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                <description>PWD RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>Kanpur News : मरियमपुर से सचान चौराहे तक बनेगी एलीवेटेड रोड, पीडब्ल्यूडी ने परियोजना को 2026-27 की कार्य योजना में किया शामिल </title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> मरियमपुर चौराहा से बर्रा बाईपास से पहले सचान चौराहे तक 4.20 किमी लंबे रेलवे ओवरब्रिज तथा फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। पीडब्ल्यूडी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना में शामिल कर लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब प्रस्ताव वित्त कमेटी को भेजा जा रहा है, जहां से अगले माह ही स्वीकृति दिलाने के लिए विगत दिवस शहर आए मुख्यमंत्री आश्वस्त कर गए हैं। उत्तर और दक्षिण क्षेत्र के बीच यातायात जाम की समस्या का निदान करके लोगों की आवाजाही सुगम बनाने वाली इस एलीवेटेड रोड</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/585219/kanpur-news--an-elevated-road-will-be-constructed-from-mariyampur-to-sachan-crossing--the-pwd-has-included-the-project-in-the-2026-27-action-plan"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-06/cats398.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कानपुर, अमृत विचार।</strong> मरियमपुर चौराहा से बर्रा बाईपास से पहले सचान चौराहे तक 4.20 किमी लंबे रेलवे ओवरब्रिज तथा फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। पीडब्ल्यूडी ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्य योजना में शामिल कर लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अब प्रस्ताव वित्त कमेटी को भेजा जा रहा है, जहां से अगले माह ही स्वीकृति दिलाने के लिए विगत दिवस शहर आए मुख्यमंत्री आश्वस्त कर गए हैं। उत्तर और दक्षिण क्षेत्र के बीच यातायात जाम की समस्या का निदान करके लोगों की आवाजाही सुगम बनाने वाली इस एलीवेटेड रोड का निर्माण 945 करोड़ रुपये से होगा। रेलवे से निर्माण कार्य के अपने हिस्से की लागत और डिजाइन रिपोर्ट पहले ही मांगी जा चुकी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मरियमपुर से बर्रा बाईपास के पहले तक बनने वाली एलीवेटेड रोड का जो खाका खींचा गया है, उसके अनुसार इसे 150 पिलर पर बनाया जोगा। प्रत्येक पिलर 24 से 30 मीटर की दूरी पर होगा। इस अलीवेटेड रोड की चौड़ाई साढ़े 10 मीटर रहेगी। इसके लिए सीमांकन व सर्वे कार्य पहले ही किया जा चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस परियोजना की ऐसी डिजाइन तैयार की गई है, जिससे न सिर्फ पुराने गोविंदपुरी पुल का अस्तित्व बना रहेगा, बल्कि पिलर की ऊंचाई अधिक रहने से सड़क किनारे के व्यावसायिक व रिहायशी क्षेत्रों को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा। इस एलीवेटेड रोड के निर्माण से दक्षिण व उत्तर के बीच प्रतिदिन यात्रा करने वालों समेत 20 लाख से ज्यादा आबादी को मरियमपुर, फजलगंज, चावला मार्केट, नंद लाल चौराहा, दीप तिराहा, सचान गेस्ट हाउस चौराहा पर लगने वाला जाम से मुक्ति मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>कानपुर</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 19 Jun 2026 21:27:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Deepak Mishra]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जनगणना 2027 में बड़ी लापरवाही: 540 कर्मचारियों पर एफआईआर की तैयारी, नगर निगम ने तैयार की लिस्ट</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने और आवश्यक सामग्री मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी जनगणना कार्य में शामिल नहीं हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर निगम के विभिन्न जोनों में ऐसे कुल 540 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, बाल विकास पुष्टाहार, पंचायत विभाग, सीएमओ कार्यालय समेत अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। नगर निगम ने ऐसे कर्मचारियों की सूची संबंधित थानों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/582966/major-negligence-in-census-2027--preparations-for-fir-against-540-employees--municipal-corporation-prepared-the-list"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-05/muskan-dixit-(12)9.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ, अमृत विचार : </strong>जनगणना 2027 के मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने और आवश्यक सामग्री मिलने के बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारी जनगणना कार्य में शामिल नहीं हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नगर निगम के विभिन्न जोनों में ऐसे कुल 540 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग, पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग, बाल विकास पुष्टाहार, पंचायत विभाग, सीएमओ कार्यालय समेत अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। नगर निगम ने ऐसे कर्मचारियों की सूची संबंधित थानों को भेजते हुए वैधानिक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Crime</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 24 May 2026 11:47:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly:सिटी स्टेशन रोड से पूरी तरह से हटा ट्रैफिक प्रतिबंध, दौड़ने लगे भारी वाहन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> करीब दो महीने से धूल और डायवर्जन की मार झेल रहे शहरवासियों के लिए मंगलवार को सिटी स्टेशन रोड को सभी प्रकार के वाहनों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। पीडब्ल्यूडी और ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त निरीक्षण के बाद लिए गए इस फैसले से हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है।</p>
<p>चौपुला पुल से किला क्षेत्र को जोड़ने वाली यह सड़क शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार है। जलभराव के कारण यह मार्ग अक्सर क्षतिग्रस्त हो जाता था, इस गंभीर समस्या का स्थायी हल निकालने के लिए नगर निगम ने पांच करोड़ रुपये का</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579609/traffic-restrictions-completely-lifted-on-city-station-road--heavy-vehicles-have-started-plying"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/po6.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> करीब दो महीने से धूल और डायवर्जन की मार झेल रहे शहरवासियों के लिए मंगलवार को सिटी स्टेशन रोड को सभी प्रकार के वाहनों के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। पीडब्ल्यूडी और ट्रैफिक पुलिस के संयुक्त निरीक्षण के बाद लिए गए इस फैसले से हजारों लोगों को बड़ी राहत मिली है।</p>
<p>चौपुला पुल से किला क्षेत्र को जोड़ने वाली यह सड़क शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार है। जलभराव के कारण यह मार्ग अक्सर क्षतिग्रस्त हो जाता था, इस गंभीर समस्या का स्थायी हल निकालने के लिए नगर निगम ने पांच करोड़ रुपये का विशेष बजट पीडब्ल्यूडी को आवंटित किया था। इसके तहत 1200 मीटर लंबी हाई-क्वालिटी सीसी रोड का निर्माण कराया गया है।</p>
<p> सड़क निर्माण के दौरान वन-वे ट्रैफिक और लंबे डायवर्जन की वजह से आम जनता को रोजाना भीषण जाम से जूझना पड़ रहा था। पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता भगत सिंह ने बताया कि पिछले सप्ताह केवल दोपहिया वाहनों और ई-रिक्शा को अनुमति दी गई थी, अब सड़क को भारी वाहनों यानी बस और ट्रकों के लिए भी पूरी तरह खोल दिया गया है।</p>
<p><strong>उर्स-ए-ताजुश्शरिया के मद्देनजर लिया फैसला</strong><br />बरेली में 24 अप्रैल से शुरू हो रहे 36वें उर्स-ए-ताजुश्शरिया को देखते हुए प्रशासन ने सिटी स्टेशन रोड को पूरी तरह खोलने का निर्णय लिया है। 23 अप्रैल को निकलने वाले पारंपरिक ''परचम कुशाई'' जुलूस और देश-विदेश से आने वाले हजारों अकीदतमंदों की सुविधा के लिए पीडब्ल्यूडी ने यह कदम उठाया है। एक्सईएन के अनुसार, उर्स के दौरान जायरिनों की बसों के भारी दबाव को देखते हुए शासन के निर्देश पर सड़क बहाल की गई है, ताकि यातायात सुचारू बना रहे।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Apr 2026 14:09:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गैरहाजिर पांच अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, CCTV की निगरानी में होंगे जिले के सभी आंगनबाड़ी केन्द्र</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह की अध्यक्षता में बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिसमें तय किया गया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र अब सीसीटीवी की निगरानी में होंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में गैर हाजिर रहे अधिशासी अधिकारी भदरसा, माँ कामाख्या एवं सुचित्तागंज सहित अधिशासी अभियन्ता पीडब्लूडी सीडी-4 एवं अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिये।</p>
<p>बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि अब शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर, सम्पूर्ण मातृ आहार, आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी तथा सक्षम पोषण ब्राण्ड नाम ये</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/579205/show-cause-notices-issued-to-five-absent-officers--all-anganwadi-centres-in-the-district-to-be-under-cctv-surveillance"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/muskan-dixit-(17)7.png" alt=""></a><br /><p><strong>अयोध्या, अमृत विचार: </strong>मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह की अध्यक्षता में बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिसमें तय किया गया कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र अब सीसीटीवी की निगरानी में होंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में गैर हाजिर रहे अधिशासी अधिकारी भदरसा, माँ कामाख्या एवं सुचित्तागंज सहित अधिशासी अभियन्ता पीडब्लूडी सीडी-4 एवं अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण अभियन्त्रण को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिये।</p>
<p>बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि अब शिशु अमृत, शिशु आहार, बाल पुष्टिकर, सम्पूर्ण मातृ आहार, आरोग्य पोषण, बाल संजीवनी तथा सक्षम पोषण ब्राण्ड नाम ये रेसेपी बेस्ड पोषाहार की आपूर्ति आंगनबाड़ी केन्द्रों पर की जायेगी। यह आपूर्ति नेफेड द्वारा सीधे कार्यक्रम आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को उनके मोबाइल पर संदेश देकर और ओटीपी सत्यापन के बाद कराई जायेगी। स्वयं सहायता समूहों द्वारा बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालयों से खाद्यान्न उठान कराते हुए आंगनबाडी केन्द्रों पर प्राप्त कराने की मौजूदा व्यवस्था शासन के निर्देशानुसार समाप्त हो चुकी है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र को सर्वे के साथ मैप करने और जहाँ विभागीय भवन उपलब्ध नहीं है उन गांवों में विभागीय भवन के निर्माण में प्राथमिकता दिये जाने सम्बन्धी निर्देश मुख्य विकास अधिकारी ने दिये। कहा कि पूरी कार्यवाही 15 दिनों में पूरी की जाए। साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्रों के ऐसे बच्चे जो जुलाई, 2026 में छह वर्ष के हो जायेंगे, उन्हें निकटतम प्राथमिक विद्यालय में दाखिला कराने के निर्देश दिये।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>अयोध्या</category>
                                    

                <link>https://www.amritvichar.com/article/579205/show-cause-notices-issued-to-five-absent-officers--all-anganwadi-centres-in-the-district-to-be-under-cctv-surveillance</link>
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                <pubDate>Sat, 18 Apr 2026 17:59:24 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : पीलीभीत बाईपास पर ''टेन लेन'' का सफर सपना ही, टेंडर हुआ न शुरू हुआ काम </title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> पीलीभीत बाईपास को टेन लेन की हाईटेक सड़क बनाने का सपना अब महज एक ''कागजी झुनझुना'' नजर आ रहा है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और पीडब्ल्यूडी के बीच छिड़ी जंग और क्रेडिट लेने की होड़ ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को फाइलों के मकड़जाल में उलझा दिया। तीन साल में फोरलेन से शुरू होकर सिक्सलेन, एट लेन और अब टेन लेन के दावों के बीच सेटेलाइट से बैरियर-टू तक का हिस्सा आज भी अपने उद्धार की बाट जोह रहा है।</p>
<p>दरअसल, सरकारी विभागों की आपसी खींचतान में जब भी सड़क बनने की उम्मीद जगती है, एक नया खेल</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/578563/the-%22ten-lane%22-journey-on-pilibhit-bypass-remains-a-mere-dream--no-tenders-issued--no-work-started"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-04/op5.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार।</strong> पीलीभीत बाईपास को टेन लेन की हाईटेक सड़क बनाने का सपना अब महज एक ''कागजी झुनझुना'' नजर आ रहा है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और पीडब्ल्यूडी के बीच छिड़ी जंग और क्रेडिट लेने की होड़ ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को फाइलों के मकड़जाल में उलझा दिया। तीन साल में फोरलेन से शुरू होकर सिक्सलेन, एट लेन और अब टेन लेन के दावों के बीच सेटेलाइट से बैरियर-टू तक का हिस्सा आज भी अपने उद्धार की बाट जोह रहा है।</p>
<p>दरअसल, सरकारी विभागों की आपसी खींचतान में जब भी सड़क बनने की उम्मीद जगती है, एक नया खेल शुरू हो जाता है। साल 2022 से पीडब्ल्यूडी फोरलेन और सिक्सलेन के एस्टीमेट शासन को भेजता रहा, यहां तक किमुख्यमंत्री ने भी जनवरी में सिक्सलेन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी थी। लेकिन बीडीए को कुछ और ही साबित करना था। प्राधिकारण ने 130 करोड़ का दस लेन वाला प्रस्ताव तैयार कर शासन में फाइल भेज दी। मंजूरी मिलने के बाद बड़े-बड़े दावे किए मार्च तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कर दिया जाएगा और सेटेलाइट से एयरपोर्ट की दूरी महज 10 मिनट की रह जाएगी।</p>
<p>बीडीए ने इस परियोजना में सड़क के दोनों ओर पांच-पांच लेन और सर्विस लेन की भव्यता का जो खाका खींचा था, वह भी वित्तीय वर्ष 2025-26 बीतने के बाद धरातल पर एक इंच नहीं खिसक सका है। बीडीए टेंडर प्रक्रिया तक पूरी नहीं कर पाया है। इधर, सवाल उठ रहें हैं जब बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक के छोटे से हिस्से के चौड़ीकरण की रफ्तार कछुआ चाल से चल रही है, तो 11 किलोमीटर को टेन लेन बनाने का प्रोजेक्ट धरातल पर कैसे उतरेगा। साफ है कि पीलीभीत बाईपास का चौड़ीकरण विभागों की आपसी खींचतान की भेंट चढ़ चुका है। कहा जा रहा है कि पीडब्ल्यूडी और बीडीए के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान न होना और बार-बार एस्टीमेट बदलना इस देरी की मुख्य वजह है।</p>
<p>एक्सईएन पीडब्ल्यूडी भगत सिंह ने बताया कि जनवरी माह में सेटेलाइट से बैरियर टू चौकी तक सिक्सेलन करने का 215 करोड़ का प्रस्ताव बनाया था। कुछ समय बाद ही बीडीए से जानकारी लगी कि वह इस सड़क को मंडलायुक्त के निर्देश पर दस लेन बनाएंगे। इस लिए विभाग पीछे हट गया है। पीडब्लयूडी की तरफ से पहले भी कई फोरलेन और सिक्सलेन के प्रस्ताव भेजे गए थे जो मंजूर नहीं हुए। यह पूरी सड़क बीडीए ही टेन लेन बनाएगा।</p>
<p>बीडीए उपाध्यक्ष डा. मनिकंडन.ए का कहना है कि मंडलायुक्त ने आठ लेन सड़क और दोनों ओर सर्विस रोड बनाने का सुझाव दिया था। इसी आधार पर 130 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया। काम शुरू होने के बाद पीडब्ल्यूडी का इस सड़क के चौड़ीकरण से कोई लेना देना नहीं रहेगा। बेरियर टू से बड़ा बाईपास तक सड़क पहले ही चौड़ी की जा रही है। जल्द ही शेष 7.25 किलोमीटर हिस्से की बची सड़क को चौड़ी करने के लिए टेंडर निकाला जाएगा।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 13 Apr 2026 13:08:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: सीएम छह हजार करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास,  नाइट स्टे भी है मुमकिन</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्च के अंतिम सप्ताह में बरेली के प्रस्तावित दौरे पर जिला प्रशासन ने मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री के नाइट स्टे करने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सीएम बीडीए, नगर विकास, लोनिवि, बिजली आदि विभागों की लगभग 6 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर योगी भव्य जनसभा को भी संबोधित करेंगे।</p><p>प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री बरेली कब आएंगे, इसकी तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है। हालांकि चर्चा यह है कि चैत्र नवरात्र में मुख्यमंत्री गोरखपुर ज्यादा रहते हैं। पूजा-पाठ की</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/575416/the-cm-will-inaugurate-and-lay-the-foundation-stones-for-projects-worth-%E2%82%B96-000-crore--an-overnight-stay-is-also-possible"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cm.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्च के अंतिम सप्ताह में बरेली के प्रस्तावित दौरे पर जिला प्रशासन ने मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री के नाइट स्टे करने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सीएम बीडीए, नगर विकास, लोनिवि, बिजली आदि विभागों की लगभग 6 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे। इस मौके पर योगी भव्य जनसभा को भी संबोधित करेंगे।</p><p>प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री बरेली कब आएंगे, इसकी तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है। हालांकि चर्चा यह है कि चैत्र नवरात्र में मुख्यमंत्री गोरखपुर ज्यादा रहते हैं। पूजा-पाठ की वजह से बाहर के दौरे कम लगते हैं, इसलिए मार्च के आखिरी सप्ताह में ही आने की संभावना है।</p><p>इधर, जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री बरेली आएंगे लेकिन कब आएंगे, इसकी तारीख तय नहीं है। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री के बरेली में नाइट स्टे करने की भी संभावना है। वह करीब छह हजार करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास करेंगे। इसके साथ जनसभा होगी।</p><p>बरेली कॉलेज मैदान पर हो सकती है जनसभा<br />मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा का कार्यक्रम बरेली कॉलेज में होने की ज्यादा संभावना है। पूर्व में भी मुख्यमंत्री ने विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण-शिलान्यास के कार्यक्रम के दौरान बरेली कॉलेज के मैदान पर जनसभा को संबोधित किया है, इससे इस बार भी उनकी जनसभा बरेली कॉलेज में होने की संभावना को बल मिला है।<br /></p><p><strong>पीलीभीत रोड पर नई सड़क डालकर की जा रही समतल</strong></p><p>मुख्यमंत्री दौरे को लेकर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी सक्रिय नजर आ रहे हैं। त्रिशूल वायुसेना स्टेशन में राजकीय विमान से आने के बाद मुख्यमंत्री वाया सड़क मार्ग रामायण वाटिका आने के दौरान पीलीभीत रोड से भी गुजरेंगे। ऐसी संभावना के मद्देनजर लोनिवि पीलीभीत रोड को दुरुस्त करने में जुटा है। पीलीभीत रोड पर फिनिक्स मॉल के सामने और प्राचीन महाकालेश्वर मंदिर के आसपास काफी एरिया में नई सड़क बिछा रहे हैं ताकि ऊबड़-खाबड़ सड़क समतल हो जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 17 Mar 2026 12:23:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पीडब्ल्यूडी के तकनीकी सलाहकार वीके सिंह को मिला एक साल एक्सटेंशन, जानिए कबतक रहेगा कार्यकाल</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग में फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) तकनीक के कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित कराने के लिए सृजित तकनीकी सलाहकार के पद पर तैनात वी के सिंह के कार्यकाल की अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ा दी गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">जारी आदेश के मुताबिक सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष विजय कुमार सिंह को इस पद पर यथावत तैनात रखा गया है। पहले यह नियुक्ति 28 फरवरी 2026 तक के लिए की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक कर दिया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">आदेश में कहा गया है कि</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/574380/pwd-technical-advisor-vk-singh-gets-one-year-extension--know-how-long-his-tenure-will-be"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-03/cats56.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ।</strong> उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग में फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) तकनीक के कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित कराने के लिए सृजित तकनीकी सलाहकार के पद पर तैनात वी के सिंह के कार्यकाल की अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ा दी गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">जारी आदेश के मुताबिक सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता (विकास) एवं विभागाध्यक्ष विजय कुमार सिंह को इस पद पर यथावत तैनात रखा गया है। पहले यह नियुक्ति 28 फरवरी 2026 तक के लिए की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक कर दिया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">आदेश में कहा गया है कि यह पद लोक निर्माण विभाग में नवीन तकनीक एफडीआर के कार्यों को सुचारु एवं प्रभावी ढंग से लागू कराने के उद्देश्य से सृजित किया गया था। शासन ने पूर्व में जारी 27 सितंबर 2023 के आदेश में उल्लिखित शर्तों एवं प्रतिबंधों के अधीन इस पद पर विजय कुमार सिंह की तैनाती को जारी रखने की स्वीकृति प्रदान की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 09 Mar 2026 15:46:11 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>LDA पर 11 करोड़, PWD पर 6 करोड़!  सरकारी विभागों पर 77 करोड़ गृहकर बकाया, नगर निगम ने कसा शिकंजा... कुर्की-सीलिंग का नोटिस जारी</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार : </strong>सरकारी विभागों की इमारतों पर ही नगर निगम का करीब 77 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। इनमें कृषि उत्पादन मंडी परिषद, को-ऑपरेटिव विभाग, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, एलडीए , लोक निर्माण विभाग और राज्य सम्पत्ति विभाग, मौसम विभाग नगर निगम के बड़े गृहकर बकाएदार हैं। एलडीए पर 11, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर 6 करोड़ समेत इन विभागों पर करीब 77 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। नगर निगम ने बड़े बकायेदारों परशिकंजा कस दिया है। बकायेदारों को कुर्की व सीलिंग के नोटिस जारी किए जा रहे हैं, एक हफ्ते में बकाया गृहकर जमा न</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/568509/lda-owes-11-crore--pwd-6-crore--government-departments-owe-77-crore-in-house-tax--municipal-corporation-tightens-its-grip----issues-notices-for-attachment-and-sealing"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2026-01/muskan-dixit-(48)9.png" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ, </span>अमृत विचार : </strong>सरकारी विभागों की इमारतों पर ही नगर निगम का करीब 77 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। इनमें कृषि उत्पादन मंडी परिषद, को-ऑपरेटिव विभाग, डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, एलडीए , लोक निर्माण विभाग और राज्य सम्पत्ति विभाग, मौसम विभाग नगर निगम के बड़े गृहकर बकाएदार हैं। एलडीए पर 11, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) पर 6 करोड़ समेत इन विभागों पर करीब 77 करोड़ रुपये गृहकर बकाया है। नगर निगम ने बड़े बकायेदारों परशिकंजा कस दिया है। बकायेदारों को कुर्की व सीलिंग के नोटिस जारी किए जा रहे हैं, एक हफ्ते में बकाया गृहकर जमा न करने वाले प्रतिष्ठान व भवन सील किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">नगर आयुक्त गौरव कुमार ने संबंधित अधिकारियों को इस महीने वित्तीय वर्ष 2025-26 का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते अधिकारियों ने सरकारी और निजी भवनों के बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर ली है। नगर निगम को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 700 करोड़ रुपये गृहकर वसूली का लक्ष्य मिला है। इसमें अभी तक 350 करोड़ ही वसूली हो पाई है। नगर आयुक्त ने पिछले हफ्ते ही बैठक में कम वसूली करने वाले जोनल अधिकारियों और कर निरीक्षकों को नोटिस जारी करने के साथ वेतन रोकने के निर्देश दिए थे। नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारीअशोक सिंह ने बताया कि सभी आवासीय एवं अनावासीय भवनों के गृहकर बकायेदारों को नोटिस जारी की जा रही है। बकाया जमा न करने पर सीलिंग व कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। सरकारी विभागों को भी बकाया जमा करने के लिए पत्र भेजा जा रहा है।</span></p>
<h3 style="text-align:justify;"><strong><span style="font-family:NewswrapWeb;">ये हैं बड़े बकाएदार विभाग</span></strong></h3>
<p style="text-align:justify;"><strong>विभाग                                                  बकाया  गृहकर</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">लखनऊ विकास प्राधिकरण                           11 करोड़</span></p>
<p style="text-align:justify;">राज्य सम्पत्ति विभाग                                9.9 करोड़</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">पुनर्वास विश्वविद्यालय                                   9.5 करोड़</span></p>
<p style="text-align:justify;">लोक निर्माण विभाग                                    6 करोड़</p>
<p style="text-align:justify;"><span style="font-family:NewswrapWeb;">मौसम विभाग                                                 3 करोड़</span></p>
<p style="text-align:justify;">को-ऑपरेटिव विभाग पर                         1.54 करोड़</p>
<p style="text-align:justify;"><span><span style="font-family:NewswrapWeb;">कृषि उत्पादन मंडी परिषद                           96.9 लाख</span></span></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                            <category>Breaking News</category>
                                            <category>Trending News</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 21 Jan 2026 09:50:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Muskan Dixit]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly: मंडल की 18 खराब सड़कों की सूरत बदलने की कवायद, शासन को भेजा प्रस्ताव</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>मंडल में गन्ना परिवहन वाली सड़कों के पुनर्निर्माण को लेकर लंबे समय से गन्ना विभाग और पीडब्ल्यूडी के बीच चल रहा स्वामित्व विवाद आखिरकार सुलझ गया है। मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी ने गन्ना विभाग की सभी सड़कों की सूची विभागीय मुख्यालय भेज दी है। जिसमें इस वित्त वर्ष में 18 सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 15.73 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<p>गन्ना विभाग की सड़कों का निर्माण पिछले दो साल से पीडब्ल्यूडी के अधीन है। मंडल में पिछले साल 200 सड़कों पर काम शुरू किया था, जबकि इस वर्ष गन्ना विभाग ने कुल 43 सड़कों</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/563717/efforts-are-underway-to-improve-the-condition-of-18-dilapidated-roads-in-the-division--a-proposal-has-been-sent-to-the-government"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-12/sadak3.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>मंडल में गन्ना परिवहन वाली सड़कों के पुनर्निर्माण को लेकर लंबे समय से गन्ना विभाग और पीडब्ल्यूडी के बीच चल रहा स्वामित्व विवाद आखिरकार सुलझ गया है। मुख्य अभियंता पीडब्ल्यूडी ने गन्ना विभाग की सभी सड़कों की सूची विभागीय मुख्यालय भेज दी है। जिसमें इस वित्त वर्ष में 18 सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 15.73 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा गया है।</p>
<p>गन्ना विभाग की सड़कों का निर्माण पिछले दो साल से पीडब्ल्यूडी के अधीन है। मंडल में पिछले साल 200 सड़कों पर काम शुरू किया था, जबकि इस वर्ष गन्ना विभाग ने कुल 43 सड़कों की सूची पीडब्ल्यूडी को भेजी थी। इसमें निरीक्षण के दौरान 24 सड़कें सही और 18 सड़कें खराब मिलीं थीं, जिनके निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार किए थे, लेकिन न तो निविदा जारी हुई और न ही इन सड़कों को गड्ढामुक्त कराने का आदेश दिया गया। </p>
<p>इसकी वजह से गड्ढे वाली सड़कों पर ही गन्ना वाहनों का आवागमन हो रहा है। पूर्व में निर्माण कार्य में देरी का कारण इन सड़कों के हस्तांतरण को लेकर असमंजस की स्थिति थी। हालांकि पीडब्ल्यूडी ने इन सड़कों को अपनी वार्षिक कार्ययोजना में शामिल करते हुए एस्टीमेट तैयार किए थे, लेकिन जब निर्माण की गति पर सवाल उठे, तो एक्सईएन ने कहा था ये सड़कें पीडब्ल्यूडी को हस्तांतरित नहीं हुई हैं। मुख्य अभियंता अजय कुमार का कहना है कि गन्ना विभाग की 18 सड़कों का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। मुख्यालय के निर्देश मिलने पर ही काम शुरू कर दिया जाएगा।</p>
<p><strong>इन 18 सड़कों का अटका है निर्माण</strong><br />बरेली में बहेड़ी के सरकस से रूपपुर अकबराबाद, नवाबगंज में जालिम नगला से अधकटा भमनान, फरीदपुर में जागीर से ढहिया मार्ग, भोजीपुरा में नैनीताल रोड से बगिया पटेरी, नवाबगंज में फुलवड़िया-पनवड़िया से जलापुर, बरखन-क्योलड़िया मार्ग से बबूरी तक, मीरगंज में सोरहा से चितौली तक, बिथरी चैनपुर में बरेली-बीसलपुर मार्ग से पुरनापुर मार्ग शामिल है। इसके अलावा पीलीभीत में मझोला मार्ग से कैमा तक, पूरनपुर-पीलीभीत मार्ग से सिसैया गजरौला खुर्द मार्ग, असाम रोड से दियूनी बहादुरगंज मार्ग, टियूनी से केसरपुर मार्ग, दुधिया खुर्द रेलवे स्टेशन पश्चिम क्रॉसिंग से पूर्वी क्रॉसिंग तक, शिवनगर मझारा शिवुआ संपर्क मार्ग शामिल है। इसी तरह शाहजहांपुर में कटरा क्षेत्र में सैदापुर-भमौरी संपर्क मार्ग, बदायूं जिले में बंदायूं-बिसौली मार्ग से सिरसा मार्ग का निर्माण अटका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 16 Dec 2025 15:05:37 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Moradabad: NHAI और PWD मुख्य मार्गों पर तैनात करें एंबुलेंस...ब्लैक स्पॉट्स पर सुधार के निर्देश</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को तृतीय मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक उनके कार्यालय सभागार में हुई। इसमें सड़क सुरक्षा से जुड़ी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन, सड़क दुर्घटनाओं में कमी और ब्लैक स्पॉट्स के सुधार पर चर्चा हुई। मंडल के सभी ब्लैक स्पॉट को जल्द सुधार करने के लिए एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को मंंडलायुक्त ने सुधार का निर्देश दिया।</p>
<p>मंडलायुक्त ने कहा कि मंडल के सभी जिलों में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक नियमित रूप से कराई जाए। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाएं। बिना हेलमेट दोपहिया</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/558605/nhai-and-pwd-should-deploy-ambulances-on-main-roads---instructions-for-improvement-at-black-spots"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-11/nhai.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>मुरादाबाद, अमृत विचार।</strong> मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को तृतीय मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक उनके कार्यालय सभागार में हुई। इसमें सड़क सुरक्षा से जुड़ी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन, सड़क दुर्घटनाओं में कमी और ब्लैक स्पॉट्स के सुधार पर चर्चा हुई। मंडल के सभी ब्लैक स्पॉट को जल्द सुधार करने के लिए एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को मंंडलायुक्त ने सुधार का निर्देश दिया।</p>
<p>मंडलायुक्त ने कहा कि मंडल के सभी जिलों में जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक नियमित रूप से कराई जाए। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाएं। बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त प्रवर्तन कार्यवाही के निर्देश दिए। एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी को मुख्य मार्गों पर एंबुलेंस की तैनाती व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। मंडलायुक्त ने सोलेशियम योजना के अंतर्गत लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए और कहा कि सभी जनपदों में विद्यालय वाहन परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक समय से आयोजित की जाएं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि प्रवर्तन, जनजागरुकता और तकनीकी सुधार तीनों स्तरों पर प्रभावी कदम उठाकर ही सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ किया जा सकता है। सभी ब्लैक स्पॉट्स पर साईने रिफ्लेक्टर, रम्बल स्ट्रिम, मितंकन लगाने के लिए कहा। साथ ही जिन जनपदों में पुलिस विभाग द्वारा प्रवर्तन,सड़क सुरक्षा के विभिन्न अभियोगों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन के लिए नहीं भेजा गया है उनको तत्काल प्रेषित भेजने और ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने का निर्देश दिया। मंडलायुक्त ने कहा कि सड़क सुरक्षा के विभिन्न अभियोगों यथा बिना सीट बेल्ट,हेलमेट, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग ड्रंक एंड ड्राइविंग, रांग साइड ड्राइविंग आदि में प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई होनी चाहिए।</p>
<p>सभी ब्लैक स्पॉट्स पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधारात्मक कार्यवाही जैसे मार्किंग, रोड साइनेज, रिफ्लेक्टर, स्पीड टेबल और उचित लाइटिंग की व्यवस्था में सुधार करने के लिए कहा।<br />बैठक में अपर आयुक्त प्रथम अरुण कुमार सिंह, अपर आयुक्त द्वितीय शशि भूषण, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व मुरादाबाद ममता मालवीय, अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार, संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश सिंह, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन संदीप कुमार पंकज, आरएम अनुराग यादव, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन आनन्द निर्मल सहित मण्डल के अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।</p>
<p><strong>अनाधिकृत, अवैध संचालित ई-रिक्शा पर प्रभावी अंकुश लगाएं</strong><br />इसके अलावा, अनधिकृत ई-रिक्शा और ई-ऑटो के संचालन पर प्रभावी अंकुश लगाने, थानेवार अभियान चलाने और हाईवे पर इनके संचालन को रोकने के निर्देश भी दिए। साथ ही मुरादाबाद में ई-रिक्शा और ई-ऑटो जोन निर्धारित कर सख्ती से अनुपालन कराने और सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए विभागों को सामूहिक रूप से जिम्मेदारी निभाने के लिए कहा।</p>
<p><strong>रोड किनारे खड़े वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए</strong><br />मंडलायुक्त ने निर्देशित किया कि रोड किनारे खड़े वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। दलपतपुर टोल प्लाजा, चन्दौसी कट, सिहोराबाजे, छपरा मोड़, मनकरा मोड़, भदासना कट और सभी ब्लैक स्पाट्स पर अतिशीघ्र फ्लाईओवर का निर्माण कराने के लिए एनएचएआई के अधिकारी को निर्देश दिया।</p>
<p> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>मुरादाबाद</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 04 Nov 2025 19:25:48 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Monis Khan]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुख्यमंत्री योगी का बड़ा फैसला : PWD अफसरों को दी ये 'बूस्टर पॉवर', जानिए अब कैसे होगा काम</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के विभागीय अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में पांच गुना तक की वृद्धि करने का निर्णय लिया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार मुख्य अभियंता को अब दो करोड़ के स्थान पर 10 करोड़ रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति का अधिकार होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह अधीक्षण अभियंता को एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये तक कार्य स्वीकृत करने का अधिकार दिया जाएगा। अधिशासी अभियंता के वित्तीय अधिकार 40 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ किए जाएंगे। इसके अनुसार सहायक अभियंता</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/557120/chief-minister-yogi-adityanath-s-big-decision--pwd-officers-given-this--booster-power---learn-how-things-will-work-now"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-10/yogi1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लखनऊ। </strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के विभागीय अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों में पांच गुना तक की वृद्धि करने का निर्णय लिया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार मुख्य अभियंता को अब दो करोड़ के स्थान पर 10 करोड़ रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति का अधिकार होगा। </p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह अधीक्षण अभियंता को एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये तक कार्य स्वीकृत करने का अधिकार दिया जाएगा। अधिशासी अभियंता के वित्तीय अधिकार 40 लाख से बढ़ाकर दो करोड़ किए जाएंगे। इसके अनुसार सहायक अभियंता के लिए भी सीमित दायरे में निविदा स्वीकृति और छोटे कार्यों की अनुमति देने के अधिकार बढ़ाए जाएंगे। तीन दशकों के बाद यह पुनर्निर्धारण किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"> लोक निर्माण विभाग की बैठक में शुक्रवार को बताया गया कि विभागीय अधिकारियों के वित्तीय अधिकार वर्ष 1995 में निर्धारित किए गए थे। इस बीच निर्माण कार्यों की लागत में पांच गुना से अधिक की वृद्धि हो चुकी है। निर्माण लागत सूचकांक के अनुसार वर्ष 1995 की तुलना में वर्ष 2025 तक लगभग 5.52 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">लोक निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री को सिविल, विद्युत और यांत्रिक कार्यों के लिए वित्तीय अधिकारों की वर्तमान व्यवस्था की जानकारी दी। विमर्श के उपरांत निर्णय लिया गया कि सिविल कार्यों के लिए अधिकारियों के वित्तीय अधिकारों की सीमा अधिकतम पांच गुना तक बढ़ाई जाएगी, जबकि विद्युत और यांत्रिक कार्यों के लिए कम से कम दो गुना तक वृद्धि की जाएगी। <br />मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में वित्तीय अधिकारों का पुनर्निर्धारण आवश्यक है, ताकि निर्णय प्रक्रिया में तेजी आए और परियोजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध रूप से किया जा सके।उन्होंने कहा कि बदलावों से विभागीय अधिकारियों को निर्णय लेने में अधिक स्वायत्तता प्राप्त होगी। उच्च स्तर पर अनुमोदन की आवश्यकता घटने से निविदा, अनुबंध गठन और कार्य आरंभ की प्रक्रिया में गति आएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद करेगा। बयान में कहा गया कि बैठक में उत्तर प्रदेश अभियंता सेवा (लोक निर्माण विभाग) (उच्चतर) नियमावली, 1990 में संशोधन के माध्यम से विद्युत और यांत्रिक संवर्ग की सेवा संरचना, पदोन्नति व्यवस्था और वेतनमान के पुनर्गठन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक में बताया गया कि नियमावली में संशोधन का उद्देश्य विभागीय अभियंताओं की सेवा संरचना को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है। संशोधित नियमावली में विद्युत और यांत्रिक संवर्ग में पहली बार मुख्य अभियंता (स्तर-एक) का नया पद सम्मिलित किया गया है, साथ ही मुख्य अभियंता (स्तर-दो) और अधीक्षण अभियंता के पदों की संख्या भी बढ़ाई गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">बयान में कहा कि नवसृजित पदों को नियमावली में शामिल करते हुए उनके पदोन्नति स्रोत, प्रक्रिया और वेतनमान को स्पष्ट किया गया है, ताकि सेवा संरचना अधिक पारदर्शी और संगठित हो सके। बैठक में यह भी बताया गया कि मुख्य अभियंता (स्तर-एक) के पद पर पदोन्नति अब मुख्य अभियंता (स्तर-दो) से वरिष्ठता के आधार पर की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी प्रकार, मुख्य अभियंता (स्तर-दो) और अधीक्षण अभियंता के पदों पर भी पदोन्नति की प्रक्रिया को नियमावली में स्पष्ट किया गया है। सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार, अधिशासी अभियंता से लेकर मुख्य अभियंता (स्तर-एक) तक के पदों के वेतनमान और वेतन स्तर भी निर्धारित किए गए हैं। इसमें कहा गया कि इसके साथ चयन समिति की संरचना को अद्यतन किया गया है, ताकि पदोन्नति और नियुक्ति की कार्यवाही अधिक पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हो सके।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य की विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन में एक प्रमुख विभाग है। इसलिए अभियंताओं की सेवा नियमावली को समयानुकूल, व्यावहारिक और पारदर्शी बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योग्यता, अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति व्यवस्था से विभाग की कार्यकुशलता, तकनीकी गुणवत्ता और सेवा भावना को नई दिशा मिलेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>Top News</category>
                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>लखनऊ</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Oct 2025 13:52:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[Amrit Vichar]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>Bareilly : 582 पेड़ों पर चलेगी आरी, बदले में 6.39 करोड़ देगा पीडब्ल्यूडी</title>
                                    <description><![CDATA[<p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>पीलीभीत रोड को सिक्सलेन किए जाने की मंजूरी शासन से अभी भले ही नहीं मिली है, लेकिन मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर मुहर लगाने के बाद पीडब्ल्यूडी की तैयारी पूरी है। सेटेलाइट से बड़ा बाईपास तक पीडब्ल्यूडी को सड़क सिक्सलेन करना है। इसमें 582 पेड़ बाधा बनेंगे, पीडब्ल्यूडी इसके बदले वन विभाग को 6.39 करोड़ रुपये देगा।</p>
<p>शासन को भेजी गई 216 करोड़ रुपये की कार्ययोजना में यह रकम प्रस्तावित की गई है। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि केवल शासनादेश का इंतजार हो रहा, सीएम सिक्सलेन के लिए मंजूरी बीते दिनों बरेली दौरे पर आने के दौरान दे</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.amritvichar.com/article/550920/bareilly-582-trees-will-run-saws-will-give-639-crores"><img src="https://www.amritvichar.com/media/400/2025-08/पेड़-कटान.jpg" alt=""></a><br /><p><strong>बरेली, अमृत विचार। </strong>पीलीभीत रोड को सिक्सलेन किए जाने की मंजूरी शासन से अभी भले ही नहीं मिली है, लेकिन मुख्यमंत्री के प्रस्ताव पर मुहर लगाने के बाद पीडब्ल्यूडी की तैयारी पूरी है। सेटेलाइट से बड़ा बाईपास तक पीडब्ल्यूडी को सड़क सिक्सलेन करना है। इसमें 582 पेड़ बाधा बनेंगे, पीडब्ल्यूडी इसके बदले वन विभाग को 6.39 करोड़ रुपये देगा।</p>
<p>शासन को भेजी गई 216 करोड़ रुपये की कार्ययोजना में यह रकम प्रस्तावित की गई है। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि केवल शासनादेश का इंतजार हो रहा, सीएम सिक्सलेन के लिए मंजूरी बीते दिनों बरेली दौरे पर आने के दौरान दे चुके हैं।</p>
<p>पीलीभीत रोड पर सेटेलाइट से बड़ा बाईपास तक 11.30 किलोमीटर हिस्से को सिक्सलेन किया जाना है। इसमें बैरियर-टू से बड़ा बाईपास तक 3.90 किलोमीटर हिस्से को बीडीए और शेष 7.40 किलोमीटर हिस्से (सेटेलाइट से बैरियर-टू तक) को पीडब्ल्यूडी सिक्सलेन बनाएगा, जबकि बड़ा बाईपास से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक 71 किलोमीटर हिस्से को एनएचएआई पहले से ही फोरलेन करा रहा है। पीडब्ल्यूडी के अफसर बताते हैं कि अपने हिस्से की 7.40 किमी सड़क के सर्वे में छोटे-बड़े 582 पेड़, कुछ धार्मिक स्थल चिन्हित किए गए हैं। </p>
<p>सिक्सलेन की मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होते ही इनको हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। वन विभाग को 6.39 करोड़ की रकम दिए जाने के बाद पेड़ों को काटने के लिए एनओसी को लेकर भी अफसर संशय में है। कारण यह कि पीडब्ल्यूडी की तीन परियोजनाएं वन विभाग की एनओसी के फेर में काफी तक बंद रही थीं। इनमें एक प्रमुख परियोजना भमोरा-शाहबाद मार्ग पर आंवला के आसपास वाला क्षेत्र है। विभाग को एक साल की मशक्कत के बाद वन विभाग की एनओसी मिली थी। हालांकि एक्सईएन भगत सिंह का दावा है कि इस परियोजना में किसी तरह की समस्या नहीं आएगी। कारण यह है कि पेड़ों की संख्या ज्यादा नहीं है।</p>
<p><strong>अवैध कट होंगे बंद, प्रमुख चौराहों से लेना होगा यूटर्न</strong><br />सेटेलाइट से बड़ा बाईपास तक कालोनियों, गलियों और कुछ प्रतिष्ठानों के सामने अवैध तरीके से कट खुले हैं। इनको कई बार बंद करने की कोशिश भी हुई, लेकिन यह कट बंद नहीं हो सके। सड़क सिक्सलेन होने के बाद केवल प्रमुख चौराहों से यूटर्न ही लिया जा सकेगा। अभी सैटेलाइट से बीसलपुर चौराहा तक सात कट हैं। रोड सिक्सलेन होने के बाद वाहन स्वामी केवल बीसलपुर चौराहा से यूटर्न ले सकेंगे। बीच में किसी तरह का अवैध कट न खोले जाए, इसके लिए भी रणनीति बनाई गई है। डेढ़ मीटर चौड़े डिवाइडर के बीच हरियाली लगाई जाएगी।</p>
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                                                            <category>उत्तर प्रदेश</category>
                                            <category>बरेली</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 23 Aug 2025 10:08:32 +0530</pubDate>
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