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                            <item>
                <title>अयोध्या धाम की 84 कोसी परिक्रमा में उत्साह बरकरार, दुश्वारियों के बावजूद पहुंच रहे श्रद्धालु </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या,अमृत विचार: </strong>दुश्वारियों के बावजूद अयोध्या धाम की 84 कोसी परिक्रमा में श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार है। अवध धाम हनुमान मंडल के परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पहला जत्था बुधवार रात आस्तीकन बाजार स्थित श्री आस्तीक आश्रम के समीप परिषदीय विद्यालय परिसर पहुंचा। आस्तीक आश्रम पर पवन तिवारी के नेतृत्व में ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद, राजकुमार तिवारी, प्रदीप सिंह, विकास सिंह समेत ग्रामीणों ने भंडारे का आयोजन किया। साधु-संतों की सेवा की, बृहस्पतिवार सुबह जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के बीच परिक्रमार्थियों का जत्था अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गया। </p>
<p style="text-align:justify;">परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र सिंह ने कहा कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578156/enthusiasm-remains-high-for-the-84-kosi-parikrama-of-ayodhya-dham--devotees-arrive-despite-hardships"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/वायरल-तस्वीर-(23)9.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अयोध्या,अमृत विचार: </strong>दुश्वारियों के बावजूद अयोध्या धाम की 84 कोसी परिक्रमा में श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार है। अवध धाम हनुमान मंडल के परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पहला जत्था बुधवार रात आस्तीकन बाजार स्थित श्री आस्तीक आश्रम के समीप परिषदीय विद्यालय परिसर पहुंचा। आस्तीक आश्रम पर पवन तिवारी के नेतृत्व में ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद, राजकुमार तिवारी, प्रदीप सिंह, विकास सिंह समेत ग्रामीणों ने भंडारे का आयोजन किया। साधु-संतों की सेवा की, बृहस्पतिवार सुबह जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के बीच परिक्रमार्थियों का जत्था अगले पड़ाव के लिए रवाना हो गया। </p>
<p style="text-align:justify;">परिक्रमा प्रमुख सुरेंद्र सिंह ने कहा कि मार्ग में कई दुश्वारियां आती हैं, लेकिन विश्व कल्याण की भावना से प्रेरित होकर श्रद्धालु सभी कष्टों को सहर्ष स्वीकार करते हैं।कहुआ गांव के महादेवन पर ग्रामीणों ने साधु-संतों के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था की। पूर्व प्रधान जितेन्द्र नाथ द्विवेदी, खुशीराम दूबे, शिवपूजन दूबे, कौशल मिश्रा आदि ने ग्रामीणों के साथ मिलकर परिक्रमार्थियों के लिए दोपहर भोजन प्रसाद के साथ आदर-सत्कार किया। </p>
<p style="text-align:justify;">आस्तीकन के मेडिकल कैंप ने थकान और चोट से जूझ रहे श्रद्धालुओं को बड़ी राहत दी। शाम तक परिक्रमार्थी सिड़सिड़ पहुंचे, यहां भाजपा नेता राम सजीवन मिश्र और अरुण गुप्ता की देखरेख में व्यवस्था की गई। यात्रा में अयोध्या के साथ मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों के श्रद्धालु शामिल हैं। नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिक्रमा में शामिल हैं।</p>
<h5 style="text-align:justify;">बीमार 24 से ज्यादा श्रद्धालु, टीम ने किया इलाज</h5>
<p style="text-align:justify;">अयोध्या धाम की 84 कोसी परिक्रमा का दूसरा जत्था महंत गया दास की अगुवाई में गुरुवार सुबह अपने सातवें पड़ाव स्थल सीताकुंड तोरो माफी बीकापुर पहुंचा। यहां अधीक्षक डॉ. अंशुमान यादव, डॉ. शादाब अहमद, डॉ. प्रतीक्षा वर्मा के साथ सीएचसी की टीम ने बीमार 24 श्रद्धालुओं का उपचार किया।</p>
<p style="text-align:justify;">सीता कुंड पर सरवराहकार सुरेश चंद्र पांडे, बीडीसी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष अनूप पांडे, उमेश पांडेय, श्रीनिवास पांडेय आदि ने पुष्प वर्षा और माल्यार्पण कर साधु-संतों का स्वागत किया। परिक्रमा में नेपाल के छह श्रद्धालुओं के साथ देश के विभिन्न प्रदेशों के करीब 600 भक्त शामिल है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">सीताकुंड पहुंचा दूसरा जत्था, साफ-सफाई और स्नान, शौच की दिक्कत</h5>
<p style="text-align:justify;">सीताकुंड के किनारे स्थित मंदिरों में भजन कीर्तन जयघोष होता रहा। साफ सफाई न होने से यहां श्रद्धालु गंदगी के बीच रुकने को मजबूर हुए। कुंड में जलकुंभी से, काला प्रदूषण युक्त पानी होने से सरोवर में आचमन और स्नान नहीं कर सके। रैन बसेरा और शेड न होने से साधु-संत और श्रद्धालु खुले में चद्दर बिछाकर लेटे रहे। सार्वजनिक शौचालय ताला बंद रहा। सबसे ज्यादा दिक्कत महिलाओं को हुई। महंत गया दास, संस्कृत विद्यालय के रिटायर्ड प्रधानाचार्य रामनारायण शास्त्री, धौलपुर राजस्थान से आए नागा जयरामदास, रामदास जी रामायणी सहित साधु-संतों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था तो ठीक है,लेकिन साफ सफाई और अन्य व्यवस्था ठीक नहीं है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title" style="text-align:justify;"><a href="https://www.amritvichar.com/article/578153/darshan-to-begin-soon-at-ayodhya-s-14-sub-temples--construction-of-300-meter-boundary-wall-completed--ram-temple-to-be-equipped-with-high-tech-security"><span class="t-red">अयोध्या के 14 उपमंदिरों में जल्द शुरू होंगे दर्शन: </span>300 मीटर लंबी बाउंड्रीवाल का निर्माण पूरा, हाईटेक सुरक्षा से लैस होगा राम मंदिर </a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/578156/enthusiasm-remains-high-for-the-84-kosi-parikrama-of-ayodhya-dham--devotees-arrive-despite-hardships</link>
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                <pubDate>Fri, 10 Apr 2026 12:47:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Chaitra Navratri : चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी आज, देवी मंदिरों में श्रद्धा का सैलाब </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयागराज शक्ति भक्ति में सराबोर नजर आया। ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आदि शक्तिपीठ अलोपशंकरी, ललिता देवी और कल्याणी देवी मंदिरों में भोर से ही 'जय माता दी' के उद्घोष गूंजते रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">ललिता देवी मंदिर में महाअष्टमी के अवसर पर माता का विशेष श्रृंगार किया गया। प्रातः आरती के बाद जैसे ही मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने नारियल, चुनरी, फल और मिष्ठान्न अर्पित कर सुख-समृद्धि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/576527/chaitra-navratri--maha-ashtami-of-chaitra-navratri-falls-today--a-surge-of-devotion-sweeps-through-goddess-temples"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/0134.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज। </strong>चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर तीर्थराज प्रयागराज शक्ति भक्ति में सराबोर नजर आया। ब्रह्म मुहूर्त से ही शहर के प्रमुख शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आदि शक्तिपीठ अलोपशंकरी, ललिता देवी और कल्याणी देवी मंदिरों में भोर से ही 'जय माता दी' के उद्घोष गूंजते रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">ललिता देवी मंदिर में महाअष्टमी के अवसर पर माता का विशेष श्रृंगार किया गया। प्रातः आरती के बाद जैसे ही मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोले गए, दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने नारियल, चुनरी, फल और मिष्ठान्न अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष महाअष्टमी पर सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का संयोग बनने से पूजा का महत्व और बढ़ गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अष्टमी तिथि 25 मार्च दोपहर 1:51 बजे से प्रारंभ होकर 26 मार्च सुबह 11:49 बजे तक रही, जिसके चलते सुबह के समय पूजन विशेष फलदायी माना गया। मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की आराधना को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह रहा। शहर में घर-घर कन्या पूजन का आयोजन हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने नौ कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया और हलवा-पूरी व चने का प्रसाद वितरित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">त्योहार के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। प्रमुख मंदिरों और चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया तथा भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई। दर्शन-पूजन का सिलसिला देर रात तक जारी रहने की संभावना है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 13:34:36 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माँ शाकम्भरी देवी मेले में श्रद्धालुओं को न हो असुविधा : सीएम योगी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सहारनपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र मेले के दौरान सिद्धपीठ मां शाकम्भरी देवी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल, अच्छी गुणवत्ता का भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। </p><p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने शाकम्भरी देवी मंदिर के प्रवेश द्वार तथा निर्माणाधीन पर्यटन सुविधा केंद्र स्थल पर चैत्र नवरात्र मेले की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान शाकम्भरी देवी परिसर के समेकित पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दी गई। मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार और पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने विस्तृत</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575008/devotees-must-not-face-any-inconvenience-at-the-maa-shakumbhari-devi-fair--cm-yogi"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/मुख्यमंत्री-योगी-आदित्यनाथ1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सहारनपुर।</strong> उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र मेले के दौरान सिद्धपीठ मां शाकम्भरी देवी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल, अच्छी गुणवत्ता का भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए हैं। </p><p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने शाकम्भरी देवी मंदिर के प्रवेश द्वार तथा निर्माणाधीन पर्यटन सुविधा केंद्र स्थल पर चैत्र नवरात्र मेले की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान शाकम्भरी देवी परिसर के समेकित पर्यटन विकास से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दी गई। मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार और पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह ने विस्तृत जानकारी दी। </p><p style="text-align:justify;">योगी ने कहा कि 19 मार्च से प्रारम्भ होने वाले चैत्र नवरात्रि मेले के अवसर पर सुरक्षा, स्वच्छता और सुव्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। मेले में ड्यूटी पर लगाए जाने वाले कर्मचारियों की पहले काउंसलिंग की जाए ताकि वे श्रद्धालुओं के साथ अच्छा व्यवहार करें। मेला परिसर में निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और बिना किसी भेदभाव के सभी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सुरक्षा के दृष्टिकोण से एंटी रोमियो दल को सक्रिय रखने और परंपरा के विपरीत कार्य करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सिविल डिफेंस और सामाजिक संस्थाओं को भी सुरक्षा व्यवस्था में जोड़ा जाए। </p><p style="text-align:justify;"><br />मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूकता जरूरी है। सफाई कर्मियों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक निर्देश दिए जाएं। कूड़ा निस्तारण के लिए डम्पिंग स्थल दूर क्षेत्र में निर्धारित किया जाए तथा प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग प्रसाधन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। </p><p style="text-align:justify;">उन्होंने भीड़ प्रबंधन के लिए प्रभावी व्यवस्था करने, श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल और गुणवत्तापूर्ण भोजन तथा प्रसाद उपलब्ध कराने और उसमें किसी प्रकार की मिलावट न होने देने के निर्देश दिए। पार्किंग शुल्क साधारण रखा जाए और अवैध वसूली न होने पाए इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ई-रिक्शा, ऑटो चालकों और दुकानदारों का सत्यापन कराने को भी कहा गया। </p><p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों की योजनाओं की जानकारी देने के लिए होर्डिंग, प्रदर्शनी और प्रकाश वाहनों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए। मेले के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यह एक प्राचीन और पौराणिक मेला है, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों और जिलों से श्रद्धालु आते हैं, इसलिए व्यवस्थाएं ऐसी हों कि श्रद्धालुओं के बीच सरकार का सकारात्मक संदेश जाए। </p><p style="text-align:justify;">बैठक में संसदीय कार्य एवं औद्योगिक विकास राज्यमंत्री जसवंत सैनी, लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री ब्रजेश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष मांगेराम चौधरी, महापौर डॉ. अजय सिंह, विधायक मुकेश चौधरी, विधायक देवेन्द्र निम, विधायक किरत सिंह, विधायक राजीव गुंबर, अपर पुलिस महानिदेशक भानु भास्कर, मण्डलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, पुलिस अधीक्षक देहात सागर जैन, पूर्व विधायक नरेश सैनी सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। <br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>सहारनपुर</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/575008/devotees-must-not-face-any-inconvenience-at-the-maa-shakumbhari-devi-fair--cm-yogi</link>
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                <pubDate>Sat, 14 Mar 2026 21:00:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> राम मंदिर में 19 को भव्य आयोजन: यूपी-उत्तराखंड से तीन हजार विशेष मेहमान, निर्माण कार्य से जुड़े 2000 वर्कर भी बनेंगे अतिथि</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>सत्य प्रकाश/ अयोध्या, अमृत विचार। </strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मर्मू के द्वारा 19 मार्च को राम मंदिर के द्वितीय तल पर श्री राम महायंत्र की स्थापना की जाएगी। कार्यक्रम में इस बार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों को शामिल किया जाएगा। वहीं एक बार फिर राम जन्मभूमि परिसर में भव्य आयोजन की तैयारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डाॅ. अनिल मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सूचीबद्ध लोगों को बुलाने की योजना है। सभी क्षेत्रों से भी नाम आ रहे हैं। ऐसे लोग, जिनकी राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका रही है। या ऐसे लोग अभी तक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/573016/grand-celebration-at-ram-temple-on-19th--3-000-special-guests-from-up-and-uttarakhand--2-000-construction-workers-will-also-be-guests"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/untitled-design-(3)15.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>सत्य प्रकाश/ अयोध्या, अमृत विचार। </strong>राष्ट्रपति द्रौपदी मर्मू के द्वारा 19 मार्च को राम मंदिर के द्वितीय तल पर श्री राम महायंत्र की स्थापना की जाएगी। कार्यक्रम में इस बार उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों को शामिल किया जाएगा। वहीं एक बार फिर राम जन्मभूमि परिसर में भव्य आयोजन की तैयारी है।</p>
<p style="text-align:justify;">राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डाॅ. अनिल मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सूचीबद्ध लोगों को बुलाने की योजना है। सभी क्षेत्रों से भी नाम आ रहे हैं। ऐसे लोग, जिनकी राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका रही है। या ऐसे लोग अभी तक प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण के अवसर पर नहीं आ पाए हैं। उन्हें बुलाए जाने की योजना हैं, जिसमें कुल संख्या लगभग 5000 लोगों की है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस प्रकार की योजना चल रही है। निर्माण कार्य से जुड़ी एजेंसियों के अधिकारियों को कार्यक्रम में उपस्थित रहने का निमंत्रण दिया जा रहा है। इसी तरह उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 3000 लोग और एलएंडटी और टाटा के साथ निर्माण कार्य से जुड़ी इकाइयों के लगभग 2000 की संख्या में लोग उपस्थित रहने वाले हैं। कार्यक्रम की दृष्टि से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को आमंत्रित किया गया है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">19 मार्च के कार्यक्रम के साथ होंगे रामलला के दर्शन</h5>
<p style="text-align:justify;">19 मार्च को राम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के साथ-साथ आने वाले श्रद्धालु रामलला का दर्शन भी कर सकेंगे। ऐसी व्यवस्था श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जिला प्रशासन के साथ तैयार कर रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य डॉक्टर अनिल मिश्रा ने बताया कि जिस प्रकार से राम मंदिर में श्रद्धालुओं का दर्शन चल रहा है। उस समय भी चलता रहेगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते प्रशासन अपनी योजना बना रहा है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">परकोटा के बाहर होगा आयोजन</h5>
<p style="text-align:justify;">राम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को बैठने की विशेष सुविधा होगी। ट्रस्ट के सूत्रों की मानें तो राम मंदिर के 8 एकड़ की परिधि में बने परकोटा के बाहर उत्तरी दिशा के मैदान में अतिथियों को बैठने की व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे हिंदी नव वर्ष और चैत्र शुक्ल नवरात्र के प्रथम दिन पर अयोध्या आने वाले श्रद्धालु राम मंदिर में दर्शन कर सकें। जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना भी जताई जा रही है।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें : </h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/572997/mega-legal-service-camps-in-74-districts-of-up--benefiting-over-24-56-lakh-beneficiaries"><span class="t-red">यूपी के 74 जिलों में मेगा विधिक सेवा शिविर, </span>24.56 लाख से अधिक लाभार्थी लाभान्वित</a></h5>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/573016/grand-celebration-at-ram-temple-on-19th--3-000-special-guests-from-up-and-uttarakhand--2-000-construction-workers-will-also-be-guests</link>
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                <pubDate>Mon, 23 Feb 2026 12:34:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमावस्या पर चित्रकूट में उमड़ा आस्था का सैलाब : मंदाकिनी नदी में 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया स्नान-परिक्रमा </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>चित्रकूट।</strong> उत्तर प्रदेश के पौराणिक एवं ऐतिहासिक तीर्थ स्थल चित्रकूट में अमावस्या के पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। स्नान-दान-श्राद्ध अमावस्या के अवसर पर पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाई और कामदगिरि की लगभग पांच किलोमीटर लंबी परिक्रमा की। परिक्रमा मार्ग पर दंडवत परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, वहीं जगह-जगह भंडारों का आयोजन भी किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">मेला अधिकारी ने बताया कि अमावस्या के मौके पर उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रानी लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन से चित्रकूट तक दो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/571913/a-wave-of-faith-surged-in-chitrakoot-on-amavasya--over-5-lakh-devotees-bathed-and-circumambulated-the-mandakini-river"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-02/628.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चित्रकूट।</strong> उत्तर प्रदेश के पौराणिक एवं ऐतिहासिक तीर्थ स्थल चित्रकूट में अमावस्या के पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। स्नान-दान-श्राद्ध अमावस्या के अवसर पर पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाई और कामदगिरि की लगभग पांच किलोमीटर लंबी परिक्रमा की। परिक्रमा मार्ग पर दंडवत परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई, वहीं जगह-जगह भंडारों का आयोजन भी किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">मेला अधिकारी ने बताया कि अमावस्या के मौके पर उत्तर प्रदेश सहित कई अन्य प्रदेशों से श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रानी लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन से चित्रकूट तक दो स्पेशल मेला ट्रेनों का संचालन किया गया। मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। उन्होंने बताया कि मेले को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने कैंप स्थापित किए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदाकिनी नदी में गोताखोरों की तैनाती की गई, वहीं परिक्रमा मार्ग और प्रमुख स्थलों पर आकर्षक प्रकाश व्यवस्था की गई थी। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक पूरे समय मेला क्षेत्र में मौजूद रहे और व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। प्रशासन के अनुसार मेले की व्यवस्था शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रही।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>चित्रकूट</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/571913/a-wave-of-faith-surged-in-chitrakoot-on-amavasya--over-5-lakh-devotees-bathed-and-circumambulated-the-mandakini-river</link>
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                <pubDate>Tue, 17 Feb 2026 15:09:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Maghi Purnima 2026: श्रद्धालु पुष्य नक्षत्र में लगाएंगे आस्था की डुबकी, माघी पूर्णिमा पर बन रहा दुर्लभ संयोग</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> इस बार माघी पूर्णिमा के दिन दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। एक साथ सात शुभ योग और पुष्य नक्षत्र की युति में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा सकेंगे। सूर्य और चंद्रमा के विशेष योग के साथ पुष्य नक्षत्र का संयोग अत्यंत फलदायी होगा। यह योग 1 फरवरी की भोर से 2 फरवरी की भोर तक रहेगा। पूर्णिमा तिथि चंद्रमा को अत्यंत प्रिय मानी जाती है। </p>
<p style="text-align:justify;">बटुक भैरव मंदिर के महंत एवं वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य जितेंद्र मोहन पूरी ने बताया कि माघ पूर्णिमा की तिथि 1 फरवरी को प्रातः 5.19 बजे से अगले दिन 2 फरवरी को प्रातः 3.46 बजे तक</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569572/maghi-purnima-2026--devotees-will-take-a-dip-of-faith-during-pushya-nakshatra--a-rare-conjunction-is-forming-on-maghi-purnima"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/untitled-design-(15)14.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी।</strong> इस बार माघी पूर्णिमा के दिन दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। एक साथ सात शुभ योग और पुष्य नक्षत्र की युति में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा सकेंगे। सूर्य और चंद्रमा के विशेष योग के साथ पुष्य नक्षत्र का संयोग अत्यंत फलदायी होगा। यह योग 1 फरवरी की भोर से 2 फरवरी की भोर तक रहेगा। पूर्णिमा तिथि चंद्रमा को अत्यंत प्रिय मानी जाती है। </p>
<p style="text-align:justify;">बटुक भैरव मंदिर के महंत एवं वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य जितेंद्र मोहन पूरी ने बताया कि माघ पूर्णिमा की तिथि 1 फरवरी को प्रातः 5.19 बजे से अगले दिन 2 फरवरी को प्रातः 3.46 बजे तक रहेगी। उदय तिथि के अनुसार माघ पूर्णिमा का स्नान इसलिए 1 फरवरी को अत्यंत फलदायी होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">इस दिन विशेष प्रीति योग, रवि योग, सर्वार्थसिद्धि योग, रवि आयुष्मान योग, श्रीवत्स योग और उत्तम योग बनेंगे। 1 फरवरी को काशी के गंगा घाटों अथवा प्रयागराज के संगम में स्नान करने से अनन्य फल की प्राप्ति तथा पापों का नाश होता है। इस दिन वस्त्र, अनाज, फल आदि का दान करना चाहिए। </p>
<p style="text-align:justify;">माघ पूर्णिमा स्नान के लिए तीन विशेष मुहूर्त बन रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त - 1 फरवरी को प्रातः 5.24 बजे से 6.18 बजे तक, रवि पुष्य योग - प्रातः 7.09 बजे से रात्रि 11.58 बजे तक और मीन लग्न मुहूर्त - प्रातः 8.46 बजे से 10.15 बजे तक रहेगा। रविवार को भगवान भास्कर (सूर्यदेव) का दिन माना जाता है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस दिन गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी/जलाशय में स्नान करने के बाद जल में खड़े होकर सूर्यदेव की कुछ देर आराधना अवश्य करनी चाहिए। साथ ही भगवान श्रीहरि विष्णु को पीले पुष्प और मिष्ठान अर्पित करना शुभ फलदायी होगा।</p>
<h5 style="text-align:justify;">ये भी पढ़ें :</h5>
<h5 class="post-title"><a href="https://www.amritvichar.com/article/569570/the-samajwadi-party-has-complained-to-the-election-commission-regarding-allegations-of-voter-list-manipulation-and-demanded-swift-action">मतदाता सूची में कटौती के आरोप पर सपा ने चुनाव आयोग से की शिकायत, त्वरित कार्रवाई की मांग</a></h5>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569572/maghi-purnima-2026--devotees-will-take-a-dip-of-faith-during-pushya-nakshatra--a-rare-conjunction-is-forming-on-maghi-purnima</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/569572/maghi-purnima-2026--devotees-will-take-a-dip-of-faith-during-pushya-nakshatra--a-rare-conjunction-is-forming-on-maghi-purnima</guid>
                <pubDate>Sat, 31 Jan 2026 12:40:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Anjali Singh]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाराणसी :  विश्वनाथ मंदिर की मंगला आरती में अब 500 श्रद्धालुओं को मिलेगा टिकट, इस वजह से मंदिर प्रशासन ने लिया फैसला</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी। </strong>श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की मंगला आरती में अब 250 की जगह 500 श्रद्धालुओं को टिकट उपलब्ध कराया जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में लाखों की भीड़ उमड़ रही है। इस बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंगला आरती के लिए नियमित टिकटों की संख्या 500 कर दी गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार को परीक्षण के तौर पर श्रद्धालुओं की संख्या 250 से बढ़ाकर 475 की गई थी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने रविवार को बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/569037/varanasi--now-500-devotees-will-be-able-to-get-tickets-for-the-mangala-aarti-at-the-vishwanath-temple--the-temple-administration-has-taken-this-decision-for-this-reason"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats316.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वाराणसी। </strong>श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की मंगला आरती में अब 250 की जगह 500 श्रद्धालुओं को टिकट उपलब्ध कराया जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में लाखों की भीड़ उमड़ रही है। इस बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंगला आरती के लिए नियमित टिकटों की संख्या 500 कर दी गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार को परीक्षण के तौर पर श्रद्धालुओं की संख्या 250 से बढ़ाकर 475 की गई थी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्रा ने रविवार को बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। टिकट आसानी से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से बुक किए जा सकते हैं। यदि टिकट बुक न हो पाए तो अपनी समस्या और संपर्क नंबर छोड़ दें, मंदिर प्रशासन द्वारा समय रहते सहायता प्रदान की जाएगी। </p>
<p style="text-align:justify;">ऑनलाइन माध्यम से एक महीने तक के टिकट बुक किए जा सकते हैं। उपलब्धता के आधार पर टिकट जारी किया जाएगा। मंगला आरती के दौरान गर्भगृह के चारों द्वारों पर कुछ श्रद्धालु बैठ सकते हैं। साथ ही एलईडी स्क्रीन पर भी आरती का दर्शन किया जा सकेगा। बीते पांच दिनों में लगभग 1,400 श्रद्धालुओं ने मंगला आरती का दर्शन किया है। श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन और बेहतर सुविधा के लिए न्यास द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>वाराणसी</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/569037/varanasi--now-500-devotees-will-be-able-to-get-tickets-for-the-mangala-aarti-at-the-vishwanath-temple--the-temple-administration-has-taken-this-decision-for-this-reason</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/569037/varanasi--now-500-devotees-will-be-able-to-get-tickets-for-the-mangala-aarti-at-the-vishwanath-temple--the-temple-administration-has-taken-this-decision-for-this-reason</guid>
                <pubDate>Sun, 25 Jan 2026 14:07:37 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Magh Mela 2026 : प्रयागराज में बसंत पंचमी का महास्नान, 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान, प्रशासन ने कसी कमर</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज: </strong>माघ मेले का चौथा प्रमुख स्नान पर्व आज 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी पर मनाया जा रहा है। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर लाखों-करोड़ों श्रद्धालु ठंड और कोहरे की परवाह किए बिना आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पंचमी तिथि गुरुवार रात 2:28 बजे से शुरू होकर शुक्रवार रात 1:56 बजे तक रहेगी। इस पुण्य मुहूर्त में श्रद्धालु पीले वस्त्र, पीले अन्न और दान-पुण्य कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मेला प्रशासन के अनुसार, बसंत पंचमी, आगामी 25 जनवरी को अचला सप्तमी (पुत्र सप्तमी या भानु सप्तमी) और वीकेंड के चलते अगले तीन दिनों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568746/magh-mela-2026--basant-panchami-s-grand-bath-in-prayagraj--35-million-people-expected-to-take-a-dip-in-the-confluence--administration-gears-up-for-crowd-management"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(12)13.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज: </strong>माघ मेले का चौथा प्रमुख स्नान पर्व आज 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी पर मनाया जा रहा है। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर लाखों-करोड़ों श्रद्धालु ठंड और कोहरे की परवाह किए बिना आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पंचमी तिथि गुरुवार रात 2:28 बजे से शुरू होकर शुक्रवार रात 1:56 बजे तक रहेगी। इस पुण्य मुहूर्त में श्रद्धालु पीले वस्त्र, पीले अन्न और दान-पुण्य कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मेला प्रशासन के अनुसार, बसंत पंचमी, आगामी 25 जनवरी को अचला सप्तमी (पुत्र सप्तमी या भानु सप्तमी) और वीकेंड के चलते अगले तीन दिनों में कुल 3.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम स्नान कर सकते हैं। मौनी अमावस्या के बाद बसंत पंचमी सबसे बड़ा स्नान पर्व माना जाता है, जहां भीड़ का दबाव चरम पर रहता है। मेला क्षेत्र में 3.5 किमी लंबाई वाले 24 घाट पूरी तरह तैयार हैं, जहां सफाई, निर्मल जल और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।</p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>भीड़ प्रबंधन और पांटून पुलों की खास व्यवस्था</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से घुमाने के लिए पांटून पुलों पर विशेष योजना बनाई है:  <br />- परेड से झूसी जाने के लिए पांटून पुल नंबर 3, 5 और 7।  <br />- झूसी से परेड आने के लिए पांटून पुल नंबर 4 और 6।  <br />- आपातकाल के लिए पुल नंबर 1 और 2 पर भारी पुलिस बल तैनात।  </p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong>ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी</strong></h3>
<p style="text-align:justify;">मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, घाट सुरक्षा और निकासी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। माघ मेले से जुड़े वाहनों को छोड़कर अन्य भारी और हल्के वाहनों को प्रयागराज जिले की सीमा पर ही वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण: बसंत पंचमी पर नया यमुना पुल पूरी तरह बंद रहेगा, आवागमन केवल पुराने पुल से संभव होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा और वसंत ऋतु की शुरुआत का भी उत्सव है। प्रशासन की कड़ी मेहनत से यह महास्नान सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो रहा है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568746/magh-mela-2026--basant-panchami-s-grand-bath-in-prayagraj--35-million-people-expected-to-take-a-dip-in-the-confluence--administration-gears-up-for-crowd-management</link>
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                <pubDate>Fri, 23 Jan 2026 10:07:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title> &quot;जीवन में आए नव उत्साह और उमंग&quot;, मौनी अमावस्या पर मुख्यमंत्री योगी ने श्रद्धालुओं को दी शुभकामनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> संगम नगरी प्रयागराज में 'मौनी अमावस्या' के महास्नान पर्व पर स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा नेताओं ने इस अवसर पर देश-दुनिया से आए करोड़ों श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दान, व्रत और त्याग की प्रेरणा देने वाले आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या की सभी श्रद्धालुओं और प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई। मोक्षदायिनी माँ गंगा और सूर्यदेव की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, जीवन में नव ऊर्जा, नव</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568180/%22may-new-enthusiasm-and-joy-fill-your-lives-%22-chief-minister-yogi-adityanath-extended-his-wishes-to-devotees-on-mauni-amavasya"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats203.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> संगम नगरी प्रयागराज में 'मौनी अमावस्या' के महास्नान पर्व पर स्नान के लिए श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा नेताओं ने इस अवसर पर देश-दुनिया से आए करोड़ों श्रद्धालुओं को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दान, व्रत और त्याग की प्रेरणा देने वाले आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या की सभी श्रद्धालुओं और प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई। मोक्षदायिनी माँ गंगा और सूर्यदेव की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, जीवन में नव ऊर्जा, नव उत्साह और नव उमंग का संचार हो, यही कामना है। हर हर गंगे!" </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे लिखा कि आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर पवित्र संगम स्नान के लिए पधारे सभी पूज्य अखाड़ों, धर्माचार्यों, संतगणों, साधकों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिनंदन। मोक्षदायिनी माँ गंगा और भगवान सूर्य की कृपा से सभी की मनोक्षणाएं पूर्ण हों, जीवन में नई ऊर्जा, नया उत्साह और नया संकल्प जगे, यही प्रार्थना है। हर हर गंगे!</p>
<p style="text-align:justify;">राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "लोक-आस्था के पावन पर्व मौनी अमावस्या पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं! पवित्र संगम और विभिन्न पावन नदियों में स्नान-दान के इस महापर्व पर भगवान श्रीहरि से प्रार्थना है कि वे सभी के जीवन में सुख, शांति और अटूट समृद्धि का संचार करें।"</p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "समस्त देश एवं प्रदेशवासियों को पवित्र नदियों में स्नान, दान-पुण्य व लोक आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! मौनी अमावस्या के अवसर पर माघ मेला में पावन स्नान हेतु पधारे समस्त साधु-संतों, कल्पवासियों एवं श्रद्धालुओं का सादर अभिनन्दन!"</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आगे लिखा कि माघ मेला के पवित्र अवसर पर प्रयागराज के पावन संगम में आस्था की डुबकी से समस्त पूज्य साधु-संतों एवं कल्पवासियों की तपस्या सफल हो तथा समस्त श्रद्धालुओं के जीवन में पुण्य, शांति और अभिलाषित फल की प्राप्ति हो, यही मंगलकामना है। </p>
<p style="text-align:justify;">उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री जसवन्त सिंह सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "दान, व्रत, मौन और त्याग की प्रेरणा देने वाले आस्था के पावन पर्व मौनी अमावस्या की समस्त श्रद्धालुओं एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। मोक्षदायिनी माँ गंगा एवं सूर्यदेव की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों तथा जीवन में नव ऊर्जा, नव उत्साह और नव उमंग का संचार हो, यही मंगलकामना है। हर हर गंगे!"</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/568180/%22may-new-enthusiasm-and-joy-fill-your-lives-%22-chief-minister-yogi-adityanath-extended-his-wishes-to-devotees-on-mauni-amavasya</link>
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                <pubDate>Sun, 18 Jan 2026 14:29:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अयोध्या में लगा भक्तों का तांताः मकर संक्रांति पर पांच लाख श्रद्धालुओं ने लगाई सरयू में डुबकी, जय श्री राम और हर-हर महादेव से गूंजी राम नगरी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>मकर संक्रांति पर्व पर सरयू में लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। मंदिरों में दर्शन पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं के लिए नागरिक सुविधाओं के साथ प्रशासनिक और पुलिस की तैनाती की गई थी।</p>
<p>धार्मिक मान्यता है कि मकर संक्रांति पर सरयू में स्नान, दान और पूजन से सभी पापों का क्षय होजा ता है। भगवान सूर्य की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ मकर स्नान के लिए अयोध्या पहुंची थी।</p>
<p>भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ उत्तरायण होने के इस महत्वपूर्ण पर्व पर</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567906/ayodhya-witnessed-a-surge-of-devotees--five-lakh-devotees-took-a-dip-in-the-saryu-river-on-makar-sankranti--chants-of-jai-shri-ram-and-har-har-mahadev-filled-the-city"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(77)2.png" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>मकर संक्रांति पर्व पर सरयू में लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। मंदिरों में दर्शन पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं के लिए नागरिक सुविधाओं के साथ प्रशासनिक और पुलिस की तैनाती की गई थी।</p>
<p>धार्मिक मान्यता है कि मकर संक्रांति पर सरयू में स्नान, दान और पूजन से सभी पापों का क्षय होजा ता है। भगवान सूर्य की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ मकर स्नान के लिए अयोध्या पहुंची थी।</p>
<p>भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ उत्तरायण होने के इस महत्वपूर्ण पर्व पर अयोध्या आस्था और श्रद्धा का अदुभुत संगम दिखा। अनुमान के मुताबिक लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू में स्नान किया। श्रध्दालुओं की भीड़ अल सुबह से ही अयोध्या में जय सियाराम और जै श्रीराम के साथ हर-हर महादेव के जयकारे के साथ सड़क पर दिखने लगी थी। ब्रह्म मुहूर्त से सरयू के घाटों पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। अयोध्या के साथ आसपास के जिलों अंबेडकरनगर, बाराबंकी, सुल्तानपुर, गोंडा, बस्ती के साथ देश और प्रदेश के बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे थे। वह भोर का इंतजार कर रहे थे। चार बजने के साथ ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया। पछुवा हवा और कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। स्नान के बाद खिचड़ी दान के साथ श्रद्धालुओं ने खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण किया।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(77)2.png" alt="MUSKAN DIXIT (77)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3><strong>हनुमानगढ़ी और राममंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़</strong></h3>
<p>सरयू स्नान और दान के बाद श्री हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं ने हनुमान जी का दर्शन पूजन किया। इसके बाद श्री राम मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। इसके साथ ही अयोध्या के अन्य मंदिरों में भी भारी भीड़ देखने को मिली। श्रद्धालु राम किशोर ने कहा कि मकर संक्रांति पर सरयू स्नान का अलग महत्व है। श्री राम की नगरी अध्यात्म का केंद्र हैं यहां आकर लगता है सारे पाप धुल गए। आलोक बोले यह पर्व स्नान-दान के साथ नए संकल्पों का है। भगवान सूर्य की कृपा जावन में नई ऊर्जा का संचार करती है।</p>
<h3><strong>की गई थी चाक-चौबंद व्यवस्था</strong></h3>
<p>एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी। घाटों पर पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी अलर्ट मोड पर तैनात थे। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के साथ भीड़ प्रबंधन के लिए बैरिकेडिंग व मार्ग बताने के लिए बोर्ड लगाए गए थे।</p>
<p><img src="https://www.amritvichar.com/media/2026-01/muskan-dixit-(78)2.png" alt="MUSKAN DIXIT (78)" width="1280" height="720"></img></p>
<h3><strong>मौनी अमावस्या व बसंत पंचमी के लिए व्यापक इंतजाम: डीएम</strong></h3>
<p>-जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने मेले में श्रद्धालुओं को असुविधा न हो इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अगले स्नान पर्व मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                            <category>धर्म संस्कृति</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/567906/ayodhya-witnessed-a-surge-of-devotees--five-lakh-devotees-took-a-dip-in-the-saryu-river-on-makar-sankranti--chants-of-jai-shri-ram-and-har-har-mahadev-filled-the-city</link>
                <guid>https://www.amritvichar.com/article/567906/ayodhya-witnessed-a-surge-of-devotees--five-lakh-devotees-took-a-dip-in-the-saryu-river-on-makar-sankranti--chants-of-jai-shri-ram-and-har-har-mahadev-filled-the-city</guid>
                <pubDate>Fri, 16 Jan 2026 10:30:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माघ मेला : रेलवे स्टेशनों पर कलर कोडिंग, कानपुर के लिए हरा, भीड़ के चलते रेल अफसरों ने लिया फैसला </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> माघ मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सहज, सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनों पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी। कानपुर दिशा के लिए रेलवे ने हरे रंग का चयन किया है जो यात्री आश्रय संख्या–4  एवं गेट संख्या–4 का प्रयोग करेंगे।</p><p>उत्तर मध्य जोन के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हें अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567627/magh-mela--color-coding-at-railway-stations--green-for-kanpur--railway-officials-took-the-decision-due-to-the-large-crowds"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats142.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> माघ मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सहज, सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनों पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी। कानपुर दिशा के लिए रेलवे ने हरे रंग का चयन किया है जो यात्री आश्रय संख्या–4  एवं गेट संख्या–4 का प्रयोग करेंगे।</p><p>उत्तर मध्य जोन के जनसंपर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हें अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस रंग के यात्री आश्रय एवं किस गेट से जाना है। इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी, भीड़ का संतुलित वितरण सुनिश्चित होगा तथा माघ मेला अवधि के दौरान स्टेशन परिसरों में सुचारु, सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन बना रहेगा।</p><h5><strong>माघ मेला पर प्रमुख स्नान </strong></h5><p>माघ मेला 2026 में प्रमुख स्नान पर्व- मकर संक्रांति (15 जनवरी -2026),  मौनी अमावस्या (18 जनवरी -2026),  बसंत पंचमी (23 जनवरी -2026),  माघी पूर्णिमा (01 फरवरी -2026),  एवं महाशिवरात्रि (15 फरवरी -2026) हैं। रेलवे अफसरों का मानना है कि इन तिथियों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी जिन्हें व्यवस्थित रखने के लिए ये व्यवस्था की गई है। ये सारी व्यवस्था मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हरिमोहन के नेतृत्व में क्रियान्वित है। </p><p>उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के अंतर्गत प्रयागराज परिक्षेत्र के प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन, प्रयागराज छिवकी, नैनी एवं सूबेदारगंज पर प्रत्येक दिशा के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अपने गंतव्य की दिशा को सरलता से पहचान सकें और बिना किसी भ्रम के आसने से उचित यात्री आश्रय एवं प्रवेश द्वार तक पहुंच सकें। सभी दिशाओं में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री सिटी साइड स्थित गेट संख्या–5 से प्रवेश करेंगे।</p><h5><strong>प्रयागराज जंक्शन से दिशावार व्यवस्था </strong></h5><ol><li>लखनऊ/वाराणसी (बनारस) दिशा के लिए लाल रंग यात्री आश्रय संख्या–1 एवं गेट संख्या–1</li><li>मानिकपुर दिशा के लिए पीला रंग यात्री आश्रय संख्या 3 एवं गेट संख्या–3</li><li>कानपुर दिशा के लिए हरा रंग यात्री आश्रय संख्या–4 एवं गेट संख्या–4 </li></ol><h5><strong>नैनी जंक्शन से दिशावार व्यवस्था </strong></h5><ol><li>कानपुर दिशा के लिए हरा रंग यात्री आश्रय संख्या–1 एवं गेट संख्या–1</li><li>झांसी दिशा के लिए नीला रंग यात्री आश्रय संख्या–2 एवं गेट संख्या–1</li><li>सतना दिशा के लिए लाल रंग यात्री आश्रय संख्या–3 एवं गेट संख्या–1</li><li>पं. दीनदयाल उपाध्याय दिशा के लिए पीला रंग यात्री आश्रय संख्या-4A एवं 4B  एवं गेट संख्या-3 और 4</li><li>सभी दिशाओं में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2 से जाएंगे। </li></ol><h5><strong>प्रयागराज छिवकी स्टेशन से दिशावार व्यवस्था </strong></h5><ul><li>पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा के लिए हरा रंग यात्री आश्रय संख्या–1 एवं गेट संख्या–1A</li><li>मानिकपुर, सतना दिशा के लिए लाल रंग यात्री आश्रय संख्या–2 एवं गेट संख्या–1B</li><li>झांसी दिशा के लिए यात्री आश्रय संख्या–3 एवं गेट संख्या–1B</li><li>सभी दिशाओं में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2</li></ul><h5><strong>सूबेदारगंज स्टेशन से दिशावार व्यवस्था</strong></h5><ul><li>कानपुर दिशा के लिए यात्री आश्रय संख्या–1 एवं गेट संख्या–1</li><li>कानपुर दिशा के लिए आरक्षित यात्री गेट संख्या–3 से जाएंगे।</li></ul>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 13 Jan 2026 20:11:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>माघ मेला : मुख्यमंत्री योगी ने श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए मेला सेवा ऐप का किया लांच</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> प्रयागराज में माघ मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेला सेवा ऐप का उद्घाटन किया। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मेले के आगामी स्नान पर्वों की समीक्षा करने शनिवार को माघ मेला क्षेत्र पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रयागराज में तीर्थयात्रियों को डिजिटल मार्गदर्शन देने के लिए माघ मेला सेवा ऐप का भी उद्घाटन किया। इस ऐप के जरिए मेले में आए श्रद्धालुओं को डिजिटल तरीके से सेवाएं उपलब्ध</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/567152/magh-mela--chief-minister-yogi-adityanath-launched-the-mela-seva-app-for-the-convenience-of-devotees"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/cats111.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>प्रयागराज।</strong> प्रयागराज में माघ मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को मेला सेवा ऐप का उद्घाटन किया। सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मेले के आगामी स्नान पर्वों की समीक्षा करने शनिवार को माघ मेला क्षेत्र पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। </p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने इस दौरान प्रयागराज में तीर्थयात्रियों को डिजिटल मार्गदर्शन देने के लिए माघ मेला सेवा ऐप का भी उद्घाटन किया। इस ऐप के जरिए मेले में आए श्रद्धालुओं को डिजिटल तरीके से सेवाएं उपलब्ध होंगी। मेला अधिकारी ऋषिराज ने बताया कि इस ऐप को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि मेला क्षेत्र के किसी भी हिस्से में बैठा कोई भी श्रद्धालु या पर्यटक अपनी समस्या से मेला प्रशासन को अवगत करा सकता है जिससे मेला प्रशासन के कर्मचारी उसका समाधान कर सकें। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र के बिजली के सभी खंभों में इसके लिए क्यूआर कोड लगाए गए हैं जिन्हें स्कैन करके उसमें खुलने वाले प्रपत्र में अपनी समस्या लिखकर प्रशासन के पास भेजा जा सकता है। मेला प्रशासन के विभिन्न विभागों की टीम इसका संज्ञान लेकर समस्या का निवारण करेंगी। माघ मेला में पहली बार यह सुविधा दी गई है।  </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>प्रयागराज</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 10 Jan 2026 21:57:29 +0530</pubDate>
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