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                <title>Bareilly college - Amrit Vichar</title>
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                <description>Bareilly college RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Bareilly News : फिजिक्स के प्रोफेसर ने लिख डाली ''काव्य भौतिकी''</title>
                                    <description><![CDATA[बरेली कॉलेज के फिजिक्स प्रोफेसर वीपी सिंह ने 'काव्य भौतिकी' लिखी है। इसमें 98 कविताओं के जरिए विज्ञान के जटिल नियमों को आसानी से समझाया गया है।]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/588501/bareilly-physics-professor-wrote-poetic-physics"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/129.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मोनिस खान, बरेली, अमृत विचार।</strong> कल्पनाओं और यथार्थ को शब्दों में पिरोना कवि का स्वभाव है, मगर भौतिकी का कोई शिक्षक कवि के रूप में अपना विषय अभिव्यक्त करे तब बात विशेष हो जाती है। बरेली कॉलेज में भौतिक विज्ञान विभाग के प्रभारी प्रोफेसर वीपी सिंह ने जब कविता लिखने के लिए कलम उठाया तो काव्य भौतिकी ही लिख डाली। मसलन इंद्रधनुष बनने के पीछे का भौतिक विज्ञान वह कुछ इस तरह समझाते हैं...श्वेत प्रकाश है सतरंगी, स्पेक्ट्रम उसमें दिखता है। प्रिज्म से पास करें उसको स्पेक्ट्रम तब बन जाता है। पुस्तक में 98 कविताएं लिखीं।</p>
<p>अपनी कविताओं में उन्होंने भौतिकी के तमाम नियमों और प्राकृतिक घटनाओं को विद्यार्थियों और आम लोगों को आसानी से समझ आने वाले काव्य में बदल दिया। काव्य भौतिकी में सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण क्यों पड़ते हैं, प्रकाश के परावर्तन और अपवर्तन के नियम, कांपटन प्रभाव, प्रकाश विद्युत प्रभाव, न्यूटन के गति के नियम, कृत्रिम उपग्रह मोड़ों पर सड़क की बनावट, विद्युत विभव, ट्रांसफार्मर, संधारित्र का आवेशित होना, मैक्सवेल के समीकरण, अर्ध्दचालक, अल्फा, बीटा कणों का उत्सर्जन, नाभिकीय बल, बंधन ऊर्जा, मैजिक संख्याएं, परमाणु का रदरफोर्ड मॉडल, हाइजेनबर्ग के अनिश्चितता सिद्धांत को कविता में ऐसा पिरोया कि छोटा बच्चा भी पूरी रुचि के साथ इन नियमों और सिद्धांतों को समझ सकता है। प्रोफेसर वीपी सिंह को कविता लिखने का शौक कोविड काल में लगा। उन्होंने महज भौतिक काव्य नहीं लिखा, बल्कि खुदको एक सजलकार के रुप में स्थापित भी किया। सजल शैली में काव्य संग्रह की उनकी चार किताबें एक कदम और, सत्यम शिवम सुंदरम, कृष्ण नहीं आने वाले, तुमको कौन बचाएगा प्रकाशित हो चुकी हैं।</p>
<p><strong>करंट अफेयर्स का काव्यात्मक वर्जन वीपी सिंह की रचनाएं</strong><br />प्रोफेसर वीपी सिंह की कविताओं को पढ़ना शुरू किया जाए तो लगता है कि आप करंट अफेयर्स का काव्यात्मक वर्जन पढ़ रहे हैं। दरअसल उनकी ज्यादातर कविताएं देश दुनिया की घटनाओं और राष्ट्रवादी विचारों से प्रेरित हैं। फिर चाहें बंगाल का अभया रेपकांड हो या फिर पहलगाम आतंकी हमला या उसके जवाब में चला भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर। ऐसी दर्जनों घटनाओं पर अपने विचारों को काव्य की शक्ल दी। प्रोफेसर वीपी सिंह बताते हैं कि शुरुआत में उन्होंने ज्वलंत मुद्दों और घटनाओं को लेकर जब लिखना शुरु किया तब सोशल मीडिया पर कविताएं खूब वायरल हुईं। इसके बाद उन्होंने कविताएं नियमित रूप से लिखना शुरू किया। आसपास के लोगों ने ही उन्हें किताबें प्रकाशित करने को प्रेरित किया। इसके बाद कविताओं को पुस्तकों के रूप में प्रकाशित करने का फैसला लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 15:16:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly News : दिल्ली में चमके बरेली के वरुण गोस्वामी, हाईकोर्ट में बने सीनियर एडवोकेट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नाथनगरी के वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर गोस्वामी के पुत्र एडवोकेट वरुण गोस्वामी को उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता (सीनियर एडवोकेट) के रूप में नामित किया है। उनकी उपलब्धि से बरेली में अधिवक्ता समाज के साथ परिवार और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल है।</p>
<p>वरुण गोस्वामी ने प्रारंभिक शिक्षा हार्टमैन कॉलेज की थी। 1995 में उन्होंने बरेली कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की। इसके बाद विधिक करियर की शुरुआत वर्ष बरेली जिला न्यायालय में पिता रामेश्वर गोस्वामी एडवोकेट के साथ की। फिर वह दिल्ली चले गए। 1996 से दिल्ली हाईकोर्ट तथा सर्वोच्च न्यायालय में दीवानी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/587388/bareillys-varun-goswami-shines-in-delhi-becomes-senior-advocate-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-07/46.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> नाथनगरी के वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर गोस्वामी के पुत्र एडवोकेट वरुण गोस्वामी को उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता (सीनियर एडवोकेट) के रूप में नामित किया है। उनकी उपलब्धि से बरेली में अधिवक्ता समाज के साथ परिवार और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल है।</p>
<p>वरुण गोस्वामी ने प्रारंभिक शिक्षा हार्टमैन कॉलेज की थी। 1995 में उन्होंने बरेली कॉलेज से एलएलबी की डिग्री हासिल की। इसके बाद विधिक करियर की शुरुआत वर्ष बरेली जिला न्यायालय में पिता रामेश्वर गोस्वामी एडवोकेट के साथ की। फिर वह दिल्ली चले गए। 1996 से दिल्ली हाईकोर्ट तथा सर्वोच्च न्यायालय में दीवानी और आपराधिक मामलों की प्रभावी पैरवी कर रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली पुलिस के सरकारी अधिवक्ता के रूप में भी सेवाएं भी दीं। उन्होंने कई महत्वपूर्ण डेथ रेफरेंस मामलों में सरकार का पक्ष मजबूती से रखा। चर्चित सीरियल किलर चंद्रकांत झा उर्फ ''बुचर ऑफ दिल्ली'' मामले में भी उन्होंने सरकार की ओर से अहम भूमिका निभाई। इस बहुचर्चित मामले पर आधारित वेब सीरीज ''बुचर ऑफ दिल्ली'' भी नेटफ्लिक्स पर प्रसारित हो चुकी है। वरुण गोस्वामी ने सीनियर एडवोकेट बनने का श्रेय पिता के साथ दिवंगत वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता आर.सी. मिश्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता इश्तियाक खान के मार्गदर्शन को दिया है। बड़ी संख्या में लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Jul 2026 11:38:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : राज्यपाल ने बरेली कॉलेज प्राचार्य मामले में कुलपति के फैसले पर लगाई मुहर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक स्वायत्तता और प्राचार्यों की गरिमा की रक्षा करते हुए राज्यपाल व कुलाधिपति ने बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओपी राय की परिवीक्षा अवधि बढ़ाने संबंधी प्रबंध समिति के निर्णय को अवैध ठहराया है। राज्यपाल ने एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह की तरफ से जारी वर्ष 2023 के आदेश की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि आयोग से चयनित प्राचार्यों की परिवीक्षा अवधि बढ़ाने का अधिकार प्रबंधन समितियों को नहीं है।</p>
<p>बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओपी राय से जुड़े मामले में राज्यपाल व कुलाधिपति के हालिया आदेश को उच्च</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585340/bareilly-governor-approves-vice-chancellors-decision-in-bareilly-college-principal"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/a05.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक स्वायत्तता और प्राचार्यों की गरिमा की रक्षा करते हुए राज्यपाल व कुलाधिपति ने बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओपी राय की परिवीक्षा अवधि बढ़ाने संबंधी प्रबंध समिति के निर्णय को अवैध ठहराया है। राज्यपाल ने एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह की तरफ से जारी वर्ष 2023 के आदेश की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि आयोग से चयनित प्राचार्यों की परिवीक्षा अवधि बढ़ाने का अधिकार प्रबंधन समितियों को नहीं है।</p>
<p>बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओपी राय से जुड़े मामले में राज्यपाल व कुलाधिपति के हालिया आदेश को उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है। अपने 11 जून के आदेश में राज्यपाल ने एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह के उस निर्णय को सही ठहराया, जिसमें कॉलेज प्रबंध समिति द्वारा प्राचार्य की परिवीक्षा अवधि एक वर्ष बढ़ाने के निर्णय को निरस्त कर दिया गया था। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार आयोग द्वारा चयनित प्राचार्यों की नियुक्ति व परिवीक्षा से संबंधित नियम स्पष्ट हैं और किसी भी महाविद्यालय की प्रबंध समिति को उनकी परिवीक्षा अवधि बढ़ाने का अधिकार प्राप्त नहीं है। इसके बावजूद बरेली कॉलेज की प्रबंध समिति ने प्रो. ओपी राय की परिवीक्षा अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया था, जिसे कुलपति ने 2 नवंबर 2023 को अवैध, मनमाना और नियमविरुद्ध बताते हुए निरस्त कर दिया था। मामले की अंतिम सुनवाई के बाद राज्यपाल ने कुलपति के आदेश को बरकरार रखते हुए विश्वविद्यालय के रुख को सही माना। इस फैसले को प्रदेश के आयोग-चयनित प्राचार्यों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।</p>
<p>विश्वविद्यालय के अनुसार उत्तर प्रदेश में आयोग के माध्यम से नियुक्त लगभग 290 प्राचार्यों में से बड़ी संख्या प्रबंधन समितियों के साथ विवाद और दबाव के कारण पद छोड़ चुकी है। विश्वविद्यालय के विधिक प्रकोष्ठ प्रभारी प्रो. अमित सिंह ने कहा कि यह निर्णय पूरे प्रदेश के आयोग-चयनित प्राचार्यों के लिए ऐतिहासिक है। इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि प्रबंधन समितियां नियमों की अनदेखी कर स्वेच्छाचारिता नहीं कर सकतीं और प्राचार्यों को निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अधिकार प्राप्त है। वहीं कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक स्वायत्तता, नियमों के पालन और प्राचार्यों की गरिमा की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा विश्वविद्यालय के निर्णय की पुष्टि यह साबित करती है कि विश्वविद्यालय प्रशासन विधि और संविधान के अनुरूप काम करता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रबंधन की प्रताड़ना का सामना कर रहे प्राचार्यों के साथ विश्वविद्यालय प्रशासन सदैव खड़ा है।</p>
<p><strong>लगभग 40 से 50 प्रतिशत प्राचार्यों ने दिए इस्तीफे</strong><br />गौरतलब है कि विगत वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आयोग के माध्यम से लगभग 290 प्राचार्यों की भर्ती की गई थी। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि इनमें से लगभग 40 से 50 प्रतिशत प्राचार्यों ने प्रबंधन समितियों की प्रताड़ना, दबाव और विभिन्न कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है क्योंकि आयोग कठोर परीक्षण एवं पारदर्शी प्रक्रिया के बाद योग्यतम अभ्यर्थियों का चयन करता है, लेकिन प्रबंधन समितियां प्रायः ऐसे स्वतंत्र एवं सक्षम प्राचार्यों को पसंद नहीं करतीं और अपनी मनमर्जी के "कठपुतली प्राचार्य" के माध्यम से संस्थानों का संचालन चाहती हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 21 Jun 2026 12:23:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कैंपस का पहला दिन :  नई उम्मीदों के साथ सुनहरे भविष्य की शुरुआत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">जीवन में कुछ दिन ऐसे होते हैं, जो हमेशा स्मृतियों में ताजा बने रहते हैं। मेरे लिए बरेली कॉलेज में बी.ए. प्रथम वर्ष के छात्र के रूप में कैंपस का पहला दिन ऐसा ही एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। सुबह जब मैं घर से निकला तो मन में उत्साह के साथ-साथ हल्की घबराहट भी थी। स्कूल की दुनिया से निकलकर कॉलेज जीवन में कदम रखना अपने आप में एक नया अनुभव था। जैसे ही मैं बरेली कॉलेज के विशाल और ऐतिहासिक परिसर में पहुंचा, उसकी भव्य इमारतों, हरे-भरे पेड़ों और विद्यार्थियों की चहल-पहल ने मुझे आकर्षित कर लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">वर्षों पुरानी इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585023/first-day-on-campus--the-beginning-of-a-golden-future-filled-with-new-hopes"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/untitled-design-(29)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">जीवन में कुछ दिन ऐसे होते हैं, जो हमेशा स्मृतियों में ताजा बने रहते हैं। मेरे लिए बरेली कॉलेज में बी.ए. प्रथम वर्ष के छात्र के रूप में कैंपस का पहला दिन ऐसा ही एक अविस्मरणीय अनुभव रहा। सुबह जब मैं घर से निकला तो मन में उत्साह के साथ-साथ हल्की घबराहट भी थी। स्कूल की दुनिया से निकलकर कॉलेज जीवन में कदम रखना अपने आप में एक नया अनुभव था। जैसे ही मैं बरेली कॉलेज के विशाल और ऐतिहासिक परिसर में पहुंचा, उसकी भव्य इमारतों, हरे-भरे पेड़ों और विद्यार्थियों की चहल-पहल ने मुझे आकर्षित कर लिया। </p>
<p style="text-align:justify;">वर्षों पुरानी इस शिक्षण संस्था की गरिमा को देखकर मन में गर्व की अनुभूति हुई कि अब मैं भी इसका हिस्सा हूं। कॉलेज के मुख्य द्वार से अंदर प्रवेश करते ही अनेक नए चेहरे दिखाई दिए। कुछ छात्र अपने मित्रों के साथ हंसते-बोलते घूम रहे थे, तो कुछ मेरी ही तरह नए माहौल को समझने की कोशिश कर रहे थे। शुरुआत में मैं थोड़ा संकोच महसूस कर रहा था, लेकिन धीरे-धीरे कुछ नए साथियों से परिचय हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">बातचीत के दौरान पता चला कि वे भी बी.ए. प्रथम वर्ष के छात्र हैं। नई मित्रता की शुरुआत ने मेरे मन का डर काफी हद तक दूर कर दिया। कक्षा में प्रवेश करते समय उत्सुकता चरम पर थी। अध्यापक ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कॉलेज जीवन की महत्ता और अनुशासन के बारे में बताया। उनकी प्रेरणादायक बातें सुनकर मन में पढ़ाई के प्रति नई ऊर्जा और जिम्मेदारी का भाव जागृत हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">कक्षा के दौरान मैंने महसूस किया कि कॉलेज में सीखने का तरीका स्कूल से काफी अलग और अधिक स्वतंत्र है। अवकाश के समय मैंने पुस्तकालय, खेल मैदान और अन्य विभागों का भी भ्रमण किया। विशेष रूप से पुस्तकालय का विशाल संग्रह देखकर मैं प्रभावित हुआ। मुझे लगा कि यह स्थान आने वाले वर्षों में मेरे ज्ञान और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। दिन समाप्त होते-होते मेरी घबराहट पूरी तरह समाप्त हो चुकी थी और उसकी जगह आत्मविश्वास ने ले ली थी।</p>
<p style="text-align:justify;">घर लौटते समय मन में अनेक सपने और नई उम्मीदें थीं। बरेली कॉलेज में मेरा पहला दिन केवल एक नए शैक्षणिक सफर की शुरुआत नहीं था, बल्कि आत्मनिर्भरता, नए मित्रों और अनगिनत संभावनाओं से भरे जीवन के एक नए अध्याय का शुभारंभ भी था। आज भी जब उस दिन को याद करता हूं, तो कैंपस की पहली झलक, नए मित्रों की मुस्कान और भविष्य के सुनहरे सपनों से भरा वह दिन मन को उत्साह से भर देता है।</p>
<h4 style="text-align:justify;">  ध्रुव कुमार सिंह </h4>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>एजुकेशन</category>
                                            <category>करियर </category>
                                            <category>जॉब्स</category>
                                            <category>विशेष लेख</category>
                                            <category>कैंपस</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 20 Jun 2026 09:00:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : दूसरे दिन 3,952 अभ्यर्थियों ने छोड़ी सिपाही भर्ती परीक्षा, कई जगहों पर लगा जाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जनपद के 19 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दूसरे दिन मंगलवार को भी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। अभ्यर्थियों के मुताबिक प्रश्नपत्र ज्यादा कठिन था। दोनों पालियों में पंजीकृत कुल 17,472 अभ्यर्थियों में से 13,520 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 3,952 ने परीक्षा छोड़ दी।</p>
<p>बरेली कॉलेज, साहू गोपीनाथ समेत सभी केंद्रों के बाहर सुबह से ही परीक्षार्थियों की लंबी कतारें नजर आईं। प्रवेश द्वार पर ही कई चरणों में सघन जांच की गई। पहचान पत्रों का बारीकी से मिलान किया गया। दोनों पालियों में 8,736-8,736 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा देकर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/584367/bareilly-3952-candidates-left-constable-recruitment-exam-on-the-second"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/958.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> जनपद के 19 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दूसरे दिन मंगलवार को भी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। अभ्यर्थियों के मुताबिक प्रश्नपत्र ज्यादा कठिन था। दोनों पालियों में पंजीकृत कुल 17,472 अभ्यर्थियों में से 13,520 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 3,952 ने परीक्षा छोड़ दी।</p>
<p>बरेली कॉलेज, साहू गोपीनाथ समेत सभी केंद्रों के बाहर सुबह से ही परीक्षार्थियों की लंबी कतारें नजर आईं। प्रवेश द्वार पर ही कई चरणों में सघन जांच की गई। पहचान पत्रों का बारीकी से मिलान किया गया। दोनों पालियों में 8,736-8,736 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने बताया कि पेपर काफी संतुलित था। अधिकांश सवाल आसानी से हल हो गए। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने पूरे समय केंद्रों का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए रखी। वहीं परीक्षा छूटने के बाद कई जगहों पर जाम के हालात बने रहे। वहीं, ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने अभ्यर्थियों से मनमाना किराया वसूला।</p>
<p><strong>रोडवेज बसों और ट्रेनों में मची आपाधापी</strong><br />परीक्षा छूटने के बाद रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर परीक्षार्थियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। रोडवेज बसों और ट्रेनों में अभ्यर्थियों की भीड़ रही। यात्रियों को परेशानी से जूझना पड़ा। कई अभ्यर्थी ट्रेन के गेट पर लटके दिखे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 10 Jun 2026 07:15:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: शिक्षक होने के ख्वाब अधूरे, होमगार्ड बनकर करेंगे पूरे, कई बीएड धारक भी कतार में</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> बीएड की पढ़ाई के बाद शिक्षक बनने का सपना देखने वाले युवा भी होमगार्ड की लाइन में लगे नजर आ रहे हैं। भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी बेहद पढ़े लिखे नौजवान पेपर देने बरेली पहुंचे। कई ने कहा कि होमगार्ड बने तो ड्यूटी करने के साथ पढ़ते रहेंगे और आगे के अवसर तलाशते रहेंगे।</p>
<p>बरेली कॉलेज केन्द्र पर परीक्षा देने आए हरदोई के रहने वाले सुमित वर्मा ने बताया कि उन्होंने बीएड किया है। लेकिन लंबे समय से शिक्षक भर्ती न निकलने या चयन न हो पाने के कारण वे बेरोजगार हैं। ऐसे में परिवार का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580087/dreams-of-becoming-a-teacher-unfulfilled--now-to-be-realized-as-home-guards%E2%80%94many-b-ed--holders-also-in-the-queue"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/we.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> बीएड की पढ़ाई के बाद शिक्षक बनने का सपना देखने वाले युवा भी होमगार्ड की लाइन में लगे नजर आ रहे हैं। भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन भी बेहद पढ़े लिखे नौजवान पेपर देने बरेली पहुंचे। कई ने कहा कि होमगार्ड बने तो ड्यूटी करने के साथ पढ़ते रहेंगे और आगे के अवसर तलाशते रहेंगे।</p>
<p>बरेली कॉलेज केन्द्र पर परीक्षा देने आए हरदोई के रहने वाले सुमित वर्मा ने बताया कि उन्होंने बीएड किया है। लेकिन लंबे समय से शिक्षक भर्ती न निकलने या चयन न हो पाने के कारण वे बेरोजगार हैं। ऐसे में परिवार का खर्च चलाने के लिए अब होमगार्ड जैसी सेवाओं में शामिल होना उनकी मजबूरी बन गई है। पीलीभीत निवासी अमित पांडेय भी बीएड हैं। उन्होंने बताया कि सोचा था स्कूल में बच्चों को पढ़ाएंगे, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि कोई भी नौकरी मिल जाए, वही बेहतर है। </p>
<p>व्यापार करने के लिए धन नहीं है। इसलिए करनी तो नौकरी ही है। पीलीभीत की ममता शाह ने बताया कि वह बीए पास हैं। होमगार्ड कई नौकरियों से अच्छी है। तैयारी भी की है। मेरा पेपर भी अच्छा हुआ है। नौकरी छोटी बड़ी नहीं होती। अब सब तो अफसर नहीं बन सकते।</p>
<p>लखीमपुर के विमल यादव ने बताया कि वह बीए की डिग्री ले चुके हैं। पुलिस की तैयारी कर रहे थे। लेकिन वहां मौका नहीं मिल सका। अब होमगार्ड की नौकरी के लिए परीक्षा दी है। जीवन चलाने के लिए कुछ तो काम करना ही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि डिग्री भले ही काम न आई हो, लेकिन उम्मीद अभी भी बाकी है। उनका मानना है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और आत्मनिर्भर बनने के लिए यह कदम जरूरी है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Apr 2026 06:02:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : बरेली कॉलेज सेट्रल यूनिवर्सिटी बनेगा, केन्द्र में आगे बढ़ी बात</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> एतिहासिक बरेली कॉलेज को सेट्रल यूनिवर्सिटी का दर्ज मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार के पत्र पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान संज्ञान लेते हुए मामला सम्बंधित विभाग के पास भेज दिया है। रुहेलखंड के सबसे बड़े कॉलेजों में शुमार इस शिक्षा केन्द्र को केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनाए जाने की मांग लंबे समय से उठ रही है।</p>
<p>बरेली से भाजपा सांसद छत्रपाल गंगवार ने बरेली कॉलेज को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाए जाने के सम्बंध में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिया था। शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने उस पत्र का जवाब दिया है, जो इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578994/bareilly-bareilly-college-will-become-central-university-talks-moved-forward"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/5171.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> एतिहासिक बरेली कॉलेज को सेट्रल यूनिवर्सिटी का दर्ज मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार के पत्र पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान संज्ञान लेते हुए मामला सम्बंधित विभाग के पास भेज दिया है। रुहेलखंड के सबसे बड़े कॉलेजों में शुमार इस शिक्षा केन्द्र को केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनाए जाने की मांग लंबे समय से उठ रही है।</p>
<p>बरेली से भाजपा सांसद छत्रपाल गंगवार ने बरेली कॉलेज को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाए जाने के सम्बंध में केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिया था। शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने उस पत्र का जवाब दिया है, जो इस दिशा में बड़ी उम्मीद माना जा रहा है। यिद बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलता है, तो यहां आधुनिक शैक्षणिक ढांचे, उन्नत शोध सुविधाओं और राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा व्यवस्था का विकास संभव होगा। इससे पूरे रुहेलखंड में शिक्षा के नए अवसर पैदा होंगे। प्राचार्य प्रो. ओपी राय का कहना है कि कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने की पहल क्षेत्र और आस पास के छात्र छात्राओं के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।</p>
<p><strong>बरेली कॉलेज का इतिहास बेमिसाल</strong><br />बरेली कॉलेज की स्थापना वर्ष 1837 में 57 विद्यार्थियों के हुई थी। आज बरेली कॉलेज में 1600 हजार छात्र छात्राएं और 250 से अधिक शिक्षक हैं। जो इसे उत्तर भारत के सबसे पुराने शिक्षण संस्थानों में शामिल करती है। यह कॉलेज वर्तमान में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध है और कला, विज्ञान, वाणिज्य व विधि संकायों में शिक्षा प्रदान करता है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में भी इस संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यहां से कई प्रमुख शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि निकल चुके हैं। वर्तमान में संसाधनों के विस्तार की आवश्यकता को देखते हुए इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही है, जिसे अब केंद्र स्तर पर गति मिलती नजर आ रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 08:10:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : बरेली कॉलेज में रील बनाने पर सख्ती, तीन छात्रों पर कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> बरेली कॉलेज प्रशासन ने परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाते हुए रील और वीडियो बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध कर दिया है। बुधवार को कॉलेज परिसर में दो छात्राओं और एक छात्र को रील बनाते हुए पकड़ा गया। जिनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई की जानकारी कॉलेज परिसर में गुरुवार को अनाउंसमेंट के माध्यम से दी गई। ताकि अन्य छात्र-छात्राएं नियमों का पालन करें।</p>
<p>पकड़े गए छात्रों में बीए चतुर्थ सेमेस्टर के सोहेल हुसैन और बीए चतुर्थ सेमेस्टर दो अन्य छात्राएं भी शामिल थीं। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578147/strict-action-taken-against-three-students-for-making-reels-in"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/517.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> बरेली कॉलेज प्रशासन ने परिसर में अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाते हुए रील और वीडियो बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध कर दिया है। बुधवार को कॉलेज परिसर में दो छात्राओं और एक छात्र को रील बनाते हुए पकड़ा गया। जिनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई की जानकारी कॉलेज परिसर में गुरुवार को अनाउंसमेंट के माध्यम से दी गई। ताकि अन्य छात्र-छात्राएं नियमों का पालन करें।</p>
<p>पकड़े गए छात्रों में बीए चतुर्थ सेमेस्टर के सोहेल हुसैन और बीए चतुर्थ सेमेस्टर दो अन्य छात्राएं भी शामिल थीं। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की गतिविधि में शामिल पाए जाने पर निलंबन सहित कठोर कार्रवाई की जाएगी। चीफ प्रॉक्टर प्रो. इंद्रीवर सिंह चौहान ने बताया कि कॉलेज परिसर में नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सभी छात्र-छात्राओं को अपनी बाइक व साइकिल निर्धारित स्टैंड पर ही खड़ी करने तथा बिना पहचान पत्र के परिसर में प्रवेश न करने की हिदायत दी गई है।</p>
<p><strong>बैठने का कारण पूछने पर भागे युवक-युवती</strong><br />कॉलेज परिसर में सुरक्षा जांच के दौरान एक अन्य मामले में बेंच पर बैठे एक लड़का और एक लड़की से सुरक्षाकर्मियों ने बैठने का कारण पूछते हुए पूछताछ की। सुरक्षा कर्मी के पूछने पर दोनों वहां से भाग गए और जल्दबाजी में लड़का अपना मोबाइल फोन मौके पर ही छोड़ गया। बाद में सुरक्षा कर्मी के द्वारा पूछने पर लड़के ने अपना नाम बदलकर बताया। सुरक्षाकर्मियों ने फोन को कार्यालय में जमा कराया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. इंद्रवीर सिंह चौहान के अनुसार सूचना देने के बाद गुरुवार को संबंधित युवक के भाई ने कार्यालय पहुंचकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर फोन प्राप्त कर लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578147/strict-action-taken-against-three-students-for-making-reels-in</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 07:03:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : आपत्तिजनक पोस्ट पर बरेली कॉलेज में बवाल, हाथापाई की नौबत, चीफ प्रॉक्टर हटाए</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> एक सोशल मीडिया पोस्ट ने बुधवार को बरेली कॉलेज में खूब बवाल कराया। भाजपा नेत्री की तस्वीर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा ऐसा फूटा कि प्राचार्य कार्यालय में हंगामा, घेराव के बाद हाथापाई की नौबत आ गई। कार्यकर्ताओं ने चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ प्रॉक्टर सहित प्रॉक्टोरियल टीम भंग दी गयी।</p>
<p>चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को लेकर बुधवार काे मामला तूल पकड़ गया। पोस्ट के विरोध में एबीवीपी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577219/uproar-at-bareilly-college-over-objectionable-post--scuffle-ensues--chief-proctor-removed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/chatra.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> एक सोशल मीडिया पोस्ट ने बुधवार को बरेली कॉलेज में खूब बवाल कराया। भाजपा नेत्री की तस्वीर पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में एबीवीपी कार्यकर्ताओं का गुस्सा ऐसा फूटा कि प्राचार्य कार्यालय में हंगामा, घेराव के बाद हाथापाई की नौबत आ गई। कार्यकर्ताओं ने चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ प्रॉक्टर सहित प्रॉक्टोरियल टीम भंग दी गयी।</p>
<p>चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे की सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को लेकर बुधवार काे मामला तूल पकड़ गया। पोस्ट के विरोध में एबीवीपी के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में प्राचार्य कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन और नारेबाजी की। प्राचार्य प्रो. ओपी राय का घेराव कर चीफ प्रॉक्टर को बुलाने की मांग पर अड़ गए। चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे के सामने आते ही विवाद बढ़ गया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने चीफ प्रॉक्टर के साथ धक्का-मुक्की कर दी। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब छात्राओं ने भी प्रॉक्टर के साथ हाथापाई की कोशिश की। चीफ प्रॉक्टर स्टाफ के पीछे छिप गए। स्टॉफ और कॉलेज कर्मियों ने किसी तरह उन्हें भीड़ से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।</p>
<p>विवाद बढ़ने और घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य डॉ. ओपी राय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रो. आलोक खरे को चीफ प्रॉक्टर पद से हटाते हुए पूरे प्रॉक्टोरियल बोर्ड को भंग कर दिया। एबीवीपी ने प्राचार्य को सौंपे ज्ञापन में कहा कि नवरात्र जैसे पर्व के दौरान इस प्रकार की टिप्पणी बेहद आपत्तिजनक है। इससे संस्थान की गरिमा धूमिल हुई है। आरोप लगाया कि संबंधित प्रोफेसर पहले भी सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणियां करते रहे हैं। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि उच्चस्तरीय जांच कर सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। घटना के बाद से कॉलेज परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है।</p>
<p>प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने बताया कि विरोध का स्तर निम्न स्तर का था। बहरहाल प्रो. आलोक खरे को चीफ प्रॉक्टर से हटाकर प्रो. इंद्रीवर सिंह चौहान को चीफ प्रॉक्टर बनाया है। प्रबंध समिति से वार्ता करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।</p>
<p>महामंत्री शिक्षक संघ प्रो. वीपी सिंह ने के मुताबिक बरेली कॉलेज के प्राचार्य कार्यालय में कॉलेज के ही एक वरिष्ठ शिक्षक प्रो. आलोक खरे के साथ बदतमीजी होना निंदनीय है। इससे प्रोफेसर की छवि धूमिल होने के साथ ही कॉलेज की गरिमा का ठेस पहुंची हैं। विरोध करने के लिए कानून को अपने हाथ में लेने की छूट नहीं होनी चाहिए।</p>
<p>प्रदेश मंत्री एवीबीपी आनंद कठेरिया ने बताया कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं शर्मनाक है कि जिस व्यक्ति पर कॉलेज में अनुशासन बनाए रखने की जिम्मेदारी है, वही इस प्रकार की घृणित मानसिकता का परिचय दे रहा है। इससे न केवल छात्र-छात्राओं में गलत संदेश जा रहा है, बल्कि बरेली कॉलेज जैसी प्रतिष्ठित संस्था की गरिमा भी गिर रही है।</p>
<p><strong>प्रोफेसर आलोक खरे ने बताया षडयंत्र</strong><br />प्रो. आलोक खरे ने इसे सोशल मीडिया पोस्ट का सहारा लेकर सुनियोजित या षडयंत्र बताया। उन्होंने कहा कि प्राचार्य कार्यालय में उनसे गाली-गलौज की गई। इस घटनाक्रम से मेरी और कॉलेज की गरिमा धूमिल हुई है। हमने चीफ प्रॉक्टर पद से इस्तीफा पहले ही दे दिया था। इस घटनाक्रम को लेकर हमने अपनी ओर से प्राचार्य को कार्रवाई के लिए लिखा है।</p>
<p><strong>नये चीफ प्रॉक्टर की नियुक्ति</strong><br />कॉलेज में बुधवार को घटनाक्रम होने के बाद प्राचार्य ने प्रॉक्ट्रोरियल बोर्ड को भंग कर दिया। इसके बाद गणित विभाग के प्रो. इंद्रीवर सिंह चौहान को चीफ प्रॉक्टर नियुक्त किया गया। प्रो. इंद्रीवर सिंह चौहान ने कहा कि बरेली कॉलेज में अनुशासन व्यवस्था का सही पालन कराना, कॉलेज परिसर में बाहरी तत्वों पर रोक लगाने के कार्य प्राथमिकता में रहेंगे।</p>
<p><strong>समाजवादी छात्र सभा के पदाधिकारी पक्ष में आए</strong><br />बरेली: समाजवादी छात्र सभा के महानगर अध्यक्ष विक्रांत सिंह पाल ने कहा कि बरेली कॉलेज में चीफ प्रॉक्टर प्रो. आलोक खरे के साथ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा प्राचार्य कार्यालय में की गई अभद्रता की कड़ी निंदा करते हैं। यह घटना न केवल शिक्षण संस्थानों की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि गिरते हुए राजनीतिक स्तर को भी उजागर करती है। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। पूर्व छात्र नेता डॉ. हृदेश यादव ने कहा कि प्रो. आलोक खरे के साथ हुई घटना बहुत ही निंदनीय है।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 02 Apr 2026 09:00:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : नौकरी की ललक में पहुंचे 32 सौ युवा...1477 के चमके सितारे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत सेवायोजन कार्यालय ने शुक्रवार को बरेली कॉलेज के हॉकी मैदान पर वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया। मेले में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं की रोजगार पाने की बैचेनी साफ देखने को मिली। रोजगार पाने के लिए केवल 12वीं पास ही नहीं, बल्कि बीटेक, एमबीए और एमटेकयुवा भी साधारण नौकरियों के लिए कतार में खड़े नजर आए। नौकरी के लिए 32 सौ युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया था, जिसमें से 1477 के सितारे चमके।</p>
<p>बरेली कॉलेज हॉकी मैदान पर आयोजित रोजगार मेले में 77 कंपनियां बुलायी गईं लेकिन इसमें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576725/3-200-youths-arrive-in-pursuit-of-jobs----1-477-see-their-stars-shine"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/po6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के तहत सेवायोजन कार्यालय ने शुक्रवार को बरेली कॉलेज के हॉकी मैदान पर वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया। मेले में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं की रोजगार पाने की बैचेनी साफ देखने को मिली। रोजगार पाने के लिए केवल 12वीं पास ही नहीं, बल्कि बीटेक, एमबीए और एमटेकयुवा भी साधारण नौकरियों के लिए कतार में खड़े नजर आए। नौकरी के लिए 32 सौ युवाओं ने अपना पंजीकरण कराया था, जिसमें से 1477 के सितारे चमके।</p>
<p>बरेली कॉलेज हॉकी मैदान पर आयोजित रोजगार मेले में 77 कंपनियां बुलायी गईं लेकिन इसमें 55 कंपनियों ने अपने स्टॉल लगा अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया। विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों ने मार्केटिंग, सेल्स, टेक्निकल और सर्विस सेक्टर से जुड़े पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संचालित की। मेले में कुल 3245 युवाओं ने किस्मत आजमाई। इसमें से कुल 1477 युवाओं का चयन विभिन्न कंपनियों में हुआ। बारिश के बावजूद अभ्यर्थी डटे रहे और चयन प्रक्रिया जारी रही।</p>
<p>मेले में पहुंचे पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। ये रोजगार मेले युवाओं और कंपनियों के बीच बेहतर मंच प्रदान करते हैं। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि सरकार युवाओं को अपना रोजगार करने के लिए बिना ब्याज के लोन दे रही है और रोजगार के लिए रोजगार मेले भी लगवा रही हैं। युवाओं को रोजगार लेने वाले की जगह रोजगार देने वाला बनना चाहिए। विधान परिषद सदस्य महाराज सिंह ने भी रोजगार मेले में चयनित अभ्यर्थियों को बधाई दी। चयनित अभ्यर्थियों को मेले में आए अतिथियों ने नियुक्ति पत्र वितरित किए। मेले में बड़ी संख्या में युवतियों की भी भागीदारी रही। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के रोजगार मेलों का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार से जोड़ना है। इस अवसर पर सेवायोजन के सहायक निदेशक गौतम घोष, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, भाजपा महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना,अनप दुबे आदि मौजूद रहे।</p>
<p><strong>बीटेक और एमटेक डिग्रीधारक भी पहुंचे नौकरी मांगने</strong><br />बड़ी संख्या में उच्च शिक्षित अभ्यर्थी अपेक्षाकृत कम योग्यता वाली नौकरियों के लिए आवेदन करते दिखे। बीटेक और एमटेक डिग्रीधारकों का सेल्स, सुपरवाइजर और कस्टमर केयर जैसी नौकरियों के लिए आवेदन करना बेरोजगारी की गंभीर स्थिति को उजागर करता है। युवाओं को अपनी योग्यता के अनुरूप अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में रोजगार मेलों की उपयोगिता तो बढ़ रही है, लेकिन साथ ही रोजगार के स्तर और गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। रोजगार मेले में उमड़ी भीड़ और उच्च शिक्षित युवाओं की भागीदारी यह साफ संकेत देती है कि रोजगार की चुनौती अब केवल कम पढ़े-लिखे युवाओं तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह हर वर्ग को प्रभावित कर रही है।</p>
<p><strong>एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने दिया अपना परिचय</strong><br />सेवायोजन कार्यालय की ओर से आयोजित रोजगार मेले में मंच का संचालन बरेली कॉलेज की सहायक प्रो. अजिता सिंह तिवारी ने किया। मेले में विधान परिषद सदस्य महाराज सिंह और वन पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार मंच पर उपस्थित थे। संचालिका विधान परिषद सदस्य महाराज सिंह का स्वागत करने के लिए परिचय कराती हुई बोली कि हम मंच पर सांसद संतोष... अरुण कुमार, विधान परिषद के सदस्य। इसके बाद विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह ने संचालिका को अपने पास बुलाकर परिचय दिया। उसके बाद फिर संचालिका ने सही परिचय देते हुए स्वागत किया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 09:02:15 +0530</pubDate>
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                <title>Bareilly: पत्रकारिता में सूत्र और तकनीक की अहम भूमिका, पार्थो कुनार ने छात्रों को बताईं मीडिया की चुनौतियां </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>बरेली कॉलेज में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और तकनीकी सुधारों पर केंद्रित गेस्ट लैक्चर का आयोजन किया गया। अमृत विचार के सीओओ पार्थो कुनार ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और स्त्रोत की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। इसमें विद्यार्थियों को आधुनिक पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना और उन्हें मीडिया जगत की चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा।</p><p>सीओओ पार्थो कुनार ने कहा कि पत्रकारिता केवल खबर लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वसनीय सूत्रों के माध्यम से सही और प्रमाणिक जानकारी जुटाना इसकी रीढ़ है।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576413/sources-and-techniques-play-a-crucial-role-in-journalism--partho-kunar-apprises-students-of-media-challenges"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/partho.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>बरेली कॉलेज में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और तकनीकी सुधारों पर केंद्रित गेस्ट लैक्चर का आयोजन किया गया। अमृत विचार के सीओओ पार्थो कुनार ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और स्त्रोत की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला। इसमें विद्यार्थियों को आधुनिक पत्रकारिता के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना और उन्हें मीडिया जगत की चुनौतियों के लिए तैयार करना रहा।</p><p>सीओओ पार्थो कुनार ने कहा कि पत्रकारिता केवल खबर लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वसनीय सूत्रों के माध्यम से सही और प्रमाणिक जानकारी जुटाना इसकी रीढ़ है। डिजिटल युग में तकनीक के बढ़ते प्रभाव के बीच पत्रकारों को नए टूल्स और प्लेटफॉर्म्स के साथ खुद को लगातार अपडेट रखना होगा। इस दौरान विद्यार्थियों ने बदलते मीडिया परिवेश को लेकर कई सवाल पूछे। उन्होंने फेक न्यूज, सोशल मीडिया के प्रभाव, डिजिटल रिपोर्टिंग और करियर संभावनाओं जैसे मुद्दों पर चर्चा की। पार्थो कुनार ने छात्रों को सलाह दी कि वे तथ्यों की पुष्टि, निष्पक्षता और नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता दें। पत्रकारिता में सफलता के लिए जिज्ञासा, धैर्य और जिम्मेदारी बेहद जरूरी हैं।</p><p>कार्यक्रम में जीवन में आगे बढ़ने के विषय पर भी चर्चा हुई, जिसमें छात्रों को मेहनत, निरंतर सीखने और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। सीओओ पार्थो कुनार ने कहा कि जीवन में कोई भी कार्य करें आनंद के साथ करें। अंत में बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने पार्थो कुनार का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। बरेली कॉलेज के पत्रकारिता विभाग के प्रभारी डॉ. रमेश त्रिपाठी, शिक्षिका चेतना तिवारी सहित विद्यार्थी उपस्थित रहें। छात्र ब्रजेश तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया।</p><p><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 25 Mar 2026 07:09:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>बरेली कॉलेज : हैंडपंप और टंकियां खराब, छात्र पेयजल संकट से जूझ रहे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>गर्मी ने दस्तक दे दी है, मगर बरेली कॉलेज में हैंडपंप और कई पानी की टंकियां खराब हैं। छात्र-छात्राओं को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदारों को इससे कोई सरोकार नहीं है।</p>
<p>कॉलेज परिसर में कई स्थानों पर लगी पानी की टंकियों की हालत जर्जर हो चुकी है। घंटाघर के पास स्थापित टंकियां बदहाल स्थिति में हैं, जिनसे स्वच्छ पेयजल मिलना मुश्किल हो रहा है। छात्रों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग बढ़ी है, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई इजाफा नहीं हुआ है। </p>
<p>वहीं, स्पोर्ट्स स्टेडियम में रोजाना लगभग 500</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575752/hand-pumps-and-water-tanks-are-non-functional--students-are-grappling-with-a-drinking-water-crisis"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/bly2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>गर्मी ने दस्तक दे दी है, मगर बरेली कॉलेज में हैंडपंप और कई पानी की टंकियां खराब हैं। छात्र-छात्राओं को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है, लेकिन जिम्मेदारों को इससे कोई सरोकार नहीं है।</p>
<p>कॉलेज परिसर में कई स्थानों पर लगी पानी की टंकियों की हालत जर्जर हो चुकी है। घंटाघर के पास स्थापित टंकियां बदहाल स्थिति में हैं, जिनसे स्वच्छ पेयजल मिलना मुश्किल हो रहा है। छात्रों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग बढ़ी है, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई इजाफा नहीं हुआ है। </p>
<p>वहीं, स्पोर्ट्स स्टेडियम में रोजाना लगभग 500 खिलाड़ी अभ्यास के लिए पहुंचते हैं, लेकिन उनके लिए मात्र एक ही पानी पीने की टंकी है, जो नाकाफी साबित हो रही है। बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने बताया कि कॉलेज में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त पेयजल व्यवस्था है। परिसर में एक-दो जगह जो टंकियां खराब हैं, उनको दुरुस्त कराया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575752/hand-pumps-and-water-tanks-are-non-functional--students-are-grappling-with-a-drinking-water-crisis</link>
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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 15:00:17 +0530</pubDate>
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