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                <title>money laundering case - Amrit Vichar</title>
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                <description>money laundering case RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ED Action : आरकॉम केस में बड़ी कार्रवाई, ईडी ने अनिल अंबानी का फ्लैट व फार्महाउस किया कुर्क</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उसने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के खिलाफ बैंक "धोखाधड़ी" से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत उद्योगपति अनिल अंबानी के मुंबई स्थित फ्लैट और उनके बेटे जय अंशुल अंबानी के संयुक्त स्वामित्व वाले खंडाला स्थित फार्महाउस को 3,034 करोड़ रुपये के कुर्की आदेश के तहत कुर्क कर लिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">ईडी ने एक बयान में कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी कुर्की इन संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने और बैंकों तथा जनता के हितों की रक्षा के लिए की गई है। आरकॉम रिलायंस अनिल अंबानी समूह</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/580245/ed-action--major-action-in-rcom-case--ed-attaches-anil-ambani-s-flat-and-farmhouse"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/cats281.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कहा कि उसने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के खिलाफ बैंक "धोखाधड़ी" से जुड़े धन शोधन मामले की जांच के तहत उद्योगपति अनिल अंबानी के मुंबई स्थित फ्लैट और उनके बेटे जय अंशुल अंबानी के संयुक्त स्वामित्व वाले खंडाला स्थित फार्महाउस को 3,034 करोड़ रुपये के कुर्की आदेश के तहत कुर्क कर लिया है। </p>
<p style="text-align:justify;">ईडी ने एक बयान में कहा कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अस्थायी कुर्की इन संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकने और बैंकों तथा जनता के हितों की रक्षा के लिए की गई है। आरकॉम रिलायंस अनिल अंबानी समूह (आरएएजी) की कंपनी है। आरएएजी के प्रवक्ता के मुताबिक, कुर्क की गई कुछ संपत्तियां अनिल अंबानी की मां कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी की हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">धन शोधन का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओआई) और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की शिकायतों के आधार पर आरकॉम, अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई विभिन्न प्राथमिकी से उपजा है। ईडी के अनुसार, आरकॉम और उसकी साथी कंपनियों ने घरेलू और विदेशी ऋणदाताओं से ऋण लिया था, जिसमें से कुल 40,185 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। </p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय एजेंसी ने बताया कि दक्षिण मुंबई के कुंबाला हिल में उषा किरण बिल्डिंग स्थित अनिल अंबानी का फ्लैट, पुणे के खंडाला में जय अंशुल अंबानी और लूना ट्रस्ट के नाम पर पंजीकृत फार्महाउस और अहमदाबाद के साणंद में मुद्रा फाउंडेशन फॉर कम्युनिकेशंस रिसर्च एंड एजुकेशन (एमआईसीए) के नाम पर पंजीकृत भूखंड कुर्क कर लिया गया है। एजेंसी ने कहा कि कुर्क की गई संपत्ति में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 7.71 करोड़ शेयर भी शामिल हैं, जो राइजई ट्रस्ट के अंतर्गत आने वाली अनिल अंबानी समूह की इकाई राइजई इंफिनिटी के पास हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी ने बताया कि राइजई ट्रस्ट अनिल अंबानी का निजी पारिवारिक ट्रस्ट है। उसने कहा कि राइजई ट्रस्ट की स्थापना का मकसद धन का संरक्षण और संसाधनों का सृजन "सुनिश्चित" करना था, जिसके तहत ट्रस्ट के भीतर संपत्तियों को एकत्रित किया गया और इन्हें आरकॉम को स्वीकृत ऋण के बदले ऋणदाता बैंकों को दी गई व्यक्तिगत गारंटी के रूप में अनिल अंबानी की व्यक्तिगत देनदारियों से सुरक्षित रखा गया।</p>
<p style="text-align:justify;"> ईडी ने कहा, "ये संपत्तियां अनिल अंबानी परिवार के लाभकारी इस्तेमाल और स्वामित्व के लिए थीं, न कि उन संकटग्रस्त सार्वजनिक बैंकों के लिए जिनके ऋण एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां) घोषित कर दिए गए थे।" जांच एजेंसी ने कहा कि वह इस मामले में कथित तौर पर धोखाधड़ी से अर्जित संपत्तियों को पीड़ितों यानी ऋणदाता बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों को लौटाने के लिए प्रतिबद्ध है। उसने कहा कि ऐसा प्रावधान पीएमएलए की धारा-8 के तहत उपलब्ध है और इसे संपत्ति की वापसी कहा जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के मुताबिक, ताजा कार्रवाई के बाद रिलायंस अनिल अंबानी समूह के खिलाफ दर्ज मामलों में कुर्क की गई संपत्तियों की कुल राशि 19,344 करोड़ रुपये हो गई है। आरएएजी के प्रवक्ता ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कुर्क की गई कुछ संपत्तियां अनिल अंबानी की मां कोकिलाबेन के नाम पर हैं। प्रवक्ता के अनुसार, उषा किरण बिल्डिंग और खंडाला स्थित संपत्तियां "पारिवारिक विरासत" थीं, जिन्हें लगभग चार दशक पहले खरीदा किया गया था। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, "एमआईसीए 1991 से स्वतंत्र रूप से संचालित किया जा रहा एक धर्मार्थ शैक्षणिक संस्थान है, जिसे एआईसीटीई (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) की मान्यता हासिल है। राइजई इंफिनिटी प्राइवेट लिमिटेड की शेयरधारिता 2021 से स्टॉक एक्सचेंज पर सार्वजनिक रूप से घोषित की गई है।" प्रवक्ता ने कहा कि प्रभावित पक्ष कानून में निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्णायक प्राधिकरण के समक्ष रिकॉर्ड पर जवाब देंगे।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 19:12:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ED ने पूर्व विधायक आरिफ अनवर और उनकी पत्नी के खिलाफ दाखिल किया आरोप पत्र, जानें पूरा मामला </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में उतरौला के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी और उनकी पत्नी रोज़ी सलमा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और धन शोधन मामले में आरोप पत्र दाखिल किया।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि उसने हाशमी और उनके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई विभिन्न प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की थी। </p>
<p style="text-align:justify;">जांच के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने श्री हाशमी और अन्य के खिलाफ</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573273/ed-files-chargesheet-against-former-mla-arif-anwar-and-his-wife--know-the-full-story"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-03/ईडी5.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में उतरौला के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी और उनकी पत्नी रोज़ी सलमा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और धन शोधन मामले में आरोप पत्र दाखिल किया।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी के लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि उसने हाशमी और उनके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई विभिन्न प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच शुरू की थी। </p>
<p style="text-align:justify;">जांच के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने श्री हाशमी और अन्य के खिलाफ कई आरोप पत्र दायर किए थे, जिसमें अवैध अतिक्रमण, जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश सहित अन्य अपराधों के आरोप लगाए गए थे। ईडी ने कहा कि हाशमी और उनकी पत्नी के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में बेहिसाब नकदी जमा पाई गई, जो उनकी आय के घोषित स्रोतों से बिल्कुल मेल नहीं खाती थी। </p>
<p style="text-align:justify;">जांच के दौरान वे कथित तौर पर इन नकदी जमाओं के स्रोत और अचल संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल किए गए धन के बारे में बताने में असमर्थ रहे। एजेंसी के अनुसार, अनुसूचित अपराधों के माध्यम से 8.24 करोड़ रुपये की अपराध की कमाई जुटाई गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी ने इस अपराध की कमाई से अर्जित 21 अचल संपत्तियां कुर्क की हैं, जिनमें कृषि भूमि, आवासीय भूखंड और फ्लैट शामिल हैं। ये संपत्तियां उत्तर प्रदेश के बलरामपुर, लखनऊ और गोंडा जिलों में स्थित हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बलरामपुर</category>
                                            <category>देवीपाटन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/573273/ed-files-chargesheet-against-former-mla-arif-anwar-and-his-wife--know-the-full-story</link>
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                <pubDate>Tue, 24 Feb 2026 20:35:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लोढ़ा डेवलपर्स के पूर्व निदेशक गिरफ्तार,  मनी लॉन्ड्रिंग में ED ने की कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लोढ़ा डेवलपर्स के पूर्व निदेशक राजेंद्र लोढ़ा को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने यह कार्रवाई 85 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले वर्ष सितंबर में लंबी जांच के बाद लोढ़ा ग्रुप के पूर्व निदेशक व कई अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रॉपर्टी से संबंधित जांच कर रही थी। इस दौरान राजेंद्र लोढ़ा समेत कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद ईडी ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी के मुताबिक राजेंद्र</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571027/former-director-of-lodha-developers-arrested--ed-takes-action-in-money-laundering-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(12)6.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार:</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने लोढ़ा डेवलपर्स के पूर्व निदेशक राजेंद्र लोढ़ा को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने यह कार्रवाई 85 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले वर्ष सितंबर में लंबी जांच के बाद लोढ़ा ग्रुप के पूर्व निदेशक व कई अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने प्रॉपर्टी से संबंधित जांच कर रही थी। इस दौरान राजेंद्र लोढ़ा समेत कई आरोपियों को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद ईडी ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी के मुताबिक राजेंद्र लोढ़ा पर कंपनी से जमीन अधिग्रहण के नाम पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी का आरोप है। पुलिस ने इस संबंध में करीब चार दर्जन से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किये। इनमें से सात ने मजिस्ट्रेट के सामने भी बयान दर्ज करा दिया है। गवाहों में राजेंद्र लोढ़ा का चालक भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनसे बताया था कि नकदी एक आरोपी को ले जाकर दी थी। इसके अलावा फोर्ट व बोरीवली में एक करोड़ रुपये जुटाकर राजेंद्र को दिये थे। जांच में सामने आया कि कंपनी ने जमीन को कम दाम पर राजेंद्र लोढ़ा के बेटे की कंपनी को ट्रांसफर किया था। राजेंद्र के लेन-देन का रिकार्ड कंप्यूटर व मोबाइल में मिले हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">जांच में यह भी सामने आया कि सीसीटीवी फुटेज में राजेंद्र के भाई दीपक लोढ़ा को संदिग्ध बैग घर से बाहर ले जाते देखा गया। बैग से नकद लेनदेन और कंपनी के दस्तावेज थे। ईडी के अधिकारी पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया है। उनको कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/571025/up-panchayat-elections--yogi-government-to-form-obc-commission--affidavit-filed-in-high-court"><span class="t-red">यूपी पंचायत चुनाव :</span> OBC आयोग का गठन करेगी योगी सरकार, हाईकोर्ट में दिया हलफनामा</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/571027/former-director-of-lodha-developers-arrested--ed-takes-action-in-money-laundering-case</link>
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                <pubDate>Fri, 13 Feb 2026 11:22:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ईडी ने अनिल अंबानी को धनशोधन मामले में पूछताछ के लिए बुलाया, 14 नवंबर को होना है पेश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक धोखाधड़ी व धन शोधन मामले में रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी को अगले सप्ताह एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इससे पहले एजेंसी ने 66 वर्षीय उद्योगपति से अगस्त में पूछताछ की थी।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि अनिल अंबानी को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में 14 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एजेंसी ने हाल ही में अंबानी की समूह कंपनियों के खिलाफ जांच के तहत 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558791/ed-summons-anil-ambani-for-questioning-in-money-laundering-case--to-appear-on-november-14"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/anil-ambani.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित बैंक धोखाधड़ी व धन शोधन मामले में रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी को अगले सप्ताह एक बार फिर पूछताछ के लिए बुलाया है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। इससे पहले एजेंसी ने 66 वर्षीय उद्योगपति से अगस्त में पूछताछ की थी।</p>
<p>सूत्रों ने बताया कि अनिल अंबानी को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में 14 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। एजेंसी ने हाल ही में अंबानी की समूह कंपनियों के खिलाफ जांच के तहत 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>कारोबार</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/558791/ed-summons-anil-ambani-for-questioning-in-money-laundering-case--to-appear-on-november-14</link>
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                <pubDate>Thu, 06 Nov 2025 13:43:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यूट्यूबर एल्विश यादव और सिंगर फाजिलपुरिया पर चला ED का चाबुक, मनी लॉन्ड्रिंग के तहत चार्जशीट दायर</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूट्यूबर सिद्धार्थ यादव उर्फ ​​एल्विश यादव, उसके दोस्त एवं गायक राहुल यादव उर्फ ​​फाजिलपुरिया के अलावा दो अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है और उन पर संरक्षित सांपों तथा छिपकलियों से जुड़े एक कथित वन्यजीव अपराध में धन शोधन का आरोप लगाया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अभियोजन पक्ष की शिकायत 13 अक्टूबर को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में दायर की गई थी। अदालत ने अभी तक आरोपपत्र पर संज्ञान नहीं लिया है। सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आरोपपत्र में एल्विश यादव (28),</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/556236/ed-cracks-down-on-youtuber-elvish-yadav-and-singer-fazilpuria--files-chargesheet-under-money-laundering-charges"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2024-09/एल्विश-यादव.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने यूट्यूबर सिद्धार्थ यादव उर्फ ​​एल्विश यादव, उसके दोस्त एवं गायक राहुल यादव उर्फ ​​फाजिलपुरिया के अलावा दो अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है और उन पर संरक्षित सांपों तथा छिपकलियों से जुड़े एक कथित वन्यजीव अपराध में धन शोधन का आरोप लगाया है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।</p>
<p>अभियोजन पक्ष की शिकायत 13 अक्टूबर को हरियाणा के गुरुग्राम स्थित विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में दायर की गई थी। अदालत ने अभी तक आरोपपत्र पर संज्ञान नहीं लिया है। सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि आरोपपत्र में एल्विश यादव (28), फाजिलपुरिया (35), स्काई डिजिटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी और उसके निदेशक गुरकरण सिंह धालीवाल को आरोपी बनाया गया है।</p>
<p>​​एल्विश यादव पर 2023 में अपलोड किए गए एक ‘‘अपमानजनक’’ वीडियो से 84,000 रुपये मूल्य की आपराधिक आय अर्जित करने, प्राप्त करने और रखने का आरोप लगाया गया है। इस वीडियो में जीवित सांप और एक इगुआना (छिपकली की एक संरक्षित प्रजाति) को दिखाया गया है।</p>
<p>फाजिलपुरिया पर भी इसी अपराध का आरोप लगाया गया है, क्योंकि जांच के दौरान पाया गया कि वह ‘32 बोर’ नामक एक संगीत वीडियो का निर्माता और मालिक है, जिसमें वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 51 का उल्लंघन करते हुए संरक्षित वन्यजीव प्रजातियों (सांप और इगुआना) का उपयोग किया गया था।</p>
<p>एजेंसी ने आरोप लगाया है कि एल्विश यादव और फाजिलपुरिया ने ‘‘फोलोअर की संख्या बढ़ाने और धन कमाने के उद्देश्य से वाणिज्यिक संगीत वीडियो और वीडियो ब्लॉग के निर्माण में सांपों की संरक्षित प्रजातियों, इगुआना जैसे विदेशी जानवरों का अवैध रूप से इस्तेमाल किया।’’ बयान में कहा गया है, ‘‘ये संगीत वीडियो स्काई डिजिटल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को दिए गए थे और फिर राजस्व उत्पन्न करने के लिए वीडियो को यूट्यूब पर अपलोड कर दिया गया।’’</p>
<p>एल्विश और फाजिलपुरिया दोनों से संघीय एजेंसी ने अपने लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ की थी। केंद्रीय एजेंसी ने मई में मामला दर्ज किया था और एल्विश तथा उससे जुड़े लोगों के खिलाफ उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) जिला पुलिस और गुरुग्राम पुलिस द्वारा दायर दो पुलिस प्राथमिकी और एक आरोपपत्र का संज्ञान लेते हुए पीएमएलए के तहत आरोप लगाए थे।</p>
<p>विवादास्पद यूट्यूबर एल्विश रियलिटी शो ‘बिग बॉस ओटीटी 2’ के विजेता भी हैं। एल्विश पर पुलिस ने स्वापक औषधि एवं मन:प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 16 Oct 2025 13:28:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Betting App case: पूर्व TMC सांसद मिमी चक्रवर्ती ईडी के समक्ष पेश, सट्टेबाजी एप मामले में हुई पूछताछ</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती सोमवार को कथित अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं। चक्रवर्ती (36) का बयान ‘वनएक्सबेट’ नामक एक ‘‘अवैध’’ सट्टेबाजी ऐप से संबंधित मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया जा रहा है। </p>
<p>बताया जाता है कि पूर्व सांसद और अभिनेत्री कुछ विज्ञापनों और वित्तीय लेन-देन के ज़रिए इस ऐप से जुड़ी हुई हैं। ईडी पूछताछ के दौरान इस ऐप से उनके संबंधों के बारे में जानना चाहती है। एजेंसी अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कई</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/553360/betting-app-case--former-tmc-mp-mimi-chakraborty-appeared-before-ed--questioned-in-betting-app-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-09/cats252.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती सोमवार को कथित अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं। चक्रवर्ती (36) का बयान ‘वनएक्सबेट’ नामक एक ‘‘अवैध’’ सट्टेबाजी ऐप से संबंधित मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया जा रहा है। </p>
<p>बताया जाता है कि पूर्व सांसद और अभिनेत्री कुछ विज्ञापनों और वित्तीय लेन-देन के ज़रिए इस ऐप से जुड़ी हुई हैं। ईडी पूछताछ के दौरान इस ऐप से उनके संबंधों के बारे में जानना चाहती है। एजेंसी अवैध सट्टेबाजी ऐप से जुड़े कई ऐसे मामलों की जांच कर रही है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने कई लोगों और निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी की है या भारी मात्रा में कर चोरी की है। </p>
<p>इस मामले में संघीय जांच एजेंसी पहले भी पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना और शिखर धवन से पूछताछ कर चुकी है। ईडी ने इस मामले में 31 वर्षीय अभिनेत्री उर्वशी रौतेला और बांग्ला अभिनेता अंकुश हाजरा को मंगलवार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। रौतेला ‘वनएक्सबेट’ की भारतीय एंबेसडर हैं। </p>
<p>कंपनी के अनुसार, ‘वनएक्सबेट’ एक विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त सट्टेबाजी ऐप है जिसे सट्टेबाजी कारोबार में 18 वर्षों का अनुभव है। ब्रांड के ग्राहक हजारों खेल आयोजनों पर दांव लगा सकते हैं। कंपनी की वेबसाइट और ऐप 70 भाषाओं में उपलब्ध हैं। एजेंसी द्वारा आने वाले दिनों में और भी खिलाड़ियों और मशहूर हस्तियों से पूछताछ किए जाने की उम्मीद है। </p>
<p>केंद्र सरकार ने हाल में एक कानून लाकर वास्तविक धन वाली ऑनलाइन गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है। बाजार विश्लेषण कंपनियों और जांच एजेंसियों के अनुमान के अनुसार, विभिन्न ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में लगभग 22 करोड़ भारतीय उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से आधे (लगभग 11 करोड़) नियमित उपयोगकर्ता हैं।</p>
<p>विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप बाज़ार का मूल्य 100 अरब अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा है और यह 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। सरकार ने हाल ही में संसद को बताया कि उसने 2022 से जून 2025 तक ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुआ प्लेटफ़ॉर्म को ब्लॉक करने के लिए 1,524 आदेश जारी किए हैं।  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/553325/pakistani-players-are-furious-after-the-crushing-defeat-from-india----this-former-captain-is-demanding-action-from-icc-for-not-shaking-hands"><span class="t-red">भारत से मिली करारी हार के बाद बौखलाए पाकिस्तानी खिलाड़ी... </span>ये पूर्व कप्तान हाथ न मिलाने पर कर रहे ICC से कार्रवाई की मांग</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/553360/betting-app-case--former-tmc-mp-mimi-chakraborty-appeared-before-ed--questioned-in-betting-app-case</link>
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                <pubDate>Mon, 15 Sep 2025 14:06:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ED Raid: ईडी ने पूर्व आयुक्त अनिल पवार के 12 परिसरों पर मारा छापा, धन शोधन मामले में की कार्रवाई</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुंबई।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वसई विरार शहर महानगरपालिका (वीवीसीएमसी) के अधिकार क्षेत्र में ‘‘बड़े पैमाने’’ पर अवैध निर्माण से जुड़ी धन शोधन की जांच के सिलसिले में उसके पूर्व आयुक्त अनिल पवार से जुड़े कई परिसरों पर मंगलवार को छापे मारे। </p>
<p>आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत विरार, मुंबई और नासिक में पवार, उनके परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और कथित बेनामीदारों (जिनके नाम पर बेनामी संपत्ति है) के 12 परिसरों की तलाशी ली गई। पवार का हाल ही में वीवीसीएमसी से तबादला हुआ है। </p>
<p>खबरों के अनुसार, पवार को सोमवार को</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/548011/ed-raid--ed-raids-12-premises-of-former-commissioner-anil-pawar--takes-action-in-money-laundering-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-03/ईडी5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुंबई।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने वसई विरार शहर महानगरपालिका (वीवीसीएमसी) के अधिकार क्षेत्र में ‘‘बड़े पैमाने’’ पर अवैध निर्माण से जुड़ी धन शोधन की जांच के सिलसिले में उसके पूर्व आयुक्त अनिल पवार से जुड़े कई परिसरों पर मंगलवार को छापे मारे। </p>
<p>आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत विरार, मुंबई और नासिक में पवार, उनके परिवार के सदस्यों, सहयोगियों और कथित बेनामीदारों (जिनके नाम पर बेनामी संपत्ति है) के 12 परिसरों की तलाशी ली गई। पवार का हाल ही में वीवीसीएमसी से तबादला हुआ है। </p>
<p>खबरों के अनुसार, पवार को सोमवार को आधिकारिक तौर पर विदायी दी गयी। धन शोधन का यह मामला मीरा भायंदर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा कुछ बिल्डर, स्थानीय गुंडों और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई एक प्राथमिकी से उपजा है। </p>
<p>ईडी द्वारा पहले जारी किए गए एक बयान के अनुसार, यह मामला 2009 से वीवीएमसी के अधिकार क्षेत्र में सरकारी और निजी भूमि पर आवासीय-सह-व्यावसायिक भवनों के ‘‘अवैध’’ निर्माण से संबंधित है। <br />ईडी ने कहा था कि वसई विरार शहर की स्वीकृत विकास योजना के अनुसार, ‘सीवेज शोधन संयंत्र’ और कूड़ाघर के लिए आरक्षित भूमि पर समय-समय पर 41 अवैध इमारतों का निर्माण किया गया। ईडी ने कहा, ‘‘आरोपी बिल्डर और डेवलपर्स ने ऐसी जमीन पर अवैध इमारतें बनाकर आम जनता को धोखा दिया और बाद में जाली अनुमोदन दस्तावेज बनाकर उसे आम जनता को बेच दिया।’’ </p>
<p>जांच एजेंसी ने आरोप लगाया, ‘‘यह जानते हुए भी कि ये इमारतें अनधिकृत हैं और अंततः इन्हें ध्वस्त कर दिया जाएगा, डेवलपर्स ने इन इमारतों में कमरे बेचकर लोगों को गुमराह किया और इस तरह गंभीर धोखाधड़ी की।’’ <br />बंबई उच्च न्यायालय ने जुलाई 2024 में एक आदेश जारी कर सभी 41 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश दिया। इन आवासीय इकाइयों के निवासियों ने बाद में उच्चतम न्यायालय में एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया और वीवीएमसी ने 20 फरवरी को इन संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया। </p>
<p>ईडी ने कहा कि जांच में पाया गया कि ‘‘वास्तुकार, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, संपर्क अधिकारी और वीवीसीएमसी के अधिकारियों/कर्मचारियों का एक बड़ा गिरोह आपस में मिलीभगत करके काम कर रहा है।’’ </p>
<p>ईडी ने कहा, ‘‘यह गिरोह वीवीसीएमसी के अधिकार क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदार है।’’ ईडी ने कहा कि तलाशी के दौरान ‘‘अपराधजन्य’’ डिजीटल उपकरण बरामद हुए, जिनसे इस अवैध निर्माण घोटाले में वीवीसीएमसी के अधिकारियों की ‘‘संलिप्तता’’ का पता चलता है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 29 Jul 2025 13:46:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>धनशोधन केस में बिलकिस शाह की याचिका पर हाईकोर्ट सख्त, ईडी से मांगा जवाब</title>
                                    <description><![CDATA[शब्बीर शाह की पत्नी ने 2007 के मामले को रद्द करने की लगाई थी गुहार, अगली सुनवाई 26 सितंबर को]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/547952/on-the-petition-of-bilkis-shah-in-the-money-laundering"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/दिल्ली-हाईकोर्ट.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली, एजेंसी :  </strong>दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को कश्मीरी अलगाववादी नेता शब्बीर शाह की पत्नी बिलकिस शाह की याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से जवाब मांगा। इस याचिका में कथित आतंकवाद वित्तपोषण से संबंधित 2007 के धनशोधन मामले को रद्द करने का अनुरोध किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने ईडी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए 26 सितंबर की तिथि नियत की है। बिलकिस पर सह-आरोपी मोहम्मद असलम वानी से 2.08 करोड़ रुपये प्राप्त करने का आरोप है। बिलकिस की ओर से पेश हुए वकील एम एस खान ने कहा कि जिस अपराध से संबंधित मामले के आधार पर ईडी ने वर्तमान प्राथमिकी दर्ज की थी, वह वानी के खिलाफ था, जिसे नवंबर 2010 में एक अधीनस्थ अदालत ने हथियार रखने के अलावा सभी अपराधों से बरी कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2017 में अधीनस्थ अदालत के 2010 के आदेश को बरकरार रखा। खान ने दलील दी, ‘‘परिणामस्वरूप, अभियोजन पक्ष ने अनुसूचित अपराध से संबंधित आपराधिक गतिविधियों से कमाई के जो आरोप लगाये हैं, वे निराधार हैं। यह पूरी तरह से कानूनी सिद्धांत के अनुरूप है कि यदि अंतर्निहित अनुसूचित अपराध नहीं टिकता है, तो धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत संबंधित कार्यवाही भी विफल हो जाती है।’’ उच्च न्यायालय ने वानी की इसी तरह की याचिका पर 23 जुलाई को ईडी को नोटिस जारी किया था। उच्च न्यायालय ने सोमवार को कहा, ‘‘इसी तरह का आदेश जारी करें।’</p>
<p style="text-align:justify;">’ वानी और शब्बीर शाह के खिलाफ जनवरी 2017 में आरोप तय किए गए थे और बाद में 2021 में मामले में एक पूरक आरोपपत्र द्वारा बिलकिस को आरोपी बनाया गया था। खान ने कहा कि लगभग सात साल बीत जाने के बावजूद, 33 गवाहों में से केवल चार से ही पूछताछ की गई। दोनों (वानी एवं शब्बीर शाह) के खिलाफ ईडी की कार्रवाई अगस्त 2005 के एक मामले से संबंधित थी। अगस्त 2005 में दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने वानी नामक एक डीलर को गिरफ्तार किया था, जिसने दावा किया था कि उसने शब्बीर शाह को 2.25 करोड़ रुपये दिए थे। दिल्ली की एक अदालत ने 2010 में वानी को आतंकवाद के वित्तपोषण के आरोपों से मुक्त कर दिया, लेकिन उसे शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी ने शब्बीर शाह और वानी के खिलाफ पीएमएलए के तहत एक आपराधिक मामला दर्ज किया। वानी को कथित तौर पर पश्चिम एशिया से हवाला के जरिए प्राप्त 63 लाख रुपये और गोला-बारूद के एक बड़े जखीरे के साथ 26 अगस्त 2005 को गिरफ्तार किया गया था। उसने कथित तौर पर पुलिस को बताया था कि 50 लाख रुपये शाह को और 10 लाख रुपये श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के एरिया कमांडर अबू बकर को दिए जाने थे एवं बाकी रकम उसका कमीशन थी। श्रीनगर के रहने वाले वानी ने शब्बीर शाह और उसके परिजनों को कई किश्तों में लगभग 2.25 करोड़ रुपये देने का भी दावा किया है।</p>
<p style="text-align:justify;"><em><strong>यह भी पढ़ें:-<span style="color:rgb(186,55,42);"> <a style="color:rgb(186,55,42);" href="https://www.amritvichar.com/article/547951/high-court-misuse-of-court-for-strict-private-enmity-fine">हाईकोर्ट सख्त: निजी दुश्मनी के लिए न्यायालय का दुरुपयोग, याचिकाकर्ता पर 15 हजार रुपये का जुर्माना</a> </span></strong></em></p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/547952/on-the-petition-of-bilkis-shah-in-the-money-laundering</link>
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                <pubDate>Mon, 28 Jul 2025 22:28:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Online Betting: विजय देवरकोंडा से लेकर राणा दग्गुबती तक, ऑनलाइन सट्टेबाजी कांड में फंसी 24 से अधिक मशहूर हस्तियां, ED ने दर्ज किया केस </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>हैदराबाद।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुछ ऑनलाइन सट्टेबाजी मंचों के खिलाफ धनशोधन जांच के तहत तेलंगाना में कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर के अलावा विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबती एवं प्रकाश राज जैसे अभिनेताओं सहित 24 से अधिक मशहूर हस्तियों की भूमिका की जांच के लिए धनशोधन का मामला दर्ज किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। </p>
<p>सूत्रों ने बताया कि इन माध्यमों से कथित तौर पर अवैध सट्टेबाजी और जुए के जरिए करोड़ों रुपये की ‘‘अवैध’’ धनराशि अर्जित करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि संघीय जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/545579/online-betting--from-vijay-deverakonda-to-prakash-raj--more-than-24-celebrities-trapped-in-online-betting-scandal--ed-registers-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/cats185.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>हैदराबाद।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुछ ऑनलाइन सट्टेबाजी मंचों के खिलाफ धनशोधन जांच के तहत तेलंगाना में कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर के अलावा विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबती एवं प्रकाश राज जैसे अभिनेताओं सहित 24 से अधिक मशहूर हस्तियों की भूमिका की जांच के लिए धनशोधन का मामला दर्ज किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। </p>
<p>सूत्रों ने बताया कि इन माध्यमों से कथित तौर पर अवैध सट्टेबाजी और जुए के जरिए करोड़ों रुपये की ‘‘अवैध’’ धनराशि अर्जित करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि संघीय जांच एजेंसी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज करने के लिए पांच राज्यों की पुलिस की प्राथमिकियों का संज्ञान लिया है। </p>
<p>ईडी मामले में देवरकोंडा, दग्गुबती, मंचू लक्ष्मी, राज, निधि अग्रवाल, प्रणिता सुभाष, अनन्या नागल्ला, टीवी होस्ट श्रीमुखी के अलावा स्थानीय सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर सहित लगभग 29 हस्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। सूत्रों ने बताया कि इन हस्तियों पर सेलिब्रिटी या एंडोर्समेंट शुल्क के बदले जंगली रमी, जीतविन, लोटस365 आदि जैसे ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का ‘‘प्रचार’’ करने का संदेह है। </p>
<p>सूत्रों ने बताया कि इनमें से कुछ ‘‘मशहूर’’ हस्तियों ने पहले कहा था कि वे जिन ऐप और उत्पादों का प्रचार करते हैं उनकी सही कार्यप्रणाली के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी और उन्होंने दावा किया था कि वे सट्टेबाजी जैसी किसी भी गलत या अवैध गतिविधि के लिए इन मंचों से नहीं जुड़े थे। ईडी आने वाले दिनों में आरोपी अभिनेताओं, इन्फ्लुएंसर और यूट्यूबर के बयान दर्ज कर सकता है। </p>
<p>साथ ही वह और भी प्राथमिकी एकत्र कर रहा है तथा ऐसे और शिकायतकर्ताओं की तलाश कर रहा है जिन्हें इन सट्टेबाजी मंचों के माध्यम से ठगा गया था। इन ऐप से होने वाली ‘‘आपराधिक आय’’ की अनुमानित राशि और इन मशहूर हस्तियों की वास्तविक भूमिका का पता लगाने के लिए व्यापक जांच की जा रही है। सूत्रों ने बताया कि उनके बयान दर्ज होने के बाद ही उनके अपराध का फैसला किया जाएगा। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/545535/keshav-maurya-s-scathing-attack-on-the-opposition--said--congress--sp-and-bsp-will-be-wiped-out-by-2047">केशव मौर्य का विपक्ष पर तीखा हमला, कहा- कांग्रेस, सपा और बसपा का 2047 तक हो जाएगा सफाया</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/545579/online-betting--from-vijay-deverakonda-to-prakash-raj--more-than-24-celebrities-trapped-in-online-betting-scandal--ed-registers-case</link>
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                <pubDate>Thu, 10 Jul 2025 13:09:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> दिल्ली उच्च न्यायालय से जैकलीन फर्नांडीज को झटका, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नहीं मिली राहत</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज की उस याचिका को खारिज कर दिया। जिसमें उन्होंने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के धनशोधन मामले में अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया था। न्यायमूर्ति अनीश दयाल ने याचिका खारिज कर दी। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दूसरे पूरक आरोपपत्र और दिल्ली की एक निचली अदालत में लंबित कार्यवाही को भी रद्द करने का निवेदन किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि एक विशेष अदालत ने अभियोजन पक्ष की शिकायत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/544648/jacqueline-fernandez-did-not-get-relief-from-delhi-high-court"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/जैकलीन.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नयी दिल्ली।</strong> दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज की उस याचिका को खारिज कर दिया। जिसमें उन्होंने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के धनशोधन मामले में अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का अनुरोध किया था। न्यायमूर्ति अनीश दयाल ने याचिका खारिज कर दी। इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दूसरे पूरक आरोपपत्र और दिल्ली की एक निचली अदालत में लंबित कार्यवाही को भी रद्द करने का निवेदन किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि एक विशेष अदालत ने अभियोजन पक्ष की शिकायत (आरोपपत्र) का संज्ञान लिया है और प्रथम दृष्टया मामला पाया है। वकील ने कहा कि संज्ञान आदेश को चुनौती नहीं दी गई है। फर्नांडीज चंद्रशेखर के खिलाफ दर्ज धनशोधन मामले में आरोपी हैं और जांच के सिलसिले में पूछताछ के लिए ईडी के समक्ष पेश हुई थीं। दिल्ली पुलिस ने चंद्रशेखर पर रैनबैक्सी के पूर्व प्रवर्तकों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया था। </p>
<p style="text-align:justify;">देशभर में चंद्रशेखर के खिलाफ कई मामलों में जांच की जा रही है। ईडी के धनशोधन मामले में कार्यवाही का सामना कर रहे चंद्रशेखर और उसकी पत्नी लीना पॉलोज को अन्य लोगों के साथ दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगाया है। पॉलोज और चंद्रशेखर पर आरोप है कि उन्होंने हवाला के रास्ते का इस्तेमाल किया तथा अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी कंपनियां बनाकर अपराध से अर्जित धन को ठिकाने लगाया। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>यह भी पढ़ें:- <a href="https://www.amritvichar.com/article/544636/lucknow-brother-take-me-from-here-or-else-these-people">लखनऊ : भईया मुझे यहां से ले जाओ नहीं, तो ये लोग मेरी हत्या कर देंगे...</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 03 Jul 2025 18:15:03 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ED ने ‘फिटजी’ के खिलाफ धनशोधन मामले में दिल्ली-एनसीआर में की छापेमारी </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोचिंग संस्थान ‘फिटजी’ के खिलाफ धन शोधन की जांच के तहत बृहस्पतिवार को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कई परिसरों पर छापे मारे। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रदान करने वाले ‘फिटजी’ ने हाल में अपने केंद्र अचानक बंद कर दिए थे, जिससे कई छात्र परेशानी में पड़ गए थे। </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि कोचिंग संस्थान के प्रवर्तकों के परिसरों सहित दिल्ली, नोएडा एवं गुरुग्राम में कई परिसरों पर छापेमारी की जा रही है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534970/ed-conducts-raids-in-delhi-ncr-in-money-laundering-case-against--fiitjee"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-03/ईडी5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोचिंग संस्थान ‘फिटजी’ के खिलाफ धन शोधन की जांच के तहत बृहस्पतिवार को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कई परिसरों पर छापे मारे। इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग प्रदान करने वाले ‘फिटजी’ ने हाल में अपने केंद्र अचानक बंद कर दिए थे, जिससे कई छात्र परेशानी में पड़ गए थे। </p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि कोचिंग संस्थान के प्रवर्तकों के परिसरों सहित दिल्ली, नोएडा एवं गुरुग्राम में कई परिसरों पर छापेमारी की जा रही है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला नोएडा एवं दिल्ली पुलिस द्वारा कुछ अभिभावकों की शिकायतों पर दर्ज की गई प्राथमिकियों से जुड़ा है। </p>
<p>अभिभावकों ने जनवरी में कहा था कि ‘फिटजी’ के केंद्र अचानक बंद कर दिए गए जिससे उनके बच्चे मुश्किल में पड़ गए। अधिकारियों के अनुसार, अभिभावकों ने कहा कि उन्होंने लाखों रुपये शुल्क के रूप में जमा किए थे लेकिन उन्हें न तो कोई सेवा मिली और न ही उनके पैसे वापस किए गए।  </p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/534959/pahalgam-attack--shubham-was-the-only-light-of-the-house--the-body-reached-kanpur--the-last-rites-will-be-done-today--cm-yogi-will-pay-tribute#gsc.tab=0">Pahalgam Attack: घर का इकलौता चिराग था शुभम, कानपुर पहुंचा शव, आज होगा अंतिम संस्कार, सीएम योगी देंगे श्रद्धांजलि</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गौतम बुद्ध नगर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/534970/ed-conducts-raids-in-delhi-ncr-in-money-laundering-case-against--fiitjee</link>
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                <pubDate>Thu, 24 Apr 2025 09:50:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नोएडा: धनशोधन के मामले में ईडी ने रियल एस्टेट कंपनी कंपनी के प्रवर्तक को किया गिरफ्तार </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>घर खरीदारों का करीब 107 करोड़ रुपये गबन करने से जुड़े धनशोधन के मामले में नोएडा से संचालित एक रियल एस्टेट कंपनी के मुख्य प्रवर्तक (प्रमोटर) को धन शोधन निरोधक कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।  संघीय जांच एजेंसी ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि उन्नति समूह के अनिल मिठास को 16 अप्रैल को हिरासत में लिया गया था। </p>
<p>उसने बताया कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने उन्हें 24 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में भेज दिया।</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/534149/noida--ed-arrests-promoter-of-real-estate-company-in-money-laundering-case"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-04/कानपुर-में-आरोपियों-को-गिरफ्तार-कर-भेजा-जेल.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>घर खरीदारों का करीब 107 करोड़ रुपये गबन करने से जुड़े धनशोधन के मामले में नोएडा से संचालित एक रियल एस्टेट कंपनी के मुख्य प्रवर्तक (प्रमोटर) को धन शोधन निरोधक कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।  संघीय जांच एजेंसी ने यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि उन्नति समूह के अनिल मिठास को 16 अप्रैल को हिरासत में लिया गया था। </p>
<p>उसने बताया कि उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने उन्हें 24 अप्रैल तक ईडी की हिरासत में भेज दिया। धन शोधन का यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की ओर से उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग्स लिमिटेड (यूएफएचएल) और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ 107 करोड़ रुपये की ‘धोखाधड़ी और जालसाजी’ के आरोप में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। </p>
<p>ईडी ने बताया कि उसकी जांच में खुलासा हुआ कि उत्तर प्रदेश के नोएडा के सेक्टर 119 में स्थित अरण्य नामक आवासीय परियोजना के लिए उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग्स लिमिटेड और आईवीआरसीएल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा घर खरीदारों से 2012 और 2019 के बीच 522.9 करोड़ रुपये की राशि एकत्र की गई थी। </p>
<p>बयान के मुताबिक निर्माण के लिए सम्पूर्ण धनराशि का उपयोग करने के बजाय, प्रवर्तकों ने उक्त उद्देश्य के लिए ‘कुछ भाग’ का उपयोग किया तथा शेष धनराशि को ‘‘फर्जी ऋण और अग्रिम राशि, शेयर प्रीमियम, सामग्री के लिए अग्रिम भुगतान, जमा आदि’’ के माध्यम से विभिन्न कंपनियों को स्थानांतरित कर दिया। </p>
<p>ईडी ने बताया कि नोएडा की परियोजना धन की कमी के कारण अटक गई। एजेंसी ने कहा कि उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपीआरईआरए) के निर्देश पर तैयार की गई कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट में 107 करोड़ रुपये के गबन का पता चला है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>गौतम बुद्ध नगर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/534149/noida--ed-arrests-promoter-of-real-estate-company-in-money-laundering-case</link>
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                <pubDate>Fri, 18 Apr 2025 19:51:42 +0530</pubDate>
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