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                <title>punishment - Amrit Vichar</title>
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                <description>punishment RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>बाराबंकी माती चौकी कांड केस में 11 साल बाद आया फैसला, 22 दोषियों को 7-7 साल कैद की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> 11 साल पहले माती चौकी में तोड़फोड़, आगजनी के प्रकरण में न्यायालय ने 22 अभियुक्तों को दोषसिद्ध करार दिया और सभी को सात सात साल कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि सभी को धारा 307 में दोषमुक्त किया गया है। सजा सुनते ही परिजन गमगीन हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">बताते चलें कि यह मामला वर्ष 2015 में देवा थाना क्षेत्र के माती चौकी का है। जमीन के पैसों के विवाद में सुभाष राजवंशी की मौत के बाद इलाके में भारी बवाल हो गया। आरोप लगाया गया कि देवा थाने के सिपाही प्रभुनाथ यादव की पिटाई से सुभाष की मौत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/583140/verdict-delivered-after-11-years-in-barabanki-mati-chowki-case--22-convicts-sentenced-to-7-years--imprisonment-each"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats499.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बाराबंकी, अमृत विचार।</strong> 11 साल पहले माती चौकी में तोड़फोड़, आगजनी के प्रकरण में न्यायालय ने 22 अभियुक्तों को दोषसिद्ध करार दिया और सभी को सात सात साल कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि सभी को धारा 307 में दोषमुक्त किया गया है। सजा सुनते ही परिजन गमगीन हो गए।</p>
<p style="text-align:justify;">बताते चलें कि यह मामला वर्ष 2015 में देवा थाना क्षेत्र के माती चौकी का है। जमीन के पैसों के विवाद में सुभाष राजवंशी की मौत के बाद इलाके में भारी बवाल हो गया। आरोप लगाया गया कि देवा थाने के सिपाही प्रभुनाथ यादव की पिटाई से सुभाष की मौत हो गई थी। घटना की जानकारी फैलते ही बड़ी संख्या में लोग माती चौकी पहुंच गए और चौकी का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">देखते ही देखते उग्र हुई भीड़ ने चौकी में तोड़फोड़, आगजनी व लूटपाट की घटना कर डाली। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर भी हमला किया गया था। मामले में पुलिस ने आईपीसी की विभिन्न धाराओं, सीएलए एक्ट तथा लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज कर 24 लोगों को नामजद किया था, वहीं करीब 150 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">सुनवाई के दौरान दो नामजद आरोपियों की मौत भी हो चुकी है। सुनवाई के बाद कोर्ट संख्या-2 के न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह प्रथम ने कन्हैया रावत, कमलेश वर्मा, सर्वेश कुमार, कमलेश रावत, सोनेलाल रावत, राकेश रावत, राजेश वर्मा, रामू, अजय वर्मा, रंजीत रावत, अंगद रावत, रिंकू वर्मा समेत 22 अभियुक्तों को दोषी मानते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई। जबकि आईपीसी की धारा 307 के आरोप को साक्ष्य के अभाव में हटा दिया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>बाराबंकी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/583140/verdict-delivered-after-11-years-in-barabanki-mati-chowki-case--22-convicts-sentenced-to-7-years--imprisonment-each</link>
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                <pubDate>Mon, 25 May 2026 21:16:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पूर्व विधायक विजय मिश्रा की पत्नी राम लली  को 10 साल की कैद, भेजा गया लखनऊ महिला बंदी गृह, जानें मामला </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;">लखनऊ/भदोही। आगरा जेल में बंद पूर्व विधायक विजय मिश्रा की पत्नी और विधान परिषद की पूर्व सदस्य राम लली मिश्रा को संपत्ति हड़पने के मामले में 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद रविवार को भदोही जेल से लखनऊ के नारी निकेतन महिला बंदी गृह में स्थानांतरित कर दिया गया। जेल के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">भदोही जिला जेल अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर सात साल से अधिक सजा वाली महिला बंदियों को नारी निकेतन भेजा जाता है। इसी क्रम में शासन के निर्देश पर राम लली मिश्रा को लखनऊ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582368/former-mla-vijay-mishra-s-wife--ram-lali--sentenced-to-10-years-in-prison--transferred-to-lucknow-women-s-jail%E2%80%94know-the-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/cats290.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">लखनऊ/भदोही। आगरा जेल में बंद पूर्व विधायक विजय मिश्रा की पत्नी और विधान परिषद की पूर्व सदस्य राम लली मिश्रा को संपत्ति हड़पने के मामले में 10 साल की सजा सुनाए जाने के बाद रविवार को भदोही जेल से लखनऊ के नारी निकेतन महिला बंदी गृह में स्थानांतरित कर दिया गया। जेल के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">भदोही जिला जेल अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि शासन के निर्देश पर सात साल से अधिक सजा वाली महिला बंदियों को नारी निकेतन भेजा जाता है। इसी क्रम में शासन के निर्देश पर राम लली मिश्रा को लखनऊ स्थानांतरित किया गया। भदोही की सांसद एवं विधायक अदालत की न्यायाधीश पुष्पा सिंह ने 15 मई को फैसले में पूर्व विधायक विजय मिश्रा, उनकी पत्नी राम लली और बेटे विष्णु मिश्रा को रिश्तेदार की चल-अचल संपत्ति हड़पने, फर्म पर कब्जा करने और फर्जी वसीयत बनाकर सब कुछ बेटे के नाम करने के मामले में 10-10 साल कैद की सजा सुनाई।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं पुत्रवधू रूपा मिश्रा को चार साल की सजा सुनाई गई। अभिषेक सिंह के अनुसार, सजा सुनाए जाने के बाद 15 मई की शाम राम लली और रूपा मिश्रा को भदोही जेल लाया गया था। रविवार को राम लली को कड़ी सुरक्षा में लखनऊ भेजा गया। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव त्यागी ने बताया कि यह मामला कृष्ण मोहन तिवारी की शिकायत पर चार अगस्त 2020 को गोपीगंज थाने में दर्ज किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अदालती कार्रवाई में विजय मिश्रा आगरा जेल और उसका बेटा विष्णु लखीमपुर खीरी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े। वहीं राम लली और रूपा को अदालत में पेश किया गया था। त्यागी ने बताया कि विजय मिश्रा पर कुल 83 मामले दर्ज हैं। उसे 13 मई 2025 को प्रयागराज की एक अदालत से उम्रकैद और नवंबर 2023 में वाराणसी की एक गायिका से सामूहिक दुष्कर्म मामले में 15 साल की सजा हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">राम लली और रूपा को पहली बार किसी मामले में सजा हुई है। तीन बार सपा और एक बार निषाद पार्टी से विधायक रहे विजय मिश्रा को 14 अगस्त 2020 को मध्य प्रदेश के आगर जिले से संपत्ति और फर्म पर कब्जे के मामले में गिरफ्तार किया गया था। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>भदोही</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 18 May 2026 13:47:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कन्नौज : किशोरी से दुष्कर्म में दोषी को आजीवन कारावास, जुर्माना</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कन्नौज, अमृत विचार।</strong> किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट हरेंद्र नाथ ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अब उसका शेष जीवन जेल में ही कटेगा। इसके साथ ही साढ़े 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि एक व्यक्ति ने 04 नवंबर 2022 को ठठिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें बताया था कि उसकी पुत्री (13) करीब तीन से चार माह पहले शाम के समय शौच के लिए गई थी। समय सात या आठ बजे के मध्य का था।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577424/kannauj--convict-sentenced-to-life-imprisonment-and-fine-for-rape-of-teenage-girl"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-02/10-साल-कारावास-की-सजा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कन्नौज, अमृत विचार।</strong> किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी पाते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट हरेंद्र नाथ ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अब उसका शेष जीवन जेल में ही कटेगा। इसके साथ ही साढ़े 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सहायक शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि एक व्यक्ति ने 04 नवंबर 2022 को ठठिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें बताया था कि उसकी पुत्री (13) करीब तीन से चार माह पहले शाम के समय शौच के लिए गई थी। समय सात या आठ बजे के मध्य का था। इसी समय गांव का ही जेपी उर्फ रजित कुमार पुत्र चंद्रशेखर ने अपने अज्ञात साथी के साथ पुत्री को रोक लिया। साथी तमंचा से गोली मारने की धमकी थोड़ी दूर पर खड़े होकर देता रहा। चाकू गले पर रखकर मुंह दबाकर आरोपी ने बेटी के साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जा से मारने की धमकी दी। डर के कारण बेटी ने घटना की जानकारी नहीं दी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद दो नवंबर को आरोपी ने बेटी को राजा साहब के तालाब के पास एकांत में बुलाकर कुछ बात करने के बहाने उसे जबरन एक दवा खाने को कहा। बेटी ने अज्ञात दवा खाने से मना कर दिया तो उसने तमंचा दिखाकर उसके माथे पर मारा जिससे उसे चोट लग गई। जान से मारने की धमकी देकर दवा खिला दी जिससे बेटी को बहुत रक्तस्राव हुआ। इस पर बेटी ने पूरी बात बताई। कहा कि बेटी राज्यस्तरीय खिलाड़ी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद चिकित्सकीय परीक्षण समेत अन्य कार्रवाई की गईं। विवेचक की ओर से आरोप पत्र दाखिल किए जाने और आरोप विरचित किए जाने के बाद सुनवाई शुरू हुई। साक्ष्यों और गवाहों को देखने सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने आजीवन कारावास के साथ जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर एक साल की जेल और काटने का आदेश दिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                            <category>कन्नौज</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/577424/kannauj--convict-sentenced-to-life-imprisonment-and-fine-for-rape-of-teenage-girl</link>
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                <pubDate>Fri, 03 Apr 2026 20:17:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुलतानपुर : किशोरी के हत्या के दोषी को आजीवन कारावास’, पॉक्सो कोर्ट जज ने सुनाया फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सुलतानपुर, अमृत विचारः </strong>गौरीगंज थानाक्षेत्र के एक गांव में 10 साल पूर्व किशोरी की हत्या करने के मामले में दोषसिद्ध आरोपी रमेश यादव को जेल से तलब कर मंगलवार को पॉक्सो कोर्ट जज नीरज श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाकर जेल भेज दिया। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपए अर्थदण्ड भी लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष से एडीजीसी  रवीन्द्र सिंह के मुताबिक दोषी ने पीड़िता के साथ 2 अक्टूबर वर्ष 2016 में दुष्कर्म का प्रयास किया तथा उसकी हत्या कर दी। पीड़िता के परिजन की तहरीर पर दर्ज हुए केस में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। दौरान विचारण अभियोजन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577105/sultanpur--life-imprisonment-for-convict-in-teenage-girl-s-murder--pocso-court-judge-pronounces-verdict"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुलतानपुर, अमृत विचारः </strong>गौरीगंज थानाक्षेत्र के एक गांव में 10 साल पूर्व किशोरी की हत्या करने के मामले में दोषसिद्ध आरोपी रमेश यादव को जेल से तलब कर मंगलवार को पॉक्सो कोर्ट जज नीरज श्रीवास्तव ने आजीवन कारावास की सजा सुनाकर जेल भेज दिया। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपए अर्थदण्ड भी लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष से एडीजीसी  रवीन्द्र सिंह के मुताबिक दोषी ने पीड़िता के साथ 2 अक्टूबर वर्ष 2016 में दुष्कर्म का प्रयास किया तथा उसकी हत्या कर दी। पीड़िता के परिजन की तहरीर पर दर्ज हुए केस में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। दौरान विचारण अभियोजन पक्ष की ओर से पेश गवाहों के साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी रमेश यादव को किशोरी की हत्या का दोषी ठहराकर जेल भेज दिया था जिसे जेल से तलब कर मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाकर पुनरू जेल भेज दिया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को पॉक्सो कोर्ट ने सुनाई 7 साल की कैद</strong></h5>
<p style="text-align:justify;"><br />थाना अमेठी के एक गांव में 15 साल पूर्व 16 वर्षीय नाबालिग किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म करने के दोषी इलियास को फास्ट ट्रैक कोर्ट कोर्ट न्यायाधीश राकेश की अदालत ने  मंगलवार को 7 साल कारावास की सजा सुनाकर जेल भेज दिया। अदालत ने दोषी पर 15  हजार रूपए अर्थदंड भी लगाया है । कोर्ट ने दोषी को  पीड़िता के क्षतिपूर्ति के लिए अर्थदण्ड की सम्पूर्ण धनराशि बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश भी दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष लोक अभियोजक शिव कुमार सिंह के मुताबिक 10 अप्रैल 2011  की घटना में दर्ज  हुए केस मे पीड़िता की मां  ने केस  दर्ज था कि उसकी नाबालिग बालिका को आरोपी इलियास अपनी दुकान में बहला-फुसलाकर ले जाकर दुष्कर्म जैसी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष की तरफ  मुकदमे के दौरान पेश किए  गये चार गवाहों  के साक्ष्यों के आधार पर  कोर्ट ने दोषी को 7 साल की सजा सुनाकर जेल भेज दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>सुल्तानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 21:25:46 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>सुलतानपुर : पीएसी जवान व उसके पुत्र की हत्या में दो दोषियों को उम्रकैद, एक लाख 70 हजार रुपए अर्थदंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सुलतानपुर, अमृत विचार। </strong>बहुचर्चित रिटायर्ड पीएसी जवान और उसके पुत्र की हत्या के मामले में जिला जज सुनील कुमार की अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 85-85 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि अर्थदंड की राशि में से डेढ़ लाख रुपये मृतक हरिनारायण सिंह की पत्नी को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन की ओर से एडीजीसी मनोज दुबे के अनुसार, 3 मार्च 2010 की शाम करीब सात बजे जयसिंहपुर क्षेत्र के गुड्डुरपुर सागर उमर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577104/sultanpur--two-convicts-sentenced-to-life-imprisonment-and-fined-%E2%82%B91-70-lakhs-for-the-murder-of-a-pac-jawan-and-his-son"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/आजीवन-कारावास-की-सजा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुलतानपुर, अमृत विचार। </strong>बहुचर्चित रिटायर्ड पीएसी जवान और उसके पुत्र की हत्या के मामले में जिला जज सुनील कुमार की अदालत ने मंगलवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 85-85 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि अर्थदंड की राशि में से डेढ़ लाख रुपये मृतक हरिनारायण सिंह की पत्नी को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाएं।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन की ओर से एडीजीसी मनोज दुबे के अनुसार, 3 मार्च 2010 की शाम करीब सात बजे जयसिंहपुर क्षेत्र के गुड्डुरपुर सागर उमर का पुरवा के पास रिटायर्ड पीएसी जवान हरिनारायण सिंह और उनके पुत्र संदीप की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि झिनकू यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में वादी शिवशंकर सिंह की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ था, जो बाद में स्वयं आरोपी बना दिया गया। ट्रायल के दौरान शिवशंकर सिंह व एक अन्य आरोपी जितेंद्र की मृत्यु हो चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">विचारण के दौरान बालीपुर मजरे सेवतरी निवासी वृजेश वर्मा और वरसोमी नथईपुर निवासी शैलेंद्र कुमार उर्फ रिंकू गोस्वामी के खिलाफ आरोप साबित पाए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी मनोज दुबे ने 10 गवाह पेश किए, जिनके बयान के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई। इस फैसले के साथ करीब 16 वर्ष पुराने इस चर्चित दोहरे हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया अपने निर्णायक मुकाम पर पहुंच गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>सुल्तानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 21:16:50 +0530</pubDate>
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            <item>
                <title>26 साल पुराने वन्यजीव तस्करी मामले में छह दोषी करार, दो साल की जेल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की लखनऊ स्थित विशेष अदालत ने 26 साल पुराने वन्यजीव तस्करी के एक मामले में छह आरोपियों को दो साल की कैद की सजा सुनाई है। सीबीआई ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है। इस मामले में आरोपियों पर बाघ और तेंदुए के अंगों को अवैध रूप से अपने पास रखने और उनका व्यापार करने का आरोप था।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने सभी आरोपियों- मुमताज अहमद, जैबुन निशा, अजीज उल्लाह, वहीद, सरताज और मजीद पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला जांच के दौरान चलाए गए एक बड़े बरामदगी अभियान से</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/577048/six-convicted-in-26-year-old-wildlife-trafficking-case--sentenced-to-two-years-in-jail"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/आजीवन-कारावास-की-सजा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की लखनऊ स्थित विशेष अदालत ने 26 साल पुराने वन्यजीव तस्करी के एक मामले में छह आरोपियों को दो साल की कैद की सजा सुनाई है। सीबीआई ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है। इस मामले में आरोपियों पर बाघ और तेंदुए के अंगों को अवैध रूप से अपने पास रखने और उनका व्यापार करने का आरोप था।</p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने सभी आरोपियों- मुमताज अहमद, जैबुन निशा, अजीज उल्लाह, वहीद, सरताज और मजीद पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह मामला जांच के दौरान चलाए गए एक बड़े बरामदगी अभियान से जुड़ा है, जिसमें आरोपियों के घरों से बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित वन्यजीव सामग्री जब्त की गई थी। जब्त की गई चीजों में तेंदुए के 18,000 नाखून, तेंदुए की 74 खालें, चार बाघों की खालें और बाघ एवं तेंदुए, दोनों की हड्डियां शामिल थीं। ये चीजें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची  के अंतर्गत आती हैं, जो इन्हें उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्रदान करती है और इन्हें अपने पास रखने, इनका व्यापार करने या इनका परिवहन करने पर सख्त रोक लगाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">सीबीआई ने वर्ष 2000 में यह मामला दर्ज किया था और गहन जांच के बाद 15 जुलाई 2000 को लखनऊ की सक्षम अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था।जांच में वन्यजीवों की प्रतिबंधित सामग्री की संगठित तस्करी और अवैध व्यापार में आरोपियों की संलिप्तता साबित हुई। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी छह आरोपियों को दोषी पाया और उन्हें वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 49बी (भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के साथ पठित) और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 के तहत दोषी करार दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">सीबीआई के एक अधिकारी ने कहा, "यह दोषसिद्धि वन्यजीव अपराधों से निपटने और अवैध तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के प्रति सीबीआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उम्मीद है कि यह वन्यजीव तस्करी में शामिल अपराधियों के लिए एक कड़े निवारक के रूप में काम करेगा और लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण और सुरक्षा में योगदान देगा।" </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 31 Mar 2026 15:23:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> मुरादाबाद : पूर्व ब्लाक प्रमुख ललित कौशिक समेत तीन को आठ-आठ वर्ष की सजा, 25-25 हजार रुपये का अर्थ दंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार : </strong>जनपद के एडीजे-पांच की अदालत ने गुरुवार को पूर्व ब्लाक प्रमुख ललित कौशिक समेत तीनों बदमाशों को गैंगस्टर एक्ट में आठ-आठ वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। मामले की 25 मार्च को हुई सुनवाई में कोर्ट ने तीनों को गैंगस्टर आरोप के दोष सिद्ध माना था।</p>
<p style="text-align:justify;">एडीजे-पांच के विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट राजीव त्यागी ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के महत्वपूर्ण मामले में न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट एडीजे-5 रेशमा चौधरी की अदालत ने अभियुक्त</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576643/moradabad--three-individuals--including-former-block-chief-lalit-kaushik--sentenced-to-eight-years-each-and-fined-%E2%82%B925-000-each"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार : </strong>जनपद के एडीजे-पांच की अदालत ने गुरुवार को पूर्व ब्लाक प्रमुख ललित कौशिक समेत तीनों बदमाशों को गैंगस्टर एक्ट में आठ-आठ वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही तीनों पर 25-25 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया गया है। मामले की 25 मार्च को हुई सुनवाई में कोर्ट ने तीनों को गैंगस्टर आरोप के दोष सिद्ध माना था।</p>
<p style="text-align:justify;">एडीजे-पांच के विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट राजीव त्यागी ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के महत्वपूर्ण मामले में न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट एडीजे-5 रेशमा चौधरी की अदालत ने अभियुक्त ललित कौशिक ( चिह्नित टॉप-10 अपराधी), केशव सरन शर्मा और खुशवंत उर्फ भीम को गैंगस्टर एक्ट का दोषी मानते हुए प्रत्येक को 8-8 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपियों ने संगठित गिरोह बनाकर अवैध गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक एवं भौतिक लाभ अर्जित किया, जिससे समाज में भय का माहौल व्याप्त हुआ। इनके विरुद्ध थाना सिविल लाइंस में गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे के वादी निरीक्षक रामप्रसाद शर्मा रहे, जबकि विवेचक निरीक्षक नरेंद्र कुमार गौड़ थे। एक जून 2023 को विभिन्न स्थानों पर आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप अभियुक्तों पर सिद्ध हुआ।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>बलरामपुर जेल भेजा गया ललित</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">ललित कौशिक को गिरफ्तार करने के बाद मुरादाबाद कारागार में बंद किया गया था। लेकिन, बाद में आरोप लगा कि ललित ने जेल से ही किसी व्यापारी को फोन पर वसूली के लिए धमकी दी थी। साथ ही पॉक्सो एक्ट में पीड़िता की मां ने ललित पर उसके परिवार को धमकाने का आरोप लगाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद ललित कौशिक को बलरामपुर कारागार शिफ्ट कर दिया गया था। ललित कौशिक को बुधवार को गैंगस्टर प्रकरण में सुनवाई के लिए मुरादाबाद लाया गया था। सजा सुनाए जाने के कारण बुधवार रात को उसे मुरादाबाद जेल में ही रखा गया था। न्यायालय में गुरुवार को सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। गुरुवार को सजा सुनाए जाने के बाद उसे बलरामपुर जेल भेज दिया गया।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>जनपद के टॉप-10 अपराधियों सूची में शामिल ललित कौशिक का आपराधिक इतिहास</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">1- सन् 2023 में 25 मार्च को मूंढापांडे थाने में ललित कौशिक के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में एडीजे पांच ज्ञानेंद्र सिंह यादव की अदालत ने 23 फरवरी 2024 को ललित कौशिक को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष की सजा और 56 हजार रुपये का जुर्माना लगाया था।</p>
<p style="text-align:justify;">2- 2023 में अवैध मैगजीन और आठ लाख की रकम बरामद के अन्य आपराधिक मामलों सात वर्ष की सजा सुनाई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">3- सन् 2023 में पीड़िता के दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट में सिविल लाइन पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">4- ललित कौशिक पर बिलारी कोतवाली और मझोला कोतवाली पुलिस की ओर से गैंगस्टर में लगाई गई थी।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>केशव और खुशवंत का भी है लंबा-चौड़ा आपराधिक इतिहास</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">केशव सरन शर्मा पर पूर्व में नौ मुकदमे पंजीकृत हैं। इसके अलावा केशव पर उत्तराखंड के जनपद देहरादून के प्रेम नगर थाने से गैंगस्टर की कार्रवाई के सजा हो चुकी है। खुशवंत उर्फ भीम पर पूर्व में 10 मुकदमे पंजीकृत हैं। जिसमें कुछ में वांछित चल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुशांक गुप्ता की हत्या करने वाला ललित कौशिक का बेहद खास शूटर और उसका रिश्तेदार केशव सरन शर्मा पाकबड़ा के गांव गिंदौड़ा का रहने वाला है। मार्च 2019 में केशव सरन शर्मा ने आहूजा ग्रुप के एमडी मनोज आहूजा की हत्या की एक करोड़ रुपये में सुपारी ली थी। हालांकि, तब पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए केशव और उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">केशव और उसके साथियों को जेल से छुड़ाने के लिए ललित कौशिक ने पैरवी की। इस प्रकरण में पुलिस रिकॉर्ड में ललित कौशिक का नाम नहीं आया था। इस मामले में जेल से छूटने के बाद केशव सरन शर्मा ने ललित कौशिक के कहने पर कुशांक गुप्ता की हत्या की थी। उसे भोजपुर के हिमायूंपुर निवासी खुशवंत सिंह उर्फ भीम चौधरी अपनी बाइक पर बैठाकर घटनास्थल तक ले गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">वारदात के बाद उसे शहर से सुरक्षित बाहर भी निकाला था। पुलिस की विवेचना में घटना मास्टरमाइंड ललित कौशिक ही निकला था। खुशवंत सिंह उर्फ भीम का लंबा आपराधिक इतिहास है। उत्तराखंड के हरिद्वार से वह आटोलिफ्टिंग में भी जेल जा चुका है। इसके अलावा उसके खिलाफ विभिन्न संगीन अपराधों में छह से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>कुशांक की दुकान पर कब्जा करने का था षड्यंत्र</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">कुशांक गुप्ता का दुकान को लेकर ललित कौशिक से झगड़ा चल रहा था। घटना से कुछ महीने पहले एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें ललित कौशिक के साथ कुछ लोग कुशांक गुप्ता की दुकान में घुसकर धमकाते नजर आ रहे थे। इनमें से कुछ के पास हथियार भी थे। आरोप था कि वह उसकी दुकान पर कब्जा करने के लिए धमका रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद कुशांक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर लगातार कई वीडियो पोस्ट करके ललित कौशिक द्वारा हत्या की धमकी दिए जाने की बात कही थी। कुशांक ने ललित कौशिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था और वह उसकी गिरफ्तारी के लिए कई दिनों तक अपनी ही दुकान के बाहर भूख हड़ताल पर भी बैठा था। इसके बावजूद ललित कौशिक के रसूख के चलते गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी और बाद में उसकी हत्या ही कर दी गई।</p>
<h5 style="text-align:justify;"><strong>घर से बरामद हुई थी मैगजीन</strong></h5>
<p style="text-align:justify;">चर्चित सीए श्वेताभ तिवारी हत्याकांड में लंबी पड़ताल के बाद पुलिस ने ललित कौशिक को गिरफ्तार किया था। पूर्व ब्लाक प्रमुख के घर की तलाशी में अवैध मैगजीन और आठ लाख रुपये बरामद हुए थे। साथ ही रामगंगा किनारे के जंगलों से अवैध असलहा भी बरामद किया गया था। 26 मार्च 2023 को इंस्पेक्टर रविंद्र प्रताप सिंह द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 27 Mar 2026 15:09:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सुलतानपुर चिकित्सक हत्याकांड : मुख्य अभियुक्त अजय नारायण सिंह समेत 2 को उम्रकैद, 1.90 लाख का अर्थदंड</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सुलतानपुर। </strong>उत्तर प्रदेश में सुलतानपुर जिले के चर्चित डॉ. घनश्याम तिवारी हत्याकांड में मंगलवार को अपर जिला जज (एडीजे) संध्या चौधरी ने मुख्य अभियुक्त अजय नारायण सिंह और सह-अभियुक्त दीपक सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर कुल 1.90 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायालयीय सूत्रों के मुताबिक बीते 23 सितंबर 2023 को लंभुआ के सखौली कला गांव निवासी डॉ. घनश्याम तिवारी की कोतवाली नगर के नरायनपुर गांव में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी निशा तिवारी ने इस संबंध में स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने इस मामले</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576315/sultanpur-doctor-murder-case--two-sentenced-to-life-imprisonment%E2%80%94including-main-accused-ajay-narayan-singh%E2%80%94and-fined-%E2%82%B91-90-lakh"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/उम्रकैद3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सुलतानपुर। </strong>उत्तर प्रदेश में सुलतानपुर जिले के चर्चित डॉ. घनश्याम तिवारी हत्याकांड में मंगलवार को अपर जिला जज (एडीजे) संध्या चौधरी ने मुख्य अभियुक्त अजय नारायण सिंह और सह-अभियुक्त दीपक सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उन पर कुल 1.90 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायालयीय सूत्रों के मुताबिक बीते 23 सितंबर 2023 को लंभुआ के सखौली कला गांव निवासी डॉ. घनश्याम तिवारी की कोतवाली नगर के नरायनपुर गांव में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी निशा तिवारी ने इस संबंध में स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने इस मामले में नरायनपुर गांव के अजय नारायण सिंह, उनके पिता जगदीश नारायण सिंह, चचेरे भाई विजय नारायण सिंह और मायंग गांव के ड्राइवर दीपक सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान आरोपी जगदीश नारायण सिंह और विजय नारायण सिंह की मौत हो गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद मुकदमा अजय नारायण सिंह और दीपक सिंह के विरुद्ध चल रहा था। अदालत ने बीते बुधवार को दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया था और मंगलवार को सजा की तारीख तय की थी। मंगलवार को दोनों दोषियों को जेल से कोर्ट लाया गया। न्यायालय ने अजय नारायण सिंह पर 1.20 लाख और दीपक सिंह पर 70 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। यह कुल Rs1.90 लाख की धनराशि पीड़ित परिवार को मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी क्रिमिनल राम अचल मिश्र की निगरानी में वादी मुकदमा निशा तिवारी के अधिवक्ता संतोष पांडेय और एडीजीसी क्रिमिनल पवन दुबे ने पैरवी की। शासकीय अधिवक्ता पवन कुमार दूबे ने न्यायालय के फैसले पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>सुल्तानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 17:02:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> हरदोई : नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में शादी के बावजूद पति को 10 वर्ष की सजा, जानें क्या  है पूरा मामला</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>हरदोई। </strong>उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने गुरुवार को आरोपी पति को 10 वर्ष के कठोर कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई। घटना के लगभग नौ वर्ष बाद आए इस फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि विवाह अपराध से मुक्ति का आधार नहीं बन सकता। </p>
<p style="text-align:justify;">माधौगंज थाना क्षेत्र में 14 जनवरी 2017 को पीड़िता के साथ आरोपी ने दुष्कर्म किया था। मामले में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में आरोपी ने पीड़िता से विवाह कर लिया, और वर्तमान में दोनों के दो बच्चे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575845/hardoi--husband-sentenced-to-10-years-in-rape-case-involving-a-minor%E2%80%94despite-marriage%E2%80%94find-out-the-full-details-of-the-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/कोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हरदोई। </strong>उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने गुरुवार को आरोपी पति को 10 वर्ष के कठोर कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई। घटना के लगभग नौ वर्ष बाद आए इस फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि विवाह अपराध से मुक्ति का आधार नहीं बन सकता। </p>
<p style="text-align:justify;">माधौगंज थाना क्षेत्र में 14 जनवरी 2017 को पीड़िता के साथ आरोपी ने दुष्कर्म किया था। मामले में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। बाद में आरोपी ने पीड़िता से विवाह कर लिया, और वर्तमान में दोनों के दो बच्चे हैं। विशेष पॉक्सो न्यायाधीश मनमोहन सिंह की अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मेडिकल रिपोर्ट और पुलिस साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराने की दलील पेश की। </p>
<p style="text-align:justify;">बचाव पक्ष ने प्रेम संबंध और विवाह का हवाला देते हुए नरमी की मांग की, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। न्यायालय ने कहा कि नाबालिग के साथ किया गया अपराध गंभीर और अक्षम्य है, और विवाह करने से इसकी गंभीरता कम नहीं होती। निर्णय को ऐसे मामलों में एक महत्वपूर्ण नजीर माना जा रहा है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>हरदोई</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 20 Mar 2026 14:00:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कन्नौज : बेटी से किया दुष्कर्म, अब जेल में जिंदगी कटेगी, कलयुगी पिता को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कन्नौज, अमृत विचार।</strong> एक व्यक्ति ने चार साल पहले अपनी सगी और नाबालिग बेटी से दुष्कर्म जैसी घिनौनी हरकत की। मामले में बाबा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अलका यादव ने दोषसिद्ध अपराधी को आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवन) की सजा सुनाई है।</p>
<p>शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि गुरसहायगंज कोतवाली में एक व्यक्ति ने 7 जून 2022 को अपने ही पुत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उसका लड़का 10-11 साल पहले घर से नाराज होकर चला गया था। बाहर ही रहता था। करीब आठ दिन</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/566613/kannauj--father-rapes-daughter--will-now-spend-life-in-jail--the-depraved-father-sentenced-to-life-imprisonment"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/उम्रकैद3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कन्नौज, अमृत विचार।</strong> एक व्यक्ति ने चार साल पहले अपनी सगी और नाबालिग बेटी से दुष्कर्म जैसी घिनौनी हरकत की। मामले में बाबा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अलका यादव ने दोषसिद्ध अपराधी को आजीवन कारावास (शेष प्राकृत जीवन) की सजा सुनाई है।</p>
<p>शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि गुरसहायगंज कोतवाली में एक व्यक्ति ने 7 जून 2022 को अपने ही पुत्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि उसका लड़का 10-11 साल पहले घर से नाराज होकर चला गया था। बाहर ही रहता था। करीब आठ दिन पहले ही घर आया और रहने लगा। </p>
<p>बाबा ने कहा कि 6 जून 2022 को उसकी पुत्री और नातिन (11) घर पर थीं। वह बकरी चराने खेतों की ओर चला गया था। शाम 4 बजे के करीब उसका लड़का घर आया और नातिन (अपनी पुत्री) को पकड़ लिया। उसे कमरे ले जाकर हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद उसके साथ गलत कार्य किया। पुत्री (पीड़िता की बुआ) ने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी। </p>
<p>इस पर उसने शोर मचाया। जानकारी पर वह भी दौड़कर मौके पर पहुंचा तो नातिन की हालत काफी खराब थी। आरोपी फरार हो चुका था। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पीड़िता ने भी अपने बयान में इस घटना की पुष्टि की। बताया कि ‘पापा 12 साल से साधू बनकर कहीं रह रहे थे। </p>
<p>सात दिन पहले ही घर आए और मेरे साथ गलत काम किया। ’ मामले की विवेचना के बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया। प्रकरण की सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष न्यायाधीश ने दोषी पिता को शेष प्राकृत जीवन के लिए आजीवन कारावास तथा 13 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।</p>
<h5><strong>गैंगस्टर में दंपति समेत तीन को 7-7 साल की जेल</strong></h5>
<p>विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट हरेन्द्र नाथ ने गैंगस्टर के मामले में दंपति समेत तीन को सात सात साल की जेल तथा 10000-10000 रुपये रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता ब्रजेश शुक्ला ने बताया कि नरवेश सिंह भदौरिया उर्फ नन्हे  पुत्र स्व. विश्वनाथ ठाकुर, किरन सिंह भदौरिया पत्नी नरवेश  व अभिषेक उर्फ लल्लन पुत्र बच्चू सिंह निवासीगण झूसी नगर थाना गुरसहायगंज के खिलाफ संगठित गिरोह समाज में भय़ व आतंक का माहौल बनाना व आर्थिक तथा भौतिक लाभ अर्जित करने के सम्बन्ध में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मामले में सुनवाई पूरी होने पर सजा तथा जुर्माने से दंडित किया गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>कन्नौज</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 06 Jan 2026 21:19:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सात साल बिताए जेल में.... अब हाईकोर्ट ने अभियुक्त को किया दोषमुक्त, NDPS एक्ट के तहत हुई थी दस साल की सजा</title>
                                    <description><![CDATA[<p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने हेरोइन रखने के आरोप में दस साल की सजा पाए अभियुक्त को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। खास बात यह रही कि उक्त अभियुक्त गिरफ़्तारी और सत्र अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद से अब तक लगभग सात साल (छह साल 11 महीना और 24 दिन) जेल में काट चुका है। कोर्ट ने उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है।</span></p>
<p>यह निर्णय न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ ने विनय कुमार शर्मा की अपील पर पारित किया। अभियोजन का कहना था कि सेंट्रल नार्कोटिक्स ब्यूरो को सूचना</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564192/spent-seven-years-in-jail-----now-the-high-court-has-acquitted-the-accused--who-was-sentenced-to-ten-years-under-the-ndps-act"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/muskan-dixit-(2)14.png" alt=""></a><br /><p><span style="font-family:NewswrapWeb;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार। </strong>हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने हेरोइन रखने के आरोप में दस साल की सजा पाए अभियुक्त को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। खास बात यह रही कि उक्त अभियुक्त गिरफ़्तारी और सत्र अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद से अब तक लगभग सात साल (छह साल 11 महीना और 24 दिन) जेल में काट चुका है। कोर्ट ने उसे तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है।</span></p>
<p>यह निर्णय न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ ने विनय कुमार शर्मा की अपील पर पारित किया। अभियोजन का कहना था कि सेंट्रल नार्कोटिक्स ब्यूरो को सूचना मिली थी कि गणेशगंज के होटल मनीषा में अपीलार्थी बाराबंकी के एक व्यक्ति से हीरोईन खरीदने वाला है। उक्त सूचना के आधार पर 27 फरवरी 1995 को सेंट्रल नार्कोटिक्स ब्यूरो की टीम ने होटल में छापा मारकर अपीलार्थी व कथित तौर पर हीरोईन बेंचने आए। मो. इस्लाम उर्फ फारुक को गिरफ्तार कर, उनके कब्जे से क्रमशः 120 ग्राम और 80 ग्राम हीरोईन बरामद की। सत्र अदालत ने 28 मई 1998 को अपीलार्थी को दस साल कारावास की सजा सुनाई। अपीलार्थी की ओर से दलील दी गई कि छापे के समय टीम ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 का पालन न करते हुए, अपीलार्थी की तलाशी राजपत्रित अधिकारी के समक्ष नहीं ली। कहा गया कि उक्त टीम का एक अधिकारी स्वयं राजपत्रित अधिकारी था लेकिन प्रावधान के तहत अपीलार्थी की तलाशी टीम के बाहर के राजपत्रित अधिकारी के समक्ष होनी चाहिए थी। कोर्ट ने भी अपने निर्णय में कहा कि अपीलार्थी की तलाशी के दौरान धारा 50 के अनिवार्य शर्तों का पालन नहीं किया गया, लिहाजा बरामदगी संदिग्ध मानी जाएगी। कोर्ट ने जेल अधीक्षक, जिला कारागार, लखनऊ द्वारा भेजी रिपोर्ट के आधार पर कहा कि अपीलार्थी 72 साल का है और छह साल 11 महीना और 24 दिन जेल में बिता चुका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/564192/spent-seven-years-in-jail-----now-the-high-court-has-acquitted-the-accused--who-was-sentenced-to-ten-years-under-the-ndps-act</link>
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                <pubDate>Sat, 20 Dec 2025 08:45:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मैनपुरी : झूठी शान के लिए बेटी की हत्या करने वाले दंपति को उम्रकैद, तीन बेटे सबूतों के अभाव में बरी </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>मैनपुरी।</strong> मैनपुरी जिले की एक अदालत ने झूठी शान के नाम पर बेटी की हत्या करने के जुर्म में माता-पिता को दोषी ठहराते हुए उन्हें सश्रम उम्रकैद की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। शासकीय अधिवक्ता पुष्पेंद्र दुबे ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जहेंद्र पाल सिंह ने बृहस्पतिवार को अशोक यादव और रमा देवी को दोषी ठहराते हुए 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। </p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने दंपति के तीन बेटों अमित, अनुज और अवनीश को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दुबे ने बताया कि भोंगांव थाना क्षेत्र के मौजेपुर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563278/mainpuri--couple-sentenced-to-life-imprisonment-for-killing-daughter-for-pride--three-sons-acquitted-due-to-lack-of-evidence"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-03/आजीवन-कारावास-की-सजा.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मैनपुरी।</strong> मैनपुरी जिले की एक अदालत ने झूठी शान के नाम पर बेटी की हत्या करने के जुर्म में माता-पिता को दोषी ठहराते हुए उन्हें सश्रम उम्रकैद की सजा सुनाई। शासकीय अधिवक्ता ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। शासकीय अधिवक्ता पुष्पेंद्र दुबे ने बताया कि अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जहेंद्र पाल सिंह ने बृहस्पतिवार को अशोक यादव और रमा देवी को दोषी ठहराते हुए 60-60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। </p>
<p style="text-align:justify;">अदालत ने दंपति के तीन बेटों अमित, अनुज और अवनीश को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। दुबे ने बताया कि भोंगांव थाना क्षेत्र के मौजेपुर गांव निवासी अशोक यादव और उसकी पत्नी रमा देवी ने 19 जनवरी 2023 को अपने बेटों के साथ मिलकर बेटी ज्योति की गला दबाकर हत्या कर दी थी और शव को खेत में दफना दिया था। </p>
<p style="text-align:justify;">परिवार को संदेह था कि ज्योति पड़ोस के गांव के एक युवक से प्रेम करती थी और उससे शादी करना चाहती थी। गांव के चौकीदार मनोज कठेरिया ने भोंगांव थाने में पांचों आरोपियों के खिलाफ हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>मैनपुरी</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 12 Dec 2025 14:33:40 +0530</pubDate>
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