि चार हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले कुंभ को रोशन करने के लिए 85 बिजली उपकेंद्र बनाये गये हैं। बिजली आपूर्ति के लिए 52 हजार खंभे व 312 ट्रांसफार्मर स्थापित किये गये हैं। बिजली आपूर्ति की व्यवस्था चाक-चौबंद बनाये रखने के लिए पांच हजार से अधिक बिजली कर्मचारी तैनात किये गये हैं।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/516314/mahakumbh-2025-kumbh-will-be-lit-for-24-hours-power"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/untitled-design-(67)1.png" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार: </strong>प्रयागराज में सोमवार से शुरू हो रहे कुंभ में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष आशीष गोयल ने अधिकारियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।</p>
<p>कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि चार हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैले कुंभ को रोशन करने के लिए 85 बिजली उपकेंद्र बनाये गये हैं। बिजली आपूर्ति के लिए 52 हजार खंभे व 312 ट्रांसफार्मर स्थापित किये गये हैं। बिजली आपूर्ति की व्यवस्था चाक-चौबंद बनाये रखने के लिए पांच हजार से अधिक बिजली कर्मचारी तैनात किये गये हैं। बिजली आपूर्ति निर्बाध बनाये रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के भी इंतजाम किये गये हैं। अधिकारियों ने बताया कि कॉरपोरेशन के निर्देश के तहत रविवार को बिजली आपूर्ति से जुड़े अधिकारी स्थिति का जायजा लेते रहे।</p>
<p><strong>निजीकरण से नाराज बिजली कर्मी भी मुस्तैद</strong></p>
<p>पूर्वांचल व दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों की निजीकरण प्रक्रिया से नाराज बिजली अभियंता व कर्मचारी भी कुंभ में चौकस बिजली आपूर्ति के लिए जुट गए हैं। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर बीते दिन बिजली पंचायत में कर्मियों ने निर्बाध बिजली आपूर्ति का संकल्प लिया था।</p>
<p><strong>श्रद्धालुओं को न आने पाये दिक्कत: ऊर्जा मंत्री</strong></p>
<p>ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत न आने पाये। उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में बिजली आपूर्ति हर हाल में दुरुस्त रखी जाए। उन्होंने कहा कि कुंभ वैश्विक स्तर का बड़ा आयोजन है। इसमें देश और विदेश से मेहमान आएंगे और उनके सम्मान में किसी भी प्रकार की कोई कमी न हो, उन्हें किसी भी प्रकार की कोई असुविधा न होने पाए।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/516294/keep-these-things-in-mind-on-makar-sankranti-all-the">Makar Sankranti 2025: मकर संक्रांति पर रखें इन बातों का ध्यान, दूर होंगे सारे दोष</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jan 2025 14:13:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ: विद्युत विभाग का अनूठा प्रयास, सेंसर वाला हेलमेट कर्मचारियों की करेगा करंट से रक्षा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> राजधानी में विद्युत विभाग अपने कर्मचारियों के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। इस प्रयास से कर्मचारियों का करंट से बचाव होगा। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की तरफ से सेंसर युक्त हेलमेट खरीदा गया है। जिसे लगाने से कर्मचारियों को काम के दौरान करंट नहीं लगेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, हेलमेट का प्रयोग अभी तक सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए हुआ करता था, लेकिन अब हेलमेट करंट से भी बचाएगा। सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं विद्युत लाइनों और खंभों पर कार्य करते समय होती हैं। इसे रोकने के लिए अनुरक्षण कार्य करने वाले कर्मियों के लिए ऐसा हेलमेट खरीदा गया है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/515995/lucknow-electricity-departments-unique-effort-helmet-with-sensor-will-protect"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/पावर-कारपोरेशन-(1).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> राजधानी में विद्युत विभाग अपने कर्मचारियों के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। इस प्रयास से कर्मचारियों का करंट से बचाव होगा। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की तरफ से सेंसर युक्त हेलमेट खरीदा गया है। जिसे लगाने से कर्मचारियों को काम के दौरान करंट नहीं लगेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल, हेलमेट का प्रयोग अभी तक सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए हुआ करता था, लेकिन अब हेलमेट करंट से भी बचाएगा। सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं विद्युत लाइनों और खंभों पर कार्य करते समय होती हैं। इसे रोकने के लिए अनुरक्षण कार्य करने वाले कर्मियों के लिए ऐसा हेलमेट खरीदा गया है जिसमें सेंसर लगा हुआ है। सेंसर 1.9 मीटर की दूरी से ही बिजली चालू है इसकी सूचना सीटी बजाकर देने लगेगा, जिससे कर्मी को पता चल जाएगा कि लाइनों में करंट प्रवाहित है। हेलमेट पर टार्च भी लगा रहेगा, जिससे रात के समय भी काम करने में आसानी होगी। इसके अलावा विभाग की तरफ से कर्मचारियों के लिए रेडियम जैकेट, करंट अवरोधी जूते, विद्युत अवरोधी हाथ के ग्लव्स, सेफ्टी बेल्ट, अर्थिंग चेन तथा सीढ़ी आदि की व्यवस्था कराई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल के अनुसार इस बात के लिए सभी डिस्कॉम में सख्त निर्देश दिए गए हैं कि संविदाकर्मी सुरक्षा उपकरणों के साथ कार्य करें। इसमें लापरवाही करने वाले कर्मियों और संस्थाओं दोनों पर कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/515926/illegally-decorated-liquor-is-being-served-in-the-market">अवैध रूप से सजाकर बाजार, पिलाई जा रही शराब, उप जिला आबकारी आयुक्त ने साधी चुप्पी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/515995/lucknow-electricity-departments-unique-effort-helmet-with-sensor-will-protect</link>
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                <pubDate>Sat, 11 Jan 2025 17:25:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Virendra Pandey]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लखनऊ: हरिद्वार की निजी कंपनी बिजली कंपनियों में कर रही घटिया केबल की आपूर्ति, रिपोर्ट में हुआ खुलासा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की बिजली वितरण करने वाली सहायक बिजली कंपनियों में हरिद्वार की निजी कंपनी वी मार्क इंडिया लिमिटेड सिडकुल घटिया गुणवत्ता की केबल आपूर्ति कर रही है। केंद्रीय जांच प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट आते ही मुरादाबाद समेत आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में तत्काल प्रभाव से केबिल लगाने पर रोक लगा दी गई है। कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोटिस दी गई है। इस बीच, पावर कॉरपोरेशन ने सभी बिजली कंपनियों में जांच के निर्देश दिए हैं। वजह यह है कि इस निजी कंपनी को सभी निगमों में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/487227/lucknow-haridwars-private-company-is-supplying-substandard-cables-to-power"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-06/बिजली-जागरण.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>लखनऊ, अमृत विचार।</strong> उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की बिजली वितरण करने वाली सहायक बिजली कंपनियों में हरिद्वार की निजी कंपनी वी मार्क इंडिया लिमिटेड सिडकुल घटिया गुणवत्ता की केबल आपूर्ति कर रही है। केंद्रीय जांच प्रयोगशाला की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट आते ही मुरादाबाद समेत आधा दर्जन से ज्यादा जिलों में तत्काल प्रभाव से केबिल लगाने पर रोक लगा दी गई है। कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए नोटिस दी गई है। इस बीच, पावर कॉरपोरेशन ने सभी बिजली कंपनियों में जांच के निर्देश दिए हैं। वजह यह है कि इस निजी कंपनी को सभी निगमों में केबिल आपूर्ति का टेंडर मिला हुआ है।</p>
<p>पश्मिांचल विद्युत वितरण निगम ने 726 किलोमीटर केबिल एरियल बंच कंडक्टर के लिए निजी कंपनी को ‘आर्डर’ दिया था। इसकी लागत 23.92 करोड़ बताई गई। निजी कंपनी ने 599 किलोमीटर केबिल आपूर्ति की। केबल की शिकायत आने पर अध्यक्ष डॉ आशीष कुमार ने जांच के निर्देश दिए थे। इस पर पश्मिांचल निगम ने इसके नमूने को सीपीआरआई नोएडा, केसी इंडिया टेस्ट लेबोरेटीज गाजियाबाद व ईआरडीए बड़ोदरा में जांच के लिए भेजा था। तीनों प्रयोगशाला की जांच में पाया गया कि केबिल मानक के विपरीत है। </p>
<p>गारंटेड टेक्निकल पर्टिकुलर (जीटीपी) के तहत तीन कोर 120 एमएम एरियल बंच कंडक्टर के तीनों फेस में अल्युमिनियम का भार 1016 किलोग्राम प्रति किलोमीटर होना चाहिए, पर वह केवल 867 किलोग्राम प्रति किलोमीटर यानी लगभग 149 किलोग्राम प्रति किलोमीटर कम निकला। इसी तरह, एरियल बंच कंडक्टर न्यूट्रल केबल में अल्युमिनियम 256 किलोग्राम प्रति किलोमीटर होना चाहिए, जो 221 किलोग्राम प्रति किलोमीटर यानी लगभग 34 किलोग्राम प्रति किलोमीटर कम निकला। एक्सएलपी केबिल हॉट टेस्ट क्वालिटी इंसुलेशन भी घटिया गुणवत्ता की निकली। इसी प्रकार बड़ोदरा को भेजा गया नमूना भी फेल साबित हुआ है।</p>
<p><strong>इन जिलों में केबिल लगाने पर लगी रोक</strong><br />जांच रिपोर्ट आते हुए पश्चिमांचल विद्युत निगम ने मुरादाबाद, गाजियाबाद मेरठ व सहारनपुर के अधीक्षण अभियंता स्टोर को निर्देश जारी कर इस केबिल को कहीं न लगाने का निर्देश जारी किया है। सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और गाजियाबाद आदि के अभियंताओं को भी निर्देश जारी कर केबिल लगाने पर रोक लगाने को कहा गया है।</p>
<p><strong>भीषण गर्मी में जल रही थी केबिल,. उठे थे सवाल</strong><br />भीषण गर्मी के दिनों में बिजली की अधिक मांग होने पर केबिल जल जा रही थीं। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मेरठ में पश्चिमांचल निगम की बिजली दरों की सुनवाई में घटिया गुणवत्ता की केबिल का मुद्दा उठाया था। सुनवाई के दौरान राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार के अलावा पावर कॉरपोरेशन के उच्चाधिकारी भी मौजूद थे। इसके बाद केबिल जांच के लिए भेजी गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि पश्चिमांचल निगम में निजी कंपनी का लगभग 300 करोड़ का ‘आर्डर’ अभी प्रक्रियाधीन है।</p>
<p><strong>बिजली कंपनियों में बड़े घोटाले की आशंका-अवधेश वर्मा</strong><br />उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने पावर कॉरपोरेशन से सभी वितरण कंपनियों में केबिल की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों में बड़ा घोटाला होने की आशंका है, ऐसे में आपूर्ति किए जा रहे सभी कंपनियों की केबिल की जांच होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एक साल के भीतर सभी बिजली कंपनियों में अलग-अलग निजी कंपनियों से लगभग एक लाख किलोमीटर एरियल बंच कंडक्टर लगाए गए हैं। मई, जून व जुलाई के महीने में जब सबसे ज्यादा बिजली संकट प्रदेश में रहा। 75 प्रतिशत ‘ब्रेकडाउन’ घटिया एरियल बंच कंडक्टर व ओवरलोडिंग के कारण हुआ था। उन्होंने कहा कि सभी बिजली कंपनियों में केबिल खरीद की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। जो लोग दोषी हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सभी कंपनियों से एरियल बंच कंडक्टर का नमूना जांच प्रयोगशाला भेजी जाए। एक टीम लगाई जाए ताकि नमूना कोई बदलने न पाए।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें- <a class="post-title" href="https://www.amritvichar.com/article/487219/bsp-supported-bharat-bandh-mayawati-said-this-on-x">बसपा ने 'भारत बंद' का किया समर्थन, मायावती ने एक्स पर कही ये बात</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Aug 2024 10:29:36 +0530</pubDate>
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