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                <title>martyr - Amrit Vichar</title>
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                <description>martyr RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>शहीद की विधवा की दुर्दशा पर हाईकोर्ट व्यथित, कहा- यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1971 के युद्ध में शहीद हुए सैनिक की विधवा के मामले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिक की पत्नी को आधी सदी से न्याय और अधिकार के लिए भटकना पड़ रहा है।</p>
<p>मामले में तात्कालिकता को रेखांकित करते हुए न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने राज्य सरकार को तुरंत निर्देश प्राप्त करने और शहीद की विधवा के दावे के त्वरित निपटारे के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया, साथ ही संबंधित प्राधिकारियों को सुनवाई की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/561392/the-high-court-is-distressed-over-the-plight-of-the-martyr-s-widow--saying-it-is-extremely-unfortunate"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>प्रयागराज।</strong> इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 1971 के युद्ध में शहीद हुए सैनिक की विधवा के मामले पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिक की पत्नी को आधी सदी से न्याय और अधिकार के लिए भटकना पड़ रहा है।</p>
<p>मामले में तात्कालिकता को रेखांकित करते हुए न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की खंडपीठ ने राज्य सरकार को तुरंत निर्देश प्राप्त करने और शहीद की विधवा के दावे के त्वरित निपटारे के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आदेश दिया, साथ ही संबंधित प्राधिकारियों को सुनवाई की अगली तारीख तक यानी 8 दिसंबर 2025 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए गए। </p>
<p>आरोप लगाया गया है कि उसे 5 बीघा भूमि के अधिकार के बावजूद मात्र 2.5 बीघा भूमि ही आवंटित की गई है और वह 1974 से अपने वैध हक के लिए संघर्ष कर रही है। ऐसी स्थिति पर कोर्ट ने खेद प्रकट करते हुए कहा कि यदि याचिका में किए गए तथ्य सही हैं, तो यह स्थिति “पूरे समाज की स्थिति की चौंकाने वाली गवाही” है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 27 Nov 2025 21:41:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>19 सितंबर : बाटला हाउस मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस के निरीक्षक मोहन चंद शर्मा शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली में 19 सितंबर 2008 को बाटला हाउस इलाके में हुई मुठभेड़ की एक घटना ने देश में राजनीतिक हलचल मचा दी थी। इस मुठभेड़ में इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए थे जबकि दिल्ली पुलिस के निरीक्षक मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे। तेरह सितंबर 2008 को दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर हुए बम विस्फोटों की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिदीन ने ली थी। इन्हीं धमाकों की जांच के दौरान यह मुठभेड़ हुई थी। वहीं 19 सितंबर को भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का भी जन्म हुआ था। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष यात्री के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553711/september-19--delhi-police-inspector-mohan-chand-sharma-martyred-in-the-batla-house-encounter"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/muskan-dixit-(1)13.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली में 19 सितंबर 2008 को बाटला हाउस इलाके में हुई मुठभेड़ की एक घटना ने देश में राजनीतिक हलचल मचा दी थी। इस मुठभेड़ में इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए थे जबकि दिल्ली पुलिस के निरीक्षक मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे। तेरह सितंबर 2008 को दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर हुए बम विस्फोटों की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिदीन ने ली थी। इन्हीं धमाकों की जांच के दौरान यह मुठभेड़ हुई थी। वहीं 19 सितंबर को भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का भी जन्म हुआ था। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष यात्री के रूप में 195 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने का विश्व रिकॉर्ड बनाया और एक महिला यात्री के तौर पर सबसे ज्यादा बार अंतरिक्ष में चहलकदमी करने का रिकॉर्ड भी एक समय उनके नाम पर था।</p>
<p>देश-दुनिया के इतिहास में 19 सितंबर की तारीख पर दर्ज विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:</p>
<p><strong>1891 : </strong>विलियम शेक्सपियर के विश्व प्रसिद्ध नाटक “मर्चेंट ऑफ वेनिस” का पहली बार मैनचेस्टर में मंचन।</p>
<p><strong>1955 : </strong>अर्जेंटीना की सेना और नौसेना द्वारा विद्रोह के बाद राष्ट्रपति जुआन पेरोन हटाये गये।</p>
<p><strong>1957 : </strong>अमेरिका ने नेवादा के रेगिस्तान में पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।</p>
<p><strong>1965 : </strong>अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के जरिए अंतरिक्ष जाने वाली भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स का जन्म।</p>
<p><strong>1983 : </strong>ब्रिटिश उपनिवेश कैरीबियन द्वीप, सेंट किट्स एवं नेविस स्वतंत्र।</p>
<p><strong>1988 : </strong>इजराइल ने परीक्षण उपग्रह हॉरिजन-आई का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया।</p>
<p><strong> 1996 : </strong>एलिजा इजेत्बोगोविक युद्ध के बाद बोस्निया के पहले राष्ट्रपति बने।</p>
<p><strong>1996 :</strong> ग्वाटेमाला और वामपंथी विद्रोहियों की सरकार के बीच शांति संधि पर हस्ताक्षर।</p>
<p><strong>2000 : </strong>कर्णम मल्लेश्वरी ने ओलंपिक की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।</p>
<p><strong>2006 : </strong>थाईलैड में सेना ने सरकार का तख्तापलट किया, जनरल सुरायुद बने प्रधानमंत्री।</p>
<p><strong>2008 :</strong> दिल्ली के बटला हाउस में पुलिस के साथ आतंकवादियों की मुठभेड़। पुलिस निरीक्षक मोहनचंद शर्मा शहीद, दो आतंकवादी ढेर।</p>
<p><strong>2008 : </strong>सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर अंकुश लगाने के इरादे से शुरू किए गए सलवा जुडूम अभियान पर रोक लगाई।</p>
<p><strong>2014 : </strong>एप्पल आईफोन 6 की बिक्री शुरु।</p>
<p><strong>2022 : </strong>ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का वेस्टमिंस्टर एबे में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।</p>
<p><strong>2023 : </strong>भारत ने खालिस्तानी नेता की हत्या संबंधी आरोप खारिज करते हुए कनाडाई राजनयिक को निष्कासित किया।<span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Sep 2025 08:00:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Vijay Diwas 2024: राष्ट्रपति और पीएम मोदी ने विजय दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि, रक्षा मंत्री बोले- 'बलिदान और सेवा को कभी नहीं भूलेगा भारत'</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगुवाई में सोमवार को राष्ट्र ने 1971 के युद्ध के शहीद नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस युद्ध के कारण एक स्वतंत्र देश के रूप में बांग्लादेश का जन्म हुआ और दक्षिण एशिया के राजनीतिक मानचित्र ने नया आकार लिया। सोलह दिसंबर, 1971 को 90,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण के बाद युद्ध में मिली शानदार जीत के साथ लाखों बांग्लादेशियों पर पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई भीषण हिंसा का दौर समाप्त हुआ था। भारत 16 दिसंबर को विजय दिवस के रूप में मनाता है। </p>
<p>अपनी श्रद्धांजलि में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/511439/vijay-diwas-2024--prime-minister-modi-paid-tribute-to-the-martyrs-on-vijay-diwas--defense-minister-said---india-will-never-forget-sacrifice-and-service"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/cats303.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगुवाई में सोमवार को राष्ट्र ने 1971 के युद्ध के शहीद नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस युद्ध के कारण एक स्वतंत्र देश के रूप में बांग्लादेश का जन्म हुआ और दक्षिण एशिया के राजनीतिक मानचित्र ने नया आकार लिया। सोलह दिसंबर, 1971 को 90,000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मसमर्पण के बाद युद्ध में मिली शानदार जीत के साथ लाखों बांग्लादेशियों पर पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई भीषण हिंसा का दौर समाप्त हुआ था। भारत 16 दिसंबर को विजय दिवस के रूप में मनाता है। </p>
<p>अपनी श्रद्धांजलि में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सैनिकों का यह बलिदान राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बना रहेगा। राष्ट्रपति सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर भी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘विजय दिवस के अवसर पर मैं उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं जिन्होंने 1971 के युद्ध में अदम्य साहस का परिचय देते हुए भारत को विजय दिलाई।’’ </p>
<p>मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘कृतज्ञ राष्ट्र हमारे वीरों के सर्वोच्च बलिदान को याद करता है। (वीरता की) उनकी कहानियां हर भारतीय को प्रेरित करती हैं और वे राष्ट्रीय गौरव का स्रोत बनी रहेंगी।’’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1971 के युद्ध के बहादुर नायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान हमेशा पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और हमारे देश के इतिहास में गहराई से अंतर्निहित रहेगा। </p>
<p>पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘आज, विजय दिवस पर, हम उन बहादुर सैनिकों के साहस और बलिदान का सम्मान करते हैं जिन्होंने 1971 में भारत की ऐतिहासिक जीत में योगदान दिया। उनके निस्वार्थ समर्पण और अटूट संकल्प ने देश की रक्षा की तथा हमें गौरव दिलाया।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह दिन उनकी असाधारण वीरता और उनकी अडिग भावना को श्रद्धांजलि है। उनका बलिदान हमेशा पीढ़ियों को प्रेरित करेगा और हमारे देश के इतिहास में गहराई से अंतर्निहित रहेगा।’’ </p>
<p>रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया और शहीद नायकों को श्रद्धांजलि दी। सिंह ने कहा, ‘‘आज विजय दिवस के विशेष अवसर पर राष्ट्र भारत के सशस्त्र बलों की वीरता और बलिदान को सलाम करता है।’’ </p>
<p>उन्होंने कहा, ‘‘उनके अटूट साहस और देशभक्ति ने सुनिश्चित किया कि हमारा देश सुरक्षित रहे। भारत उनके बलिदान और सेवा को कभी नहीं भूलेगा।’’ प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान ने भी युद्ध के शहीद नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जनरल चौहान ने सभी सेवारत कार्मिकों, सेवानिवृत्त सैनिकों और वीर नारियों को राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण, संकल्प और ‘‘अटूट प्रतिबद्धता’’ के लिए बधाई दी। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/511420/zakir-hussain-health--tabla-player-zakir-hussain-s-health-deteriorated--admitted-to-hospital#gsc.tab=0">Zakir Hussain: विश्व विख्यात तबला वादक उस्ताद जाकिर हुसैन का निधन, सैन फ्रांसिस्को में ली आखिरी सांस</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 16 Dec 2024 09:58:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुरादाबाद पहुंचे तौकीर रजा बोले...जिस दिन संभल जाऊंगा ये लोग मुझे रोक नहीं पाएंगे</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> सोमवार को आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान मुरादाबाद पहुंचे। इस दौरान वह संभल हिंसा को लेकर पुलिस व प्रशासन पर जमकर भड़के। उन्होंने कहा कि आने वाला वक्त देश के लिए बहुत खतरनाक है। उन्होंने शासन और प्रशासन को खुले तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि जिस दिन मैं संभल जाऊंगा, यह मुझे रोक नहीं पाएंगे। संभल हिंसा को लेकर उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ जो हिंदूवादी आतंकवादी गए थे, उन्होंने छर्रे चलाए, जिसमें समुदाय विशेष के पांच नहीं, बल्कि सात लोग शहीद हुए हैं। पुलिस ने दो लोगों का पोस्टमार्टम नहीं कराने दिया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/509302/tauqeer-raza-reached-moradabad-and-said-that-the-day-i"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-12/433.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> सोमवार को आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान मुरादाबाद पहुंचे। इस दौरान वह संभल हिंसा को लेकर पुलिस व प्रशासन पर जमकर भड़के। उन्होंने कहा कि आने वाला वक्त देश के लिए बहुत खतरनाक है। उन्होंने शासन और प्रशासन को खुले तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि जिस दिन मैं संभल जाऊंगा, यह मुझे रोक नहीं पाएंगे। संभल हिंसा को लेकर उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ जो हिंदूवादी आतंकवादी गए थे, उन्होंने छर्रे चलाए, जिसमें समुदाय विशेष के पांच नहीं, बल्कि सात लोग शहीद हुए हैं। पुलिस ने दो लोगों का पोस्टमार्टम नहीं कराने दिया।</p>
<p>आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा सोमवार को मुरादाबाद में भूड़ा का चौराहा स्थित कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हाजी रिजवान कुरैशी के आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपने बयान में संभल हिंसा में मारे गए लोगों को शहीद बताया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय ने कई विष्णु जैन और योगी जैसे लोगों को पाल रखा है। सरकार खुद दंगा कर रही है और आरोप दूसरों पर डाल रही है। इस दौरान उन्होंने हिंदुस्तान में चक्का जाम करने का भी ऐलान किया। बांग्लादेश पर बोलते हुए कहा कि बांग्लादेश के नाम पर भारत में हिंदू-मुस्लिम राजनीति की जा रही है और माहौल खराब करने का काम किया जा रहा है, जबकि बांग्लादेश में ऐसा कुछ भी नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अपने गुनाहों को छिपाने के लिए पुलिस प्रशासन ने बाहर के लोगों के संभल जाने पर पाबंदी लगा दी है। लोगों को कैद करके रखा हुआ है, जिससे संभल हिंसा का सच देश के सामने न आ सके। पुलिस प्रशासन देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश में जुटा हुआ है, इसलिए घायलों से मिलने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। उन्होंने कहा कि घायलों पर झूठी तहरीर देकर मुकदमा लिखवाने का दबाव बनाया जा रहा है। उनसे कहा जा रहा है कि आप 10 लोगों का नाम बता दो, आपको छोड़ दिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने एक मीडिया चैनल की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सर्वे टीम हिंदूवादी आतंकवादियों को अपने साथ लेकर गई, जो बेहूदा नारेबाजी करते हुए पत्थर लेकर खुद जूते पहनकर मस्जिद के अंदर घुसे। मुसलमानों ने कोई पत्थरबाजी नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने लोगों के सीने और सिर पर सीधे गोलियां चलाई हैं।</p>
<p><strong>ये भी पढ़ें - <a href="https://www.amritvichar.com/article/509268/new-stop-of-lucknow-dehradun-vande-bharat-passing-through-bareilly-will">बरेली से गुजरने वाली लखनऊ-देहरादून वंदे भारत का नया ठहराव...अब इस स्टेशन पर भी रुकेगी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/509302/tauqeer-raza-reached-moradabad-and-said-that-the-day-i</link>
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                <pubDate>Mon, 02 Dec 2024 20:50:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Pradeep Kumar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>राष्ट्रपति मुर्मू ने मुंबई में हुए आतंकी हमले की बरसी पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के शहीदों को मंगलवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत सभी प्रकार के आतंकवाद को मात के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। मुंबई में 26 नवंबर 2008 को समुद्र के रास्ते से आए लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों के हमले में 166 लोग मारे गए थे। इस दौरान आतंकवादियों से लड़ते हुए 18 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।</p>
<p>मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैं 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमलों की बरसी पर पूरे देश के साथ मिलकर उन बहादुरों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/508165/president-murmu-paid-tribute-to-the-martyrs-on-the-anniversary-of-the-terrorist-attack-in-mumbai"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/द्रौपदी-मुर्मू.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के शहीदों को मंगलवार को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत सभी प्रकार के आतंकवाद को मात के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। मुंबई में 26 नवंबर 2008 को समुद्र के रास्ते से आए लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों के हमले में 166 लोग मारे गए थे। इस दौरान आतंकवादियों से लड़ते हुए 18 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।</p>
<p>मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘मैं 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए कायरतापूर्ण आतंकवादी हमलों की बरसी पर पूरे देश के साथ मिलकर उन बहादुरों को श्रद्धांजलि देती हूं जिन्होंने अपनी जान गंवाई और उनके परिजनों के प्रति एकजुटता व्यक्त करती हूं।’’ राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘एक कृतज्ञ राष्ट्र अपने उन बहादुर सुरक्षाकर्मियों को सलाम करता है जिन्होंने हमारे लोगों की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। यह इस बात को दोहराने का भी दिन है कि भारत सभी प्रकार के आतंकवाद को हराने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।’’  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/508136/maharashtra-news--eknath-shinde-made-this-special-appeal-to-the-supporters-who-reached-outside--varsha#gsc.tab=0">Maharashtra News: 'वर्षा’ के बाहर पहुंचे समर्थकों से एकनाथ शिंदे ने की यह खास अपील</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/508165/president-murmu-paid-tribute-to-the-martyrs-on-the-anniversary-of-the-terrorist-attack-in-mumbai</link>
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                <pubDate>Tue, 26 Nov 2024 11:24:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>17 नवंबर का इतिहास: आज ही के दिन स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय हुए थे शहीद </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>नब्बे के दशक में भारत की सुंदरियों ने सौंदर्य जगत में जो धमाल मचाया था उसकी शुरुआत दरअसल 1966 में मुंबई की रीता फारिया ने की थी। वर्ष 1945 में जन्मी रीता भारतीय और एशियाई मूल की पहली महिला बनीं, जिन्होंने 1966 में मिस वर्ल्ड खिताब जीता।</p>
<p>हालांकि उन्होंने सौंदर्य और ग्लैमर को अपना करियर नहीं बनाया और एक साल तक मॉ‌डलिंग करने के बाद अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की और इसी को अपना करियर भी बनाया। लगभग दो दशक के बाद 1998 में रीता एक बार फिर फैशन की दुनिया में वापस लौटीं और उन्होंने 1998</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/506536/history-of-november-17--freedom-fighter-lala-lajpat-rai-was-martyred-on-this-day"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-12/bharat-ka-itihas-भारत-का-इतिहास-www.indgk_.com1_.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>नब्बे के दशक में भारत की सुंदरियों ने सौंदर्य जगत में जो धमाल मचाया था उसकी शुरुआत दरअसल 1966 में मुंबई की रीता फारिया ने की थी। वर्ष 1945 में जन्मी रीता भारतीय और एशियाई मूल की पहली महिला बनीं, जिन्होंने 1966 में मिस वर्ल्ड खिताब जीता।</p>
<p>हालांकि उन्होंने सौंदर्य और ग्लैमर को अपना करियर नहीं बनाया और एक साल तक मॉ‌डलिंग करने के बाद अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की और इसी को अपना करियर भी बनाया। लगभग दो दशक के बाद 1998 में रीता एक बार फिर फैशन की दुनिया में वापस लौटीं और उन्होंने 1998 में फेमिना मिस इंडिया की जज की भूमिका निभाई।</p>
<p><em><strong>देश-दुनिया के इतिहास में 17 नवम्बर की तारीख में दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-</strong></em></p>
<p>1526 : मुगल शासक बाबर ने सिंध के रास्ते पांचवीं बार भारत में प्रवेश किया और इस बार यहां अपना शासन कायम करने में सफल रहा।<br />1869 : भूमध्यसागर को लाल सागर से जोड़ने वाली सोएज नहर को दस साल के निर्माण कार्य के बाद नौवहन के लिए खोला गया। <br />1915 : विष्णु गोपाल पिंगले को पुणे के निकट तालेगांव जेल में फांसी पर लटकाया गया। 1928 : लाला लाजपत राय का निधन।<br />1932 : तीसरा गोल मेज सम्मेलन शुरू हुआ।<br />1966 : भारत की रीता फारिया ने मिस वर्ल्ड खिताब जीता। वह यह खिताब जीतने वाली एशिया की पहली महिला बनीं। 1966 : सोवियत संघ ने अपना एक मानवरहित सुदूर नियंत्रित यान चंद्रमा की सतह पर उतारा। <br />1989 : चेकोस्लोवाकिया में सरकार विरोधी प्रदर्शनों को पुलिस ने बेदर्दी से कुचला। हालांकि विरोध की इस आग ने उग्र रूप धारण कर लिया और अंतत: देश की कम्युनिस्ट सरकार को इस्तीफा देना पड़ा। <br />1997: मिस्र के उग्रवादियों ने लक्सर में टेंपल ऑफ हत्शेप्सुत देखने आए विदेशी पर्यटकों पर हमला किया जिसमें 60 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। <br />2008 : वैम्पायर के प्रेम पर आधारित स्टेफनी मियर के प्रसिद्ध उपन्यास श्रृंखला ट्वालाइट सागा पर बनी पहली फिल्म का लास एंजिल्स में प्रीमियर। इस श्रृंखला की फिल्मों को दुनियाभर में बेहद लोकप्रियता मिली।<br />2012: शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे का निधन।<br />2013: रूस के कजान हवाई अड्डे पर तातरस्तान एयरलाइंस के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 50 लोगों की मौत।<br />2015: विश्व हिन्दू परिषद' (विहिप) के अध्यक्ष अशोक सिंघल का निधन।<br />2018: अर्जेंटीना की नौसेना ने घोषणा किया कि खोजकर्ताओं को एक वर्ष पहले 44 चालक दल के साथ गायब हुई पनडुब्बी मिल गई।<br />2022: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान का मताधिकार छिना। निर्वाचन आयोग ने दिया मतदाता सूची से नाम हटाने का आदेश। <br />2023: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के साथ दो मुठभेड़ों में लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकवादियों समेत कुल छह आतंकवादी मारे गए।<br /><br /></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/506536/history-of-november-17--freedom-fighter-lala-lajpat-rai-was-martyred-on-this-day</link>
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                <pubDate>Sun, 17 Nov 2024 08:10:30 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कासगंज: महापुरुषों और शहीदों की प्रतिमाओं की हो रही दुर्दशा, सो रहा पालिका प्रशासन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>गंजडुंडवारा, अमृत विचार। </strong>नगर पालिका की अनदेखी से महापुरुषों और शहीदों की प्रतिमाओं का अपमान हो रहा है। प्रतिमाओं के समीप बने मूत्रालय से दुर्गंध उठती है। वहीं, गंदगी और आवारा पशुओं के मल-मूत्र से मूर्तियां अटी पड़ी हैं, जिससे लोग शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं। कस्बा वासियों ने महापुरुषों और शहीदों की प्रतिमाओं से मूत्रालय अलग हटाने और साफ-सफाई रखने की मांग की है।</p>
<p>नगर पालिका के जिम्मेदार एवं जनप्रतिनिधि महापुरुषों और शहीदों के सम्मान में उदासीन हैं। नगर पालिका कार्यालय के सामने स्थित गांधी पार्क में शहीदों के सम्मान में पालिका प्रशासन द्वारा बनाए गए शिलाफलक और चौक-चौराहे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/500946/the-municipal-administration-is-sleeping-on-the-plight-of-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/mahapurush.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>गंजडुंडवारा, अमृत विचार। </strong>नगर पालिका की अनदेखी से महापुरुषों और शहीदों की प्रतिमाओं का अपमान हो रहा है। प्रतिमाओं के समीप बने मूत्रालय से दुर्गंध उठती है। वहीं, गंदगी और आवारा पशुओं के मल-मूत्र से मूर्तियां अटी पड़ी हैं, जिससे लोग शर्मिंदगी महसूस कर रहे हैं। कस्बा वासियों ने महापुरुषों और शहीदों की प्रतिमाओं से मूत्रालय अलग हटाने और साफ-सफाई रखने की मांग की है।</p>
<p>नगर पालिका के जिम्मेदार एवं जनप्रतिनिधि महापुरुषों और शहीदों के सम्मान में उदासीन हैं। नगर पालिका कार्यालय के सामने स्थित गांधी पार्क में शहीदों के सम्मान में पालिका प्रशासन द्वारा बनाए गए शिलाफलक और चौक-चौराहे पर महापुरुषों की स्थापित प्रतिमाओं की दुर्दशा देख गौरवान्वित होने के बजाय लोगों को शर्मिंदगी महसूस होती है। जबकि शहीदों के सम्मान में केंद्र सरकार द्वारा "मेरा माटी मेरा देश" अभियान चलाकर सम्मान के लिए शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, लेकिन आज यह भी धूल और आवारा पशुओं के मल-मूत्र से पटी हुई है। जिन्होंने देश और आने वाली पीढ़ी के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया था। जिनकी प्रतिमाएं सम्मान की प्रतीक होती हैं, उनके कार्यों और बलिदानों को महसूस कराती हैं, वे भी अनदेखी के चलते दुर्दशा का शिकार हैं। ईओ गंजडुंडवारा सुनील कुमार ने कहा कि महापुरुषों और शहीदों की प्रतिमाओं को लेकर पालिका प्रशासन सख्त है। प्रतिमाओं के आस-पास से होने वाली गंदगी को हटाया जाएगा और साफ-सफाई कराई जाएगी। महापुरुषों की प्रतिमाओं का अपमान नहीं होने दिया जाएगा।</p>
<p><strong>ये प्रतिमाएं हैं उदासीनता का शिकार</strong><br />कस्बे के चौक-चौराहों पर महाराणा प्रताप, डॉ. भीमराव आंबेडकर, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की लगी प्रतिमाएं अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही हैं। पालिका की उदासीनता के चलते सब की सब बदहाल स्थिति में हैं। इनके सम्मान में प्रतिमाएं और शिलाफलक तो लगाए गए, लेकिन जब कोई त्योहार पड़ता है, तब प्रतिमाओं की सफाई कराई जाती है। इनके रूटीन रखरखाव और साफ-सफाई में पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधि उदासीन हैं।</p>
<p><strong>शहीदों के शिलाफलक के पास स्थित हैं मूत्रालय</strong><br />हद तो तब होती है जब शहीदों के सम्मान में शिलाफलक को पालिका परिसर के सामने गांधी पार्क के पास बने मूत्रालय के समीप बना दिया जाता है, जिसकी हालत बदतर हो चुकी है। ऐसी स्थिति में मूत्रालय से उठने वाली दुर्गंध वातावरण के साथ शहीदों का अपमान भी करती नजर आती है, जिसको लेकर लोगों में रोष है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कासगंज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/500946/the-municipal-administration-is-sleeping-on-the-plight-of-the</link>
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                <pubDate>Sun, 20 Oct 2024 17:28:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हल्द्वानी: 56 साल बाद ढाका ग्लेशियर में दफन मिला शहीद का शव</title>
                                    <description><![CDATA[चालक सहित 102 यात्रियों को लेकर भरी थी उड़ान, आईडी से हुई सिपाही की पहचान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/495721/haldwani-martyrs-body-found-buried-in-dhaka-glacier-after-56"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-10/capture.png" alt=""></a><br /><p><strong>सर्वेश तिवारी, अमृत विचार, हल्द्वानी।</strong> भारत-चीन सीमा पर तैनात एक फौजी 56 साल पहले अपने घर के लिए निकला। वह अपने 102 साथियों के साथ वायु सेना के विमान में सवार था। विमान ने उड़ान तो भरी, लेकिन अपने बेस पर वापस नहीं लौट पाया। विमान क्रैश हो गया और सभी 102 लोग लापता हो गए। अब 56 साल बाद पता लगा कि विमान हादसे में लापता हुए सैनिक नारायण सिंह का शव ढाका ग्लेशियर में दफन है। सेना के जवानों ने शव निकाला। शव पहचाने की हालत में नहीं था, लेकिन शव से मिली एक आईडी से शहीद की शिनाख्त सिपाही नारायण सिंह के रूप में की गई। </p>
<p>कोलपुड़ी पोस्ट गेरूर ब्लॉक थराली जिला चमोली के रहने वाले नारायण सिंह वर्ष भारतीय सेना में सिपाही के पद पर तैनात थे। वर्ष 1968 में उनकी तैनाती भारत-चीन सीमा के लेह पर थी। सेना के अधिकारियों ने उनके पुत्र जयवीर सिंह को चार दिन पूर्व एक पत्र भेजा। मेजर साहिल रणदेव की ओर से भेजे गए पत्र में लिखा, 7 फरवरी 1968 को भारतीय वायुसेना का विमान एन-12-बीएल-534 चंडीगढ़ से उड़ा। छह क्रू सदस्यों के साथ विमान लेह पहुंचा, ताकि भारतीय सेना के लोगों को लेह से चंडीगढ़ वापस लाया जा सके। विमान ने लेह से उड़ान भरी।</p>
<p>विमान में कुल 102 यात्री (चालक दल सहित) सवार थे, लेकिन चंडीगढ़ की ओर बढ़ते समय खराब मौसम की वजह से ढाका ग्लेशियर के सामान्य क्षेत्र में विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सिपाही नारायण सिंह भी एक यात्री थे। घटना के बाद सेना लगातार अपने लापता जवानों की तलाश कर रही थी।</p>
<p>इस बीच उन्हें ढाका ग्लेशियर में एक शव मिला। शव पहचाना नहीं जा सकता था, लेकिन शव से एक आईडी मिली, जिस पर जिला टिहरी गढ़वाल उत्तर प्रदेश लिखा था। सेना ने पड़ताल की तो पता लगा कि शव सिपाही नारायण सिंह का था। नारायण सिंह की पत्नी बसंती के पुत्र जयवीर सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि फौज ने शव मिलने की पुष्टि की है। सभवत: दो दिन बाद शव को गांव लाया जाएगा। </p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>शादी के तुरंत बाद मिली पोस्टिंग और फिर शहादत</strong></span><br />जयवीर ने उनकी मां बसंती देवी का 2011 में निधन हो गया। बसंती ने बच्चों को कभी नारायण सिंह के बारे में नहीं बताया। हालांकि बाद में बच्चों को इसका पता लग गया। बसंती से शादी के कुछ समय बाद ही नारायण को लेह में पोस्टिंग मिली। हादसे को जब पांच साल गुजर गए तो नारायण के भाई भवान सिंह ने बसंती को सहारा दिया। शादी की और फिर दो बच्चे सुजान व जयवीर हुए। हालांकि बच्चों पर किसी तरह का मानसिक असर न पड़े तो नारायण को बच्चों से छिपाए रखा गया। आज जयवीर, कुलपुड़ी के ग्राम प्रधान हैं। बड़ा भाई मजदूरी कर जीवन यापन करता है। जयवीर का कहना है कि मां को दो बार पेंशन मिली, उन्हें फौज से उनका हक मिलना चाहिए। </p>
<p><span style="color:rgb(248,6,6);"><strong>1968 से अब तक बरामद हुए सिर्फ पांच शव</strong></span><br />सेना की ओर से जो पत्र जयवीर सिंह को भेजा गया है, उसमें लिखा है कि भारतीय सेना और वायु सेना ने मिलकर कई खोज और बचाव अभियान चलाए गए हैं। अब तक कुल पांच शव बरामद किए गए हैं। सेना एक बार फिर ढाका ग्लेशियर के सामान्य क्षेत्र में खोज और बचाव अभियान चलाएगी, ताकि शहीदों के अवशेषों को ढूंढा जा सके और उन्हें उचित अंतिम सैन्य सम्मान दिया जा सके। सेना ने कहा, यह पीड़ित परिवार के सदस्यों की भावना और इच्छाशक्ति ही है, जो हमारी आत्माओं को शून्य से भी नीचे के तापमान, दुर्गम इलाकों में शहीदों के पार्थिव अवशेषों की खोज जारी रखने के लिए प्रेरित करती है</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>हल्द्वानी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/495721/haldwani-martyrs-body-found-buried-in-dhaka-glacier-after-56</link>
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                <pubDate>Wed, 02 Oct 2024 12:22:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>19 सितंबर का इतिहास: आज ही के दिन बटला हाउस मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस के निरीक्षक मोहन चंद शर्मा हुए थे शहीद </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली में 19 सितंबर 2008 को बटला हाउस इलाके में हुई मुठभेड़ की एक घटना ने देश में राजनीतिक हलचल मचा दी थी। इस मुठभेड़ में इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए थे जबकि दिल्ली पुलिस के निरीक्षक मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे। तेरह सितंबर 2008 को दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर हुए बम विस्फोटों की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिदीन ने ली थी। इन्हीं धमाकों की जांच के दौरान यह मुठभेड़ हुई थी।</p>
<p>इस मुठभेड़ पर ‘बटला हाउस’ नाम से फिल्म भी बनी है। वहीं 19 सितंबर को भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/493078/history-of-19-september--on-this-day--delhi-police-inspector-mohan-chand-sharma-was-martyred-in-the-batla-house-encounter"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/इतिहा1.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> दिल्ली में 19 सितंबर 2008 को बटला हाउस इलाके में हुई मुठभेड़ की एक घटना ने देश में राजनीतिक हलचल मचा दी थी। इस मुठभेड़ में इंडियन मुजाहिदीन के दो आतंकवादी मारे गए थे जबकि दिल्ली पुलिस के निरीक्षक मोहन चंद शर्मा शहीद हो गए थे। तेरह सितंबर 2008 को दिल्ली में अलग-अलग स्थानों पर हुए बम विस्फोटों की जिम्मेदारी इंडियन मुजाहिदीन ने ली थी। इन्हीं धमाकों की जांच के दौरान यह मुठभेड़ हुई थी।</p>
<p>इस मुठभेड़ पर ‘बटला हाउस’ नाम से फिल्म भी बनी है। वहीं 19 सितंबर को भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का भी जन्म हुआ था। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष यात्री के रूप में 195 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने का विश्व रिकॉर्ड बनाया और एक महिला यात्री के तौर पर सबसे ज्यादा बार अंतरिक्ष में चहलकदमी करने का रिकॉर्ड भी एक समय उनके नाम पर था। देश दुनिया के इतिहास में 19 सितंबर की तारीख पर दर्ज विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:</p>
<p>1581 : सिख गुरू रामदास जी का निधन।<br />1891 : विलियम शेक्सपियर के विश्व प्रसिद्ध नाटक “मर्चेंट ऑफ वेनिस” का पहली बार मैनचेस्टर में मंचन। <br />1955 : अर्जेंटीना की सेना और नौसेना द्वारा विद्रोह के बाद राष्ट्रपति जुआन पेरोन हटाए गए। <br />1957 : अमेरिका ने नेवादा के रेगिस्तान में पहला भूमिगत परमाणु परीक्षण किया। <br />1965 : अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के जरिए अंतरिक्ष जाने वाली भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स का जन्म। <br />1983 : ब्रिटिश उपनिवेश कैरीबियन द्वीप, सेंट किट्स एवं नेविस स्वतंत्र। <br />1988 : इज़राइल ने परीक्षण उपग्रह हॉरिजन-आई का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया। <br />1996 - एलिजा इजेत्बोगोविक युद्ध के बाद बोस्निया के पहले राष्ट्रपति बने। <br />1996 : ग्वाटेमाला और वामपंथी विद्रोहियों की सरकार के बीच शांति संधि पर हस्ताक्षर। <br />2000 : कर्णम मल्लेश्वरी ने ओलंपिक की भारोत्तोलन प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता।<br />2006 :थाईलैड में सेना ने सरकार का तख्ता पलटा, जनरल सुरायुद बने प्रधानमंत्री। <br />2008: दिल्ली के बटला हाउस में पुलिस के साथ आतंकवादियों की मुठभेड़। पुलिस निरीक्षक मोहनचंद शर्मा शहीद, दो आतंकी ढेर। <br />2008 : सर्वोच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ में नक्सलियों पर अंकुश लगाने के इरादे से शुरू किए गए सलवा जुडूम अभियान पर रोक लगाई। <br />2014 - एप्पल आईफोन 6 की बिक्री शुरु।<br />2022: ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का वेस्टमिंस्टर एबे में राजकीय अंतिम संस्कार किया गया। <br />2023: भारत ने खालिस्तानी नेता की हत्या संबंधी आरोप खारिज करते हुए कनाडाई राजनयिक को निष्कासित किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>इतिहास</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Sep 2024 08:18:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हुए दून निवासी कैप्टन दीपक</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="has-medium-font-size"><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू कश्मीर से उत्तराखंड के लिए दुखद खबर आ रही है जम्मू कश्मीर के डोडा में सुरक्षा बलो और आतंकियों के बीच गोलीबारी में उत्तराखंड का एक जवान शहीद हो गया। वहीं, इस मुठभेड़ में चार आतंकियों के मारे जाने की सूचना है। जानकारी के मुताबिक सुरक्षा बलों को आतंकियों के बारे में खुफिया इनपुट मिला था, जिसके बाद सुरक्षा बलों की टीम अस्सर के शिवगढ़ धार इलाके में आतंकियों की तलाश में निकली हुई थी। इसी बीच सुरक्षा बलों पर आतंकियों ने फायरिंग कर दी।</p>
<p class="has-medium-font-size">आतंकी मुठभेड़ में देहरादून निवासी 25 वर्षीय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/486097/doon-resident-captain-deepak-martyred-in-encounter-with-dehradun-terrorists"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-08/img_20240814_165255.jpg" alt=""></a><br /><p class="has-medium-font-size"><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> स्वतंत्रता दिवस से पहले जम्मू कश्मीर से उत्तराखंड के लिए दुखद खबर आ रही है जम्मू कश्मीर के डोडा में सुरक्षा बलो और आतंकियों के बीच गोलीबारी में उत्तराखंड का एक जवान शहीद हो गया। वहीं, इस मुठभेड़ में चार आतंकियों के मारे जाने की सूचना है। जानकारी के मुताबिक सुरक्षा बलों को आतंकियों के बारे में खुफिया इनपुट मिला था, जिसके बाद सुरक्षा बलों की टीम अस्सर के शिवगढ़ धार इलाके में आतंकियों की तलाश में निकली हुई थी। इसी बीच सुरक्षा बलों पर आतंकियों ने फायरिंग कर दी।</p>
<p class="has-medium-font-size">आतंकी मुठभेड़ में देहरादून निवासी 25 वर्षीय कैप्टन दीपक सिंह शहीद हो गए। कैप्टन दीपक का परिवार दून के रेसकोर्स में रहता है। वे 13 जून 2020 को सेवा में कमीशन हुए थे। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर दून लाया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तराखंड</category>
                                            <category>देहरादून</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 14 Aug 2024 19:01:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>देहरादून: पेट्रोलिंग के दौरान ITBP निरीक्षक शहीद</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> भारत -चीन सीमा पर एलएसी के पास विशिष्ट पेट्रोलिंग के दौरान उत्तराखंड निवासी आईटीबीपी निरीक्षक चन्द्र मोहन सिंह बलिदान हो गए।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई को शॉर्ट-रेंज पेट्रोलिंग के दौरान करग्युपा नाला पार करते वक्त निरीक्षक चन्द्र मोहन सिंह साथियो के लिए अस्थायी ब्रिज बनाकर नाला पार कराते समय गिर गए और पानी के बहाव में बह गए। इस दौरान 100 मीटर की दूरी पर अग्रिम चौकी के आईटीबीपी जवानों ने उन्हें निकाला और अस्पताल पहुंचाया।</p>
<p>जहां वह वीरगति को प्राप्त हो गए। निरीक्षक चन्द्र मोहन (55 वर्ष) देहरादून में डोईवाला तहसील स्थित दुर्गा चौक, जौलीग्रांट</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/482434/itbp-inspector-martyred-during-patrolling-dehradun"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/capture79.png" alt=""></a><br /><p><strong>देहरादून, अमृत विचार।</strong> भारत -चीन सीमा पर एलएसी के पास विशिष्ट पेट्रोलिंग के दौरान उत्तराखंड निवासी आईटीबीपी निरीक्षक चन्द्र मोहन सिंह बलिदान हो गए।</p>
<p>जानकारी के अनुसार, 25 जुलाई को शॉर्ट-रेंज पेट्रोलिंग के दौरान करग्युपा नाला पार करते वक्त निरीक्षक चन्द्र मोहन सिंह साथियो के लिए अस्थायी ब्रिज बनाकर नाला पार कराते समय गिर गए और पानी के बहाव में बह गए। इस दौरान 100 मीटर की दूरी पर अग्रिम चौकी के आईटीबीपी जवानों ने उन्हें निकाला और अस्पताल पहुंचाया।</p>
<p>जहां वह वीरगति को प्राप्त हो गए। निरीक्षक चन्द्र मोहन (55 वर्ष) देहरादून में डोईवाला तहसील स्थित दुर्गा चौक, जौलीग्रांट के रहने वाले थे। वह भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में 1987 में बतौर कांस्टेबल (जीडी) के पद पर भर्ती हुए थे , वर्तमान में वे निरीक्षक (जीडी) के पद पर तैनात थे।</p>]]></content:encoded>
                
                

                <link>https://www.amritvichar.com/article/482434/itbp-inspector-martyred-during-patrolling-dehradun</link>
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                <pubDate>Fri, 26 Jul 2024 17:25:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Bhupesh Kanaujia]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Kargil Vijay Diwas: प्रधानमंत्री मोदी ने शहीदों को दी श्रद्धांजलि, कहा- पाकिस्तान ने अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>द्रास (करगिल)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1999 के करगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर शुक्रवार को यहां इस युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सशस्त्र बलों के अधिकारियों और सैनिकों के सम्मान में द्रास युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।</p>
<h5><strong><em>पाकिस्तान ने अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा </em></strong></h5>
<p>इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, "पाकिस्तान ने अतीत में जितने भी दुष्प्रयास किए उसे मुंह की खानी पड़ी लेकिन पाकिस्तान ने अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा है। वो आतंकवाद के सहारे अपने</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/482328/kargil-vijay-diwas-prime-minister-modi-paid-tribute-to-the"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-07/cats503.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>द्रास (करगिल)।</strong> प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1999 के करगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की 25वीं वर्षगांठ के मौके पर शुक्रवार को यहां इस युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सशस्त्र बलों के अधिकारियों और सैनिकों के सम्मान में द्रास युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की।</p>
<h5><strong><em>पाकिस्तान ने अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा </em></strong></h5>
<p>इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, "पाकिस्तान ने अतीत में जितने भी दुष्प्रयास किए उसे मुंह की खानी पड़ी लेकिन पाकिस्तान ने अपने इतिहास से कुछ नहीं सीखा है। वो आतंकवाद के सहारे अपने आप को प्रासंगिक बनाए रखने का प्रयास कर रहा है। लेकिन आज जब मैं उस जगह से बोल रहा हूं जहां आतंक के आकाओं को मेरी आवाज सीधे सुनाई पड़ रही है मैं आतंकवाद के इन सरपरस्तों को कहना चाहता हूं कि उनके नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे। आतंकवाद को हमारे जाबाज पूरी ताकत से कुचलेंगे, दुश्मन को  मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगाॉ।"</p>
<h5><strong><em>करगिल में सत्य के सामने असत्य और आतंक की हार हुई</em></strong></h5>
<p>करगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "करगिल में हमने केवल युद्ध नहीं जीता था।  हमने सत्य, संयम और सामर्थ का अद्भुत परिचय दिया था।  भारत उस समय शांति के लिए प्रयास कर रहा था। बदले में पाकिस्तान ने फिर एक बार अपना अविश्वासी चेहरा दिखाया लेकिन सत्य के सामने असत्य और आतंक की हार हुई। "</p>
<p>गौरतलब है भारतीय सेना ने 26 जुलाई 1999 को लद्दाख में करगिल की बर्फीली चोटियों पर लगभग तीन महीने की लंबी लड़ाई में जीत के बाद ‘ऑपरेशन विजय’ के सफल समापन की घोषणा की थी। युद्ध में पाकिस्तान पर भारत की जीत की याद में 26 जुलाई के दिन को 'करगिल विजय दिवस' के रूप में मनाया जाता है। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/482315/president-murmu-paid-tribute-to-soldiers-on-the-25th-anniversary-of--kargil-vijay-diwas#gsc.tab=0">राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘करगिल विजय दिवस’ की 25वीं वर्षगाठ पर सैनिकों को अर्पित की श्रद्धांजलि</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/482328/kargil-vijay-diwas-prime-minister-modi-paid-tribute-to-the</link>
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                <pubDate>Fri, 26 Jul 2024 11:04:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>

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