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                <title>मास्टर माइंड - Amrit Vichar</title>
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                <description>मास्टर माइंड RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>काले धन को सफेद कर रहा था लखनऊ का गैंग, 6 गुर्गे अंदर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार :</strong> पुलिस ने काले धन को सफेद करने के बड़े गोरखधंधे का खुलासा किया है। मुखानी थाना क्षेत्र में सक्रिय लखनऊ का गैंग फर्जी आधार कार्ड और फर्जी दस्तावेजों के जरिये बैंक में करंट एकाउंट खाता खुलाकर इस खेल को अंजाम दे रहा था। जबकि किसी साधारण व्यक्ति के लिए करंट एकाउंट खुलवाना किसी चुनौती से कम नहीं होता। मुखानी पुलिस और एसओजी टीम ने लखनऊ गैंग के आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। <br />      </p>
<p>गुरुवार को पुलिस बहुउद्देशीय भवन में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि टीम को खबर मिली</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/519335/lucknows-gang-was-making-black-money-white"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/198f7fa1-30d0-4e21-a75a-1866f4851eb1.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार :</strong> पुलिस ने काले धन को सफेद करने के बड़े गोरखधंधे का खुलासा किया है। मुखानी थाना क्षेत्र में सक्रिय लखनऊ का गैंग फर्जी आधार कार्ड और फर्जी दस्तावेजों के जरिये बैंक में करंट एकाउंट खाता खुलाकर इस खेल को अंजाम दे रहा था। जबकि किसी साधारण व्यक्ति के लिए करंट एकाउंट खुलवाना किसी चुनौती से कम नहीं होता। मुखानी पुलिस और एसओजी टीम ने लखनऊ गैंग के आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया है। <br />   </p>
<p>गुरुवार को पुलिस बहुउद्देशीय भवन में मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि टीम को खबर मिली थी कि कुछ लोग दूसरे प्रदेश से आए हैं, जिनकी गतिविधि संदिग्ध है। उक्त लोग फर्जी आधार कार्ड बनाकर साइबर ठगी के लिए बैंक में करंट एकाउंट खुलवा रहे हैं। सूमुखानी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 338, 336(3), 336(2), 340(2) व 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एसएसपी ने गुडवर्क करने वाली टीम ढाई हजार रुपए इनाम की घोषणा की है। पुलिस टीम में मुखानी थानाध्यक्ष विजय मेहता, एसओजी प्रभारी संजीत कुमार राठौड़, एसआई मनोज सिंह अधिकारी, राजेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल ललित श्रीवास्तव, कांस्टेबल चन्दन सिंह, अरविन्द बिष्ट, राजेश बिष्ट, सन्तोष बिष्ट, परविंदर सिंह, जय लाल व बलवंत सिंह थे। </p>
<p><br /><strong>इनकी हुई गिरफ्तारी</strong><br />1- मास्टर माइन्ड राघवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ रघु पुत्र वीरेंद्र कुमार सिंह निवासी देवरिया मीर थाना देवरिया जिला देवरिया उत्तर प्रदेश<br />2- लकी पुत्र विकी निवासी बदरूवन काशीराम कॉलोनी बांग्ला बाजार थाना आशियाना जिला लखनऊ उत्तर प्रदेश।<br />3- रोहन खान पुत्र समीर खान निवासी ग्राम राजीव गांधी नगर थाना कैंट सदर लखनऊ उत्तर प्रदेश मूल पता हसखेरा काशीराम कॉलोनी मानक नगर लखनऊ उत्तर प्रदेश<br />4- आकाश सिंह पुत्र संजय सिंह निवासी ग्राम राजीव गांधीनगर थाना कैंट सदर लखनऊ उत्तर प्रदेश।<br />5- दीपक पुत्र श्याम बाबू निवासी विक्रमादित्य मार्ग मोहल्ला 6 मुख्यमंत्री आवास बदरियाबाद थाना गौतम पल्ली लखनऊ उत्तर प्रदेश मूल पता ओसीएफ फैक्ट्री शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश।<br />6- रॉकी पुत्र स्व. राजन निवासी बदरुख काशीराम कॉलोनी बांग्ला बाजार थाना आशियाना उत्तर प्रदेश मूल पता गेट नंबर 23 दिलकुश रेलवे क्रॉसिंग एमजी मार्ग लखनऊ उत्तर प्रदेश</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jan 2025 17:22:26 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनीताल: बनभूलपुरा दंगे के मास्टर माइंड अब्दुल मलिक की जमानत पर सुनवाई पूरी, निर्णय सुरक्षित</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट में बनभूलपुरा दंगा के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत को लेकर शुक्रवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी की पीठ ने निर्णय इस विधिक प्रश्न पर सुरक्षित रख लिया है कि क्या इस मामले को एकलपीठ सुनेगी या खंडपीठ। अभी जमानत दिए जाने या नहीं दिए जाने का प्रश्न नहीं है।</p>
<p>प्रश्न यह है कि जिस केस में यूएपीए लग जाता है उसकी जमानत उच्च न्यायलय की खंडपीठ सुनेगी या एकलपीठ? इस पर कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि इस केस में यूएपीए लगा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/489181/nainital-banbhulpura-riot-mastermind-abdul-maliks-bail-hearing-complete-decision"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-06/नैनीताल-हाईकोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार।</strong> हाईकोर्ट में बनभूलपुरा दंगा के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत को लेकर शुक्रवार को सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी की पीठ ने निर्णय इस विधिक प्रश्न पर सुरक्षित रख लिया है कि क्या इस मामले को एकलपीठ सुनेगी या खंडपीठ। अभी जमानत दिए जाने या नहीं दिए जाने का प्रश्न नहीं है।</p>
<p>प्रश्न यह है कि जिस केस में यूएपीए लग जाता है उसकी जमानत उच्च न्यायलय की खंडपीठ सुनेगी या एकलपीठ? इस पर कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रख लिया है। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि इस केस में यूएपीए लगा है इसलिए मामले को खंडपीठ सुनेगी। इससे संबंधित मामलों में खंडपीठ सुनवाई कर रही है, कई मामले सुन भी चुकी है।</p>
<p>आरोपी की ओर से कहा गया कि इस मामले की जांच रेगुलर पुलिस  कर रही है इसलिए मामले को एकलपीठ सुन सकती है। इससे संबंधित निर्णय भी पेश किए। खंडपीठ उन मामलों को सुन सकती है जिसमें एनआईए ने जांच की हो और स्पेशल कोर्ट ने खारिज कर दिया हो। यहां सेशन कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की है और रेगुलर पुलिस ने मामले की जांच की है।                </p>
<p>सरकार की तरफ से यह भी कहा गया कि आरोपी के खिलाफ यूएपीए जैसे गंभीर धाराओं में मामला दर्ज हैं इसलिए सिंगल बेंच सुनवाई नहीं कर सकती है। आज मलिक की ओर से सर्वोच्च न्यायलय के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने पैरवी की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Aug 2024 19:01:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नैनीताल : बनभूलपुरा दंगे के मास्टर माइंड अब्दुल मलिक से 2.44 करोड़ की वसूली पर रोक</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार। </strong>हाईकोर्ट ने बनभूलपुरा दंगे के मास्टर माइंड अब्दुल मलिक को नगर निगम की ओर से भेजे गए 2.44 करोड़ की वसूली के नोटिस एवं कार्यवाही पर रोक लगा दी है।</p>
<p>अब्दुल मलिक ने हाईकोर्ट में नगर निगम के वसूली नोटिस के खिलाफ याचिका दायर की थी। शुक्रवार को वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति<span style="color:rgb(0,0,0);"> मनोज कुमार तिवारी</span> की एकलपीठ में इस मामले में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि 8 फरवरी को बनभूलपुरा में हुए दंगे में सरकारी संपत्ति के नुकसान की वसूली के लिए नगर निगम ने 2.44 करोड़ का नोटिस दिया था। नोटिस में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/468631/ban-on-recovery-of-rs-244-crore-from-nainital-banbhulpura"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/नैनीताल-हाईकोर्ट2.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>विधि संवाददाता, नैनीताल, अमृत विचार। </strong>हाईकोर्ट ने बनभूलपुरा दंगे के मास्टर माइंड अब्दुल मलिक को नगर निगम की ओर से भेजे गए 2.44 करोड़ की वसूली के नोटिस एवं कार्यवाही पर रोक लगा दी है।</p>
<p>अब्दुल मलिक ने हाईकोर्ट में नगर निगम के वसूली नोटिस के खिलाफ याचिका दायर की थी। शुक्रवार को वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति<span style="color:rgb(0,0,0);"> मनोज कुमार तिवारी</span> की एकलपीठ में इस मामले में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि 8 फरवरी को बनभूलपुरा में हुए दंगे में सरकारी संपत्ति के नुकसान की वसूली के लिए नगर निगम ने 2.44 करोड़ का नोटिस दिया था। नोटिस में तीन दिन में धनराशि जमा नहीं करने पर वसूली की कार्यवाही की चेतावनी दी गई थी।</p>
<p>जब याची ने धनराशि जमा नहीं की तो प्रशासन ने वसूली की कार्यवाही शुरू कर दी थी। इसी क्रम में बीती 25 अप्रैल को हल्द्वानी तहसीलदार की ओर से आरोपी को वसूली नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता ने कहा कि नगर निगम की ओर से जारी किया गया नोटिस गलत है क्योंकि उनपर लगाए गए आरोप सिद्ध नहीं हुए है।</p>
<p>उन पर चल रहे वाद न्यायलयों में लंबित हैं इसलिए उनसे अभी वसूली नहीं की जा सकती है। जब तक दोष सिद्ध नहीं हो जाता है तब तक ऐसी प्रक्रिया गलत है। सिर्फ दोष सिद्ध होने के बाद ही रिकवरी की जा सकती है। इसलिए रिकवरी आदेश पर रोक लगाई जाए। इसके बाद वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज तिवारी ने  याचिकाकर्ता से वसूली के आदेश पर रोक लगा दी। अब्दुल मलिक के अधिवक्ता अहरार बेग के अनुसार एकलपीठ ने नगर निगम के नोटिस और वसूली के आदेश पर रोक लगा दी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>नैनीताल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 25 May 2024 12:01:34 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: बनभूलपुरा में है बागजाला का असली 'मास्टर माइंड'</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> बागजाला का असली मास्टर माइंड बनभूलपुरा में है। ये वही आदमी है जिसने अपने गुर्गों के साथ मिलकर बागजाला की सरकारी जमीन को स्टांप में बेच डाला और मालामाल हो गया। बावजूद इसके ये मास्टर माइंड वन विभाग और प्रशासन की राडार पर नहीं है। हालांकि वन विभाग ऐसे 700 पक्के अतिक्रमण चिह्नित किए हैं, जिन्हें बिजली और पानी का कनेक्शन तक उपलब्ध करा दिया गया है। </p>
<p>बता दें कि बीते शनिवार को वन विभाग ने प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बागजाला में आठ अतिक्रमण ध्वस्त किए थे। इन अतिक्रमण में ऐसे भवन थे,</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/447938/the-real-mastermind-of-bagjala-is-in-haldwani-banbhulpura"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-03/download-(42)1.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> बागजाला का असली मास्टर माइंड बनभूलपुरा में है। ये वही आदमी है जिसने अपने गुर्गों के साथ मिलकर बागजाला की सरकारी जमीन को स्टांप में बेच डाला और मालामाल हो गया। बावजूद इसके ये मास्टर माइंड वन विभाग और प्रशासन की राडार पर नहीं है। हालांकि वन विभाग ऐसे 700 पक्के अतिक्रमण चिह्नित किए हैं, जिन्हें बिजली और पानी का कनेक्शन तक उपलब्ध करा दिया गया है। </p>
<p>बता दें कि बीते शनिवार को वन विभाग ने प्रशासन और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बागजाला में आठ अतिक्रमण ध्वस्त किए थे। इन अतिक्रमण में ऐसे भवन थे, जो निर्माणाधीन थे। हालांकि बताया यह जा रहा है कि बागजाला में एक हजार से अधिक भवनों का निर्माण कर लिया गया है। अब जो नए निर्माण हो रहे हैं, उन जमीनों को 5 लाख से 12 लाख रुपये प्रति हजार स्क्वायर फीट के हिसाब से बेचा गया है और वो भी स्टांप पर।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि बनभूलपुरा में ऐसे तीन लोग हैं, जिन्होंने बागजाला की जमीनों पर पहले कब्जा किया और फिर मनमाने दाम पर बेचा। यानी जिससे जैसा सौदा हो गया, उसे उस हिसाब से जमीन बेच दी गईं। वहीं वन विभाग ने जिन 700 पक्के अतिक्रमण को चिह्नित किया है, उनके पास बिजली और पानी के कनेक्शन हैं।</p>
<p>इसके अलावा भी बागजाला की जमीन पर अतिक्रमण हैं, लेकिन उन्हें अभी तक चिह्नित नहीं किया गया है। सूत्र तो यहां तक कहते हैं कि बागजाला की जमीन का सौदा करने वालों में एक व्यक्ति राष्ट्रीय पार्टी का पूर्व पदाधिकारी भी है।   </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/447938/the-real-mastermind-of-bagjala-is-in-haldwani-banbhulpura</link>
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                <pubDate>Sun, 03 Mar 2024 19:41:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: मास्टर माइंड के नक्शे कदम पर वांटेड बेटा, मुस्लिम इलाकों में बनाया सेफ हाउस</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> बनभूलपुरा हिंसा में पुलिस ने ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां की, लेकिन शहर छोड़कर फरार हो चुका मास्टर माइंड अब्दुल मलिक और उसका वांटेड बेटा पुलिस के हत्थे सबसे आखिर में चढ़े। वजह ये कि पहले अब्दुल मलिक और फिर बाप के ही नक्शे कदम पर चलते हुए वांटेड बेटे अब्दुल मोईद ने भी तंग गलियों वाले मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में अपना सेफ हाउस बनाया। इसके लिए दोनों बाप बेटों ने अपने रसूख, रसूखदार दोस्तों और कारोबारी रिश्तों को भुनाया। </p>
<p>8 फरवरी को बनभूलपुरा हिंसा के बाद से ही दोनों बाप-बेटे फरार थे, लेकिन दोनों साथ नहीं भागे।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/447157/following-the-footsteps-of-haldwani-master-mind-safe-house-built"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/abdul-malik-abdul-boid.webp" alt=""></a><br /><p><strong>सर्वेश तिवारी, हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> बनभूलपुरा हिंसा में पुलिस ने ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां की, लेकिन शहर छोड़कर फरार हो चुका मास्टर माइंड अब्दुल मलिक और उसका वांटेड बेटा पुलिस के हत्थे सबसे आखिर में चढ़े। वजह ये कि पहले अब्दुल मलिक और फिर बाप के ही नक्शे कदम पर चलते हुए वांटेड बेटे अब्दुल मोईद ने भी तंग गलियों वाले मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में अपना सेफ हाउस बनाया। इसके लिए दोनों बाप बेटों ने अपने रसूख, रसूखदार दोस्तों और कारोबारी रिश्तों को भुनाया। </p>
<p>8 फरवरी को बनभूलपुरा हिंसा के बाद से ही दोनों बाप-बेटे फरार थे, लेकिन दोनों साथ नहीं भागे। वो जानते थे कि अगर साथ भागे तो साथ पकड़े भी जाएंगे। हुआ भी वही जो मास्टर माइंड मलिक और वांटेड बेटे ने सोचा था। हल्द्वानी से लेकर उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में दोनों अलग-अलग सफर करते रहे और फिर लौट कर दिल्ली आ गए। मलिक को पुलिस ने बीती 23 फरवरी को गिरफ्तार किया।</p>
<p>सूत्रों की मानें तो मलिक के दिल्ली में व्यापक संबंध हैं। इन संबंधों में रसूखदार और व्यापारिक रिश्तों वाले लोग हैं। इन्हीं संबंधों के बूते दोनों दिल्ली में फरारी के आठ से 10 दिन काटे। सूत्र अगर सही हैं तो इन लोगों ने दिल्ली के बल्लीमारान, सीलमपुर, ओखला, मुस्तफाबाद, चांदनी चौक, मटिया महल, बाबरपुर, किराड़ी, त्रिलोकपुरी और सीमापुरी में सबसे अधिक वक्त गुजारा, लेकिन एक दिन से ज्यादा ये कहीं नहीं रुके। </p>
<p>मलिक की गिरफ्तारी के बाद मोईद ने भी इन्हीं इलाकों में अपने सेफ हाउस बनाया। बताया जाता है कि ये सभी मुस्लिम बाहुल्य इलाके हैं, जहां पुलिस थाने और चौकियां तो हैं, लेकिन पुलिस की इलाकों के भीतर तक पहुंच नहीं है। यही वजह है कि मलिक हिंसा के 18वें और मोईद को 21वें दिन गिरफ्तार किया जा सका। दोनों को मुस्लिम बाहुल्य इलाकों से ही गिरफ्तार किया गया और वो भी लंबी रेकी के बाद। </p>
<p><strong>मलिक और शोएब पर दर्ज है गंभीर धाराओं में मुकदमा</strong><br />दोनों बाप-बेटे बनभूलपुरा थाने की ओर से दर्ज मामले में आरोपी हैं। आठ फरवरी को बनभूलपुरा में हुई हिंसा में अब्दुल मलिक और अब्दुल मोईद के ​खिलाफ बनभूलपुरा थाने में आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 395, 323, 332, 341, 342, 353, 427 और 436 में मुकदमा दर्ज किया था। इसके साथ मलिक व मोईद पर उत्तराखंड लोक संप​त्ति अ​धिकार अ​धिनियम, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम और गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) में मुकदमा दर्ज है। </p>
<p><strong>सर्विलांस नहीं, काम आया एसएसपी का इंटेलीजेंस</strong><br />बनभूलपुरा में नजूल की भूमि से जब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई तो पुलिस को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हालत यह हुई तो रात के अंधेरे में जान बचाना मुश्किल हो गया और भागने के लिए गलियां तलाशनी मुश्किल हो गईं। बनभूलपुरा जैसे ही तंग मुस्लिम इलाकों में बाप-बेटों ने शरण ली थी। इन इलाकों में पुलिस के पहुंचने से पहले ही खबर पहुंच जाती थी। दोनों के मोबाइल घटना के दिन से बंद थे और ऐसे में सर्विलांस भी काम नहीं आ रहा था। तब एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने अपने विभागीय और निजी संबंधों का इस्तेमाल किया। बावजूद इसके उन्हें सिर्फ मलिक और मोईद की मौजूदगी की खबर मिली। हालांकि टीम दोनों को गिरफ्तार करने में कामयाब रही।  </p>
<p><strong>न मोबाइल इस्तेमाल किया, न एटीएम और न ही अपनी कार</strong><br />फरारी के दौरान मोईद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सारे एहतियाद बरते, लेकिन फिर भी फंस गया। पुलिस की कहना है कि फरारी से पहले मोईद ने जिस कार का इस्तेमाल किया, वो उसकी नहीं थी। फरारी से पहले ही उसने न सिर्फ मोबाइल फोन का इस्तेमाल बंद किया, बल्कि पुलिस को लोकेशन न मिले तो उसने एटीएम कार्ड का भी उपयोग नहीं किया। उसने सिर्फ कैश खर्च किया और अगर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन भी किया तो अपने करीबियों के फोन से। फरारी के दौरान वह पुलिस से छिपा जरूर रहा, लेकिन उसकी अय्याशी में कोई फर्क नहीं पड़ा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 Mar 2024 08:06:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
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                <title>हल्द्वानी: रडार पर आया मास्टर माइंड परिवार का निर्माणाधीन रिसॉर्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong> हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> जांच में जुटी पुलिस को मास्टर माइंड परिवार की एक और संपत्ति का पता चला है। ये एक निर्माणाधीन रिसॉर्ट है और पुलिस पता कर रही है कि यह संपत्ति किसके नाम पर है। अगर यह संपत्ति मलिक के बेटे अब्दुल मोईद के नाम पर हुई तो इसे कुर्क कर लिया जाएगा। </p>
<p>पुलिस पहले ही अब्दुल मलिक के लाइन नंबर 8 आजादनगर बनभूलपुरा स्थित अब्दुला बिल्डिंग की कुर्की कर चुकी है। न्यायालय ने मलिक के साथ ही अब्दुल मोईद की संपत्ति भी कुर्क करने के आदेश दिए हैं, लेकिन अभी तक पुलिस को मोईद की संपत्ति की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/446738/under-construction-resort-of-master-mind-family-comes-on-haldwani"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/1678713-befunky-collage361.webp" alt=""></a><br /><p><strong> हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> जांच में जुटी पुलिस को मास्टर माइंड परिवार की एक और संपत्ति का पता चला है। ये एक निर्माणाधीन रिसॉर्ट है और पुलिस पता कर रही है कि यह संपत्ति किसके नाम पर है। अगर यह संपत्ति मलिक के बेटे अब्दुल मोईद के नाम पर हुई तो इसे कुर्क कर लिया जाएगा। </p>
<p>पुलिस पहले ही अब्दुल मलिक के लाइन नंबर 8 आजादनगर बनभूलपुरा स्थित अब्दुला बिल्डिंग की कुर्की कर चुकी है। न्यायालय ने मलिक के साथ ही अब्दुल मोईद की संपत्ति भी कुर्क करने के आदेश दिए हैं, लेकिन अभी तक पुलिस को मोईद की संपत्ति की जानकारी नहीं मिली है।</p>
<p>बता दें कि अब्दुल मोईद के खिलाफ भी लुक आउट नोटिस जारी हुआ है और वह अभी तक पुलिस की पहुंच से दूर है। ऐसे में पुलिस ने मोईद के नाम पर जुड़ी संपत्ति की खोज तेज कर दी है। पुलिस को पता लगा है कि नैनीताल शहर में मलिक परिवार का एक निर्माणाधीन रिसॉर्ट है, लेकिन यह रिसॉर्ट किसके नाम पर है, यह पुष्ट नहीं है।</p>
<p>पुलिस का कहना है कि अगर यह प्रॉपर्टी मोईद के नाम पर हुई तो इसे भी कुर्क किया जाएगा। वहीं एससएपी प्रह्लाद नारायण मीणा का कहना है कि कुछ संपत्तियों की जानकारी मिली है। इस मामले में विस्तृत छानबीन की जा रही है। जिसके बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 28 Feb 2024 07:27:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: मास्टर माइंड और साथियों पर अलबशर की मौत का इल्जाम</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> पुलिस की बढ़ती जांच के साथ उपद्रवियों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। बनभूलपुरा थाना फूंकने के आरोपियों पर पहले से ही हत्या का प्रयास और यूएपीए समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। अब इन आरोपियों पर हत्या का मुकदमा भी दर्ज हो सकता है।</p>
<p>अब्दुल मलिक समेत थाना फूंकने के सभी 36 आरोपियों पर अलबशर की हत्या का शक है और मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बता दें कि नई बस्ती ताज मस्जिद निवासी अलबशर (18 वर्ष) पुत्र अब्दुल माजिद सब्जी के ठेले से फेरी लगाता था। बीती 8</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/446728/haldwani-mastermind-and-associates-accused-of-albashars-death"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-09/आरोप56.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> पुलिस की बढ़ती जांच के साथ उपद्रवियों की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। बनभूलपुरा थाना फूंकने के आरोपियों पर पहले से ही हत्या का प्रयास और यूएपीए समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। अब इन आरोपियों पर हत्या का मुकदमा भी दर्ज हो सकता है।</p>
<p>अब्दुल मलिक समेत थाना फूंकने के सभी 36 आरोपियों पर अलबशर की हत्या का शक है और मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बता दें कि नई बस्ती ताज मस्जिद निवासी अलबशर (18 वर्ष) पुत्र अब्दुल माजिद सब्जी के ठेले से फेरी लगाता था। बीती 8 फरवरी को अलबशर सब्जी बेचकर घर लौट रहा था। लाल मस्जिद लाइन नंबर 17 के पास उस पर हमला हुआ।</p>
<p>घर खबर पहुंची कि अलबशर घायल पड़ा है। पेट फटा है और आंतें बाहर आ गई हैं। 25 फरवरी को उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि अब्दुल मलिक समेत जिन 36 लोगों पर बनभूलपुरा थाने की ओर से मुकदमा दर्ज है, उन्हीं पर अलबशर की हत्या का शक है।</p>
<p>पुलिस ने इन सभी लोगों से अलबशर की मौत के लेकर सवाल-जवाब शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी भी चेक किए जा रहे हैं, लेकिन दिक्कत यह है कि घटना की रात बिजली नहीं थी, ऐसे में फुटेज से साफ तस्वीर निकालनी मुश्किल है। पुलिस हादसे का एंगल को ध्यान में रखकर भी जांच कर रही है। </p>
<p><br /><em><strong>हमारी टीम ने अलबशर की मौत समेत दंगे के दौरान हुई सभी मौतों की जांच शुरू कर दी है। प्रकाश हत्याकांड से पहले ही पर्दा उठ चुका है। अलबशर की मौत को लेकर गिरफ्त में आए लोगों से पूछताछ की जा रही है। हादसे के एंगल से भी जांच की जा रही है। </strong></em><br /><em><strong>- प्रह्लाद नारायण मीणा, एसएसपी नैनीताल</strong></em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/446728/haldwani-mastermind-and-associates-accused-of-albashars-death</link>
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                <pubDate>Tue, 27 Feb 2024 18:59:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: बनभूलपुरा हिंसा - मास्टर माइंड के बाद 36 और उपद्रवियों पर लगा यूएपीए </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> बनभूलपुरा हिंसा का मास्टर माइंड कहे जा रहे अब्दुल मलिक को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। मलिक के साथ ही बनभूलपुरा थाना और वहां खड़े वाहनों को फूंकने वाले कुल 36 लोग जेल भेजे जा चुके थे।</p>
<p>मलिक पर तो पुलिस ने पहले ही यूएपीए लगा दिया था और अब सभी 36 लोगों पर यूएपीए लगा दी गई है। इन सभी पर हत्या की कोशिश करने सहित तमाम गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। जिन पर ये धाराएं लगाई गईं हैं, उनमें समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी के भाई जावेज सिद्दीकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/446710/haldwani-banbhulpura-violence-after-the-master-mind-uapa-imposed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/download-(39).jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> बनभूलपुरा हिंसा का मास्टर माइंड कहे जा रहे अब्दुल मलिक को पुलिस ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। मलिक के साथ ही बनभूलपुरा थाना और वहां खड़े वाहनों को फूंकने वाले कुल 36 लोग जेल भेजे जा चुके थे।</p>
<p>मलिक पर तो पुलिस ने पहले ही यूएपीए लगा दिया था और अब सभी 36 लोगों पर यूएपीए लगा दी गई है। इन सभी पर हत्या की कोशिश करने सहित तमाम गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज है। जिन पर ये धाराएं लगाई गईं हैं, उनमें समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी के भाई जावेज सिद्दीकी समेत कई पार्षद और प्रभावशाली लोगों के नाम हैं। </p>
<p>बता दें कि बीती 8 फरवरी को मलिक का बगीचा में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने गई प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की टीम पर पथराव हुआ था। भारी भीड़ ने जमकर हिंसा की और सरकारी व निजी वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। लोगों की जान लेने की कोशिश की गई और ये हिंसा बनभूलपुरा थाने तक पहुंच गई।</p>
<p>उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाने के बाहर खड़े वाहनों को आग के हवाले कर दिया और थाने में भी आग लगा दी थी। इस मामले में पुलिस ने लाइन नंबर 8 वार्ड 25 आजाद नगर निवासी अब्दुल मलिक पुत्र अब्दुल रज्जाक समेत 36 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये मामला बनभूलपुरा थाने की ओर से दर्ज किया गया है। </p>
<p>सोमवार तक यह बात सामने आई थी कि पुलिस ने हिंसा के मास्टर माइंड कहे जा रहे अब्दुल मलिक पर ही उत्तराखंड लोक संप​त्ति अ​धिकार अ​धिनियम, आपराधिक कानून संशोधन अधिनियम और गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के साथ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 307, 395, 323, 332, 341, 342, 353, 427 और 436 में मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन अब बनभूलपुरा थाने की ओर से दर्ज मामले में गिरफ्तार किए गए सभी 36 लोगों पर भी इन्हीं धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। </p>
<p><br /><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>बनभूलपुरा की ओर से दर्ज किए गए मामले में गिरफ्तार सभी लोगों के खिलाफ यूएपीए के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मामले से जुड़े पुख्ता साक्ष्य हैं। </strong></span><br /><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>-प्रह्लाद नारायण मीणा, एसएसपी नैनीताल</strong></span></p>
<p><br /><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>इन पर लगा है यूएपीए</strong></span><br />1. अरशद अय्यूब पुत्र अमीर निवासी लाइन नंबर 12 बनभूलपुरा<br />2. महबूब आलम पुत्र अब्दुल रऊफ निवासी लाइन नंबर 16 बनभूलपुरा<br />3. जीशान परवेज पुत्र जमील अहमद निवासी लाइन नंबर 14 बनभूलपुरा<br />4. जावेद सिद्दीकी पुत्र अब्दुल मोईन निवासी लाइन नंबर 17 बनभूलपुरा<br />5. असलम चौधरी पुत्र स्व.इब्राहिम निवासी लाइन नंबर 8 बनभूलपुरा<br />6. जुनैद पुत्र असलम निवासी लाइन नंबर 17 बनबूलपुरा<br />7. निजाम पुत्र असलम निवासी लाइन नंबर 17 बनभूलपुरा<br />8. महबूब उर्फ माकू पुत्र मुक्तार अहमद निवासी गफूर बस्ती बनभूलपुरा<br />9. शहजाद उर्फ कनफड़ा उर्फ ठेकेदार पुत्र दिलशाद निवासी इंद्रानगर बनभूलपुरा<br />10. शहनवाज पुत्र जुम्मा निवासी नैनीताल पब्लिक स्कूल के सामने बनभूलपुरा<br />11. अब्दुल माजिद पुत्र अब्दुल खालिद निवासी नई बस्ती ठोकर पुराना चीलघर बनभूलपुरा<br />12. साजिद पुत्र अब्दुल खालिद निवासी नई बस्ती ठोकर पुराना चीलघर के पास बनभूलपुरा<br />13. मो.नईम पुत्र मो.फईम निवासी नई बस्ती ठोकर पुराना चीलघर के पास बनभूलपुरा<br />14. शकील अहमद पुत्र शब्बीर अहमद निवासी मोहम्मद चौक के पास पप्पू का बगीचा बनभूलपुरा<br />15. इसरार अली पुत्र अजगर अली निवासी मोहम्मदी चौक के पास पप्पू का बगीचा सलमानी वाली गली बनभूलपुरा<br />16. सानू उर्फ राजा पुत्र मो.याकूब निवासी गफूर बस्ती बनभूलपुरा<br />17. रईस उर्फ बिट्टू पुत्र अनीस अहमद निवासी स्प्रिंग फील्ड स्कूल के पास बनभूलपुरा<br />18. अब्बू तस्लीम पुत्र स्व.इब्राहिम निवासी लाइन नंबर 10 आजादनगर बनभूलपुरा<br />19. भोला उर्फ सोहेल पुत्र मो.ताहिर निवासी बाबा मजार के पास लाइन नंबर 18 वार्ड 24 बनभूलपुरा<br />20. सोहेब पुत्र बब्बू खां निवासी बाबा मजार के पास लाइन नंबर 18 वार्ड 24 बनभूलपुरा<br />21. सलीम पासा पुत्र समीम पासा निवासी वार्ड 15 जवाहर नगर बनभूलपुरा<br />22. शकील अहमद अंसारी पुत्र जमील अहमद अंसारी निवासी इंद्रानगर बड़ी मस्जिद के पास वार्ड 32 बनभूलपुरा<br />23. मौकिन अहमद सैफी पुत्र नईम अहमद सैफी निवासी गौजाजाली साह जी मस्जिद वार्ड 59 बनभूलपुरा<br />24. जिया उर्रहमान पुत्र स्व.अकलाल हुसैन निवासी अब्दुला बिल्डिंग वार्ड 21 लाइन नंबर 9 बनभूलपुरा<br />25. शारिक सिद्दीकी पुत्र फिदा हुसैन निवासी लाल मस्जिद के सामने नई बस्ती मैदान के पास वार्ड 25 बनभूलपुरा<br />26. दानिश मलिक पुत्र मो.नईम निवासी लाइन नंबर 14 वार्ड 23 उवैश रजा के सामने वाली गली में हसीना मंजिल के पास बनभूलपुरा<br />27. मो.शुएब पुत्र सईद अहमद निवासी लाइन नंबर 14 गफ्तारी मस्जिद के पीछे बनभूलपुरा<br />28. वसीम सिद्दीकी उर्फ हप्पा पुत्र अनीश अहमद निवासी लाइन नंबर 18 वार्ड 26 कारीबाबा मदरसा के पास बनभूलपुरा<br />29. तस्लीम कुरेशी पुत्र साबिर कुरेशी निवासी मलिक का बगीचा वार्ड 31 बनभूलपुरा<br />30. मो.अयान पुत्र अकील अहमद निवासी लाइन नंबर 16 आजादनगर बनभूलपुरा<br />31. मो.अनस पुत्र यासीन निवासी लाइन नंबर 16 बनभूलपुरा <br />32 मो.समीर उर्फ चांद पुत्र शफीक अहमद निवासी इंद्रानगर वार्ड 31 बनभूलपुरा<br />33. जावेद कुरैशी पुत्र मो.शाकिब निवासी मोहम्मदी चौक जियाउद्दीन कुरैशी के घर के पीछे वार्ड 32 बनभूलपुरा<br />34. अयाज अहमद पुत्र हाफिज शकील निवासी गोपाल मंदिर वार्ड 26 बनभूलपुरा<br />35. रईश अहमद अंसारी पुत्र रफीक अहमद अंसारी निवासी मलिक का बगीचा बिजली घर के पास वार्ड 31 बनभूलपुरा<br />36. अब्दुल मलिक पुत्र अब्दुल रज्जाक लाइन नंबर 8 वार्ड 25 आजादनगर बनभूलपुरा </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/446710/haldwani-banbhulpura-violence-after-the-master-mind-uapa-imposed</link>
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                <pubDate>Tue, 27 Feb 2024 18:27:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: छठा वांटेड अयाज भी गिरफ्तार, मास्टर माइंड समेत तीन की तलाश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> पुलिस की आंखों में लगातार धूल झोंक रहा बनभूलपुरा दंगे का छठा वांटेड अयाज अहमद भी हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने अयाज समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पांच वांटेड की गिरफ्तारी पहले ही कर चुकी है। जबकि मास्टर माइंड अब्दुल मलिक समेत तीन वांटेड की तलाश अब भी जारी है। पुलिस इस मामले में अब तक 78 दंगाइयों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। </p>
<p>पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में जानकारी देते हुए एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि फरार चल रहे वांटेड वार्ड 26 निवासी अयाज अहमद पुत्र हाफिज शकील को हिंसा के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/445621/haldwani-sixth-wanted-ayaz-also-arrested-search-for-three-including"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/whatsapp-image-2024-02-22-at-17.08.15_ec5268d3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> पुलिस की आंखों में लगातार धूल झोंक रहा बनभूलपुरा दंगे का छठा वांटेड अयाज अहमद भी हत्थे चढ़ गया। पुलिस ने अयाज समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पांच वांटेड की गिरफ्तारी पहले ही कर चुकी है। जबकि मास्टर माइंड अब्दुल मलिक समेत तीन वांटेड की तलाश अब भी जारी है। पुलिस इस मामले में अब तक 78 दंगाइयों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। </p>
<p>पुलिस बहुउद्देश्यीय भवन में जानकारी देते हुए एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि फरार चल रहे वांटेड वार्ड 26 निवासी अयाज अहमद पुत्र हाफिज शकील को हिंसा के 15वें दिन गिरफ्तार कर लिया है। अयाज के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी पुलिस कर चुकी है।</p>
<p>इसके अलावा पुलिस ने बनभूलपुरा थाने में आगजनी और क्षेत्र में हिंसा भड़काने के आरोपी वार्ड 31 निवासी मोहम्मद समीर पुत्र चांद, वार्ड 32 निवासी जावेद कुरैशी और नगर निगम की ओर से हिंसा में दर्ज कराए गए मामले में मोहम्मदी चौक निवासी मोहम्मद फिरोज पुत्र अहमद रजा को गिरफ्तार किया है। एसएसपी ने बताया कि वांटेड अब्दुल मालिक, अब्दुल मोईद और रईस उर्फ दत्तू के खिलाफ दबिश की कार्रवाई जारी है।</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>इन वांटेड की है तलाश</strong></span><br />1. अब्दुल मलिक<br />2. अब्दुल मोईद<br />3. रईस उर्फ दत्तू</p>
<p><span style="color:rgb(224,62,45);"><strong>इन वांटेड की हो चुकी है गिरफ्तारी</strong></span><br />1. शकील अंसारी<br />2. वसीम उर्फ हप्पा<br />3. मौकिन सैफी <br />4. अयाज अहमद<br />5. तस्लीम<br />6. जियाउल रहमान</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 23 Feb 2024 12:33:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: मास्टर माइंड की बीवी भी फंसी, मलिक समेत 6 पर FIR</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> जिस सरकारी जमीन को हड़पने की साजिश में दंगा भड़का, अब उस मामले में दंगे के मास्टर माइंड अब्दुल मलिक की बीवी की गर्दन भी फंस गई। कूटरचना कर सरकारी जमीन हड़पने, मर चुके व्य​क्ति के नाम से शपथ पत्र देने, मर हुए व्य​क्ति के नाम से न्यायालय रिट डालने के मामले में नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट ने हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर सौंपी है।</p>
<p>तहरीर के आधार पर पुलिस ने अब्दुल मलिक, उसकी पत्नी साफिया मलिक सहित छह लोगों के ​खिलाफ घोखाधड़ी, आईपीसी 417 और 120 बी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/445507/haldwani-master-minds-wife-also-implicated-fir-against-6-along"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-07/एफआईआर.jpeg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> जिस सरकारी जमीन को हड़पने की साजिश में दंगा भड़का, अब उस मामले में दंगे के मास्टर माइंड अब्दुल मलिक की बीवी की गर्दन भी फंस गई। कूटरचना कर सरकारी जमीन हड़पने, मर चुके व्य​क्ति के नाम से शपथ पत्र देने, मर हुए व्य​क्ति के नाम से न्यायालय रिट डालने के मामले में नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट ने हल्द्वानी कोतवाली में तहरीर सौंपी है।</p>
<p>तहरीर के आधार पर पुलिस ने अब्दुल मलिक, उसकी पत्नी साफिया मलिक सहित छह लोगों के ​खिलाफ घोखाधड़ी, आईपीसी 417 और 120 बी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p>सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट ने कोतवाली पुलिस को दी शिकायत में कहा, साफिया मलिक पत्नी अब्दुल मलिक, अब्दुल मलिक पुत्र स्व. अब्दुल रज्जाक निवासी अब्दुला बिल्डिंग लाइन नंबर आठ, अख्तरी बेगम पत्नी नन्हें खां, नबी रजा खां पुत्र अशरफ खां निवासी हल्द्वानी, गौस रजा खां पुत्र स्व. अशरफ खां निवासी लाईन नंबर 17 आजाद नगर हल्द्वानी और अब्दुल लतीफ निवासी बरेली उत्तर प्रदेश ने कूटरचित प्रार्थना पत्र दिए।</p>
<p>साथ ही इन्होंने मरे हुए व्य​क्ति का शपथ पत्र देकर भी राजकीय जमीन, जिसे मलिक का बगीचा कहते हैं को हड़पने, खुर्द-बुर्द करने, बेचने का आपरा​धिक षडयंत्र किया। सरकारी विभागों और कोर्ट में मरे हुए व्य​क्ति के नाम से झूठे शपथ पत्र दिए। मरे हुए व्य​क्ति के नाम से भी कोर्ट में रिट डाली। पुलिस ने तहरीर के आधार पर साफिया मलिक, अब्दुल मलिक, अख्तरी बेगम, नबी रजा खां, गौस रजा खां और अब्दुल लतीफ के ​खिलाफ घोखाधड़ी, आईपीसी 417 और 120 बी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>
<p><em><strong>सहायक नगर आयुक्त की तहरीर के आधार पर अब्दुल मलिक, उसकी पत्नी सहित छह लोगों के ​खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच की जा रही है।</strong></em><br /><em><strong>प्रहलाद नारायण मीणा एसएसपी नैनीताल</strong></em></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/445507/haldwani-master-minds-wife-also-implicated-fir-against-6-along</link>
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                <pubDate>Thu, 22 Feb 2024 18:12:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: दंगे के दिन हल्द्वानी में था मास्टर माइंड, फुंका कारतूस कसेगा गर्दन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> दंगे का मास्टर माइंड बताया जा रहा अब्दुल मलिक दंगे के दिन शहर में ही था और दंगा भड़कते ही वो परिवार सहित फरार हो गया। हाल में हुई कुर्की भी इस बात की ओर इशारा कर रही है कि मलिक सीधे तौर पर दंगे में शामिल था। कुर्की में मलिक के घर से कई इस्तेमाल किए कारतूस मिले हैं, जिन्हें दंगे से जोड़ कर देखा जा रहा है। फिलहाल, तो मलिक कहां है, ये किसी को नहीं पता। पुलिस मलिक और उसके बेटे मोईद की सरगर्मी से तलाश कर रही है। जिसके बाद ही दंगे के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/445044/on-the-day-of-haldwani-riots-the-master-mind-was"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/haldwani_violence_mastermind_abdul_malik_288256414_17075290875.webp" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> दंगे का मास्टर माइंड बताया जा रहा अब्दुल मलिक दंगे के दिन शहर में ही था और दंगा भड़कते ही वो परिवार सहित फरार हो गया। हाल में हुई कुर्की भी इस बात की ओर इशारा कर रही है कि मलिक सीधे तौर पर दंगे में शामिल था। कुर्की में मलिक के घर से कई इस्तेमाल किए कारतूस मिले हैं, जिन्हें दंगे से जोड़ कर देखा जा रहा है। फिलहाल, तो मलिक कहां है, ये किसी को नहीं पता। पुलिस मलिक और उसके बेटे मोईद की सरगर्मी से तलाश कर रही है। जिसके बाद ही दंगे के षड्यंत्र से पर्दा उठेगा। </p>
<p>बता दें कि दंगे की शुरुआत मलिक का बगीचा से हुई थी। उस मलिक का बगीचा से, जिस पर अब्दुल मलिक अपना दावा बता रहा था और दावे को पुख्ता करने के लिए उसने नजूल की भूमि पर मदरसा और प्रार्थना स्थल बना दिया था। 8 फरवरी को पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की टीम जब उक्त भूमि पर कब्जा लेने पहुंची तो दंगा भड़क गया और तभी से मलिक परिवार समेत फरार है।</p>
<p>सूत्रों का कहना है कि पुलिस की सर्विलांस टीम ने जब अब्दुल मलिक के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया और सीडीआर निकली तो पता लगा कि दंगे के दिन अब्दुल मलिक शहर में ही था। दंगे के दो दिन पहले मलिक ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया था और दंगा भड़कते ही वो फरार हो गया। </p>
<p>इधर, न्यायालय से कुर्की और गृह मंत्रालय से लुक आउट नोटिस जारी होने के बाद भी जब मलिक और उसके बेटे मोईद का कुछ पता नहीं चला तो पुलिस कुर्की के लिए उसके लाइन नंबर 8 बनभूलपुरा स्थित कोठी पहुंची। कोठी से 6 डंपर से ज्यादा माल निकला, जिसे निकालते-निकालते पुलिस को 18 घंटे से ज्यादा का वक्त लग गया।</p>
<p>सूत्र कहते हैं कि कुर्की के दौरान कोठी से जिंदा और इस्तेमाल हुए कारतूस निकले। बताया यह भी जा रहा है कि मलिक के नाम पर शस्त्र लाइसेंस नहीं है, ऐसे में कोठी से कारतूस की बरामदगी बड़े सवाल खड़े कर रही है और वो भी इस्तेमाल कारतूस। ऐसा माना जा रहा है कि इन कारतूस का इस्तेमाल दंगे के लिए किया गया होगा। </p>
<p><strong>जख्मों के मिलान से खुलेगा कारतूस का राज</strong><br />हल्द्वानी : बनभूलपुरा में जितने भी शस्त्र हैं, पुलिस उन्हें जमा करा रही है। कहीं इन शस्त्रों का इस्तेमाल दंगे में तो नहीं हुआ पुलिस इसकी भी जांच कर रही है। इधर, मलिक के घर से मिले इस्तेमाल किए कारतूस दंगे की कहानी में नया मोड़ लेकर आए हैं। बताया जा रहा है कि जो लोग दंगे में गोली लगने से घायल हुए हैं या मरे हैं, पुलिस अब उनके जख्मों से मलिक के घर से मिले कारतूस का मिलान कराएगी। अगर जख्म मलिक के घर से मिले कारतूस से मेल खाते हैं तो यह मलिक के खिलाफ अहम सुबूत होंगे।   <br />   <br /><strong>बाहर से आए दंगाइयों को मिला लोगों का साथ</strong><br />हल्द्वानी : बनभूलपुरा के लोग पहले इस बात को सिरे से खारिज कर रहे थे कि दंगे में स्थानीय लोगों का कोई हाथ नहीं है, लेकिन जैसे-जैसे सीसीटीवी फुटेज और वीडियो सामने आ रहे हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि दंगे में स्थानीय लोगों ने आगे बढ़कर हिस्सा लिया। अब लोग न सिर्फ इस बात को स्वीकार कर रहे हैं, बल्कि यह भी कह रहे हैं कि दंगाई बाहर से आए थे और उन्होंने दंगे को भड़काया। जब दंगा भड़का तो स्थानीय युवा और अधेड़ उम्र के लोग बगैर कुछ सोचे-समझें दंगे का हिस्सा बना गए। </p>
<p><strong>देश में है या छोड़कर भाग गया अब्दुल मलिक</strong><br />हल्द्वानी : बीती 8 फरवरी से फरार अब्दुल मलिक न सिर्फ पुलिस के लिए चुनौती बन गया है, बल्कि पुलिस की एलआईयू और इंटेलीजेंस को भी उसने कटघरे में खड़ा कर दिया है। अभी तक सूत्रों के हवाले से सिर्फ यह स्पष्ट हुआ है कि मलिक दंगे के दिन शहर में था और वह भी सर्विलांस के बूते, लेकिन एलआई और इंटेलीजेंस 12 दिन बाद भी यह पता नहीं लगा सकी कि अब्दुल मलिक देश है भी या फिर देश छोड़ कर फरार हो गया है। संभावना है कि मलिक परिवार समेत उत्तर प्रदेश में कहीं दुबका है। </p>
<p><strong>नया मोबाइल नंबर इस्तेमाल कर रहा मलिक</strong><br />हल्द्वानी : पुलिस और कचहरी की कार्यप्रणाली से मलिक अच्छी तरह वाकिफ है। यही वजह है कि दंगे से दो दिन पहले ही उसने अपना नंबर बंद कर दिया था, ताकि दंगे से उसका गठजोड़ साबित न हो सके। अब यह बात भी सामने आ रही है कि अपना नंबर बंद करने के बाद मलिक ने किसी और के नाम से दूसरा सिम कार्ड खरीदा और अब वह इसी नए कार्ड के जरिये अपने वकीलों और शरणदाताओं के संपर्क में हैं। बताया जा रहा है कि कहीं सीसीटीवी में कैद न हो तो, वह एक ही स्थान पर डेरा जमाए हुए हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
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                <pubDate>Wed, 21 Feb 2024 07:37:28 +0530</pubDate>
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                <title>हल्द्वानी: बनभूलपुरा कांड - मास्टर माइंड की बीवी और बहू भी पुलिस की रडार पर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> फरार मास्टर माइंड अब्दुल मलिक और उसके बेटे अब्दुल मोईद का अब तक कोई पता नहीं है और अब मलिक की बीवी और बहू भी पुलिस की रडार पर है। दोनों अभी मामले में आरोपी नहीं हैं, लेकिन जांच के दायरे में जरूर हैं और इन दोनों का भी दंगे के बाद से कोई पता नहीं है। </p>
<p>बनभूलपुरा लाइन नंबर 8 निवासी अब्दुल मलिक दंगे के दिन से फरार है। उसके बेटे मोईद का भी कोई पता नहीं है। कई राज्यों में तलाश के बाद भी जब दोनों हत्थे नहीं चढ़े तो न्यायालय ने कुर्की के आदेश</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/444820/haldwani-banbhulpura-incident-master-minds-wife-and-daughter-in-law-also"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-02/01_10_2020-police_janch_20818867.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हल्द्वानी, अमृत विचार।</strong> फरार मास्टर माइंड अब्दुल मलिक और उसके बेटे अब्दुल मोईद का अब तक कोई पता नहीं है और अब मलिक की बीवी और बहू भी पुलिस की रडार पर है। दोनों अभी मामले में आरोपी नहीं हैं, लेकिन जांच के दायरे में जरूर हैं और इन दोनों का भी दंगे के बाद से कोई पता नहीं है। </p>
<p>बनभूलपुरा लाइन नंबर 8 निवासी अब्दुल मलिक दंगे के दिन से फरार है। उसके बेटे मोईद का भी कोई पता नहीं है। कई राज्यों में तलाश के बाद भी जब दोनों हत्थे नहीं चढ़े तो न्यायालय ने कुर्की के आदेश दिए और फिर गृह मंत्रालय ने लुकआउट नोटिस जारी कर दिया।</p>
<p>तीन दिन पहले जब पुलिस लाइन नंबर आठ में मलिक के घर की कुर्की करने पहुंची तो वहां पुलिस को ताला मिला। पता लगा कि अब्दुल मलिक और बेटे मोईद की पत्नी का भी घटना के बाद से कोई पता नहीं है। दंगे में दोनों फरार सास-बहू न तो नामजद हैं और न ही आरोपी हैं, लेकिन जांच के दायरे में जरूर हैं। ऐसा माना जा रहा है कि पूछताछ होने पर दोनों से दंगे के अहम सुबूत मिल सकते हैं। जिसके बाद यह साफ होगा कि दोनों को दंगे में आरोपी बनाया जाएगा या नहीं। </p>
<p><strong>शातिर अपराधी की तरह चकमा दे रहा मलिक</strong><br />हल्द्वानी : अब्दुल मलिक पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और न्यायालय में विचाराधीन हैं, लेकिन एक अर्से से उसके खिलाफ कोई मुकदमा नहीं हुआ। हालांकि जिस तरह से वह पुलिस की आंख में धूल झोंक रहा है, वह तरीका किसी पेशेवर मुजरिम से कम नहीं है। आलम यह है कि लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद उसकी तलाश में जुटी देश भर की एजेंसियां भी उसे पकड़ नहीं पा रही हैं। </p>
<p><strong>शनिवार खत्म हो सकता है बनभूलपुरा में कर्फ्यू</strong><br />हल्द्वानी : दंगे के दौरान ही जिले के पूरे पुलिस बल को हल्द्वानी तलब कर लिया गया। अगले दिन शहर में कर्फ्यू घोषित कर दिया गया और सुरक्षा के लिए पैरा मिलिट्री फोर्स को भी बुला लिया गया। धीरे-धीरे कर्फ्यू में ढील दी जा रही है। अब सिर्फ बनभूलपुरा में ही कर्फ्यू है और वो भी सिर्फ रात का। बताया जा रहा है कि शुक्रवार (जुमा) के बाद पैरा मिलिट्री फोर्स को वापस भेज दिया जाएगा और कर्फ्यू खत्म कर दिया जाएगा। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
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                <pubDate>Tue, 20 Feb 2024 11:33:41 +0530</pubDate>
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