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                <title>Foreign Minister - Amrit Vichar</title>
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                <description>Foreign Minister RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज सिर्फ अमेरिका और इजरायल के जहाजों के लिए बंद, बाकी दुनिया...</title>
                                    <description><![CDATA[<p>मध्य पूर्व में तेज होते संघर्ष के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि यह केवल "दुश्मन देशों" के जहाजों और टैंकरों के लिए प्रतिबंधित है। उन्होंने स्पष्ट रूप से अमेरिका और इजरायल को निशाना बनाते हुए कहा कि इन देशों के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।</p>
<p>अराघची ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में खुला हुआ है। यह सिर्फ हमारे दुश्मनों, हमारे और हमारे सहयोगियों पर हमला करने वालों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575015/iran-s-foreign-minister-abbas-araghchi-s-big-statement--strait-of-hormuz-closed-only-for-us-and-israeli-ships--rest-of-the-world-"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/muskan-dixit-(1)4.png" alt=""></a><br /><p>मध्य पूर्व में तेज होते संघर्ष के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर स्पष्ट रुख अपनाया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है, बल्कि यह केवल "दुश्मन देशों" के जहाजों और टैंकरों के लिए प्रतिबंधित है। उन्होंने स्पष्ट रूप से अमेरिका और इजरायल को निशाना बनाते हुए कहा कि इन देशों के जहाजों को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।</p>
<p>अराघची ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य वास्तव में खुला हुआ है। यह सिर्फ हमारे दुश्मनों, हमारे और हमारे सहयोगियों पर हमला करने वालों के टैंकरों और जहाजों के लिए बंद है। बाकी सभी देशों के लिए कोई पाबंदी नहीं है।"</p>
<p>यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर लगातार हमले हो रहे हैं, और ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। मंत्री ने जोर देकर कहा कि कई टैंकर अभी भी इस मार्ग से गुजर रहे हैं, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के कारण कुछ जहाज खुद ही इससे बच रहे हैं—यह ईरान की वजह से नहीं है।</p>
<p>रूस-चीन के साथ मजबूत रिश्ते</p>
<p>इंटरव्यू में अराघची ने रूस और चीन को ईरान के रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साथ सैन्य और खुफिया सहयोग पहले से चल रहा है और यह जारी रहेगा।</p>
<p>यह बयान वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अहम है, क्योंकि होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। ईरान का यह रुख साफ करता है कि वह पूरे विश्व व्यापार को बाधित नहीं करना चाहता, बल्कि सिर्फ अपने विरोधियों पर दबाव बनाना चाहता है।</p>
<p>क्या यह बयान तनाव को और बढ़ाएगा या स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश है? मध्य पूर्व की यह आग अब वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 15 Mar 2026 08:31:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>श्रीलंकाई नौसेना ने 12 तमिल मछुआरों को  किया गिरफ्तार, विदेश मंत्री को पत्र लिखकर स्टालिन ने की रिहाई की मांग</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>चेन्नई।</strong> श्रीलंका नौसेना ने उनके क्षेत्रीय जलों में कथित तौर पर मछली पकड़ने के आरोप में तमिलनाडु के 12 मछुआरों को मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राजनयिक चैनलों के माध्यम से उनकी शीघ्र रिहाई के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।</p>
<p>रामनाथपुरम जिले के द्वीपीय शहर रामेश्वरम के इन मछुआरों को श्रीलंका नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया। नौसेना ने उनकी मशीनीकृत नाव को भी जब्त कर लिया और मछुआरों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/564705/the-sri-lankan-navy-arrested-12-tamil-fishermen--tamil-nadu-chief-minister-m-k--stalin-wrote-a-letter-to-the-external-affairs-minister-demanding-their-release"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2023-02/स्टालिन.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>चेन्नई।</strong> श्रीलंका नौसेना ने उनके क्षेत्रीय जलों में कथित तौर पर मछली पकड़ने के आरोप में तमिलनाडु के 12 मछुआरों को मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए राजनयिक चैनलों के माध्यम से उनकी शीघ्र रिहाई के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया है।</p>
<p>रामनाथपुरम जिले के द्वीपीय शहर रामेश्वरम के इन मछुआरों को श्रीलंका नौसेना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया। नौसेना ने उनकी मशीनीकृत नाव को भी जब्त कर लिया और मछुआरों को आगे की कार्रवाई के लिए श्रीलंका ले गई। मछुआरों की लगातार गिरफ्तारियां मछुआरा समुदाय में निराशा पैदा कर रही हैं, जो केंद्र और राज्य सरकारों से इस जटिल मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की बार-बार अपील कर रहे हैं।</p>
<p>इस बीच, स्टालिन ने डॉ. जयशंकर से दोनों देशों के बीच संयुक्त कार्य समूह (जेडब्ल्यूजी) की मछुआरा-स्तरीय वार्ता जल्द आयोजित करने और हिरासत में लिए गए सभी मछुआरों तथा उनकी नावों की शीघ्र रिहाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया ताकि इस लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे का स्थायी समाधान निकाला जा सके। </p>
<p>स्टालिन के विदेश मंत्री को लिखे अर्ध-आधिकारिक पत्र की प्रतियां यहां मीडिया को जारी की जिसमें रामेश्वरम की एक मशीनीकृत नाव और 12 मछुआरों की गिरफ्तारी की ओर उनका ध्यान आकर्षित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये मछुआरे कल रात रामनाथपुरम जिले के रामेश्वरम मछली लैंडिंग सेंटर से एक अपंजीकृत मशीनीकृत नाव से मछली पकड़ने गये थे।</p>
<p>मुख्यमंत्री ने कहा, "श्रीलंकाई नौसेना द्वारा हमारे मछुआरों की निरंतर गिरफ्तारी और उनकी नावों की जब्ती से उनकी आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है तथा तमिलनाडु के तटीय मछुआरा समुदायों में भारी कष्ट और संकट पैदा हुआ है।"</p>
<p>उन्होंने पत्र में लिखा " मैं केंद्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि इस मामले को तत्काल राजनयिक चैनलों के माध्यम से उठाया जाए और इस लंबे समय से चले आ रहे मछुआरा मुद्दे का स्थायी एवं पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान निकालने के लिए जेडब्ल्यूजी/मछुआरा-स्तरीय वार्ता जल्द से जल्द आयोजित की जाए।"</p>
<p>स्टालिन ने कहा कि वर्तमान में तमिलनाडु की कुल 248 मछली पकड़ने की नावें और 62 मछुआरे (जिनमें 2024 में गिरफ्तार किए गए 18 मछुआरे शामिल हैं) श्रीलंकाई हिरासत में हैं। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/564705/the-sri-lankan-navy-arrested-12-tamil-fishermen--tamil-nadu-chief-minister-m-k--stalin-wrote-a-letter-to-the-external-affairs-minister-demanding-their-release</link>
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                <pubDate>Tue, 23 Dec 2025 16:08:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>संपादकीय: सामयिक चेतावनी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा जैविक खतरों से निपटने के लिए आधुनिक, मजबूत और समावेशी वैश्विक फ्रेमवर्क तैयार करने की अपील एक उभरते वैश्विक संकट की सामयिक चेतावनी है। कोविड-19 महामारी ने दुनिया को यह सिखा दिया कि बीमारियां अब भूगोल नहीं पहचानतीं और संक्रमण की रफ्तार और प्रभाव किसी मिसाइल से कम विनाशकारी नहीं होती। कोई भी दुश्मन देश इस तरह के रोगजनक वायरस, बैक्टीरिया से हमला कर कभी भी तबाही मचा सकता है। </p>
<p>ऐसे में जैव-सुरक्षा को लेकर वैश्विक तैयारी, सहयोग और नियंत्रण तंत्र को मजबूत करना समय की अनिवार्यता है। जयशंकर का कहना कि जब तक जैव-सुरक्षा</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/562175/editorial--timely-warning"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/sampadkiy2.jpg" alt=""></a><br /><p>विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा जैविक खतरों से निपटने के लिए आधुनिक, मजबूत और समावेशी वैश्विक फ्रेमवर्क तैयार करने की अपील एक उभरते वैश्विक संकट की सामयिक चेतावनी है। कोविड-19 महामारी ने दुनिया को यह सिखा दिया कि बीमारियां अब भूगोल नहीं पहचानतीं और संक्रमण की रफ्तार और प्रभाव किसी मिसाइल से कम विनाशकारी नहीं होती। कोई भी दुश्मन देश इस तरह के रोगजनक वायरस, बैक्टीरिया से हमला कर कभी भी तबाही मचा सकता है। </p>
<p>ऐसे में जैव-सुरक्षा को लेकर वैश्विक तैयारी, सहयोग और नियंत्रण तंत्र को मजबूत करना समय की अनिवार्यता है। जयशंकर का कहना कि जब तक जैव-सुरक्षा असमान रहेगी, वैश्विक सुरक्षा भी असमान और कमजोर रहेगी, इस वास्तविकता की ओर संकेत करता है कि यदि किसी क्षेत्र में महामारी का विस्फोट होता है और वहां की स्वास्थ्य प्रणाली नाकाम रहती है, तो उसका प्रभाव वैश्विक स्तर पर फैल सकता है। </p>
<p>समृद्ध देशों की उन्नत चिकित्सा प्रणाली भी तब तक सुरक्षित नहीं रह सकती जब तक बाकी दुनिया सुरक्षित न हो। यही कारण है कि ग्लोबल साउथ की कमजोर स्वास्थ्य सेवाएं और वैक्सीन तक असमान पहुंच आज विश्व-व्यापी जोखिम है। अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और दक्षिण एशिया के कई देशों में निगरानी, जांच प्रणाली ध्वस्त है। सक्षम लैब, आइसोलेशन और उपचार की क्षमता कम है  और दवाओं-वैक्सीन की आपूर्ति राजनीतिक-आर्थिक कारणों से बाधित रहती है। इन स्थितियों में किसी जैविक हथियार का हमला किसी एक देश की सीमाओं से परे जाकर पूरी मानवता को जोखिम में डाल सकता है। </p>
<p>अनेक देशों में आपातकालीन प्रतिक्रिया धीमी है, प्रशिक्षण अपर्याप्त है और अनुसंधान तथा जैव-प्रौद्योगिकी में निवेश बेहद कम। साफ है कि स्वास्थ्य ढांचा जितना कमजोर होगा, जैविक हमलों या आकस्मिक जैव-दुर्घटनाओं का खतरा उतना अधिक होगा। पहले तो जैविक बीमारियों का हथियारों के रूप में इस्तेमाल रोकने के लिए वैश्विक स्तर पर पारदर्शिता, निगरानी और बायो-सेफ्टी प्रोटोकॉल को बाध्यकारी बनाया जाना चाहिए। कम लागत में अत्यधिक विनाशकारी परिणाम पैदा करने वाले जैविक हथियार भारत और दुनिया के लिए बड़ा खतरा इसलिए भी हैं, क्योंकि देश के पड़ोस में कुछ देशों पर जैविक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने या गुप्त अनुसंधान से जुड़े आरोप समय-समय पर लगते रहे हैं। यह स्थिति भारत के लिए सावधानी बरतने, निगरानी बढ़ाने और वैज्ञानिक क्षमता सुदृढ़ करने की मांग करती है। </p>
<p>भारत के पास अनेक स्तरों पर मजबूत जैव-रक्षा क्षमता मौजूद है। परंतु यह भी सच है कि भविष्य की जैव-सुरक्षा चुनौतियां कहीं अधिक जटिल होंगी, जिनसे निपटने के लिए निरंतर निवेश, तकनीकी आधुनिकीकरण और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी अनिवार्य है। विश्व और भारत दोनों को अब जैव-सुरक्षा निगरानी तंत्र मजबूत करना, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों में बायो-एथिक्स लागू करना और महामारी-पूर्व तैयारी को सैन्य-स्तर की प्राथमिकता देना आवश्यक है। दुनिया को इस चेतावनी को गंभीरता से लेना होगा, ताकि जैविक हथियारों और महामारीजनित खतरों से सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>सम्पादकीय</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 03 Dec 2025 16:30:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अफगानिस्तान के विदेश मंत्री के भारत समर्थक बयान से पाकिस्तान तिलमिलाया, अफगान राजदूत को बुलाकर जताई नाराजगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p>शनिवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के राजदूत को बुलाकर नई दिल्ली में जारी भारत-अफगानिस्तान संयुक्त बयान पर कड़ा विरोध दर्ज किया। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी गुरुवार को भारत की छह दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे।</p>
<h4><strong>पाकिस्तान ने क्या कहा?</strong></h4>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि उनके अतिरिक्त विदेश सचिव (पश्चिम एशिया और अफगानिस्तान) ने अफगान राजदूत को संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के उल्लेख पर पाकिस्तान की गहरी आपत्तियों से अवगत कराया। मंत्रालय ने कहा, “जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों का खुला उल्लंघन है।”</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555848/pakistan-was-infuriated-by-the-pro-india-statement-of-the-afghan-foreign-minister--expressed-displeasure-by-summoning-the-afghan-ambassador"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/muskan-dixit-(2)11.png" alt=""></a><br /><p>शनिवार को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के राजदूत को बुलाकर नई दिल्ली में जारी भारत-अफगानिस्तान संयुक्त बयान पर कड़ा विरोध दर्ज किया। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी गुरुवार को भारत की छह दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे।</p>
<h4><strong>पाकिस्तान ने क्या कहा?</strong></h4>
<p>पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि उनके अतिरिक्त विदेश सचिव (पश्चिम एशिया और अफगानिस्तान) ने अफगान राजदूत को संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के उल्लेख पर पाकिस्तान की गहरी आपत्तियों से अवगत कराया। मंत्रालय ने कहा, “जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा बताना संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों का खुला उल्लंघन है।”</p>
<h4><strong>अफगानिस्तान ने की आतंकी हमले की निंदा</strong></h4>
<p>संयुक्त बयान के मुताबिक, अफगानिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और भारत की सरकार व जनता के प्रति अपनी संवेदना और एकजुटता व्यक्त की। भारत और अफगानिस्तान ने संयुक्त रूप से क्षेत्र में होने वाले सभी आतंकी कृत्यों की कड़ी आलोचना की और क्षेत्रीय शांति, स्थिरता व आपसी भरोसे को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<h4><strong>भारत-अफगानिस्तान के बीच इन मुद्दों पर हुई चर्चा</strong></h4>
<p>अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी की यह यात्रा 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद किसी वरिष्ठ अफगान नेता की पहली आधिकारिक भारत यात्रा है, जो संयुक्त राष्ट्र के यात्रा प्रतिबंध में अस्थायी छूट के बाद संभव हुई। शुक्रवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ उनकी मुलाकात में दोनों देशों ने द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने, व्यापार बढ़ाने, स्वास्थ्य सेवाओं और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर गहन विचार-विमर्श किया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मुलाकात को क्षेत्रीय शांति के लिए एक सकारात्मक कदम करार दिया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेंः <a href="https://www.amritvichar.com/article/555744/trump-s-tariff-bomb----us-president-threatens-to-impose-100-percent-additional-tariff-on-china">ट्रंप का टैरिफ बम... अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी चीन  100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी </a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/555848/pakistan-was-infuriated-by-the-pro-india-statement-of-the-afghan-foreign-minister--expressed-displeasure-by-summoning-the-afghan-ambassador</link>
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                <pubDate>Sun, 12 Oct 2025 08:18:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>UP: सपा सांसद बोले-अफगान मंत्री का स्वागत वही कर रहे हैं जिन्होंने दादा बर्क पर किया था केस</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>संभल, अमृत विचार। </strong>समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री के भारत दौरे को लेकर प्रतिक्रिया दी। कहा कि अफगानिस्तान से भारत के ऐतिहासिक रिश्ते रहे हैं लेकिन वही लोग अफगानिस्तान के मंत्री का स्वागत कर रहे हैं, जिनकी सरकार ने पहले हमारे दादा शफीकुर्रहमान बर्क के खिलाफ केस दर्ज कराया था।</p>
<p>सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि उनके दादा शफीकुर्रहमान बर्क ने भी अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दे पर सही बात कही थी लेकिन उस वक्त बीजेपी सरकार ने उनके खिलाफ मुहिम छेड़ दी और मुकदमा दर्ज कर दिया। अब उसी पार्टी की सरकार अफगानिस्तान के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/555809/the-samajwadi-party-mp-said-the-afghan-minister-was-being-welcomed-by-those-who-had-filed-a-case-against-dada-burke"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/sansad.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>संभल, अमृत विचार। </strong>समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री के भारत दौरे को लेकर प्रतिक्रिया दी। कहा कि अफगानिस्तान से भारत के ऐतिहासिक रिश्ते रहे हैं लेकिन वही लोग अफगानिस्तान के मंत्री का स्वागत कर रहे हैं, जिनकी सरकार ने पहले हमारे दादा शफीकुर्रहमान बर्क के खिलाफ केस दर्ज कराया था।</p>
<p>सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि उनके दादा शफीकुर्रहमान बर्क ने भी अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दे पर सही बात कही थी लेकिन उस वक्त बीजेपी सरकार ने उनके खिलाफ मुहिम छेड़ दी और मुकदमा दर्ज कर दिया। अब उसी पार्टी की सरकार अफगानिस्तान के विदेश मंत्री का स्वागत कर रही है। किसी मुल्क से हमारे देश के रिश्ते अच्छे हों, तो उसके हक में बोलने में कुछ गलत नहीं है। लेकिन जो देश भारत के खिलाफ सोच रखेगा, उसकी मुखालफत करना हमारा फर्ज है। </p>
<p>महिला पत्रकारों को प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवेश न देने पर बर्क ने कहा कि इसका जवाब अफगानिस्तान सरकार या उन लोगों को देना चाहिए जिन्होंने उन्हें भारत आमंत्रित किया। जहां तक जानकारी है, उन्होंने अपने देश की परंपरा और महिलाओं की बेपर्दगी को देखते हुए यह निर्णय लिया। </p>
<p>चुनावी गठबंधन को लेकर जियाउर्रहमान बर्क ने कहा कि 2027 का चुनाव अखिलेश यादव गठबंधन के साथ मिलकर लड़ेंगे। एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी उतारे जाने के बाद गठबंधन टूटने की अटकलों पर कहा कि एमएलसी चुनाव अलग होता है और विधानसभा का अलग। प्रत्याशियों की घोषणा इसलिए की गई ताकि वह मेहनत कर सकें और जीत हासिल करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                            <category>संभल</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Oct 2025 18:18:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका के साथ रिश्तों पर विदेश मंत्री एस जयशंकर की दो टूक- ‘कुछ ऐसी शर्तें, जिनसे भारत नहीं कर सकता समझौता’</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली।</strong> रूस से कच्चे तेल की लगातार खरीदारी के मसले पर भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर जारी तनाव के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत की नीतियां उसके राष्ट्रीय हित में होंगी। इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत, रूस से कच्चा तेल अपने राष्ट्रीय हित और वैश्विक हित दोनों के लिए खरीद रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रंप प्रशासन के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत में कुछ मुद्दे हैं। भारत की कुछ ‘रेड लाइन्स’ हैं। कुछ ऐसी शर्तें</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/550990/foreign-minister-s-jaishankar-s-clear-statement-on-relations-with-america---there-are-some-conditions-with-which-india-cannot-compromise"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/cats353.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली।</strong> रूस से कच्चे तेल की लगातार खरीदारी के मसले पर भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर जारी तनाव के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत की नीतियां उसके राष्ट्रीय हित में होंगी। इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम 2025 में विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत, रूस से कच्चा तेल अपने राष्ट्रीय हित और वैश्विक हित दोनों के लिए खरीद रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रंप प्रशासन के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत में कुछ मुद्दे हैं। भारत की कुछ ‘रेड लाइन्स’ हैं। कुछ ऐसी शर्तें हैं जिनसे भारत समझौता नहीं कर सकता।</p>
<h5><strong>ट्रेड डील के संदर्भ में अमेरिका से अब भी बातचीत जारी</strong></h5>
<p>जयशंकर ने भारत और यूएस के बीच ट्रेड डील के संदर्भ में कहा, ‘बातचीत अब भी चल रही है क्योंकि किसी ने भी यह नहीं कहा कि बातचीत बंद है। लोग एक-दूसरे से बात करते हैं। ऐसा नहीं है कि वहां कोई ‘कुट्टी’ है। जहां तक हमारा सवाल है, रेड लाइंस मुख्य रूप से हमारे किसानों और कुछ हद तक हमारे छोटे उत्पादकों के हित हैं। हम, एक सरकार के रूप में, अपने किसानों और अपने छोटे उत्पादकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम इस पर बहुत दृढ़ हैं। ऐसा कुछ नहीं है, जिस पर हम समझौता कर सकें।’</p>
<h5><strong>‘चीन खरीद रहा सबसे ज्यादा रूसी तेल, उस पर टैरिफ क्यों नहीं’</strong></h5>
<p>उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से अमेरिका को निर्यात होने वाले सामानों पर सात अगस्त से 25 फीसदी का टैरिफ लागू कर दिया है। इसके अलावा, रूस से भारत के कच्चे तेल की खरीद से नाराज होकर ट्रंप ने 27 अगस्त से 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा कर रखी है। इस पर विदेश मंत्री ने कहा कि रूस से तेल खरीद को लेकर यूएस ने टैरिफ बढ़ाने का फैसला लिया है। हालांकि, ये अब तक रूसी तेल के सबसे बड़े आयातक, चीन पर इसे लागू नहीं किया है।</p>
<h5><strong>‘हम ऐसे निर्णय लेते हैं, जो राष्ट्रीय हित में होते हैं‘</strong></h5>
<p>जयशंकर ने रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों का भी पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा कि रूस से तेल की खरीद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों हितों को पूरा करती है। भारत के पास स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता है। आखिरकार, हम ऐसे निर्णय लेते हैं, जो राष्ट्रीय हित में होते हैं।</p>
<p>विदेश मंत्री ने कहा कि यह हास्यास्पद है कि जो लोग व्यापार समर्थक अमेरिकी प्रशासन के लिए काम करते हैं। वे दूसरे लोगों पर व्यापार करने का आरोप लगा रहे हैं। अगर आपको भारत से तेल या दूसरे उत्पाद खरीदने में कोई समस्या है, तो उसे न खरीदें। कोई आपको इसे खरीदने के लिए मजबूर नहीं करता। यूरोप खरीदता है, अमेरिका खरीदता है, इसलिए अगर आपको यह पसंद नहीं है, तो इसे न खरीदें।</p>
<h5><strong>अमेरिका से जोड़कर भारत-चीन संबंधों का विश्लेषण गलत</strong></h5>
<p>जयशंकर भारत-चीन संबंधों पर कहा, ‘मैं आपको यह समझाना चाहता हूं कि यह सब कुछ स्पष्ट नहीं है। ऐसा नहीं है कि अमेरिका के साथ कुछ हुआ है, इसलिए तुरंत चीन के साथ कुछ हो गया है। अलग-अलग समस्याओं के लिए अलग-अलग समय-सीमाएं होती हैं। मुझे लगता है कि हर चीज को एक साथ जोड़कर एक विशिष्ट स्थिति के लिए एक एकीकृत प्रतिक्रिया बनाने की कोशिश करना एक गलत विश्लेषण होगा। आज, निश्चित रूप से, एक वैश्विक परिदृश्य है। मैं चाहता हूं कि आप समझें कि एक विकास है। उस रिश्ते का एक प्रवाह है। और भी रिश्ते हैं, लेकिन इस संबंध को इतना गहरा न बनाएं। यह वास्तविकता नहीं है।’</p>
<p><strong>यह भी पढ़ें:-<a href="https://www.amritvichar.com/article/550961/cbi-raid--cbi-raids-anil-ambani-s-premises--registers-a-case-of-bank-fraud-of-rs-2-000-crore#gsc.tab=0">CBI Raid: सीबीआई ने अनिल अंबानी के ठिकानों पर मारा छापा, 2,000 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी का केस दर्ज</a></strong></p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/550990/foreign-minister-s-jaishankar-s-clear-statement-on-relations-with-america---there-are-some-conditions-with-which-india-cannot-compromise</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/550990/foreign-minister-s-jaishankar-s-clear-statement-on-relations-with-america---there-are-some-conditions-with-which-india-cannot-compromise</guid>
                <pubDate>Sat, 23 Aug 2025 18:23:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत ने UNSC में पाकिस्तान को  दिया करारा जवाब, कश्मीर और आतंकवाद पर बोले डार- बर्दाश्त नहीं...</title>
                                    <description><![CDATA[<p class="abp-article-title"><strong>India Slams PAK On UNSC: </strong>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार द्वारा कश्मीर मुद्दे को उठाने पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने पाकिस्तान को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि एक तरफ भारत है, जो एक मजबूत लोकतंत्र, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और समावेशी समाज का प्रतीक है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान है, जो आतंकवाद और कट्टरता में डूबा हुआ है और बार-बार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कर्ज लेने को मजबूर है।  </p>
<p>पी. हरीश ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/547162/india-gave-a-befitting-reply-to-pakistan-in-unsc--said-on-kashmir-and-terrorism---will-not-tolerate-it"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/muskan-dixit-(27)6.png" alt=""></a><br /><p class="abp-article-title"><strong>India Slams PAK On UNSC: </strong>संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार द्वारा कश्मीर मुद्दे को उठाने पर भारत ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने पाकिस्तान को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि एक तरफ भारत है, जो एक मजबूत लोकतंत्र, तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और समावेशी समाज का प्रतीक है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान है, जो आतंकवाद और कट्टरता में डूबा हुआ है और बार-बार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कर्ज लेने को मजबूर है।  </p>
<p>पी. हरीश ने अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा पर चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि कुछ मूलभूत सिद्धांतों का सम्मान करना अनिवार्य है, जिनमें आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति प्रमुख है। उन्होंने कहा कि परिषद के किसी भी सदस्य को ऐसे व्यवहार में शामिल होकर उपदेश देने का अधिकार नहीं है, जो वैश्विक समुदाय के लिए अस्वीकार्य है।  </p>
<h5><strong>सीजफायर पर भारत की दो टूक  </strong></h5>
<p>सीजफायर के मुद्दे पर पी. हरीश ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के मुख्य लक्ष्यों को हासिल करने के बाद भारत ने पाकिस्तान के अनुरोध पर सैन्य गतिविधियों को रोक दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत ने हमेशा शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए हैं।  </p>
<h5><strong>कश्मीर और सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान को लताड़  </strong></h5>
<p>पाकिस्तान द्वारा कश्मीर और सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाने पर राजदूत हरीश ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा। भारत अपनी संप्रभुता पर किसी भी तरह के सवाल को बर्दाश्त नहीं करेगा। पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाने और सिंधु जल संधि का जिक्र करने की कोशिश को खारिज करते हुए हरीश ने कहा कि आतंकवाद और शांति जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान का दोमुंहा रवैया निंदनीय है।  </p>
<p>भारत ने UNSC में अपनी स्थिति को स्पष्ट करते हुए पाकिस्तान के दावों को सिरे से खारिज कर दिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। </p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/547161/monsoon-is-sluggish-in-uttar-pradesh--people-are-troubled-by-the-humid-heat--know-when-it-will-rain">उत्तर प्रदेश में मानसून सुस्त, उमस भरी गर्मी से लोग परेशान, जानें कब होगी बारिश</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>विदेश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/547162/india-gave-a-befitting-reply-to-pakistan-in-unsc--said-on-kashmir-and-terrorism---will-not-tolerate-it</link>
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                <pubDate>Wed, 23 Jul 2025 09:00:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>म्यांमार में फंसे 44 भारतीयों की रिहाई के लिए जयशंकर को वेणुगोपाल ने लिखा पत्र, जानिए क्या बोले विदेश मंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>तिरुवनंतपुरम।</strong> अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और लोकसभा सदस्य के.सी. वेणुगोपाल ने म्यांमार में मानव तस्करी में फंसे 44 भारतीयों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। म्यांमार में फंसे 44 भारतीय नागरिकों में केरल के पांच नागरिक भी शामिल हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि पीड़ितों पर क्रूर शारीरिक हमले किए गए तथा उनके फोन, पासपोर्ट और अन्य सामान जब्त कर लिए गए जिससे वे बाहरी दुनिया से कट गए हैं।</p>
<p>पीड़ितों को कथित तौर पर म्यांमार के डोंगमेई पार्क में रैकेट चलाने वालों द्वारा खतरनाक परिस्थितियों में रखा गया है</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/545696/venugopal-wrote-a-letter-to-jaishankar-for-the-release-of-44-indians-trapped-in-myanmar--know-what-the-foreign-minister-said"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-07/cats201.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>तिरुवनंतपुरम।</strong> अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और लोकसभा सदस्य के.सी. वेणुगोपाल ने म्यांमार में मानव तस्करी में फंसे 44 भारतीयों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। म्यांमार में फंसे 44 भारतीय नागरिकों में केरल के पांच नागरिक भी शामिल हैं। वेणुगोपाल ने कहा कि पीड़ितों पर क्रूर शारीरिक हमले किए गए तथा उनके फोन, पासपोर्ट और अन्य सामान जब्त कर लिए गए जिससे वे बाहरी दुनिया से कट गए हैं।</p>
<p>पीड़ितों को कथित तौर पर म्यांमार के डोंगमेई पार्क में रैकेट चलाने वालों द्वारा खतरनाक परिस्थितियों में रखा गया है जिससे उनके परिवार गहरी चिंता में हैं। वेणुगोपाल ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि पीड़ितों में से एक, केरल के कासरगोड के पदन्ना निवासी मशूद अली ने 10 दिन पहले भारतीय दूतावास में शिकायत दर्ज की थी लेकिन उसपर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।</p>
<p>मशूद अली ने खुलासा किया कि तस्कर विदेश में नौकरी चाहने वाले लोगों को भर्ती करने के लिए फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। इस घोटाले में ऐसे लोगों को फर्जी नौकरी का ऑफर देकर फंसाया जाता है और फिर उनका इस्तेमाल दूसरों को भर्ती करने के लिए किया जाता है। </p>
<p>पीड़ितों को यूरोप स्थित एक कंपनी के पैकिंग विभाग में नौकरी दिलाने का वादा किया जाता है। प्रत्येक व्यक्ति से तीन से पांच लाख रुपये वसूलने के बाद, तस्कर उनका विश्वास जीतने के लिए दो महीने का वीज़ा और हवाई जहाज का टिकट उपलब्ध कराते हैं। शुरुआत में, भर्ती किए गए लोगों को बैंकॉक भेजा जाता है और तथाकथित प्रदर्शन मूल्यांकन के तहत कुछ दिनों तक काम कराया जाता है।</p>
<p>फिर उन्हें बताया जाता है कि बेहतर रोज़गार के लिए उन्हें ब्रिटेन भेजा जाएगा लेकिन इसके बजाय उन्हें गुप्त रूप से म्यांमार भेज दिया जाता है। मशूद अली ने बताया कि कोल्लम का एक और पीड़ित जिष्णु, जो उसके साथ एक कमरे में रहता था, पिछले दिन से लापता है। जिष्णु ने कथित तौर पर तस्करों से झगड़ा किया था और घर लौटने की इच्छा व्यक्त की थी और तब से वह लापता है।</p>
<p>वेणुगोपाल ने कहा कि तस्करी के शिकार भारतीयों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और हस्तक्षेप में देरी होने से उनकी जान को खतरा हो सकता है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास की निष्क्रियता से स्थिति और बिगड़ेगी।</p>
<p>उन्होंने सरकार और भारतीय दूतावास से अनुरोध किया कि मिशन के नेतृत्व में पीड़ितों को बिना किसी और देरी के भारत वापस लाने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए। वेणुगोपाल ने केंद्रीय मंत्री को व्यक्तिगत रूप से पीड़ितों की दुर्दशा से भी अवगत कराया जिस पर उन्हें शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन मिला।</p>
<p>उन्होंने सरकार और भारतीय दूतावास से आग्रह किया कि वे मिशन के नेतृत्व में तत्काल हस्तक्षेप करें और सुनिश्चित करें कि पीड़ितों को बिना किसी देरी के भारत वापस लाया जाए। जानकारी के अनुसार, वेणुगोपाल ने पीड़ितों की गंभीर स्थिति से अवगत कराने के लिए विदेश मंत्री से व्यक्तिगत रूप से भी बात की और जयशंकर ने उन्हें तत्काल कार्रवाई का आश्वासन दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/545696/venugopal-wrote-a-letter-to-jaishankar-for-the-release-of-44-indians-trapped-in-myanmar--know-what-the-foreign-minister-said</link>
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                <pubDate>Fri, 11 Jul 2025 11:55:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या ‘जेजे’ बताएंगे... एस. जयशंकर पर राहुल गांधी ने फिर साधा निशाना, कहा- भारत की विदेश नीति ध्वस्त हो चुकी है</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के एक हालिया साक्षात्कार का हवाला देते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति ध्वस्त हो गई है।</p>
<p>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने जयशंकर के एक विदेशी पत्रकार को दिए गए साक्षात्कार के कुछ अंश वाला वह वीडियो फिर से पोस्ट किया, जिसे कांग्रेस ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर साझा किया था। उन्होंने कहा, ‘‘क्या ‘जेजे’ (जयशंकर) बताएंगे कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्यों जोड़ा गया है, पाकिस्तान की निंदा करने में एक भी देश ने हमारा समर्थन क्यों नहीं किया और अमेरिकी</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/539304/will--jj--tell----rahul-gandhi-again-targeted-s--jaishankar--said--india-s-foreign-policy-has-collapsed"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(31)6.png" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के एक हालिया साक्षात्कार का हवाला देते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति ध्वस्त हो गई है।</p>
<p>लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने जयशंकर के एक विदेशी पत्रकार को दिए गए साक्षात्कार के कुछ अंश वाला वह वीडियो फिर से पोस्ट किया, जिसे कांग्रेस ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर साझा किया था। उन्होंने कहा, ‘‘क्या ‘जेजे’ (जयशंकर) बताएंगे कि भारत को पाकिस्तान के साथ क्यों जोड़ा गया है, पाकिस्तान की निंदा करने में एक भी देश ने हमारा समर्थन क्यों नहीं किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत और पाकिस्तान के बीच ‘‘मध्यस्थता’’ करने के लिए किसने कहा?’’ उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति ध्वस्त हो गई है।</p>
<blockquote class="twitter-tweet"><a href="https://twitter.com/RahulGandhi/status/1925827704382746854">https://twitter.com/RahulGandhi/status/1925827704382746854</a></blockquote>
<p>

</p>
<p>कांग्रेस ने जयशंकर के इस साक्षात्कार के कुछ अंश का वीडियो साझा करते हुए कहा, ‘‘इनकी जुबान क्यों लड़खड़ा रही है?’’ इस साक्षात्कार में जयशंकर से अमेरिकी ‘‘मध्यस्थता’’ संबंधी डोनाल्ड ट्रंप के दावे समेत कई विषयों पर सवाल किए गए थे। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव गौरव पंधी और पार्टी के कुछ नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा जयशंकर के लिए इस्तेमाल किए गए ‘जेजे’ शब्द का मतलब ‘जयचंद जयशंकर’ है। हाल ही में भाजपा ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘नए जमाने का मीरजाफर’ बताया था, तो कांग्रेस ने पलटवार करते हुए जयशंकर को ‘आज के युग का जयचंद’ करार दिया। </p>
<p>ट्रंप हाल के दिनों में कई बार यह दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष उन्होंने रुकवाया, हालांकि भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तानी सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) के संपर्क साधने के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने की बुनियाद पड़ी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि पाकिस्तान ने विश्वास दिलाया कि वह कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं करेगा, जिसके बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोकने के बारे में विचार किया गया।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a class="post-title-lg" href="https://www.amritvichar.com/article/539299/russia--delegation-of-indian-mps-narrowly-escaped--drone-attack-happened-before-landing">रूसः बाल-बाल बचा भारतीय सांसदों का डेलिगेशन, लैंडिंग से पहले हुआ ड्रोन अटैक</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/539304/will--jj--tell----rahul-gandhi-again-targeted-s--jaishankar--said--india-s-foreign-policy-has-collapsed</link>
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                <pubDate>Fri, 23 May 2025 15:26:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'भारत के लिए जंग विकल्प नहीं...' NSA अजीत डोभाल ने की चीन के विदेश मंत्री से बातचीत</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बीजिंग। </strong>चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से बात की और उम्मीद जताई कि भारत एवं पाकिस्तान टकराव की इस स्थिति का बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे और स्थायी युद्धविराम की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे। </p>
<p>चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिंहुआ’ ने बताया कि बातचीत के दौरान डोभाल ने वांग से कहा कि युद्ध का विकल्प भारत ने नहीं चुना लेकिन पहलगाम हमले के बाद उसे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत थी। वांग ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की निंदा की। इस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537600/-war-is-not-an-option-for-india-----nsa-ajit-doval-spoke-to-china-s-foreign-minister"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/2025-(2)8.png" alt=""></a><br /><p><strong>बीजिंग। </strong>चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल से बात की और उम्मीद जताई कि भारत एवं पाकिस्तान टकराव की इस स्थिति का बातचीत के जरिए समाधान निकालेंगे और स्थायी युद्धविराम की दिशा में ठोस कदम उठाएंगे। </p>
<p>चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिंहुआ’ ने बताया कि बातचीत के दौरान डोभाल ने वांग से कहा कि युद्ध का विकल्प भारत ने नहीं चुना लेकिन पहलगाम हमले के बाद उसे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत थी। वांग ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले की निंदा की। इस हमले में पाकिस्तान का हाथ है। इस हमले के बाद से ही भारत तथा पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। </p>
<p>‘शिंहुआ’ की खबर के अनुसार, वांग ने पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक डार से भी बात की। पहलगाम हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।</p>
<p>पहलगाम हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। सीमा पार से चार दिनों तक ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद परमाणु हथियार से लैस दोनों देशों के बीच जमीन, हवा और समुद्र में सभी तरह की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोकने पर शनिवार को सहमति बन गयी।</p>
<p>चीनी सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, डोभाल के साथ बातचीत में वांग ने उम्मीद जताई कि भारत और पाकिस्तान शांत तथा संयमित रहेंगे, स्थिति को सीधी बातचीत के माध्यम से उचित तरीके से संभालेंगे और तनाव को बढ़ाने से बचेंगे। वांग ने कहा कि चीन को उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान के बीच विचार-विमर्श के माध्यम से व्यापक तथा स्थायी युद्धविराम होगा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के मौलिक हित इसी में हैं और यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आकांक्षाओं को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि चीन पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की निंदा करता है और हर तरह के आतंकवाद का विरोध करता है।</p>
<p><strong>यह भी पढ़ेः <a href="https://www.amritvichar.com/article/537599/pakistan-came-to-its-knees--know-what-india-did-that-pakistan-had-to-apologize">घूटने पर आया पाकिस्तान, जानें भारत ने ऐसा क्या किया की पाक को मांगनी पड़ी माफी</a></strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 11 May 2025 08:49:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ट्रप के दावे पर जयशंकर ने लगाई मुहर, कहा- भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर पर बनी सहमति</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>नई दिल्ली। </strong>विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी एवं सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बन गई है। यह घोषणा भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किए जाने के कुछ दिन बाद की गई। </p>
<p>भारत द्वारा आतंकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद से पाकिस्तान ने विभिन्न भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का प्रयास किया, लेकिन भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537568/jaishankar-endorsed-trump-s-claim--said---india-and-pakistan-have-reached-an-agreement-on-ceasefire"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-01/विदेश-मंत्री-जयशंकर-uae-की-तीन-दिवसीय-यात्रा-पर-हुए-रवाना.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>नई दिल्ली। </strong>विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच गोलीबारी एवं सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बन गई है। यह घोषणा भारत द्वारा पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किए जाने के कुछ दिन बाद की गई। </p>
<p>भारत द्वारा आतंकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद से पाकिस्तान ने विभिन्न भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का प्रयास किया, लेकिन भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया। जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत और पाकिस्तान के बीच आज गोलीबारी एवं सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने सभी प्रकार के आतंकवाद के विरुद्ध अपना अडिग रुख कायम रखा है और आगे भी ऐसा ही करता रहेगा।’’</p>
<h5><em><strong>UN ने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा का किया स्वागत</strong></em></h5>
<p><strong>संयुक्त राष्ट्र: </strong>संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस ने शनिवार को भारत और पाकिस्तान के बीच तत्काल संघर्ष विराम की घोषणा का स्वागत किया। महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने यहां ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘हम नजर बनाए हुए हैं, हम संघर्ष को कम करने के सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं।’’</p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में घोषणा की, ‘‘अमेरिका की मध्यस्थता में पूरी रात चली बातचीत के बाद, मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि भारत और पाकिस्तान ‘तत्काल और पूर्ण संघर्ष विराम’ पर सहमत हो गए हैं।’’ ट्रंप ने कहा, ‘‘दोनों देशों को समझदारी और विवेक का इस्तेमाल करने के लिए बधाई। इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद।’’ ट्रंप ने यह घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इस्हाक डार और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से बातचीत के बाद की।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 May 2025 19:01:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत-पाक के बीच तनाव पर सऊदी अरब का बयान, 'तनाव कम करने, मौजूदा सैन्य संघर्ष को समाप्त करने के प्रयास जारी' </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>दुबई। </strong>भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष कम होने का नाम नहीं ले रहा है पाकिस्तान बार बार भारत पर ड्रोन हमले भेज कर हमले की नापाक कोशिश कर रहा है जिसका भारत डटकर सामना कर रहा है। इसी बीच सऊदी अरब ने शनिवार को कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने, मौजूदा सैन्य संघर्ष को समाप्त करने और सभी विवादों का बातचीत और कूटनीतिक माध्यम से समाधान किए जाने को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि सऊदी नेतृत्व के</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/537501/saudi-arabia-s-statement-on-tension-between-india-and-pakistan---efforts-are-underway-to-reduce-tensions-and-end-the-current-military-conflict"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-05/news-post--(40).jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दुबई। </strong>भारत पाकिस्तान के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष कम होने का नाम नहीं ले रहा है पाकिस्तान बार बार भारत पर ड्रोन हमले भेज कर हमले की नापाक कोशिश कर रहा है जिसका भारत डटकर सामना कर रहा है। इसी बीच सऊदी अरब ने शनिवार को कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने, मौजूदा सैन्य संघर्ष को समाप्त करने और सभी विवादों का बातचीत और कूटनीतिक माध्यम से समाधान किए जाने को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रहा है। </p>
<p style="text-align:justify;">सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि सऊदी नेतृत्व के निर्देश पर अल-जुबैर ने 8 और 9 मई को भारत और पाकिस्तान की यात्रा की, जो कि "तनाव कम करने, वर्तमान सैन्य संघर्ष को समाप्त करने और सभी विवादों का वार्ता तथा कूटनीतिक माध्यमों से समाधान किए जाने को बढ़ावा देने के सऊदी अरब के प्रयासों" का हिस्सा थी। </p>
<p style="text-align:justify;">सऊदी अरब का यह बयान ऐसे समय आया है जब तनाव काफी बढ़ गया है और पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत ने मिसाइल और ड्रोन के जरिये उसके तीन एयरबेस को निशाना बनाया। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने तड़के करीब चार बजे इस्लामाबाद में जल्दबाजी में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में बताया कि पाकिस्तानी वायुसेना के नूर खान (चकलाला, रावलपिंडी), मुरीद (चकवाल) और रफीकी (झंग जिले में शोरकोट) एयरबेस को निशाना बनाया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके कुछ मिनट बाद सरकारी ‘पीटीवी’ ने सुरक्षा अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘बुनयान अल-मरसूस’ नामक अभियान शुरू किया है, जिसका अर्थ है ‘लौह दीवार’। अल-जुबैर बृहस्पतिवार को अघोषित यात्रा पर नयी दिल्ली आए और पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ठिकानों पर </p>
<p style="text-align:justify;">भारत द्वारा मिसाइल हमला किए जाने के बाद उत्पन्न स्थिति पर विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ बुधवार सुबह चर्चा की। शुक्रवार को सऊदी अरब के मंत्री ने इस्लामाबाद की यात्रा की, जहां उन्होंने पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के साथ बातचीत की। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा मंगलवार देर रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए जाने के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>ये भी पढ़े : <a href="https://www.amritvichar.com/article/537497/india-pakistan-tension--32-airports-in-india-temporarily-closed--flights-will-not-fly-till-may-15">India-Pakistan Tension : अस्थायी रूप से बंद भारत के 32 हवाई अड्डे, 15 मई तक नहीं उड़ेगी फ्लाइट </a></strong></p>
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                                            <category>विदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 May 2025 12:35:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
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